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                <title>companies - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                            <item>
                <title>अब 20 फीसदी  एथेनॉल मिश्रित मिलेगा, 3.75 करोड़ लीटर पेट्रोल की जरुरत और कम होगी</title>
                                    <description><![CDATA[एथेनॉल का मिश्रण बढ़ाने से विदेश से खरीद की आवश्यकता कम होगी। कंपनियों को अरबों रुपए सालाना बचेंगे।  ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/now-20--ethanol-will-be-available--the-need-for-3-75-crore-liters-of-petrol-will-be-reduced/article-93283"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-06/petrol_diesel_11.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान में पेट्रोल में अब एथेनॉल की मात्रा को पांच फीसदी और बढ़ाकर पेट्रोलियम कंपनियों ने 20 फीसदी कर दिया है। कंपनियों ने इसकी सप्लाई पेट्रोल पंपों पर शुरू कर दी है। ऐसे में अब प्रदेश में हर साल  3.75  करोड़ लीटर और विशुद्ध पेट्रोल की खपत कम होगी। प्रदेश में इससे पूर्व पन्द्रह फीसदी एथेनॉल का सम्मिश्रण कर पंपों पर पेट्रोल सप्लाई किया जा रहा था। तब सालाना पेट्रोल की बचत 13.25 करोड़ लीटर थी। ऐसे में अब बीस फीसदी होने के बाद प्रदेश को हर साल कुल 17 करोड़ लीटर की खरीद कंपनियों को विदेशों से कम करनी पड़ेगी। राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष सुनीत बगई ने बताया कि प्रदेश में 20 फीसदी एथेनॉल मिलाकर सप्लाई का प्रावधान बीते सप्ताह ही कंपनियों ने किया है।  वर्तमान में 85 करोड़ लीटर पेट्रोल की सालाना खपत: प्रदेश में वर्तमान में वाहनों के लिए सालाना करीब 85 करोड़ लीटर पेट्रोल की आवश्यकता होती है। मोटे अनुमान के अनुसार देश में 85 फीसदी पेट्रोल की खरीद के लिए पेट्रोलियम कंपनियां विदेशों पर निर्भर है। एथेनॉल का मिश्रण बढ़ाने से विदेश से खरीद की आवश्यकता कम होगी। कंपनियों को अरबों रुपए सालाना बचेंगे।  </p>
<p><strong>एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल ये होंगे फायदे:</strong>  वाहनों से निकलने वाला वायु प्रदूषण कम होगा। एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल से करीब 35 फीसदी कम कार्बन मोनोआॅक्साइड उत्सर्जित होगी। वहीं सल्फर डाई आॅक्साइड, हाइड्रो कार्बन और नाइट्रोजन आॅक्साइड का भी कम उत्सर्जन होगा। वायु प्रदूषण का यहीं गैसे मुख्य कारण होती है। - एथेनॉल की मात्रा पेट्रोल में जैसे-जैसे बढ़ाई जाती है, गाड़ी के चलने पर र्इंजन भी कम गर्म होता है।  - एथेनॉल की खरीद के लिए विदेशों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। देश में ही इसे गन्ना और अनाज से फ्रग्मेंटेशन से बनाया जा सकता है। ऐसे में र्इंधन के लिए विदेशों पर निर्भरता कम होगी। </p>
<p><strong>देश को 1200 करोड़ से अधिक पेट्रोल कम चाहिए होगा:  </strong>हाल ही में केन्द्रीय परिवहन मंत्री नितिन गड़करी ने इस साल के अंत तक देशभर में पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण को 20 फीसदी तक करने की बात कही है। जानकारी के अनुसार पेट्रोल में एथेनॉल की इतनी मात्रा होने पर विदेशों से 1200 से 1300 करोड़ लीटर विशुद्ध पेट्रोल कम खरीदना पड़ेगा। जो सालाना अरबो डॉलर का फायदा देगा, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को बूस्ट मिलेगा। वर्ष 2014 में मात्र 1.5 फीसदी एथेनॉल मिलाया जाता था। वर्तमान में देश में पेट्रोल में औसतन 12 फीसदी एथेनॉल मिलाये जाने लगा है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 17 Oct 2024 14:53:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मोबाइल कंपनियों को झटका, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की क्यूरेटिव याचिका </title>
                                    <description><![CDATA[कोर्ट ने के अपने फैसले में टेलीकॉम कंपनियों की खुली अदालत में मामले की सुनवाई की मांग भी खारिज कर दी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p>नई दिल्ली। मोबाइल कंपनियों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली बेंच ने एजीआर देनदारी के लेकर दाखिल मोबाइल कंपनियों की क्यूरेटिव याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने के अपने फैसले में टेलीकॉम कंपनियों की खुली अदालत में मामले की सुनवाई की मांग भी खारिज कर दी। </p>
<p>टेलीकॉम कंपनियों ने मामले में 2019 के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ क्यूरेटिव याचिका दायर कर कहा था कि टेलीकॉम विभाग की ओर से बकाया के लिए की गई गणना में गंभीर त्रुटि है। 24 अक्टूबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट ने एजीआर की सरकारी परिभाषा को सही बताते हुए टेलीकॉम कंपनियों को राशि चुकाने का आदेश दिया था। कंपनियों का कहना था कि एजीआर में सिर्फ लाइसेंस फीस और स्पेक्ट्रम चार्ज आते हैं। जबकि सरकार रेंट, डिविडेंड, संपत्ति बेचने से लाभ जैसी कई चीजों को भी शामिल बता रही थी।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/supreme-court-reject-of-the-curative-petition%C2%A0-of-mobile-companies/article-91019</link>
