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                <title>anniversary - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>anniversary RSS Feed</description>
                
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                <title>सोमनाथ का पुनर्निर्माण: भारत की स्वतंत्र चेतना और प्राचीन गौरव की पुनर्स्थापना का उद्घोष, पीएम मोदी ने खुद को बताया दादा सोमनाथ का अनन्य भक्त</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमनाथ मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा के 75 वर्ष पूरे होने पर इसे भारत की स्वतंत्र चेतना का प्रतीक बताया। उन्होंने सरदार पटेल के योगदान को याद करते हुए मंदिर को सनातन गौरव का केंद्र कहा। पीएम ने 11 मई को पोखरण परमाणु परीक्षण की वर्षगांठ पर भारत की वैज्ञानिक और राजनीतिक इच्छाशक्ति को भी नमन किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/reconstruction-of-somnath-proclamation-of-indias-independent-consciousness-and-restoration/article-153407"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/photoo.png" alt=""></a><br /><p>सोमनाथ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि 75 वर्ष पहले शुरू हुआ सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं था, बल्कि यह भारत की स्वतंत्र चेतना और प्राचीन गौरव की पुनर्स्थापना का उद्घोष था। पीएम मोदी ने सोमनाथ मंदिर में विग्रह प्रतिष्ठा के 75 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित 'अमृत महोत्सव' को संबोधित करते हुए कहा कि "समय खुद जिनकी इच्छा से प्रकट होता है, जो स्वयं कालातीत हैं और काल स्वरूप हैं, आज उन देवाधिदेव महादेव की विग्रह प्रतिष्ठा के हम 75 वर्ष मना रहे हैं।"</p>
<p>उन्होंने कहा कि सोमनाथ केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि भारत की आत्मा और सनातन चेतना का प्रतीक है। प्रधानमंत्री ने कहा, "ये सृष्टि जिनसे सृजित होती है, जिनमें लय हो जाती है, आज हम उनके धाम के पुनर्निर्माण का उत्सव मना रहे हैं। जो हलाहल पीकर नीलकंठ हो गए, उन्हीं की शरण में आज सोमनाथ अमृत महोत्सव हो रहा है।" पीएम मोदी ने स्वयं को "दादा सोमनाथ का अनन्य भक्त" बताते हुए कहा कि वह अनेक बार यहां आ चुके हैं, लेकिन इस बार यहां पहुंचते हुए उन्हें "समय की यात्रा" का विशेष अनुभव हुआ।</p>
<p>उन्होंने कहा कि 75 वर्ष पहले सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण स्वतंत्र भारत के आत्मविश्वास का प्रतीक था। पीएम मोदी ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद सरदार वल्लभभाई पटेल ने 500 से अधिक रियासतों का एकीकरण कर आधुनिक भारत की नींव रखी और सोमनाथ के पुनर्निर्माण के माध्यम से दुनिया को संदेश दिया कि भारत केवल स्वतंत्र ही नहीं हुआ है, बल्कि अपने प्राचीन गौरव को पुनः प्राप्त करने के मार्ग पर भी अग्रसर है। उन्होंने कहा कि कुछ महीने पहले सोमनाथ स्वाभिमान पर्व मनाया गया था और अब प्राण प्रतिष्ठा के 75 वर्ष पूरे होने का अवसर मिला है। उन्होंने इसे "हजार वर्षों की अमृत यात्रा" का अनुभव बताया।</p>
<p>पीएम मोदी ने कहा कि सोमनाथ अमृत महोत्सव केवल अतीत का उत्सव नहीं, बल्कि अगले एक हजार वर्षों के लिए भारत की प्रेरणा का भी महोत्सव है। इस अवसर पर पीएम मोदी ने देशवासियों और भगवान सोमनाथ के करोड़ों भक्तों को शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री ने कहा कि 11 मई का दिन एक और कारण से भी विशेष है, क्योंकि इसी दिन वर्ष 1998 में पोखरण में परमाणु परीक्षण किए गए थे। उन्होंने कहा कि भारत ने 11 मई को तीन परमाणु परीक्षण कर अपनी क्षमता और सामर्थ्य का परिचय दुनिया को दिया था।</p>
<p>उन्होंने कहा कि परीक्षणों के बाद विश्व की अनेक शक्तियों ने भारत पर दबाव बनाने का प्रयास किया और आर्थिक प्रतिबंध लगाए, लेकिन इसके बावजूद 13 मई को दो और परमाणु परीक्षण किए गए, जिससे दुनिया को भारत की राजनीतिक इच्छाशक्ति का परिचय मिला।<br />श्री मोदी ने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया था कि राष्ट्र सर्वोपरि है और दुनिया की कोई ताकत भारत को झुका नहीं सकती। उन्होंने कहा कि पोखरण परमाणु परीक्षण को "ऑपरेशन शक्ति" नाम दिया गया था, क्योंकि भारत की परंपरा शिव और शक्ति की आराधना से जुड़ी रही है। प्रधानमंत्री ने आशा व्यक्त की कि शिव और शक्ति की यह आराधना देश की वैज्ञानिक प्रगति के लिए भी प्रेरणा बनेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 May 2026 14:46:41 +0530</pubDate>
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                <title>‘ऑपरेशन सिंदूर’ की पहली वर्षगांठ पर भाजपा का सलाम: भारत के अडिग इरादों की गूंज ; भाजपा ने वीर जवानों को किया नमन, वीरों के साहस को राष्ट्र का नमन</title>
