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                <title>विकास के दावों की हकीकत : शहर के बीच बसे गांव जैसे हालात, मूलभूत सुविधाओं को तरसे वार्डवासी</title>
                                    <description><![CDATA[लोगों ने पूछा—मूलभूत सुविधाएं नहीं तो वोट का क्या मतलब?]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-reality-behind-development-claims--village-like-conditions-in-the-heart-of-the-city--residents-deprived-of-basic-amenities/article-163826"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/111200-x-600-px)-(1)82.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के विकास और आधुनिक सुविधाओं के दावों के बीच रविवार को छह वार्डों के किए गए ग्राउंड ऑडिट में कई चौंकाने वाली तस्वीरें सामने आईं। शहर का हिस्सा होने के बावजूद कुछ इलाके ऐसे नजर आए, जहां बुनियादी सुविधाओं का अभाव देखकर ऐसा प्रतीत होता है मानो शहर के बीचों-बीच कोई गांव बस गया हो। कहीं टूटी सड़कें हैं तो कहीं बदहाल नालियां, कहीं टूटे स्पीड ब्रेकर लोगों की परेशानी बढ़ा रहे हैं तो कहीं बच्चों के खेलने के लिए पार्क तक उपलब्ध नहीं हैं। कई इलाकों में सामुदायिक भवन जैसी सुविधा भी नहीं है, जहां स्थानीय लोग छोटे-मोटे सामाजिक और पारिवारिक आयोजन कर सकें। छह वार्डों के इस ऑडिट में सामने आया कि विकास की रफ्तार हर क्षेत्र तक समान रूप से नहीं पहुंच पाई है। उद्योग नगर, डीसीएम और हनुमत खेड़ाख, रायपुरा जैसे क्षेत्रों में अलग-अलग समस्याएं जरूर हैं, लेकिन आम नागरिकों की मांग एक ही है—सड़क, बिजली, पानी, पार्क और सामुदायिक भवन जैसी मूलभूत सुविधाएं हर वार्ड में उपलब्ध होनी चाहिए।</p>
<p><strong>शहर में रहते हुए भी ग्रामीण जैसी सुविधाओं का अभाव</strong><br />वार्डवासियों का कहना है कि शहर के बीच रहने के बावजूद उन्हें कई ऐसी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ता है, जो एक विकसित वार्ड की पहचान मानी जाती हैं। कई स्थानों पर सड़कें जर्जर हैं और लंबे समय से मरम्मत की मांग की जा रही है। बरसात और समय के साथ सड़कों की स्थिति और खराब हो जाती है। रायपुरा के लोगों का कहना है कि खराब सड़कों के कारण वाहन चलाना मुश्किल होता है, वहीं पैदल चलने वालों को भी परेशानी उठानी पड़ती है।</p>
<p>ग्राउंड ऑडिट के दौरान कुछ क्षेत्रों में ऐसा माहौल दिखाई दिया, जहां विकास की रफ्तार बेहद धीमी नजर आई। वार्डवासियों ने बताया कि जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से शिकायतें करने के बाद भी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है। लोगों का कहना है कि चुनाव के दौरान विकास और सुविधाओं के बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन बाद में कई क्षेत्र मूलभूत सुविधाओं से ही वंचित रह जाते हैं।</p>
<p><strong>उद्योग नगर की सड़कें बनीं परेशानी, टूटे ब्रेकर बढ़ा रहे खतरा</strong><br />उद्योग नगर क्षेत्र में सबसे बड़ी समस्या क्षतिग्रस्त सड़कों और टूटे हुए स्पीड ब्रेकरों को लेकर सामने आई। सड़कों की बदहाली लोगों के लिए रोजमर्रा की परेशानी बन चुकी है। लोगों की मांग है कि सड़क और ब्रेकरों की समय पर मरम्मत कराई जाए, ताकि किसी बड़े हादसे की आशंका को टाला जा सके। उद्योग नगर और डीसीएम क्षेत्र में आपराधिक गतिविधियों को लेकर भी चिंता जताई। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में असामाजिक तत्वों की गतिविधियां समय-समय पर परेशानी का कारण बनती हैं। स्थानीय निवासियों का मानना है कि पुलिस गश्त और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किए जाने की जरूरत है। वार्डवासियों का कहना है कि सुरक्षित वातावरण भी किसी क्षेत्र के विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा है। केवल सड़क और भवन निर्माण से ही आदर्श वार्ड नहीं बनता, बल्कि वहां रहने वाले लोगों को सुरक्षा का भरोसा भी मिलना चाहिए।</p>
<p><strong>हनुमत खेड़ा में सुविधाओं की कमी से मायूसी</strong><br />हनुमत खेड़ा क्षेत्र की स्थिति भी कुछ खास बेहतर नजर नहीं आई। यहां कई लोगों ने स्थानीय सुविधाओं की कमी को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। बच्चों के खेलने और बुजुर्गों के टहलने के लिए पर्याप्त पार्क की सुविधा नहीं होना लोगों की प्रमुख शिकायतों में शामिल रहा।</p>
<p><strong>छोटे आयोजनों के लिए भी नहीं मिलती जगह</strong><br />ऑडिट में एक बड़ी समस्या सामुदायिक भवन के अभाव की भी सामने आई। कई वार्डवासियों ने बताया कि क्षेत्र में ऐसा कोई व्यवस्थित स्थान नहीं है, जहां लोग छोटे सामाजिक, सांस्कृतिक या पारिवारिक आयोजन करवा सकें।</p>
