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                <title>ICC के अगले फ़्यूचर टूर प्रोग्राम में IPL को संभावित रूप से ढाई महीने की विंडो मिलने पर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को टेंशन... जाने कारण</title>
                                    <description><![CDATA[कराची। आईसीसी के अगले फ़्यूचर टूर प्रोग्राम में आईपीएल को संभावित रूप से ढाई महीने की विंडो मिलने से पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) को लगता है कि उसके साथ अन्याय किया जा रहा है। जुलाई में आईसीसी की वार्षिक आम बैठक में पीसीबी इस मुद्दे को उठाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/pakistan-cricket-board-is-worried-about-the-possibility-of-getting-a-window-of-two-and-a-half-months-for-the-ipl-in-the-next-future-tour-program-of-the-icc/article-13025"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/pak-cricket-bord-new.jpg" alt=""></a><br /><p>कराची। आईसीसी के अगले फ़्यूचर टूर प्रोग्राम में आईपीएल को संभावित रूप से ढाई महीने की विंडो मिलने से पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) को लगता है कि उसके साथ अन्याय किया जा रहा है। जुलाई में आईसीसी की वार्षिक आम बैठक में पीसीबी इस मुद्दे को उठाएगा।<br /><br />विडो के बारे में आईसीसी की ओर से कोई घोषणा नहीं की गई है और इसके होने की संभावना नहीं है क्योंकि यह एक घरेलू लीग है। अगले आठ साल के चक्र के लिए फ़्यूचर टूर प्रोग्राम को अभी तक अंतिम रूप नहीं दिया गया है लेकिन बीसीसीआई सचिव जय शाह ने हाल ही में कहा था कि बोर्ड अब 10 टीमों के टूर्नामेंट के लिए एक विंडो सुनिश्चित करेगा जिससे सभी शीर्ष अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेटर इसमें भाग ले सकेंगे। इसमें पाकिस्तान के खिलाड़ी शामिल नहीं होंगे। पहले आईपीएल सीजन को छोड़कर पाकिस्तान के खिलाड़ी किसी भी अन्य आईपीएल सीजन में शामिल नहीं रहे हैं। यह ज्यादातर दोनों देशों के बीच खराब राजनीतिक संबंधों के कारण होता है, जिसके परिणामस्वरूप आईपीएल विंडो यक़ीनन पाकिस्तान के अंतर्राष्ट्रीय सत्र को अन्य देशों की तुलना में अधिक प्रभावित करती है।<br /><br />लाहौर में पीसीबी के बोर्ड ऑफ़ गवर्नर्स की 69वीं बैठक के बाद एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान पीसीबी अध्यक्ष रमीज राजा ने कहा, कि (IPL) विंडो बढ़ाने की कोई घोषणा नहीं की गई है। इस पर मेरे विचार हैं जिन्हें हम जुलाई की बैठक में आईसीसी के मंच पर उठाएंगे। रमीज ने यह भी कहा कि उनका चार देशों की टी20 सुपर सीरीज का प्रस्ताव - जिसे अप्रैल में आईसीसी की बैठक में पास किया गया था - अभी तक बेकार नहीं गया है। मेरा चार देशों का कॉन्सेप्ट अभी बेकार नहीं हुआ है। ऐसा लगता है कि मीडिया को यह आभास हो गया है कि इसे स्थगित कर दिया गया है। यह सच नहीं है। वे (आईसीसी) विश्व कप के आयोजनों के राइट्स को इक कर रहे थे, इसलिए उन्होंने कहा कि अगर उन्होंने एक और सामग्री की घोषणा की, तो सभी निवेशक इसका पीछा करना शुरू कर देंगे। यह एक नई चुनौती बन जाएगी, इसलिए उन्होंने इसे अभी पेश न करना ही बेहतर समझा। लेकिन यह एकमात्र क्रिकेट बोर्ड होगा जो किसी भी मंच को चुनौती देगा जहां उसे लगता है कि पाकिस्तान के साथ अन्याय किया जा रहा है। जब हमें यह विवरण (आईपीएल ङ्क्षवडो के विस्तार का) औपचारिक रूप से मिलेगा, तो हम अपने विचारों को एक मजबूत तरीक़े से रखेंगे।<br /><br />रमीज क्रिकेट संबंधों के बारे में बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली के संपर्क में रहे हैं लेकिन उन्होंने स्वीकार कियाकि स्थिति उनसे परे थी। मैंने सौरव गांगुली से इतर बात की है, और मैंने उनसे कहा कि अब तीन पूर्व क्रिकेटर (मार्टिन स्नेडेन सहित) आईसीसी बोर्ड में हैं। मैंने कहा कि अगर हम भी बदलाव नहीं ला सकते हैं, फिर क्या मतलब है? उन्होंने मुझे दो बार आईपीएल में आमंत्रित किया, एक बार दुबई में और एक बार इस मर्तबा। मैंने मना कर दिया। मैंने सोचा कि अगर मैं चला गया, तो प्रशंसक मुझे माफ़ नहीं करेंगे, भले ही क्रिकेटिंग सेंस जाने को कहता हो, लेकिन अभी ऐसे मुद्दे हैं जिन्हें हल करने में समय लगेगा, क्योंकि यह एक राजनीतिक खेल है। अगर यह क्रिकेट का मुद्दा था, तो हम इसे दो मिनट में सुलझा लेंगे। लेकिन हमें चैंपियंस ट्रॉफ़ी 2025 की मेजबानी मिली, इसलिए हमने कुछ हद तक प्रभाव को तोड़ा, और लोगों को एहसास हुआ कि पाकिस्तान की टीम और प्रशंसक इस तरह के विश्व स्तरीय आयोजन के लायक हैं। आईपीएल 2014 से आठ टीमों का टूर्नामेंट था। इस साल से दो नई टीमों - लखनऊ सुपर जायंट्स और इस सीजन की विजेता गुजरात टाइटंस को जोड़ा गया था जिससे मैचों की संख्या 60 से बढ़कर 74 हो गई और लीग की अवधि 50 दिनों से दो महीने तक हो गई। आईपीएल की हालिया मीडिया-राइट्स नीलामी में, जो एक धमाकेदार डील साबित हुई, बीसीसीआई ने कहा था कि आईपीएल में मैचों की संख्या 2025 और 2026 में 84 और 2027 में 94 तक हो सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 25 Jun 2022 19:01:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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                <title>पावटा-प्रागपुरा नगर पालिका :अधिकार नहीं मिलने सहित कई मांगों को लेकर पार्षदों का धरना प्रदर्शन</title>
                                    <description><![CDATA[ कस्बे की नगर पालिका परिसर में गुरुवार को पालिका पार्षदों ने अधिकार नहीं मिलने, पालिका में नाकारा  कर्मचारियों को हटाने, साधारण सभा आहूत करने, पार्षदों की आईडी बनाने पालिका में नक्शे बनाने के लिए 3000 रुपए लेने व भ्रष्टाचार को खत्म करने आदि मांगों को लेकर  वरिष्ठ पार्षद गिरधारी लाल शर्मा की अध्यक्षता में धरना दिया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/pavta-pragpura-municipality--edemonstration-of-councilors-for-many-demands-including-not-getting-rights/article-12924"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/aas-pass-2.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>प्रागपुरा।</strong> कस्बे की नगर पालिका परिसर में गुरुवार को पालिका पार्षदों ने अधिकार नहीं मिलने, पालिका में नाकारा  कर्मचारियों को हटाने, साधारण सभा आहूत करने, पार्षदों की आईडी बनाने पालिका में नक्शे बनाने के लिए 3000 रुपए लेने व भ्रष्टाचार को खत्म करने आदि मांगों को लेकर  वरिष्ठ पार्षद गिरधारी लाल शर्मा की अध्यक्षता में धरना दिया। ईओ हरिनारायण यादव के 15 दिन में मांगों को मानने का आश्वासन देने के बाद पार्षदों ने धरना समाप्त किया। धरने में बोलते हुए चेयरमैन प्रतिनिधि निर्मल पंसारी ने कहा कि नगर पालिका पार्षदों की पालिका में कार्यरत कर्मचारी सुनवाई नहीं करते, सफाई कार्य में लगे वाहन पालिका कर्मचारियों के लगे हुए हैं।</p>
