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                <title>electricity - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>नीतीश शासन में ऊर्जा क्रांति का असर, ग्लोबल नाइट मैप पर चमक बिखेर रहा बिहार : उमेश सिंह कुशवाहा</title>
                                    <description><![CDATA[जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार 'लालटेन युग' से निकलकर एलईडी युग में प्रवेश कर चुका है। नासा के सैटेलाइट मैप में बिहार की रोशनी सरकार की 'हर घर बिजली' योजना की सफलता का प्रमाण है। राज्य में बिजली खपत 700 से बढ़कर 8700 मेगावाट पार कर गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/effect-of-energy-revolution-under-nitish-regime-bihar-shining-on/article-151006"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/umesh-singh-kushwaha.png" alt=""></a><br /><p>पटना। बिहार जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने रविवार को कहा कि नीतीश कुमार के मुख्यमंत्रित्व काल में राज्य में ऊर्जा अवसंरचना के क्षेत्र में हुए ऐतिहासिक परिवर्तन एवं अभूतपूर्व प्रगति का परिणाम है कि नासा की ओर से जारी सैटेलाइट इमेज में बिहार आज ग्लोबल नाइट मैप पर सर्वाधिक रोशनी बिखेरता हुआ दिखाई दे रहा है, जो पूरे बिहारवासियों के लिए हर्ष और गौरव का विषय है। कुशवाहा ने आज बयान जारी कर कहा कि वर्ष 2005 से पहले गरीबों की झोपड़ियों तक बिजली पहुंचना मात्र कपोल-कल्पना माना जाता था, लेकिन आज नीतीश सरकार के शासन काल में ‘हर घर बिजली’ योजना के तहत सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों तक निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की गई।</p>
<p>उमेश कुशवाहा ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के समय बिजली का आना किसी उत्सव से कम नहीं होता था, जबकि आज बिहार 24 घंटे बिजली आपूर्ति की दिशा में तेजी से अग्रसर है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार को लालटेन युग से निकालकर एलईडी युग में परिवर्तित करने का ऐतिहासिक कार्य किया है, जिसकी झलक आज विश्व मानचित्र पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। कुशवाहा ने आंकड़ों का उल्लेख करते हुए बताया कि वर्ष 2005 तक राज्य में बिजली उपभोक्ताओं की संख्या महज 17 लाख थी, जो अब बढ़़कर दो करोड़़ 14 लाख से अधिक हो चुकी है। वहीं, राज्य की कुल बिजली खपत 700 मेगावाट से बढ़़कर अब 8700 मेगावाट से अधिक हो गई है।</p>
<p>उमेश कुशवाहा ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में 23 से 24 घंटे तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 21 से 22 घंटे तक बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। प्रति व्यक्ति बिजली खपत भी 70 यूनिट से बढ़़कर लगभग 363 यूनिट से अधिक हो चुकी है। उन्होंने कहा कि पिछले दो दशकों में ऊर्जा क्षेत्र में हुए ऐतिहासिक कार्य न केवल देश, बल्कि दुनिया के लिए मिसाल बन चुके हैं। ऊर्जा के क्षेत्र में बिहार की इस उल्लेखनीय प्रगति के कारण अब निवेशक राज्य की ओर आकर्षित हो रहे हैं, नए उद्योग-धंधों की स्थापना हो रही है और बिहार तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Apr 2026 17:33:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>विद्यालय में पेयजल, बिजली और स्वच्छता में हुआ सुधार </title>
                                    <description><![CDATA[दैनिक नवज्योति में ख्रबर प्रकाशित होने के बाद हरकत में आया प्रशासन।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/improvements-made-to-drinking-water--electricity--and-sanitation-facilities-at-school/article-148238"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/1200-x-60-px)-(5)25.png" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span lang="en-us" style="font-family:Mangal;color:#000000;background:#F6F6F6;" xml:lang="en-us">भंवरगढ़।<span>  </span>कस्बे के प्रकाशपुरा के उच्च माध्यमिक विद्यालय में पेयजल बिजली एवं स्वच्छता से जुड़ी व्यवस्थाओें में उल्लेखनीय सुधार किया गया है।