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                <title>book - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                            <item>
                <title>श्री सांवलियाजी मंदिर में श्रद्धा का अनोखा तोहफा, बेटे के 97% आने पर चांदी की किताब चढ़ाई</title>
                                    <description><![CDATA[चित्तौड़गढ़ के व्यवसायी सुनील काबरा ने बेटे चिन्मय के सीबीएसई 12वीं में 97% अंक लाने पर सांवलियाजी मंदिर में चांदी की किताब भेंट की। अहमदाबाद में विशेष आर्डर देकर तैयार कराई गई 50 ग्राम चांदी की इस 5 पन्नों वाली अनूठी किताब पर 'श्री सांवलिया सेठ की जय' और '12वीं पास' अंकित है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/chittorgarh/silver-book-offered-to-mannat-puri-sanwaliyaji/article-154109"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/book.png" alt=""></a><br /><p>चित्तौड़गढ़। एक श्रद्धालु ने मन्नत पूरी होने पर भगवान श्री सांवलियाजी मंदिर में चांदी की विशेष किताब भेंट की। प्रतापनगर निवासी बर्तन व्यवसायी सुनील काबरा ने बेटे चिन्मय के अच्छे परीक्षा परिणाम के लिए यह मन्नत मांगी थी। सीबीएसई 12वीं कॉमर्स के घोषित परिणाम में चिन्मय काबरा ने 97 प्रतिशत अंक हासिल कर स्कूल में टॉप किया। बेटे की इस सफलता से खुश होकर शुक्रवार को सुनील काबरा अपने परिवार के साथ मंदिर पहुंचे और राजभोग आरती के दौरान भगवान को चांदी की किताब अर्पित की। सुनील काबरा ने बताया कि करीब 50 ग्राम चांदी से बनी इस किताब में कुल पांच पन्ने हैं। इसे अहमदाबाद में विशेष ऑर्डर देकर तैयार कराया गया था। किताब के पहले पेज पर एक ओर श्री सांवलिया सेठ की जय और दूसरी ओर 12वीं पास अंकित है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>चित्तौड़गढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 May 2026 12:32:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत की महिला वन रक्षकों की वीरता पर आधारित किताब लॉन्च, फ्रंटलाइन स्टॉफ के बारे में कराती है अवगत</title>
                                    <description><![CDATA[ रेंजर्स की असल जिंदगी के अनुभव दर्ज हैं, जो जोखिम भरे जंगलों में वन्यजीवों की रक्षा करते हुए समाजिक और पारिवारिक चुनौतियों का सामना करती हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/launch-of-a-book-based-on-the-bravery-of-indias/article-133343"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/6622-copy77.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। राजस्थान के जंगलों और वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली सिरोही में रेस्क्यू क्वीन के नाम से अंजू चौहान और कोटा में  क्रोकोडाइल क्वीन के नाम से पहचान बनाने वाली प्रेम कंवर शक्तावत रेंजर्स-वुमन रेशेपिंग द कंजर्वेशन पुस्तक की नायिका बन गई हैं। रेंजर्स-वुमन रेशेपिंग द कंजर्वेशन पुस्तक में देश की 14 महिला रेंजर्स की असल जिंदगी के अनुभव दर्ज हैं, जो जोखिम भरे जंगलों में वन्यजीवों की रक्षा करते हुए समाजिक और पारिवारिक चुनौतियों का सामना करती हैं।</p>
