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                <title>turki and azerbaijans business - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>दुश्मन का दोस्त दुश्मन : भारतीय कारोबारियों ने किया तुर्किए और अजरबैजान का व्यापारिक बहिष्कार </title>
                                    <description><![CDATA[कारोबारी लीडरों ने भारतीय फिल्म उद्योग से अपील की है कि वे इन देशों में शूटिंग न करें और यदि कोई फिल्म वहां शूट होती है तो उसका बहिष्कार किया जाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/enemy-friend-enemy-indian-businessmen-did-turki-and-azerbaijans-business/article-114387"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/rtrer-(2)51.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। खुदरा कारोबारियों के संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय सम्मेलन में देशभर से आए 125 से अधिक प्रमुख कारोबारी लीडरों ने तुर्किए और अजरबैजान के साथ सभी तरह के व्यापारिक और व्यावसायिक संबंधों को पूरी तरह से खत्म करने का निर्णय लिया। कैट के शुक्रवार को दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में व्यापारियों ने सर्वसम्मति से यह फैसला किया कि अब भारत का व्यापारी समुदाय तुर्की और अजरबैजान के साथ सभी तरह के व्यापारिक और व्यावसायिक संबंधों को पूरी तरह से खत्म करेगा। इसमें यात्रा, पर्यटन और फिल्मों की शूटिंग भी शामिल है।</p>
<p><strong>बॉलीवुड से अपील, इन देशों में शूटिंग नहीं करें </strong><br />कारोबारी लीडरों ने भारतीय फिल्म उद्योग से अपील की है कि वे इन देशों में शूटिंग न करें और यदि कोई फिल्म वहां शूट होती है तो उसका बहिष्कार किया जाएगा। इसी तरह किसी भी कॉरपोरेट हाउस को भी इन देशों में अपने विज्ञापन या प्रचार की शूटिंग करने से रोका जाएगा। यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि हाल ही में तुर्की और अजरबैजान ने पाकिस्तान के पक्ष में खुलेआम समर्थन जताया। </p>
<p><strong>एलपीयू ने भी तुर्किए और अजरबैजान के साथ समझौता ज्ञापन रद्द किए</strong><br />जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय और जामिया मिलिया विश्वविद्यालय तथा अन्य विश्वविद्यालयों का अनुसरण करते हुए निजि विश्वविद्यालय लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी  (एलपीयू) ने भी तुर्किए और अजरबैजान के साथ किए गए समझौता ज्ञापनों को रद्द कर दिया है। एलपीयू की ओर से बताया गया कि इन दोनों देशों ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान का सहयोग किया था। इसे लेकर देश भर में लोगों में आक्रोश है। एलपीयू ने भी इसी भावना और सरकार के साथ एकजुटता व्यक्त करते हुए इन दोनों देशों के साथ हुए छह समझौता ज्ञापनों को रद्द कर दिया है। अब एलपीयू न तो अपने छात्रों को इन देशों में भेजेगा और न ही इन देशों के छात्रों यहां आने देगा।    </p>
<p><strong>मुंबई हवाई अड्डे ने तुर्किए की कंपनी के साथ समझौता समाप्त किया </strong><br />मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे ने तुर्किए की विमानन कंपनी सेलेबी के साथ अपना अनुबंध समाप्त कर दिया है। क्योंकि भारत सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए इसकी सुरक्षा मंजूरी रद्द कर दी थी। हवाई अड्डे के प्रवक्ता ने कहा कि सेलेबी को निर्बाध परिचालन सुनिश्चित करने के लिए सभी ग्राउंड हैंडलिंग सुविधाओं को तुरंत सौंपने का निर्देश दिया गया है। हम अपने द्वारा चयनित नई ग्राउंड हैंडलिंग एजेंसियों के माध्यम से बिना किसी व्यवधान के सभी एयरलाइनों को निर्बाध सेवा प्रदान करना जारी रखेंगे।</p>
<p><strong>ककळ रुड़की ने भी इनोनू विवि के साथ एमओयू किया रद्द </strong><br />देहरादून। देश के अग्रणी संस्थानों में शुमार भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की ने शुक्रवार को तुर्किए के इनोनू विश्वविद्यालय के साथ मौजूदा समझौता ज्ञापन (एमओयू) को रद्द कर दिया है। विश्वविद्यालय की मीडिया सेल की प्रभारी सोनिका श्रीवास्तव की ओर से जारी वक्तव्य के अनुसार आईआईटी रुड़की अपने अतंरराष्ट्रीय जुड़ाव को राष्ट्रीय हित के साथ जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। संस्थान अपने वैश्विक साझेदारों के साथ सक्रिय रूप से सहयोग करना जारी रखे हुए है, जो इसके शैक्षणिक उद्देश्यों और भारत के अनुसंधान और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के व्यापक दृष्टिकोण के अनुरूप है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 17 May 2025 09:26:41 +0530</pubDate>
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