                                    <description><![CDATA[भाजपा ने 'ऑपरेशन सिंदूर' को भारत के अडिग इरादों का ऐलान बताया है। 7 मई 2025 को पहलगाम हमले के जवाब में शुरू हुए इस ऑपरेशन ने पाकिस्तान स्थित आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दुनिया को कड़ा संदेश दिया। पार्टी ने उन पराक्रमी वीरों को नमन किया है, जिन्होंने राष्ट्र की सुरक्षा के लिए अदम्य साहस दिखाया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/bjps-salute-on-the-first-anniversary-of-operation-sindoor-echo/article-152979"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/sinddor.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने ऑपरेशन सिंदूर को भारत के अडिग इरादों का ऐलान बताते हुए इसमें शामिल भारतीय सेना के जवानों को नमन किया है। भाजपा ने सोशल मीडिया एक्स पर गुरुवार को लिखा, "वो सिर्फ एक ऑपरेशन नहीं था, भारत के अडिग इरादों का ऐलान था। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की पहली वर्षगांठ पर उन वीरों को नमन, जिन्होंने दुश्मन को जवाब नहीं, संदेश दिया और उस संदेश की गूंज दुनिया ने सुनी। जय हिंद! गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले को लेकर भारतीय सेना ने सात मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था और पाकिस्तान में स्थित आतंकवादियों के कई ठिकानों को नष्ट कर दिया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 07 May 2026 17:27:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर पीएम मोदी का बड़ा बयान: आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ प्रतिक्रिया, सुरक्षा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 'ऑपरेशन सिंदूर' की पहली वर्षगांठ पर सशस्त्र बलों के अद्वितीय साहस को सलाम किया। उन्होंने इसे आतंकवाद के खिलाफ भारत की सटीक प्रतिक्रिया और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता बताया। पीएम ने जोर दिया कि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता ने भारत की सैन्य शक्ति और संकल्प को और अधिक मजबूत किया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/pm-modis-big-statement-on-the-first-anniversary-of-operation/article-152973"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/modi1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ प्रतिक्रिया और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को दिखाता है। पीएम मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर गुरुवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि पूरा राष्ट्र हमारे बलों के शौर्य को सलाम करता है। पीएम मोदी ने कहा, “एक वर्ष पहले हमारे सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अद्वितीय साहस, सटीकता और दृढ़ संकल्प का प्रदर्शन किया था। उन्होंने उन लोगों को करारा जवाब दिया जिन्होंने पहलगाम में निर्दोष भारतीयों पर हमला करने का दुस्साहस किया था। पूरा राष्ट्र हमारे बलों के शौर्य को सलाम करता है।"</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा. "ऑपरेशन सिंदूर ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ प्रतिक्रिया और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाया। इसने हमारे सशस्त्र बलों की पेशेवर क्षमता, तैयारी और समन्वित शक्ति को भी उजागर किया। साथ ही, इसने हमारे बलों के बीच बढ़ती संयुक्तता को प्रदर्शित किया और यह रेखांकित किया कि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की भारत की खोज ने हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा को कितनी मजबूती प्रदान की है।" उन्होंने कहा कि आज एक वर्ष बाद भी भारत आतंकवाद को पराजित करने और उसके समर्थक तंत्र को नष्ट करने के अपने संकल्प पर पहले की तरह अडिग हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Thu, 07 May 2026 14:42:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>'ऑपरेशन सिंदूर' की पहली बरसी पर पीएम मोदी ने बदली सोशल मीडिया डीपी: भारतीय सशस्त्र बलों के शौर्य और बहादुरी को किया नमन, पाकिस्तान को सख्त संदेश </title>
                                    <description><![CDATA['ऑपरेशन सिंदूर' की पहली वर्षगांठ पर पीएम मोदी ने एक्स (X) की डीपी बदलकर सैनिकों के अदम्य साहस को नमन किया। महाभारत के श्लोक के साथ उन्होंने संदेश दिया कि उच्च मनोबल वाली सेना की विजय निश्चित है। 7 मई 2025 को शुरू हुआ यह ऑपरेशन आतंकवाद के खिलाफ भारत की ऐतिहासिक जीत का प्रतीक है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/on-the-first-anniversary-of-operation-sindoor-pm-modi-changed/article-152976"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/pm-modi.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर की पहली बरसी पर अपने सोशल मीडिया एक्स की डिस्प्ले तस्वीर बदलकर 'ऑपरेशन सिंदूर' कर ली है और सैनिकों के पराक्रम और देशभक्ति की सराहना की है। पीएम मोदी ने 'ऑपरेशन सिंदूर' की वर्षगांठ पर भारतीय सशस्त्र बलों के शौर्य और बहादुरी को नमन करते हुए एक्स पर लिखा, "ऑपरेशन सिंदूर में भारत को मिली असाधारण विजय हमारे वीर सैनिकों के अद्भुत पराक्रम और देशभक्ति की प्रेरक मिसाल है। उनके अदम्य साहस, दृढ़ संकल्प और कर्तव्यनिष्ठा पर हर देशवासी को गर्व है।"</p>
<p>उन्होंने इस मौके पर महाभारत का एक श्लोक को एक्स पर पोस्ट किया, उदीर्णमनसो योधा वाहनानि च भारत। यस्यां भवन्ति सेनायां ध्रुवं तस्यां जयं वदेत्।" इस श्लोक का अर्थ है हे भरतवंशी (युधिष्ठिर)! जिस सेना के सैनिक (योद्धा) और वाहन (घोड़े, हाथी, रथ आदि) उत्साही और उच्च मनोबल वाले (उदीर्णमनस:) होते हैं, उस सेना की विजय निश्चित (ध्रुवम्) समझनी चाहिए। गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले को लेकर भारतीय सेना ने सात मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था और पाकिस्तान में स्थित आतंकवादियों के कई ठिकानों को नष्ट कर दिया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 07 May 2026 12:27:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>खड़गे ने इंटक के स्थापना दिवस पर गौरवशाली विरासत की सराहना की, आर्थिक चुनौतियों के बीच श्रमिक अधिकारों के लिए प्रतिबद्धता जताने का किया आह्वान</title>
