<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/teachers/tag-5599" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>teachers - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/5599/rss</link>
                <description>teachers RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>बजट होते हुए भी विकास कार्यों में खर्च नहीं कर पा रहे कॉलेज, प्रशासनिक और शैक्षणिक कामों के बीच बिगड़ रहा संतुलन</title>
                                    <description><![CDATA[हाड़ौती के सरकारी कॉलेजों में लेखाधिकारी नहीं, बजट लेप्स होने का मंडराया खतरा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/despite-having-a-budget--colleges-are-unable-to-spend-on-development-projects/article-144941"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/200-x-60-px)-(5).png" alt=""></a><br /><p>कोटा। हाड़ौती क्षेत्र के अधिकांश सरकारी महाविद्यालयों में सहायक लेखाधिकारी (डबलएओ) के पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। जिसका असर कॉलेजों की वित्तीय व्यवस्था और शैक्षणिक सुविधाओं पर पड़ रहा है। जरूरी सामान की खरीद से लेकर बिल भुगतान तक के काम अटक रहे हैं, जिससे महाविद्यालय प्रशासन को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शिक्षाविदों का कहना है कि 10 हजार रुपए से अधिक की किसी भी वस्तु की खरीद के लिए टेंडर प्रक्रिया जरूरी होती है, जो सहायक लेखाधिकारी के अभाव में यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही। नतीजन फर्नीचर, टेबल-कुर्सियां, कंप्यूटर और अन्य आवश्यक उपकरण की बजट होते हुए भी कॉलेज प्रशासन खरीद नहीं कर पा रहे हैं। इससे कॉलेजों की मूलभूत सुविधाएं प्रभावित हो रही हैं।</p>
<p><strong>प्रशासनिक और शैक्षणिक कामों के बीच बिगड़ रहा संतुलन</strong><br />शिक्षकों ने बताया कि कोटा शहर के बड़े कॉलेजों को छोड़कर ग्रामीण क्षेत्रों के एक दर्जन से अधिक सरकारी कॉलेजों में सहायक लेखाधिकारी का पद भरा नहीं है। जिसकी वजह से सिर्फ वित्तीय संबंधित कार्य ही नहीं बल्कि शैक्षणिक कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। लेखा संबंधित छोटे मोटे कार्यों का जिम्मा जिन शिक्षकों को दिया जाता है, उनका शैक्षणिक कार्य प्रभावित हो जाता है। इसके अलावा दैनिक कैशबुक का रख-रखाव, नोटशीट पर टिप्पणियां व ट्रेजरी से जुड़े बिलों का निपटान जैसे कार्यों में तकनीकी और लेखा संबंधी समझ की आवश्यकता होती है, जो सामान्यत: शिक्षकों के कार्यक्षेत्र से अलग है। ऐसे में प्रशासनिक और शैक्षणिक कामों के बीच संतुलन बिगड़ रहा है।</p>
<p><strong>फर्नीचर का बजट लेप्स होने का खतरा</strong><br />सुकेत कॉलेज के छात्रों का कहना है, महाविद्यालय में फर्नीचर खरीद के लिए 4 लाख का बजट आया हुआ है लेकिन टेंडर प्रक्रिया नहीं होने के कारण अब तक खरीद नहीं हो पाई, जबकि अगले माह वित्तीय वर्ष समाप्त होने के साथ बजट भी लेप्स होने का खतरा मंडरा रहा है । जरूरी संसाधनों की समय पर खरीद न होने और वित्तीय प्रक्रियाओं के लंबित रहने का सीधा असर विद्यार्थियों की सुविधाओं और पढ़ाई पर पड़ रहा है।</p>
<p><strong>हाड़ौती के इन कॉलेजों में नहीं डबल एओ</strong><br />कोटा शहर के बड़े कॉलेजों को छोड़कर हाड़ौती के एक दर्जन से अधिक राजकीय महाविद्यालयों में सहायक लेखाधिकारी के पद खाली पड़े हैं। जिनमें राजकीय महाविद्यालय इटावा, कनवास, सांगोद, रामगंजमंडी, सुकेत, चेचट, दीगोद, बारां जिले में राजकीय महाविद्यालय छिपाबडौद, अटरु, बूंदी जिले के गवर्नमेंट कॉलेज तालेड़ा, हिंडोली, डाबी सहित कई कॉलेज शामिल हैं। इन कॉलेजों को विकास सामग्री खरीदने के लिए या तो नोडल महाविद्यालय या फिर रे-सेंटर के भरोसे रहना पड़ता है।</p>
<p><strong>इन समस्याओं से जूझ रहे कॉलेज प्रशासन</strong><br />शिक्षकों का कहना है, महाविद्यालयों में फर्नीचर, कम्यूटर, इनवर्टर, कूलर-पंखें, टेबल-कुर्सियां खरीद व संविदा पर लगे शिक्षकों का वेतन संबंधित, विद्यार्थियों का फीस स्ट्रक्चर, स्टेशनरी क्रय, एडमिशन के दौरान आने वाली फीस को विभिन्न मदों में विभाजित करना, कक्षा-कक्ष मेंटिनेंस, अनुमानित बजट बनाना, लाइब्रेरी का सेटअप तैयार करना व किताबें खरीदने सहित सम्पूर्ण वित्तीय कार्य सहायक लेखाधिकारी द्वारा किए जाते हैं। जिनके अभाव में महाविद्यालय प्रशासन आवश्यक साधन संसाधनों की खरीद नहीं कर पाते। संभाग में कई महाविद्यालय ऐसे हैं, जहां विद्यार्थियों की संख्या के अनुपात में टेबल-कुर्सियां आधी भी नहीं है।</p>
<p><strong>क्या कहते हैं प्राचार्य व प्रोफेसर</strong><br />लाइब्रेरी के लिए अलग-अलग मद में बजट आया हुआ है। लाइब्रेरी सेटअप, कताबें वह अन्य सामानों के लिए 75 - 75 हजार का बजट मिला है। इनमें मात्र 20 हजार रुपए की ही खरीद हो पाई है। जबकि 55 हजाररुपए यूं ही पड़े हैं, क्योंकि एसपीपीपी पोर्टल पर खरीद प्रकिया के लिए टेंडर किए जाने होते हैं, जो वित्त संबंधी नियमों की जानकारी के बगैर नहीं हो सकते। ऐसे में सहायक लेखा अधिकारी नहीं होने से कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है।<br /><strong>- ललित कुमार, प्रोफेसर राजकीय महाविद्यालय कनवास</strong></p>
<p>सहायक लेखाधिकारी नहीं होने से वित्तीय संबंधी कार्यों के लिए काफी परेशानी हो रही है। वर्तमान में कॉलेज में 600 स्टूडेंट है जिसके मुकाबले टेबल कुर्सियां 300 ही है। ऐसे सहायक लेखाधिकारी के अभाव में आवश्यक सामग्री की खरीद समय पर नहीं हो पाती। टेंडर संबंधित कार्य नियमों के अभाव में शिक्षक नहीं कर पाते हैं। अनावश्यक देरी से बजट लेप्स होने का खतरा बना रहता है।<br /><strong>- रामदेव मीणा, प्राचार्य राजकीय महाविद्यालय इटावा</strong></p>
<p>सुकेत कॉलेज में फर्नीचर के लिए 4 लाख का बजट मिला हुआ है। लेकिन खरीद के लिए टेंडर प्रक्रिया नहीं होने से बजट लेप्स का खतरा बना हुआ है। इस संबंध में आयुक्तालय को भी लिखा है। इस बजट से 200 से टेबल कुर्सी खरीदनी है। हालांकि बजट लेफ्ट ना हो इसके लिए खादी ग्रामोद्योग से फर्नीचर खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। लेकिन हर कॉलेज सहायक लेखाधिकारी होना चाहिए।<br /><strong>- संजय गुर्जर, प्राचार्य राजकीय महाविद्यालय रामगंजमंडी</strong></p>
