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                <title>arunachal pradesh - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>सरकारी ठेकों के मामले में अरूणाचल सीएम खांडू का सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका : सीबीआई जांच के आदेश, पढ़ें पूरा मामला</title>
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                        <![CDATA[अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने उनके परिवार से जुड़ी कंपनियों को 1,270 करोड़ रुपये के सरकारी ठेके देने के आरोपों की CBI जांच का निर्देश दिया है। 2015 से 2025 के बीच हुई अनियमितताओं की जांच 16 हफ्तों में पूरी होगी, जिससे राज्य की राजनीति में हड़कंप मच गया है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/arunachal-pradesh-cm-khandu-gets-a-big-blow-from-the/article-149260"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/pema-khandu.png" alt=""></a><br /><p>अरूणाचल प्रदेश। अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू पर मुश्किलों के बादल मंडराने लगे है क्योंकि सरकारी ठेका आवंटन से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उनको बड़ा झटका दिया है। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने उनके परिवार से जुड़ी कंपनियों को सरकारी ठेके देने के आरोपों की जांच के लिए सीबीआई को निर्देश जारी किए हैं। बता दें कि यह विवाद करीब 1,270 करोड़ रुपये के ठेकों में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है, जिसमें सीएम पेमा खांडू परिवार की चार कंपनियों के शामिल होने का आरोप है। </p>
<p>सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने और जांच एजेंसी के साथ पूरा सहयोग करने का आदेश जारी किया है और साथ ही मुख्य सचिव को समन्वय के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने का भी आदेश दिया है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि किसी भी तरह का रिकॉर्ड नष्ट नहीं होना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, सीबीआई नवंबर 2015 से 2025 के बीच दिए गए ठेकों और उनके क्रियान्वयन की प्रक्रिया की भी शुरूआत से जांच करेगी। कोर्ट ने आगे कहा कि इस दौरान सीबीआई विशेष रूप से उन मामलों की पड़ताल करेगी, जिनमें याचिकाकर्ताओं ने अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। </p>
<p>इसके लिए सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को एक सप्ताह के भीतर आदेश का पालन करने का भी आदेश जारी किया है। याचिका में दावा किया गया है कि इस अवधि में करीब 1,245 करोड़ रुपये के ठेके मुख्यमंत्री की पत्नी, माता और भतीजे से जुड़ी फर्मों को बिना उचित प्रक्रिया के दिए गए। इस याचिका में तवांग से विधायक त्सेरिंग ताशी की कंपनी का भी नाम शामिल है। कोर्ट ने सीबीआई को 16 सप्ताह के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट देने के लिए कहा है, जिससे यह तय किया जा सके कि आगे स्वतंत्र जांच की आवश्यकता है या नहीं।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Apr 2026 14:28:53 +0530</pubDate>
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                <title>अरुणाचल सीमा के पास चीन ने सिचुआन में गुप्त परमाणु अड्डे को किया अपग्रेड, तेजी से बना रहा परमाणु हथियार </title>
                                    <description>
                        <![CDATA[सैटेलाइट तस्वीरों के अनुसार चीन अरुणाचल सीमा के पास सिचुआन में परमाणु ठिकानों का तेजी से विस्तार कर रहा है। 2030 तक चीन के पास 1,000 से अधिक परमाणु वारहेड होने का अनुमान है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/china-upgrades-secret-nuclear-base-in-sichuan-near-arunachal-border/article-143590"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/china.png" alt=""></a><br /><p>बीजिंग। चीन ने अरुणाचल प्रदेश की सीमा के नजदीक अपने परमाणु हथियार कार्यक्रम का तेजी से विस्तार कर रहा है। इसका खुलासा द न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट से हुआ है। इसमें सैटेलाइट इमेजरी का विश्लेषण कर बताया गया है कि दक्षिण-पश्चिमी सिचुआन प्रांत में चीन के न्यूक्लियर हथियार प्रोग्राम का तेजी से विस्तार हो रहा है। इमेजरी से पता चलता है कि अरुणाचल प्रदेश से लगभग 800 किलोमीटर दूर कई न्यूक्लियर-लिंक्ड साइट्स पर लगातार कंस्ट्रक्शन और मॉडर्नाइजेशन का काम किया जा रहा है। इससे भविष्य में भारत की चिंता बढ़ने की आशंका है, क्योंकि चीन अरुणाचल प्रदेश पर अधिकार का दावा करता है।</p>
<p><strong>परमाणु हथियारों के मामले में दुनिया का तीसरा बड़ा देश</strong></p>
<p>चीन अपने परमाणु हथियारों के भंडार को तेजी से बढ़ा रहा है। पिछले 10 वर्षों में चीन परमाणु हथियारों के मामले में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा देश बन गया है। अनुमान के मुताबिक, 2026 की शुरूआत तक चीन के परमाणु वॉरहेड्स की संख्या लगभग 600 होगी, जो सिर्फ रूस और अमेरिका से पीछे है। रूस के पास लगभग 5,400 वॉरहेड्स हैं और अमेरिका के पास 5,100 से 5,200 के बीच वारहेड्स हैं। पेंटागन का अनुमान है कि वर्ष 2030 तक चीन के पास 1000 से अधिक परमाणु वारहेड्स होंगे।</p>
