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                <title>forces - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                            <item>
                <title>भारत और फ्रांस की सेनाओं का संयुक्त सैन्य अभ्यास शक्ति 8 : रेडियो सिग्नल पकड़ने, उन्हें जाम करने और ड्रोन निष्क्रिय करने की कवायद</title>
                                    <description><![CDATA[दोनों सेनाओं ने शहरी युद्ध, बाधा पार करने, संयुक्त गश्त और सैनिकों की तैनाती जैसे कई मिशन के विशेष अभ्यास किए। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/joint-military-exercise-power-of-india-and-france-forces-8/article-118858"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/6622-copy60.jpg" alt=""></a><br /><p>वर्साय। भारत और फ्रांस की सेनाओं के बीच चल रहा संयुक्त सैन्य अभ्यास शक्ति-8 दोनों देशों की सेनाओं के बीच रणनीतिक सहयोग और परिचालन स्तर के तालमेल को और मजबूत कर रहा है। यह अभ्यास फ्रांस के दक्षिणी हिस्से में स्थित कैंप लारजैक, ला कावालरी में आयोजित किया जा रहा है। इस अभ्यास में भारत की तरफ से जम्मू-कश्मीर राइफल्स बटालियन के करीब 90 सैनिक भाग ले रहे हैं, जबकि फ्रांसीसी सेना की ओर से 13वीं डेमी-ब्रिगेड डे लेजियन एत्रांजेरे (विदेशी सेना ब्रिगेड) हिस्सा ले रही है। ये सैन्य युद्ध अभ्यास शहरी और अर्ध-विकसित इलाकों में किया गया। इस दौरान दोनों सेनाओं ने शहरी युद्ध, बाधा पार करने, संयुक्त गश्त और सैनिकों की तैनाती जैसे कई मिशन के विशेष अभ्यास किए। </p>
<p>ये सभी अभ्यास वास्तविक युद्ध स्थितियों के अनुरूप किए गए, जिससे सैनिकों की रणनीतिक लचीलेपन और फुर्ती में सुधार हुआ। सैन्य विशेषज्ञों ने बताया कि इस तरह के सैनिक अभ्यास वास्तविक युद्ध में बहुत काम आते हैं। क्योंकि इससे सैनिकों के कम्बैट अनुभव में इजाफा होता है।  इस कड़ी में विशेषज्ञ टीमों ने रेडियो सिग्नल पकड़ने, उन्हें जाम करने, स्पेक्ट्रम नियंत्रण और ड्रोन निष्क्रिय करने जैसे आधुनिक तकनीकों का अभ्यास किया। इससे दोनों सेनाओं की आधुनिक युद्धक्षेत्र में काम करने की क्षमता को मजबूती मिली। इस अभ्यास का विशेष आकर्षण रहा चार दिन यानी 96 घंटे तक चलने वाला हाई-इंटेंसिटी फील्ड ऑपरेशन। </p>
<p><strong>जवानों ने दिखाया कौशल </strong><br />इसमें दोनों देशों की सेनाओं ने एक साथ मिलकर बहु आयामी युद्ध परिदृश्य को को यथार्थ आॅपरेशन में बदल दिया। इस दौरान सैनिकों की सहनशक्ति, फैसले लेने की क्षमता और नेतृत्व कौशल की परीक्षा ली गई। भारत के फ्रांस और मोनाको में राजदूत संजीव सिंगला ने कैंप का दौरा कर भारतीय सैनिकों से मुलाकात की। उन्होंने सैनिकों की प्रोफेशनलिज्म की सराहना की और भारत-फ्रांस रक्षा सहयोग में उनके योगदान को अहम बताया। उनके दौरे ने सैनिकों का मनोबल और बढ़ाया। शक्ति-8 अभ्यास से यह साबित हो गया है कि भारत और फ्रांस की सेनाएं एक-दूसरे से बेहतर तरीके से समन्वय कर सकती हैं। इस अभ्यास ने रणनीतिक विश्वास, तकनीकी समझ और संयुक्त अभियान क्षमता को नई ऊंचाई दी है। यह दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक और मजबूत कदम है। उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ दशकों में फ्रांस और भारत सैनिक सहयोग के मामले में लगातार करीब आते जा रहे हैं। हाल में उनका आपसी समन्वय बहुत बढ़ गया है और फ्रांस भारत का प्रमुख रक्षा सहयोगी बन चुका है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 29 Jun 2025 11:18:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ताइवान के आसपास मंडरा रहे हैं चीन के विमान, सशस्त्र बलों ने की स्थिति की निगरानी </title>
                                    <description><![CDATA[ताइवान के सशस्त्र बलों ने स्थिति की निगरानी की है और प्रतिक्रिया दी है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/chinese-planes-hovering-around-taiwan-armed-forces--situation%C2%A0/article-83153"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/6699-copy16.jpg" alt=""></a><br /><p>ताइपेई। ताइवान की सेना ने द्वीप के करीब मंडरा रहे चीन के पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के 23 विमानों और पांच जहाजों का पता लगाया है। ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने एक्स पर कहा कि सुबह 6 बजे तक ताइवान के आसपास चीन के 23  विमान और 5 जहाजों का पता चला। बीस विमान ताइवान के उत्तरी, मध्य, दक्षिण-पश्चिम और पूर्वी हवाई क्षेत्र में प्रवेश कर गए। ताइवान के सशस्त्र बलों ने स्थिति की निगरानी की है और प्रतिक्रिया दी है।</p>
