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                <title>refugees - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>refugees RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>यूनान में भीषण हादसा: तटरक्षक पोत से टकराई प्रवासियों की नाव; 15 प्रवासियों की डूबने से मौत, बचाव और राहत कार्य जारी</title>
                                    <description><![CDATA[चियोस द्वीप के पास तटरक्षक पोत से टकराई प्रवासियों की नाव डूब गई। हादसे में 15 लोगों की मौत, 25 को बचाकर अस्पताल पहुंचाया गया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/horrific-accident-in-greece-migrant-boat-collides-with-coast-guard/article-141953"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(13)3.png" alt=""></a><br /><p>एथेन्स। यूनान के चियोस द्वीप पर एक तटरक्षक पोत से प्रवासियों की नाव टकराने के बाद 15 प्रवासियों की मौत हो गयी है। रिपोर्ट में बताया कि यह नाव चियोस पहुंचने की कोशिश कर रही थी, ताकि प्रवासियों को यूनान में उतारा जा सके। स्थानीय तटरक्षक बलों ने उनका पीछा किया। रिपोर्ट के अनुसार, इस दौरान दोनों नाव टकरा गयीं और समंदर में डूबने से 15 लोगों की मौत हो गयी। </p>
<p>घटना के बाद बचाव अभियान शुरू किया गया। दो तटरक्षकों और सात बच्चों एवं दो महिलाओं सहित 25 प्रवासियों को दुर्घटना के बाद अस्पताल ले जाया गया। 14 प्रवासियों के शव पानी में मिले, जबकि एक महिला ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। उल्लेखनीय है कि पश्चिमी एशिया, एशिया और अफ्रीका से आने वाले प्रवासी यूनान को यूरोप के एक रास्ते के तौर पर देखते हैं। इनमें से ज्यादातर यहां तुर्की से होते हुए आते हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 04 Feb 2026 18:08:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का बड़ा फैसला, बोलें-गरीब देशों के शरणार्थियोें को घुसने नहीं दूंगा</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तीसरी दुनिया के देशों से आने वाले प्रवासियों पर स्थायी रोक की घोषणा की। उन्होंने गैर-नागरिकों के सभी संघीय लाभ खत्म करने, बाइडेन कार्यकाल के लाखों एडमिशनों को रद्द करने और सुरक्षा के लिए ख़तरा माने जाने वाले विदेशी नागरिकों को देश से बाहर करने की बात कही।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/us-president-trumps-big-decision-banning-immigrants-from-third-world/article-133950"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/trump-big-disi.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तीसरी दुनिया के देशों से आने वाले प्रवासियों पर हमेशा के लिए रोक लगाने की घोषणा की है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिका की समस्याओं के लिए तीसरी दुनिया के देशों से आने वाले लोगों को दोषी ठहराया है। उल्लेखनीय है कि, अमेरिका की ओर से यह कदम तब उठाया गया है जब वॉशिंगटन डीसी में नेशनल गार्ड के दो सुरक्षा प्रहरियों को गोली मारे जाने की घटना सामने आई।  </p>
<p>अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि, मौजूदा नीतियों ने देश की तरक्की को रोक दिया है। उन्होंने कहा कि, वह पूर्व राष्ट्रपति बाइडेन के कार्यकाल में हुए उन लाखों एडमिशनों को रद्द कर देंगे जिनमें अमेरिका में बसने की इच्छा जाहिर की गई है। उन्होंने यह भी वादा किया कि, अमेरिका के लिए जो कोई भी उपयोगी नहीं है या हमारे देश से प्यार नहीं करता है, उसे यहां से निकाल दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि घरेलू शांति भंग करने वाले प्रवासियों की नागरिकता छीन ली जायेगी।</p>