<p><strong>सिचुआन में चीन की नापाक चाल का खुलासा</strong></p>
<p>द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, चीन सिचुआन में स्थित परमाणु फैसिलिटी को तेजी से अपग्रेड कर रहा है। इस फैसिलिटी की शुरूआत छह दशक पहले शीत युद्ध के दौरान हुई थी। इसे चीन के पहले तानाशाह माओत्से तुंग के थर्ड फ्रंट प्रोग्राम के तहत बनाया गया था, ताकि जरूरी रक्षा उद्योग को सुरक्षा की दृष्टि से कमजोर तटीय इलाकों से हटाकर पहाड़ी इलाकों में शिफ्ट किया जा सके। इसका मकसद अमेरिका या उस समय के सोवियत यूनियन के हमलों की हालत में तबाही के खतरे को कम करना था। इस पहल के तहत, दक्षिण-पश्चिमी चीन की दूर-दराज की घाटियों में न्यूक्लियर प्रोडक्शन फैसिलिटीज, लैबोरेटरी और सपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर बनाए गए।</p>
<p><strong>परमाणु फैसिलिटी को अपग्रेड कर रहा चीन</strong></p>
<p>पिछले दो दशकों में खासकर 2019 के बाद से चीन ने कई परमाणु फैसिलिटी पर कंस्ट्रक्शन के काम तेज किए हैं और इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड किया है। इसे चीन की राष्ट्रीय सुरक्षा नीति में परमाणु हथियारों की बढ़ती भूमिका का संकेत माना जा रहा है। </p>
<p><strong>भारत की सुरक्षा को खतरा </strong></p>
<p>अरुणाचल प्रदेश के पास चीन के परमाणु फैसिलिटी के अपग्रेडेशन से भारत की चिंता बढ़ सकती है। भारत और चीन में पुराना सीमा विवाद है। चीन लगातार अरुणाचल प्रदेश पर दावा जताता रहता है। ऐसे में अरुणाचल प्रदेश के पास चीन के परमाणु हथियारों के निर्माण और मौजूदगी से भारत की सुरक्षा को खतरा हो सकता है। </p>]]>
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                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 18 Feb 2026 11:13:28 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
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            <item>
                <title>भारत के 4 पड़ोसी देशों में सैन्य अड्डा बनाना चाहता है चीन, अमेरिका ने दी चेतावनी</title>
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                        <![CDATA[ अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) की 'चाइना मिलिट्री पावर 2025' रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि चीन पाकिस्तान और बांग्लादेश सहित करीब 20 देशों में सैन्य ठिकाने बनाने की योजना बना रहा है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/china-wants-to-build-military-bases-in-4-neighboring-countries/article-137131"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/china-and-us.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने अपनी एक सालाना रिपोर्ट में भारत के 4 पड़ोसी देशों में चीन सैन्य तैयारी को लेकर एक डराने वाली रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में पेंटागन ने खुलासा किया है कि पाकिस्तान के ग्वादर में नेवल बेस बना रहा चीन अब बांग्लादेश में भी सैन्य ठिकाना बनाने पर विचार कर रहा है। अमेरिकी रिपोर्ट में कहा गया है कि चीनी सेना पीएलए बहुत सक्रियता के साथ अतिरिक्त सैन्य सुविधाओं को बढ़ाने पर विचार रही है ताकि जमीनी सेना की मदद से नौसैनिक और हवाई ताकत का प्रदर्शन किया जा सके। इन देशों में पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश के अलावा करीब एक दर्जन अन्य देश शामिल हैं। इसी रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन ने अब तक पाकिस्तान को 20 जे-10 सी फाइटर जेट दिए हैं।</p>
<p>पेंटागन ने कहा है कि चीन अंगोला, बांग्लादेश, म्यांमार, क्यूबा, गिनी, इंडोनेशिया, केन्या, मोजांबिक, नामिबिया, नाइजीरिया, पाकिस्तान, पापुआ न्यू गिनी, सेशेल्स, सोलोमन द्वीप समूह, श्रीलंका, ताजिकिस्तान, थाईलैंड, यूएई और वनाअतू में सैन्य सुविधा केंद्र बनाना चाहता है। पीएलए की सबसे ज्यादा इच्छा मलक्का स्ट्रेट, स्ट्रेट ऑफ होर्मूज और अन्य अफ्रीकी तथा मध्य पूर्व के इलाकों में सैन्य पहुंच बनाने की है। चीन चाहता है कि इन जगहों पर उसका सी लाइन ऑफ कम्यूनिकेशन बना रहे। चीन मलक्का स्ट्रेट को अपना सबसे बड़ा चोक प्वाइंट मानता है जहां अमेरिका और अंडमान? निकोबार द्वीप समूह से भारतीय नौसेना उसे घेर सकते हैं।</p>
<p><strong>चीन और बांग्लादेश में सैन्य संबंध काफी मजबूत</strong></p>
<p>वहीं अमेरिकी रिपोर्ट में कहा गया है कि बांग्लादेश चीन से जे-10 सी फाइटर जेट खरीदने की इच्छा रखता है। यह वही चीनी लड़ाकू विमान है जिसका पाकिस्तान ने भारत के राफेल के खिलाफ इस्तेमाल किया था। बांग्लादेश शेख हसीना के जमाने से ही चीन से अपनी सैन्य दोस्ती को मजबूत कर रहा था। बांग्लादेश चीन के सैन्य वाहनों और वीटी-5 लाइट टैंक का बड़ा ग्राहक है। साल 2024 में चीन ने बांग्लादेश को मिंग क्लास की दो पनडुब्बी और दो युद्धपोत सौंपा था। चीन मोहम्मद यूनुस सरकार आने के बाद पाला बदल चुका है और उनको खुलकर अपना समर्थन दे रहा है। अमेरिकी रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत और चीन के बीच तनाव चल रहा है और इसी दौरान बीजिंग पाकिस्तान के साथ अपने सैन्य संबंधों को ज्यादा मजबूत कर रहा है। इसमें कहा गया है कि चीन भारत के साथ अपने रिश्ते में गर्मजोशी इसलिए बढ़ा रहा है ताकि भारत और अमेरिका में दोस्ती को मजबूत होने से रोका जा सके।</p>
