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                <title>indo pak tension - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>भारत-पाक सीजफायर के बाद राजस्थान के 10 जिलों को माना अति संवेदनशील, गृह मंत्रालय ने सुरक्षा व्यवस्था के विशेष इंतजाम करने के दिए आदेश </title>
                                    <description><![CDATA[खतरे के समय आपदाओं से निपटने के लिए कंट्रोल रूम भी जिला या उपखंड स्तर पर बनाने के आदेश दिए है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/ten-districts-of-rajasthan-are-considered-very-sensitive-after-indo-pak/article-114185"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/rtrer82.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान के 10 जिलों में इवेक्युएशन प्लान तैयार किया जाएगा। इसके लिए सिविल डिफेंस निदेशालय ने निर्देश दिए हैं। भारत-पाकिस्तान सीजफायर के बाद इन जिलों को अति संवेदनशील माना गया है। भारत-पाकिस्तान के बीच पिछले दिनों हुए तनाव की स्थिति को देखते हुए गृह मंत्रालय ने राजस्थान में सुरक्षा व्यवस्था के विशेष इंतजाम करने के आदेश दिए हैं। इन आदेशों के तहत सरकार ने बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर, गंगानगर, जोधपुर, जयपुर, अलवर, भरतपुर, कोटा और अजमेर को भी हवाई हमलों के नजरिए से संवेदनशील माना है। इन जिलों में प्रमुख स्थानों पर इलेक्ट्रिक सायरन लगाने के निर्देश दिए हैं। जो सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल रूम से ऑपरेट होंगे।</p>
<p>सिविल डिफेंस निदेशालय से जारी गाइडलाइन में इसका जिक्र किया गया है। प्रमुख स्थानों के अलावा औद्योगिक क्षेत्र में बनी कंपनियों, फैक्ट्रियों, रेलवे स्टेशनों और अन्य जगहों पर लगे सायरनों को भी उपयोग में लेने के लिए कहा है। इसी तरह सीमावर्ती जिलों बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर, गंगानगर, जोधपुर और जयपुर में बने एयरफोर्स स्टेशनों को सिविल डिफेंस कंट्रोल सेंटर्स से हॉटलाइन के जरिए भी कनेक्ट करने के लिए कहा है। इससे हवाई हमलों के संबंध में तुरंत चेतावनी मिल सके और शहरों में अलर्ट भेजा जा सके।</p>
<p><strong>आश्रय स्थल किए चिह्नित </strong><br />सिविल डिफेंस निदेशालय ने इन सभी 10 जिलों के कलेक्टर्स को खतरे और हवाई हमले से बचाव के लिए इवेक्युएशन (खतरे से बाहर निकालना) प्लान भी तैयार करने के निर्देश दिए है। इसमें हवाई हमले और खतरे के समय आमजन के साथ पशुओं को खतरे वाले स्थानों से निकालकर सुरक्षित जगह ले जा सके। इन आश्रय स्थलों के तौर पर स्कूल, कॉलेज, सामुदायिक केन्द्रों की बिल्डिंगों को चिह्नित किया जाए। इनके अलावा बड़ी बिल्डिंगों में बने बेसमेंट, अंडरग्राउंड पार्किंग को भी आश्रय स्थल के तौर पर चिह्नित किया जा सकता है।</p>
<p><strong>उपखंड स्तर पर कंट्रोल बनेगा रूम </strong><br />खतरे के समय आपदाओं से निपटने के लिए कंट्रोल रूम भी जिला या उपखंड स्तर पर बनाने के आदेश दिए है। इसमें रेस्क्यू करने वाले वाहनों को रखने, सभी कर्मचारियों जानकारी रखने के अलावा अन्य संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 15 May 2025 13:12:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
