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                <title> operation sindoor - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description> operation sindoor RSS Feed</description>
                
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                <title>ऑपरेशन सिंदूर का शौर्य : भवानी निकेतन में उमड़ा जनसैलाब, देशभक्ति के रंग में रंगे युवा</title>
                                    <description><![CDATA[भारतीय सेना की ओर से सीकर रोड स्थित भवानी निकेतन कॉलेज परिसर में आयोजित सैन्य प्रदर्शनी का सोमवार को भव्य समापन हुआ। समापन के दिन छात्रों और आमजन की भारी भीड़ देखने को मिली। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच दर्शकों को परिसर में प्रवेश दिया गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/operation-sindoor-ka-shaurya-crowd-gathered-in-bhavani-niketan-youth/article-139306"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/1200-x-600-px)-(1200-x-600-px)-(3)13.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। भारतीय सेना की ओर से सीकर रोड स्थित भवानी निकेतन कॉलेज परिसर में आयोजित सैन्य प्रदर्शनी का सोमवार को भव्य समापन हुआ। समापन के दिन छात्रों और आमजन की भारी भीड़ देखने को मिली। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच दर्शकों को परिसर में प्रवेश दिया गया। 8 से 12 जनवरी तक चली इस प्रदर्शनी को देखने के लिए लाखों लोग पहुंचे, जिससे पूरे परिसर में उत्साह और देशभक्ति का माहौल नजर आया।<br />प्रदर्शनी में भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उपयोग में लाए गए अत्याधुनिक हथियारों, सैन्य वाहनों और तकनीकी प्रणालियों को प्रदर्शित किया। सेना के जवानों ने इन हथियारों की कार्यप्रणाली और उपयोगिता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। छात्र और युवा हथियारों को नजदीक से देखकर रोमांचित नजर आए और उनके साथ सेल्फी लेते दिखाई दिए।</p>
<p>समापन के अवसर पर सेना के जवानों ने अपने साहस, अनुशासन और कौशल का प्रदर्शन करते हुए हैरतअंगेज करतब दिखाए, जिन्हें देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। पूरा परिसर देशभक्ति के नारों से गूंज उठा। सेना अधिकारियों ने बताया कि प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य युवाओं को भारतीय सेना की शक्ति, आधुनिक तकनीक और अनुशासन से परिचित कराना है। समापन कार्यक्रम में राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे भी शामिल हुए, जिनके आगमन के दौरान विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 12 Jan 2026 16:30:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वायु सेना के सटीक हमले ऑपरेशन सिंदूर में मील का पत्थर : स्वदेशी हथियारों ने ऑपरेशन में निभाई महत्वपूर्ण भूमिका, वायु सेना प्रमुख बोले- दुश्मन के इलाके में किए सटीक प्रहार </title>
                                    <description><![CDATA[वायुसेना प्रमुख ए. पी. सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर को वायुसेना की पेशेवर क्षमता और स्वदेशी हथियारों की सफलता का प्रतीक बताया। 93वीं वर्षगांठ पर उन्होंने आधुनिकरण, संयुक्त संचालन, प्रशिक्षण में सख्ती और टीम वर्क पर जोर देते हुए भविष्य की तैयारियों को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने वायु योद्धाओं की जवाबदेही और अनुशासन की प्रशंसा की।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/in-the-air-forces-accurate-attack-operation-sindoor-the-milestone/article-129132"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/copy-of-news-(1)24.png" alt=""></a><br /><p>हिंडन। वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए पी सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता की सराहना करते हुए इसे भारतीय वायु सेना की क्षमताओं की सटीकता, पेशेवर कुशलता और ताकत का प्रमाण बताया है।</p>
<p>एयर चीफ मार्शन सिंह ने वायु सेना की 93वीं वर्षगांठ के अवसर पर भव्य परेड के बाद वायु योद्धाओं को संबोधित करते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर का परिणाम वायु सेना को गौरव का अहसास कराता है। उन्होंने कहा- ऑपरेशन सिंदूर में हमारा प्रदर्शन हमें पेशेवर गौरव से भर देता है और इसने यह साबित कर दिया है कि वायु सेना की ताकत के इस्तेमाल से कैसे कुछ ही दिनों में सैन्य परिणामों को प्रभावी ढंग से आकार दिया जा सकता है। भारत के साहसिक और सटीक हमलों ने राष्ट्रीय चेतना में वायु सेना की आक्रामक कार्रवाई के उचित स्थान को फिर से स्थापित किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि स्वदेशी रूप से विकसित और एकीकृत हथियारों की सफलता ने इस ऑपरेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।</p>
<p>वायु सेना प्रमुख ने कहा- स्वदेशी रूप से विकसित और एकीकृत हथियारों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए दुश्मन के इलाके में अंदर तक सटीक और विनाशकारी प्रहार किए। यह घरेलू क्षमताओं में हमारे विश्वास को पुष्ट करता है। ऑपरेशन सिंदूर इस बात का एक ज्वलंत उदाहरण है कि सावधानीपूर्वक योजना, अनुशासित प्रशिक्षण और द्दढ़ निश्चयी कार्यान्वयन के माध्यम से क्या कुछ हासिल किया जा सकता है।</p>
<p>भारतीय वायुसेना के आधुनिकीकरण पर प्रकाश डालते हुए एयर चीफ मार्शल सिंह ने संचालन योजनाओं में नई प्रणालियों, हथियारों और उपकरणों के एकीकरण में उल्लेखनीय तेजी की ओर इशारा किया। उन्होंने कहा- हमारी संचालन योजनाओं में नई प्रणालियों, हथियारों और उपकरणों के एकीकरण की बढ़ी हुई गति एक महत्वपूर्ण सफलता रही है। मैं देख सकता हूं कि वायु योद्धाओं में जवाबदेही और सुरक्षा की संस्कृति बढ़ी है और यह सीधे तौर पर  दुर्घटनाओं और घटनाओं की संख्या में कमी से परिलक्षित हो रही है। उन्होंने कहा- सभी स्तरों पर अधिकारी आगे बढ़कर नेतृत्व कर रहे हैं - असाधारण दूरदर्शिता और सहानुभूति का प्रदर्शन कर रहे हैं और यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि प्रत्येक व्यक्ति को आवश्यक प्रशिक्षण और प्रेरणा मिले।</p>