<p>गौरतलब है कि द्वीप के प्रशासन के नए प्रमुख लाई चिंग-ते के पदभार ग्रहण करने के दो दिन बाद चीनी सशस्त्र बलों ने ताइवान के आस-पास व्यापक सैन्य अभ्यास किया। उनसे अपने पूर्ववर्ती की स्वतंत्रता समर्थक नीति को जारी रखने की उम्मीद है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 29 Jun 2024 18:10:03 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>युवाओं के लिए पुलिस बलों तथा असम राइफल्स में 10 प्रतिशत सीटें आरक्षित</title>
                                    <description><![CDATA[अग्निपथ योजना के विरोध में आंदोलन कर रहे युवाओं को विश्वास में लेने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सरकार ने अग्निवीरों के लिए केंद्रीय पुलिस बलों और असम राइफल में 10 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने का निर्णय लिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/10-percent-seats-reserved-for-youths-in-police-forces-and-rifles/article-12514"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/indian-army-copy1.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। अग्निपथ योजना के विरोध में आंदोलन कर रहे युवाओं को विश्वास में लेने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सरकार ने अग्निवीरों के लिए केंद्रीय पुलिस बलों और असम राइफल में 10 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा अग्निवीरों के पहले बैच को केंद्रीय पुलिस बलों और असम राइफल्स की भर्ती में अधिकतम आयु सीमा में पांच वर्ष की और बाद के बैचों को तीन वर्ष की छूट देने की भी घोषणा की है।<br />गृह मंत्री के कार्यालय की ओर से किए गए ट्वीट ने कहा गया कि गृह मंत्रालय ने केंद्रीय पुलिस बलों और असम राइफल्स में होने वाली भर्तियों में अग्निपथ योजना के अंतर्गत चार साल पूरा करने वाले अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत रिक्तियों को आरक्षित करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।</p>
<p>एक अन्य ट्वीट में कहा गया कि गृह मंत्रालय ने केंद्रीय पुलिस बलों और असम राइफल्स में भर्ती के लिए अग्निवीरों को निर्धारित अधिकतम आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट देने का निर्णय किया है। और अग्निपथ योजना के पहले बैच के लिए यह छूट पांच वर्ष होगी। उल्लेखनीय है कि तीनों सेनाओं में जवानों की भर्ती के लिए सरकार ने अग्निपथ योजना की शुरुआत की है, जिसके तहत भर्ती किए जाने वाले अग्निवीरों का कार्यकाल केवल चार साल का होगा। देश में युवा इस योजना का विरोध करते हुए आंदोलन कर रहे है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 18 Jun 2022 12:00:10 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title> अग्निपथ योजना के तहत अग्नि वीरों को केंद्रीय पुलिस बलों में प्रथमिकता  </title>
                                    <description><![CDATA[केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि अग्निपथ योजना के तहत तीनों सेनाओं में चार वर्ष का कार्यकाल पूरा करने वाले अग्नि वीरों को केंद्रीय पुलिस बलों तथा असम राइफल्स में भर्ती के मामले में प्राथमिकता दी जाएगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/-agni-veers-will-be-given-priority-in-central-police-forces-under-agneepath-scheme/article-12253"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/amit-shah-new.jpg" alt=""></a><br /><p></p>
<p></p>
