<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/oil/tag-5574" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>oil - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/5574/rss</link>
                <description>oil RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>रुपया ऐतिहासिक निचले स्तर से उबरा, 96.34 प्रति डॉलर पर खुला</title>
                                    <description><![CDATA[अंतरबैंकिंग मुद्रा बाजार में रुपया अपने ऐतिहासिक निचले स्तर से शानदार रिकवरी करते हुए 52 पैसे की मजबूती के साथ 96.34 प्रति डॉलर पर खुला। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (ब्रेंट क्रूड) की कीमतों में 2% से अधिक की गिरावट आने से भारतीय मुद्रा को घरेलू बाजार में बड़ा समर्थन मिला है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/rupee-recovered-from-historical-low-and-opened-at-9634-per/article-154515"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/dollar1.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। अंतरबैंकिंग मुद्रा बाजार में रुपया गुरूवार को ऐतिहासिक निचले स्तर से उबरता हुआ दिखाई दिया और 52 पैसे ऊपर 96.34 रुपये प्रति डॉलर पर खुला। पिछले कारोबारी दिवस पर यह 96.86 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। पिछले कुछ दिनों से भारतीय मुद्रा लगातार नये निचले स्तर का रिकॉर्ड बना रही है। मंगलवार को यह 50 पैसे लुढ़ककर 96.70 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुई थी।</p>
<p>रुपया आज 52 मजबूत होकर 96.34 रुपये प्रति डॉलर पर खुला। दुनिया की अन्य प्रमुख मुद्राओं के बास्केट में डॉलर सूचकांक में करीब 0.1 प्रतिशत की तेजी से रुपये पर दबाव रहा। साथ ही विदेशी संस्थागत निवेशकों के भारतीय पूंजी बाजार से पैसा निकालने से भी भारतीय मुद्रा कमजोर हुई है। हालांकि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल में दो फीसदी से अधिक की गिरावट से रुपये को समर्थन मिला। कच्चे तेल का मानक ब्रेंट क्रूड वायदा आज 2.25 प्रतिशत टूटकर 109 डॉलर प्रति बैरल से नीचे उतर गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/business/rupee-recovered-from-historical-low-and-opened-at-9634-per/article-154515</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/business/rupee-recovered-from-historical-low-and-opened-at-9634-per/article-154515</guid>
                <pubDate>Thu, 21 May 2026 12:25:14 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/dollar1.png"                         length="2319227"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रुपये में गिरावट जारी: डॉलर के मुकाबले 2 पैसे गिरकर 96.37 पर खुला, ब्रेंट क्रूड की कीमत 110 डॉलर प्रति बैरल  </title>
                                    <description><![CDATA[कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और होर्मुज स्ट्रेट में तनाव के बीच मंगलवार को भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 2 पैसे टूटकर ₹96.37 पर खुला। ब्रेंट क्रूड के $110 प्रति बैरल के करीब बने रहने से मुद्रा पर दबाव है, हालांकि डॉलर सूचकांक में गिरावट से रुपये को कुछ सहारा मिला।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/rupee-continues-to-fall-falling-2-paise-against-dollar-brent/article-154315"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/dollar-vs-ruppee.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई, अमेरिकी डॉलर के मुकाले रुपये में गिरावट का दौर मंगलवार को भी जारी रहा और आज रूपए डॉलर के मुकाबले 2 पैसे की गिरावट के साथ 96.37 पर खुला। इससे पहले सोमवार को पहली बार बाजार बंद होते समय एक डॉलर 96 रुपये के ऊपर बंद हुआ। इस दौरान ब्रेंट क्रूड की कीमत 110 डॉलर प्रति बैरल के करीब बनी रही। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल में तेजी से भारतीय मुद्रा दबाव में रही। हालांकि दुनिया की अन्य प्रमुख मुद्राओं के बास्केट में डॉलर सूचकांक में 0.3 प्रतिशत की गिरावट से रुपये को समर्थन मिला।</p>
<p>विदेशी मुद्रा कारोबारियों का कहना है कि अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी से खाड़ी देशों से तेल के आयात में आई रुकावट की वजह से रुपये की स्थिति नाजुक बनी हुई है। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/business/rupee-continues-to-fall-falling-2-paise-against-dollar-brent/article-154315</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/business/rupee-continues-to-fall-falling-2-paise-against-dollar-brent/article-154315</guid>
