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                <title>women - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस विशेष : हौसलों की उड़ान हो तुम, सपनों की पहचान हो तुम</title>
                                    <description><![CDATA[कई महिलाएँ चुनौतियों को पार कर अपने सपनों को साकार करती हैं।
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/international-women-s-day-special--you-are-the-flight-of-courage--you-are-the-identity-of-dreams/article-145790"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/200-x-60-px)-(1)13.png" alt=""></a><br /><p>कोटा।"हौसलों की उड़ान से ही मंजिलें मिलती हैं,रास्ते आसान हों तो पहचान नहीं बनती।" महिलाओं की सफलता के पीछे अक्सर संघर्ष, धैर्य और मजबूत इरादों की कहानी छिपी होती है। घर, परिवार, समाज और करियर की जिम्मेदारियों के बीच अपनी अलग पहचान बनाना आसान नहीं होता। फिर भी कई महिलाएँ चुनौतियों को पार कर अपने सपनों को साकार करती हैं। महिला दिवस के अवसर पर दैनिक नवज्योति ने शहर की ऐसी ही प्रेरणादायक महिलाओं से बातचीत की और जाना कि उन्होंने अपनी मंजिÞल तक पहुँचने के लिए किन संघर्षों और चुनौतियों का सामना किया। उनकी जुबानी सुनिए सफलता की यात्रा।</p>
<p><strong>महिला जीवन की चुनौतियां और संकल्प की शक्ति</strong><br />महिला होने के नाते जीवन के हर पड़ाव पर अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। बचपन में अक्सर ऐसा होता है कि परिवार में भाई को अधिक प्राथमिकता दी जाती है, जबकि लड़कियों पर कई तरह की पाबंदियाँ लगा दी जाती हैं, कैसे रहना है, क्या पहनना है और कहाँ जाना है। मेरे जीवन में भी ऐसे अनुभव रहे। जैसे-जैसे उम्र बढ़ी, चुनौतियों का स्वरूप भी बदलता गया। घर की चौखट से बाहर निकलकर  नौकरी की ओर कदम बढ़ाने पर कई तरह के आक्षेप और सवाल सामने आए। फिर भी जब मन में दृढ़ निश्चय हो कि हमारा विचार सही है और हमें अपने लक्ष्य की ओर बढ़ना है, तो कोई भी बाधा रास्ता नहीं रोक सकती। चुनौतियों को मैंने हमेशा सकारात्मक रूप में लिया, क्योंकि उनसे सीखने और खुद को और अधिक मजबूत बनाने का अवसर मिलता है। आज जिस मुकाम पर हूं, उसमें सभी का हाथ है। जब माता-पिता के पास थे तो उनकी भूमिका सबसे ज्यादा रही। मैं बीकानेर की रहने वाली हूँ। मेरे पिता का हमेशा मानना था कि अच्छी शिक्षा मिलनी चाहिए और  आत्मनिर्भर बनना चाहिए। इसी सोच के साथ उन्होंने मुझे घर से दूर वनस्थली विद्यापीठ भेजा, जहाँ से मैंने स्कूल से लेकर कॉलेज तक की पढ़ाई पूरी की। वहाँ की शिक्षा ने मेरे जीवन की मजबूत नींव तैयार की। मेरी माँ स्वयं  पढ़ी-लिखी नहीं थीं, लेकिन हम सभी  को पढ़ाने के लिए उन्होंने अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। पति से भी जीवन में कई महत्वपूर्ण बातें सीखने का अवसर मिला और आज मैं जिस मुकाम पर हूँ, उसमें परिवार के समर्थन की बड़ी भूमिका रही है। </p>
<p><strong>महिला दिवस पर संदेश</strong><br />बच्चियां और महिलाएं अपनी प्रतिभा को पहचानें, बड़े सपने देखें और उन्हें पूरा करने के लिए मेहनत, समर्पण और साहस के साथ आगे बढ़ें। साथ ही उन्हें वित्तीय प्रबंधन, सामुदायिक सहयोग और नेतृत्व की जिम्मेदारियों को भी समझना होगा। बाधाएं जीवन में आती हैं, लेकिन सकारात्मक सोच और दृढ़ संकल्प से उन्हें पार कर एक स्थायी और उज्ज्वल भविष्य बनाया जा सकता है।<br /><strong>-डॉ. विमला डुकवाल, कुलगुरु, कृषि विश्वविद्यालय, कोटा</strong></p>
<p><strong>फॉरेंसिक विज्ञान में बनाई मजबूत पहचान</strong><br />मैंने वर्ष 1998 में इस क्षेत्र में कार्य करना शुरू किया। उस समय महिलाओं और लड़कियों में इस क्षेत्र के प्रति जागरूकता बहुत कम थी। फॉरेंसिक विज्ञान का कार्य केवल प्रयोगशाला तक सीमित नहीं होता, बल्कि कई बार क्राइम सीन इन्वेस्टिगेशन के लिए किसी भी समय ड्यूटी देनी पड़ती है। कई घटनास्थल बेहद भयावह होते हैं और कई बार गहन जंगलों या एकांत स्थानों पर भी जांच करनी पड़ती है। ऐसे में वैज्ञानिक साक्ष्यों को संकलित करते समय धैर्य, साहस और समझदारी बेहद जरूरी होती है। समाज में जब रेप जैसे जघन्य अपराध सामने आते हैं, तो एक महिला होने के नाते ये दृश्य मन को गहराई से झकझोर देते हैं। आज के समय में मानसिक, शारीरिक और तकनीकी रूप से मजबूत बने बिना आगे बढ़ना संभव नहीं है, इसलिए हर चुनौती का दृढ़ता से सामना करना पड़ता है।</p>
<p>पुरुष प्रधान समाज में बिना किसी समझौते के आगे बढ़ना भी अपने आप में एक चुनौती रहा है। कई बार परिवार और समाज की पारंपरिक सोच भी सामने आती है। समय के साथ कदम मिलाने की कोशिश में कई बार परिवार और बच्चों को उतना समय नहीं दे पाते, जितना देना चाहते हैं। वहीं कार्यस्थल पर भी जब एक महिला अधिकारी उच्च पद पर होती है, तो कई बार पुरुष सहकर्मियों और अधीनस्थों के लिए उसे सहज रूप से स्वीकार करना आसान नहीं होता। फिर भी निरंतर मेहनत और समर्पण के साथ आगे बढ़ना ही सफलता का रास्ता बनाता है। मैं अपनी सोच और मूल्यों का श्रेय अपनी मां शांति देवी, पिता भरत सिंह, सास प्रेम खन्ना और पति राजेश खन्ना को देना चाहूंगी। परिवार ही वह आधार है, जिससे जुड़कर हम समाज के लिए भी बेहतर कार्य कर सकते हैं।</p>
<p><strong>महिला दिवस पर संदेश</strong><br />एक सशक्त महिला या बालिका को अपने लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए मन और तन दोनों को मजबूत बनाना होगा। निरंतर प्रयास के साथ जीवन में संतुलन बनाए रखना जरूरी है।  विशेष रूप से अपराध के मामलों में महिलाओं को खुद को केवल पीड़ित न मानते हुए साहस के साथ आगे आना चाहिए और साक्ष्य प्रस्तुत करने में सहयोग देना चाहिए। इससे अपराधियों में भय पैदा होगा और उन्हें उनके अपराध की सजा भी मिलेगी।<br /><strong>-डॉ. राखी खन्ना,  एडिशनल डायरेक्टर रीजनल फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी कोटा रेंज</strong></p>
