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                <title>toll - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>देश का पहला बैरियर रहित टोल सिस्टम शुरू : ऑटोमैटिक तरीके से होगी नम्बर प्लेट की पहचान, गडकरी ने कहा- सफर होगा तेज और आसान</title>
                                    <description><![CDATA[गडकरी ने गुजरात के NH-48 (सूरत-भरूच) पर देश की पहली बैरियर-रहित मल्टी-लेन फ्री फ्लो टोलिंग शुरू करने की घोषणा की। नंबर प्लेट पहचान तकनीक से वाहन बिना रुके गुजरेंगे और टोल स्वतः कटेगा। इससे जाम, समय, ईंधन व प्रदूषण कम होंगे, पारदर्शिता बढ़ेगी और माल परिवहन तेज होकर ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा मिलेगा।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/the-countrys-first-barrier-free-toll-system-will-be-started-number/article-152400"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-08/nitin-bhai.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">नई दिल्ली। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गुजरात में राष्ट्रीय राजमार्ग-48 के सूरत-भरूच खंड पर चोरायासी टोल प्लाजा पर देश की पहली मल्टी-लेन फ्री फ्लो बैरियर रहित टोलिंग प्रणाली शुरू करने की घोषणा की है। गडकरी ने बताता कि यह अत्याधुनिक प्रणाली है, जो ऑटोमैटिक तरीके से नम्बर प्लेट की पहचान करेगी। उनका कहना था कि यह फास्टैग जैसी तकनीकों पर आधारित है, जिससे वाहन बिना रुके टोल प्लाजा पार कर सकेंगे और टोल अपने आप कट जाएगा।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">टोल संग्रह में बढ़ेगी पारदर्शिता </span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">उन्होंने बताया कि इस नयी व्यवस्था से यात्रा समय में कमी आएगी, टोल प्लाजा पर लगने वाले जाम से राहत मिलेगी और ईंधन की बचत के साथ प्रदूषण भी घटेगा। इसके अलावा टोल संग्रह प्रक्रिया में मानवीय हस्तक्षेप कम होगा, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी।</span></p>
<p class="MsoNormal"><strong><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">माल परिवहन को तेज और सुगम बनाएगा</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">गडकरी ने कहा कि यह पहल ‘ईज ऑफ लिविंग’ को बेहतर बनाने के साथ-साथ माल परिवहन को तेज और सुगम बनाकर ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनस’ को भी बढ़ावा देगी। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकसित हो रहे आधुनिक और तकनीक-आधारित राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य देशभर में विश्वस्तरीय, कुशल और यात्री-अनुकूल सड़क बुनियादी ढांचा विकसित करना है, और यह नयी टोलिंग प्रणाली उसी दिशा में एक बड़ा सुधार है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 02 May 2026 13:25:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>टोल वसूली पर ध्यान : संकट में हाईवे पर जान, मवेशियों को हाइवे पर आने से नहीं रोक पाया एनएचएआई</title>
                                    <description><![CDATA[अधिकारियों की घोर लापरवाही से हाइवे पर आए दिन हादसे हो रहे हैं।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/focusing-on-toll-collection--lives-are-at-risk-on-the-highway--nhai-has-failed-to-prevent-cattle-from-crossing-the-highway/article-128893"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/copy-of-news-(1)16.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा से गुजर रही नेशनल हाइवे की सड़कों पर यात्रियों की जान संकट में रहती है। एनएचएआई कोटा संभाग के अधिकारियों का  सिर्फ टोल वसूलने पर ध्यान है, यात्रियों की सुरक्षा से कोई सरोकार नहीं है। जबकि, टोल चुकाने के बावजूद वाहन चालकों को खतरों से भरा सफर करना पड़ रहा है।  हालात यह है कि हाइवे पर जगह-जगह मवेशियों का जमावड़ा लगा रहता है। जिसकी वजह से वाहन चालक हादसों के शिकार हो जाते हैं।   हालात यह है, हैंगिंग ब्रिज से बूंदी की ओर, जाखमूंड, बारां फोरलेन, कैथून, रायपुरा सहित हाइवे के अन्य मार्गों पर सुबह से रात तक मवेशियों का जमघट लगा रहता है।  </p>
<p><strong>टोल चुकाने के बाद भी जोखिम भरा सफर</strong><br />कोटा एनएचएआई सिर्फ टोल वसूलने में ही मशगुल है। जबकि, यात्रियों की सुरक्षा पर बिलकुल भी ध्यान नहीं है। हाइवे पर आवारा मवेशियों को आने से रोकने में अधिकारी पूरी तरह विफल रहे। स्पीड से गुजरते वाहनों के सामने अचानक  मवेशियों के आने से वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। अधिकारियों की घोर लापरवाही से हाइवे पर आए दिन हादसे हो रहे हैं। पूर्व में कोटा-रावतभाटा हाइवे पर कई हादसे हो चुके हैं। </p>
<p><strong>मवेशियों पर न रिफ्लेक्टर लगे न ही रेडियम बेल्ट बंधी दिखी</strong><br />एनएचएआई के अधिकारियों द्वारा मवेशियों के रिफ्लेक्टर लगाए जाने व मवेशी मुक्त सड़क के दावे किए जाते हैं, लेकिन  हैंगिंग ब्रिज से बूंदी रोड पर हाइवे के दोनों तरफ मवेशियों का जमावड़ा लगा हुआ नजर आया। उनके ऊपर न तो रिफ्लेक्टर लगे हुए थे और न ही रेडियम बेल्ट बंधी हुई थी। दिन में तो मवेशी दिखाई दे जाते हैं लेकिन रात के समय अचानक मवेशियों के आने से वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं। </p>
<p><strong>इन जगहों पर हादसे की रहती आशंका </strong><br /><strong>नेशनल हाईवे 52 : </strong>हैंगिंग ब्रिज से जाखमूंड के बीच,  जगपुरा, आलनिया, कसार, मंडाना,  सुकेत, अकतासा, असनावर तक खतरा बना रहता है। <strong>नेशनल हाईवे 27 : </strong>कैथून रोड, रायपुरा, हाथीखेड़ा, जगन्नाथपुरा, ताथेड़, पोलाई, सीमलिया, गड़ेपान, पलायथा, बमुलिया, रामपुरिया और समरानिया में मवेशियों के कारण हादसे का खतरा बना रहता है। </p>
