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                <title>chambal bridge - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>असर खबर का: चम्बल पुलिया समेत शहर के सभी मुख्य मार्गों पर शुरू हुआ सड़कों का पेचवर्क</title>
                                    <description><![CDATA[बुधवार सुबह से रात तक शहर के मुख्य मार्गों पर गड्ढे भरने और डामर पैचवर्क का काम हुआ शुरु]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-the-report--road-patchwork-initiated-on-all-major-city-routes--including-the-chambal-bridge/article-163974"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/1200-x-60-px)-(youtube-thumbnail)-(3)8.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। चम्बल की बड़ी पुलिया हो या एरोड्राम चौराहा जैसे हाइवे। या फिर,  थर्मल चौराहा समेत शहर के अन्य मुख्य मार्ग। अब बरसात के समय में इन सड़कों पर वाहन चालकों को न तो हिचकोले खाने पड़ेंगे और हादसों से भी राहत मिलेगी। यह संभव हुआ है इन सभी जगहों की सड़कों के पेचवर्क का काम शुरू होने से। कोटा विकास प्राधिकरण की ओर से नयापुरा स्थित चम्बल की बड़ी पुलिया पर डामर उखडऩे से हुए बड़े-बड़े गड्ढ़ों को सही करने का काम शुरू कर दिया है। गड्ढ़ों वाली जगह पर उखड़े डामर को हटाकर उसके स्थान पर नया मलबा डाला जा रहा है। साथ ही उन गड्ढ़ों को भरकर पेचवर्क किया जा रहा है। दिन में इस पुलिया पर ट्रैफिक अधिक होने से यहां रात के समय काम किया गया। जिससे न तो काम करने वालों को परेशानी हो और न ही वहां से निकलने वाले ट्रैफिक में व्यवधान हो।</p>
<p>हालांकि यहां सड़क अधिक खराब होने से उसे सही करने में समय लग सकता है। लेकिन एक बार काम शुरू हो गया तो जल्दी ही पूरी सड़क सही हो जाएगी। इसी तरह से शहर के बीचों बीच स्थित झालावाड़ रोड हाइवे एरोड्राम चौराहे पर टावर ऑफ लिबर्टी के पास सी सड़कों को भी दिन के समय सही किया जा रहा था। यहां भी दिन के समय भारी ट्रैफिक का दबाव रहता है। उसके बाद भी यहां सड़क के उखड़े डामर को हटाकर नया मलबा डालकर गड्ढ़ों को भरने व पेचवर्क करने का काम किया गया।</p>
<p><strong>यहां भी सुधारी सड़कें</strong><br />केवल इन दो जगहों पर ही नहीं। शहर में सकतपुरा स्थित थर्मल चौराहे पर भी सुबह से देर शाम तक गड्ढ़ों को सही करने का काम किया गया। यहां भी कई दिन से गड्ढ़े होने पर उनमें बरसाती पानी भर रहा था। महाराणा प्रताप सर्किल कुन्हाड़ी हो या बारां रोड। शहर के अन्य सभी जगहों पर एक साथ ही काम शुरू किया गया है। जिससे आगामी दिनों में बरसात के समय ये गड्ढ़े वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण नहीं बन सके।</p>