<p>वायुसेना प्रमुख ने भविष्य की तैयारी और संयुक्त संचालन शक्ति के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा- अपनी विजय और सफलताओं का जश्न मनाते हुए, हमें भविष्य के लिए तैयार रहना चाहिए। हमारी योजनाएं नवीन, व्यावहारिक और अनुकूल होनी चाहिए। हमारा प्रशिक्षण जैसे हम लड़ते हैं, वैसे ही प्रशिक्षण के सिद्धांत पर आधारित होनी चाहिए - ईमानदार, कठोर और उभरती चुनौतियों के लिए प्रासंगिक।</p>
<p>एयर चीफ मार्शल सिंह ने  एकता और तालमेल के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा- जीत प्रभावी टीम वर्क से मिलती है। हमें अपनी सामूहिक शक्ति का लाभ उठाना चाहिए, तालमेल बढ़ाना चाहिए और न केवल भारतीय वायु सेना के भीतर, बल्कि अन्य रक्षा सेवाओं और संगठनों के साथ भी अपने राष्ट्रीय लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए अंतर-संचालन को बढ़ावा देना चाहिए।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Oct 2025 16:41:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर पाकिस्तान ने स्कूली किताब में जोड़ा नया चैप्टर, खुद को बताया विजयी </title>
                                    <description><![CDATA[पाकिस्तान, जो 1948, 1965, 1971 और कारगिल युद्ध, भारत से हुए हर जंग में खुद को विजयी बताता है, उसने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में भी खुद को विजयी करार दिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/on-operation-sindoor-pakistan-added-a-new-chapter-in-school/article-127846"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/copy-of-news-(11)2.png" alt=""></a><br /><p>इस्लामाबाद। पाकिस्तान, जो 1948, 1965, 1971 और कारगिल युद्ध, भारत से हुए हर जंग में खुद को विजयी बताता है, उसने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में भी खुद को विजयी करार दिया है। पाकिस्तान ने मई महीने में भारत से हुए संघर्ष को टेक्स्ट बुक में शामिल किया है। यानि पाकिस्तानी छात्रों को भारत-पाकिस्तान मई 2025 युद्ध की जानकारी दी जाएगी। इस किताब में पाकिस्तान, असंभव से असंभव झूठ बोले हैं। जिसकी एक बानगी ये है कि पाकिस्तान ने हमला करते हुए भारत के कई एयरबेस तबाह कर दिए। पाकिस्तान के किताब में यही लिखा गया है कि पाकिस्तान ने भारत के 26 महत्वपूर्ण ठिकानों पर भीषण हमले किए और डोनाल्ड ट्रंप की बार बार अपील करने के बाद वो युद्धविराम करने को लेकर तैयार हुआ। पाकिस्तान हमेशा से बेशर्मी से गलत इतिहास लिखता आया है। स्कूली किताबों में लिखा गया है कि भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध शुरू किया था, जिसका पाकिस्तान की सेना ने मुंहतोड़ जवाब दिया और पाकिस्तान ने इस युद्ध को जीत लिया।</p>
<p><strong>झूठ-1 : भारत ने शुरू किया युद्ध</strong></p>
<p>पाकिस्तान ने स्कूली किताबों में लिखा है कि 6 मई 2025 को भारतीय सेना ने पाकिस्तान पर हमला किया था। भारत ने पाकिस्तान पर भारतीय कब्जे वाले कश्मीर के पहलगाम शहर में हुए एक घातक हमले में शामिल होने का झूठा आरोप लगाया था, जिसमें कई लोग मारे गए थे। पाकिस्तान ने इन सभी झूठे आरोपों का पुरजोर खंडन किया। इसके बावजूद भारत ने 7 मई 2025 को पाकिस्तान पर सैन्य आक्रमण किया। जबकि हकीकत ये है कि पाकिस्तानी आतंकवादियों ने भारतीय कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमला किया था और उसके बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध नहीं शुरू किया था, बल्कि पीओके और पाकिस्तान के अंदर लश्कर ए तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन के नौ आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए। भारत ने 9 आतंकी ठिकानों को पूरी तरह से तबाह कर दिया।</p>
<p><strong>झूठ-2 : पाकिस्तान ने भारत के सैन्य ठिकानों पर हमले किए</strong></p>
<p>पाकिस्तान ने स्कूली किताबों में लिखा है कि भारत के हमला शुरू करने के बाद पाकिस्तानी सेना ने भारतीय सेना के ठिकानों पर हमले शुरू कर दिए। पाकिस्तानी सेना ने बहादुरी के साथ भारतीय सेना के कई चेक पोस्ट तबाह किए। जबकि हकीकत ये है कि पाकिस्तान ने कश्मीर में आम लोगों पर हमले शुरू किए थे। पाकिस्तानी सेना ने आम नागरिकों के घरों पर मोर्टार और रॉकेट से हमला शुरू किया। पाकिस्तान ने अमृतसर, जम्मू, श्रीनगर और 26 अन्य जगहों पर आम नागरिक इलाकों में ड्रोन हमले किए, जिनमें से कई नागरिक इलाकों थे। जवाब में, भारत ने लाहौर स्थित पाकिस्तान के एयर डिफेंस सिस्टम एचक्यू-9 को तबाह कर दिया। इसके अलावा भारत ने सियालकोट और इस्लामाबाद में भी गहराई तक हमले किए।</p>
<p><strong>झूठ-3 : भारत के एयरबेस तबाह </strong></p>
<p>पाक ने लिखा है कि भारतीय ड्रोन हमलों के जवाब में, पाक द्वारा 10 मई को आॅपरेशन बनयान-उम-मर्सूस शुरू किया गया। पाकिस्तानी वायु सेना ने भारतीय हवाई ठिकानों सहित 26 रणनीतिक स्थानों को सफलतापूर्वक निशाना बनाया और उसके कई प्रमुख प्रतिष्ठानों को नष्ट कर दिया। जबकि हकीकत ये है कि भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के 11 एयरबेस को ब्रह्मोस मिसाइल मारकर तबाह कर दिया। भारत ने मुरीद, नूर खान, रफीकी, सरगोधा, चकलाला और रहीम यार खान वायुसैनिक अड्डों पर भीषण हमले किए। इसने पाकिस्तानी सेना के गढ़ रावलपिंडी पर भी हमला किया। भारतीय सेना ने सैटेलाइट तस्वीरें जारी करते हुए पाकिस्तान एयरबेस पर हमलों की जानकारी सार्वजनिक भी की। पाक अभी भी रहीम यार खान एयरबेस की मरम्मत नहीं कर पाया है, जो ब्रह्मोस हमले में सबसे ज्यादा तबाह हुआ था।</p>
<p><strong>झूठ-4 : भारत ने शांति के लिए भीख मांगी</strong></p>