<p><strong>हैंगिंग ब्रिज से जाखमूंड तक रहता जमावड़ा</strong><br />एनएच-52 पर हैंगिंग ब्रिज पार करने के बाद जाखमूंड तक सड़क पर मवेशियों का जमावड़ा लगा रहता है। जबकि, यहां से प्रतिदिन सैंकड़ों वाहन गुजरते हैं। इस मार्ग पर सड़क के दोनों ओर जंगल व खेत हैं। वहीं, जाखमूंड से बूंदी तक हाइवे किनारे कई गांव बसे हैं। जहां से बड़ी संख्या में मवेशी हाइवे पर आ जाते हैं।</p>
<p><strong>यात्री बोले-एनएचएआई को सिर्फ टोल वसूली से मतलब</strong><br />रायपुरा निवासी सत्येंद्र कुमार, ब्रजेश नागर, पप्पू मेघवाल का कहना है कि एनएचएआई को सिर्फ टोल वसूलने से मतलब है, उन्हें यात्रियों की जान की कोई परवाह नहीं है। सड़कों पर आवारा मवेशियों का जमावड़ा लगा रहता है। बारां फोरलेन पर ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे मवेशियों को सड़कों पर आने से रोका जा सके। </p>
<p><strong>कार के सामने आ गए मवेशी, बाल-बाल बची जान</strong><br />वाहन चालक बिल्लू ओसवाल, मजहर अंसारी, फुरकान मोहम्मद, भुवनेश नागर कहते हैं, कोटा से जयपुर जाने के लिए हैंगिंग ब्रिज पर टोल चुकाते हैं। ब्रिज पार करते ही जाखमूंड मार्ग पर आवारा मवेशियों का जमावड़ा रहता है,जिससे हादसे का खतरा बना रहता है।  डीसीएम निवासी जमना शंकर प्रजापति ने बताया कि गत वर्ष रात को जयपुर से कोटा लौट रहे थे। डाबी स्थित रामपुरिया गांव से हैंगिंग ब्रिज के बीच अचानक दो मवेशी कार के सामने आ गए। जिसे बचाने के लिए ब्रेक लगाए तो कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। जिससे कार का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो  गया।   </p>
<p><strong>शिकायतों पर भी नहीं होती कार्रवाई  </strong><br />मेडिकल व्यवसायी हितेश कुमावत का कहना है, दवा सेल्स के काम को लेकर हाड़ौती में आना-जाना रहता है। तीन माह पहले बारां फोरलेन से अंता से कोटा लौट रहा था। रात करीब 9 बजे डिवाइडर पार कर अचानक मवेशी कार के सामने आ गया। गनीमत रही की कार की स्पीड धीमी होने से दुर्घटना से बच गया। मानपुरा निवासी कौशल, यादराम मीणा, मनोज शर्मा ने कहा कि एनएचएआई द्वारा रात को सड़कों से मवेशियों को हटाने का दावा किया जाता है, जो पूरी तरह से झूठ हैं। कुछ माह पहले बूंदी से रात को कोटा लौट रहे थे। पूरे रास्ते में न तो पेट्रोलिंग टीम नहीं मिली।</p>
<p><strong>एनएचएआई प्रोजेक्ट मैनेजर ने फोन उठाया न मैैसेज का जवाब दिया</strong><br />मामले को लेकर नवज्योति ने एनएचएआई प्रोजेक्ट मैनेजर संदीप अग्रवाल को फोन किया लेकिन उन्होंने अटैंड नहंी किया। इसके बाद उन्हें वाइस मैसेज कर उनका पक्ष जानना चाहा, उसका भी जवाब नहीं दिया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Oct 2025 17:01:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>टोल वसूली का नया प्लान : स्पीड वाले वाहनों का बिना रुके कटेगा टोल, एएनपीआर तकनीक करेगी काम</title>
                                    <description><![CDATA[देश में राष्ट्रीय राजमार्गों की कुल लंबाई 1,46,145 किलोमीटर है, जबकि एक्सप्रेस-वे की लंबाई 3,913 किलोमीटर हैं, जहां टोल वसूला जा रहा हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/toll-recovery-new-plan-speed-will-work-without-stopping-toll/article-109834"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/6622-copy34.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। सब कुछ ठीकठाक रहा तो जल्द ही आने वाले समय में हाइवे और एक्सप्रेस-वे पर टोल वसूली का झंझट खत्म हो जाएगा अर्थात भविष्य में टोल चुकाने के लिए किसी भी बैरियर में रूकने की जरूरत नहीं होगी। इसके लिए केन्द्रीय सड़क, परिवहन मंत्रालय ने नया प्लान तैयार किया है। इसमें एएनपीआर (ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकगनिशन) तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इस तकनीक को लेकर कुछ जगहों पर टैंडर भी जारी कर दिए गए हैं। देश में राष्ट्रीय राजमार्गों की कुल लंबाई 1,46,145 किलोमीटर है, जबकि एक्सप्रेस-वे की लंबाई 3,913 किलोमीटर हैं, जहां टोल वसूला जा रहा हैं।</p>
<p><strong>अभी टोल वसूली की स्थिति</strong><br />राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार देश के 1.5 लाख किलोमीटर लंबे नेशनल हाइवे और एक्सप्रेस-वे नेटवर्क में से करीब 45 हजार किलोमीटर पर टोल वसूला जा रहा हैं। देशभर में 1063 टोल प्लाजा है। राजस्थान में दस हजार लंबाई में गुजरते नेशनल हाइवे पर 60 से अधिक टोल प्लाजों के जरिए टोल वसूला जा रहा हैं। राज्य के किशनगढ़ और शाहजहांपुर टोल प्लाजा देश के दस मुख्य प्लाजा में शामिल हैं, जहां रोज सर्वाधिक टोल का संग्रहण होता हैं।</p>
<p><strong>जीपीएस आधारित तकनीक पर उठे सवाल</strong><br />हाल ही में एक्सपर्ट कमेटी ने जीपीएस आधारित टोल तकनीक पर सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए थे। साथ ही अगर कभी जीपीएस में गड़बड़ी आ गई तो परेशानी और बढ़ सकती है। इसलिए मंत्रालय ने जीपीएस आधारित टोल मॉडल के बजाय इस दिशा में काम शुरू कर दिया हैं।</p>
<p><strong>गलत टोल कटने के एक साल में 12.55 लाख मामले</strong><br />फास्टैग से आॅटोमेटिक टोल का पैसा कटता है, लेकिन कई बार दो बार टोल कट जाता है, गाड़ी के बिना टोल से गुजरे ही पैसा कटने का मैसेज मिल जाता है। ऐसे मामलों को भी राजमार्ग मंत्रालय ने गंभीरता से लेते हुए गलत टोल संग्रह करने वाली एजेंसियों पर अब तक दो करोड़ का जुर्माना लगाया गया हैं। जबकि 2024 में ऐसे 5 लाख से अधिक मामलों में रिफंड किया गया। अर्थात राष्टÑीय इलेक्टॉनिक टोल संग्रह कार्यक्रम को संचालित करने वाली नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन आॅफ इंडिया ने साल 2024 में हुए 410 करोड़ फास्टैग ट्रांजैक्शन में से गलत कर संग्रह के 12.55 लाख मामलों की सूचना दी।</p>