<p><strong>नवज्योति ने किया था मामला प्रकाशित</strong><br />गौरतलब है कि एक ही बरसात में शहर की सड़कों की हालत खराब होने का मामला दैनिक नवज्योति ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। समाचार पत्र में बुधवार के अंक में पेज तीन पर' गड्ढ़े लगा सकते हैं जिंदी पर ब्रेक शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें चम्बल की बड़ी पुलिया, एरोड्राम चौराहा, थर्मल चौराहा, महाराणा प्रताप सर्किल समेत कई अन्य जगहों की सड़कों के गड्ढ़ों से आमजन व वाहन चालकों को हो रही परेशानी व हादसों की संभावना जताई थी। समाचार प्रकाशित होते ही केडीए अधिकारी हरकत में आए। उन्होंने तुरंत अभियंताओं व संवेदकों को सड़कों के गड्ढ़े सही करने के लिए पाबंद किया। हालत यह है कि बुधवार को सुबह से रात तक सभी मुख्य मार्गो पर सड़कों की मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया ।</p>
<p><strong>काम शुरू किया है, जल्दी सही कर देंगे</strong><br /> शहर में चम्बल पुलिया व एरोड्राम चौराहा समेत सभी मुख्य मार्गों के गड्ढ़ों को सही करने का काम शुरू कर दिया है। एक साथ सभी जगह पर काम करवाए जा रहे हैं। जहां काम कम है वहां उन्हें जल्दी सही कर दिया जाएगा। जहां अधिक समस्या है वहां समय लग सकता है लेकिन सभी गड्ढ़ों को जल्दी सही कर दिया जाएगा। इस संबंध में संबंधित अभियंताओं व संवेदकों को पाबंद किया गया है।<br /><strong>-मुकेश कुमार चौधरी ,सचिव कोटा विकास प्राधिकरण</strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 27 Aug 2026 14:05:17 +0530</pubDate>
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                <title>चम्बल पुलिया को बारिश दे गई गड्ढ़ों के जख्म, बरसात में पानी भरने पर हादसों का खतरा अधिक</title>
                                    <description><![CDATA[दोनों पुुलियाओं पर हो रहे बड़े-बड़े गड्ढ़े।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/rain-has-left-chambal-bridge-with-pothole-wounds/article-119426"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/rt112roer-(4)3.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। मानसून की शुरुआत से ही शहर में हो रही लगातार बरसात से जहां सड़कों की हालत खराब हो रही है। वहीं चम्बल की दोनों बड़ी पुुलियाओं पर भी बड़े-बड़े गड्ढ़े हो गए हैं। साथ ही एक पुलिया तो आधी से अधिक उखड़ी हुई है। जिससे बरसात में उन गड्ढ़ों में पानी भरने पर हादसों का खतरा बना हुआ है। नयापुरा से नदी पार और बूंदी व जयपुर आने-जाने के लिए चम्बल नदी पर दो बड़ी पुलियाएं बनाई गई है। एक नयापुरा से बूंदी रोड पर जाने के लिए और दूसरी उधर से नयापुरा की तरफ आने के  लिए। हालांकि पुरानी बड़ी पुलिया सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधीन है और बूंदी रोड से नयापुरा आने वाली नई पुलिया कोटा विकास प्राधिकरण के अधीन। हालत यह है कि शहर में लगातार हो रही बरसात से जहां सड़कों पर गड्ढ़े हो रहे है। वहीं चम्बल की दोनों बड़ी पुलियाओं की हालत भी खराब हो गई है। </p>
<p><strong>बरसात में पानी भरने पर हादसों का खतरा अधिक</strong><br />वाहन चालकों का कहना है कि हाइवे होने से पुलिया की सड़क सही होनी चाहिए। लेकिन जिस तरह से पुलिया का डामर उखड़ा हुआ है और गिट्टी फेली हुई है। उससे वाहनों के स्लिप होने का खतरा बना हुआ है। वहीं बरसात में इन गड्ढ़ों में पानी भरने पर गड्ढ़े नजर नहीं आने से अचानक व तेजी से आने वाले वाहनों के उनमें उछलने पर हादसों का खतरा अधिक बना हुआ है। </p>
