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                <title>handicrafts - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>राजस्थान दिवस पर ‘ओडीओपी’ और ‘जयपुर रत्नम्’ प्रदर्शनी का आगाज़, 120 स्टॉल पर सजे प्रदेश के अनूठे उत्पाद</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान दिवस के उपलक्ष्य में जयपुर के इंटरनेशनल सेंटर में राज्य स्तरीय ODOP और 'जयपुर रत्नम्' प्रदर्शनी शुरू हुई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर आयोजित इस उत्सव में 120 स्टॉल्स पर प्रदेश के हस्तशिल्प और जेम्स-ज्वेलरी का प्रदर्शन किया जा रहा है। 19 मार्च तक चलने वाली यह प्रदर्शनी स्थानीय कारीगरों को वैश्विक मंच प्रदान करेगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/odop-and-jaipur-ratnam-exhibition-begins-on-rajasthan-day-unique/article-146588"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/jaipur3.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान दिवस के अवसर पर प्रदेशभर में आयोजित हो रहे कार्यक्रमों की श्रृंखला में राज्य स्तरीय ओडीओपी (एक जिला एक उत्पाद) और ‘जयपुर रत्नम्’ प्रदर्शनी का भव्य शुभारंभ रविवार को राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में किया गया। इस प्रदर्शनी का उद्घाटन जयपुर संभागीय आयुक्त श्रीमती पूनम, जयपुर जिला कलेक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी तथा उद्योग एवं वाणिज्य आयुक्त श्री सुरेश ओला ने संयुक्त रूप से किया।</p>
<p>मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की पहल पर राजस्थान दिवस (चैत्र शुक्ल प्रतिपदा) के उपलक्ष्य में 14 से 19 मार्च तक पूरे प्रदेश में विविध कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग द्वारा राज्य स्तर के साथ-साथ सभी जिलों में ओडीओपी प्रदर्शनी लगाई गई है, जिसका उद्देश्य स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और वैश्विक पहचान दिलाना है।</p>
<p>राज्य स्तरीय प्रदर्शनी में प्रदेश के सभी जिलों के विशिष्ट ओडीओपी उत्पादों को प्रदर्शित किया गया है। हस्तशिल्प, वस्त्र, खाद्य उत्पाद, कलात्मक वस्तुएं और पारंपरिक कारीगरी की झलक इन स्टॉलों में देखने को मिल रही है। प्रदर्शनी में कुल 120 स्टॉल लगाए गए हैं, जहां आगंतुक इन उत्पादों को देख ही नहीं, बल्कि सीधे खरीद भी सकते हैं। आमजन के लिए प्रदर्शनी प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे तक 19 मार्च तक खुली रहेगी।</p>
<p>जेम्स एंड ज्वेलरी की विशेष प्रदर्शनी ‘जयपुर रत्नम्’<br />जयपुर जिला उद्योग एवं वाणिज्य केंद्र तथा राजस्थान लघु उद्योग निगम (राजसिको) द्वारा ‘जयपुर रत्नम्’ जेम्स एंड ज्वेलरी प्रदर्शनी भी लगाई गई है। इस विशेष प्रदर्शनी में जिले के ओडीओपी उत्पादों और रत्न-आभूषणों की आकर्षक श्रृंखला को प्रदर्शित करने के लिए 80 स्टॉल स्थापित किए गए हैं।</p>
<p>सभी जिलों में ओडीओपी प्रदर्शनी<br />राजस्थान दिवस समारोह के तहत प्रदेश के सभी जिलों में ओडीओपी प्रदर्शनी आयोजित की जा रही है। इन प्रदर्शनियों में स्थानीय कारीगर अपने उत्पादों की जानकारी दे रहे हैं और सीधे बिक्री के माध्यम से उन्हें बाजार उपलब्ध हो रहा है। यह पहल न केवल स्थानीय उद्योगों को प्रोत्साहन दे रही है, बल्कि ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना को भी मजबूत कर रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 15 Mar 2026 16:35:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>DGFT का झटका: RoDTEP दरें की आधी, राजस्थान के निर्यातकों में हाहाकार; हैंडीक्राफ्ट और जेम्स उद्योग पर मंडराया संकट</title>