<p> पाकिस्तान के स्कूली किताबों में यही लिखा गया है कि पाकिस्तानी सेना ने जब भयानक हमले किए, 26 ठिकानों को पूरी तरह से तबाह कर दिया और भयानक नुकसान हुआ, उसके बाद भारत के पास शांति की अपील करने के अलावा कोई और विकल्प नहीं बचा था। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बार बार पाकिस्तान से सीजफायर की अपील की, जिसके बाद पाकिस्तान युद्धविराम के लिए तैयार हुआ।</p>
<p><strong>स्कूली किताबों में जमकर काल्पनिक कहानी :</strong></p>
<p>हकीकत यह है कि 10 मई को, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन करके युद्धविराम वार्ता का आग्रह किया था। प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट कर दिया था कि भारत कोई मध्यस्थता स्वीकार नहीं करेगा और अगर पाकिस्तान नहीं रुका, तो भारत और जोरदार प्रहार करेगा। उसी दिन बाद में, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने विदेश मंत्री एस जयशंकर को बताया कि पाकिस्तान शत्रुता समाप्त करने के लिए तैयार है। भारत और पाकिस्तान के डीजीएमओ के बीच सीधे युद्धविराम समझौता हुआ। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 25 Sep 2025 13:11:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>15 देश मांग रहे ब्रह्मोस, ऑपरेशन सिंदूर ने रक्षा बाजार में बढ़ाई भारत की चमक</title>
                                    <description><![CDATA[अब ऐसी रिपोर्ट आ रही हैं कि ऑपरेशन सिंदूर ने सिर्फ हमारी सैन्य ताकत को ही बयां नहीं किया, रक्षा निर्यात के क्षेत्र में भी भारत के लिए नए द्वार खोल दिए हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/15-countries-seeking-brahmos-operation-sindoor-increased-indias-shine-in/article-126537"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/11-(14).png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। अब तक हमें आमतौर पर यही लगता था कि ऑपरेशन सिंदूर ने सैन्य क्षेत्र में भारत की नई और उभरती ताकत से पूरी दुनिया का परिचय करवाया है। जिस तरह से सिर्फ चार दिनों के भीतर भारतीय सशस्त्र सेना ने पाकिस्तान का गेम ओवर किया, उससे खुद को सुपर पावर कहने वाले देश भी हक्के-बक्के रह गए। लेकिन, अब ऐसी रिपोर्ट आ रही हैं कि ऑपरेशन सिंदूर ने सिर्फ हमारी सैन्य ताकत को ही बयां नहीं किया, रक्षा निर्यात के क्षेत्र में भी भारत के लिए नए द्वार खोल दिए हैं। यह इसलिए संभव हुआ है कि भारत ने अपने कई स्वदेशी हथियारों का इस ऑपरेशन में सफल परीक्षण किया है। इनमें ऐसे हथियार भी शामिल हैं, जो अभी निर्माण की ही प्रक्रिया में हैं।</p>
<p><strong>लाइव टेस्टिंग ने तस्वीर बदली :</strong></p>
<p>एएफपी की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय सेना के एक बड़े अधिकारी ने बताया है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जो भारत का सैन्य प्रदर्शन रहा, उसकी वजह से दुनिया को इसकी ताकत को समझने का एक अच्छा मौका मिला है। सैन्य अधिकारी के अनुसार, ये हमारे लिए और हमारे तेजी से बढ़ते औद्योगिक साझेदारों के लिए गोल्डन इनसाइट्स थे। दरअसल, ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सशस्त्र सेना को अपने दो अत्याधुनिक हथियारों को आजमाने का मौका मिला और दोनों ने ही कमाल कर दिया।</p>
<p><strong>ब्रह्मोस, आकाशतीर की धमक :</strong></p>
<p>ऑपरेशन सिंदूर में भारत को स्वदेशी आकाशतीर मिसाइल डिफेंस सिस्टम के परीक्षण का मौका मिला। हालांकि, तबतक इसपर सिर्फ 60 प्रतिशत ही काम हुआ था। यह वाहन पर लगा आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस आधारित एक ऐसा एयर डिफेंस सिस्टम है, जो दुश्मन की मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही मार गिराता है। इसने पाकिस्तान की ओर से आ रहे कई मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही सफलतापूर्वक रोक दिया। इसके अलावा भारत ने पाकिस्तान के कई एयरबेस पर ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल भी दागी, जिससे पाकिस्तानी एयरफोर्स की लंबे समय के लिए कमर टूट गई।</p>
<p><strong>करीब 15 देशों को चाहिए ब्रह्मोस :</strong></p>
<p>ब्रह्मोस मिसाइल को भारत ने रूस के साथ मिलकर बनाया है। फिलीपींस इसका पहले से खरीदार था, लेकिन रिपोर्ट के अनुसार ऑपरेशन सिंदूर में शानदार प्रदर्शन की वजह से करीब 15 देश इसे खरीदने के लिए लालायित हो रहे हैं। एशिया ग्रुप कंसल्टेंसी के अशोक मलिक के अनुसार, इस संघर्ष ने मार्केट डिमॉन्सट्रेटर की तरह काम किया है। उन्होंने ब्रह्मोस को लेकर कहा, मेरे लिए आपकी बनाई कोई चीज खरीदना एक बात है। आपकी बनाई हुई और फील्ड में सफलतापूर्वक इस्तेमाल की गई कोई चीज खरीदना दूसरी बात है। भारत आज अमेरिका, रूस, फ्रांस समेत 100 से ज्यादा देशों को सैन्य हथियार और रक्षा उपकरण निर्यात कर रहा है। भारत के जिन हथियारों की अंतरराष्ट्रीय सैन्य बाजार में ज्यादा डिमांड है, उनकी फेहरिस्त लंबी होती जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/15-countries-seeking-brahmos-operation-sindoor-increased-indias-shine-in/article-126537</link>
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                <pubDate>Thu, 11 Sep 2025 13:28:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
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                <title>एनडीए की बैठक में ऑपरेशन सिंदूर को लेकर बोले पीएम : विपक्ष ने अपने पैर ही पत्थर पर मार लिए- मोदी</title>
