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                <title>prize - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>मां दुर्गा का स्वरूप बनाकर छात्राओं ने जीते पुरस्कार</title>
                                    <description><![CDATA[ विजेता छात्राओं को दैनिक नवज्योति की ओर से पुरस्कृत करते हुए स्मृति चिन्ह व सर्टिफिकेट प्रदान किए गए। महाविद्यालय की प्रिंसिपल एवं इटीरियर डेकोरेशन विभाग की विभागाध्यक्ष लीना बंबानी ने दैनिक नवज्योति का आभार व्यक्त  किया । ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/girl-students-won-prizes-by-making-the-form-of-maa-durga/article-30959"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-11/maa-durga-ka-swaroop-banakar-chhatrao-nei-jeete-puraskar...kota-news...28.11.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। नवरात्रि के अवसर पर दैनिक नवज्योति ने नवरात्र थीम को लेकर विज्ञान नगर स्थित राजकीय महिला पॉलिटेक्निक महाविद्यालय की छात्राओं के बीच पोस्टर और स्लोगन प्रतियोगिता आयोजित की थी। इसमें छात्राओं को मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों को बनाकर संदेश देने को कहा गया था। प्रतियोगिता में इस महाविद्यालय की कमर्शियल आर्ट, टेक्सटाइल डिजाइनिंग, इंटीरियर डेकोरेशन और फैशन डिजाइनिंग की छात्राओं ने उत्साह से भाग लिया था।  दैनिक नवज्योति की ओर से इस प्रतियोगिता में विजेता रही छात्राओं को पुरस्कृत किया गया। इसमें कुल सात छात्राएं विजेता रही। विजेता छात्राओं को दैनिक नवज्योति की ओर से पुरस्कृत करते हुए स्मृति चिन्ह व सर्टिफिकेट प्रदान किए गए। महाविद्यालय की प्रिंसिपल एवं इटीरियर डेकोरेशन विभाग की विभागाध्यक्ष लीना बंबानी ने दैनिक नवज्योति का आभार व्यक्त  किया । </p>
<p><strong>इन्हें मिले पुरस्कार : </strong><br />प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार मनस्वी सोनी(द्वितीय वर्ष , इंटीरियर डेकोरेशन) को, द्वितीय पुरस्कार ध्रुवी शर्मा (थर्ड सेमेस्टर, फैशन एंड टेक्सटाइल डिजाइनिंग) को, तृतीय पुरस्कार अराजू खत्री (तृतीय वर्ष, इंटीरियर डेकोरेशन) को प्रदान किया गया। सांत्वना पुरस्कार :  आंंचल जैन(द्वितीय वर्ष , इंटीरियर डेकोरेशन), जिया पोरवाल( द्वितीय वर्ष , कमर्शियल आर्ट), श्रृष्टि शर्मा (द्वितीय वर्ष ,कमर्शियल आर्ट) एवं कनिष्क चौधरी (द्वितीय वर्ष, कमर्शियल आर्ट) को प्रदान किए गए।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 28 Nov 2022 15:08:44 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>श्रीलंकाई लेखक शेहान करुणातिलका ने जीता बुकर पुरस्कार 2022</title>
                                    <description><![CDATA[बुकर जीतने के बाद शेहान करुणातिलका ने कहा कि इस नोवेल को लेकर मुझे उम्मीद है कि ये भविष्य में पढ़ा जाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/sri-lankan-writer-shehan-karunatilaka-wins-booker-prize-2022/article-27006"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-10/seven.jpg" alt=""></a><br /><p>श्रीलंकाई लेखक शेहान करुणातिलका को बुकर पुरस्कार 2022 से नवाजा गया है। उन्हें यह पुरस्कार ''द सेवन मून्स ऑफ माली अल्मेडा'' उपन्यास के लिए दिया गया है। करुणातिलका को ट्रॉफी सहित 50,000 पाउंड का पुरस्कार भी मिला है। <br /><br />बुकर जीतने के बाद शेहान करुणातिलका ने कहा कि इस नोवेल को लेकर मुझे उम्मीद है कि ये भविष्य में पढ़ा जाएगा। इसे श्रीलंका में पढ़ा जाता है। जहां लोग इस नोवेल से सीखते हैं कि जातिवाद, भ्रष्टाचार और वंशवाद के विचार न कभी काम आते हैं और न ही आने वाले हैं। इसके साथ ही शेहान करुणातिलका ने कहा कि 'सेवन मून्स' कभी आउटडेटेड नहीं होगी।<br /><br /></p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="en" xml:lang="en">Shehan Karunatilaka is the winner of the <a href="https://twitter.com/hashtag/BookerPrize2022?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#BookerPrize2022</a>! Watch his full acceptance speech on our website: <a href="https://t.co/Jn5UlteDaG">https://t.co/Jn5UlteDaG</a> <a href="https://twitter.com/ShehanKaru?ref_src=twsrc%5Etfw">@ShehanKaru</a> <a href="https://twitter.com/SortofBooks?ref_src=twsrc%5Etfw">@SortofBooks</a> <a href="https://t.co/tAO0HANBMV">pic.twitter.com/tAO0HANBMV</a></p>
