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                <title>worried - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>राशन डीलर की मनमानी से उपभोक्ताओं को नहीं मिल रहा राशन </title>
                                    <description><![CDATA[अक्सर शराब के नशे में ही डीलर धुत्त रहता है और राशन उपभोक्ताओं से अभद्रता पूर्ण व्यवहार करता है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/consumers-are-not-getting-ration-due-to-the-arbitrariness-of-ration-dealers/article-60701"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/राशन-डीलर-की-मनमानी.jpg" alt=""></a><br /><p>शाहाबाद। शाहाबाद उपखंड क्षेत्र के बेहटा ग्राम पंचायत अंतर्गत आने वाले किराड़ पहाड़ी गांव के कई परिवारों को राशन डीलर द्वारा नियमित रूप से राशन सामग्री का वितरण  उपभोक्ताओं को नहीं किया जा रहा है। इसके चलते राशन उपभोक्ता परेशान है। इसकी शिकायत महिलाओं में 181 टोल फ्री नंबर पर भी कर दी है। अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इसके चलते राशन उपभोक्ताओं में डीलर के प्रति रोष बना हुआ है। राशन उपभोक्ताओं ने जिला कलक्टर को ज्ञापन भेजकर इसकी जांच कर उसके खिलाफ उचित कार्रवाई पर समय पर राशन सामग्री वितरण करवाने की मांग की है। जानकारी अनुसार अनारकली, बाई, सिया बाई, गब्बो बाई ने बताया कि राशन डीलर ने 2 महीने से कई सहरिया परिवार के राशन उपभोक्ताओं को राशन सामग्री का वितरण नहीं किया है और जब राशन लेने पहुंचते हैं तो सामग्री में देते हुए 400 और 500 नगद केस देता है। कई उपभोक्ता तो पैसा लेकर रवाना हो जाते हैं और कई अनाज राशन सामग्री मांगते हैं तो उनसे अभद्रता के साथ पेश आता है तथा यह राशन सामग्री के वितरण में गड़बड़ी करता है। इसकी शिकायत कई बार विभाग की उच्चाधिकारियों तक कर दी है लेकिन समस्या का समाधान नहीं किया जाता है और डीलर बोलता है कि मेरा कोई कुछ नहीं कर सकता तुमको दिखे जहां शिकायत कर दीजिए और राशन की दुकान भी समय पर नहीं खोलता है। अक्सर शराब के नशे में ही डीलर धुत्त रहता है और राशन उपभोक्ताओं से अभद्रता पूर्ण व्यवहार करता है। लोगों ने राशन डीलर को हटाने की मांग करते हुए इसकी जांच करवाने की मांग और राशन सामग्री वितरण करवाने की मांग रखी है।</p>
<p>कई अनाज राशन सामग्री मांगते हैं तो राशन डीलर अभद्रता के साथ पेश आता है तथा राशन सामग्री के वितरण में गड़बड़ी करता है। <br /><strong>- रामसुखी सहरिया, राशन उपभोक्ता। </strong></p>
<p>राशन डीलर अगर मनमानी कर रहा है तो मामले को दिखवाती हूं फिर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।<br /><strong>- पूजा मीणा, एसडीएम, शाहाबाद। </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 28 Oct 2023 16:10:45 +0530</pubDate>
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                <title>पट्टे नहीं बन रहे हैं या नहीं बन सकते हैं, स्पष्ट सूचना दें</title>
                                    <description><![CDATA[नगर निगम कोटा दक्षिण के पांच क्षेत्र ऐसे हैं जहां के लोग पट्टों के लिए अधिक परेशान हो रहे हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/leases-are-not-being-made-or-cannot-be-made--give-clear-information/article-56593"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-09/patte-nhi-bn-rhe-h,-ya-nhi-bn-skte,-spsth-suchna-de...kota-news-photo-08-09-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। राज्य सरकार  द्वारा प्रशासन शहरों के संग अभियान के तहत नगर निगम व नगर विकास न्यास के माध्यम से एक तरफ तो हजारों आवेदकों को पट्टे बनाकर मालिकाना हक दिया जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ शहर के कई इलाकों में पट्टे नहीं बनने से लोग परेशान होकर निगम व न्यास में चक्कर लगा रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा हर व्यक्ति को उसके मकान व भूखंड का मालिकाना हक दिया जा रहा है। इसके लिए पट्टे बनाने के हर नियम में शिथिलता व छूट दी जा रही है। जिससे अधिक से अधिक लोग शिविरों के माध्यम से पट्टे बनवा सके। सरकार की ओर से दी जा रही छूट का लाभ उठाते हुए नगर निगम कोटा उत्तर व दक्षिण और नगर विकास न्यास की ओर से हजारों पट्टे बनाकर बांटे भी जा चुके हैं। वहीं वार्ड वार शिविरों के साथ ही निगम-न्यास में विशेष निर्देश के तहत भी पट्टे तैयार किए जा रहे हैं। इसके बावजूद भी नगर निगम कोटा दक्षिण के कई क्षेत्र ऐसे हैं जहां के लोग पट्टे बनवाने के लिए निगम व न्यास कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं और परेशान हो रहे हैं। लेकिन किसी न किसी बाधा के चलते उनके पट्टे नहीं बन पा रहे हैं। </p>
<p><strong>पट्टों में अनावश्यक देरी पर मंत्री जता चुके नाराजगी</strong><br />गौरतलब है कि नगर निगम कोटा दक्षिण में पट्टे बनाने में देरी करने व लोगों के परेशान होने पर स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल नाराजगी जता चुके हैं। गत दिनों बैठक में कोटा दक्षिण महापीर ने भी मंत्री से शिकायत की थी। जिस पर मंत्री धारीवाल ने निगम अधिकारियों को फटकार लगाई थी। साथ ही दो अधिकारियों को तो एपीओ तक कर दिया था। </p>
