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                <title>आधी सड़क पर अतिक्रमण, कैसे निकले आमजन</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर। गुलाबी नगर को मेट्रो शहरों में गिना जाता है, लेकिन हालात तो कुछ ओर ही बयां करते हैं। स्टेशन रोड पर सिंधीकैम्प के सामने और आसपास निजी बस संचालक सड़क पर काउंटर तथा छतरियां लगाकर टिकट बेचते हैं। आधी सड़क पर कतारबद्ध निजी बसों को जमावड़ा रहता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/encroachment-on-half-the-road-how-the-common-people-came/article-13079"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/atikraman.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। गुलाबी नगर को मेट्रो शहरों में गिना जाता है, लेकिन हालात तो कुछ ओर ही बयां करते हैं। स्टेशन रोड पर सिंधीकैम्प के सामने और आसपास निजी बस संचालक सड़क पर काउंटर तथा छतरियां लगाकर टिकट बेचते हैं। आधी सड़क पर कतारबद्ध निजी बसों को जमावड़ा रहता है। बसों में लोडिंग के लिए सामान और होटलों के होर्डिंग सड़क पर रखते हैं। वहीं खाने-पीने के सामान के ठेले भी यहां सड़क किनारे ही लगते हैं। यहां हमेशा जाम के हालात बने रहते हैं। इससे यात्री और आमजन को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। जिम्मेदार प्रशासन इन पर कार्रवाई के नाम पर कुछ दिन सख्त होता है बाद में हालात जस के तस हो जाते हैं। सिंधीकैंप बस स्टैंड के सामने सड़कों पर अवैध तरीके से टिकट काउंटर और बस लगाकर अतिक्रमण कर रखा है। इसके चलते आमजन को आवाजाही में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। सिंधीकैंप बस स्टैंड के बाहर की सड़क को तत्कालीन जिला कलेक्टर राजेश्वर सिंह ने 2006 में नो पार्किंग जोन घोषित किया था। इसके बावजूद भी यहां दिनभर अवैध तरीके से निजी बसों का जमावड़ा रहता है। वहीं आधी सड़क पर टिकट काउंटर लगे हुए हैं, इनकी वजह से यहां जाम लगता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Jun 2022 12:37:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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                <title>निगम में नहीं बनी समितियां, आमजन के काम हो रहे प्रभावित</title>
                                    <description><![CDATA[नगर निगम कोटा में बोर्ड को बने हुए करीब डेढ़ साल का समये हो गया है। लेकिन अभी तक भी निगम में समितियों का गठन नहीं हुआ है। जिससे आमजन के कामों को गति नहीं मिल पा रही है। समितियों का मामला राज्य सरकार के स्तर पर अटका हुआ है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/committees-not-formed-in-the-corporation--the-work-of-the-common-man-is-getting-affected/article-10985"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/nigam-mei-nahi-bani-samitiya-kota.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम कोटा में बोर्ड को बने हुए करीब डेढ़ साल का समये हो गया है। लेकिन अभी तक भी निगम में समितियों का गठन नहीं हुआ है। जिससे आमजन के कामों को गति नहीं मिल पा रही है। समितियों का मामला राज्य सरकार के स्तर पर अटका हुआ है। कोटा में पहले जहां एक ही नगर निगम थी। उस समय कोटा में 65 वार्ड और भाजपा का बोर्ड था। लेकिन राज्य में सत्ता परिवर्तन होते ही कांग्रेस सरकार बनी तो कोटा समेत तीन शहरों में वार्डों का परिसीमन कर दिया गया। कोटा में नगर निगम को कोटा उत्तर व कोटा दक्षिण निगम में बांट दिया गया। साथ ही वार्डों की संख्या भी करीब ढाई गुना अधिक बढ़ाकर 150 कर दी गई। कोटा उत्तर निगम में 70 व कोटा दक्षिण निगम में 80 वार्ड बनाए गए हैं। वार्डों की संख्या अधिक होने से वार्ड पहले से काफी छोटे भी हो गए हैं। नगर निगम के पूर्व के सभी बोर्ड में निगम के कामकाज को सरल करने के लिए समितियों का गठन किया गया था। जिससे उन समितियों के माध्यम से आमजन के कामकाज को समय पर निस्तारण किया जा रहा था। लेकिन कोटा के दोनों निगमों में कांग्रेस के बोर्ड होने व राज्य सरकार भी कांग्रेस की होने के बाद भी निगम में डेढ़ साल बाद तक समितियों का गठन नहीं किया  गया है। वह भी उस स्थिति में जब स्वायत्त शासन मंत्री भी कोटा के ही हैं। कांग्रेस का उदयपुर व कोटा में चिंतन शिविर भी हो चुके हैं। निगम में निर्वाचित पार्षदों के अलावा सहवरित पार्षद भी मनोनीत हो चुके हैं। उसके बाद भी समितियां नहीं बन सकी हैं। <br /><br /><strong>निगम में हैं दो दर्जन समितियां</strong> <br />नगर निगम में कामकाज की दृष्टि से दो दर्जन समितियां बनाई गई हैं। जिनमें कार्यकारी समिति, भवन निर्माण स्वीकृति समिति, सफाई व्यवस्था समिति, वित्तीय समिति, स्वास्थ्य समिति,कच्ची बस्ती सुधार समिति,राजस्व कर वसूली समिति,गैराज वाहन संचालन व्यवसथा समिति, स्वर्ण जयंती रोजगार प्रबंध समिति,गौशाला समिति, अतिक्रमण निरोधक समिति, निर्माण समिति,उद्यान समिति, मेला समिति, सुरक्षा समिति समेत कई अन्य समितियां बनी हुई थी। <br /><br /><strong>दस सदस्यीय समिति मेंं एक अध्यक्ष</strong> <br />नगर निगम में पूर्व में बनी दो दर्जन समितियों में  अधिकतर पार्षदों को शामिल किया गया था। दस सदस्यीय हर समिति में एक अध्यक्ष होता है और शेष सदस्य। सभी समितियों में महापौर व उप महापौर तक को शामिल किया जाता है। महापौर जहां कार्यकारी व भवन निर्माण स्वीकृति समेत अन्य समितियों में अध्यक्ष रहे हैं। वहीं उप महापौर सफाई समिति के अध्यक्ष रहे थे। हालांकि निगम के पिछले बोर्ड में दो सफाई समितियां थी कोटा उत्तर व कोटा दक्षिण के हिसाब से लेकिन उनमें से एक की अध्यक्ष उप महापौर व दूसरे के एक पार्षद अध्यक्ष थे।  <br /><br /><strong>90 दिन तक महापौर को अधिकार, बाद में सरकार के पाले में</strong><br />नगर निगम में समितियों के गठन का अधिकारी बोर्ड  बनने के तीन माह तक तो स्थानीय स्तर पर ही महापौर के अधिकार क्षेत्र में रहता है। लेकिन उससे अधिक समय होने के बाद वह मामला राज्य सरकार के पाले में चला जाता है। कोटा में बोर्ड गठन के तीन माह में दोनों ही निगमों के महापौर समितियों का गठन नहीं कर सके। ऐसे में अब यह मामला राज्य सरकार के पास लम्बित है। <br /><br /><strong>हर दो से तीन माह में बैठकों का प्रावधान</strong><br />नगर निगम की पूर्व गैराज समिति के अध्यक्ष गोपालाम मंडा ने बताया कि निगम में समितियों का गठन आमजन के कामों को गति प्रदान करने के लिए किया गया है। जिस अनुभाग से संबंधित मामला निगम में आता था वह संबंधित समिति के पास पहुंच जाता था। समिति के सदस्य हर दो से तीन माह में बैठक कर उन मामलों का निस्तारण करते थे। उसके बाद अधिकारी उसे आगे बढ़ाते थे। जिससे जनता के काम समय पर हो रहे थे। लेकिन निगम में समितियां नहीं बनने से अधिकतर काम अधिकारियों के पास है। अधिकारियों के पास पहले से ही काफी अधिक काम हैं। निगम के अलावा अन्य बैठकों में भी लगातार जाने के कारण उन्हें समय कम मिल पा रहा है। जिससे भवन निर्माण समेत कई मामलों का समय पर निस्तारण नहीं हो पा रहा है।  <br /><br /><strong>दशहरा मेले का काम मेला समिति के जिम्मे</strong><br />नगर निगम द्वारा हर साल दशहरा मेले का आयोजन किया जाता है। जिसकी पूरी तैयारी निगम की मेला समिति ही करती है। अधिकारियों के साथ बैठक कर उसकी पूरी रूपरेखा तैयार करने से लेकर कलाकारों को बुलाने, कार्यक्रम तय करने, दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया और मेले में आमजन की सुविधा को ध्यान रखते हुए शहर वासियों का सहयोग लेने और मेले को राष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित करने समेत सभी काम समिति सदस्यों द्वारा किए जाते रहे हैं। हांलाकि कोरोना संक्रमण के चलते दो साल से मेले का आयोजन नहीं हो रहा है। सिर्फ रावण दहन की परम्परा का निर्वहन हो रहा है। लेकिन इस बार कोरोना का खतरा अभी तक तो नहीं है। ऐसे में यदि मेला भरता है तो समिति नहीं होने से पूरा आयोजन अधिकारियों के हाथों में होगा। <br /><br /><strong>नेता प्रतिपक्ष भी नहीं बने</strong><br />नगर निगम में कांग्रेस के बोर्ड में जहां अभी तक समितियों का गठन नहीं हो सका है। वहीं दोनों निगमों में विपक्ष की भूमिका में भाजपा भी अपने नेता प्रतिपक्ष का चयन नहीं कर सके हैं। दोनों नगर निगमों में बिना नेता प्रतिपक्ष के ही अभी तक बोर्ड की बैठकें हुई हैं। ऐसे में विपक्ष भी एकजुट नहीं दिख पाता। वहीं भाजपा शहर अध्यक्ष कृष्ण कुमार सोनी का कहना है कि पूरे प्रदेश की निगमों में अभी तक नेता प्रतिपक्ष नहीं बने हैं। पार्टी जब उचित समझेगी तो सभी जगह पर एक साथ नेता प्रतिपक्ष का चयन करेगी। <br /><br /><strong>इनका कहना है</strong><br />निगम में समितियों के गठन का अधिकार क्षेत्र राज्य सरकार के पास है। सरकार जब उचित समझेगी तब समितियों का गठन कर दिया जाएगा। वैसे निगम में कामकाज चल रहा है। समितियां बन जाएंगी तो काम उनके हिसाब से किया जाएगा। <br /><strong>-मंजू मेहरा, महापौर, नगर निगम कोटा उत्तर</strong><br /><br />नगर निगम में समितियों के गठन का अधिकार हमारे पास तीन माह तक था। उससे अधिक समय हो गया है। अब यह मामला राज्य सरकार के पास है। समितियों का गठन कब तक होगा इस बारे में स्वायत्त शासन मंत्री ही कुछ बता सकते हैं। सरकार जब समितियों का गठन कर देगी तो काम का बंटवारा कर दिया जाएगा। लेकिन फिलहाल कामकाज चल रहा है। <br /><strong>- राजीव अग्रवाल, महापौर, नगर निगम कोटा दक्षिण</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Jun 2022 16:27:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
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            <item>
                <title> चौथे बजट में मुख्यमंत्री ने जड़ा शानदार चौका: आम अवाम, पर्यटन क्षेत्र और किसानों में खुशी की लहर </title>
                                    <description><![CDATA[बजट पर व्यापारियों की अलग-अलग राय]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/in-the-fourth-budget--the-chief-minister-made-a-great-surprise--a-wave-of-happiness-among-the-common-people--tourism-sector-and-farmers/article-4876"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/15.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश का बजट जारी होने के बाद अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही है। कोई बजट की तारीफ कर रहा है तो कोई बजट से निराशा जाहिर कर रहा है। बात करें व्यापारी वर्ग की, तो फोर्टी के उपाध्यक्ष गिरिराज खंडेलवाल ने प्रदेश के आम बजट को विकास के नए सौपान रचने वाला बताया है। उन्होंने कहा कि आम आदमी के साथ ही व्यापार एवं उघोग जगत के लिए यह शानदार बजट है। जिसमें जनता पर कोई अतिरिक्त भार नहीं है, लेकिन राहत का पिटारा है। इससे बेहतर और जनकल्याणकारी बजट नहीं हो सकता। <br /><br /></p>
