<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/foreign-investors/tag-55708" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>Foreign Investors - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/55708/rss</link>
                <description>Foreign Investors RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>पश्चिम एशिया संकट और रुपये में जारी गिरावट के बीच एफपीआई ने बनाया नया रिकॉर्ड, एक ही महीने में की 1,00,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की इक्विटी की शुद्ध बिकवाली</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[पश्चिम एशिया संकट और रुपये की गिरावट के बीच विदेशी निवेशकों (FPI) ने मार्च में ऐतिहासिक निकासी की है। इक्विटी से ₹1.13 लाख करोड़ की शुद्ध बिकवाली ने 2020 के लॉकडाउन का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है। कुल ₹1.24 लाख करोड़ की इस रिकॉर्ड निकासी से शेयर बाजार दबाव में है और निवेशक सतर्क हैं।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/amidst-the-west-asia-crisis-and-the-ongoing-fall-in/article-148325"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/fpi.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। पश्चिम एशिया संकट और रुपये में जारी तेज गिरावट के कारण विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने मार्च में अब तक इक्विटी में 1.13 लाख करोड़ से अधिक की शुद्ध बिकवाली की है। शुद्ध बिकवाली उनके द्वारा लगायी गयी पूंजी और निकाली गयी पूंजी का अंतर है।     केंद्रीय डिपॉजिटरी सेवा कंपनी सीडीएसएल के आंकड़ों के अनुसार, एफपीआई ने भारतीय बाजार में इक्विटी में अपना निवेश मार्च में 1,13,810 करोड़ रुपये घटाया है जिसका असर शेयर बाजारों पर साफ दिख रहा है।  </p>
<p>इससे पहले कभी एक ही महीने में इक्विटी में एफपीआई निवेश में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की गिरावट नहीं दर्ज की गयी है। मार्च में अब सिर्फ एक कारोबारी दिवस बचा है और यह नकारात्मक रिकॉर्ड बनना तय है। डेट में उनकी शुद्ध बिकवाली 9,687 करोड़ रुपये और म्यूचुअल फंड में 2,637 करोड़ रुपये रही। हाइब्रिड उपकरणों में उन्होंने कुल 1,852 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया।        </p>
<p>इक्विटी, डेट, म्यूचुअल फंड और हाइब्रिड उपकरण मिलाकर मार्च में अबतक भारतीय पूंजी बाजार में एफपीआई की कुल शुद्ध निकासी 1,24,281 करोड़ रुपये रही है और इस मामले में भी रिकॉर्ड टूटना तय है। कोरोना काल में मार्च 2020 के बाद यह पहला मौका है जब एफपीआई ने भारतीय पूंजी बाजार से एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की शुद्ध निकासी की है। मार्च 2020 में जब पहली बार लॉकडाउन लगा था तब एफपीआई ने 1,18,203 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की थी। इस मामले में भी नया रिकॉर्ड बनना लगभग तय है। इससे पहले, फरवरी में एफपीआई का शुद्ध निवेश 37,847 करोड़ रुपये धनात्कम रहा था जबकि जनवरी में वे शुद्ध रूप से बिकवाल रहे थे। </p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/business/amidst-the-west-asia-crisis-and-the-ongoing-fall-in/article-148325</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/business/amidst-the-west-asia-crisis-and-the-ongoing-fall-in/article-148325</guid>
                <pubDate>Sun, 29 Mar 2026 13:35:30 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/fpi.png"                         length="549749"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रुपये में ऐतिहासिक गिरावट: 34 पैसे टूटकर 94.30 रुपये प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा, लगातार बिकवाली से भारतीय मुद्रा दबाव में</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[विदेशी निवेशकों की बिकवाली और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण भारतीय रुपया शुक्रवार को ऐतिहासिक निचले स्तर ₹94.30 प्रति डॉलर पर लुढ़क गया। पश्चिम एशिया संकट के बाद से मुद्रा में ₹3 की गिरावट आई है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अंतर्राष्ट्रीय अस्थिरता और डॉलर की मजबूती ने घरेलू अर्थव्यवस्था पर भारी दबाव बना दिया है।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/rupee-falls-by-34-paise-to-reach-record-low-of/article-148061"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/1200-x-60-px)-(1)74.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। अंतरबैंकिंग मुद्रा बाजार में रुपया शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में 34 पैसे टूटकर 94.30 रुपये प्रति डॉलर पर आ गया। बीच कारोबार में पहली बार भारतीय मुद्रा इस स्तर तक कमजोर हुई है। पिछले कारोबारी दिवस पर 25 मार्च को यह 20 पैसे की गिरावट में 93.96 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुई थी जो इसका अब तक का सबसे कमजोर बंद भाव है।</p>