<p><strong>इन जगहों के लोग अधिक परेशान</strong><br />नगर निगम कोटा दक्षिण के पांच क्षेत्र ऐसे हैं। जहां के लोग पट्टों के लिए अधिक परेशान हो रहे हैं। उनमें केशवपुरा, बंजारा कॉलोनी, साजी देहड़ा,रानपुर व जगपुरा क्षेत्र शामिल हैं। इन क्षेत्रों के लोगों का कहना है कि वे नगर निगम जाते हैं तो वहां से उन्हें न्यास में भेज दिया जाता है। न्यास जाते हैं तो उन्हें निगम भेजा जा रहा है। दोनों विभागों के बीच में वे पिस रहे हैं।  केशवपुरा निवासी राधेश्याम शर्मा का कहना है कि उनका क्षेत्र निगम में है या न्यास में यही स्पष्ट नहीं होने से उनके पट्टे नहीं बन पा रहे हैं। विशेष रूप से सेक्टर 4 में यह समस्या है। बंजारा कॉलोनी निवासी शाकिर अली का कहना है कि क्षेत्र का कुछ ही हिस्सा ऐसा है जिनके पट्टे निगम द्वारा नहीं बनाए जा रहे हैं। जबकि अधिकतर लोगों के बन चुके हैं। स्थानीय पार्षदों ने भी अधिकारियों को कई बार अवगत करवा दिया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। </p>
<p><strong>महापौर ने लिखा यू ओ नोट</strong><br />इन पाच क्षेत्रों के लोगों के परेशान होकर बार-बार महापौर राजीव अग्रवाल के पास जाने पर लोगों की समस्या को दूर करने के लिए महापौर अग्रवाल ने यू ओ नोट लिखा है। महापौर ने लिखा कि प्रशासन शहरों के संग अभियान के तहत 66 ए के पट्टे बनाए जा रहे हैं। लेकिन केशवपुरा, बंजारा कॉलोनी, साजी देहड़ा, रानपुर व जगपुरा के लोगों के पट्टे नहीं बन रहे हैं। अधिकारी इस संबंध में स्पष्ट करें कि इन क्षेत्रों के पट्टे नहीं बन रहे हैं या नहीं बनाए जा सकते हैं। जिससे लोगों को जानकारी हो सके और लोग परेशान नहीं हो। महापौर राजीव अग्रवाल ने बताया कि कई क्षेत्र नगर निगम व नगर विकास न्यास के अधिकार क्षेत्र के विवादके चलते तो कई वन विभाग की आपत्ती के चलते पट्टे नहीं बन पा रहे हैं। इस स्थिति में अधिकारियों को कहा गया है कि यदि पट्टे नहीं बन सकते तो लोगों को इसकी स्पष्ट सूचनाा दे। जिससे लोग परेशाान नहीं हो।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 08 Sep 2023 17:14:42 +0530</pubDate>
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                <title>फरवरी में मार्च जैसी गर्मी ने बढ़ाई काश्तकारों की चिंता</title>
                                    <description><![CDATA[लगातार बढते तापमान के कारण बागवानी की फसलों को भी नुकसान होगा। उद्यान विभाग ने एडवाइजरी भी जारी की है। इसके तहत अधिक गर्मी में बागवानी फसलों को बचाना चाहिए। ऐसे पौधे जो गर्मी में झुलस सकते हैं, उन पौधों में नमी बनाकर रखी जानी चाहिए। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/march-like-heat-in-february-increased-farmers--worries/article-38170"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-02/farwari-mei-march-jaisi-garmi-nei-badhai-kaashtkaaro-ki-chinta...morak-station-news-kota-24.2.2023.jpg" alt=""></a><br /><p>मोड़क स्टेशन। फरवरी के माह में लगातार बढ़ रहा तापमान क्षेत्र के किसानों के लिए चिंता का सबब बना हुआ है। फरवरी में ही मार्च अप्रैल जैसी गर्मी के कारण किसानों को रबी की फसलों नुकसान की चिंता सताने लगी है।किसानों ने बताया कि फरवरी माह में अधिकतम तापमान 32 डिग्री तक पहुंच जाने के कारण गेहूं एवं सरसों की फसल के प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है। सरसों की फसल के लिए फरवरी माह में अभी तक एक आदर्श तापमान 25 डिग्री होना चाहिए था। लेकिन गत एक सप्ताह में ही अधिकतम तापमान में करीब सात डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ऐसे में तापमान 32 डिग्री के आसपास पहुंच गया है। पिछले सप्ताह में गुरुवार से लगातार मंगलवार तक तापमान 30 डिग्री के ऊपर चल रहा है। ऐसे में अब इस बढ़े तापमान से फसलों के प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है। जो तापमान अभी 25 डिग्री के आसपास होना चाहिए था, वो 30 डिग्री के ऊपर चल रहा है। ऐसे में सरसों की फसल में फोर्स मैच्योरिटी बढ़ेगी। इसके चलते फसल की क्वालिटी प्रभावित होगी। </p>
<p><strong>बागवानी फसलों को भी नुकसान</strong><br />लगातार बढते तापमान के कारण बागवानी की फसलों को भी नुकसान होगा। उद्यान विभाग ने एडवाइजरी भी जारी की है। इसके तहत अधिक गर्मी में बागवानी फसलों को बचाना चाहिए। ऐसे पौधे जो गर्मी में झुलस सकते हैं, उन पौधों में नमी बनाकर रखी जानी चाहिए। उन पर कपड़े या गर्मी से बचाव के लिए इंतजाम किए जाने चाहिए। ताकि किसी भी स्थिति में बागवानी में नुकसान नहीं हो। तापमान लगातार बढ़ने से परेशानी भी बढ़ती जा रही है। गुठलीदार फलों की सेटिंग के लिए कम से कम हफ्ते तक फूलों का खिला रहना जरूरी माना जाता है। तभी फलों की सेटिंग अच्छी होती है। अगर तापमान बढ़ने से फूल समय से पहले झड़ जाते हैं, तो फलों की सेटिंग भी बिगड़ सकती है। </p>
<p><strong>गेहूं की पैदावार पर भी होगा असर</strong><br />मानसूनी बरसात का दौर लंबा चलने के कारण खेतों में काफी समय तक पानी का भराव रहा है। इसकी वजह से गेहूं की फसल की पैदावार होने तक नमी कम थी। ऐसे में इस फसल की पैदावार अच्छी मानी जा रही थी। लेकिन अब तापमान बढ़ने से गेहूं, सरसों एवं जौ के लिए यह नुकसान दायक होगा। अगले माह गेहूं की फसल के कटने की संभावना भी किसान जता रहे हैं।</p>
<p>फसलों में तापमान से नुकसान हो रहा है। गेहूं व चने की फसलेें इस तापमान से अधिक प्रभावित हो रही हैं।<br /><strong>-रामजनी, किसान</strong></p>