— The Booker Prizes (@TheBookerPrizes) <a href="https://twitter.com/TheBookerPrizes/status/1582137142402162689?ref_src=twsrc%5Etfw">October 17, 2022</a></blockquote>
<p>

</p>
<p><strong>क्या है उपन्यास की कहानी</strong><br />द सेवन मून्स ऑफ माली अल्मेडा की कहानी श्रीलंका में 1990 के दौरान चल रहे गृहयुद्ध में समलैंगिक युद्ध फोटोग्राफर और जुआरी माली अल्मेडा के ऊपर आधारित है, जिनकी मौत हो जाती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 18 Oct 2022 11:30:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>शिक्षक कैसा होना चाहिए, प्रतियोगिता के विजेता पुरस्कृत </title>
                                    <description><![CDATA[ विजेता विद्यार्थियों को दैनिक नवज्योति की ओर से पुरस्कृत करते हुए स्मृति चिन्ह व सर्टिफिकेट प्रदान किए गए। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/how-should-a-teacher-be--the-winner-of-the-competition-rewarded/article-26905"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-10/shikshak-kaisa-hona-chahiye-pratiyogita-ke-vijeta-puraslrit..kota-news-17.10.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। शिक्षक दिवस के अवसर पर दैनिक नवज्योति ने बंधा धर्मपुरा रोड स्थित विद्यांजलि  एकेडमी स्कूल में ‘आपकी नजर में एक शिक्षक कैसा होना चाहिए’ इस विषय पर लेखन प्रतियोगिता आयोजित की थी। शनिवार को दैनिक नवज्योति की ओर से इस प्रतियोगिता में विजेता रहे विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया। यह प्रतियोगिता इस विद्यालय के कक्षा छठीं से दसवीं तक के विद्यार्थियों के बीच आयोजित की गई थी। इसमें कुल छह विद्यार्थी विजेता रहे। विजेता विद्यार्थियों को दैनिक नवज्योति की ओर से पुरस्कृत करते हुए स्मृति चिन्ह व सर्टिफिकेट प्रदान किए गए। विद्यालय की वाइस प्रिंसिपल डॉ.प्रीनू शुक्ला ने दैनिक नवज्योति का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि दैनिक नवज्योति बहुत अच्छा काम कर रहा है। आज की सिचुएशन में लेखन का काम बहुत कम है। हर चीज गूगल पर सर्च की जाती है। इससे बच्चों की क्रिएटिविटी खत्म होने लगी है। ऐसे में इस तरह की लेखन प्रतियोगिता को आयोजित करके बच्चों की क्रिएटिविटी और कल्पनाशीलता को विकसित करने का  दैनिक नवज्योति ने बहुत अच्छा प्रयास किया है।</p>
<p><strong>इन्हें मिले पुरस्कार </strong><br />प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार कक्षा दसवीं की छात्रा चित्रा राठौर को, द्वितीय पुरस्कार आठवीं कक्षा के हर्ष प्रजापति को, तृतीय पुरस्कार दसवीं कक्षा की दीक्षा जैन को प्रदान किया गया। सांत्वना पुरस्कार कक्षा आठवीं के पार्थ कछावा, सातवीं कक्षा की खनक महावर और नवीं कक्षा के आर्यन मालव को प्रदान किए गए।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 17 Oct 2022 15:53:38 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>बसई डांग थाना पुलिस की बड़ी कार्रवाई: चार इनामी बदमाश गिरफ्तार  </title>
