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                <title>governments - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                            <item>
                <title>सरकार का बड़ा निर्णय : असफल निविदाकारों की बोली राशि तुरंत लौटाने के आदेश</title>
                                    <description><![CDATA[ वित्त विभाग ने एक परिपत्र जारी कर राज्य में ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल पर निविदा प्रक्रिया को लेकर नई व्यवस्था लागू की है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/governments-big-decision-order-to-repay-the-bid-amount-of/article-120675"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/secretariat.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। वित्त विभाग ने एक परिपत्र जारी कर राज्य में ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल पर निविदा प्रक्रिया को लेकर नई व्यवस्था लागू की है। इसके अनुसार अब उपापन संस्थाओं की ओर से असफल बोलीदाताओं की बोली प्रतिभूति राशि (Bid Security) की वापसी में हो रही अनावश्यक देरी को समाप्त किया जाएगा।</p>
<p>सरकार के अनुसार, कई बार बोली प्रक्रिया पूरी हो जाने के बावजूद असफल बोलीदाताओं की बोली प्रतिभूति राशि समय पर वापस नहीं की जाती, जिससे उन्हें आर्थिक कठिनाई का सामना करना पड़ता है। इसी को देखते हुए वित्त विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि ऐसी सभी प्रक्रियाओं में, जहां निविदा कार्य पूर्ण हो चुका है और सफल संवेदक की ओर से कार्य संपादन प्रतिभूति (Performance Security) जमा कर दी गई है, वहां असफल बोलीदाताओं की बोली प्रतिभूति राशि को तत्काल प्रभाव से वापस किया जाए।</p>
<p>इसके साथ ही, उन मामलों में जहां किसी कारणवश कार्य आदेश जारी नहीं हो सका या कार्य प्रारंभ नहीं हुआ, वहां भी संपादन प्रतिभूति राशि को तत्काल प्रभाव से नियमानुसार लौटाने के निर्देश दिए गए हैं। संयुक्त शासन सचिव दिनेश माथुर की ओर से जारी इस परिपत्र के तहत सभी संबंधित विभागों, सचिवालयों और प्रमुख अधिकारियों को यह निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू करने को कहा गया है। यह निर्णय सरकारी निविदा प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और संवेदकों के आर्थिक हितों की रक्षा की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 16 Jul 2025 16:41:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सरकार का आदेश, बकाया गृहकर और नगरीय विकास कर एकमुश्त जमा कराने पर छूट</title>
                                    <description><![CDATA[इसी तरह नगरीय विकास कर 2024-2025 तक शहरी विकास कर पर भी 50 प्रतिशत छूट का प्रावधान किया गया है। यह छूट केवल 30 सितंबर 2025 तक प्रभावी रहेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/governments-order-exempted-on-depositing-outright-by-making-outstanding/article-117902"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/swayat-shasan-vibhag-copy1.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। स्वायत्त शासन विभाग ने नगर पालिका अधिनियम 2009 की धारा 107 (4) के तहत बकाया गृहकर और नगरीय विकास कर एकमुश्त जमा कराने पर  छूट प्रदान की है। स्वायत्त शासन विभाग के आदेशानुसार गृहकर कर निर्धारण की तारीख से 2024-2025 तक गृह स्वामियों के लिए गृहकर में 50 प्रतिशत तक की छूट दी गई है।</p>
<p>इसी तरह नगरीय विकास कर 2024-2025 तक शहरी विकास कर पर भी 50 प्रतिशत छूट का प्रावधान किया गया है। यह छूट केवल 30 सितंबर 2025 तक प्रभावी रहेगी। इसके बाद, बिना किसी नई अधिसूचना के यह छूट स्वतः समाप्त हो जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 19 Jun 2025 16:57:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>आतंकवाद के खिलाफ सरकार के हर फैसले के साथ, प्रियंका कक्कड़ ने कहा- आतंकवाद का खामियाजा भारत के लोगों को भुगतना पड़ता है </title>
                                    <description><![CDATA[आम आदमी पार्टी ने एक बार फिर साफ किया है कि आतंकवाद के खिलाफ केंद्र सरकार जो भी कदम उठाएगी उसमें पार्टी पूरी तरह साथ देगी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/with-every-governments-decision-against-terrorism-priyanka-kakkar-said-the/article-114679"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/news54.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी ने एक बार फिर साफ किया है कि आतंकवाद के खिलाफ केंद्र सरकार जो भी कदम उठाएगी उसमें पार्टी पूरी तरह साथ देगी। पार्टी की मुख्य प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने सोमवार को कहा कि सरकार आतंकवाद के खिलाफ कोई भी निर्णय लेगी या कदम उठाएगी, तो आप हमेशा उसके साथ खड़ी रहेगी। अब विश्व के तमाम मुल्कों को बताना जरूरी हो गया है कि पाकिस्तान में किस तरह आतंकवाद पनपता है और आतंकवादियों को प्रशिक्षित किया जाता है। इस आतंकवाद का खामियाजा भारत के लोगों को भुगतना पड़ता है और निर्दोष लोगों की जान जाती है।</p>