<span>  </span>गौरतलब है कि दैनिक नवज्योति ने प्रमुखता के साथ खबर प्रकाशित कर इस मामले को उठाया था। व्यवस्थाओं में सुधार से विद्यालय में अध्ययनरत छात्रों को बड़ी राहत मिली है। विद्यालय में छात्रों की मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इसके साथ ही बिजली आपूर्ति को सुचारू करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई है। जिससे अब विद्यार्थियों की पढाई एवं अन्य शैक्षणिक गतिविधियों में बाधा नहीं आएगी। स्वच्छता के क्षेत्र में भी विशेष ध्यान दिया गया है। विद्यालय परिसर में साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, जिससे बीमारियों के प्रसार को रोकने में मदद मिलेगी और छात्रों को स्वस्थ बातावरण मिले सकेगा।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 28 Mar 2026 14:52:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>कोटा में भी 150 किलोवॉट तक कनेक्शन लेने के लिए एस्टीमेट की दरें हुईं तय, जानें पूरा मामला </title>
                                    <description><![CDATA[इंजीनियर एस्टीमेट के नाम पर उपभोक्ताओं को नहीं लगवा पाएंगे बिजली दफ्तरों के चक्कर।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/estimate-rates-have-been-fixed-for-connections-up-to-150-kilowatts-in-kota-as-well/article-143051"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/(12200-x-600-px)-(3)14.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। राजधानी जयपुर की तर्ज पर अब कोटा के बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है। इससे इंस्पेक्टर राज व्यवस्था खत्म होगी। अब शहर व ग्रामीण में व्यावसायिक और औद्योगिक क्षेत्रों में 150 किलोवॉट तक सभी श्रेणी में कनेक्शन लेने के लिए उपभोक्ताओं को बिजली दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। जेवीवीएनएल द्वारा इस संबंध में एस्टीमेट की दरें तय कर दी है।इससे आवेदकों को अब एस्टीमेट बनवाने के लिए सहायक अभियंता कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। ये प्रावधान डवलपर्स की नई कॉलोनियों के लिए लागू नहीं होंगे। कोटा में बिजली वितरण करने वाली कंपनी केईडीएल का कहना है कि एस्टीमेट की दरें पहले भी थी। लेकिन अब जो भी नया संशोधित आदेश है वह बिजली कम्पनी कोटा में भी लागू करेगी।</p>
<p><strong>कटे कनेक्शन पांच साल तक जोड़े जाएंगे</strong><br />नए आदेश में यह भी तय किया है कि कटे हुए कनेक्शन अब पांच साल तक जोड़े जा सकेंगे। जानकारी के अनुसार इस संबंध में लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि एस्टीमेट बनाने के नाम पर उपभोक्ताओं को अभियंता कार्यालयों के चक्कर लगवाए जा रहे हैं। संशोधन आदेश से इस व्यवस्था पर रोक लगाई गई है, जिससे उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी।</p>
<p><strong>यह दर की तय</strong><br />आदेश के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र में 5 किलोवाट (सिंगल फेज/थ्री फेज) तक 2 हजार रुपए व शहरी क्षेत्र में 5 किलोवाट (सिंगल फेज/थ्री फेज) तक 35 सौ रुपए तय किए हैं। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में 5 से 150 किलोवाट तक कांटेक्ट डिमांड(50केवीए तक) इसमें पहले पांच किलोवाट के लिए 35 सौ व उसके बाद प्रति किलोवाट 500 रुपए लगेंगे। 45 से 150 किलोवाट तक कांटेक्ट डिमांड(50केवीए से ज्यादा) थ्रीफेज कनेक्शन में 45 किलोवाट तक 90 हजार रुपए व उसके बाद प्रति किलोवाट 650 रुपए तय किए गए हैं।</p>
<p><strong>घरेलू श्रेणी कनेक्शन एस्टीमेट के लिए ये दरें हुई तय</strong><br />5 किलोवाट तक(सिंगल फेज/थ्री फेज) 5 हजार रुपए। 5 से 150 किलोवाट तक कांटेक्ट डिमांड(50केवीए तक) सिंगल फेज/थ्रीफेज पहले पांच किलोवाट के लिए 5 हजार रुपए व उसके बाद प्रति किलोवाट 650 रुपए। 45 से 150 किलोवाट तक कांटेक्ट डिमांड के लिए (50 केवीए से ज्यादा): थ्रीफेज में 45 किलावोट के लिए एक लाख रुपए फिर प्रति किलोवाट 750 रुपए तय की गई है।</p>
<p><strong>इनके लिए भी तय की दरें</strong><br />पब्लिक स्ट्रीट लाईटिंग में पांच हजार रुपए प्रति कनेक्शन में लाइन और नेटवर्क कीमत शामिल नहीं है। लघु उद्योग और मिक्स लोड में पांच किलोवाट तक सिंगल फेज/थ्रीफेज में पांच हजार रुपए, 5 से 18.65 किलोवाट थ्रीफेज में पहले पांच किलोवाट के लिए पांच हजार रुपए फिर 650 रुपए प्रति किलोवाट तय की गई है। जबकि मध्यम उद्योग एलटी एंड मिक्स लोड में(18.65 से 112 किलोवाट और कांटेक्ट डिमांड 50 केवीए तक) थ्रीफेज पहले पांच किलोवाट पांच हजार रुपए फिर 650 रुपए प्रति किलोवाट तय की गई है।</p>
