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                <title>advocate - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>advocate RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>पटना हाईकोर्ट का विस्तार, मुख्य न्यायाधीश ने दिलाई नवनियुक्त न्यायाधीशों को पद एवं गोपनीयता की शपथ</title>
                                    <description><![CDATA[पटना हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश मीनाक्षी मदन राय ने सात नवनियुक्त न्यायाधीशों को शपथ दिलाई। राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त इन जजों में तीन स्थायी और चार अतिरिक्त न्यायाधीश शामिल हैं। इस शपथ ग्रहण के बाद पटना उच्च न्यायालय में कार्यरत न्यायाधीशों की कुल संख्या 37 से बढ़कर 44 हो गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/expansion-of-patna-high-court-chief-justice-meenakshi-administered-the/article-157024"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/patna-high-court.png" alt=""></a><br /><p>पटना। पटना उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश मीनाक्षी मदन राय ने सोमवार को पटना हाईकोर्ट के सात नवनियुक्त न्यायाधीशों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्र, बड़ी संख्या में न्यायधीश, अधिवक्ता, विभिन्न पटना हाईकोर्ट अधिवक्ता संघों के पदाधिकारी, वरीय अधिवक्ता योगेश चंद्र वर्मा,वरीय अधिवक्ता अमित श्रीवास्तव,सरकारी अधिवक्ता प्रशांत प्रताप तथा नवनियुक्त जजों के परिवार के सदस्य उपस्थित थे।</p>
<p>इस बाबत भारत के राष्ट्रपति ने अधिवक्ता रंजन कुमार झा, अधिवक्ता कुमार मनीष और अधिवक्ता राज कुमार को उनके पद भार ग्रहण करने की तिथि से पटना हाई कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया है,जबकि अधिवक्ता राणा विक्रम सिंह, अधिवक्ता विकास कुमार, अधिवक्ता गिरिजेश कुमार व अधिवक्ता आलोक कुमार को पद भार ग्रहण की तिथि से दो वर्षों की अवधि के लिए पटना उच्च न्यायालय का एडीशनल जज नियुक्त किया है।</p>
<p>इन सात न्यायाधीशों के शपथ ग्रहण के साथ ही पटना हाईकोर्ट में स्वीकृत कार्यरत न्यायाधीशों की संख्या 37 से बढ़कर 44 हो गई है। उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट कालेजियम ने 26 फरवरी, 2026 को पटना हाईकोर्ट नौ अधिवक्ताओं को जज बनाने की अनुशंसा की थी, जिनमे से फिलहाल कुल सात जजो की नियुक्त किया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 14:39:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भाजपा विधि प्रकोष्ठ का अधिवक्ता होली मिलन समारोह, बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने लिया भाग </title>
                                    <description><![CDATA[अधिवक्ता समुदाय ने इसे सामाजिक एकजुटता और उत्सव की भावना का प्रतीक बताया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/a-large-number-of-advocates-participated%C2%A0/article-107547"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/257rtrer63.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। भाजपा विधि प्रकोष्ठ की ओर से शनिवार को राजपूत सभा भवन में अधिवक्ता होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने भाग लिया और आपसी स्नेह व सौहार्द्र का आदान-प्रदान किया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ दो दिन पहले समारोह के पोस्टर का विमोचन किया था।</p>