<p><strong>नई तकनीक से यूं कटेगा टोल</strong><br />एएनपीआर के तहत टोल चुकाने के लिए जहां कैमरे लगे है, वहां पर गाड़ी धीमी नहीं करनी पडेगी, स्पीड़ से चलने वाले वाहन का कैमरे से नंबर प्लेट की फोटो ली जाएगी, चूंकि नंबर प्लेट से फास्टैक लिंक है। </p>
<p><strong>नए सिस्टम के फायदे</strong><br />ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकगनिशन तकनीक से टोल वसूली शुरू होने पर समय और र्इंधन की बचत होगी। साथ ही फास्टैग के बावजूद कभी-कभी टोल प्लाजों पर लगने वाली वाहनों की लंबी लाइनें भी खत्म हो जाएंगी। इसकी शुरुआत के साथ ही पुरानी टोल संग्रह व्यवस्था खत्म हो जाएगी।</p>
<p>कई बार फास्टैग में पैसा नहीं होने पर ज्यादा टोल देना पड़ता हैं, इससे परेशानी होती है। पहले की बजाय टोल पर अच्छी व्यवस्था हैं।<br /><strong>- नरेश यादव, ट्रक ड्राइवर</strong></p>
<p>पहले लंबा जाम लग जाता था, जिससे डीजल भी ज्यादा खर्च होता था, लेकिन अब टोल पर ज्यादा रूकने की जरूरत नहीं हैं।<br /><strong>- अनिल पाल, ट्रक ड्राइवर</strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 06 Apr 2025 10:37:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मॉडल कोई भी हो जनता से वसूलेंगे टोल : हाईब्रिड एन्युटी मॉडल पर 9 ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे का खाका तैयार, डीपीआर का काम सौंपा</title>
                                    <description><![CDATA[ये एक्सप्रेस-वे उन जगहों पर बनाए जाएंगे, जहां पहले कोई सड़क कनेक्टिीविटी नहीं है, हरे-भरे खेतों से होकर गुजरेंगे। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/whatever-the-model-is-the-toll-will-be-collected-from/article-106064"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/6622-copy11.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान में 2750 किलोमीटर से अधिक लंबाई के 9 ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे बनाए जाएंगे। एक्सप्रेस-वे का निर्माण किस मॉडल पर होगा, अभी तय होना बाकी हैं, बजट में इनकी अनुमानित लागत 60 हजार करोड़ आंकी गई है और एक्सप्रेस-वे का निर्माण हाईब्रिड एन्युटी मॉडल और बीओटी पर करने की घोषणा की गई है। हालांकि मॉडल कोई भी हो, लेकिन जनता से टोल वसूला जाएगा। वर्तमान में इनकी 30 करोड़ की लागत से डीपीआर तैयार करवाई जा रही है। ये एक्सप्रेस-वे उन जगहों पर बनाए जाएंगे, जहां पहले कोई सड़क कनेक्टिीविटी नहीं है, हरे-भरे खेतों से होकर गुजरेंगे। </p>
<p><strong>दो एक्सप्रेस-वे पर एनएचएआई की मंजूरी</strong><br />केंद्र सरकार के विजन 2047 के तहत दो ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे पर एनएचएआई ने सहमति प्रदान कर दी हैं। पहला जयपुर से जोधपुर और दूसरा बीकानेर-कोटपूतली एक्सप्रेस-वे शामिल है। हालांकि राज्य की ओर से अब केंद्र को पत्र लिखकर सभी नौ एक्सप्रेस-वे का काम हाथ में लेने का आग्रह किया जा रहा हैं।  </p>
<p><strong>क्या होता है ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे</strong><br />जैसा कि नाम से ही जाहिर है कि इन्हें हरे मैदानों या खेतों के बीच से निकाला जाता है, जहां भूमि अधिग्रहण आसान होता है, साथ ही जमीन समतल होती है और शहर से थोड़ा दूर होने के कारण भीड़-भाड़ भी कम होती है, इसलिए इन एक्सप्रेस-वे को बनाना और फिर यहां उच्च गति पर वाहन का परिचालन करना आसान होता हैं। एक्सप्रेस-वे को शहरों के बीच से कम ही निकाला जाता है। इसके कारण इनमें घुमाव और मोड बहुत कम होते है।</p>
<p><strong>इसके क्या फायदे</strong><br />हाईब्रिड एन्युटी मॉडल के तहत सरकार डेवलपर को परियोजना में होने वाले खर्च का 40 फीसदी भुगतान कार्य प्रारंभ होने से पहले ही कर देती है, जबकि शेष 60 फीसदी राशि डेवलपर को खुद की लगानी होती है, यह अब तक अपनाए जा रहे बीओटी मॉडल से बेहतर है, क्योंकि इसमें डेवलपर को काम शुरू करने के लिए वित्तीय संस्थानों से वित्तीय मंजूरी का इंतजार नहीं करना पड़ता। एडवांस राशि खर्च होने तक डेवलपर शेष 60 प्रतिशत राशि का जुगाड़ कर लेता हैं।</p>
<p><strong>राजस्थान ने क्यों अपनाया एचएएम</strong><br />वित्तीय संसाधनों की कमी के चलते राजस्थान सरकार ने हाईब्रिड एन्युटी मॉडल पर फोकस किया है। 2750 किलोमीटर लंबे नौ ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे के लिए राज्य सरकार के पास 60 हजार करोड़ की वित्तीय प्रबंधन नहीं होने के कारण इस मॉडल पर फोकस किया है ताकि कम समय में तुरंत रिजल्ट मिल सके।</p>
<p><strong>हाईब्रिड एन्युटी मॉडल क्या है...?</strong><br />हाईब्रिड एन्युटी मॉडल में सरकार और निजी कंपनियों का संयुक्त निवेश होता है। यह मॉडल राज्य और केन्द्र सरकार के बीच साझेदारी की तरह काम करता है, जिसमें निजी कंपनियां निर्माण कार्य करती हैं और उन्हें सरकार से तय की गई एन्युटी राशि मिलती है। यहां सरकार निर्माण का कुछ हिस्सा और आॅपरेशन का कुछ हिस्सा तय करती है और निजी कंपनियों को अनिश्चित समय तक अपनी जिम्मेदारी निभानी होती है।</p>
<p><strong>बीओटी मॉडल क्या था?</strong><br />बीओटी मॉडल में निजी कंपनियां सड़कों का निर्माण करती थी और कुछ समय तक उन्हें चलाने का अधिकार प्राप्त होता था। इस दौरान वे टोल से पैसा कमाती थी। अंत में सड़क को सरकार को ट्रांसफर कर देती थीं। यह मॉडल कुछ मामलों में समस्याओं का सामना करता था, जैसे कि देर से निर्माण, परियोजना की लागत में वृद्धि और वित्तीय बोझ का भार हो जाता था।</p>