<p><strong>वार्डवासी बोले—पहले मूलभूत सुविधाएं तो मिलें</strong><br />हम शहर में रहते हैं, लेकिन कई बार सुविधाओं की स्थिति देखकर लगता है जैसे गांव के पिछड़े इलाके में रह रहे हों। सड़कें ठीक नहीं हैं, बच्चों के लिए पार्क नहीं है और कई जगह सामुदायिक कार्यक्रमों के लिए भी कोई उचित स्थान नहीं मिलता। हमारी मांग कोई बड़ी नहीं है, सिर्फ इतनी है कि हर वार्ड में सड़क, बिजली, पानी और पार्क जैसी मूलभूत सुविधाएं बेहतर हों।<br /><strong>- जितेन्द्र चौधरी, वार्डवासी</strong></p>
<p>जनप्रतिनिधियों से लोगों को उम्मीद होती है कि वे क्षेत्र की समस्याओं को प्राथमिकता से दूर करेंगे। उद्योग नगर और डीसीएम जैसे क्षेत्रों में सड़क और सुरक्षा दोनों को लेकर चिंता है। यदि आम आदमी को रोजाना टूटी सड़क, खराब सुविधाओं और असुरक्षा जैसी समस्याओं से जूझना पड़े तो विकास के दावों का क्या मतलब रह जाता है।<br /><strong>- दिपू सिंह, वार्डवासी</strong></p>
<p>कार्यकाल में वार्डवासियों की हर समस्या को प्राथमिकता के साथ दूर कराने का प्रयास किया गया। वार्ड में पार्क जैसी सुविधाओं का अभाव जरूर है, लेकिन जब भी कोई वार्डवासी अपनी समस्या लेकर आता है तो उसका समाधान कराना मेरी पहली प्राथमिकता रहती है। जनसमस्याओं के समाधान के लिए मैं हमेशा तत्पर रहता हू।<br /><strong>- दीपक कुमार, पूर्व पार्षद</strong></p>
<p>वार्ड के कई क्षेत्रों में तकनीकी कारणों से समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। सफाई व्यवस्था नियमित रूप से कराई जाती है, लेकिन कई बार लोग स्वयं कचरा फैला देते हैं। वार्ड की सबसे बड़ी समस्या नालियों के ड्रेनेज व्यवस्था की है, जिसका समाधान अब तक नहीं हो सका है।<br /><strong>-सुशील त्रिपाठी, पूर्व पार्षद</strong></p>
<p><strong>वार्ड नंबर व क्षेत्र</strong><br />वार्ड नंबर 29 में वैष्णो कॉलोनी, डालाबाई माताजी , प्रेम नगर द्वितीय आंशिक, मदरसा, सरकारी स्कूल क्षेत्र, राजेंद्र कुशवाहा जागा बस्ती, अफॉर्डेबल आवास योजना के ए, बी, सी, डी और ई, प्रेम नगर तृतीय का आंशिक क्षेत्र तथा गोविंद नगर का आंशिक क्षेत्र शामिल हैं।<br />वार्ड नंबर 30 : इंदिरा गांधी नगर का आंशिक क्षेत्र, पावर हाउस क्षेत्र, रामदेव मंदिर तथा प्रेम नगर तृतीय क्षेत्र शामिल हैं।<br />वार्ड नंबर 31 : जलेबी चौक, झिरी के हनुमान जी, विजयलक्ष्मी स्कूल क्षेत्र, तिलक स्कूल, फकीरों का मोहल्ला, भेरूजी का चबूतरा, मस्जिद क्षेत्र, राजपूत कॉलोनी, गुर्जरों का मोहल्ला, नाईस स्कूल के पीछे का क्षेत्र, सामुदायिक भवन के पीछे का क्षेत्र, पुलिस चौकी के सामने का क्षेत्र, जागा मोहल्ला और सुभाष स्कूल के पीछे का क्षेत्र शामिल हैं।<br />वार्ड नंबर 32 : बापू कॉलोनी, कर बाजार, डीसीएम श्मशान, इंदिरा गांधी नगर, तारवाड़ा, पावर हाउस और डीसीएम सेक्टर कार्यालय सहित आसपास का क्षेत्र शामिल है।<br />वार्ड नंबर 33 : जय श्री विहार, रायपुर नाका, गुलाबबाड़ी, मालीपुरा, लक्ष्मी आवास, थेकड़ा, मॉडल टाउन, रॉयल सनसिटी, कैरियर पॉइंट टाउनशिप, शिवधाम कॉलोनी, कबीरधाम और शिवसागर का क्षेत्र शामिल हैं।<br />वार्ड नंबर 34 : देवली अरब ग्राम, नया नोहर, राजनगर का आंशिक भाग, महालक्ष्मीपुरम, बक्शी स्कूल, अरिहंत विद्यालय, मित्तल इंटरनेशनल स्कूल, श्याम नगर, हाथीखेड़ा ग्राम, हनुमतखेड़ा ग्राम, श्रीराम कॉलोनी, जगन विहार, गुरु नानक विहार, अरावली विहार, टैगोर नगर, होली फैमिली क्षेत्र, कृष्णा नगर, मोती नगर, गणेश नगर, बृज विहार, देवली अरब रोड, कौटिल्य नगर और प्रताप नगर द्वितीय सहित कई शामिल हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 25 Aug 2026 14:48:39 +0530</pubDate>
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                <title>विद्युत डीपी बनी बंदरों के लिए काल, करंट की चपेट में आने से हो रहे हादसे</title>
                                    <description><![CDATA[पेड़ों की टहनियां छू रही विद्युत लाइनें , ग्रामीणों ने उठाई सुरक्षा की मांग]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/electricity-transformers-turn-deadly-for-monkeys--accidents-caused-by-electric-shocks/article-162618"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/111200-x-600-px)-(1)44.png" alt=""></a><br /><p>बपावरकलां। कस्बे के ब्रजराज स्टेडियम छबड़ा रोड पर लगी बिजली की डीपी (डिस्ट्रीब्यूशन प्वाइंट) बंदरों के लिए जानलेवा साबित हो रही हैं। डीपी के आसपास लगे पेड़ों की टहनियां विद्युत तारों के संपर्क में आने से आए दिन चपेट में आकर झुलस रहे हैं। कस्बे में विद्युत विभाग की लापरवाही के चलते बंदरों के साथ हादसों का सिलसिला थम नहीं रहा है। ब्रजराज स्टेडियम छपरा रोड पर लगी दोनों डीपी के आसपास बड़े-बड़े पेड़ होने के कारण उनकी टहनियां विद्युत तारों को छू रही हैं। बंदरों के पेड़ों से होकर डीपी के आसपास पहुंचने पर वे करंट की चपेट में आ जाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार बंदर करंट लगने से झुलस जाते हैं और घटनास्थल पर ही पड़े रहते हैं। हादसे के बाद उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं होता। जिससे ग्रामीणों में नाराजगी है।</p>