<p><strong>उपभोक्ताओं को नहीं होना पड़ेगा परेशान</strong><br />जेवीवीएनएल द्वारा एस्टीमेट की दरें तय करने से उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी। 150 किलो वाट तक के कनेक् शन उद्योग व कृषि समेत कई जगह पर लगवाने पड़ते हैं। जिसके लिए उपभोक्ताओं को कई बार मनमानी कीमत देनी पड़ती थी। इस नई व्यवस्था से बिजली कम्पनी में इंपेक्टर राज समाप्त होगा और उपभोक्ताओं पर अनावश्यक आर्थिक भार भी नहीं पड़ेगा।<br /><strong>-अशोक नागर, बोरखेड़ा</strong></p>
<p><strong>स्वागत योगय निर्णय</strong><br />बिजली कम्पनी द्वारा 150 किलो वाट तक के एस्टीमेट की दरें तय करने का निर्णय स्वागत योग्य है। इससे काफी अधिक संख्या में उपभोक्ताओं को लाभ होगा। कई छोटे उद्योगों व कृषि कार्य तक में इस तरह के बिजली कनेक् शन की जरूरत पड़ती है।<br /><strong>-महेश नामा, नयाखेड़ा</strong></p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />केईडीएल की ओर से कोई राशि तय नहीं की जाती है। जयपुर विद्युत वितरण निगम का जो भी आदेश होता है वही कम्पनी को लागू करना होता है। हालांकि एस्टीमेट की दरें पहले भी थी। लेकिन अब जो भी नया संशोधित आदेश है वह बिजली कम्पनी कोटा में भी लागू करेगी।<br /><strong>-शांतनु भट्टाचार्य, सीओओ केईडीएल</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Feb 2026 16:27:46 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>असर खबर का - भण्डेडा फीडर की 11 केवी लाइन के जल्द बदले जाएंगे पोल व तार </title>
                                    <description><![CDATA[विद्युतलाइन के सड़क किनारे गुजरने से राहगीरों और किसानों के लिए खतरा बना हुआ था।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/impact-of-news---poles-and-wires-on-the-11-kv-line-of-the-bhandehra-feeder-will-be-replaced-soon/article-133173"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/11-(1200-x-600-px)-(4)6.png" alt=""></a><br /><p>भण्डेडा। जयपुर विद्युत वितरण निगम के बांसी जीएसएस से जुड़े भण्डेडा फीडर की 11 केवी विद्युत लाइन की समस्या अब संबंधित अधिकारियों तक पहुंच गई है। दैनिक नवज्योति में प्रकाशित समाचार के बाद विभागीय अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने माना कि लाइन की स्थिति गंभीर है तथा जल्द ही छोटे और जर्जर विद्युत पोल व 11 केवी तारों को बदला जाएगा। लाइन सड़क किनारे गुजरने से राहगीरों और किसानों के लिए खतरा बना हुआ था। दैनिक नवज्योति द्वारा समय पर समाचार प्रकाशित कर इस मुद्दे को उठाया गया। जिसके बाद विभाग सक्रिय हुआ और मौके पर पहुंचकर स्थिति को समझा। भण्डेडा फीडर की मुख्य 11 केवी लाइन पर लंबे समय से छोटे पोल लगे हुए थे। जिनके नीचे पेड़-पौधे काफी बढ़ चुके थे। पांच पोल की दूरी में कई बार 11 केवी तार टूटकर गिर जाते थे। जिससे आगजनी की घटनाएं भी हो चुकी थीं। किसानों ने कई बार विभाग को अवगत कराया। परंतु कार्रवाई नहीं हो पा रही थी।</p>
<p><strong>11 केवी लाइन बदलने का आश्वासन</strong><br />बुधवार के अंक में दैनिक नवज्योति में "अधरझूल में बिजली लाइन का दुरुस्तीकरण" शीर्षक से प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया गया। जिसके बाद गुरुवार को ग्रामीण जेईएन सौरभ गौतम टीम सहित भण्डेड़ा फीडर के सादेड़ा रोड स्थित मौके पर पहुंचे। किसानों की समस्या को गंभीर मानकर जल्द बड़े पोल लगाने और जर्जर 11 केवी लाइन को बदलने का आश्वासन दिया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 21 Nov 2025 14:56:49 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>कोटा दक्षिण वार्ड 63 - पार्कों में लगे कचरे के ढेर, लाइटें खराब, श्वानों के आतंक से जूझ रहे वार्डवासी</title>
                                    <description><![CDATA[खाली प्लॉट में उग  रही झाड़ियों के कारण दिनभर इसमें जानवर विचरण करते हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/-kota-south-ward-63---residents-struggling-with-garbage-piles-in-parks--broken-lights--and-the-menace-of-stray-dogs/article-131785"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/ews-(3)11.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम दक्षिण के वार्ड 63, शहर के बीच में स्थित होने के साथ ही पॉश इलाकों में माना जाने वाला वार्ड है, में रात को बढ़ता श्वानों का आतंक वार्डवासियों के लिए अब परेशानी का कारण बना हुआ है। वहीं वार्डवासियों ने बताया कि पार्षद द्वारा वार्ड में समय-समय पर सीसी रोड निर्माण, सीसी नालियों का निर्माण करवाना व रोड लाइटों की मरम्मत करवाना सहित अन्य कार्य करवाए गए हैं। साथ ही पार्कों में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हुए हैं व पार्कों में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था नहीं होने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं वार्डवासियों ने बताया कि कचरा गाड़ी आती है, साथ ही साफ-सफाई व्यवस्था चकाचक है। वहीं वार्ड में स्थित सामुदायिक भवन संत रैदास भवन का अभी जीर्णोद्धार कार्य चल रहा है।</p>