<p><strong>आधी से अधिक उखड़ी पुलिया</strong><br />बूंदी रोड से नयापुरा की तरफ आने वाली पुलिया  पर डामर हो रहा है। लेकिन हालत यह है कि पुलिया का आधा हिस्सा बीच में एक तरफ से पूरा उखड़ा हुआ है। जिससे पुलिया से वाहनों के निकलने की बहुत कम जगह बची है। ऐसे में वहां से तेजी से गुजरते वाहन का संतुलन बिगड़ने का खतरा बना हुआ है। </p>
<p><strong>एक पुलिया सीसी, फिर भी गड्ढ़े</strong><br />नयापुरा से बूंदी रोड पर जाने वाली पुरानी पुलिया पर अधिकतर सीसी हो रहा है। लेकिन पुलिया चढ़ने से लेकर बीच-बीच में इतने बड़े गड्ढ़े हो रहे हैं कि यहां से वाहनों को निकलते समय उनसे बचने में इतनी मशक्कत करने पड़ रही है कि पीछे से आने वाले वाहनों से दुर्घटना होने का खतरा बना हुआ है। पुुलिया के आखरी हिस्से पर भी गड्ढ़े हो रहे है। कोटा-बूंदी रोड हाइवे होने से इस पुलिया से बड़े व भारी वाहन भी दिन व रात में निकलते हैं। जिससे यहां हादसों का खतरा बना हुआ है। </p>
<p><strong>गत वर्ष किया था पेचवर्क</strong><br />नयापुरा चौराहा व्यापार संघ के अध्यक्ष डॉ. डी.के. शर्मा का कहना है कि पुलिया पर पिछले साल भी काफी गड्ढ़े हो गए थे। केडीए की ओर से उस समय पेचवर्क कर गड्ढ़े भरे गए थे। लेकिन इस बार अभी तो बरसात शुरु ही हुई है। दो से तीन माह बरसात होगी। पुलिया के गड्ढ़े हादसों का कारण बन रहे हैं। रात का अंधेरा व बरसात में गड्ढ़ों में भरा पानी कई लोगों की जान भी ले सकता है। व्यापारी महेश आहूजा ने बताया कि गत वर्ष भी इसी पुलिया पर गड्ढ़े में बाइक गिरने पर पीछे से आ रहा ट्रक बाइक सवार महिला पर चढ़ गया था। जिससे उसकी मौत हो गई थी। यदि समय रहते पुलिया को सही नहं किया गया तो फिर से बड़ा हादसा होने का खतरा बना हुआ है। </p>
<p><strong>दोनों पुलियाओं पर मवेशियों का जमघट</strong><br />बालिता निवासी महेश नागर का कहना है कि एक तरफ तो दोनों बड़ी पुलियाओं पर गड्ढ़े हो रहे हैं। बरसात में इन गड्ढ़ों में पानी भरने पर हादसों का खतरा तो है ही। साथ ही दोनों पुलियाओं पर दिन के समय ही नहीं रात  में भी मवेशियों का जमघट लगा रहता है। ऐसे में वाहन चालक गड्ढ़ों से वाहन बचाकर निकाले तो मवेशियों से टकराकर दुर्घटना का खतरा बना हुआ है।</p>
<p><strong>बैराज से पानी छोड़ने पर छोटी पुलिया रहती है बंद</strong><br />कुन्हाड़ी निवासी नवल हाड़ा का कहना हैै कि बरसात अधिक होने या बैराज से पानी छोड़ने पर रियासतकालीन छोटी पुुलिया पर पानी आने से उसे बंद कर दिया जाता है। ऐसे में बड़ी पुलिया ही आवागमन का माध्यम रहती है। ऐसे  में यदि उस पर ही गड्ढ़े होंगे तो हादसों का खतरा तो रहेगा ही। केडीए अधिकािरयों को चाहिए कि जब बरसात कम हो या बंद हो तो बड़े गड्ढ़ों को सही करवाना चाहिए। </p>
<p><strong>बरसात कम होने पर करवाएंगे पेचवर्क</strong><br />केडीए अधिकारियों का कहना है कि डामर होने से बरसात में पानी भरने पर वह हर बार उखड़ जाता है। समय-समय पर उनकी मरम्मत करवाई जाती है। इस बार भी बरसात थमने पर पेचवर्क करवा दिया जाएगा। इसकी प्रक्रिया की जा रही है। शीघ्र ही यह काम कर दिया जाएगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 04 Jul 2025 15:43:51 +0530</pubDate>
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