<p>कॉलेज में डबल एओ का पद रिक्त है। ऐसे में आवश्यक संसाधनों की खरीद के लिए या तो नोडल कॉलेज या फिर रे- सेंटर के भरोसे रहना पड़ता है। पिछले साल भी डबल एओ के अभाव में टेंडर प्रक्रिया समय पर नहीं हो पाने से बजट लैप्स हो गया। वित्तिय संबंधी कार्यों में काफी परेशानी होती है।<br /><strong>- डॉ. बुद्धिप्रकाश मीणा, प्राचार्य राजकीय महाविद्यालय अटरु</strong></p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />बड़े कॉलेजों में लेखाधिकारी कार्यरत हैं, संबंधित कॉलेजों के प्राचार्यों द्वारा मांग करने पर दूसरे नोडल महाविद्यालयों या रे- सेंटर से व्यवस्था की जाती है।<br /><strong>- प्रो. विजय पंचोली, क्षेत्रिय सहायक निदेशक आयुक्तालय कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/despite-having-a-budget--colleges-are-unable-to-spend-on-development-projects/article-144941</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/despite-having-a-budget--colleges-are-unable-to-spend-on-development-projects/article-144941</guid>
                <pubDate>Sat, 28 Feb 2026 15:31:42 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/200-x-60-px%29-%285%29.png"                         length="1077601"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जियो की एआई पहल: उत्तराखंड के 3000 से ज्यादा छात्रों, शिक्षकों को दिया एआई का प्रशिक्षण</title>
                                    <description><![CDATA[रिलायंस जियो ने उत्तराखंड में 'एआई फॉर एवरीवन' के तहत 400 से अधिक संस्थानों में 3000 छात्रों-शिक्षकों को एआई प्रशिक्षण दिया, साथ ही 5जी यूजर्स को जेमिनी प्रो मुफ्त मिला।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/gadgets/jios-ai-initiative-provided-ai-training-to-more-than-3000/article-141236"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/500-px)-(16).png" alt=""></a><br /><p>देहरादून। उत्तराखंड में पढऩे वाले छात्रों को भविष्य की तकनीकों से जोडऩे के लिए रिलायंस जियो ने 'एआइ फॉर एवरीवन' मिशन के तहत बड़ा कदम उठाया है। इस पहल के माध्यम से राज्य के 400 से अधिक स्कूलों और कॉलेजों में 3000 से ज्यादा छात्रों और शिक्षकों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की ट्रेनिंग दी जा चुकी है।</p>
<p>जियो की इस पहल के तहत छात्रों और शिक्षकों को गूगल जैमिनी प्रो से परिचित कराया गया, जहां उन्हें पढ़ाई, नोट्स बनाने, असाइनमेंट लिखने, कोडिंग, प्रोजेक्ट आइडिया और इंटरव्यू तैयारी जैसे कामों में एआई के व्यावहारिक इस्तेमाल की जानकारी दी गई। नोटबुक एलएम और जेमिनी लाइव जैसे टूल्स ने छात्रों को उनकी पसंदीदा भाषा में सीखने का अनुभव दिया।</p>
<p>छात्रों और युवाओं को डिजिटल कौशल से जोडऩे के लिए जियो अपने सभी असीमित 5 जी यूजर्स को 35,100 रुपये मूल्य वाला गूगल जेमिनी प्रो प्लान 18 महीने के लिए पूरी तरह मुफ्त दे रहा है। इस प्लान में नवीनतम जेमिनी 3 प्रो मॉडल समेत एआई-आधारित इमेज जनरेशन टूल्स नैनो बनाना प्रो और वीडियो जनरेशन टूल्स बीईओ 3.1, नोटबुक एलएम और दो टीबी क्लाउड स्टोरेज शामिल है। प्लान को 'माई जियो एप' के जरिए सक्रिय किया जा सकता है। इसके साथ ही छात्र चार हफ्ते का फ्री ऑनलाइन 'जियो एआई क्लास रूम' कोर्स भी पूरा कर सकते हैं, जिससे उन्हें एआई तकनीकों की व्यावहारिक समझ मिलेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>गैजेट्स</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/business/gadgets/jios-ai-initiative-provided-ai-training-to-more-than-3000/article-141236</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/business/gadgets/jios-ai-initiative-provided-ai-training-to-more-than-3000/article-141236</guid>
                <pubDate>Thu, 29 Jan 2026 16:54:20 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-01/500-px%29-%2816%29.png"                         length="368060"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शिक्षक के ट्रांसफर पर छात्र भावुक : धरने पर बैठे, कहा- वापसी तक नहीं करेंगे स्कूल में प्रवेश </title>
                                    <description><![CDATA[छात्रों को समझाने की कोशिश की और ट्रांसफर को सामान्य प्रक्रिया बताया, लेकिन छात्र अपनी मांग पर अड़े रहे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/students-sat-on-an-emotional-dharna-on-teachers-transfer/article-139928"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/6622-copy54.jpg" alt=""></a><br /><p>झुंझुनूं। जिले के सूरजगढ़ ब्लॉक के अगवाना खुर्द में राजकीय विद्यालय में अध्यापक अनिल कुमार के ट्रांसफर का विरोध भावुक मोड़ ले चुका है। शिक्षक के स्थानांतरण के खिलाफ छात्र पिछले 6 दिनों से स्कूल के बाहर धरने पर बैठे हैं। अनिल कुमार धरना स्थल पहुंचे, तो छात्र भावुक हो गए। किसी ने हाथ जोड़ दिए, तो किसी ने पैर पकड़ लिए। </p>
<p>शिक्षक ने भी बच्चों से धरना समाप्त करने की अपील की, लेकिन छात्रों ने स्पष्ट कहा कि शिक्षक की वापसी तक वह स्कूल में प्रवेश नहीं करेंगे। छात्रों को समझाने की कोशिश की और ट्रांसफर को सामान्य प्रक्रिया बताया, लेकिन छात्र अपनी मांग पर अड़े रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/students-sat-on-an-emotional-dharna-on-teachers-transfer/article-139928</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/students-sat-on-an-emotional-dharna-on-teachers-transfer/article-139928</guid>
                <pubDate>Sat, 17 Jan 2026 16:59:41 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-01/6622-copy54.jpg"                         length="107919"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एसओजी का बड़ा एक्शन : डमी परीक्षार्थी बिठाकर वरिष्ठ अध्यापक बनने वाले 2 जालसाज गिरफ्तार, फरार चल रहे इनामी आरोपी दबोचे  </title>
                                    <description><![CDATA[ इस पर ये दोनों वरिष्ठ अध्यापक (विज्ञान विषय) के पद पर चयनित भी हो गए थे, लेकिन जांच की आंच पहुंचते ही फरार हो गए। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/big-action-of-sog-2-fraudsters-who-became-senior-teachers/article-136654"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/6622-copy50.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। एसओजी ने वरिष्ठ अध्यापक (माध्यमिक शिक्षा) भर्ती परीक्षा 2022 में डमी परीक्षार्थी बिठाकर फर्जी तरीके से चयनित होने वाले दो मुख्य आरोपियों दिनेश कुमार पुत्र बाबू लाल और दिनेश कुमार पुत्र आसूराम विश्नोई को गिरफ्तार किया है। एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि ये दोनों अभियुक्तपिछले दो वर्षों से गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस को चकमा दे रहे थे। इनके खिलाफ  कोर्ट ने स्थाई गिरफ्तारी वारंट जारी किया था और इन पर 5-5 हजार रुपए का इनाम घोषित था। </p>