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                <pubDate>Fri, 20 Sep 2024 11:04:50 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जापान ने विभिन्न देशों की कंपनियों पर लगाए नए प्रतिबंध</title>
                                    <description><![CDATA[सेंट्रल साइंटिफिक रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ केमिस्ट्री एंड मैकेनिक्स, रोस्तोव-ऑन-डॉन रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ रेडियो कम्युनिकेशंस, 150 एयरक्राफ्ट रिपेयर प्लांट, 810 एयरक्राफ्ट रिपेयर प्लांट, अर्जमास इंस्ट्रूमेंट-मेकिंग प्लांट जिसका नाम पीआई प्लांडिन पर रखा गया है और अन्य कंपनियां शामिल हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/japan-imposed-new-ban-on-companies-from-different-countries/article-64226"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-12/japan-fla.jpg" alt=""></a><br /><p>टोक्यो। जापान ने 57 रूसी संगठनों, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की दो कंपनियों, एक सीरियाई इकाई और उज्बेकिस्तान की दो कंपनियों के खिलाफ नए प्रतिबंध लगाए हैं। जापानी अर्थव्यवस्था, व्यापार और उद्योग मंत्रालय ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। रूसी कंपनियों के खिलाफ निर्यात प्रतिबंध प्रभावी होगा। कंपनियों की सूची में यूराल वक्र्स ऑफ सिविल एविएशन, ब्रांस्क ऑटोमोबाइल प्लांट, सेंट्रल साइंटिफिक रिसर्च इंस्टीट्यूट ब्यूरवेस्टनिक, डिजाइन ब्यूरो फॉर स्पेशल मशीन-बिल्डिंग, कजान गनपाउडर प्लांट, सेंट्रल साइंटिफिक रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ केमिस्ट्री एंड मैकेनिक्स, रोस्तोव-ऑन-डॉन रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ रेडियो कम्युनिकेशंस, 150 एयरक्राफ्ट रिपेयर प्लांट, 810 एयरक्राफ्ट रिपेयर प्लांट, अर्जमास इंस्ट्रूमेंट-मेकिंग प्लांट जिसका नाम पीआई प्लांडिन पर रखा गया है और अन्य कंपनियां शामिल हैं। जापान की निर्यात प्रतिबंध सूची में अब 494 रूसी संस्थाएं और संगठन शामिल हैं।</p>
<p>सूची में यूएई हवाई परिवहन कंपनी आई जेट ग्लोबल डीएमसीसी और अंतरराष्ट्रीय यात्रा सहायता कंपनी सक्सेस एविएशन सर्विसेज एफजेडसी, अर्मेनियाई इलेक्ट्रॉनिक्स और दूरसंचार कंपनी टैको के साथ ही उज्बेक कंपनियां अल्फा बीटा क्रिएटिव इंडस्ट्रीज एलएलसी और जीएफके लॉजिस्टिक एशिया एलएलसी भी शामिल हैं, जैसा कि सूची में दिखाया गया है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 15 Dec 2023 15:18:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कोरोना फैल रहा, कंपनियों ने वैक्सीन उत्पादन किया बंद, प्रदेश में टीकाकरण ठप, स्टॉक में एक भी वैक्सीन डोज मौजूद नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[ राजस्थान में वैक्सीनेशन के दायरे में 5.90 करोड़ आबादी आती है। इनमें से 5 करोड़ 70 लाख 34 हजार 988 यानी 96.66 फीसदी को पहली, 5 करोड़ 38 हजार 175 को दूसरी यानी 86.50 फीसदी, 76 लाख 44 हजार 392 को ही प्रिकॉशन अर्थात तीसरी डोज लगी है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/corona-is-spreading-companies-produced-vaccine-vaccination-stalled-in-closed/article-43213"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-04/corona-vaccine01.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। देश और प्रदेश में कोरोना एक बार फिर से फैल रहा है, लेकिन चिंताजनक स्थिति यह है कि देश में वैक्सीन बनाने वाली कंपनियों ने इसका उत्पादन बंद कर दिया है। इसके चलते राजस्थान में कोरोना टीकाकरण अभियान ठप हो गया है। प्रदेश के स्टॉक में एक डोज भी वैक्सीन नहीं है। 31 मार्च को कुछेक बची डोज से अंतिम टीकाकरण हुआ था। केन्द्र से राज्य के चिकित्सा विभाग ने वैक्सीन की डिमांड की थी, लेकिन हाल ही में सात अप्रैल को केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया की अध्यक्षता में कोरोना संक्रमण को लेकर हुई प्रदेश के अधिकारियों की बैठक में अब और वैक्सीन सप्लाई से साफ इनकार कर दिया गया है। वैक्सीन सीधे कंपनियों से खरीद करने के लिए कहा गया है। </p>
<p><strong>दूसरी डोज नहीं ली </strong><br />राजस्थान में वैक्सीनेशन के दायरे में 5.90 करोड़ आबादी आती है। इनमें से 5 करोड़ 70 लाख 34 हजार 988 यानी 96.66 फीसदी को पहली, 5 करोड़ 38 हजार 175 को दूसरी यानी 86.50 फीसदी, 76 लाख 44 हजार 392 को ही प्रिकॉशन अर्थात तीसरी डोज लगी है। अभी 5 करोड़ से अधिक लोगों को प्रिकॉशन डोज नहीं लगी है। </p>