                <pubDate>Tue, 19 May 2026 12:05:41 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/dollar-vs-ruppee.png"                         length="607576"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डॉलर के दबाव में रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर, 54 पैसे टूटकर 96.35 प्रति डॉलर पर बंद</title>
                                    <description><![CDATA[वैश्विक अनिश्चितताओं और $110 प्रति बैरल तक पहुंचे कच्चे तेल के दबाव में सोमवार को भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ऐतिहासिक निचले स्तर पर बंद हुआ। कारोबार के अंत में रुपया 54 पैसे टूटकर ₹96.35 प्रति डॉलर पर रहा। अमेरिका-ईरान तनाव के कारण बाजार में यह गिरावट देखी गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/rupee-falls-54-paise-to-record-low-under-pressure-from/article-154282"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/today-dollar-and-rupee.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। वैश्विक बाजार में बढ़ती अनिश्चितताओं और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के बीच सोमवार को भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। कारोबार के अंत में रुपया 54 पैसे टूटकर 96.35 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 96.19 के स्तर पर खुला था, लेकिन दिनभर दबाव में रहने के कारण यह 96.39 तक फिसल गया।</p>
<p>विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने अंतरराष्ट्रीय बाजार की चिंता बढ़ा दी है। इसका असर तेल कीमतों पर भी दिखाई दे रहा है। ब्रेंट क्रूड करीब 110 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया, जिससे भारत जैसे तेल आयातक देशों की मुद्रा पर दबाव बढ़ा है।</p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/business/rupee-falls-54-paise-to-record-low-under-pressure-from/article-154282</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/business/rupee-falls-54-paise-to-record-low-under-pressure-from/article-154282</guid>
                <pubDate>Mon, 18 May 2026 18:36:52 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-12/today-dollar-and-rupee.png"                         length="1228979"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईंधन मूल्य वृद्धि पर प्रमोद तिवारी का केंद्र सरकार पर हमला, कहा-आम आदमी की जेब पर डाका, पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने का लगाया आरोप </title>
                                    <description><![CDATA[सांसद प्रमोद तिवारी ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि को लेकर केंद्र पर तीखा हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव खत्म होते ही जनता पर महंगाई का बोझ डालना सरकार का फॉर्मूला बन गया है। कांग्रेस ने कच्चा तेल सस्ता होने पर भी राहत न देने और पूंजीपतियों को लाभ पहुँचाने की कड़ी निंदा की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/pramod-tiwaris-attack-on-the-central-government-on-fuel-price/article-153892"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/pramod-tiwari.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद और उप नेता प्रतिपक्ष प्रमोद तिवारी ने पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला है। प्रमोद तिवारी ने आरोप लगाया कि पांच राज्यों के चुनाव खत्म होते ही केंद्र सरकार ने ईंधन के दाम बढ़ाकर आम जनता पर आर्थिक बोझ डाल दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार हमेशा चुनाव खत्म होने के दौरान जनता पर महंगाई का बोझ डालने का काम करती है। यही उनका फॉर्मूला बन गया है।"</p>
<p>उन्होंने आरोप लगाया कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें घटती हैं, तब सरकार पेट्रोल-डीजल के दाम कम नहीं करती लेकिन जैसे ही कीमतों में बढ़ोतरी होती है, उसका सीधा बोझ आम आदमी पर डाल दिया जाता है। कांग्रेस सांसद ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा, "सबसे महंगे दौर में भी पेट्रोल की कीमत 70 रुपये प्रति लीटर से ऊपर नहीं जाने दी गई, जबकि मौजूदा सरकार में कीमतें 100 रुपये के करीब पहुंच गईं।"</p>