<p>रुपया आज 22.75 पैसे की गिरावट में 94.1875 रुपये प्रति डॉलर पर खुला और 94.30 रुपये प्रति डॉलर तक टूट गया। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में वृद्धि और विदेशी संस्थागत निवेशकों के भारतीय पूंजी बाजार में इस महीने लगातार बिकवाली रहने से भारतीय मुद्रा दबाव में है। पश्चिम एशिया संकट से पहले रुपया 91 डॉलर प्रति बैरल के आसपास था। इस संकट के शुरू होने के बाद अब तक इसमें तीन रुपये प्रति डॉलर की गिरावट आ चुकी है।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/business/rupee-falls-by-34-paise-to-reach-record-low-of/article-148061</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/business/rupee-falls-by-34-paise-to-reach-record-low-of/article-148061</guid>
                <pubDate>Fri, 27 Mar 2026 11:21:36 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/1200-x-60-px%29-%281%2974.png"                         length="543943"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अंतरबैंकिंग मुद्रा बाजार में रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर, 93.95 प्रति डॉलर पर पहुंचा</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[अंतरबैंकिंग मुद्रा बाजार में भारतीय रुपया बुधवार को 93.95 प्रति डॉलर के नए रिकॉर्ड निचले स्तर पर खुला। डॉलर इंडेक्स में 0.5% की मजबूती और विदेशी निवेशकों (FIIs) द्वारा भारतीय बाजार से लगातार पूंजी निकासी ने घरेलू मुद्रा पर दबाव बढ़ा दिया है। पिछले सत्र में रुपया 94.11 के स्तर तक भी लुढ़का था।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/rupee-hits-record-low-of-9395-per-dollar-in-interbank/article-147803"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/today-dollar-and-rupee.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। अंतरबैंकिंग मुद्रा बाजार में रुपया बुधवार को 93.95 रुपये प्रति डॉलर के नये निचले स्तर पर खुला। भारतीय मुद्रा पिछले कारोबारी दिवस तक बीच कारोबार में 94.1125 रुपये प्रति डॉलर तक टूटने के बाद 93.53 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुई थी।</p>
<p>रुपये पर आज शुरू से ही दबाव रहा। दुनिया की अन्य प्रमुख मुद्राओं के बास्केट में डॉलर सूचकांक में 0.5 प्रतिशत की तेजी से रुपये पर दबाव रहा। भारतीय पूंजी बाजार से विदेशी संस्थागत निवेशकों के पैसा निकालने का असर भी रुपये पर दिखा।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/business/rupee-hits-record-low-of-9395-per-dollar-in-interbank/article-147803</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/business/rupee-hits-record-low-of-9395-per-dollar-in-interbank/article-147803</guid>
                <pubDate>Wed, 25 Mar 2026 12:02:56 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-12/today-dollar-and-rupee.png"                         length="1228979"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पहली बार भारतीय मुद्रा में ​बड़ी गिरावट, रुपया 93.37 प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर पर </title>
                                    <description>
                        <![CDATA[अंतरबैंकिंग मुद्रा बाजार में भारतीय रुपया पहली बार 93.37 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 5% उछाल और विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली ने घरेलू मुद्रा पर दबाव बढ़ा दिया है। डॉलर इंडेक्स में मजबूती से रुपये की गिरावट गहरा गई है।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/big-fall-in-indian-currency-for-the-first-time-rupee/article-147009"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/rupee.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। अंतरबैंकिंग मुद्रा बाजार में रुपया गुरूवार को 93.37 रुपये प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा। भारतीय मुद्रा पहली बार 93.37 रुपये प्रति डॉलर से नीचे लुढ़की है। रुपये की शुरुआत आज दो पैसे की गिरावट के साथ 93.37 रुपये प्रति डॉलर पर हुई थी। </p>
