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                <title>Security Council - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>Security Council RSS Feed</description>
                
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                <title>सर्गेई लावरोव ने की कूटनीतिक रवैये की आलोचना, बोले- वादाखिलाफी की आदत छोड़ बातचीत को प्राथमिकता दे अमेरिका, अंतरराष्ट्रीय समझौतों के उल्लंघन का लगाया आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि वह टकराव के बजाय बातचीत को प्राथमिकता दे। रूस ने आरोप लगाया कि अमेरिका समझौतों से पीछे हटकर सैन्य उपस्थिति बढ़ा रहा है। पाकिस्तान की मध्यस्थता में ईरान-अमेरिका वार्ता जारी है, जबकि रूस ने ईरान की सैन्य शक्ति का समर्थन किया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/sergei-lavrov-criticized-the-diplomatic-attitude-said-give-up/article-150753"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/sergei-lavrov.png" alt=""></a><br /><p>मॉस्को। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने अमेरिका के कूटनीतिक रवैये की आलोचना करते हुए गुरुवार को कहा कि अमेरिकी प्रशासन को विरोधी सरकारों के साथ टकराव के बजाय बातचीत को प्राथमिकता देनी चाहिए। लावरोव ने कहा कि जब भी अमेरिका को कोई सरकार पसंद न आए तो उसे 'बातचीत के ज़रिए' शुरुआत करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आमतौर पर देश अमेरिकी प्रशासन के साथ बातचीत के लिए तैयार रहते हैं और अब तक किसी देश ने अमेरिका के साथ बैठकर बात करने से इनकार नहीं किया है।</p>
<p>सर्गेई लावरोव ने अमेरिका पर अंतरराष्ट्रीय समझौतों का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उसने कई बार वादों से पांव वापस खींचे हैं। उन्होंने कहा, "वह अमेरिका ही था जिसने पहले समझौते किए और फिर उनसे पलट गया।" लावरोव की ये टिप्पणियां ऐसे समय में आयी हैं जब पश्चिम एशिया में तनाव अपने चरम पर है। रूस की सुरक्षा परिषद ने चेतावनी दी है कि अमेरिका-इजरायल वर्तमान बातचीत के प्रयासों के पीछे ईरान में सेना उतारने की तैयारी कर रहे हो सकते हैं।</p>
<p>रूसी समाचार एजेंसी तास के अनुसार, परिषद ने पाया है कि पश्चिम एशिया में अमेरिका की सैन्य उपस्थिति में इजाफा हुआ है। रूस ने ईरान की रक्षा क्षमताओं पर भी ज़ोर दिया और कहा कि ईरान के पास इतनी सैन्य ताक़त है कि वह अमेरिका या इज़रायल की किसी भी संभावित आक्रामकता का जवाब दे सके। इन चेतावनियों के बावजूद, कूटनीतिक कोशिशें जारी हैं। अमेरिका और ईरान के बीच परोक्ष बातचीत अभी भी चल रही है, जिसमें पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है।</p>
<p>सेना प्रमुख आसिम मुनीर के नेतृत्व में एक उच्च-स्तरीय पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल अमेरिका के संदेश पहुंचाने और आगे की बातचीत को आसान बनाने के लिए ईरान में है। उन्होंने ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ बातचीत की। यह बातचीत इस्लामाबाद में हुए पिछले दौर के बाद रुकी हुई बातचीत को फिर से शुरू करने की कोशिशों का हिस्सा थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Apr 2026 13:17:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>सर्वोच्च सुरक्षा परिषद सचिव लारीजानी ने दी चेतावनी, कहा-पश्चिमी एशिया में अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर हमला करता रहेगा ईरान</title>
                                    <description><![CDATA[ईरान की सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी ने घोषणा की है कि मध्य पूर्व में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर हमले रुकेंगे नहीं। शनिवार को इजरायल-अमेरिका के संयुक्त हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत के बाद तनाव चरम पर है। लारीजानी ने स्पष्ट किया कि ईरान का लक्ष्य पड़ोसी देश नहीं, बल्कि वहां मौजूद अमेरिकी सैन्य उपस्थिति है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/supreme-security-council-secretary-larijani-warned-that-iran-will-continue/article-145069"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/ali-lavraji.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरान की सर्वोच्च सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी ने रविवार को कहा कि वह पश्चिमी एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर तब तक हमला जारी रहेगा जब तक वे अमेरिका के नियंत्रण में रहेंगे। </p>