<p><strong>संघर्ष, धैर्य और आत्मविश्वास से सफलता का मार्ग</strong><br />जी वन में चुनौतियों का सामना हर व्यक्ति को करना पड़ता है। मेरे जीवन में भी संघर्ष मुख्य रूप से पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े रहे। पढ़ाई के दौरान कई बार असफलताएँ भी मिलीं, लेकिन ऐसे समय में धैर्य और दृढ़ निश्चय सबसे अधिक जरूरी होता है। मेरे माता-पिता का हमेशा पूरा समर्थन मिला और उन्होंने हर परिस्थिति में मुझे प्रेरित किया। यूपीएससी की तैयारी के दौरान मेरा चयन तीसरे प्रयास में हुआ। इससे पहले के प्रयास में केवल एक अंक से चयन छूट गया था, उस समय बहुत निराशाजनक लगता था। लेकिन परिवार के सहयोग और अपने धैर्य की वजह से मैंने हिम्मत नहीं हारी लगातार अपने प्रयास जारी रखे। हमेशा यही कोशिश रही कि मनोबल बनाए रखा जाए और लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित किया जाए।</p>
<p>-कॉलेज के समय से ही मेरा लक्ष्य था कि मुझे सार्वजनिक सेवा के क्षेत्र में जाना है। मैंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बिजनेस स्टडीज में स्नातक किया और उसी दौरान इस दिशा में आगे बढ़ने का निर्णय लिया। इस पूरे सफर में मेरे माता-पिता की प्रेरणा सबसे बड़ी ताकत रही। जब हम मेहनत करते हैं और हमारे काम से हमारे अपने लोग खुश होते हैं, तो उससे और अधिक ऊर्जा मिलती है। आज भी उनका मार्गदर्शन और प्रोत्साहन मुझे आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। जीवन में हर भूमिका को संतुलन के साथ निभाना भी बहुत जरूरी है। जब मैं काम पर होती हूँ तो पूरी तरह अपने कार्य पर ध्यान देती हूँ, और जब घर पर होती हूँ तो परिवार को समय देने की कोशिश करती हूँ। कई बार काम का दबाव होता है और कभी पारिवारिक जिम्मेदारियाँ बढ़ जाती हैं, लेकिन इन दोनों के बीच संतुलन बनाए रखना ही सबसे महत्वपूर्ण है।</p>
<p><strong>महिला दिवस पर संदेश</strong><br /> महिलाओं और युवतियों के लिए मेरा संदेश है कि सबसे पहले खुद पर विश्वास रखें। मेहनत और लगन के साथ काम करें, क्योंकि इंसान की सबसे बड़ी सीमा उसकी सोच होती है। यदि आप आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते हैं, तो आप जो चाहें वह हासिल कर सकते हैं।<br /><strong>-चारु शंकर, एसडीएम रामगंजमंडी</strong></p>
<p><strong> संघर्ष, संकल्प और बड़े सपनों की उड़ान</strong><br />सिविल सेवा में आने से पहले का मेरा सफर संघर्ष और धैर्य से भरा रहा। यूपीएससी की परीक्षा मैंने चौथे प्रयास में सफलतापूर्वक पास की। इन चार वर्षों की तैयारी काफी मेहनत और धैर्य की परीक्षा लेने वाली रही। कई बार ऐसे क्षण आए जब निराशा भी हुई। दो बार मैंने परीक्षा दी, एक बार इंटरव्यू तक पहुँची, लेकिन अंतिम चयन नहीं हो पाया। ऐसे झटके किसी भी अभ्यर्थी के लिए कठिन होते हैं। कई बार हम योजनाएँ बनाते हैं, लेकिन परिणाम उम्मीद के अनुसार नहीं मिलते। ऐसे समय में परिवार और समाज का दबाव भी महसूस होता है और कई लोग बीच रास्ते में हार मान लेते हैं।मेरे लिए सबसे बड़ी ताकत मेरा परिवार रहा। उन्होंने हमेशा मेरा हौसला बढ़ाया और कहा कि जितना समय चाहिए, उतना लेकर पूरी लगन से तैयारी करो। इसी समर्थन और आत्मविश्वास के साथ मैंने चौथे प्रयास में सफलता प्राप्त की। मेरे पिता राज्य सरकार में कार्यरत थे और उन्हें देखकर ही मुझे शुरूआत से ही कुछ करने की प्रेरणा मिली। बाद में जब मैंने कॉपोर्रेट क्षेत्र में काम करना शुरू किया, तब मुझे एहसास हुआ कि निजी क्षेत्र में पब्लिक इंटरफेस और सामाजिक प्रभाव अपेक्षाकृत कम होता है। वहीं से यह विचार और मजबूत हुआ कि सरकारी व्यवस्था में काम करके समाज पर अधिक सकारात्मक प्रभाव डाला जा सकता है।मेरी प्रेरणा मेरी माँ और बहनें रही हैं। उन्होंने हमेशा यही सिखाया कि जो भी काम करें, पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ करें, क्योंकि हर काम के अपने सकारात्मक और नकारात्मक पहलू होते हैं।</p>
<p><strong>महिला दिवस पर संदेश</strong><br />अगर आपको लगता है कि आप कुछ बड़ा करना चाहते हैं, तो शुरूआत करने से कभी न डरें। अपने सपनों को साकार करने के लिए पहला कदम उठाइए। कहीं न कहीं से सहयोग अवश्य मिलेगा। सबसे जरूरी है कि बड़े सपने देखने का साहस हमेशा बनाए रखें।<br /><strong>-आराधना चौहान, प्रशिक्षु आईएएस</strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Mar 2026 12:32:59 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>भारत-अमेरिका टैरिफ समझौते पर बसपा सुप्रीमो का हल्लाबोल: कहा-संसद में केंद्र सरकार दें पूरी जानकारी, जल्दबाजी में कोई निष्कर्ष निकालना उचित नहीं </title>
                                    <description><![CDATA[बसपा प्रमुख मायावती ने अमेरिका के 18% टैरिफ पर जल्द निष्कर्ष से बचने की सलाह दी, असर स्पष्ट होने पर ही जनता, गरीबों और किसानों पर प्रभाव आंके जाने की बात कही।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/bsp-supremos-outcry-over-india-us-tariff-agreement-says-central-government/article-141838"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(19).png" alt=""></a><br /><p>लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने भारत और अमेरिका के बीच हुए समझौतों के बाद अमेरिका द्वारा 18 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने को लेकर कहा कि इस फैसले का वास्तविक असर जमीन पर लागू होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा, इसलिए पर्याप्त जानकारी के अभाव में जल्दबाजी में कोई निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।</p>
<p>मंगलवार को सोशल मीडिया पर जारी बयान में मायावती ने आशंका जताई कि इस तरह के कदमों का प्रभाव देश के बहुजन, गरीबों, मजदूरों, किसानों और महिलाओं पर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि यह जानना जरूरी है कि ऐसे अंतरराष्ट्रीय आर्थिक निर्णयों से आम जनता को क्या लाभ या नुकसान होगा।</p>