<p><strong>लाइटें खराब, पार्क में घूमने वाले परेशान</strong><br />वार्ड में स्थित पार्कों में बिजली के पैनल खुले हुए हैं, वहीं बिजली के पोल पर लगी लाइटें खराब होने के कारण पर्याप्त रोशनी नहीं हो पाती, जिस कारण से घूमने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। रानी लक्ष्मी पार्क में घूमने वाले सुरेशचंद, दिनेश कुमार सहित अन्य ने बताया कि रात्रि में पर्याप्त रोशनी व्यवस्था नहीं होने के कारण शाम होते ही परेशानी आती है।</p>
<p><strong>खाली प्लॉट बने मुसीबत</strong><br />वार्ड में आबादी के बीच स्थित खाली प्लॉट वार्डवासियों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। वार्डवासी धर्मेंद्र कुमार व बजरंग लाल ने बताया कि खाली प्लॉट हमारे लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। इसमें से आए दिन जलीय जानवर निकलते हैं, साथ ही इसमें झाड़ियां उगी होने के कारण दिनभर इसमें जानवर विचरण करते हैं, जिससे परेशानी का सामना करना पड़ता है।</p>
<p><strong>वार्ड का एरिया :</strong> बसंत विहार</p>
<p><strong>इनका कहना</strong><br />पार्क में घूमने आए वृद्धजन ने बताया कि पार्क में पर्याप्त लाइट व्यवस्था नहीं होने के कारण शाम होते ही पार्क में घूमने में डर लगता है।<br /><strong> - राघुराज सिंह, वार्डवासी</strong></p>
<p>वार्ड में रात्रि के समय बाइक सवारों को श्वान उनके पीछे भगाते हैं, जिससे कई बार बाइक सवार गिर जाते हैं। रात्रि के समय राहगीरों के पीछे भी श्वान दौड़ते हैं, जिससे आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।<br /><strong>-कुंज बिहारी, वार्डवासी</strong></p>
<p>सिद्धि विनायक मंदिर गली के निवासियों ने बताया कि हमारी गली में कचरा गाड़ी आती है, पर रात्रि के समय आवारा श्वानों द्वारा राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।<br /><strong>- शिवकुमार, वार्डवासी</strong></p>
<p>नगर निगम द्वारा पार्क में लगी लेबर को हटा दिया गया है। अब टेंडर यूआईटी द्वारा पार्क में लेबर को लगाया जा रहा है, जिसके चलते पार्क में सफाई व्यवस्था नहीं हो पा रही है। वहीं श्वानों की समस्या के लिए हमने उच्चाधिकारियों को अवगत करा रखा है।<br /><strong>- पी. डी. गुप्ता, वार्ड पार्षद</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 08 Nov 2025 14:09:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाने पर ही मिलेगी 150 यूनिट फ्री बिजली : योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी, छत वाले उपभोक्ताओं को ही मिलेगा लाभ</title>
                                    <description><![CDATA[प्रथम चरण में यह लाभ उन उपभोक्ताओं को मिलेगा, जिनके पास रूफ टॉप सोलर संयंत्र लगाने के लिए घर की छत उपलब्ध है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/units-of-free-electricity-will-be-available-only-after/article-131748"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/6622-copy36.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश में 150 यूनिट फ्री बिजली वाले रजिस्टर्ड उपभोक्ताओं को अब रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाने पर ही फ्री 150 यूनिट मिलेंगी। राजस्थान डिस्कॉम्स ने 150 यूनिट प्रतिमाह नि:शुल्क बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। जिसमें मुख्यमंत्री निशुल्क बिजली योजना में रजिस्टर्ड घरेलू उपभोक्ताओं को सौर ऊर्जा से प्रतिमाह 150 यूनिट निशुल्क बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। प्रथम चरण में यह लाभ उन उपभोक्ताओं को मिलेगा, जिनके पास रूफ टॉप सोलर संयंत्र लगाने के लिए घर की छत उपलब्ध है। </p>
<p>13 अक्टूबर को पोर्टल के शुभारम्भ के बाद रूफ टॉप सोलर लगाने के लिए अब तक एक लाख 66 हजार 355 से अधिक उपभोक्ता अपनी सहमति दर्ज करा चुके हैं। उपभोक्ता रूफ टॉप सोलर संयंत्र लगवाकर संयंत्र की क्षमता के अनुसार पीएम सूर्यघर योजना में देय केन्द्रीय अनुदान अधिकतम 78 हजार रुपए प्राप्त करेंगे। न्यूनतम 1.1 किलोवाट के संयंत्र पर उन्हें राज्य सरकार से अतिरिक्त 17 हजार रूपए की सब्सिडी भी दी जाएगी, जो डिस्कॉम के सत्यापन के बाद सीधे उपभोक्ता के बैंक खाते में भेजी जाएगी।</p>
