<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/nature-lover/tag-55561" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>nature lover - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/55561/rss</link>
                <description>nature lover RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>तेरह साल तक पीपल को बेटी की तरह पालपोस कर ठाकुरजी संग किया विवाह</title>
                                    <description><![CDATA[लगभग तेरह साल पहले उसने सरोवर और आसपास में पेड़ लगाने का बीड़ा उठाया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/for-thirteen-years-peepal-was-married-to-thakurji-like-a/article-113940"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/rtrer-(3)23.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। पर्यावरण प्रेमी और जयपुर जिले के गोनेर निवासी दिनेश महर्षि ने तेरह साल तक पीपल को बेटी की तरह पालपोस कर सोमवार को उसका ठाकुरजी के संग धूमधाम से विवाह किया। इस समारोह में पूर्व सांसद रामचरण बोहरा और विधायक कैलाश वर्मा समेत आसपास के हजारों लोग शामिल हुए। महर्षि ने वो सारी रस्में भी निभाई, जो बेटी के विवाह में की जाती है। चाक-भात के साथ ही बारात की अगुवानी की। सभी बारातियों का स्वागत किया। कार्यक्रम में शामिल लोगों को भोज भी कराया। इस विवाह की खास बात यह रही कि महर्षि परिवार ने किसी तरह का उपहार भी स्वीकार नहीं किया।  करीब 49 वर्षीय दिनेश महर्षि ने बताया कि गोनेर स्थित श्रीलक्ष्मी-जगदीश मंदिर में हर साल लाखों यात्री आते हैं, उनमें से अधिकांश सरोवर पर भी जाते हैं। उनके लिए छाया की उचित व्यवस्था नहीं होने पर परेशानी रहती थी। लगभग तेरह साल पहले उसने सरोवर और आसपास में पेड़ लगाने का बीड़ा उठाया। वे अब तक करीब 400 पेड़ लगा चुके हैं।</p>
<p>इनमें 75 वटवृक्ष और 25 पीपल शामिल हैं। इनके अलावा नीम और शीशम के पेड़ है। शुरुआती दिनों में तो उसने कावड़ से पानी दिया, लेकिन पेड़ों की संख्या ज्यादा होने के  कारण स्पेशल गाड़ी तैयार की, जिस पर एक हजार लीटर क्षमता की टंकी रखवाई। इन पेड़ों को पालने में उनकी मां उमा देवी, पत्नी अरुणा देवी, भाई महेश महर्षि और पुत्र शुभम और मयंक महर्षि ने भी भरपूर सहयोग दिया। उन्होंने बताया कि जो व्यक्ति पीपल का पेड़ लगाता है, उसको विवाह भी करना पड़ता है। इस रीति-रिवाज को निभाते हुए उसने भी पीपल का विवाह किया है। इससे पहले ठाकुरजी के साथ सगाई की रस्म की गई। विवाह का मुहूर्त पीपल पूर्णिमा यानी 12 मई का निकला। इसके लिए बाकायदा कार्ड छपवाकर लोगों को आमंत्रित किया गया। विवाह के लिए 7 मई को गणेशजी को निमंत्रण दिया गया। शुभ मुहूर्त पर सोमवार को दूल्हें के रूप में ठाकुरजी बारात लेकर आए। इस अवसर पर उन्होंने सभी मेहमानों को एक पेड़ मां के नाम, एक वर्ष, एक जन, एक वृक्ष के लिए प्रेरित किया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/for-thirteen-years-peepal-was-married-to-thakurji-like-a/article-113940</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/for-thirteen-years-peepal-was-married-to-thakurji-like-a/article-113940</guid>
                <pubDate>Tue, 13 May 2025 10:01:58 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-05/rtrer-%283%2923.png"                         length="481132"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        