                                    <description><![CDATA[बैठक में सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित कर ऑपरेशन सिंदूर और महादेव में भारतीय सेनाओं की वीरता और नेतृत्व की प्रशंसा की गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/in-the-nda-meeting-the-pm-said-about-operation-sindoor/article-122779"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1ne1ws-(1)12.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष और खासतौर पर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। मोदी ने कहा कि सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को प्रभावी रूप से संसद में प्रस्तुत किया, लेकिन विपक्ष ने इस मुद्दे पर बहस की मांग कर खुद ही 'सेल्फ गोल' कर लिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि विपक्ष ने संसद में ऑपरेशन सिंदूर पर बहस की मांग करके बड़ी गलती कर दी, ये तो खुद अपना पैर पत्थर पर मारने वाली बात है, ऐसा विपक्ष कहां मिलेगा जो रोज अपना नुकसान करवाता हैए ये हमारा फील्ड है, भगवान हमारे साथ है। मोदी ने राहुल गांधी का नाम लिए बिना उनपर तंज कसते हुए कहा कि वो कुछ भी बोलते रहते हैं। उन्होंने बचपना किया, सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाई, देश ने उनका बचपना देख लिया, अहंकार की वजह से सुप्रीम कोर्ट ने उनके नेता को लताड़ा। </p>
<p><strong>ऑपरेशन सिंदूर पर मोदी का सम्मान</strong><br />संसद भवन परिसर में हुई एनडीए संसदीय दल की बैठक में ऑपरेशन सिंदूर और ऑपरेशन महादेव की सफलता पर मोदी का सम्मान किया गया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री को माला पहनाकर उनका अभिनंदन किया।  इस अवसर पर एनडीए सांसदों ने हर-हर महादेव और भारत माता की जय के नारे लगाए। </p>
<p><strong>भारतीय सेनाओं की वीरता और नेतृत्व की प्रशंसा </strong><br />बैठक में सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित कर ऑपरेशन सिंदूर और महादेव में भारतीय सेनाओं की वीरता और नेतृत्व की प्रशंसा की गई। प्रस्ताव में कहा गया कि भारत आतंकवाद को न भूलता है और न माफ करता है, सैन्य शक्ति और मजबूत नेतृत्व के जरिए इंसाफ हुआ है। प्रस्ताव में अमेरिका द्वारा पहलगाम आतंकी हमले के लिए जिम्मेदार द रेजिस्टेंस फ्रंट को विदेशी आतंकी संगठन और विशेष रूप से नामित वैश्विक आतंकी घोषित किए जाने की सराहना की गई। इसके साथ ही ब्रिक्स समिट में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद की निंदा करने वाले संयुक्त वक्तव्य को भारत की कूटनीतिक जीत बताया गया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 06 Aug 2025 09:24:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>शशि थरूर की चिंता के बाद भारत को मिली सफलता, ऑपरेशन सिंदूर पर कोलंबिया ने वापस लिया अपना बयान</title>
                                    <description><![CDATA[भारत ने ऑपरेशन सिंदूर पर डेलीगेशन भेजा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/after-worrying-about-shashi-tharoor-india-got-success-on-operation/article-115928"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/news-(2)47.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारत ने ऑपरेशन सिंदूर पर डेलीगेशन भेजा है। शशि थरूर के नेतृत्व में अब भारत को बड़ी सफलता मिली है। कोलंबिया ने ऑपरेशन सिंदूर पर अपना बयान आधिकारिक तौर पर वापस ले लिया है। कोलंबिया ने पाकिस्तान में मारे गए आतंकियों पर संवेदना व्यक्त की थी। अब उस बयान को वापस ले लिया है। </p>
<p>थरूर ने इस पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा था कि भारत कोलंबिया सरकार के बयान से निराश है। इसके बाद कोलंबिया की उप विदेश मंत्री योलांडा विलाविसेनियो ने भारत के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि हमें जो स्पष्टीकरण मिला है, कश्मीर में जो कुछ हुआ, उसके बारे में अब हमारे पास जो जानकारी है, उसके आधार पर हम बातचीत जारी रख सकते है। इस मामले पर हमार स्थिति को पूरी तरह समझते हैं, जो कि हमारे लिए बहुत मूल्यवान है। शशि थरूर ने कहा कि कोलंबिया ने विनम्रता के साथ अपना वक्तव्य वापस ले लिया है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Sat, 31 May 2025 12:21:24 +0530</pubDate>
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                <title>‘ऑपरेशन सिन्दूर’ अभी पूरा नहीं हुआ, कुछ समय के लिए रोका गया : सेना</title>
                                    <description><![CDATA[ब्रिग्रेडयर महाजन ने कहा कि हमने प्रतिक्रिया देने के लिए इंतजार नहीं किया, हमने हमले का जवाब देने के लिए तैयारी की। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/operation-sindoor-is-not-yet-completed-army-stopped-for-some/article-114809"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/rtrer-(6)8.png" alt=""></a><br /><p>जम्मू। भारतीय सेना ने मंगलवार को कहा कि पुुंछ ब्रिग्रेड ऑपरेशन सिन्दूर का सिर्फ हिस्सा ही नहीं रही बल्कि इसमें उसकी प्रमुख भूमिका रही थी। पुंछ ब्रिगेड के कमांडर ब्रिगेडियर मुदित महाजन ने मंगलवार को कहा कि जैसा कि आप जानते हैं, पुंछ ब्रिगेड नियंत्रण रेखा के पार से पाकिस्तान द्वारा बिना किसी उकसावे के किए गए हमलों को रोकने के लिए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान गहन और निरंतर अभियानों में लगी हुई थी। ब्रिगेडियर महाजन ने कहा कि ऑपरेशन सिन्दूर अभी पूरा नहीं हुआ है, यह कुछ समय के लिए रोका या है और फिर से चुनौती मिली तो भारतीय सेना सतर्क और तैयार है। हम एक बार फिर शब्दों से नहीं, बल्कि अपने संकल्प के साथ मुंहतोड़ जवाब देंगे।  </p>
<p><strong>पाक ने हमारे नागरिक क्षेत्रों को निशाना बनाया</strong><br />ब्रिगेडियर महाजन ने कहा कि जब पाकिस्तानी सेना ने नागरिक क्षेत्रों को अंधाधुंध तरीके से निशाना बनाना शुरू किया, तब भारतीय सशस्त्र बलों ने निर्णायक रूप से उनके सैन्य ठिकानों पर हमला करना शुरू किया। जब दुश्मन ने ड्रोन हमलों का नया खतरा पैदा किया, तो यह सेना की वायु रक्षा ही थी, जो वास्तव में एक ढाल के रूप में उभरी, जिसने हर हवाई खतरे को रोकने के लिए असाधारण कौशल, लचीलापन और अत्याधुनिक समन्वय का प्रदर्शन किया और हमारे सैनिकों और क्षेत्र की अति सतर्कता और वीरता के साथ रक्षा की।</p>