<p>एक्सप्लोरिंग वुमनहुड फाउंडेशन की संस्थापक दीपाली अतुल डेओकर ने महिलाओं की अनसुनी कहानियों को पहली बार पुस्तक के रूप में सामने लाई हैं। यह पुस्तक देश की 14 महिला वन रक्षकों के जीवन, संघर्ष और बहादुरी का दस्तावेज है। पुस्तक बहुत ही सुंदर तरीके से फॉरेस्ट और फ्रंटलाइन स्टॉफ के बारे में बताती है ,फील्ड को समझने और उनमें आने वाली कठिनाई को किस प्रकार सूझ बूझ से हल कर फॉरेस्ट के प्रति जवाबदेह बनना ऐसी प्रेरणादायीं सच्ची कहानियों का इसमे होना इसका महत्व बढ़ाता हैं।</p>
<p>कठिन स्थितियों में करती हैं कर्तव्यपालन: यह पुस्तक उन महिला फॉरेस्ट रेंजर्स की प्रेरक और रोमांचक यात्राओं को सामने लाती है जो कठिन परिस्थितियों में जंगलों, वन्यजीवों और स्थानीय समुदायों की सुरक्षा के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं। अंजू चौहान  ने बताया कि दीपाली अतुल के द्वारा लिखित यह बुक बहुत ही सुंदर ढंग से फॉरेस्ट और फ्रंटलाइन स्टॉफ के बारे में बताती है ,फील्ड को समझने और उनमें आने वाली कठिनाई को किस प्रकार सूझ बूझ से हल कर फॉरेस्ट के प्रति जवाबदेह बनना ऐसी प्रेरणादायीं सच्ची कहानियों का इसमें होना इसका महत्व बढ़ाता हैं। <br />यह पुस्तक उन महिलाओं को सम्मान देने का प्रयास है, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों के बावजूद प्रकृति और वन्यजीवों की रक्षा में अपना जीवन समर्पित किया है। पुस्तक की लेखिका दीपाली अतुल देवकर ने बताया कि यह पुस्तक उन महिलाओं को सम्मान देने का प्रयास है, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों के बावजूद प्रकृति और वन्यजीवों की रक्षा में अपना जीवन समर्पित किया है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 23 Nov 2025 13:01:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>किताब मेरी व्यक्तिगत यात्रा का भावनात्मक विस्तार है : कुरैशी</title>
                                    <description><![CDATA[बॉलीवुड अभिनेत्री और लेखिका हुमा एस. कुरैशी की पुस्तक ‘जेबा : एन एक्सीडेंटल सुपरहीरो’ का लोकार्पण शहर के एक होटल में हुआ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/book-is-the-emotional-expansion-of-my-personal-journey-qureshi/article-115358"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/rtroer-(1)15.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। बॉलीवुड अभिनेत्री और लेखिका हुमा एस. कुरैशी की पुस्तक ‘जेबा : एन एक्सीडेंटल सुपरहीरो’ का लोकार्पण शहर के एक होटल में हुआ। पुस्तक विमोचन के दौरान अपने विचार साझा करते हुए हुमा कुरैशी ने कहा कि सुपरहीरो कोई भी हो सकता है और कुछ भी कर सकता है। </p>
<p>‘जेबा’ में उसके बारे में लिखा है। जेबा मेरे दिल के बेहद करीब है। साथ ही जेबा हमें बताती है कि सबसे मुश्किल समय में भी उम्मीद और शक्ति कैसे पाई जा सकती है। यह पुस्तक मेरी व्यक्तिगत यात्रा का भावनात्मक विस्तार भी है। मुझे विश्वास है कि पाठकों को इसमें अपनी झलक दिखेगी और यह उन्हें आत्मबल और प्रेरणा देगी। कार्यक्रम में पुस्तकप्रेमियों के साथ प्रश्नोत्तरी सत्र और पुस्तक पर हस्ताक्षर का कार्यक्रम भी हुआ, जहां हुमा कुरैशी ने उत्साहपूर्वक प्रतियों पर हस्ताक्षर किए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>मूवी-मस्ती</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 26 May 2025 11:40:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यह कैसी कम्प्यूटर शिक्षा, 2 साल से नहीं मिली किताबें, किताब ऑनलाइन डाउनलोड कर पढ़ा रहे शिक्षक </title>
