<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/electricity/tag-5618" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>electricity - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/5618/rss</link>
                <description>electricity RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>हरियाणा में भीषण गर्मी में बिजली गायब : पानी भी बंद, लोगों ने किया चक्का जाम</title>
                                    <description><![CDATA[लगातार बिजली कटौती और पेयजल संकट से नाराज लोगों ने हनुमान ढाणी व हनुमान गेट चौक पर सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। लोगों ने गंदे पानी की सप्लाई और शिकायतों पर कार्रवाई न होने का आरोप लगाया। बिजली निगम ने जल्द समाधान का आश्वासन दिया, जबकि प्रदर्शनकारियों ने चेताया कि समस्या बनी रही तो मंत्री राजेश नागर का घेराव करेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/due-to-scorching-heat-in-haryana-electricity-was-missing-water/article-160295"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/6622-copy37.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">भिवानी। हरियाणा के भिवानी शहर के सर्कुलर रोड स्थित हनुमान ढाणी चौक और हनुमान गेट चौक पर रविवार को स्थानीय लोगों ने बिजली और पेयजल संकट के विरोध में जाम लगा दिया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पिछले कई दिनों से लगातार लंबी-लंबी बिजली कटौती हो रही है, जिससे भीषण गर्मी में लोगों का रहना मुश्किल हो गया है। बच्चों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति भी बाधित है और कई घरों में पीने तक का पानी उपलब्ध नहीं है। समस्या के समाधान के लिए कई बार शिकायतें करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होने से मजबूर होकर लोगों ने सड़क जाम की।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">वार्ड-25 के पार्षद विनोद प्रजापति ने बताया कि 15-20 दिन पहले समाधान शिविर में भी इस समस्या की शिकायत दी गयी थी। उनके अनुसार पतराम गेट से हालू बाजार के बीच के क्षेत्र में रोजाना रात करीब 10 बजे बिजली काट दी जाती है, जो सुबह करीब तीन बजे बहाल होती है। ऑनलाइन और ऑफलाइन शिकायतों के बावजूद कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। </span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि क्षेत्र में गंदे पानी की आपूर्ति हो रही है, जो पीने योग्य नहीं है। प्रदर्शन के दौरान बिजली निगम के अधिकारी मौके पर पहुंचे और दो से ढाई घंटे में समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। अधिकारियों ने रात में बिजली कटौती नहीं होने का भरोसा दिलाया। वहीं लोगों ने चेतावनी दी कि यदि समस्या बरकरार रही, तो मंत्री राजेश नागर के भिवानी दौरे के दौरान उनका घेराव किया जाएगा। </span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';"> </span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';"><span> </span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/due-to-scorching-heat-in-haryana-electricity-was-missing-water/article-160295</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/due-to-scorching-heat-in-haryana-electricity-was-missing-water/article-160295</guid>
                <pubDate>Sun, 19 Jul 2026 15:51:02 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-07/6622-copy37.jpg"                         length="49158"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>&quot;नहरें सूखी, किसान परेशान&quot;  पंजाब में बिजली और सिंचाई संकट पर बवाल: कांग्रेस ने मान सरकार को घेरा, राज्यव्यापी आंदोलन की दी चेतावनी</title>
                                    <description><![CDATA[पंजाब के पूर्व मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने बिजली और सिंचाई संकट को लेकर आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि धान की रोपाई के दौरान किसानों को न पर्याप्त बिजली मिल रही है, न नहरों का पानी। सिद्धू ने अघोषित कटौती बंद करने, सिंचाई व्यवस्था सुधारने और जल्द समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/uproar-over-electricity-and-irrigation-crisis-in-punjab-congress-surrounds/article-158497"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/12200-x-600-px)-(2)8.png" alt=""></a><br /><p>मोहाली। पंजाब के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता बलबीर सिंह सिद्धू ने मंगलवार को राज्य में गहराते बिजली और सिंचाई संकट को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के दावों और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर है, जिसके कारण किसान और आम लोग गंभीर परेशानियों का सामना कर रहे हैं। सिद्धू ने कहा कि धान की रोपाई के सबसे महत्वपूर्ण समय में किसानों के खेतों तक न तो नहरों का पानी पहुंच रहा है और न ही पर्याप्त बिजली मिल रही है। इसके कारण हजारों एकड़ फसल प्रभावित हो रही है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान लगातार दावा करते रहे हैं कि नहरों का पानी अंतिम छोर (टेल) तक पहुंच चुका है, लेकिन वास्तविक स्थिति इसके विपरीत है। नहरों के अंतिम छोर और छोटी नहरें सूखी पड़ी हैं तथा किसान पानी की एक-एक बूंद के लिए भटक रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि किसान अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही। सरकार के दावे केवल विज्ञापनों और कागजों तक सीमित रह गये हैं।</p>