<p><strong>राजस्थान कैसे खरीदे, कंपनियां ही प्रोडक्शन नहीं कर रही</strong><br />देश में सीरम इंस्टीट्यृट की ओर से कोविशील्ड, भारत बायोटेक की ओर से को-वैक्सीन और बीई कंपनी की ओर से कोवीवैक्स वैक्सीन का उत्पादन हो रहा था, लेकिन अब कंपनियों ने डिमांड नहीं होने से उत्पादन बंद कर दिया है। केन्द्र ने सीधे खरीद को कहा है। जानकारी के अनुसार विभाग ने तो वैक्सीन खरीद के लिए वित्तीय स्वीकृतियों की फाइल एनआरएचएम के एमडी सुधीर शर्मा के माध्यम से चला रखी है। चिकित्सा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बड़ी खेप की डिमांड पर ही कंपनियां फिर से प्रोडेक्शन शुरू करेगी। राजस्थान की जितनी डिमांड है, उसके लिए कंपनियां प्रोडेक्शन शुरू नहीं करेगी। </p>
<p>वैक्सीन की सप्लाई केन्द्र से बंद हो गई है। इसलिए टीकाकरण भी नहीं हो पा रहा है। आखिरी टीकाकरण 31 मार्च को हुआ था। वैक्सीन आएगी तो फिर शुरू कर दिया जाएगा।<br /><strong>- डॉ.रघुराज सिंह, स्टेट नोडल अधिकारी, टीकाकरण </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 19 Apr 2023 10:51:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जापान की 11 कम्पनियां राजस्थान में करेगी 1338 करोड़ का निवेश</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राजस्थान में जापान की कम्पनियों ने प्रमुखता से निवेश किया और जापानी निवेश राजस्थान में उद्यमियों के लिये प्रेरणा स्रोत रहा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/alwar/alwar-11-companies-will-invest-1338-crores-in-state/article-13877"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/46546546554.jpg" alt=""></a><br /><p>अलवर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राजस्थान में जापान की कम्पनियों ने प्रमुखता से निवेश किया और जापानी निवेश राजस्थान में उद्यमियों के लिये प्रेरणा स्रोत रहा है। अब जापान की कम्पनियों को बाड़मेर में बन रहे पैट्रोकैमिकल कॉम्पलैक्स, इनवेस्ट राजस्थान और स्किल डवलपमेंट सेंटर के निर्माण में निवेश कर एक अध्याय और लिखना चाहिए। गहलोत नीमराना स्थित डाईकिन जापानीज इंस्टीट्यूट ऑफ  मैन्यूफेक्चरिंग एक्सिलेंस में हुए एमओयू सेरेमनी को संबोधित कर रहे थे। गहलोत ने कहा कि जापानी जोन उद्यमियों में चर्चा का विषय रहता है। जापान की 11 कम्पनियों द्वारा किए गए एमओयू से 1338 करोड़ रुपए का निवेश आएगा। उन्होंने जापान की कम्पनियों से आह्वान किया कि वह पचपदरा में बन रही रिफाइनरी के पैट्रोकैमिकल कॉम्पलैक्स में भी निवेश करे। ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को भी रोजगार देने के लिए स्किल डवलपमेंट सेंटर खोले। इनमें जो भी अपेक्षित सहयोग होगा। सरकार द्वारा दिया जायेगा।</p>
<p><strong>2008 में 10 जापान की कंपनियां थीं, अब 170</strong><br />भारत में जापान के राजदूत सुजुकी सतोशी ने कहा कि भारत और जापान का रिश्ता केवल द्विपक्षीय नहीं है अपितु असाधारण है। इसीलिए इसे स्पेशल स्ट्रेटेजिक एंड ग्लोबल पार्टनरशिप कहते हैं। गत मार्च में भारत और जापान के प्रधानमंत्रियों के बीच समिट में इस बात पर संतोष जताया कि 2014 में घोषित किए गए 3.5 ट्रिलियन जापनीज येन (लगभग 2 लाख करोड़) के निवेश का लक्ष्य प्राप्त कर चुके हैं। अब उन्होंने 5 ट्रिलियन जापनीज येन (लगभग 3 लाख करोड़ रुपए) को आगामी 5 वर्षों में जापान द्वारा भारत में निवेश करने का कार्य शुरू कर दिया है। गुरुवार को हुए एमओयू से लगभग 1300 करोड़ रुपए का निवेश होगा, जो कि 22 बिलियन येन है। प्रदेश में 2008 में जापान की कम्पनियों की संख्या 10 थी, जो 2021 में बढ़कर 170 हो गई है।</p>
<p><strong>राज्य में निवेश के नए आयाम स्थापित</strong><br />उद्योग मंत्री शकुन्तला रावत ने कहा कि मुख्यमंत्री की दूरदर्शिता से ही राज्य में निवेश के नये आयाम स्थापित हो रहे हैं। उद्योग विभाग ने हाल ही में प्रत्येक जिले में रोड शो करेंगे, जिससे वहां के पारम्परिक उद्योगों को प्रोत्साहन मिलेगा। अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग वीनू गुप्ता व रीको के अध्यक्ष कुलदीप रांका ने राज्य सरकार द्वारा जापान की कम्पनियों को दिए जा रहे सहयोग की जानकारी दी।<br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>अलवर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 08 Jul 2022 12:50:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सेंसेक्स हरा, छोटी और मझौली कंपनियों में बिकवाली से शेयर बाजार की तेजी कुछ मंद</title>
                                    <description><![CDATA[मुंबई। अंतरराष्ट्रीय स्तर से मिले मिश्रित संकेतों के बीच घरेलू स्तर पर  एचडीएफसी, एचडीएफसी बैंक, इंफोसिस, और टीसीएस जैसी दिग्गज कंपनियों में हुईं लिवाली के बल पर सेंसेक्स छह दिनों के बाद हरे निशान में लौटने में सफल रहा लेकिन छोटी और मझौली कंपनियों में भारी बिकवाली देखी गयी जिससे शेयर बाजार की तेजी कुछ मंद रही। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/sensex-green-the-stock-markets-growth-slowed-down-due-to-selling-in-small-and-medium-companies/article-12679"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/sensex5.