                                    <description><![CDATA[डीजीएफटी  ने  देश से निर्यात होने वाली वस्तुओं पर रेमिशन ऑफ ड्यूटीज एंड टैक्सेज ऑन एक्सपोर्टेड प्रोडक्ट्स की दरें की आधी। राजस्थान के निर्यातकों के लिए बड़ा झटका। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कटौती से निर्यातकों की बढ़ेगी लागत। वैश्विक बाजार में भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धा कमजोर पड़ सकती है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/dgfts-shock-rodtep-rates-halved-outcry-among-exporters-of-rajasthan/article-144409"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/dgft.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने एक आदेश जारी कर देश से निर्यात होने वाली वस्तुओं पर दिए जा रहे रेमिशन ऑफ ड्यूटीज एंड टैक्सेज ऑन एक्सपोर्टेड प्रोडक्ट्स (RoDTEP) की दरों को तुरंत प्रभाव से आधी कर दिया है। यह फैसला राजस्थान के निर्यातकों के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है, जहां हैंडीक्राफ्ट, जेम्स एंड ज्वेलरी, टेक्सटाइल्स और कृषि उत्पादों का निर्यात प्रमुख रूप से होता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कटौती से निर्यातकों की लागत बढ़ जाएगी, जिससे वैश्विक बाजार में भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धा कमजोर पड़ सकती है।</p>
<p>RoDTEP स्कीम जनवरी 2021 से लागू की गई थी, जिसके तहत केंद्र सरकार निर्यात होने वाले माल पर वसूले गए जीएसटी से इतर करों और ड्यूटीज की वापसी निर्यातकों को करती है। इनमें पेट्रोल-डीजल पर वसूले गए टैक्स, मंडी टैक्स, इलेक्ट्रिसिटी टैक्स इत्यादि शामिल हैं। यह वापसी विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के सिद्धांत के आधार पर की जाती है कि ड्यूटीज और टैक्स निर्यात नहीं किए जा सकते।डीजीएफटी के महानिदेशक लव अग्रवाल द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि सभी एचएस लाइनों के लिए RoDTEP दरें मौजूदा अधिसूचित दरों की 50 प्रतिशत तक सीमित कर दी गई हैं।</p>
<p>राजस्थान के संदर्भ में यह फैसला विशेष रूप से नुकसानदेह है, क्योंकि राज्य का निर्यात मुख्यतः लेबर-इंटेंसिव सेक्टर्स पर निर्भर है। जोधपुर हैंडीक्राफ्ट्स एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष भरत दिनेश ने कहा, "निर्यातकों को अभी मिल रही RoDTEP दरें भी वास्तविक गणना से बहुत कम थीं तथा अब अचानक इनको आधी कर देने से निर्यातक बड़ी परेशानी में पड़ गए हैं। सभी निर्यातक अपने विदेशी बायर्स के साथ लंबी अवधि आगे तक के रेट कॉन्ट्रैक्ट करके रखते हैं। इसके साथ ही निर्यात होने वाले माल पर लगने वाले पूरे टैक्सेज की वापसी सरकार द्वारा पूरी नहीं किए जाने से भारतीय निर्यातक वैश्विक प्रतिस्पर्धा में नहीं टिक पाएंगे। सरकार को डब्ल्यूटीओ के सिद्धांत का पालन करते हुए निर्यातकों को तर्कसंगत दरों पर RoDTEP देना चाहिए।"</p>
<p>उल्लेखनीय है कि वित्तीय वर्ष 2024-25 के बजट में इस स्कीम के अंतर्गत 18,313 करोड़ रुपये तथा 2025-26 के लिए 18,232 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे, जबकि वर्ष 2026-27 के बजट के लिए केवल 10 हजार करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इस कटौती से राजस्थान के निर्यातकों को अनुमानित रूप से करोड़ों रुपये का नुकसान हो सकता है, खासकर जोधपुर, जयपुर और उदयपुर जैसे क्षेत्रों में जहां हैंडीक्राफ्ट और जेम्स निर्यात से लाखों रोजगार जुड़े हैं। उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि यह फैसला वैश्विक आर्थिक मंदी के बीच निर्यात को और प्रभावित करेगा, जहां पहले से ही मांग में कमी है।</p>