<p><strong>पुंछ ब्रिगेड ‘ऑपरेशन सिन्दूर’ का दिल था</strong><br />ब्रिग्रेडयर महाजन ने कहा कि हमने प्रतिक्रिया देने के लिए इंतजार नहीं किया, हमने हमले का जवाब देने के लिए तैयारी की। तैयारी इस हद तक की, मैं कहूंगा कि पुंछ ब्रिगेड ‘ऑपरेशन सिन्दूर’ का हिस्सा नहीं, बल्कि उसका दिल था।</p>
<p><strong>हमारा ध्यान आतंकवादी ढांचों को ध्वस्त करने पर रहा</strong><br />उन्होंने कहा कि पहलगाम में पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित आतंकवादी हमले का भारतीय सशस्त्र बलों ने सोची-समझी प्रतिक्रिया के साथ मुकाबला किया, जिसमें शुरुआत में केवल आतंकवादी बुनियादी ढांचों को ध्वस्त करने पर ही ध्यान केंद्रित किया गया। सेना ने बड़ी सटीकता और निर्धारित उद्देश्य के साथ हमला किया। जिन नौ महत्वपूर्ण आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया गया, उनमें से छह पुंछ, राजौरी और अखनूर के विपरीत दिशा में थे और उन्हें उसी रात पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया गया।</p>
<p><strong>पाक का तो मनोबल भी टूट गया</strong><br />उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर पाकिस्तानी सेना की क्षति सिर्फ संख्या में नहीं बल्कि उसके मनोबल को तोड़ने में भी हुई है। ब्रिगेडियर महाजन ने कहा कि आज पाकिस्तानी अपने देश के सामने अपना विश्वास खो चुके है। हमें जो जानकारी मिली है, दुश्मन देश को भारी नुकसान हुआ है। प्रत्येक बीतते दिन के साथ संख्या बढ़ती जा रही है, क्योंकि हमारी खुफिया एजेंसियां इन सूचनाओं की पुष्टि और सत्यापन के लिए काम कर रही हैं।</p>
<p><strong>स्वर्ण मंदिर में वायु रक्षा प्रणाली तैनात नहीं की गई: सेना</strong><br />ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की जवाबी कार्रवाई के मद्देनजर अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में वायु रक्षा प्रणाली तैनात किए जाने को लेकर आ रही परस्पर विरोधाभासी खबरों के बीच सेना ने स्पष्ट किया है कि इस पवित्र धार्मिक स्थल पर किसी भी तरह की वायु रक्षा प्रणाली तैनात नहीं की गई थी। सेना ने मंगलवार को कहा कि मीडिया की रिपोर्ट में स्वर्ण मंदिर में वायु रक्षा प्रणाली तैनात किए जाने की बात सामने आई हैं। सेना ने स्पष्ट किया कि स्वर्ण मंदिर में किसी भी तरह की वायु रक्षा प्रणाली या अन्य रक्षा प्रणाली तैनात नहीं की गई थी।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 21 May 2025 09:36:20 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>पाकिस्तान के हाइब्रिड और छद्म युद्ध को जड़ से खत्म करके दम लेगा भारत : ऑपरेशन सिंदूर अभी नहीं हुआ खत्म, राजनाथ सिंह ने कहा- पाकिस्तान के व्यवहार में सुधार नहीं होने पर देंगे सजा </title>
                                    <description><![CDATA[रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई अब केवल सुरक्षा का मामला नहीं है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/india-will-take-power-by-rooting-out-the-hybrid-and/article-114347"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/rtrer-(2)49.png" alt=""></a><br /><p>भुज। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई अब केवल सुरक्षा का मामला नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय रक्षा सिद्धांत का हिस्सा बन गया है और भारत इस हाइब्रिड तथा छद्म युद्ध को जड़ से खत्म करके दम लेगा। सिंह ने गुजरात के भुज वायु सेना स्टेशन पर वायुसैनिकों को संबोधित करते हुए जोर देकर कहा कि मौजूदा संघर्ष विराम का मतलब है कि भारत ने पाकिस्तान को उसके व्यवहार के आधार पर जांच के दायरे में रखा है। उन्होंने कहा कि अगर व्यवहार में सुधार होता है तो ठीक है, लेकिन अगर कोई गड़बड़ी होती है, तो कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है।</p>
<p>हमारी कार्रवाई सिर्फ एक ट्रेलर थी, अगर जरूरत पड़ी तो हम पूरी तस्वीर दिखाएंगे। आतंकवाद पर हमला करना और उसे खत्म करना नए भारत की नई सामान्य बात है। सिंह ने कहा कि पाकिस्तान ने भारत द्वारा नष्ट किए गए अपने आतंकी ढांचे को फिर से खड़ा करना शुरू कर दिया है। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से इस्लामाबाद को दी जाने वाली एक अरब डॉलर की सहायता पर पुनर्विचार करने तथा भविष्य में भी कोई सहायता न देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, '' पाकिस्तान अपने नागरिकों से एकत्र किए गए कर को जैश-ए-मोहम्मद आतंकी संगठन के प्रमुख मसूद अजहर को देने में खर्च करेगा, भले ही वह संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित आतंकी हो।</p>
<p>पाकिस्तान सरकार ने मुरीदके और बहावलपुर में स्थित लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादी ढांचे को फिर से खड़ा करने के लिए वित्तीय सहायता की घोषणा भी की है। निश्चित रूप से, आईएमएफ की एक अरब डॉलर की सहायता का एक बड़ा हिस्सा आतंकवादी ढांचे को वित्तपोषित करने में इस्तेमाल किया जाएगा। क्या इसे अंतरराष्ट्रीय संगठन आईएमएफ द्वारा अप्रत्यक्ष वित्त पोषण नहीं माना जाएगा? पाकिस्तान को दी जाने वाली कोई भी वित्तीय सहायता आतंकी वित्त पोषण से कम नहीं है। भारत द्वारा आईएमएफ को दी जाने वाली धनराशि का इस्तेमाल प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से पाकिस्तान या किसी अन्य देश में आतंकी ढांचा खड़ा करने में नहीं किया जाना चाहिए।</p>
<p>रक्षा मंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय वायुसेना द्वारा निभाई गई प्रभावी भूमिका की सराहना की। उन्होंने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादी शिविरों को मात्र 23 मिनट में नष्ट करने के लिए वायुसेना के जांबाजों की सराहना करते हुए कहा कि जब दुश्मन के इलाके में मिसाइलें गिराई गईं, तो दुनिया ने भारत के पराक्रम की गूंज सुनी। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ इस अभियान का नेतृत्व वायुसेना ने किया और इस अभियान के दौरान इसने दुश्मनों पर हावी होकर उन्हें नेस्तनाबूद कर दिया।</p>
