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                <title>असर खबर का : बांसी गोदाम खुलवाकर खाद स्टॉक की हुई जांच</title>
                                    <description><![CDATA[मौके पर ही पंचनामा तैयार कर कुछ किसानों को खाद का वितरण भी किया । ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/impact-of-the-report--bansi-warehouse-opened--fertilizer-stock-inspected/article-157134"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-06/111200-x-600-px)-(1)25.png" alt=""></a><br /><p>भण्डेड़ा। नैनवां क्रय विक्रय सहकारी समिति लिमिटेड देई के बांसी गोदाम पर लंबे समय से ताला और कर्मचारी के अनुपस्थित रहने की शिकायत पर सोमवार को विभागीय टीम ने किसानों की मौजूदगी में कार्रवाई करते हुए गोदाम खुलवाया। इस कार्रवाई के बाद गोदाम में उपलब्ध डीएपी एवं यूरिया खाद के स्टॉक की गणना कर पंचनामा तैयार किया गया। जानकारी के अनुसार दुगारी मुख्य सड़क स्थित इस गोदाम पर लंबे समय से कर्मचारी की अनुपस्थिति के कारण किसानों को परेशानी का 'सामना करना पड़ रहा था। मामले की शिकायत विभागीय अधिकारियों तक पहुंचने पर सोमवार दोपहर करीब 12 बजे टीम मौके पर पहुंची, जहां गोदाम एवं परिसर पर ताले लगे मिले। टीम के वरिष्ठ अधिकारी ने निलंबित कर्मचारी नरेंद्र सिंह से दूरभाष पर संपर्क किया, जिसके बाद कर्मचारी ने अपने पुत्र के माध्यम से चाबियां भिजवाई। चाबियां मिलने के बाद परिसर का गेट तथा गोदाम खोलकर निरीक्षण किया गया। इसके बाद मजदूरों की सहायता से स्टॉक की गिनती करवाई गई तथा खाद की उपलब्धता की जांच की गई।</p>
<p>कार्रवाई के दौरान बांसी क्रय विक्रय सहकारी समिति के उपाध्यक्ष रामस्वरूप चौपदार, संचालक मंडल सदस्य महेंद्र नागर, सत्यनारायण नागर, संस्था प्रबंधक कमलेश कुमार जैन, प्रकाशचंद वर्मा, सत्यनारायण शर्मा, फोरूलाल गुर्जर सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। मौके पर ही पंचनामा तैयार किया गया तथा कुछ किसानों को खाद का वितरण भी किया गया। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि गोदाम के सुचारू संचालन के लिए प्रकाशचंद वर्मा को तैनात किया गया है, ताकि भविष्य में किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। उधर, किसानों ने इस कार्रवाई को लेकर संतोष जताया तथा बताया कि लंबे समय से बंद गोदाम के कारण उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।</p>
<p><strong> नवज्योति की खबर पर त्वरित कार्रवाई</strong><br />वहीं स्थानीय किसानों ने बताया कि इस मामले को लेकर दैनिक नवज्योति द्वारा समाचार प्रकाशित किए जाने के बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की, जिससे समस्या का समाधान संभव हो सका।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />बांसी डिपो कुछ समय से बंद चला आ रहा था। जिसके चलते बांसी डिपो प्रभारी नरेन्द्र सिंह हाड़ा को गत 9 जून को सस्पेंड कर दिया गया था। आदेशित किया कि तत्काल ही अपना चार्ज समिति कर्मचारी प्रकाश दें। उपरजिस्टार कार्यालय सहकारी समिति बूंदी में अपनी उपस्थिति दर्ज करवाएंगे। लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया गया। आज मौके पर पहुंचकर बांसी डिपो का टीम के साथ निरीक्षण किया गया है। समिति का कार्य किसानों को राहत पहुंचाना है। किसानों का समिति द्वारा भरपूर सहयोग किया जाएगा। डिपो पर आने वाले ग्रामीण अंचलों के किसानों के लिए हरसंभव मदद करने का प्रयास रहेगा।<br /><strong>- किरण कुमार नागर, महाप्रबंधक, नैनवां क्रय विक्रय सहकारी समिति लिमिटेड, देई </strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 14:19:14 +0530</pubDate>
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                <title>बांसी जीएसएस झाड़-झंखाड़ से घिरा, कर्मचारियों की सुरक्षा व जीएसएस पर संकट</title>
                                    <description><![CDATA[परिसर में चारदीवारी और सुरक्षा जालियों  के बावजूद भारी मात्रा में झाड़ियां  हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/bansi-gss-is-surrounded-by-bushes--posing-a-threat-to-the-safety-of-employees-and-the-gss/article-129375"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/025.png" alt=""></a><br /><p>भण्डेड़ा। बांसी जीएसएस (ग्रिड सब स्टेशन) लंबे समय से रखरखाव के अभाव में बदहाल हालत में है। परिसर में झाड़-झंखाड़ और बबूल के पेड़ों ने पूरे विद्युत तंत्र को अपनी चपेट में ले लिया है, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। बिजली गुल रहना अब आम बात हो गई है, जबकि कर्मचारियों को बिना आवश्यक सुरक्षा सामग्री के ही काम करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार जीएसएस परिसर में चारदीवारी और सुरक्षा जालियां होने के बावजूद भारी मात्रा में झाड़ियां उग चुकी हैं। हवा के तेज वेग से बबूल की टहनियां अक्सर तारों से टकराती हैं, जिससे परिसर में आग लगने और विद्युत आपूर्ति बाधित होने का खतरा बना रहता है। तीन ब्रेकरों पर संचालित बीजंता, भण्डेड़ा और डोडी फीडर लंबे समय से डायरेक्ट चल रहे हैं। इनमें से किसी एक फीडर में तकनीकी खराबी आने पर तीनों को बंद करना पड़ता है, जिससे हजारों उपभोक्ता प्रभावित होते हैं। मुख्य 33 केवी स्विच भी काफी समय से खराब है, जिसके कारण कई बार आगजनी की घटनाएं हो चुकी हैं।</p>