<p><strong>डमी कैंडिडेट के जरिए पास की परीक्षा</strong></p>
<p>मामला वर्ष 2022 की वरिष्ठ अध्यापक भर्ती से जुड़ा है। जांच में सामने आया कि अभियुक्तों ने 29 जनवरी 2023 को सामान्य ज्ञान और शैक्षिक मनोविज्ञान विषय की परीक्षाओं में खुद की जगह डमी परीक्षार्थियों को बिठाया था। इस पर ये दोनों वरिष्ठ अध्यापक (विज्ञान विषय) के पद पर चयनित भी हो गए थे, लेकिन जांच की आंच पहुंचते ही फरार हो गए। जयपुर और पुणे से हुई गिरफ्तारी  : डीआईजी परिस देशमुख के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने जाल बिछाकर दोनों को अलग-अलग स्थानों से दबोचा। आरोपी दिनेश कुमार पुत्र बाबूलाल को महाराष्ट्र के पुणे और आरोपी दिनेश कुमार पुत्र आसूराम को जयपुर से गिरफ्तार किया गया।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/big-action-of-sog-2-fraudsters-who-became-senior-teachers/article-136654</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/big-action-of-sog-2-fraudsters-who-became-senior-teachers/article-136654</guid>
                <pubDate>Sun, 21 Dec 2025 09:54:01 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-12/6622-copy50.jpg"                         length="226132"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पीएमश्री विद्यालय में 21 पद रिक्त, विद्यार्थी अन्य स्कूलों की ओर रुख करने को मजबूर</title>
                                    <description><![CDATA[नगर पालिका क्षेत्र का ये सबसे बड़ा सरकारी विद्यालय है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/21-vacant-positions-at-pm-shri-school--forcing-students-to-turn-to-other-schools/article-134057"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/1200-x-600-px)-(4)3.png" alt=""></a><br /><p>इन्द्रगढ़। पीएमश्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय इन्द्रगढ़ में शिक्षकों की गंभीर कमी से शैक्षणिक व्यवस्था चरमराई हुई है। विद्यालय में कुल 38 स्वीकृत पदों में से 21 पद रिक्त पड़े हैं, जिनमें व्याख्याता, स्कूल प्राध्यापक, शिक्षक लेवल-01, लेब सहायक, लेब बॉय तथा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी समेत प्रशासनिक अधिकारी का पद भी शामिल है। इससे नियमित शिक्षण कार्य गहराई से प्रभावित हो रहा है। नगर पालिका क्षेत्र के सबसे बड़े इस सरकारी विद्यालय में कला, विज्ञान, वाणिज्य और कृषि संकाय के विद्यार्थी इन्द्रगढ़ के साथ लगभग 40 गांवों से आकर अध्ययन करते हैं। लेकिन व्याख्याताओं के 16 स्वीकृत पदों में केवल 6 ही भर पाए हैं। भौतिक विज्ञान, गणित, लेखाशास्त्र, व्यवसाय अध्ययन, इतिहास, अर्थशास्त्र, संस्कृत साहित्य, चित्रकला और उर्दू साहित्य सहित कई विषयों में व्याख्याता नहीं होने से विद्यार्थियों की पढ़ाई अधर में है। स्थिति यह है कि शिक्षक कमी के कारण कई विद्यार्थी विद्यालय छोड़कर अन्य संस्थानों की ओर रुख करने लगे हैं, जिससे विद्यार्थी संख्या में लगातार गिरावट दर्ज हो रही है।</p>
<p><strong>भाजपा शहर मंडल अध्यक्ष ने शिक्षा मंत्री को भेजा पत्र</strong><br />रिक्त पदों को लेकर भाजपा शहर मंडल अध्यक्ष गिरिराज जैन ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को पत्र लिखकर पदों को शीघ्र भरने की मांग की है। उन्होंने कहा कि भाजपा प्रतिनिधि मंडल जल्द ही शिक्षा मंत्री से मिलकर इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा करेगा ताकि शिक्षण कार्य सुचारू रूप से जारी रह सके।</p>
<p><strong>विद्यार्थियों ने उठाया सवाल- शिक्षक ही नहीं तो पीएमश्री का क्या लाभ?</strong><br />विद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों ने कहा कि पीएमश्री स्कूलों को अतिरिक्त सुविधाएं व बजट दिया जाता है, लेकिन जब मूल आवश्यकता-शिक्षक ही उपलब्ध नहीं हैं-तो यह योजना निरर्थक प्रतीत होती है। विद्यार्थियों ने सरकार से तत्काल रिक्त पदों को भरने की मांग की है।</p>
<p>विद्यालय मे अधिकतर व्याख्याताओ के पद रिक्त है रिक्त पदों वैकल्पिक रूप पर बाहर के शिक्षकों को गेस्ट फैकल्टी के तौर पर लगाकर शिक्षण कार्य करवाया जा रहा है जिससे शिक्षण कार्य प्रभावित न हो ।<br /><strong>- प्रदीप कुमार गौतम, प्रधानाचार्य पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय इन्द्रगढ़ </strong></p>
<p>पीएमश्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय इन्द्रगढ़ मे व्याख्याताओं के अधिकतर पद रिक्त है इन पदों को भरने के लिए शिक्षा मंत्री जी को पत्र लिखा है जल्द ही इसके लिए भाजपा प्रतिनिधि मंडल राज्य सरकार के शिक्षा मंत्री से मिलेगा ।<br /><strong> - गिरिराज जैन (गिरु)अध्यक्ष भाजपा शहर मंडल इन्द्रगढ़ </strong></p>
<p>पीएमश्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय इन्द्रगढ़ मे इन्द्रगढ़ सहित आस पास के ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थी भी अध्यनरत है शिक्षकों की कमी से शिक्षण कार्य प्रभावित होता है राज्य सरकार द्वारा खाली पदों को भरना चाहिए जिससे शिक्षण कार्य सही हो सके ।<br /><strong>- नरेश कुमार योगी पुजारी एवं समाज सेवी श्री बिजासन माताजी इन्द्रगढ़ </strong></p>
<p>पीएमश्री मे चयनित विद्यालय मे व्याख्याताओं व शिक्षकों की कमी शोचनीय विषय है हमारी राज्य सरकार से मांग है तुरंत रिक्त पदों को भरा जाए जिससे विद्यार्थियों का भविष्य उज्ज्वल हो एवं बेहतर शिक्षण हो ।<br /><strong>-प्रेम प्रकाश सेन मंडल प्रतिनिधि भाजपा शहर मंडल इन्द्रगढ़ </strong></p>
<p>बूंदी जिले मे पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय इन्द्रगढ़ मे शिक्षा का बेहतरीन वातावरण है यहां पर कई प्रकार की शैक्षिक व सहशैक्षिक गतिविधियों का संचालन होता है विद्यालय मे स्थाई शिक्षकों की कमी से कई कार्य प्रभावित होते है। <br /><strong>- कुलदीप गिरी  शारीरिक शिक्षक पीएमश्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय इन्द्रगढ़</strong></p>