<p><strong>पर्यटन को उघोग का दर्जा देने से प्रदेश में प्रगति, निवेश और रोजगार की नई उड़ान </strong><br />उन्होंने कहा कि पर्यटन को उघोग का दर्जा देने से प्रदेश में प्रगति, निवेश और रोजगार की नई उड़ान देखने को मिलेगी क्योंकि राजस्थान में पर्यटन अर्थव्यवस्था की बहुत महत्वपूर्ण धुरी है। सभी संवर्ग के सरकारी कर्मचारियों को वर्ष 2004 से पेंशन का पुनः लाभ देकर एक बड़ा जनहित का फैसला लिया गया है। आम जनता को चिरंजीवी स्वास्थ्य योजना में दस लाख तक का कवर दिया गया है जो कि बहुत बड़ा जनकल्याणकारी फैसला है। गिरिराज खंडेलवाल ने कहा कि राजधानी जयपुर को भी नयी सौगातें मिली हैं। जवाहरलाल नेहरू मार्ग पर एज्युकेशन हब, जयपुर मेट्रो का अजमेर हाइवे और दिल्ली हाइवे तक विस्तार ऐसे ही बड़े कदम हैं। बजट में पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना निगम की स्थापना और दुग्ध उत्पादन पर पांच रूपये प्रति लीटर का अनुदान अत्यंत क्रांतिकारी कदम है। खंडेलवाल ने कहा कि ईआरसीपी के लिए 9600 करोड़ रुपये की वार्षिक योजना से प्रदेश में विकास का एक नया माहौल बनेगा। <br /><br /></p>
<p><strong>कृषि बजट 75 हजार करोड़ रुपये से अधिक</strong><br />गिरिराज खंडेलवाल ने कहा किवार्षिक कुल कृषि बजट 75 हजार करोड़ रुपये से अधिक का है। यह प्रदेश के विकास यात्रा में एक ऐतिहासिक कदम है। सभी कृषक योजनाओं को मिशन के रूप में लिया गया है। प्रदेश में बकाया कृषि कनेक्शन दो साल में आवंटित करने तथा कृषक साथी योजना के लिए पांच हज़ार करोड़ रुपये का प्रावधान शानदार कदम हैं। <br /><strong><br /></strong></p>
<p><strong>बजट में प्रस्तावित 1500 करोड़ रुपये की राशि से राजस्थानी स्मार्ट सिटी योजना</strong><br />गिरिराज खंडेलवाल ने कहा कि बजट में प्रस्तावित 1500 करोड़ रुपये की राशि से राजस्थानी स्मार्ट सिटी योजना, प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 10 करोड़ रुपये की सड़क देने के लिए दो हजार करोड़ रुपये का प्रावधान , पर्यटन विकास कोष के लिए एक हजार करोड़ की का प्रावधान इत्यादि कदम प्रदेश में विकास के नये प्रतिमान रचेंगे। गिरिराज खंडेलवाल ने कहा कि अपने चौथे बजट में मुख्यमंत्री ने जनता का दिल जीतने वाला एक शानदार चौका जड़ा है। जिससे आम अवाम में खुशी की लहर है। प्रदेश के पहले कृषि बजट से किसानों में अपार उत्साह है।<br /><strong><br />बजट में की योजनाओं व राहतों की बौछार</strong><br />अखिल राज्य ट्रेड एण्ड इण्डस्ट्री एसासियेशन ने बताया कि  मुख्यमंत्री  द्वारा प्रस्तुत बजट का स्वागत किया और इसे वृहद विकासोन्मुखी बजट बताया, जिसमें योजनाओं व राहतों की बौछार माननीय मुख्यमंत्री द्वारा की गई है। सभी क्षेत्रों यथा स्वास्थ्य, षिक्षा, उद्योग, कृषि, युवा, महिला, पर्यटन, आमजन सभी के लिये कुछ ना कुछ बजट में दिया गया है। कोरोना की मार झेलने के बाद भी इस प्रकार का बजट प्रस्तुत किया गया है जो सही मायने में बेहद सराहनिय है।</p>
<p><strong>व्यापार व उद्योग में बढोतरी </strong><br />32 नए औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना, बाडमेर के पचपदरा में 383 वर्ग किलोमीटर में पैट्रोकैमिकल इनवेस्टमेंट रीजन के विकास, तकनीक आधारित इण्डस्ट्रीज के लिए मल्टी स्टोरीज इण्डस्ट्रीयल कॉम्पलेक्स की घोषणा, राजस्थान औद्योगिक सुरक्षा बल का गठन किये जाने, सर्विस सेक्टर, एमएसएमई व स्टार्टअप्स् को सस्ता दरों पर प्लग एण्ड प्ले सुविधा कराने के लिये राजीव गांधी नॉलेज सर्विस एवं इनोवेषन हब बनाने से राज्य के व्यापार व उद्योग में बढोतरी होगी और निवेष का वातावरण बनेगा।<br /><br /></p>
<p><strong>आम मध्यमवर्गीय लोगों को राहत </strong><br />100 यूनिट बिजली पर 50 यूनिट फ्री तथा 150 यूनिट पर 3/- रुपए प्रति यूनिट के अनुदान से आम मध्यमवर्गीय लोगों को राहत मिलेगी। बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने हेतु स्कूटीयों का वितरण, सैकण्डरी स्कूलों को सीनियर सैकण्डरी में क्रमोन्नत करना, मेडिकल कॉलेजों में पीजी छात्रावासों का निर्माण। प्रदेष में पुरानी पेंषन योजना फिर से लागू किया जाना, 1.33 करोड चिरंजीवी परिवार की महिलाओं को स्मार्टफोन के जरिये संचारक्षेत्र से जोडने से आमजन में सरकार के प्रति विश्वास ओर प्रबल होगा।</p>
<p><strong>टेंट कारोबारी निराश </strong><br /> रवि जिंदल, चेयरमेन, राजस्थान टेंट डीलर्स किराया व्यवसाय समिति ने बजट में टैंट नगर के लिए भूमि , टैंट व्यवसाय को उद्योग का दर्जा ,एवं किसान क्रेडिट कार्ड की तरह सेवा क्रेडिट कार्ड की घोषणा नहीं करना टैंट वैडिंग इंडस्ट्रीज़ के 5 लाख व्यापारी इस बजट से निराश है।  मुख्यमंत्री इस पर पुनः विचार कर हमें राहत प्रदान करें ।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 23 Feb 2022 17:57:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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                <title>अंग्रेजी हुक्मरानों के यूनिवर्सिटी में लागू कानून बदलेंगे, कॉमन एक्ट ड्राफ्ट सालभर से तैयार, बिल का इंतजार</title>
                                    <description><![CDATA[सभी यूनिवर्सिटीज में एक जैसे होंगे नियम-कायदे, समितियां और शक्तियां,प्रोफेशनल यूनिवर्सिटीज में कुलपति उसी फील्ड के एक्सपर्ट होंगे]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%85%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%9C%E0%A5%80-%E0%A4%B9%E0%A5%81%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AF%E0%A5%82%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%B5%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%9F%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%97%E0%A5%82-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%82%E0%A4%A8-%E0%A4%AC%E0%A4%A6%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%87--%E0%A4%95%E0%A5%89%E0%A4%AE%E0%A4%A8-%E0%A4%8F%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%9F-%E0%A4%A1%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%AB%E0%A5%8D%E0%A4%9F-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%AD%E0%A4%B0-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%A4%E0%A5%88%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%B0--%E0%A4%AC%E0%A4%BF%E0%A4%B2-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%87%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%B0/article-4410"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/ru_new.