<p>पालिका सीमा के बाहर एक होटल में महज 500 रुपए देकर कचरा उठाने के वाहन जाते हैं जिस पर लगाम  लगनी चाहिए। पलिका प्रशासन को हर कीमत पर पार्षदों की न्याय संगत  मांगे माननी होंगी। धरने में बोलते हुए वाईस चेयरमैन अशोक कुमार सैनी, नरपत सिंह शेखावत ने कहा कि गत दिनों लिखित में साधारण सभा आहूत करवाने का प्रार्थना पत्र दिया गया था। जिसके बाद भी साधारण सभा आज तक नहीं हुई है। नगर पालिका कर्मचारी पार्षदों के काम करना तो दूर उनसे लड़ने पर आमादा रहते हैं। इन्होंने ने कहा कि पालिका परिसर में से फाइलें गायब हो जाती है यहां तक चेयरमैन की फाइल तक गायब हो गई थी। इन्होंने नाकार कर्मचारियों को अविलम्ब हटाने की मांग की।  पार्षद राजू पारीक प्रागपुरा, पार्षद प्रतिनिधि बद्री प्रसाद चौहान व भवानी शंकर अग्रवाल, पार्षद संजय सैन  ने कहा कि हर पार्षद  आम जन का चुन हुआ प्रतिनिधी है जो करीब 30 हजार आबादी की प्रतिनिधित्व करता है।</p>
<p>क्षेत्र का विकास करवाना व आम जन की समस्याओं  का  निदान करवाना उनका नैतिक फर्ज है। लेकिन नगर पालिका प्रशासन चुने हुए जन प्रतिनिधियों की नहीं सुन रहा है। इन्होंने ने कहा कि पार्षदों को एक एक मोहर लेटर पैड़ व उनके वार्ड में बोर्ड लगाने, ठेकेदारों कि और से किए जा रहे कामों व इनके नामों की सूची एक रजिस्टर में होने की मांग की।  पार्षद  मणी देवी सोनी, विजय गुप्ता कृष्णा ओला, मोठूराम यादव, मिन्टू शर्मा, सुमन यादव, राहुल  चौहान, कुन्दन लाल स्वामी, पूनम शर्मा, विश्वम्भर मेहरा, सुनीता जाजोरिया सहित कई पार्षदों ने कहा कि नगर पालिका  किस जन प्रतिनिधि के ईशारे पर चल रही है। इसका भी खुलासा होना चाहिए।</p>
<p>कुछ लोग नगर पालिका प्रशासन को काम नही करने देना चाहते हैं। पार्षदों व चेयरमैन को कार्यभार ग्रहण किए हुए करीब 2 माह बीत जाने के बाद भी साधारण सभा आहूत नहीं हो  रही जिससे पार्षद अपनी पीड़ा से अधिकारियों को अवगत नहीं करवा रहे हैं। धरने में बैठक में शहनजाव बानू, प्रियंका अग्रवाल, महेन्द्र वर्मा, जय राम यादव, मणी देवी सोनी कमली देवी गोकु ल चन्द, आशादेवी, श्योचन्द, श्याम सिंह शेखावत, सुनीता जाजोरिया महेन्द्र कुमार ने नगर पालिका प्रशासन के रवैये  को लेकर आक्रोश जताया। धरना स्थल पर ईओ हरिनारायण यादव पहुंच कर पार्षदों की मांगे व पीड़ा सुनी। ईओ ने कहा कि उनके स्तर पर हल होने वाली समस्याओं का निदान 15 दिन में व साधारण सभा इस माह में आहूत करवाने का भरोसा देकर धरने का समापन करवाया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/pavta-pragpura-municipality--edemonstration-of-councilors-for-many-demands-including-not-getting-rights/article-12924</link>
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                <pubDate>Fri, 24 Jun 2022 15:46:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मजदूरी के पैसे दिलाने मांग, पीडि़त ने एसपी से लगाई न्याय की गुहार</title>
                                    <description><![CDATA[ घर व खेती बाड़ी का काम करने का मेहनताना दिलाने की मांग को लेकर खमनोर क्षेत्र के मचीन्द पंचायत के रेबारियों की ढा़णी कराई निवासी हजारीलाल रेबारी ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन देकर न्याय की गुहार लगाई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/rajsamand/demand-to-get-wages-money--victim-pleaded-for-justice-from-sp/article-12262"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/yy5.jpg" alt=""></a><br /><p></p>
<p>राजसमंद। घर व खेती बाड़ी का काम करने का मेहनताना दिलाने की मांग को लेकर खमनोर क्षेत्र के मचीन्द पंचायत के रेबारियों की ढा़णी कराई निवासी हजारीलाल रेबारी ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन देकर न्याय की गुहार लगाई।<br /><br />ज्ञापन में हजारीलाल ने बताया कि उसका छोटा भाई शम्भु लाल  रेबारी जो की वर्तमान में 66 वर्षका वृद्ध हो चुका है। आज से 40 वर्ष पूर्व शम्भुलाल ने झालों की मदार निवासी भैरूलाल जैन पुत्र कालुलाल ने घर पर काम करने के लिए रखा था। वहां पर शंभूलाल से खेती बाड़ी, घर का काम, भैंस चराई, घास कटाई और भैरूलाल के भाई हुडलाल जो मानसिक रूप से विकृत था जिसका वह सेवा करता था। इस पर शम्भुलाल के परिजनों ने मासिक वेतन की बात कही तो उन्होंने प्रति माह 100 रुपए देना तय कयिा था। उसके पश्चात 15 वर्ष पूर्व मानसिक हुडलाल की मृत्य हो जाने पर परिजनों ने शम्भूलाल के हिसाब की बात कही तो भैरूलाल ने कहा मै इसके पोस्ट ऑफिस के अकाउंट में डाल दूंगा तकि शम्भूलाल के वृद्धावस्था में पैसे काम आएगा। भैरूलाल ने परिजनों को विश्वास में लेकर न तो शम्भूलाल का पोस्ट ऑफिस में अकाउंट खुलवाया और न ही उसको पैसे दिए। साथ ही शम्भूलाल का भोलेपन का फायदा उठाकर भैरूलाल की पत्नी कमला बाई आए दिन मारपीट करती थी और शम्भूलाल को खाना एक टाइम का देती थी ।<br /><br />इसके बाद 8 वर्ष जब भैरूलाल को लकवा हो गया तो परिजन और गांव के कुछ लोग भैरूलाल के पास पहुंचे तभी भैरूलाल के पुत्र प्रकाश व धीरज भी घर पहुंच गए जो कि मुम्बई में रहते थे। उस दौरान शम्भूलाल के पैसे की बात कही तो भैरूलाल के दोनों पुत्रों ने शम्भूलाल के भाई हजारीलाल को पीट दीया। भैरूलाल के सभी परिवार के लोगों ने शम्भूलाल को दो दिनों तक घर में बंधक बनाकर रखा और परिवार वाले जाते तो उसे मिलने नहीं देते। दो दिन तक खाना नहीं देने से शम्भूलाल का तबीयत काफी खराब हो गई। इसके बाद भैरूलाल के परिवार के सदस्यों ने मारपीट कर उसे भगा दिया। इस संबंध परिजनों ने झालों की मदार के मौतबीर ग्रामीणों के समक्ष भैरूलाल परिवार वालों ने पांच लाख रुपए देने का आश्वासन दिया था। लेकिन अब तक मजदूरी के पैसे नहीं दिए। नवंबर वर्ष 2020 को घर से भगा दिया खमनोर थाने में मामला दर्ज कराया अभियुक्तों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया शम्भूलाल के भाई हजारीलाल ने एसपी सुधीर चौधरी को ज्ञापन सोंपकर न्याय की गुहार लगाई।<span lang="hi" style="font-size:10pt;line-height:115%;font-family:Mangal;" xml:lang="hi"><strong><br /></strong></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>राजसमंद</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Jun 2022 16:45:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>  बच्चों को स्कूल छोड़ने के लिए भी चुकाना पड़ रहा टोल, छूट नहीं मिलने से हो रही भारी परेशानी</title>