<p>इन्द्रगढ़ सबसे बड़े सरकारी विद्यालय में शिक्षा का स्तर उच्च हो इसके लिए समस्त पदों का भरना आवश्यक है तभी सरकार द्वारा चयनित पीएमश्री विद्यालय के अवधारणा साकार हो सकती है एवं छात्रों को अच्छी शिक्षा प्राप्त होगी ।<br /><strong>- गणेश गौतम पूर्व पार्षद, युवा भाजपा नेता व समाजसेवी </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/21-vacant-positions-at-pm-shri-school--forcing-students-to-turn-to-other-schools/article-134057</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/21-vacant-positions-at-pm-shri-school--forcing-students-to-turn-to-other-schools/article-134057</guid>
                <pubDate>Sat, 29 Nov 2025 15:00:50 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-11/1200-x-600-px%29-%284%293.png"                         length="880073"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शिक्षकों को एसआईआर में लगाया : स्कूलों में कोर्स पर ‘संकट के बादल’, अर्द्धवार्षिक परीक्षा सिर पर; कैसे होगा कोर्स पूरा</title>
                                    <description><![CDATA[ परीक्षा निर्धारित तिथि से पहले हो रही है और विषय के शिक्षकों के मतदाता सूची के निरीक्षण में लगे होने से शिक्षण कार्य भगवान भरोसे है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/teachers-put-in-sir-cloud-of-crisis-over-the-courses/article-131637"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/shiksha-sankul-(2)1.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राज्य में मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) 4 नवम्बर से शुरू होने पर उसमें करीब 55 हजार से अधिक शिक्षकों की ड्यूटी लगाने से अर्द्धवार्षिक परीक्षा के कोर्स पर ‘संकट के बादल’ मंडरा रहे हैं। इतनी बड़ी संख्या में शिक्षकों के बीएलओ और सुपरवाइजर के रूप में लगाने से स्कूलों में पठन-पाठन का कार्य बुरी तरह गड़बड़ा गया है, जबकि परीक्षाएं 20 नवम्बर से शुरू होगी। अव्वल तो अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं शिविरा में दी गई तिथि से करीब 22 दिन पहले हो रही है और अब एसआईआर में शिक्षकों की ड्यूटी ने ‘कोढ़ में खाज’ का काम किया है। शिक्षकों की हालत खराब बनी हुई कि कोर्स पूरा नहीं कराएंगे तो रिजल्ट कमजोर होगा, रिजल्ट कमजोर होने पर विभाग उन्हें नोटिस सर्व करेगा। जबकि विद्यार्थियों की दुविधा है कि परीक्षा निर्धारित तिथि से पहले हो रही है और विषय के शिक्षकों के मतदाता सूची के निरीक्षण में लगे होने से शिक्षण कार्य भगवान भरोसे है। </p>
<p><strong>कितने कम समय में कैसे होगा कोर्स पूरा</strong><br />पिछले माह 28 अक्टूबर को ही द्वितीय परक (सैकण्ड टेस्ट) पूरे हुए हैं। शिक्षकों को चिंता सता रही है कि 28 अक्टूबर से 20 नवम्बर के बीच तीन रविवार और पांच नवम्बर को गुरु नानक जयंती का अवकाश होने से महज 19 दिन में इतना भारी भरकम कोर्स कैसे पूरा करा पाएंगे?</p>
<p><strong>इनका कहना </strong><br />‘बहुत ही दुखद है कि शिक्षा विभाग बिना रणनीति के नए-नए आदेश जारी करता रहता है। 20 नवम्बर से अर्द्धवार्षिक परीक्षा होगी लेकिन बड़ी संख्या में शिक्षकों को मतदाता सूची के कार्य में लगा रहा है। शिक्षा विभाग को पाठ्यक्रम में कटौती करनी चाहिए, जिससे की समय पर कोर्स पूरा हो सकें।’<br />- विपिन प्रकाश शर्मा, प्रदेशाध्यक्ष राजस्थान माध्यमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/teachers-put-in-sir-cloud-of-crisis-over-the-courses/article-131637</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/teachers-put-in-sir-cloud-of-crisis-over-the-courses/article-131637</guid>
                <pubDate>Fri, 07 Nov 2025 10:43:28 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-08/shiksha-sankul-%282%291.jpg"                         length="259954"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शिक्षक सम्मेलन : लम्बित मांगों को पूरा करने की मांग, शिक्षकों से केवल पढ़ाई ही कराई जाए</title>
                                    <description><![CDATA[वरिष्ठ अध्यापकों से व्याख्याता पद पर पदोन्नति दीपावली से पूर्व पूरी करने की मांग रखी। प्रदेश पर्यवेक्षक अंजनी कुमार शर्मा की देखरेख में सुरेंद्र सिंह जिला अध्यक्ष और ओमप्रकाश जिला मंत्री चुने गए। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/demand-for-fulfilling-teachers-conference-pending-demands-should/article-128106"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/6622-copy39.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। दो दिवसीय शिक्षक सम्मेलन ‘शिक्षकों की पदोन्नति करने, लंबित मांगों को पूरा करने और शिक्षकों से केवल पढ़ाई ही कराने के संकल्प’ के साथ सम्पन्न हो गए। शिक्षकों ने एक स्वर में कहा कि सरकार उनकी मांगों पर विचार कर उनकी समस्याओं को दूर करे, ताकि शिक्षक पूरी तरह से शिक्षा कार्य में रत हो सकें। राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला सम्मेलन के दूसरे दिन प्रदेशाध्यक्ष विपिन प्रकाश शर्मा ने महात्मा गांधी विद्यालयों में शेष चयनित शिक्षकों को शीघ्र पदस्थापित करने और शिक्षकों की लंबित मांगों को पूरा करने की अपील की गई। सम्मेलन में शिक्षकों की उपस्थिति को अनिवार्य करने, प्रतियोगी परीक्षाओं में एक पारी में ही ड्यूटी लगाने और लंबित डीपीसी को शीघ्र निस्तारित करने पर जोर दिया गया। प्रदेश सभाध्यक्ष शशिभूषण शर्मा ने वरिष्ठ अध्यापकों से व्याख्याता पद पर पदोन्नति दीपावली से पूर्व पूरी करने की मांग रखी। प्रदेश पर्यवेक्षक अंजनी कुमार शर्मा की देखरेख में सुरेंद्र सिंह जिला अध्यक्ष और ओमप्रकाश जिला मंत्री चुने गए। </p>
<p><strong>पुरस्कृत शिक्षक फोरम का अधिवेशन</strong><br /> पुरस्कृत शिक्षक फोरम, जयपुर जिला इकाई की ओर से आनंदीलाल पोद्दार मूकबधिर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में जिला स्तरीय शैक्षिक सम्मेलन का आयोजन हुआ। अध्यक्षता फोरम अध्यक्ष निर्मल ग्रोवर ने की जबकि मुख्य वक्ता प्रदेश महासचिव रामेश्वर प्रसाद शर्मा ने की। जिलाध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा ने बताया कि सम्मेलन में शिक्षा क्षेत्र में नवाचार, विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन और पुरस्कृत शिक्षकों की सुविधाओं पर चर्चा हुई। </p>