<p>राज्यसभा सांसद केंद्र सरकार पर पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाते हुए कहा, "जब दाम कम हुए थे, तब जनता को राहत क्यों नहीं दी गई? सरकार सिर्फ अपने पूंजीपति मित्रों को मुनाफा पहुंचाने में लगी हुई है।" उन्होंने कहा कि ईंधन मूल्य वृद्धि से आम आदमी की जेब पर डाका डाला गया है और इसकी वह कठोर शब्दों में निंदा करते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/pramod-tiwaris-attack-on-the-central-government-on-fuel-price/article-153892</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/pramod-tiwaris-attack-on-the-central-government-on-fuel-price/article-153892</guid>
                <pubDate>Fri, 15 May 2026 13:25:28 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/pramod-tiwari.png"                         length="2630945"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नहीं थम रही रूपए की गिरावट: 1 डॉलर की कीमत 95.86 रुपये पहुंची, नहीं काम आई सोने पर ड्यूटी बढ़ाने की चाल</title>
                                    <description><![CDATA[विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया रिकॉर्ड गिरावट के साथ ₹95.86 के स्तर पर खुला। पश्चिम एशिया संकट और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने भारतीय मुद्रा पर दबाव बढ़ा दिया है। हालांकि, दिन के अंत में मामूली सुधार के साथ यह ₹95.66 पर बंद हुआ, लेकिन वैश्विक अस्थिरता अब भी बड़ी चुनौती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/the-fall-of-rupee-is-not-stopping-the-price-of/article-153762"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/dollar-vs-rupee.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रूपया गुरूवार को 20 पैसे की गिरावट के साथ 95.86 पर खुला। भारतीय रूपए में लगातार गिरावट का सिलसिला जारी है। इससे पहले बुधवार को बीच कारोबार में रूपया पहली बार 95.80 रुपये प्रति डॉलर तक टूटा। इससे पहले बीच कारोबार में रुपये का निचला स्तर 95.78 रुपये प्रति डॉलर था जो मंगलवार को दर्ज किया गया था हालांकि बाद में यह 40 पैसे की गिरावट के साथ 95.68 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। अंतरबैंकिंग मुद्रा बाजार में आज भारतीय मुद्रा अंत में 1.50 पैसे की बढ़त में 95.6650 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुई।</p>
<p>रुपया आज 20 पैसे की गिरवट के साथ 95.86 रुपये प्रति डॉलर पर खुला, लेकिन इसके बाद इसका ग्राफ सीधे नीचे की तरफ गिरता गया। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल में ऊंची कीमतों और पश्चिम एशिया संकट को लेकर चिंताओं से रुपये पर भारी दबाव है। हालांकि दुनिया की अन्य प्रमुख मुद्राओं के बास्केट में डॉलर सूचकांक में 0.2 प्रतिशत की तेजी ने भारतीय मुद्रा की बढ़त को सीमित रखा।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/the-fall-of-rupee-is-not-stopping-the-price-of/article-153762</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/the-fall-of-rupee-is-not-stopping-the-price-of/article-153762</guid>
                <pubDate>Thu, 14 May 2026 12:01:07 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/dollar-vs-rupee.png"                         length="1570233"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>क्या अब अमेरिका का हिस्सा बनेगा वेनेजुएला? ट्रंप ने 51वां राज्य बताते हुए मानचित्र किया शेयर, दुनियाभर में बढ़ी हलचल</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक मैप साझा कर वेनेजुएला को अमेरिका का 51वां राज्य बताया है। हालांकि इसे एक मजाक माना जा रहा है, लेकिन वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने इस संभावना को पूरी तरह खारिज कर दिया। ट्रंप पहले भी वेनेजुएला के तेल संसाधनों पर नियंत्रण की इच्छा जता चुके हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/will-venezuela-become-a-part-of-america-now-trump-shared/article-153639"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/trump2.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक मानचित्र साझा किया है जिसमें वेनेजुएला को अमेरिका के 51वें राज्य के रूप में दिखाया गया है। ट्रंप ने मजाक में वेनेजुएला को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने की ओर संकेत तब दिया जब उन्होंने मार्च में विश्व बेसबॉल क्लासिक सेमीफाइनल में इटली को हराने पर वेनेजुएला की राष्ट्रीय बेसबॉल टीम को बधाई दी थी। उन्होंने इस जीत का श्रेय वेनेजुएला के अमेरिका के साथ सहयोग को दिया।</p>