<p>उद्योग संघों ने सरकार से इस फैसले पर पुनर्विचार करने की अपील की है। फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशंस (FIEO) ने कहा कि यह कटौती निर्यातकों की लागत बढ़ाएगी और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भारत को पीछे धकेल सकती है। हैंडीक्राफ्ट निर्यातक नवनीत झालानी ने बताया कि राजस्थान के निर्यातकों के लिए यह आदेश फायदेमंद नहीं बल्कि नुकसानदेह साबित होगा, क्योंकि पहले से ही कम दरों को आधा करने से उनकी लाभप्रदता पर सीधा असर पड़ेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 Feb 2026 14:37:17 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना: लाभार्थियों के लिए दो दिवसीय राज्य-स्तरीय प्रदर्शनी सह व्यापार मेले का उद्घाटन</title>
                                    <description><![CDATA[एमएसएमई विकास कार्यालय जयपुर ने प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों हेतु शिल्पग्राम में दो दिवसीय राज्य स्तरीय प्रदर्शनी सह व्यापार मेले का आयोजन शुरू किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/inauguration-of-two-day-state-level-exhibition-cum-trade-fair-for-pradhan/article-142316"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(9)6.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के अन्तर्गत एमएसएमई-विकास कार्यालय, जयपुर द्वारा प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों के लिए आयुक्त उद्योग एवं वाणिज्य संस्थान, राजस्थान के सहयोग से दो दिवसीय राज्य-स्तरीय प्रदर्शनी सह व्यापार मेले का आयोजन शनिवार से शिल्पग्राम, जवाहर कला केंद्र, जयपुर में शुरू हुआ। यह रविवार को भी जारी रहेगा।</p>
<p>कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर श्रीमती मंजू शर्मा, सांसद, जयपुर उपस्थित रहीं। साथ ही कार्यक्रम अध्यक्ष गोपाल शर्मा, विधायक, सिविल लाइन्स, जयपुर भी उपस्थित रहे। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के कार्यान्वयन में राजस्थान, देश में दूसरा अग्रणी राज्य है। विश्वकर्मा लाभार्थियों को ऋण देने तथा टूलकिट वितरण में भी राजस्थान, देश में दूसरे स्थान पर है। इसके साथ ही कारीगरों को प्रशिक्षण प्रदान करने में राज्य तीसरे स्थान पर है। इस प्रदर्शनी का उद्देश्य राज्य भर के कारीगरों और शिल्पकारों के असाधारण कौशल और प्रतिभा को प्रदर्शित करना है। इस कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न जिलों से कारीगरों एवं उद्यमियों ने अपने उत्पादों का प्रदर्शन अलग-अलग स्टाल्स पर किया। लोगों ने विभिन्न उत्पादों का अवलोकन किया एवं बढ़-चढ़ कर खरीदारी की।</p>
<p>कार्यक्रम का शुभारंभ शनिवार प्रात: 11:00 बजे मुख्य अतिथि श्रीमती मंजू शर्मा द्वारा किया गया। उद्घाटन सत्र में अतिथियों ने प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना पर जानकारी दी। </p>