<p><strong>शिक्षक संघ प्रगतिशील का अधिवेशन</strong><br />राजस्थान शिक्षक संघ (प्रगतिशील) का जिला अधिवेशन और महासमिति का खुला अधिवेशन हवा सड़क स्थित अग्रवाल धर्मशाला में सम्पन्न हुआ। मुख्य अतिथि निवर्तमान प्रदेशाध्यक्ष गिरीश कुमार शर्मा ने शिक्षकों को समाज निर्माण में योगदान देने की प्रेरणा दी। अध्यक्षता पूर्व जिलाध्यक्ष सतीश कुमार यादव ने की। जिलाध्यक्ष शेर सिंह धाकड़ और वरिष्ठ उपाध्यक्ष दिनेश यादव ने बताया कि शिक्षकों के विरुद्ध अभद्र टिप्पणी करने वालों पर एक्ट बनाने सहित 21 प्रस्तावों को अनुमोदित किया गया। चुनाव में शेर सिंह धाकड़ जिलाध्यक्ष, दिनेश यादव वरिष्ठ उपाध्यक्ष, बृजमोहन चौधरी सभाध्यक्ष, हरिनारायण शर्मा उप सभाध्यक्ष, गिर्रार खण्डेलवाल व हेमलता जाट उपाध्यक्ष, सुभाष विश्नोई जिलामंत्री, नम्रता यादव महिला मंत्री, महेंद्र प्रजापति कोषाध्यक्ष और निर्मल सिंह अतिरिक्त जिला मंत्री चुने गए। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/demand-for-fulfilling-teachers-conference-pending-demands-should/article-128106</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/demand-for-fulfilling-teachers-conference-pending-demands-should/article-128106</guid>
                <pubDate>Sun, 28 Sep 2025 11:59:31 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-09/6622-copy39.jpg"                         length="459634"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बच्चों का भविष्य अंधकार में, कैसे होगी पढ़ाई !</title>
                                    <description><![CDATA[अभिभावक निजी विद्यालयों में बच्चों को भेजने को मजबूर हो रहे हैं।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/the-future-of-children-is-in-the-dark--how-will-they-study/article-123465"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1ne1ws40.png" alt=""></a><br /><p>मनोहरथाना। मनोहरथाना क्षेत्र के राजकीय प्राथमिक विद्यालय आफूखेड़ी में अव्यवस्थाओं का आलम है। बता दे कि सत्र जुलाई 2024 - 25 से  आफूखेड़ी विद्यालय पंचायत शिक्षकों के भरोसे चल रहा है, हैरानी की बात तो यह है कि विद्यालय में तैनात अध्यापक मनोहर सिंह भील 13 साल से दूसरे विद्यालय में डेपुटेशन पर लगे हुए हैं और वो 13 साल से आफूखेड़ी विद्यालय में आए तक नहीं। जबकि आफूखेड़ी विद्यालय का पूर्ण चार्ज मनोहरसिंह भील को दे रखा है, वही पंचायत शिक्षकों के पास आफूखेड़ी विद्यालय का आधिकारिक रूप से कोई विद्यालय चार्ज नहीं है। जिससे आफूखेड़ी में लगातार बच्चों के नामांकन भी कम होते जा रहे है। अभिभावक निजी विद्यालयों में बच्चों को भेजने को मजबूर हो रहे हैं। वहीं अभिभावक भी टीसी सहित अन्य कार्य के लिए चक्कर काटने को मजबूर हो रहे हैं। </p>
<p><strong>आफूखेड़ी विद्यालय में तैनात पंचायत शिक्षकों के पास नहीं है कोई कार्यभार</strong><br />जब सत्र शुरू हुआ तो शिक्षा विभाग के नियमों को ताक पर रखकर आफूखेड़ी विद्यालय में पंचायत शिक्षकों को लगा दिया। वहीं पंचायत शिक्षकों के पास आफूखेड़ी विद्यालय का कोई चार्ज नहीं दिया। वैसे तो शिक्षा विभाग लगातार बच्चों के नामांकन के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है, लेकिन शिक्षा विभाग की उदासीनता के कारण विद्यालय का चार्ज किसी और के पास होने के कारण आफूखेड़ी विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों के नामांकन 5 अगस्त 2025 तक नहीं बढे, जबकि आफूखेड़ी विद्यालय में बच्चों के नामांकन अभिभावकों ने लिखवा दिया। पंचायत शिक्षकों का कहना है कि हमारे पास नामांकन आते ही हमने आवेदन भिजवा दिए, लेकिन समय पर बच्चों के नामांकन नहीं किए। आफूखेड़ी विद्यालय में पंचायत शिक्षकों को लगाने के बाद बांसखेड़ा पीईईओ द्वारा पीईईओ के अधीनस्थ विद्यालय से दूसरे अध्यापक की व्यवस्था कर आफूखेड़ी विद्यालय में दूसरे अध्यापक का डेपुटेशन का आदेश जारी किया था, जिससे आफूखेड़ी विद्यालय की व्यवस्था सुचारू रूप से चल सके। मामले के अनुसार आफूखेड़ी विद्यालय में तैनात अध्यापक अनिल कुमार मेवाड़ा को ब्लॉक के पीईईओ बड़बद में डेपुटेशन कर दिया गया था और उनके स्थान पर जुलाई 2024 को आफूखेड़ी विद्यालय पंचायत शिक्षकों के भरोसे कर दिया। लेकिन उस समय भी पंचायत शिक्षकों के पास विद्यालय का कोई चार्ज नहीं था और संपूर्ण चार्ज अनिल कुमार मेवाड़ा के पास रहा हालांकि फरवरी 2025 में अनिल कुमार मेवाड़ा सेवानिवृत हो गए और उनके बाद आफूखेड़ी विद्यालय का चार्ज 13 साल से दूसरे विद्यालय में डेपुटेशन पर कार्यरत अध्यापक मनोहर सिंह भील को विभाग के अधिकारियों ने चार्ज सौंप दिया। </p>
<p><strong>आदेश के बाद भी नहीं गिरा जर्जर भवन</strong><br />आफूखेड़ी विद्यालय जर्जर भवन होने के कारण जमीदोज करने के आदेश दिए गए थे लेकिन कोई चार्ज किसी के पास नहीं होेने के कारण जमीदोज नहीं किया जा सका, क्योंकि यहां सिर्फ पंचायत शिक्षकों को लगा रखा है, और उनके पास कोई चार्ज नहीं है।  </p>
<p><strong>एसएमसी के सदस्य पहुंचे सीबीईओ कार्यालय</strong><br />आफूखेड़ी  विद्यालय की समस्या को लेकर एसएमसी के सदस्य मंगलवार को ब्लॉक शिक्षा अधिकारी के पास पहुंचे। वहां उन्होंने ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को विद्यालय की समस्या बताई समस्या में उन्होंने कहा है कि आफूखेड़ी विद्यालय से पंचायत शिक्षकों को हटाकर उनकी जगह दूसरे अध्यापक की नियुक्ति की जाए और मनोहर सिंह भील के पास जो चार्ज है वो नए अध्यापक को दिया जाए। </p>
<p>आफूखेड़ी विद्यालय के एसएमसी के सदस्य मेरे पास आए थे उन्होंने विद्यालय की समस्या बताई पीईईओ से बात करके जल्दी विद्यालय की समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।  <br /><strong>- राजेंद्र कुमार मेहरा  कार्यवाहक ब्लॉक शिक्षा अधिकारी मनोहरथाना</strong></p>
<p>एक साल से टीसी के लिए परेशान हो रहा हूं। जिससे मेरे बच्चों का विद्यालय में नामांकन नहीं हो पा रहा है। आफूखेड़ी विद्यालय में आते हैं यहां मौजूद अध्यापक कहते हैं कि हमारे पास चार्ज नहीं है, चार्ज किसी और के पास है। <br /><strong>- अल्ताफ खान ग्रामीण आफूखेड़ी</strong></p>
<p>एसएमसी की मीटिंग की थी, जिसमें कोई अधिकारी नहीं नहीं आया। बच्चों के नए नामांकन भी करवाने आते हैं तो वो भी समय पर नहीं हो रहे हैं।  <br /><strong>- फिरोज खान, ग्रामीण आफूखेडी</strong></p>
