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                <title> india pakistan war - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description> india pakistan war RSS Feed</description>
                
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                <title>पाक की नापाक हरकत : सीमा पर तारों की फेंसिंग की तो आसमां के माध्यम से जहर फैला रहा है पाकिस्तान, बढ़ती ड्रोन से तस्करी</title>
                                    <description><![CDATA[ड्रोन के माध्यम से सीमा पार से होने वाली तस्करी एक बड़ी चुनौती है और यह सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा खतरा उत्पन्न करने में सक्षम है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/pakistans-nefarious-act-of-fencing-of-stars-on-the-border/article-127841"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/pak.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। भारत-पाकिस्तान सीमा पर खतरे का नया चेहरा उभर कर सामने आ रहा है। पाकिस्तान अब गोलियों या बारूदी सुरंगों से नहीं बल्कि ड्रोन के जरिए नशे की खेपें गिराकर भारत की सुरक्षा और समाज को चोट पहुंचाने की नापाक साजिश रच रहा है। पिछले तीन सालों में सुरक्षा एजेसियों ने 60 ड्रोन पकड़े हैं, जो गंगानगर और बीकानेर सेक्टर से सबसे ज्यादा सक्रिय रहे। इनसे बरामद हुई 150 किलो हेरोइन की कीमत 75 करोड़ रुपए आंकी गई है। सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि यदि यह सिलसिला नशे तक सीमित नहीं रहा और हथियारों की सप्लाई में बदल गया, तो यह सीधे भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा और आंतरिक शांति पर हमला होगा।</p>
<p><strong>यह कोई मामूली अवैध कारोबार नहीं</strong><br />ड्रोन से 150 किलो हेरोइन गिराने और उसके नेटवर्क की जड़ें बताती हैं कि इन ड्रोन अभियानों के पीछे संगठित तस्करी रहित संगठन संभावित आतंकवादी सहायता या राज्य-स्तरीय प्रयोग की आशंका भी खड़ी हो सकती है। जब नशे की खेपें सीमा पार से इतनी सहजता से घुसपाती हों तो अगला चरण हथियार सप्लाई का हो सकता है। </p>
<p><strong>भारत-पाक सीमा पर दबाव</strong><br />भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा की लंबाई 1070 किमी है। पाकिस्तान के दो राज्य लगते हैं पंजाब और सिंध। बाड़मेर और आधा जैसलमेरकी सीमाएं पाकिस्तान के सिंध से लगती हैं और बाकी पाकिस्तान के पंजाब से लगती हैं। राजस्थान के जिले गंगानगर में 210 किमी, बीकानेर में 168 किमी, फलोदी में 16 किमी, जैसलमेर में 450 किमी और बाड़मेर में 228 किमी सीमा पाकिस्तान से सटी है। सबसे ज्यादा ड्रोन गतिविधि गंगानगर व बीकानेर में रही। बताया गया कि शुरूआत में ड्रोन कुछ ही किलो वजन उठाने वाले ड्रोन थे लेकिन अब भारी ड्रोन आते हैं, जो 8-10 किलो वजन उठाकर ले जा सकते हैं। </p>
<p><strong>गर्मियों में ड्रोन की आवाजाही तेज</strong><br />सूत्रों के अनुसार पाकिस्तान की ओर से सबसे ज्यादा ड्रोन मई, जून, जुलाई और अगस्त के महीनों में भेजे जाते हैं। इन दिनों फसलें नहीं होने से खुले खेतों के ऊपर से ड्रोन उड़ाकर खेप गिराना आसान होता है। वहीं सर्दियों में जब खेतों में फसलें खड़ी होती हैं तब ड्रोन की गतिविधि अपेक्षाकृत कम रहती है।</p>
<p><strong>कैसे करते हैं ऑपरेट</strong><br />भारत में बैठा हुआ गुर्गा सही लोकेशन पाकिस्तान में बैठे अपने आका को भेजता है। आका उसी लोकेशन को फीड करके तस्करी के साथ ड्रोन से सामान वहां उतार देता है। स्थानीय गुर्गा उसे छिपाकर रख लेता है फिर मुख्य तस्कर आते हैं और माल लेकर पंजाब चले जाते हैं। आशंका जताई जाती है कि इस माल का भुगतान क्रिप्टोकरंसी, बिटकॉइन, यूएसडीटी या अन्तरदेशी हवाला से किया जाता है। </p>
<p><strong>साल दर साल बढ़ती तस्करी</strong><br />2022 में 7 ड्रोन से गिराई हेरोइन पकड़ी गई<br />2023 में 21 ड्रोन से खेप बरामद हुई<br />2024 में 24 ड्रोन पकड़ाए<br />2025 अब तक 8 ड्रोन से हेरोइन जब्त</p>
<p>ड्रोन के माध्यम से सीमा पार से होने वाली तस्करी एक बड़ी चुनौती है और यह सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा खतरा उत्पन्न करने में सक्षम है। हमारे पास तकनीक, रणनीति एवं अन्तर इकाई समन्वय के माध्यम से सफलता पूर्वक निपटने की तैयारी है। <br />विकास कुमार, <br />आईजी एटीएस व एनटीएफ </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 25 Sep 2025 11:46:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>परमाणु युद्ध का असर भारत और पाकिस्तान तक सीमित नहीं रहेगा : बिलावल भुट्टो</title>
                                    <description><![CDATA[आतंकिस्तान बन चुके पाकिस्तान के नेता ने दावा किया, पाकिस्तान आतंकवाद के सबसे बड़े पीड़ितों में शामिल है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/the-impact-of-nuclear-war-will-not-be-limited-to/article-114953"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/rtroer-(6).png" alt=""></a><br /><p>इस्लामाबाद। ऑपरेशन सिंदूर के बाद दुनिया को पाकिस्तान का झूठ बताने निकले पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी ने विश्व समुदाय को परमाणु युद्ध के नाम से डराने की कोशिश की है। भारत के खिलाफ अक्सर जहर उगलने वाले बिलावल ने बुधवार को चेतावनी दी कि भारत और पाकिस्तान के बीच अगर परमाणु युद्ध होता है तो इसका विनाशकारी असर पूरे क्षेत्र और उसके बाहर भी होगा। भारत के शशि थरूर समेत कई नेताओं के दुनियाभर में प्रतिनिधिमंडल भेजने के ऐलान के बाद पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ ने भी बिलावल भुट्टो को दुनिया के प्रमुख देशों के दौरे पर रवाना किया है। अब बिलावल भुट्टो रवाना होने से ठीक पहले परमाणु बम की गीदड़भभकी देने में जुट गए हैं। बिलावल के साथ शेर रहमान और पूर्व विदेश राज्य मंत्री हिना रब्बानी खर भी उनके साथ मौजूद रहेंगी। पाकिस्तानी विशेषज्ञों का कहना है कि शशि थरूर के सामने बिलावल भुट्टो की पोल खुल जाएगी। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने उन्हें क्या झूठा दुष्प्रचार भारत के खिलाफ करना है, इसकी ट्रेनिंग दी है। बिलावल ने कहा कि उन्हें विदेश मंत्रालय की ओर से सीजफायर, कश्मीर, आतंकवाद और सिंधु जलसंधि पर हमले के बारे में जानकारी दी गई है। आतंकिस्तान बन चुके पाकिस्तान के नेता ने दावा किया, पाकिस्तान आतंकवाद के सबसे बड़े पीड़ितों में शामिल है।</p>