<p><strong>पोर्टल के माध्यम से रजिस्ट्रेशन</strong><br />योजना में वही घरेलू उपभोक्ता अतिरिक्त राज्य सब्सिडी के लिए पात्र होंगे, जो पहले से मुख्यमंत्री निशुल्क बिजली योजना में रजिस्टर्ड हैं तथा जिनके पास रूफ टॉप सोलर संयंत्र लगाने के लिए खुद की छत उपलब्ध है। ऐसे उपभोक्ताओं को राजस्थान डिस्कॉम की वेबसाइट तथा मोबाइल एप पर सहमति के लिए रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इसके बाद रूफ टॉप सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने के लिए उन्हें पीएम सूर्यघर योजना के राष्टÑीय पोर्टल पर रजिस्टेÑशन करना होगा। जरूरी दस्तावेज अपलोड कर एम्पेनल्ड वेंडर का चयन करना होगा। रूफ टॉप सोलर सिस्टम अपनी स्वामित्व वाली छत पर ही स्थापित कराना होगा। रूफ टॉप संयंत्र की आपूर्ति और स्थापना का कार्य पीएम सूर्यघर योजना में एम्पैनल्ड वेंडर करेगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 08 Nov 2025 10:05:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विद्युत सेवाओं में सुधार के लिए विद्युत वितरण निगम की अनूठी पहल : अधिकारी खबरदार, अब जनता भरेगी एसीआर</title>
                                    <description><![CDATA[निगम का प्रयास है कि एक अक्टूबर से जो घरेलू कनेक्शन दिए गए हैं, उनमें भी ऐसा फीडबैक लिया जाए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/unique-initiative-of-electricity-distribution-corporation-to-improve-electricity-services/article-130470"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/6622-copy133.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जयपुर विद्युत वितरण निगम ने अपनी विद्युत सेवाओं में सुधार कर इसे कंज्यूमर फ्रेंडली जवाबदेह एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में अनूठी पहल की है। इस प्रक्रिया में जयपुर डिस्कॉम नया घरेलू कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं से फीडबैक लेगा। प्रदेश में आमजन से जुड़ी सेवाएं प्रदान करने वाले किसी राजकीय निगम या विभाग ने पहली बार निजी सेवा प्रदाता कंपनियों की तरह उपभोक्ताओं से फीडबैक लेने की ऐसी शुरूआत की है। <br />फिलहाल नए घरेलू कनेक्शन को इसके दायरे में लिया गया है। धीरे-धीरे निगम की अन्य सेवाओं को भी इसके दायरे में लाया जाएगा। चेयरमैन डिस्कॉम्स आरती डोगरा ने शुक्रवार को सभी जोनल मुख्य अभियंताओं और अधीक्षण अभियंताओं के साथ फीडबैक मैकेनिज्म की तैयारियों की समीक्षा की और सोमवार से इसे प्रारंभ करने के निर्देश दिए। डोगरा ने कहा कि अब जो भी नए घरेलू कनेक्शन जारी होंगे, उनमें फीडबैक देने की यह व्यवस्था प्रभावी रहेगी। निगम का प्रयास है कि एक अक्टूबर से जो घरेलू कनेक्शन दिए गए हैं, उनमें भी ऐसा फीडबैक लिया जाए।</p>
<p><strong>ऐसे दे सकेंगे फीडबैक</strong><br />नया घरेलू कनेक्शन जारी होने के बाद आवेदक को मोबाइल एप्लीकेशन बिजली मित्र डाउनलोड करने का एसएमएस प्राप्त होगा। एप्लीकेशन डाउनलोड करते ही के. नम्बर डालने पर उपभोक्ता को फीडबैक पॉप अप दिखाई देने लगेगा। इस पॉप अप पर क्लिक करते ही उपभोक्ता कनेक्शन प्राप्त करने के अपने अनुभव 1 से 5 स्टार रेटिंग के जरिए प्रदान कर सकेंगे।</p>
<p><strong>अपनी टिप्पणियां भी लिख सकेंगे</strong><br />इस दौरान वे अन्य वैकल्पिक टिप्पणियां भी जोड़ सकेंगे। एक से 2 स्टार रेटिंग के मामलों में अधिकारी नियमित समीक्षा करेंगे और सेवा में सुधार के उपाय सुनिश्चित करेंगे। डिस्कॉम द्वारा इनकी नियमित मॉनीटरिंग की जाएगी। वृत्त और सब डिविजन स्तर पर प्रत्येक माह समीक्षा होगी। इसके आधार पर अधीक्षण अभियंता और सहायक अभियंता कार्यालयों की भी रैंकिंग तय होगी। उन अधिकारियों या कार्मिकों की भी मॉनीटरिंग हो सकेगी जो आम आदमी से जुड़ी सेवाओं की अदायगी में लापरवाही बरतते हैं या उन्हें लटकाते हैं। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 25 Oct 2025 09:35:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बारिश से बिजली डिमांड में गिरावट : ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी कटौती बरकरार, गर्मियों में बिजली की डिमांड रहती है 20 हजार मेगावाट</title>