<p>यहां कार्यरत निजी कर्मचारियों के पास पेचकस, पिलायर, इस्पैनर सेट जैसी आवश्यक सामग्री तक नहीं है। रात्रि के समय इन्हीं हालात में उन्हें बिजली चालू-बंद करनी पड़ती है। परिसर में लगा नलकूप तीन माह से खराब है, जिससे पीने के पानी और अर्थिंग दोनों की समस्या बनी हुई है। अर्थिंग में पानी की कमी से ट्रांसफार्मर विस्फोट और 11 केवी करंट के ओवरफ्लो का भी खतरा मंडरा रहा है। किसान अब कृषि सीजन में थ्री फेज बिजली की आस लगाए हैं, लेकिन जीएसएस की मौजूदा स्थिति देख आशंका है कि निर्धारित समय पर बिजली आपूर्ति मुश्किल होगी। क्षेत्रवासियों ने विभाग से तत्काल रखरखाव कर सुरक्षा इंतजाम सुधारने की मांग की है।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />बांसी जीएसएस के बंद नलकूप को चालू करने के लिए हमारे सिविल डिपार्टमेंट को अवगत कराया जा चुका है। वह आकर चालू करेंगे। बंबूलो को हटाने के लिए भी विद्युत जीएसएस पर रहने वाले लडकों से बोलता हूं। <br /><strong>-सुनिल सामरिया, जेईएन,जयपुर विद्युत विभाग ग्रामीण, देई। </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Oct 2025 16:06:16 +0530</pubDate>
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                <title>बांसी राजकीय विद्यालय की छतों में टपक रहा पानी</title>
                                    <description><![CDATA[ बारिश के कारण कक्षा-कक्षों की छतें टपक रही है। ऐसे में स्कूली बच्चों के साथ अभिभावक सहित शाला परिवार परेशान हो रहे है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/water-dripping-from-the-roofs-of-bansi-government-school/article-120816"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/basi-rajakiy-vidyalay-ki-chhaton-mein-tapak-raha-pani...bhandeda,bundi-news-17.07.2025.jpg" alt=""></a><br /><p>भण्डेडा। पिछले दिनों हुई मानसून की तेज बारिश के कारण बांसी के राजकीय बालिका उच्च प्राथमिक विद्यालय में कक्षा कक्षों की छतों में से पानी टपकने के कारण विद्याार्थियों को काफी परेशान होना पड़ रहा है। इस विद्यालय परिसर में आठ कक्षाएं संचालित है। लेकिन बारिश के कारण कक्षा-कक्षों की छतें  टपक रही है। ऐसे में स्कूली बच्चों के साथ अभिभावक सहित शाला परिवार परेशान हो रहे है। नौनिहालों को शिक्षणार्थ कुछ कक्षाएं शामिल में बिठाने से उनका अध्ययन कार्य भी प्रभावित हो रहा है। संबंधित विभाग को भी इस संबंध में अवगत करवाया जा चुका है। लेकिन कोई ध्यान नहीं देने के कारण हालत जस के तस बनेहुए है।  </p>
<p><strong>सात कमरें, आठ कक्षाओं का संचालन</strong><br />जानकारी के अनुसार बांसी में दुगारी रोड़ पर स्थित राजकीय बालिका उच्च प्राथमिक विद्यालय में सात कक्षाकक्ष है, और कक्षाएं आठ संचालित है। प्रारंभिक स्तर के इस विद्यालय में इस समय बारिश चलने से तीन कक्षा-कक्षों की छतों में से पानी टपक रहा है। दीवारों में सीलन आ रही है। एक कक्ष की छत का प्लास्तर उखड़ रहा है, छत की आरसीसी का सरिए  गलने की कगार पर है। जिन कक्षों की छत टपकती है, उन कक्षों की कक्षाएं चार कक्षों की कक्षाओं में समायोजित करके बिठाया जा रहा है। जो बड़ी कक्षाएं छोटी कक्षाओं में चलने से उनका अध्ययन कार्य भी प्रभावित हो रहा है। </p>
<p><strong>छत टपकने से बच्चों के बैठने की दरीपट्टी गीली हो जाती है</strong><br />इस समस्या को लेकर शाला परिवार परेशान हैं। संबंधित विभाग ने लंबे समय से ही भवन की मरम्मत नहीं करवाए जाने से स्कूली बच्चों को खतरे के सांए में शिक्षण  कार्या करवाया जा रहा है। कक्षों की छत टपकने से बैठने की दरीपट्टी तक भींगने की समस्या बनी हुई है। लेकिन संबंधित विभाग नौनिहालों की इस समस्या को गंभीरतापूर्वक नहीं ले रहा है। नौनिहालों के अभिभावक भी जब तक बच्चा सुरक्षित घर नहीं आता है, तब तक परेशान रहते है। इस समस्या का जल्द समाधान की मांग शाला परिवार ने की है। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br /> बांसी बालिका स्कूल में कक्षा-कक्षों की छतों में से पानी टपक रहा है, छत की मरम्मत के लिए संबंधित विभाग के उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया जा चूका है। <br /><strong>-श्योजी लाल मीणा, प्रधानाध्यापक, राजकीय बालिका उच्च प्राथमिक विद्यालय, बांसी। </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Thu, 17 Jul 2025 17:52:38 +0530</pubDate>
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