<p>रिपोर्ट के मुताबिक इसी वजह से चीन ने एलएसी पर भारत संग तनाव को कम किया है। बता दें कि पीएम मोदी और शी जिनपिंग के बीच मुलाकात के बाद दोनों देशों के बीच रिश्ते में तनाव कम हुआ है। वीजा सेवाएं फिर से शुरू हो गई हैं। इस रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि अरुणाचल को चीन ने अपने कोर इंटरेस्ट में शामिल किया है जो संप्रभुता से जुड़ी हुई है।</p>]]>
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                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 25 Dec 2025 11:43:58 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
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                <title>अरुणाचल भारत का हिस्सा : चीन ने भारतीय ब्लॉगर को लिया हिरासत में, 15 घंटे पानी भी नहीं दिया </title>
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                        <![CDATA[चीन ने अरुणाचल प्रदेश को भारत का हिस्सा बताने पर भारतीय ब्लॉगर अनंत मित्तल को करीब 15 घंटे हिरासत में रखा। उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किए जाने का आरोप है। यह घटना 16 नवंबर 2025 को हुई। इससे पहले भी अरुणाचल की एक भारतीय महिला को शंघाई एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया गया था।
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/arunachal-is-part-of-india-china-detained-indian-blogger-and/article-137120"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/1200-x-600-px-(6)4.png" alt=""></a><br /><p>बीजिंग। अरुणाचल प्रदेश को भारत का हिस्सा बताने पर चीन में भारतीय ब्लॉगर अनंत मित्तल को करीब 15 घंटे तक हिरासत में रखा गया। इस दौरान उसे खाना और पानी नहीं देकर मानसिक तौर पर प्रताड़ित किया गया। अरुणाचल को लेकर पिछले एक महीने में यह दूसरी बार है जब चीन ने बदमाशी की है। इससे पहले अरुणाचल प्रदेश की रहने वाली एक भारतीय नागरिक को शंघाई एयरपोर्ट पर हिरासत में रखा गया था। भारतीय ब्लॉगर ने एक वीडियो बनाकर अब इसकी जानकारी दी है। उसने कहा है कि चीन के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 15 घंटे से ज्यादा समय तक उसे हिरासत में रखा गया। यह घटना 16 नवंबर 2025 को हुई, जब दिल्ली के रहने वाले ऑन रोड इंडियन नाम के एक यूट्यूबर चीन के लिए निकले और फिर उन्हें हिरासत में रखा गया।</p>
<p>ब्लॉगर अनंत मित्तल के मुताबिक उन्हें इसलिए हिरासत में लिया गया क्योंकि उन्होंने अपने एक ब्लॉग में अरुणाचल प्रदेश का जिक्र किया था, जो भारत का एक अभिन्न अंग है। ब्लॉगर ने उसी महिला का जिक्र किया, जिस शंघाई एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया गया, जो अरुणाचल की रहने वाली थीं। ब्लॉगर का कहना है कि उन्होंने अपने एक वीडियो में उस महिला का समर्थन किया था और अरुणाचल प्रदेश को भारत का हिस्सा बताया था, इसीलिए उन्हें चीन में हिरासत में ले लिया गया था।</p>
<p><strong>भारतीय पासपोर्ट को मान्यता देने से इनकार :</strong></p>
<p>नवंबर में अरुणाचल की रहने वाली एक भारतीय नागरिक को शंघाई के पुडोंग इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन अधिकारियों ने करीब 18 घंटे तक हिरासत में रखा था। उसके भारतीय पासपोर्ट को मान्यता देने से इनकार कर दिया था, क्योंकि उसका जन्मस्थान अरुणाचल प्रदेश था। एक वीडियो जारी करते हुए व्लॉगर ने बताया कि जैसे ही वह इमिग्रेशन काउंटर पर पहुंचा, अधिकारी ने उसका पासपोर्ट जांचा और सिस्टम में कुछ देखने के बाद उस पर एक स्टिकर लगा दिया। इसके बाद अन्य अधिकारियों को बुलाया गया और उसे एक अलग जगह ले जाया गया। ब्लॉगर ने बताया कि वहां पहले दो घंटे तक कोई जानकारी नहीं दी गई, जिससे वह डर गया। बाद में दो चीनी अधिकारी उसे एक अलग कमरे में ले गए, उसके मोबाइल और उसके दूसरे उपकरण जब्त कर लिए। व्लॉगर ने कहा कि उसे शक होने लगा कि अरुणाचल प्रदेश को लेकर उसकी बातों को चीन ने अपने खिलाफ माना है। </p>]]>
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                                                            <category>दुनिया</category>
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                <pubDate>Thu, 25 Dec 2025 11:18:14 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur KD]]>
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                <title>चीन सीमा के पास भारतीय सेना ने बनाई दुनिया की सबसे ऊंची सैन्य मोनो रेल</title>
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                        <![CDATA[अरुणाचल प्रदेश की 16,000 फीट ऊंची कामेंग घाटी में भारतीय सेना के गजराज कोर ने देसी तकनीक से हाई-एल्टीट्यूड मोनो रेल सिस्टम तैयार किया है। यह 300 किलो तक सामान और घायल सैनिकों को सुरक्षित पहुंचा रहा है। कठिन मौसम और दुर्गम इलाकों में यह सिस्टम सैन्य लॉजिस्टिक्स को मजबूत बना रहा है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/indian-army-builds-worlds-highest-military-monorail-near-china-border/article-132471"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/500-px)-(5)2.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। अरुणाचल प्रदेश में हिमालय की कामेंग घाटी में 16,000 फुट की ऊंचाई पर काम करना किसी साहसिक मिशन जैसा है। यहां खड़ी चट्टानें, अनिश्चित मौसम और बेहद ठंडक सप्लाई लाइनों को तोड़ देती हैं, बफीर्ले तूफानों में आगे की चौकियां कई दिनों तक कट जाती हैं। पारंपरिक ट्रांसपोर्ट जैसे खच्चर या पैदल मार्ग नाकाम साबित होते हैं।</p>