<p><strong>बिलावल का क्या है प्लान?</strong><br />बिलावल भुट्टो ने कहा कि हमने देखा है कि कैसे एक आतंकी हमले के बाद दोनों देश परमाणु युद्ध के करीब आ गए थे। उन्होंने कहा कि जब तक कश्मीर, आतंकवाद और पानी का मुद्दा सुलझ नहीं जाता शांति नहीं होगी। पीपीपी नेता ने आरोप लगाया कि भारत पानी को हथियार बना रहा है। उन्होंने कहा कि मैं दुनियाभर के देशों को बताऊंगा कि कैसे भारत और पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध का असर इस इलाके से आगे तक होगा। इससे पहले पाकिस्तान की सरकार ने सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर की भारत के साथ हालिया सैन्य संघर्ष में भूमिका के लिए उन्हें मंगलवार को पदोन्नत कर फील्ड मार्शल बनाने का फैसला किया था।</p>
<p>इसी के साथ जनरल मुनीर देश के इतिहास में इस पद पर पदोन्नत होने वाले दूसरे शीर्ष सैन्य अधिकारी बन जाएंगे। आधिकारिक बयान के मुताबिक, मुनीर को पदोन्नत करने का फैसला प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया। जनरल अयूब खान के बाद मुनीर पाकिस्तान में सर्वोच्च सैन्य पद पर पदोन्नत होने वाले पहले जनरल हैं। जनरल खान को 1959 में फील्ड मार्शल का पद दिया गया था। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने कहा, पाकिस्तान सरकार ने देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उच्च रणनीति एवं साहसी नेतृत्व के आधार पर दुश्मन को हराने के लिए जनरल आसिम मुनीर (निशान-ए-इम्तियाज मिलिट्री) को फील्ड मार्शल के पद पर पदोन्नत करने को मंजूरी दे दी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 22 May 2025 10:51:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत-पाक सीजफायर के बाद पीएम मोदी की बीकानेर में पहली सभा : 26 हजार करोड़ की योजना का करेंगे शिलान्यास-लोकार्पण</title>
                                    <description><![CDATA[नाल एयरबेस पर सेना के जवानों से भी मिलने जा सकते हैं, देशनोक में करणी माता मंदिर में करेंगे पूजा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/after-the-indo-pak-ceasefire-pm-modis-first-meeting-in-bikaner/article-114937"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/rtroer5.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर/बीकानेर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया बीकानेर का दाैरा। वे यहां देश भर की 26 हजार करोड़ रुपए की लागत वाली विभिन्न परियोजनाओं का शिलान्यास-उद्घाटन करेेंगे। सीजफायर के बाद वे आदमपुर एयरबेस भी जा चुके हैं। देशनोक में करणी माता मंदिर के दर्शन कर पूजा अर्चना की। सीएम भजनलाल शर्मा भी उनके साथ रहेंगे। इसके बाद पलाना गांव में उनकी बड़ी सभा होगी। भारत-पाक सीजफायर के बाद पीएम नरेन्द्र मोदी की यह पहली सभा है। ऐसे में इसकी खास अहमियत है। ऐसे में इसकी तैयारियों को लेकर भाजपा और सरकार बीते कई दिनों से जुटे हैं। सभा में प्रदेशभर से लोग आएंगे। सभा की तैयारियों को लेकर बुधवार शाम को सीएम बीकानेर पहुंच गए। यहां पलाना गांव में सभा स्थल का दौरा कर जायजा लिया। मुख्य सचिव सुधांश पंत भी सभा स्थल गए। उनके साथ भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़, केन्द्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी, अशोक परनामी सहित कई नेता मौजूद रहे।</p>
<p><strong>103 अमृत स्टेशनों का करेंगे उद्घाटन, बीकानेर-मुंबई एक्सप्रेस ट्रेन को दिखाएंगे हरी झंडी </strong><br />पीएम अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकसित देशनोक रेलवे स्टेशन का दौरा करेंगे तथा बीकानेर-मुंबई एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत प्रधानमंत्री द्वारा 1100 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से 103 अमृत रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन करेेंगे जिसमें राजस्थान के 8 रेलवे स्टेशन फतेहपुर शेखावाटी, देशनोक, बूंदी, मांडलगढ़, गोगामेड़ी, राजगढ़, गोविंदगढ़, मंडावर-महुआ रोड शामिल हैं। भारतीय रेलवे अपने नेटवर्क के 100 प्रतिशत विद्युतीकरण की ओर बढ़ रहा है। मोदी 58 किमी की चूरू-सादुलपुर रेल लाइन की आधारशिला रखेंगे। 336 किमी की सूरतगढ़-फलोदी,  109 किमी  की फुलेरा-डेगाना, 210 किमी की उदयपुर-हिम्मतनगर, 157 किमी की फलोदी-जैसलमेर, 129 किमी की समदड़ी-बाड़मेर, रेल लाइन विद्युतीकरण को राष्टÑ को समर्पित करेंगे। </p>