<p><strong><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">नई दिल्ली</span><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">।</span> </span></strong><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि अग्निपथ योजना के तहत तीनों सेनाओं में चार वर्ष का कार्यकाल पूरा करने वाले अग्नि वीरों को केंद्रीय पुलिस बलों तथा असम राइफल्स में भर्ती के मामले में प्राथमिकता दी जाएगी। शाह ने ट्वीट कर अग्नीपथ योजना शुरू करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अभिनंदन करते हुए कहा कि यह योजना दूरदर्शी और और युवाओं का भविष्य उज्जवल बनाने की दिशा में उठाया गया कदम है। उन्होंने कहा कि<span>  </span>गृह मंत्रालय ने अग्नि वीरों को चार वर्ष का कार्यकाल पूरा होने के बाद केंद्रीय पुलिस बलों और असम राइफल्स में भर्ती के मामले में प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">उन्होंने कहा</span>, ''<span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">अग्निपथ योजना</span> <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए नरेंद्र मोदी जी का एक दूरदर्शी व स्वागत योग्य निर्णय है। इसी संदर्भ में आज गृह मंत्रालय ने इस योजना में चार साल पूरा करने वाले अग्निवीरों को केंद्रीय पुलिस बलों और असम राइफल्स में भर्ती में प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है।एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा</span>, ''<span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में गृह मंत्रालय के इस निर्णय से </span>'<span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">अग्निपथ योजना</span> <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">से प्रशिक्षित युवा आगे भी देश की सेवा और सुरक्षा में अपना योगदान दे पायेंगे। इस निर्णय पर विस्तृत योजना बनाने का काम शुरू हो गया है। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की सुरक्षा मामलों की समिति ने तीनों सेनाओं में जवानों की भर्ती के लिए अग्निपथ नाम की नई योजना शुरू करने को मंजूरी दी थी।</span></p>
<p class="MsoNormal"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Jun 2022 17:31:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>बारामूला में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में 3 आतंकी ढेर</title>
                                    <description><![CDATA[जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले में सुरक्षा बलों के साथ बुधवार को हुई मुठभेड़ में तीन संदिग्ध पाकिस्तानी आतंकवादी मारे गये जबकि एक पुलिसकर्मी शहीद हो गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/-dr3-terrorists--killed--encounter--with--security--forces--srinagaraft--add-your-title/article-10428"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/at.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><strong><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">श्रीनगर। </span></strong><span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले में सुरक्षा बलों के साथ बुधवार को हुई मुठभेड़ में तीन संदिग्ध पाकिस्तानी आतंकवादी मारे गये। जबकि एक पुलिसकर्मी शहीद हो गया। यह मुठभेड़ जिले के नजीभात क्रीरी इलाके में आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान हुई।</span></p>
<p class="MsoNormal"> <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">कश्मीर के पुलिस महानिरीक्षक विजय कुमार ने कहा कि अचानक हुई इस मुठभेड़ में तीन पाकिस्तानी आतंकवादी मारे गए तथा एक पुलिसकर्मी शहीद हो गया। उन्होंने बताया कि मुठभेड़ स्थल से आपत्तिजनक सामग्री के साथ हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया।</span> <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">मुठभेड़ में मारे गए आतंकवादी किस संगठन से जुड़े थे</span>, <span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi">इसकी जानकारी अभी नहीं हो पायी है।यह मुठभेड़ श्रीनगर में एक आतंकवादी हमले में एक पुलिसकर्मी के शहीद होने और उसकी पुत्री के घायल होने के एक दिन बाद हुई है।</span></p>
<p> </p>
<p></p>
<p></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Wed, 25 May 2022 16:01:02 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>बाइडेन का यूक्रेन में अमेरिकी सेना की किसी भी संभावित तैनाती से खंडन</title>