<p>कांग्रेस नेता ने कहा कि बदलाव का वादा करने वाली आप सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है। पूरे पंजाब में शहरों और गांवों में कई-कई घंटे की अघोषित बिजली कटौती से लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है। सिद्धू ने चुनावी वादों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ने किसानों से समय पर बिजली उपलब्ध कराने के बड़े दावे किये थे, लेकिन आज हालात इसके बिल्कुल उलट हैं। उन्होंने इसे पंजाब के अन्नदाता के साथ विश्वासघात करार दिया। उन्होंने कहा कि बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण किसान अपनी धान की फसल बचाने के लिए दिन-रात डीजल जनरेटर चलाने को मजबूर हैं। एक हाई-पावर ट्यूबवेल या मोटर चलाने के लिए प्रतिदिन 60 से 70 लीटर डीजल खर्च हो रहा है, जिससे किसानों पर रोजाना लगभग 5,000 से 7,000 रुपये तक का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। इससे खेती की लागत लगातार बढ़ रही है और किसानों की आर्थिक स्थिति कमजोर होती जा रही है।</p>
<p>सिद्धू ने कहा कि सरकार की नाकामी का असर केवल किसानों तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यापारी, दुकानदार, उद्योगपति और आम नागरिक भी लंबे बिजली कटों से परेशान हैं। भीषण गर्मी में उद्योगों का काम प्रभावित हो रहा है, छोटे कारोबार ठप पड़ रहे हैं, अस्पतालों में मरीजों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है और घरों में बच्चे, महिलाएं तथा बुजुर्ग भी परेशान हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब के लोगों के टैक्स का करोड़ों रुपये अन्य राज्यों में चुनाव प्रचार और सरकारी विज्ञापनों पर खर्च किया जा रहा है, जबकि राज्य के बिजली और सिंचाई ढांचे को मजबूत करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाये गये।</p>
<p>सिद्धू ने मांग की कि बिजली विभाग तत्काल अघोषित बिजली कटौती बंद कर कृषि एवं घरेलू उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करे। साथ ही सिंचाई विभाग को निर्देश दिये जायें कि नहरों के अंतिम छोर तक तुरंत पानी पहुंचाया जाये, ताकि किसानों की धान की फसल को बचाया जा सके।उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो पंजाब कांग्रेस पूरे राज्य में आंदोलन करेगी तथा बिजली ग्रिडों, सिंचाई विभाग के कार्यालयों और अन्य सरकारी दफ्तरों का घेराव करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी पंजाब सरकार की होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/uproar-over-electricity-and-irrigation-crisis-in-punjab-congress-surrounds/article-158497</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/uproar-over-electricity-and-irrigation-crisis-in-punjab-congress-surrounds/article-158497</guid>
                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 18:31:11 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-06/12200-x-600-px%29-%282%298.png"                         length="1217120"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिजली संकट पर अखिलेश का राज्य सरकार पर निशाना: विधायक-सांसद बना रहे दिखावटी चिट्ठी का ‘कागजी कवच’, हमारे गठबंधन में ऐसे नेताओं के लिए कोई जगह नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में बिजली संकट को लेकर भाजपा सरकार को घेरा । उन्होंने इस स्थिति को 'महा विद्युत आपदा' बताते हुए कहा कि आक्रोश से बचने के लिए सांसद-विधायक दिखावटी चिट्ठियां लिख रहे । अखिलेश ने आरोप लगाया कि सरकार जनता की मुश्किलें नजरअंदाज कर रही ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/akhilesh-targets-the-state-government-on-power-crisis-mlas-and/article-154925"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/akhilesh-yadav.png" alt=""></a><br /><p>लखनऊ। समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में बिजली संकट को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा है कि उत्तर प्रदेश में असहनीय ‘महा विद्युत आपदा’ की वजह से लगातार बढ़ते आक्रोश से बचने के लिए भयभीत भाजपाई विधायक-सांसद दिखावटी चिट्ठी का ‘कागजी कवच’ बना रहे हैं। अखिलेश यादव ने सोमवार को एक्स पर एक पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि यह चिट्ठी दरअसल अपनी सरकार को लिखा कोई ‘जन हित का पत्र’ नहीं है, बल्कि भाजपा रूपी डूबते जहाज को छोड़कर विपक्ष से आगामी चुनावों में टिकट पाने के लिए ‘आवेदन पत्र’ है।</p>