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान में अब सभी यूनिवर्सिटीज में एक जैसे नियम-कायदों से संचालन के लिए कॉमन एक्ट की कवायद को जल्द अमलीजामा पहनाए जाने की उम्मीद है। अभी सभी यूनिवर्सिटीज एक्ट में कई अलग-अलग नियम-कायदे हैं।<br />इनमें से ज्यादातर एक्ट राजस्थान यूनिवर्सिटीज के स्थापना के वक्त अंग्रेजी हुक्मरानों के जनवरी 1947 में बनाएं कानून ही शामिल हैं। यूनिवर्सिटीज में चल रहे कानूनों को बदलने की कवायद गहलोत सरकार ने दो साल पहले शुरू की थी। सभी यूनिवर्सिटीज में एक जैसा कानून, शक्तियां, सरकारी हस्तक्षेप इत्यादि स्पष्टत: तय करने के लिए कॉमन एक्ट तैयार करने के लिए जोधपुर की जयनारायण व्यास यूनिवर्सिटी के कुलपति पीसी त्रिवेद्वी की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया था। कमेठी ने एक साल पहले ही एक्ट का ड्राफ्ट तैयार कर उच्च शिक्षा विभाग को सौंप दिया है। लेकिन इसे कानूनी अमलीजामा पहनाकर बिल का रुप दिया जाना बाकी है। विधानसभा का सत्र शुरू हो चुका है। उच्च शिक्षा विभाग ने इसे अभी बिल में तब्दील नहीं किया है। ऐसे में इस सत्र में इसके आने की गुजाइंश कम ही है। इसे वैधानिक मंजूरी मिले तो सभी यूनिवर्सिटीज के वर्तमान में लागू आदिम कानून विलोपित हो जाएंगे और समान कानून संहिता का तय फाूर्मला लागू हो जाएगा। प्रोफेशनल यूनिवर्सिटीज में यूजीसी की गाइडलान के साथ ही उसी फील्ड से जुड़े शिक्षक या व्यक्ति को कुलपति बनाए जाने का बड़ा फैसला भी ड्राफ्ट में शामिल है। ऐसा हुआ तो प्रदेश की मेडिकल, पत्रकारिता, कृषि, विधि इत्यादि विषयों की यूनिवर्सिटीज में उसी फील्ड के एक्सपर्ट ही कुलपति बन सकेंगे। <br /><br /><strong>महाराष्ट्र-केरल में पहले से लागू है कॉमन एक्ट</strong><br />महाराष्ट्र और केरल राज्य में यूनिवर्सिटीज के लिए पहले से कॉमन एक्ट बनाकर लागू कर चुके हैं। इसी की तर्ज पर राजस्थान में ड्राफ्ट तैयार किया गया है। जिसमें वर्तमान परिदृश्य के मुताबिक यूनिवर्सिटीज के एक्ट में रिफॉर्म करने, उसमें फेरबदल करने, शैक्षणिक गुणवत्ता को बेहतर बनाने, प्रबन्धन ढांचे में बदलाव को फोकस कर तैयार किया गया है। <br /><br />ड्राफ्ट पर अधिकारियों से चर्चा हुई है। जल्द इसे बिल में तब्दील करने के लिए फिर से बैठक करूंगा। प्रयास रहेगा कि इसी सत्र में इस पारित कराके लागू किया जाए। - <strong>राजेन्द्र यादव, उच्च शिक्षा राज्यमंत्री</strong><br /><br /><strong>ड्राफ्ट में ये सिफारिशें</strong><br /> प्रो वाइस चांसलर का पद सृजित हो, कुलपति की यूजीसी की तय गाइडलाइन के  अनुरूप यूनिवर्सिटी के ही सीनियर प्रोफेसर की नियुक्ति इस पद पर की जाए। <br /> सभी यूनिवर्सिटी में एक जैसी प्रबन्धन बॉडी और उनकी शक्तियां-कार्यप्रणाली हो। अभी यूनिवर्सिटीज में बोर्ड आॅफ मैनजमेंट, सिंडीकेट, सीनेट, एक्ज्यूक्टिव कमेटी, एकडेमिक काउंसिल इत्यादि अपने-अपने एक्ट के मुताबिक है। <br /> यूनिवर्सिटीज में न्यूनतम तय शैक्षणिक विभाग होना अनिवार्य होगा , टीचर्स की संख्या भी तय होगी। <br /> टीचर्स के पद तय करने और भर्ती के लिए सरकार की अनुमति लेने की जरुरत ना पड़े।  <br /> प्रबन्धन बॉडी में सरकारी अफसरों का हस्तक्षेप घटे, कहीं दो तो कहीं पांच सचिव स्तर के अफसर सदस्य। एक ही सचिव को शामिल करने का प्रस्ताव। <br /> हर विभाग में स्थाई फैकल्टी जरुरी होगी। अभी कई यूनिवर्सिटीज में ऐसे विभाग, जिन्हें खुले दो दशक से ज्यादा लेकिन स्थाई टीचर्स भी नहीं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 12 Feb 2022 17:36:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>'अफगानिस्तान में साझा हितों पर भारत के साथ मिलकर काम करेगा अमेरिका'</title>
                                    <description><![CDATA[विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने अफगानिस्तान के लिए अमेरिका के विशेष प्रतिनिधि थॉमस वेस्ट के साथ बैठक की और अफगानिस्तान में हाल के घटनाक्रमों और साझा हितों से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/-%E0%A4%85%E0%A4%AB%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%9D%E0%A4%BE-%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%A4-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%A5-%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%95%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%AE-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%97%E0%A4%BE-%E0%A4%85%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BE/article-2468"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/india_amerika.jpg" alt=""></a><br /><p>वाशिंगटन/नई दिल्ली। अफगानिस्तान के लिए अमेरिका के विशेष प्रतिनिधि थॉमस वेस्ट ने कहा है कि अमेरिका 'एक स्थिर और शांतिपूर्ण अफगानिस्तान में साझा हितों' को संबोधित करने के लिए अपने करीबी मित्र भारत के साथ काम करेगा। सूत्रों ने बताया कि बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने अफगानिस्तान की मौजूदा स्थिति, अफगानिस्तान पर 10 नवंबर को नई दिल्ली में एनएसए की क्षेत्रीय सुरक्षा (एजेंसी), अफगानिस्तान के अंदर और बाहर लोगों की आवाजाही, अफगानिस्तान को मानवीय सहायता प्रदान करने पर वैश्विक प्रयासों का समन्वय करने, क्षेत्रीय सुरक्षा मुद्दे और पारस्परिक हितों के अन्य द्विपक्षीय और अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया गया।