<p>मायावती ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि ऐसे महत्वपूर्ण विषयों पर संसद सत्र के दौरान विस्तृत जानकारी दी जाए, ताकि देशवासियों को सही-सही तथ्य मिल सकें और पारदर्शिता बनी रहे। उनका कहना था कि सरकार द्वारा समय रहते स्पष्ट विवरण प्रस्तुत करने से भ्रम की स्थिति समाप्त होगी और जनहित से जुड़े मुद्दों पर व्यापक चर्चा संभव हो सकेगी।</p>
<p>उन्होंने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय समझौतों और व्यापारिक नीतियों का सीधा असर घरेलू अर्थव्यवस्था और रोजगार पर पड़ता है, इसलिए सरकार की जिम्मेदारी है कि वह हर पहलू पर विचार कर जनता के हितों की रक्षा करे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Tue, 03 Feb 2026 18:46:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मध्य प्रदेश में बेअदबी : 2 ऑस्ट्रेलियाई महिला क्रिकेटरों के साथ छेड़छाड़, पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[डीसीपी राजेश दांदोतिया ने कहा कि हमें ऑस्ट्रेलियाई टीम के सुरक्षा अधिकारी की तरफ से शिकायत मिली है और हमने आरोपी को गिरफ्तार भी किया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/sacrilege-in-molestation-of-2-australian-women-cricketers/article-130576"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/6622-copy141.jpg" alt=""></a><br /><p>इंदौर। इंदौर में 2 ऑस्ट्रेलियाई महिला क्रिकेटरों के साथ एक बाइक सवार ने छेड़खानी की और उन्हें अनुचित तरीके से छुआ। ऑस्ट्रेलियाई टीम महिला विश्व कप का अपना आ़खिरी लीग मैच खेलने के लिए फिलहाल इंदौर में है, जहां वे शनिवार को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उतरेंगे। यह घटना गुरुवार सुबह घटित हुई, जब दोनों खिलाड़ी एक कैफे की ओर पैदल जा रही थीं। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।</p>
<p>क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (सीए) ने एक बयान जारी करते हुए कहा, सीए पुष्टि कर सकता है कि ऑस्ट्रेलियाई महिला टीम की दो सदस्यों के पास एक मोटरसाइकिल सवार आया और उन्हें अनुचित तरीके से छुआ। इस मामले को टीम की सुरक्षा दल द्वारा पुलिस को बताया गया है और अब वे इसकी जांच कर रहे हैं।  इंदौर के क्राइम ब्रांच के एडिशनल डीसीपी राजेश दांदोतिया ने कहा कि हमें ऑस्ट्रेलियाई टीम के सुरक्षा अधिकारी की तरफ से शिकायत मिली है और हमने आरोपी को गिरफ्तार भी किया है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 26 Oct 2025 14:19:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महिलाओं ने खोला मोर्चा : कथावाचक अनिरुद्धाचार्य के बयान पर प्रयागराज में फूटा गुस्सा, माफ़ी नहीं मांगी तो प्रयागराज में एंट्री बंद</title>
                                    <description><![CDATA[ जाने माने धार्मिक कथावाचक अनिरुद्धाचार्य एक बार फिर अपने विवादित बयान को लेकर सुर्खियों में हैं और इस बार महिलाओं ने शनिवार को प्रयागराज में उनके विरोध में मोर्चा खोल दिया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/women-opened-the-front-of-the-front-narrator-anirudhacharya-did/article-121742"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/untitled-design-(4)2.png" alt=""></a><br /><p>प्रयागराज। जाने माने धार्मिक कथावाचक अनिरुद्धाचार्य एक बार फिर अपने विवादित बयान को लेकर सुर्खियों में हैं और इस बार महिलाओं ने शनिवार को प्रयागराज में उनके विरोध में मोर्चा खोल दिया। एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने लड़कियों की शादी की उम्र और उनके सामाजिक व्यवहार को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिसे लेकर विभिन्न वर्गों में तीखी प्रतिक्रिया देखी जा रही है। अनिरुद्धाचार्य ने कहा कि लड़कियों की शादी की सही उम्र 25 वर्ष से पहले ही होनी चाहिए। उनके अनुसार, अगर लड़कियों की शादी देर से होती है तो उनके कई बॉयफ्रेंड बन जाते हैं जिनकी संख्या 4 से 5 तक हो सकती है। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस प्रकार के संपर्कों का असर लड़कियों के वैवाहिक जीवन पर पड़ता है। आज की जीवनशैली और सोशल मीडिया के चलते लड़कियों के जीवन में स्थिरता कम हो रही है। इसलिए माता-पिता को चाहिए कि वे समय रहते बेटियों की शादी तय कर दें। इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर तीखी बहस शुरू हो गई है।</p>
<p>अनिरुद्धाचार्य के इस बयान को प्रयागराज में महिला संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने नारी विरोधी और असंवेदनशील बताया है। उनका कहना है कि यह बयान न सिर्फ महिलाओं की आज़ादी और गरिमा पर आघात करता है, बल्कि सामाजिक के दृष्टिकोण को भी पीछे ले जाता है।</p>
<p>कथावाचक के इस बयान को लेकर प्रयागराज की महिलाओं का कहना है कि एक कथावाचक को महिलाओं के प्रति इस तरह की बाते करने का कोई अधिकार नही है और अगर उन्होंने माफी नही मांगी तो प्रयागराज में अनिरुद्धाचार्य को आने नही दिया जाएगा और हम देश की सभी महिलाओं और युवा लड़कियों से अनुरोध करते है कि इनके कथा में भी न जाये फिलहाल अनिरुद्धाचार्य की ओर से इस पर सफाई नहीं आई है, लेकिन उनके बयान से एक बार फिर यह सवाल उठ खड़ा हुआ है कि क्या धार्मिक मंचों से इस तरह की टिप्पणियां किया जाना जरूरी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 26 Jul 2025 18:54:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>शहर में महिला भाजपाई निकलेगी सिंदूर यात्रा, भजनलाल-दिया भी होंगे शामिल </title>