                                    <description><![CDATA[जिले की बसई डांग थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 1-1 हजार रुपए के 4 इनामी बदमाशों को गिरफ्तार किया है। सरमथुरा थाना क्षेत्र स्थित महाकाल मंदिर के पास दबिश देकर गिरफ्तार किए गए चारों बदमाश हत्या के प्रयास के मामले में 10 महीने से फरार चल रहे थे। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/dholpur/four-prize-crooks-arrested-basai-dang-police-station-s-big-action/article-11518"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/arrest.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>धौलपुर।</strong> जिले की बसई डांग थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 1-1 हजार रुपए के 4 इनामी बदमाशों को गिरफ्तार किया है। सरमथुरा थाना क्षेत्र स्थित महाकाल मंदिर के पास दबिश देकर गिरफ्तार किए गए चारों बदमाश हत्या के प्रयास के मामले में 10 महीने से फरार चल रहे थे। बसई डांग थाना प्रभारी करतार सिंह ने बताया कि 10 महीने पहले बसई डांग थाना क्षेत्र के सुख सिंह का पूरा गांव में दो पक्षों के बीच झगड़ा हो गया था।</p>
<p>झगड़े में एक युवक जानलेवा हमले का शिकार हो गया। इस मामले में कुछ आरोपियों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया था, जबकि 4 आरोपी फरार चल रहे थे। इन पर रढ धौलपुर ने 1-1 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था।थाना प्रभारी ने बताया कि रविवार देर रात मुखबिर से सूचना मिली थी कि हत्या के प्रयास के मामले में फरार चल रहे चारों आरोपी रामबरन (28), राम गणेश (24), भूरा (33) और बंटी गुर्जर (28) झिरी रोड स्थित महाकाल मंदिर के पास बैठे हुए हैं। सूचना पर थाने से एक टीम का गठन कर मौके पर रवाना की गई। पुलिस ने दबिश देकर चारों बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>धौलपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Jun 2022 15:23:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नाबालिग से रेप के आरोपी को किया गिरफ्तार, फरार इनामी आरोपी को शरण देने वाले दो दोस्त गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[आरोपी को आश्रय देने वाले सवाई राम व पुखराज को गिरफ्तार कर गहनता पूर्वक पूछताछ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur--arrested-the-accused-of-raping-a-minor--two-friends-who-sheltered-the-absconding-prize-accused-arrested/article-9113"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/tt1.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। बाड़मेर के थाना गिड़ा पुलिस ने रेप व पोक्सो एक्ट में फरार इनामी आरोपी को गिरफ्तार किया है। साथ ही रेप के आरोपी को शरण देने वाले दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है।</p>
<p><br /> बाड़मेर एसपी दीपक भार्गव ने बताया कि 12 फरवरी को नाबालिक की मां ने आरोपी देउराम उर्फ देवाराम के विरुद्ध थाने में शादी की नियत से अगवा कर जबरन दुष्कर्म करने एवं अश्लील फोटो वायरल करने की धमकियां देने की नामजद रिपोर्ट दी थी। रिपोर्ट पर आईपीसी व पॉक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज कर अनुसंधान किया गया। नाबालिग से रेप के मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी की तलाश के लिए एक टीम का गठन किया गया। साथ ही आरोपी की गिरफ्तारी के लिए 1000रुपए के इनाम की घोषणा भी की गई। आरोपी घटना के बाद पुणे व हैदराबाद भाग गया। जहां उसे सवाई राम व पुखराज द्वारा पुलिस की गिरफ्तारी से बचाने के लिए शरण दी गई।</p>
<p>एसपी ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तकनीकी सहायता व गोपनीय जानकारी प्राप्त कर तलाश की गई। आरोपी को आश्रय देने वाले सवाई राम व पुखराज को गिरफ्तार कर गहनता पूर्वक पूछताछ की गई। वहीं मुख्य आरोपी देउराम उर्फ देवाराम को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भिजवाया गया।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 04 May 2022 15:32:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>फिलीपीन्‍स की पत्रकार मारिया रेस्‍सा और रूस के दमित्री मुरातोव को मिला शांति का नोबेल पुरस्‍कार</title>