<p>कक्कड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार सभी विपक्षी पार्टियों को साथ लेकर कुछ कदम उठाने के बारे में सोचा है। यह बहुत अच्छी पहल है लेकिन इससे पहले यह भी जरूरी है कि प्रधानमंत्री अपने घर के अंदर उठे मुद्दों का भी समाधान करें। सर्वदलीय बैठक बुलायी जाए और उसमें प्रधानमंत्री खुद मौजूद रहें ताकि विपक्ष द्वारा उठाए गए मुद्दों पर विशेष तौर पर चर्चा की जा सके।</p>
<p>आप नेता ने कहा कि सारी विपक्षी पार्टियां संसद का विशेष सत्र बुलाने की काफी दिनों से मांग कर रही हैं। प्रधानमंत्री को चाहिए कि वह विशेष सत्र बुलाएं और सारे मुद्दों पर खुलकर चर्चा हो।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 19 May 2025 18:54:46 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>जल प्रबंधन पर सरकार का फोकस : जल संसाधन मंत्री का दो दिन कोटा संभाग का दौरा, सरकार जल प्रबंधन और जल संसाधन परियोजनाओं को लेकर गंभीर </title>
                                    <description><![CDATA[ राजस्थान सरकार जल प्रबंधन और जल संसाधन परियोजनाओं को लेकर गंभीर है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/governments-focus-on-water-management-water-resources-ministers-two-days/article-111501"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/water-manegement-jal.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान सरकार जल प्रबंधन और जल संसाधन परियोजनाओं को लेकर गंभीर है। इसी के तहत जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत 22 और 23 अप्रैल को दो दिवसीय कोटा संभाग के दौरे पर रहेंगे। मंत्री रावत 22 अप्रैल को दोपहर 1:30 बजे कोटा में संभाग की प्रगतिरत परियोजनाओं की बैठक लेंगे। शाम 4:00 बजे परवन परियोजना के फेज-2 की देवली लिफ्ट का निरीक्षण करेंगे। रात को झालावाड़ में विश्राम करेंगे। 23 अप्रैल को सुबह 9:00 बजे परवन परियोजना फेज-1 के तहत नगर डिग्गी और पाइपलाइन कार्य का निरीक्षण करेंगे। 11:00 बजे खानपुर में परवन बांध स्थल पर टनल का निरीक्षण करेंगे। दोपहर 12:30 बजे परवन योजना की बांध नहर परियोजना की समीक्षा बैठक करेंगे।</p>
<p>इसके बाद 2:30 बजे महलपुर बैराज स्थल और 5:00 बजे चंबल एक्वाडक्ट स्थल का निरीक्षण करेंगे। शाम 6:00 बजे वाया टोंक होते हुए जयपुर लौट जाएंगे। सरकार जल प्रबंधन परियोजनाओं को समय पर पूरा करने पर जोर दे रही है, ताकि जल संकट से निपटा जा सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 21 Apr 2025 13:33:15 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>पूर्ववर्ती सरकारों के कारण नहीं बढ़ा सीमावर्ती क्षेत्र में पर्यटन, बंदिशों को हल्का कर पर्यटन गतिविधियां बढ़ाने की दिशा में हो रहे है कार्य :  शेखावत </title>
                                    <description><![CDATA[केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने पूर्ववर्ती सरकारों पर सीमावर्ती क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा नहीं देने का जिम्मेदार बताते हुए कहा है कि पहले की सरकारों की यह सोच हुआ करती थी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/due-to-previous-governments-work-is-being-done-to-increase/article-108406"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-08/gajendra-singh.jpg" alt=""></a><br /><p>जैसलमेर। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने पूर्ववर्ती सरकारों पर सीमावर्ती क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा नहीं देने का जिम्मेदार बताते हुए कहा है कि पहले की सरकारों की यह सोच हुआ करती थी कि सीमावर्ती क्षेत्र प्रतिबंधित रहे और वहां लोगों का आवागमन न हो, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच है कि सीमावर्ती गांव हमारा आखिरी नहीं पहला गांव है। <br /><br />शेखावत ने कहा कि जब से उसको पहला गांव कहकर संबोधित करना शुरू किया है, उसी तरह से विकसित करना शुरू किया, उसका प्रभाव अब दिखाई देने लगा है। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्र में पर्यटन की संभावनाओं से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने सीमावर्ती क्षेत्र पर पर्यटन बढ़े, इसको लेकर निर्देश दिए हैं। हमने सेना और सीपीएफ के साथ इसको लेकर चर्चा की है। उन्होंने कहा कि अभी केन्द्र सरकार के सहयोग से तनोट में जिस तरह से हम विकास कर रहे हैं। तनोट जाने वाले सभी दर्शनार्थी सीमावर्ती चौकी बबलियान वाला पर जाकर सीमा दर्शन कर सकें, इसकी एक योजना बीएसएफ के साथ मिलकर बनाई है। उन्होंने कहा कि आगे और भी सीमावर्ती क्षेत्रों में बंदिशों को हल्का कर पर्यटन गतिविधियां बढ़ें, उस दिशा में कार्य हो रहे हैं। </p>
<p>वह मानते हैं कि जितनी ज्यादा गतिविधियां, जितना ज्यादा जनसंख्या का घनत्व सीमावर्ती क्षेत्र में रहेगा, उतनी सीमाएं सुरक्षित रहेंगी क्योंकि इतिहास साक्षी है कि जिस देश के सीमावर्ती क्षेत्र से लोगों ने पलायन किया है, उसकी सीमाएं कमजोर हुई हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें लगातार दो दशक तक सीमावर्ती क्षेत्र में इन सब विषयों को लेकर काम करने का सौभाग्य मिला है और वह मानते हैं कि सीमावर्ती क्षेत्र और हमारे पश्चिम राजस्थान का सीमावर्ती क्षेत्र जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर, गंगानगर इनकी सभी सीमावर्ती तहसीलों में अपार संभावनाएं हैं। यहां सुविधाएं बढ़ें और यहां का नागरिक जो स्वाभाविक रूप से देशभक्त नागरिक है, वो नागरिक राष्ट्रीय रक्त की इस द्वितीय रक्षा पंक्ति के रूप में जो उनकी जिम्मेदारी है, उसको समझते हुए आचरण और व्यवहार करे। </p>