<p>अधिवक्ता समुदाय ने इसे सामाजिक एकजुटता और उत्सव की भावना का प्रतीक बताया। इस अवसर पर भाजपा विधि प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों और अन्य विशिष्ट अतिथियों ने भी होली के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का उद्देश्य अधिवक्ताओं के बीच समन्वय और संबंधों को और सुदृढ़ करना था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 15 Mar 2025 15:25:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गुजरात के वकील ने खड़ी की फेक कोर्ट, जज बनकर कई फैसले दिए, पुलिस ने किया गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[ शहर के सिविल कोर्ट के सामने ही नकली कोर्ट खोलकर बैठा था। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/gujarat-lawyer-poses-as-a-fake-court-judge-and-gives/article-93631"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-10/27rtrer-(5)2.png" alt=""></a><br /><p>गांधीनगर। गुजरात में एक व्यक्ति फर्जी कोर्ट चलाने और नकली जज बनने के आरोपी में गिरफ्तार किया गया है। आरोपी का नाम मॉरिस क्रिश्चियन है, जो पेशे से वकील है। शहर के सिविल कोर्ट के सामने ही नकली कोर्ट खोलकर बैठा था। स्थानीय कोर्ट की शिकायत पर यह कार्रवाई पुलिस ने की। आरोपी का साथ देने वाले व्यक्तियों को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर मामला दर्ज किया है। </p>
<p>जानकारी के अनुसार मॉरिस ने लोगों की कई विवादित जमीनों के ऑर्डर तक पास कर दिए, जिनमें से कई डीएम ऑफिस तक पहुंचे और कुछ तो  ऑफिस से पास भी कर दिए गए। अरबों रूपयों की जमीन मॉरिस ने हड़प ली। <br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 22 Oct 2024 12:21:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>जानिए राजकाज में क्या है खास</title>
                                    <description><![CDATA[आजकल काले कोट वाले भाई लोग बहस के साथ दो-दो हाथ करने में भी माहिर हैं। उनकी स्टाइल को देखकर अहसास होता है कि कइयों ने तो कोर्ट में जाने से पहले जूड़ो-कर्राटे और पहलवानी के गुर भी सीखें होंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/know-what-is-special-in-governance/article-93550"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-11/rajkaj4.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>अब समझे एक-दूजे की अहमियत</strong><br />कई महीनों बाद हाथ वाले भाई को अक्ल आई। एक-दूसरे की अहमियत समझ में आ गई। दिल्ली में बैठे नेता भी अब बगलें झांक रहे हैं। मंद-मंद मुस्करा रहे भगवा वाले भाइयों के भी चेहरों की हवाइयां उड़ती नजर आ रही हैं। दस साल तक राज कर चुकी मैडम को भी अहसास हो रहा है कि बिना संगठन के कुछ नहीं है। सो आसपास मंडराने वाले कई लोगों को आंख दिखा दी। बेचारों की अब बोलती बंद है। भगवा में सूबे के सदर की कुर्सी पर बैठे सुमेरपुर वाले मदन जी भाई साहब भी भांप चुके हैं कि उनकी टीम में भीड़ जुटाने वाला एक भी नेता नहीं है। यह चमत्कार केवल मराठी वंशज मैडम के पास ही है। सो पिछले दिनों जा पहुंचे मैडम के दरबार में। दोनों तरफ  अक्ल आई तो भाई साहबों को सुखद नतीजे का इंतजार है। मैडम को अपने घर से बैठकों में लाने की कवायद हो रही है।</p>
<p><strong>प्रेम डेंगू का</strong><br />डेंगू नाम की विदेशी बीमारी को भी हमारा सूबा काफी रास आ रहा है। संक्रमण से होने वाली यह बीमारी सूबे के लोगों के ऐसे चिपक गई, जैसे तालाब में भैंस के जोंक लगती है। यह रास भी क्यों नहीं आए, यहां राज का काज करने वाले लोगों की कार्य प्रणाली किसी से छिपी नहीं है। वे हो हल्ला ज्यादा और काम कम करते हैं। वो काम को करने के बजाय उसकी फिक्र कर केवल ऊपर वालों को बताते हैं। अब उनको कौन समझाए कि पहले कमीशन रूपी असली बीमारी का उपचार करो, नकली का तो स्वत: हो ही जाएगा। इस सूबे के लोग छप्पनियां का अकाल और महामारी से निपट चुके हैं। इस बीमारी से राज का काज करने वाले भयभीत हैं। अब देखो न केरल जैसे छोटे से प्रदेश ने इस बीमारी को एक सप्ताह में छू मंतर कर दिया, मगर हमारे यहां तो दिनों-दिन बढ़ती जा रही है। रोजाना दरबार में समीक्षा हो रही है, लेकिन बीमारी भी जाने का नाम ही नहीं लेती।</p>