<p><strong>पेड़ों की छंटाई जल्द कराने की मांग</strong><br />ग्रामीणों ने बताया कि पुलिस चौकी बपावर के पास लगी डीपी पर भी इसी तरह की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। बरसात के मौसम में पेड़ों क्री टहनियों और अधिक बढ़ने से खतरा बढ़ गया है। लोगों ने मांग की है कि डीपी के आसपास लगे पेड़ों की छंटाई जल्द कराई जाए और विद्युत उपकरणों को सुरक्षित किया जाए।<br /> <br />बरसात से पहले ही पेड़ों की कटाई कर दी जानी चाहिए थी, लेकिन विभाग की लापरवाही के कारण बंदरों के साथ लगातार हादसे हो रहे हैं।<br /><strong>- लोकेश मीणा, ब्लॉक कांग्रेस,सचिव, बपावरकलां</strong><br /> <br />बंदरों की आए दिन हो रही दुर्घटनाएं चिंता का विषय हैं। विद्युत विभाग को जल्द से जल्द पेड़ों की छंटाई करवानी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्या का समाधान नहीं किया गया तो धरना प्रदर्शन किया जाएगा।<br /><strong>-मनीष कुमार गौड़, नगर कांग्रेस अध्यक्ष, बपावरकलां</strong><br /> <br />पीपल के पेड़ होने के कारण यहां बार-बार दुर्घटनाएं त हो रही हैं। जल्द ही पेड़ों की टहनियों की कटाई करवाकर स समस्या का समाधान किया जाएगा, ताकि भविष्य में हादसों ए कोरोका जा सके।<br /><strong>- पवन मेहरा, जेईएन, विद्युत विभाग,बपावरकलां</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 11 Aug 2026 14:52:07 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>हरियाणा में भीषण गर्मी में बिजली गायब : पानी भी बंद, लोगों ने किया चक्का जाम</title>
                                    <description><![CDATA[लगातार बिजली कटौती और पेयजल संकट से नाराज लोगों ने हनुमान ढाणी व हनुमान गेट चौक पर सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। लोगों ने गंदे पानी की सप्लाई और शिकायतों पर कार्रवाई न होने का आरोप लगाया। बिजली निगम ने जल्द समाधान का आश्वासन दिया, जबकि प्रदर्शनकारियों ने चेताया कि समस्या बनी रही तो मंत्री राजेश नागर का घेराव करेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/due-to-scorching-heat-in-haryana-electricity-was-missing-water/article-160295"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/6622-copy37.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">भिवानी। हरियाणा के भिवानी शहर के सर्कुलर रोड स्थित हनुमान ढाणी चौक और हनुमान गेट चौक पर रविवार को स्थानीय लोगों ने बिजली और पेयजल संकट के विरोध में जाम लगा दिया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पिछले कई दिनों से लगातार लंबी-लंबी बिजली कटौती हो रही है, जिससे भीषण गर्मी में लोगों का रहना मुश्किल हो गया है। बच्चों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति भी बाधित है और कई घरों में पीने तक का पानी उपलब्ध नहीं है। समस्या के समाधान के लिए कई बार शिकायतें करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होने से मजबूर होकर लोगों ने सड़क जाम की।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">वार्ड-25 के पार्षद विनोद प्रजापति ने बताया कि 15-20 दिन पहले समाधान शिविर में भी इस समस्या की शिकायत दी गयी थी। उनके अनुसार पतराम गेट से हालू बाजार के बीच के क्षेत्र में रोजाना रात करीब 10 बजे बिजली काट दी जाती है, जो सुबह करीब तीन बजे बहाल होती है। ऑनलाइन और ऑफलाइन शिकायतों के बावजूद कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। </span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि क्षेत्र में गंदे पानी की आपूर्ति हो रही है, जो पीने योग्य नहीं है। प्रदर्शन के दौरान बिजली निगम के अधिकारी मौके पर पहुंचे और दो से ढाई घंटे में समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। अधिकारियों ने रात में बिजली कटौती नहीं होने का भरोसा दिलाया। वहीं लोगों ने चेतावनी दी कि यदि समस्या बरकरार रही, तो मंत्री राजेश नागर के भिवानी दौरे के दौरान उनका घेराव किया जाएगा। </span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';"> </span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';"><span> </span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Jul 2026 15:51:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>&quot;नहरें सूखी, किसान परेशान&quot;  पंजाब में बिजली और सिंचाई संकट पर बवाल: कांग्रेस ने मान सरकार को घेरा, राज्यव्यापी आंदोलन की दी चेतावनी</title>
