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                <title>festive season - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                            <item>
                <title>जीएसटी घटने से नवरात्र पर खरीदारी का बूम : 250 करोड़ का कारोबार, दीपावली तक 2000 करोड़ के व्यापार का अनुमान </title>
                                    <description><![CDATA[मेडिकल सेक्टर में सीमित असर, पुराने स्टॉक से ग्राहकों को मिल रही मुश्किलें]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/reduction-in-gst-led-to-a-shopping-boom-during-navratri--with-turnover-of-250-crores--estimated-to-reach-2000-crores-by-diwali/article-128529"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/111-(3).png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नवरात्र की शुरूआत से ही जीएसटी दरों में कमी ने हाड़ौती के बाजारों को नई रफ्तार मिली है। त्योहारों के सीजन में कपड़ा, आॅटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की बिक्री में जबरदस्त उछाल आया है। त्योहारी सीजन को लेकर कपड़ा, आॅटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की बिक्री बढ़ी है। वहीं ग्राहकों को आॅटोमोबाइल क्षेत्र में 28 से घटकर 18 प्रतिशत जीएसटी का सीधा फायदा मिला है, आवश्यक वस्तुओं पर जीएसटी 12 से घटाकर 5 प्रतिशत होने से भी ग्राहकों को काफी राहत मिली है। व्यापार संघ के सचिव अशोक माहेश्वरी ने बताया कि नवरात्र के दौरान करीब 250 करोड़ का व्यापार हुआ है। धनतेरस, दीपावली और विवाह सीजन तक यह आंकड़ा 2000 करोड़ रुपए तक पहुंचने का अनुमान है। </p>
<p><strong>आॅटोमोबाइल सेक्टर में ग्राहकी दोगुनी </strong><br />टाटा मोटर्स के मैनेजर लोकेश जांगिड़ और नीलेश जांगिड़ ने बताया कि नवरात्र शुरू होते ही कार बुकिंग में भारी बढ़ोतरी हुई है। रोजाना की 6 से 7 कारों की ब्रिकी हो रही है। ग्राहकी पहले से दोगुनी हो गई है और डिलीवरी के लिए सात से दस दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है। हर दिन लगभग एक करोड़ रुपए तक की गाड़ियां बाजार से बिक रही हैं। दस में से नौ ग्राहक इस समय कम जीएसटी दरों का लाभ उठा रहे हैं। सीइएसएफ के इंस्पेक्टर रामकृष्ण यादव ने हमारे शो रूम से नई कार ली है। वह जीएसटी से मिली राहत से काफी खुश है।</p>
<p><strong>आॅटोमोबाइल क्षेत्र में आया बूम </strong><br />कमल आॅटो बजाज के मैनेजर विक्रमसिंह राजावत ने बताया कि आॅटोमोबाइल क्षेत्र में एकाएक बूम आया है और दीपावली तक यही रफ्तार बनी रहने की उम्मीद है। पिछली बार 200 गाड़ियां बिकी थी, इस त्योहारी सीजन पर करीब 400 बाइक की ब्रिकी हुई है। जीएसटी कम होने से ग्राहकों को सीधा फायदा मिला है।  दीपावली को लेकर अभी से लोगों ने बुकिंग शुरू कर दी है।</p>
<p><strong>ग्राहकों को मिल रहा है जीएसटी का फायदा</strong><br />नवरात्र के आरंभ के साथ ही जीएसटी कम होने से आम लोगों से लेकर व्यापारियों तक सभी वर्ग को राहत मिली है। हाल ही हुई बैठक में उपस्थित प्रतिनिधियों ने बताया कि जीएसटी में कटौती का फायदा ग्राहकों तक जरूर पहुंचाया जा रहा है। व्यापारी व मेडिकल प्रतिनिधि वस्तुओं व दवाइयों पर रिप्रिंट लेबल लगाकर ही उन्हें उपलब्ध करवा रहे हैं, साथ ही ग्राहकों को दामों में आई कमी की जानकारी भी दी जा रही है। अभी तक ज्यादा पैसे वसूलने की शिकायत सामने नहीं आई है। समय-समय पर क्रॉस चैक भी किया जा रहा है। आॅटोमोबाइल, लोहा, डेयरी और ग्रॉसरी सेक्टर में ग्राहकों को सस्ती दरों पर सामान मिल रहा है। वहीं केमिस्ट एसोसिएशन की वर्कशॉप में भी यह तय किया गया कि दवाइयों पर घटा हुआ जीएसटी ही वसूला जाएगा। <br /><strong>- सुनीता डागा, डिप्टी कमिश्नर स्टेट जीएसटी, कोटा</strong></p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />त्योहारी सीजन में ग्राहकी बढ़ी है। महिला वर्ग अभी से दीपावली और शादी की तैयारियों के लिए कपड़े खरीद रही हैं। हमारे पास हर वर्ग के ग्राहक अपनी पसंद के कपड़े खरीदने आ रहे हैं। महिलाएं लहंगे, साड़ियां और सूट की खरीदारी में व्यस्त हैं, तो पुरुष शेरवानी और कुर्ता-पायजामा पसंद कर रहे हैं। <br /><strong>- मदनलाल, कपड़ा व्यापारी</strong></p>
<p>हमारे क्षेत्र में पहले से 5 प्रतिशत जीएसटी है। नवरात्र पर खरीदारी अच्छी रही। इस बार रेडीमेड की बजाय कपड़ा लेकर सूट सिलवाना पसंद कर रहे हैं। इससे व्यापारियों को अच्छा फायदा मिलेगा। जीएसटी कम होने से दैनिक वस्तुओं के दामों में भी कमी आई है।<br /><strong>- अमित कंचल, व्यापारी कपड़ा मार्केट</strong></p>
<p>आॅटोमोबाइल सेक्टर में भी ग्राहकों को फायदा मिल रहा है। जीएसटी 28 से घटकर 18 फीसदी होने से आॅटोमोबाइल सेक्टर में राहत मिली है। हमारे वर्कशॉप में कई गाड़ियों की मरम्मत कर ग्राहकों को दी जा रही है। साथ ही उन्हें जीएसटी से संबंधित जानकारी भी उपलब्ध कराई जा रही है।<br /><strong>- रोहन शर्मा, मैकेनिकल इंजीनियर, कोटा</strong></p>
<p><strong>एक्सपर्ट व्यू</strong><br /><strong>जीएसटी दरों में कमी से बाजार में रौनक, व्यापारी वर्ग उत्साहित</strong><br />नवरात्र की शुरूआत के साथ ही जीएसटी दरों में कमी ने शहर के बाजारों में नई ऊर्जा भर दी है। कपड़ा, आॅटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक सेक्टर में ग्राहकी में जबरदस्त इजाफा देखने को मिल रहा है। व्यापारी वर्ग का कहना है कि सरकार द्वारा दरों में की गई कमी से ग्राहकों का विश्वास बढ़ा है और वे जमकर खरीदारी कर रहे हैं। आॅटोमोबाइल सेक्टर में जीएसटी 28 से घटाकर 18 फीसदी किए जाने का बड़ा असर पड़ा है। इससे चारपहिया और दुपहिया वाहनों की बिक्री में तेजी आई है। इसी तरह इलेक्ट्रॉनिक व कपड़ा बाजार में भी ग्राहकी बढ़ी है। व्यापारी ग्राहकों को जीएसटी राहत के साथ अलग-अलग आकर्षक आॅफर भी उपलब्ध करवा रहे हैं। दीपावली तक  करीब 2000 हजार करोड़ व्यापार होने का अनुमान है।<br /><strong>- अशोक माहेश्वरी, सचिव, व्यापार संघ, कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Oct 2025 14:59:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>त्योहारों पर धमाकेदार खरीदारी : स्मार्ट बाजार में त्योहार रेडी सेल, हर श्रेणी में मिलेंगे जबरदस्त ऑफर्स </title>
                                    <description><![CDATA[देश के सबसे बड़े हाइपरमार्केट फॉर्मेट्स में से एक स्मार्ट बाजार ने ग्राहकों के लिए त्योहारों की खरीदारी को और भी खास बनाने की तैयारी कर ली है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/banging-on-festivals-shopping-smart-market-will-get-tremendous-offers/article-128293"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/copy-of-news-(13)4.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। देश के सबसे बड़े हाइपरमार्केट फॉर्मेट्स में से एक स्मार्ट बाजार ने ग्राहकों के लिए त्योहारों की खरीदारी को और भी खास बनाने की तैयारी कर ली है। 1 से 5 अक्टूबर तक चलने वाली त्योहार रेडी सेल में ग्राहकों को फैशन से लेकर होम डेकोर, गिफ्टिंग, किराना और घरेलू सामान तक हर श्रेणी में जबरदस्त ऑफर्स मिलने वाले हैं। स्मार्ट बाजार के सीईओ दमदार मॉल ने कहा कि, भारतीय त्योहार हमेशा उपभोग का अवसर होते हैं और हमारे ग्राहक स्मार्ट बाजार से हर त्योहार की खरीदारी बेहतरीन दामों पर करने की उम्मीद रखते हैं। इस सेल के जरिए हमने हर परिवार के लिए बड़े पैमाने पर ऑफर्स तैयार किए हैं।</p>