<p><strong>धन्य हो काले कोट वाले</strong><br />आजकल काले कोट वाले भाई लोग बहस के साथ दो-दो हाथ करने में भी माहिर हैं। उनकी स्टाइल को देखकर अहसास होता है कि कइयों ने तो कोर्ट में जाने से पहले जूड़ो-कर्राटे और पहलवानी के गुर भी सीखें होंगे। उनको पहले से आभास था कि धंधा तो चलने वाला नहीं, सो काले कोट की आड़ में दादागीरी तो चल जाएगी। लालकिले वाली नगरी में पहले खाकी वालों पर हाथों की खुजली मिटाई और अब न्याय की सबसे ऊंची कुर्सी के सामने अपने ही भाई लोगों का मुंह सुजा कर बता दिया कि हमारा कोई बाल भी बांका नहीं कर सकता। राज का काज करने वाले पहले ही इनसे दूरियां बनाकर चलते हैं। अब न्याय की आस में अदालतों में आने वाले फरियादी भी सहमे रहते हैं। पता नहीं काले कोट वाले भाई साहब का हाथ कब उठ जाए। दूसरों की खैर खबर लेने वाले मी लार्ड भी सब कुछ देख रहे हैं, लेकिन कार्रवाई करने में बेबस हैं। ऐसे लोग धन्य हैं, जो काले कोट पहनकर भी कानून से खिलवाड़ कर बैठते हैं।  </p>
<p><strong>खाकी वालों की बढ़ी चिन्ता</strong><br />जब राज करने वालों ने नकारा खाकी वालों की सूची मांगी तो पीएचक्यू में झण्डे के नीचे बैठने वाले साहब के साथ कई अफसरों की बांछें खिल गईं। उनको लगा कि चलो अब ऊपर की पहुंच रखने वाले गामाओं, पीटरों और ब्रेवोज से पीछा छूटेगा और काम करने वाले मिलेंगे। काफी बदनामी के बोझ तले दबे अफसरों ने आनन-फानन में लंबी चौड़ी सूचियां बनाकर थमा दीं। सूचियों को देखकर राज करने वालों को भी पसीने छूट गए। कई साहबों ने तो बिना देखे ही सूची को आठ नंबर में भिजवा दिया। मामला ठण्डे बस्ते में जाते देख अब उन अफसरों की हालत खराब हो रही है, जिन्होंने भाग-भाग कर सूचियां तैयार की थीं। चूंकि उनकी तरफ  से भेजी गई गोपनीय सूचियां भी जगजाहिर हो गईं।</p>
<p><strong>एक जुमला यह भी</strong><br />सूबे में शनिवार की संध्या से एक जुमला जोरों पर है। जुमला भी छोटा-मोटा नहीं, बल्कि फैमिली के लीडर से ताल्लुकात रखता है। दौसा से शुरू हुए जुमले की चर्चा पिंकसिटी से दिल्ली तक है। जुमला है कि फैमिली का लीडर हो तो दौसा वाले मीनेश वंशज डॉक्टर साहब जैसा हो, जिनकी पपलाज माता के आशीर्वाद से हर मंशा पूरी होती है। प्रेसर पॉलिटिक्स में मास्टर भाई साहब का न तो कोई आलाकमान है और न ही कोई बॉस। अपने तेवरों से पहले अर्द्धांगिनी, फिर भतीजे और अब भाई के लिए जो कुछ किया वह हर वर्कर की जुबान पर है। भाई साहब की प्रेशर पॉलिटिक्स को समझने वाले समझ गए, ना समझे वो अनाड़ी है।</p>
<p><strong>एल एल शर्मा</strong><br /><strong>(ये लेखक के अपने विचार हैं।)</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 21 Oct 2024 11:55:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महिला ने 20 लोगों के खिलाफ दर्ज कराए रेप के झूठे मामले, अधिवक्ताओं ने पुलिस कमिश्नर को दिया ज्ञापन</title>
                                    <description><![CDATA[महिला योजनाबद्ध तरीके से लोगों से रुपए ऐंठने के लिए मुकदमें दर्ज कराती रहती है। इससे पहले राजस्थान हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने भी पुलिस को ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की थी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/woman-filed-false-rape-cases-against-20-people-advocates-gave-memorandum/article-76857"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/biju.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। अधिवक्ताओं ने एक महिला पर बलात्कार के झूठे मामले दर्ज कराने का आरोप लगाते हुए उसके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अधिवक्ताओं का आरोप है कि 30 वर्षीय इस महिला ने पिछले आठ साल में 20 लोगों के खिलाफ 14 मामले दर्ज कराए हैं। जिन लोगों के खिलाफ रेप के मामले दर्ज कराए गए हैं, उनमें अधिवक्ता, इंजीनियर और अन्य प्रतिष्ठित लोग शामिल है। अधिवक्ताओं के संगठन दी बार एसोसिएशन की ओर से पुलिस कमिश्नर को ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग भी की गई है। जिस महिला के खिलाफ अधिवक्ताओं की ओर से पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसफ को ज्ञापन दिया गया। उस महिला ने पिछले 8 साल में 20 लोगों के खिलाफ अलग-अलग पुलिस थानों में दुष्कर्म के 14 मुकदमें दर्ज कराए। अधिकतर मामलों में उस महिला ने बाद में बयान बदल दिए। दी बार एसोसिएशन जयपुर के अध्यक्ष पवन शर्मा और महासचिव राजकुमार शर्मा की ओर से दिए ज्ञापन में बताया गया कि वह महिला योजनाबद्ध तरीके से लोगों से रुपए ऐंठने के लिए मुकदमें दर्ज कराती रहती है। इससे पहले राजस्थान हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने भी पुलिस को ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की थी। </p>