                                    <description><![CDATA[जानकारी के अनुसार सिंदूर यात्रा हवा महल के पीछे से रवाना होकर बड़ी चौपड़ होते हुए छोटी चौपड़ पर आकर समाप्त होगी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/women-bjp-will-come-out-in-the-city-today-sindoor/article-114760"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/news-(5)12.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। पहलगाम में आतंकी घटना के बाद भारतीय सेना के द्वारा आतंकवादी ठिकानों पर कार्रवाई के लिए चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर की सफलता और नारी सम्मान को लेकर भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की ओर से मंगलवार को शाम 5:30 बजे शहर में सिंदूर यात्रा निकाली जाएगी।</p>
<p>जानकारी के अनुसार सिंदूर यात्रा हवा महल के पीछे से रवाना होकर बड़ी चौपड़ होते हुए छोटी चौपड़ पर आकर समाप्त होगी। यात्रा में महिलाएं बड़ी संख्या में शामिल होंगी। यात्रा में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, डिप्टी सीएम दिया कुमारी सहित भाजपा के कई बड़े नेता भी शामिल होंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 20 May 2025 17:00:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>बदलाव की आस में थम गया वक्त : आज भी मूलभूत सुविधा पानी के लिए तरस रही पीथपुर ग्राम पंचायत, हर चेहरे पर एक ही सवाल कब मिलेगा पानी, </title>
                                    <description><![CDATA[ गांव की हालत इतनी बदतर है कि यहां की महिलाएं आज भी मीलों पैदल चलकर, सिर पर मटके उठाए कुएं से पानी लाने को मजबूर हैं]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/time-stopped-in-the-hope-of-change--pots-on-heads/article-114654"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/rtrer-(8)5.png" alt=""></a><br /><p>छीपाबड़ौद। एक ओर सरकार हर घर नल से जल का दावा कर रही है। वहीं छीपाबड़ौद तहसील की पीथपुर ग्राम पंचायत आज भी मूलभूत सुविधा पानी के लिए तरस रही है। गांव की हालत इतनी बदतर है कि यहां की महिलाएं आज भी मीलों पैदल चलकर, सिर पर मटके उठाए कुएं से पानी लाने को मजबूर हैं। ये मटके केवल पानी नहीं, बल्कि वर्षों से झेली जा रही उपेक्षा और पीड़ा का भार ढो रहे हैं। पूरे पंचायत क्षेत्र में न तो एक भी हैडपंप है, न ही जल संग्रहण टंकी। गर्मी के मौसम में जब कुएं भी सूखने लगते हैं, तब हालात और भी भयावह हो जाते हैं। महिलाएं सूरज चढ़ने से पहले ही निकल पड़ती हैं ताकि दिन के लिए थोड़ा बहुत पानी मिल सके। बच्चों की प्यास, बुजुर्गों की बेबसी और महिलाओं की थकान इस गांव की रोजमर्रा की कहानी बन गई है। धूप में तपती धरती, सर पर पानी के मटके उठाए महिलाएं, और हर चेहरे पर एक ही सवाल कब मिलेगा पानी। </p>
<p><strong>अब तो उम्मीद करना भी छोड़ दिया </strong><br />गांववासियों ने बताया कि वे कई बार पंचायत और अधिकारियों से गुहार लगा चुके हैं। लेकिन अभी तक सिर्फ आश्वासन ही मिले हैं। ग्रामीण महिला कमला बाई ने कहा कि हमने तो अब उम्मीद करना भी छोड़ दिया है, बस जी रहे हैं जैसे तैसे। </p>
<p><strong>सरकार और प्रशासन से गुहार</strong><br />अब गांववाले एक बार फिर उम्मीद लगाए बैठे हैं कि शायद उनकी इस आवाज को कोई सुने, और जल जैसी बुनियादी जरूरत के लिए कोई स्थायी समाधान निकले। </p>
<p>हम रोज दो किलोमीटर दूर कुएं से पानी लाने जाते हैं। कभी-कभी तो दो-तीन चक्कर लगाने पड़ते हैं, तब जाकर घर का काम चलता है। शरीर थक जाता है, लेकिन कोई उपाय नहीं है। कई बार हाथ-पैर छिल जाते हैं, पर कोई देखने वाला नहीं। अब तो पानी के लिए जीना भी बोझ लगने लगा है। <br /><strong>-रामप्यारी, ग्रामीण महिला</strong></p>
<p>हमने पंचायत में कई बार आवेदन दिए। अधिकारियों से गुहार लगाई। लेकिन आज तक कुछ नहीं हुआ। गांव में न हैंडपंप है, और न ही कोई टंकी। बरसों से हालात ऐसे ही हैं। गर्मियों में तो हालात और बिगड़ जाते हैं। अब हमें समझ नहीं आता कि कहां जाएं, किससे उम्मीद करें।       <br /><strong> -घासीलाल, ग्रामीण</strong></p>
<p>पेयजल समस्या हमारे गांव की गंभीर समस्या है। हम इसे लेकर कई बार संबंधित विभागों को अवगत करा चुके हैं। पर इस ओर सरकार ने आजतक ध्यान नहीं दिया है। हम खुद चाहते हैं कि गांव की महिलाएं और बच्चे इस संकट से बाहर आएं। मैं प्रशासन से निवेदन करता हूं कि प्राथमिकता के आधार पर पीथपुर की पेयजल योजना को पूर्ण कराया जाए। <br /><strong>-कौशल किशोर, सरपंच, पीथपुर ग्राम पंचायत</strong></p>
<p>इस समस्या पर ध्यान दिया जाएगा। गांव में निरीक्षण कर सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।<br /><strong>-रवि गुप्ता, सहायक अभियंता, जलदाय विभाग, छीपाबड़ौद</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 19 May 2025 18:11:35 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>महिलाओं को शक्तियुक्त करना हमारी प्राथमिकता, विकसित देश-प्रदेश के निर्माण में आधी आबादी की अहम भूमिका : मुख्यमंत्री</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि सशक्त और विकसित देश-प्रदेश बनाने में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/empowering-women-and-our-priority-is-the-important-role-of/article-107584"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/news-(4)7.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि सशक्त और विकसित देश-प्रदेश बनाने में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। आधी आबादी की भागीदारी के बिना विकास की यात्रा अधूरी है। उन्होंने कहा कि हमारी सनातन संस्कृति में भी शक्ति के लिए मां दुर्गा, धन के लिए मां लक्ष्मी और बुद्धि के लिए मां सरस्वती की उपासना की परम्परा रही है। शर्मा ने कहा कि यह शक्ति वंदन महोत्सव महिलाओं को शक्ति सम्पन्न बनाने के हमारे प्रयासों का प्रतीक है। हमारी सरकार राज्य में महिलाओं को विकासोन्मुखी वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।  जवाहर कला केन्द्र में शनिवार को  शक्ति वंदन, भारत के स्व का अभिनंदन महोत्सव के उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि लोकमाता अहिल्याबाई ने अपने जीवन और कार्यों से एक स्थायी विरासत छोड़ी है। उन्होंने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए महेश्वर में स्थानीय हथकरघा उद्योग का विकास कर दुनिया को महेश्वर साड़ी की सौगात दी। वे एक साहसी योद्धा, सक्षम प्रशासक और सनातन संस्कृति की समर्पित संरक्षिका थीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में हमारी सरकार भी वंदनीय और गौरवशाली सनातन संस्कृति के उत्थान के लिए प्रयासरत है। इसी कड़ी में हमने राजस्थान दिवस भी अंग्रेजी तारीख की जगह हमारे पंचांग की तिथि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को मनाए जाने का निर्णय लिया है। </p>