<p><strong>15 जिलों में नेटवर्क होगा तैयार</strong><br />राज्य सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष के बजट में इन एक्सप्रेस हाइवे की घोषणा की। इन रूट में हालांकि बाद में बदलाव भी हो सकता है, लेकिन अभी तक के निर्धारित रूट के अनुसार ये एक्सप्रेस-वे 15 जिलों से होकर गुजरेंगे, जिनमें आवाजाही में लगने वाला घंटों का समय आधे से भी कम हो जाएगा।</p>
<p><strong>हाईब्रिड एन्युटी मॉडल और बीओटी के बीच अंतर</strong><br />निवेश का तरीका बीओटी में निजी कंपनियां पूरी लागत उठाती थीं, जबकि हाईब्रिड एन्युटी मॉडल में सरकार और निजी कंपनी दोनों का संयुक्त निवेश होता है। वित्तीय जिम्मेदारी बीओटी में प्राइवेट कंपनियों को पूरे टोल के जरिए पैसा कमाना होता था, जबकि हाईब्रिड एन्युटी मॉडल में सरकार एक निश्चित समय तक नियमित ऐनुइटी भुगतान करती है।</p>
<p><strong>समय और रिस्क: </strong>बीओटी में निजी कंपनियों को सभी रिस्क उठाने होते थे, जबकि हाईब्रिड ऐनुइटी मॉडल में रिस्क साझा होता है, जिससे प्राइवेट कंपनियों पर कम दबाव पड़ता है।</p>
<p><strong>नया मॉडल अपनाने के पीछे मुख्य कारण वित्तीय दबाव कम होना: </strong>हाईब्रिड ऐनुइटी मॉडल में सरकार का हिस्सा बढ़ने से निजी कंपनियों के लिए जोखिम कम हो जाता है।</p>
<p><strong>समयबद्ध विकास:</strong> यह मॉडल परियोजनाओं के समयबद्ध और प्रभावी विकास को सुनिश्चित करने में मदद करता है।<br /><strong>सरकारी सहयोग: </strong>सरकार की ओर से नियमित ऐनुइटी भुगतान करने से परियोजना पूरी होने के बाद भी सड़क के संचालन के दौरान सार्वजनिक लाभ सुनिश्चित होता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 02 Mar 2025 10:19:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महाराष्ट्र में हल्के वाहन टोल फ्री, प्रदेश में खस्ताहाल सड़कों पर भी हो रही पूरी वसूली </title>
                                    <description><![CDATA[ एनएचएआई के अधिकारियों का कहना है कि जहां भी सड़कों की स्थिति खराब है। वहां पर मेंटेनेंस का कार्य चल रहा है, जहां तक टोल वसूली का मामला होता है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/light-vehicles-are-toll-free-in-maharashtra--full-recovery-in-state/article-93120"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/toll.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश में मानसून के दौरान खस्ताहाल सड़कों के बावजूद आमजन से टोल की पूरी वसूली हो रही है। नेशनल हाईवे हो या राज्य राजमार्ग दोनों ही टोल पर टोल वसूली में कोई ढिलाई नहीं है। भले ही सड़कों पर खस्ता हाल से लोगों को गुजरना पड़ रहा हो। हालांकि महाराष्ट्र की सरकार ने आमजन को राहत देते हुए लाइट वाहनों को टोल फ्री कर दिया हो, लेकिन राजस्थान में इस तरह की पहल का कोई असर नहीं है। जिम्मेदार अधिकारी कहते हैं कि राजस्थान में फिलहाल इस तरह कि योजना पर कोई विचार नहीं है।</p>
<p>वहीं एनएचएआई के अधिकारियों का कहना है कि जहां भी सड़कों की स्थिति खराब है। वहां पर मेंटेनेंस का कार्य चल रहा है, जहां तक टोल वसूली का मामला होता है। आमजन को सुविधा देने के लिए टोल वसूला जाता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 15 Oct 2024 19:01:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>टोल बचाने की जुगत: सुकेत में भारी वाहनों का दबाव बढ़ा</title>
                                    <description><![CDATA[नेशनल हाईवे 52 पर भारी वाहनों की लगी रहती है कतारें। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/trick-to-save-toll--pressure-of-heavy-vehicles-increases-in-suket/article-75156"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/transfer-(7)12.png" alt=""></a><br /><p>सुकेत। सुकेत में नेशनल हाईवे 52 पर भारी वाहनों का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इस वजह से हर पल क्षेत्रवासियों पर भारी वाहनों से मौत का खतरा बना रहता है। दरअसल बीर मंडी, नया गांव में टोल नाका है। भारी वाहनों के ड्राइवर  टोल बचाने के चक्कर में सुकेत में व्यस्ततम नेशनल हाईवे 52 की मुख्य सड़क से होकर निकलते है। ऐसे में भारी वाहनों का दबाव बढ़ जाता है। यहीं नहीं रविवार को हालत ओर खराब हो जाती है। रविवार को सुकेत में  हाट बाजार लगता है लेकिन भारी वाहनों की वजह से ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा जाती है। हालात इतने खराब है कि पैदल निकलना भी मुश्किल हो जाता है। </p>
<p><strong>आए दिन होते है हादसे</strong><br />जानकारी के अनुसार सुकेत कस्बे के मुख्य मार्ग से बड़े वाहनों की आवाजाही से आए दिन सड़क दुर्घटना हो जाती है। जिससे कई लोग की जान जा चुकी है। कई लोगों के अंग के क्षत-विक्षत होने से विकलांग हो चुके है। गत सप्ताह ही एक ट्रक पलट गया था।  जिला प्रशासन द्वारा इस समस्या का निदान नहीं करने से लोगों में रोष है। कई बार सीएलजी बैठक में इस मुद्दे को उठाया गया पर इस समस्या पर प्रशासन का कोई ध्यान नही है। </p>
<p><strong>एक किमी मार्ग पर रहता है वाहनों का दबाव</strong><br />होकर सुकेत में बीर मंडी, नया गांव में टोल नाके पर अपने वाहनों का टोल टैक्स देने से बचाने के लिए भारी वाहनों को सुकेत कस्बे के मुख्य रोड नेशनल हाईवे 52 से होकर निकलते है। सुकेत कस्बे में भारी वाहनों के आने के कारण कस्बे में एक किमी की सड़क पर वाहनों का दबाव बढ़ जाता है। कस्बे की मुख्य रोड से होते हुए ये वाहन रामगंजमंडी और नेशनल हाइवे 12 से होकर निकल जाते है। </p>
<p><strong>नो एंट्री मार्ग घोषित करने की मांग कर चुके है ग्रामीण</strong><br />वकार अहमद ने बताया कि सीएलजी बैठक में कही बार इस मामले पर वार्तालाप हुई। जिला कलक्टर को नो एंट्री मार्ग घोषित करने के लिए पत्रावली भेज रखी है। </p>