<p>पुलिस कमिश्नर को दिए गए ज्ञापन में बताया गया कि वह महिला धारा 376, 377 और 354 के तहत मुकदमा दर्ज कराती है, जिसमें दुष्कर्म, अप्राकृतिक रूप से दुष्कर्म और छेड़छाड़ के आरोप लगाए जाते हैं। गैर जमानती धाराओं में मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए दबिश देती है। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />कुछ दिन पहले अधिवक्ताओं ने एक ज्ञापन दिया था। महिला ने जितने भी मुकदमें दर्ज कराए हैं, उनमें एक को छोड़ सभी में एफआर लग चुकी है। केवल ज्योति नगर थाने में दर्ज मामले की जांच जारी है।<br /><strong>- बीजू जॉर्ज जोसफ, पुलिस कमिश्नर, जयपुर</strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 May 2024 17:54:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वकील की हत्या के विरोध में तीसरे दिन भी रहा न्यायिक बहिष्कार</title>
                                    <description><![CDATA[न्यायिक कार्य के बहिष्कार के चलते हाईकोर्ट, जयपुर मेट्रो प्रथम, जयपुर मेट्रो द्वितीय, डिस्ट्रिक्ट कोर्ट व सांगानेर कोर्ट में न्यायिक कामकाज पूरी तरह से ठप रहा। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/judicial-boycott-continues-for-the-third-day-in-protest-against/article-37989"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-02/site-photo-size13.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जोधपुर में वकील जुगराज सिंह चौहान की दिन दहाड़े हत्या के विरोध में शहर के अधिवक्ता बुधवार को भी न्यायिक बहिष्कार पर रहे। इस दौरान हाईकोर्ट सहित सभी अधीनस्थ अदालतों में वकीलों ने मुकदमों में पैरवी नहीं की। इस दौरान वकीलों ने हाईकोर्ट और सेशन कोर्ट के बाहर प्रदर्शन कर अधिवक्ता सुरक्षा कानून बनाने की मांग की।</p>
<p>न्यायिक कार्य के बहिष्कार के चलते हाईकोर्ट, जयपुर मेट्रो प्रथम, जयपुर मेट्रो द्वितीय, डिस्ट्रिक्ट कोर्ट व सांगानेर कोर्ट में न्यायिक कामकाज पूरी तरह से ठप रहा। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन जयपुर के महासचिव बलराम वशिष्ठ ने राज्य सरकार से जल्द एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को लागू करने की मांग की है। वकीलों का कहना है कि राज्य सरकार ने अपने घोषणा पत्र में वकीलों की सुरक्षा के लिए एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को लागू करने का वादा किया था, लेकिन चार साल के कार्यकाल में यह घोषणा लागू नहीं हो पाई है। हाईकोर्ट बार के पूर्व महासचिव प्रहलाद शर्मा ने बताया कि प्रोटेक्शन एक्ट को लागू करने के लिए उनकी ओर से पूर्व में हाईकोर्ट में जनहित याचिका पेश की गई थी। जिस पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब भी किया था। राज्य सरकार को मामले में गंभीरता दिखाते हुए तत्काल एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को लागू करना चाहिए। डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन जयपुर के महासचिव गजराज सिंह राजावत ने कहा कि कि पिछले कुछ सालों में वकीलों पर होने वाले हमलों व दुर्व्यवहार की घटनाओं में बढोतरी हुई है। जिसके चलते वकील समुदाय खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। ऐसे में वकीलों की सुरक्षा और उनकी गरिमा को देखते हुए तुरंत एडवोकेट प्रोटेक्शन कानून को लागू किया जाना चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Feb 2023 17:06:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वकील पाटों पर बैठकर नहीं कर पा रहे काम </title>