<br /> <br /> इस बीच विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिदम बागची ने ट्वीट कर कहा, '' विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने अफगानिस्तान के लिए अमेरिका के विशेष प्रतिनिधि थॉमस वेस्ट के साथ बैठक की और अफगानिस्तान में हाल के घटनाक्रमों और साझा हितों से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Nov 2021 14:34:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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                <title>आमजन को राहत: प्रदेश में पेट्रोल चार और डीजल पांच रुपए प्रति लीटर सस्ता</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सरकार ने पेट्रोल पर 4 रुपए और डीजल पर 5 रुपए प्रति लीटर वैट में कटौती कर प्रदेश की जनता को बड़ी राहत प्रदान की है। यह निर्णय मंगलवार रात्रि 12 बजे से लागू होगा। इसके बाद जयपुर में पेट्रोल 107.10 रुपए और डीजल 90.71 रुपए प्रति लीटर हो गया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%86%E0%A4%AE%E0%A4%9C%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A4%A4--%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A5%87%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%B2-%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%A1%E0%A5%80%E0%A4%9C%E0%A4%B2-%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%9A-%E0%A4%B0%E0%A5%81%E0%A4%AA%E0%A4%8F-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A4%BF-%E0%A4%B2%E0%A5%80%E0%A4%9F%E0%A4%B0-%E0%A4%B8%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BE/article-2454"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/gehlot_petrol2.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जयपुर</strong>। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सरकार ने पेट्रोल पर 4 रुपए और डीजल पर 5 रुपए प्रति लीटर वैट में कटौती कर प्रदेश की जनता को बड़ी राहत प्रदान की है। यह निर्णय मंगलवार रात्रि 12 बजे से लागू होगा। इसके बाद जयपुर में पेट्रोल 107.10 रुपए और डीजल 90.71 रुपए प्रति लीटर हो गया है। इससे राज्य सरकार 3500 करोड़ वार्षिक राजस्व की हानि वहन करेगी। केन्द्र सरकार के बीते दिनों पेट्रोल एवं डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में की गई कमी के चलते राज्य के राजस्व में संभावित 1800 करोड़ सालाना की कमी के बावजूद गहलोत मंत्रिपरिषद् ने जनहित को सर्वोपरि रखते हुए यह निर्णय किया है। सरकार ने पहले भी इस वर्ष के प्रारंभ में पेट्रोल-डीजल पर वैट में 2 प्रतिशत की कमी कर प्रदेश की जनता को एक हजार करोड़ की राहत दी थी। इस प्रकार राज्य सरकार को पहले से ही 2800 करोड़ की राजस्व हानि का सामना करना पड़ रहा है और मंगलवार को मंत्रिपरिषद् में लिए गए निर्णय से यह राजस्व हानि बढ़कर 6300 करोड़ रुपए सालाना हो जाएगी।</p>
<p><br /> सीएमआर में हुई बैठक में मंत्रिपरिषद् ने कहा महंगे पेट्रोल एवं डीजल से आमजन को वास्तविक राहत देने के लिए जरूरी है कि केन्द्र सरकार केन्द्रीय पूल में आने वाली एडिशनल एक्साइज ड्यूटी एवं बेसिक एक्साइज ड्यूटी को और कम करे। यदि केन्द्र की ओर से प्रति लीटर पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपए तथा डीजल पर 15 रुपए प्रति लीटर की कमी की जाती है तो प्रदेश के वैट में भी पेट्रोल पर 3 रुपए 40 पैसे प्रति लीटर तथा डीजल पर 3 रुपए 90 पैसे स्वत: कम हो जाएंगे। समस्त आर्थिक चुनौतियों के बावजूद राज्य सरकार प्रदेश की जनता को राहत देने के उद्देश्य से राज्य के राजस्व में होने वाली करीब 3500 करोड़ की अतिरिक्त हानि को भी वहन करने के लिए तैयार है।<br /> <br /> <strong>नि:शुल्क जमीन आवंटन नियमों में संशोधन</strong><br /> कैबिनेट ने राजस्थान के नगरीय क्षेत्रों में विभिन्न उद्देश्यों के लिए भूमि आवंटन नीति-2015 में संशोधन को स्वीकृति दी है। मंत्रिमंडल के इस निर्णय से सामाजिक सुरक्षा प्रोत्साहन योजना-2021 के तहत महिलाओं, दिव्यांगों, बालक-बालिकाओं, वरिष्ठ नागरिकों, भिखारी, निर्धनों, बेघर, ट्रांसजेंडर, नशा करने वाले व्यक्तियों तथा एचआईवी पीड़ित व्यक्तियों के कल्याण से संबंधित गतिविधियों के लिए अलाभकारी संस्थाओं को निशुल्क भूमि का आवंटन किया जा सकेगा। इससे समाज के इन वर्गों के उत्थान एवं कल्याण के कार्यों को और गति मिलेगी। इसके साथ ही कोटा में प्रस्तावित नवीन ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के लिए निशुल्क भूमि आवंटित करने की मंजूरी दी है। इस निर्णय से कोटा में आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी और आवागमन सुगम हो सकेगा। इसके साथ ही बैठक में फतेहगढ़ तहसील के ग्राम नीम्बा एवं मंडाई में 400 केवी विद्युत उपकेन्द्र निर्माण के लिए पावरग्रिड रामगढ़ ट्रांसमिशन लिमिटेड जैसलमेर को 75.9379 हैक्टेयर राजकीय भूमि सशर्त कीमतन आवंटित किए जाने का अनुमोदन किया गया।