<p>महाराष्ट्र में गुड़ीपड़वा के मौके पर गुरुवार को मुद्रा बाजार में अवकाश रहा। कारोबारियों ने बताया कि मुद्रा बाजार में आज कोई कामकाज नहीं हुआ। साथ ही शेयर बाजारों में भी करेंसी डेरिवेटिव खंड में कामकाज बंद रहा। बाजार में शुक्रवार को सामान्य कामकाज होगा।</p>
<p>पिछले कारोबारी दिवस पर बुधवार को रुपया 49 पैसे टूटकर नये रिकॉर्ड स्तर 92.89 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। यह पहली बार है जब भारतीय मुद्रा 92.50 रुपये प्रति डॉलर से ज्यादा कमजोर हुई है।</p>
<p>अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल में करीब पांच प्रतिशत के उछाल से रुपया कमजोर हुआ। विदेशी संस्थागत निवेशकों के भारतीय पूंजी बाजार में बिकवाल रहने और दुनिया की अन्य प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर सूचकांक में तेजी से भी रुपये पर दबाव बढ़ा।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/business/big-fall-in-indian-currency-for-the-first-time-rupee/article-147009</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/business/big-fall-in-indian-currency-for-the-first-time-rupee/article-147009</guid>
                <pubDate>Thu, 19 Mar 2026 11:44:27 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/rupee.png"                         length="474120"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डॉलर के मुकाबले रुपया और फिसला, मंहगाई दर में बढ़ोतरी से रुपये पर दबाव</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 16 पैसे लुढ़ककर 92.35 के रिकॉर्ड न्यूनतम स्तर पर खुला। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों, शेयर बाजार से विदेशी निवेशकों की बिकवाली और बढ़ती महंगाई ने घरेलू मुद्रा पर भारी दबाव बनाया है। पिछले एक महीने में डॉलर की मजबूती ने आयात लागत और अर्थव्यवस्था की चिंताएं बढ़ा दी हैं।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/rupee-slips-against-dollar-pressure-on-rupee-due-to-increase/article-146325"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/dollar-vs-ruppee.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। अंतरबैंकिंग मुद्रा बाजार में आज डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 16 पैसे की गिरावट के साथ लगभग 92.35 के स्तर पर खुला। डॉलर की रेंज 92.13 - 92.52 के बीच रही है। पिछले एक महीने में डॉलर में करीब 2.12% की बढ़ोतरी देखी गई है। रुपया इस समय डॉलर के मुकाबले अपने रिकार्ड न्यूनतम स्तर पर है।</p>
<p>अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल में अंतरराष्ट्रीय बाजार में उछाल, घरेलू शेयर बाजारों में विदेशी संस्थागत निवेशकों की निरंतर बिकवाली और पिछले कुछ महीनों से मंहगाई दर में बढ़ोतरी से रुपये पर दबाव बना हुआ है।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/business/rupee-slips-against-dollar-pressure-on-rupee-due-to-increase/article-146325</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/business/rupee-slips-against-dollar-pressure-on-rupee-due-to-increase/article-146325</guid>
                <pubDate>Fri, 13 Mar 2026 11:44:45 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/dollar-vs-ruppee.png"                         length="607576"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विदेशी निवेशकों का रुख तय करेगा बाजार की चाल, बीते सप्ताह सेंसेक्स 2876.12 अंक की छलांग लगाकर सप्ताहांत पर 82330.59 अंक पर पहुंचा </title>
                                    <description>
                        <![CDATA[बीते सप्ताह करीब चार प्रतिशत तक चढ़े घरेलू शेयर बाजार की चाल अगले सप्ताह विदेशी निवेशकों के रुख से तय होगी। ]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/foreign-investors-will-decide-the-market-move-sensex-jumped-287612/article-114584"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/share-market-01.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई। भारत-पाकिस्तान के युद्धविराम समझौते से दोनों देशों के बीच तनाव कम होने, अमेरिका-चीन व्यापार (एजेंसी) की प्रगति और स्थानीय स्तर पर महंगाई घटने से ब्याज दरों में कटौती होने की उम्मीद में हुई चौतरफा लिवाली की बदौलत बीते सप्ताह करीब चार प्रतिशत तक चढ़े घरेलू शेयर बाजार की चाल अगले सप्ताह विदेशी निवेशकों के रुख से तय होगी। </p>