<p><strong>ये परियोजनाएं भी शुरू करेंगे</strong><br />मजबूत सड़क तंत्र से सेना का बॉर्डर पर आवागमन तेजी से हो सकेगा<br />प्रधानमंत्री सड़क अवसंरचना को बढ़ावा देने के लिए पुष्कर में एनएच-58 पर 3 वाहन अंडरपास के निर्माण तथा एनएच-11, एनएच-70, जैसलमेर से म्याजलार की सड़कों के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण की आधारशिला रखेंगे। साथ ही राजस्थान में लगभग 4850 करोड़ की 7 सड़क परियोजनाओं को भी समर्पित करेंगे। इनसे आवागमन सुगम हो सकेगा। साथ ही विभिन्न विद्युत परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे जिनमें नीपको 300 मेगावाट ग्राउंड माउंटेड सौर परियोजना बीकानेर,  एसजेवीएन 100 मेगावाट सौर ऊर्जा परियोजना नावा, डीडवाना तथा कुचामन की सौर परियोजनाएं शामिल हैं। साथ ही पार्ट बी पावरग्रिड सिरोही ट्रांसमिशन लिमिटेड और पार्ट ई पावरग्रिड मेवाड़ ट्रांसमिशन लिमिटेड के विद्युत निकासी के लिए ट्रांसमिशन प्रणाली का शिलान्यास भी किया जाएगा। तीन विद्युत परियोजनाओं का उद्घाटन भी करेंगे जिनमें पावर ग्रिड नीमच ट्रांसमिशन सिस्टम लिमिटेड तथा बीकानेर कॉम्प्लेक्स की विद्युत निकासी के लिए ट्रांसमिशन प्रणाली शामिल है।</p>
<p>फतेहगढ़-द्वितीय विद्युत स्टेशन में परिवर्तन क्षमता के विस्तार का उद्घाटन भी किया जाएगा। इससे कार्बन उत्सर्जन को कम करने में मदद मिलेगी। प्रदेश में कलासर सौर ऊर्जा परियोजना 500 मेगावाट की आधारशिला रखेंगे और शिंभू का भुर्ज सौर ऊर्जा परियोजना की 300 मेगावाट इकाई का उद्घाटन करेंगे। 3240 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से 757 किलोमीटर की लंबाई के 12 राज्य राजमार्गों का उन्नयन और रखरखाव के लिए विभिन्न परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। इनमें मांगलियावास-पदुकलां स्टेट हाइवे 102, ब्यावर-टेहला-अलनियावास स्टेट हाइवे-59 और स्टेट हाइवे- 104, दांतीवाड़ा-पीपाड़-मेड़ता सिटी स्टेट हाइवे 21 शामिल हैं। गोटन-साथिन राजमार्ग के साथ 900 किमी के नए राजमार्ग शामिल किए जाएंगे। राजसमंद, प्रतापगढ़, भीलवाड़ा, धौलपुर में नए नर्सिंग कॉलेजों का उद्घाटन करेंगे। 132 केवी जीएसएस राजपुरा, बीकानेर और 132 केवी जीएसएस सरदा, उदयपुर की विद्युत अवसंरचना परियोजनाओं का उद्घाटन भी करेंगे।  अमृत-दो के तहत झुंझुनू जिले के लिए ग्रामीण जल आपूर्ति और फ्लोरोसिस शमन परियोजनाए में पाली जिले के 7 शहरों के लिए शहरी जल आपूर्ति योजनाओं के पुनर्गठन सहित विभिन्न जल बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का शिलान्यास भी करेंगे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बीकानेर</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 22 May 2025 10:06:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>भारत और पाक के बीच बढ़ते तनाव के चलते बदले मिठाइयों के नाम</title>
                                    <description><![CDATA[अधिकतर मिठाई विक्रेताओं ने अपने उत्पादों के नामों में यह बदलाव किया है।  ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/names-of-sweets-changed-due-to-increasing-tension-between-india/article-114941"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/rtroer6.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव का असर भारत में मिठाइयों के नाम पर दिखा। राजस्थान के जयपुर शहर में मिठाई की दुकानों में मिठाइयों के नाम से 'पाक' शब्द हटा दिया गया है। दुकानों पर देशभक्ति से जुड़े नए नामों का प्रचलन। जिन मिठाइयों के नाम में 'पाक' शब्द शामिल था, उन्हें अब हटा दिया है।</p>
<p>मोती पाक, आम पाक, मैसूर पाक और गोंद पाक जैसी मिठाइयों के नाम बदलकर मोती श्री, आम श्री, मैसूर श्री और गोंद श्री कर दिए गए हैं।स्वर्ण भस्म पाक को अब स्वर्ण भस्म श्री के नाम से जाना जा रहा है। अधिकतर मिठाई विक्रेताओं ने अपने उत्पादों के नामों में यह बदलाव किया है।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 22 May 2025 09:45:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>‘ऑपरेशन सिन्दूर’ अभी पूरा नहीं हुआ, कुछ समय के लिए रोका गया : सेना</title>
                                    <description><![CDATA[ब्रिग्रेडयर महाजन ने कहा कि हमने प्रतिक्रिया देने के लिए इंतजार नहीं किया, हमने हमले का जवाब देने के लिए तैयारी की। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/operation-sindoor-is-not-yet-completed-army-stopped-for-some/article-114809"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/rtrer-(6)8.png" alt=""></a><br /><p>जम्मू। भारतीय सेना ने मंगलवार को कहा कि पुुंछ ब्रिग्रेड ऑपरेशन सिन्दूर का सिर्फ हिस्सा ही नहीं रही बल्कि इसमें उसकी प्रमुख भूमिका रही थी। पुंछ ब्रिगेड के कमांडर ब्रिगेडियर मुदित महाजन ने मंगलवार को कहा कि जैसा कि आप जानते हैं, पुंछ ब्रिगेड नियंत्रण रेखा के पार से पाकिस्तान द्वारा बिना किसी उकसावे के किए गए हमलों को रोकने के लिए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान गहन और निरंतर अभियानों में लगी हुई थी। ब्रिगेडियर महाजन ने कहा कि ऑपरेशन सिन्दूर अभी पूरा नहीं हुआ है, यह कुछ समय के लिए रोका या है और फिर से चुनौती मिली तो भारतीय सेना सतर्क और तैयार है। हम एक बार फिर शब्दों से नहीं, बल्कि अपने संकल्प के साथ मुंहतोड़ जवाब देंगे।  </p>
<p><strong>पाक ने हमारे नागरिक क्षेत्रों को निशाना बनाया</strong><br />ब्रिगेडियर महाजन ने कहा कि जब पाकिस्तानी सेना ने नागरिक क्षेत्रों को अंधाधुंध तरीके से निशाना बनाना शुरू किया, तब भारतीय सशस्त्र बलों ने निर्णायक रूप से उनके सैन्य ठिकानों पर हमला करना शुरू किया। जब दुश्मन ने ड्रोन हमलों का नया खतरा पैदा किया, तो यह सेना की वायु रक्षा ही थी, जो वास्तव में एक ढाल के रूप में उभरी, जिसने हर हवाई खतरे को रोकने के लिए असाधारण कौशल, लचीलापन और अत्याधुनिक समन्वय का प्रदर्शन किया और हमारे सैनिकों और क्षेत्र की अति सतर्कता और वीरता के साथ रक्षा की।</p>