<p><strong>आकर्षक ऑफर्स :</strong></p>
<ul>
<li>चुनिंदा भारतीय मिठाइयों पर खरीदो 1, पाओ 1 फ्री</li>
<li>ड्राई फ्रूट गिफ्ट पैक्स पर बाय 1, गेट 1 फ्री</li>
<li>गिफ्टिंग रेंज सिर्फ 49 से शुरू, 9,999 तक</li>
<li>बिस्किट और चॉकलेट होम पैक्स पर 60% तक की छूट</li>
<li>फेस्टिव कॉम्बो : 5 किलो कोहिनूर बासमती चावल 2.5 लीटर फॉर्च्यून राइस ब्रान ऑयल केवल 699</li>
<li>कोल्ड ड्रिंक्स और जूस पर 33 प्रतिशत तक की छूट</li>
<li>फेस्टिव फैशन 999 से कम में</li>
<li>एरिस्टोक्रेट हार्डी ट्रॉली सेट (2 पीस) फ्री डफल बैग सिर्फ 3,999 रुपए</li>
<li>स्मार्ट बाजार के 950 स्टोर्स में यह सेल ग्राहकों को न केवल सबसे कम दामों पर खरीदारी का अवसर देगी बल्कि त्योहार की खुशियों को और भी दोगुना करेगी।</li>
<li>तो तैयार हो जाइए, 1 से 5 अक्टूबर तक अपने नजदीकी स्मार्ट बाजार में शानदार शॉपिंग का मजा लेने और त्योहार रेडी बनने के लिए।</li>
</ul>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Sep 2025 10:59:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>घर की दीवारों पर दिवाली की चमक : जयपुर में 200 करोड़ का पेंट कारोबार होने के आसार, कंपनियों ने पहली बार की वारंटी देने की घोषणा </title>
                                    <description><![CDATA[दुकानदारों के अनुसार ग्राहक रंग, टेक्सचर और क्वालिटी को देखकर ही खरीदना पसंद करते हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/diwali-shine-on-the-walls-of-the-house-the-market/article-127630"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/11110.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। दिवाली से पहले जयपुर सहित पूरे राजस्थान में घरों की दीवारों को सजाने-संवारने का सिलसिला तेज हो गया है। बाजार में रंग, पेंट और डिस्टेंपर की बिक्री चरम पर है। खास बात यह है कि इस बार कंपनियों ने पहली बार वारंटी देने की घोषणा की है। हालांकि नियम और शतेंर् लागू होंगी।</p>
<p><strong>जीएसटी रिफॉर्म से कारोबारियों को राहत</strong><br />पेंट कारोबारियों का मानना है कि हालिया जीएसटी रिफॉर्म से इनपुट क्रेडिट और टैक्सेशन आसान होने से कारोबार को राहत मिलेगी। अब चुने की कली के दिन लद गए यानी लोग किफायती चुना लगाने की बजाय टिकाऊ और आधुनिक पेंट चुन रहे हैं।</p>
<p><strong>ऑफलाइन बाजार में ज्यादा रौनक</strong><br />ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बिक्री बढ़ रही है, लेकिन ऑफलाइन मार्केट अभी भी ज्यादा मजबूत है। दुकानदारों के अनुसार ग्राहक रंग, टेक्सचर और क्वालिटी को देखकर ही खरीदना पसंद करते हैं।</p>
<p><strong>घर को ठंडा रखने का नया विकल्प</strong><br />इस बार बाजार में कूल एंड सील प्रूफ पेंट भी आकर्षण का केंद्र है। कंपनियों का दावा है कि यह पेंट घर को ठंडा रखने में मदद करेगा।</p>
<p><strong>फेस्टिव सीजन में रोजगार</strong><br />दिवाली सीजन में पेंट कारोबार से एक लाख लोगों को रोजगार मिलने का अनुमान है। छोटे ठेकेदारों से लेकर पेंटर, मजदूर और डेकोरेशन से जुड़े लोग इस काम में शामिल हैं।</p>
<p><strong>2बीएचके घर पर अनुमानित खर्च</strong><br />विशेषज्ञों के अनुसार यदि कोई परिवार 2 बीएचके मकान को पूरी तरह पेंट करवाना चाहता है, तो दो हजार  से 15 हजार रुपए तक का खर्च आ सकता है, जो पेंट की क्वालिटी और डिजाइनिंग पर निर्भर करेगा।</p>
<p><strong>कलर डिस्टेंपर क्या है</strong><br />कलर डिस्टेंपर आम डिस्टेंपर से थोड़ा महंगा जरूर है, लेकिन इसकी फिनिशिंग और टिकाऊपन बेहतर होती है।</p>
<p><strong>यह मैट फिनिश </strong><br />देता है, जिससे दीवार पर खूबसूरत लुक आता है।</p>
<p><strong>नमी और धूल से दीवार को बचाता है।</strong><br />दीपावली पर घरों में होने वाली सफाई और रंग रोगन एक तरह से हमारे आवासों को मिलने वाला  पुनर्जीवन है। यह सिलसिला जाने कब से चल रहा है। </p>
<p><strong>कीमतों में स्थिरता</strong><br />जयपुर के बाजार में इस बार कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। प्रमुख उत्पादों के भाव इस प्रकार हैं।<br />प्लास्टिक पेंट (इंटीरियर) 1,800 से 13,000 रुपए (20 लीटर)<br />वॉटर प्रूफ  पेंट 4,200 से 9,000 रुपए (20 लीटर)<br />एक्सटीरियर पेंट: 1,800 से 11,000 रुपए (20 लीटर)<br />वॉटर डिस्टेंपर: 700 से 1,100 रुपए (20 लीटर)<br />एनामेल पेंट (ऑयल बेस) 250 से 350 रुपए (प्रति लीटर)<br />तारपीन तेल 100 रुपए (प्रति लीटर)<br />रेजमाल 5 से 20 रुपए (प्रति नग)<br />ब्रश 125 से 200 रुपए (प्रति नग)<br />स्मॉल ब्रश 30 से 70 रुपए (प्रति नग)<br />स्टेंसिल 50 से 200 रुपए (प्रति नग)<br />रंगोली एनामेल पेंट 30 से 50 रुपए (50 एमएल)<br />गुलाल पाउडर 50 से 200 रुपए प्रति किलो<br />चुना कली 20 से 50 रुपए प्रति किलो</p>
<p><strong>कंपनियों के ऑफर्स</strong><br />इस बार पेंट कंपनियों ने ग्राहकों को दिवाली सीजन में लुभाने के लिए कई स्कीमें निकाली हैं। एशियन पेंट्स, बर्जर पेंट्स, नेरोलैक पेंट्स, ड्यूलक्स पेंट्स, शालीमार पेंट्स जैसी कंपनियों की रेंज मार्केट में उपलब्ध है। <br />राजेन्द्र गुप्ता, अध्यक्ष, त्रिपोलिया बाजार व्यापार मण्डल </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 23 Sep 2025 10:40:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सर्दी से बदल गई घरों की डाइट, प्लान में शामिल बाजरे की खिचड़ी, तिल के लड्डू</title>
                                    <description><![CDATA[पाचन को बढ़ावा देने के साथ ही इसमें आवश्यक विटामिन और खनिजों की भरमार होती है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/bajra-khichdi-and-sesame-laddus-included-in-the-diet-plan/article-96846"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/13.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। सर्दी के तेवर जैसे-जैसे तीखे होते जा रहे हैं, वैसे-वैसे ही घरों में ‘डाइट प्लान’ भी बदलने लगा है। लोगों ने अपने ‘ब्रेक फास्ट, लंच और डिनर’ के मेन्यू में अब बाजरे की खिचड़ी, गर्म राबड़ी, तिल के लड्डू, गजक और गुड़ को शामिल किया है। ग्रामीण अंचल में ही नहीं, बल्कि गुलाबी नगरी में भी लोग भोजन की थाली में गुड़ आवश्यक रूप से रखने लगे हैं। बाजरे की खिचड़ी, गर्म राबड़ी, बाजरे की रोटी की गर्म तासीर होने से शादी-समारोह में इसका उपयोग बढ़ा है। इसकी उपयोगिता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि बाजरे की रोटी, खिचड़ी-गुड़ और घी के स्टॉल पर अपेक्षाकृत अधिक भीड़ देखी जाती है। आम घरों में बाजरे की रोटी और गुड़ का अपना ही स्वाद हैं। बाजरे का चूरमा भी बड़े चाव से बनाए जाने लगा है।</p>
<p><strong>तिल के लड्डू और गजक का महत्व बढ़ा</strong></p>
<p>आम घरों में तिल और गुड़ को मिलाकर लड्डू बनने लगे हैं। तिल के तेल का उपयोग भी बढ़ा है। बाजरे की रोटी को तिल के तेल से चुपड़कर भी लोग खाने लगे हैं। बाजरे की खिचड़ी में भी कई जगह तिल का तेल, गुड़, घी मिलाकर चाव से खाने लगे हैं। </p>
<p><strong>तिल और गुड़ के लड्डू का आयुर्वेदिक महत्व</strong><br />तिल और गुड़ की तासीर गर्म होती है, इसके सेवन से शरीर गर्म बना रहता है। गुड़ में एंटीऑक्सिडेंट, विटामिन और मिनरल्स होते हैं। यह शरीर को ऊर्जा और रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रदान करता है। तिल और गुड़ में कैल्शियम हड्डियों को मजबूत बनाता है। पाचन और तनाव में मदद। मानसिक दुर्बलता दूर होती है। घुटने का दर्द भी कम होता है। </p>