                                    <description><![CDATA[इस बार प्रदेश के थर्मल पॉवर प्लांट का उत्पादन स्थिर बना रहा। इससे लागत में दस से 12 प्रतिशत तक बचत हुई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/falling-of-electricity-demand-due-to-rain-still-remains-in/article-126787"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/6622-copy11.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान में अतिवृष्टि ने बिजली डिमांड पांच हजार मेगावाट घटा दी है। अब बिजली कंपनियों को बाहर से मंहगी बिजली नहीं खरीदनी पड़ रही।  फिलहाल ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त सप्लाई के अभाव के कारण कटौती जारी है। डिमांड बढ़ने पर हर साल गुजरात, मध्यप्रदेश से दो से चार हजार मेगावाट बिजली खरीदनी पड़ती थी, लेकिन इस बार प्रदेश के थर्मल पॉवर प्लांट का उत्पादन स्थिर बना रहा। इससे लागत में दस से 12 प्रतिशत तक बचत हुई।</p>
<p><strong>क्यों घट गई मांग</strong><br />गर्मी में कमी : तापमान में गिरावट। एसी, कूलर आदि में खपत कम।<br /> - बरसात और मौसम की नमी से खपत में स्वाभाविक गिरावट। <br />- आपूर्ति कैसी बनी हुई है<br />-आपूर्ति वर्तमान में डिमांड से अच्छी खासी मेल खा रही है क्योंकि मांग कम हो गई है। इससे बिजली कटौती की घटनाओं में कमी आई है।<br />चुनौतियां<br />- यदि बादलों का असर ज़्यादा देर तक बना रहा तो सौर ऊर्जा उत्पादन और भी कम हो सकता है, जो आपूर्ति के संतुलन को प्रभावित कर सकता है।<br />-जैसे ही मौसम साफ  होगा और तापमान बढ़ेगा, बिजली की मांग फिर से बढ़ सकती है। </p>
<p><strong>पिछले सालों में कम घटी डिमांड</strong><br />राजस्थान में बिजली क्षेत्र के अधिकारियों ने बताया कि पिछले सालों के दौरान गर्मियों में जहां बिजली की डिमांड 20 हजार मेगावाट तक पहुंच जाती थी, वहीं इस बार यह औसतन 11-12 हजार मेगावाट रह गई है। </p>
<p><strong>महंगी बिजली खरीदना कम हुआ</strong><br /> तापमान में 4-5 डिग्री की गिरावट आई, जिससे एसी और पंखों का उपयोग घटा। घरेलू कनेक्शनों पर 8-10 प्रतिशत की कमी आई, लेकिन किसानों के धान और सब्जियों की फसल के लिए पंप चलाने से कृषि क्षेत्र में 15 प्रतिशत तक डिमांड बढ़ी। कोटा और उदयपुर जैसे दक्षिणी क्षेत्रों में भी यही ट्रेंड देखा गया, जहां नदियों का जलस्तर बढ़ने से सिंचाई पर निर्भरता कम हुई। </p>
<p><strong>कोयला सप्लाई चेन हुई प्रभावित</strong><br />सितंबर के पहले 10 दिनों में बिजली खपत 15% कम रही। चंबल और बनास के आसपास सड़कें जलमग्न होने से कोयला ट्रकों की आवाजाही रुकी। सूरसागर थर्मल पावर प्लांट में कोयला स्टॉक 20% कम हो गया, लेकिन प्लांटों के पास 15-20 दिनों का स्टॉक है। वैकल्पिक रूट्स में रेलवे से कोयला लाने पर जोर है। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 14 Sep 2025 10:30:02 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>इस बार औसत से अधिक व भारी बारिश बनी बैरन</title>
                                    <description><![CDATA[मकान, सड़क, सरकारी भवन व बिजली के पोल तक हुए क्षतिग्रस्त ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/this-time--above-average-and-heavy-rains-became-a-burden/article-125042"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1ne1ws-(630-x-400-px)-(1)5.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। प्रदेश के अन्य जिलों के साथ ही इस बार कोटा संभाग में भी मानसून की अच्छी बरसात हुई है। औसत के काफी अधिक व भारी बारिश होने से बांध व जलस्रोत तो लबालब भर गए लेकिन भारी बारिश बैरन भी बन गई। संभाग के सभी जिलों में भारी बारिश से न केवल कच्ची पक्के मकान वरन् सड़क, पुलिया, सरकारी कार्यालय, स्कूल व आंगनबाड़ी तक के भवन क्षतिग्रस्त हुए हैं। बिजली के पोल व जीएसएस तक क्षतिग्रस्त होने से बिजली तंत्र गड़बड़ाया हुआ है। हालांकि सरकार व प्रशासन के स्तर पर बारिश से हुए नुकसान के सर्वे की प्रक्रिया चल रही है। लेकिन अभी तक के सर्वे के अनुसार संभाग में बारिश से करीब एक हजार करोड़ से अधिक का नुकसान होने का अनुमान है। संभाग में भारी बारिश का एक दौर तो जुलाई तक रहा। उसके बाद 15 अगस्त से हुई दूसरे दौर की भारी बारिश में भी काफी नुकसान हुआ है। बिजली तंत्र को करीब 20 से 25 करोड़ का नुकसान  होने व फसलों में खराबा करीब 100 करोड़ से ज्यादा आंका गया है. पशुधन और मकानों को भी करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ है।</p>