<p>वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने सोमवार को इस दक्षिण अमेरिकी देश के अमेरिका का 51वां राज्य बनने की कभी भी संभावना को खारिज कर दिया। राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़ने के लिए जनवरी की शुरुआत में वेनेजुएला पर अमेरिका की कार्रवाई के बाद अमेरिका और वेनेजुएला ने राजनयिक संबंधों को बहाल करना शुरू कर दिया था। ट्रम्प ने वेनेजुएला के तेल पर नियंत्रण करने के अपने इरादे की भी घोषणा की थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/will-venezuela-become-a-part-of-america-now-trump-shared/article-153639</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/will-venezuela-become-a-part-of-america-now-trump-shared/article-153639</guid>
                <pubDate>Wed, 13 May 2026 14:35:39 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/trump2.png"                         length="1073678"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अगर होर्मुज में गतिरोध लगातार जारी रहा, तो वैश्विक तेल बाजार में संकट 2027 तक जारी रहेगा: अमीन नासिर</title>
                                    <description><![CDATA[अरामको के सीईओ अमीन नासिर ने चेतावनी दी है कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य एक महीने में नहीं खुला, तो तेल बाजार 2027 तक सामान्य नहीं होगा। दुनिया पहले ही 1 अरब बैरल तेल खो चुकी है। अमेरिका-ईरान तनाव के बीच यह मार्ग बंद होने से वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/if-the-standoff-in-hormuz-continues-the-crisis-in-the/article-153501"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/अमीन-नासिर.png" alt=""></a><br /><p>दोहा। सऊदी अरब की कंपनी अरामको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अमीन नासिर ने कहा है कि यदि एक महीने के भीतर होर्मुज जलडमरुमध्य में जहाजों की आवाजाही फिर से शुरू नहीं होती, तो अगले साल तक वैश्विक तेल बाजार सामान्य स्थिति में नहीं लौटेगी। अरामको के पहली तिमाही के परिणामों पर चर्चा करने के लिए आयोजित एक वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान श्री नासिर ने कहा कि आपूर्ति में व्यवधान जितने लंबे समय तक जारी रहेगा, तेल बाजार को स्थिर होने में उतना ही अधिक समय लगेगा। उन्होंने कहा कि यदि जलडमरुमध्य में गतिरोध जून के मध्य तक बना रहता है, तो यह संकट 2027 तक जारी रह सकता है।</p>
<p>दुनिया की सबसे बड़ी ऊर्जा कंपनी के प्रमुख के अनुसार, उत्पादन या परिवहन की कमी के कारण बाजार पहले ही एक अरब बैरल तेल गंवा चुका है और जब तक यह मार्ग बंद रहेगा, बाजार को हर हफ्ते लगभग 10 करोड़ बैरल तेल का नुकसान होता रहेगा। उन्होंने याद दिलाया कि पहले होर्मुज से प्रतिदिन लगभग 70 जहाज गुजरते थे। फारस की खाड़ी में तेल उत्पादक देशों पर हमलों और ईरान द्वारा होर्मुज को प्रभावी ढंग से बंद करने से उत्पादन और निर्यात पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। 28 फरवरी को संघर्ष शुरू होने से पहले, इस जलमार्ग के माध्यम से प्रतिदिन लगभग दो करोड बैरल तेल बाजार में आता था।</p>
<p>गौरतलब है कि सात अप्रैल को अमेरिका और ईरान ने दो सप्ताह के युद्धविराम की घोषणा की थी। इसके बाद इस्लामाबाद में हुई वार्ता बेनतीजा रही थी, लेकिन फिर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को एक 'एकीकृत प्रस्ताव' के साथ आने का समय देने के लिए युद्धविराम को आगे बढ़ा दिया था। तीन मई को ट्रंप ने होर्मुज में फंसे जहाजों की सहायता के लिए 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' की घोषणा की थी। फिर ट्रंप ने पांच मई को कहा कि उन्होंने यह देखने के लिए थोड़े समय के लिए ऑपरेशन को रोकने का फैसला किया है कि क्या ईरान के साथ शांति समझौता हो सकता है। हालांकि सोमवार को उन्होंने अमेरिकी शांति प्रस्तावों पर ईरान की प्रतिक्रिया को पूरी तरह से 'अस्वीकार्य' बताया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/if-the-standoff-in-hormuz-continues-the-crisis-in-the/article-153501</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/if-the-standoff-in-hormuz-continues-the-crisis-in-the/article-153501</guid>