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई। अंतरराष्ट्रीय स्तर से मिले मिश्रित संकेतों के बीच घरेलू स्तर पर  एचडीएफसी, एचडीएफसी बैंक, इंफोसिस, और टीसीएस जैसी दिग्गज कंपनियों में हुईं लिवाली के बल पर सेंसेक्स छह दिनों के बाद हरे निशान में लौटने में सफल रहा लेकिन छोटी और मझौली कंपनियों में भारी बिकवाली देखी गयी जिससे शेयर बाजार की तेजी कुछ मंद रही। <br /><br />बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 237.42 अंकों की तेजी के साथ 51597.84 अंक पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 56.65 अंकों की बढ़त के साथ 15350.15 अंक पर रहा। दिग्गज कंपनियों में लिवाली से जहां सेंसेक्स को बढ़त हासिल करने में मदद मिली वहीं छोटी और मझौली कंपनियों में जमकर बिकवाली की गयी जिससे बीएसई का मिडकैप 1.95 प्रतिशत उतरकर 20999.37 अंक पर और स्मॉलकैप 2.95 प्रतिशत गिरकर 23422.16 अंक पर रहा। <br /><br />बीएसई में कुल मिलाकर 3578 कंपनियों में कारोबार हुआ जिसमें से 2725 को नुकसान हुआ जबकि 689 बढ़त हासिल करने में सफल रही। इस दौरान 164 कंपनियां उतार चढ़ाव के बीच स्थिर रही।<br /><br />बीएसई में शामिल अधिकांश समूह लाल निशान में दिखे जिसमें धातु में सबसे अधिक 4.46 प्रतिशत की गिरावट रही। इसी तरह से तेल एवं गैस में 3.48 प्रतिशत, एनर्जी में 3.26 प्रतिशत, बेसिक मटेरियल्स में 2.30 प्रतिशत और कैपिटल गुड्स में 2.14 प्रतिशत की गिरावट रही। बीएसई में शामिल मात्र चार समूह ही बढ़त में रहा जिससे सेंसेक्स हरे निशान में रहा। इसमें एफएमसीजी 1.21 प्रतिशत, वित्त 0.32 प्रतिशत, सीडी 0.41 प्रतिशत और हेल्थकेयर 0.17 प्रतिशत शामिल है। <br /><br />वैश्विक स्तर पर यूरोपीय बाजार में तेजी रही जबकि एशियाई बाजार मिश्रित रहा। ब्रिटेन का एफटीएसई 0.99 प्रतिशत, जर्मनी का डैक्स 0.31 प्रतिशत और हांगकांग का हैंगसेंग 0.42 प्रतिशत की बढ़त में रहा। इस दौरान जापान का निक्केई 0.74 प्रतिशत और चीन का शंघाई कंपोजिट 0.04 प्रतिशत उतर गया। <br /><br />बीएसई का सेंसेक्स 110 अंकों की तेजी के साथ 51470.03 अंक पर खुला। शुरूआती कारोबार में ही सेंसेक्स ने बढ़क को गंवाकर 51062.93 अंक के निचले स्तर तक उतरा लेकिन इसके बाद फिर से लिवाली शुरू हुयी। उतार चढ़ाव के बीच सत्र के अंतिम समय में यह लिवाली के बल पर 51714.61 अंक के उच्चतम स्तर पर पहुंचने में सफल रहा। अंत में यह पिछले दिवस के 51360.42 अंक की तुलना में 237.42 अंक अर्थात 0.46 प्रतिशत बढ़कर 51597.84 अंक पर रहा। <br /><br />एनएसई का निफ्टी 41अंकों की बढ़त के साथ 15334.50 अंक पर खुला। सत्र के दौरान यह 15191.10 अंक के निचले स्तर तक टूटा लेकिन लिवाली के बल पर यह 15382.50 अंक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। अंत में यह पिछले दिवस के 15293.50 अंक की तुलना में 0.37 प्रतिशत अर्थात 56.65 अंक बढ़कर 15350.15 अंक पर रहा। निफ्टी में शामिल 50 कंपनियों में से 27 हरे निशान में और 23 लाल निशान में रही। <br /><br />सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से 17 हरे निशान में और 13 लाल निशान में रही। बढ़त में रहने वालों में एचडीएफसी 3.97 प्रतिशत, हिन्दुस्तान यूनिलवर 3.95 प्रतिशत, एशियन पेंट्स 2.96 प्रतिशत, अल्ट्राटेक सीमेंट 2.96 प्रतिशत, एचडीएफसी बैंक 2.47 प्रतिशत, विप्रो 2.30 प्रतिशत, इंफोसिस 1.95 प्रतिशत, नेस्ले इंडिया 1.68 प्रतिशत, टेक महिंद्रा 1.47 प्रतिशत, सन फार्मा 1.44 प्रतिशत, टाइटन 1.40 प्रतिशत, बजाज फाइनेंस 0.82 प्रतिशत, टीसीएस 0.78, कोटक बैंक 0.27प्रतिशत, डॉ रेड्डीज 0.23 प्रतिशत, आईटीसी 0.23 प्रतिशत और एचसीएलटेक 0.11 प्रतिशत शामिल है। <br /><br />गिरावट में रहने वालों में टाटा स्टील 5.03 प्रतिशत, इंड्सइंड बैंक 2.92 प्रतिशत, एनटीपीसी 2.17 प्रतिशत, रिलायंस 1.80 प्रतिशत, पावरग्रिड 1.56प्रतिशत, महिंद्रा 1.54प्रतिशत, स्टेट बैंक 1.53 प्रतिशत, एल टी 1.23 प्रतिशत, एक्सिस बैंक 1.20 प्रतिशत , मारूति 0.40 प्रतिशत, आईसीआईसीआई बैंक 0.39 प्रतिशत, बजाज फिनसर्व 0.38 प्रतिशत और एयरटेल 0.36 प्रतिशत शामिल है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Jun 2022 19:10:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title> प्रदेश की बिजली व्यवस्था आज हो सकती है ठप, बिजली अभियंताओं का विद्युत भवन पर महापड़ाव शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[बिजली कंपनियों के कनिष्ठ अभियंताओ ने वेतन विसंगति दूर करने की मांग को लेकर सोमवार से विद्युत भवन परिसर में अनिश्चितकालीन महापड़ाव शुरू कर दिया है। इसमें तीनों विद्युत वितरण कंपनी, विद्युत उत्पादन निगम और प्रसारण निगम के कनिष्ठ अभियंता शामिल हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/today-the-power-system-of-the-state-may-come-to-a-standstill--the-power-engineers-started-a-big-halt-on-the-power-building/article-11996"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/ee2.jpg" alt=""></a><br /><p></p>
<p></p>