<p>दीपक खटीक का कहना है कि टोल बचाने के कारण भारी वाहन कस्बे में प्रवेश करते है। जिससे आमजन को काफ ी समस्या होती है। जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />जब तक एनएच 52 राष्टीय राजमार्ग को नो एंट्री मार्ग घोषित नहीं हो जाता। तब तक किसी वाहन को नहीं रोका जा सकता। इसके लिए जिला कलक्टर को पत्रावली भेज रखी है। रविवार को हाट के दिन ट्रैफि क व्यवस्था पूर्ण रूप से इस मार्ग पर बन्द रहती है।<br /><strong>- रघुवीर सिंह, थानाधिकारी सुकेत</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Apr 2024 17:47:56 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>वाहन घर पर खड़ा, कट गया टोल, क्या करें </title>
                                    <description><![CDATA[इस बारे में नवज्योति ने एनएचआई की कोटा युनिट के डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर से बात की और जवाब तलाशे।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/vehicle-parked-at-home--toll-deducted--what-to-do/article-67365"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-01/vahan-ghr-pr-khda,-cut-gya-toll,-kya-kre...kota-news-18-01-2024.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। राष्ट्रीय राजमार्गों पर बने टोल प्लाजा पर वाहन मालिकों की सुविधा के लिए केंद्र सरकार द्वारा फास्ट टैग की व्यवस्था की गई थी जिसमें किसी भी वाहन मालिक को प्लाजा पर टोल देते समय ज्यादा देर तक नहीं रुकना पड़े। टोल प्लाजा के अलावा फास्ट टैग वाहन मालिक के लिए कई जगहों पर फायदेमंद है। लेकिन अक्सर लोग शिकायत करते हैं कि उनकी गाड़ी घर पर खड़ी है और टोल प्लाजा से उनके खाते से टोल कट गया है। आखिर ऐसा कैसे हो सकता है। जब गाड़ी ही नहीं निकली तो फिर टोल कैसा? गत दिनों जयपुर में खड़ी गाड़ी के नाम पर मानेसर टोल प्लाजा पर टोल राशि कट गई। ऐसे में वाहन मालिक दूविधा में पड़ जाते हैं उन्हें समझ में नहीं आता की टोल क्यों कटा और कटी हुई राशी को वापस कैसे पाया जाए। इन्हीं सवालों के जवाब के लिए नवज्योति ने एनएचआई की कोटा युनिट के डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर अश्विनी कुमार चौहान से बात की और जवाब तलाशे।</p>
<p><strong>द टोल कटने के कारण क्या ? </strong><br />टोल कटने के सवाल पर चौहान ने बताया कि ऐसा देखा गया है कि गाड़ी कहीं और खड़ी है और टोल किसी दूसरे स्थान पर कट गया। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह हो सकती है कि कोई व्यक्ति आपके वाहन के नंबर का वाहन उपयोग कर रहा है तो टोल प्लाजा वाले मैनुअली गाड़ी का नंबर डालकर उससे टोल राशी जमा कर लेते हैं जिसमें वाहन तो किसी और का होता है लेकिन पैसे आपके अकाउंट से कट जाते हैं। इसके अलावा अगर आपका फास्ट टैग किसी दूसरे व्यक्ति के पास भी हो जो आपने किसी अन्य बैंक से जारी तो करवाया लेकिन उसे बंद नहीं करवाया तो उस स्थिति में भी राशी कट सकती है।</p>
<p><strong>द कटी हुई राशी को कैसे वापस पाएं ?</strong><br />अगर किसी के साथ ऐसी घटना होती है जिसमें उसके अकाउंट से बिना टोल प्लाजा से गुजरे टोल की राशी कट जाए तो वह व्यक्ति टोल कटने के 40 दिन के भीतर भारतीय राष्टÑीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा जारी हेल्पलाइन न. 1033 पर अपनी शिकायत दर्ज कर सकता है। जहां संबंधित व्यक्ति के वाहन से जुड़ी जानकारी मांगी जाती है, जैसे गाड़ी कहां खड़ी थी राशी कहां कटी और राशी कटने का मैसेज। जिसमें जांच के बाद अगर आपकी शिकायत सही पाई जाती है तो आपकी राशी को 20 से 30 कार्य दिवस के अंदर आपके अकाउंट में वापस जमा करा दिया जाएगा। </p>
<p><strong>द एक वाहन पर दो फास्टैग हो सकते हैं ?</strong><br />नहीं एक वाहन पर दो फास्टैग नहीं हो सकते ऐसा करने पर दोनों ही फास्टैग ब्लेकलिस्ट कर दिए जाएंगे और जुर्माना भी हो सकता है। कई बार वाहन मालिक अलग अलग बैंक अकाउंट से अलग अलग फास्टैग जारी करा लेते हैं जो भी पूर्णतया गलत है।</p>
<p><strong>द अगर दिए गए समय में रिफंड ना हो तो ?</strong><br />अगर किसी व्यक्ति की राशी समय पर रिफंड ना हुई हो और वो जांच से संतुष्ट नहीं हो तो वो हेल्पलाइन नं पर फिर से शिकायत दर्ज कर सकता है।</p>
<p><strong>द किसी ने फास्टैग चुरा लिया या खाने की स्थिति में क्या किया जाए ?</strong><br />फास्टैग को वाहन के विंड शिल्ड पर लगाना अनिवार्य है नहीं लगाने पर स्कैनर फास्टैग स्कैन नहीं कर पाएगा। वहीं फास्टैग खो जाने, चोरी हो जाने या खराब हो जाने की स्थिति में वाहन मालिक नए फास्टैग के लिएआवेदन कर सकता है जिसमें उसका पूराना फास्टैग निष्क्रिय होने के साथ ही पूराना बेलेंस वापस आ जाएगा।</p>
<p><strong>द टोल प्लाजा पर फास्टैग स्कैन नहीं होने पर ?</strong><br />टोल प्लाजा पर फास्टैग के लिए लेन निर्धारित हैं जिनमें से गुजरने पर ही मशीन फास्टैग को स्कैन करती है। वाहन मालिकों को सिर्फ फास्टैग के लिए निर्धारित लेन में से गुजरने की हिदायत दी जाती है। </p>
<p><strong>द 31 जनवरी के बाद अपूर्ण केवाईसी वाले होंगे ब्लैकलिस्ट ?</strong><br />भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा इन सारी समस्याओं से निजात पाने के लिए एक वाहन एक फास्टैग की पहल शुरु करने जा रहा है। जिसके तहत वाहन मालिकों को केवाईसी पूरी करवाकर नवीन फास्टैग जारी करवाना होगा। जिसमें पूर्व में जारी फास्टैग की बकाया राशी नवीन फास्टैग में स्थानांतरित कर दी जाएगी। वाहन धारक को 31 जनवरी से पूर्व अपने अपूर्ण केवाईसी वाले फास्टैग के स्थान पर पूर्ण केवाईसी करवाकर नया फास्टैग लेना होगा। नया फास्टैग जारी नहीं करवाने की दशा में 31 जनवरी के बाद बैंक पूर्व में जारी फास्टैग को निष्क्रिय कर देगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jan 2024 16:22:17 +0530</pubDate>
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                <title>स्टेट हाईवे पर टोल वसूलने के बाद भी सड़क टूटी</title>