<p>विद्यालय का चार्ज किसी और के पास है, जिससे बच्चों के नामांकन भी समय पर नहीं हो रहे हैं और टीसी के लिए फोन करते हैं कोई जवाब नहीं मिलता। हमारी मांग है कि पंचायत शिक्षकों को हटाकर नया शिक्षक लगाया जाए। <br /><strong>- इकलाक खान एसएमसी अध्यक्ष आफूखेडी</strong></p>
<p>हमें सत्र 2024-25 से शिक्षण कार्य के लगा रखा है हमारे पास कोई विद्यालय का चार्ज नहीं है। ग्रामीणों द्वारा नए 4- 5 बच्चों को दस्तावेज ले लिए थे, हमारे द्वारा आफूखेडी विद्यालय के संस्था प्रधान के पास दस्तावेज भेज दिए थे उन्होंने समय पर नहीं किया नामांकन उनकी जिम्मेदारी है वैसे आफूखेडी विद्यालय  में 16-17 बच्चों के नामांकन है।<br /><strong>- वहीद खान पंचायत शिक्षक आफूखेडी</strong></p>
<p>सत्र 2024 से शिक्षण कार्य के लिए लगा रखा है, हमारे पास विद्यालय संबंधित कोई चार्ज नहीं है, टीसी और नामांकन का भी काम समय पर नहीं हो रहे हैं हमारे द्वारा नए नामांकन के लिए संस्था प्रधान को दस्तावेज भेज दिए।  <br /><strong>- हीरालाल पंचायत शिक्षक आफूखेडी</strong></p>
<p>मेरे पास 4 बच्चों के दस्तावेज आए थे, लेकिन वहां बच्चों के बैठने की जगह भी तो नहीं है कहां बिठाएंगे और मुझे विद्यालय का आॅनलाइन काम की जानकारी नहीं है। वैसे मैं 2012 से उस विद्यालय में नहीं हूं, लेकिन विद्यालय का सम्पूर्ण चार्ज मेरे पास ही दे रखा है। फरवरी में आफूखेड़ी विद्यालय जर्जर भवन को जमींदोज करने का आदेश आ गया था, लेकिन जर्जर भवन जमीदोज नहीं हो सका तो पीईईओ ने मेरे को नोटिस जारी कर दिया।  <br /><strong>- मनोहर सिंह भील संस्था प्रधान आफूखेड़ी</strong></p>
<p>मेरे क्षेत्र में 9 विद्यालय आते हैं और 9 ही विद्यालय में मेरा काम है। व्यवस्था के लिए मैंने पहले ही आफुखेडी में दो पंचायत शिक्षक लगा रखे हैं, इसके अलावा कोई व्यवस्था मेरे पास नहीं है। चार्ज पंचायत सहायक के पास नहीं है, चार्ज तो किसी और के पास है अगर आपको व्यवस्था करवाना है तो डीओ, बीईओ के पास जाओ।<br /><strong>- श्रवणकुमार पीईईओ बांसखेड़ा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/the-future-of-children-is-in-the-dark--how-will-they-study/article-123465</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/the-future-of-children-is-in-the-dark--how-will-they-study/article-123465</guid>
                <pubDate>Wed, 13 Aug 2025 16:59:04 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-08/1ne1ws40.png"                         length="487904"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एक ही कमरे में बैठते हैं पहली से सातवीं तक के 50 बच्चे</title>
                                    <description><![CDATA[शिक्षकों के सामने बच्चों को पढ़ाने की जगह की बड़ी समस्या खड़ी हो गई है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/50-children-from-first-to-seventh-standard-sit-in-one-room/article-122840"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1ne1ws-(3).png1.png" alt=""></a><br /><p>मोईकलां। लटूरी पंचायत के डूंगरपुर गांव स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में बच्चों के अध्ययन के लिए केवल दो कमरे ही उपलब्ध हैं। मजबूरी में एक कमरे में कक्षा पहली से सातवीं तक के करीब 50 बच्चों को एक साथ बिठाकर पढ़ाया जा रहा है। झालावाड़ जिले के पिपलोदी विद्यालय की घटना के बाद शिक्षा विभाग ने प्रदेशभर में जर्जर स्कूल भवनों का सर्वे कराया। इसी क्रम में डूंगरपुर विद्यालय के चार कक्षों और बरामदे को जर्जर मानते हुए बच्चों के बैठने पर रोक लगा दी गई और भवन गिराने के आदेश जारी किए गए। इसके बाद से शिक्षकों के सामने बच्चों को पढ़ाने की जगह की बड़ी समस्या खड़ी हो गई है।</p>
<p><strong>खुले बरामदे में बैठते हैं आठवीं के विद्यार्थी </strong><br />वर्तमान में आठवीं कक्षा के छात्रों को खुले बरामदे में बैठाया जाता है, जबकि पहली से सातवीं तक के सभी बच्चों को एक छोटे कमरे में ठूंसकर पढ़ाया जा रहा है। मंगलवार को विद्यालय में शिक्षक अशोक मीणा फावड़े से सफाई कर बच्चों को बैठाने की व्यवस्था कर रहे थे।</p>
<p><strong>नहीं हो पा रही ठीक से पढ़ाई</strong><br />शिक्षकों का कहना है कि भवन की स्थिति बेहद खराब होने के कारण बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कक्षाओं को बाहर शिफ्ट करना पड़ा। लेकिन जब तक नया भवन तैयार नहीं हो जाता, तब तक व्यवस्थित रूप से पढ़ाई कराना संभव नहीं है। पानी की निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने से बरसात के दिनों में विद्यालय परिसर में पानी भरा रहता है, जिससे स्थिति और भी खराब हो जाती है।</p>
<p>परिसर में स्थित एक चबूतरे की सफाई करके किसी भी एक कक्षा के बच्चों को वहां बैठाने की व्यवस्था की जाएगी।<br /><strong>- अशोक मीणा, कार्यवाहक प्रधानाध्यापक</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/50-children-from-first-to-seventh-standard-sit-in-one-room/article-122840</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/50-children-from-first-to-seventh-standard-sit-in-one-room/article-122840</guid>
                <pubDate>Wed, 06 Aug 2025 16:58:00 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-08/1ne1ws-%283%29.png1.png"                         length="466885"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>250 से ज्यादा शिक्षक अब नापेंगे दूसरे स्कूलों का रास्ता </title>
                                    <description><![CDATA[शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश में 4.50 हजार से अधिक शिक्षकों को माना अधिशेष।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/more-than-250-teachers-will-now-go-to-other-schoolsore-than-250-teachers-will-now-go-to-other-schools/article-121596"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/212142roer-(2)4.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा संभाग के राजकीय महात्मा  गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूलों में कार्यरत 250 से ज्यादा शिक्षकों को अब वापस हिन्दी माध्यम स्कूलों में जाना होगा। क्योंकि, इनकी जगह परीक्षा में चयनित हुए शिक्षक लगेंगे। ऐसे में अधिशेष हुए शिक्षकों का हिन्दी माध्यम स्कूलों में समायोजन किया जाएगा। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय बीकानेर ने हाड़ौती सहित प्रदेश के 3 हजार 737 महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों से करीब साढ़े 4 हजार से अधिक शिक्षकों को अधिशेष माना है। अब ये अधिशेष शिक्षक वर्तमान सत्र में नए स्कूलों के दरवाजे खटखटाएंगे।  इन अधिशेष शिक्षकों के लिए शिक्षा निदेशक ने समय सारणी जारी की है। बता दें, इन महात्मा गांधी स्कूलों में शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने के लिए 25 अगस्त को विभाग ने सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों की चयन परीक्षा करवाई थी। जिसमें पास होने वाले शिक्षकों को अंगे्रजी माध्यम स्कूलों में लगाया जाएगा। ऐसे में महात्मा गांधी स्कूलों में व्यवस्थार्त लगाए हिन्दी मीडियम विद्यालयों के शिक्षकों को वापस उन्हीं स्कूलों में भेजा जाएगा। यानी, समायोजन किया जाएगा। </p>