<p>जयपुर।बिजली कंपनियों के कनिष्ठ अभियंताओ ने वेतन विसंगति दूर करने की मांग को लेकर सोमवार से विद्युत भवन परिसर में अनिश्चितकालीन महापड़ाव शुरू कर दिया है। इसमें तीनों विद्युत वितरण कंपनी, विद्युत उत्पादन निगम और प्रसारण निगम के कनिष्ठ अभियंता शामिल हैं।इससे प्रदेश में बिजली उत्पादन से लेकर सप्लाई तक प्रभावित होने की आशंका बन गई है। अभियंताओं की ऊर्जा विभाग और डिस्कॉम्स प्रबंधन से रविवार को वार्ता भी हुई, लेकिन किसी तरह का सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आ सका।<br /><br />इसके बाद पावर इंजीनियर्स एसोसिएशन ऑफ राजस्थान ने प्रदेशवासियों के नाम अपील जारी की। इसमें बताया गया कि उन्हें मजबूरन महापड़ाव करना पड़ रहा है। ऐसे में विद्युत उत्पादन और सप्लाई में व्यवधान होता है तो प्रबंधन जिम्मेदार होगा।बिजली कंपनियों में 5192 कनिष्ठ अभियंता हैं। एसोसिएशन ने दावा किया है कि महापड़ाव में अधिकतर कनिष्ठ अभियंता शामिल होंगे और जो जयपुर नहीं आ पाएंगे वे अपने कार्यस्थल पर ही कार्य बहिष्कार करेंगे। एसोसिएशन के पदाधिकारियो के अनुसार राजनीतिक दलों ने वेतन विसंगति दूर करने का वादा किया था। यहां तक कि तत्कालीन और मौजूदा मुख्यमंत्री व ऊर्जा मंत्री से भी आश्वासन मिला, लेकिन हुआ कुछ नहीं। ऐसे में मजबूरन आंदोलन करना पड़ रहा है। वही विभाग के आलाधिकारियों और मंत्री से आज भी एसोसिएशन के पदाधिकारियों की वार्ता हो सकती है।<br /><br /> </p>
<p></p>
<p></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Jun 2022 13:13:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इन्वेस्ट राजस्थान समिट की तैयारियों ने पकड़ा जोर, जापानी कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ अहम बैठक</title>
                                    <description><![CDATA[उद्योग मंत्री शकुंतला रावत के निर्देश पर प्रदेश में निवेश, उद्योगों की स्थापना और जापानीज कंपनियों को नीमराणा में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए बुधवार को जापान एक्सटर्नल ट्रेड आर्गनाइजेशन (जेट्रो) और नाइडेक कंपनी के उच्चाधिकारियों  के साथ अहम बैठक  की। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-news--preparations-for-rajasthan-summit-caught-hold--high-officials-of-the-department-held-an-important-meeting-with-representatives-of-japanese-companies/article-10432"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/riico.jpg" alt=""></a><br /><p></p>
<p><strong><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">जयपुर।</span></strong><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi"> प्रदेश में </span>7<span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi"> और </span>8<span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi"> अक्टूबर को होने वाले इन्वेस्ट राजस्थान समिट की तैयारियां गति पकड़ने लगा है। उद्योग मंत्री शकुंतला रावत के निर्देश पर प्रदेश में निवेश</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">उद्योगों की स्थापना और जापानीज कंपनियों को नीमराणा में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए बुधवार को जापान एक्सटर्नल ट्रेड आर्गनाइजेशन (जेट्रो) और नाइडेक कंपनी के उच्चाधिकारियों ने अतिरिक्त मुख्य सचिव<span>  </span>वीनू गुप्ता</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">रीको प्रबंध निदेशक श्रीमती अर्चना सिंह और बीआईपी आयुक्त इंद्रजीत सिंह </span><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">के साथ अहम बैठक </span> कर कई विषयों पर विस्तार से चर्चा की।</span></p>
<p><strong><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">जापान और राजस्थान के </span></strong><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi"><strong><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">संबंध </span>बेहतरीन</strong></span><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi"><strong><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi"><strong>:</strong></span></strong> </span><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi"><strong>मुख्य सचिव </strong><br /></span></p>
<p class="MsoNormal"> <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">अतिरिक्त मुख्य सचिव वीनू गुप्ता ने उद्योग भवन में आयोजित इस बैठक में जापान और राजस्थान के संबंधों को बेहतरीन बताते हुए कहा कि प्रदेश में </span>2006<span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi"> में जापानीज इन्वेस्टमेट जोन बनने के साथ से ही जापानी कंपनियों का बेहतर सहयोग मिला है। जापानीज कंपनियों ने प्रदेश में निरंतर निवेश को बढ़ाया है। उन्होंने इन्वेस्ट राजस्थान समिट में भी इसी तरह के सहयोग का आग्रह किया है। </span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi"> नीमराणा में प्रदेश का दूसरा जापान बसता: </span><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">अर्चना सिंह</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">रीको प्रबंध निदेशक अर्चना सिंह ने बताया कि नीमराणा में प्रदेश का दूसरा जापान बसता है। राज्य सरकार जापानीज कंपनियों को निवेश का बेहतर माहौल उपलब्ध कराने के लिए सभी जरूरी आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि बैठक में कंपनियों द्वारा मिले फीडबैक के आधार पर सुविधाओं में विस्तार भी किया जाएगा।