<p><strong>प्रधानमंत्री की आधी आबादी की उन्नति की सोच</strong><br />मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आधी आबादी की उन्नति और प्रगति में विश्वास रखते हैं। यह महोत्सव प्रधानमंत्री के वोकल फॉर लोकल अभियान के तहत स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और विलुप्त होती कलाओं को पुनर्जीवित करने के प्रयासों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2014 के बाद देश के आस्था केन्द्रों का तेजी से विकास हो रहा है। हमारे पौराणिक धार्मिक स्थलों को उनका दिव्य एवं भव्य रूप वापस लौटाकर सनातन संस्कृति का उत्थान किया जा रहा है। राज्य सरकार भी प्रदेश के आस्था स्थलों का पुनरुद्धार कार्य करवा रही है।</p>
<p><strong>महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना हमारा लक्ष्य</strong><br />मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी डबल इंजन सरकार महिलाओं को शक्तियुक्त बनाने एवं स्वास्थ्य और सामाजिक उत्थान के लिए तेजी से काम कर रही है। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना हमारा लक्ष्य है। हम राजीविका के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को विभिन्न प्र कार के प्रशिक्षण देकर उनको स्वरोजगार से जोड़ रहे हैं। इन महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए भी राज्य सरकार द्वारा कई कदम उठाए गए हैं।  इससे पहले मुख्यमंत्री शर्मा ने दीप प्रज्ज्वलित कर तीन दिवसीय नारी शक्ति वंदन भारत के स्व का अभिनंदन महोत्सव का शुभारंभ किया। उन्होंने शक्ति वंदन पुस्तक में उद्यमी महिलाओं के लिए संदेश लिखा। शर्मा ने जयपुर नगर निगम  द्वारा आयोजित देवी अहिल्याबाई होल्कर प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया और प्रदर्शनी के रिड्यूस, रीयूज और रीसाइकिल आधारित उत्पादों की सराहना की। इस अवसर पर निगम ग्रेटर की महापौर डॉ. सौम्या गुर्जर ने मुख्यमंत्री को अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा भेंट की। कार्यक्रम में सांसद मंजू शर्मा सहित जनप्रतिनिधिगण, स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिला उद्यमी एवं बड़ी संख्या में अन्य महिलाएं उपस्थित रहीं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 16 Mar 2025 11:35:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महिला समृद्धि योजना को कैबिनेट की मंजूरी : गरीब महिलाओं को मिलेंगे 2500 रुपए महीना, रेखा गुप्ता ने कहा- योजना के लिए 5100 करोड़ रुपए का बजट में किया प्रावधान </title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री ने कहा की चुनाव के दौरान यहाँ बहनों से जो वादा किया गया था, उसे पूरा करते हुए कैबिनेट ने महिला समृद्धि योजना को मंजूरी दे दी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/mahila-samriddhi-yojana-will-approve-cabinet-poor-women-will-get/article-106898"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/257rtrer48.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। मुख्यमंत्री ने कहा की चुनाव के दौरान यहाँ बहनों से जो वादा किया गया था, उसे पूरा करते हुए कैबिनेट ने महिला समृद्धि योजना को मंजूरी दे दी, जिससे अब गरीब महिलाओं को 2500 रुपये प्रति माह मिलने लगेगा। गुप्ता ने कहा कि कैबिनेट की बैठक में महिला समृद्धि योजना को मंजूरी दी गई। इस योजना के लिए 5100 करोड़ रुपये का बजट में प्रावधान किया गया है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि महिला दिवस के अवसर का सदुपयोग करते हुए कैबिनेट की बैठक की और दिल्ली चुनाव में संकल्प पत्र में दिल्ली की बहनों से जो वादा किया, उस पर मुहर लग गई। इसके लिए 5100 करोड़ रुपये बजट का  प्रावधान किया गया है, ताकि गरीब बहनों को लाभ मिल सके।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए एक समिति बनाई गई है जिसकी वह स्वयं अध्यक्षता करेंगी और तीन मंत्री आशीष सूद, परवेश साहिब सिंह और कपिल मिश्रा सदस्य होंगे। योजना को लागू करने के लिए जल्द एक पोर्टल बनाकर पंजीकरण का काम शुरू होगा। इसके नियम एवं शर्तों पर गहन चर्चा करके काम को शुरू किया जाएगा।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 08 Mar 2025 17:10:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस - लहरा दो, लहरा दो सरजमीं का परचम लहरा दो...</title>