                                    <description><![CDATA[पोलैंड में 82वें एयरबोर्न डिवीजन की अपनी यात्रा के दौरान बाइडेन ने कहा था कि अमेरिकी सैनिकों को यूक्रेनी बहादुरी के कई उदाहरण दिखाई देंगे, जब वे वहां होंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/biden-denies-any-possible-deployment-of-us-forces-in-ukraine--no-us-military-deployment-in-ukraine--biden/article-6948"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/joe-biden.jpg" alt=""></a><br /><p>वाशिंगटन। यूक्रेन पर रूस के जारी हमले के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन का बयान सामने आया है। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने यूक्रेन में अमेरिकी सेना की किसी भी संभावित तैनाती का खंडन करते हुए कहा कि उनके शब्दों का गलत अर्थ निकाला गया। उन्होंने पोलैंड में अमेरिकी सैनिकों द्वारा यूक्रेन के सैनिकों को प्रशिक्षित करने की बात कही थी।<br /><br />पोलैंड में 82वें एयरबोर्न डिवीजन की अपनी यात्रा के दौरान बाइडेन ने कहा था कि अमेरिकी सैनिकों को यूक्रेनी बहादुरी के कई उदाहरण दिखाई देंगे, जब वे वहां होंगे। बाइडेन ने अपनी पिछली टिप्पणियों के बारे में सोमवार को पूछे गए एक सवाल का जवाब में कहा, ''आप इस तरह से शब्दों की व्याख्या करते हैं। मैं सैनिकों से बात कर रहा था। हम सैनिकों को प्रशिक्षित करने में मदद करने के बारे में बात कर रहे थे। इसका मतलब है कि यूक्रेन के सैनिक जो पोलैंड में हैं।''<br /><br />रूस द्वारा रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल पर उन्होंने कहा, ''इससे एक महत्वपूर्ण प्रतिक्रिया शुरू होगी। दुनिया बहुत कुछ जानना चाहती है। मैं उन्हें यह नहीं बता रहा हूं कि प्रतिक्रिया क्या होगी।''</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>यूक्रेन-रूस युद्ध</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 29 Mar 2022 15:46:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जम्मू-कश्मिर में अमित शाह की दो टूक:  सुरक्षा बलों ने आतंकवाद पर पाया काबू</title>
                                    <description><![CDATA[<p>जम्मू। अमित शाह ने जम्मू-कश्मिर के मौलाना आजाद स्टेडियम में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 83वें स्थापना दिवस समारोह में अपने संबोधन में कहा कि अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद सुरक्षा बलों ने जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को सफलतापूर्वक नियंत्रित कर लिया है।केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को सुरक्षा बलों की वीरता और बलिदान की प्रशंसा करते हुए कहा कि सुरक्षा बलों ने जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद पर सफलतापूर्वक नियंत्रण पाया है।</p>
<p>केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जब नरेंद्र मोदी ने 2014 में प्रधानमंत्री के रूप में पदभार संभाला, उसके बाद जम्मू-कश्मीर की स्थिति में काफी बदलाव</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/amit-shah-bluntly-in-jammu-and-kashmir--security-forces-control-terrorism/article-6388"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/amit-shah.jpg" alt=""></a><br /><p>जम्मू। अमित शाह ने जम्मू-कश्मिर के मौलाना आजाद स्टेडियम में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 83वें स्थापना दिवस समारोह में अपने संबोधन में कहा कि अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद सुरक्षा बलों ने जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को सफलतापूर्वक नियंत्रित कर लिया है।केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को सुरक्षा बलों की वीरता और बलिदान की प्रशंसा करते हुए कहा कि सुरक्षा बलों ने जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद पर सफलतापूर्वक नियंत्रण पाया है।</p>
<p>केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जब नरेंद्र मोदी ने 2014 में प्रधानमंत्री के रूप में पदभार संभाला, उसके बाद जम्मू-कश्मीर की स्थिति में काफी बदलाव आया है।ÓÓ उन्होंने कहा कि राज्य में पहली बार लोकतांत्रिक व्यवस्था को जमीनी स्तर पर ले जाया गया, जिससे ने केवल जम्मू-कश्मीर बल्कि पूरे देश को गर्व है। शाह ने कहा कि 33,000 से अधिक सदस्य पंच और सरपंच के रूप में चुने गए और वे जम्मू-कश्मीर को विकास की ओर ले जा रहे हैं। जिला और तहसील पंचायतों का गठन किया गया।</p>