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने के लिए भी आश्वस्त किया</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">बीआईपी आयुक्त इंद्रजीत सिंह ने जापानीज प्रतिनिधियों के बातचीत के दौरान वन स्टॉप सॉल्यूशन</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">रिप्स</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">रोड शोज सहित कई विषयों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सौर उर्जा के साथ डाउनस्ट्रीम एनर्जी (पेट्रोकेमिकल) जैसे क्षेत्रों में कार्य कर रही है। उन्होंने कंपनियों से सभी क्षेत्रों में निवेश करने बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने के लिए भी आश्वस्त किया।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">जापानीज कंपनियों के साथ </span>500 </strong><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi"><strong>करोड़ रुपए से ज्यादा के एमओयू होना प्रस्तावित</strong> </span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">बैठक में जेट्रो (नई दिल्ली) के चीफ डायरेक्टर जनरल<span>  </span>यासुयूकी मुराहाशी</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">सीनियर इन्वेस्टमेंट एडवाइजर<span>  </span>टोमोयूकि हतानो</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">असिटेंट डायरेक्टर गौरव शर्मा व नाइडेक इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (नीमराणा) के मैनेजिंग डायरेक्टर केईजी ओशिमा</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">कंपनी सेकेट्ररी<span>  </span>लोकेश तनेजा और<span>  </span>अभिषेक त्यागी ने विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की और सुझाव भी दिए। गौरतलब है कि इनवेस्ट राजस्थान समिट में जापानीज कंपनियों के साथ </span>500 <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">करोड़ रुपए से ज्यादा के एमओयू होना प्रस्तावित हैं।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 25 May 2022 17:07:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>बैंक ऑफ बड़ौदा की रिपोर्ट: बड़ी कंपनियों की एसेट्स बढ़ी और छोटी की घटी</title>
                                    <description><![CDATA[एमएसएमई पर कोरोना के दुष्प्रभाव]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/bank-of-baroda-report-large-companies-assets-increased-and-small-ones-decreased/article-10213"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/msme-new.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कारोबार तेजी से बड़ी कंपनियों के बीच सिमट रहा है। दूसरी ओर मध्यम और छोटी कंपनियों के फिक्स्ड एसेट घट रहे हैं। 2021-22 की पहली छमाही में सूक्ष्म, लघु और मध्यम (एमएसएमई) श्रेणी की 1,467 कंपनियों के फिक्स्ड एसेट 1,547 करोड़ रुपए घटे हैं। इसी अवधि में 774 बड़ी कंपनियों ने फिक्स्ड एसेट्स में 21,605 करोड़ रुपए का निवेश किया।<br /><br /><span style="color:#ff6600;"><strong>शीर्ष कंपनियों का निवेश 24,786 करोड़ रुपए</strong> </span><br />पहली छमाही में टॉप.10 कंपनियों का कॉर्पोरेट इन्वेस्टमेंट कुल कॉर्पोरेट इन्वेस्टमेंट से ज्यादा रहा। उन्होंने 24,786 करोड़ रुपए निवेश किए। 35 अन्य कंपनियां ऐसी हैं, जिनमें हर कंपनी ने 100 करोड़ रुपए से अधिक रकम निवेश की है। यह जानकारी बैंक आॅफ  बड़ौदा की ताजा रिपोर्ट से सामने आई है।<br /><br /><br /><span style="color:#ff6600;"><strong>क्रूड, ऑटोमोबाइल सेक्टर्स में अधिक निवेश</strong> </span><br />यह रिपोर्ट बैंक की इकोनॉमिस्ट दीपान्विता मजूमदार ने तैयार की है। इसके मुताबिक 33 में से 18 उद्योगों ने एसेट में निवेश बढ़ाया है। इनकी संपत्ति में 24,000 करोड़ रुपए का इजाफा हुआ। कंपनियों के निवेश में सबसे अधिक हिस्सेदारी क्रूड आॅयल, आॅटोमोबाइल, ईंधन और इंडस्ट्रियल गैसों की है। कैमिकल्स, टेलीकॉम, कंस्ट्रक्शन और माइनिंग जैसे उद्योग क्षेत्रों का निवेश भी उल्लेखनीय रहा है। वहीं लॉजिस्टिक्स, टेक्सटाइलए आयरन व स्टील व एंटरटेनमेंट और इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसे उद्योग क्षेत्रों में निवेश घटा है।<br /><br /><span style="color:#ff6600;"><strong>एमएसएमई पर कोरोना के दुष्प्रभाव</strong></span><br />वित्त वर्ष 2021-22 की अप्रैल से सितंबर छमाही में एमएसएमई उद्योगों का प्रदर्शन कमजोर रहा। यह क्षेत्र महामारी के दुष्प्रभाव से निकलने के लिए संघर्ष कर रहा है। माइक्रो श्रेणी के 364 उद्यमों में 111 करोड़ का निवेश घटा। निवेश में उल्लेखनीय गिरावट एविएशन, हॉस्पिटैलिटी, एजुकेशन और एंटरटेनमेंट सेक्टर में आई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 22 May 2022 12:17:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तेल कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल के दामों में फिर की बढ़ोतरी  </title>