                                    <description><![CDATA[ नियम-कायदों को ताक में रखकर मालपुरा के बाहर अविकानगर के पास स्थित टोल नाका अब स्थानीय नागरिकों की मुसीबत का सबब बनता जा रहा है। जिसका दबे स्वर में विरोध मुखर होता जा रहा है तथा टोल मुक्ति के लिए प्रस्तावित आन्दोलन को धीरे-धीरे जन समर्थन मिल रहा है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/sawai-madhopur/-children-have-to-pay-toll-even-for-leaving-school-hugehuge-trouble-due-to-not-getting-discount/article-11995"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/tool-p.jpg" alt=""></a><br /><p>मालपुरा। नियम-कायदों को ताक में रखकर मालपुरा के बाहर अविकानगर के पास स्थित टोल नाका अब स्थानीय नागरिकों की मुसीबत का सबब बनता जा रहा है। जिसका दबे स्वर में विरोध मुखर होता जा रहा है तथा टोल मुक्ति के लिए प्रस्तावित आन्दोलन को धीरे-धीरे जन समर्थन मिल रहा है। मालपुरा से जयपुर के 90 किमी के सफर के लिए इस सड़क मार्ग से यात्रा करने वाले वाहन चालकों को दो टोल नाकों पर शुल्क चुकाना पड़ता है जो आर्थिक भार के रूप में सामने है। <br /><br />स्थानीय नागरिकों की समस्या है कि मालपुरा से महज पांच किमी की दूरी पर स्थित अविकानगर में स्थित केन्द्रीय विद्यालय एवं सरकारी विद्यालयों में बच्चों को छोड़ने जाने तक के लिए अभिभावकों को टोल चुकाना पड़ रहा है, यहीं नहीं स्थायी रूप से तैनात नियमित रूप से सफर करने वाले सरकारी कर्मचारियों तक को वाहन से नौकरी पर पहुंचने के लिए भारी भरकम टोल राशि चुकानी पड़ रही है जो अब स्थानीय नागरिकों को नागवार गुजर रहा है। जयपुर-भीलवाडा टोल रोड प्राइवेट लिमिटेड के हाथों में पूर्व में टोल वसूली का प्रबंधन रहने के दौरान न्यूनतम दूरी के लिए स्थायी व नियमित रूप से टोल नाका क्रॉस करने वाले वाहन चालकों के पास की व्यवस्था को भंग कर आरएसआरडीसी के कर्मचारियों द्वारा पूरा टोल वसूलने से ऐसे लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।<br /><br />ऐसे लोगों द्वारा पास बनाए जाने का अनुरोध करने अथवा किसी तरह की छूट का प्रावधान मांगे जाने के बावजूद आरएसआरडीसी द्वारा टोल शुल्क में किसी प्रकार की राहत नहीं दी जा रही है जिससे लोगों में आक्रोश व्याप्त है। अधिकारियों, पत्रकारों, स्कूली वाहनों अथवा नियमित वाहनों को शुल्क से माफी अथवा छूट का लाभ होने की पात्रता के बावजूद टोल कर्मचारियों के अभद्र व्यवहार का शिकार होना पड़ता है। जिसके कई मामले उजागर हो चुके है। कर्मचारियों के असभ्य व्यवहार का शिकार होने वाला वाहन चालक परिजनों के समक्ष किसी बदसलूकी अथवा झगडेÞ से बेहत्तर टोल चुकाने को अपनी नियति मान कर शुल्क राशि अदा करने को मजबूर है।<br /><br />जबकि अन्य टोल नाकों पर लगभग 10 किमी परिधि के स्थानीय नागरिकों को टोल नहीं चुकाने की जानकारी सामने आ रही है इसके विपरीत मालपुरा में यह वूसली लगातार जारी है। सत्ता पक्ष व विपक्ष में रहने के बावजूद स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा इस समस्या से त्रस्त स्थानीय लोगों को राहत प्रदान करने की दिशा में कोई सार्थक कदम नहीं उठाया जा रहा है जिससे आज भी इस राह से सफर करने वाले लोगों को अपनी जेब भारी भरकम टोल राशि चुका कर कटानी पड़ रही है। आगामी दिनों में टोलमुक्ति के लिए आन्दोलन की सुगबुगाहट को आमजन का भरपूर समर्थन मिलता दिखाई दे रहा है तथा सौश्यल मीडिया पर लोगों के सुझाव आ रहे हैं तथा इसके खिलाफ एकजुट होकर विरोध करने पर सहमति बनती दिखाई दे रही है।  <br /><br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>सवाई माधोपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Jun 2022 12:27:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> कचौरी बन रही कोटा की ज्योग्राफिकल आइडेंटिफिकेशन</title>
                                    <description><![CDATA[ देश विदेश में प्रसिद्ध कोटा की कचौरी के क्रेज का जायका लोगों की जुबान पर छाया हुआ है।  कोटा में रोजाना 300 से ज्यादा दुकानों व ठेलों पर रोजाना करीब 3 लाख से ज्यादा कचौरियां बिकती है, जिन्हें लोग बड़े चाव से खाते हैं। अल्फांसो के आम और दार्जलिंग चाय की तरह ही कोटा की कचौरी'ज्योग्राफिकल आइडेंटिफिकेशन' के तौर पर दुनिया भर में मशहूर है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-kachoris-are-getting-geographical-identity/article-11911"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/kachori-new.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। देश विदेश में प्रसिद्ध कोटा की कचौरी के क्रेज का जायका लोगों की जुबान पर छाया हुआ है। उड़द की दाल से बनने वाली इस खास कचौरी के जायके का सफर शास्त्री मार्केट की तंग गलियों से रियासतकाल में शुरू हुआ था जो आधुनिकता की निशानी समझे जाने वाली खाने-पीने की वस्तुओं पर भारी पड़ रहा है। 