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                <title>बदहाल हो रहे पार्क : चोरी हो रहे सामान ; सुरक्षा दीवारों के साथ झूले भी टूटे, मैदान में हो रहे गड्ढ़े</title>
                                    <description><![CDATA[पार्क हरियाली की जगह गंदगी, अव्यवस्था और असामाजिक तत्वों के जमावड़े का केंद्र बना। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/parks-fall-into-disrepair--equipment-stolen--boundary-walls-and-swings-broken--grounds-riddled-with-potholes/article-151434"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/111200-x-600-px)-(3)28.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। विज्ञान नगर क्षेत्र के पार्क बदहाल हो रहे हैं। न केवल झूले बल्कि सुरक्षा दीवारें भी टूट रही हैं। वहीं, पार्क का मैदान भी गड्ढ़ों से उबड़-खाबड़ हो रहा है। जहां खेलते वक्त बच्चों के पैर मुड़ जाने से चोटिल हो रहे हैं। हालात यह हैं कि पार्क में लगे सामान तक चोरी हो गए। जिम्मेदारों की लापरवाही से पार्क अब हरियाली की जगह गंदगी, अव्यवस्था और असामाजिक तत्वों के जमावड़े का केंद्र बन गए हैं। परेशान क्षेत्रवासियों ने सुरक्षा दीवारें बनवाने व पार्क के विकास को लेकर जिला कलक्टर से गुहार लगाई।</p>
<p><strong>रेलिंग काटकर पटकी, कहीं सुरक्षा दीवार तोड़ी</strong></p>
<p>महात्मा गांधी पर्यावरण विकास समिति के अध्यक्ष एडवोकेट अमजद खान ने बताया कि पिछले एक साल में पार्कों की स्थिति पूरी तरह बिगड़ गई। कई जगहों पर बाउंड्री वॉल तोड़ दी गई तो कई जगहों पर रेलिंग काटकर पटक दी गई। पार्क खुले मैदान की तरह लावारिस हालत में छोड़ दिए गए हैं। जिससे सरकारी सम्पतियों के चोरी होने का डर बना रहता है।</p>
<p><strong>पार्कों में गंदगी का ढेर, असमाजिक तत्वो का जमावड़ा</strong></p>
<p>स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले पार्कों की देखरेख नगर निगम के अधीन थी, जो अब केडीए के अधीन है। जिम्मेदारों की लापरवाही से चल रहे विकास कार्य भी रुके पड़े हैं। न लेबर आती है और न ही ठेकेदारों का अता-पता है। पार्क पूरी तरह से लावारिस हालत में हैं। जिसकी वजह से पार्कों में असमाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है, जो शोर-शराबा व गाली-गलौच करते हैं। ऐसे में मॉर्निंग वॉक व इवनिंग वॉक पर आने वाले लोगों द्वारा टोकने पर झगड़ा करने पर उतारू हो जाते हैं। पार्क में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हैं। सुरक्षा दीवारें टूटने से मवेशी पार्क में घुस जाते हैं। जिससे हादसे की आशंका बनी रहती है।</p>
<p><strong>लोहे के डस्टबीन हो गए चोरी</strong></p>
<p>क्षेत्रवासियों का कहना है कि माहत्मा गांधी पार्क-(छोटा) में लगाए गए लोहे के डस्टबीन नशेडी चोरी कर ले गए। वहीं, पार्क में लोहे की जालियां पड़ी हुई हैं, ऐस में उसके चोरी होने का खतरा बना रहता है। शिकायत के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई और न ही पार्क की दशा सुधारने पर ध्यान दिया जा रहा।</p>
<p><strong>सफाई कर्मचारी हटाए, सफाई व्यवस्था ठप</strong></p>
<p>पार्क समिति के अध्यक्ष मुकेश मेवाड़ा का कहना है कि पार्क केडीए के अधीन आने के बाद से ठेकेदार ने सफाई कर्मचारियों को हटा दिया, जिससे नियमित सफाई बंद हो गई और पार्क कचरे से भर गए हैं। शिकायत करने पर जिम्मेदार अधिकारी भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। वहीं, क्षेत्रवासी अनीता ने बताया कि पार्क के सामने घर होने के कारण असामाजिक तत्वों की गतिविधियों से परिवार को काफी दिक्कत होती है। नशे का धुआं घरों तक पहुंचता है और विरोध करने पर गाली-गलौज की जाती है।</p>
<p><strong>खुले पड़े बिजली तार, पैनल टूटे</strong></p>