                                    <description><![CDATA[जिले के 340 राजकीय सीनियर सैकंडरी स्कूलों में पिछले दो साल से विद्यार्थियों को कम्प्यूटर की किताबें नहीं मिली है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/what-kind-of-computer-education-is-this--not-received-for-2-years/article-112309"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/rtrer-(7)5.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। जिले के 340 राजकीय सीनियर सैकंडरी स्कूलों में पिछले दो साल से विद्यार्थियों को कम्प्यूटर की किताबें नहीं मिली है। जबकि, 11वीं व 12वीं कक्षा में कम्प्यूटर ऑफ्नल (ऐच्छिक) सब्जेक्ट है। ऐसे में विद्यार्थियों को पढ़ने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। हालात यह है, पिछले दो साल से विद्यार्थी बिना किताबों के परीक्षा दे रहे हैं। हालांकि, शिक्षक इंटरनेट से किताब की सॉफ्ट फाइल डाउनलोड कर बच्चों को कम्प्यूटर पढ़ा रहे हैं। इधर, नया शिक्षा सत्र 2025-26  एक जुलाई से शुरू होगा। इस बार भी विद्यार्थियों को किताबें मिलने के आसार नजर नहीं आ रहे। </p>
<p><strong>कम्प्यूटर टीचर लगाए लेकिन किताबें नहीं दी</strong><br />कोटा जिले में 340 सीनियर सैकंडरी स्कूल हैं। जिनमें से 236 स्कूलों में 184 कम्प्यूटर अनुदेशक लगाए गए हैं। जहां कक्षा 11वीं व 12वीं में कम्प्यूटर कक्षाएं संचालित होती हैं। लेकिन, विद्यार्थियों को पढ़ने के लिए किताबें तक उपलब्ध नहीं करवाई गई। जिससे  विद्यार्थियों व शिक्षकों को पढ़ने व पढ़ाने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। पिछले दो साल से इन स्कूलों में कम्प्यूटर की किताबें नहीं पहुंची है। </p>
<p><strong>किताब ऑनलाइन डाउनलोड कर पढ़ाते शिक्षक </strong><br />राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्राचार्य राम नारायण मीणा ने बताया कि वर्ष 2023 से ही कक्षा 11वीं व 12वीं की कम्प्यूटर किताबें स्कूलों में नहीं आई है। लेकिन, सिलेबस के अनुरूप कम्प्यूटर किताब इंटरनेट पर ऑनलाइन उपलब्ध है, जिसे शिक्षकों द्वारा डाउनलोड कर बच्चों को पढ़ाया जाता है। हालांकि, किताबें प्रिंट होकर निदेशालय से अब तक नहीं मिली है। </p>
<p><strong>कक्षा 1 से 8वीं तक की मिली किताबें</strong><br />सरकारी स्कूलों में गत वर्ष कक्षा 1 से 8वीं तक की कम्प्यूटर की किताबें आई थी, जिन्हें विद्यार्थियों को वितरित की गई लेकिन कक्षा 11वीं व 12वीं  के विद्यार्थियों को अब तक नहीं मिली है। ऐसे में उन्हें कम्प्यूटर के चेप्टर समझने व पढ़ने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। हालात यह है, गत दो वर्षों से विद्यार्थियों को बिना किताबों के ही परीक्षा दे रहे हैं। हालांकि, शिक्षकों का कहना है, कम्प्यूटर प्रेक्टिकल सब्जेक्ट है, जिसे पढ़ने से ज्यादा प्रेक्टिकल के माध्यम से समझने में आसानी होती है। </p>
<p><strong>52 कम्प्यूटर अनुदेशक के पद खाली</strong><br />कम्प्यूटर अनुदेशक संघ के प्रदेशाध्यक्ष राघव पाठक ने बताया कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में सरकार ने 6 हजार 123 कम्प्यूटर अनुदेशक लगाए थे। कोटा जिले में 340 राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयों में से 236 में पद स्वीकृत हैं। जिसमें से 184 कम्प्यूटर अनुदेशक कार्यरत हैं, ऐसे में 52 शिक्षकों के पद खाली चल रहे हैं। उन्होंने सरकार से प्रदेशभर में खाली पड़े कम्प्यूटर शिक्षकों के पद भरने की मांग की है ताकि विद्यार्थियों को वर्तमान दौर की आवश्यकता कम्प्यूटर शिक्षा मिल सके। </p>