                <pubDate>Tue, 12 May 2026 11:55:30 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/%E0%A4%85%E0%A4%AE%E0%A5%80%E0%A4%A8-%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%B0.png"                         length="1102672"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिका ने फिर किया सीज़फायर का उल्लंघन: ईरानी नौकाओं पर ड्रोन हमला, फुजैराह तेल बंदरगाह पर लगी भीषण आग </title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य में सात ईरानी नौकाओं को नष्ट करने का दावा किया है। यूएई के तेल बंदरगाह पर हमलों के बाद तनाव चरम पर है। जहां अमेरिका फंसे हुए 2,000 जहाजों को निकालने का प्रयास कर रहा है, वहीं ईरान ने इसे 'सैन्य विफलता' करार देते हुए कड़ा विरोध जताया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/america-again-violates-ceasefire-drone-attack-on-iranian-boats-massive/article-152697"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)-(5)8.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य में सात ईरानी नौकाओं पर हमला किया है, क्योंकि वाशिंगटन लगभग बंद जलमार्ग के माध्यम से खाड़ी में फंसे जहाजों को बाहर निकालने का प्रयास कर रहा है। संयुक्त अरब अमीरात और दक्षिण कोरिया दोनों ने सोमवार को महत्वपूर्ण जलमार्ग में जहाजों पर हमले की सूचना दी। संयुक्त अरब अमीरात ने यह भी कहा कि ईरानी हमले के बाद फुजैराह के तेल बंदरगाह पर आग लग गई।</p>
<p>ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि जलडमरूमध्य में हुई घटनाओं से यह स्पष्ट हो गया है कि राजनीतिक संकट का कोई सैन्य समाधान नहीं है। उन्होंने आगे कहा, "प्रोजेक्ट फ्रीडम प्रोजेक्ट डेडलॉक है।" फरवरी में अमेरिका और इज़रायल द्वारा ईरान पर हवाई हमले शुरू करने के बाद से होर्मुज जलडमरूमध्य बहुत हद तक अवरुद्ध रहा है। तेहरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को अवरुद्ध कर दिया जिससे होकर दुनिया के 20 प्रतिशत तेल एवं द्रवीकृत प्राकृतिक गैस का परिवहन होता है।</p>
<p>अप्रैल की शुरुआत में, अमेरिका और ईरान ने युद्धविराम की घोषणा की, जिसके तहत ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात सहित खाड़ी देशों पर ड्रोन और मिसाइल हमले बंद कर दिए, लेकिन तब से कुछ ही जहाज जलडमरूमध्य से गुजर पाए हैं। अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों पर अपनी नाकाबंदी भी लगा दी है। राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा, "हमने सात छोटी नौकाओं को मार गिराया है या जैसा कि वे उन्हें 'तेज़' नौकाएं कहते हैं। अब उनके पास बस यही बची हैं।" अमेरिकी सेना ने कहा कि उसने नौकाओं पर हमला करने के लिए हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल किया गया।</p>
<p>बाद में ईरानी सरकारी मीडिया ने ट्रम्प के इस दावे का खंडन किया कि अमेरिका ने तेज नौकाओं पर हमला किया। सैन्य सूत्रों का हवाला देते हुए, तसनीम समाचार एजेंसी ने बताया कि इसके बजाय दो छोटे मालवाहक जहाजों को निशाना बनाया गया जिनमें पांच नागरिकों की मौत हो गई। इससे पहले अमेरिका ने कहा था कि नौसेना के विध्वंसक पोत और अमेरिकी ध्वज वाले व्यापारिक जहाज सोमवार को जलडमरूमध्य से गुजरे थे। ईरान ने इन दावों को पूरी तरह से झूठा करार दिया और कहा कि उसकी सेना ने एक अमेरिकी युद्धपोत पर चेतावनी के तौर पर गोलियां चलाईं। अमेरिकी सेना ने इस बात से इनकार किया।</p>
<p>अंतर्राष्ट्रीय नेताओं ने यूएई अवसंरचना पर हुए हमलों की निंदा की है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉ ने कहा कि ये हमले अन्यायपूर्ण और अस्वीकार्य हैं। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री सर कीर स्टारमर ने कहा कि ब्रिटेन खाड़ी में अपने साझेदारों की रक्षा के लिए अपना समर्थन जारी रखेगा।पड़ोसी देश कतर ने टैंकर पर हुए हमले की निंदा करते हुए जलडमरूमध्य को बिना शर्त फिर से खोलने की मांग की। रविवार को राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा था कि अमेरिका "प्रोजेक्ट फ्रीडम" के तहत फंसे हुए जहाजों को समुद्री मार्ग से बाहर निकालने में मदद करना शुरू करेगा। फरवरी में अमेरिका-ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से अनुमानित 20,000 नाविक 2,000 जहाजों पर फंसे हुए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/america-again-violates-ceasefire-drone-attack-on-iranian-boats-massive/article-152697</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/america-again-violates-ceasefire-drone-attack-on-iranian-boats-massive/article-152697</guid>