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                <title>भारत-पाक तनाव को लेकर लाइफ लाइन की सुरक्षा पर जोर : बीसलपुर पाइप लाइनों की सुरक्षा के लिए विशेष पेट्रोलिंग शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[सूत्रों ने बताया कि इसी तरह बीसलपुर से जयपुर तक की करीब 120 किलोमीटर लम्बी पाइप लाइन की भी विशेष पेट्रोलिंग हो रही है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/emphasis-on-safety-of-lifeline-on-indo-pak-tension/article-113633"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-08/jal-bhawan-jaipur.png" alt=""></a><br /><p>अजमेर। जलदाय विभाग ने बीसलपुर बांध से जयपुर, अजमेर व टोंक तक पानी की आपूर्ति करने वाली पाइप लाइनों की सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए गश्त बढ़ा दी है। वर्तमान में बीसलपुर अजमेर व जयपुर ट्रांसमिशन सिस्टम का संचालन और रखरखाव करने वाली निजी फर्मों की टीमें लाइनों की विशेष पेट्रोलिंग कर रही हैं। इधर, विभागीय कर्मचारियों को भी पाइप लाइनों के आसपास किसी भी संदिग्ध गतिविधि या व्यक्ति दिखाई देने पर इसकी तुरन्त सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं। यूं तो गर्मियों में इन जिलों में सुचारू पेयजल व्यवस्था के मद्देनजर पाइप लाइनों की निरन्तर गश्त की जाती है। जिससे की कोई लाइन से पानी चोरी न करें और न ही इसे तोड़ें। लेकिन वर्तमान में भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव और युद्ध के हालात के मद्देनजर बुनियादी ढांचे और सुविधाओं के संरक्षण के लिए प्रदेश सरकार के निर्देश पर पाइप लाइनों की सुरक्षा को लेकर विशेष गश्त की जा रही है। पेट्रोलिंग टीमों की संख्या भी बढ़ाई गई है। साथ ही मुख्य पम्पिंग हाउसों पर सुरक्षा और सतर्कता को बढ़ाया गया है। जहां से पानी विभिन्न गंतव्यों तक पहुंचाया जाता है। </p>
<p><strong>बीसलपुर बांध पर भी विशेष निगरानी</strong><br />सूत्रों का कहना है कि पेट्रोलिंग टीमें पाइप लाइनों के आसपास किसी भी संदिग्ध गतिविधि या व्यक्तियों पर नजर बनाए हुए हैं। इसे लेकर खास सतर्कता बरती जा रही है। अधिकारियों ने टीमों को पाबंद किया है कि ऐसी किसी संदिग्ध गतिविधि या व्यक्ति की सूचना तुरन्त दें और पास के पुलिस थाने से सम्पर्क करें। इधर, बीसलपुर बांध सिंचाई विभाग के अधीन है। सूत्रों ने बताया कि वर्तमान परिस्थिति के मद्देनजर बांध की भी विशेष निगरानी और सुरक्षा को बढ़ाया गया है।</p>
<p><strong>पाइप लाइनों की 24 घंटे पेट्रोलिंग</strong></p>
<p>जलदाय विभाग के अतिरिक्त मुख्य अभियंता (क्षेत्र) रामचन्द्र राड ने बताया कि बीसलपुर बांध से अजमेर तक करीब 125 किलोमीटर लम्बी लाइन आ रही है और बीसलपुर, थडौली, केकड़ी, गोयला व नसीराबाद के मुख्य पम्पिंग स्टेशन हैं। सिस्टम का संचालन और रखरखाव करने वाली निजी फर्म के 28 कर्मचारी 24 घंटे इस लाइन की विशेष गश्त कर रहे हैं। हर आठ किलोमीटर तक की लाइन पर दुपहिया और चारपहिया वाहनों से टीम पेट्रोलिंग कर रही है। पेट्रोलिंग टीमों में विभाग के इंजीनियर्स और कर्मचारी भी शामिल हैं। सूत्रों ने बताया कि इसी तरह बीसलपुर से जयपुर तक की करीब 120 किलोमीटर लम्बी पाइप लाइन की भी विशेष पेट्रोलिंग हो रही है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>अजमेर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 10 May 2025 11:42:10 +0530</pubDate>
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