<p>तापमान वृद्धि के कारण फसलों में मोयला का भी प्रकोप हो रहा है। तापमान में अगर इसी तरह वृद्धि होती रही तो फसलों की गुणवत्ता में कमी आएगी।<br /><strong>-रामलाल जाट, किसान</strong><br /><br /> तापमान वृद्धि से मोयला के कारण फसलों में नुकसान हो सकता है। किसानों को चाहिए कि दवाई का छिड़काव करें। तापमान वृद्धि से रबी की फसलों में 10 परसेंट तक की कमी होने का अनुमान है।<br /><strong>-किशन लाल, कृषि पर्यवेक्षक</strong> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Feb 2023 15:00:40 +0530</pubDate>
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                <title>यूरिया की कालाबाजारी किसानों पर पड़ रही भारी </title>
                                    <description><![CDATA[क्षेत्र में सरसों की फसल में यूरिया खाद देने का समय चरम पर है। परंतु क्षेत्र में सहकारी अधिकारी व दुकानदारों ने यूरिया देने की जगह हाथ खड़े कर दिए हैं। सम्पूर्ण क्षेत्र में यूरिया की कमी हो जाने से किसान खाद के लिए रुके हुए हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/black-marketing-of-urea-is-falling-heavily-on-the-farmers/article-29209"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-11/urea-ki-kalabazari-kissano-par-pad-rahi-bhari..sangod-news-kota-10.11.2022.jpg" alt=""></a><br /><p> सांगोद। यूरिया की किल्लत से क्षेत्र के किसान बेहाल हैं। मार्केटिंग सोसायटी में यूरिया नहीं पहुंच पा रहा है। इसी का लाभ उठाकर प्राइवेट डीलर किसानों से मनमाने दाम वसूल रहे हैं। किसानों ने बताया कि प्राइवेट डीलरों के यहां यूरिया के ट्रक खाली होकर बिक भी रहे हैं। मजबूरन किसानों को 266 का यूरिया का कट्टा 300 रुपए से भी अधिक में खरीदना पड़ रहा है। साथ ही प्राइवेट डीलरों द्वारा यूरिया के साथ प्राइवेट कंपनियों का अटैचमेंट देकर किसानों की जेबें काटी जा रही हैं। उच्च कृषि अधिकारियों से किसानों द्वारा शिकायत करने पर अधिकारी लिखित में शिकायत मांग रहे हैं।</p>
<p>क्षेत्र में सरसों की फसल में यूरिया खाद देने का समय चरम पर है। परंतु क्षेत्र में सहकारी अधिकारी व दुकानदारों ने यूरिया देने की जगह हाथ खड़े कर दिए हैं। सम्पूर्ण क्षेत्र में यूरिया की कमी हो जाने से किसान खाद के लिए रुके हुए हैं। अधिक पैदावार बढ़ाने व उन्नत खेती के लिए उपयोग में लिए जाने वाले यूरिया की कमी हो जाने से क्षेत्रीय किसान चिंतित हैं। गौरतलब है कि रबी की फसल में खाद देने का समय आ चुका है एवं क्षेत्र में किसानों को यूरिया की जरूरत है। परंतु अधिकारियों नें स्टॉक खत्म बताकर हाथ खड़े कर दिए है। प्राइवेट डीलर भी किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध नहीं करवा पा रहे हैं। क्षेत्र में यूरिया की त्राहि-त्राहि मची हुई है। क्षेत्र में यूरिया की किल्लत है तथा किसान प्राइवेट डीलरों के पास भटक रहे हैं तथा अपनी जेबे कटवा कर महंगे दामों में यूरिया खरीद रहे हैं। मार्केटिंग सोसायटी में भी यूरिया का पर्याप्त स्टॉक नहीं हो पाया है। जिससे मजबूरन किसानों को 266 रुपये के यूरिया के कट्टे को 300 रुपये से भी अधिक दामो में लेना पड़ रहा है। </p>
<p>प्राइवेट डीलरों के पास यूरिया खाद के लगातार ट्रक आ रहे हैं एवं कालाबाजारी जारी है। प्राइवेट डीलर किसानों से मनमाने दाम वसूल रहे हैं। कृषि विभाग के अधिकारियों ने आंखों पर पट्टी बांध रखी है। प्राइवेट डीलरों पर सख्त कार्रवाई करने की बजाए मार्केटिंग सोसायटी में यूरिया के आने का आश्वासन दे रहे हैं।<br /><strong>-नंदकिशोर मीणा, किसान</strong></p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br /> सहकारी में 1200 यूरिया के बैग आए है। लेकिन पोश मशीन के नही चलने के कारण वितरण नहीं किए गए है। वहीं बाजार रेट से अधिक यूरिया के  दाम वसूलने की कोई जानकारी नहीं है। अगर यूरिया के दाम ज्यादा वसूलने की किसानों द्वारा लिखित शिकायत की जाती है तो उचित कार्रवाई की जाएगी। <br /><strong>-आरएस नागर, अतिरिक्त चार्ज एडी, कृषि विभाग सांगोद</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 10 Nov 2022 16:14:46 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>ICC के अगले फ़्यूचर टूर प्रोग्राम में IPL को संभावित रूप से ढाई महीने की विंडो मिलने पर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को टेंशन... जाने कारण</title>
                                    <description><![CDATA[कराची। आईसीसी के अगले फ़्यूचर टूर प्रोग्राम में आईपीएल को संभावित रूप से ढाई महीने की विंडो मिलने से पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) को लगता है कि उसके साथ अन्याय किया जा रहा है। जुलाई में आईसीसी की वार्षिक आम बैठक में पीसीबी इस मुद्दे को उठाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/pakistan-cricket-board-is-worried-about-the-possibility-of-getting-a-window-of-two-and-a-half-months-for-the-ipl-in-the-next-future-tour-program-of-the-icc/article-13025"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/pak-cricket-bord-new.jpg" alt=""></a><br /><p>कराची। आईसीसी के अगले फ़्यूचर टूर प्रोग्राम में आईपीएल को संभावित रूप से ढाई महीने की विंडो मिलने से पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) को लगता है कि उसके साथ अन्याय किया जा रहा है। जुलाई में आईसीसी की वार्षिक आम बैठक में पीसीबी इस मुद्दे को उठाएगा।