                                    <description><![CDATA[देश में तेल विपणन करने वाली कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल के दामों में फिर बढ़ोतरी कर दी। बीते 14 दिनों में तेल कंपनियां ने 12वें दिन ईंधन के दाम बढ़ाए हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/oil-companies-hike-petrol-and-diesel-prices-again/article-7302"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/656464.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। देश में तेल विपणन करने वाली कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल के दामों में फिर बढ़ोतरी कर दी। बीते 14 दिनों में तेल कंपनियां ने 12वें दिन ईंधन के दाम बढ़ाए हैं। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल-डीजल के दामों में 40-40 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोत्तरी की गयी। इस वृद्धि के बाद दिल्ली में पेट्रोल 103.81 रुपये  प्रति लीटर और डीजल के 95.07 रुपये प्रति लीटर के दाम से बिक रहा है। मुंबई में हुयी वृद्धि के साथ पेट्रोल की कीमत 118.83 रुपए प्रति लीटर और डीजल के दाम 103.07 रुपये प्रति लीटर पर है।</p>
<p>रूस के यूक्रेन पर हमला करने के कारण वैश्विक स्तर पर तेल और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति बाधित होने की आशंका में इनकी कीमतों में उछाल आया है। वैश्विक स्तर पर भले ही कच्चे तेल के दाम 100 डालर प्रति बैरल के करीब आ गए है, लेकिन देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में उछाल जारी है। देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें 137 दिनों की स्थिरता के बाद 22 मार्च से बढ़नी शुरू हुई हैं। कंपनियों ने 2 दिन छोड़कर हर दिन पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाए हैं। बाजार में  कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उतार-चढाव देखने को मिल रहा है। लंदन ब्रेंट क्रूड 0.20 प्रतिशत से बढ़कर 104.60 डालर प्रति बैरल पर और अमेरिकी क्रूड 0.18 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 99.45 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है। उल्लेखनीय है कि पेट्रोल-डीजल के मूल्यों की नित्य प्रतिदिन समीक्षा होती है और उसके आधार पर प्रतिदिन सुबह छह बजे से नयी कीमतें लागू की जाती हैं।<br /><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 04 Apr 2022 11:27:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>लगातार दूसरे दिन गिरा शेयर बाजार</title>
                                    <description><![CDATA[वैश्विक बाजार के कमजोर संकेत से हतोत्साहित निवेशकों की स्थानीय स्तर पर एक्सिस बैंक, रिलायंस, कोटक बैंक, एयरटेल समेत 20 कंपनियों में हुई बिकवाली के दबाव में शेयर बाजार आज लगातार दूसरे दिन भी गिर गया लेकिन सेंसेक्स 60 हजार अंक से ऊपर टिकने में सफल रहा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/6194e4d67968a/article-2478"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/sensex_down1.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई। वैश्विक बाजार के कमजोर संकेत से हतोत्साहित निवेशकों की स्थानीय स्तर पर एक्सिस बैंक, रिलायंस, कोटक बैंक, एयरटेल समेत 20 कंपनियों में हुई बिकवाली के दबाव में शेयर बाजार आज लगातार दूसरे दिन भी गिर गया लेकिन सेंसेक्स 60 हजार अंक से ऊपर टिकने में सफल रहा।<br />  </p>
<p>बीएसई का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 314.04 अंक लुढ़ककर 60,008.33 अंक और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 113.40 अंक गिरकर 17,885.80 अंक पर रहा। बड़ी और मझौली कंपनियों के विपरीत छोटी कंपनियों में लिवाली हुई। मिडकैप 0.21 फीसदी टूटकर 26,360.61 अंक जबकि स्मॉलकैप 0.05 प्रतिशत की मामूली बढ़त लेकर 29,243.64 अंक पर रहा। बीएसई में कुल 3464 कंपनियों के शेयरों में कारोबार हुआ, जिनमें से 1853 गिरावट जबकि 1495 बढ़त में रहे वहीं 116 में कोई बदलाव नहीं हुआ। एनएसई में 35 लाल जबकि 15 हरे निशान पर रहे।<br /> <br /> इस दौरान एफएमसीजी, हेल्थकेयर, यूटिलिटीज, ऑटो और पावर समूह की 0.63 प्रतिशत तक की तेजी को छोड़कर शेष अन्य समूह लाल निशान पर रहे। बेसिक मैटेरियल्स 0.62, ऊर्जा 1.78, वित्त 0.63, दूरसंचार 1.02, बैंङ्क्षकग 0.79, कैपिटल गुड्स 0.30, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 0.42, धातु 0.33, तेल एवं गैस 1.39 और रियल्टी समूह के शेयर 1.79 प्रतिशत लुढ़क गये।<br />  </p>