<p><strong>पुंछ ब्रिगेड ‘ऑपरेशन सिन्दूर’ का दिल था</strong><br />ब्रिग्रेडयर महाजन ने कहा कि हमने प्रतिक्रिया देने के लिए इंतजार नहीं किया, हमने हमले का जवाब देने के लिए तैयारी की। तैयारी इस हद तक की, मैं कहूंगा कि पुंछ ब्रिगेड ‘ऑपरेशन सिन्दूर’ का हिस्सा नहीं, बल्कि उसका दिल था।</p>
<p><strong>हमारा ध्यान आतंकवादी ढांचों को ध्वस्त करने पर रहा</strong><br />उन्होंने कहा कि पहलगाम में पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित आतंकवादी हमले का भारतीय सशस्त्र बलों ने सोची-समझी प्रतिक्रिया के साथ मुकाबला किया, जिसमें शुरुआत में केवल आतंकवादी बुनियादी ढांचों को ध्वस्त करने पर ही ध्यान केंद्रित किया गया। सेना ने बड़ी सटीकता और निर्धारित उद्देश्य के साथ हमला किया। जिन नौ महत्वपूर्ण आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया गया, उनमें से छह पुंछ, राजौरी और अखनूर के विपरीत दिशा में थे और उन्हें उसी रात पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया गया।</p>
<p><strong>पाक का तो मनोबल भी टूट गया</strong><br />उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर पाकिस्तानी सेना की क्षति सिर्फ संख्या में नहीं बल्कि उसके मनोबल को तोड़ने में भी हुई है। ब्रिगेडियर महाजन ने कहा कि आज पाकिस्तानी अपने देश के सामने अपना विश्वास खो चुके है। हमें जो जानकारी मिली है, दुश्मन देश को भारी नुकसान हुआ है। प्रत्येक बीतते दिन के साथ संख्या बढ़ती जा रही है, क्योंकि हमारी खुफिया एजेंसियां इन सूचनाओं की पुष्टि और सत्यापन के लिए काम कर रही हैं।</p>
<p><strong>स्वर्ण मंदिर में वायु रक्षा प्रणाली तैनात नहीं की गई: सेना</strong><br />ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की जवाबी कार्रवाई के मद्देनजर अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में वायु रक्षा प्रणाली तैनात किए जाने को लेकर आ रही परस्पर विरोधाभासी खबरों के बीच सेना ने स्पष्ट किया है कि इस पवित्र धार्मिक स्थल पर किसी भी तरह की वायु रक्षा प्रणाली तैनात नहीं की गई थी। सेना ने मंगलवार को कहा कि मीडिया की रिपोर्ट में स्वर्ण मंदिर में वायु रक्षा प्रणाली तैनात किए जाने की बात सामने आई हैं। सेना ने स्पष्ट किया कि स्वर्ण मंदिर में किसी भी तरह की वायु रक्षा प्रणाली या अन्य रक्षा प्रणाली तैनात नहीं की गई थी।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 21 May 2025 09:36:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>हमने शुरू से ही पाक को संदेश दिया था कि हमारा निशाना आतंकवादी ढांचा है, न कि उनकी सेना : एस जयशंकर</title>
                                    <description><![CDATA[भारत और पाकिस्तान के बीच गोलीबारी और सैन्य कार्रवाई बंद करने पर विदेश मंत्री ने कहा कि यह स्पष्ट है कि गोलीबारी बंद करने की मांग कौन कर रहा था। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/we-had-given-a-message-to-pakistan-from-the-beginning/article-114314"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-12/s-jaishankar11.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने हालिया भारत-पाकिस्तान संघर्ष पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि इस संघर्ष में चीन की सैटेलाइट ने पाकिस्तान की मदद की। लेकिन दुनिया से हमें काफी समर्थन मिला। उन्होंने ये भी साफ कर दिया कि पाकिस्तान के साथ बातचीत केवल द्विपक्षीय होगी। उन्होंने कहा, कहा कि पाकिस्तान से केवल द्विपक्षीय बात होगी ये राष्ट्रीय सहमति है। जयशंकर ने कहा कि भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए आतंकवादी ढांचे को नष्ट करने के अपने लक्ष्य हासिल कर लिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि हमने शुरू से ही पाकिस्तान को संदेश दिया था कि हमारा निशाना आतंकवादी ढांचा है, न कि उनकी सेना। लेकिन पाकिस्तान ने इस सलाह को नजरअंदाज किया। 10 मई की सुबह पाकिस्तान को भारी नुकसान हुआ, जिसकी पुष्टि सैटेलाइट तस्वीरों से हुई। भारत और पाकिस्तान के बीच गोलीबारी और सैन्य कार्रवाई बंद करने पर विदेश मंत्री ने कहा कि यह स्पष्ट है कि गोलीबारी बंद करने की मांग कौन कर रहा था। </p>
<p>उन्होंने कहा कि हमने आतंकवादी ढांचे को नष्ट करके जो लक्ष्य निर्धारित किए थे, उन्हें हासिल कर लिया है। चूंकि प्रमुख लक्ष्य हासिल कर लिए गए थे, इसलिए मुझे लगता है कि हमने उचित रूप से यह रुख अपनाया, क्योंकि ऑपरेशन की शुरूआत में ही हमने पाकिस्तान को यह संदेश भेज दिया था कि हम आतंकवादी ढांचे पर हमला कर रहे हैं, न कि सेना पर और सेना के पास यह विकल्प है कि वह अलग खड़ी रहे और हस्तक्षेप न करे। उन्होंने उस अच्छी सलाह को न मानने का फैसला किया। एक बार 10 मई की सुबह उन्हें बुरी तरह से नुकसान पहुंचा। सैटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि हमने कितना नुकसान किया और उन्होंने कितना कम नुकसान किया। यह स्पष्ट है कि गोलीबारी बंद करने की मांग कौन कर रहा था।</p>
<p><strong>द्विपक्षीय बातचीत पर जोर</strong><br />विदेश मंत्री ने दोहराया कि पाकिस्तान के साथ बातचीत केवल द्विपक्षीय होगी। उन्होंने कहा कि यह वर्षों से राष्ट्रीय सहमति है। बातचीत का विषय केवल आतंकवाद होगा। पाकिस्तान को आतंकवादियों की सूची सौंपनी होगी और उनके बुनियादी ढांचे को बंद करना होगा।</p>