                                    <description><![CDATA[पंजाब के पूर्व मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने बिजली और सिंचाई संकट को लेकर आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि धान की रोपाई के दौरान किसानों को न पर्याप्त बिजली मिल रही है, न नहरों का पानी। सिद्धू ने अघोषित कटौती बंद करने, सिंचाई व्यवस्था सुधारने और जल्द समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/uproar-over-electricity-and-irrigation-crisis-in-punjab-congress-surrounds/article-158497"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/12200-x-600-px)-(2)8.png" alt=""></a><br /><p>मोहाली। पंजाब के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता बलबीर सिंह सिद्धू ने मंगलवार को राज्य में गहराते बिजली और सिंचाई संकट को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के दावों और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर है, जिसके कारण किसान और आम लोग गंभीर परेशानियों का सामना कर रहे हैं। सिद्धू ने कहा कि धान की रोपाई के सबसे महत्वपूर्ण समय में किसानों के खेतों तक न तो नहरों का पानी पहुंच रहा है और न ही पर्याप्त बिजली मिल रही है। इसके कारण हजारों एकड़ फसल प्रभावित हो रही है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान लगातार दावा करते रहे हैं कि नहरों का पानी अंतिम छोर (टेल) तक पहुंच चुका है, लेकिन वास्तविक स्थिति इसके विपरीत है। नहरों के अंतिम छोर और छोटी नहरें सूखी पड़ी हैं तथा किसान पानी की एक-एक बूंद के लिए भटक रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि किसान अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही। सरकार के दावे केवल विज्ञापनों और कागजों तक सीमित रह गये हैं।</p>
<p>कांग्रेस नेता ने कहा कि बदलाव का वादा करने वाली आप सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है। पूरे पंजाब में शहरों और गांवों में कई-कई घंटे की अघोषित बिजली कटौती से लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है। सिद्धू ने चुनावी वादों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ने किसानों से समय पर बिजली उपलब्ध कराने के बड़े दावे किये थे, लेकिन आज हालात इसके बिल्कुल उलट हैं। उन्होंने इसे पंजाब के अन्नदाता के साथ विश्वासघात करार दिया। उन्होंने कहा कि बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण किसान अपनी धान की फसल बचाने के लिए दिन-रात डीजल जनरेटर चलाने को मजबूर हैं। एक हाई-पावर ट्यूबवेल या मोटर चलाने के लिए प्रतिदिन 60 से 70 लीटर डीजल खर्च हो रहा है, जिससे किसानों पर रोजाना लगभग 5,000 से 7,000 रुपये तक का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। इससे खेती की लागत लगातार बढ़ रही है और किसानों की आर्थिक स्थिति कमजोर होती जा रही है।</p>
<p>सिद्धू ने कहा कि सरकार की नाकामी का असर केवल किसानों तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यापारी, दुकानदार, उद्योगपति और आम नागरिक भी लंबे बिजली कटों से परेशान हैं। भीषण गर्मी में उद्योगों का काम प्रभावित हो रहा है, छोटे कारोबार ठप पड़ रहे हैं, अस्पतालों में मरीजों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है और घरों में बच्चे, महिलाएं तथा बुजुर्ग भी परेशान हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब के लोगों के टैक्स का करोड़ों रुपये अन्य राज्यों में चुनाव प्रचार और सरकारी विज्ञापनों पर खर्च किया जा रहा है, जबकि राज्य के बिजली और सिंचाई ढांचे को मजबूत करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाये गये।</p>
<p>सिद्धू ने मांग की कि बिजली विभाग तत्काल अघोषित बिजली कटौती बंद कर कृषि एवं घरेलू उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करे। साथ ही सिंचाई विभाग को निर्देश दिये जायें कि नहरों के अंतिम छोर तक तुरंत पानी पहुंचाया जाये, ताकि किसानों की धान की फसल को बचाया जा सके।उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो पंजाब कांग्रेस पूरे राज्य में आंदोलन करेगी तथा बिजली ग्रिडों, सिंचाई विभाग के कार्यालयों और अन्य सरकारी दफ्तरों का घेराव करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी पंजाब सरकार की होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 18:31:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>बिजली संकट पर अखिलेश का राज्य सरकार पर निशाना: विधायक-सांसद बना रहे दिखावटी चिट्ठी का ‘कागजी कवच’, हमारे गठबंधन में ऐसे नेताओं के लिए कोई जगह नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में बिजली संकट को लेकर भाजपा सरकार को घेरा । उन्होंने इस स्थिति को 'महा विद्युत आपदा' बताते हुए कहा कि आक्रोश से बचने के लिए सांसद-विधायक दिखावटी चिट्ठियां लिख रहे । अखिलेश ने आरोप लगाया कि सरकार जनता की मुश्किलें नजरअंदाज कर रही ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/akhilesh-targets-the-state-government-on-power-crisis-mlas-and/article-154925"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/akhilesh-yadav.png" alt=""></a><br /><p>लखनऊ। समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में बिजली संकट को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा है कि उत्तर प्रदेश में असहनीय ‘महा विद्युत आपदा’ की वजह से लगातार बढ़ते आक्रोश से बचने के लिए भयभीत भाजपाई विधायक-सांसद दिखावटी चिट्ठी का ‘कागजी कवच’ बना रहे हैं। अखिलेश यादव ने सोमवार को एक्स पर एक पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि यह चिट्ठी दरअसल अपनी सरकार को लिखा कोई ‘जन हित का पत्र’ नहीं है, बल्कि भाजपा रूपी डूबते जहाज को छोड़कर विपक्ष से आगामी चुनावों में टिकट पाने के लिए ‘आवेदन पत्र’ है।</p>
<p>उन्होंने साफ किया कि हमारे गठबंधन में ऐसे नेताओं के लिए कोई जगह नहीं है, जो जनता को दुख-दर्द और दिक्कतों के सिवा कुछ नहीं देते हैं। सपा प्रमुख ने कहा कि इस जानलेवा गर्मी में परिवारों में बड़े बुजुर्गों, बीमारों, बच्चों और खाने-पानी की व्यवस्था में झुलसती महिलाओं की क्या दुर्दशा हो रही है, ये केवल परिवारवाले ही समझ सकते हैं। कभी आपदा में अवसर ढूंढने वालों ने, अवसर की जगह जिस ‘अफसर’ को ढूंढा था, वो अफसर अब स्वयं आपदा साबित हो रहा है।</p>
<p>अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा कि समस्या का समाधान पूछने पर दोनों हाथ खड़ा करके नारा लगाकर बच निकलने वालों के रहते समस्या नहीं सुलझेगी। उन्होंने कहा कि किसी के लिए ये बड़ा मौका है कि वो पूरी तरह से नाकाम हो चुके किसी ‘दूत-मंत्री’ को हटा दे। इससे मुख्य जी को अपना मंत्रिमंडल विस्तार करने और किसी एक ‘घाटहीन’ को समायोजित करने का मौका भी मिल जाएगा। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि उप्र की भाजपा सरकार भी जानती है कि अब वो कभी वापस नहीं आएगी। इसीलिए वो जनता की मुश्किलों और मांगों को पूरी तरह नजरअंदाज करके बस अपने खजाने भरने में लगी है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 25 May 2026 17:21:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>बिजली संकट पर यूपी सीएम योगी का सख्त संदेश : बोले- लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त, बिना रुकावट बिजली आपूर्ति के निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिजली आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा करते हुए शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध बिजली देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी में उत्पादन इकाइयां पूरी क्षमता से चलें। ट्रांसफार्मर खराब होने या लापरवाही पर जवाबदेही तय होगी और उपभोक्ताओं को समय पर सही जानकारी दी जाएगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/up-cm-yogis-strict-message-on-power-crisis-negligence/article-154860"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/cm-yogi.png" alt=""></a><br /><p>लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लखनऊ में ऊर्जा विभाग, पावर कॉरपोरेशन एवं सभी बिजली वितरण कंपनियों के अधिकारियों के साथ प्रदेश की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने भीषण गर्मी और बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बिना रुकावट बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए सभी उत्पादन इकाइयां पूरी क्षमता से चलाई जाएं और इनके कामों की लगातार निगरानी हो।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने प्रदेश के पारेषण तंत्र को और अधिक मजबूत, आधुनिक और भरोसेमंद बनाने पर जोर दिया। उन्होंने फीडर स्तर पर निगरानी और जवाबदेही तय करने को कहा। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि ट्रांसफार्मर खराब होने, फीडर बाधित होने या शिकायत निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजन को बिजली आपूर्ति से जुड़ी सही और समयबद्ध जानकारी उपलब्ध कराई जाए। संवाद और पारदर्शिता से उपभोक्ताओं का विश्वास मजबूत होगा और शिकायतों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ेगी।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने उपभोक्ता सेवाओं को अधिक पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने पर बल दिया। उन्होंने ऊर्जा मंत्री एवं विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायत निस्तारण व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जाए, ताकि उपभोक्ताओं को तत्काल राहत मिल सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 24 May 2026 17:32:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>उत्तर प्रदेश में विद्युत संकट से हाहाकार, 24 घंटे बिजली देने का दावा निकला जुमला : सुप्रिया श्रीनेत</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस सोशल मीडिया चेयरमैन सुप्रिया श्रीनेत ने उत्तर प्रदेश में भीषण बिजली कटौती पर योगी सरकार पर तीखा निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के बीच 75 जिलों में जनता त्रस्त है और अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हैं। कांग्रेस ने 24 घंटे बिजली देने में विफल जिम्मेदार मंत्री को बर्खास्त करने की मांग की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/due-to-power-crisis-in-uttar-pradesh-the-claim-of/article-154841"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/supriya.