<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/three-day-heritage-exhibition-concluded-in-jkk/tag-57669" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>three day heritage exhibition concluded in jkk - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/57669/rss</link>
                <description>three day heritage exhibition concluded in jkk RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>जेकेके में तीन दिवसीय धरोहर प्रदर्शनी सम्पन्न : कला प्रेमियों ने देखी विरासत, वन्य जीवन और प्रकृति की अनूठी झलक</title>
                                    <description><![CDATA[प्रदर्शनी में राजस्थान के ऐतिहासिक स्मारकों और महलों, विशेषकर जयपुर व सवाई माधोपुर की भव्यता को जीवंत करने वाले चित्रों ने दर्शकों को विरासत के महत्व का अहसास कराया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/three-day-heritage-exhibition-concluded-in-jkk/article-124008"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-08/1ne1ws-(1)49.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जवाहर कला केंद्र की सुरेख आर्ट गैलरी में सोमवार को सम्पन्न हुई तीन दिवसीय धरोहर प्रदर्शनी कला प्रेमियों के लिए किसी उत्सव से कम नहीं रही। इस प्रदर्शनी में प्रसिद्ध कलाकार प्रतिभा गोयल की बनाई गई 51 अद्भुत पेंटिंग्स को प्रदर्शित किया गया, जिन्हें उन्होंने पिछले तीन वर्षो में सृजित किया है। गोयल की कलाकृतियों में राजस्थान की विरासत, वन्य जीवन और प्रकृति की झलक सहज ही दिखाई दी। कला प्रेमियों ने रणथंभौर किला और सीता-राम की भव्य पेंटिंग की जमकर प्रशंसा की। इन कृतियों में परंपरा और आस्था का गहरा भाव झलकता है। कलाकार ने बताया कि उनकी कृतियों में विरासत वास्तुकला की कालातीत सुंदरता, रणथंभौर के वन्य जीवन का यथार्थ और प्राकृतिक परिदृश्यों का सौंदर्य कैनवास पर सजीव रूप में उतरा है।</p>
<p><strong>श्रीराम और सीताजी की भी पेंटिंग</strong><br />प्रदर्शनी में राजस्थान के ऐतिहासिक स्मारकों और महलों, विशेषकर जयपुर व सवाई माधोपुर की भव्यता को जीवंत करने वाले चित्रों ने दर्शकों को विरासत के महत्व का अहसास कराया। वहीं बाघ, हिरण और वन परिदृश्यों की पेंटिंग्स ने न केवल प्रकृति की अनकही कविता को उजागर किया बल्कि विरासत और प्रकृतिक आवास के बीच सह-अस्तित्व की गहरी भावना को भी सामने रखा। श्रीराम और सीताजी की एक पेंटिंग में करुणा, अनुग्रह और शाश्वत प्रेम का मनोहारी चित्रण रहा, जिसने आगंतुकों को लंबे समय तक प्रभावित किया। इस अवसर पर उपस्थित कला प्रेमियों ने कहा कि यह प्रदर्शनी न केवल दृश्य आनंद प्रदान करती है, बल्कि प्रकृति, संस्कृति और अध्यात्म से जुड़ाव का एहसास भी कराती है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/three-day-heritage-exhibition-concluded-in-jkk/article-124008</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/three-day-heritage-exhibition-concluded-in-jkk/article-124008</guid>
                <pubDate>Tue, 19 Aug 2025 11:00:18 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-08/1ne1ws-%281%2949.png"                         length="488050"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        