<p><strong>बाजरे का महत्व  </strong></p>
<p>यह कफ और खासी के लिए आरामदायक होता है। इसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता अधिक होती है। पाचन को बढ़ावा देने के साथ ही इसमें आवश्यक विटामिन और खनिजों की भरमार होती है। पोटेशियम, विटामिन ए, विटामिन बी, फास्फोरस, कैल्शियम, आयरन और एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर होता है। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 06 Dec 2024 10:58:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>असर खबर का - त्यौहारी सीजन को लेकर यातायात पुलिस आई हरकत में</title>
                                    <description><![CDATA[ त्योहारी सीजन को देखते हुए जल्द ही प्रमुख बाजारों के मुख्य गेटों पर मार्केटिंग कर जवान तैनात कर दिए जाएंगे। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/impact-of-news-traffic-police-came-into-action-regarding-festival-season-bundi-rajasthan-hindi-news/article-60946"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/asar-khabar-ka---tyohari-season-ko-lekr-yatayat-police-ayi-harkat-me...bundi-news-31-10-2023.jpeg" alt=""></a><br /><p>बून्दी। पिछले दिनों नवज्योति में त्योहारी सीजन में चरमराई यातायात व्यवस्था...शीर्षक से खबर प्रकाशित होने के बाद सोमवार को यातायात पुलिय हरकत में आई। आगामी त्योहारों के मध्येनजर यातायात पुलिस ने टीआई सुरजीत सिंह के नेतृत्व में शहर के प्रमुख बाजारों में पैदल मार्च कर सभी व्यापारियों व थोड़ी ठेला वालों से समान अपनी निर्धारित सीमा पर रखने के निर्देश दिए हैं। यातायात प्रभारी सुरजीत सिंह ने बताया कि दीपावली व करवा चौथ को देखते हुए सोमवार को जाब्ते के साथ शहर के कोटा रोड, इंदिरा मार्केट सहित प्रमुख बाजारों में पैदल मार्च कर व्यापारियों सहित फुटपाथ पर दुकान लगाने वाले व्यापारियों से भी निर्धारित स्थान तक ही सामान फैलाने की समझाइश की गई है। उन्होंने बताया कि त्योहारी सीजन को देखते हुए जल्द ही प्रमुख बाजारों के मुख्य गेटों पर मार्केटिंग कर जवान तैनात कर दिए जाएंगे। इस दौरान इस दौरान हेड कांस्टेबल राजेंद्र सिंह, रमेश सिंह, त्रिलोक पालीवाल, कांस्टेबल संगत सिंह, किशोर चौधरी सहित होमगार्ड के जवान साथ रहे। हालांकि यातायात पुलिस की  फोरी  व औपचारिक कार्यवाही को लेकर आम जन और व्यापारी असंतुष्ट नजर आ रहे हैं। उनका मानना है कि फोरी कार्यवाही की जगह ठोस व स्थाई प्रयास होने चाहिए।</p>
<p>गौरतलब हैं कि दीपावली के अब मात्र 15 दिन शेष रहने से बाजारों में त्योहारी रौनक झलकने लगी हैं और खरीदारी के लिए आमजन की आमदरफ्त बाजारों में बढ.रही हैं। वहीं दीपावली के बाद देवउठनी के अबूझ सावे के कारण भी बाजारों में खरीददारों की तादाद सामान्य से ज्यादा हो रही हैं। लेकिन त्योहारी सीजन में अव्यस्थित यातायात व्यवस्था ने बाजारों की व्यवस्था को ही नहीं अपितु शहर की हालत को बिगाड़ रखा हैं। शहर के चौमुखा बाजार, चौगान गेट, इंद्रा मार्केट, कोटा रोड, सब्जी मंडी रोड ऐसे क्षेत्र हैं, जहां पर दिनभर लोगों की भारी आवाजाही बनी रहती है। इन इलाकों में नो पार्किंग जोन होने के बावजूद लोग दुपहिया वाहन खड़े कर ट्रेफिक व्यवस्था बिगाड़ रहे हैं। आॅटो स्टेंड होने के बावजूद आॅटो चालक बाजारों में यहां वहां अपने आॅटो खड़े कर देते हैं, जिसके चलते चारों तरफ जाम के हालात बने रहते है। वहीं कोटा रोड़ व सब्जी मंडी रोड पर चौपहिया वाहनों के अवैध पार्किग बाजारों में बड़ी समस्या बनी हुई।</p>
<p>शहर चौराहों, बाजारों में ट्रेफिक व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ी हुई है। यहां पर तो बाजारों में लोगों को पैदल निकलने तक में भारी समस्या का सामना करना पड़ता है। नगर परिषद ने बाजारों में जाम के हालात बना रखे हैं। नगर परिषद व पुलिस चाहे तो व्यवस्था सुधर सकती है।<br /><strong>- माधवप्रसाद विजयवर्गीय, समाजसेवी</strong></p>
<p>बूंदी में ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर किसी भी तरह का विजन नहीं है, पार्किंग के लिए जगह चिन्हित नहीं है। साथ ही कोटा रोड, इंदिरा मार्केट मार्केट दोनों ही अतिक्रमण के शिकार हैं। खाना पूर्ति करने के लिए कभी-कभी ट्रैफिक पुलिस वाले कोटा रोड पर आकर खड़ी चौपहिया वाहनों को व्यवस्थित करते हैं, इसमें भी सिर्फ खाना पूर्ति ही की जाती है। सबसे ज्यादा अतिक्रमण कोटा रोड पर दिखाई दे सकता है। <br /><strong>- शक्ति तोषनीवाल, युवा व्यापार व समाजसेवी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 31 Oct 2023 12:12:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>त्योहारी सीजन में चरमराई शहर की यातायात व्यवस्था </title>
                                    <description><![CDATA[त्योहारी सीजन में अव्यस्थित यातायात व्यवस्था ने बाजारों की व्यवस्था को ही नहीं अपितु शहर की हालत को बिगाड़ रखा हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/city-s-traffic-system-collapses-during-festive-season/article-60700"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/tyohari-season-mai-charmarayi-traffic-vyvastha...bundi-news-28-10-2023.jpeg" alt=""></a><br /><p>बून्दी। दीपावली पर्व के अब मात्र 15 दिन शेष रह गए हैं, बाजारों में त्योहारी रौनक झलकने लगी हैं और खरीददारी के लिए आमजन की आमदरफ्त बाजारों में बढ़ रही हैं। वहीं दीपावली के बाद देवउठनी के अबूझ सावे के कारण भी बाजारों में खरीददारों की तादाद सामान्य से ज्यादा हो रही हैं। लेकिन त्योहारी सीजन में अव्यस्थित यातायात व्यवस्था ने बाजारों की व्यवस्था को ही नहीं अपितु शहर की हालत को बिगाड़ रखा हैं।</p>
<p><strong>नो पार्किंग में खड़े रहते हैं वाहन</strong><br />शहर के चौमुखा बाजार, चौगान गेट, इंद्रा मार्केट, कोटा रोड, सब्जी मंडी रोड ऐसे क्षेत्र हैं, जहां पर दिनभर लोगों की भारी आवाजाही बनी रहती है। इन इलाकों में नो पार्किंग जोन होने के बावजूद लोग दुपहिया वाहन खड़े कर ट्रैफिक व्यवस्था बिगाड़ रहे हैं। आॅटो स्टेंड होने के बावजूद आॅटो चालक बाजारों में यहां वहां अपने आॅटो खड़े कर देते हैं, जिसके चलते चारों तरफ जाम के हालात बने रहते है। वहीं कोटा रोड़ व सब्जी मंडी रोड पर चौपहिया वाहनों के अवैध पार्किंग बाजारों में बड़ी समस्या बनी हुई। जिम्मेदार यातायात पुलिस अधिकारी व ट्रैफिक कर्मियों का इस ओर कोई ध्यान ही नहीं हैं। शहर के आमजन आतिश वर्मा, महावीर तथा सैफ अली ने बताया कि आम दिनों मे ही बाजारों मे ध्यान से चलना पड़ता हैं। कही किसी से गाड़ी टच नहीं हो जाएं, गाड़ी टच हो जाती हैं तो अनावश्यक बहसबाजी का सामना करना पड़ता हैं। वहीं ठीकरदा निवासी बुद्धीप्रकाश ने बताया कि पिछले दिनों बाजार में खड़ी गाड़ी को तेज रफ्तार बाइक सवार ने गिरा दिया, जिससे बेवजह गाड़ी में नुकसान हो गया।  </p>