<p>उन्होंने साफ किया कि हमारे गठबंधन में ऐसे नेताओं के लिए कोई जगह नहीं है, जो जनता को दुख-दर्द और दिक्कतों के सिवा कुछ नहीं देते हैं। सपा प्रमुख ने कहा कि इस जानलेवा गर्मी में परिवारों में बड़े बुजुर्गों, बीमारों, बच्चों और खाने-पानी की व्यवस्था में झुलसती महिलाओं की क्या दुर्दशा हो रही है, ये केवल परिवारवाले ही समझ सकते हैं। कभी आपदा में अवसर ढूंढने वालों ने, अवसर की जगह जिस ‘अफसर’ को ढूंढा था, वो अफसर अब स्वयं आपदा साबित हो रहा है।</p>
<p>अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा कि समस्या का समाधान पूछने पर दोनों हाथ खड़ा करके नारा लगाकर बच निकलने वालों के रहते समस्या नहीं सुलझेगी। उन्होंने कहा कि किसी के लिए ये बड़ा मौका है कि वो पूरी तरह से नाकाम हो चुके किसी ‘दूत-मंत्री’ को हटा दे। इससे मुख्य जी को अपना मंत्रिमंडल विस्तार करने और किसी एक ‘घाटहीन’ को समायोजित करने का मौका भी मिल जाएगा। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि उप्र की भाजपा सरकार भी जानती है कि अब वो कभी वापस नहीं आएगी। इसीलिए वो जनता की मुश्किलों और मांगों को पूरी तरह नजरअंदाज करके बस अपने खजाने भरने में लगी है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/akhilesh-targets-the-state-government-on-power-crisis-mlas-and/article-154925</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/akhilesh-targets-the-state-government-on-power-crisis-mlas-and/article-154925</guid>
                <pubDate>Mon, 25 May 2026 17:21:18 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/akhilesh-yadav.png"                         length="912066"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिजली संकट पर यूपी सीएम योगी का सख्त संदेश : बोले- लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त, बिना रुकावट बिजली आपूर्ति के निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिजली आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा करते हुए शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध बिजली देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी में उत्पादन इकाइयां पूरी क्षमता से चलें। ट्रांसफार्मर खराब होने या लापरवाही पर जवाबदेही तय होगी और उपभोक्ताओं को समय पर सही जानकारी दी जाएगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/up-cm-yogis-strict-message-on-power-crisis-negligence/article-154860"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/cm-yogi.png" alt=""></a><br /><p>लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लखनऊ में ऊर्जा विभाग, पावर कॉरपोरेशन एवं सभी बिजली वितरण कंपनियों के अधिकारियों के साथ प्रदेश की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने भीषण गर्मी और बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बिना रुकावट बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए सभी उत्पादन इकाइयां पूरी क्षमता से चलाई जाएं और इनके कामों की लगातार निगरानी हो।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने प्रदेश के पारेषण तंत्र को और अधिक मजबूत, आधुनिक और भरोसेमंद बनाने पर जोर दिया। उन्होंने फीडर स्तर पर निगरानी और जवाबदेही तय करने को कहा। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि ट्रांसफार्मर खराब होने, फीडर बाधित होने या शिकायत निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजन को बिजली आपूर्ति से जुड़ी सही और समयबद्ध जानकारी उपलब्ध कराई जाए। संवाद और पारदर्शिता से उपभोक्ताओं का विश्वास मजबूत होगा और शिकायतों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ेगी।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने उपभोक्ता सेवाओं को अधिक पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने पर बल दिया। उन्होंने ऊर्जा मंत्री एवं विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायत निस्तारण व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जाए, ताकि उपभोक्ताओं को तत्काल राहत मिल सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/up-cm-yogis-strict-message-on-power-crisis-negligence/article-154860</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/up-cm-yogis-strict-message-on-power-crisis-negligence/article-154860</guid>