<p><strong>खस्ताहाल हो रही लैब </strong><br />नाम न छापने की शर्त पर कुछ स्कूलों के प्रिसिंपल व शिक्षकों ने बताया कि सरकार ने कम्प्यूटर अनुदेशक तो लगा दिए लेकिन बच्चों को पढ़ाने के लिए किताबें ही मुहैया नहीं करवाई। ऐसे में विद्यार्थियों को केवल बेसिक शिक्षा ही दे रहे हैं, वहीं कई विद्यालयों में कम्प्यूटर लैब खस्ताहाल में है। वहीं, सालों पहले बनाई गई लैब में कम्प्यूटर खराब पड़े हैं, जिन्हें सुधरवाया नहीं गया। </p>
<p><strong>क्या कहते हैं विद्यार्थी ?</strong><br /><strong>बाजारों में भी नहीं मिलती किताबें</strong><br />सरकारी स्कूल की कम्प्यूटर विज्ञान की किताब बाजारों में भी नहंी मिलती। जबकि, प्राइवेट स्कूलों की किताबें उपलब्ध हैं। 11वीं कक्षा में कम्प्यूटर विज्ञान विषय ले रखा है लेकिन बिना किताबों के ही पेपर देने को मजबूर हैं। हालांकि, शिक्षक  लैब में प्रेक्टिकल के माध्यम से चैप्टर समझा देते हैं। लेकिन, पेपर में थ्यौरी भी तो लिखनी होती है। किताबों के बिना परेशानी रहती है। <br /><strong>- अशोक मेहता, छात्र इटावा</strong></p>
<p>पिछले साल भी हमें किताबें नहीं मिली थी। इस बार तो 12वीं बोर्ड परीक्षा भी बिना किताब पढ़े ही  देनी पड़ी। सरकार को कम से कम किताबें तो उपलब्ध करानी चाहिए। <br /><strong>-अक्षय वैष्णव,  छात्र सुल्तानपुर</strong></p>
<p><strong>नहीं आई किताबें</strong><br />पिछले दो साल से कम्प्यूटर विषय की किताबें नहीं पहुंची हैं। 9वीं से 12वीं की कम्प्यूटर की किताबें नहीं आई है। पिछले साल 1 से 8वीं तक की आ गई थी।  कक्षा 9 से 12वीं तक में दो दर्जन छात्रों ने कम्प्यूटर विषय ले रखा है। किताब की सॉफ्ट फाइल ऑनलाइन डाउनलोड कर रखी है, उसी से बच्चों को पढ़ाया जाता है। <br /><strong>- रामनारायण मीणा, प्राचार्य, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय</strong></p>
<p>हर साल कम्प्यूटर विज्ञान की किताबों के लिए विभाग को डिमांड भेजी जाती है। लेकिन, गत दो वर्षों से किताबें नहीं मिली है। किताब के बिना बच्चों को पढ़ने में परेशानी तो होती है लेकिन किताब की सॉफ्ट फाइल ऑनलाइन डाउनलोड कर रखी है, जिससे बच्चों को पढ़ाते हैं। <br /><strong>- अजय चौधरी, कम्प्यूटर अनुदेशक, इटावा विद्यालय</strong></p>
<p>अभी तक कक्षा 9 से 12वीं तक की कम्प्यूटर साइंस की किताबें नहीं मिली है। गत वर्ष भी नहीं आई थी। जैसे ही हमारे पास माध्यमिक शिक्षा निदेशालय बीकानेर से किताबें आएंगी, वैसे ही स्कूलों को वितरित कर दी जाएगी। <br /><strong>- राजू कुमार, मुख्य प्रबंधक राजस्थान राज्य पाठ्य पुस्तक वितरण केंद्र कोटा </strong></p>
<p>इस संबंध में जानकारी कर आगे की कार्यवाही की जाएगी।<br /><strong>- योगेश पारीक, मुख्य जिला शिक्षाधिकारी कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 28 Apr 2025 16:40:52 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>स्वयं की खोज पुस्तक का किया विमोचन</title>