                                    <description><![CDATA[गांवों में भी सड़क किनारे बसे लोगों ने चबूतरे बना कर कब्ज करने से भी सड़क सकरी हो गई है, गांव सांडला में सड़क किनारे लोगों ने गोबर की रोडियां बनाकर कब्जा कर रखा है। इसको लेकर न तो पंचायत प्रशासन ध्यान दे रहा है और न हीं  सार्वजनिक निर्माण विभाग ध्यान दे रहा है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/tonk/road-broken-even-after-collecting-toll-on-state-highway/article-15068"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/w-9.jpg" alt=""></a><br /><p>टोडारायसिंह। दूदू-मालपुरा-टोडा-छाण स्टेट हाईवे 37 ए पर कई गांवों में बाईपास नहीं बनाने से आए दिन दुर्घटनाएं होना आम बात हो गई है, वहीं बार वाहनों के जाम लग जाने से आवागमन बाधित रहता है। दूसरी ओर स्टेट हाईवे पर टोल वसूलने के बाद भी सड़क कई जगहों से टूट चुकी है तथा क्षतिग्रस्त होने पर मरम्मत नहीं करवाई जा रही है।</p>
<p>उपखण्ड मुख्यालय से वाया खरेडा-टोंक मार्ग पर गांव सांडला, बांसेडा, गणेता, बिबोलाव मेंं बाईपास नहीं होने से आए दिन दुर्घटनाएं होना आम बात हो गई है। वहीं गांवों में वाहनों के जाम लगने से आवागमन भी कई घंटों बािधत रहता है। गांवों में भी सड़क किनारे बसे लोगों ने चबूतरे बना कर कब्ज करने से भी सड़क सकरी हो गई है, गांव सांडला में सड़क किनारे लोगों ने गोबर की रोडियां बनाकर कब्जा कर रखा है। इसको लेकर न तो पंचायत प्रशासन ध्यान दे रहा है और न हीं  सार्वजनिक निर्माण विभाग ध्यान दे रहा है। गांव गणेता और बिबोेलाव में रास्ता इतना सकरा कर दिया गया जहां चौपहिया वाहन आसानी से नहीं निकल पाता है। इन गांवों में घंटों जाम की स्थिति बनी रहती है। वाहन चालकों में कई बार कहासुनी व मारपीट की स्थिति होने से वाहनों की लम्बी कतार लग जाती है। जिससे वाहन चालकों के साथ दुपहिया वाहन व राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने स्टेट हाई वे पर बाईपास बनाने के लिए कई बार जनसुवाई व पीडब्ल्यूडी तथा  उपखण्ड प्रशासन को अवगत कराया दिया गया, लेकिन कोई विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। दूसरी ओर ग्रामीणों ने बताया कि जबकि इस मार्ग पर टोल वसूला जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>टोंक</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 Jul 2022 14:20:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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                <title>अविकानगर टोल प्लाजा का विरोध</title>
                                    <description><![CDATA[ टोंक जिले के मालपुरा शहरी सीमा में जयपुर.भीलवाड़ा सड़क मार्ग पर बने अविकानगर टोल प्लाजा का एक बार फिर से विरोध तेज हो गया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/tonk/protest-against-avikanagar-toll-plaza/article-12817"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/t-5.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मालपुरा।</strong> टोंक जिले के मालपुरा शहरी सीमा में जयपुर.भीलवाड़ा सड़क मार्ग पर बने अविकानगर टोल प्लाजा का एक बार फिर से विरोध तेज हो गया है। स्थानीय लोगों से टोल वसूली के विरोध में आज पूर्व उपजिला प्रमुख अवधेश शर्मा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोगों ने विरोध.प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की। इस दौरान आक्रोशित लोगों ने जयपुर भीलवाड़ा मार्ग पर जाम भी लगा दिया। जिससे दोनों और वाहनों की कतारें लग गई। सूचना पर मालपुरा एसडीएम रामकुमार वर्मा, सीओ प्रदीप गोयल, थानाधिकारी कैलाश विश्नोई मय जाब्ता मौके पर पहुंचे। </p>
<p>जहां टोल प्रबंधन से वार्ता कर कल गुरुवार को आरएसआरडीसी के अधिकारियों और टोल संचालक कम्पनी सहित विरोध कर रहे लोगों के प्रतिनिधि मंडल की वार्ता के आश्वासन के बाद जाम खुलवाया गया। प्रदर्शन कर रहे लोगों का आरोप था कि टोल कंपनी द्वारा मालपुरा सीमा में टोल नाका लगाकर स्थानीय लोगों से टोल वसूला जा रहा है जो कि गलत है। लोगों की मांग थी कि मालपुरा पेराफेरी क्षेत्र के लोगों से टोल वसूली तत्काल बंद की जाए एवं टोल को शहरी क्षेत्र से हटाया जाएं। लेकिन टोल ठेका कम्पनी द्वारा आए दिन टोल की दरों में बढ़ोतरी कर आमजन को परेशान किया जा रहा है। जिससे लोगों को भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने मांगे नही माने जाने पर उग्र आंदोलन की भी चेतावनी दी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>टोंक</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Jun 2022 14:12:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>टोल मुक्ति के लिए भाजपा के आन्दोलन के दावों की निकली हवा</title>
                                    <description><![CDATA[ पूर्व उप जिला प्रमुख व क्षेत्रीय कांगे्रस नेता एडवोकेट अवधेश शर्मा द्वारा टोल के खिलाफ सौश्यल मीडिया पर आन्दोलन की रूपरेखा बनाए जाने की खबर मिलते ही स्थानीय भाजपा ने आनन-फानन में श्रेय लूटने की योजना बनाई। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/sawai-madhopur/the-claims-of-the-bjps-movement-for-toll-relief-came/article-12205"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/tol.jpg" alt=""></a><br /><p><strong> मालपुरा।</strong> क्षेत्र की जनता के लिए व्याप्त समस्याओं में से एक बडी समस्या टोल नाकों पर भारी भरकम टोल राशि वसूला जाना सामने आ रहा है।पूर्व उप जिला प्रमुख व क्षेत्रीय कांगे्रस नेता एडवोकेट अवधेश शर्मा द्वारा टोल के खिलाफ सौश्यल मीडिया पर आन्दोलन की रूपरेखा बनाए जाने की खबर मिलते ही स्थानीय भाजपा ने आनन-फानन में श्रेय लूटने की योजना बनाई। मंडल अध्यक्ष त्रिलोक चंद जैन के नेतृत्व में भाजपाईयों के साथ उपखंड अधिकारी कार्यालय को ना केवल ज्ञापन दिया गया बल्कि सात दिन में समस्या समाधान किए जाने की चेतावनी देते हुए समाधान नहीं होने की दशा में आन्दोलन का अल्टीमेटम दे दिया गया।</p>