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस ने रविवार को कहा कि उत्तर प्रदेश में विद्युत कटौती से हाहाकार मचा हुआ है और जनता घोर संकट का सामना कर रही है। कांग्रेस की सोशल मीडिया विभाग की चेयरमैन सुप्रिया श्रीनेत ने एक बयान में कहा कि उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में बिजली कटौती से विकराल स्थिति उत्पन्न हो गयी है। जनता तकलीफें झेलने को मजबूर है। उन्होंने कहा कि देश के 50 सबसे गर्म शहरों में से 26 शहर उत्तर प्रदेश के हैं, लेकिन भीषण गर्मी के बीच लोगों को 24 घंटे में केवल सात-आठ घंटे ही बिजली मिल पा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मेरठ से लेकर बलिया तक लोग बिजली संकट से परेशान हैं और कई जगहों पर लोग रात में घरों से निकलकर सड़कों पर सोने को मजबूर हैं। </p>
<p>उन्होंने कहा कि राजधानी लखनऊ तक में घंटों बिजली गुल रहने से अस्पतालों की सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। एक्स-रे और स्कैन जैसी सुविधाएं ठप पड़ गयी हैं। कानपुर देहात के मेडिकल कॉलेज के छात्रों को देर रात तक बिजली नहीं मिलने के कारण धरने पर बैठना पड़ा। कांग्रेस नेता ने कहा कि बिजली संकट का असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर भी पड़ रहा है, क्योंकि मोबाइल फोन तक चार्ज नहीं हो पा रहे हैं और ऑनलाइन पढ़ाई बाधित हो रही है। उन्होंने कहा कि बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं और किसान सभी इस समस्या से परेशान हैं।</p>
<p>उन्होंने आरोप लगाया कि जब लोग बिजली की मांग को लेकर सड़क पर उतर रहे हैं, तो प्रशासन उनकी समस्याएं सुनने के बजाय पुलिस कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि अधिकारियों द्वारा प्रदर्शन कर रहे लोगों को मुकदमे की धमकी दी जा रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए कहा, “रामराज्य लाने की बात बाद में कीजिए, पहले लोगों को इस भीषण गर्मी और बिजली संकट से राहत दिलाइए।” कांग्रेस ने राज्य सरकार से बिजली व्यवस्था तुरंत सुधारने और ‘24 घंटे बिजली’ के दावों के लिए जिम्मेदार मंत्री को बर्खास्त करने की मांग की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 24 May 2026 13:45:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>नए सिरे से होगा बिजली की जरूरत का आंकलन, राजस्थान में 3200 मेगावाट कोयला आधारित बिजली खरीद योजना पर आरईआरसी की रोक</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान विद्युत रेगुलेटरी आयोग (RERC) ने 3200 मेगावाट कोयला आधारित बिजली खरीदने की योजना को मंजूरी देने से इनकार कर दिया है। आयोग ने कहा कि ग्रीन एनर्जी और बैटरी स्टोरेज के दौर में भविष्य की जरूरतों का नए सिरे से मूल्यांकन जरूरी है। इस फैसले से डिस्कॉम पर दीर्घकालिक बिजली खरीद का दबाव कम होने की उम्मीद है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rerc-ban-on-3200-mw-coal-based-power-purchase-scheme/article-154105"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/electricity-6.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान विद्युत रेगुलेटरी आयोग (आरईआरसी) ने राज्य में 3200 मेगावाट कोयला आधारित बिजली खरीद की बड़ी योजना को फिलहाल मंजूरी देने से इनकार कर दिया है। आयोग ने स्पष्ट कहा कि भविष्य में राज्य को वास्तव में कितनी अतिरिक्त बिजली की जरूरत होगी, इसका नए सिरे से विस्तृत आंकलन किया जाना जरूरी है। यह मामला राजस्थान ऊर्जा विकास एवं आईटी सर्विसेज लिमिटेड की उस योजना से जुड़ा है, जिसमें डिस्कॉम कंपनियों के लिए 25 वर्षों तक 4 गुणा 800 मेगावाट यानी कुल 3200 मेगावाट कोयला आधारित राउंड द क्लॉक बिजली खरीदने की अनुमति मांगी गई थी। कंपनी का तर्क था कि आने वाले वर्षों में बिजली की भारी मांग बढ़ सकती है, इसलिए अभी से दीर्घकालिक व्यवस्था आवश्यक है। </p>