                                    <description><![CDATA[शहर की उन सशक्त महिलाओं से रुबरु करवा रहें हैं, जिन्होंने अपने प्रयासों के चलते कामयाबी हासिल की और अपना एक खास मुकाम बनाया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/international-women-s-day---wave-it--wave-it--wave-the-flag-of-the-land/article-106816"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/lahara-do,-lahara-do-sarajamen-ka-paracham-lahara-do...kota-news-8.03.2025.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। "यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता:" अर्थात जहां नारी की पूजा होती है, उनका सम्मान किया जाता है वहां देवता निवास करते हैं। मुस्कुराकर, दर्द भूलकर,रिश्तों में बंद थी दुनिया सारी, हर पग को रोशन करने वाली वो शक्ति हैं नारी ! नारी केवल एक शब्द नहीं, बल्कि संपूर्ण सृष्टि का आधार है, वह जीवनदायिनी है, प्रेम की मूर्ति और रिश्ते संवारने वाली शक्ति है। नारी समाज का मूल आधार है, नारी है तो समाज है नारी समाज का आईना है, क्योंकि वह समाज में कई तरह की भूमिकाएं निभाती है। आज नारी ने शिक्षा, राजनीति, व्यवसाय, और सामाजिक सेवाओं में अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है। इन्होंने यह भी बता दिया है कि वे किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए सक्षम हैं। किसी भी प्रोफेशन को ले लीजिए महिलाएं अब पुरुषों से कंधा मिलाकर चल रही हैं। यह अब अपवाद नहीं रह गया है। बीते जमाने की बात हो गई है कि महिलाएं सिर्फ घर की चाहरदीवारी में ही रहेंगी। आज की महिलाएं जागृत हैं और अनेक क्षेत्रों में नेतृत्व भी कर रही हैं। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर शहर की उन सशक्त महिलाओं से रुबरु करवा रहें हैं, जिन्होंने अपने प्रयासों के चलते कामयाबी हासिल की और अपना एक खास मुकाम बनाया।</p>
<p>हमारा परिवार इस विचारधारा को मानने वाला था कि लड़कियों की समय पर शादी उनकी शिक्षा से ज्यादा जरूरी है। मेरी बड़ी बहिन की शादी 18 साल की होते ही कर दी गई। मेरे आगे पढ़ने की इच्छा को जानकर मेरी दादी ने मेरे घर वालों  को मुझे उचित माहौल देने का मार्ग प्रशस्त किया। समस्या यह थी कि  परिवार में सभी बड़े लोग निजी क्षेत्र में कार्यरत थे।  ऐसे में परिवारजनों के समुचित सहयोग के बावजूद उचित मार्गदर्शन के अभाव में कई दिक्कतें आई।  प्रतियोगिता पत्रिकाओं में प्रकाशित होने वाले सफल अभ्यर्थियों के साक्षात्कार पढ़कर प्रशासनिक सेवा में जाने का संकल्प लिया। कोचिंग नहीं करने की वजह से तैयारी के दौरान कई चुनौतियां आई लेकिन  कड़ी मेहनत का परिणाम मिला कि  मेरा चयन राजस्थान प्रशासनिक सेवा में हो गया।  महिलाओं को अभी भी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इसके बावजूद, महिलाएं लगातार आगे बढ़ रही हैं। महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए  उन महिलाओं को देखने की जरूरत है जो विभिन्न क्षेत्रों में सफल हुई है। महिलाओं को अपने लक्ष्यों को निर्धारित करने और उन्हें प्राप्त करने के लिए योजना निर्माण करना चाहिए।  नए कौशल सीखने और अपनी प्रतिभा को विकसित करने के लिए प्रयासरत रहना होगा। महिलाओं को अपनी आवाज उठाने और अपने अधिकारों के लिए जागरूक रहना होगा। एक महिला  को दूसरी महिला का समर्थन करने और एक-दूसरे को आगे बढ़ने में मदद करने के लिए प्रोत्साहित करना होगा।<br /><strong>-ममता तिवारी, अतिरिक्त संभागीय आयुक्त कोटा</strong></p>
<p>आपकी जो आज की परिस्थिति है उसको अगर बदलने का जज्बा है वो इच्छाश्क्ति अगर आप में है तो हालातों को बदल सकते है। मेरा ग्रामीण परिवेश था। मुझे एक ही इच्छा थी कि मुझे अपने पैरों पर खड़े होना है। मैं कभी नहीं चाहुंगी कि मैं किसी पर निर्भर रहुं अपने फैसले लेने में या अपनी लाइफ के छोटे-छोटे फैसले लेने में या कहीं आने जाने में। इसी ने मुझे प्रेरित किया। आजकल लाइफ में डिस्ट्रेक्शन बहुत ज्यादा है सबसे पहले अपने उद्देश्य पर केंद्रित रहे, डिस्ट्रेक्शन को अपने ऊपर बहुत हावी नहीं होने दें। आज आप जिस परिस्थिति में हैं और उसे बदलना चाहते है तो निश्चित रूप से आपको कुछ अलग करना होगा।<br /><strong>- गीता चौधरी, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सचिव विधिक सेवा प्राधिकरण</strong></p>
<p>जब कोई महिला घर से बाहर निकल कर कुछ करती है तो बहुत अड़चनें आती है। पुरूष तो करें ही पर हर महिला को महिला का भी सपोर्ट जरूरी है। महिला अगर ठान ले कि मुझे इस मुकाम तक पहुंचना है चाहे कितना भी संघर्ष करना पड़े, कोई कुछ भी कहें मुझे आगे बढ़ना है यह लक्ष्य लेकर चलें तो वह वहां तक पहुचेंगी। अपनी व अपने अंदर की सुनें तो अवश्य मंजिल को छूएंगी। मैं जब 9वीं कक्षा में पढ़ती थी तभी विवाह हो गया था। ससुराल से भी पढ़ने जाती थी। पति, सास व ससुर ने मुझे बहुत सपोर्ट किया। मेरी इच्छा शुरू से टीचर बनने की थी। स्कूल में बच्चों को पढ़ाया भी, समाज सेवा भी करती थी। सब जगह मंजू मैडम के नाम से जानी जाती थी जब कहीं महिला की सीट आती और किसको खड़ा करें यह बात आई तो उस समय मुझसे कहा गया एक  बार तो मैंने सोचा यह सब नहीं पर सबने कहां कि आप सब कुछ कर सकती है इस तरह राजनीति में आ गई। यहां भी सास, ससुर, पति के सपोर्ट से आई। मैं चाहती हूं कि मेरे पीछे की महिलाएं भी आगे बढ़े। महिला अपने आस-पास, अपने क्षेत्र, अपने ग्रुप में जो महिलाएं हैं उन्हें सपोर्ट करके आगे बढ़ाए। माता-पिता अपनी बेटियों को संपूर्ण शिक्षा दिलाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाकर ही उनका विवाह करें।<br /><strong>- मंजू मेहरा, महापौर कोटा उत्तर</strong></p>
<p>व्यक्ति के पूरे जीवन के लिए अर्थात जन्म से लेकर अंत तक के लिए कानूनी प्रावधान हैं।  कानून में हर तरह की स्थिति का प्रावधान हैं। महिला को सशक्त होने, स्वाभिमान से जीवन जीने, हर वो काम करने की आजादी है जो वह करना चाहती है। लेकिन यह जरूरी है कि महिलाओं को अपने अधिकारों की जानकारी होना चाहिए। महिलाओं को यह पता होना  चाहिए कि वर्क प्लेस, घर ससुराल,या अन्य स्थान  पर किसी भी तरह की घटना होती है वह क्या करे, कैसे बचे, किससे सहायता लें आदि। इसके साथ महिला को कभी अपने आप को किसी भी परिस्थिति में कमजोर नहीं समझना चहिए।  आज हर महिला को अपने पैरों पर खड़ा होना चाहिए, ताकि वह कठिन समय का सामना आसानी से कर पाए। मैं इस अवसर पर यह भी कहना चाहती हूं कि कभी भी अपने अधिकार व कानून का मिस्यूज नहीं करें। <br /><strong>- डॉ. अमृता दुहन पुलिस अधीक्षक कोटा शहर</strong></p>