                <pubDate>Sun, 24 May 2026 17:32:13 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/cm-yogi.png"                         length="667145"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उत्तर प्रदेश में विद्युत संकट से हाहाकार, 24 घंटे बिजली देने का दावा निकला जुमला : सुप्रिया श्रीनेत</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस सोशल मीडिया चेयरमैन सुप्रिया श्रीनेत ने उत्तर प्रदेश में भीषण बिजली कटौती पर योगी सरकार पर तीखा निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के बीच 75 जिलों में जनता त्रस्त है और अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हैं। कांग्रेस ने 24 घंटे बिजली देने में विफल जिम्मेदार मंत्री को बर्खास्त करने की मांग की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/due-to-power-crisis-in-uttar-pradesh-the-claim-of/article-154841"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/supriya.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस ने रविवार को कहा कि उत्तर प्रदेश में विद्युत कटौती से हाहाकार मचा हुआ है और जनता घोर संकट का सामना कर रही है। कांग्रेस की सोशल मीडिया विभाग की चेयरमैन सुप्रिया श्रीनेत ने एक बयान में कहा कि उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में बिजली कटौती से विकराल स्थिति उत्पन्न हो गयी है। जनता तकलीफें झेलने को मजबूर है। उन्होंने कहा कि देश के 50 सबसे गर्म शहरों में से 26 शहर उत्तर प्रदेश के हैं, लेकिन भीषण गर्मी के बीच लोगों को 24 घंटे में केवल सात-आठ घंटे ही बिजली मिल पा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मेरठ से लेकर बलिया तक लोग बिजली संकट से परेशान हैं और कई जगहों पर लोग रात में घरों से निकलकर सड़कों पर सोने को मजबूर हैं। </p>
<p>उन्होंने कहा कि राजधानी लखनऊ तक में घंटों बिजली गुल रहने से अस्पतालों की सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। एक्स-रे और स्कैन जैसी सुविधाएं ठप पड़ गयी हैं। कानपुर देहात के मेडिकल कॉलेज के छात्रों को देर रात तक बिजली नहीं मिलने के कारण धरने पर बैठना पड़ा। कांग्रेस नेता ने कहा कि बिजली संकट का असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर भी पड़ रहा है, क्योंकि मोबाइल फोन तक चार्ज नहीं हो पा रहे हैं और ऑनलाइन पढ़ाई बाधित हो रही है। उन्होंने कहा कि बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं और किसान सभी इस समस्या से परेशान हैं।</p>
<p>उन्होंने आरोप लगाया कि जब लोग बिजली की मांग को लेकर सड़क पर उतर रहे हैं, तो प्रशासन उनकी समस्याएं सुनने के बजाय पुलिस कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि अधिकारियों द्वारा प्रदर्शन कर रहे लोगों को मुकदमे की धमकी दी जा रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए कहा, “रामराज्य लाने की बात बाद में कीजिए, पहले लोगों को इस भीषण गर्मी और बिजली संकट से राहत दिलाइए।” कांग्रेस ने राज्य सरकार से बिजली व्यवस्था तुरंत सुधारने और ‘24 घंटे बिजली’ के दावों के लिए जिम्मेदार मंत्री को बर्खास्त करने की मांग की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/due-to-power-crisis-in-uttar-pradesh-the-claim-of/article-154841</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/due-to-power-crisis-in-uttar-pradesh-the-claim-of/article-154841</guid>
                <pubDate>Sun, 24 May 2026 13:45:10 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/supriya.png"                         length="763518"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नए सिरे से होगा बिजली की जरूरत का आंकलन, राजस्थान में 3200 मेगावाट कोयला आधारित बिजली खरीद योजना पर आरईआरसी की रोक</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान विद्युत रेगुलेटरी आयोग (RERC) ने 3200 मेगावाट कोयला आधारित बिजली खरीदने की योजना को मंजूरी देने से इनकार कर दिया है। आयोग ने कहा कि ग्रीन एनर्जी और बैटरी स्टोरेज के दौर में भविष्य की जरूरतों का नए सिरे से मूल्यांकन जरूरी है। इस फैसले से डिस्कॉम पर दीर्घकालिक बिजली खरीद का दबाव कम होने की उम्मीद है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rerc-ban-on-3200-mw-coal-based-power-purchase-scheme/article-154105"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/electricity-6.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान विद्युत रेगुलेटरी आयोग (आरईआरसी) ने राज्य में 3200 मेगावाट कोयला आधारित बिजली खरीद की बड़ी योजना को फिलहाल मंजूरी देने से इनकार कर दिया है। आयोग ने स्पष्ट कहा कि भविष्य में राज्य को वास्तव में कितनी अतिरिक्त बिजली की जरूरत होगी, इसका नए सिरे से विस्तृत आंकलन किया जाना जरूरी है। यह मामला राजस्थान ऊर्जा विकास एवं आईटी सर्विसेज लिमिटेड की उस योजना से जुड़ा है, जिसमें डिस्कॉम कंपनियों के लिए 25 वर्षों तक 4 गुणा 800 मेगावाट यानी कुल 3200 मेगावाट कोयला आधारित राउंड द क्लॉक बिजली खरीदने की अनुमति मांगी गई थी। कंपनी का तर्क था कि आने वाले वर्षों में बिजली की भारी मांग बढ़ सकती है, इसलिए अभी से दीर्घकालिक व्यवस्था आवश्यक है। </p>