<br /><br />विडो के बारे में आईसीसी की ओर से कोई घोषणा नहीं की गई है और इसके होने की संभावना नहीं है क्योंकि यह एक घरेलू लीग है। अगले आठ साल के चक्र के लिए फ़्यूचर टूर प्रोग्राम को अभी तक अंतिम रूप नहीं दिया गया है लेकिन बीसीसीआई सचिव जय शाह ने हाल ही में कहा था कि बोर्ड अब 10 टीमों के टूर्नामेंट के लिए एक विंडो सुनिश्चित करेगा जिससे सभी शीर्ष अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेटर इसमें भाग ले सकेंगे। इसमें पाकिस्तान के खिलाड़ी शामिल नहीं होंगे। पहले आईपीएल सीजन को छोड़कर पाकिस्तान के खिलाड़ी किसी भी अन्य आईपीएल सीजन में शामिल नहीं रहे हैं। यह ज्यादातर दोनों देशों के बीच खराब राजनीतिक संबंधों के कारण होता है, जिसके परिणामस्वरूप आईपीएल विंडो यक़ीनन पाकिस्तान के अंतर्राष्ट्रीय सत्र को अन्य देशों की तुलना में अधिक प्रभावित करती है।<br /><br />लाहौर में पीसीबी के बोर्ड ऑफ़ गवर्नर्स की 69वीं बैठक के बाद एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान पीसीबी अध्यक्ष रमीज राजा ने कहा, कि (IPL) विंडो बढ़ाने की कोई घोषणा नहीं की गई है। इस पर मेरे विचार हैं जिन्हें हम जुलाई की बैठक में आईसीसी के मंच पर उठाएंगे। रमीज ने यह भी कहा कि उनका चार देशों की टी20 सुपर सीरीज का प्रस्ताव - जिसे अप्रैल में आईसीसी की बैठक में पास किया गया था - अभी तक बेकार नहीं गया है। मेरा चार देशों का कॉन्सेप्ट अभी बेकार नहीं हुआ है। ऐसा लगता है कि मीडिया को यह आभास हो गया है कि इसे स्थगित कर दिया गया है। यह सच नहीं है। वे (आईसीसी) विश्व कप के आयोजनों के राइट्स को इक कर रहे थे, इसलिए उन्होंने कहा कि अगर उन्होंने एक और सामग्री की घोषणा की, तो सभी निवेशक इसका पीछा करना शुरू कर देंगे। यह एक नई चुनौती बन जाएगी, इसलिए उन्होंने इसे अभी पेश न करना ही बेहतर समझा। लेकिन यह एकमात्र क्रिकेट बोर्ड होगा जो किसी भी मंच को चुनौती देगा जहां उसे लगता है कि पाकिस्तान के साथ अन्याय किया जा रहा है। जब हमें यह विवरण (आईपीएल ङ्क्षवडो के विस्तार का) औपचारिक रूप से मिलेगा, तो हम अपने विचारों को एक मजबूत तरीक़े से रखेंगे।<br /><br />रमीज क्रिकेट संबंधों के बारे में बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली के संपर्क में रहे हैं लेकिन उन्होंने स्वीकार कियाकि स्थिति उनसे परे थी। मैंने सौरव गांगुली से इतर बात की है, और मैंने उनसे कहा कि अब तीन पूर्व क्रिकेटर (मार्टिन स्नेडेन सहित) आईसीसी बोर्ड में हैं। मैंने कहा कि अगर हम भी बदलाव नहीं ला सकते हैं, फिर क्या मतलब है? उन्होंने मुझे दो बार आईपीएल में आमंत्रित किया, एक बार दुबई में और एक बार इस मर्तबा। मैंने मना कर दिया। मैंने सोचा कि अगर मैं चला गया, तो प्रशंसक मुझे माफ़ नहीं करेंगे, भले ही क्रिकेटिंग सेंस जाने को कहता हो, लेकिन अभी ऐसे मुद्दे हैं जिन्हें हल करने में समय लगेगा, क्योंकि यह एक राजनीतिक खेल है। अगर यह क्रिकेट का मुद्दा था, तो हम इसे दो मिनट में सुलझा लेंगे। लेकिन हमें चैंपियंस ट्रॉफ़ी 2025 की मेजबानी मिली, इसलिए हमने कुछ हद तक प्रभाव को तोड़ा, और लोगों को एहसास हुआ कि पाकिस्तान की टीम और प्रशंसक इस तरह के विश्व स्तरीय आयोजन के लायक हैं। आईपीएल 2014 से आठ टीमों का टूर्नामेंट था। इस साल से दो नई टीमों - लखनऊ सुपर जायंट्स और इस सीजन की विजेता गुजरात टाइटंस को जोड़ा गया था जिससे मैचों की संख्या 60 से बढ़कर 74 हो गई और लीग की अवधि 50 दिनों से दो महीने तक हो गई। आईपीएल की हालिया मीडिया-राइट्स नीलामी में, जो एक धमाकेदार डील साबित हुई, बीसीसीआई ने कहा था कि आईपीएल में मैचों की संख्या 2025 और 2026 में 84 और 2027 में 94 तक हो सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 25 Jun 2022 19:01:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ब्रिटेन में 76 प्रतिशत लोग खाद्य पदार्थो की कीमतों में वृद्धि से चिंतित</title>
                                    <description><![CDATA[ब्रिटेन की सरकारी खाद्य मानक एजेंसी (एफएसए) ने कहा कि देश में अधिकतर लोग करीब (76 प्रतिशत) खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों को लेकर चिंतित हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/76-percent-of-people-worried-to-rise-in-food-rate-in-britain/article-11609"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/6-copy1.jpg" alt=""></a><br /><p>लंदन। ब्रिटेन की सरकारी खाद्य मानक एजेंसी (एफएसए) ने कहा कि देश में अधिकतर लोग करीब (76 प्रतिशत) खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों को लेकर चिंतित हैं। एजेंसी ने एक अध्ययन में कहा कि ब्रिटेन के चार में से तीन यानि (76 प्रतिशत) उपभोक्ता खाद्य पदार्थो की बढ़ रही लागत उनकी प्रमुख चिंता है। शोध के अनुसार खाद्य बैंकों या चैरिटी का उपयोग करने वाले लोगों की संख्या मार्च 2021 में नौ प्रतिशत से बढ़कर मार्च 2022 में 15 प्रतिशत हो गई है। एजेंसी ने बताया कि पांच में से एक ब्रिटिश नागरिक कहना है कि वे खाद्य पदार्थ नहीं ले पा रहे या कम ले रहे है। ऐसा इसलिए, क्योंकि उनके पास खाद्य पदार्थ खरीदने के लिए पर्याप्त पैसा नहीं है।</p>