<p><strong>दर्जनों रास्ते बंद, गांवों का संपर्क टूटा</strong><br />वर्तमान में कोटा संभाग में करीब एक दर्जन से ज्यादा रास्ते बंद हैं। इसमें मेगा हाईवे, स्टेट हाईवे, मेजर डिस्टिक रोड शामिल हैं. कोटा-दौसा-लालसोट मेगा हाईवे पर बूंदी जिले के बंबोरी के पास सड़क पूरी तरह उखड़ गई है, जिससे यातायात डायवर्ट करना पड़ा है। इसी हाईवे पर मेज नदी की पापड़ी की पुलिया भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। बूंदी जिले में मेंडोली-झालीजी का बराना, खटखट-नैनवा, बंबोरी-नंदपुरा और श्यामपुरा-हरिपुरा जैसे कई रास्ते बंद हैं. बारां जिले में जलवाड़ा-बराना और रामगढ़-मांगरोल का रास्ता बंद है।</p>
<p><strong>दूसरे फेज में हुआ अधिक नुकसान</strong><br />एडीएम सीलिंग कृष्णा शुक्ला ने बताया कि पहले फेज में जुलाई के अंतिम सप्ताह में भारी बारिश से बाढ़ आई थी। इसके बाद दूसरे फेज में 15 से 25 अगस्त के बीच भारी बारिश ने और तबाही मचाई। इस दौरान दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे तक पानी पहुंच गया।  एनएचएआई, आरएसआरडीसी, रिडकोर, पीडब्ल्यूडी, स्थानीय निकायों और पंचायत राज विभाग की करीब 1000 किलोमीटर सड़कें प्रभावित हुई हैं व दो दर्जन पुलियाएं भी क्षतिग्रस्त हो गईं।  एडीएम शुक्ला ने बताया कि दूसरे फेज में निमोदा हरिजी में अधिक नुकसान हुआ है। अभी तक नुकसान के सर्वे की प्रक्रिया चल रही है। नुकसान के जो प्रस्ताव अभी तक प्राप्त हो चुके हैं उन्हें सरकार को भेजा जा चुका है। सर्वे की प्रक्रिया अभी भी जारी है। </p>
<p><strong>25 करोड़ का बिजली तंत्र प्रभावित</strong><br />इधर जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड कोटा के मुख्य अभियंता  जी. एस. बैरवा ने बताया कि  अतिवृष्टि से करीब 450 से अधिक विद्युत पोल टूट गए। इनमें ्33 केवी व 11 केवी और एलटी लाइन के पोल शामिल हैं। 76 सिंगल फेज, 62 थ्री फेज लाइनें और 2 पावर ट्रांसफार्मर खराब हुए। 8 से अधिक जीएसएस में पानी भरने से सप्लाई ठप है। घाट का बराना, नौताड़ा, गेंडोली, पापड़ी और बड़ा खेड़ा जीएसएस में पानी भरा होने से 15 से 20 हजार आबादी में बिजली सप्लाई बंद है। उनमें से कुछ को तो सही करवा दिया है। शेष को सही करने का काम किया जा रहा है। </p>
<p><strong>मरम्मत के प्रस्ताव हो रहे तैयार</strong><br />पीडब्ल्यूडी कोटा के अतिरिक्त मुख्य अभियंता निशु गुप्ता ने बताया कि बारिश से संभाग में सड़कों को काफी नुकसान हुआ है। उनकी तत्काल मरम्मत के लिए एसडीआरएफ के तहत प्रस्ताव भेजे गए हैं। पहले 750 करोड़ रुपए के स्थाई मरम्मत प्रस्ताव भेजे गए थे। अब दोबारा  आंकलन किया जा रहा है ताकि खराब सड़कों की संख्या जोड़ी जा सके। वहीं  हाड़ौती संभाग में करीब  कई लोगों की मौत जलजनित हादसों और आकाशीय बिजली से हुई है। 100 से ज्यादा पशुधन की हानि और करीब 1 हजार मकानों को क्षति पहुंची है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 28 Aug 2025 15:10:42 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट : रोज 1000 मीट्रिक टन कचरे से बन रही 12 मेगावाट बिजली, केन्द्रीय शहरी मंत्रालय के सचिव ने किया प्लांट का दौरा</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान का पहला कचरे से बिजली बनाने का प्लांट राजधानी जयपुर में संचालित है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/west-to-energy-plant-12-mw-of-electricity-being-built-from-1000/article-122349"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1ne1ws3.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान का पहला कचरे से बिजली बनाने का प्लांट राजधानी जयपुर में संचालित है। इस प्लांट से रोज एक हजार मीट्रिक टन कचरे से 12 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। भारत सरकार के आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के सचिव कातिकिथाला श्रीनिवास ने जयपुर के लांगड़ियावास सॉलिड वेस्ट आधारित वेस्ट टू एनर्जी प्लांट का शुक्रवार को दौरा किया। यह प्लांट राजस्थान सरकार की स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत एक प्रमुख पहल है, जिसे पीपीपी मॉडल के तहत जिंदल अर्बन वेस्ट मैनेजमेंट जयपुर लिमिटेड की ओर से संचालित किया जा रहा है।</p>