<p>सिंह ने कहा कि भारत के लड़ाकू विमान सीमा पार किए बिना पाकिस्तान के हर कोने पर हमला करने में सक्षम हैं। दुनिया ने देखा है कि कैसे वायुसेना ने आतंकी शिविरों और बाद में पाकिस्तान के एयरबेसों को नष्ट किया। वायुसेना ने यह साबित कर दिया कि भारत की युद्ध नीति और तकनीक बदल गई है। नए भारत का संदेश  है कि हम सिर्फ विदेशों से आयात किए गए हथियारों और प्लेटफार्मों पर निर्भर नहीं हैं, बल्कि भारत में निर्मित उपकरण हमारी सैन्य शक्ति का हिस्सा बन गए हैं। भारत में निर्मित हथियार अभेद्य भी हैं।</p>
<p>रक्षा मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान ने खुद ही ब्रह्मोस मिसाइल की ताकत को स्वीकार कर लिया है। उन्होंने कहा कि भारत में बनी इस मिसाइल ने पाकिस्तान को रात के अंधेरे में दिन की रोशनी दिखाई। उन्होंने भारत की वायु रक्षा प्रणाली की भी सराहना की, जिसमें डीआरडीओ द्वारा बनाए गए आकाश और अन्य रडार सिस्टम ने जबरदस्त भूमिका निभाई है। कल श्रीनगर के बादामी बाग कैंट में भारतीय सेना के बहादुर जवानों और आज भुज में वायु योद्धाओं तथा सैनिकों के साथ बातचीत के दौरान रक्षा मंत्री ने कहा कि उन्हें एक बार फिर विश्वास हो गया है कि भारत की सीमाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं। </p>
<p>सिंह ने कहा कि भुज 1965, 1971 और अब पाकिस्तान पर भारत की जीत का गवाह रहा है। उन्होंने भुज को देशभक्ति की भूमि बताया, जहां सैनिक राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए अडिग संकल्प के साथ खड़े हैं। उन्होंने मातृभूमि के लिए अपनी सेवा के लिए सशस्त्र बलों और बीएसएफ के वायु योद्धाओं और अन्य बहादुर सैनिकों के प्रति आभार व्यक्त किया। सशस्त्र बलों को नवीनतम हथियारों और आधुनिक बुनियादी ढांचे से लगातार लैस करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि एक मजबूत राष्ट्र अपनी सेना का सम्मान करता है और उसे संसाधन, तकनीक और हर तरह का समर्थन प्रदान करता है। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Fri, 16 May 2025 15:40:33 +0530</pubDate>
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                <title>ऑपरेशन सिंदूर : आधुनिक युद्ध में एक निर्णायक जीत</title>
                                    <description><![CDATA[भारत ने ऑपरेशन सिंदूर को पूरी तरह से समाप्त घोषित नहीं किया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/operation-sindoor-a-decisive-victory-in-modern-war/article-114211"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/rtrer-(7)6.png" alt=""></a><br /><p>भारत ने ऑपरेशन सिंदूर को पूरी तरह से समाप्त घोषित नहीं किया है। अभी जो मौजूद है, वह ऑपरेशन में एक संवेदनशील ठहराव है- कुछ लोग इसे युद्ध विराम कह सकते हैं, लेकिन सैन्य नेतृत्व ने जानबूझकर इस शब्द से परहेज किया है। युद्ध लड़ने के दृष्टिकोण से, यह केवल एक विराम नहीं है; यह एक दुर्लभ और स्पष्ट सैन्य जीत के बाद एक रणनीतिक पकड़ है।</p>
<p>केवल चार दिनों की सुविचारित सैन्य कार्रवाई के बाद, यह वस्तुनिष्ट रूप से निर्णायक है : भारत ने एक बड़ी जीत हासिल की। ऑपरेशन सिंदूर ने अपने रणनीतिक लक्ष्यों को पूरा करने और उससे आगे निकलने में सफल रहा है- आतंकवादी ढांचे को नष्ट करना, सैन्य श्रेष्ठता का प्रदर्शन करना, निवारक क्षमता बहाल करना और एक नए राष्ट्रीय सुरक्षा सिद्धांत का सामने आना। यह प्रतीकात्मक शक्ति नहीं थी। यह निर्णायक शक्ति थी, जिसे स्पष्ट रूप से प्रयोग में लाया गया था।</p>
<p>भारत पर हमला हुआ। 22 अप्रैल, 2025 को जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में 26 भारतीय नागरिक, जिनमें ज्यादातर हिंदू पर्यटक थे का नरसंहार कर दिया गया। पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा के एक सहयोगी संगठन, द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने इसकी जिम्मेदारी ली। जैसा कि दशकों से होता आया है, इस समूह को पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) का समर्थन प्राप्त है, लेकिन पिछले हमलों के विपरीत, इस बार भारत ने इंतजार नहीं किया। उसने अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता की अपील नहीं की या राजनयिक विरोध पत्र जारी नहीं किया। इसने युद्धक विमान लांच किए।</p>
<p>7 मई को, भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया, जो एक त्वरित और सटीक रूप से सुविचारति सैन्य अभियान था। भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के अंदर नौ आतंकवादी ठिकानों पर हमला किया, जिसमें जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के मुख्यालय और ऑपरेशन हब शामिल थे। संदेश स्पष्ट था पाकिस्तानी धरती से शुरू होने वाले आतंकवादी हमलों को अब युद्ध के कृत्यों के रूप में माना जाएगा।</p>
<p>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नए सिद्धांत को स्पष्ट कर दिया: ‘‘भारत किसी भी परमाणु ब्लैकमेल को बर्दाश्त नहीं करेगा। भारत परमाणु ब्लैकमेल की आड़ में विकसित हो रहे आतंकवादी ठिकानों पर सटीक और निर्णायक हमला करेगा।’’</p>
<p>यह केवल एक जवाबी कार्रवाई से कहीं अधिक, एक रणनीतिक सिद्धांत का अनावरण था। जैसा कि नरेन्द्र मोदी ने कहा, ‘‘आतंकवाद और बातचीत साथ-साथ नहीं चल सकते। पानी और खून एक साथ नहीं बह सकते।’’</p>
<p><strong>ऑपरेशन सिंदूर को जानबूझकर निम्नलिखित चरणों में क्रियान्वित किया गया :</strong></p>
<p><strong>7 मई :</strong> पाकिस्तानी क्षेत्र में गहराई नौ सटीक हमले किए। लक्ष्यों में बहावलपुर, मुरीदके, मुजफ्फराबाद और अन्य स्थानों पर स्थित प्रमुख आतंकी प्रशिक्षण शिविर और लॉजिस्टिक्स नॉड शामिल थे।</p>
<p><strong>8 मई :</strong> पाकिस्तान ने भारत के पश्चिमी राज्यों में बड़े पैमाने पर बहुत सारे ड्रोनों से जवाबी हमला किया। भारत के बहुस्तरीय वायु रक्षा नेटवर्क- स्वदेशी रूप से निर्मित तथा इजरायली और रूसी प्रणालियों द्वारा संवर्धित ने उनमें से लगभग सभी को निष्प्रभावी कर दिया।</p>