                                    <description><![CDATA[कोटा का अदालत परिसर काफी पुराना है। समय के साथ साथ यहां वकीलों की संख्या तो बढ़ती गई लेकिन परिसर का विस्तार नहीं हुआ। जिससे हालत यह है कि नए आने वाले युवा वकीलों के बैठने की जगह तक का टोटा हो रहा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/lawyers-are-unable-to-do-work-sitting-on-the-paata/article-16140"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/vakeel-paato-par-baidh-kar-..kota-news-25.7.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । कोटा का अदालत परिसर काफी पुराना है। समय के साथ साथ यहां वकीलों की संख्या तो बढ़ती गई लेकिन परिसर का विस्तार नहीं हुआ। जिससे हालत यह है कि नए आने वाले युवा वकीलों के बैठने की जगह तक का टोटा हो रहा है। जिन्हें जगह मिली तो उनके सिर पर छत नहीं होने से बरसात में वे अपने पाटों पर बैठकर काम तक नहीं कर पा रहे हैं। अभिभाषक परिषद कोटा में करीब 19 सौ से अधिक वकील पंजीकृत हैं। जिनमें से गिनती के ही वकीलों को बैठने के लिए पक्के चैम्बर मिले हुए हैं। जबकि अधिकतर वकील टीनशेड के नीचे ही खुले में बैठ रहे हैं। अदालत परिसर में सभी मुख्य प्रवेश द्वार के पास से लेकर पूरे परिसर में अंदर तक टीनशेड लगे हुए हैं। उसके बावजूद भी परिसर में वकीलों की सख्या बढ़ने से उनके लिए बैठने का टोटा हो रहा है। ऐसे में युवा व नए आने वाले वकीलों को जहां जगह मिल रही है वहीं पाटे लगा रहे हैं। सर्दी में तो उन पाटों पर बैठकर काम करने में कोई परेशानी नहीं है। सबसे अधिक परेशानी गर्मी और बरसात में है। गर्मी में भी अधिकतर समय सुबह की कोर्ट होने से जैसे-तैसे सहन हो जाती है। लेकिन बरसात में परेशानी अधिक हो रही है। <br /><br />युवा अधिवक्ताओं ने बताया कि उन्हें बैठने की जगह नहीं मिलने पर उन्होंने कैंटीन  व पूर्व में बने चैम्बरों के पीछे की गैलेरी में पाटे लगाने पड़े। वहां से लेकर पीछे मंदिर के पास तक पाटे तो कई लग गए लेकिन उनके ऊपर टीनशेड नहीं है। ऐसे में जरा सी बरसात होने पर ही उनके पाटे और बस्ते भीग रहे हैं। उन बस्तों में मुकदमों से संबंधित फाइलें होने से वे उन्हें वहां भी छोड़कर नहीं जा सकते। अदालत में पैरवी करने जाते समय बस्तों को अन्य वकीलों के पास सुरक्षित रखकर जाना पड़ रहा है। यही स्थिति  परिसर में नगर निगम के पुरो आधुनिक शौचालय के सामने की है। यहां भी कई वकीलों के पाटे लगे हैं लेकिन उनके सिर पर छत तक नहीं है। <br /><br />डाकघर के पास और नकल सेक्शन के पास भी यही हालात हैं। इन सभी जगहों पर बैठने वाले वकीलों का कहना है कि जिस तरह से अनय वकीलों के पाटों पर टीनशेड लगे हुए हैं। उसी तरह से उनके लिह भी कम से कम टीनशेड तो लगवाया जाए। जिससे वे बरसात में अपने पाटों पर बैठकर काम कर सके। सर्दी और गर्मी तो जैस-तैसे निकाल लेंगे। लेकिन बरसात में दो से तीन महीने का समय निकालना मुश्किल है। ऐसे में रोजाना किस-किस के पास अपने बस्ते रखें। वकीलों ने बताया कि बस्ते तो फिर भी कहीं रख दें लेकिन मुकदमों के लिए आने वाले पक्षकारों को बैठाने और मुकदमों से संबंधित बात करने की जेगह तक बरसात में नहीं मिल पाती। जिससे उनका पेशा बिगड़ रहा है। <br /><br /><strong>इनका कहना है</strong><br />पूर्व में जितने भी पाटे लगे थे। उन सभी पर टीनशेड लगयाा जा चुका है। दो से तीन जगह पर नए पाटे लगे हैं। उनमें से नकल सेक् शन के पास लगे पाटों पर टीनशेड लगाने की जगह नहीं है। जबकि गैलेरी व सुलभ कॉम्पलेक्स के सामने टीनशेड लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं। कोटा दक्षिण विधायक द्वारा की गई दस लाख रुपए की विधायक कोष की घोषणा से मिलने वाली राशि से यहां शीघ्र ही टीनशेड लगवाए जाएंगे। <br /><strong>-प्रमोद शर्मा, अध्यक्ष, अभिभाषक परिषद कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 25 Jul 2022 16:02:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एडवोकेट को सोशल मीडिया पर गर्दन काटने की मिली धमकी </title>
                                    <description><![CDATA[अजमेर के एक एडवोकेट को सोशल मीडिया पर गर्दन काटने की धमकी देने का मामला सामने आया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/advocate-received-threat-of-beheading-on-social-media/article-13610"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/advocacy.jpg" alt=""></a><br /><p>अजमेर। अजमेर के एक एडवोकेट को सोशल मीडिया पर गर्दन काटने की धमकी देने का मामला सामने आया है। पीड़ित एडवोकेट के साथ जिला बार एसोसिएशन के सदस्यों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पेश होकर आरोपित के खिलाफ उचित कार्यवाही की मांग की है। एडिशनल एसपी आईपीएस विकास सांगवान ने मामले में उचित कार्यवाही का भरोसा दिलाया है। </p>