<p> जम्मू-कश्मीर प्रशासन की सराहना करते हुए, केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि धारा 370 हटाये जाने के बाद दलित, पिछड़े ,महिला और पहाड़ी वर्ग जो विकास की यात्रा में पीछे छूट गये थे उन्हें भी नये नियमों के तहत विकास की मुख्यधारा से जोड़ा गया। जम्मू-कश्मीर सरकार यहां 33,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश सुनिश्चित करने में कामयाब रही है। उन्होंने कहा कि पीएमडीपी के तहत विकास और कल्याणकारी योजनाएं प्रशासन द्वारा हर घर जल, बिजली, आयुष्मान कार्ड और आजादी के बाद पहली बार सड़क संपर्क के रिकॉर्ड नेटवर्क जैसी हर घर में चलाई जा रही हैं।<br /><br /> उन्होंने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश में सात नए मेडिकल कॉलेज और दो एम्स जल्द ही चालू हो जाएंगे, जबकि लोगों को भ्रष्टाचार मुक्त सरकार देने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा,'एक निशान, एक प्रधान और एक विधान के पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित प्रेम नाथ डोगरा का सपना पूरा हो गया है। सीआरपीएफ की प्रशंसा करते हुए,री शाह ने कहा कि यह दुनिया का सबसे बड़ा अर्ध-सैन्य बल है और न केवल कानून और व्यवस्था बनाए रखता है बल्कि जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद से लड़ रहा है तथा नक्सलियों को खत्म कर रहा है। साथ ही देश की सर्वश्रेष्ठ पुलिस बल होने का अपना टैग भी बनाए रखा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सीआरपीएफ को नई ऊंचाइयों पर ले जाने और सभी नवीनतम गैजेट्स और प्रौद्योगिकी के साथ बल देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। <br /><br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/amit-shah-bluntly-in-jammu-and-kashmir--security-forces-control-terrorism/article-6388</link>
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                <pubDate>Sat, 19 Mar 2022 18:02:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रूस का रवैया</title>
                                    <description><![CDATA[यूक्रेन पर रूसी हमले को लेकर अमेरिका व अन्य नाटो देश के सख्त रवैया अख्तियार करने के बाद रविवार को रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने एक तरफ तो अपने परमाणु बलों को हाई अलर्ट पर रहने का आदेश दिया तो दूसरी तरफ उन्होंने यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की से वार्ता की पेशकश भी कर डाली।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/russian-president-putin-on-sunday-ordered-his-nuclear-forces-to-be-on-high-alert-after-the-us-and-other-nato-countries-took-a-tough-stand-on-the-russian-attack-on-ukraine--and-on-the-other-he-offered-to-hold-talks-with-ukrainian-president-zelensky/article-5264"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/pitin1.jpg" alt=""></a><br /><p>यूक्रेन पर रूसी हमले को लेकर अमेरिका व अन्य नाटो देश के सख्त रवैया अख्तियार करने के बाद रविवार को रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने एक तरफ तो अपने परमाणु बलों को हाई अलर्ट पर रहने का आदेश दिया तो दूसरी तरफ उन्होंने यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की से वार्ता की पेशकश भी कर डाली। पहले तो जेलेंस्की ने वार्ता से इंकार कर दिया फिर बिना शर्त वार्ता को तैयार हो गए। देर से ही सही आखिर पुतिन को यह समझ आ गई कि यदि युद्ध लंबा खिंचता है तो उसे लेने के देने भी पड़ सकते हैं। युद्ध में कूदने से पहले यदि पुतिन सोवियत संघ के विघटन के कारणों को याद कर लेते तो इस तरह युद्ध छेड़ने की शायद पहल नहीं करते। गौरतलब है कि अफगानिस्तान पर कब्जा जमाने के प्रयासों की वजह से ही सोवियत संघ का बिखराव हुआ था। किसी देश पर कब्जा जमाना तब तक आसान नहीं होता जब तक उस देश की जनता का समर्थन नहीं मिलता। आज यूक्रेन की जनता रूसी सेना से मुकाबला कर रही है और रूस का विरोध भी। फिलहाल यह कहना मुश्किल कि रूस और यूक्रेन के बीच कोई सार्थक वार्ता होती है अथवा नहीं, लेकिन यह वक्त की मांगें हैं कि वार्ता अवश्य शुरू हो और उसका नतीजा सार्थक हो। युद्ध से विवाद सुलजते नहीं, बल्कि मामला और बिगड़ जाता है और आज के युग में तो किन्हीं भी देशों में युद्ध का प्रभाव सारी दुनिया पर