                                    <description><![CDATA[अभिव्‍यक्ति की आजादी के लिए किए गए प्रयासों की वजह से मिला नोबेल पुरस्कार]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/%E0%A4%AB%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A5%80%E0%A4%AA%E0%A5%80%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E2%80%8D%E0%A4%B8-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E2%80%8D%E0%A4%B8%E0%A4%BE-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%B0%E0%A5%82%E0%A4%B8-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%A6%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A5%8B%E0%A4%B5-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE-%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A4%BF-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%A8%E0%A5%8B%E0%A4%AC%E0%A5%87%E0%A4%B2-%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E2%80%8D%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0/article-1527"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/pic.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>स्टॉकहोम।</strong> नोबेल समिति ने फिलीपीन्‍स की पत्रकार मारिया रेस्‍सा और रूस के दमित्री मुरातोव को वर्ष 2021 के लिए शांति का नोबेल पुरस्‍कार दिए जाने की घोषणा की है। यह उनकी अभिव्‍यक्ति की आजादी के लिए किए गए प्रयासों की वजह से दिया गया है। फिलीपीन्‍स की पत्रकार मारिया रेस्‍सा और रूस के दमित्री मुरातोव को साल 2021 के लिए शांति का नोबेल पुरस्‍कार दिये जाने की घोषणा की गयी है।</p>
<p><br /> नोबेल समिति ने कहा कि अभिव्‍यक्ति की आजादी के लिए दोनों के प्रयासों को देखते हुए यह पुरस्‍कार दिया गया है।<br /> अभिव्‍यक्ति की आजादी किसी लोकतंत्र के लिए एक महत्‍वपूर्ण पूर्व शर्त है। नोबेल समिति ने दोनों के प्रयासों की सराहना भी की है। नोबेल समिति ने कहा कि स्‍वतंत्र,मुक्‍त तथा तथ्‍यों पर आधारित पत्रकारिता सत्‍ता के दुरुपयोग, झूठ और दुष्‍प्रचार से रक्षा करती है। नार्वे की संस्‍था ने माना कि अभिव्‍यक्ति की आजादी और सूचना की स्‍वतंत्रता लोगों को जागरूक बनाती है। ये अधिकार लोकतंत्र के लिए पूर्व शर्त है और युद्ध तथा संघर्ष में रक्षा करते हैं। समिति ने कहा कि मारिया और दमित्री को यह पुरस्‍कार दिया जाना इन मूलभूत अधिकारों की रक्षा करने के महत्‍व को दर्शाता है।<br /> <br /> मारिया रेस्‍सा फिलीपीन्‍स के राष्ट्रपति की आलोचक हैं और उन्‍हें पहले भी कई पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।<br /> उन्‍होंने हाल ही में एक फैसले में छह साल कैद की सजा सुनाई गई थी। इस फैसले को देश में प्रेस की स्वतंत्रता को बड़ा झटका माना गया था। मनीला की अदालत ने ऑनलाइन समाचार साइट रैपलर इंक की मारिया रेसा और पूर्व रिपोर्टर रेनाल्डो सैंटोस जूनियर को एक अमीर कारोबारी की मानहानि का दोषी पाया।<br /> <br /> उधर, दमित्री मुरातोव रूस में अभिव्‍यक्ति की आजादी की आवाज को बुलंद कर रहे हैं। वह रूसी अखबार नोवाया गजेटा के संपादक हैं। माना जाता है कि पुतिन के शासन काल में केवल उनका ही अखबार ऐसा है जो सरकार के खिलाफ आवाज उठाता रहा है। इस अखबार ने पुतिन सरकार में भ्रष्‍टाचार और मानवाधिकारों के उल्‍लंघन के कई मामलों का खुलासा किया है। गौरतलब है कि नोबेल शांति पुरस्कार किसी उस संगठन या व्यक्ति को दिया जाता है, जिसने राष्ट्रों के बीच भाइचारे और बंधुत्व को बढ़ाने के लिए सर्वश्रेष्ठ काम किया हो। पिछले साल यह पुरस्कार विश्व खाद्य कार्यक्रम को दिया गया था, जिसकी स्थापना 1961 में विश्व भर में भूख से निपटने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति ड्वाइट आइजनहावर के निर्देश पर की गई थी। रोम स्थित संयुक्त राष्ट्र की इस एजेंसी को वैश्विक स्तर पर भूख से लड़ने और खाद्य सुरक्षा के प्रयासों के लिए यह पुरस्कार दिया गया। इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के तहत एक स्वर्ण पदक और एक करोड़ स्वीडिश क्रोनर (11.4 लाख डॉलर से अधिक राशि) दिये जाते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 08 Oct 2021 16:31:44 +0530</pubDate>