<p><strong>व्यवस्थित यातायात में तहबाजारी बड़ी बाधा</strong><br />जानकारों का कहना हैं कि बाजारों में नगर परिषद द्वारा की जा रही तहबाजारी भी एक बड़ी समस्या बाधा हैं। तहबाजारी के तहत रेहड़ी व हाथ थेले वाले छोटे दुकानदार 10, 20 रूपए प्रतिदिन की रसीद कटवा कर बीच रोड पर ही अपना व्यवसाय शुरू कर देते हैं। जिन्हें हटाने की कोशिश किए जाने पर नगर परिषद की रसीद दिखा कर उस जगह पर अपना दावा ठोकते नजर आते हैं। हालांकि कमोबेश यातायातकर्मियों ने भी तहबाजारी को यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने में बड़ी बाधा माना हैं। कोटा रोड़ के एक व्यापारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि एक करोड़ की दुकान वाला व्यापारी पसत हैं और दस बीस की तहबाजारी देने वाला व्यापारी मस्त हैं। यह सब नगर परिषद के कर्मचारियों की शह पर हो रहा हैं। इन स्ट्रीट वेंडर्स के लिए बाजारों में जगह निर्धारित हो तो इस समस्या से निजात मिल सकता हैं। स्ट्रीट वेंडर रेहड़ी वाले तथा हाथ ठेले वाले छोटे दुकानदारों ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि हमें भी बाजार में रोजी रोटी कमाने का हक हैं। यदि हमें बाजार मे ही स्थाई जगह उपलब्ध करवाए तो हम वहां दुकानदारी कर लेंगे। पुलिस वाले आकर हर समय हम पर रौब झा़ते रहते हैं, लेकिन उनका पुलिसिया रौब बडेÞ दुकानदारों के अतिक्रमण और आइसक्रीम फैक्ट्री के बाहर जाते ही खत्म हो जाता हैं।</p>
<p><strong>अहिंसा सर्किल पर बना सिंघाडा मंडी</strong><br />शहर का सबसे व्यस्तम सर्किल अंहिसां सर्किल इन दिनों जिम्मेदार अधिकरी व कार्मिकों की नजरंदाजी के चलते सिंघाड़ा मंडी के साथ शहर की तीसरी अस्थाई सब्जी मंडी  के रूप में विकसित होता नजर आ रहा है। यह सर्किल सबसे व्यस्त सर्किल होने के कारण सर्किल पर बैठे सिंघाडा विक्रेता के चलते दुर्घटना क्षेत्र बना हुआ हैं। इस सर्किल पर भारी वाहनों की भी आवाजाही दिनभर बनी रहती है। समाजसेवी माधव प्रसाद विजयवर्गीय ने कहा कि हॉस्पिटल के बाहर अदालती आदेश के बावजूद प्रशासनिक नाकामी के कारण एक बार फिर अतिक्रमी काबिज हो गए है। देवपुरा से लेकर अहिंसा सर्किल तक बाजारों में अतिक्रमियों का बोलबला हैं। किसी को शहर की सुंदरता की कोई परवाह नहीं है।</p>
<p><strong>एकमात्र लाल बत्ती, ट्रैफिक कर्मी बने मूकदर्शक</strong><br />शहर के दूसरे व्यस्त सर्किल रणतीज टाकीज के बाहर प्रशासन ने यातायात व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए ट्रैफिंक लाइट लगवा रखी हैं, ताकि आम वाहन चालक यातायात नियमों की पालना को लेकर सचेत रहे। लेकिन यहां ट्रेफिक कर्मी मूकदर्शक बने रह कर यातायात नियमों की हों रही अवहेलना को देख्ते रहते हैं। मानव सेवा समिति के राजेश खोईवाल ने कहा कि लालबत्ती पर ट्रैफिंक कर्मी या तो होते नहीं हैं और होते भी हैं तो उन्हें इससे कोई मतलब नहीं हैं। अधिकांशत: लाल बत्ती बंद रहती हैं, जिसके चलते जागरूक नागरिक भी इस लालबत्ती के फेर में उलझ जाता हैं। यह उलझन कभी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती हैं। ऐसा ही युवा व्यापारी शक्ति तोषनीवाल ने बताया कि बूंदी की एकमात्र सिग्नल लाइट्स पर भी ट्रैफिक पुलिस के जवान सुबह से शाम तक नजर नहीं आते हैं। लोगों में ट्रैफिक पुलिस का कोई डर नहीं है।</p>
<p><strong>दुपहिया पार्किंग में चौपहिया का कब्जा</strong><br />चौगानगेट के बाहर एकमात्र दुपहिया वाहन पार्किंग बनी हुई हैं, जहां अधिकांशत चौपहिया वाहन स्थाई रूप से खड़े रहते हैं। अव्यवस्थित यातायात से त्रस्त व्यापारियों का भी कहना हैं कि बाजारों में कोई व्यवस्थित ट्रैफिक प्लान नहीं होने तथा पार्किंग जोन नहीं होने के कारण आमजन ही नहीं अपितु व्यापारी भी परेशान हैं। बाजारों में ग्राहक आऐगा तो उसके सामने वाहन खड़े करने की भी समस्या होती हैं। जहां दुपहिया खड़े करने की सुविधा हैं, वहां तो पहले से ही चौपहिया वाहन स्थाई रूप से दिनभर खडे रहते है।</p>
<p>शहर के बाजारों में कोई यातायात व्यवस्था नहीं हैं। यातायात व्यवस्था के नाम पर केवल खानापूर्ति कर दी जाती हैं। जब तक कोई स्थाई ट्रैफिक प्लान नहीं बनेगा, शहर में यातायात की हालत नहीं सुधर सकती।<br /><strong>- तरूण राठौर, व्यापारी</strong></p>
<p>शहर चौराहों, बाजारों में ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ी हुई है। यहां पर तो बाजारों में लोगों को पैदल निकलने तक में भारी समस्या का सामना करना पड़ता है। नगर परिषद ने बाजारों में जाम के हालात बना रखे हैं। नगर परिषद व पुलिस चाहे तो व्यवस्था सुधर सकती है।<br /><strong>- माधवप्रसाद विजयवर्गीय, शहरवासी</strong></p>
<p>बूंदी में ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर किसी भी तरह का विजन नहीं है पार्किंग के लिए जगह चिन्हित नहीं है। साथ ही कोटा रोड, इंदिरा मार्केट मार्केट दोनों ही अतिक्रमण के शिकार हैं। खाना पूर्ति करने के लिए कभी-कभी ट्रैफिक पुलिस वाले कोटा रोड पर आकर खड़ी चौपहिया वाहनों को व्यवस्थित करते हैं, इसमें भी सिर्फ खाना पूर्ति ही की जाती है। सबसे ज्यादा अतिक्रमण कोटा रोड पर दिखाई दे सकता है।<br /><strong>- शक्ति तोषनीवाल, युवा व्यापारी </strong></p>
<p>बूंदी में ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर किसी भी तरह का विजन नहीं है पार्किंग के लिए जगह चिन्हित नहीं है। साथ ही कोटा रोड, इंदिरा मार्केट मार्केट दोनों ही अतिक्रमण के शिकार हैं। खाना पूर्ति करने के लिए कभी-कभी ट्रैफिक पुलिस वाले कोटा रोड पर आकर खड़ी चौपहिया वाहनों को व्यवस्थित करते हैं, इसमें भी सिर्फ खाना पूर्ति ही की जाती है। सबसे ज्यादा अतिक्रमण कोटा रोड पर दिखाई दे सकता है।<br /><strong>- शक्ति तोषनीवाल, युवा व्यापारी </strong></p>
<p><strong>इनका कहना है </strong><br />शहर की यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए निरन्तर प्रयास किए जा रहे हैं। त्योहारी सीजन को देख्ते हुए स्ट्रीट वेंडर्स तथा व्यापारियों की सुविधा के लिए बाजारों में पीली तथा सफेद लाईनिंग करवाई जाएंगी। नगर परिषद प्रशासन से चर्चा कर स्थाई ट्रैफिक प्लान तैयार करने तथा स्थाई पार्किंग पैलेस तय करने का प्रयास करेंगे ताकि आमजन को परेशानी का सामना नहीं करना पडे।<br /><strong>- सुरजीत सिंह, यातायात प्रभारी, बून्दी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 28 Oct 2023 19:33:30 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>त्योहारी सीजन में नकली-मिलावटी उत्पादों से बचें</title>
                                    <description><![CDATA[खाद्य तेलों में कई तरह के पदार्थ मिलाए जाते हैं, जो गर्म होने के बाद पेट की कई बीमारियों को जन्म देते हैं। ऐसे में खाद्य तेलों पर जरा भी संदेह होने पर घर पर ही उसकी जांच कर सकते हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/avoid-fake-adulterated-products-during-festive-season/article-60524"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/gan-(1).jpg" alt=""></a><br /><p>त्योहारों का सीजन आ रहा है। दशहरा, दिवाली पर खाद्य तेलों की बढ़ी डिमांड को पूरा करने के लिए तमाम कारोबारी मिलावट करने से बाज नहीं आते हैं, जो सेहत के लिए बेहद खतरनाक है। मिलावटी खाद्य पदार्थ ही नहीं, बल्कि मिलावटी खाद्य तेल के उपयोग के कई दुष्प्रभाव भी हैं। मिलावटी सरसों के तेल के उपयोग से हमारी सेहत पर गंभीर दुष्परिणाम देखने को मिलते हैं। सबसे पहले जी मिचलाना और पेट खराब होना जैसी समस्या होती हैं। पेट में सूजन यहां तक कि दिल और सांस की बीमारी तथा एनीमिया का खतरा भी बढ़ जाता है। बीते सालों की बात करें तो खाद्य तेलों में मिलावट के कई मामले पकड़े गए हैं।