<p>एफएसए के अध्यक्ष सुसान ने कहा कि खाद्य बैंक अल्पावधि के लिए भरोसेमंद जीवन रेखा हो सकते है, लेकिन सरकारों और नियामकों को अन्य तरीकों को भी और अधिक व्यापक रूप से देखना चाहिए, ताकि लोग लंबे समय तक सुरक्षित और स्वस्थ भोजन मिल सकें। यह अध्ययन इप्सोस द्वारा किए गए तीन सर्वेक्षणों के आंकड़ों पर आधारित है, जिसमें कोविड -19 महामारी के दौरान खरीदारी, उपभोक्ताओं की खाद्य पदार्थो पर राय, साप्ताहिक उपभोक्ता की कमी सर्वेक्षण में शामिल थे। इन सर्वेक्षण में इंग्लैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड में रहने वाले 16 से 75 वर्ष की आयु के लगभग 2 हजार लोगों ने भाग लिया।<br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Jun 2022 12:13:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>भारत में ड्रग्स माफियाओं के वैश्विक कारोबार को किसका है संरक्षण : कांग्रेस </title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस ने गुजरात के बंदरगाहों के देश में नशीले पदार्थो का प्रवेश द्वार बनने पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार को बताना चाहिए कि भारत में ड्रग्स माफियाओं के वैश्विक कारोबार को किसका संरक्षण है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/congress-expressed-worried-at-narcotics-in-india/article-10592"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/congress8.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस ने गुजरात के बंदरगाहों के देश में नशीले पदार्थो का प्रवेश द्वार बनने पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार को बताना चाहिए कि भारत में ड्रग्स माफियाओं के वैश्विक कारोबार को किसका संरक्षण है। कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि गुजरात के बंदरगाहों पर लगातार विदेशों से बड़ी मात्रा में आ रहा कुछ ड्रग्स पकड़ा जा रहा है और कुछ ट्रकों में भरकर के पूरे देश में पहुंच रहा है। एक दिन पहले ही (कल) गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पर ईरान के रास्ते आया 52 किलो कोकीन पकड़ा गया है। यह चिंता की बात है कि गुजरात के बंदरगाह ड्रग्स के गेट वे बन रहे है और वहां से बड़ी मात्रा में ड्रग्स लगातार देश की धरती पर आ कर हमारी युवा पीढ़ी को बर्बाद कर रहा है। गुजरात के मुंद्रा पोर्ट से 25 टन ड्रग्स पूरे देश में फैल गया, लेकिन सरकार इसे रोकने में असमर्थ रही है। इसके अलावा दूसरे कई बंदरगाहों पर ड्रग्स आती है और देश के विभिन्न हिस्सों में फैल जाती है लेकिन इसका प्रसार रोकने के लिए सरकार की तरफ से कोई कड़ी कार्रवाई नहीं होती है।</p>
<p>गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर पकड़ी गई उ्रग्स का विवरण देते हुए उन्होंने कहा कि गुजरात के बंदरगाहों पर ड्रग्स पकड़ा जा रहा है और वहां 175 करोड का ड्रग्स बरामद हुआ। छोटी-छोटी खेप आती रही, लेकिन बड़ी खेप 150 करोड़ और 21 हजार करोड़ की बरामद हुई। 2021 में तीन हजार करोड़ और मुंद्रा पोर्ट से 52 किलो कोकीन बरामद की गई। प्रवक्ता ने कहा कि ड्रग्स अफगानिस्तान और ईरान के रास्ते देश में आती है। इसे  देखते हुए अडानी बंदरगाह पर इन दोनों मुल्कों से सामान लाने पर रोक लगाने की घोषणा की बात की गई, लेकिन आश्चर्य यह है कि जो खेप कोकीन की पकड़ी गई यह भी ईरान से आई है। <br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 May 2022 16:14:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मुख्यमंत्री यूक्रेन को लेकर चिंतित, 2 मार्च को विधानसभा में भी इस मामले पर जवाब देगी सरकार </title>
                                    <description><![CDATA[क्रेन को लेकर विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी और विपक्षी सदस्यों के बीच नोकझोंक भी हुई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/chief-minister-worried-about-ukraine--government-will-answer-on-this-matter-in-the-assembly-on-march-2/article-4983"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/vidhan-shbha-ashok-g.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने यूक्रेन में सैंकड़ों राजस्थानियों समेत भारतीयों के फंसे होने पर चिंता व्यक्त करते हुए उम्मीद जताई है कि कुवैत व ईरान युद्ध की तरह यूक्रेन से भी भारतीयों की सकुशल वापसी हो सकेगी। यूक्रेन में बने हालातों का मुद्दा राज्य विधानसभा में शून्यकाल के दौरान गूंजा और तय हुआ कि 2 मार्च को सरकार अपना वक्तव्य देगी। यूक्रेन को लेकर विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी और विपक्षी सदस्यों के बीच नोकझोंक भी हुई।</p>
<p><br />इस बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट कर अपनी चिंता करते हुए कहा कि रूस एवं यूक्रेन के बीच सैन्य टकराव के कारण बने हालात चिंताजनक हैं। सैकड़ों राजस्थानियों समेत हजारों भारतीय इस हालात में यूक्रेन में फंसे हैं जिनमें अधिकांश विद्यार्थी हैं मैं आशा करता हूं कि भारतीय दूतावास हंगरी व पोलैंड के वैकल्पिक रास्तों से भारतीयों को निकालने में कामयाब होगी। उन्होंने आगे लिखा कि इराक-कुवैत युद्ध के दौरान भी हजारों भारतीयों को एयरलिफ्ट कर भारत लाया गया था, उम्मीद है कि यूक्रेन से भी इसी तरह सब भारतीयों की सुरक्षित वापसी होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 25 Feb 2022 14:39:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कोरोना संक्रमण की रफ्तार को लेकर सरकार चिंतित, गहलोत ने शाम को बुलाई मंत्री परिषद की बैठक</title>