                                    <description><![CDATA[ सभी अतिथियों ने पुस्तक के विषय पर विस्तार से चर्चा की और इसकी सकारात्मक प्रभावशीलता की सराहना की। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/redemption-of-the-book--appreciation-of-effectiveness/article-95165"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-11/6633-copy110.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। पुस्तक स्वयं की खोज का विमोचन समारोह आयोजित किया गया। पुस्तक के लेखक चेतनानंद ने इस अवसर पर अपनी विचारधारा और अनुभवों को साझा किया। जयपुर के चेतनानंद ने बताया कि कैसे एक व्यक्ति भौतिक संसार से बाहर आत्मिक शांति और संतुलन प्राप्त कर सकता है। इस दौरान आए सभी अतिथियों ने पुस्तक के विषय पर विस्तार से चर्चा की और इसकी सकारात्मक प्रभावशीलता की सराहना की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 Nov 2024 10:19:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>जवाहरलाल नेहरू ने लाइब्रेरी में किताबें नहीं मिलने पर उद्घाटन से किया था इंकार, लोग रह गए हैरान </title>
                                    <description><![CDATA[ ये कोई पुस्तकालय नहीं है और वह वहां से चले गए। ये वाकया भारत में तत्कालीन स्वीडिश राजदूत अल्वा मिर्डल ने इतिहासकार बी. आर. नंदा को बताया था। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jawaharlal-nehru-had-refused-to-inaugurate-the-library-due-to-not-book/article-94980"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-11/4iplrjm8_jawaharlal-nehru_625x300_27_may_21.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान के लोगों के लिए यह जानना हैरानीजनक है कि एक बार तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने जोधपुर में एक सार्वजनिक पुस्तकालय का फीता काटने से ठीक पहले उद्घाटन करने से मना कर दिया था। उनके ऐसा करने से प्रदेश के मुख्यमंत्री, सरकार के मंत्री और वहां मौजूद बहुत सारे लोग हैरान रह गए थे। पंडित नेहरू एक पुस्तकालय का उद्घाटन करने के लिए बुला लिए गए थे। पुस्तकालय के लिए रिबन आदि लगा दिए गए थे। पूरा भवन सजा हुआ था और उस समय लोग गुलदस्ते लेकर खड़े हुए थे।</p>
<p>नेहरू के गले में फूलमालाएं और हाथ में कैंची थी। नेहरू खुद भी किताबों के बहुत शौकीन थे। लेकिन जैसे ही उन्हें रिबन काटने को कहा गया तो नेहरू ने कहा, आइए पहले पुस्तकें देखते हैं। उनका यह कहना था कि सभी अवाक रह गए। नेहरू तेजी से भीतर गए, तो उन्होंने पाया कि सिर्फ इमारत तैयार थी, वहां कोई किताबें नहीं थीं। उन्होंने कहा, बिना पुस्तकों के कोई पुस्तकालय कैसे हो सकता है। ये कोई पुस्तकालय नहीं है और वह वहां से चले गए। ये वाकया भारत में तत्कालीन स्वीडिश राजदूत अल्वा मिर्डल ने इतिहासकार बी. आर. नंदा को बताया था। मिर्डल उस दिन पंडित नेहरू के साथ राजस्थान आई थीं। नंदा ने जवाहरलाल नेहरू : रेबेल एंड स्टेट्समैन पुस्तक में इस घटना का विस्तार से उल्लेख किया है, लेकिन शहर का नाम नहीं लिखा है। इसके इलावा भी नेहरूजी ने राजस्थान में कई दौरे किए।</p>
<p><strong>जब व्यास को रिहा करवाया जेल से </strong><br />वे 1945 में राजस्थान आए थे। उस समय जोधपुर के ब्रिटिश दीवान को हटाने का आंदोलन चल रहा था और इस मामले में जय नारायण व्यास को जोधपुर रियासत ने जेल में डाल दिया था। नेहरूजी के समझाने पर जोधपुर महाराज उम्मेद सिंहजी ने अपने दीवान को हटाया और जय नारायण व्यास को रिहा करवाया। </p>
<p><strong> </strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 14 Nov 2024 10:15:44 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>ऐनी सोरेल ने जैन को भेंट की अपनी ट्रेवल गाइड बुक </title>