<p><strong>जिला अधिशेष शिक्षकों की संख्या</strong><br />कोटा    95    झालावाड़    39<br />बूंदी    24    बारां     104<br />नोट- यह आंकड़े तृतीय श्रेणी (एल-1 व एल-2 तथा स्पेशल एजुकेशन), व्याख्याता, वरिष्ठ व्याख्याता व प्राचार्य सहित हैं।</p>
<p><strong>कोटा से 95 शिक्षक अधिशेष, 77 का समायोजन </strong><br />कोटा जिले में तृतीय श्रेणी (एल-1 व एल-2), लेक्चरार, सीनियर लेक्चरार, प्रिंसिपल सहित करीब 95 शिक्षक अधिशेष हुए हैं। इनका वापस हिन्दी माध्यम स्कूलों में समायोजन किया जाना है। विभागीय निर्देशों की अनुपालना में कोटा जिला शिक्षाधिकारी माध्यमिक ने तृतीय श्रेणी के 77 अधिशेष शिक्षकों का समायोजन किए जाने का आदेश भी जारी कर दिया है और इनकी जगह विभागीय चयन परीक्षा में चयनित हुए शिक्षकों को लगाए जाने से महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूलों में रिक्त पद भी भर गए हैं। अब विद्यार्थियों को अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाने वाले शिक्षक मिलने से उनकी पढ़ाई बेहतर हो सकेगी। </p>
<p><strong>ये रहेगी अधिशेष शिक्षकों की प्रक्रिया</strong><br />शिक्षाविद् मोहर सिंह ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा निदेशक द्वारा जारी किए गए निर्देशों के अनुसार अधिशेष रहे शिक्षकों के समायोजन की प्रक्रिया इस तरह रहेगी। <br />- अधिशेष शिक्षकों का समायोजन रिक्तियों के क्रम में उसी राजस्व ग्राम में किया जाएगा। जिसमें वह अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में लगा है। यदि, उस राजस्व ग्राम में पद रिक्त नहीं होने पर ग्राम पंचायत के अन्य विद्यालय, ब्लॉक या जिले में पदस्थापित किया जाएगा। यथासंभव निकट के ब्लॉक के विद्यालय में समायोजन होगा।<br />- शहरी क्षेत्र के अधिशेष कार्मिकों का समायोजन शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्र के अधिशेष कार्मिकों का समायोजन ग्रामीण क्षेत्र में ही होगा।<br />- यदि अधिशेष कार्मिकों के समायोजन के लिए ग्रामीण क्षेत्र में एक भी पद नहीं होने तक अस्थाई रूप से शहरी क्षेत्र में लगाया जा सकेगा। <br />- शहरी क्षेत्र में भी एक भी पद रिक्त नहीं होने पर शहरी क्षेत्र के कार्मिक को ग्रामीण क्षेत्र में लगाया जाएगा।</p>
<p><strong>क्या कहते हैं विद्यार्थी </strong><br />महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में सभी विषयों की पढ़ाई इंग्लिश में होती है। ऐसे में यहां अंग्रेजी माध्यम में ही पढ़ाने वाले शिक्षक मिलने से पढ़ाई बेहतर हो सकेगी। वहीं, परीक्षा के दौरान सिलेबस अधूरा रहने की समस्या का भी निदान हो सकेगा। सरकार के यह प्रयास छात्रहित में है। <br /><strong>- देवेंद्र शर्मा, शिवपुरा छात्र  </strong></p>
<p>अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाने वाले शिक्षक मिलने से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा। साथ ही रिक्त पद भरे जाने से परीक्षा की बेहतर तैयारी हो सकेगी। जबकि, इससे पहले तक तो यह स्थिति थी कि विषय विशेषज्ञों की कमी के कारण ई-नोट्स के जरिए पढ़ाई करनी पड़ती थी और डाउट क्लियर नहीं हो पाते थे। <br /><strong>- तेजेंद्र कुमार, आरकेपुरम </strong></p>
<p><strong>पारदर्शिता से हो प्रक्रिया  </strong><br />महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में अधिशेष हुए शिक्षकों के समयोजन की प्रक्रिया पारदर्शिता से होनी चाहिए और चहतों को लाभ पहुंचाने की प्रवृति से बचना चाहिए। ताकि, शिक्षा विभाग की प्रक्रिया पर भरोसा बना रहे। हालांकि, सरकार का यह प्रयास सराहनीय है और छात्रों को बेहतर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी। <br /><strong>- मोहर सिंह सलावद, प्रदेशाध्यक्ष, शिक्षक संघ रेसटा </strong></p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />विभाग के निर्देशों की अनुपालना में चयनित शिक्षकों  को महत्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूलों में लगाए जाने से अधिशेष हुए शिक्षकों का समायोजन आदेश जारी कर दिए हैं। कोटा से तृतीय श्रेणी के 77 शिक्षकों के समायोजन किया गया है। <br /><strong>- केके शर्मा, जिला शिक्षाधिकारी कोटा </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/more-than-250-teachers-will-now-go-to-other-schoolsore-than-250-teachers-will-now-go-to-other-schools/article-121596</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/more-than-250-teachers-will-now-go-to-other-schoolsore-than-250-teachers-will-now-go-to-other-schools/article-121596</guid>
                <pubDate>Fri, 25 Jul 2025 15:25:19 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-07/212142roer-%282%294.png"                         length="482477"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>असर खबर का - अब शिक्षक करेंगे हाउस होल्ड सर्वे, बढ़ाएंगे नामांकन</title>
                                    <description><![CDATA[ शिक्षक विद्यालय आएंगे और डोर टू डोर घर-घर जाकर अभिभावकों से सम्पर्क कर नामांकन बढ़ाने का प्रयास करेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-news---now-teachers-will-do-household-survey--will-increase-enrollment/article-111049"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/news-(5)9.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में नामांकन बढ़ाने के लिए अब शिक्षक हाउस होल्ड सर्वे करेंगे। इसी के साथ प्रवेशोत्सव के प्रथम चरण का आगाज हो गया है। ऐसे में अब शिक्षक विद्यालय आएंगे और डोर टू डोर घर-घर जाकर अभिभावकों से सम्पर्क कर नामांकन बढ़ाने का प्रयास करेंगे। हालांकि शैक्षणिक सत्र की शुरुआत 1 जुलाई से होगी। राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद ने इसके आदेश जारी कर दिए हैं। गौरतलब है कि दैनिक नवज्योति ने गत 8 अपे्रल को इस बार प्रवेशोत्सव में देरी से सरकारी स्कूलों का घटेगा नामांकन...शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद राजस्थान सकूल शिक्षा परिषद ने प्रवेशोत्सव को लेकर आदेश जारी किए। </p>