<p>स्थानीय निवासी रमेशचंद्र नागर ने बताया कि असामाजिक तत्वों ने पार्कों की लाइटें और पैनल तक तोड़ दिए हैं, जिससे पार्क में अंधेरा होने से संदिग्ध गतिविधियां बढ़ रही हैं। पुलिस को शिकायत देने के बावजूद गश्त नहीं बढ़ाई जा रही है। समिति सदस्यों व स्थानीय लोगों ने जिला कलक्टर से बदहाल पार्कों की स्थिति सुधरवाने की मांग की है। छत्रपुरा तालाब व गांधी गृह के पार्कों के हालात बदतर हो रहे हैं। जगह-जगह पार्क की दीवारें टूटी हुई हैं तो कहीं जगहों पर लोहे की जालियां यूं ही पटक रखी है, जबकि जिम्मेदार केडीए अधिकारी को इसे गोदाम में जमा करवाना चाहिए ताकि, सरकारी सम्पति चोरी होने से बच सके। इलाके के 3 वार्डों में करीब 6 से ज्यादा पार्क हैं, जिनमें ठेकेदार द्वारा मात्र 3-4 ही लेबर ही लगा रखी है, जो कभी-कभी आती है। वहीं, ठेकेदार के भी अते पते नहीं है। पार्कों की दशा बिगड़ रही है। संबंधित अधिकारी को कई बार लिखित व मौखिक शिकायत कर चुके हैं, इसके बावजूद सुनवाई नहीं हो रही।</p>
<p><strong>-कपिल शर्मा, पूर्व पार्षद</strong></p>
<p>पार्कों में विकास कार्य करवाए जा रहे हैं। यदि, कहीं कार्य में कोई कमी है तो मौका स्थिति देखकर दुरुस्त करवाया जाएगा।</p>
<p><strong>-सतीश तोमर, एईएन केडीए</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Apr 2026 14:56:07 +0530</pubDate>
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                <title>कोटा दक्षिण वार्ड 30 : बरसात से बिगड़ी सड़कें, खाली प्लॉट बने कचरा प्वाइंट, नियमित सफाई नहीं होने से लोग परेशान</title>
                                    <description><![CDATA[ नालियों के  ढकान  के बावजूद  बरसात में पानी भरता है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-south-ward-30--roads-damaged-due-to-rain--empty-plots-become-garbage-points--people-troubled-due-to-lack-of-regular-cleaning/article-127013"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/copy-of-news-(2)14.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम दक्षिण के वार्ड 30 में पार्षद द्वारा समय-समय पर विकास कार्य तो करवाए गए, लेकिन बरसात के चलते कई गलियों की सड़कें गड्ढों में तब्दील हो गई हैं। इससे बाइक सवारों और राहगीरों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वार्डवासी दिनेश व रितेश कुमार ने बताया कि घरों के आगे नालियों पर ढकान तो कर दिया गया, लेकिन बरसात में वहां पानी भर जाता है, जिससे आवाजाही में दिक्कत होती है। वहीं, लोगों का कहना है कि रात्रि के समय कुत्ते राहगीरों और बाइक सवारों के पीछे दौड़ते हैं, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि वार्ड में सफाई व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं है। कचरा गाड़ी मोहल्ले में कभी-कभार ही आती है और नियमित सफाई नहीं होने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।</p>
<p><strong>पार्क बदहाली का शिकार</strong><br />वार्ड के पार्क में जगह-जगह पर पेड़ों से टूटी पत्तियों का ढेर लगा हुआ था। पार्क में घूमने आए मोहन लाल ने बताया कि मैं प्रतिदिन पार्क में घूमने आता हूं, काफी दिनों से पार्क में पत्तियों का ढेर लगा हुआ है। पार्क में बिजली पैनल बॉक्स खुला पड़ा हुआ है, जिससे हादसा हो सकता है। वहीं, पार्क की चारदीवारी क्षतिग्रस्त हो रही है व रैलिंग भी गायब है।</p>
<p><strong>सड़कें के गड्ढे बने परेशानी</strong><br />वार्ड के मुख्य रोड पर ही जगह-जगह पर गड्ढे हो रहे हैं, जो कि राहगीरों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। वार्डवासियों का कहना है कि रोड की समस्या को लेकर पार्षद को अवगत कराने के बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है।</p>
<p><strong>खाली प्लॉट बने कचरा पात्र</strong><br />वार्ड की गलियों में अनेक जगहों पर खाली प्लॉट रहने वालों के लिए मुसीबत का कारण बने हुए हैं। क्योंकि इन खाली प्लॉट पर आसपास निवास करने वाले परिवार कचरा डाल रहे हैं। वहीं, इनमें बड़ी-बड़ी झाड़ियां उग रही हैं, जिससे कभी जलचर जानवर निकलकर आ जाते हैं, जिस कारण लोगों में डर का माहौल बना रहता है।</p>
<p><strong>वार्ड का एरिया :</strong> आर.के.पुरम-ए, मेडिकल कॉलेज, बालाजी मार्केट, श्रीनाथपुरम-ए (आधा) इत्यादि क्षेत्र आता है।</p>