                                    <description><![CDATA[विशेषज्ञ डॉक्टर्स अपनी राय रखेंगे]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AE%E0%A4%A3-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B0%E0%A4%AB%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%95%E0%A4%B0-%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%A4--%E0%A4%97%E0%A4%B9%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%A4-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%AE-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%AC%E0%A5%81%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%88-%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%B7%E0%A4%A6-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AC%E0%A5%88%E0%A4%A0%E0%A4%95/article-3632"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/gehlot_corona_logo1.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश में कोरोना की संक्रमण की रफ्तार तेज होने के बाद गहलोत सरकार भी राजस्थान में कुछ सख्त निर्णय करने की तैयारी कर रही है।  मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आज शाम को मंत्री परिषद की बैठक बुलाई है। बताया जा रहा है कि इस बैठक में कोरोना प्रोटोकॉल की पालना सुनिश्चित करने के लिए सख्त निर्णय लिए जा सकते हैं।<br /><br />  मुख्यमंत्री निवास पर आज (बुधवार) शाम कों साढ़े पांच बजे होने वाली बैठक में  कोविड-19 को लेकर चर्चा होगी एवं विशेषज्ञ डॉक्टर्स अपनी राय रखेंगे। यह मीटिंग ओपन रहेगी। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार दिल्ली में हाल ही कोरोना के चलते लिए गए सख्त निर्णय के बाद अब राजस्थान में भी सख्ती करना जरूरी हो गया है, क्योंकि दिल्ली से लगते राजस्थान के क्षेत्र में नए साल के अवसर पर लोगों की आवाजाही ज्यादा बढ़ सकती है। इस पर रोक लगाना जरूरी होगा अन्यथा राज्य में भी कोरोना संक्रमण की रफ्तार तेज हो सकती है। प्रदेश में नाईट कर्फ्यू को लेकर फैसला लिया जा सकता है। साथ ही मंत्री परिषद की बैठक में रीट के पदों को बढ़ाकर 50000 तक करने का भी निर्णय लिया जा सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Dec 2021 14:58:33 +0530</pubDate>
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                <title>साउथ अफ्रीका का ओमिक्रॉन वायरस : शंका के घेरे में कोरोना जांच, एक्सपर्ट चिंतित</title>
                                    <description><![CDATA[फिलहाल देश-प्रदेश में मरीज नहीं, लेकिन टेस्ट को कसौटी पर जांचना जरूरी, आरटीपीसीआर टेस्ट की एक्यूरेसी और घट सकती है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%89%E0%A4%A5-%E0%A4%85%E0%A4%AB%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%93%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%89%E0%A4%A8-%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%B0%E0%A4%B8---%E0%A4%B6%E0%A4%82%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%98%E0%A5%87%E0%A4%B0%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%9A--%E0%A4%8F%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B8%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%9F-%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%A4/article-2837"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/corona-mks3.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। साउथ अफ्रीका में जन्मे कोरोना के नए रूप ओमिक्रॉन (बी.1.1.529) वायरस पर आरटीपीसीआर जांच कितनी कारगर रहेगी, इस पर अभी स्थितियां साफ नहीं हो पाई है, लेकिन चिकित्सकों को इसकी एक्यूरेसी की चिंता है। अभी तक प्रदेश में कोरोना के सामान्य, अल्फा, गामा और डेल्टा वेरिएंट ही सामने आए हैं। उन पर आरटीपीसीआर जांच की 60 फीसदी तक ही एक्यूरेसी है यानी कोरोना के 10 मरीजों में से जांच 6 मरीजों को ही पॉजिटिव बताती है, लेकिन नए ओमिक्रॉन वायरस से किसी के संक्रमित होने पर टेस्ट की एक्यूरेसी कितनी रहेगी, इसे लेकर प्रदेश के कोरोना के सैकड़ों मरीजों का इलाज कर चुके डॉक्टरों में संशय बरकरार है। डॉक्टरों को आशंका है कि नए वायरस पर टेस्ट की एक्यूरेसी और कम हो सकती है, क्योंकि वायरस के स्पाइक प्रोटीन में करीब 30 म्यूटेशन हैं। वायरस पुराने वेरिएंट से भी ज्यादा जांच को धोखा दे सकता है।<br /> <br /> इनका कहना है : जांच किट की अभी एक्यूरेसी 60-70 फीसदी ही है। ओमिक्रॉन में एक्यूरेसी कितनी होगी, इस पर अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। हालांकि उम्मीद है वायरस के एक्सकेप प्रोटीन की जांच सही रहे। मरीज की एचआरसीटी-स्कैन जांच में लंग्स में इंफेक्शन का तो पता लगाया ही जा सकता है।  -<strong>डॉ. रमन शर्मा, प्रोफेसर मेडिसिन, एसएमएस मेडिकल कॉलेज</strong><br /> <strong><br /> ओमिक्रॉन आया और एक्यूरेसी कम तो तीसरी लहर ज्यादा घातक</strong><br /> नए वेरिएंट ओमिक्रॉन की प्रदेश में दस्तक हुई और आरटीपीसीआर जांच में डॉक्टरों की शंकाएं सही निकली तो मरीज चिन्हित करना भी चिकित्सा विभाग के सामने बड़ी चुनौती होगी। मरीज चिन्हित नहीं हुए तो उसके आइसोलेट या क्वारंटीन नहीं होने पर संक्रमण काफी तेजी से फैल सकता है, क्योंकि नया ओमिक्रॉन वायरस दूसरी लहर लाने वाले डेल्टा वेरिएंट से भी कई गुना ज्यादा संक्रमण दर वाला है।  </p>