<p>अभी हाल में राजस्थान की उपमुख्यमंत्री एवं पर्यटन मंत्री दिया कुमारी के साथ बैठक हुई। बड़े स्तर पर हम जैसलमेर और पश्चिमी राजस्थान में पर्यटन को बढ़ावा दे सकें, उसको लेकर चर्चा की। राजस्थान सरकार को निर्देश दिए हैं कि वो एक बार प्रस्ताव बनाकर केन्द्र सरकार को दें ताकि हम आइकॉनिक डेस्टिनेशन डेवलपमेंट की स्कीम में जैसलमेर को सम्मिलित कर पर्यटन संभावनाओं को विकसित करने के लिए काम कर सकें। </p>
<p>जिले में परिसीमन के सवाल पर श्री शेखावत ने कहा कि उन्हें लगता है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में यह अनवरत चलने वाली प्रक्रिया है। बढ़ती हुई आबादी, बदलते हुए स्वरूप, बढ़ते हुए शहरीकरण, इनके चलते हुए इस तरह की प्रक्रिया सामान्य तौर पर होती है लेकिन गत सरकार के समय जिस तरह से राजनीतिक उद्देश्यों और स्वार्थों की पूर्ति के लिए पंचायतों को पंचायती राज व्यवस्था में और स्थानीय निकाय में नगरपालिका के वार्डों को तोड़ा-मरोड़ा गया था। अपने राजनीतिक हित के अनुरूप जिस तरह से इन सबका परिसीमन करके जिस तरह से बनाया गया था, एक बार वापस दुरस्त हों, चीजें एकदम पारदर्शी तरीके से बनें और उसके साथ में वन स्टेट-वन इलेक्शन, वन नेशन-वन इलेक्शन की, जो प्रधानमंत्री की परिकल्पना के अनुरूप, एक साथ हम सब चुनाव करा पाएं, इस ²ष्टिकोण से एक बार में यह परिसीमन किया जा रहा है। </p>
<p>शेखावत ने कहा कि परिसीमन की इस प्रक्रिया के बाद में जहां एक तरफ नए राजस्व गांवों का निर्माण होगा, नई पंचायतों का निर्माण होगा, क्योंकि राजस्व गांव और पंचायत, ये दोनों लोकतांत्रिक व्यवस्था में महात्मा गांधी द्वारा प्रस्तावित इस थ्री टियर गवर्निंग सिस्टम में विकास की एक धुरी है। विकास की एक नाभी है, उसका केंद्र है, निश्चित ही नए राजस्व गांव बनेंगे, नई पंचायतें बनेगी तो उसके चलते हुए क्षेत्र का विकास और अधिक बेहतर तरीके से हो सकता।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 23 Mar 2025 18:00:09 +0530</pubDate>
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                <title>सरकारें बदलती रही पर अब भी विकास को तरस रहा इन्द्रगढ़ </title>
                                    <description><![CDATA[इंद्रगढ़ कस्बे केविकास को लेकर एक बार पूर्व में केशोरायपाटन क्षेत्र से जितने भी विधायक चुनकर आए हैं उनमें अधिकतर ने इन्द्रगढ़ क्षेत्र के लिए कभी कुछ नहीं किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/governments-kept-changing-but-indragarh-is-still-longing-for-development/article-66126"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-01/mmd-(4)3.png" alt=""></a><br /><p>इन्द्रगढ़। विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद भारतीय जनता पार्टी की सरकार भले ही बन गई हो लेकिन केशोरायपाटन विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस के सीएल प्रेमी एमएलए बने है। ऐसे में क्षेत्रवासी इंद्रगढ़ कस्बे के विकास को लेकर इंतजार कर रहे है। कस्बे की जनता द्वारा समय-समय पर कस्बे में पंचायत समिति,सरकारी कॉलेज,उपखंड कार्यालय खोलने एवं स्थाई बस स्टैंड की दरकार लंबे समय से की जा रही है। लगभग 20 हजार की आबादी वाला यह कस्बा हमेशा विकास के लिए तरसता रहा है। लेकिन किसी जनप्रतिनिधि ने इस कस्बे के विकास की ओर ध्यान नहीं दिया। भाजपा और कांग्रेस की सरकार बनने के बाद आज तक उन समस्याओं की ओर किसी ने ध्यान नहीं दिया। इंद्रगढ़ कस्बे केविकास को लेकर एक बार पूर्व में केशोरायपाटन क्षेत्र से जितने भी विधायक चुनकर आए हैं उनमें अधिकतर ने इन्द्रगढ़ क्षेत्र के लिए कभी कुछ नहीं किया।</p>
<p><strong>लाखेरी में संचालित हो रहा इन्द्रगढ़ का उपखंड कार्यालय</strong><br />2001 में कस्बे में राज्य सरकार द्वारा उपखंड कार्यालय खोला गया था। जिसके उद्घाटन के कार्ड बांटे जा चुके थे लेकिन तत्कालीन विधायक रामगोपाल बैरवा द्वारा उक्त उपखंड कार्यालय को उद्घाटन के 1 दिन पहले लाखेरी में स्थानांतरित करवा वहां खुलवा दिया गया। उक्त कार्यालय लाखेरी कस्बे में उपखण्ड कार्यालय इन्द्रगढ़ के नाम से संचालित हो रहा है। यदि यह कार्यालय वापस इन्द्रगढ़ में खोल दिया जाए तो कस्बे में विकास की लहर लौट सकती है।</p>
<p><strong>पंचायत समिति का सपना भी पूरा नहीं हो सका</strong><br />कस्बे में पिछले 20 सालों से स्थानीय लोगों ने लगातार पंचायत समिति कार्यालय खोले जाने की मांग की जा रही है। लेकिन राजनीति में स्थानीय नेताओं की कमी के चलते आज तक भी उक्त कार्यालय यहां नहीं खोला जा सका है। जब भी कस्बे में पंचायत समिति खोले जाने की मांग की जाती है तो जनप्रतिनिधि उसे आश्वासन देकर टाल देते हैं। जबकि तहसील स्तर पर पंचायत समिति एवं उपखंड कार्यालय खोले जा सकते हैं लेकिन राजनीति में स्थानीय नेताओं के प्रभुत्व की कमी के चलते यह मांग आज भी अधूरी है।</p>