                <pubDate>Tue, 05 May 2026 11:24:08 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/1111200-x-600-px%29-%285%298.png"                         length="375538"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मिडिल ईस्ट तनाव से महंगा हुआ तड़का, खाद्य तेलों की कीमतों में बढ़ोतरी से बिगड़ा बजट</title>
                                    <description><![CDATA[कंपनियां लगातार रेट बढ़ा रही हैं, जिससे रोजाना नए दाम लागू हो रहे हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/middle-east-tensions-drive-up-cooking-oil-prices--rising-costs-disrupt-household-budgets/article-148548"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/12200-x-60-px)-(1)6.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का असर अब सीधे आमजन की रसोई तक पहुंच चुका है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सप्लाई चेन प्रभावित होने और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के चलते खाद्य तेलों के दाम में अचानक उछाल आ गया है। पिछले कुछ दिनों में रिफाइंड तेल 15 से 20 रुपए प्रति किलो तक महंगा हो गया है, जिससे घरेलू बजट पर दबाव बढ़ गया है। व्यापारियों के अनुसार भारत में सोयाबीन और सूरजमुखी तेल का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात होता है। मिडिल ईस्ट और आसपास के क्षेत्रों में अस्थिरता के कारण शिपमेंट में देरी हो रही है, जिससे बाजार में सप्लाई घट गई है। इसका सीधा असर कीमतों पर पड़ा है। पाम आॅयल, जो सस्ता विकल्प माना जाता है, उसके दाम भी बढ़ने लगे हैं।</p>
<p><strong>आमजन की जेब पर बढ़ा बोझ</strong><br />गृहिणियों का कहना है कि खाद्य तेल हर घर की जरूरत है, ऐसे में इसकी कीमत बढ़ने से पूरे महीने का बजट गड़बड़ा गया है। कई परिवार अब तेल की खपत कम करने या सस्ते विकल्प तलाशने को मजबूर हैं। काफी समय से खाद्य तेल की कीमत होने से तरह-तरह के पकवानों का स्वाद लिया जा रहा था। अब अचानक से दामों में तेजी आने से घरेलू  बजट गड़बड़ाने लगा है। खाद्य तेलों के बिना कोई सा भी पकवान नहीं बन सकता है। अब कीमत बढ़ने से खर्चा अधिक होने लगा है। सरकार को खाद्य तेलों की कीमत को कम करने के लिए वैकल्पिक उपाय करने चाहिए।</p>
<p><strong>स्थानीय बाजार में दिख रहा असर</strong><br />कोटा के थोक और खुदरा बाजारों में तेल की कीमतों में तेजी साफ नजर आ रही है। दुकानदारों का कहना है कि कंपनियां लगातार रेट बढ़ा रही हैं, जिससे रोजाना नए दाम लागू हो रहे हैं। कुछ जगहों पर उपभोक्ताओं ने ज्यादा खरीदारी शुरू कर दी है, जिससे मांग और बढ़ गई है। वहीं होटल और ढाबा संचालकों पर भी इसका असर पड़ा है, जहां लागत बढ़ने के कारण या तो कीमतें बढ़ानी पड़ रही हैं या मुनाफा कम करना पड़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मिडिल ईस्ट में तनाव लंबा खिंचता है तो खाद्य तेलों की कीमतों में और उछाल आ सकता है।</p>
<p>पहले ही सब्जियां और राशन महंगा है, अब तेल भी महंगा हो गया। हर महीने का बजट संभालना मुश्किल हो रहा है। हमें अब खाने में तेल कम करना पड़ रहा है।<br /><strong>-सीमा शर्मा, गृहिणी</strong></p>
<p>कंपनियां लगातार रेट बढ़ा रही हैं। हर 2-3 दिन में नए दाम आ जाते हैं। ग्राहक भी परेशान हैं और हमारी बिक्री पर भी असर पड़ रहा है।<br /><strong>-राजेश अग्रवाल, दुकानदार</strong></p>
<p>तेल महंगा होने से लागत बढ़ गई है। अगर खाने के दाम बढ़ाते हैं तो ग्राहक कम हो जाते हैं, नहीं बढ़ाते तो मुनाफा खत्म हो जाता है।<br /><strong>-इमरान खान, ढाबा संचालक</strong></p>
<p>रिफाइंड तेल के 15 किलो के पीपे में 200 से 250 रुपए तक की बढ़ोतरी हुई है। वहीं मूंगफली और सरसों के तेल में भी 50 से 70 रुपए तक की तेजी आई है। अंतरराष्ट्रीय हालात के कारण सप्लाई प्रभावित है।<br /><strong>-गजेन्द्र गर्ग, थोक व्यापारी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/middle-east-tensions-drive-up-cooking-oil-prices--rising-costs-disrupt-household-budgets/article-148548</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/middle-east-tensions-drive-up-cooking-oil-prices--rising-costs-disrupt-household-budgets/article-148548</guid>
                <pubDate>Tue, 31 Mar 2026 14:22:05 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/12200-x-60-px%29-%281%296.png"                         length="1137283"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तेल एक्सपोर्ट में गिरावट : रूस को एक महीने में 32 हजार करोड़ का नुकसान, खरीददार कम कर रहे तेल खरीदना</title>