<br /> <br /> <br /> <strong>जयपुर में नए दाम</strong><br />     वर्तमान दर    नई दर    कमी<br /> पेट्रोल    111.10    107.10    4<br /> डीजल    95.71    90.71    5<br />     दाम रुपए प्रतिलीटर में<br /> <br /> <strong>वैट घटाने के आदेश जारी</strong><br /> पेट्रोल और डीजल पर वैट घटा दिया है। वित्त विभाग की सचिव टीना डाबी की ओर से जारी आदेश के अनुसार पेट्रोल पर लगने वाले 36 प्रतिशत वैट को घटाकर 31.04 प्रतिशत कर दिया गया है। वहीं डीजल पर लगने वाले 26 प्रतिशत वैट को घटाकर 19.30 प्रतिशत किया गया है। <br /> <br /> <strong>ये भी हुए फैसले</strong><br />     जनजाति क्षेत्र में छात्रावास एवं आवासीय विद्यालयों के लिए वार्डन का बनेगा अलग कैडर।<br />     इससे शिक्षकों को लेकर वार्डन के रूप में कार्य करवाने की व्यवस्था समाप्त होगी।<br />     संस्कृत एवं पॉलिटेक्निक कॉलेज के शिक्षकों को मिलेगा संशोधित वेतनमान।<br />     प्रयोगशाला सहायक की योग्यता में संशोधन को मंजूरी।<br />     इस संशोधन से सहायक अभियंता (यांत्रिकी/विद्युत) पद पर पदोन्नति के लिए अवसर उपलब्ध हो सकेंगे।<br />     राजकीय महाविद्यालय चिड़ावा (झुंझुनूं) का नामकरण भामाशाह  शेष पेज-10<br /> ये भी हुए...<br /> मास्टर हजारीलाल शर्मा के नाम पर किए जाने की मंजूरी दी।<br />     मंत्रिपरिषद ने प्रशासन गांवों के संग तथा प्रशासन शहरों के संग अभियान की प्रगति पर भी चर्चा की।<br />     बैठक में अभियान पर संतोष व्यक्त करते हुए यह अपेक्षा की गई कि इन महत्वाकांक्षी अभियानों का लाभ आमजन तक पहुंचे। <br /> <strong><br /> मंत्रिमंडल पुनर्गठन जल्द: गहलोत</strong><br />  प्रदेश में पिछले 16 महीनों से मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चल रही अटकलें अब जल्द खत्म होने वाली है। खुद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने संकेत दे दिए हैं कि मंत्रिमंडल का पुनर्गठन जल्द किया जाएगा। मुख्यमंत्री गहलोत ने मंगलवार शाम शासन सचिवालय में कर्मचारी संघ के शपथग्रहण समारोह में कहा कि कर्मचारी संघ का पुनर्गठन पहले ही हो जाता तो हमारे मंत्रीमंडल का भी पुनर्गठन हो जाता। अब आपका मंत्रिमंडल गठन हो गया है, हमारा भी जल्द हो जाएगा। मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर मुख्यमंत्री ने पहली बार संकेत दिए हैं। इससे पहले सिर्फ कयासबाजी थी। मुख्यमंत्री के इस संकेत के बाद स्पष्ट हो गया कि अब मंत्रिमंडल का विस्तार जल्द हो जाएगा। वैसे मुख्यमंत्री का 17 और 18 नवम्बर को प्रदेश के कुछ जिलों के दौरों का कार्यक्रम प्रस्तावित है। राजस्थान में पिछले 16 महीनों से सियासी संकट चल रहा है। इस बीच पुनर्गठन को लेकर गहलोत ने पिछले दिनों कांग्रेस की आलाकमान सोनिया गांधी से मुलाकात कर अपना रोडमैप सौंपा था। उसके दूसरे दिन गहलोत के खिलाफ बगावत करने वाले सचिन पायलट ने सोनिया से मुलाकात की थी। मुलाकात के बाद दोनों नेताओं ने कहा था कि अब सब कुछ आलाकमान पर निर्भर है। हमने हमारा पक्ष रख दिया है। आलाकमान जो भी फैसला करेगी, वह सर्वमान्य होगा। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस आलाकमान ने अपना फैसला कर लिया है और मुख्यमंत्री को अवगत करा दिया है। इसके बाद ही गहलोत ने मंत्रिमंडल पुनर्गठन के संकेत दिए हैं। <br />  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Nov 2021 11:27:26 +0530</pubDate>
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                <title>मुख्यमंत्री निरोगी राजस्थान चिरंजीवी स्वास्थ्य शिविर शुरू : आमजन को मिलेगा इलाज और होगी हेल्थ स्क्रीनिंग</title>
                                    <description><![CDATA[प्रदेश में बारह हजार से ज्यादा पंचायत मुख्यालयों पर 31 मार्च तक चिकित्सा शिविर लगेंगे]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%96%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A4%82%E0%A4%9C%E0%A5%80%E0%A4%B5%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A5%E0%A5%8D%E0%A4%AF-%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B0-%E0%A4%B6%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A5%82---%E0%A4%86%E0%A4%AE%E0%A4%9C%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%97%E0%A4%BE-%E0%A4%87%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%9C-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%B9%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%B9%E0%A5%87%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%A5-%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%97/article-2395"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/chirnjivi-camp.jpg" alt=""></a><br /><p><strong> जयपुर</strong>। राजस्थान में रविवार को प्रदेशभर में मुख्यमंत्री निरोगी राजस्थान चिरंजीवी स्वास्थ्य शिविर लगाने का अभियान शुरू हो गया है। इसके माध्यम से प्रदेश में आम-अवाम की हेल्थ स्क्रीनिंग होगी। जांचों में रोगी मिलने पर उनका इलाज होगा। प्रदेश में निरोगी राजस्थान के अभियान के तहत ही प्रदेशभर की 12 हजार से ज्यादा ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर यह शिविर 31 मार्च तक लगाए जाएंगे। अभियान के तहत तीस से अधिक उम्र के लोगों की गहन स्क्रीनिंग होगी। ताकि समय रहते उनमें बीपी, डायबिटीज, सहित अन्य बीमारियों को पकड़ा जा सके। रविवार को चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने वर्चुअली माध्यम से इनकी शुरुआत की। इस मौके पर जिलों में जनप्रतिनिधि सहित आला अधिकारी मौजूद रहे। जयपुर में चिकित्सा राज्यमंत्री डॉ. सुभाष गर्ग, विभाग के प्रमुख शासन सचिव वैभव गालरिया सहित अफसर मौजूद थे।</p>