<p><strong>सरकारी कॉलेज खुले तो शिक्षा के क्षेत्र में हो विकास</strong><br />कुछ वर्षों पूर्व राज्य सरकार द्वारा तहसील स्तर पर सरकारी कॉलेज खोले जाने की घोषणा की गई थी। तब से कस्बे में लगातार सरकारी कॉलेज खोलने की मांग स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं जनता द्वारा लगातार की जा रही है। लेकिन जनप्रतिनिधियों एवं क्षेत्रीय विधायकों की अनदेखी के चलते इस क्षेत्र में सरकारी कॉलेज नहीं खुल पाया है। यहां पर क्षेत्रीय विधायक से लेकर लोकसभा अध्यक्ष एवं क्षेत्रीय सांसद ओम बिरला तक से सरकारी कॉलेज खोलने की मांग कई सालों से की जा रही है लेकिन इस और ध्यान नहीं दिए जाने से यह मांग आज भी अधूरी है। कस्बे में यदि सरकारी कॉलेज खोल दिया जाए तो आसपास के विद्यार्थियों को कोटा-बूंदी जाकर उच्च शिक्षा ग्रहण करने की मजबूरी से निजात मिल सकती है। वही जो अभिभावक छात्राओं को घर से बाहर पढ़ने नहीं भेजते उन छात्राओं को भी उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिल सकता है।</p>
<p><strong>11 किमी के चक्कर लगाने को मजबूर</strong><br />तहसील कार्यालय इन्द्रगढ़ में होने और उपखण्ड कार्यालय लाखेरी में संचालित होने से ई-मित्र संचालकों एवं विद्यार्थियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कभी कभी तो 15 दिनों तक चक्कर काटने के बाद भी विद्यार्थियों को जाति व मूल निवास प्रमाण पत्र नहीं मिल पाते हैं। ज्यादा परेशानी उन लोगों को होती है जिन्हे किसी सरकारी नौकरी में आवेदन करने या सरकारी सेवा में चयन होने के बाद इन दस्तावेजों के लिए चक्कर काटने पड़ते है। कई लोगों के प्रमाण के अभाव में प्रतियोगी परीक्षाओं व नौकरी से हाथ धोना पड़ा है। असल में प्रमाण पत्र जारी करने में पहले तहसीलदार और फिर उपखण्ड अधिकारी से सत्यापन होता है लेकिन उपखण्ड कार्यालय लाखेरी में संचालित होने से कभी तहसील से सत्यापित प्रमाण पत्र भी पुन: स्थापन के लिए लौटा दिये जाते है। जिससे स्टूडेंट को भारी परेशान होना पड़ता है।</p>
<p>सरकारी कॉलेज खोलने जाने से आसपास के 30 किमी के विद्याथियों को इसका लाभ मिलेगा। विद्यार्थियों को अपनी उच्च शिक्षा पूर्ण करने में जहां आसानी होगी वहीं पंचायत समिति कार्यालय खोले जाने से कस्बे के विकास को नए पंख लग सकते है। उपखंड कार्यालय इंद्रगढ़ में स्थानांतरित किया जाना चाहिए जिससे आमजन को सुविधा मिल सके। <br /><strong>- सन्मति जैन, शिक्षक इंद्रगढ़</strong> </p>
<p>इंद्रगढ़ के नाम से उपखंड कार्यालय लाखेरी में संचालित किया जा रहा है।  जिससे आमजन को जरूरी कार्य करवाने के लिए 11 किमी दूर लाखेरी जाना पड़ता है। कस्बे में पंचायत समिति और सरकारी कॉलेज खोला जाना चाहिए। जिससे कस्बे के विकास की गति मिलेगी। <br /><strong>- निखिल सोनी, पंचायत समिति सदस्य</strong></p>
<p>कस्बे में सरकारी कॉलेज सबसे बड़ी आवश्यकता है। कॉलेज खुलने से छात्राओं को शिक्षण के लिए घर छोड़कर नहीं जाना पड़ेगा जिससे गरीब छात्राएं भी शिक्षा ग्रहण कर सकेगी।<br /><strong>- सरोज जैन, वार्ड पार्षद नगर पालिका इन्द्रगढ़।</strong></p>
<p>कस्बे में पंचायत समिति कार्यालय खोला जाना चाहिए। जिससे आसपास की ग्रामीण क्षेत्र में विकास को गति मिलेगी। पूर्व में स्थानांतरित किया गया उपखण्ड कार्यालय शहर में खोले जाने से क्षेत्र वासियों को इसका लाभ मिलेगा। नगर का विकास होगा एवं रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।<br /><strong>- नरेंद्र जैन, वार्ड पार्षद नगर पालिका इन्द्रगढ़।</strong></p>
<p>उपखण्ड कार्यालय लाखेरी में संचालित होने से स्टूडेंट व परीक्षार्थियों को परेशान होना पड़ता है। उपखंड कार्यालय इंद्रगढ़ में खुल जाए तो लोगो को कई कार्यों में सुगमता होगी।<br /><strong>- दीपक कुमार जैन, ई मित्र संचालक इन्द्रगढ़।</strong></p>
<p>इंद्रगढ़ क्षेत्र में जो भी समस्याएं है। उनको दूर करने का प्रयास किए जाएंगे।सरकारी महाविद्यालय एवं पंचायत समिति कार्यालय खोलने की मांग राज्य सरकार के सामने रखी जा रही है। क्षेत्र में बेरोजगारी बहुत बड़ी समस्या है। इसे दूर करने के प्रयास किए जाएंगे। विकास के लिए जो भी संभव होगा।  इसके पूरे प्रयास किए जाएंगे। <br /><strong>- सीएल प्रेमी, केशवरायपाटन विधायक </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Jan 2024 16:48:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बीजेपी की राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक: परिवारवाद पर पीएम मोदी का निशाना, कहा, 'सरकारों पर जनता का भरोसा 2014 के बाद कायम हुआ, भाजपाइयों को थकने का हक नहीं है, अगले 25 साल का लक्ष्य तय करें'</title>
                                    <description><![CDATA[केंद्र सरकार के 8 साल पूरे, घर - घर जाए, हर नागरिक को भाजपा में अपना प्रतिबिम्ब दिखना चाहिए: मोदी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-news--bjp-s-national-office-bearers-meeting--people-s-trust-in-governments-has-been-established-after-2014--bjp-has-no-right-to-be-tired--set-a-target-for-the-next-25-years--modi/article-10083"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/modi4.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान में 2023 में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले सियासी दंगल में राजनीतिक पार्टियों ने अपनी ताकत दिखाना शुरू कर दिया है।  कांग्रेस के चिंतन शिविर के बाद अब बीजेपी राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक के माध्यम से पार्टी कार्यकर्ता से लेकर राजस्थान की जनता को साधने में जुटी है।  </p>