<br /><br />खाद्य तेलों में कई तरह के पदार्थ मिलाए जाते हैं, जो गर्म होने के बाद पेट की कई बीमारियों को जन्म देते हैं। ऐसे में खाद्य तेलों पर जरा भी संदेह होने पर घर पर ही उसकी जांच कर सकते हैं। इसके अलावा शहद में चीनी का घोल मिलाकर बाजार में बेचा जा रहा है। कई लोग खाद्य तेलों में पाम आॅयल तो कुछ लोग केमिकल मिलाते हैैं। यदि इनका सेवन किया जाए तो यह सेहत पर दुष्प्रभाव डाल सकते हैैं। ऐसे खाद्य तेलों से बने उत्पादों के सेवन से पेट खराब हो सकता है। इससे त्योहार पर हॉस्पिटल भी जाना पड़ सकता है। कई बार तो ऐसे खाद्य तेलों के सेवन से लंबे समय के लिए पेट की समस्या जैसे कब्ज इत्यादि हो जाती है। यही हाल चीनी, शहद इत्यादि में मिलावट होने से हो सकता है, इसलिए त्योहार पर सावधान रहें और देख-परख कर ही खाद्य उत्पादों को खरीदें। खाना बनाते समय ज्यादातर लोग सरसों के तेल का इस्तेमाल करते हैं। वहीं कुछ लोग स्किन और हेयर केयर में भी सरसों का तेल यूज करना पसंद करते हैं। बेशक सरसों का तेल सेहत के साथ-साथ त्वचा और बालों के लिए भी फायदेमंद होता है। मगर ज्यादातर लोग मार्केट से नकली सरसों का तेल खरीद लेते हैं। मिलावट की दुनिया में शुद्ध सरसों का तेल विरले ही मार्केट में देखने को मिलता है। वहीं मिलावटी तेल का इस्तेमाल करने से हेल्थ, स्किन और बालों पर भी कई साइड इफेक्ट होने लगते हैं। ऐसे में सरसों के तेल को फ्रिज में रखने, रबिंग टेस्ट और कलर टेस्ट ट्राई करने जैसे टिप्स अपनाकर आप मिनटों में असली और नकली सरसों के तेल की पहचान कर सकते हैं।<br /><br />इधर, मिलावट के धंधेबाज तेल में खेल करने से बाज नहीं आ रहे। पिछले साल जब केंद्र सरकार ने पाम आॅयल का आयात प्रतिबंधित किया तो खाद्य तेल में मिलावट और उनकी पैकेजिंग में गड़बड़ी का खेल शुरू हो गया। धंधेबाजों ने रिफाइंड जैसे दिखने वाले सस्ते नेपाली तेल का आयात कर उसमें रासायनिक अखाद्य रंग और एसेंस (सुगंध) मिलाकर उसकी पाम आॅयल और सरसों के तेल के तौर पर बिक्री शुरू कर दी थी। जब से मलेशियन पाम आॅयल के आयात पर रोक लगाई गई है, तब से न केवल सरसों तेल, बल्कि सोयाबीन, राइस ब्रान, सूरजमुखी, मूंगफली आदि तेलों में मिलावट बढ़ गई है। दुकानदार रिफाइंड जैसे दिखने वाले सस्ते नेपाली तेल में एसेंस (सुगंध) मिलाकर उसे सरसों के तेल के तौर पर बेच रहे हैं। यही तेल अन्य खाद्य तेलों में भी खपाया जा रहा है।<br /><br />मिलावट का खेल वैसे तो पूरे साल चलता है, लेकिन त्योहारों में मांग बढ़ने से मिलावटखोरी और बढ़ जाती है। दशहरा, दिवाली पर सबसे ज्यादा रिफाइंड एवं सरसों के तेल की मांग होती है। महंगाई की वजह से सरसों के तेल में मिलावट की जड़ें सभी जगहों पर मजबूती से फैली हुई हैं। बाजारों में नकली सरसों का तेल भी खूब बिक रहा है। राइस ब्रान में बटर एलो मिलाकर सरसों के तेल की कीमत वसूली जा रही है। सरसों की तेल में मिलावट करने वाले अधिक मुनाफे के चक्कर में लोगों की जान से खिलवाड़ करते हैं। नकली खुला सरसों का तेल तो बिकता ही है, विभिन्न ब्रांड के नाम पर भी नकली तेल बेचा जाता है। दुकानदार पाम आॅयल, राइस ब्रान, सोया आॅयल मिलाकर सरसों का तेल बनाते हैं। साठ, सत्तर रुपए लीटर मिलने वाले इन तेलों की खासियत यह होती है कि इनमें किसी तरह की खुशबू नहीं होती है और मिलावटखोर इसी का जमकर फायदा उठाते हैं और लोगों की सेहत से खिलवाड़ करते हैं। एफएसएसएआई ने पिछले साल देशभर से खाने के तेल के हजारों सैम्पल जुटाए। इन सैम्पलों में ब्रांडेड और खुले में बिकने वाले तेल दोनों शामिल रहे। नियामक ने सरसों तेल, नारियल तेल, पाम आॅयल, ब्लेंडेड ऑयल, सोयाबीन तेल, राइस ब्रान आॅयल, मूंगफली तेल समेत खाने वाले 15 तेलों के नमूनों को टेस्ट किया। इनमें से एक चौथाई नमूने मानकों से नीचे पाए गए। इस टेस्ट में यह भी पता चला कि खाने के तेल में विटामिन-ए और विटामिन- डी मिलाए जाने के दावे फर्जी हैं। इनकी जगह पर कंपनियों ने ऐसे केमिकल का तय मात्रा से अधिक इस्तेमाल किया, जो कई गंभीर बीमारियां पैदा कर सकते हैं। ज्यादातर नमूनों में कुछ एसिड तय मात्रा से अधिक पाए गए। ये केमिकल मात्रा से अधिक होने पर सिरदर्द, सुस्ती, बेहोशी से लेकर नाक से खून निकलने तक के जिम्मेदार हो सकते हैं। नशीले असर वाले इन केमिकलों को कई बीमारियों का जनक भी माना जाता है।       <br /><br />-डॉ. मनोज मुरारका<br />(ये लेखक के अपने विचार हैं)</p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Oct 2023 18:13:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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                <title>सावधान: त्यौहारी सीजन शुरू होते ही बाजार में आने लगा नकली मावा पनीर </title>
                                    <description><![CDATA[प्रशासनिक अधिकारी अपने स्तर पर जांच कर रहे हैं, लेकिन अब तक मिलावटी मिठाइयों जब्त नहीं की गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/be-careful--as-soon-as-the-festive-season-starts--fake-mawa-paneer-starts-coming-in-the-market/article-60280"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/sawadhan--tyohari-season-shuru-hote-hi-bazar-mei-aane-laga-nakli-maava-paneer..kota-news..23.10.2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । त्यौहारी सीजन शुरू होने के साथ ही मिठाईयों की मांग बढ़ रही है। इसके साथ बाजार में नकली मावा सप्लाई करने वाले मिलावटखोर भी सक्रिय हो गए है। शहर में  मिठाई बाजार सज गए है। खुशी के मौके पर लोग मन पसंद मिठाई खरीद रहे है। यदि आप बाजार से मिठाई खरीद रहे हैं तो सावधान भी रहिए। हो सकता है जो मिठाई आप खरीद रहे है, उसमें मिलावट हो। खुशियों में खलल ना पड़े इसके लिए लोग भी मिलावटी मिठाइयों से दूर होते दिख रहे हैं। स्वास्थ्य व खाद्य विभाग त्यौहारी सीजन में भले ही शुद्धता की जांच के लिए अभियान चला रहा हो, बावजूद इसके शहर में मिलावटी मिठाई के कारोबार से इनकार नहीं किया जा सकता। प्रशासनिक अधिकारी अपने स्तर पर जांच कर रहे हैं, लेकिन अब तक मिलावटी मिठाइयों जब्त नहीं की गई है। अभी नकली, मावा, घी और अन्य खाद्य पदार्थ की पकड़े गए है। शहर में कुछ लोग ज्यादा फायदे के लालच में ग्राहकों की आंख में धूल झोंक कर तेल, घी, या अन्य सामग्री में मिलावट करते हैं। त्यौहार की भीड़ में लोग बिना कुछ जांचे परखे सामान खरीद लेते हैं। </p>
<p>वैसे तो चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग अपने स्तर पर अभियान चला रहा। लेकिन लोगों को भी सावधान रखने की आवश्यकता है। दशहरा दीपावली को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग सतर्क है।  वहीं मिलावट खोरों ने कमाई के लिए लोगों के स्वास्थ्य को ताक पर रख दिया है। इसी बीच खाद्य सुरक्षा विभाग भी लगातार छापेमारी कर मिलावटखोरों के खिलाफ कार्रवाई करने में लगा है ।  अभी चार दिन पहले ही 17 अक्टूबर को 90 लीटर नकली घी पकड़ा है।  खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमें लगातार कार्रवाई करने में जुटी हुई हैं।  पिछले 15 में करीब आधा दर्जन लोगों के यहां छापे मारकर कार्रवाई को अंजाम दिया गया।  जिसमें  कोल्ड ड्रिंक, घी, मिठाई, मिर्च, धनिया पाउडर, मसाले, मावा को मुख्य रूप से टारगेट किया गया है।  दिवाली पर मिठाईयों में सबसे अधिक मिलावट को देखते हुए मावा पर कार्रवाई को तेज किया जा रहा है। </p>