                                    <description><![CDATA[कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इंटक (INTUC) के 79वें स्थापना दिवस पर श्रमिकों के संघर्ष को सलाम किया। उन्होंने गिग वर्कर्स और असंगठित क्षेत्र के लिए सामाजिक सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करने का आह्वान किया। गांधीवादी मूल्यों से प्रेरित यह संगठन दशकों से मजदूरों की गरिमा और अधिकारों के लिए समर्पित है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/kharge-praised-the-glorious-heritage-of-intuc-on-its-foundation/article-152515"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/mallikarjun-kharge-33.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने रविवार को भारतीय राष्ट्रीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस (इंटक) के 79वें स्थापना दिवस पर संगठन की गौरवशाली विरासत की सराहना की और उभरती आर्थिक चुनौतियों के बीच श्रमिक अधिकारों की रक्षा के लिए नए सिरे से प्रतिबद्धता जताने का आह्वान किया। खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी एक संदेश में संगठन के सदस्यों के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने दशकों से श्रमिकों के अधिकारों और गरिमा के लिए उनके संघर्ष को याद करते हुए कहा, "इंटक के 79 वर्ष पूरे होने पर मैं इसके उन अनगिनत सदस्यों का आभार व्यक्त करता हूँ जिन्होंने श्रमिक अधिकारों के लिए अथक संघर्ष किया है।"</p>
<p>इंटक की वैचारिक जड़ों का उल्लेख करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि यह संगठन भारत के स्वतंत्रता आंदोलन और शुरुआती शासन के दिग्गज नेताओं जैसे जवाहरलाल नेहरू, वल्लभभाई पटेल, जगजीवन राम, अरुणा आसफ अली और गुलजारी लाल नंदा से प्रेरित रहा है। उन्होंने कहा कि गांधीवादी मूल्यों पर आधारित इस यूनियन ने हमेशा हर क्षेत्र के श्रमिकों के हितों का समर्थन किया है। खरगे ने समकालीन चुनौतियों का जिक्र करते हुए श्रमिकों असुरक्षित वर्गों के लिए सुरक्षा के दायरे को बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "आज के दिन हमें असंगठित क्षेत्र, गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स, खेतीहर मजदूरों, कारीगरों और अन्य श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने और सामाजिक न्याय के लक्ष्य को आगे बढ़ाने का संकल्प लेना चाहिए।"</p>
<p>गौरतलब है कि 1947 में स्थापित इंटक भारत के सबसे पुराने ट्रेड यूनियन महासंघों में से एक है, जो परंपरागत रूप से कांग्रेस पार्टी से जुड़ा रहा है। उदारीकरण और हाल के वर्षों में अनौपचारिक एवं गिग रोजगार के बढ़ने के बावजूद इसने श्रम नीतियों को आकार देने और श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। खरगे का यह संदेश ऐसे समय में आया है जब देश में श्रम सुधारों और गिग इकोनॉमी में काम करने वालों के लिए कानूनी सुरक्षा और कल्याणकारी उपायों की मांग तेज हो रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 03 May 2026 16:31:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राष्ट्रकवि दिनकर की पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने किया नमन, बोले-उनकी रचनाएं समाज को अन्याय के खिलाफ खड़े होने और सत्य के मार्ग पर चलने की देती है प्रेरणा</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह 'दिनकर' को उनकी पुण्यतिथि पर नमन किया। उन्होंने दिनकर जी को 'समय का सूर्य' बताते हुए कहा कि उनकी ओजस्वी रचनाएं अन्याय के विरुद्ध खड़े होने और राष्ट्रवाद की अलख जगाने की प्रेरणा देती हैं। युवाओं के लिए उनकी लेखनी आज भी मार्गदर्शक और ऊर्जा का स्रोत है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/chief-minister-bhajan-lal-sharma-paid-tribute-to-national-poet/article-151560"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/cm-bhajan-lal-lharma.png-1.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने हिंदी साहित्य के महान कवि और राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि दिनकर जी हिंदी साहित्य के देदीप्यमान नक्षत्र थे, जिनकी ओजस्वी वाणी ने जन-जन में राष्ट्रवाद की भावना जागृत की। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि पद्म भूषण से सम्मानित दिनकर जी को ‘समय के सूर्य’ के रूप में जाना जाता है। उनकी रचनाएं आज भी समाज को अन्याय के खिलाफ खड़े होने और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं। </p>
<p>उन्होंने कहा कि दिनकर जी का साहित्य केवल शब्दों का संग्रह नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की चेतना का सशक्त माध्यम है। शर्मा ने आगे कहा कि वर्तमान समय में भी दिनकर जी की कविताएं युवाओं के लिए मार्गदर्शक का कार्य कर रही हैं। उनकी लेखनी में निहित राष्ट्रभक्ति, साहस और संघर्ष की भावना समाज को नई ऊर्जा प्रदान करती है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे दिनकर जी के आदर्शों को आत्मसात करें और एक सशक्त, जागरूक एवं समृद्ध राष्ट्र के निर्माण में अपना योगदान दें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Apr 2026 13:28:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पीएम मोदी, शाह और अब्दुल्ला ने पहलगाम आतंकवादी हमले में मारे गये लोगों को किया याद, आतंकवाद के खिलाफ सरकार ने दोहराया दृढ़ संकल्प</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने पहलगाम हमले की पहली बरसी पर शहीदों को नमन किया। सरकार ने जीरो टॉलरेंस की नीति दोहराते हुए कहा कि भारत आतंकवाद के आगे कभी नहीं झुकेगा। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी हिंसा मुक्त जम्मू-कश्मीर के संकल्प के साथ पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/pm-modi-shah-and-omar-remember-those-killed-in-pahalgam/article-151273"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/modi15.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने पहलगाम आतंकवादी हमले की पहली बरसी पर उसमें प्राण गंवाने वाले लोगों को याद किया है और आतंकवाद के खिलाफ सरकार के दृढ़ संकल्प को दोहराया है। पीएम मोदी ने अपने संवेदना संदेश में मंगलवार को कहा," पिछले साल इसी दिन पहलगाम में हुए भयावह आतंकवादी हमले में जान गंवाने वाले निर्दोष लोगों को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा। इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं।" प्रधानमंत्री ने कहा, “ एक राष्ट्र के रूप में, हम शोक की घड़ी में एकजुट हैं और दृढ़ संकल्प हैं। भारत आतंकवाद के किसी भी रूप के आगे कभी नहीं झुकेगा। हम आतंकवादियों के घिनौने मंसूबे कभी कामयाब नहीं होंगे। ”</p>
<p>केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने पहलगाम आतंकवादी हमले की पहली बरसी पर इस हमले के पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि अपने लोगों को खोने का दुख और पीड़ा आज भी हर भारतीय के दिल में है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “आज के दिन हम पिछले वर्ष पहलगाम के भयावह आतंकवादी हमले में खो चुके मासूम लोगों को श्रद्धापूर्वक याद करते हैं। अपने लोगों को खोने का दुख और पीड़ा आज भी हर भारतीय के दिल में है।”</p>
<p>गृहमंत्री ने कहा कि आतंकवाद मानवता का सबसे बड़ा दुश्मन है, जिसके खिलाफ हमें एकजुट होकर लड़ना और उसे परास्त करना होगा। उन्होंने कहा," भारत आतंकवाद और उसे पनाह देने वालों के खिलाफ अपनी जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रखेगा।” जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पुलवामा आतंकवादी हमले बरसी पर कहा, “ हम आतंकवाद और हिंसा के खिलाफ एकजुट हैं। जम्मू-कश्मीर को पीड़ा और निर्दोषों की मौत से मुक्त कराने की हमारी इच्छा दृढ़ है। हम यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि ऐसा दोबारा कभी न हो। ” सीएम अब्दुल्ला ने कहा, “ हम उन परिवारों के साथ भी अपनी अटूट एकजुटता व्यक्त करते हैं जिन्होंने एक साल पहले उस कायरतापूर्ण हमले में अपने प्रियजनों को खो दिया।”</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 12:06:30 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>सुनील दत्त की पुण्यतिथि पर भावुक हुए संजय, लिखा- आपने मुझे सिखाया डटकर खड़ा होना </title>
                                    <description><![CDATA[ बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त अपने पिता सुनील दत्त की पुण्यतिथि पर भावुक हो गए हैं]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/movie-fun/sanjay-was-emotional-on-sunil-dutts-death-anniversary-you-taught/article-115330"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/news-(4)20.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त अपने पिता सुनील दत्त की पुण्यतिथि पर भावुक हो गए हैं। संजय दत्त ने अपने पिता सुनील दत्त की पुण्यतिथि पर इंस्टाग्राम पर कुछ तस्वीरें शेयर कीं। इन तस्वीरों में संजय दत्त अपने दिवंगत पिता सुनील दत्त के साथ नजर आ रहे हैं। पहली तस्वीर में संजय दत्त अपने पिता सुनील दत्त के पास बैठकर मुस्कुरा रहे हैं। यह तस्वीर उनके बचपन की है। </p>
<p>संजय दत्त इन तस्वीरों को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा कि आपने सिर्फ मुझे बड़ा नहीं किया, बल्कि मुझे यह भी सिखाया है कि जब जीवन कठिन हो जाए तो कैसे डटकर खड़ा होना है। पापा, आपसे बहुत प्यार करता हूं। हर दिन आपकी याद आती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मूवी-मस्ती</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 25 May 2025 16:06:33 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ :  मोदी ने दी बधाई, कहा- संघर्ष से बना यह मंदिर हमारी संस्कृति और अध्यात्म की महान धरोहर</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को अयोध्या में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ पर समस्त देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुये कहा कि सदियों के त्याग, तपस्या और संघर्ष से बना यह मंदिर हमारी संस्कृति और अध्यात्म की महान धरोहर है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/modi-congratulated-on-the-first-anniversary-of-ram-lallas-death/article-100431"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-02/modi-(2)1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को अयोध्या में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ पर समस्त देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुये कहा कि सदियों के त्याग, तपस्या और संघर्ष से बना यह मंदिर हमारी संस्कृति और अध्यात्म की महान धरोहर है। </p>
<p>मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॅार्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''अयोध्या में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा की प्रथम वर्षगांठ पर समस्त देशवासियों को बहुत-बहुत शुभकामनाएं। सदियों के त्याग, तपस्या और संघर्ष से बना यह मंदिर हमारी संस्कृति और अध्यात्म की महान धरोहर है। मुझे विश्वास है कि यह दिव्य-भव्य राम मंदिर विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि में एक बड़ी प्रेरणा बनेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Jan 2025 17:21:53 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>गहलोत सरकार की तीसरी वर्षगांठ : CMR पर राज्य स्तरीय मुख्य समारोह, पहले दिन प्रदेश की जनता को 9 विभागों के 13194 करोड़ के विकास कार्यो की सौगातें</title>