<p><strong>सिंधु जल संधि स्थगित रहेगी</strong><br />जयशंकर ने कहा कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को पूरी तरह नहीं रोकता, तब तक सिंधु जल संधि स्थगित रहेगी। उन्होंने यह भी जोड़ा कि कश्मीर पर एकमात्र चर्चा पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर को खाली करने की होगी। अंतरराष्ट्रीय समर्थन की सराहना विदेश मंत्री ने बताया कि भारत को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान व्यापक अंतरराष्ट्रीय समर्थन मिला। उन्होंने होंडुरास दूतावास के उद्घाटन पर कहा, होंडुरास ने पहलगाम आतंकवादी हमले के समय मजबूत एकजुटता दिखाई, जो हमारे लिए महत्वपूर्ण है। भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता पर क्या बोले विदेश मंत्री विदेश मंत्री ने भारत और अमेरिका के बीच चल रही व्यापार वार्ता पर कहा, ये जटिल वातार्एं हैं। जब तक सब कुछ तय नहीं हो जाता, तब तक कुछ भी तय नहीं होता। कोई भी व्यापार सौदा परस्पर लाभकारी होना चाहिए; इसे दोनों देशों के लिए कारगर होना चाहिए। व्यापार सौदे से हमारी यही अपेक्षा होगी। जब तक ऐसा नहीं हो जाता, इस पर कोई भी निर्णय लेना जल्दबाजी होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 16 May 2025 12:23:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत-पाक युद्धविराम पर बयान से पलटे अमेरिकी राष्ट्रपति : मैं ये नहीं कह रहा मैंने भारत-पाक के बीच जंग रुकवाई- ट्रम्प</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्टपति ट्रम्प ने एपल के सीईओ टिम कुक से कहा है कि भारत में फैक्ट्रियां लगाने की जरूरत नहीं है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/i-am-not-saying-that-i-am-not-saying-this/article-114277"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/donald-trump.png" alt=""></a><br /><div class="PZPZlf ssJ7i B5dxMb">वाशिंगटन। भारत-पाकिस्तान के बीच हुए युद्धविराम पर अपनी भूमिका को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने बयान से पलट गए हैं। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने दोनों देशों के बीच तनाव को शांत करने में मदद की थी, लेकिन साथ ही यह भी जोड़ा कि वह सीधे तौर पर यह नहीं कहना चाहते कि उन्होंने मध्यस्थता की। एक कार्यक्रम के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि मैं ये नहीं कह रहा कि मैंने मध्यस्थता की, लेकिन मैंने उस समस्या को हल कराने में मदद की, जो भारत और पाकिस्तान के बीच पिछले सप्ताह और भी ज़्यादा खतरनाक हो रही थी। गौरतलब है कि भारत-पाकिस्तान के बीच 10 मई को युद्धविराम का ऐलान हुआ था। इसे लेकर ट्रंप ने ट्वीट किया था कि मैं यह घोषणा करते हुए काफी खुशी महसूस कर रहा हूं कि भारत और पाकिस्तान ने पूर्ण और तत्काल संघर्षविराम पर सहमति जताई है। दोनों देशों को सामान्य समझदारी और श्रेष्ठ बुद्धिमत्ता का परिचय देने के लिए बधाई।   </div>
<p><strong>मैं नहीं चाहता एपल प्रोडक्ट भारत में बनें</strong><br /><strong>भारत ने हमें ट्रेड में जीरो टैरिफ डील की पेशकश की</strong><br />अमेरिकी राष्टपति ट्रम्प ने एपल के सीईओ टिम कुक से कहा है कि भारत में फैक्ट्रियां लगाने की जरूरत नहीं है। मैं नहीं चाहता हूं कि एपल के प्रोडक्ट वहां बनाएं। इंडिया अपना ख्याल खुद रख सकता है। इस बातचीत की जानकारी ट्रम्प ने गुरुवार को दोहा में बिजनेस लीडर्स के साथ कार्यक्रम में दी। उन्होंने कहा कि भारत ने हमें ट्रेड में जीरो टैरिफ डील की पेशकश की है। भारत हमसे ट्रेड में कोई चार्ज नहीं लेने को तैयार है।</p>
<p><strong>अंबानी ने ट्रंप से की मुलाकात </strong><br />दोहा। रिलायंस उद्योग के अध्यक्ष मुकेश अंबानी ने गुरुवार को दोहा में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और कतर अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी से मुलाकात की। रात्रिभोज के दौरान हालांकि कोई औपचारिक चर्चा नहीं की गई, लेकिन अंबानी को ट्रम्प और अमेरिकी वाणिज्य सचिव स्टीव लुटनिक के साथ बातचीत करते देखा गया। ट्रम्प ने कतर में ऐतिहासिक 1.2 लाख करोड़ डॉलर के आर्थिक साझेदारी करने का वादा किया। जिसमें अमेरिका और कतर की कंपनियों के बीच 243.5 अरब डॉलर से अधिक के नए सौदे शामिल हैं। प्रमुख समझौतों में कतर एयरवेज से बोइंग और जीई एयरोस्पेस के लिए 96 अरब डॉलर का विमान ऑर्डर, मैकडरमॉट के साथ महत्वपूर्ण ऊर्जा अवसंरचना परियोजनाएं और पार्सन्स द्वारा अर्जित किया गया 97 अरब डॉलर का पोर्टफोलियो शामिल है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 16 May 2025 10:19:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ऑपरेशन सिंदूर : आधुनिक युद्ध में एक निर्णायक जीत</title>
                                    <description><![CDATA[भारत ने ऑपरेशन सिंदूर को पूरी तरह से समाप्त घोषित नहीं किया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/operation-sindoor-a-decisive-victory-in-modern-war/article-114211"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/rtrer-(7)6.png" alt=""></a><br /><p>भारत ने ऑपरेशन सिंदूर को पूरी तरह से समाप्त घोषित नहीं किया है। अभी जो मौजूद है, वह ऑपरेशन में एक संवेदनशील ठहराव है- कुछ लोग इसे युद्ध विराम कह सकते हैं, लेकिन सैन्य नेतृत्व ने जानबूझकर इस शब्द से परहेज किया है। युद्ध लड़ने के दृष्टिकोण से, यह केवल एक विराम नहीं है; यह एक दुर्लभ और स्पष्ट सैन्य जीत के बाद एक रणनीतिक पकड़ है।</p>
<p>केवल चार दिनों की सुविचारित सैन्य कार्रवाई के बाद, यह वस्तुनिष्ट रूप से निर्णायक है : भारत ने एक बड़ी जीत हासिल की। ऑपरेशन सिंदूर ने अपने रणनीतिक लक्ष्यों को पूरा करने और उससे आगे निकलने में सफल रहा है- आतंकवादी ढांचे को नष्ट करना, सैन्य श्रेष्ठता का प्रदर्शन करना, निवारक क्षमता बहाल करना और एक नए राष्ट्रीय सुरक्षा सिद्धांत का सामने आना। यह प्रतीकात्मक शक्ति नहीं थी। यह निर्णायक शक्ति थी, जिसे स्पष्ट रूप से प्रयोग में लाया गया था।</p>