<p>शिक्षा वह है जो हर व्यक्ति में आत्मविश्वास भी लाती है और उसका व्यक्तित्व भी निखारती है। हर लड़की को चाहिए कि वह अपनी शिक्षा पर पूरा ध्यान दें। अपनी रूचि के अनुरूप अपना करियर चुनें। हर परिस्थिति में अपने पैरों पर खड़ी हो। हर परिस्थिति में सही-गलत को सोच विचार कर निर्णय करें। क्षेत्र पूरे आत्मविश्वास, पूरी लगन व मेहनत से काम करें तो महिलाएं अपने को ऊंचाई तक ले जा सकती है। हमारा विभाग गरीब, दुखी व वंचित वर्ग के लिए काम करता है। मेरा सौभाग्य था कि ईश्वर ने मुझे इस काम के लिए चुना ताकि मैं लोगों की कुछ मदद कर सकूं। सरकार की योजनाओं से जोड़कर परोक्ष या अपरोक्ष रूप से किसी भी तरह मदद कर सकूं। मैंने कभी सोचा नहीं था कि इस फील्ड में जाउंगी । सोशलॉजी में उच्च शिक्षा प्राप्त की थी। उसके बाद जब इस फील्ड में आई तो धीरे-धीरे समाज को जाना और समझा तो लगा कि सहीं दिशा थी। मैं सेतुष्ट हुं इस विभाग में काम करके। शादी के तीन साल बाद जॉब ज्वाइन किया तो पति व सभी लोगों का मोटीवेशन व सपोर्ट मिला।<br /><strong>- सविता कृष्णैया, संयुक्त निदेशक सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग</strong></p>
<p>आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही है। लेकिन आज भी बालिका शिक्षा में हम काफी पिछड़े हुए है। आज भी ग्रामीण परिवेश में बालिकाओं को उच्च शिक्षा के लिए भेजने में संकोच करते हैं। मैं अपनी बात करूं तो मैं एक मध्यमवर्गीय परिवार से आई हूं। हमारे समय में लड़कियों को उच्च शिक्षा के लिए नहीं भेजते थे। लेकिन इस बारे में लकी हूं मेरे पिता ने मुझे पढ़ाई के लिए हमेशा प्रोत्साहित किया। दादाजी मेडिकल लाइन में नहीं भेजना चाहते थे लेकिन पिता के सहयोग से आज मैं इस मुकाम पर पहुंची हूं। बालिकाओं को किसी भी फील्ड में जाना है तो इसके लिए  अपना लक्ष्य तय करना चाहिए। जब तक अपना लक्ष्य हासिल नहीं हो तब तक प्रयास करते रहना चाहिए। मैं कोटा आई तो पहली स्त्री रोग विभाग में महिला सर्जन थी पुरुष प्रधान समाज में इसको लेकर काफी भ्रांतियां भी फैलाई एक महिला सर्जन रूप में कई नकारात्मक चीजें आई उनका डटकर मुकाबला किया।  मुझे काम करना था तो मैंने हर चुनौती का स्वीकार कर इस फील्ड में आगे बढ़ती चली गई। स्त्रीरोग विशेषज्ञ से सफर की शुरुआत हुई उसके बाद विभागाध्यक्ष, बूंदी मेडिकल कॉलेज की प्रधानाचार्य फिर ब्लड बैंक प्रभारी बनी । वर्तमान में जेकेलोन अधीक्षक पद पर हूं। सभी महिलाओं से कहना चाहती हूं कि लगन से किया गया हर कार्य संभव हो जाता है।<br /><strong> - निर्मला शर्मा, अधीक्षक जेकेलोन अस्पताल कोटा</strong></p>
<p> एक कोर टेक्निकल ब्रांच से इंजीनियरिंग करने के लिए वर्कशॉप मैनेजर बनने तक के सफर में हर कदम पर पुरुषों के साथ मिलकर काम शुरू किया। शुरू में एडजस्ट करने के लिए मुझे कुछ दिक्कतें भी आई पर जब मन में सोच लिया कि कुछ अलग करना है तो डर की जगह नहीं रहती। मेरे अनुसार महिलाओं के लिए आर्थिक आत्मनिर्भरता सबसे ज्यादा जरूरी है। हर लड़की को अपनी पसंद की किसी भी फील्ड में बिना डरे आगे बढ़ने के लिए प्रयास करना चाहिए।<br /><strong>- सुचिता गुप्ता, मुख्य आगार प्रबंधक यातायात, कोटा</strong></p>
<p>महिला दिवस के शुभ अवसर पर मैं सभी साथी महिलाओं को बधाई देना चाहती हूॅ। परन्तु ये जोश ये जुनून सिर्फ आज तक सीमित न रहे। हर दिन महिला सशक्तिकरण सही अर्थों में तभी होगा । जब महिलाऐं न  सिर्फ अर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होगी बल्कि अपने जीवन के सभी निर्णय लेने का अधिकार होगा। वे अपने पिता, भाई, पति और पुत्र पर निर्भर नहीं होगी। वे पैसा कमाने के साथ पैसा का व्यय, नियोजन व निवेश का निर्णय भी स्वयं लें। पिछले 4 सालों से राजीविका स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से जुड़ी हुई हंू। इस अनुभव ने मेरी सोच बदली है- मैं आम ग्रामीण महिला की शक्ति का अनुभव करती हंू। महिलाएं हर दिन अपने आप को बेहतर बनाने का प्रयास कर रही हैं। नई विधाएं सीख रही, साक्षर हो रही हैं। यहीं चाहती हंू। कि ये सभी महिलाएं निरंतर इस मार्ग पर आगे बढ़ती रहें।<br /><strong>-नेहा चतुर्वेदी, जिला परियोजना प्रबंधक राजीविका</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 08 Mar 2025 14:56:16 +0530</pubDate>
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                <title>अर्द्ध जली महिला का शव मिलने से सनसनी : अर्द्ध नग्न अवस्था में मिलने से लोगों में भय, पुलिस को लग रहा हत्या का मामला</title>
                                    <description><![CDATA[मृतका की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। पुलिस आसपास के गांवों में पूछताछ कर रही है और यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं किसी महिला की गुमशुदगी की रिपोर्ट तो दर्ज नहीं कराई गई है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/due-to-the-sensation-of-the-women-of-a/article-102880"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/6622-copy13.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। कानोता थाना क्षेत्र में एक दहला देने वाली घटना हुई है। भटेसरी गांव के पास एक महिला का अर्द्ध जला नग्न अवस्था में शव मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। शव को देखकर स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद कानोता थाना प्रभारी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। घटनास्थल का मुआयना करने के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लिया गया है। मौके पर पहुंची एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) टीम ने भी साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में यह मामला हत्या का लग रहा है, लेकिन फॉरेंसिक जांच के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।</p>