<p>अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर गिरावट का रुख रहा। इस दौरान ब्रिटेन का एफटीएसई 0.35 प्रतिशत, जापान का निक्केई 0.40 प्रतिशत और हांगकांग का हैंगसैंग 0.25 प्रतिशत गिर गया जबकि जर्मनी का डैक्स 0.12 प्रतिशत और चीन के शंघाई कंपोजिट में 0.44 प्रतिशत की तेजी रही।<br /> <br /> सेंसेक्स करीब 142 अंक टूटकर 60,179.93 अंक पर खुला लेकिन लिवाली के बल पर यह 60,426.61 अंक के उच्चतम स्तर पर पहुंचा। बिकवाली के दबाव में यह 59,944.77 अंक के निचले स्तर तक फिसल गया लेकिन अंतिम समय में निवेशकों की धारण मजबूत होने से यह पिछले सत्र के 60,322.37 अंक के मुकाबले 0.52 प्रतिशत लुढ़कने के बावजूद 60 हजार अंक के मनोवैज्ञानिक स्तर से ऊपर 60,008.33 अंक पर टिकने में कामयाब रहा। निफ्टी भी लगभग 60 अंक फिसलकर 17,939.35 अंक पर खुला और सत्र के दौरान 18,022.65 अंक के उच्चतम और 17,879.25 अंक के न्यूनतम स्तर तक गया। अंत में 17,999.20 अंक की तुलना में 0.56 फीसदी टूटकर 17,898.65 अंक पर आ गया।<br />  </p>
<p>इस दौरान नुकसान उठाने वाली कंपनियों में एक्सिस बैंक 1.95, रिलायंस 1.91, कोटक बैंक 1.51, भारती एयरटेल 1.39, टाइटन 1.20, डॉ. रेड्डी 1.19, एचडीएफसी बैंक 1.09, एचडीएफसी 0.95, टीसीएस 0.88, एचसीएल टेक 0.82, सन फार्मा 0.78, टाटा स्टील 0.72, बजाज ऑटो 0.72, ङ्क्षहदुस्तान यूनलीवर 0.64, मङ्क्षहद्रा एंड मङ्क्षहद्रा 0.54, आईसीआईसीआई बैंक 0.43, अल्ट्रासिमको 0.24, एलटी 0.19, इंफोसिस 0.14 और नेस्ले इंडिया 0.02 प्रतिशत शामिल हैं।<br /> <br /> वहीं, मारुति 2.77, एशियन पेंट 2.47, पावरग्रिड 2.08, आईटीसी 1.68, एनटीपीसी 1.68, इंडसइंड बैंक 1.21, टेक महिंद्रा 1.12, एसबीआई 0.64, बजाज फाइनेंस 0.60 और बजाज फिनसर्व ने 0.31 प्रतिशत का मुनाफा कमाया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Nov 2021 17:52:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एक्शन में मोदी सरकार : खराब काम तो सड़क निर्माण कंपनियों पर होगी कार्रवाई : जुर्माना से ठेका रद्द</title>
                                    <description><![CDATA[नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के शुरू होने से लेकर निर्माण कार्य और रख-रखाव कार्यों तक के लिए समय सीमा तय कर दी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%8F%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B6%E0%A4%A8-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A5%8B%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0---%E0%A4%96%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%AC-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%AE-%E0%A4%A4%E0%A5%8B-%E0%A4%B8%E0%A5%9C%E0%A4%95-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A3-%E0%A4%95%E0%A4%82%E0%A4%AA%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%88---%E0%A4%9C%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%A0%E0%A5%87%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B0%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%A6/article-1508"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/sadak-nirman.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। सड़क परिवहन मंत्री नितिन गड़करी की मंशा से अब देश में अच्छी सड़कों को लेकर केंद्र की मोदी सरकार एक्शन में नजर आ रही है। दरअसल केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के शुरू होने से लेकर निर्माण कार्य और रख-रखाव कार्यों तक के लिए समय सीमा तय कर दी है। सड़क निर्माण कंपनियों ने परियोजना करार के प्रावधानों के अनुसार, काम पूरा नहीं किया तो उनको गैर निष्पादक अर्थात समय पर कार्य पूरा नहीं करने वाले घोषित कर दिये जाएगा। इसके लिए बाकायदा मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) को लागू कर दिया गया है। नई व्यवस्था में कंपनियों पर जुर्माना लगाने से लेकर ठेका रद्द किया जा सकेगा। इस कवायद का मकसद हर हाल में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना को समय पर पूरा करना है। एसओपी से निर्माण कंपनियों पर प्रत्येक चरण में नजर रखी जा सकेगी और करार की शर्तों के मुताबिक, काम पूरा नहीं करने पर उनको गैर निष्पादक घोषित किया जा सकेगा। कंपनी का प्रदर्शन सुधरने पर ‘ठप्पा’ हटाया जा सकेगा। मंत्रालय का दावा है कि इससे राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं पर तेजी से काम होगा और परियोजनाएं समय पर पूरा होंगी।<br /> <span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><strong><br /> गलती पर ये होगी कार्रवाई</strong></span></span><br /> बता दे कि घटिया निर्माण से ढांचा गिरने अथवा क्षतिग्रस्त राजमार्ग से जानमाल का नुकसान पर आर्थिक दंड लगाया जाएगा और एक साल का प्रतिबंध लगाया जाएगा। कंपनी की टीम के प्रमुख अधिकारी पर तीन साल के लिए पद से हटा दिया जाएगा। इसमें अधिकारी निर्माण कंपनी का ठेका रद्द कर सकते हैं। हालांकि, इसके पूर्व कंपनी को नोटिस दिया जाएगा और अपनी बात रखने का मौका भी मिलेगा।</p>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Fri, 08 Oct 2021 11:20:32 +0530</pubDate>
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