<p>भारतीय सेना के गजराज कोर ने इस चुनौती को स्वीकार किया। एक अनोखा हाई एल्टीट्यूड मोनो रेल सिस्टम तैयार किया। यह पूरी तरह देसी तकनीक पर बना है, जो अब 16000 फीट पर काम कर रहा है और लॉजिस्टिक्स को बदल रहा है। गजराज कोर, जो पूर्वोत्तर सीमा की रक्षा करता है। इसने इस सिस्टम को खुद डिजाइन किया। बनाया और लगाया है। यह सिस्टम एक बार में 300 किलो से ज्यादा सामान ले जा सकता है। दूर-दराज चौकियों के लिए यह जोड़ने का धागा बन गया है, जहां कोई दूसरा रास्ता नहीं है. बर्फ से ढकी चोटियां और खतरनाक ढलान अब समस्या नहीं।</p>
<p><strong>सिर्फ सप्लाई ही नहीं, घायलों को बचाव का जरिया</strong></p>
<p>इस सिस्टम का फायदा सिर्फ सामान पहुंचाने तक सीमित नहीं। यह घायल सैनिकों को तेजी से निकालने का भी काम कर रहा है। ऊंचाई पर हेलिकॉप्टर हमेशा नहीं उड़ सकते। पैदल निकालना धीमा और जोखिम भरा है, लेकिन यह मोनो रेल सिस्टम सुरक्षित और तेज तरीके से घायलों को पीछे के कैंप तक ले जा सकता है। डॉक्टरों और मेडिकल टीम को भी जल्दी मदद मिलेगी। यह एक बहुमुखी हथियार साबित हो रहा है।</p>
<p><strong>क्या है यह मोनो रेल सिस्टम? कैसे काम करता है?</strong></p>
<p>यह एक साधारण लेकिन मजबूत रेल ट्रैक जैसा सिस्टम है, जो ऊंची चट्टानों और ढलानों पर फिट है। इसमें एक केबिन या ट्रॉली होती है, जो केबल या रेल पर चलती है। एक बार में यह गोला-बारूद, राशन, ईंधन, इंजीनियरिंग उपकरण और भारी सामान को ले जाती है। जो चीजें पैदल या हेलिकॉप्टर से मुश्किल से पहुंचती हैं, वे अब आसानी से पहुंच रही हैं।</p>
<p>सबसे खास बात यह सिस्टम दिन-रात चलेगा। तूफान हो, ओले बरसें या बर्फ गिरे, कोई फर्क नहीं पड़ता। बिना गार्ड के भी इस्तेमाल हो सकता है। मौसम की मार से बचने के लिए मजबूत डिजाइन किया गया है। सेना के अधिकारियों का कहना है कि इस सिस्टम ने हमारी सप्लाई चेन को मजबूत कर दिया। अब चौकियां कभी भूखी या हथियारों से खाली नहीं रहेंगी।</p>
<p>गजराज कोर की यह खोज उनकी चतुराई, अनुकूलन क्षमता और अथक मेहनत का प्रमाण है। ऊंचाई पर रहकर सैनिकों ने खुद ही यह सिस्टम बनाया। कोई विदेशी मदद नहीं ली। इससे अलग-थलग चौकियों की तैयारियां मजबूत हुई हैं। सेना का कहना है कि जटिल समस्याओं को व्यावहारिक समाधानों से हल करना हमारा मंत्र है। यह न सिर्फ लॉजिस्टिक्स को आसान बनाता है, बल्कि सैनिकों की जिंदगी बचाता है। कामेंग हिमालय सीमा पर चीन के साथ तनाव रहता है। ऐसे में यह सिस्टम रणनीतिक बढ़त देगा। </p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 15 Nov 2025 10:40:59 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
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                <title>अरुणाचल प्रदेश में भूस्खलन : 7 लोगों की मौत, क्षेत्र में मचा हड़कंप; प्रदेश के गृह मंत्री ने जताया दु:ख </title>
                                    <description>
                        <![CDATA[अरुणाचल प्रदेश के पूर्वी कामेंग जिले में शुक्रवार देर रात भारी बारिश के दौरान बाना और सेप्पा के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग-13 पर हुए भूस्खलन में 7 लोगों की मौत हो गई]]>
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                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/in-arunachal-pradesh-landslide-7-people-killed-in-the-area/article-115995"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/news-(7)12.png" alt=""></a><br /><p>ईटानगर। अरुणाचल प्रदेश के पूर्वी कामेंग जिले में शुक्रवार देर रात भारी बारिश के दौरान बाना और सेप्पा के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग-13 पर हुए भूस्खलन में 7 लोगों की मौत हो गई। इस घटना से क्षेत्र में हड़कंप मच गया और यातायात बाधित हो गया।</p>
<p>सूत्रों ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग-13 के बाना-सेप्पा खंड पर हुए भूस्खलन में 7 लोगों को ले जा रहा एक वाहन बह गया और गहरी खाई में गिर गया। वाहन सेप्पा की ओर जा रहा था, तभी बारिश के कारण हुए भूस्खलन की चपेट में आ गया। अरुणाचल प्रदेश के गृह मंत्री और स्थानीय विधायक मामा नटुंग ने अपने विधानसभा क्षेत्र में लोगों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया है।</p>
<p>नटुंग ने एक संदेश में शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि '' मेरे विधानसभा क्षेत्र में 7 लोगों की मौत के बारे में सुनकर बहुत दुख हुआ। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना। गृह मंत्री ने नागरिकों से मानसून के मौसम में रात में खासकर भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों में सतर्क रहने से बचने का आग्रह किया।</p>
<p>नटुंग ने कहा कि '' मैं सभी से अनुरोध करता हूं कि मानसून के मौसम में सतर्क रहें और रात के समय यात्रा करने से बचें। मेरी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं प्रभावित परिवारों के साथ हैं। ओम शांति शांति।</p>