<p><strong>एक क्विंटल मावा किया जा चुका जब्त</strong><br />अभी हाल ही में  17 अक्टूबर को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने बारां में छापा मारते हुए एक मिठाई की दुकान से बड़ी मात्रा में मावा, पनीर व सोनपापड़ी जब्त किया है उसके बाद से ही लोगों को और सावधान रहने की आवश्यकता हो गई है।  त्यौहारी सीजन को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से जिले में शुद्ध के लिए युद्ध अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत 17 अक्टूबर को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने दीनदयाल पार्क स्थित एक मावे की दुकान पर छापा मारकर एक क्विंटल मावा, पनीर व सोन पापड़ी जब्त की थी। खाद्य सुरक्षा अधिकारी गोवर्धन चौधरी ने बताया कि शुद्ध के लिए युद्ध अभियान वर्ष भर चलता है, लेकिन त्यौहारी सीजन में यह तेज हो जाता है। एक मावा सेंटर पर कार्रवाई की गई, जहां से एक क्विंटल मावा, पनीर व कुछ सोनपापड़ी को सीज किया। </p>
<p><strong>शहर में यहां से आता है मावा </strong><br />मावा व्यवसायी श्याम गुर्जर ने बताया कि कोटा शहर में आसपास के गांवों के अलावा बड़ी मात्रा में मावा बूंदी, दिगोद, बारां,भीमगजमंडी, रामगंजमंडी, रतलाम से आता है। अधिकांश मावा में शक्कर और चिकनाई रहित होता है। ज्यादातर सिन्थेटिक मावा बाहर से ही यहां आता है। कम चिकनाई वाला मावा सस्ता होने से इससे गुलाब जामुन और अन्य मिठाईयां तैयार की जा रही है। </p>
<p><strong>मिलावटी खोए व सिंथेटिक दूध  की ऐसे करें पहचान</strong><br />खाद्य सुरक्षा अधिकारी संदीप अग्रवाल मिलावटी खोए और सिंथेटिक दूध पहचान करने के लिए  इसमें आयोडीन सॉल्यूशन और पराडीमेथील एमिनो बेनजलडीहाइड सॉल्यूशन डाल दें इसके बाद दूध, खोए या पनीर में स्टार्च की मौजूदगी की पहचान करने के लिए एक कांच के बर्तन में थोड़ा सा पनीर या मिठाई को थोड़े गुनगुने पानी में डालें, थोड़ी देर तक इसे घुलने दें। जब यह अच्छे से पानी में घुल जाए तब  इसमें चार से पांच ड्राप आयोडीन सॉल्यूशन डालकर चम्मच से मिला लें।  दूध की भी पहचान भी ऐसे ही की जाती है।अगर मिठाई, दूध या पनीर का रंग नीला हो जाता है तो इसका अर्थ है कि इसमें मिलावट की गयी है।  लेकिन अगर यह रंग नहीं बदलता है तो इसका मतलब है कि यह शुद्ध है। मिठाई में मेटानिल पदार्थ की मिलावट की जाती है। मिठाई में थोड़ा सा सेंधा नमक डालें। अगर मिठाई का रंग गुलाबी पड़े तो मेटानिल पदार्थ की मिलावट समझो। मावे में स्टार्च की मिलावट की आशंका रहती है। थोड़े मावे में पाम तेल मिलाकर उबालें, इसमें आयोडीन के घोल की बूंदें डालें। अगर स्टार्च की मिलावट होगी तो मावे का रंग नीला पड़ जाएगा। </p>
<p><strong>अब तक ये हो चुकी कार्रवाई</strong><br />अप्रैल से लेकर अक्टूबर तक खाद्य सुरक्षा टीम की ओर से मावा, दूध पनीर,घी, कोल्ड ड्रिंक, मसालों के सैंपल लेकर कार्रवाई ही है। मार्च में 109 सैंपल लिए,अप्रैल में 69 सैंपल लिए, मई 39 सैंपल लिए, जून 22 सैंपल, जुलाई में 12 सैंपल, अगस्त में  2767 किलो नकली देशी घी सीज किया। अक्टूबर में कोल्ड ड्रिंक व फ्रूट ज्यूस अविधिपार कोल्ड ड्रिंक जिसमें  स्टिंग केन 143 नग ,7अप केन 24 नग मीरिड़ा केन 7 नग , ट्रोपिकाना लिची ज्यूस 30 नग को सीज किया गया। इसके अलावा 90 लीटर देशी घी, 1 क्विंटल मावा जब्त कर चुके है। </p>
<p>शुद्ध के लिए युद्ध अभियान के तहत लगातार खाद्य सुरक्षा टीम सैंपल लेकर कार्रवाई कर रही है। त्यौहारी सीजन में लगातार नमूने लेकर कार्रवाई की जा रही है। नकली मावा, दूध, मिठाईयों के सैंपल लिए जा रहे है। <br /><strong>-डॉ. जगदीश कुमार सोनी, सीएमएचओं कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Oct 2023 17:22:04 +0530</pubDate>
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                <title>मिठाइयों पर अधिकांश दुकानदार नहीं लिख रहे एक्सपायरी डेट</title>
                                    <description><![CDATA[खाद्य सुरक्षा अधिकारी पिछले दो साल नये नियमों को को लेकर समझाइश ही कर रहे अभी तक किसी पर जुर्माना कार्रवाई नहीं होने से व्यापारी इसे गंभीरता से नहीं ले रहे है। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/most-of-the-shopkeepers-are-not-writing-expiry-date-on-sweets/article-60113"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/mithaiyon-par-adhikansh-dukanadar-nahi-likh-rahe-expiry-date...kota-news-21-10-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । नवरात्र के साथ ही त्यौहारी सीजन शुरू हो चुका है। शहर में मिठाइयों की दुकानें सजने लगी हैं। लेकिन इन मिठाइयों की शुद्धता की जांच के लिए एफएसएसएआई द्वारा  दो साल पहले बनाए नियम लागू होते दिखाई नहीं दे रहा है।  लोगों को बासी मिठाई खाने से बचाने के लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने एक अक्टूबर 2021 से बाजार में बिकने वाली खुली मिठाइयों पर एक्सपायरी डेट लिखने के आदेश जारी किए थे। इसमें  छोटी  बड़ी सभी दुकानों  पर मिठाई बनाने, उसकी एक्सपायरी डेट, कब तक खाना है कि पूरी जानकारी मिठाई की ट्रे के उपर लिखना जरूरी किया था। इससे ग्राहक को पता चल सके कि मिठाई ताजा है या बासी है। अब तक यह सुविधा पैकिंग वस्तुओं पर ही लागू थी । इसे एक अक्टूबर 2021 से देश में खुली वस्तुओं की बिक्री पर भी लागू कर दिया है। लेकिन दो साल बीतने आए फिर भी शहर में अभी इस नियम का पालन  मिठाइयों की दुकानों पर होता दिखाई नही दे रहा है। </p>
<p>हालांकि शहर के कुछ प्रतिष्ठ मिठाई की दुकानों वाले जरूर इस नियम का पालन कर रहे है लेकिन वो भी रोज तारीख ही बदलते माल नहीं। बाकी बचे अधिकांश दुकानदार अभी मिठाई दुकानदार पुराने ढ़र्रे पर ही बिना एक्सपायरी डेट लिखे फ्रीजर में रखी मिठाइयां बेच रहे हैं। खाद्य सुरक्षा अधिकारी पिछले दो साल नये नियमों को को लेकर समझाइश ही कर रहे अभी तक किसी पर जुर्माना कार्रवाई नहीं होने से व्यापारी इसे गंभीरता से नहीं ले रहे है। दो साल साल बाद भी अभी कई दुकानदारों  को तो इस नियम की पूरी जानकारी ही नहीं है। दूसरी तरफ मिठाई कारोबारियों को का कहना है कि  हालांकि शहर की कुछ बड़ी मिठाई की दुकानों ने तो एक्सपायरी डेट लिखना शुरू किया लेकिन वो भी रोज डेट बदल कर ग्राहकों चुना ही लगा रहे है। </p>
<p><strong>बासी और खराब पर रोक के लिए बनाया था नियम</strong><br />बासी और पुरानी मिठाइयां बेचने की लगातार आ रही शिकायतों के बाद  भारतीय  खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने मिठाई की दुकानों के लिए यह नियम अनिवार्य कर दिया कि वे मिठाइयों पर एक्सपायरी डेट को लिखें। पहले यह निर्णय जून 2021 से  लागू होना था, लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते इसे 1 अक्टूबर 2021 से लागू किया। दो साल पहले लागू हुए  इस नियम की कोटा जिले में पालना होती नहीं दिखाई दे रही है। जबकि सरकार ने प्रदेश में भी सभी खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को इस नियम की पालना कराने के निर्देश चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग जयपुर की ओर से जारी किए हैं। लेकिन पालना अभी भी नहीं हुई है।</p>
<p><strong>मिठाई की खपत से दस फीसदी कम तैयार कर  रहे माल</strong><br />नये नियम के वजूद में आने के बाद से मिठाई की खपत से दस फीसदी मिठाई कम तैयार कर रहे है। जिससे नुकसान से बचा जा सके। इसका असर बिक्री पर ज्यादा पड़ेगा। मिठाई के डिब्बे तैयार कराएं जिस पर मिठाई तैयार करने की डेट, एक्सपायरी डेट, कब तक खा सकते हैं आदि जानकारी अंकित की हुई है। इस नियम से खाद्य सुरक्षा अधिकारी जानबूझकर दुकानदारों को परेशान कर सकते हैं।  वो मिठाई का सैंपल लेने के बाद उसी दिन लैब में भेज देंगे इस बात की क्या गारंटी है इससे इंस्पेक्टर राज को ही बढ़ावा मिलेगा। <br /><strong>-रामप्रकाश सैनी, मिठाई व्यापारी कोटा</strong></p>