<p><br /> <strong>शिविरों में ये मिलेंगी चिकित्सा सुविधाएं</strong><br /> जांचें: 48 तरह की खून की जांच, टीबी, लीवर संबंधित, पेट संबधित, गुर्दा मलेरिया, ईसीजी, तीन कॉमन कैंसर, प्रसव पूर्व जांच, आंखों की जांच, सिलिकोसिस, कुष्ठ रोगों की जांच होगी।</p>
<p><strong><br /> टेली कंसलटेसी से विशेषज्ञों से इलाज</strong><br /> शिविर में इंटरनेट के माध्यम से ई-टेली कंसलटेंसी के जरिए सुपर स्पेशलिटी व स्पेशलिस्टों की आॅनलाइन कंसलटेंसी सेवा के लिए जोड़ा जा रहा है। इसके लिए जयपुर के एसएमएस अस्पताल के पांच सुपर स्पेशलिस्ट एवं स्वास्थ्य भवन से 10 विशेषज्ञ चिकित्सक की सेवाएं टेली कंसलटेंसी के लिए दी जाएगी। <br /> <br /> <strong>ये डॉक्टर देंगे खास सेवाएं</strong><br /> शिविर में फिजिशियन, शिशु रोगी, स्त्री रोगी, दंत रोगी, नेत्र रोगी, आयुष चिकित्सक मौजूद रखकर इलाज करेंगे।<br /> अन्य सेवाएं<br /> जांच उपरांत जरूरत होने पर सर्जरी के लिए मरीज को उच्चतर अस्पतालों में रैफर किया जाएगा। जननी सुरक्षा योजना, शिशु सुरक्षा योजना, सीएम राजश्री योजना का लाभ ले सकेंगे। कुपोषित बच्चों की पहचान-पोषाहार के लिए कोर्डिनेशन कर इलाज, टीबी के संदिग्ध मरीजों का बड़े अस्पतालों में जांच एक्स रे इत्यादि हो सकेगी। <br /> <strong><br /> घर-घर चिकित्सा पहुंचाना चुनौतीपूर्ण</strong><br /> शिविरों की शुरुआत करते हुए चिकित्सा मंत्री डॉ.रघु शर्मा ने कहा कि आमजन स्वस्थ रहेगा तो ही राजस्थान विकास के नए आयाम स्थापित कर सकता है। निरोगी राजस्थान को शिविर एक अहम कड़ी रहेंगे। कहा कि विषम भौगोलिक संरचना के चलते घर-घर तक चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाना बेहद चुनौती भरा है। शिविर प्रदेश में 12 हजार से ज्यादा ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर लगाए जा रहे हैं। उन्होंने पूर्व पीएम पंडित नेहरू की जयंती पर उन्हें याद करते हुए कहा कि वे आधुनिक भारत के निर्माता थे। उनकी जन्मतिथि पर ऐसे शिविरों का आयोजन उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। शिविरों की अधिकारियों को लगातार मोनिटरिंग करने के निर्देश भी दिए ताकि लोगों को ज्यादा से ज्यादा फायदा मिल सके। कोरोना प्रबन्धन और वैक्सीनेशन में राजस्थान अव्वल रहा है। चिकित्सा ढांचे को निरंतर मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उदयपुर, अजमेर, बारां, जोधपुर, भरतपुर, बांसवाड़ा जिलों की विभिन्न ग्राम पंचायतों के शिविरों में आए लाभार्थियों से संवाद किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Nov 2021 13:53:28 +0530</pubDate>
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                <title>खतरे के बावजूद</title>
                                    <description><![CDATA[कोरोना के खतरे के बीच आम लोगों में लापरवाही देखी जा रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/%E0%A4%96%E0%A4%A4%E0%A4%B0%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%9C%E0%A5%82%E0%A4%A6/article-2101"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/corona_bajar_bhid-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>दिवाली जैसे महापर्व की शुरूआत हो चुकी है। बाजारों में जमकर खरीदारी हो रही है और भीड़भाड़ काफी बढ़ गई है। लेकिन इस बीच कोरोना के खतरे के बीच आम लोगों में लापरवाही देखी जा रही है। ऐसा इसके बावजूद हो रहा है कि कोरोना महामारी का खतरा अभी बराबर बना हुआ है। यह सही है कि अधिकांश राज्यों में कोरोना संक्रमण के मामलों में काफी लोगों को टीके भी लगाए जा चुके हैं। लेकिन यह नहीं भूलना चाहिए कि कुछ समय के अंतराल के बाद कोरोना वायरस के नए स्वरूप के आने और उसके फैलने की खबरें भी लगातार सामने आ रही हैं। कोरोना वायरस और संक्रमण की प्रकृति को देखते हुए अभी यह मान लेना शायद यह एक बड़ी भूल होगी कि कोरोना का खतरा टल गया है। अभी भी खतरा बना हुआ है और हर स्तर पर सावधानी बरत कर इससे बचा जा सकता है। हाल ही में किए गए एक सर्वेक्षण में बताया गया है कि लगभग सभी राज्यों में लोग आवश्यक बचाव के नियमों को लेकर लापरवाह बने हुए हैं। लोग मास्क लगाने व आपस में दूरी बना कर रहने के नियमों की पालना को जरूरी नहीं समझ रहे हैं। जबकि इन दिनों बाजारों, यातायात वाहनों व रेलों में भीड़ काफी बढ़ रही है। कुछ राज्यों में कोरोना संक्रमण के मामलों में घट-बढ़ की खबरें भी आने लगी हैं। कई राज्यों में लोग अभी भी लोग टीका लगवाने से बच रहे हैं। जबकि फिलहाल टीका ही आपातकालीन बचाव का उपाय मात्र है। कोरोना संक्रमण से बचाव का अभी तक कोई पुख्ता इलाज व दवा नहीं बनी है। अभी उत्तर भारत के कई राज्यों में डेंगू और अन्य मौसमी बीमारियां सरकारों के लिए चुनौती बनी हुई हैं। अस्पतालों में जगह कम पड़ रही है। इस बीच यदि दीपावली के बाद कोरोना संक्रमण के मामले अचानक सामने आते हैं तो स्थिति विकट होना निश्चित है। सवाल है कि लोगों की लापरवाही की वजह कोरोना वायरस का कोई नया स्वरूप फिर फैलता है तो इसका जिम्मेदार कौन होगा? कोरोना की दूसरी लहर के दौरान की भयावहता को शायद सरकारों व लोगों ने भूला दिया है। कोई सबक नहीं लिया है। बार-बार चिकित्सा विशेषज्ञ चेता रहे हैं इस जान लेवा रोग का कोई इलाज नहीं है और लोगों को पूर्ण सावधानी बरत कर ही चलना होगा। कोरोना से बचाव का बेहतर उपाय सावधानी ही होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Nov 2021 16:00:33 +0530</pubDate>
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                <title>महंगाई और आकड़े</title>