<p>अधिकारियों ने घटनास्थल पर बचाव और निकासी अभियान शुरू कर दिया है, जबकि स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से सावधानी बरतने और खराब मौसम की स्थिति के दौरान यात्रा को प्रतिबंधित करने का आग्रह किया है। इस बीच, सूत्रों ने कहा कि बचाव दल ने सभी सात शव बरामद कर लिये हैं, लेकिन उनकी पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। उल्लेखनीय है कि उत्तर-पूर्वी राज्य में गुरुवार से लगातार बारिश हो रही है।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 31 May 2025 18:53:30 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur]]>
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                <title>भारत में उत्तर-पूर्वी सीमा पार से ड्रग्स की तस्करी, केन्द्र ने आरआरयू को सौंपा रिसर्च का जिम्मा</title>
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                        <![CDATA[जयपुर के पत्रकारों के दल ने पासीघाट में स्थित आरआरयू के कैम्पस का दौरा कर इसकी मुहिम के बारे में जानकारी प्राप्त की।]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/drug-smuggling-center-from-across-the-north-eastern-border-in-india/article-96443"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/257rtrer-(1)1.png" alt=""></a><br /><p>अरुणाचल प्रदेश। भारत में उत्तर-पूर्वी सीमा पार से ड्रग्स की तस्करी को लेकर भारत सरकार गंभीर है। केन्द्र ने इस पर रोक लगाने की दिशा में कार्य शुरू कर दिया है। गृह मंत्रालय ने ड्रग्स तस्करी पर रिसर्च करने का अरूणाचल प्रदेश के पासीघाट में स्थित राष्टीय रक्षा यूनिवर्सिटी कैम्पस को जिम्मा सौंपा है। आरआरयू का यह रिसर्च भविष्य में ड्रग्स तस्करी पर रोक लगाने की दिशा में अहम भूमिका निभाएगा। साथ ही तस्करी पर निगरानी रखने, क्षेत्रीय ड्रग मुद्दों को समझने और स्थानीय समुदायों के साथ जुड़ने की दिशा में भी सार्थक होगा। जयपुर के पत्रकारों के दल ने पासीघाट में स्थित आरआरयू के कैम्पस का दौरा कर इसकी मुहिम के बारे में जानकारी प्राप्त की।</p>
<p><strong>क्या होगी मुहिम</strong><br />आरआरयू के पासीघाट परिसर का उद्देश्य जटिल सुरक्षा चुनौतियों का समाधान करने, कानून के शासन को बनाए रखने और राष्ट्र तथा उसके नागरिकों की भलाई की रक्षा करने में सक्षम उच्च कुशल और नैतिक पेशेवरों की एक नई पीढ़ी को तैयार करना है।</p>
<p><strong>आरआरयू की भविष्य में योजना</strong><br /> कैम्पस के डायरेक्टर अविनाश खरेल ने बताया कि यूनिवर्सिटी  कैम्पस के नारकोटिक्स और ड्रग्स अध्ययन केन्द्र का उद्देश्य नशीले पदार्थों और ड्रग्स से संबंधित गंभीर समस्याओं का समाधान करना है। यह केन्द्र अनुसंधान, शिक्षा और जागरूकता अभियानों के माध्यम से क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर नशीली दवाओं के प्रभाव का अध्ययन करेगा। अरुणाचल प्रदेश की भौगोलिक स्थिति और उत्तर-पूर्व क्षेत्र की विशिष्ट ड्रग्स से जुड़ी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए सीमा पार ड्रग तस्करी पर निगरानी रखने, क्षेत्रीय ड्रग मुद्दों को समझने और स्थानीय समुदायों के साथ जुड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।</p>
<p><strong>क्या होंगे परिणाम:</strong> नारकोटिक्स और ड्रग्स अध्ययन केंद्र की योजना उत्तर-पूर्वी भारत में नशे के बढ़ते खतरे को देखते हुए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह केंद्र न केवल ड्रग्स के दुरुपयोग को रोकने के लिए काम करेगा, बल्कि समाज में जागरूकता फैलाने, शोध को प्रोत्साहित करने और स्थानीय समुदायों के बीच सहयोग बढ़ाने में भी सक्रिय रहेगा। यह पहल क्षेत्रीय और  राष्ट्रीय स्तर पर एक स्थिर और स्वस्थ समाज बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।</p>
<p><strong>साइबर सिक्यूरिटी सहित पुलिसिंग पर भी फोकस:</strong> खरेल ने बताया कि कैम्पस में साइबर सिक्योरिटी सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर फोकस किया जा रहा है। साइबर अपराध आज बड़ी चुनौती है। इसके लिए पुलिसिंग के साथ ही अन्य फोर्स के अधिकारियों को भी ट्रेनिंग दी जाती है। कई राज्यों के अधिकारी इस केन्द्र पर ट्रेनिंग ले चुकी है। इसके लिए राजस्थान सहित अन्य राज्यों को भी समय-समय पर लिखा जाता हैं। इस कैम्पस में विभिन्न राज्यों के छात्र अध्ययन कर रहे हैं। </p>
<p><strong>रिसर्च के क्या होंगे मुख्य उद्देश्य</strong><br />इसका प्रमुख उद्देश्य अवैध नशीले पदार्थों का उत्पादन, उनकी उपलब्धता और नशे के दुरुपयोग के समाज और परिवारों पर प्रभाव का गहन अध्ययन करना है। इसके तहत फार्माकोलॉजी और टॉक्सिकोलॉजी के क्षेत्र में अत्याधुनिक अनुसंधान किया जाएगा।</p>
<p>ड्रग्स के दुरुपयोग से निपटने के लिए प्रभावी रणनीतियों का विकास करना और सार्वजनिक स्वास्थ्य परिणामों में सुधार लाना की प्राथमिकता होगी। इसके अतिरिक्त संबंधित संस्थाओं को सहयोग और समर्थन प्रदान करना भी इसका लक्ष्य है।</p>
<p>नवाचार को बढ़ावा देने के लिए शैक्षिक संस्थानों, सरकारी एजेंसियों और अन्य उद्योगों के साथ सहयोग करेगा। यह क्षेत्रीय- राष्ट्रीय  स्तर पर ड्रग्स के मुद्दों पर प्रभावी समाधान तलाशने के लिए इंटरडिसिप्लिनरी दृष्टिकोण अपनाएगा।</p>
<p>ड्रग्स अनुसंधान के क्षेत्र में छात्रों, शोधकर्ताओं और पेशेवरों को विशेष प्रशिक्षण और शिक्षा प्रदान करना भी  एक अहम उद्देश्य है। यह विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से इस क्षेत्र में कौशल और ज्ञान में वृद्धि करेगा।</p>