                                    <description><![CDATA[ निर्यात में गिरावट के साथ-साथ यूराल क्रूड की कीमतें भी गिरीं। यह 8.2 डॉलर प्रति बैरल घटकर 43.52 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई। एक बैरल में लगभग 159 लीटर तेल होता है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/decline-in-oil-exports-causes-russia-a-loss-of-rs/article-135803"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/etws-(1200-x-600-px)-(6).png" alt=""></a><br /><p>मॉस्को। रूस के तेल निर्यात में नवंबर में भारी गिरावट आई है। यह यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से सबसे निचला स्तर है। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि खरीदार रूस से तेल खरीदना कम कर रहे हैं। अमेरिका के कड़े प्रतिबंधों और यूक्रेन के बढ़ते हमलों का भी इस पर असर पड़ा है। इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी ने अपनी नई रिपोर्ट में बताया है कि नवंबर में रूस के तेल निर्यात में 420 किलो बैरल प्रति दिन (केबी/डी) की कमी आई। इससे कुल निर्यात घटकर 6.9 मिलियन बैरल प्रतिदिन (एमबी/डी) रह गया। निर्यात की मात्रा में कमी और कीमतों में गिरावट के कारण रूस की तेल से होने वाली कमाई भी कम हो गई। नवंबर में यह कमाई 11 अरब डॉलर रही, जो पिछले साल इसी महीने की तुलना में 3.6 अरब डॉलर  कम है। आईईए ने यह भी कहा कि निर्यात की मात्रा और कीमतें दोनों गिरी हैं। इससे रूस की तेल निर्यात से होने वाली कमाई फरवरी 2022 में यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद से सबसे कम हो गई है।</p>
<p><strong>यूराल क्रूड की कीमतों में भारी गिरावट</strong><br />निर्यात में गिरावट के साथ-साथ यूराल क्रूड की कीमतें भी गिरीं। यह 8.2 डॉलर प्रति बैरल घटकर 43.52 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई। एक बैरल में लगभग 159 लीटर तेल होता है। यह फरवरी 2022 में यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से सबसे निचला स्तर है। आईईए के अनुसार, इस गिरावट के कारण रूस की निर्यात से होने वाली कमाई युद्ध शुरू होने के बाद से किसी भी महीने में सबसे कम रही।</p>
<p><strong>शैडो फ्लीट पर भी दिखाई दिया असर</strong><br />आईईए ने बताया कि यूक्रेन ने रूस के उन जहाजों पर हमले किए जो प्रतिबंधों को तोड़कर तेल ले जाते थे। इन्हें शैडो फ्लीट कहा जाता है। इसके अलावा, समुद्री तेल सुविधाओं पर भी हमले हुए। इन हमलों के कारण नवंबर में काला सागर से होने वाले रूस के समुद्री तेल निर्यात का लगभग आधा हिस्सा रुक गया।</p>
<p><strong>रूस की तेल रिफाइनरियों पर हमले</strong><br />रूस पर शिपमेंट और कीमतों के मामले में यह दबाव तब पड़ रहा है जब वह धीमी आर्थिक वृद्धि, प्रतिबंधों के संचित प्रभाव और यूक्रेन के उसके ऊर्जा ढांचे पर हमलों से जूझ रहा है। गर्मियों और शुरूआती शरद ऋतु में यूक्रेन ने रूस की तेल रिफाइनरियों पर हमले तेज कर दिए थे। इससे देश के अंदर पेट्रोल की कीमतें बढ़ गईं और कुछ रूसी क्षेत्रों को ईंधन की राशनिंग करनी पड़ी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/decline-in-oil-exports-causes-russia-a-loss-of-rs/article-135803</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/decline-in-oil-exports-causes-russia-a-loss-of-rs/article-135803</guid>
                <pubDate>Sat, 13 Dec 2025 10:45:34 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-12/etws-%281200-x-600-px%29-%286%29.png"                         length="736912"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शनि जन्मोत्सव के अवसर पर शनिदेव का 151 किलो तेल से हुआ तेल अभिषेक </title>
                                    <description><![CDATA[एमआई रोड, नाहरगढ़ सहित सभी शनि मंदिरों में जन्मोत्सव पर विशेष धार्मिक आयोजन हुए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/on-the-occasion-of-shani-janmotsav-shani-dev-was-anointed/article-80652"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/yy211rer-(3)2.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। बापू नगर जनता स्टोर स्थित शनि धाम में श्रद्धा भाव एवं हर्षोल्लास के साथ शनि जन्मोत्सव मनाया गया। इस अवसर पर सुबह पुजारी नारायण गौशिल की मौजूदगी में भगवान शनि देव का दूध, दही, शहद आदि से पंचामृत अभिषेक किया गया। तत्पश्चात गंगाजल से स्नान कराने के बाद शनि महाराज को नवीन पोशाक धारण कराई गई। पोशाक धारण करने के बाद शनि महाराज का 151 किलो तेल से तेल अभिषेक का कार्यक्रम दिन भर चलता रहा।</p>