                                    <description><![CDATA[ऐनी द्वारा आयोजित किये जाने वाले कार्यक्रम में शामिल होने के लिए शासन सचिव पर्यटन रवि जैन, पर्यटन आयुक्त विजयपाल सिंह को आमंत्रित किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/anne-sorel-give-her-travel-guide-book-of-jain%C2%A0/article-94679"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-11/6633-copy64.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। शासन सचिव पर्यटन रवि जैन से मुलाकात कर फ्रांस की पर्यटक, लेखिका और फोटोग्राफर ऐनी सोरेल ने जयपुर स्थित राजस्थान पर्यटन भवन में उनसे मिलकर अपनी राजस्थान पर्यटन अनुभव आधारित छायाचित्रों को समाहित किए हुए फ्रेंच ट्रेवल गाइड बुक राजस्थान भेंट की। </p>
<p>इसके साथ ही सोरेल ने राजस्थान में अपनी यात्रा के 50 वर्ष पूर्ण होने उपलक्ष में जयपुर में ऐनी द्वारा आयोजित किये जाने वाले कार्यक्रम में शामिल होने के लिए शासन सचिव पर्यटन रवि जैन, पर्यटन आयुक्त विजयपाल सिंह को आमंत्रित किया। इस अवसर संयुक्त निदेशक (पर्यटन विकास) राजेश शर्मा और संयुक्त निदेशक (मेले - त्यौहार) पुनीता सिंह भी उपस्थित रहीं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 08 Nov 2024 16:48:42 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>‘कुछ दिल ने कहा’...‘अहसासों की वो किताब जिसमें लेखक ने कथ्य के मर्म को छुआ है</title>
                                    <description><![CDATA[प्रियंका जोधावत ने बताया कि ये पुस्तक एक तरह से हमें उपन्यास ,कहानी संग्रह, कविता संग्रह, यात्रा संस्मरण तो कभी डायरी विधा सभी की एक साथ अनुभूति करवा देती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E2%80%98kuchh-dil-ne-kaha%E2%80%99-is-a-book-of-feelings-in/article-90173"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/pze-(6)6.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। आरएएस अधिकारी प्रियंका जोधावत ने अपनी तमाम प्रशासनिक व्यवस्तताओं के बावजूद अपने भीतर छिपे अहसासों को तनिक भी तिरोहित नहीं होने दिया है। प्रियंका अपने मन में उठने वाले विचारों को पिछले पांच साल से ब्लॉग के रूप में लिखती आ रही हैं। उन्होंने अपने ब्लॉग लेखन के इसी पांच साल के सफर को पुस्तक रूप देकर पाठकों के लिए जारी किया है, जो इन दिनों विभिन्न प्लेटफार्मों के माध्यम से पुस्तक प्रेमियों को आकर्षित कर रहा है । उन्होंने इस पुस्तक को नाम दिया है ‘कुछ दिल ने कहा’। </p>
<p>पांच साल में अपने ब्लॉग से उपजी ये अहसासों की किताब बहुत ही अनूठी है। इस किताब के जरिए लेखक ने उन सभी फनकारों, अदाकारों और उनके सृजन को याद किया है जिन्होंने खास लोग हों या आम लोग सभी को कभी रंगीन सपने दिखाए तो कभी दर्द में भी गुनगुना सिखाया।</p>
<p>इस किताब की खासियत ये है कि इसमें लेखक ने जयशंकर प्रसाद, जावेद अख्तर, साहिर लुधियानवी और गुलजार जैसे लेखकों के बोलों को सुना और फिर अपने अहसासों के साथ बुना है । </p>
<p>प्रियंका जोधावत ने बताया कि ये पुस्तक एक तरह से हमें उपन्यास ,कहानी संग्रह, कविता संग्रह, यात्रा संस्मरण तो कभी डायरी विधा सभी की एक साथ अनुभूति करवा देती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 Sep 2024 19:45:04 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>निजी स्कूलों की मनमानी पर रोक, अभिभावक बाजार से भी खरीद सकेंगे किताबें</title>