                                    <description><![CDATA[समारोह में मंत्रिमंडल के सभी सदस्यों सहित विभागों के अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%97%E0%A4%B9%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%A4-%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%A4%E0%A5%80%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%B5%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%A0---cmr-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A5%8D%E0%A4%AF-%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%AF-%E0%A4%AE%E0%A5%81%E0%A4%96%E0%A5%8D%E0%A4%AF-%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%B9--%E0%A4%AA%E0%A4%B9%E0%A4%B2%E0%A5%87-%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%A8-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%8B-9-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%97%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%87-13194-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A5%9C-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B8-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A5%8B-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A5%8C%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A5%87%E0%A4%82/article-3325"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/111.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने तीसरी वर्षगांठ पर शनिवार को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित राज्य स्तरीय मुख्य  समारोह में वर्चुअल प्रदेश की जनता को 9 विभागों के 13194 करोड़ के विकास कार्यों की सौगाते दी। समारोह में मंत्रिमंडल के सभी सदस्यों सहित विभागों के अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। सरकार के तीन साल में किए गए कार्यों की एक छोटी सी फ़िल्म भी  दिखाई गई।</p>
<p>वहीं कृषि मंत्री लालचंद कटारिया ने समारोह में कहा कि कोविड काल में किसानों के लिए सरकार ने कई कदम उठाए है। किसानों का बीमा करवाया है।  किसानो को सोलर कुसुम योजना, बीमा योजना, फसल बीमा योजना का सरकार ने लाभ दिया है। पशुओं की बीमारियों को लेकर कदम उठाए गए है। पशु चिकित्सा सेवा का विस्तार किया गया है। जहां पर कमी थी, वहां पर डॉक्टर लगाए गए है।<br /> <br /> <strong>गहलोत ने ये दी सौगातें:--</strong><br /> मुख्यमंत्री गहलोत ने ऊर्जा, जल संसाधन, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी, सार्वजनिक निर्माण, नगरीय विकास, स्वायत्त शासन, वन, कृषि, सहकारिता, डेयरी एवं उद्योग से सम्बन्धित विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इनमें करीब 8 हजार 500 करोड़ रूपए की लागत के विकास कार्यों का शिलान्यास और करीब 3 हजार 800 करोड़ रूपए की लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण शामिल है। <br /> <br /> <strong>ये दी सौगात - </strong><br /> नगरीय विकास व आवास विभाग एवं स्वायत्त शासन विभाग के शिलान्यास, उद्घाटन - <br /> - नगरीय विकास विभाग (399.31 करोड़) लोकार्पण (59.71 करोड़)<br /> एल सी न० 200 बस्सी जयपुर में चार लेन आर.ओ.बी. का निर्माण, लागत 18.30 करोड़,<br /> - जयपुर में किशन बाग वानिकी परियोजना का लोकार्पण, लागत 11.41 करोड़,<br /> शिलान्यास (339.60 करोड़)<br /> - जवाहर सर्किल जयपुर पर यातायात सुधारीकरण एवं सौन्दर्यीकरण का कार्य (44.19 करोड़)<br /> - बी-2 बाईपास जंक्शन, जयपुर पर गातागात सुधारीकरण और सौन्दर्यीकरण का कार्य (155.06 करोड़)<br /> - लक्ष्मी मन्दिर तिराहा जयपुर पर यातायात सुधारीकरण और सौन्दर्यीकरण का कार्य (81.25 करोड़) लक्ष्मी मन्दिरा तिराहा टोंक रोड पर स्वतंत्रता सेनानियों की मूर्तियां लगाने का कार्य (340 करोड़ो राजस्थान इन्टरनेशनल सेन्टर में आन्तरिक साज सज्जा का कार्य (11.00 करोड़)<br /> -पृथ्वीराज नगर दक्षिण में सीवरेज का कार्य (11.70 करोड़) स्वायत्त शासन विभाग (309.74 करोड़) शिलान्यास (95.76 करोड़)<br /> - नगर परिषद सिरोही में टाउन हॉल का निर्माण कार्य, लागत 17.05 करोड़,<br /> माखुपुरा, अजमेर ट्रेचिंग ग्राउण्ड पर ठोस कचरा परिशोधन सयंत्र और सेनेटरी लैडफिल का निर्माण कार्य, लागत 15 करोड,<br /> - पंडित दीनदयाल उपाध्याय असपताल, जयपुर का विस्तार कार्य, लागत 44.61 करोड,<br /> - कंबर नगर ब्रह्मपुरी जयपुर में नए डिग्री कॉलेज का निर्माण और खेल सुविधाएं के साथ मौजूदा सरकारी बालिका वरिष्ठ स्कूल का विस्तार कार्य, लागत 13.86 करोड - चारदीवारी क्षेत्र जयपुर में स्मार्ट हैरिटेज स्ट्रीट लाईट पोल्स लगाने का कार्य लागत<br /> लोकार्पण (293.09 करोड़)<br /> - नगर परिषद किशनगढ़ क्षेत्र में सीवरेज लाइन बिछाने का कार्य और एसटीपी का अपग्रेडेशन का कार्य, लागत 125.55 करोड़<br /> - उदयपुर में बलीचा से गोवर्धन सागर तक स्मार्ट रोड का विकास कार्य, लागत 18.99 करोड़,<br /> - उदयपुर में हाइब्रिड वार्षिकी आधारित पीपीपी मॉडल के माध्यम से 3 एसटीपी की कमीशनिंग का कार्य लागत 80% करोड,<br /> - नगर निगम जयपुर हैरिटेज मुख्यालय भवन का मरम्मत और पुनरुद्धार का कार्य (भूतपूर्व पुलिस मुख्यालय), लागत 707 करोड़,<br /> - अनाजमण्डी चांदपोल, जयपुर में बहु मंजिला कार पार्किंग में का विकास कार्य लागत 14.84 करोड़,<br /> - जयपुर मे परकोटा