<p>हालांकि आरईआरसी ने कहा कि प्रस्तावित थर्मल और न्यूक्लियर परियोजनाओं, तेजी से बढ़ रही ग्रीन एनर्जी और बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम को ध्यान में रखे बिना इतनी बड़ी बिजली खरीद का फैसला उचित नहीं होगा। आयोग ने यह भी माना कि ग्रीन एनर्जी ओपन एक्सेस, वर्चुअल नेट मीटरिंग और गु्रप नेट मीटरिंग जैसी नई व्यवस्थाओं से उपभोक्ता खुद बिजली उत्पादन और स्टोरेज कर सकेंगे। इससे भविष्य में डिस्कॉम पर बिजली खरीद का दबाव कम हो सकता है। ऐसे में नई कोयला आधारित परियोजनाओं की जरूरत का पुनर्मूल्यांकन जरूरी बताया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rerc-ban-on-3200-mw-coal-based-power-purchase-scheme/article-154105</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rerc-ban-on-3200-mw-coal-based-power-purchase-scheme/article-154105</guid>
                <pubDate>Sun, 17 May 2026 10:15:58 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-07/electricity-6.jpg"                         length="49901"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>असर खबर का : विद्युत निगम ने समय रहते खतरा हटाकर उपभोक्ताओं को राहत पहुंचाई</title>
                                    <description><![CDATA[यह झुकाव पिछले बारिश के समय से बना हुआ था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/impact-of-the-report--electricity-corporation-provides-relief-to-consumers-by-timely-eliminating-hazard/article-153795"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)-(3)30.png" alt=""></a><br /><p>भण्डेड़ा। क्षेत्र के मानपुरा मार्ग स्थित बांसी जीएसएस पर पहुंच रही 33 केवी विद्युत लाइन के झुकाव की समस्या समाचार प्रकाशित होने के बाद दूर कर दी गई। संबंधित निगम के अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बुधवार दोपहर झुके हुए पोल को बदलकर लाइन को सुरक्षित दूरी पर स्थापित कराया।</p>
<p>जानकारी के अनुसार जयपुर विद्युत वितरण निगम की नैनवां से बांसी जीएसएस तक पहुंचने  वाली 33 केवी लाइन का एक पोल डोडी फीडर की 11 केवी लाइन की ओर झुक गया था। दोनों लाइनों  के बीच दूरी कम होने से क्षेत्र में हादसे की आशंका बनी हुई थी। यह झुकाव पिछले बारिश के समय से बना हुआ था। मानपुरा-उंरासी सहित आसपास के आधा दर्जन गांवों के ग्रामीण एवं  राहगीर इसी मार्ग से आवागमन करते हैं। स्थानीय लोगों का कहना था कि लाइन का झुकाव कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता था। इस समस्या को लेकर दैनिक नवज्योति पत्र ने 13 मई,  बुधवार को प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था। समाचार प्रकाशित होने के बाद निगम के जिम्मेदार अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया और तुरंत कार्रवाई करते हुए झुकी हुई लाइन को बदलवाया। लाइन दुरुस्त होने से क्षेत्रीय उपभोक्ताओं एवं बांसी जीएसएस कर्मचारियों को राहत मिली है। ग्रामीणों ने त्वरित समाधान के लिए विद्युत निगम एवं समाचार पत्र की सराहना करते हुए आभार जताया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/impact-of-the-report--electricity-corporation-provides-relief-to-consumers-by-timely-eliminating-hazard/article-153795</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/impact-of-the-report--electricity-corporation-provides-relief-to-consumers-by-timely-eliminating-hazard/article-153795</guid>
                <pubDate>Thu, 14 May 2026 14:25:11 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-05/1111200-x-600-px%29-%283%2930.png"                         length="1168270"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजस्थान में सौर ऊर्जा के प्रति उपभोक्ताओं का रुझान: रूफ टॉप सौर ऊर्जा में राजस्थान तीसरे स्थान पर, 1.44 लाख उपभोक्ताओं का बिजली बिल शून्य</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान रूफ टॉप सोलर के मामले में देश में तीसरे स्थान पर पहुँच गया है। पीएम सूर्यघर योजना के तहत प्रदेश में 2.45 लाख से अधिक संयंत्र लग चुके हैं, जिससे लाखों उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली मिल रही है। ₹78,000 तक की सब्सिडी और आसान ऋण सुविधाओं के कारण हर दिन लगभग 700 नए परिवार सौर ऊर्जा अपना रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/inclination-of-consumers-towards-solar-energy-in-rajasthan-rajasthan-ranks/article-151240"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/solar.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान में सौर ऊर्जा के प्रति उपभोक्ताओं का रुझान तेजी से बढ़ रहा है। राज्य में अब तक घरेलू, अघरेलू और औद्योगिक श्रेणी में 2.45 लाख से अधिक रूफ टॉप सौर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं, जिससे 1.43 लाख से अधिक उपभोक्ताओं का बिजली बिल शून्य हो गया है। कुल 2090 मेगावाट क्षमता के साथ राजस्थान देश में रूफ टॉप सोलर इंस्टॉलेशन के मामले में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। पीएम सूर्यघर योजना के तहत राज्य में अब तक 1.77 लाख संयंत्र लगाए जा चुके हैं, जिनकी कुल क्षमता 686 मेगावाट है। प्रतिदिन औसतन 675 से 700 नए उपभोक्ता सौर ऊर्जा अपना रहे हैं। मार्च माह में 20,343 संयंत्र स्थापित हुए, जबकि एक दिन में सर्वाधिक 910 संयंत्र लगाए जाने का रिकॉर्ड भी बना। योजना