<p>पीड़ित एडवोकेट भानु प्रताप सिंह चौहान ने बताया कि उनका यूट्यूब अकाउंट है। जिस पर उन्होंने उदयपुर में हुई घटना की निन्दा की थी। तीन जुलाई को सोहेल सैयद नाम के एक यूट्यूब यूजर ने उन्हें धमकी दी है कि तेरी भी गर्दन कटेगी। उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत संपर्क पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। साथ ही बार अध्यक्ष मोहन सिंह राठौड़ को शिकायत दी। उसके बाद बार अध्यक्ष सहित वकीलों में रोष व्याप्त हो गया। अध्यक्ष राठौड़ के नेतृत्व वकीलों के एक दल ने दोपहर में कलेक्ट्रेट पहुंचकर रोष व्यक्त किया। साथ ही पुलिस अधीक्षक कार्यालय में एडीशनल एसपी विकास सांगवान को ज्ञापन दिया और संबंधित आरोपित के खिलाफ उचित कार्यवाही करने व एडवोकेट चौहान की जानमाल की सुरक्षा दिलाने की मांग की है। धमकी के बाद एडवोकेट चौहान व उनके परिजन भी भयभीत हैं। ऐसे में आईपीएस सांगवान ने मामले में उचित कार्यवाही का भरोसा दिलाया है। अध्यक्ष राठौड़ ने बताया कि अगर मामले में उचित कार्यवाही नहीं हुई तो बार एसोसिएशन आन्दोलन करेगी। वहीं पुलिस आरोपी का सुराग लगाने में जुट गई है।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>अजमेर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 05 Jul 2022 12:07:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Ajmer]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मानवाधिकार आयोग ने अधिवक्ता के आत्मदाह के मामले में लिया प्रसंज्ञान</title>
                                    <description><![CDATA[मानवाधिकार आयोग ने सीकर के खंडेला कस्बे में अधिवक्ता के आत्मदाह के मामले में प्रसंज्ञान लिया है। इसके साथ ही आयोग ने मुख्य सचिव, डीजीपी, कलक्टर और एसपी से 15 दिन में तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-human-rights-commision-ask-report-to-dgp-in-advocate-sucide-case/article-11828"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/fcd234-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मानवाधिकार आयोग ने सीकर के खंडेला कस्बे में अधिवक्ता के आत्मदाह के मामले में प्रसंज्ञान लिया है। इसके साथ ही आयोग ने मुख्य सचिव, डीजीपी, कलक्टर और एसपी से 15 दिन में तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने यह आदेश प्रकरण में प्रकाशित समाचारों पर स्व प्रेरणा से प्रसंज्ञान लेते हुए दिए। आयोग ने आदेश में कहा कि तथ्यों से व्यक्त होता है कि उपखंड अधिकारी और खंडेला विधि विरूद्ध काम करते थे और उन्होंने अधिवक्ता हंसराज को बर्बाद करने की धमकी दी थी। इसके अलावा एसडीएम के निर्देश पर खंडेला थानाधिकारी ने भी हंसराज को धमकी दी थी।</p>
<p>रिपोर्ट्स में बताया गया था कि एसडीएम और थानाधिकारी के प्रताड़ित करने और धमकाने के चलते अधिवक्ता ने स्वयं को आग लगा ली। अधिवक्ता हंसराज ने अपने सुसाइड नोट में दोनों अधिकारियों को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार बताया है। सुसाइड नोट में आरोप लगाया गया कि ना केवल एसडीएम राकेश कुमार उसके साथ अभद्र व्यवहार करते है, बल्कि स्थगन आदेश की फाइलों में पैसों की मांग भी करते है। इसके अलावा थानाधिकारी धासीराम ने एडवोकेट को धमकी दी कि एसडीएम के खिलाफ कार्रवाई की, तो वह उसे बंद कर देगा और मुकदमा लगाकर परिवार बर्बाद कर देगा। <br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-human-rights-commision-ask-report-to-dgp-in-advocate-sucide-case/article-11828</link>