<p>भारतीय जनता पार्टी की जयपुर में शुक्रवार को शुरू हुई राष्ट्रीय पदाधिकारी की बैठक के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि देश में 2014 से पहले जनता की वही स्थिति थी, जैसी किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित व्यक्ति की हुआ करती थी। वह बीमारी को अपनी नियति मान लेता था। लेकिन 2014 में भाजपा की सरकार आने के बाद जनता का सरकारों पर भरोसा बढ़ा है और अपनी आकांक्षाओं और उम्मीदों को पूरा करने का विश्वास आया है। उन्होंने कहा कि भाजपा की वर्तमान में 18 प्रदेशों में सरकार है। 400 से ज्यादा सांसद और 13 सौ से ज्यादा विधायक है लेकिन हमें रुकना नहीं है थमना नहीं है। भाजपा के कार्यकर्ताओं को उन सभी सपनों को पूरा करना है जो हमारे पूर्व नेताओं ने देखा था। भाजपा को अगले 25 सालों का लक्ष्य तय करना है। इसके अनुरूप ही आगे काम करना है। देश की जनता को भाजपा से बड़ी उम्मीदें हैं। इसलिए हमें काम करना अनिवार्य हो जाता है।</p>
<p><span style="background-color:#ffcc99;color:#ff6600;"><strong> भाजपा की केंद्र सरकार को 8 साल पूरे</strong> </span></p>
<p>उन्होंने कहा कि भाजपा की केंद्र सरकार को 8 साल पूरे होने वाले हैं। इस तरह के चुनाव में भाजपा बूथ स्तर पर घर-घर जाती है । उसी तरह से भाजपाइयों को घर-घर जाकर केंद्र सरकार की योजनाओं और कामों को हर नागरिक तक पहुंचाना है। हर नागरिक को उसका फायदा देना है। हमारा लक्ष्य है कि केंद्र की योजनाओं के लाभार्थी शत प्रतिशत हो हर व्यक्ति को उसका लाभ मिले। उन्होंने कांग्रेस का नाम लिए बगैर कहा कि देश में भाजपाई है। जिसने राजनीति को विकासमुखी बनाया है। देश को समाज में जहर घोलने वाली ,तनाव पैदा करने वाली, जनता को भटकाने वाली, पार्टियों को भी विकास की राजनीति करने पर मजबूर कर दिया है। हमें इनका आगे भी मुकाबला करना है। ताकि देश में विकास की राजनीति हो। देश में वंशवाद और परिवारवाद की राजनीति ने भयंकर नुकसान पहुंचाया है। परिवारबाद की पार्टियां परिवार से शुरू होती है और उनके सभी लक्ष्य परिवार तक ही सीमित रहते हैं। लेकिन भाजपा को देश को इस राजनीति से मुक्त करवाना है।</p>
<p><strong> विकास की राजनीति पर जोर</strong></p>
<p>जिन लोगों ने कभी राजनीति करने की सोची भी नहीं है, उन लोगों को राजनीति में आगे लाना है। भाजपा के देश में रिकॉर्ड सदस्य हैं, लेकिन हमें हर नागरिक तक पहुंचना है। देश को जातिवाद, क्षेत्रवाद, भेदभाव, भाई-भतीजावाद, तुष्टिकरण के बाहर निकालना है। समाज को तोड़कर राजनीति करने वालों को विकास की राजनीति पर ही लाने पर मजबूर करना है । उन्होंने कहा कि भाजपा के नेताओं को अपनी पुरानी नीतियों सोचों को लगातार बरकरार रखना है और उन पर ही आगे बढ़ना है ।  जब भाजपा को कोई नहीं जानता था तब भी हमारे नेता पार्टी की नीतियों पर टिके रहे ।</p>
<p><strong>देश की राजनीति में कोई शॉर्टकट नहीं अपनाना</strong></p>
<p>राष्ट्रबाद, राष्ट्र हित और राष्ट्र निर्माण का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ते रहे।  तब भी इस तरह के लोग भाजपा को चुनौती नहीं दे पाते थे। हमें देश की राजनीति में कोई शॉर्टकट नहीं अपनाना है। वंशवाद की राजनीति करने वाले, समाज मे जहर घोलने वाले, भाषावाद से लोगों को भटकाने वाले लोगों से सतर्क रहना है। उनके जाल में भाजपाइयों को नहीं फसना है। देश में ज्यादा से ज्यादा लोगों को भाजपा से जोड़ना है। हमें रुकना नहीं है। हर वोटर और नागरिक भाजपा को अपना माने और भाजपा में अपना प्रतिबिंब देखें । हर व्यक्ति को भाजपा में अपना सपना नजर आए इस लक्ष्य के साथ आगे बढ़ना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 May 2022 12:05:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नियुक्तियों को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री ने छेड़ी नई बहस:  सरकारें जानबूझकर युवाओं को परेशान करने के लिए नियुक्तियां घर से दूर देती थी</title>
                                    <description><![CDATA[। उन्होंने हालांकि इसी के साथ युवाओं से अनुरोध किया कि घर से दूर हों तब भी वह हिचकिचाएं नहीं क्योंकि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, अभिनेता अमिताभ बच्चन और शाहरुख खान जैसे फिल्मी सितारों को भी अपने सपने पूरे करने के लिए घर से दूर जाना पड़ा था। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/punjab-chief-minister-started-a-new-debate-regarding-appointments--governments-deliberately-used-to-give-appointments-away-from-home-to-harass-the-youth/article-9575"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/bhagwant-mann.jpg2---copy.jpg" alt=""></a><br /><p>चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बुधवार को 25 हजार भर्तियों की प्रक्रिया के तहत दो हजार से अधिक नियुक्ति पत्र सौंपे और युवाओं से धैर्य बनाये रखने का आह्वान करते हुए दावा किया कि सरकार गंभीरता से कार्य कर रही है कि भर्ती प्रक्रिया कानूनी पेचीदगियों में न फंसे।</p>