10 रुपए में बिकने वाली कोटा कचौरी खाकर हर कोई महंगे पिज्जा,बर्गर खाना भूल जाता है। कोटा में रोजाना 300 से ज्यादा दुकानों व ठेलों पर रोजाना करीब 3 लाख से ज्यादा कचौरियां बिकती है, जिन्हें लोग बड़े चाव से खाते हैं। कचौरी की मांग बढ़ने के साथ ही अब कोटा की फेमस कचौरी के शोरूम सजने लगे हंै और कचौरियां तलने के लिए कड़ाहे कम पड़ रहे हंै। कोटा में शायद ही ऐसी कोई गली हो जहां सुबह से लेकर देर शाम तक कचौरी के दीवानों की लाइन ना लगी हो। अल्फांसो के आम और दार्जलिंग चाय की तरह ही कोटा की कचौरी'ज्योग्राफिकल आइडेंटिफिकेशन' के तौर पर दुनिया भर में मशहूर है। उड़द की दाल में हींग, गर्म मसाले और खड़ी मिर्च डालकर तैयार होने वाली इस कचौरी के जायके का कोई तोड़ नहीं है। <br /><br /><strong>देश-विदेश में कोटा को कचौरी ने दिलाई पहचान</strong><br />कोटा की कचौरी ने शिक्षा नगरी कोटा को देश-विदेश में विशेष पहचान दिलाई है। जिस समय कचौरी के जायके का सफर शुरू हुआ,उस समय शहर में मात्र एक-दो दुकानें थी। अच्छी क्वालिटी की हींग और खास मसालों का स्वाद लोगों के मुंह पर ऐसा लगा कि कोटा कचौरी फेमस हो गई और एक ब्रांड बन गई। कोटा के शास्त्री मार्केट में 1960 में कचौरी की दुकान सबसे पहले खुली थी। इसके बाद से ही अब कोटा में सैंकड़ों दुकानों,ठेलों पर कचौरी बिक रही है। कचौरी बेचना अब लोगों की आय का साधन व व्यापार बन गया है। <br /><br /><strong>रोजाना तीन लाख से ज्यादा कचौरी खा जाते है लोग</strong><br />कोटा शहर के हर गली, मोहल्ले, चौराहों पर कचौरी की दुकानें व ठेले लगे हुए है। कई इलाकों में नामचीन दुकानें है जिनका खुद का ब्रांड है। टेस्ट और ब्रांड के नाम पर लोग दूर-दराज से कचौरी खाने आते हंै। एक अनुमान के मुताबिक 60 से 70 ग्राम वजन वाली दाल कचौरी 10 रुपए में बिकती है। कचौरी से रोजाना का 30 लाख से ज्यादा का कारोबार होता है। हर महीनें 90 लाख कचौरी की खपत होती है यानी कि हर वर्ष 10.80 करोड़ रुपए की कचौरी शहर में  बिकती है ।  सलाना 110 करोड़ से ज्यादा का कारोबार कोटा में कचौरी से होता है।<br /><br /><strong>कचौरी से तीन हजार लोगों को मिला रोजगार</strong><br />कचौरी के कारोबार से कोटा में 3 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिला हुआ है। कचौरी की बड़ी दुकानों में 5 से 6 लोग काम कर रहे है,जिनमें हलवाई,हेल्पर,काउंटर कर्मी शामिल है। शहर में करीब 15 से ज्यादा ऐसी दुकानें है जिनमें रोजाना 50 हजार से अधिक कचौरियां बिकती है और एक-एक दुकानदार रोजाना 2 हजार कचौरियां बेच देता है। शहर में 60 से 70 दुकानों पर रोजाना 1 हजार कचौरियां बिकती है। अन्य दुकानदार 200 से 500 कचौरियां रोजाना बेच देते हंै। <br /><br /><strong>दर में यूं हुई वृद्धि</strong><br />भुवनेश जैन बताते हैं कि 10 पैसे की एक कचौरी से कचौरी की कीमत शुरू हुई थी जो एक रुपए में ग्यारह मिलती थी। धीरे धीरे चार आने, आठ आने, रुपए से बढ़कर पांच रुपए तक दर पहुंची। फिर सात से आठ रुपए हुई। चार साल पहले तक 15 रुपए की दो कचौरी मिलती थी । अब वही दो कचौरी बीस रुपए में मिलती है। <br /><br /><strong>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी चख चुके हैं स्वाद</strong><br />नौ साल पहले गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी कोटा कचौरी का स्वाद चख चुके हैं। इसके साथ ही कोटा सांसद ओम बिरला के स्पीकर बनने के बाद 500 से ज्यादा कचौरी संसद भवन में भेजी गई थी,जहां मौजूद सभी सांसदों व मंत्रियों ने कोटा कचौरी का स्वाद चखा था। हाल ही में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनियां भी कोटा में एक कचौरी की दुकान पर खड़े हुए कचौरी का स्वाद लेते हुए दिखाई दिए थे।<br /><br /><strong>शहर के साथ बढ़ा कारोबार</strong><br />कोटा शहर के एक फेमस कचौरी विक्रेता भुवनेश जैन बताते हैं कि पिछले 5 वर्षों में कोटा शहर में कचौरी का कारोबार खूब बढ़ा है। रोजाना शहर में कचौरी की नई दुकानें भी खुल रही है,हालांकि पिछले 2 वर्षों में कोरोनाकाल में कचौरी का स्वाद बिगड़ गया था। लेकिन अब एक बार फिर से कचौरी के व्यापार ने रफतार पकड ली है। कोटा कि कचौरी इतनी प्रसिद्ध है की कोटा घूमने आने वाले देशी-विदेशी पर्यटक कचौरी पैक करवाकर अपने साथ ले जाते है। ज्यों-ज्यों शहर बढ़ रहा है त्यों-त्यों कोटा में कचौरी का व्यापार बढ़ रहा है। नये इलाके शुरू होने से पहले वहां कचौरी की दुकान पहुंच जाती है। कोरोना काल में कई कारीगर गांव चले गए थे। लेकिन अब वह सब फिर से लौट आए हैं। सोगरिया इलाके में दो वर्ष पहले कचौरी की दुकान करने वाले एक विक्रेता सुभाष कुमावत ने बताया कि पहले दिन उनकी 30 कचौरी बिकी थी। अब हजार के पार कांटा है। कचौरी कोटा में एक इंडस्ट्री बन रही है। <br /><br /><strong>हर मर्ज की दवा कचौरी</strong><br />कोटा में अमूमन लोग एक साथ दो कचौरी खाते हैं। दो कचौरी एक साथ खाने पर ही क्षुधा शांत होती है। वहीं कुछ शौकीन ऐसे भी हैं जिनके लिए कचौरी हर मर्ज की दवा है। एक गुटखा व्यापारी के पास कार्य करने वाले कर्मचारी राजू कहते हैं कि वह सुबह नियमित रूप से दुकान आने से पहले दो कचौरी खाते ही हैं। इसके बाद भी वह दिन भर में आठ से दस  कचौरी खा जाते हैं। कई बार शर्त पर तो दस से ज्यादा कचौरी ेक साथ खाी है।  वह कहते हैं कि पेट खराब हो तो भी मेरा पेट कचौरी खाने से ठीक हो जाता है। बुखार आता है तो गरम-गरम कचौरी खाता हूं ,इससे मेरा बुखार उतर जाता है। मेरे लिए तो हर मर्ज की दवा कचौरी है।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Jun 2022 14:57:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>राज्य के अनेक जिले लू की चपेट में</title>
                                    <description><![CDATA[राज्य के अनेक जिले लू की चपेट में होने से जनजीवन प्रभावित होने लगा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur--many-districts-of-rajasthan-are-in-the-grip-of-heat-wave--yellow-alert-of-heat-wave-in-the-state--life-started-getting-affected/article-6931"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/book1.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राज्य के अनेक जिले लू की चपेट में होने से जनजीवन प्रभावित होने लगा है। बाड़मेर में सोमवार को दिन का तापमान 42.8 डिग्री दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सर्वाधिक है। श्रीगंगानगर में अधिकतम तापमान 41.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो औसत से 9 डिग्री अधिक है। यह मार्च माह में आज तक दर्ज किया गया सर्वाधिक तापमान है। इससे पहले 22 मार्च, 2010 को गंगानगर में 41.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। मौसम विभाग ने एक अप्रैल तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में लू चलने का यलो अलर्ट जारी किया है। राजधानी जयपुर में दिन का तापमान 40 और रात का तापमान 22.5 डिग्री दर्ज हुआ। राजधानी जयपुर में दिन का तापमान अधिक रहने से घरों में अब कुलर और एसी चलने लगे हैं। मौसम विभाग के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि आगामी तीन दिन तक राज्य के तापमान में विशेष परिवर्तन नहीं होगा। एक-दो अप्रैल से तापमान में गिरावट आने से गर्मी से राहत मिलेगी।</p>