पड़ता है और संकट खड़ा हो जाता है। कोरोना महामारी ने वैसे भी सारी दुनिया की अर्थव्यवस्था को चोपट कर दिया था। अर्थव्यवस्था में गति लाने के लिए प्रयासरत दुनिया के सामने यूक्रेन-रूस के बीच का युद्ध भी दुनिया के सामने बड़ा संकट खड़ा करेगा। इस हकीकत से इंकर नहीं किया जा सकता कि रूस-यूक्रेन युद्ध ने विश्व शांति को खतरे में डाल दिया है। इस बार रूस के लिए अमेरिका व उसके सहयोगी देशों के प्रतिबंधों को झेलना आसान नहीं होगा, क्योंकि उसे अन्तरराष्ट्रीय बैंकिंग तंत्र से भी बाहर करने की तैयारी चल रही है। यदि रूस बातचीत के जरिए समस्या का समाधान करने को ईमानदारी से तैयार है तो उसे सबसे पहले यूक्रेन पर हमलों को रोकना होगा। यह उचित नहीं है कि एक तरफ वह वार्ता की पेशकश करें और दूसरी तरफ हमला भी जारी रखें। अभी वह यही कर रहा है तो रूस पर भरोसा नहीं किया जा सकता। अब समय है कि अमेरिका व यूरोपीय देश कैसे भी युद्ध को रोकने के प्रयास करें व दोनों देशों के बीच सार्थक वार्ता का माहौल बनाए। भारत को भी इसमें अपनी अहम भूमिका निभानी चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 01 Mar 2022 16:09:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जुलाई 2016 से नियुक्ति नहीं, कैसे हो वीरांगनाओं की सुनवाई</title>
                                    <description><![CDATA[<p>  जयपुर। सैन्य विधवाओं और भूतपूर्व सैनिकों के मामलों की सुनवाई के लिए भले ही अलग से सशस्त्र सेना अधिकरण बना हुआ है, लेकिन इसमें पिछले करीब साढ़े पांच साल से न्यायिक सदस्य की नियुक्ति नहीं होने के चलते इनके मुकदमों की सुनवाई नहीं हो पा रही है। न्यायिक सदस्य के रूप में यहां तैनात रही हाईकोर्ट की पूर्व न्यायाधीश मीना वी. गोम्बर के जाने के बाद से जुलाई 2016 से यह पद खाली चल रहा है। वहीं प्रशासनिक सदस्य के तौर पर बीच-बीच में कई अधिकारियों को नियुक्त किया गया, लेकिन उन्हें अकेले मुकदमों की सुनवाई का अधिकार ही<br /><strong><br />अन्य</strong></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/no-appointment-since-july-2016--how-to-listen-to-veterans--no-appointment-of-judicial-member-in-armed-forces-tribunal-for-five-and-a-half-years/article-4670"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/amar-jawan-jayoti_new.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। सैन्य विधवाओं और भूतपूर्व सैनिकों के मामलों की सुनवाई के लिए भले ही अलग से सशस्त्र सेना अधिकरण बना हुआ है, लेकिन इसमें पिछले करीब साढ़े पांच साल से न्यायिक सदस्य की नियुक्ति नहीं होने के चलते इनके मुकदमों की सुनवाई नहीं हो पा रही है। न्यायिक सदस्य के रूप में यहां तैनात रही हाईकोर्ट की पूर्व न्यायाधीश मीना वी. गोम्बर के जाने के बाद से जुलाई 2016 से यह पद खाली चल रहा है। वहीं प्रशासनिक सदस्य के तौर पर बीच-बीच में कई अधिकारियों को नियुक्त किया गया, लेकिन उन्हें अकेले मुकदमों की सुनवाई का अधिकार ही नहीं है। जानकारी के अनुसार यहां करीब पांच हजार मुकदमों को सुनवाई का इंतजार है। <br /><strong><br />अन्य अदालतों में सुनवाई नहीं</strong><br />जयपुर एएफटी का गठन 22 जून, 2009 को हुआ था। वहीं 29 जुलाई, 2016 को इसमें न्यायिक सदस्य का पद खाली हो गया। वहीं कुछ माह बाद ही प्रशासनिक अधिकारी का पद भी रिक्त हो गया। हालांकि बीच में कई अधिकारी यहां आए, लेकिन वे मुकदमों की सुनवाई नहीं कर सके। एएफटी को तीनों सेनाओं से जुड़े सैनिकों के प्रकरणों को सुनवाई का अधिकार है। अलग से अधिकरण होने के चलते अन्य अदालतों को सैन्यकर्मियों के मामले की सुनवाई का अधिकार भी नहीं है।<br /><br /><strong>हाईकोर्ट के पूर्व जज और कर्नल रैंक का होता है सदस्य</strong><br />एएफटी में न्यायिक सदस्य के तौर पर हाईकोर्ट के पूर्व जज को नियुक्त किया जाता है। इसी तरह प्रशासनिक सदस्य के तौर पर कर्नल रैंक के पूर्व सैन्य अधिकारी को लगाया जाता है। जानकारी के अनुसार इन पदों पर नियुक्ति करने का कार्य केन्द्रीय विधि मंत्रालय को है। <br /><br /><strong>जंग में गोली खाली, पेंशन की आस में मौत</strong><br />एक सैन्यकर्मी होशियार सिंह वर्ष 1971 की लड़ाई में गोली लगने से अपंग हो गए। इसके कई सालों बाद उन्हें बिना पेंशन सेवा से हटा दिया गया। इस पर उन्होंने सितंबर 2011 में एएफटी