<p>मान ने दावा किया कि पिछली सरकारें जानबूझकर युवाओं को परेशान करने के लिए नियुक्तियां घर से दूर देती थीं लेकिन उन्होंने अधिकारियों से अनुरोध किया है कि घरों के नजदीक नियुक्तियां दी जाएं। उन्होंने हालांकि इसी के साथ युवाओं से अनुरोध किया कि घर से दूर हों तब भी वह हिचकिचाएं नहीं क्योंकि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, अभिनेता अमिताभ बच्चन और शाहरुख खान जैसे फिल्मी सितारों को भी अपने सपने पूरे करने के लिए घर से दूर जाना पड़ा था। आज की नियुक्तियां जल विभाग, स्वास्थ्य विभाग में थीं। <br /><br />उन्होंने म्युनिसिपल भवन में 2373 नियुक्ति पत्र सौंपते हुए कहा कि विरोध कर रहे युवाओं को थोड़ा धैर्य रखना चाहिए और सरकार को इतना समय देना चाहिए कि सरकार भर्तियों के लिए आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर सकें क्योंकि जल्दबाजी में उठाया कोई कदम उल्टा पड़ सकता है यदि किसी ने इसे अदालत में चुनौती दे दी तो। उन्होंने दावा किया कि पिछली  सरकारें जो काम अपने पूरे कार्यकाल में नहीं कर पाईं थीं, वे उन्होंने पहले दो महीने में किये हैं। <br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 May 2022 19:15:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जिन राज्यों में भाजपा की सरकारें हैं वहां रामनवमी पर दंगे भड़के: गहलोत</title>
                                    <description><![CDATA[गहलोत ने बीजेपी पर साधा निशाना]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-news--riots-broke-out-on-ram-navami-in-the-states-where-there-are-bjp-governments--in-rajasthan--all-the-communities-together-celebrated-the-festival-of-ram-navami--gehlot-targeted-bjp/article-7859"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/ashok02.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन राज्यों में भाजपा की सरकारें हैं वहां रामनवमी पर दंगे भड़के। राजस्थान में सभी समुदायों ने साथ मिलकर रामनवमी का त्यौहार मनाया एवं रामनवमी के जुलूसों का हिन्दू, मुस्लिम, सिख समेत तमाम धर्मों, वर्गों के लोगों ने स्वागत किया। भाजपा को राजस्थान के लोगों की एकता एवं सौहार्दपूर्ण माहौल से ही परेशानी है। ये अफसोस कर रहे हैं कि प्रदेश में रामनवमी का त्यौहार शांतिपूर्ण ढंग से कैसे मन गया।</p>
<p><br />भाजपा के नेतागण लगातार प्रयास कर रहे हैं कि कैसे प्रदेश में सांप्रदायिक माहौल बनाया जाए। इसलिए कभी ये करौली में जाकर भ्रामक बातें करते हैं तो कभी राज्यपाल महोदय को ज्ञापन सौंपते हैं जिससे तनाव बना रहे। परन्तु प्रदेश सरकार ने प्रशासन को चाक चौबंद रहने के निर्देश दिए हैं जिससे कोई भी अप्रिय घटना ना हो सके। कोई भी व्यक्ति यदि राजस्थान की शांति व्यवस्था को भंग करने का प्रयास करेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी चाहे वो किसी भी पार्टी या वर्ग से संबंध रखता हो।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 Apr 2022 16:34:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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                <title>कंधे से कंधा मिलाकर चलना, एकतरफा संभव नहीं: धनखड़ / विधायकों पर विधि निर्माण की भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी: गहलोत</title>
                                    <description><![CDATA[कहीं नहीं लिखा-मुख्यमंत्री होता है कैबिनेट का फेस:धनखड़]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/walking-shoulder-to-shoulder--one-sided-not-possible--dhankhar--legislators-also-have-important-responsibility-for-law-making--gehlot--governor-is-the-softest-target-in-governments-other-than-the-center/article-6753"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/untitled-dgesign.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। पश्चिमी बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने एक बार फिर वहां की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधा है। राजस्थान विधानसभा में शुक्रवार को सेमिनार में धनखड़ ने कहा कि कंधे से कंधा मिलाकर चलना, एक तरफ से ही संभव नहीं है। उन्होंने साफ कहा कि राज्यपाल और मुख्यमंत्री सार्वजनिक रूप से कैसे लड़ सकते हैं। मैंने हमेशा प्रयास किया और आगे भी करूंगा कि कंधे से कंधा लगाकर सरकार का सहयोग करूं, लेकिन एक हाथ से यह सहयोग कतई संभव नहीं है। यह हालत मैं देख रहा हूं, जो चिंता का विषय है। यदि मुख्यमंत्री और राज्यपाल के बीच संवाद नहीं रहेगा तो हम डेमोक्रेसी से भटक जाएंगे। राज्यपाल को पिछले ढाई साल में बार-बार मांगने के बावजूद कोई जानकारी उपलब्ध नहीं करवाई गई। मेरे खिलाफ  एक नरेटिव बनाया जाता है कि मैं टकराव पैदा कर रहा हूं। विधानसभा का सत्र नहीं बुलाना चाहता, इससे राज्य में संवैधानिक संकट खड़ा हो जाएगा। <br /><br /><strong>कहीं नहीं लिखा-मुख्यमंत्री होता है कैबिनेट का फेस</strong><br />उन्होंने कहा बंगाल में विधानसभा सत्र बुलाने के लिए मुझे वहां के गृह सचिव और मुख्य सचिव पत्र लिखकर कह रहे हैं। मैंने जब उनसे पूछा कि इसका संवैधानिक आधार क्या है तो वे चुप हो गए। बाद में मुख्यमंत्री ने अनुरोध भेजा तो मैंने समझाया कि कैबिनेट से प्रस्ताव आना चाहिए तो वह बोली मैं कैबिनेट का फेस हूं। मैंने कहा कि संविधान में कहीं भी ये नहीं लिखा कि मुख्यमंत्री कैबिनेट का फेस है। आखिर में उन्होंने कैबिनेट से प्रस्ताव बनाकर भेज तो दिया, लेकिन उसमें विधानसभा सत्र रात दो बजे बुलाने का जिक्र किया। जब मैंने कैबिनेट से प्रस्ताव पास कर दिया तो उसमें रात दो बजे सदन बुलाने का प्रस्ताव था, जिसे मैंने स्वीकार भी कर लिया। अब रात में सदन बुलाने का मामला पूरे दिन ट्विटर पर चलता रहा। धनखड़ ने कहा कि जिन राज्य सरकारों की पार्टी की सरकार केन्द्र में नहीं होती, उनके लिए राज्यपाल सबसे सॉफ्ट टारगेट होता है। <br /><br /><strong>जनप्रतिनिधि के रूप में अपने दायित्वों के निर्वहन के साथ ही विधि निर्माण की भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी</strong><br />मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि लोकतंत्र में सांसद और विधायकों पर एक जनप्रतिनिधि के रूप में अपने दायित्वों के निर्वहन के साथ ही विधि निर्माण की भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। गहलोत विधान सभा में शुक्रवार को राष्ट्रमण्डल संसदीय संघ की राजस्थान शाखा के तत्वावधान में आयोजित सेमिनार संसदीय लोकतंत्र के उन्नयन में राज्यपाल एवं विधायकों की भूमिकाा् को संबोधित कर रहे थे। गहलोत ने कहा कि राजस्थान में पक्ष एवं प्रतिपक्ष के बीच सौहार्द्रपूर्ण संबंध रहे हैं। इससे विधानसभा में विधायी कार्यों के संपादन एवं जनहित से जुड़े विषयों पर निर्णय लेने में आसानी होती है। मुख्यमंत्री ने संसदीय लोकतंत्र के प्रति जागरूकता बढ़ाने में राष्ट्रमण्डल संसदीय संघ की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि जब से डॉ. सीपी जोशी विधानसभा अध्यक्ष बने हैं तब से उन्होंने नए आयाम दिए हैं। इस अवसर पर डॉ. सीपी जोशी ने कहा कि राष्ट्रमण्डल संसदीय संघ ने संसदीय परंपराओं को समझाने की एक श्रृंखला बनाई है। इस क्रम में संघ ने गणमान्यजन को आंमत्रित कर कई सेमिनारों का आयोजन किया है।<br /><br /><strong>राज्यपाल की होती है दो तरह की भूमिका</strong><br />उन्होंने कहा कि डॉ. बी. आर अंबेडकर ने कहा था कि कानून कुछ भी बना लो, व्यक्ति जो उस जगह पर बैठा, उसकी भूमिका भी होती है। राज्यपाल की दो तरह की भूमिका होती है एक्टिव और पेसिव। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ एक्टिव भूमिका को इस संसदीय लोकतंत्र के सामने रख रहे हैं। संविधान में राज्यपाल की भूमिका को लोकतंत्र के समक्ष समझाना है कि राज्यपाल लोकतंत्र को किस प्रकार मजबूत कर सकता है। प्रतिपक्ष के नेता गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि सर्वश्रेष्ठ विधायकों का चयन उनकी योग्यता को देखते हुए किया गया है। उन्होंने कहा कि जनता के निर्णय के आधार पर इस देश के लोकतंत्र को मजबूत करना सदन के सभी सदस्यों का कर्तव्य है।<br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 26 Mar 2022 11:58:13 +0530</pubDate>
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                <title>अंग्रेजों ने 114 साल पहले बनाया था किसानों की जमीन कुर्क और नीलाम करने का कानून</title>
                                    <description><![CDATA[14 सरकारें, 11 सीएम आए, किसी ने भी नहीं ली कर्जदार किसानों की सुध, अब सरकार ने भेजा तो मामला राजभवन और केंद्र में अटका]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%85%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%9C%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%A8%E0%A5%87-114-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%B2-%E0%A4%AA%E0%A4%B9%E0%A4%B2%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%A5%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%9C%E0%A4%AE%E0%A5%80%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%95-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%A8%E0%A5%80%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%AE-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%82%E0%A4%A8/article-4113"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-01/17.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। किसानों की ऋणशुदा जमीन को कुर्क या नीलाम करने के जिस कानून को लेकर प्रदेश में एक सप्ताह से बवाल मचा हुआ है, वह 114 साल पहले 1908 में बना था। इस कानून को अंग्रेज सरकार ने बनाया था। हालांकि इस कानून में संशोधन के लिए राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार पिछले साल अक्टूबर महीने में नया बिल लेकर आई थी, लेकिन वह केन्द्र और राज्य सरकार के बीच कृषि कानूनों को लेकर उपजे विवाद में फंस कर रह गया। अगर कोई भी बैंकों से अपनी अचल संपत्ति गिरवी रखकर ऋण लेता है, और बार-बार आग्रह पर भी किस्तें जमा नहीं होती तो उसे कुर्क अथवा नीलाम करने का कानून सन् 1908 में बनाया गया था। उसका नाम सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 है, और केन्द्रीय अधिनियम संख्या पांच की धारा 60 में इस तरह का प्रावधान किया गया था। इस कानून में प्रावधान है कि ऐसी संपत्ति जो डिक्री के निष्पादन में कुर्क और विक्रय की जा सकेगी। इस संपत्ति में किसानों की जमीन, अन्य भूमि, गृह, अन्य निर्माण, माल, धन, बैंक नोट, चैक, विनिमय पत्र, हुण्डी, वचन पत्र, सरकारी प्रतिभूतियां और धन के लिए वैध पत्र शामिल है।