                                    <description><![CDATA[सरकार द्वारा जारी आंकड़ों में महंगाई में थोड़ी गिरावट जरूर दिखाई गई है, लेकिन आम आदमी के लिए यह किसी भी प्रकार से राहत की बात नहीं है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%88-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%86%E0%A4%95%E0%A4%A1%E0%A4%BC%E0%A5%87/article-1750"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/mahangai.jpeg" alt=""></a><br /><p>सरकार द्वारा जारी आंकड़ों में महंगाई में थोड़ी गिरावट जरूर दिखाई गई है, लेकिन आम आदमी के लिए यह किसी भी प्रकार से राहत की बात नहीं है। आंकड़ों में थोक महंगाई अभी भी दो अंकों वाली बनी हुई है। बस संतोष की बात इतनी ही है कि जहां अगस्त माह में यह दर 11.39  फीसदी थी, वहीं यह सितंबर में 10.66 फीसदी दर्ज हुई है। इस एक फीसदी तक घटी महंगाई का कारण खाद्य वस्तुओं के दाम में कमी आना बताया गया है, लेकिन हकीकत में यह सच नहीं है। पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस लेकर फल, सब्जियां, दूध, अण्डा सहित सभी तरह की खाद्य सामग्र्रियों के दाम तो आसमान छूते दिखाई दे रहे हैं। आम आदमी रोज ही इस हकीकत का सामना कर रहा है। बढ़ती महंगाई ने तो इन दिनों ही नहीं, बल्कि लंबे समय से आम आदमी का जीना मुश्किल कर रखा है। महंगाई के आंकड़े नीचे आते बताए तो जाते हैं, जबकि इनकी जमीनी हकीकत सच से काफी परे होती है। सरकार के लिए आंकड़ों में थोक महंगाई में गिरावट राहत की बात इसलिए हो सकती है कि मई में यह 13.11 फीसदी के स्तर पर थी, उसमें अब कमी आ गई है। अगर महंगाई में कमी की बात की जाती है तो आम आदमी को इसका एहसास भी होना चाहिए, जो होता नहीं दिखाई दे रहा है। खाद्य सामग्र्रियों के बढ़ते दामों के बीच इन दिनों तो पेट्रोल, डीजल व रसोई गैस के दिन-प्रतिदिन बढ़ते दामों ने काफी चिंतित कर रखा है। कई शहरों में पेट्रोल दाम 110 से 115 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच गया है तो डीजल की एक सौ से अधिक हो गया है। गैस सिलेण्डर 905 से 915 तक हो गया है, जो अब आम आदमी की रसोई से दूर होने की कगार पर पहुंच गया है। गरीब आदमी तो सिलेण्डर खरीदने का साहस भी नहीं कर पा रहा है। इन दिनों खाद्य वस्तुओं व फल-सब्जियों के बढ़ते दामों की मुख्य वजह पेट्रोल-डीजल का महंगा होना ही है, जिसका असर आम आदमी भोग रहा है। कहने को थोक महंगाई का आंकड़ा एक फीसदी गिरा है लेकिन महंगाई नहीं घटी है। लगता है इससे अब जल्द राहत मिलने वाली भी नहीं दिखती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 Oct 2021 15:43:45 +0530</pubDate>
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                <title>महंगाई की मार</title>
                                    <description><![CDATA[देश में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस के दाम लगातार बढ़ाए जाने से आम लोगों पर महंगाई की तगड़ी मार पड़ रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%88-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B0/article-1521"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/petrol-disal3.jpg" alt=""></a><br /><p><span style="color:#ff0000;"><strong>देश </strong></span>में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस के दाम लगातार बढ़ाए जाने से आम लोगों पर महंगाई की तगड़ी मार पड़ रही है। इस साल पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की कीमतें लगातार बढ़ती रहने से पेट्रोल एक सौ रुपए से अधिक प्रति लीटर हो गया है, वहीं अब डीजल भी सौ रुपए प्रति लीटर हो गया है। रसोई गैस के दाम हर महीने बढ़ाए जाने से लोगों की कमर और टूट गई है। अब फिर 15 रुपए बढ़ा दिए जाने से रसोई गैस का सिलेण्डर एक हजार की आसपास की कीमत का हो गया है। डीजल के दाम लगभग बढ़ने से माल ढुलाई काफी ज्यादा होने से आम जरूरत की हर चीज काफी महंगी बिकने लगी है। पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतें लगातार बढ़ाई जाने से लग रहा है कि निकट भविष्य में राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। इससे महंगाई का बोझ और बढ़ेगा। सरकार साफ कह चुकी है कि इन बढ़ते दामों को रोकना फिलहाल संभव नहीं है, क्योंकि कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। अन्तरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल सात साल के उच्चतम स्तर पर चल रहा है। इसी तरह प्राकृतिक गैस के दाम भी काफी बढ़ने से इसका असर रसोई गैस की कीमतों पर पड़ रहा है। भारत तेल और गैस के आयात पर ही निर्भर है, तो इन उत्पादों का महंगा स्वाभाविक बन जाता है। जब भी घरेलू बाजार में पेट्रोलियम उत्पादों के दाम बढ़ाए जाते हैं तो सरकार की तरफ से यही तर्क दिया जाता है। लेकिन सवाल है कि आखिर भारत में इन कीमतों की आखिर कोई सीमा भी तय की जानी चाहिए। सरकार को अच्छी तरह पता है कि देश की बड़ी आबादी रसोई गैस पर ही निर्भर है, इनमें करोड़ों परिवार काफी गरीब हैं। कोई गरीब परिवार ही क्या मध्यम वर्ग तक के परिवारों में एक हजार रुपए का गैस सिलेंडर खरीदने की क्षमता नहीं है। क्योंकि बाजार में पहले से ही आम जरूरत की सभी वस्तुएं काफी ऊंची बनी हुई हैं। इसी तरह यदि डीजल और रसोई गैस की कीमतें बढ़ती रहीं तो आम आदमी की तो कमर ही टूट जाएगी। केन्द्र व राज्यों की सरकारों को कोई रास्ता निकालना चाहिए। पेट्रोलियम पदार्थों पर वसूले जाने वाले शुल्क में कटौती की जानी चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 08 Oct 2021 14:34:27 +0530</pubDate>
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