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                <title>  cyber support - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>  cyber support RSS Feed</description>
                
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                <title>साइबर ठगी पर अंकुश के लिए राजस्थान पुलिस की पहल, ई-जीरो एफआईआर की सीमा घटाकर एक लाख</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान में अब एक लाख रुपये या उससे अधिक की साइबर वित्तीय ठगी की शिकायत पर स्वत: ई-जीरो एफआईआर दर्ज। डीजीपी राजीव शर्मा के निर्देश पर नई व्यवस्था पूरे प्रदेश में लागू कर दी गई है। पहले यह सीमा पांच लाख रुपये थी। नई व्यवस्था से पीड़ितों को तत्काल कानूनी कार्रवाई और त्वरित सहायता मिल सकेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rajasthan-polices-initiative-to-curb-cyber-fraud-e-zero-fir-limit/article-160756"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/cybercrimee.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश में अब एक लाख रुपए या उससे अधिक की साइबर ठगी होती है तो इसकी शिकायत पर ई-जीरो एफआईआर खुद दर्ज हो जाएगी। यह नई व्यवस्था गुरुवार से पूरे राज्य में प्रभावी कर दी गई है। डीजीपी राजीव शर्मा ने बताया कि इस संबंध में राज्य के सभी एसपी और डीसीपी को निर्देश जारी कर दिए हैं। यह निर्णय भारत सरकार के गृह मंत्रालय के निर्देशों एवं साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। </p>
<p><strong>5 लाख से घटाकर एक लाख की गई सीमा</strong><br />एडीजी साइबर क्राइम वीके सिंह ने बताया कि इससे पहले राजस्थान में पांच लाख या उससे अधिक की साइबर वित्तीय ठगी के मामलों में ई-एफआईआर की व्यवस्था लागू थी। अब इसकी सीमा घटाकर एक लाख कर दी गई है, जिससे अधिक संख्या में पीड़ितों को तत्काल कानूनी सहायता मिल सकेगी। </p>
<p><strong>सिस्टम यूं करेगा काम</strong><br />नई व्यवस्था के तहत आरएफॉरसी के राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930) और सीसीटीएनएस प्रणाली को एकीकृत किया है। अब एक लाख या उससे अधिक की साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज होते ही संबंधित राज्य स्तरीय साइबर पुलिस स्टेशन में स्वत: ई-जीरो एफआईआर दर्ज हो जाएगी। </p>
<p><strong>तुरंत शुरू होगी कानूनी कार्रवाई</strong><br />सिंह ने बताया कि जारी आदेश के अनुसार ई-जीरो एफआईआर प्राप्त होते ही पुलिस बिना शिकायतकर्ता के हस्ताक्षर की प्रतीक्षा किए बैंक खातों को फ्रीज करने, संदिग्ध राशि होल्ड कराने, सीडीआर, आईपीडीआर, सीसीटीवी फुटेज एवं अन्य डिजिटल साक्ष्य जुटाने जैसी आवश्यक कानूनी कार्रवाई तुरंत प्रारंभ करेगी। वे साइबर फ्रॉड का शिकार होते ही साइबर हेल्पलाइन 1930 पर जल्द से जल्द शिकायत करें ताकि उन्हें त्वरित राहत मिल सके। </p>
<p><strong>यह रहेगी प्रक्रिया</strong><br />शिकायतकर्ता को ई-जीरो एफआईआर दर्ज होने के 72 घंटे के भीतर संबंधित पुलिस थाना पहुंचकर एफआईआर की मुद्रित प्रति पर हस्ताक्षर करने होंगे। यदि वह निर्धारित समय में उपस्थित नहीं हो पाता है तो उसे नोटिस जारी किया जाएगा। नई व्यवस्था के तहत एक करोड़ या उससे अधिक की धोखाधड़ी के मामलों का पंजीकरण एवं अनुसंधान राज्य स्तरीय साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन जयपुर करेगा।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Jul 2026 09:57:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
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                <title>राजस्थान में पहला साइबर सपोर्ट सेंटर जयपुर में शुरू, पीड़ितों को मिलेगा परामर्श और सहायता</title>
                                    <description><![CDATA[राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) यू. आर. साहू ने जयपुर पुलिस कमिश्नरेट में फीता काटकर इस सेंटर का विधिवत उद्घाटन किया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-victims-started-at-the-first-cyber-support-center-jaipur/article-115247"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/news51.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजधानी जयपुर में राजस्थान के पहले साइबर सपोर्ट सेंटर की शुरुआत हो गई है। राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) यू. आर. साहू ने जयपुर पुलिस कमिश्नरेट में फीता काटकर इस सेंटर का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर डीजी साइबर क्राइम हेमंत प्रियदर्शी, जयपुर पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसफ सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। यह सेंटर जयपुर पुलिस और एक निजी संस्था के सहयोग से स्थापित किया गया है।</p>
<p>सेंटर के उद्घाटन के दौरान डीजीपी साहू और अन्य अधिकारियों ने सेंटर का निरीक्षण किया और वहां की कार्यप्रणाली की जानकारी ली। यह सेंटर साइबर क्राइम या फ्रॉड के शिकार हुए पीड़ितों को काउंसलिंग और तकनीकी सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से खोला गया है। यहां तैनात प्रोफेशनल साइबर एक्सपर्ट्स और काउंसलर पीड़ितों की समस्याएं सुनकर उन्हें मानसिक सहयोग प्रदान करेंगे और उनकी समस्याओं को सुलझाने में मदद करेंगे।</p>
<p>सेंटर पर पीड़ितों को एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया, विधिक सहायता की जानकारी और अन्य जरूरी कदमों के बारे में भी बताया जाएगा। इसके अलावा, अगर किसी पीड़ित की आपत्तिजनक फोटो, वीडियो या अन्य सामग्री सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, तो उसे हटवाने की कानूनी प्रक्रिया भी पुलिस के सहयोग से यहीं से शुरू करवाई जाएगी।</p>
<p>डीजीपी यू. आर. साहू ने बताया कि यह प्रदेश का पहला ऐसा सेंटर है जो साइबर अपराध के शिकार हुए लोगों को न सिर्फ परामर्श देगा, बल्कि उनकी मदद के लिए एक सम्पूर्ण सहायता तंत्र उपलब्ध कराएगा। उन्होंने यह भी कहा कि देशभर में साइबर क्राइम के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और ऐसे में आम जनता को सतर्क और जागरूक करना अत्यंत आवश्यक है। पुलिस विभाग अब साइबर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए प्रोफेशनल्स की भर्ती कर रहा है ताकि बढ़ते साइबर अपराधों पर नियंत्रण पाया जा सके। इस सेंटर की स्थापना प्रदेश में साइबर सुरक्षा को एक नई दिशा देने की ओर बड़ा कदम मानी जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 24 May 2025 15:18:08 +0530</pubDate>
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