<p>ड्रग्स के दुरुपयोग को रोकने और नियंत्रित करने के लिए निषेध के क्षेत्र में काम करेगा। यह ड्रग्स की अवैध तस्करी और उपयोग के खिलाफ  प्रभावी कानून और नीति बनाने में भी योगदान देगा।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/drug-smuggling-center-from-across-the-north-eastern-border-in-india/article-96443</link>
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                <pubDate>Mon, 02 Dec 2024 12:39:12 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur ]]>
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                <title>देश की एक ऐसी जनजाति, जिसके सूर्य-चंद्रमा ही सर्वोच्च देवता, यही लोग तय करते हैं अरुणाचल प्रदेश कि सत्ता का रास्ता </title>
                                    <description>
                        <![CDATA[न्यिशी जनजाति अरुणाचल प्रदेश की प्रमुख जनजातियों में से एक है। यह जनजाति मुख्य रूप से पापुम पारे, लोअर सुबनसिरी, कुरुंग कुमे, क्रा डाड़ी, ईस्ट कामेंग और कामले जिलों में निवास करती है। इनकी आबादी 5 लाख के करीब है।]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/a-tribe-of-the-country-whose-sun-and-moon-are/article-95805"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-11/6630400-sizee-(8)4.png" alt=""></a><br /><p>ईटानगर। वैसे तो हर समाज ऒर वर्ग के लोगों की अलग अलग देवी देवताओं में आस्था रहती है, लेकिन अरुणाचल प्रदेश में न्यिशी जनजाति एक ऐसी है, जिसके सूर्य-चंद्रमा ही सर्वोच्च देवता है, इन लोगो का मानना है कि मृत्यु के बाद आत्मा पूर्वजों के गाँव चली जाती है। ईटानगर स्थित जवाहरलाल नेहरू म्यूजियम में इस जाति के बारे में विस्तार से बताया गया है। इस जनजाति का अरुणाचल प्रदेश में भारी वर्चस्व है। न्यिशी  लोगों की कलात्मक क्षमता उनके उत्कृष्ट शिल्पों में स्पष्ट है, जिसमें बांस और बेंत का काम, मिट्टी के बर्तन और हाथ से बुने हुए वस्त्र शामिल हैं। पीढ़ियों से चली आ रही ये सदियों पुरानी तकनीकें जनजाति की सरलता और रचनात्मकता को दर्शाती हैं, जो पारंपरिक शिल्प कौशल में उनकी महारत को दर्शाती हैं।</p>
<p>न्यिशी जनजाति अरुणाचल प्रदेश की प्रमुख जनजातियों में से एक है। यह जनजाति मुख्य रूप से पापुम पारे, लोअर सुबनसिरी, कुरुंग कुमे, क्रा डाड़ी, ईस्ट कामेंग और कामले जिलों में निवास करती है। इनकी आबादी 5 लाख के करीब है।</p>
<p>अबोतानी" का वंशज मानते है। न्यिशी जनजाति खुद को पौराणिक पूर्वज "अबोतानी" का वंशज मानती है। इनके समाज में बहुपत्नी प्रथा आम है और संयुक्त परिवार प्रणाली प्रचलित है। इनकी पारंपरिक लकड़ी के घरों को 'पाइल हाउस' कहा जाता है, जिनमें प्रत्येक पत्नी के लिए अलग-अलग कमरे होते हैं।</p>
<p><strong>कृषि और आहार</strong><br />न्यिशी जनजाति का मुख्य व्यवसाय कृषि है। वे स्थायी और स्थानांतरित खेती दोनों करते हैं। धान इनका मुख्य खाद्य पदार्थ है। इनकी प्रमुख त्योहारों में न्योकुम यूलो और लॉंगटे शामिल हैं, जो फरवरी महीने में मनाए जाते हैं।</p>
<p><strong>कला और पहनावा</strong><br />रिक्हम पाड़ा इस जनजाति का लोकप्रिय लोकनृत्य है। न्यिशी पुरुष अपने लंबे बालों को माथे के ऊपर बाँधते हैं और इसे धातु की पिन या कांटे से सजाते हैं। पुरुष और महिलाएँ दोनों मोतियों के हार पहनना पसंद करते हैं। न्यिशी जनजाति अपनी अनूठी परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहर के लिए जानी जाती है, जो उनकी पहचान को अद्वितीय बनाती है।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/a-tribe-of-the-country-whose-sun-and-moon-are/article-95805</link>
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                <pubDate>Mon, 25 Nov 2024 11:24:41 +0530</pubDate>
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                <title> Arunachal Pradesh में एक बार फिर बीजेपी सरकार, पेमा खांडू बने सीएम</title>
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                        <![CDATA[ पेमा खांडू लगातार तीसरी बार अरूणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री बने है।]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/%C2%A0/article-81364"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/pema-khandu-.png" alt=""></a><br /><p>ईटानगर। अरूणाचल प्रदेश में एक फिर बीजेपी ने सरकार बनाई। विधायक दल की बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया, जिसमें पेमा खांडू को विधायक दल का नेता चुना जाने पर सहमति बनी। शपथ ग्रहण समारोह में गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के अध्यक्ष जेपी नड्डा भी शामिल हुए।</p>
<p> पेमा खांडू लगातार तीसरी बार अरूणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री बने है। उन्होने सीएम बनने पर प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त किया है।</p>
<p>कुल 60 विधानसभा सीटों में से 46 पर भाजपा ने जीत हासिल की है।</p>
<p> <strong>यह रहा था अरूणाचल प्रदेश के विधानसभा चुनाव के परिणाम</strong></p>