<p><strong>दुकानदार बोले नया नियम अप्रासंगिक है</strong><br />देश में 80 फीसदी मिठाई का काम असंगठित क्षेत्र से होता है। ऐसे में इस तरह के नियम दुकानदारों को परेशान करने के लिए हैं। दो साल पहले बनाया ये नियम अप्रासंगिक है। जिससे लोग पालना नहीं कर रहे है। एफएसएसआई को टर्नओवर और एक से अधिक दुकान जैसी कई श्रेणी बनाकर इस प्रकार के नियम लगाने चाहिए थे। शहर में करीब दो सौ से अधिक मिठाई की दुकानें हैं। अधिकांश छोटे दुकानदार है कैसे करेंगे नियमों की पालना।<br /><strong>-राजू अग्रवाल, मिठाई व्यापारी कोटा</strong></p>
<p><strong>इनका कहना</strong><br />दो साल पहले एक अक्टूबर 2021 से खुली मिठाइयों पर एक्सपायरी डेट लिखने का नियम लागू है।  शुद्ध के लिए युद्ध अभियान के दौरान मिठाई दुकानदारों को इसके लिए पाबंद किया जा रहा है। विभाग की ओर से अनवरत जांच का अभियान जारी है। दुकानों की जांच कर सैंपल लेने का कार्य जारी है। दशहरा पर्व के बाद  शुद्ध के लिए युद्ध अभियान में बिना एक्सपायरी लिखी मिठाई की दुकानों पर कार्रवाई की जाएगी। <br /><strong>-संदीप अग्रवाल, खाद्य सुरक्षा अधिकारी कोटा </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 21 Oct 2023 20:29:17 +0530</pubDate>
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                <title>तोलने में भारी झोल, फिर भी पूरा ले रहे मोल</title>
                                    <description><![CDATA[शहर में त्योहारी सीजन चल रहा है और खरीदार दुकानों से कई प्रकार के खाद्य लेते है और इन दुकानों पर डिब्बे के साथ ही खाद्य पदार्थों को तोला जा रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/heavy-bag-to-weigh-still-taking-full-value/article-60036"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/तोलने-में-भारी-झोल,-फिर-भी-पूरा-ले-रहे-मोल.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। उपभोक्ता मामला विभाग द्वारा शुद्ध के लिए युद्ध अभियान के तहत माप तोल को लेकर जांच व कार्रवाईकी जाती है जिसके अन्दर विक्रेताओं या दुकानदारों द्वारा उपयोग किए जाने वाले बांट और इलेक्ट्रिक कांटों के माप को सत्यापित किया जाता है लेकिन शहर में जगह जगह पत्थरों के बने हुए बांटों अनियमित बांटों व इलेक्ट्रिक कांटों का उपयोग किया जा रहा है और शुद्ध के लिए युद्ध महज एक नारा बनकर रह गया है। </p>
<p><strong>ऐसे करते हैं गड़बड़ी</strong><br />शहर में आज भी कई इलाकों में असत्यापित बांटों व पत्थरों के बांटों का उपयोग किया जा रहा है जिसमें दुकानदार व्यापारी बांटों में से मानक वाला जिप्सम निकाल लेते हैं जिससे उसका भार कम हो जाता है। वहीं इसके साथ ही विक्रेता बड़े बांटों में तो लौहे के बांटों का उपयोग करते हैं लेकिन छोटे बांटों में लौहे कि जगह पत्थर से बने बांटों का उपयोग करते हैं जो तय भार से कम होते हैं। इसी तरह इलेक्ट्रिक कांटों में भी सही मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है, इलेक्ट्रिक कांटों में भी दुकानदार मिस्त्री द्वारा मीटर को सेट करवा लेते हैं जो भी सामान कि चोरी को आसान बनाता है।  शहर में त्योहारी सीजन चल रहा है और खरीदार दुकानों से कई प्रकार के खाद्य लेते है और इन दुकानों पर डिब्बे के साथ ही खाद्य पदार्थों को तोला जा रहा है जो नियमत: गलत है। इसे लेकर भी विभाग से जानकारी ली तो किसी प्रकार कि कारवाई नहीं होना पाया गया। </p>
<p><strong>कौन करता है जांच </strong><br />इन सभी अनियमितताओं कि जांच का जिम्मा विधिक माप विज्ञान विभाग की है। जिसके द्वारा साल में एक बार व शिकायत मिलने पर इन सभी नियमितताओं कि जांच की जाती है।  अगर कहीं पर अनियमितता पाई जाती है तो उसके उपकरणों को जब्त कर उसके खिलाफ कारवाई की जाती है व चालान बनाया जाता है।  लेकिन नवज्योति ने इस मामाले को लेकर पता किया तो पाया कि इस साल उपभोक्ता मामलात के अंतर्गत आने वाले विधिक माप विज्ञान विभाग द्वारा जांच किए गए मामलों में सिर्फ चार मामलों में ही चालान बनाया गया है। शहर में जांच नियमित रूप से की जा रही है या नहीं इसे लेकर भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। विभाग के अनुसार शिकायत मिलने पर इन दुकानदारों व विक्रेताओं पर विभाग कारवाई करता है लेकिन विभाग के पास इन शिकायतों का भी कोई रिकॉर्ड नहीं है, कब कितनी शिकायत आई कितनी शिकायत पर कारवाई की गई इसे लेकर भी विभाग के पास कोई रिकॉर्ड नहीं है। जो विभागीय कारवाई पर सवाल उठाता है। </p>
<p><strong>उपभोक्ता का नुकसान विक्रेता का फायदा</strong><br />दुकानदार विक्रेता इन बांटों व इलेक्ट्रिक कांटों में हेराफेरी कर खरीदारों को चूना लगाकर सामानों कि मात्रा कम करके उन्हें खरीदारों को बेचते हैं। खरीदारों को कभी कभी इस बारे में पता भी नहीं होता है कि जिस बांट या कांटे से उनके लिए सामान तोला जा रहा है वो विभाग द्वारा निर्धारित मानकों का भी पालन नहीं करते हैं। शहर में करीब 10 हजार से ज्यादा रेड़ीयां, 50 हजार से ज्यादा दुकानें, फल विक्रता, कई सब्जी मंडीयां हैं जिनमें अधिकर जगहों, रेहडियों और दुकानों पर ये अनिमितताएं आसानी से मिल जाएंगी। और इन सभी दुकानों, रेहड़ियों व मंडियों से शहर कि लगभग आधी आबादी जुड़ी हुई है। </p>
<p><strong>स्टाफ की कमी से नहीं कर पा रहे कार्रवाई</strong><br />जनवरी में शुद्ध के लिए युद्ध अभियान के तहत कैम्प का आयोजन किया गया था जिसमें इलेक्ट्रिक कांटों के साथ बांटों को वेरीफाई किया गया था। वहीं इस वर्ष 4 लोगों के चालान भी बनाए गए हैं अब स्टॉफ कि कमी होने के कारण सभी इलाकों में रेगुलर कारवाई नहीं कर पाते हैं अगर शिकायत है तो दोषियों पर कारवाई करेंगे। <br /><strong>- लोकेश कुमार मीणा, विधिक माप विज्ञान अधिकारी कोटा</strong></p>
<p><strong>उपभोक्ता कहिन</strong><br /> दुकानदारों से पत्थरों के बांटों कि तो शिकायत कर देते हैं लेकिन बांटों और इलेक्ट्रिक कांटों के बारे में इतना नहीं जानने के कारण सामान ले लेते हैं। अगर ऐसा है तो विभाग कि गल्ती है कि वो कारवाई नहीं कर रहा है।<br /><strong>- अजय शर्मा, विज्ञान नगर </strong></p>
<p>हम सामान लेते हैं तो दुकानदार कांटों के बिल्कुल सही होने का भरोसा दिलाते हैं और इसी कारण किसी का विरोध नहीं करते। इन बातों पर कभी गौर नहीं किया तो शिकायत कैसे करें।<br /><strong>- योगेश तंवर, छावनी</strong></p>
<p>पता तो है कि हेरा फेरी करते हैं पर कहां कहां विरोध करें अब दुकानदारों पर भरोसा करके सामान ले लेते हैं ये तो विभाग कि जिम्मेदारी है नियमों के पालन कि आम आदमी को नियम थोड़े पता होते हैं।<br /><strong>- कन्हैयालाल सालवी, प्रेमनगर</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Oct 2023 15:50:11 +0530</pubDate>
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                <title>नवरात्र से बन रही सवा करोड़ के व्यापार की उम्मीद</title>