के तहत उपभोक्ताओं को 78 हजार रुपये तक की सब्सिडी मिल रही है, जबकि 150 यूनिट योजना में 17 हजार रुपये अतिरिक्त अनुदान दिया जा रहा है। अब तक 1.52 लाख उपभोक्ताओं को 1185 करोड़ रुपये की सब्सिडी हस्तांतरित की जा चुकी है। साथ ही, बैंकों से लगभग 5.75 प्रतिशत ब्याज दर पर आसान ऋण और सरल प्रक्रियाओं के कारण प्रदेश में सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना लगातार तेज़ी से बढ़ रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/inclination-of-consumers-towards-solar-energy-in-rajasthan-rajasthan-ranks/article-151240</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/inclination-of-consumers-towards-solar-energy-in-rajasthan-rajasthan-ranks/article-151240</guid>
                <pubDate>Tue, 21 Apr 2026 18:16:53 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/solar.png"                         length="684792"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नीतीश शासन में ऊर्जा क्रांति का असर, ग्लोबल नाइट मैप पर चमक बिखेर रहा बिहार : उमेश सिंह कुशवाहा</title>
                                    <description><![CDATA[जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार 'लालटेन युग' से निकलकर एलईडी युग में प्रवेश कर चुका है। नासा के सैटेलाइट मैप में बिहार की रोशनी सरकार की 'हर घर बिजली' योजना की सफलता का प्रमाण है। राज्य में बिजली खपत 700 से बढ़कर 8700 मेगावाट पार कर गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/effect-of-energy-revolution-under-nitish-regime-bihar-shining-on/article-151006"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/umesh-singh-kushwaha.png" alt=""></a><br /><p>पटना। बिहार जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने रविवार को कहा कि नीतीश कुमार के मुख्यमंत्रित्व काल में राज्य में ऊर्जा अवसंरचना के क्षेत्र में हुए ऐतिहासिक परिवर्तन एवं अभूतपूर्व प्रगति का परिणाम है कि नासा की ओर से जारी सैटेलाइट इमेज में बिहार आज ग्लोबल नाइट मैप पर सर्वाधिक रोशनी बिखेरता हुआ दिखाई दे रहा है, जो पूरे बिहारवासियों के लिए हर्ष और गौरव का विषय है। कुशवाहा ने आज बयान जारी कर कहा कि वर्ष 2005 से पहले गरीबों की झोपड़ियों तक बिजली पहुंचना मात्र कपोल-कल्पना माना जाता था, लेकिन आज नीतीश सरकार के शासन काल में ‘हर घर बिजली’ योजना के तहत सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों तक निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की गई।</p>
<p>उमेश कुशवाहा ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के समय बिजली का आना किसी उत्सव से कम नहीं होता था, जबकि आज बिहार 24 घंटे बिजली आपूर्ति की दिशा में तेजी से अग्रसर है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार को लालटेन युग से निकालकर एलईडी युग में परिवर्तित करने का ऐतिहासिक कार्य किया है, जिसकी झलक आज विश्व मानचित्र पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। कुशवाहा ने आंकड़ों का उल्लेख करते हुए बताया कि वर्ष 2005 तक राज्य में बिजली उपभोक्ताओं की संख्या महज 17 लाख थी, जो अब बढ़़कर दो करोड़़ 14 लाख से अधिक हो चुकी है। वहीं, राज्य की कुल बिजली खपत 700 मेगावाट से बढ़़कर अब 8700 मेगावाट से अधिक हो गई है।</p>
<p>उमेश कुशवाहा ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में 23 से 24 घंटे तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 21 से 22 घंटे तक बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। प्रति व्यक्ति बिजली खपत भी 70 यूनिट से बढ़़कर लगभग 363 यूनिट से अधिक हो चुकी है। उन्होंने कहा कि पिछले दो दशकों में ऊर्जा क्षेत्र में हुए ऐतिहासिक कार्य न केवल देश, बल्कि दुनिया के लिए मिसाल बन चुके हैं। ऊर्जा के क्षेत्र में बिहार की इस उल्लेखनीय प्रगति के कारण अब निवेशक राज्य की ओर आकर्षित हो रहे हैं, नए उद्योग-धंधों की स्थापना हो रही है और बिहार तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/effect-of-energy-revolution-under-nitish-regime-bihar-shining-on/article-151006</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/effect-of-energy-revolution-under-nitish-regime-bihar-shining-on/article-151006</guid>
                <pubDate>Sun, 19 Apr 2026 17:33:53 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/umesh-singh-kushwaha.png"                         length="656690"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विद्यालय में पेयजल, बिजली और स्वच्छता में हुआ सुधार </title>