<p>बीते सप्ताह बीएसई का तीस शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 2876.12 अंक अर्थात 3.6 प्रतिशत की छलांग लगाकर सप्ताहांत पर 82 हजार अंक के मनोवैज्ञानिक स्तर के पार 82330.59 अंक पर पहुंच गया। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 1011.8 अंक यानी 4.2 प्रतिशत की उड़ान भरकर 25 हजार अंक के मनोवैज्ञानिक स्तर के ऊपर 25019.80 अंक पर बंद हुआ। समीक्षाधीन सप्ताह में बीएसई की दिग्गज कंपनियों के मुकाबले मझौली और छोटी कंपनियों के शेयरों में अधिक लिवाली हुई। इससे मिडकैप 2894.34 अंक अर्थात 6.9 प्रतिशत की तेजी लेकर 45005.84 अंक और स्मॉलकैप 4303.79 अंक यानी 9.2 प्रतिशत की मजबूती के साथ 51045.74 अंक पर पांच गया। </p>
<p>विश्लेषकों के अनुसार, हाल के दिनों में विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (एफपीआई) में विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की निरंतर खरीददारी प्रमुख पहचान बनकर उभरी है। 08 मई को समाप्त हुए 16 कारोबारी सत्रों में एफआईआई ने एक्सचेंजों के माध्यम से कुल 48,533 करोड़ रुपए की इक्विटी खरीदी। हालांकि, 09 मई को भारत-पाक तनाव के चलते 3,798 करोड़ रुपए की बिक्री दर्ज की गई। लेकिन, अब जबकि युद्धविराम की घोषणा हो चुकी है तो बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि एफआईआई द्वारा भारत में इक्विटी निवेश की गति एक बार फिर तेज हो सकती है। गौरतलब है कि वर्ष 2025 की शुरुआत में एफआईआई का रुख बिक्री की ओर था। जनवरी में डॉलर सूचकांक के 111 तक पहुंचने के बाद उन्होंने 78,027 करोड़ रुपए की भारी बिकवाली की। हालांकि मार्च के बाद से बिकवाली की तीव्रता में कमी आई और अप्रैल में एफआईआई 4,243 करोड़ रुपए शुद्ध लिवाल रहे, जिससे एक सकारात्मक संकेत मिला। एफआईआई ने मई में अब तक कुल 23,782.64 करोड़ रुपए की लिवाली की है। विश्लेषकों का कहना है कि वैश्विक स्तर पर डॉलर में गिरावट और अमेरिका तथा चीन की अर्थव्यवस्थाओं में मंदी जैसे कारकों के साथ-साथ घरेलू स्तर पर उच्च सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि, घटती महंगाई और ब्याज दरें भारतीय इक्विटी बाजार में एफआईआई प्रवाह को बढ़ावा देने में सहायक सिद्ध हो सकते हैं। इसके विपरीत ऋण प्रवाह में कमी देखी जा रही है और निकट भविष्य में इसके कम रहने की संभावना जताई जा रही है।  </p>
<p>भारत-पाकिस्तान के युद्धविराम समझौते से दोनों देशों के बीच तनाव कम होने से उत्साहित निवेशकों की स्थानीय स्तर पर हुई चौतरफा दमदार लिवाली की बदौलत सेंसेक्स 2975.43 अंक की तेजी के साथ पांच महीने के उच्चतम स्तर 82,429.90 अंक और निफ्टी 916.70 अंक की छलांग लगाकर 24924.70 अंक हो गया। </p>
<p>विश्व बाजार में तेजी के बावजूद स्थानीय स्तर पर सोमवार की तूफानी तेजी के बाद ऊंचे भाव पर हुई चौतरफा मुनाफावसूली से मंगलवार को  सेंसेक्स 1281.68 अंक का गोता लगाकर 81,148.22 अंक और निफ्टी 346.35 अंक की गिरावट लेकर 24578.35 अंक पर बंद हुआ। वहीं, देश में इस वर्ष अप्रैल में खुदरा और थोक महंगाई घटने से भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के नीतिगत दरों में और कटौती करने की उम्मीद बढ़ने से उत्साहित निवेशकों की चौतरफा लिवाली की बदौलत बुधवार को सेंसेक्स 182.34 अंक छलांग लगाकर 81,330.56 अंक और  निफ्टी 88.55 अंक की बढ़ोतरी लेकर 24666.90 अंक पर पहुंच गया। अमेरिका-चीन व्यापार (एजेंसी) की प्रगति और स्थानीय स्तर पर महंगाई घटने से ब्याज दरों में कटौती होने की उम्मीद में हुई चौतरफा लिवाली की बदौलत गुरुवार को सेंसेक्स 1200.18 अंक की छलांग लगाकर 82,530.74 अंक और निफ्टी 395.20 अंक उछलकर 25062.10 अंक पर बंद हुआ। एशियाई बाजारों की गिरावट के दबाव में स्थानीय स्तर पर भारती एयरटेल, एचसीएल टेक, एसबीआई और इंफोसिस समेत चौदह दिग्गज कंपनियों में हुई बिकवाली से शेयर बाजार पिछले लगातार दो दिनों की तेजी के बाद शुक्रवार को गिरकर बंद हुआ। सेंसेक्स 200.15 अंक का गोता लगाकर 82,330.59 अंक और निफ्टी 42.30 अंक टूटकर 25019.80 अंक पर आ गया। </p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/business/foreign-investors-will-decide-the-market-move-sensex-jumped-287612/article-114584</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/business/foreign-investors-will-decide-the-market-move-sensex-jumped-287612/article-114584</guid>
                <pubDate>Mon, 19 May 2025 10:55:20 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-06/share-market-01.jpg"                         length="149692"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator>
                        <![CDATA[Jaipur KD]]>
                    </dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        