में केस दायर किया, लेकिन सुनवाई पूरी होने से पहले की सितंबर 2017 में उनकी मौत हो गई। इस संबंध में एएफटी एडवोकेट्स एसोसिएशन के महासचिव ओमप्रकाश श्योराण ने बताया कि इस संबंध में हमने सीजेआई को पत्र लिखकर वस्तुस्थिति से अवगत कराया है। सदस्यों की नियुक्ति नहीं होने से सैन्यकर्मी, पूर्व सैन्यकर्मी और उनके आश्रितों के मामलों की सुनवाई नहीं हो पा रही है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/no-appointment-since-july-2016--how-to-listen-to-veterans--no-appointment-of-judicial-member-in-armed-forces-tribunal-for-five-and-a-half-years/article-4670</link>
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                <pubDate>Sat, 19 Feb 2022 16:33:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पुलवामा में पुलिस और सुरक्षा बलों की टीम को घेराबंदी और तलाश अभियान में मिली सफलता, मुठभेड़ में तीन जैश-ए-मोहम्मद आतंकवादी ढेर</title>
                                    <description><![CDATA[पुलिस और सुरक्षा बलों की टीम ने जिले के चांदगाम गांव में आज सुबह घेराबंदी और तलाश अभियान छेड़ा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B2%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%B8-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%B8%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%BE-%E0%A4%AC%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%9F%E0%A5%80%E0%A4%AE-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%98%E0%A5%87%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%AC%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%A4%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%B6-%E0%A4%85%E0%A4%AD%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%AB%E0%A4%B2%E0%A4%A4%E0%A4%BE--%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%A0%E0%A4%AD%E0%A5%87%E0%A4%A1%E0%A4%BC-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%A4%E0%A5%80%E0%A4%A8-%E0%A4%9C%E0%A5%88%E0%A4%B6-%E0%A4%8F-%E0%A4%AE%E0%A5%8B%E0%A4%B9%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%A6-%E0%A4%86%E0%A4%A4%E0%A4%82%E0%A4%95%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%A2%E0%A5%87%E0%A4%B0/article-3803"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-01/atanki-dher2.jpg" alt=""></a><br /><p>श्रीनगर। नए साल पर भारतीय जवानों ने आंतरिक सुरक्षा को लेकर अपना फिर लोहा मनवाया है। दरअसल सुरक्षा बलों को बुधवार को उस समय एक बड़ी सफलता मिली जब दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा जिले में मुठभेड़ में एक पाकिस्तानी समेत जैश-ए-मोहम्मद के तीन आतंकवादी मारे गये। <br /> <br /> आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक आतंकवादियों की मौजूदगी की खुफिया सूचना के आधार पर पुलिस और सुरक्षा बलों की टीम ने जिले के चांदगाम गांव में आज सुबह घेराबंदी और तलाश अभियान छेड़ा। इसी दौरान वहां छिपे आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में सुरक्षा बलों ने भी गोलियां चलायी। दोनों पक्षों के बीच मुठभेड़ में जैश-ए-मोहम्मद के तीन आतंकवादी मारे गये , जिनमें एक पाकिस्तानी भी शामिल है। <br /> <br /> पुलिस महानिरीक्षक (कश्मीर रेंज) विजय कुमार ने जैश-ए-मोहम्मद के तीन आतंकवादियों के मारे जाने को एक बड़ी सफलता बताया।कुमार ने ट्वीट किया है कि एक पाकिस्तानी समेत जैश-ए-मोहम्मद के तीन आतंकवादी मारे गए। दो एम-4 कार्बाइन और एक एके सीरीज राइफल सहित आपत्तिजनक सामग्री, हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया। हमारे लिए एक बड़ी सफलता। दक्षिणी कश्मीर में सोमवार के बाद से यह दूसरी मुठभेड़ है। कुलगाम जिले में मंगलवार को हुई मुठभेड़ में दो स्थानीय आतंकवादी मारे गये थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 05 Jan 2022 11:31:07 +0530</pubDate>
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                <title>कायराना हरकत</title>