<p><strong><br /> फिलहाल 80 फीसदी डेल्टा वेरिएंट के शिकार</strong> : एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुधीर भंडारी ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में राहत यह है कि जो भी संक्रमित आ रहे हैं उनमें 80 फीसदी डेल्टा वेरिएंट और शेष 20 फीसदी अल्फा, गामा और अन्य कमजोर वेरिएंट के हैं। कॉलेज की जीनोम सिक्वेंसिंग लैब में 800 केसों की जांचों में यह पुष्टि हुई है। <br /> <br /> अभी भी कई मरीज ऐसे आ रहे हैं जिनमें कोविड के सभी लक्षण हैं, लेकिन उनकी आरटीपीसीआर जांच में रिपोर्ट नेगेटिव है। एचआरसीटी स्कैन या एक्स रे में लंग्स में भी इंफेक्शन आ रहा है। टेस्ट की एक्यूरेसी में संशय पैदा हो सकता है, लेकिन नए वेरिएंट पर टेस्ट किट एक्यूरेसी पर वैज्ञानिक शोध अलर्ट रहने के लिए जरूर हो, क्योंकि बीमारी एपेडेमिक है। -<strong>डॉ.सीएल नवल, प्रोफेसर मेडिसिन, एसएमएस मेडिकल कॉलेज</strong><br /> <strong><br /> प्रदेश में कोरोना के 12 नए रोगी</strong><br /> जयपुर। प्रदेश में सोमवार को कोरोना के 12 नए रोगी मिले हैं। इनमें जयपुर में सबसे अधिक आठ मरीज है, जबकि उदयपुर, अजमेर, बाड़मेर और हनुमानगढ़ में एक-एक नए रोगी हैं। हालांकि राहत यह है कि प्रदेश में कोरोना से मौतों पर अंकुश है। सोमवार को भी प्रदेश में कहीं कोई मौत नहीं हुई है। नए मरीजों के मुकाबले 24 मरीज रिकवर होने से एक्टिव केस जो 199 पहुंच गए थे, सोमवार को अब 187 बचे हैं। जयपुर में 100 एक्टिव केस हैं। वहीं अजमेर में 22, अलवर में 16, बीकानेर में 14, नागौर में 10, जैसलमेर में पांच, जोधपुर में चार, दौसा, पाली, राजसमंद में दो-दो और हनुमानगढ़ में एक एक्टिव केस हैं। बाकी बचे 23 जिले फिलहाल कोरोना फ्री हैं।<br /> <strong><br /> जोखिम वाले देशों से आने वाले को करानी होगी कोविड जांच</strong><br /> एजेंसी/नई दिल्ली। कोविड के नए रूप ओमिक्रॉन को देखते हुए सरकार ने जोखिम वाले देशों की सूची में शामिल दक्षिण अफ्रीका, इजरायल, ब्रिटेन और बांग्लादेश समेत 12 राष्ट्रों से भारत आने वाले व्यक्तियों को भारतीय भूमि पर पहुंचने के साथ ही अनिवार्य रूप से कोविड जांच करानी होगी। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने सोमवार को यहां जारी संशोधित दिशा-निर्देशों में कहा कि ब्रिटेन समेत यूरोप के कुछ देशों, दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील, बांग्लादेश, बोत्सवाना, चीन, मारिशस, न्यूजीलैंड, जिम्बाव्वे, सिंगापुर, हांगकांग और इजरायल से भारत पहुंचने वाले व्यक्तियों को अनिवार्य रूप से कोविड जांच करानी होगी। इस सूची की लगातार समीक्षा की जाती है और समय-समय पर इसमें बदलाव होता है।  दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि भारत पहुंचने वाले व्यक्तियों को 72 घंटे पहले का आरटी-पीसीआर जांच लेकर आनी होगी और कोविड नकारात्मक होने बावजूद भी सात दिन तक अपने आवास पर आइसोलेशन में रहना होगा। कोविड-19 से संक्रमित पाए जाने पर व्यक्ति को कोविड मानकों के अनुरूप इलाज किया जाएगा। <br /> <br />  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Nov 2021 12:12:06 +0530</pubDate>
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                <title>राजकाज</title>
                                    <description><![CDATA[होर्डिंग्स के बहाने : भगवा वालों का रोग : 
बेफिकर हैं भाई साहब : ट्रेनिंग मुखबंद की : 
गूंगो गढ़ जीतै :]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%9C/article-1859"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/rajkaj.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>होर्डिंग्स के बहाने</strong><br /> सूबे की राजधानी में अब होर्डिंग्स की होड़ भी होने लगी है। मौके बेमौकों पर हर चौराहों पर अलग अलग स्लोगन के होर्डिंग दिखाई देते हैं। एक दूसरे को मात देने में दिन रात पसीना बहा रहे हाथ वाले भाई लोग भी होर्डिंग्स की दौड़ में शामिल हैं। प्रदेश के किसी नेता का जन्मदिन हो या फिर खेलों में कीर्तिमान की घटना हो या चाहे कन्या भू्रण हत्या रोकने का प्रकरण हो। जयपुर शहर रातों रात कुछ भाई लोगों की फोटो लगे होर्डिंग्स से सज जाता है। सजे भी क्यों नहीं, राजधानी के एक भाई साहब की उत्तर भारत की सबसे बड़ी कंपनी के मालिक से दोस्ती जो है।</p>
<p><br /> <strong>भगवा वालों का रोग</strong><br /> भगवा के नेताओं की दिमागी बीमारी को लेकर भारती भवन तक बैठकों के साथ चिंतन-मंथन हो रहा है। दोनों खेमों के नेताओं में इस बीमारी का असर दिखाई दे रहा है। अब देखो ना जिस संगठन की गोद में बैठकर ऊंची छलांग लगा कर उदयपुर वाले भाई साहब ने सालों तक कुर्सी के मजे लिए, अब वो ही कहने लगे हैं कि 50 साल में संगठन ने मुझे क्या दिया। कुछ इसी तरह का जुमला सामने वाले खेमे में चल रहा है कि हमने बहुत कुछ दिया है। राज का काज करने वालों में चर्चा है कि दोनों तरफ ही खुद को सुप्रीमो से कम नहीं समझ रहे और मैडम को चैलेंज करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे। इसीलिए तो कहावत है कि वहम की कोई दवा नहीं होती।</p>
<p><strong><br /> बेफिकर हैं भाई साहब</strong><br /> इंदिरा गांधी भवन में बने हाथ वालों के दफ्तर में कोई न कोई नई चर्चा पैदा हो जाती है। इस बार चर्चा है कि इतना सबकुछ होने के बाद भी राज करने वाले भाई साहब के चेहरे पर कोई शिकन नहीं है। इसका कारण ढूंढने के लिए एक टुकड़ी भी रात दिन पसीने बहा रही है। राज का काज करने वाले भी लंच केबिन में बतियाते हैं कि इसमें कोई न कोई राज जरूर छुपा हुआ है। लेकिन हम बताय देते हैं कि भाई साहब के सामने वाले मैं नहीं तो तू नहीं के सिवाय कुछ नहीं कर पा रहे।</p>