                                    <description><![CDATA[दैनिक नवज्योति में ख्रबर प्रकाशित होने के बाद हरकत में आया प्रशासन।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/improvements-made-to-drinking-water--electricity--and-sanitation-facilities-at-school/article-148238"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/1200-x-60-px)-(5)25.png" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span lang="en-us" style="font-family:Mangal;color:#000000;background:#F6F6F6;" xml:lang="en-us">भंवरगढ़।<span>  </span>कस्बे के प्रकाशपुरा के उच्च माध्यमिक विद्यालय में पेयजल बिजली एवं स्वच्छता से जुड़ी व्यवस्थाओें में उल्लेखनीय सुधार किया गया है।<span>  </span>गौरतलब है कि दैनिक नवज्योति ने प्रमुखता के साथ खबर प्रकाशित कर इस मामले को उठाया था। व्यवस्थाओं में सुधार से विद्यालय में अध्ययनरत छात्रों को बड़ी राहत मिली है। विद्यालय में छात्रों की मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इसके साथ ही बिजली आपूर्ति को सुचारू करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई है। जिससे अब विद्यार्थियों की पढाई एवं अन्य शैक्षणिक गतिविधियों में बाधा नहीं आएगी। स्वच्छता के क्षेत्र में भी विशेष ध्यान दिया गया है। विद्यालय परिसर में साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, जिससे बीमारियों के प्रसार को रोकने में मदद मिलेगी और छात्रों को स्वस्थ बातावरण मिले सकेगा।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/improvements-made-to-drinking-water--electricity--and-sanitation-facilities-at-school/article-148238</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/improvements-made-to-drinking-water--electricity--and-sanitation-facilities-at-school/article-148238</guid>
                <pubDate>Sat, 28 Mar 2026 14:52:22 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/1200-x-60-px%29-%285%2925.png"                         length="1137641"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कोटा में भी 150 किलोवॉट तक कनेक्शन लेने के लिए एस्टीमेट की दरें हुईं तय, जानें पूरा मामला </title>
                                    <description><![CDATA[इंजीनियर एस्टीमेट के नाम पर उपभोक्ताओं को नहीं लगवा पाएंगे बिजली दफ्तरों के चक्कर।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/estimate-rates-have-been-fixed-for-connections-up-to-150-kilowatts-in-kota-as-well/article-143051"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/(12200-x-600-px)-(3)14.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। राजधानी जयपुर की तर्ज पर अब कोटा के बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है। इससे इंस्पेक्टर राज व्यवस्था खत्म होगी। अब शहर व ग्रामीण में व्यावसायिक और औद्योगिक क्षेत्रों में 150 किलोवॉट तक सभी श्रेणी में कनेक्शन लेने के लिए उपभोक्ताओं को बिजली दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। जेवीवीएनएल द्वारा इस संबंध में एस्टीमेट की दरें तय कर दी है।इससे आवेदकों को अब एस्टीमेट बनवाने के लिए सहायक अभियंता कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। ये प्रावधान डवलपर्स की नई कॉलोनियों के लिए लागू नहीं होंगे। कोटा में बिजली वितरण करने वाली कंपनी केईडीएल का कहना है कि एस्टीमेट की दरें पहले भी थी। लेकिन अब जो भी नया संशोधित आदेश है वह बिजली कम्पनी कोटा में भी लागू करेगी।</p>
<p><strong>कटे कनेक्शन पांच साल तक जोड़े जाएंगे</strong><br />नए आदेश में यह भी तय किया है कि कटे हुए कनेक्शन अब पांच साल तक जोड़े जा सकेंगे। जानकारी के अनुसार इस संबंध में लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि एस्टीमेट बनाने के नाम पर उपभोक्ताओं को अभियंता कार्यालयों के चक्कर लगवाए जा रहे हैं। संशोधन आदेश से इस व्यवस्था पर रोक लगाई गई है, जिससे उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी।</p>
<p><strong>यह दर की तय</strong><br />आदेश के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र में 5 किलोवाट (सिंगल फेज/थ्री फेज) तक 2 हजार रुपए व शहरी क्षेत्र में 5 किलोवाट (सिंगल फेज/थ्री फेज) तक 35 सौ रुपए तय किए हैं। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में 5 से 150 किलोवाट तक कांटेक्ट डिमांड(50केवीए तक) इसमें पहले पांच किलोवाट के लिए 35 सौ व उसके बाद प्रति किलोवाट 500 रुपए लगेंगे। 45 से 150 किलोवाट तक कांटेक्ट डिमांड(50केवीए से ज्यादा) थ्रीफेज कनेक्शन में 45 किलोवाट तक 90 हजार रुपए व उसके बाद प्रति किलोवाट 650 रुपए तय किए गए हैं।</p>
<p><strong>घरेलू श्रेणी कनेक्शन एस्टीमेट के लिए ये दरें हुई तय</strong><br />5 किलोवाट तक(सिंगल फेज/थ्री फेज) 5 हजार रुपए। 5 से 150 किलोवाट तक कांटेक्ट डिमांड(50केवीए तक) सिंगल फेज/थ्रीफेज पहले पांच किलोवाट के लिए 5 हजार रुपए व उसके बाद प्रति किलोवाट 650 रुपए। 45 से 150 किलोवाट तक कांटेक्ट डिमांड के लिए (50 केवीए से ज्यादा): थ्रीफेज में 45 किलावोट के लिए एक लाख रुपए फिर प्रति किलोवाट 750 रुपए तय की गई है।</p>