<p><strong>9 मई : </strong>भारत ने छह पाकिस्तानी सैन्य हवाई अड्डों और यूएवी समन्वय केंद्रों पर अतिरिक्त हमलों के साथ जवाबी कार्रवाई की।</p>
<p><strong>10 मई :</strong> गोलीबारी पर अस्थायी रोक लग गई। भारत ने इसे युद्धविराम नहीं कहा। भारतीय सेना ने इसे ‘‘गोलीबारी का ठहराव’’ कहा - एक अर्थपूर्ण लेकिन जानबूझकर किया गया विकल्प जिसने स्थिति पर अपने रणनीतिक नियंत्रण को मजबूत किया।</p>
<p>यह केवल सामरिक सफलता नहीं थी। यह लाइव फायर के तहत सिद्धांत का निष्पादन था।</p>
<p><strong>प्राप्त रणनीतिक प्रभाव :</strong></p>
<p>1. एक नई लक्ष्मण रेखा खींची गई- और लागू की गई<br />पाकिस्तान की धरती से होने वाले आतंकी हमलों का अब सैन्य बल से जवाब दिया जाएगा। यह कोई धमकी नहीं है। यह एक मिसाल है।<br />2. सैन्य श्रेष्ठता का प्रदर्शन<br />भारत ने पाकिस्तान में किसी भी लक्ष्य पर इच्छानुसार हमला करने की अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया- आतंकवादी ठिकाने, ड्रोन समन्वय केंद्र, यहां तक कि एयरबेस भी। इस बीच, पाकिस्तान भारत के अंदर एक भी सुरक्षित क्षेत्र में घुसपैठ करने में असमर्थ रहा। यह समानता नहीं है। यह भारी श्रेष्ठता है। और इसी तरह वास्तविक निवारक क्षमता स्थापित होती है।<br />3. बहाल की गई निवारक क्षमता<br />भारत ने जोरदार जवाबी कार्रवाई की, लेकिन पूर्ण युद्ध से पहले ही रुक गया। नियंत्रित वृद्धि ने एक स्पष्ट निवारक संकेत भेजा: भारत जवाब देगा, और वह गति को नियंत्रित करता है।<br />4. प्रतिपादित रणनीतिक स्वायत्तता<br />भारत ने इस संकट को अंतर्राष्ट्रीय मध्यस्थता की मांग किए बगैर इस संकट को संभाला। इसने संप्रभु साधनों का उपयोग करते हुए संप्रभु शर्तों पर सिद्धांत लागू किया।</p>
<p>ऑपरेशन सिंदूर का कब्जे या शासन परिवर्तन के बारे में नहीं था। यह विशिष्ट उद्देश्यों के लिए किया गया सीमित युद्ध था। जो आलोचक तर्क देते हैं कि भारत को और आगे जाना चाहिए था, वे मुद्दे को समझ नहीं पाए। रणनीतिक सफलता विनाश के पैमाने के बारे में नहीं है- यह वांछित राजनीतिक प्रभाव प्राप्त करने के बारे में है।</p>
<p>भारत बदला लेने के लिए नहीं लड़ रहा था। वो प्रतिरोध के लिए लड़ रहा था। और यह काम कर गया।</p>
<p>भारत का संयम कमजोरी नहीं है- यह परिपक्वता है। इसने लागत लगाई, सीमाओं को फिर से परिभाषित किया, और वृद्धि प्रभुत्व बनाए रखा। भारत ने सिर्फ हमले का जवाब नहीं दिया। इसने रणनीतिक समीकरण बदल दिया।</p>
<p>एक ऐसे युग में जहां कई आधुनिक युद्ध खुलेआम कब्जे या राजनीतिक भ्रम में बदल जाते हैं, ऑपरेशन सिंदूर इससे अलग है। यह अनुशासित सैन्य रणनीति का प्रदर्शन था: स्पष्ट लक्ष्य, संरेखित तरीके और साधन, और अप्रत्याशित वृद्धि के सामने अनुकूल निष्पादन। भारत ने एक झटके को झेला, अपने उद्देश्य को परिभाषित किया, और उसे प्राप्त किया- यह सब एक सीमित समय सीमा के भीतर।</p>
<p>ऑपरेशन सिंदूर में बल का प्रयोग भारी, लेकिन नियंत्रित था- सटीक, निर्णायक और बिना किसी हिचकिचाहट के आधुनिक युद्ध में इस तरह की स्पष्टता दुर्लभ है। ‘‘हमेशा के लिए युद्धों’’ और रणनीतिक दिशा के बिना हिंसा के चक्रों से परिभाषित एक युग में, सिंदूर अलग है। यह स्पष्ट रूप से परिभाषित लक्ष्यों, मेल खाते तरीकों और साधनों और एक ऐसे देश के साथ सीमित युद्ध का एक मॉडल प्रस्तुत करता है जिसने कभी इनिशिएटिव नहीं त्यागा।</p>
<p>2008 के भारत ने हमलों को झेला और इंतजार किया। यह भारत तुरंत, सटीक और स्पष्टता के साथ जवाबी हमला करता है।<br />मोदी का सिद्धांत, भारत का बढ़ता घरेलू रक्षा उद्योग और उसके सशस्त्र बलों का पेशेवराना तरीका सभी संकेत इस ओर इशारा करते हैं कि देश अब युद्ध की तैयारी नहीं कर रहा है। वो अगले युद्ध की तैयारी कर रहा है।</p>
<p>ऑपरेशन में रुकावट ऑपरेशन सिंदूर का अंत नहीं है। यह एक विराम है। भारत इनिशिएटिव रखता है। यदि फिर से उकसाया गया, तो वह फिर से प्रहार करेगा।</p>
<p>यह निवारण की बहाली है। यह एक नया सिद्धांत सामने आया है और राज्य-प्रायोजित आतंकवाद के खतरे का सामना कर रहे सभी देशों को इसका अध्ययन करना चाहिए।</p>
<p>ऑपरेशन सिंदूर एक आधुनिक युद्ध था- जो, परमाणु एसक्लेशन के साये में, पूरी दुनिया की नजर इस पर थी, और एक सीमित उद्देश्य के फेमवर्क के तहत लड़ा गया था। और हर महत्वपूर्ण पैमाने पर यह एक रणनीतिक सफलता थी - और एक निर्णायक भारतीय जीत थी।</p>
<p><strong>-जॉन स्पेंसर</strong><br /><strong>कार्यकारी निदेशक, अर्बन वॉरफेयर इंस्टीट्यूट और अंडरस्टैंडिंग अर्बन वॉरफेयर के सह-लेखक</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 15 May 2025 12:31:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ऑपरेशन सिंदूर की विजय गाथा : रेलवे स्टेशनों पर भारतीय सेना का गौरवगान, स्टेशनों और कार्यालयों को तिरंगी रोशनी से सजाया </title>
                                    <description><![CDATA[सेना के वीर जवानों को सम्मान देने एंव देशभक्ति की भावना को बढ़ाने के लिए सभी को प्रेरित किया जा रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-vijay-saga-of-operation-sindoor-decorated-the-glorious-stations/article-114149"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/rtrer-(3)29.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। भारतीय रेलवे की ओर से भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर में अदम्य शौर्य का प्रदर्शन करने पर उनकी वीरता गौरवगान करने के लिए प्रमुख स्टेशनों और कार्यालयों की बिलि्ंडग को तिरगें की रोशनी से सजाया गया है तथा स्टेशनां पर देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत गानों का भी प्रसारण किया जा रहा है ताकि स्टेशन पर आने वाले यात्रियों में देशभक्ति का संचार हो। उत्तर पश्चिम रेलवे के जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, अजमेर, हिसार, सिरसा और आबूरोड़ स्टेशनों को तिरंगी रोशनी की लाइट लगाकर सजाया गया है। इसके साथ की जयपुर स्थित प्रधान कार्यालय, मण्डल रेल प्रबंधक कार्यालय-जयपुर, अजमेर, जोधपुर और बीकानेर कार्यालयों में भी तीन रंगों की आकर्षक रोशनी कर सजाया गया है। </p>