<p><br /><strong>इन जिलों में अधिक रहा तापमान</strong><br />बाड़मेर 42.8, जैलसमेर 42.4, जोधपुर 40.3, बीकानेर 41.8, चूरू 42.2, श्रीगंगानगर 41.5, धौलपुर 41.4, चित्तौड़गढ़ 40.4, कोटा 40.6, पिलानी 42.5, टोंक 41.1 डिग्री दिन का तापमान दर्ज हुआ। <br /><br /><strong>कैसा रहेगा मौसम का मिजाज</strong><br />29 मार्च को बांसवाड़ा, डूंगरपुर, झुंझुनूं, सीकर, टोंक, कोटा, बूंदी, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, बीकानेर, बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर, जालौर,  नागौर, पाली, चूरू, श्रीगंगानगर में लू चलने का यलो अलर्ट जारी किया है। 30 मार्च को बांसवाड़ा, डूंगरपुर, झुंझुनूं, सीकर, टोंक, कोटा, बूंदी, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, बीकानेर, बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर, जालौर, नागौर, पाली, चूरू, श्रीगंगानगर में लू का यलो अलर्ट है। बांसवाड़ा, डूंगरपुर, टोंक, कोटा, बूंदी, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, बीकानेर, बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर, जालौर, नागौर, पाली और चूरू में 31 मार्च को लू का यलो अलर्ट है। इसी तरह एक अप्रैल को अजमेर, भीलवाड़ा, बूंदी, बांसवाड़ा, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर, झुंझुनूं, सवाई माधोपुर, सीकर, टोंक, बीकानेर, बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर, जालौर, नागौर, पाली और चूरू में लू का अलर्ट जारी किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 29 Mar 2022 12:25:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>फिर उठा खेल परिषद कर्मचारियों को पेंशन का मुद्दा, चार माह से नहीं मिल रहा है 150 कर्मचारियों को पेंशन लाभ</title>
                                    <description><![CDATA[राज्य सरकार की ओर से 2004 के बाद के कर्मचारियों को पेंशन लाभ की घोषणा के साथ ही राजस्थान खेल परिषद के कर्मचारियों को पेंशन का मुद्दा फिर उठ गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/then-the-issue-of-pension-to-sports-council-employees-arose--150-employees-are-not-getting-pension-benefits-for-four-months--finance-department-raised-hands--council-does-not-have-budget/article-6308"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/sms_new.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। राज्य सरकार की ओर से 2004 के बाद के कर्मचारियों को पेंशन लाभ की घोषणा के साथ ही राजस्थान खेल परिषद के कर्मचारियों को पेंशन का मुद्दा फिर उठ गया है। परिषद के 2004 से पूर्व के कर्मचारियों को भी चार माह से पेंशन नहीं मिल रही है। राज्य के वित्त और खेल विभाग ने भी अब परिषद को राय दी है कि कर्मचारियों को पेंशन और अन्य लाभ के भुगतान के लिए अपनी निजी आय में वृद्धि करें। वित्त विभाग के संयुक्त शासन सचिव वृद्धिचंद बुनकर ने पिछले दिनों खेल विभाग को लिखे पत्र में स्पष्ट किया है कि कोविड-19 के कारण उत्पन्न परिस्थितियां अब सामान्य होने लगी हैं और खेल गतिविधियां नियमित रूप से आरंभ हो गई हैं। इसलिए विभाग निजी आय में वृद्धि कर पेंशन के मासिक भुगतान और भावी पेंशन दायित्वों के भुगतान की व्यवस्था सुनिश्चित करे। वित्त विभाग का यह पत्र खेल विभाग ने परिषद को भेज दिया है। <br /><br /><strong>सरकार ने दी 6.70 करोड़ की राशि</strong><br />साल की शुरुआत में राज्य सरकार की ओर से कर्मचारियों को पेंशन भुगतान के लिए खेल परिषद को 6.70 करोड़ रुपए जारी किए गए लेकिन उनसे दिसम्बर माह तक की पेंशन और सेवानिवृत हुए कर्मचारियों के अन्य पेंशन लाभों का भुगतान ही संभव हो सका। <br /><br /><strong>डेढ़ सौ कर्मचारी ले रहे हैं पेंशन</strong><br />राजस्थान खेल परिषद में कर्मचारियों को 1991 से पेंशन लाभ दिया जा रहा है। पुरानी पेंशन योजना के तहत करीब 150 कर्मचारी या उनका परिवार वर्तमान में पेंशन लाभ प्राप्त कर रहा है। पुरानी पेंशन योजना के तहत नियुक्त लगभग सभी कर्मचारी 2024 तक रिटायर हो जाएंगे। <br /><br />राजस्थान खेल परिषद के निजी आय के स्रोत अत्यंत सीमित हैं और दो साल कोरोना महामारी के कारण खेल गतिविधियां पूरी तरह बन्द रहीं। परिषद बिना सरकार की मदद के कर्मचारियों को पेंशन और अन्य परिलाभ का भुगतान नहीं करने में सक्षम नहीं है। परिषद की ओर से पहले भी सरकार को यह बताया गया है और अब फिर पत्र लिखकर और मदद के लिए मांग करेंगे। <br />-<strong>राजूलाल, सचिव, खेल परिषद</strong><br /><br />ंकर्मचारियों को पिछले चार माह से पेंशन नहीं मिल रही है। हमारे कुछ साथी बीमार हैं और कई आर्थिक बदहाली में रह रहे हैं। पेंशन ही रिटायर कर्मचारी का एकमात्र सहारा है। हमने सरकार के हर स्तर पर अपनी आवाज पहुंचाई है। अब उम्मीद मुख्यमंत्री जी से है, जिन्होंने कर्मचारियों के हित में कई फैसले लिए हैं।<br />-<strong>गजेन्द्र सिंह, अध्यक्ष, कर्मचारी संघ</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 17 Mar 2022 14:01:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के  कुलपति पर फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर नियुक्ति पाने का आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[मामले की जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया जाएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/leader-of-opposition-in-the-state-assembly--gulab-chand-kataria--through-a-calling-attention--accused-the-vice-chancellor-of-mohanlal-sukhadia-university-udaipur-of-getting-appointment-through-wrong-documents/article-5956"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/gu.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राज्य विधानसभा में शुक्रवार को नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया ने ध्यानाकर्षण के जरिए मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय उदयपुर के कुलपति पर गलत दस्तावेज से नियुक्ति पाने का आरोप लगाया।  नेता प्रतिपक्ष की आरोपों का जवाब देते हुए उच्च शिक्षा मंत्री राजेंद्र यादव ने कहा कि यह  मामला गंभीर है। मामले की जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया जाएगा। गलती पाए जाने पर एफ आई आर दर्ज कराई जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 11 Mar 2022 14:05:52 +0530</pubDate>