<p>हालांकि आरईआरसी ने कहा कि प्रस्तावित थर्मल और न्यूक्लियर परियोजनाओं, तेजी से बढ़ रही ग्रीन एनर्जी और बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम को ध्यान में रखे बिना इतनी बड़ी बिजली खरीद का फैसला उचित नहीं होगा। आयोग ने यह भी माना कि ग्रीन एनर्जी ओपन एक्सेस, वर्चुअल नेट मीटरिंग और गु्रप नेट मीटरिंग जैसी नई व्यवस्थाओं से उपभोक्ता खुद बिजली उत्पादन और स्टोरेज कर सकेंगे। इससे भविष्य में डिस्कॉम पर बिजली खरीद का दबाव कम हो सकता है। ऐसे में नई कोयला आधारित परियोजनाओं की जरूरत का पुनर्मूल्यांकन जरूरी बताया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 May 2026 10:15:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>असर खबर का : विद्युत निगम ने समय रहते खतरा हटाकर उपभोक्ताओं को राहत पहुंचाई</title>
                                    <description><![CDATA[यह झुकाव पिछले बारिश के समय से बना हुआ था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/impact-of-the-report--electricity-corporation-provides-relief-to-consumers-by-timely-eliminating-hazard/article-153795"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)-(3)30.png" alt=""></a><br /><p>भण्डेड़ा। क्षेत्र के मानपुरा मार्ग स्थित बांसी जीएसएस पर पहुंच रही 33 केवी विद्युत लाइन के झुकाव की समस्या समाचार प्रकाशित होने के बाद दूर कर दी गई। संबंधित निगम के अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बुधवार दोपहर झुके हुए पोल को बदलकर लाइन को सुरक्षित दूरी पर स्थापित कराया।</p>
<p>जानकारी के अनुसार जयपुर विद्युत वितरण निगम की नैनवां से बांसी जीएसएस तक पहुंचने  वाली 33 केवी लाइन का एक पोल डोडी फीडर की 11 केवी लाइन की ओर झुक गया था। दोनों लाइनों  के बीच दूरी कम होने से क्षेत्र में हादसे की आशंका बनी हुई थी। यह झुकाव पिछले बारिश के समय से बना हुआ था। मानपुरा-उंरासी सहित आसपास के आधा दर्जन गांवों के ग्रामीण एवं  राहगीर इसी मार्ग से आवागमन करते हैं। स्थानीय लोगों का कहना था कि लाइन का झुकाव कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता था। इस समस्या को लेकर दैनिक नवज्योति पत्र ने 13 मई,  बुधवार को प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था। समाचार प्रकाशित होने के बाद निगम के जिम्मेदार अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया और तुरंत कार्रवाई करते हुए झुकी हुई लाइन को बदलवाया। लाइन दुरुस्त होने से क्षेत्रीय उपभोक्ताओं एवं बांसी जीएसएस कर्मचारियों को राहत मिली है। ग्रामीणों ने त्वरित समाधान के लिए विद्युत निगम एवं समाचार पत्र की सराहना करते हुए आभार जताया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 14 May 2026 14:25:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजस्थान में सौर ऊर्जा के प्रति उपभोक्ताओं का रुझान: रूफ टॉप सौर ऊर्जा में राजस्थान तीसरे स्थान पर, 1.44 लाख उपभोक्ताओं का बिजली बिल शून्य</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान रूफ टॉप सोलर के मामले में देश में तीसरे स्थान पर पहुँच गया है। पीएम सूर्यघर योजना के तहत प्रदेश में 2.45 लाख से अधिक संयंत्र लग चुके हैं, जिससे लाखों उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली मिल रही है। ₹78,000 तक की सब्सिडी और आसान ऋण सुविधाओं के कारण हर दिन लगभग 700 नए परिवार सौर ऊर्जा अपना रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/inclination-of-consumers-towards-solar-energy-in-rajasthan-rajasthan-ranks/article-151240"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/solar.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान में सौर ऊर्जा के प्रति उपभोक्ताओं का रुझान तेजी से बढ़ रहा है। राज्य में अब तक घरेलू, अघरेलू और औद्योगिक श्रेणी में 2.45 लाख से अधिक रूफ टॉप सौर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं, जिससे 1.43 लाख से अधिक उपभोक्ताओं का बिजली बिल शून्य हो गया है। कुल 2090 मेगावाट क्षमता के साथ राजस्थान देश में रूफ टॉप सोलर इंस्टॉलेशन के मामले में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। पीएम सूर्यघर योजना के तहत राज्य में अब तक 1.77 लाख संयंत्र लगाए जा चुके हैं, जिनकी कुल क्षमता 686 मेगावाट है। प्रतिदिन औसतन 675 से 700 नए उपभोक्ता सौर ऊर्जा अपना रहे हैं। मार्च माह में 20,343 संयंत्र स्थापित हुए, जबकि एक दिन में सर्वाधिक 910 संयंत्र लगाए जाने का रिकॉर्ड भी बना। योजना के तहत उपभोक्ताओं को 78 हजार रुपये तक की सब्सिडी मिल रही है, जबकि 150 यूनिट योजना में 17 हजार रुपये अतिरिक्त अनुदान दिया जा रहा है। अब तक 1.52 लाख उपभोक्ताओं को 1185 करोड़ रुपये की सब्सिडी हस्तांतरित की जा चुकी है। साथ ही, बैंकों से लगभग 5.75 प्रतिशत ब्याज दर पर आसान ऋण और सरल प्रक्रियाओं के कारण प्रदेश में सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना लगातार तेज़ी से बढ़ रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Apr 2026 18:16:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नीतीश शासन में ऊर्जा क्रांति का असर, ग्लोबल नाइट मैप पर चमक बिखेर रहा बिहार : उमेश सिंह कुशवाहा</title>