क्षेत्र में स्मार्ट रोड के अन्तर्गत सूचना संचार एवं प्रौद्योगिकी (आइसीटी) कार्य, लागत 46 64 करोड,<br /> - मेट्रो डेयरी पाउडर प्लाट गोविन्दगढ़ जयपुर 55 करोड़ का लोकार्पण वन विभाग के कार्यक्रम (20 करोड़)<br /> - अभेडा पार्क, जिला कोटा का लोकार्पण Center for Natural Resources, Environment Protection and Climate Change, जयपुर का लोकार्पण<br />  ऊर्जा विभाग के शिलान्यास / लोकार्पण<br /> -  ऊर्जा विभाग (41 कार्य) 69.65 करोड़ ऑडियो विज्युअल जल संसाधन विभाग<br /> - जल संसाधन विभाग (8 कार्य) 3 शिलान्यास (155.50 करोड़) और 5 लोकार्पण (700.26 करोड़) कुल 855.76 करोड़<br /> - शिलान्यास- पीडब्ल्यूडी (1494.51 करोड़) मंगलाना मकराना बोरावड और मकराना बिडियाड परबतसर (स्टेट हाईवे संख्या 2B), लागत 174 करोड<br /> - हुरडा-बनेडा (स्टेट हाईवे संख्या 39A), लागत 12 करोड <br /> - मांगलियावास पादूकलान सड़क का विकास कार्य (स्टेट हाईवे संख्या 102), लागत 246 करोड<br /> - व्यावर पीसांगन- टेहला कोड-अलनियावास सड़क का विकास कार्य (स्टेट हाईवे संख्या 49 &amp; 104), लागत 250 करोड<br /> -  किशनगढ़-अराई- मालपुरा (स्टेट हाईवे संख्या 7E), लागत 243 करोड<br /> - रामसीन भीनमाल- रानीवाडा (स्टेट हाईवे संख्या 31 ), लागत 423 करोड बाड़मेर एलसी- 328 चोहटन रोड़ पर आरओबी का निर्माण कार्य, लागत 31.51 करोड़ <br />  - आर एस आर डी.सी लोकार्पण- पीडब्ल्यूडी (993 करोड़)<br /> - बनाड-भोपालगढ़-कुचेरा (स्टेट हाईवे संख्या 63 ), लागत 347 करोड<br /> - भावी-पीपाड- खीवसर (स्टेट हाईवे संख्या 86 C), लागत 145 करोड<br /> - जोधपुर-मारवाड जक्शन-जोजावर (स्टेट हाईवे संख्या 61). लागत 477 करोड<br /> - ओटीएस में नवनिर्मित एक्जक्यूटिव हॉस्टल का शुभारंभ, लागत 24 करोड <br />  - उद्योग विभाग लोकार्पण लागत 242.33 करोड़<br /> - 6 औद्योगिक क्षेत्रों का उदघाटन  लागत 23796 करोड़<br /> - One Stop Shop भवन का शुभारम्भ लागत 4.37 करोड़<br /> - 25 औद्योगिक क्षेत्रों का शिलान्यास  कागत 712.19 करोड़<br />  - जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग लागत 8001.87 करोड <br /> -  इन्द्रगढ वृहद् पेयजल योजना (चाकन बाध से) जिला बूंदी- लागत 73.93 करोड़)<br /> -  चम्बल बूंदी वृहद् पेयजल योजना (क्लस्टर डिस्ट्रीब्यूशन)- लागत 15.45 करोड़<br /> - गौर लिफ्ट परियोजना के क्लस्टर पैकेज-डेगाना, नागौर और नड़ता के 151 ग्राम, जिला नागौर लागत 324.91 करोड़ <br /> - नागौर लिफ्ट परियोजना के क्लस्टर पैकेज डेगाना, मेडता के 176 ग्राम, जिला नागौर  लागत 176.65 करोड़  <br /> - नागौर लिफ्ट परियोजना के क्लस्टर पैकेज परबतसर के 110 ग्राम, जिला नागौर<br /> लागत 221.92 करोड़ <br /> -  नागौर लिफ्ट परियोजना के क्लस्टर पैकेज मकराना के 119 ग्राम, जिला नागौर- लागत 240.02 करोड <br />  - नागौर लिफ्ट परियोजना के क्लस्टर पैकेज-डीडवाना एवं लाडनूं के 170 ग्राम, जिला नागौर लागत 288.21 करोड़<br /> - जल जीवन मिशन के अन्तर्गत 47 पेयजल ग्रामीण योजनाऐ लागत 89.67 करोड ,  शिलान्यास  लागत 6571.11 करोड़ <br /> - बीसलपुर टोक- देवली उनीयारा परियोजना, टोंक-  लागत 200.29 करोड़ <br /> - बीसलपुर-दूदू फुलेरा पेयजल योजना, जिला जयपुर लागत 113.56 करोड<br /> - बीसलपुर - चाकसू पेयजल योजना, जिला जयपुर लागत 108.62 करोड़<br />  - बीसलपुर-दूदू- फागी पेयजल योजना, जिला जयपुर लागत 195.12 करोड़<br /> - क्षेत्रीय जल प्रदाय योजना बाधेरी का नाका जिला राजसमन्द- लागत 133.48 करोड़ <br /> -  चूरू-बिसाउ (अलसीसर ब्लॉक) पेयजल परियोजना जिला चूरू  लागत 138.46 करोड़ <br /> - बूंगी राजगढ़ पेयजल परियोजना जिला चूरु – लागत 173.02 करोड़ <br />  - जिला पाली के 10 ग्राम पंचायतों के 34 ग्रामों के लिए पेयजल परियोजना लागत 146.85 करोड <br /> -  जवाई क्लस्टर- चतुर्थ, पाली जिले के 224 ग्रामों हेतु पेयजल परियोजना- 230.02 करोड़ <br /> -  तहसील जायल के 123 ग्रामों एवं ढाणियों हेतु पेयजल परियोजना, जिला नागौर- लागत 159.71 करोड़ <br /> -  तहसील लाडनू के 102 ग्रामों और ढाणियों हेतु पेयजल परियोजना, जिला नागौर- लागत 205.97 करोड <br /> - तहसील मेडता, रिया और भेरूदा के 181 ग्रामों के साथ 142 ढाणियों के लिए पेयजल परियोजना, जिला नागौर- लागत 190.82. करोड़ <br /> - जयसिहपुराखोर (जयपुर) शहरी पेयजल वितरण व्यवस्था के संवर्धन कार्य- लागत  30.75 करोड़<br /> - राजगढ़ (चूरू) शहरी पेयजल योजना के संवर्धन कार्य लागत 4685 करोड<br /> -  नागौर लिफ्ट परियोजना डेगाना, नागौर, मेडता, खिवसर फेज-1 पैकेज-3- लागत 18374 करोड़ <br /> <br /> - 10 नई तहसील के 97 ग्रामो व ढाणियों में घर घर जल की परियोजना- लागत 188.17 करोड़ <br /> - 2328 ग्रामीण पेयजल योजनाएँ लागत 4125.68 करोड <br /> <br /> <br /> <strong>कल रविवार को इन विकास कामों की मिलेगी सौगातें</strong><br /> - गृह विभाग और आपदा प्रबंधन के लोकार्पण लागत 106.24 करोड़<br /> - 543 पुलिस थानों में स्वागत कक्ष 12 नवीन पुलिस थाना भवन<br /> - 01 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भवन , 14 वीं बटालियन आरएसी पहाडी (भरतपुर) के भवन ,महाराणा प्रताप बटालियन हयूनिया ( प्रतापगढ़) के भवन पुलिस लाइन ग्रामीण, जयपुर में आवासीय भवन , जोधपुर एफएसएल में डीएनए प्रयोगशाला State Emergency Operation Center Ground truthing App (DMR लोकार्पण / शिलान्यास<br /> - सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग - 7 छात्रावासों का शिलान्यास लागत 96.15 करोड़ , 2 छात्रावासों का लोकार्पण लागत 7.00 करोड <br /> लोकार्पण / शिलान्यास- जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग  -  एक कौशल विकास केन्द्र का लोकार्पण लागत 2.74 करोड ,10 कार्यों का शिलान्यास लागत14.66 करोड़<br /> - मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना और अम्बेडकर डी.