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                <title> दुनिया के नंबर एक टेनिस खिलाड़ी जोकोविच के वैक्सीन को लेकर तीखे तेवरे, कहा, 'वैक्सीन लगवाने के बजाय खिताबों का त्याग करने को तैयार हूं</title>
                                    <description><![CDATA[मैं कभी भी टीकाकरण के खिलाफ नहीं था, लेकिन आप अपने शरीर में क्या डालते हैं, मैं इसे चुनने की स्वतंत्रता का समर्थन करता हूं:जोकोविच]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/world-s-number-one-tennis-player-djokovic-sharply-expressed-about-the-vaccine--said--i-am-ready-to-sacrifice-the-titles-instead-of-getting-the-vaccine/article-4508"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/novak-new.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। वैक्सीनेशन को लेकर देश-दुनिया की सरकारें अपने स्तर पर लगातार प्रयास कर रही है। लेकिन इस बीच टेनिस खिलाड़ी नोवाक जोकोविच का चौंकाने वाला बयान सामने आया है।  जिसमें उन्होनें कहा है कि 'वैक्सीन लगवाने के बजाय खिताबों का त्याग करने को तैयार हूं।</p>
<p>दरअसल 20 बार के ग्रैंड स्लैम विजेता और दुनिया के नंबर एक टेनिस खिलाड़ी सर्बिया के नोवाक जोकोविच ने मंगलवार को कहा कि वह कोरोना वैक्सीन लगाने के बजाय टेनिस प्रतियोगिताओं में भाग लेने का त्याग करने के लिए तैयार हैं। जोकोविच ने इस बारे में कि क्या वह कोरोना वैक्सीन पर अपने रुख के चलते आगामी विंबलडन और फ्रेंच ओपन जैसे टेनिस टूर्नामेंटों का त्याग करने को तैयार हैं, कहा, '' हां, यही वह कीमत है जो मैं चुकाने को तैयार हूं। ''<br /><br />दुनिया के नंबर एक टेनिस खिलाड़ी ने बीबीसी के साथ एक साक्षात्कार में कहा, '' मैं कभी भी टीकाकरण के खिलाफ नहीं था, लेकिन आप अपने शरीर में क्या डालते हैं, मैं इसे चुनने की स्वतंत्रता का समर्थन करता हूं। अपने शरीर के बारे में निर्णय लेने के सिद्धांत मेरे लिए किसी भी खिताब या किसी अन्य चीज से अधिक महत्वपूर्ण हैं। मैं जितना संभव हो सके अपने शरीर के साथ तालमेल बिठाने की कोशिश कर रहा हूं। मैं समझता हूं कि विश्व स्तर पर हर कोई इस वायरस से निपटने के लिए बड़ा प्रयास करने की कोशिश कर रहा है और उम्मीद है कि जल्द ही इस वायरस का अंत हो जाएगा।''<br /><br />उल्लेखनीय है कि पिछले महीने ऑस्ट्रेलिया के आप्रवासन मंत्री एलेक्स हॉक ने जोकोविच का वीजा रद्द कर दिया था, क्योंकि उन्होंने अपने टीकाकरण की स्थिति नहीं बताई थी। उन्हें ऑस्ट्रेलिया में प्रवेश से वंचित कर दिया गया था और उन्हें कई दिन आप्रवासन केंद्र में बिताने पड़े थे। बाद में ऑस्ट्रेलिया की एक अदालत ने उन्हें नजरबंदी से रिहा करने का आदेश दिया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 15 Feb 2022 17:44:12 +0530</pubDate>
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                <title>रीट पेपर सियासी घमासान : बढ़ने लगा विवाद, सांसद किरोड़ी ने फिर जारी किया चीटिंग का काला चिठ्ठा, किए कई खुलासा</title>
                                    <description><![CDATA[किरोड़ी मीणा के आरोपों से राजनीतिक हलचल : इस मामले में मंत्री, बड़ा प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल : सीबीआई से मामले की जांच करवाकर रीट  परीक्षा दोबारा करवाई जाए]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%9F-%E0%A4%AA%E0%A5%87%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%B8%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%B8%E0%A5%80-%E0%A4%98%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%A8---%E0%A4%AC%E0%A5%9D%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A4%97%E0%A4%BE-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%A6--%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%B8%E0%A4%A6-%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A5%9C%E0%A5%80-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%AB%E0%A4%BF%E0%A4%B0-%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%9A%E0%A5%80%E0%A4%9F%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%97-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%BE-%E0%A4%9A%E0%A4%BF%E0%A4%A0%E0%A5%8D%E0%A4%A0%E0%A4%BE--%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%8F-%E0%A4%95%E0%A4%88-%E0%A4%96%E0%A5%81%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%B8%E0%A4%BE/article-4207"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-01/29.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। रीट-2021 पेपर आउट होने का विवाद नहीं थम रहा है। 26 सितंबर को हुई परीक्षा के बाद से ही प्रदेश के बेरोजगार युवा, राज्यसभा सांसद डॉ. किरोड़ी लाल मीणा और भाजपा विरोध कर रही है। ये सभी मामले की जांच सीबीआई और परीक्षा दोबारा से करवाने की मांग कर रहे हैं। सांसद किरोड़ी ने गुरुवार को प्रेसवार्ता करते हुए एक बार फिर कई खुलासे किए। उन्होनें इस मामले में मंत्रियों, बड़े प्रशासनिक अधिकारियों के शामिल होने के आरोप लगाए है। </p>