<p>दोपहर बाद शनि महाराज के तरह-तरह के फूलों से मनमोहन फूल बंगला की झांकी सजाई गई इसके बाद शाम को भजन संध्या में कलाकारों ने शनि महाराज के भजन सुना कर अपनी हाजिरी लगाई। इस अवसर पर भंडारे में सैकड़ो श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की।</p>
<p>इसी तरह एमआई रोड, नाहरगढ़ सहित सभी शनि मंदिरों में जन्मोत्सव पर विशेष धार्मिक आयोजन हुए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/on-the-occasion-of-shani-janmotsav-shani-dev-was-anointed/article-80652</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/on-the-occasion-of-shani-janmotsav-shani-dev-was-anointed/article-80652</guid>
                <pubDate>Thu, 06 Jun 2024 16:44:54 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-06/yy211rer-%283%292.png"                         length="602249"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>व्लादिमीर पुतिन को झटका, भारत ने रूस से तेल खरीदना किया बंद</title>
                                    <description><![CDATA[टैंकर की कड़ी जांच से रूसी तेल ले जाने वाले अन्य तेल के नाव भी फंस गई हैं, दो नाव बिना किसी संकेत के दक्षिण एशियाई तट पर कई हफ्तों तक इंतजार कर रहे हैं कि वे कब तेल उतारेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/shock-to-vladimir-putin--india-stopped-buying-oil-from-russia/article-73522"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-03/ph-(10)8.png" alt=""></a><br /><p>मॉस्को। भारत के सभी रिफाइनर ने पीजेएससी सोवकॉम्फ्लोट टैंकरों पर ले जाए जाने वाले रूसी कच्चे तेल को लेने से इनकार कर दिया है। अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण रिफाइनर्स की ओर से ये कदम उठाया गया है। इंडियन ऑयल कॉपोर्रेशन जैसे बड़े रिफाइनर समेत निजी और राज्य-संचालित प्रोसेसरों ने सोवकॉम्फ्लोट टैंकरों पर कार्गो लेना बंद कर दिया है। रिफाइनर प्रत्येक जहाज के स्वामित्व की जांच कर रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे कंपनी या अन्य स्वीकृत समूहों से संबद्ध नहीं हैं। दो साल पहले यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के बाद इस व्यापार में तेजी आई थी लेकिन अब इस पर संकट खड़ा हो गया है। एक खबर के मुताबिक इस सप्ताह की शुरूआत में रिपोर्ट की गई भारत की सबसे बड़ी निजी रिफाइनर कंपनी, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के इसी तरह के कदम के बाद व्यापक विरोध हुआ है। कहा जा रहा है कि टैंकर की कड़ी जांच से रूसी तेल ले जाने वाले अन्य तेल के नाव भी फंस गई हैं, दो नाव बिना किसी संकेत के दक्षिण एशियाई तट पर कई हफ्तों तक इंतजार कर रहे हैं कि वे कब तेल उतारेंगे।</p>
<p><strong>कंपनियां नहीं दे रही हैं जवाब</strong><br />इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन, मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड और नायरा एनर्जी लिमिटेड - रूस की रोसनेफ्ट पीजेएससी के स्वामित्व वाली 49% हिस्सेदारी ने टिप्पणी मांगने वाले ईमेल का जवाब नहीं दिया है। वहीं सोवकॉम्फ्लोट ने भी अपनी परिचालन गतिविधियों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। पिछले महीने अमेरिकी ट्रेजरी के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय ने सोवकॉम्फ्लोट को नामित करते हुए 14 कच्चे तेल टैंकरों की पहचान की थी। यह रूसी तेल की कीमत पर ग्रुप ऑफ सेवन कैप के उल्लंघन के लिए अक्टूबर से गैर-सोवकॉम्फ्लोट जहाजों और रूस-अनुकूल कंपनियों पर पहले से ही लगाए गए व्यापक उपायों के शीर्ष पर आया है। शिपर सोवकॉम्फ्लोट ने भी माना है कि जुर्माने से उसके परिचालन पर दबाव पड़ रहा है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/world/shock-to-vladimir-putin--india-stopped-buying-oil-from-russia/article-73522</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/world/shock-to-vladimir-putin--india-stopped-buying-oil-from-russia/article-73522</guid>
                <pubDate>Sat, 23 Mar 2024 14:21:39 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-03/ph-%2810%298.png"                         length="497172"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        