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                <title>तंजानिया के गुरनाह को साहित्य का नोबेल सम्मान</title>
                                    <description><![CDATA[उपन्यासों में किया शरणार्थियों का मार्मिक वर्णन]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/615fdbf2eb2de/article-1507"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/abdulrazak-gurnah.mks.-jpg.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>स्टॉकहोम</strong>। वर्ष 2021 का साहित्य का नोबेल पुरस्कार तंजानिया के उपन्यासकार अब्दुल रजाक गुरनाह को देने की घोषणा की गई है। गुरनाह को उपनिवेशवाद के प्रभावों और संस्कृतियों व महाद्वीपों के बीच की खाई में शरणार्थियों की स्थिति के करुणामय चित्रण को लेकर सम्मानित किया गया है। उनके उपन्यासों में शरणार्थियों का मार्मिक वर्णन मिलता है।  गुरनाह का जन्म 1948 में तंजानिया के जंजीबार में हुआ था। लेकिन 1960 के दशक के अंत में एक शरणार्थी के रूप में वह इंग्लैंड पहुंचे।  रिटायरमेंट के पहले तक वह केंट विश्वविद्यालय, कैंटरबरी में अंग्रेजी और उत्तर औपनिवेशिक साहित्य के प्रोफेसर थे।</p>
<p><br /> <strong>दुखद प्रेम कहानी ने दिलाई पहचान</strong><br /> गुरनाह के चौथे उपन्यास ‘पैराडाइज’ (1994) ने उन्हें एक लेखक के रूप में पहचान दिलाई थी। उन्होंने 1990 के आसपास पूर्वी अफ्रीका की एक शोध यात्रा के दौरान यही लिखी थी। यह एक दुखद प्रेम कहानी है जिसमें दुनिया और मान्यताएं एक-दूसरे से टकराती हैं।</p>
<p><br /> <strong>10 उपन्यास और कई लघु कथाएं प्रकाशित </strong><br />  गुरनाह के 10 उपन्यास और कई लघु कथाएं प्रकाशित हुई हैं। उनकी लेखनी में शरणार्थी की समस्याओं का वर्णन अधिक है। उन्होंने 21 वर्ष की उम्र से लिखना शुरू किया था, हालांकि शुरुआत में उनकी लिखने की भाषा स्वाहिली थी। बाद में उन्होंने अंग्रेजी को अपनी साहित्य लेखनी का माध्यम बनाया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 08 Oct 2021 13:07:12 +0530</pubDate>
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                <title>बेंजामिन लिस्ट और मैकमिलन को रसायन का नोबेल पुरस्कार</title>
                                    <description><![CDATA[एसीम्मेट्रिक ऑर्गेनोकैटलिसिस के विकास किया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/615ed0e0dc866/article-1503"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/ads.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>स्टॉकहोम</strong>। रसायन का इस साल का नोबेल पुरस्कार जर्मनी के मैक्स प्लैंक इंस्टीट्यूट के बेंजामिन लिस्ट और अमेरिका के प्रिंसटन विश्वविद्यालय के डेविड डब्ल्यूसी मैकमिलन को एसीम्मेट्रिक ऑर्गेनोकैटलिसिस के विकास के लिए दिए जाने की घोषणा की गई है।  रॉयल स्वीडिश अकादमी ऑफ साइंसेज ने  बुधवार को कहा कि अणुओं का निर्माण करना एक कठिन काम है। आणविक निर्माण के लिए एक सटीक उपकरण ऑर्गेनोकैटलिसिस के इनके विकास कार्य के लिए रसायन विज्ञान के क्षेत्र में इस साल के नोबेल पुरस्कार से बेंजामिन लिस्ट और डेविड डब्ल्यूसी मैकमिलन को सम्मानित किया जाएगा। बेंजामिन और मैकमिलन अपने क्षेत्र के मार्गदर्शक बने रहेंगे। इन्होंने दिखाया कि कार्बनिक उत्प्रेरक का इस्तेमाल रासायनिक प्रतिक्रियाओं के संचालन के लिए किया जा सकता है। <br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong><br /> शोधकर्ताओं को मिलेगी मदद </strong></span></span><br /> अकादमी ने कहा कि इन प्रतिक्रियाओं का इस्तेमाल कर शोधकर्ता फार्मास्यूटिकल्स से लेकर अणुओं तक किसी भी चीज को अधिक दक्षता से बना पाएंगे, जो सोलर सेलों में रोशनी को खींच सके। इस तरह से ऑर्गेनोकैटलिसिस मानवीय जीवन के लिए बेहद लाभदायक साबित होने वाले हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 07 Oct 2021 17:18:24 +0530</pubDate>
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