<br /><br /><strong>कानून में ये किए संशोधन</strong><br />राजस्थान सरकार ने इस 113 साल पुराने कानून में संशोधन के लिए 31 अक्टूबर 2020 को विधानसभा में एक बिल पेश किया। इसका नाम सिविल प्रक्रिया संहिता (राजस्थान संशोधन) विधेयक 2020 है, जो सदन में चर्चा के बाद इसे दो नवम्बर को ही पारित कर राज्यपाल के पास भेजा गया। इस संशोधन विधेयक में प्रावधान किया गया था कि किसानों की ऋणशुदा जमीनों को न तो कुर्क किया जा सकेगा और विक्रय किया जा सकेगा। इस नए कानून में किसानों की जमीन, शिल्पी औजार और किसान के दूध देने वाले ऐसे ढोर (जिनके दो साल में ब्याना संभाव्य है) खेती के उपकरण, जो किसान को समर्थ बनाने के लिए आवश्यक है, को शामिल किया गया था।<br /><br /><strong>अब इस कानून का कोई औचित्य नहीं</strong><br />राजभवन के सूत्रों के अनुसार जब केन्द्र सरकार ने नए कृषि कानून बनाए थे, तब राजस्थान सरकार ने भी अपने चार अलग कानून बनाए थे। इनमें सिविल प्रक्रिया संहिता (राजस्थान संशोधन) विधेयक 2020 के साथ ही आवश्यक वस्तु (विशेष उपबंध और राजस्थान संशोधन) विधेयक-2020, कृषक (सशक्तिकरण और संरक्षण)कीमत आश्वासन और कृषि सेवा करार (राजस्थान संशोधन) विधेयक-2020 और कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण)(राजस्थान संशोधन) विधेयक-2020 शामिल है। अब जब केन्द्र सरकार ने अपने तीनों कानून वापस ले लिए, तो इन कानूनों का भी कोई औचित्य नहीं रह जाता। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 22 Jan 2022 15:12:17 +0530</pubDate>
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                <title>बचाव है जरूरी</title>
                                    <description><![CDATA[लगता है कोरोना की पहली और दूसरी लहर की त्रासदी से भारत की बड़ी आबादी सरकारों व राजनीतिक दलों ने कोई सबक नहीं लिया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/%E0%A4%AC%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B5-%E0%A4%B9%E0%A5%88-%E0%A4%9C%E0%A4%B0%E0%A5%82%E0%A4%B0%E0%A5%80/article-3258"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/corona3.jpg" alt=""></a><br /><p>लगता है कोरोना की पहली और दूसरी लहर की त्रासदी से भारत की बड़ी आबादी सरकारों व राजनीतिक दलों ने कोई सबक नहीं लिया है। जब से कोरोना के नए रूप ओमिक्रॉन का मामला सामने आया था, तभी हमारे कई विशेषज्ञों व विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेतावनी दे दी थी कि अगर समय रहते पर्याप्त इंतजाम नहीं किए और इस पर नियंत्रण नहीं रखा गया तो यह खतरनाक रूप धारण कर सकता है। ओमिक्रॉन की जानकारी सामने आने के बाद भी देश की बड़ी आबादी सावधानी बरतना जरूरी नहीं समझ रही है। ऐसा होने से अब ओमिक्रॉन ने देश के विभिन्न भागों में अपने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। शुरू में कर्नाटक सहित कुछ राज्यों में ओमिक्रॉन की मौजूदगी की जानकारी मिली थी लेकिन अब यह कई राज्यों में फैल गया है। अब तक इसके संक्रमितों की संख्या 39 तक के आंकड़े को पार कर गई है। कोरोना वायरस का हर रूप धीरे-धीरे ही पांव पसारत हुआ व्यापक रूप धारण कर लेता है, ऐसा हमारा पिछला अनुभव भी बताता है। ओमिक्रॉन के खतरे के संदर्भ में केन्द्र सरकार ने राज्य सरकारों व नागरिकों को चेताया है कि मास्क के उपयोग को अनिवार्य बनाएं। जिनके दोनों टीके लग चुके हैं उन्हें भी मास्क लगाने की सख्त जरूरत है, क्योंकि ओमिक्रॉन से बचाव के लिए टीका नाकाफी साबित होता देखा जा रहा है। केन्द्र की चेतावनी उचित है लेकिन पर्याप्त नहीं है। कई राज्यों विशेषकर उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में अगले साल फरवरी में विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनाव प्रचार के दौरान होने वाली भीड़ में राजनीतिक रैलियों से संक्रमण का खतरा ज्यादा बढ़ने की संभावना है। ऐसा पहले हो चुका है। केन्द्र, राज्य सरकारों व विशेषकर चुनाव आयोग को इसके लिए विशेष निर्देश व पाबंदियां लगा देने की सख्त जरूरत है। जो लोग मास्क नहीं लगाते हैं उनके खिलाफ भी सख्ती बरतने की जरूरत है। हमारे देश में 80 प्रतिशत लोग मास्क की उपेक्षा करते देखे जा रहे हैं जबकि जापान व दक्षिण कोरिया में 92 प्रतिशत लोग मास्क का उपयोग कर संक्रमण के फैलाव से अपने देशों को बचा रहे हैं। ओमिक्रॉन को हल्के में कहना खतरनाक है। इसे समय रहते नियंत्रण में रखना देश व समाज के हित में है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Dec 2021 14:12:02 +0530</pubDate>
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