<p><strong>इनके लिए भी तय की दरें</strong><br />पब्लिक स्ट्रीट लाईटिंग में पांच हजार रुपए प्रति कनेक्शन में लाइन और नेटवर्क कीमत शामिल नहीं है। लघु उद्योग और मिक्स लोड में पांच किलोवाट तक सिंगल फेज/थ्रीफेज में पांच हजार रुपए, 5 से 18.65 किलोवाट थ्रीफेज में पहले पांच किलोवाट के लिए पांच हजार रुपए फिर 650 रुपए प्रति किलोवाट तय की गई है। जबकि मध्यम उद्योग एलटी एंड मिक्स लोड में(18.65 से 112 किलोवाट और कांटेक्ट डिमांड 50 केवीए तक) थ्रीफेज पहले पांच किलोवाट पांच हजार रुपए फिर 650 रुपए प्रति किलोवाट तय की गई है।</p>
<p><strong>उपभोक्ताओं को नहीं होना पड़ेगा परेशान</strong><br />जेवीवीएनएल द्वारा एस्टीमेट की दरें तय करने से उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी। 150 किलो वाट तक के कनेक् शन उद्योग व कृषि समेत कई जगह पर लगवाने पड़ते हैं। जिसके लिए उपभोक्ताओं को कई बार मनमानी कीमत देनी पड़ती थी। इस नई व्यवस्था से बिजली कम्पनी में इंपेक्टर राज समाप्त होगा और उपभोक्ताओं पर अनावश्यक आर्थिक भार भी नहीं पड़ेगा।<br /><strong>-अशोक नागर, बोरखेड़ा</strong></p>
<p><strong>स्वागत योगय निर्णय</strong><br />बिजली कम्पनी द्वारा 150 किलो वाट तक के एस्टीमेट की दरें तय करने का निर्णय स्वागत योग्य है। इससे काफी अधिक संख्या में उपभोक्ताओं को लाभ होगा। कई छोटे उद्योगों व कृषि कार्य तक में इस तरह के बिजली कनेक् शन की जरूरत पड़ती है।<br /><strong>-महेश नामा, नयाखेड़ा</strong></p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />केईडीएल की ओर से कोई राशि तय नहीं की जाती है। जयपुर विद्युत वितरण निगम का जो भी आदेश होता है वही कम्पनी को लागू करना होता है। हालांकि एस्टीमेट की दरें पहले भी थी। लेकिन अब जो भी नया संशोधित आदेश है वह बिजली कम्पनी कोटा में भी लागू करेगी।<br /><strong>-शांतनु भट्टाचार्य, सीओओ केईडीएल</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/estimate-rates-have-been-fixed-for-connections-up-to-150-kilowatts-in-kota-as-well/article-143051</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/estimate-rates-have-been-fixed-for-connections-up-to-150-kilowatts-in-kota-as-well/article-143051</guid>
                <pubDate>Fri, 13 Feb 2026 16:27:46 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/%2812200-x-600-px%29-%283%2914.png"                         length="921593"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>असर खबर का - भण्डेडा फीडर की 11 केवी लाइन के जल्द बदले जाएंगे पोल व तार </title>
                                    <description><![CDATA[विद्युतलाइन के सड़क किनारे गुजरने से राहगीरों और किसानों के लिए खतरा बना हुआ था।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/impact-of-news---poles-and-wires-on-the-11-kv-line-of-the-bhandehra-feeder-will-be-replaced-soon/article-133173"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/11-(1200-x-600-px)-(4)6.png" alt=""></a><br /><p>भण्डेडा। जयपुर विद्युत वितरण निगम के बांसी जीएसएस से जुड़े भण्डेडा फीडर की 11 केवी विद्युत लाइन की समस्या अब संबंधित अधिकारियों तक पहुंच गई है। दैनिक नवज्योति में प्रकाशित समाचार के बाद विभागीय अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने माना कि लाइन की स्थिति गंभीर है तथा जल्द ही छोटे और जर्जर विद्युत पोल व 11 केवी तारों को बदला जाएगा। लाइन सड़क किनारे गुजरने से राहगीरों और किसानों के लिए खतरा बना हुआ था। दैनिक नवज्योति द्वारा समय पर समाचार प्रकाशित कर इस मुद्दे को उठाया गया। जिसके बाद विभाग सक्रिय हुआ और मौके पर पहुंचकर स्थिति को समझा। भण्डेडा फीडर की मुख्य 11 केवी लाइन पर लंबे समय से छोटे पोल लगे हुए थे। जिनके नीचे पेड़-पौधे काफी बढ़ चुके थे। पांच पोल की दूरी में कई बार 11 केवी तार टूटकर गिर जाते थे। जिससे आगजनी की घटनाएं भी हो चुकी थीं। किसानों ने कई बार विभाग को अवगत कराया। परंतु कार्रवाई नहीं हो पा रही थी।</p>
<p><strong>11 केवी लाइन बदलने का आश्वासन</strong><br />बुधवार के अंक में दैनिक नवज्योति में "अधरझूल में बिजली लाइन का दुरुस्तीकरण" शीर्षक से प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया गया। जिसके बाद गुरुवार को ग्रामीण जेईएन सौरभ गौतम टीम सहित भण्डेड़ा फीडर के सादेड़ा रोड स्थित मौके पर पहुंचे। किसानों की समस्या को गंभीर मानकर जल्द बड़े पोल लगाने और जर्जर 11 केवी लाइन को बदलने का आश्वासन दिया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/impact-of-news---poles-and-wires-on-the-11-kv-line-of-the-bhandehra-feeder-will-be-replaced-soon/article-133173</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/impact-of-news---poles-and-wires-on-the-11-kv-line-of-the-bhandehra-feeder-will-be-replaced-soon/article-133173</guid>
                <pubDate>Fri, 21 Nov 2025 14:56:49 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-11/11-%281200-x-600-px%29-%284%296.png"                         length="1424408"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        