                                    <description><![CDATA[जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार 'लालटेन युग' से निकलकर एलईडी युग में प्रवेश कर चुका है। नासा के सैटेलाइट मैप में बिहार की रोशनी सरकार की 'हर घर बिजली' योजना की सफलता का प्रमाण है। राज्य में बिजली खपत 700 से बढ़कर 8700 मेगावाट पार कर गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/effect-of-energy-revolution-under-nitish-regime-bihar-shining-on/article-151006"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/umesh-singh-kushwaha.png" alt=""></a><br /><p>पटना। बिहार जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने रविवार को कहा कि नीतीश कुमार के मुख्यमंत्रित्व काल में राज्य में ऊर्जा अवसंरचना के क्षेत्र में हुए ऐतिहासिक परिवर्तन एवं अभूतपूर्व प्रगति का परिणाम है कि नासा की ओर से जारी सैटेलाइट इमेज में बिहार आज ग्लोबल नाइट मैप पर सर्वाधिक रोशनी बिखेरता हुआ दिखाई दे रहा है, जो पूरे बिहारवासियों के लिए हर्ष और गौरव का विषय है। कुशवाहा ने आज बयान जारी कर कहा कि वर्ष 2005 से पहले गरीबों की झोपड़ियों तक बिजली पहुंचना मात्र कपोल-कल्पना माना जाता था, लेकिन आज नीतीश सरकार के शासन काल में ‘हर घर बिजली’ योजना के तहत सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों तक निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की गई।</p>
<p>उमेश कुशवाहा ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के समय बिजली का आना किसी उत्सव से कम नहीं होता था, जबकि आज बिहार 24 घंटे बिजली आपूर्ति की दिशा में तेजी से अग्रसर है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार को लालटेन युग से निकालकर एलईडी युग में परिवर्तित करने का ऐतिहासिक कार्य किया है, जिसकी झलक आज विश्व मानचित्र पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। कुशवाहा ने आंकड़ों का उल्लेख करते हुए बताया कि वर्ष 2005 तक राज्य में बिजली उपभोक्ताओं की संख्या महज 17 लाख थी, जो अब बढ़़कर दो करोड़़ 14 लाख से अधिक हो चुकी है। वहीं, राज्य की कुल बिजली खपत 700 मेगावाट से बढ़़कर अब 8700 मेगावाट से अधिक हो गई है।</p>
<p>उमेश कुशवाहा ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में 23 से 24 घंटे तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 21 से 22 घंटे तक बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। प्रति व्यक्ति बिजली खपत भी 70 यूनिट से बढ़़कर लगभग 363 यूनिट से अधिक हो चुकी है। उन्होंने कहा कि पिछले दो दशकों में ऊर्जा क्षेत्र में हुए ऐतिहासिक कार्य न केवल देश, बल्कि दुनिया के लिए मिसाल बन चुके हैं। ऊर्जा के क्षेत्र में बिहार की इस उल्लेखनीय प्रगति के कारण अब निवेशक राज्य की ओर आकर्षित हो रहे हैं, नए उद्योग-धंधों की स्थापना हो रही है और बिहार तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Apr 2026 17:33:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>विद्यालय में पेयजल, बिजली और स्वच्छता में हुआ सुधार </title>
                                    <description><![CDATA[दैनिक नवज्योति में ख्रबर प्रकाशित होने के बाद हरकत में आया प्रशासन।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/improvements-made-to-drinking-water--electricity--and-sanitation-facilities-at-school/article-148238"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/1200-x-60-px)-(5)25.png" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span lang="en-us" style="font-family:Mangal;color:#000000;background:#F6F6F6;" xml:lang="en-us">भंवरगढ़।<span>  </span>कस्बे के प्रकाशपुरा के उच्च माध्यमिक विद्यालय में पेयजल बिजली एवं स्वच्छता से जुड़ी व्यवस्थाओें में उल्लेखनीय सुधार किया गया है।<span>  </span>गौरतलब है कि दैनिक नवज्योति ने प्रमुखता के साथ खबर प्रकाशित कर इस मामले को उठाया था। व्यवस्थाओं में सुधार से विद्यालय में अध्ययनरत छात्रों को बड़ी राहत मिली है। विद्यालय में छात्रों की मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इसके साथ ही बिजली आपूर्ति को सुचारू करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई है। जिससे अब विद्यार्थियों की पढाई एवं अन्य शैक्षणिक गतिविधियों में बाधा नहीं आएगी। स्वच्छता के क्षेत्र में भी विशेष ध्यान दिया गया है। विद्यालय परिसर में साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, जिससे बीमारियों के प्रसार को रोकने में मदद मिलेगी और छात्रों को स्वस्थ बातावरण मिले सकेगा।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 28 Mar 2026 14:52:22 +0530</pubDate>
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