<p>भारत पर हमला हुआ। 22 अप्रैल, 2025 को जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में 26 भारतीय नागरिक, जिनमें ज्यादातर हिंदू पर्यटक थे का नरसंहार कर दिया गया। पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा के एक सहयोगी संगठन, द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने इसकी जिम्मेदारी ली। जैसा कि दशकों से होता आया है, इस समूह को पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) का समर्थन प्राप्त है, लेकिन पिछले हमलों के विपरीत, इस बार भारत ने इंतजार नहीं किया। उसने अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता की अपील नहीं की या राजनयिक विरोध पत्र जारी नहीं किया। इसने युद्धक विमान लांच किए।</p>
<p>7 मई को, भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया, जो एक त्वरित और सटीक रूप से सुविचारति सैन्य अभियान था। भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के अंदर नौ आतंकवादी ठिकानों पर हमला किया, जिसमें जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के मुख्यालय और ऑपरेशन हब शामिल थे। संदेश स्पष्ट था पाकिस्तानी धरती से शुरू होने वाले आतंकवादी हमलों को अब युद्ध के कृत्यों के रूप में माना जाएगा।</p>
<p>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नए सिद्धांत को स्पष्ट कर दिया: ‘‘भारत किसी भी परमाणु ब्लैकमेल को बर्दाश्त नहीं करेगा। भारत परमाणु ब्लैकमेल की आड़ में विकसित हो रहे आतंकवादी ठिकानों पर सटीक और निर्णायक हमला करेगा।’’</p>
<p>यह केवल एक जवाबी कार्रवाई से कहीं अधिक, एक रणनीतिक सिद्धांत का अनावरण था। जैसा कि नरेन्द्र मोदी ने कहा, ‘‘आतंकवाद और बातचीत साथ-साथ नहीं चल सकते। पानी और खून एक साथ नहीं बह सकते।’’</p>
<p><strong>ऑपरेशन सिंदूर को जानबूझकर निम्नलिखित चरणों में क्रियान्वित किया गया :</strong></p>
<p><strong>7 मई :</strong> पाकिस्तानी क्षेत्र में गहराई नौ सटीक हमले किए। लक्ष्यों में बहावलपुर, मुरीदके, मुजफ्फराबाद और अन्य स्थानों पर स्थित प्रमुख आतंकी प्रशिक्षण शिविर और लॉजिस्टिक्स नॉड शामिल थे।</p>
<p><strong>8 मई :</strong> पाकिस्तान ने भारत के पश्चिमी राज्यों में बड़े पैमाने पर बहुत सारे ड्रोनों से जवाबी हमला किया। भारत के बहुस्तरीय वायु रक्षा नेटवर्क- स्वदेशी रूप से निर्मित तथा इजरायली और रूसी प्रणालियों द्वारा संवर्धित ने उनमें से लगभग सभी को निष्प्रभावी कर दिया।</p>
<p><strong>9 मई : </strong>भारत ने छह पाकिस्तानी सैन्य हवाई अड्डों और यूएवी समन्वय केंद्रों पर अतिरिक्त हमलों के साथ जवाबी कार्रवाई की।</p>
<p><strong>10 मई :</strong> गोलीबारी पर अस्थायी रोक लग गई। भारत ने इसे युद्धविराम नहीं कहा। भारतीय सेना ने इसे ‘‘गोलीबारी का ठहराव’’ कहा - एक अर्थपूर्ण लेकिन जानबूझकर किया गया विकल्प जिसने स्थिति पर अपने रणनीतिक नियंत्रण को मजबूत किया।</p>
<p>यह केवल सामरिक सफलता नहीं थी। यह लाइव फायर के तहत सिद्धांत का निष्पादन था।</p>
<p><strong>प्राप्त रणनीतिक प्रभाव :</strong></p>
<p>1. एक नई लक्ष्मण रेखा खींची गई- और लागू की गई<br />पाकिस्तान की धरती से होने वाले आतंकी हमलों का अब सैन्य बल से जवाब दिया जाएगा। यह कोई धमकी नहीं है। यह एक मिसाल है।<br />2. सैन्य श्रेष्ठता का प्रदर्शन<br />भारत ने पाकिस्तान में किसी भी लक्ष्य पर इच्छानुसार हमला करने की अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया- आतंकवादी ठिकाने, ड्रोन समन्वय केंद्र, यहां तक कि एयरबेस भी। इस बीच, पाकिस्तान भारत के अंदर एक भी सुरक्षित क्षेत्र में घुसपैठ करने में असमर्थ रहा। यह समानता नहीं है। यह भारी श्रेष्ठता है। और इसी तरह वास्तविक निवारक क्षमता स्थापित होती है।<br />3. बहाल की गई निवारक क्षमता<br />भारत ने जोरदार जवाबी कार्रवाई की, लेकिन पूर्ण युद्ध से पहले ही रुक गया। नियंत्रित वृद्धि ने एक स्पष्ट निवारक संकेत भेजा: भारत जवाब देगा, और वह गति को नियंत्रित करता है।<br />4. प्रतिपादित रणनीतिक स्वायत्तता<br />भारत ने इस संकट को अंतर्राष्ट्रीय मध्यस्थता की मांग किए बगैर इस संकट को संभाला। इसने संप्रभु साधनों का उपयोग करते हुए संप्रभु शर्तों पर सिद्धांत लागू किया।</p>
<p>ऑपरेशन सिंदूर का कब्जे या शासन परिवर्तन के बारे में नहीं था। यह विशिष्ट उद्देश्यों के लिए किया गया सीमित युद्ध था। जो आलोचक तर्क देते हैं कि भारत को और आगे जाना चाहिए था, वे मुद्दे को समझ नहीं पाए। रणनीतिक सफलता विनाश के पैमाने के बारे में नहीं है- यह वांछित राजनीतिक प्रभाव प्राप्त करने के बारे में है।</p>
<p>भारत बदला लेने के लिए नहीं लड़ रहा था। वो प्रतिरोध के लिए लड़ रहा था। और यह काम कर गया।</p>
<p>भारत का संयम कमजोरी नहीं है- यह परिपक्वता है। इसने लागत लगाई, सीमाओं को फिर से परिभाषित किया, और वृद्धि प्रभुत्व बनाए रखा। भारत ने सिर्फ हमले का जवाब नहीं दिया। इसने रणनीतिक समीकरण बदल दिया।</p>
<p>एक ऐसे युग में जहां कई आधुनिक युद्ध खुलेआम कब्जे या राजनीतिक भ्रम में बदल जाते हैं, ऑपरेशन सिंदूर इससे अलग है। यह अनुशासित सैन्य रणनीति का प्रदर्शन था: स्पष्ट लक्ष्य, संरेखित तरीके और साधन, और अप्रत्याशित वृद्धि के सामने अनुकूल निष्पादन। भारत ने एक झटके को झेला, अपने उद्देश्य को परिभाषित किया, और उसे प्राप्त किया- यह सब एक सीमित समय सीमा के भीतर।</p>
<p>ऑपरेशन सिंदूर में बल का प्रयोग भारी, लेकिन नियंत्रित था- सटीक, निर्णायक और बिना किसी हिचकिचाहट के आधुनिक युद्ध में इस तरह की स्पष्टता दुर्लभ है। ‘‘हमेशा के लिए युद्धों’’ और रणनीतिक दिशा के बिना हिंसा के चक्रों से परिभाषित एक युग में, सिंदूर अलग है। यह स्पष्ट रूप से परिभाषित लक्ष्यों, मेल खाते तरीकों और साधनों और एक ऐसे देश के साथ सीमित युद्ध का एक मॉडल प्रस्तुत करता है जिसने कभी इनिशिएटिव नहीं त्यागा।</p>