<p><strong><br />तीन माह पहले दिए तथ्य</strong><br />मीणा ने कहा कि एसओजी ने भजनलाल विश्नोई और राम कृपाल मीणा को गिरफ्तार किया और शिक्षा संकुल से पेपर लीक होना स्वीकार किया है। यह तथ्य मैंने सरकार और एसओजी को करीब तीन महीने पहले ही दे दिए थे कि रामकृपाल मीणा के ब्लैक लिस्टेट कॉलेज को रीट परीक्षा का सेंटर बनाया गया था। शिक्षा संकुल से पेपर लीक का मामला पहले ही उजागर कर चुका हूं। प्रकरण में माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अध्यक्ष डीपी जारोली और जिला कॉर्डिनेटर प्रदीप पाराशर की अहम भूमिका है। परीक्षा से पहले 24 सितंबर को जारोली शिक्षा संकुल में आए थे और पाराशर के साथ पार्टी भी की। <br /><br /><strong>बोर्ड अध्यक्ष को सत्ता का संरक्षण</strong><br />मीणा ने कहा कि बोर्ड अध्यक्ष को सत्ता का संरक्षण मिला है तभी वे तथ्यों का जबाव देने के बजाय मेरा इस्तीफा मांग रहे थे। परीक्षा से पहले पेपर कई लोगों के पास गए है और जोधपुर में तो करीब पांच हजार लोगों के पास पेपर पहुंचा। मंत्री की जान-पहचान वाले एक व्यक्ति की कोलकाता की प्रिंटिंग प्रेस को पेपर छपवाने का टेंडर दिया। यह व्यक्ति खुद अहमदाबाद का निवासी है। वहीं, राजस्थान विवि में एबीवीपी ने तो शिक्षा संकुल में बेरोजगारों ने विरोध किया और राज्य बोर्ड अध्यक्ष से इस्तीफा मांगा है।</p>
<p><strong>रीट पेपर में एसओजी का खुलासा : जयपुर के शिक्षा संकुल में बने स्ट्रांग रूम से पेपर हुआ था लीक : अब तक कुल 35 आरोपितों को कर चुकी है गिरफ्तार</strong><br /><br />जयपुर। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने खुलासा किया है कि रीट पेपर जयपुर में शिक्षा संकुल में बने संग्रहण केन्द्र से लीक हुआ था। यह 26 सितम्बर को आयोजित रीट की परीक्षा से एक दिन पहले ही 25 सितम्बर को लीक कर दिया गया था। एसओजी के एडीजी अशोक राठौड़ ने बताया कि टीम ने रीट परीक्षा पेपर आउट प्रकरण में मुख्य आरोपी भजनलाल को पूर्व में गिरफ्तार किया था। जब उससे पूछताछ की गई तो सामने आया कि रीट का पेपर उसे उदाराम विश्नोई पुत्र जगराम निवासी रणोदर चितलवाना जालौर ने दिया था। </p>
<p><br />टीम ने उदाराम को गिरफ्तार कर लिया। जब टीम ने उदाराम से पूछताछ शुरू की तो उसने खुलासा कि उसे यह पेपर रामकृपाल मीणा पुत्र नोनदाराम निवासी जगन्नाथपुरी शिव शक्ति पब्लिक स्कूल, कॉलेज त्रिवेणी नगर गोपालपुरा बाईपास ने शिक्षा संकुल जयपुर में स्थित पेपर संग्रहण केन्द्र से परीक्षा से पूर्व 25 सितम्बर को ही निकालकर दिया था। एसओजी की टीम उदाराम और रामकृपाल मीणा से पूछताछ कर रही है। इसके अलावा इस प्रकरण से जुड़े अन्य गिरोह के सदस्यों एवं लाभार्थियों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। बताया जा रहा है कि पेपर लीक करने का सौदा सवा करोड़ रुपए में तय हुआ था। एसओजी की टीम गुरुवार को अजमेर में आरपीएससी बोर्ड पहुंची और जांच कर रिकॉर्ड के बारे में जानकारी जुटाई।<br /><br /><strong>एसओजी ने बोर्ड अध्यक्ष जारोली से की पूछताछ</strong><br />अजमेर।  एसओजी की टीम गुरुवार को माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के सिविल लाइन्स स्थित रीट कार्यालय पहुंची। इससे हड़कंप मच गया। बोर्ड अध्यक्ष डी.पी. जालोरी से पूछताछ की और परीक्षा से जुड़े दस्तावेज साथ ले गई। इस बीच, जारोली ने कहा कि पेपर लीक में कोई बोर्ड कर्मचारी लिप्त मिला, तो वे खुद इस्तीफा दे देंगे। टीम ने बोर्ड अध्यक्ष से रीट के प्रश्न-पत्र की बुकलेट कहां-कहां कितनी-कितनी भेजी गई और कितनी अतिरिक्त थी, जैसे मुद्दों पर जानकारी ली। </p>
<p><br />कुछ दस्तावेजों को जब्त किया। इस बारे में बोर्ड प्रशासन ने भी एसओजी को पत्र दिया। जालोरी ने बताया कि बोर्ड की जिम्मेदारी प्रश्न-पत्र जिलों की ट्रेजरी तक पहुंचाने की थी। उसके बाद परीक्षा आयोजन अध्यक्ष ही प्रश्न-पत्र केन्द्र तक पहुंचाते हैं। अध्यक्ष कलक्टर होते हैं। इसमें पुलिस अधीक्षक व अन्य अधिकारीगण भी इस प्रक्रिया में शामिल होते हैं।  बोर्ड स्तर पर रीट को लेकर पूरी तरह गोपनीयता रखी गई थी। इसलिए बोर्ड के स्तर पर चूक होने की संभावना नहीं है।  उन्होंने कहा कि अगर प्रश्न-पत्र लीक मामले में बोर्ड के किसी कर्मचारी की लिप्तता मिलती है, तो वह खुद अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे देंगे। उन्होंने कहा कि एसओजी की अब तक की जांच में बोर्ड के किसी भी कर्मचारी की मिलीभगत सामने नहीं आई है। </p>
<p><strong><br />पहले भी आ चुकी है एसओजी </strong><br />बोर्ड अध्यक्ष ने बताया कि पहले भी एसओजी की टीम रीट कार्यालय में जांच करने आई थी। उस दौरान भी गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद उनसे संबंधित दस्तावेज की जांच कर उन्हें ले गई थी। एसओजी की टीम ने मामले में मीडिया से बातचीत नहीं की। उन्होंने जांच को पूरी तरह गोपनीय रखा। उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में यह सामने आया था कि रीट प्रश्न-पत्र जयपुर में लीक हुआ है। परीक्षार्थी को जो प्रश्न-पत्र दिया गया था। वो एक शिक्षण संस्था के संचालक द्वारा दिया गया था।<br /><br /><br /><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 28 Jan 2022 12:19:59 +0530</pubDate>
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                            </item>
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                <title>स्मार्ट टच स्क्रीन पर महीनों से छाया अंधेरा, पर्यटकों को नहीं मिल रही सही जानकारी</title>
                                    <description><![CDATA[टिकट निकालने वाली मशीने हांफने लग गई हैं, ऐसे में कई स्मारकों में मेनुअल टिकट व्यवस्था करनी पड़ रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%9F-%E0%A4%9F%E0%A4%9A-%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%A8-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%A8%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%9B%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%85%E0%A4%82%E0%A4%A7%E0%A5%87%E0%A4%B0%E0%A4%BE--%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%9F%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%A8%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B2-%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%B9%E0%A5%80-%E0%A4%9C%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80/article-3581"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/smart-kiyosk-copy.