<p><br /> <strong>ट्रेनिंग मुखबंद की</strong><br /> दरबार के बाहर राजा के बिना हुक्म के कोई भी वजीर मुंह नहीं खोल सकता। कुछ इसी तरह के संकेतों से वजीरों के चेहरों पर भी चिंता की लकीरें हैं। हमारे सूबे के नेता काफी वाचाल हैं। यह आदत उनकी काफी पुरानी है। छपास के रोगियों की तो अर्द्ध-रात्रि तक भी नींद गायब रहती थी। लेकिन अब मामला उल्टा नजर आ रहा है। जो भाई साहब अर्द्ध-रात्रि को भी हालचाल पूछ कर एक लाइन छापने की गुहार करते थे, वो अब देखते ही बगलें झांक कर निकल जाते हैं। राज का काज करने वालों ने इसका राज खोला तो अपने भी कान खड़े हो गए। उन बेचारों का कोई कसूर नहीं है, उन्हें अभी से मुखबंद की ट्रेनिंग जो दी जा रही है। उनको साफ कहा गया है कि अंदर की बात की गंध खबर सूंघने वालों की नाक से कौसों दूर होनी चाहिए।</p>
<p><strong><br /> गूंगो गढ़ जीतै</strong><br /> मारवाड़ में एक कहावत है कि गूंगो गढ़ जीतै। यह कहावत कई बार सटीक भी बैठ जाती है। कई बार बिना बोले भी गढ़ जीत लिया जाता है। अब देखो न मारवाड़ के गांधी के नाम से पहचान बनाने वाले जोधपुर वाले अशोक जी भाई साहब ने बिना बोले ही गढ़ जीत लिया। भाई साहब दिल्ली के दौरे में पूरे दो दिन तक चुप रहे। अड़गेबाजों ने तो पैंतरे फैंकने में कोई कसर नहीं छोड़ी, पर भाई साहब ने इशारों ही इशारों में गढ़ जीत लिया।</p>
<p><strong><br /> गोवन्दिजी जरा संभलके</strong><br /> हमारे लक्ष्मणगढ़ वाले भाई साहब का भी कोई जवाब नहीं है। जुबान फिसलना उनकी आदत में है। मास्टरों को नब्ज ठीक करने की गारंटी लेने वाले गोविन्द जी भाई साहब भी गुजरे जमाने में किसी के मास्टर रह चुके हैं। इसी वजह से उनसे मास्टरों का कोई एैब छिपा नहीं है। बराबर के रत्नों को भी हड़काने में कोई कंजूसी नहीं करते हैं। कइयों को तो मूलधन के साथ ब्याज भी चुकाया है। जो करना था कर दिया, अब तो नेहरू जयंती का बेसब्री से इंतजार है। तब तक भाई साहब को जुबान के साथ-पैरों को भी संभल कर रखना होगा।</p>
<p><strong>        एल. एल. शर्मा<br /> (यह लेखक के अपने विचार हैं) </strong></p>]]></content:encoded>
                
                

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                <pubDate>Mon, 25 Oct 2021 10:48:47 +0530</pubDate>
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                <title>चेतावनी :त्योहारी सीजन के तीन महीने बेहद अहम</title>
                                    <description><![CDATA[सजग रहें, बेफिक्र ना हों : स्वास्थ्य मंत्रालय]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/615fea80dbf92/article-1515"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/corona-mks.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली</strong>। कोरोना वायरस की संभावित तीसरी लहर के खतरों के मद्देनजर मोदी सरकार ने लोगों से एहतियात के साथ त्योहार मनाने की अपील की है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि हो सके तो त्योहार घर के अंदर मनाएं, भीड़ न करें और अगर परिवार या रिश्तेदारों के साथ त्योहार मनाना चाहते हैं तो आॅनलाइन मनाएं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि कोविड का खतरा अभी भी बरकरार है और मामले कम होने के कारण लोगों को पूरी तरह से बेफिक्र होने की जरूरत नहीं है।</p>
<p><br /> <strong>दूसरे देशों का दिया उदाहरण</strong><br /> मंत्रालय ने दूसरे देशों का उदाहरण देते हुए कहा कि जहां लापरवाही बरती गई, वहां पर कोरोना के केस में बढ़ोतरी हो गई। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि इंग्लैंड और नीदरलैंड में फेस्टिवेटल में देखा गया कि कोताही बरती गई और मामले बढ़ गए। सरकार का कहना है कि इसी से सबक लेते हुए अगले तीन महीने खास सावधानी बरतने की जरूरत है।</p>
<p><br /> <strong>कुल के 56 फीसदी मामले केरल से आए</strong><br /> केंद्रीय संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि पिछले सप्ताह रिपोर्ट हुए कोरोना के कुल मामलों का 56 फीसदी मामले केरल से आए, एक्टिव केस अभी भी 2 लाख 44 हजार हैं, अकेले केरल में एक लाख से ज्यादा एक्टिव केस हैं। उन्होंने बताया कि चार राज्यों में 10 हजार से 50 हजार एक्टिव केस है जबकि 31 राज्यों में 10 हजार से कम एक्टिव केस हैं, कोरोना की दूसरी लहर पर अब तक कंट्रोल नहीं हुआ है।</p>
<p><br /> आईसीएमआर ने चेतावनी दी है कि लोगों की घूमने की आदत के कारण देश में जल्द ही कोविड-19 की तीसरी लहर आ सकती है। स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि देश में कुल पॉजिटिविटी रेट पिछले हफ्ते लगभग 1.68 फीसदी रही, जबकि पहले यह 5.86 फीसदी थी। उन्होंने कहा कि अरुणाचल प्रदेश और असम में कुछ जिलों सहित 28 जिले ऐसे हैं, जिनमें पॉजिटिविटी रेट 5 फीसदी और 10 फीसदी के बीच है, यानी उच्च संक्रमण दर, जबकि 34 जिले ऐसे हैं जहां पर 10 फीसदी से अधिक की वीकली पॉजिटिविटी रेट सामने आ रहे हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 08 Oct 2021 12:48:04 +0530</pubDate>
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