<p>इससे नगर निगम को ढ़ाई करोड़ की आय हो रही है। मंत्रालय के सचिव ने इस प्रोजेक्ट की काफी सराहना करते हुए इसे सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के सहयोग से शहरी चुनौतियों के समाधान का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। इस अवसर पर जुईकर प्रतीक चंद्रशेखर निदेशक एसबीएम अर्बन एवं एवं डॉ. निधि पटेल आयुक्त नगर निगम हेरिटेज जयपुर ने सचिव का स्वागत किया। जुईकर ने बताया कि इस प्लांट की क्षमता को भविष्य में और बढ़ाया जाएगा, जो 1700 मीट्रिक टन कचरे प्रतिदिन तक पहुंच जाएगी।</p>
<p><strong>प्लांट की विशेषताएं :</strong></p>
<ul>
<li> फरवरी 2025 से संचालन शुरू।</li>
<li>1000 मीट्रिक टन अपशिष्ट की दैनिक प्रोसेसिंग क्षमता।</li>
<li>12 मेगावाट प्रतिदिन बिजली उत्पादन।</li>
</ul>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 02 Aug 2025 11:11:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिजली विभाग लेगा शटडाउन, कई जिलों में पेयजल सप्लाई रहेगी बाधित  </title>
                                    <description><![CDATA[इस शटडाउन के दौरान बीसलपुर जयपुर पेयजल परियोजना के इन्टेक पम्प हाउस व सुरजपुरा जल शोधन संयत्र पर विद्युत आपूर्ति पूर्ण रूप से बाधित रहेगी, जिस कारण लगभग 5 घंटे के अन्तराल के बाद पेयजल उत्पादन एवं वितरण प्रणाली सामान्य होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/electricity-department-will-shutdown-drinking-water-supply/article-119543"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/shut.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड द्वारा 7 जुलाई को 132 के.वी. जी.एस.एस. थडोली पर स्थापित उपकरणो की प्रिवेंटिव मेंटिनेंस के लिए सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक कुल 3 घंटे का विद्युत शटडाउन लिया जाएगा। इस शटडाउन के दौरान बीसलपुर जयपुर पेयजल परियोजना के इन्टेक पम्प हाउस व सुरजपुरा जल शोधन संयत्र पर विद्युत आपूर्ति पूर्ण रूप से बाधित रहेगी, जिस कारण लगभग 5 घंटे के अन्तराल के बाद पेयजल उत्पादन एवं वितरण प्रणाली सामान्य होगी।</p>
<p><strong>यहां रहेगी पेयजल सप्लाई बाधित</strong><br />जलदाय विभाग के अतिरिक्त मुख्य अभियंता शुभांशु दीक्षित ने बताया कि इस शटडाउन के दौरान मालपुरा, झिराना, बस्सी, निवाई, टोंक, फागी, सार्भर, फुलेरा, दूदू, जोबनेर और चाकसू क्षेत्र के शहरी व ग्रामीण एवं जयपुर शहर में प्रतापनगर क्षेत्र, सांगानेर क्षेत्र दर्गापुरा, मालवीय, नगर,  महेशनगर, बरकतनगर, सिविललाईन ज्योतिनगर, शान्तिनगर, सिन्धीकॉलोनी, आदर्शनगर, जवाहरनगर, ट्रकस्टेण्ड, मानसरोवर, श्यामनगर, विद्युत नगर, संजय नगर, ऑफिसर कैम्पस, झोटवाडा, बी.के.आई. विद्याधर नगर, मुरलीपुरा, गोपालवाडी, बनीपार्क, अम्बाबाडी, जगतपुरा, इन्दिरा गाँधी नगर, मुहानामोड़, जामडोली, सुभाषनगर, सीतापुरा, चारदीवारी क्षेत्र और पृथवीराज नगर क्षेत्र की 7 जुलाई की सांयकालीन पेयजल सप्लाई आंशिक रूप से बाधित रहेगी और 8 जुलाई से समस्त पेयजल सप्लाई नियमित रूप से सुचारू होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 05 Jul 2025 17:58:43 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>बिजली वितरण का ढांचा चरमराया, आमजन हुआ त्रस्त : बिजली कटौती को लेकर अशोक गहलोत ने भजनलाल सरकार पर साधा निशाना </title>
                                    <description><![CDATA[गहलोत ने कहा है कि तुम्हारी फाइलों में गाँव का मौसम गुलाबी है, मगर ये आंकड़े झूठे हैं ये दावा किताबी है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/electricity-distribution-structure-crumbled-ashok-gehlot-targeted-bhajanlal-government-for/article-116761"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/ashok-gahlot.png" alt=""></a><br /><p> जयपुर। राजस्थान में बिजली कटौती और बिजली सप्लाई को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भजनलाल सरकार पर निशाना साधा है।<br />गहलोत ने कहा है कि तुम्हारी फाइलों में गाँव का मौसम गुलाबी है, मगर ये आंकड़े झूठे हैं ये दावा किताबी है। भारतीय जनता पार्टी की राजस्थान में सरकार बनने का एक वर्ष पूरा होने पर ज़ोर शोर से प्रचार किया गया कि राजस्थान अब बिजली में सरप्लस स्टेट हो गया है, लेकिन जैसे ही गर्मी बढ़ने लगी गांव-शहर हर जगह बिजली कटौती शुरू हो गई।</p>
<p>सरप्लस स्टेट में बिजली कटौती का सीधा अर्थ सरकार का कुप्रबंधन है। राजस्थान में बिजली वितरण का ढांचा चरमरा गया है जिससे आमजन त्रस्त हो गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 08 Jun 2025 17:29:08 +0530</pubDate>
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