<table style="border-collapse:collapse;width:45.4202%;height:228.834px;" border="1"><colgroup><col style="width:50.0928%;" /><col style="width:50.0928%;" /></colgroup>
<tbody>
<tr style="height:45.7667px;">
<td style="height:45.7667px;"><strong>पार्टी</strong></td>
<td style="height:45.7667px;"><strong> सीटें</strong></td>
</tr>
<tr style="height:45.7667px;">
<td style="height:45.7667px;">बीजेपी</td>
<td style="height:45.7667px;">46</td>
</tr>
<tr style="height:45.7667px;">
<td style="height:45.7667px;"> एनपीपी</td>
<td style="height:45.7667px;">5</td>
</tr>
<tr style="height:45.7667px;">
<td style="height:45.7667px;">एनसीपी</td>
<td style="height:45.7667px;">5</td>
</tr>
<tr style="height:45.7667px;">
<td style="height:45.7667px;">पीपीए</td>
<td style="height:45.7667px;">2</td>
</tr>
<tr>
<td> कांग्रेस</td>
<td>1</td>
</tr>
<tr>
<td> अन्य</td>
<td>3</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p> </p>
<p> </p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/%C2%A0/article-81364</link>
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                <pubDate>Thu, 13 Jun 2024 11:25:28 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur ]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अरुणाचल के खिलाड़ियों की भाग लेने की संभावनाएं खत्म</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[ दो माह के अंतराल में यह दूसरा मौका है, जब इन तीनों खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन से दूर रहना पड़ेगा। ]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/arunachal-players-chances-of-participating-are-over/article-57887"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-09/arunachal.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। चीन की हरकत के बाद अरुणाचल प्रदेश की तीन महिला वूशु खिलाड़ियों के हांगझोऊ एशियाई खेलों में भाग लेने की संभावनाएं खत्म हो गई हैं। चीन ने अरुणाचल प्रदेश की तेगा ओनिलु, लामगु मेपुंग और वांगसू न्येमान को नत्थी वीजा जारी किया है। भारत सरकार नत्थी वीजा को मान्यता नहीं देती है, जिसके चलते इन तीनों को ही एशियाई खेलों में नहीं भेजा जा सकता है। हांगझोऊ में एशियाई ओलंपिक परिषद और एशियाई खेल आयोजन समिति ने भी गुरुवार को यह स्पष्ट कर दिया कि इन तीनों खिलाड़ियों को चीन सरकार के नियमों के तहत एशियाई खेलों के लिए वीजा जारी किया जा चुका है लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया है। दो माह के अंतराल में यह दूसरा मौका है, जब इन तीनों खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन से दूर रहना पड़ेगा। इससे पहले 26 जुलाई को भारत सरकार ने चेंगदू (चीन)  में हुए विश्व यूनिवर्सिटी खेलों में भाग लेने जा रही पूरी वूशु टीम को दिल्ली एयरपोर्ट से वापस बुला लिया था। उस दौरान भी चीन ने इन तीनों खिलाड़ियों को नत्थी वीजा जारी किया था।</p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 24 Sep 2023 12:43:32 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur]]>
                    </dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>असम और अरूणाचल ने सीमा विवाद समाधान समझौते पर हस्ताक्षर किये</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[असम और अरूणाचल प्रदेश सरकारों ने दशकों पुराने सीमा विवाद के समाधान से संबंधित समझौते पर गुरूवार को यहां केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में हस्ताक्षर किये।]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/assam-and-arunachal-sign-border-dispute-resolution-agreement/article-43375"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-04/amit.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। असम और अरूणाचल प्रदेश सरकारों ने दशकों पुराने सीमा विवाद के समाधान से संबंधित समझौते पर गुरूवार को यहां केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में हस्ताक्षर किये। समझौते पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्वशर्मा  और अरूणाचल प्रदेश के उनके समकक्ष पेमा खांडू ने हस्ताक्षर किये। इस मौके पर शाह के साथ साथ केन्द्रीय  विधि एवं न्याय मंत्री किरण रिजिजू तथा गृह मंत्रालय के अनेक वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। </p>
<p>शाह ने इस मौके पर दोनों राज्यों के लोगों को बधाई देते हुए कहा कि इस ऐतिहासिक समझौते से दोनों राज्यों में समृद्धि और विकास का मार्ग प्रशस्त होगा। उन्होंने कहा कि यह एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। असम के मुख्यमंत्री ने कहा कि यह ऐतिहासिक दिन है और वह असम तथा अरूणाचल प्रदेश के लोगों के प्रति आभार प्रकट करते हैं। उन्होंने कहा कि मिजोरम और नगालैंड के साथ भी सीमा विवादों का समाधान किया जायेगा। असम और अरूणाचल के बीच 804 किलोमीटर लंबी सीमा है।</p>
<p>इस समझौते से पहले असम और अरूणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्रियों के बीच हाल ही में गुवाहाटी में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई थी। पिछले वर्ष असम ने मेघालय के साथ भी सीमा विवाद के समाधान से संबंधित समझौते पर हस्ताक्षर किये थे। </p>]]>