<p>स्टेशनों पर आने वाले यात्रियों को भारतीय सेना के अदम्य शौर्य की वीरगाथा से अवगत करवाने के लिए वीडियों और ऑडियों माध्यमों से देशभक्ति गानों का प्रसारण किया जा रहा है। उत्तर पश्चिम रेलवे के 5 स्टेशनों पर वीडियों स्क्रीन के माध्यम से तथा 107 स्टेशनों पर उद्घोषणा प्रणाली के माध्यम से देशभक्ति गानों का प्रसारण किया जा रहा है। रेलवे की ओर से भारतीय सेना के शौर्य की गौरवगाथा को आमजन तक पहुंचाने के लिए विभिन्न माध्यमों का उपयोग किया जा रहा है। सेना के वीर जवानों को सम्मान देने एंव देशभक्ति की भावना को बढ़ाने के लिए सभी को प्रेरित किया जा रहा है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 14 May 2025 18:12:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सेना की प्रेस कॉन्फ्रेंस : हमारा निशाना आतंकवादी थे, पाकिस्तानी सेना ने इसे अपनी लड़ाई बनाया, ऑपरेशन सिन्दूर में हमारा नुकसान बेहद मामूली रहा </title>
                                    <description><![CDATA[भारतीय सशस्त्र सेनाओं ने कहा कि उनकी लड़ाई आतंकवाद और आतंकवादियों से थी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/armys-press-conference-our-target-terrorists-pakistani-army-made-it/article-113906"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/news-(2)21.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारतीय सशस्त्र सेनाओं ने कहा कि उनकी लड़ाई आतंकवाद और आतंकवादियों से थी और पाकिस्तानी सेना के आतंकवादियों के पक्ष में लड़ाई में उतरने के कारण भारत को उसके सैनिक ठिकानों को निशाना बनाना पड़ा जिसके लिए पाकिस्तानी सेना खुद जिम्मेदार है।</p>
<p>भारतीय वायुसेना, नौसेना एवं थल सेना के सैन्य अभियान महानिदेशकों ने यहां एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा कि तुर्की के ड्रोन हों या कहीं की भी कोई अन्य शस्त्र तकनीक हो.. हमारी स्वदेशी रक्षा प्रणाली, प्रशिक्षित योद्धा उससे मुकाबले के लिए तैयार हैं। ऑपरेशन सिन्दूर में हमारा नुकसान बेहद मामूली रहा है। हमारे सभी सैन्य प्रतिष्ठान, उपकरण, शस्त्र प्रणालियां पूरी तरह से कार्यशील हैं, जरूरत पड़ने पर हम अगले मिशन के लिए तैयार हैं।</p>
<p>वायुसैनिक अभियान महानिदेशक एयर मार्शल ए के भारती ने कहा कि पाकिस्तान की सेनाओं ने विमानों, मिसाइलों, ड्रोन एवं यूएवी से भारत पर भीषण हमला करने की कोशिश की, लेकिन हमारी परत दर परत मजबूत एवं आधुनिक स्वदेशी रक्षा प्रणाली उसके सामने अभेद्य दीवार साबित हुई।</p>
<p>एयर मार्शल भारती ने दोहराया कि हमारी लड़ाई आतंकवादियों एवं आतंकवाद से थी, पाकिस्तानी सेना से नहीं। पह अफसोस की बात है कि पाकिस्तानी सेना ने आतंकवादियों के समर्थन में इस लड़ाई में शामिल होने का फैसला किया। इसलिए इस संघर्ष में पाकिस्तान को जो भी नुकसान हुआ है, उसके लिए वे खुद जिम्मेदार हैं। उन्होंने आतंकवादियों के व्यवहार में आये अंतर का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले कुछ वर्षों से आतंकवादी धार्मिक स्थलों एवं यात्राओं को निशाना बनाने लगे थे और पहलगाम में उनका पाप का घड़ा भर गया था।</p>
<p>उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिन्दूर के दौरान पाकिस्तानी सेना द्वारा इस्तेमाल किये गए चीन निर्मित हथियार नाकाम साबित हुए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वायुरक्षा प्रणाली को संदर्भों में समझने की जरूरत है। पिछले 10 साल में सरकार से सेनाओं को जो बजटीय समर्थन मिला है उससे हमें देश की वायुरक्षा प्रणाली मजबूत एवं आधुनिक बनाने में बड़ी मदद मिली है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिन्दूर में तीनों सेनाओं, सीमा सुरक्षा बल, और सरकारी एजेंसियों का पूरा समन्वय रहा।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 12 May 2025 15:52:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत-पाक तनाव का असर : एयरपोर्ट पर 3 फ्लाइट्स रद्द, अन्य शहरों के लिए उड़ानों का संचालन सामान्य रूप से जारी</title>
                                    <description><![CDATA[भारत-पाक के बीच तनाव का असर हवाई सेवाओं पर भी पड़ा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/indo-pak-tension-impact-3-flights-at-the-airport-canceled-flights/article-113410"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/airport.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। भारत-पाक के बीच तनाव का असर हवाई सेवाओं पर भी पड़ा है। जयपुर एयरपोर्ट से तीन फ्लाइट्स रद्द कर दी गईं। अलायंस एयर की सुबह 8:25 बजे कुल्लू जाने वाली फ्लाइट रद्द कर दी गई। इसके अलावा इंडिगो की सुबह 9:10 बजे और शाम 7:50 बजे चंडीगढ़ जाने वाली फ्लाइट्स भी रद्द कर दी गईं। हालांकि, अन्य शहरों के लिए उड़ानों का संचालन सामान्य रूप से जारी है। </p>
<p>दूसरी ओर, वायुसेना द्वारा सुरक्षा कारणों से जोधपुर और किशनगढ़ एयरपोर्ट को बंद कर दिया गया है, जिसके चलते वहां से उड़ान संचालन आज भी बंद है। भारत-पाक तनाव के कारण उत्पन्न सुरक्षा चिंताओं के मद्देनजर वायुसेना ने यह निर्णय लिया है। यात्रियों को अपनी उड़ान से संबंधित नवीनतम जानकारी के लिए एयरलाइंस से संपर्क करने की सलाह दी गई है।</p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/indo-pak-tension-impact-3-flights-at-the-airport-canceled-flights/article-113410</link>
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                <pubDate>Thu, 08 May 2025 18:28:32 +0530</pubDate>
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