<p>मृतका की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। पुलिस आसपास के गांवों में पूछताछ कर रही है और यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं किसी महिला की गुमशुदगी की रिपोर्ट तो दर्ज नहीं कराई गई है। शव की हालत को देखते हुए पुलिस को संदेह है कि महिला की हत्या करने के बाद शव को जलाने की कोशिश की गई होगी, ताकि पहचान ना हो सके। इस घटना से स्थानीय लोगों में भय और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों ने पुलिस से जल्द इस मामले का खुलासा करने की मांग की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना की हर पहलू से जांच की जा रही है और जल्द ही दोषियों को गिरफ्तार किया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 02 Feb 2025 12:39:46 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>एफआईडब्लूई की 7वीं अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[उद्घाटन मिस मर्सी एपाओ जॉईंट सेक्रेटरी एमएसएमई, भारत सरकार और राजस्थान चैम्बर ऑॅफ कॉमर्स के अध्यक्ष डॉ. केएल जैन द्वारा किया गया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/women-participate-of-7th-international-conference-of-fiwe/article-97481"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/6633-copy68.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (आरआईसी) में दो दिवसीय माइक्रो स्मॉल एवं मीडियम एंटरप्राइजेस (एमएसएमई) मंत्रालय के सहयोग से आयोजित हो रही फेडरेशन ऑफ इंडियन वीमेन एंट्रप्रेन्योर्स (एफ आईडब्लूई) की 7वीं अंतर्राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में पूरे विश्व की 300 से अधिक महिला उद्यमी हिस्सा ले रही हैं। इस दो दिवसीय कॉन्फ्रेंस की थीम, डिजिटाईजेशन एंड एक्सपेंशन ऑफ मार्केट्स ग्लोबली फॉर एसएमईज एसएमई के लिए विश्व में बाजार का डिजिटलीकरण व विस्तार है। उद्घाटन मिस मर्सी एपाओ जॉईंट सेक्रेटरी एमएसएमई, भारत सरकार और राजस्थान चैम्बर ऑॅफ कॉमर्स के अध्यक्ष डॉ. केएल जैन द्वारा किया गया। </p>
<p>एमएसएमई की संयुक्त सचिव मर्सी एपाओ ने छोटे शहरों से लेकर बड़े शहरों तक की महिलाओं को उनकी उद्यमशीलता की यात्रा में मदद करने के लिए फेडरेशन आॅफ  इंडियन वुमन एंटरप्रेन्योर्स (एफआईडब्ल्यूई) को बधाई दी। संयुक्त सचिव ने कहा कि महिलाओं के लिए ज्ञान प्राप्त करना, कौशल सीखना और आर्थिक रूप से स्वतंत्र होना बहुत महत्वपूर्ण है। इससे महिलाओं को पुरुषों के बराबर स्थान दिलाने और असमानता को दूर करने में मदद मिलेगी। पहले सत्र में डॉ. रजनी अग्रवाल प्रेसिडेंट एफआईडब्लूई ने इस कॉन्फ्रेंस में सम्मिलित हुई सभी महिला उद्यमियों के उत्साह की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह हमारी 7वीं कॉन्फ्रेंस है, जिसमें हम ज्ञान का आदान-प्रदान करते हुए सफल लोगों की कहानियों और अपने उद्देश्य के बारे में बताते हैं।  </p>
<p>कॉन्फ्रेंस में पूरे देश की महिला उद्यमियों ने हिस्सा लिया है तथा यूरोप, मलेशिया, मालदीव्स और इंडोनेशिया आदि देशों से अंतरराष्टÑीय दल आए हैं। यहाँ पर फैशन डिजाइनर से लेकर टेक उद्यमी और उद्योगपति से लेकर कंसल्टैंट तक हर महिला अपने-अपने क्षेत्र में आगे बढ़ते हुए विकास करने के लिए आशान्वित है। इस दो दिवसीय कॉन्फ्रेंस अनेक विशेषज्ञ मार्गदर्शन व परामर्श प्रदान करेंगे। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Dec 2024 11:22:14 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>संकटग्रस्त महिलाओं को तत्काल मिलेगी सहायता, ऐप पर मिलेगी पूरी जानकारी</title>
                                    <description><![CDATA[आपात स्थिति में सहायता के लिए जब भी किसी महिला द्वारा रिक्वेस्ट की जाती है तो 1090 कन्ट्रोल रूम जयपुर को नोटिफिकेशन जाता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/women-in-distress-will-get-immediate-help-complete-information-will/article-96219"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-11/257rtrer-(4)13.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। संकटग्रस्त महिलाओं को तत्काल पुलिस सहायता प्रदान करने के लिए राजकॉप सिटीजन ऐप, वूमन सेफ्टी के तहत नीड हेल्प के जरिए पुलिस सहायता उपलब्ध कराने की योजना पुलिस मुख्यालय शुरू कर रहा है। इसके लिए सबसे पहले विभिन्न जिला एवं रेंज स्तर पर सुरक्षा सखी, पुलिस मित्रों एवं अन्य जनसम्पर्कके माध्यम से इस ऐप के प्रयोग सम्बन्धी डेमोंस्ट्रेशन दिया जाएगा। एडीजी सिविल राइट्स एवं एएचटी मालिनी अग्रवाल ने इस संबंध में सभी पुलिस अधीक्षक व पुलिस उपायुक्तको निर्देश जारी कर अधिकाधिक राजकॉप सिटीजन ऐप को मोबाइल पर डाउनलोड करने, आमजन को डेमोंस्ट्रेशन के जरिए प्रेरित करने को लिखा है, जिससे इस योजना का लाभ संकटग्रस्त महिलाओं को मिल सके। एडीजी अग्रवाल ने बताया कि राजकॉप सिटीजन ऐप में महिला सुरक्षा के लिए मदद चाहिए (नीड हेल्प) का फीचर दिया है। जिसमें आपात स्थिति में सहायता व गैरआपात स्थिति में सहायता की दो तरह की सुविधाएं दी गई है।</p>
<p><strong>आपात स्थिति में सहायता </strong><br />आपात स्थिति में सहायता के लिए जब भी किसी महिला द्वारा रिक्वेस्ट की जाती है तो 1090 कन्ट्रोल रूम जयपुर को नोटिफिकेशन जाता है। कन्ट्रोल रूम पर कार्यरत पुलिसकर्मी के नोटिफिकेशन स्वीकृत करने पर इसकी सूचना पीड़ित को ऐप पर दिखाई देती है। इसके बाद पीड़ित को कॉल कर समस्या पता की जाती है। अगर पीड़ित फोन नहीं करने का मैसेज रिक्वेस्ट के साथ भेजता है तो ऐसी स्थिति में लोकेशन पर मदद पहुंचाने की कार्रवाई की जाती है। </p>
<p>जयपुर कन्ट्रोल रूम ऑपरेटर द्वारा बिना समय गंवाए सम्बन्धित जिले के अभय कमाण्ड सेंटर को सूचना भिजवाई जाती है। जिसके आधार पर पीड़ित की लोकेशन पर उस जिले के सम्बंधित थाने को पहुंच जाती है। थाना पुलिस या नजदीकी वाहन 112 पीड़ित की लोकेशन पर पहुंच मदद पहुंचाता है। वाहन 112 की लोकेशन पीड़ित एप पर ट्रैक वाहन की सहायता से देख सकता है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 29 Nov 2024 14:02:05 +0530</pubDate>
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