<p>लेकिन 10 दिन से अधिक समय गुजरने के बावजूद भाजपा द्वारा इस दिशा में कुछ नहीं किया गया। जिससे जनहित से जुडेÞ मुद्दे पर विपक्ष के दावों की पोल खुल गई तथा ज्ञापन देने वाले भाजपा पदाधिकारी सौश्यल मीडिया पर जमकर ट्रोल किए जा रहे है। सोशल मीडिया पर आने वाले कमेंटस में ताने कसे जा रहे है कि आखिर कुछ करना ही नहीं था तो जबरन बड़े-बड़े दावे करने की क्या जरूरत आन पड़ी थी। क्या शर्मा द्वारा टोल के खिलाफ किए जाने वाले आन्दोलन पर जनता के समर्थन को रोकने के लिए किया गया स्टंट मात्र था। <br />बहरहाल आन्दोलन किसी के भी नेतृत्व में हो क्षेत्र के लोगों को तो राहत की दरकार है। लेकिन आन्दोलन के अगुवा को उसका श्रेय मिलेगा ही। क्षेत्र के जनप्रतिनिधि जनता से जुडे मुद्दों पर आंख, कान बंद कर वोट बैंक को अपनी मुठ्ठी में समझने की जो भूल कर रहे है शायद उन्हें ही इसका कोप झेलना पड़े।</p>
<p>वर्तमान में विधानसभा क्षेत्रवासी जयपुर जाने के लिए महज 90 किमी के सफर के लिए दो टोल चुकाने को विवश है तथा जेब कटवाने को मजबूर है। दुर्भाग्य की बात है कि जिनको इसके खिलाफ आवाज उठाने की जरूरत है वे ना जाने किस दबाव में चुप है। 22 जून को टोल के खिलाफ किए जाने वाले आन्दोलन को लेकर क्षेत्र के लोग एकजुट होते दिखाई दे रहे है।</p>
<p><br />जयपुर-भीलवाड़ा टोल रोड पर अविकानगर टोल नाके के खिलाफ लोगों में गुस्सा है जहां टोल नाके पर तैनात ठेकेदार व उसके कार्मिकों द्वारा मनमानी व महंगी दरों, पास जारी नहीं किए जाने की समस्या तथा क्षेत्रीय लोगों को राहत नहीं दिए जाने के खिलाफ 22 जून को पूर्व उप जिला प्रमुख एडवोकेट अवधेश शर्मा के नेतृत्व में प्रदर्शन किया जाएगा। शर्मा का कहना है कि आन्दोलन की घोषणा को लोगों का समर्थन मिल रहा है तथा प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे। <br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>सवाई माधोपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Jun 2022 12:28:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>  बच्चों को स्कूल छोड़ने के लिए भी चुकाना पड़ रहा टोल, छूट नहीं मिलने से हो रही भारी परेशानी</title>
                                    <description><![CDATA[ नियम-कायदों को ताक में रखकर मालपुरा के बाहर अविकानगर के पास स्थित टोल नाका अब स्थानीय नागरिकों की मुसीबत का सबब बनता जा रहा है। जिसका दबे स्वर में विरोध मुखर होता जा रहा है तथा टोल मुक्ति के लिए प्रस्तावित आन्दोलन को धीरे-धीरे जन समर्थन मिल रहा है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/sawai-madhopur/-children-have-to-pay-toll-even-for-leaving-school-hugehuge-trouble-due-to-not-getting-discount/article-11995"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/tool-p.jpg" alt=""></a><br /><p>मालपुरा। नियम-कायदों को ताक में रखकर मालपुरा के बाहर अविकानगर के पास स्थित टोल नाका अब स्थानीय नागरिकों की मुसीबत का सबब बनता जा रहा है। जिसका दबे स्वर में विरोध मुखर होता जा रहा है तथा टोल मुक्ति के लिए प्रस्तावित आन्दोलन को धीरे-धीरे जन समर्थन मिल रहा है। मालपुरा से जयपुर के 90 किमी के सफर के लिए इस सड़क मार्ग से यात्रा करने वाले वाहन चालकों को दो टोल नाकों पर शुल्क चुकाना पड़ता है जो आर्थिक भार के रूप में सामने है। <br /><br />स्थानीय नागरिकों की समस्या है कि मालपुरा से महज पांच किमी की दूरी पर स्थित अविकानगर में स्थित केन्द्रीय विद्यालय एवं सरकारी विद्यालयों में बच्चों को छोड़ने जाने तक के लिए अभिभावकों को टोल चुकाना पड़ रहा है, यहीं नहीं स्थायी रूप से तैनात नियमित रूप से सफर करने वाले सरकारी कर्मचारियों तक को वाहन से नौकरी पर पहुंचने के लिए भारी भरकम टोल राशि चुकानी पड़ रही है जो अब स्थानीय नागरिकों को नागवार गुजर रहा है। जयपुर-भीलवाडा टोल रोड प्राइवेट लिमिटेड के हाथों में पूर्व में टोल वसूली का प्रबंधन रहने के दौरान न्यूनतम दूरी के लिए स्थायी व नियमित रूप से टोल नाका क्रॉस करने वाले वाहन चालकों के पास की व्यवस्था को भंग कर आरएसआरडीसी के कर्मचारियों द्वारा पूरा टोल वसूलने से ऐसे लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।<br /><br />ऐसे लोगों द्वारा पास बनाए जाने का अनुरोध करने अथवा किसी तरह की छूट का प्रावधान मांगे जाने के बावजूद आरएसआरडीसी द्वारा टोल शुल्क में किसी प्रकार की राहत नहीं दी जा रही है जिससे लोगों में आक्रोश व्याप्त है। अधिकारियों, पत्रकारों, स्कूली वाहनों अथवा नियमित वाहनों को शुल्क से माफी अथवा छूट का लाभ होने की पात्रता के बावजूद टोल कर्मचारियों के अभद्र व्यवहार का शिकार होना पड़ता है। जिसके कई मामले उजागर हो चुके है। कर्मचारियों के असभ्य व्यवहार का शिकार होने वाला वाहन चालक परिजनों के समक्ष किसी बदसलूकी अथवा झगडेÞ से बेहत्तर टोल चुकाने को अपनी नियति मान कर शुल्क राशि अदा करने को मजबूर है।<br /><br />जबकि अन्य टोल नाकों पर लगभग 10 किमी परिधि के स्थानीय नागरिकों को टोल नहीं चुकाने की जानकारी सामने आ रही है इसके विपरीत मालपुरा में यह वूसली लगातार जारी है। सत्ता पक्ष व विपक्ष में रहने के बावजूद स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा इस समस्या से त्रस्त स्थानीय लोगों को राहत प्रदान करने की दिशा में कोई सार्थक कदम नहीं उठाया जा रहा है जिससे आज भी इस राह से सफर करने वाले लोगों को अपनी जेब भारी भरकम टोल राशि चुका कर कटानी पड़ रही है। आगामी दिनों में टोलमुक्ति के लिए आन्दोलन की सुगबुगाहट को आमजन का भरपूर समर्थन मिलता दिखाई दे रहा है तथा सौश्यल मीडिया पर लोगों के सुझाव आ रहे हैं तथा इसके खिलाफ एकजुट होकर विरोध करने पर सहमति बनती दिखाई दे रही है।  <br /><br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>सवाई माधोपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Jun 2022 12:27:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सावधान कोरोना से मौत का आंकड़ा फिर बढ़ा, INDIA में 20 लोगों की मौत, सर्वाधिक 15 केरल में</title>