                    </content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/assam-and-arunachal-sign-border-dispute-resolution-agreement/article-43375</link>
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                <pubDate>Thu, 20 Apr 2023 19:52:41 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur]]>
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                            </item>
            <item>
                <title>अरुणाचल प्रदेश में चीन के प्रयास को अमेरिका ने किया खारिज</title>
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                        <![CDATA[व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरीन जेन पियरे ने भारतीय राज्य अरूणाचल प्रदेश के 11 स्थानों को नाम बदलने के प्रयास पर अमेरिका का मत साफ करने के संबंध में पूछे गये एक सवाल के जवाब में कहा कि जैसा कि आप सभी जानते हैं कि अमेरिका ने उस क्षेत्र को लंबे समय से मान्यता दी है।]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/us-rejects-chinas-attempt-in-arunachal-pradesh/article-41851"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-04/kkkk.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली/वाशिंगटन। अमेरिका ने साफ किया है कि वह अरूणाचल प्रदेश को भारत का हिस्सा मानता है और अरूणाचल प्रदेश के 11 स्थानों का नाम बदलकर उन्हें दक्षिणी तिब्बत बताकर एकतरफा तरीके से क्षेत्रीय बढ़त बनाने के चीन के प्रयासों का कड़ा विरोध करता है। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरीन जेन पियरे ने भारतीय राज्य अरूणाचल प्रदेश के 11 स्थानों को नाम बदलने के प्रयास पर अमेरिका का मत साफ करने के संबंध में पूछे गये एक सवाल के जवाब में कहा कि जैसा कि आप सभी जानते हैं कि अमेरिका ने उस क्षेत्र को लंबे समय से मान्यता दी है। और हम इलाकों का नाम बदलकर क्षेत्रीय दावों को आगे बढ़ाने के किसी भी एकतरफा प्रयास का कड़ा विरोध करते हैं। उन्होंने कहा कि और इसलिए, फिर से, यह कुछ ऐसा है जिस पर हम लंबे समय से अडिग हैं। अमेरिका की व्हाइट हाउस की प्रवक्ता की यह प्रतिक्रिया चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग के मंगलवार को दिये उस बयान में जवाब में आई है जिसमें भारत के पूर्वोत्तर राज्य के 11 स्थानों के नाम बदलने को चीन के संप्रभु अधिकारों के तहत बताया गया था। गौरतलब है कि  चीन की प्रवक्ता ने अरूणाचल प्रदेश के 11 स्थानों को दक्षिणी तिब्बत के जांगनान प्रांत का नाम दिया और इस जांगनान को चीन के क्षेत्र का हिस्सा बताया। चीन की इस हरकत की भारत ने कड़ी आलोचना की और मंगलवार को भारत के विदेश मंत्रालय ने अरूणाचल प्रदेश के 11 स्थानों के नाम बदलने के चीन के प्रयासों को पूरी मजबूती के साथ खारिज कर दिया।</p>
<p> विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने जारी बयान में कहा कि चीन चाहें कैसे भी नये नाम ईजाद कर लें लेकिन इससे यह वास्तविकता नहीं बदल जायेगी की अरूणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने कहा कि हमने पहले भी ऐसे प्रयास देखे हैं। यह कोई पहला मौका नहीं है कि जब चीन ने ऐसी हरकत की है और हम ऐसे प्रयासों को सिरे से खारिज करते हैं। अरूणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न हिस्सा था, है और हमेशा रहेगा और यह हकीकत उसके किसी स्थान को नया नाम देने से बदलने वाली नहीं है। चीन के नागरिक मामलों के मंत्रालय ने अरूणाचल प्रदेश के 11 स्थानो के नाम चीनी भाषा के मानकों के तहत जारी किये हैं और उसे जांगनान की संज्ञा दी है। इस सूची में दो जमीनी इलाकों, दो रिहायशी इलाकों, पांच पर्वतशिखरों और दो नदियों के साथ उनके अधीनस्थ प्रशासनिक जिलों को अपनी सीमा में दिखाया है। यह तीसरा मौका है जब चीन के नागरिक मामलों के मंत्रालय ने अरूणाचल प्रदेश के भौगालिक हिस्सों को मानक नाम दिये हैं इस क्रम में सबसे पहले 2017 में छह स्थानों और उसके बाद 2021 में 15 स्थानों के संबंध में यह प्रयास किया था और पहले भी अरूणाचल प्रदेश के स्थानों के नाम बदलने के चीन के प्रयासों को भारत ने खारिज किया था। </p>
<p>अमेरिकी सीनेट में इस साल भी एक द्विदलीय प्रस्ताव पेश किया गया था जिसमें अरूणाचल प्रदेश को भारत का अभिन्न हिस्सा माना गया था। प्रस्ताव में चीन की ऐसी उकसावे की कार्रवाइयों जैसे वास्तविक नियंत्रण रेखा के आस पास सेना की ताकत के बल पर बदलाव करने के प्रयासों, विवादित क्षेत्रों में गांवों का निर्माण, भारतीय राज्य अरुणाचल में शहरों और सुविधाओं के लिए मंदारिन भाषा के नामों के साथ मानचित्रों का प्रकाशन आदि की कड़ी आलोचना की गयी थी। इसमें भूटान में भी चीन के जमीन पर बढ़त लेने संबंधी दावों को खारिज किया गया। डेमोक्रेटिक सीनेटर जेफ मर्कले और रिपब्लिकन बिल हैगर्टी द्वार पेश द्विदलीय प्रस्ताव में कहा गया कि अमेरिका अरूणाचल प्रदेश को कोई विवादित हिस्सा नहीं बल्कि भारतीय गणतंत्र का एक अभिन्न हिस्सा माना है और इसे किसी रूप से बदला नहीं जा सकता।</p>]]>
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                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 05 Apr 2023 14:51:26 +0530</pubDate>
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