                                    <description><![CDATA[प्राइवेट स्कूल की मनमानी को देखते हुए जारी की गई 10 सूत्री यह दिशा-निर्देश करीब 40 हजार प्राइवेट स्कूलों पर लागू होगी। इन नियमों का पालन नहीं करने पर स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/stopping-the-arbitrariness-of-private-schools-parents-will-be-able-book-to-market/article-78155"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/shiksha-sankul1.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश में संचालित हो रहे प्राइवेट स्कूलों को लेकर शिक्षा विभाग ने नए दिशा-निर्देश जारी की है। इसमें किताबों, यूनिफॉर्म और फीस बढ़ोतरी को लेकर नियम तय किए गए हैं। पेरेंट्स अब स्कूल के अलावा बाजार से भी यूनिफॉर्म और किताबें खरीद सकेंगे। वहीं, प्राइवेट स्कूल की मनमानी को देखते हुए जारी की गई 10 सूत्री यह दिशा-निर्देश करीब 40 हजार प्राइवेट स्कूलों पर लागू होगी। इन नियमों का पालन नहीं करने पर स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p>शिक्षा विभाग ने निर्देशों की पालना को लेकर सभी अधिकारी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे। सभी जिला शिक्षा अधिकारी निजी स्कूलों को निर्देश देकर उनसे निदेर्शों की पालना करवाएं। यदि किसी भी निजी स्कूल के खिलाफ किसी भी प्रकार की कोई शिकायत मिलती है तो तत्काल निराकरण करें, इसमें देरी होने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इन निर्देर्शो को प्रत्येक निजी स्कूल को अपने नोटिस बोर्ड पर चस्पा और वेबसाइट पर अपलोड करना होगा। <br /><strong>- आशीष मोदी, निदेशक, माध्यमिक शिक्षा विभाग</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 May 2024 11:56:17 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>ऋषि कुमार की पुस्तक राग भौतिकी का लोकार्पण</title>
                                    <description><![CDATA[पुस्तक राग भौतिकी में भौतिक विज्ञान के विभिन्न विषयों पर 54 कविताएं लिखी गई है, जिनका स्पेक्ट्रम बहुत ही विस्तृत एवं रोचक है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/publication-of-the-book-of-rishi-kumar/article-58331"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-09/gan-(6).jpg" alt=""></a><br /><p>जयुर। राजस्थान विश्वविद्यालय के भौतिक विज्ञान के प्रो. ऋषि कुमार विज्ञान की राग भौतिकी पुस्तक का लोकार्पण किया गया है। इस क्रम में भौतिक विज्ञान की कविताओं की उनकी तीन पुस्तकों काव्य भौतिकी, गीत भौतिकी एवं सुर भौतिकी का प्रकाशन हो चुका है। पुस्तक काव्य भौतिकी को हिंदी संस्थान द्वारा सर्जना पुरस्कार दिया गया है तथा श्रीनाथद्वारा साहित्य मंडल द्रारा आपको इस अभिनव कार्य के लिए भौतिकी काव्य निधि रत्न पुरस्कार से पुरस्कृत किया जा चुका है। </p>
<p>पुस्तक राग भौतिकी में भौतिक विज्ञान के विभिन्न विषयों पर 54 कविताएं लिखी गई है, जिनका स्पेक्ट्रम बहुत ही विस्तृत एवं रोचक है। पुस्तक की भूमिकाएं सीएसआईआर के पूर्व डायरेक्टर जनरल डॉ. शेखर मांडे तथा नालंदा विश्वविद्यालय के चांसलर भारत के पहले सुपर कंप्यूटर के सूत्रधार डॉ. विजय भटकर ने लिखी हैं। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 29 Sep 2023 11:15:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आधुनिक विधाओं को भी स्वीकारने में सक्षम है संस्कृत भाषा: कलानाथ शास्त्री</title>