<p><strong>प्रवेशोत्सव का पहला चरण 9 मई तक </strong><br />शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, सत्र 2025 -26 के लिए प्रवेशोत्सव के पहले चरण का आगाज मंगलवार से हो चुका है, जो 9 मई तक जारी रहेगा। इस दौरान शिक्षक घर-घर जाकर हाउस होल्ड सर्वे करेंगे और 3 से 18 वर्ष आयु के सभी बच्चों का चिन्हीकरण कर 3 से 5 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को आंगनबाड़ियों में तथा 6 से 18 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को विद्यालय में प्रवेश दिया दिलाएंगे। </p>
<p><strong>अनामांकित व ड्रॉप आउट बच्चों पर रहेगा फोकस </strong><br />शिक्षक नेता मोहर सिंह ने बताया कि शिक्षा विभाग के आदेशानुसार प्रवेशोत्सव कार्यक्रम के दौरान नामांकन वृद्धि, अनामांकित व ड्रॉपआउट बच्चों एवं प्रवासी श्रमिकों के बच्चों एवं बाल श्रम से मुक्त कराए गए बच्चों तथा गाड़ी लुहार/घुमंतु परिवारों के बच्चों को विद्यालय में नामांकित करने पर विशेष फोकस रहेगा। शिक्षा से वंचित इन चिन्हित बालक-बालिकाओं की प्रविष्टि प्रत्येक शिक्षक द्वारा शाला दर्पण शिक्षक ऐप के माध्यम से की जानी है।</p>
<p><strong>प्रवेश महोत्सव का होगा आयोजन </strong><br />नव प्रवेशित विद्यार्थियों के उत्साहवर्धन के लिए 8 मई से 10 मई तक विद्यालयों में प्रवेश महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। जिसमें विद्यार्थियों के अभिभावकों को आमंत्रित कर विद्यालय की प्रवेश समिति के साथ परिचित करवा कर प्रवेश ा्रक्रिया को पूर्ण किया जाएगा।</p>
<p><strong>दो चरणों में होगा डिजिटल प्रवेशोत्सव </strong><br /><strong>प्रथम चरण: </strong><br />- हाउस होल्ड सर्वे (बच्चों का चिन्हीकरण) - 15 अप्रैल से 9 मई तक। <br />- नामांकन अभियान (सीआरसी मॉड्यूल में प्रविष्टि) - 10 से 16 मई तक<br /><strong>द्वितीय चरण: </strong><br />- पुन: हाउस होल्ड सर्वे (शेष रहें बच्चों का चिन्हीकरण) - 1 जुलाई से 24 जुलाई तक। <br />- नामांकन अभियान 25 जुलाई से 18 अगस्त तक रहेगा।</p>
<p><strong>नवज्योति का जताया आभार</strong><br />15 अप्रैल से प्रवेशोत्सव के आगाज किए जाने का विभाग का निर्णय स्वागत योग्य है। समय पर प्रवेशोत्सव शुरू होने से सरकारी विद्यालयों में नामांकन बढ़ाने में मदद मिलेगी।  गवर्नमेंट स्कूलों में प्रवेशोत्सव में देरी को लेकर दैनिक नवज्योति ने प्रमुखता से खबर प्रकाशित कर उच्चाधिकारियों को नामांकन में कमी से अवगत कराकर अलख जगाई। जिसका ही नतीजा है कि राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद ने प्रवेशोत्सव शुरू किए जाने के आदेश जारी किए। इसके लिए दैनिक नवज्योति का बहुत-बहुत आभार। <br /><strong>-मोहर सिंह सलावद, प्रदेशाध्यक्ष शिक्षक संघ रेसटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-news---now-teachers-will-do-household-survey--will-increase-enrollment/article-111049</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-news---now-teachers-will-do-household-survey--will-increase-enrollment/article-111049</guid>
                <pubDate>Thu, 17 Apr 2025 14:31:07 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-04/news-%285%299.png"                         length="554154"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>असर खबर का - जागी सरकार, जल्द मिलेगी अब पगार</title>
                                    <description><![CDATA[शिक्षकों प्रबोधको समेत संविदा कार्मिकों को भयंकर आर्थिक समस्याओं से जूझना पड़ रहा है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/impact-of-news---government-woke-up--salary-will-be-paid-soon/article-107060"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/257rtrer-(2)26.png" alt=""></a><br /><p>नैनवां। राज्य के हजारो शिक्षकों व कार्मिकों के किसी के दो तो किसी के एक माह के बकाया वेतन और एरियर को लेकर शिक्षकों के सर पर संकट आता दिख रहा था। शिक्षकों की ओर से बार बार मांग करने के बाद ही सरकार की ओर से ध्यान न देकर पीड़ी मद से वेतन नही किया जा रहा था ऐसे में दैनिक नवज्योति द्वारा 6 मार्च को पीडी मद में नहीं है बजट,कैसे मिलेगी पगार शीर्षक से खबर प्रकाशित कर मामला ध्यान में लाया गया जिसके मात्र 2 दिनों के अंदर ही प्रदेश में पीड़ी मद में बजट जारी हो गया जहां शिक्षको में खुशी देखी गई वही शिक्षकों ने दैनिक नवज्योति का आभार जताया। डिमांड पहले ही भेज दी थी: सूत्रों की माने तो प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय द्वारा पीडी मद के हजारों कार्मिकों के बकाया वेतन के भुगतान के लिए मांग का प्रस्ताव बनाकर सरकार को भेज दिया गया था,किंतु बजट जारी नहीं किया जा रहा था। जिससे इन शिक्षकों प्रबोधको समेत संविदा कार्मिकों को भयंकर आर्थिक समस्याओं से जूझना पड़ रहा है।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />शिक्षकों के बकाया वेतन के संबंध में हमारे संगठन ने शिक्षा मंत्री को ज्ञापन भेजा था साथ ही दैनिक नवज्योति द्वारा भी सरकार के संज्ञान में लाया गया जिसके बाद बजट जारी किया।अब कार्मिकों के बकाया वेतन का भुगतान जल्द हो सकेगा। इसके लिए लोकतंत्र के चौथे स्तंभ दैनिक नवज्योति का हार्दिक आभार जताया है।<br /><strong>- पंकज जैन अध्यक्ष शिक्षक संघ राष्ट्रीय नैनवा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/impact-of-news---government-woke-up--salary-will-be-paid-soon/article-107060</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/impact-of-news---government-woke-up--salary-will-be-paid-soon/article-107060</guid>
                <pubDate>Mon, 10 Mar 2025 15:24:33 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-03/257rtrer-%282%2926.png"                         length="497204"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        