                                    <description><![CDATA[व्यापारियों को उम्मीद है कि अगले तीन महीने व्यापारियों के लिए अहम है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/expectation-of-business-worth-rs--1-25-crore-from-navratri/article-59099"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/navratr-s-bn-rhi-sava-crore-k-vyapar-ki-ummid...kota-news-09-10-2032.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। नवरात्रा में महज आठ दिन बचे है। बाजारों में त्यौहारी सीजन की रौनक शुरू होने लगी है। हालांकि अभी श्राद्ध पक्ष चलने से लोग घट स्थापना व दशहरा के  लिए वाहनों से लेकर इलेक्ट्रानिक आइटम की एडवांस बुकिंग कराना शुरू कर दिया है। नवरात्रा पर सवा सौ करोड़ के कारोबार की व्यापारी आशा लगा रहे है। </p>
<p><strong>गणेशोत्सव से शुरू हो गई बाजारों में रौनक </strong><br />गणेश चतुर्थी से त्यौहारी सीजन की भी शुरुआत हो गई है, जिसके चलते शहर के बाजारों में पिछले कुछ दिनों से खरीदारों की अच्छी भीड़ देखी जा रही है। इंदिरा बाजार, बर्तन बाजार, सर्राफा बाजार, कपड़ा बाजार सहित किराणा की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ देखी जा रही है। हालांकि  ज्यादातर खरीदारी नवरात्रि में होगी, लेकिन आगामी दिनों में त्यौहारी व शादी सीजन एक साथ होने से कपड़ा बाजार में ग्राहकों की भीड़ बढ़ने लगी है। कपड़ा व्यापारियों ने बताया कि लोग श्राद्ध पक्ष में विवाह आदि के सामान की बुकिंग कराना शुरू कर दिया है। नवंबर दिसंबर होने वाली शादियों के लिए लोग सामान बुकिंग करा रहे है। अभी श्राद्ध पक्ष चल रहा है ऐसे लोग अभी बुकिंग करा रहे हैं। </p>
<p><strong>एडवांस में हो जाती थी गहनों की बुकिंग</strong><br />सर्राफा व्यवसायी भगवानदास लड्डा ने बताया कि सर्राफा बाजार मुख्य रूप से शादियों व त्यौहारी सीजन में ही आबाद होता है, गणेश चतुर्थी के बाद से ज्वेलेरी को लेकर पूछ परख बड़ी है। आगामी सीजन को देखते हुए सर्राफा व्यापारियों ने भी अपनी तैयारी शुरू कर दी है। आम तौर पर नवरात्रों, करवा चौथ, धन तेरस पर भी गहनों की बिक्री होती है, लेकिन अभी सोने के दाम घटने से लोग अब गहनों की एडवांस बुकिंग भी करा रहे हैं। </p>
<p><strong>आगामी सीजन से काफी उम्मीद</strong><br />कपड़ा व्यवसायी संदीप गर्ग ने बताया कि अभी श्राद्ध पक्ष चल रहा है। नवरात्रि से शादियों के लिए कपड़ो की खरीद शुरू हो जाएगी। अभी लोग डिजाइन और फेब्रिक देख रहे है। अनंत चतुर्दशी के बाद से ही कपड़ा बाजार में रौनक लौटने लगी है। आगामी त्यौहारी व शादियों के सीजन में वस्त्र व्यापारियों को अच्छी खरीदारी की उम्मीद है। इसको लेकर तैयारी भी शुरू कर दी है</p>
<p><strong>आॅफ सीजन में कंपनियां दे रही बंपर डिस्काउंट </strong><br />इलेक्ट्रानिक व्यापार संघ के अध्यक्ष सत्यनाराण गुप्ता ने बताया कि  नवरात्र, दशहरा, करवाचौथ, धनतेरस, दीपावली, देवउठनी एकादशी तक खरीदारी के महामुहूर्त रहने वाले हैं। ऐसे में व्यापारियों को उम्मीद है कि अगले तीन महीने व्यापारियों के लिए अहम है। इसी को ध्यान में रखते हुए कपड़ा, सर्राफा, इलेक्ट्रॉनिक्स, आटोमोबाइल समेत सभी सेक्टर के कारोबारियों ने अभी से स्टॉक मंगाना शुरू कर दिया है। जिससे कि उन्हें आगामी महामुहूर्तों के दिनों में ग्राहकी करने में कोई परेशानी न हो। अभी नवरात्रा के लिए फ्रीज, टीवी और घरेलु सामानों की बुकिंग हो रही है। इलेक्ट्रॉनिक सामानों के व्यवसायी राजीव कुमार ने बताया कि बाजार में प्रतिस्पर्द्धा बढ़ रही कंपनियां अपने शो रूम खोल रही है। ऐसे में छोटे व्यापारियों के लिए बाजार में धंधा करना अब मुश्किल होता जा रहा है। नवरात्र में अच्छी ग्राहकी हुई है। अब सारी आस धनतेरस और दीपावली से है। ग्राहक आॅनलाइन की रेट में  से स्थानीय बाजार के दाम से तुलना करते हैं तो उन्हें महंगा लगता है और भाव की पूछ परख कर ग्राहक लौट जाता है। अभी आॅफ सीजन में डबल डोर फ्रिज, फुल आॅटोमेटिक वॉशिग मशीन की मांग अधिक है।</p>
<p><strong>ईवी की बुकिंग ज्यादा</strong><br />दोपहिया वाहन विक्रेता आर के जागिंड ने बताया कि इस बार नवरात्रि और दशहरा के शुभ मुहूर्त के लिए लोग ईवी दुपहिया व तीन पहिया वाहनों की अच्छी बुकिंंग करा रहे है। इसके अलावा बाइक और स्कूटी और चौपहिया वाहनों की भी एडवांस बुकिंग शुरू हो चुकी है। दुपहिया वाहन विक्रता संदीप ने बताया कि अभी श्राद्ध पक्ष में लोग दो पहिया वाहनों की बुकिंग करा रहे जो नवरात्रि पर घट स्थापना पर उठाएंगे। अभी तक करीब 50 से अधिक दुपहिया वाहनों व पांच तीन पहिया वाहनों की बुकिंग हो चुकी है। इसके अलावा चौपहिया वाहनों में हर शो रूम पर चार से पांच गाडियों की नवरात्रि व दशहरा के लिए बुकिंग कराई है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Oct 2023 18:42:58 +0530</pubDate>
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                <title>चेतावनी :त्योहारी सीजन के तीन महीने बेहद अहम</title>
                                    <description><![CDATA[सजग रहें, बेफिक्र ना हों : स्वास्थ्य मंत्रालय]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/615fea80dbf92/article-1515"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/corona-mks.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली</strong>। कोरोना वायरस की संभावित तीसरी लहर के खतरों के मद्देनजर मोदी सरकार ने लोगों से एहतियात के साथ त्योहार मनाने की अपील की है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि हो सके तो त्योहार घर के अंदर मनाएं, भीड़ न करें और अगर परिवार या रिश्तेदारों के साथ त्योहार मनाना चाहते हैं तो आॅनलाइन मनाएं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि कोविड का खतरा अभी भी बरकरार है और मामले कम होने के कारण लोगों को पूरी तरह से बेफिक्र होने की जरूरत नहीं है।</p>
<p><br /> <strong>दूसरे देशों का दिया उदाहरण</strong><br /> मंत्रालय ने दूसरे देशों का उदाहरण देते हुए कहा कि जहां लापरवाही बरती गई, वहां पर कोरोना के केस में बढ़ोतरी हो गई। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि इंग्लैंड और नीदरलैंड में फेस्टिवेटल में देखा गया कि कोताही बरती गई और मामले बढ़ गए। सरकार का कहना है कि इसी से सबक लेते हुए अगले तीन महीने खास सावधानी बरतने की जरूरत है।</p>
<p><br /> <strong>कुल के 56 फीसदी मामले केरल से आए</strong><br /> केंद्रीय संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि पिछले सप्ताह रिपोर्ट हुए कोरोना के कुल मामलों का 56 फीसदी मामले केरल से आए, एक्टिव केस अभी भी 2 लाख 44 हजार हैं, अकेले केरल में एक लाख से ज्यादा एक्टिव केस हैं। उन्होंने बताया कि चार राज्यों में 10 हजार से 50 हजार एक्टिव केस है जबकि 31 राज्यों में 10 हजार से कम एक्टिव केस हैं, कोरोना की दूसरी लहर पर अब तक कंट्रोल नहीं हुआ है।</p>
<p><br /> आईसीएमआर ने चेतावनी दी है कि लोगों की घूमने की आदत के कारण देश में जल्द ही कोविड-19 की तीसरी लहर आ सकती है। स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि देश में कुल पॉजिटिविटी रेट पिछले हफ्ते लगभग 1.68 फीसदी रही, जबकि पहले यह 5.86 फीसदी थी। उन्होंने कहा कि अरुणाचल प्रदेश और असम में कुछ जिलों सहित 28 जिले ऐसे हैं, जिनमें पॉजिटिविटी रेट 5 फीसदी और 10 फीसदी के बीच है, यानी उच्च संक्रमण दर, जबकि 34 जिले ऐसे हैं जहां पर 10 फीसदी से अधिक की वीकली पॉजिटिविटी रेट सामने आ रहे हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 08 Oct 2021 12:48:04 +0530</pubDate>
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