                                    <description><![CDATA[कलानाथ शास्त्री ने कहा कि संस्कृत देव भाषा है और यह विश्व में बोली जाने वाली सबसे स्पष्ट तथा श्लिष्ट भाषा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/sanskrit-language-is-able-to-accept-modern-genres-also-kalanath/article-44758"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-05/z-21.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जयपुर के युवा कवि डॉ ओमप्रकाश पारीक द्वारा रचित संस्कृत हाइकू की पुस्तक  "तुषाराब्जेषु अरुणरश्मय" (ओस कमलों पर सूर्य किरणें ) का लोकार्पण किया गया। भाषा विज्ञानी कलानाथ शास्त्री ने पुस्तक का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होनें कहा कि हाइकू जापानी काव्य विधा है और संस्कृत में इस विधा में रचना कर डॉ पारीक ने संस्कृत साहित्य में अमूल्य योगदान दिया है। इस पुस्तक में मूल कविताएँ आधुनिक जापानी हाइकु व तांका शैली में  संस्कृत भाषा में है जिनका हिंदी व अंग्रेजी अनुवाद भी किया गया है। उनका कहना था कि इन नवविकसित विधाओं के संस्कृत में आने से संस्कृत साहित्य अधिक समृद्ध होगा।</p>
<p>90 वर्षीय संस्कृत व भाषा विज्ञानी कलानाथ शास्त्री ने कहा कि संस्कृत देव भाषा है और यह विश्व में बोली जाने वाली सबसे स्पष्ट तथा श्लिष्ट भाषा है। संस्कृत में दुनिया की किसी भी भाषा से अधिक शब्द है। संस्कृत भाषा में प्राचीन शैली और भावबोध की रचनाओं के साथ साथ साहित्य की नवीन शैली और आधुनिक  भावबोध की रचनाओं का सृजन खूब किया जा रहा है जो इस भाषा की अद्भुत सृजन क्षमता और जीवंतता का द्योतक है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 05 May 2023 12:43:55 +0530</pubDate>
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                <title>पुस्तक द एडोर्नमेंट ऑफ गॉड्स का किया विमोचन</title>
                                    <description><![CDATA[वे म्यूजियम कंसल्टिंग कंपनी-एका कल्चरल रिसोर्सेज एंड रिसर्च के प्रबंध निदेशक प्रमोद कुमार केजी के साथ बातचीत कर रहे थे। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/redemption-of-the-book-the-adornment-of-gods/article-42926"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-04/666-copy39.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। तकनीकी युग चल राह हैं, जहां स्मृति को संजोए रखने की आवश्यकता है। ऐसे में संग्रहालयों की भूमिका लगातार बढ़ती जा रही है। पश्चिमी देशों से तुलना की जाए तो भारत में संग्रहालयों को इतना महत्वपूर्ण नहीं माना जाता, क्योंकि लोग अतीत में रहना शुभ नहीं मानते हैं। जयपुर के आम्रपाली संग्रहालय में द एडोर्नमेंट ऑफ गॉड्स पुस्तक के विमोचन पर लेखक देवदत्त पटनायक ने ये बातें कही। वे म्यूजियम कंसल्टिंग कंपनी-एका कल्चरल रिसोर्सेज एंड रिसर्च के प्रबंध निदेशक प्रमोद कुमार केजी के साथ बातचीत कर रहे थे। </p>
<p>इससे पूर्व उन्होंने आम्रपाली म्यूजियम के फाउंडर राजीव अरोड़ा और राजेश अजमेरा द्वारा औपचारिक रूप से अपनी इस पुस्तक का विमोचन किया। देवदत्त पटनायक की पुस्तक द एडोर्नमेंट ऑफ गॉड्स आम्रपाली म्यूजियम संग्रह के माध्यम से भारत की पौराणिक कथाओं और उनकी रत्नजड़ित कलाओं के बीच गहरे संबंधों के बारे में बताती है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 16 Apr 2023 10:52:54 +0530</pubDate>
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