                                    <description><![CDATA[कश्मीर घाटी में सुरक्षा बलों की सख्ती के बावजूद घाटी में दूसरे राज्यों के मजदूरों की हत्याएं की जा रही हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%B9%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A4%A4/article-1770"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/43.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कश्मीर घाटी</strong> में सुरक्षा बलों की सख्ती के बावजूद घाटी में दूसरे राज्यों के मजदूरों की हत्याएं की जा रही हैं। रविवार को कुलगाम के वाहनपोह इलाके में घर में घुसकर अंधाधुंध फायरिंग करके आतंकवादियों ने दो बिहारी मजदूरों की हत्या कर दी। एक घायल मजदूर को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना के एक दिन पहले शनिवार को भी ईदगाह इलाके में बिहार के एक रेहड़ी वाले की हत्या कर दी। पुलवामा में उत्तर प्रदेश के सगीर अहमद की हत्या कर दी गई। कश्मीर में अक्टूबर में बारह आम लोगों की हत्याएं हो चुकी हैं। इनमें दस गैर मुस्लिम हैं। अक्टूबर से पहले जनवरी से सितंबर तक बीस नागरिकों की हत्याएं हुई थीं। घाटी में पांच लाख बाहरी मजदूर हैं। इनमें से लगभग 90 फीसदी निर्माण का काम करते हैं। घाटी के हर जिले में ये मजदूर निवास करते हैं। अब इन मजदूरों में दहशत है, जो स्वाभाविक है। देखा जाए तो इन दिनों घाटी में गैर मुस्लिम लोग आतंकियों के निशाने पर हैं। अफगानिस्तान में तालिबानी वापसी के बाद पाकिस्तान एक सोची-समझी रणनीति के तहत ये हत्याएं करवा रहा है। खुफिया एजेंसियों का कहना है कि कश्मीर में अल्पसंख्यकों के साथ-साथ सुरक्षा बलों को निशाना बनाने की साजिश रची गई है। इसके तहत दो सौ लोगों की एक सूची बनाई गई है। इसमें कुछ राजनीतिक दलों, हिन्दू संगठनों, कश्मीरी पण्डितों की वापसी के लिए प्रयासरत मुख्य लोगों और सेना के लिए सूचनाएं एकत्रित करने वाले लोगों के नाम शामिल हैं। अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद घाटी में शांति लौटने लगी थी। कारोबार भी गति पकड़ने लगा और पर्यटकों का आना-जाना भी बढ़ा था। कश्मीरी लोग देश की मुख्य धारा से जुड़ने लगे थे। कश्मीर में बदल रही तस्वीर से पाकिस्तान व आतंकवादी गुट निराश थे। अब उन्होंने घाटी में फिर से शांति भंग करने की साजिश रचकर मुस्लिमों व अल्पसंख्यक हिन्दू-सिखों में दरार डालने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। आतंकवादी पाकिस्तान सरकार व कश्मीर के कुछ कट्टरपंथी गुट घाटी में कश्मीरी पण्डितों की वापसी नहीं चाहते और प्रवासी मजदूरों को भी भगाना चाहते हैं। अब घाटी में हिंसा का नया सिलसिला प्रशासन व सुरक्षा बलों की चुनौती बन गया है। आतंकियों की इस कायराना करतूतों का सख्ती से जवाब दिया जाना चाहिए। सभी को मिलजुलकर एकजुट प्रयास करने होंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 Oct 2021 13:21:33 +0530</pubDate>
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                <title>शोपियां में 3 आतंकवादी ढेर</title>
                                    <description><![CDATA[सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों की खुफिया सूचना मिलने के बाद शोपियां के तुलरान इमाम साहिब इलाके में सोमवार शाम तलाशअभियान शुरू किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%B6%E0%A5%8B%E0%A4%AA%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-3-%E0%A4%86%E0%A4%A4%E0%A4%82%E0%A4%95%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%A2%E0%A5%87%E0%A4%B0/article-1591"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/atanki-dher_shrinagar.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>श्रीनगर।</strong> जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में तीन आतंकवादी मारे गये। सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों की खुफिया सूचना मिलने के बाद शोपियां के तुलरान इमाम साहिब इलाके में सोमवार शाम तलाशअभियान शुरू किया। इस दौरान सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई। मुठभेड़ के दौरान तीन आतंकवादी मारे गये हैं। पुलिस ने ट्वीट कर बताया की मारे गये तीनों आतंकवादी लश्कर से संबंधित थे। <br />  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 12 Oct 2021 10:04:57 +0530</pubDate>
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