<p>2008 के भारत ने हमलों को झेला और इंतजार किया। यह भारत तुरंत, सटीक और स्पष्टता के साथ जवाबी हमला करता है।<br />मोदी का सिद्धांत, भारत का बढ़ता घरेलू रक्षा उद्योग और उसके सशस्त्र बलों का पेशेवराना तरीका सभी संकेत इस ओर इशारा करते हैं कि देश अब युद्ध की तैयारी नहीं कर रहा है। वो अगले युद्ध की तैयारी कर रहा है।</p>
<p>ऑपरेशन में रुकावट ऑपरेशन सिंदूर का अंत नहीं है। यह एक विराम है। भारत इनिशिएटिव रखता है। यदि फिर से उकसाया गया, तो वह फिर से प्रहार करेगा।</p>
<p>यह निवारण की बहाली है। यह एक नया सिद्धांत सामने आया है और राज्य-प्रायोजित आतंकवाद के खतरे का सामना कर रहे सभी देशों को इसका अध्ययन करना चाहिए।</p>
<p>ऑपरेशन सिंदूर एक आधुनिक युद्ध था- जो, परमाणु एसक्लेशन के साये में, पूरी दुनिया की नजर इस पर थी, और एक सीमित उद्देश्य के फेमवर्क के तहत लड़ा गया था। और हर महत्वपूर्ण पैमाने पर यह एक रणनीतिक सफलता थी - और एक निर्णायक भारतीय जीत थी।</p>
<p><strong>-जॉन स्पेंसर</strong><br /><strong>कार्यकारी निदेशक, अर्बन वॉरफेयर इंस्टीट्यूट और अंडरस्टैंडिंग अर्बन वॉरफेयर के सह-लेखक</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 15 May 2025 12:31:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पाकिस्तान का भारतीय उच्चायोग के अधिकारी को देश छोड़ने का निर्देश, 24 घंटे का दिया समय</title>
                                    <description><![CDATA[इससे पहले दिल्ली स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग के एक अधिकारी को जासूसी गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने के बाद भारत ने  अवांछित घोषित कर दिया था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/pakistans-instructions-to-leave-the-country-for-the-indian-high/article-114138"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/capture1.jpg" alt=""></a><br /><p>इस्लामाबाद। भारत की ओर नई दिल्ली में एक पाकिस्तानी अधिकारी को अवांछित व्यक्ति घोषित करने के कुछ ही घंटों बाद पाकिस्तान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए यहां भारतीय उच्चायोग के एक अधिकारी को निष्कासित कर दिया है। पाकिस्तान ने मध्यरात्रि के आसपास जारी विज्ञप्ति के अनुसार उक्त भारतीय अधिकारी ऐसी गतिविधियों में शामिल था, जो उसकी राजनयिक स्थिति के अनुरूप नहीं थी और उसे 24 घंटे के भीतर पाकिस्तान छोड़ने का निर्देश दिया।</p>
<p>पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने कहा कि पाकिस्तान सरकार ने इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग के एक कर्मचारी को उसके विशेषाधिकार के अनुरूप गतिविधियों में शामिल होने के कारण अवांछित व्यक्ति घोषित किया है। संबंधित अधिकारी को 24 घंटे के भीतर पाकिस्तान छोड़ने का निर्देश दिया गया है। विज्ञप्ति में कहा गया कि भारतीय प्रभारी को विदेश मंत्रालय में इस निर्णय से अवगत कराने के लिए बुलाया गया था। इससे पहले दिल्ली स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग के एक अधिकारी को जासूसी गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने के बाद भारत ने  अवांछित घोषित कर दिया था। अधिकारी को 24 घंटे के भीतर भारत छोडऩे का आदेश  दिया गया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 14 May 2025 15:11:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>देख लो शहबाज शरीफ : भारत ने पाकिस्तान में कितनी की तबाही</title>
                                    <description><![CDATA[इस्लामाबाद के नूर खान एयरबेस पर भारतीय वायुसेना के हमले में रनवे, कमांड सेंटर और रडार सिस्टम को भारी नुकसान पहुंचा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/see-how-much-havoc-in-pakistan-india/article-114067"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/rtrer-(3)28.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान के कई एयरबेस तबाह किए थे। प्राइवेट कंपनी मक्सर के सैटेलाइट ने अब इन तबाह एयरबेस की फोटोज जारी की हैं। मक्सर ने पाकिस्तान के जिन स्थानों की फोटोज जारी की हैं, उनमें सरगोधा, नूर खान, भोलारी और सुक्कुर के एयरबेस हैं। इन तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि हमले के पहले और बाद में वहां क्या स्थिति रही। पाकिस्तान के सरगोधा बेस के रनवे पर गड्ढे, ध्वस्त हैंगर और जली हुई संरचनाएं स्पष्ट दिखाई दे रही हैं। इस्लामाबाद के नूर खान एयरबेस पर भारतीय वायुसेना के हमले में रनवे, कमांड सेंटर और रडार सिस्टम को भारी नुकसान पहुंचा है।</p>
<p>भारतीय वायुसेना की कार्रवाई में पाकिस्तान के भोलारी एयरबेस को काफी नुकसान पहुंचा। सैटेलाइट तस्वीरों में बमबारी के निशान साफ दिख रहे हैं। इसके साथ ही शाहबाज एयरबेस को भी गंभीर नुकसान पहुंचा है। यहां एयर डिफेंस सिस्टम तबाह कर दिया गया और रडार को भी नुकसान पहुंचा। इतना ही नहीं पाकिस्तान के एयर ऑपरेशनल सिस्टम लगभग ठप हो गया। गौरतलब है कि पाकिस्तान दावा कर रहा है कि भारतीय हमलों में  उसको ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है। ये तस्वीरें बयां कर रही हैं कि किस तरह भारतीय हमलों से पाकिस्तान की कमर टूट गई है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 14 May 2025 09:18:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत-पाक युद्धविराम से शेयर बाजार में तूफानी तेजी, सेंसेक्स 2.86 प्रतिशत की छलांग लगाकर 81723.65 अंक पर पहुंचा </title>