बी. टी. वाउचर योजना का शुभारम्भ <br /> - अल्पसंख्यक मामलात विभाग लोकार्पण / शिलान्यास- , 10 कार्यों का लोकार्पण लागत 18.29 करोड और 6 कार्यों का शिलान्यास लागत 17.92 करोड़<br /> स्कूल शिक्षा विभाग के कार्यों का लोकार्पण -  25 प्री-प्राइमरी बलॉक और छात्रावास का लोकार्पण, 178 महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों का शुभारम्भ, 94 आई.सी.टी. लैब्स का लोकार्पण लागत 41.22 करोड , <br /> - तकनीकी शिक्षा विभाग के 7 कार्यों का लोकार्पण लागत 20.45 करोड़ और 2 कार्यो का शिलान्यास लागत 10.95 करोड <br /> - उच्च शिक्षा विभाग के 11 कार्यों का लोकार्पण लागत 34.50 करोड़ और 2 कार्यों का शिलान्यास  लागत10.70 करोड़ <br /> - कौशल और उद्यमिता विभाग के 20 आई.टी.आई का लोकार्पण लागत 146.31 करोड़<br /> - भरतपुर में Incubation Center का लोकार्पण लागत 15 करोड़  <br /> -जन कल्याण पोर्टल मोबाईल ऐप का विमोचन<br /> चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के लोकार्पण एवं शिलान्यास लागत 294.48 करोड़</p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Sat, 18 Dec 2021 16:37:28 +0530</pubDate>
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                <title>'कप्तान साहब' की अमिट स्मृतियां</title>
                                    <description><![CDATA[चोर-डकैतों को पकड़ने में ‘नवज्योति’का योगदान]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/-%E0%A4%95%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A4%AC--%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%85%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%9F-%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A5%83%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%82/article-3317"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/33.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>एक दिवाली ऐसी भी आई</strong><br /> एक दिवाली ऐसी भी आई जिस दिन हमारे पास एक पैसा भी नहीं था। फिकर हो गई, दिवाली कैसे मनाएं? इत्तफाक से छोटी लड़की के पास 10 रु. निकले जो स्कूल की फीस के लिए थे। उनसे दीपावली मनाई।<br /> <br /> <strong>अजमेर की दरगाह शरीफ को बचाया</strong><br /> 15 अगस्त को हिन्दुस्तान आजाद होने के बाद अजमेर से काफी संख्या में करीब 50 हजार मुसलमान पाकिस्तान चले गए। करीब 10 हजार रह गए। सिंध से सिंधी भाइयों का आना शुरू हो गया। उन्होंने बदले की भावना से मुसलमानों को भगाना, लूटना, मारना शुरू कर दिया, लेकिन कोई खास बड़ा नुकसान जान और माल का नहीं हुआ।<br /> इन्द्रकोट में तारा चंद पुलिस सिपाही जो वहां तैनात था उसको कुछ मुसलमानों ने जान से मारकर एक घर में गाड़ दिया। कुछ दिनों तक उसको मारने वालों का पता नहीं चला। मि. खलीलउद्दीन गोरी ने जो डिप्टी सुप. पलिस थे, मारने वालों का पता लगा दिया और लाश बरामद कर ली। हिन्दुओं ने सरकार से लाश की मांग की और कहा कि हम इसका दाह-संकार करेंगे। उनका इरादा था कि लाश का जुलूस दरगाह के सामने से ले जाया जाय और दरगाह के अंदर घुसकर मोइनुद्दीन चिश्ती की मजार को तोड़फोड़ दिया जाय।<br /> सरकार को शंका तो थी कि कहीं कोई गड़बड़ी न हो। आर्य समाजी नेता पं. जियालाल और कांग्रेसी ज्वालाप्रसाद ने चीफ कमिश्नर से कहा कि हम कोई गड़बड़ नहीं होने देंगे और जुलूस शांति से निकलेगा। मुझे जुलूसियों के इरादे का पता चल गया था। इसलिए मैैंने पुलिस सुपररिन्टेडेंट सुघड़सिंह और चीफ कमिश्नर शंकरप्रसाद से कहा का आप जुलूस को किसी भी हालत में दहगाह के सामने से न जाने देना, वरना जुलूस वाले दरगाह को नष्ट-भ्रष्ट कर देंगे। दोनों नेताओं ने बहुत आश्वासन दिया कि कोई गड़बड़ न होगी, जुलूस दरगाह बाजार से ले जाने दिया जाय लेकिन सरकार इसके लिए तैयार नहीं हुई। नए बाजार के कड़क्के चौक दरवाजे के सामने पुलिस तैनात कर दी और जुलूस को उधर से न जाने दिया और एक बड़ी घटना होने से टल गई।<br /> <br /> <strong>चोर-डकैतों को पकड़ने में ‘नवज्योति’का योगदान</strong><br /> कुछ वर्ष पूर्व अजमेर के सावित्री कालेज के सामने जब एक व्यक्ति स्टेट बैैंक से दर हजार रुपए लेकर स्कूटर में बैठकर जा रहा था कि सावित्री कालेज के सामने दो लुटेरे उसे लूटकर भाग गए। पुलिस डिप्टी सुप. श्री खलीलउद्दीन गोरी को खबर मिलते ही उन्होंने एक डाकू को तो पकड़ लिया जिसे अजमेर जेल में बंद कर दिया और दूसरा पकड़ नें नहीं आया। उसको पकड़ने की योजना बनाई। वे मेरे पास आए। कहा कि आप एक खबर छाप दीजिए कि फलां नाम का दूसरा डकैत भी पकड़ा गया। वह खबर अखबार में छपवाकर अखबार लेकर वे जेल गए और डकैत से कहा कि फलां नाम का दूसरा तुम्हारा साथी हमने गिरफ्तार कर लिया है तो उसने तुरन्त कहा कि फलां आदमी जिसे पकड़ा है बेकसूर है, फलां आदमी मेरे साथ डकैती में शामिल था। उसको भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस सुप. गुप्ता को जब यह खबर बताई थी तो वे बड़े नाराज हुए थे, लेकिन गिरफ्तारी के बाद गोरी ने गुप्ता साहब से कहा कि दूसरा भी पकड़ा जाय इसलिए यह खबर छपाई थी।