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। शहर के स्मारकों में इन दिनों हजारों की संख्या में पर्यटकों की आवाजाही देखने को मिल रही है। हालात ये हैं कि टिकट निकालने वाली मशीने हांफने लग गई हैं, ऐसे में कई स्मारकों में मेनुअल टिकट व्यवस्था करनी पड़ रही है। पर्यटन स्थलों पर विजिट के दौरान पर्यटकों को अन्य जगहों की जानकारी आसानी से मिले। इसके लिए स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत वर्ष 2016-17 में जयपुर विकास प्राधिकरण की ओर से पुरातत्व विभाग के अधीन आने वाले स्मारकों पर लगाए इंटर एक्टिव स्मार्ट टच स्क्रीन कियोस्क धूल फांक रहे हैं। आलम ये है कि कियोस्क लोगों को जानकारी तो नहीं दे पा रहे, लेकिन उनके बिखरे बाल को संवारने में मददगार साबित हो रहे हैं।<br /> <br /> <strong>यहां लगाए गए कियोस्क</strong><br /> जानकारी के अनुसार शहर के अल्बर्ट हॉल संग्रहालय में 2, जंतर-मंतर स्मारक के व्याख्यान केन्द्र पर एक, हवामहल स्मारक परिसर में 2 और आमेर महल परिसर में 2 स्मार्ट टच स्क्रीन कियोस्क लगाए गए हैं। पुरातत्व विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इन्हें सही करने के संबंध में कई बार जेडीए के संबंधित अधिकारियों को कहा जा चुका है, लेकिन अभी तक इन्हें फिर से शुरू नहीं किया गया है। <br /> <br /> <strong>पर्यटकों को मिलती है ये जानकारियां </strong><br />     विभिन्न पर्यटन स्थलों के वर्चुअल टूर <br />     शहर में ट्रेवल और स्टे  <br />     फूड और बेवरेज <br />     कैब बुकिंग <br />     सिटी में शॉपिंग सेंटर्स  <br />     जनरल अवेयरनेस<br />     जरूरी टेलीफोन नम्बर्स<br />     नेविगेशन<br />     मोबाइल रिचार्ज<br />     मूवी टिकट बुकिंग</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Dec 2021 12:43:17 +0530</pubDate>
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                <title>यहां चलना संभल-संभल कर... बगरू में प्रवेश के साथ ही गड्ढों भरी सड़कों से सामना, रोज घायल हो रहे लोग</title>
                                    <description><![CDATA[बगरू को सेज व सांगानेर से जोड़ने वाली सडक बदहाल, 15 गांवों की आबादी परेशान]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/61b9d2becb6b8/article-3242"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/whatsapp-image-2021-12-15-at-16.01.50.jpeg" alt=""></a><br /><p>बगरू। कस्बे के रीको एरिया से सेज होते हुए सांगानेर को जाने वाली पालड़ी परसा वाली करीब 4 किमी सड़क बीते आठ साल से नहीं बन पाई है, इससे आसपास के ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ रही है। इस पर पालड़ी परसा के ग्रामीणों ने कई बार स्थानीय विधायक-सांसद, पीडब्ल्यूडी विभाग को ज्ञापन देकर बगरू रीको से पालड़ी परसा तक सड़क का नया निर्माण कराने की मांग की थी, परंतु अब तक किसी ने किसी प्रकार की कोई कार्यवाही नही की। ग्रामीणों का कहना है कि क्षतिग्रस्त सड़क के कारण पिछले आठ साल से आवाजाही में परेशानी का सामना कर रहे हैं, सड़क के कारण 15 से अधिक गांवों की 25 हजार की आबादी को मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है, क्षेत्रवासियों ने सड़क का निर्माण कराने की मांग की है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि बगरू रीको से पालड़ी परसा तक सड़क पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है, जिसके चलते इस मार्ग से आवाजाही करने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, बीमार और गर्भवती महिलाओं को दिक्कते होती है, खराब सड़क के कारण आए दिन वाहन अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त होते हैं वह कई बार जान भी गवानी पड़ती है, इस सड़क के निर्माण को लेकर कई बार अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, फिर भी सड़क नही बनाने से ग्रामीणो में आक्रोश है।</p>
<p><strong><br /> आए दिन हो रहे हैं हादसे</strong><br /> राहगीर आए दिन सड़क पर गड़ढ़ों में गिरकर घायल हो रहे है, सड़क के मामले को लेकर कई बार धरने प्रदर्षन भी किये गये है व सैकड़ो ज्ञापनों के बावजूद सड़क नहीं बनाई जा रही है, ग्रामीणों ने जल्द से जल्द सड़क निर्माण की मांग की है, ग्रामीणों ने कहा कि उनकी समस्या पर न अधिकारी ध्यान दे रहे हैं और न जनप्रतिनिधि, उनकी उपेक्षा का खामियाजा क्षेत्र के ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है।</p>
<p><br /> <strong>15 से ज्यादा गांव जुड़े हैं इस मार्ग से</strong><br /> ग्रामीणों ने बताया कि बगरू रीको से पालड़ी परसा, कलवाड़ा, नेवटा, मुहाना, गुजर की तलाई सहित 15 से ज्यादा गांव के 25 हजार लोग आवाजाही करते हैं, खराब सड़क से लोगों की मुश्किल बढ़ती जा रही है।</p>
<p><strong><br /> दस वर्ष पहले बनाई थी, यहां पर डामर सड़क</strong><br /> ग्रामीणों ने बताया कि इस सड़क का निर्माण करीब दस वर्ष पहले हुआ था, इसके कुछ समय बाद ही सड़क उखड़ गई, सड़क को दुरुस्त करने के लिए ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारियों को कई बार अवगत कराया, लेकिन कोई सुनवाही नहीं हो रही है, लोग आए दिन दुर्घटनाग्रस्त हो रहे है।</p>
<p><strong><br /> बेगस रोड के भी यही हालात</strong><br /> बगरू कस्बे को बेगस सहित अनेक गांवो से जुड़ने वाली सड़कें खस्ताहाल हैं। कस्बे में प्रवेश के साथ ही वाहन चालकों को गहरे गड्ढों भरी सड़कों से गुजरना पड़ता है। इन सड़कों से अनेक गांवो से आने वाले सैकड़ा वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। कई वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त होकर गंभीर घायल तक हो चुके हैं। इसको लेकर कई बार लोगों ने शिकायत भी की, लेकिन जिम्मेदारों ने केबल ग्रेबल डलबाकर इतिश्री कर ली। बेगस रोड से बगरू कस्बे में प्रवेश करने वाले लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है। बेगस रोड़ पर 300 मीटर तक लगातार गहरे गड्ढे हो रहे हैं। इस रोड से बेगस, निमेड़ा, सिरसी, बिंदायका, हाथोज सहित अनेक गांवो से आने वाले वाहन बगरू नगर पालिका मुख्यालय में प्रवेश करते हैं। यहां गढ़हों के कारण कई चार पहिया वाहनों के इंजन भी क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। वहीं आए दिन बाइक सवार गिरकर चोटिल हो रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Dec 2021 17:29:15 +0530</pubDate>
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