<p><strong>इनका कहना</strong><br />वार्ड में कचरा गाड़ी कभी-कभी ही आती है और रोड की सफाई भी प्रतिदिन नहीं होती है। जिस कारण से कचरा घर पर ही रखा रह जाता है।<br /><strong>-निखिल नागर</strong></p>
<p> रात के समय पर रोड लाइट बंद रहती है और जो लगी हुई हैं वे भी कम ही उजाला देती हैं। व कचरा गाड़ी भी निश्चित समय पर नहीं आती है।<br /><strong>-लक्की कुमार</strong></p>
<p>वार्ड में खाली प्लॉट व रोड लाइट ठीक करने के लिए पिछले दिनों निगम में लगे शिविर में लिखित में आयुक्त को प्रार्थना दिया है। साथ ही अन्य वार्ड में तो विकास के कार्य हो रहे हैं पर मेरे वार्ड में नहीं हो रहे हैं।<br /><strong>- मोहन लाल नंदवाना, पार्षद 30, कांग्रेस</strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Sep 2025 16:05:41 +0530</pubDate>
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                <title>साइकिल शेयरिंग योजना बंद, कबाड़ हुई साइकिलें</title>
                                    <description><![CDATA[कम्पनी द्वारा निगम को राशि नहीं देने पर एक बार कम्पनी की साइकिलों को भी जब्त किया गया था। यह योजना नगर निगम के पिछले बोर्ड के समय शुरु की गई थी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/cycle-sharing-scheme-stopped--bicycles-became-junk/article-115956"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/rtroer-(1)39.png" alt=""></a><br /><p>कोटा ।  स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत शहर में शुरु की गई साइकिल शेयरिंग योजना के बंद होते ही योजना के तहत उपयोग ली जा रही साइकिलें कबाड़ हो गई हैं। वर्तमान में उनमें से कई साइकिलें दशहरा मैदान में ढेर में धूल खा रही हैं। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत शहर में साइकिल शेयरिंग योजना शुरु की गई थी। इस योजना के तहत नगर निगम की ओर से शहर में विशेष रूप से नए कोटा क्षेत्र में साइकिल स्टैंडों के लिए शेड तैयार करवाए गए थे। जहां निजी कम्पनी के माध्यम से किराए पर साइकिलें दी जाती थी।  कोचिंग स्टूडेंट व आमजन इन स्टैंडों से साइकिल निर्धारित समय के लिए किराए पर लेकर उनका उपयोग कर रहे थे। जानकारी के अनुसार शहर में निगम की ओर से करीब 14 केन्द्र बनाए गए थे। जिनमें तलवंडी व जवाहर नगर समेत कई जगह शामिल थी। इस योजना के तहत निजी कम्पनी द्वारा निगम को राजस्व दिया जाता था। लेकिन पूर्व में कम्पनी द्वारा निगम को राशि नहीं देने पर एक बार कम्पनी की साइकिलों को भी जब्त किया गया था। यह योजना नगर निगम के पिछले बोर्ड के समय शुरु की गई थी। </p>
<p><strong>योजना का समय हुआ पूरा</strong><br />नगर निगम कोटा दक्षिण के राजस्व अधिकारी विजय अग्निहोत्री ने बताया कि साइकिल शेयरिंग योजना स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत शुरु की गई थी। यह योजना दस साल के लिए थी। योजना का समय पूरा होते ही यह बंद हो गई।  योजना के तहत किराए पर देने वाली साइकिलें निजी कम्पनी की थी। लेकिन जगह नगर निगम ने दी रखी थी। जब योजना का समय पूरा हो गया  तो निगम ने उन जगहों को खाली कराया। उन जगहों का अन्य कार्य में उपयोग किया जाना है। ऐसे में कम्पनी द्वारा जब साइकिलें नहीं उठाई गई तो उन्हें निगम ने एक निर्धारित स्थान पर सुरक्षित रखवा दिया। दशहरा मैदान स्थित श्रीराम रंगमंच के पीछे ये वही साइकिलें रखी हुई है। पिछले कई महीने से रखी होने से उन साइकिलों पर धूल जम गई होगी। इधर नगर निगम कोटा दक्षिण के नेता प्रतिपक्ष विवेक राजवंशी ने बताया कि यह योजना निगम के माध्यम से संचालित की गई थी। निजी कम्पनी द्वारा निगम को निर्धारित राशि नहीं देने पर निगम ने साइकिलें जब्त की थी। संभावना है कि ये वही जब्त साइकिलें होंगी। ये साइकिलें नगर निगम की नहीं कम्पनी की है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 31 May 2025 16:24:46 +0530</pubDate>
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