                                    <description><![CDATA[देश में कोरोना के सक्रिय मामलों की दर 0.04 प्रतिशत,  रिकवरी रेट 98.74 फीसदी तथा मृत्यु दर 1.22 फीसदी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/careful-corona-death-toll-increased-again--20-people-died-of-corona-in-the-country--15-in-kerala/article-9071"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/corona03.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस महामारी से 20 लोगों की मौत हुई है, जिनमें से केरल में सबसे अधिक 15 लोगों की, उसके बाद पंजाब में तीन, तथा मिजोरम और महाराष्ट्र में एक-एक कोविड मरीज की मौत हुई है।</p>
<p>केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि देश में एक अरब 89 करोड़ 41 लाख 68 हजार 295 कोविड टीके दिये जा चुके हैं। मंत्रालय ने बताया कि पिछले 24 घंटों में कोविड संक्रमण के 3157 नये मरीज सामने आये हैं। वहीं इस दौरान 2,911 लोग कोविड से मुक्त हुए हैं। अभी तक कुल चार करोड़ 25 लाख 41 हजार 887 मरीज कोविड से उबर चुके हैं। वहीं इस बीमारी से 20 और मरीजों की मौत होने से मृतकों का आंकड़ा 523889 हो गया है।  इस समय देश में कोरोना के सक्रिय मामलों की दर 0.04 प्रतिशत,  रिकवरी रेट 98.74 फीसदी तथा मृत्यु दर 1.22 फीसदी है।<br /><br />बीते कुछ दिनों से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कोरोना के नये मामलों में तेजी के बाद पिछले 24 घंटों के दौरान इनमें कमी दर्ज की गयी है। राजधानी में सक्रिय मामले 253 घटकर 5744 रह गए। वहीं 1329 लोगों के स्वस्थ होने के बाद इससे निजात पाने वाले लोगों का आंकड़ा 1853717 पर पहुंच गया, मृतकों की संख्या 26,175 पर स्थिर हैं।<br /><br />हरियाणा में सक्रिय मामले पांच बढ़कर 2501 हो गये हैं। इस दौरान 434 लोगों के स्वस्थ होने से महामारी से उबरने वाले मरीजों की कुल संख्या 980306 हो गयी। जबकि मृतकों का आंकड़ा 10,619 पर स्थिर है। केरल में कोरोना वायरस के सक्रिय मामले 51 घटकर 2779 हो गए है। इससे निजात पाने वाले लोगों की संख्या 286 बढ़कर 6470116 हो गयी, जबकि मृतकों की संख्या में 21 की बढ़ोतरी होने से यह आंकड़ा 69068 पर पहुंच गया है।<br /><br />कर्नाटक में कोरोना के सक्रिय मामलों की संख्या 35 बढ़कर 1815 हो गयी, जबकि 76 लोगों के स्वस्थ होने के बाद कोरोना मुक्त लोगों की संख्या 3905920 हो गयी है। मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 40102 हो गया है। उत्तर प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान सक्रिय मामले 34 बढ़कर 1621 हो गये हैं। राज्य में इस दौरान 159  लोग महामारी से उबरे और स्वस्थ होने वालों की कुल संख्या 2049679 हो गयी। इस दौरान मृतकों की संख्या 23,508 पर स्थिर रही।<br /><br />महाराष्ट्र में इस दौरान सक्रिय मामले 21 बढ़कर 1016 हो गये हैं। राज्य में 70 लोगों के स्वस्थ होने के बाद इस महामारी को मात देने वालों की संख्या बढ़कर 7729133 हो गयी। यहां मृतकों का आंकड़ा 147844 हो गया है।मिजोरम में सक्रिय मामले 193 घटकर 475 हो गए हैं। इस दौरान राज्य में 255 लोगों के स्वस्थ होने के बाद इस  महामारी को मात देने वालों की संख्या बढ़कर 226384 हो गयी। राज्य में मृतकों का आंकड़ा 697 हो गया है।<br /><br />तमिलनाडु में पिछले 24 घंटों में नौ सक्रिय मामले बढ़कर 505 हो गया हैं। यहां इस दौरान 49 लोगों के कोरोना मुक्त होने के बाद महामारी से उबरने वालों की कुल संख्या 3415489 हो गये, जबकि मरने वालों की संख्या 38,025 पर बरकरार है।<br /><br />पश्चिम बंगाल में पिछले 24 घंटों में सक्रिय मामले आठ बढ़कर 405 हो गये तथा कोरोना मृतकों का आंकड़ा 21,202 पर पहुंच गया है। राज्य में संक्रमण मुक्त लोगों की संख्या 19 बढ़कर 1996733 हो गयी है। तेलंगाना में सक्रिय मामले पिछले 24 घंटों में राज्य में 331 हो गये हैं, जबकि मृतकों का आंकड़ा 4,111 पर  स्थिर है। राज्य में कोरोना मुक्त लोगों का आंकड़ा 787630 पर जा पहुंचा है।<br /><br />पंजाब में इस दौरान कोरोना के आठ सक्रिय मामले घटकर 183 हो गया  हैं और संक्रमण से निजात पाने वालों की संख्या 741712  हो गयी है। राज्य में मृतकों का आंकड़ा 17,751 हो गया है। राजस्थान  में कोरोना के सक्रिय मामले 51 बढ़कर 431 हो गये हैं। कोरोना मुक्त होने वालों की संख्या 1273798 हो गयी है  तथा मृतकों का आंकड़ा 9,552 पर स्थिर है।<br /><br />मध्य प्रदेश में सक्रिय मामले 19 बढ़कर 190 हो गये। राज्य में  इस जानलेवा वायरस को मात देने वालों की संख्या में चार का इजाफा होने से यह 1030589 पर पहुंच गयी है जबकि अभी तक 10735 लोगों की इस जानलेवा वायरस के संक्रमण से मौत हो  चुकी है। गुजरात में कुल सक्रिय मामलों की संख्या 11 घटकर 111 जा पहुंची है। पिछले 24 घंटों में यहां 27 लोगों के स्वस्थ्य होने से महामारी से उबरने वालों की संख्या 1213320 हो गयी है। मृतकों की संख्या 10,943 पर स्थिर है। आंध्र प्रदेश में इस समय 34  सक्रिय मामले हैं। राज्य  में इस जानलेवा  वायरस को मात देने वालों की संख्या 2304939 है, जबकि मृतकों की संख्या 14,730 पर स्थिर है।<br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 03 May 2022 12:01:21 +0530</pubDate>
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