<p>अमेरिका और इजरायल ने शनिवार को तेहरान सहित कई ईरानी प्रांतों पर हमले किये। इन हमलों में आम लोग भी मारे गये। ईरान ने जवाबी मिसाइल हमले इजरायली इलाकों के साथ-साथ पश्चिमी एशिया में अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर भी किये। ईरान के सरकारी टेलीविजन ने रविवार को पुष्टि की कि इजरायल और अमेरिका के संयुक्त हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई मारे गये हैं।</p>
<p>लारीजानी ने सरकारी ब्रॉडकास्टर पर कहा, अमेरिकी ठिकाने इस इलाके के देशों का इलाका नहीं हैं, वे अमेरिका का इलाका हैं। हमारा इस इलाके के देशों पर हमला करने का कोई इरादा नहीं है। हमने इस इलाके के ठिकानों पर हमला किया है और तब तक करते रहेंगे जब तक वे अमेरिका के नियंत्रण में हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 01 Mar 2026 17:04:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>सुरक्षा परिषद अमेरिका और इजरायल को &quot;आक्रमण &quot; के सूत्रधार के रूप में चिन्हित करे : ईरान</title>
                                    <description><![CDATA[सईद अब्बास अराग्ची ने  यूएनएससी से इजरायल और अमेरिका को ईरान के खिलाफ "आक्रमण" के सूत्रधार के तौर पर चिन्हित करने का आह्वान किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/iran-should-identify-the-security-council-us-and-israel-as/article-119013"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/news-(1)58.png" alt=""></a><br /><p>तेहरान। ईरानी विदेश मंत्री सईद अब्बास अराग्ची ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) से इजरायल और अमेरिका को ईरान के खिलाफ "आक्रमण" के सूत्रधार के तौर पर चिन्हित करने का आह्वान किया।</p>
<p>आधिकारिक आईआरएनए समाचार एजेंसी के अनुसार,संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस और सुरक्षा परिषद अध्यक्ष कैरोलिन रोड्रिग्स-बिर्केट को लिखे एक पत्र में अराग्ची ने परिषद से अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने में जिम्मेदारी निभाने का आग्रह किया। उन्होंने इजरायल पर जानबूझकर ईरानी आवासीय भवनों,नागरिकों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने का आरोप लगाया और हमलों को संयुक्त राष्ट्र चार्टर का "घोर उल्लंघन" और अंतरराष्ट्रीय कानून का "खुल्लमखुल्ला उल्लंघन" बताया।</p>
<p>उन्होंने कहा कि इजरायल और अमेरिका ने ईरान के परमाणु ठिकानों को भी निशाना बनाया है, जो "संयुक्त राष्ट्र चार्टर, परमाणु अप्रसार संधि, और आईएईए के प्रस्तावों का गंभीर उल्लंघन है। ईरानी विदेश मंत्री ने जोर देकर कहा कि सुरक्षा परिषद को "आक्रामकों" को इसके प्रति जवाबदेह ठहराना चाहिए और ऐसे "अपराधों" की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए कार्रवाई करनी चाहिए।</p>
<p>गौरतलब है कि 13 जून को इजरायल ने ईरान के कई क्षेत्रों पर बड़े हवाई हमले किए, जिनमें परमाणु और सैन्य स्थल शामिल थे । इन हमलों में वरिष्ठ कमांडर, परमाणु वैज्ञानिक और कई नागरिक मारे गए। ईरान ने इसके जवाब में इजरायल पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। इसके बाद अमेरिका ने 22 जून को तीन ईरानी परमाणु संयंत्रों पर बमबारी की। इसके जवाब में ईरान ने कतर में अमेरिकी अल उदीद एयर बेस पर हमला किया। लगभग 12 दिनों की लड़ाई के बाद, 24 जून को ईरान और इजरायल के बीच</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 30 Jun 2025 17:50:11 +0530</pubDate>
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