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                <pubDate>Fri, 10 Jun 2022 16:01:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अधिवक्ता हंसराज मावलिया के आत्मदाह का मामला गरमाया, वकील नहीं हुए न्यायिक कार्यों में शामिल, रोड जाम</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर। सीकर के खंडेला में अधिवक्ता हंसराज मावलिया के आत्मदाह के बाद हुई मौत को लेकर राजस्थान हाई कोर्ट सहित अधीनस्थ अदालतों की बार एसोसिएशन की ओर से शुक्रवार को न्यायिक कार्य नहीं करने का निर्णय लिया। इसके  चलते वकीलों ने अदालतों में अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं कराई। वहीं निचली अदालतों के वकीलों ने  बनीपार्क स्थित कोर्ट के बाहर की मुख्य रोड को जाम कर दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/advocate-hansraj-mavaliya-s-case-of-self-immolation-heated-up--lawyers-did-not-participate-in-judicial-work--road-jammed/article-11786"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/1-new.jpg" alt=""></a><br /><p><br />जयपुर। सीकर के खंडेला में अधिवक्ता हंसराज मावलिया के आत्मदाह के बाद हुई मौत को लेकर राजस्थान हाई कोर्ट सहित अधीनस्थ अदालतों की बार एसोसिएशन की ओर से शुक्रवार को न्यायिक कार्य नहीं करने का निर्णय लिया। इसके  चलते वकीलों ने अदालतों में अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं कराई। वहीं निचली अदालतों के वकीलों ने  बनीपार्क स्थित कोर्ट के बाहर की मुख्य रोड को जाम कर दिया। जिसके चलते रोड पर जाम के हालात हो गए। बता दे कि कलेक्ट्रेट के आसपास वकीलों के प्रदर्शन से लंबे जाम की स्थिति बन गई।</p>
<p>राजस्थान हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के महासचिव गिर्राज प्रसाद शर्मा ने बताया कि बार सदस्यों को अनौपचारिक रूप से और स्वेच्छा से न्यायिक कार्य से दूर रहने को कहा गया है और इस संबंध में हाईकोर्ट प्रशासन को भी जानकारी दी गई है। एसोसिएशन की मांग है कि घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारियों को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर गिरफ्तार किया जाए। वहीं डिस्ट्रिक्ट एडवोकेट बार एसोसिएशन के महासचिव गजराज सिंह राजावत ने न्यायिक कार्य स्थगित करने की घोषणा करते हुए पीड़ित परिजनों को आर्थिक सहायता और नौकरी उपलब्ध कराने की मांग की है। इसी तरह दी बार एसोसिएशन जयपुर ने भी न्यायिक कार्य स्थगित करने की घोषणा की है। गौरतलब है कि गुरुवार को वकील हंसराज मावलिया ने अपने सुसाइड नोट में एसडीएम के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए आत्मदाह कर लिया था। वहीं बाद में इलाज के दौरान अधिवक्ता की मौत हो गई थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Jun 2022 11:35:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अधिवक्ता ने कोर्ट में स्वयं को लगाई आग</title>
                                    <description><![CDATA[सीकर के खण्डेला थाना इलाके में स्थित एसडीएम कोर्ट में स्व्यं के मामले की सुनवाई नहीं होने और रिश्वत मांगने  से परेशान अधिवक्ता ने पेट्रोल छिड़कर स्वयं को आग लगा ली।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-advocate-fire-to-petrol-in-court/article-11779"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/46545456456.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। सीकर के खण्डेला थाना इलाके में स्थित एसडीएम कोर्ट में स्व्यं के मामले की सुनवाई नहीं होने और रिश्वत मांगने  से परेशान अधिवक्ता ने पेट्रोल छिड़कर स्वयं को आग लगा ली। आग लगाने के बाद जनसुनवाई कर रहे एसडीएम राकेश कुमार को पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन वे लपटों से घिरे अधिकवक्ता से दूर हो गए। आग से वह भी झुलस गए। इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने आग बुझाने के बाद उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां से उसे जयपुर के वार्ड में भर्ती करा दिया गया। यहां उसने उपचार के दौरान उसकी हो मौत हो गई। पुलिस ने एफएसएल टीम की सहायता से मौके से साक्ष्य एकत्रित किए है। इस संबंध में एसडीएम राकेश कुमार से बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे सम्पर्क नहीं हो सका। आग से मौत का शिकार हुए हंसराज मावलिया के बैग से पेट्रोल और कीटनाशक दवा की बोतल बरामद हुई है। इसमें एक लेटर भी मिला है, जिसमें एसडीएम पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।</p>