<br /> <br /> <br /> <strong>जब मैैं इक्कीस मंजिली इमारत पर सीढ़ियों से चढ़ गया</strong><br /> सन् 1982 की बात है। मैैं ‘नवज्योति के काम से कलकत्ता गया हुआ था। वहां विज्ञापन एजेंसियों से मिला। इसी सिलसिले में चौरंगी रोड पर एक विज्ञापन एजेंसी से मिलने गया। चौरंगी रोड पर एक इक्कीस मंजिल की इमारत पर उसका आफिस था। मेरे साथ हमारे दफ्तर का नवजवान साथी भी था। जब हम वहां पहुंचे तो इत्तफाक से बिजली बंद थी, जिससे लिप्ट काम नहीं कर रही थी। मेरे साथी ने कहा कि बिजली आएगी तब ऊपर चढ़ेंगे। मैंने कहा- नहीं, बिजली का इंतजार नहीं करना है और हमें चींटी की चाल से इक्कीस मंजिल चढ़ना है। हम दोनों चींटी की चाल से सीढ़ी दर सीढ़ी इक्कीस मंजिल पर चढ़ गए। मैं तो न थका  न मेरे कोई पसीना  आया। साथी थक कर पसीने से तर-बतर हो गया और हांफने लगा। थोड़ी देर सुस्ताने के बाद हम आफिस में गए और मिल करके वापिस आए, तब भी लिफ्ट बंद थी। मैैंने कहा कि उतरने में क्या जोर आएगा। अपन सीढ़ियों से नीचे उतर सकते हैैं। मेरे साथी ने कहा-मेरी अब हिम्मत नहीं है, लिफ्ट जब चालू होगी तब ही चलेंगे।’ थोड़ी देर में लिफ्ट चालू हो गई, हम लोग उसके जरिए नीचे उतर आए। एक विज्ञापन एजेन्सी में  हमने यह सारी घटना सुनाई। पास में किसी न्यूज एजेन्सी के संवाददाता भी बैठे हुए थे। उन्होंने अपनी एजेन्सी द्वारा कलकत्ते के सारे अखबार वालों को हमारी यह न्यूज दी और दूसरे दिन वहां के सारे अखबारों में हमारी यह न्यूज छप गई। <br /> <br /> <strong>रात्रि में पहाड़ों पर तीस मील का सफर</strong><br /> सन् 1938  में जब मैं, माणिक्यलाल वर्मा, भोगीलाल पांड्या तथा हमारे पच्चीस साथी डूंगरपुर रियासत में महारावल के सहयोग से भीलों में रचनात्मक कार्य कररहे थे,उस समय भंयकर अकाल पड़ा था। भील लगान न दे पाएं तो दीवान ने सख्ती शुरू की। खडलाई पाल के क्षेत्र में जहां हम रहते थे, वहां हम लोगों को बुलाकर कहा कि आप भीलों से कहें कि वे लगान अदा करें। हमने कहा न तो हम लगान देने के लिए कहेंगे,क्योंकि यह माहे कार्य क्षेत्र के बाहर है। महारावल के पास ये बात पहुंचानी जरूरी थी। मगर हम वहां से डूंगरपुर रास्ते रास्ते जाते तो हमें दो दिन लगते। पहाड़ों-पहाड़ों पर चलने से हम शाम को रवाना होकर सुबह डूंगरपुर पहुंच सकते थे। इसलिए मैैं और वर्माजी चार भीलों को साथ लेकर शाम को रवाना हुए और तीस मील रात में पहाड़ों ही पहाड़ों पर चलकर सुबह डूंगरपुर पहुंच गए। वहां भोगीलालजी पांड्या को सारी स्थिति बताई। पांड्याजी ने महारावल से सारी बातें कहीं। महारावल नाराज हुए और दीवान को कहलवा दिया कि लगान वसूली के बारे में इनसे कोई बात न करे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>अजमेर</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 18 Dec 2021 12:55:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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                <title>प्रेरणा के स्रोत कप्तान साहब</title>
                                    <description><![CDATA[कप्तान दुर्गाप्रसाद चौधरी की जयंती पर विशेष...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/61bd792c33909/article-3313"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/15.jpg" alt=""></a><br /><p><span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><span style="font-size:larger;"><strong>‘‘कप्तान साहब’’ </strong></span></span></span><br /> के नाम से प्रसिद्ध दुर्गाप्रसाद जी चौधरी की गिनती भारत के उन महान सपूतों में की जाती है, जो जीवन पर्यन्त अन्याय और अत्याचार के खिलाफ रहे।<br /> <br /> देश को आजादी मिलने से पहले जहां उनकी लड़ाई ब्रिटिश साम्राज्य और देश की सामन्तशाही के खिलाफ रही, वहीं आजादी के बाद वे देश में  सामाजिक, राजनीतिक और नैतिक मूल्यों के लिए अंतिम सांस तक संघर्षरत रहे। वर्ष 1936 में संस्थापित अपने समाचार पत्र ‘‘दैनिक नवज्योति’’ का भी कप्तान साहब ने अपने राजनीतिक, सामाजिक उद्देश्यों की प्राप्ति में बखूबी इस्तेमाल किया।  - <strong>अशोक गहलोत, मुख्यमंत्री</strong><br /> <br /> र्गाप्रसादजी की प्रारम्भिक शिक्षा दीक्षा नीमकाथाना, जयपुर-सांभर, रामगढ़ शेखावाटी और कानपुर में हुई। मात्र 13 वर्ष की आयु में वह महात्मा गांधी के आह्वान पर अपनी पढ़ाई छोड़ ‘‘जनसहयोग आन्दोलन’’ में ऐसे कूदे कि सामाजिक और राजनीतिक कार्य उनसे जीवन पर्यन्त छोड़ते न बने, स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय भागीदारी के कारण दुर्गाप्रसाद जी को अनेक बार जेल जाना पड़ा। वर्ष 1930 से 1947 के दौरान कांग्रेस सेवादल द्वारा चलाए जा रहे आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण ही वे कप्तान के रूप में मशहूर हुए। कप्तान साहब ने ‘‘बिजौलिया सत्याग्रह’’ में भी अपनी सक्रिय भूमिका निभाई। उन दिनों राजस्थान में किसानों पर दोहरे अत्याचार थे। जहां एक और उन्हें ब्रिटिश हुकुमत की गुलामी झेलनी पड़ती थी, वहीं दूसरी और राज्य में सामंती प्रथा के चलते उनका जीवन अन्याय और अत्याचारों से भरपूर था उन्हें क्रूर अमानवीय यातनाओं को सहते रहने के बावजूद भारी कर चुकाने पड़ते थे। 20वीं सदी के दूसरे और तीसरे दशक के बीच विजयसिंह पथिक, मानिक लाल वर्मा, साधु सीताराम और प्रेमचन्द भील के नेतृत्व में किसानों की ओर  से एक प्रभावी आन्दोलन चलाया गया। बिजौलिया सत्याग्रह के नाम से जाने, जाने वाला इस ऐतिहासिक आन्दोलन की उपलब्धि मात्र यह नहीं थी कि किसान अपनी तत्कालीन समस्याओं से निजात पा गए, बल्कि किसानों द्वारा इस आन्दोलन को चलाए जाने के कारण उनमें समझ बढ़ी और अपने ऊपर विश्वास पैदा हुआ, जिसने उन्हें अपना महत्व समझाते हुए समाज और देश की मुख्य धारा में ला खड़ा किया।</p>
<p><strong>अभिवादन ग्रंथ स्वतंत्रता संग्राम एवं पत्रकारिता के कीर्ति पुरुष,कप्तान दुर्गाप्रसाद चौधरी से साभार</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 18 Dec 2021 12:21:43 +0530</pubDate>
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