<p>राष्ट्रपति ट्रंप ने गुरुवार की देर रात सोशल मीडिया पर लिखा, ''वह गैर-नागरिकों को सभी संघीय फायदों और सब्सिडियों से वंचित कर देगे। उन्होंने कहा, बाइडेन के लाखों गैर-कानूनी एडमिशनों को खत्म कर दिया जायेगा। उनमें वे एडमिशन भी शामिल हैं जिन पर बाइडेन ने ऑटोपेन से हस्ताक्षर किए हैं।'' ऐसे किसी भी व्यक्ति को हटा दिया जाएगा जो संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए उपयोगी नहीं है या हमारे देश से प्यार करने में असमर्थ है। मैं गैर-नागरिकों को मिलने वाले सभी संघीय फायदे और सब्सिडी खत्म कर दूंगा। घरेलू शांति को भंग करने वाले प्रवासियों की नागरिकता छीन लूंगा और ऐसे किसी भी विदेशी नागरिक को अमेरिका से बाहर कर दूंगा जो जनता पर बोझ है, सुरक्षा के लिए खतरा है या पश्चिमी सभ्यता के साथ मेल नहीं खाता है। इन लक्ष्यों को हासिल करने का मकसद गैर-कानूनी और गड़बड़ी पैदा करने वाली आबादी में बड़ी कमी लाना है, जिसमें वे लोग भी शामिल हैं जिन्हें बिना इजाजत और गैर-कानूनी ऑटोपेन एडमिशन दिया गया है।</p>
<p>अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि, शरणार्थियों का बोझ अमेरिका में सामाजिक बुराइयों की मुख्य जड़ हैं। उन्होंने कहा कि, अमेरिका में विदेशों से आकर बसे लोगों की संख्या 53 मिलियन यानी 5 करोड़ 30 लाख हैं। उसमें से अधिकांश वेलफेयर पर हैं। असफल देशों से हैं या जेलों, मेंटल इंस्टीट्यूशन, गैंग या ड्रग कार्टेल से जुड़े हैं। यही लोग अमेरिका में होने वाले अपराधों के लिए जिम्मेदार हैं। हम ऐसे सभी प्रवासियों और विदेशी नागरिकों को अमेरिका से निकाल देंगे, जो जनता पर बोझ है। हमारी सुरक्षा के लिए खतरा है या पश्चिमी सभ्यता के साथ मेल नहीं खाते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 28 Nov 2025 16:04:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>साइप्रस तट के पास पलटी नाव : 7 शरणार्थी की मौत, लापता लोगों की तलाश जारी</title>
                                    <description><![CDATA[यह घटना पिछले दिसंबर में असद शासन के पतन के बाद से सीरिया से साइप्रस पहुंचने का प्रयास करने वाली शरणार्थी नाव का पहला मामला है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/searching-for-missing-people-killed-of-7-refugees-overturned-near/article-107871"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/boat-drown-2.png" alt=""></a><br /><p>निकोसिया। साइप्रस के दक्षिण-पूर्वी तट के पास शरणार्थी को ले जारी एक नाव के पलटने से 7 शरणार्थियों की मौत हो गयी और कई लापता हो गये हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। लापता लोगों की तलाश जारी है, जबकि दो लोगों को बचा लिया गया है। दोनों सीरियाई नागरिक हैं। सीरिया के 21 प्रवासियों को ले जा रहा यह नाव दुर्घटना स्थल से लगभग 200 किलोमीटर दूर उत्तर-पश्चिमी सीरिया के तटीय शहर टार्टस से रवाना हुआ था। बचाव अभियान के लिए एक युद्धपोत, एक हेलेनिक नौसेना विमान, चार बंदरगाह और समुद्री पुलिस जहाज, हेलीकॉप्टर, वहां से गुजरने वाले चिकित्सा दल को तैनात किया गया है। </p>
