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                <title>black marketing of fertilizers - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>कृषि एवं उद्यानिकी विभाग की बैठक : अधिकारियों को दिए निर्देश, उर्वरकों की कालाबाजारी पर लगाम कसने को अभियान</title>
                                    <description><![CDATA[डॉ. किरोड़ी ने कहा कि अगर किसी को अमानक बीज बेचने की जानकारी मिले, जो इसकी सूचना तुरंत स्थानीय कृषि विभाग या पुलिस को दें, बीज अधिनियम के तहत ऐसे मामलों में सख्य कार्रवाई का प्रावधान है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/campaign-to-rein-in-black-marketing-of-fertilizers-given-to/article-116916"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/rtroer53.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। कृषि एवं उद्यानिकी मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि किसानों को उच्च गुणवत्ता युक्त खाद, बीज एवं उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी और अमानक उर्वरकों व बीजों पर अंकुश लागाने के लिए कृषि विभाग द्वारा समय समय पर विशेष गुण नियंत्रण अभियान चलाए जाते हैं। शासन सचिवालय में कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए डॉ. किरोड़ी ने बताया कि विनिर्माताओं और निर्माताओं के निरीक्षण के दौरान अनियमितता पाए जाने पर कृषि आदानों से संबंधित नियमों, अधिनियमों, उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत बिक्री पर रोक, जब्ती, लाइसेंस निलंबन या निरस्तीकरण जैसी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कृषि विभाग से संबंधित जन समस्याओं के निराकरण के लिए एक पृथक कॉल सेंटर की व्यवस्था करने के निर्देश दिए, जहां पर जनशिकायतों का समयबद्ध तरीके से निस्तारण किया जा सकेगा। इसके लिए सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग को पत्र लिखने के निर्देश दिए। </p>
<p><strong>अमानक बीज की गुणवत्ता नहीं</strong><br />डॉ. किरोड़ी ने बताया कि अमानक बीज वे होते हैं, जो देखने में असली और प्रमाणित बीज लगते हैं, लेकिन वास्तव में उनकी गुणवत्ता बहुत खराब होती है। इनमें अंकुर दर कम होती है, पौधे की बढ़वार कमजोर होती है और उत्पादन भी अपेक्षित मात्रा में नहीं मिलता। ये बीज भारतीय बीज अधिनियम 1966 के अनुसार निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरते, कुछ मामलों में नकली बीज पुराने या खराब भण्डारन वाले भी होते हैं, जिनकी अंकुर क्षमता लगभग समाप्त हो चुकी होती है। </p>
<p><strong>यूं करें असली बीज की पहचान </strong><br />कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों को कृषि विभाग द्वारा पंजीकृत और बीज अधिनियम 1966 के तहत प्रमाणित बीज ही खरीदना चाहिए, बीज खरीदते समय पैकेट पर सर्टिफाइड सीड का चिह्न, प्रमाणन तिथि, वैधता तिथि, अंकुरण दर और लाइसेंस नम्बर अवश्य होने चाहिए। किसान प्रमाणित और ब्रांडेड बीज का ही उपयोग करें। बीज केवल कृषि विभाग से अधिकृत विक्रेताओं या सरकारी बीज निगमों की दुकानों से ही खरीदें, इससे बीज की गुणवत्ता और शिकायत की स्थिति में समाधान की व्यवस्था रहती है। बुवाई से पहले बीज का अंकुरण परीक्षण अवश्य करें, 100 बीजों का एक नमूना लेकर नम कपड़े में अंकुरित कर अंकुरण दर जांची जा सकती है।</p>
<p><strong>अमानक बीज बेचने वालों की दें सूचना </strong><br />डॉ. किरोड़ी ने कहा कि अगर किसी को अमानक बीज बेचने की जानकारी मिले, जो इसकी सूचना तुरंत स्थानीय कृषि विभाग या पुलिस को दें, बीज अधिनियम के तहत ऐसे मामलों में सख्य कार्रवाई का प्रावधान है। किसान लॉट वाईज बिल अवश्य प्राप्त करें जिससे गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 Jun 2025 12:31:06 +0530</pubDate>
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