                                    <description><![CDATA[बीते सप्ताह करीब डेढ़ प्रतिशत तक लुढ़के घरेलू शेयर बाजार की अगले सप्ताह अप्रैल के जारी होने वाली थोक और खुदरा महंगाई के आंकड़े पर नजर रहेगी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/the-market-will-be-eyeing-inflation-data-the-ongoing-geopolitical/article-113825"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-07/share-market-011.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई। भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम की सहमति से क्षेत्र में तनाव कम होने से उत्साहित निवेशकों की स्थानीय स्तर पर हुई चौतरफा दमदार लिवाली की बदौलत आज शेयर बाजार में करीब तीन प्रतिशत की तूफानी तेजी रही। बीएसई का तीस शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 2269.18 अंक अर्थात 2.86 प्रतिशत की छलांग लगाकर करीब पांच महीने बाद 81 हजार अंक के मनोवैज्ञानिक स्तर के पार 81723.65 अंक पर पहुंच गया। यह 16 दिसंबर 2024 को 81,748.57 अंक पर रहा था। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 691.55 अंक यानी 2.88 प्रतिशत उछलकर 24699.55 अंक पर रहा।</p>
<p>कारोबार की शुरुआत में सेंसेक्स 1349 अंक तेजी के साथ 80,803.80 अंक पर खुला और खबर लिखे जाने तक 81,830.65 अंक के उच्चतम जबकि 80,651.07 अंक के निचले स्तर पर रहा। इसी तरह निफ्टी भी 412 अंक की मजबूती के साथ 24,420.10 अंक पर खुला और 24,737.80 अंक के उच्चतम जबकि 24,378.85 अंक के निचले स्तर पर रहा।</p>
<p>विश्लेषकों के अनुसार, हाल के दिनों में विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (एफपीआई) में विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की निरंतर खरीददारी प्रमुख पहचान बनकर उभरी है। 08 मई को समाप्त हुए 16 कारोबारी सत्रों में एफआईआई ने एक्सचेंजों के माध्यम से कुल 48,533 करोड़ रुपये की इक्विटी खरीदी। हालांकि, 09 मई को भारत-पाक तनाव के चलते 3,798 करोड़ रुपये की बिक्री दर्ज की गई। लेकिन, अब जबकि युद्धविराम की घोषणा हो चुकी है तो बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि एफआईआई द्वारा भारत में इक्विटी निवेश की गति एक बार फिर तेज हो सकती है।</p>
<p>गौरतलब है कि वर्ष 2025 की शुरुआत में एफआईआई का रुख बिक्री की ओर था। जनवरी में डॉलर सूचकांक के 111 तक पहुंचने के बाद उन्होंने 78,027 करोड़ रुपये की भारी बिकवाली की। हालांकि मार्च के बाद से बिकवाली की तीव्रता में कमी आई और अप्रैल में एफआईआई 4,243 करोड़ रुपये शुद्ध लिवाल रहे, जिससे एक सकारात्मक संकेत मिला।</p>
<p>विश्लेषकों का कहना है कि वैश्विक स्तर पर डॉलर में गिरावट और अमेरिका तथा चीन की अर्थव्यवस्थाओं में मंदी जैसे कारकों के साथ-साथ घरेलू स्तर पर उच्च सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि, घटती महंगाई और ब्याज दरें भारतीय इक्विटी बाजार में एफआईआई प्रवाह को बढ़ावा देने में सहायक सिद्ध हो सकते हैं। इसके विपरीत ऋण प्रवाह में कमी देखी जा रही है और निकट भविष्य में इसके कम रहने की संभावना जताई जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 12 May 2025 10:49:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जज्बे को सलाम : देश सेवा के चलते पिता को राजस्थान का जवान नहीं दे सका कंधा </title>
                                    <description><![CDATA[ग्राम पंचायत के सरपंच और ग्रामीणों ने परिवार को सांत्वना दी और राजाराम के समर्पण को नमन किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/due-to-salute-country-service-to-the-passion-the-father/article-113652"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/rtrer54.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। भारत-पाक तनाव के बीच चाकसू के जवान राजाराम को श्रीनगर में मोर्चे के दौरान घर से फोन आया और जब उन्हें सूचना दी गई कि उनके पिता नहीं रहे तो बेटे के लिए एक बार जैसे सब कुछ सुन्न हो गया। कुछ ही क्षणों में राजाराम को देश के लिए ली अपनी कसम याद आई तो उसने कहा-वह अभी तो आ नहीं पाएगा और इतना कहकर उसकी रूलाई फूट पड़ी। इस तरह भारत-पाकिस्तान सीमा पर बढ़ते तनाव के बीच देश की सेवा के चलते राजस्थान का एक जवान अपने पिता को कंधा नहीं दे सका। यह मार्मिक कहानी जयपुर जिले की चाकसू तहसील के कादेड़ा ग्राम पंचायत की बंधा की ढाणी से जुड़ी हुई है। यहां के निवासी बीएसएफ का जवान राजाराम धनकड़ अभी श्रीनगर में तैनात है, जो अपने पिता के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सके। चाकसू विधायक रामावतार बैरवा ने बताया कि गुरुवार को जवान राजाराम के पिता कालूराम धनकड़ का निधन हो गया।</p>
<p>उनके अचानक चले जाने से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई लेकिन इस दुखद घड़ी में राजाराम युद्ध जैसे हालात के चलते छुट्टी नहीं ले सके और अपने पिता की अंतिम विदाई में नहीं पहुंच पाए। राजाराम वर्तमान में सेना में तैनात हैं। राजाराम ने फोन पर अपने परिजनों से बात कर पीड़ा तो साझा की, लेकिन देश सेवा की भावना ने उन्हें अपने कर्तव्य से पीछे नहीं हटने दिया। विधायक के अनुसार कि कालूराम धनकड़ के निधन से उनकी पत्नी और परिवार गहरे सदमे में हैं। मां की आंखों में आंसू और दिल में बेटे पर गर्व-दोनों साथ दिखाई दिए। राजाराम की अनुपस्थिति में गांववासियों ने पूरे सम्मान के साथ कालूराम का अंतिम संस्कार किया। ग्राम पंचायत के सरपंच और ग्रामीणों ने परिवार को सांत्वना दी और राजाराम के समर्पण को नमन किया।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 10 May 2025 13:02:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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