<p>यह घटना पिछले दिसंबर में असद शासन के पतन के बाद से सीरिया से साइप्रस पहुंचने का प्रयास करने वाली शरणार्थी नाव का पहला मामला है। अधिकारियों ने हाल के दिनों में बढ़ती प्रवासी गतिविधि के कारण गश्त तेज कर दी है। शासन परिवर्तन के बाद सीरिया में जारी अस्थिरता के कारण अधिकारियों को प्रवासियों के सीमा पार करने की संभावित वृद्धि का डर सता रहा है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 18 Mar 2025 17:04:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शरणार्थियों की मेजबानी करने वाले प्रमुख देशों में शामिल है पाकिस्तान : अल्वी</title>
                                    <description><![CDATA[अल्वी ने कहा कि 40 वर्षों से, शरणार्थियों और मेजबान समुदायों के बीच कोई टकराव नहीं हुआ है, जो सामंजस्यपूर्ण सह-अस्तित्व और आपसी सम्मान का उदाहरण है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/pakistan-is-one-of-the-major-countries-hosting-refugees/article-49480"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-06/arif-alvi.png" alt=""></a><br /><p>इस्लामाबाद। पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने कहा कि उनका देश शरणार्थियों की मेजबानी करने वाले प्रमुख देशों में शुमार है और उनके कल्याण के लिए प्रतिबद्ध भी है। अल्वी ने मंगलवार को विश्व शरणार्थी दिवस के अवसर पर अपने संदेश में कहा कि इस दिन, हमें पिछले चार दशकों में लाखों अफगान शरणार्थियों की मेजबानी में सरकार और पाकिस्तान के लोगों के अपार योगदान की याद दिलाई जाती है। उन्होंने कहा कि उनका देश सीमित संसाधनों के बावजूद इतनी बड़ी संख्या में विस्थापित लोगों को शरण देता है, जो अद्वितीय मानवीय प्रयास भाईचारे और करुणा की भावना के लिए एक वसीयतनामा के रूप में काम करता है। देश के लोगों और सरकार ने तमाम चुनौतियों के बावजूद पूरी तरह से मानवता और एकजुटता के सिद्धांतों पर आधारित अफगान शरणार्थियों के लिए अपने दरवाजे खोल दिए।</p>
<p>अल्वी ने कहा कि 40 वर्षों से, शरणार्थियों और मेजबान समुदायों के बीच कोई टकराव नहीं हुआ है, जो सामंजस्यपूर्ण सह-अस्तित्व और आपसी सम्मान का उदाहरण है। सरकार की नीतियां शरणार्थियों की शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच और उनके बैंक खाते तथा अन्य अवसर सुनिश्चित करती हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि अफगान शरणार्थियों का ज्ञान और कौशल बढ़ाने के लिए, हमने व्यापक शैक्षिक कार्यक्रमों को लागू किया है, यह सुनिश्चित करते हुए कि शरणार्थी बच्चों की गुणवत्तापूर्ण स्कूली शिक्षा तक पहुंच हो।” उन्होंने शरणार्थियों को आवश्यक सहायता और सुरक्षा प्रदान करने के लिए संयुक्त राष्ट्र उच्चायुक्त और अन्य मानवीय एजेंसियों के साथ मिलकर काम करने के अपने देश के संकल्प को भी व्यक्त किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 20 Jun 2023 15:04:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>कांगो में ताजा संघर्ष के बाद 5,000 से अधिक लोग युगांडा भागे</title>
                                    <description><![CDATA[युगांडा में रवांडा, बुरुंडी, कांगो, दक्षिण सूडान और सोमालिया के लगभग 15 लाख शरणार्थी हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%8B-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%98%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B7-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%A6-5-000-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%85%E0%A4%A7%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%97-%E0%A4%AF%E0%A5%81%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%A1%E0%A4%BE-%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%97%E0%A5%87/article-2201"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/cango_yuganda.jpg" alt=""></a><br /><p>कंपाला। मध्य अफ्रीकी देश कांगो में ताजा संघर्ष के बाद 5,000 से अधिक शरणार्थी दक्षिण-पश्चिमी जिले किसोरो के रास्ते सीमा पार कर पड़ोसी देश युगांडा पहुंच गये हैं। किसोरो जिले के अधिकारियों ने सोमवार को एक बयान में कहा कि पूर्वी कांगो में लड़ाई तेज होने के कारण शरणार्थियों की संख्या बढऩे का अनुमान है। बयान में कहा गया है कि करीब पांच हजार शरणार्थी पहुंचे हैं और अन्य अब भी आ रहे हैं। शरणार्थी रविवार रात ही युगांडा की सीमा में पहुंच गये और कई लोगों ने सीमावर्ती शहर बुनागाना के एक प्राइमरी स्कूलों में डेरा डाल रखा है।<br /> <br /> बयान में कहा गया है कि शरणार्थियों के पास आश्रय, दवा या पानी नहीं है और स्वच्छता की स्थिति बहुत खराब है। अधिकारियों ने बताया कि अधिकांश शरणार्थी बुजुर्ग, बच्चे और महिलाएं और विकलांग लोग हैं। युगांडा रेड क्रॉस सोसायटी ने पहले कहा था कि शरणार्थी बस्तियों में स्थानांतरित होने से पहले शरणार्थियों का पंजीकरण शुरू कर दिया गया है। गौरतलब है कि युगांडा में रवांडा, बुरुंडी, कांगो, दक्षिण सूडान और सोमालिया के लगभग 15 लाख शरणार्थी हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Nov 2021 11:44:19 +0530</pubDate>
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                <title>तंजानिया के गुरनाह को साहित्य का नोबेल सम्मान</title>
                                    <description><![CDATA[उपन्यासों में किया शरणार्थियों का मार्मिक वर्णन]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/615fdbf2eb2de/article-1507"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/abdulrazak-gurnah.mks.-jpg.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>स्टॉकहोम</strong>। वर्ष 2021 का साहित्य का नोबेल पुरस्कार तंजानिया के उपन्यासकार अब्दुल रजाक गुरनाह को देने की घोषणा की गई है। गुरनाह को उपनिवेशवाद के प्रभावों और संस्कृतियों व महाद्वीपों के बीच की खाई में शरणार्थियों की स्थिति के करुणामय चित्रण को लेकर सम्मानित किया गया है। उनके उपन्यासों में शरणार्थियों का मार्मिक वर्णन मिलता है।  गुरनाह का जन्म 1948 में तंजानिया के जंजीबार में हुआ था। लेकिन 1960 के दशक के अंत में एक शरणार्थी के रूप में वह इंग्लैंड पहुंचे।  रिटायरमेंट के पहले तक वह केंट विश्वविद्यालय, कैंटरबरी में अंग्रेजी और उत्तर औपनिवेशिक साहित्य के प्रोफेसर थे।</p>
<p><br /> <strong>दुखद प्रेम कहानी ने दिलाई पहचान</strong><br /> गुरनाह के चौथे उपन्यास ‘पैराडाइज’ (1994) ने उन्हें एक लेखक के रूप में पहचान दिलाई थी। उन्होंने 1990 के आसपास पूर्वी अफ्रीका की एक शोध यात्रा के दौरान यही लिखी थी। यह एक दुखद प्रेम कहानी है जिसमें दुनिया और मान्यताएं एक-दूसरे से टकराती हैं।</p>
<p><br /> <strong>10 उपन्यास और कई लघु कथाएं प्रकाशित </strong><br />  गुरनाह के 10 उपन्यास और कई लघु कथाएं प्रकाशित हुई हैं। उनकी लेखनी में शरणार्थी की समस्याओं का वर्णन अधिक है। उन्होंने 21 वर्ष की उम्र से लिखना शुरू किया था, हालांकि शुरुआत में उनकी लिखने की भाषा स्वाहिली थी। बाद में उन्होंने अंग्रेजी को अपनी साहित्य लेखनी का माध्यम बनाया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 08 Oct 2021 13:07:12 +0530</pubDate>
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