<p><strong>सुनवाई कर रहे थे एसडीएम</strong><br />एसडीएम राकेश कुमार अपने कार्यालय के अंदर जनसुनवाई कर रहे थे। इस दौरान करीब 100-150 लोग मौजूद थे। हंसराज ने कार्यालय के बाहर पेट्रोल डालकर आग लगाई और अंदर आ गया। राकेश ने अंदर आते देखा और हंसराज ने उन्हें पकड़ने का प्रयास किया। एसडीएम ने उसे धक्का मारकर पीछे धकेल दिया। इसमें उनका हाथ भी झुलस गया। गंभीर रूप से झुलसे अधिवक्ता को हॉस्पिटल ले जाया गया। वहां से जयपुर रेफर कर दिया था।</p>
<p><strong>तारीख लेने के बाद लगाई आग</strong><br />पुलिस ने बताया कि राकेश कुमार की पंचायत समिति में जनसुनवाई थी। वे जनसुनवाई में गए थे। जनसुनवाई पूरी कर के कोर्ट में आए, तो यहां पर हंसराज उनसे एक मुकदमे में बहस करने को लेकर अगली तारीख लेकर गया था। इसके कुछ समय बाद ही उसने पेट्रोल छिड़ककर आग लगा ली। एसडीएम कोर्ट में घुस आया। उस समय एसडीएम कोर्ट में किसी मुकदमे की पैरवी चल रही थी।</p>
<p>कोर्ट में सुनवाई के दौरान अधिवक्ता ने पेट्रोल डालकर आग लगा ली और एसडीएम को भी पकड़ने का प्रयास किया है। अधिवक्ता के पास सुसाइड नोट होना बताया गया है। <br /><strong>- गिरधारी लाल शर्मा, सीओ नीम का थाना  </strong><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Jun 2022 11:29:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>वकील गोवर्धन सिंह को मिली जमानत</title>
                                    <description><![CDATA[महिला आरपीएस अधिकारी के साथ अभद्रता करने और एससी,एसटी केस के आरोपी हैं अधिवक्ता गोवर्धन सिंह ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-news--advocate-govardhan-singh-gets-baila/article-9423"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/goverdhan-singh.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। शहर की एससी, एसटी मामलों की विशेष अदालत ने महिला आरपीएस अधिकारी के साथ अभद्रता करने और एससी,एसटी केस के आरोपी अधिवक्ता गोवर्धन सिंह को एक-एक लाख रुपए के जमानत- मुचलके पर रिहा करने के आदेश दिए हैं। अदालत ने कहा है कि आरोपी ना तो भीड़ एकत्रित करेगा और ना ही इस केस को लेकर सोशल मीडिया पर कोई पोस्ट डालेगा।</p>
<p><br />जमानत अर्जी में अधिवक्ता अजयकुमार जैन ने अदालत को बताया कि वर्ष 2020 में आरोपी ने पहले महिला आरपीएस के खिलाफ रिपोर्ट दी थी। जिसमें उसने महिला आरपीएस को ओबीसी वर्ग का बताया था। इसके बाद महिला अधिकारी ने उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। प्रार्थी को महिला अधिकारी के एससी वर्ग का होने की जानकारी ही नहीं थी। ऐसे में मामला एससी,एसटी एक्ट का बनता ही नहीं है। वहीं सरकारी वकील की ओर से कहा गया कि प्रकरण में आरोपी गोवर्धन के खिलाफ अभियोजन पक्ष के पास पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं। उसके विरुद्ध अन्य लोगों ने भी मामले दर्ज कराए हैं। यदि उसे जमानत दी गई तो वह उसका दुरुपयोग कर सकता है। ऐसे में उसकी जमानत अर्जी को खारिज किया जाए। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने आरोपी को जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए हैं।</p>
<p><br />गौरतलब है कि सदर थाने की तत्कालीन एसीपी ने तीन अप्रैल, 2020 को गोवर्धन सिंह व अन्य के खिलाफ अभद्रता करने और आपत्तिजनक टिप्पणियां करने को लेकर मामला दर्ज कराया था। मामले में हाइकोर्ट ने पूर्व में सुनवाई करते हुए गोवर्धन सिंह को गिरफ्तार करने पर रोक लगा दी थी। वहीं गत दिनों अदालत ने इस रोक को हटा दिया था। जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को हाइकोर्ट परिसर के बाहर से गिरफ्तार कर लिया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 May 2022 15:43:41 +0530</pubDate>
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