<p>कार्यक्रम का प्रथम तकनीकी सत्र दोपहर 02:00 बजे से आरंभ हुआ, जिसमें मुख्य रूप से डिजिटल मार्केटिंग, पैकेजिंग एवं ब्रांडिंग के विषय में विश्वकर्मा योजना लाभार्थियों को जानकारी दी गई। कार्यक्रम में शाम 05:00 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया। <br />कार्यक्रम के दूसरे दिन की शुरूआत, रविवार प्रात: 11:00 बजे द्वितीय तकनीकी सत्र से होगी। इस सत्र में मुख्य रूप से सरकारी योजनाओं और वित्तीय सहायता के बारे में जानकारी दी जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 08 Feb 2026 13:01:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का संदेश: हस्तशिल्प कलाएं देश की सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रीय हस्तशिल्प पुरस्कार समारोह में कहा कि हस्तशिल्प देश की सांस्कृतिक पहचान और आजीविका का प्रमुख माध्यम है। यह क्षेत्र 32 लाख लोगों को रोजगार देता है, जिनमें 68% महिलाएं शामिल हैं। उन्होंने जीआई टैग, ओडीओपी और टिकाऊ विकास में हस्तशिल्प की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/president-draupadi-murmus-message-handicraft-arts-are-part-of-the/article-135441"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/dropadi-murmu-on-factionccc.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा है कि हस्तशिल्प कलाएं न केवल देश की सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा हैं बल्कि आजीविका का एक महत्वपूर्ण स्रोत भी हैं। उन्होंने कहा कि  हस्तशिल्प क्षेत्र युवा उद्यमियों और डिजाइनरों को उद्यम स्थापित करने के लिए उत्कृष्ट अवसर भी प्रदान करता है। मुर्मु ने मंगलवार को यहां वर्ष 2023 और 2024 के लिए राष्ट्रीय हस्तशिल्प पुरस्कार प्रदान किए।   </p>
<p>इस अवसर पर उन्होंने कहा कि कला अतीत की स्मृतियों, वर्तमान के अनुभवों और भविष्य की आकांक्षाओं को प्रतिबिम्बित करती है। प्राचीन काल से ही मनुष्य चित्रकला या मूर्तिकला के माध्यम से अपनी भावनाओं को अभिव्यक्त करता रहा है। कला लोगों को संस्कृति से जोड़ती है। कला लोगों को एक-दूसरे से भी जोड़ती है। </p>
<p>राष्ट्रपति ने कहा, हमारी सदियों पुरानी हस्तशिल्प परंपरा के जीवंत और संरक्षित रहने का श्रेय, पीढ़ी दर पीढ़ी हमारे कारीगरों की प्रतिबद्धता को जाता है। हमारे कारीगरों ने अपनी कला और परंपरा को समय के साथ ढाला है और साथ ही मूल भावना को भी जीवित रखा है। उन्होंने अपनी प्रत्येक कलात्मक रचना में देश की मिट्टी की खुशबू को संजोकर रखा है। मुर्मू ने कहा कि हस्तशिल्प न केवल सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा हैं, बल्कि आजीविका का एक महत्वपूर्ण स्रोत भी हैं। यह क्षेत्र देश में 32 लाख से ज़्यादा लोगों को रोज़गार देता है। उल्लेखनीय है कि हस्तशिल्प से रोज़गार और आय प्राप्त करने वाले ज़्यादातर लोग ग्रामीण या दूरदराज के इलाकों में रहते हैं। यह क्षेत्र रोज़गार और आय का विकेंद्रीकरण करके समावेशी विकास को बढ़ावा देता है।</p>
<p><strong>कमजोर वर्ग को बढ़ावा देता है हस्तशिल्प</strong></p>
<p>राष्ट्रपति ने कहा कि सामाजिक सशक्तिकरण के लिए हस्तशिल्प को बढ़ावा देना महत्वपूर्ण है। यह क्षेत्र पारंपरिक रूप से कमज़ोर वर्गों के लोगों को सहायता प्रदान करता रहा है। हस्तशिल्प न केवल कारीगरों को आजीविका का साधन प्रदान करता है, बल्कि उनकी कला उन्हें समाज में पहचान और सम्मान भी दिलाती है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में कार्यरत कार्यबल में 68 प्रतिशत महिलाओं की हिस्सेदारी है और इस क्षेत्र के विकास से महिला सशक्तिकरण को भी बल मिलेगा। </p>
<p>राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि हस्तशिल्प उद्योग की सबसे बड़ी ताकत प्राकृतिक और स्थानीय संसाधनों पर इसकी निर्भरता है। यह उद्योग पर्यावरण के अनुकूल है और इसमें कार्बन उत्सर्जन कम होता है। आज, दुनिया भर में पर्यावरण के अनुकूल और टिकाऊ जीवनशैली की आवश्यकता पर बल दिया जा रहा है। ऐसे में, यह क्षेत्र स्थायित्व में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। राष्ट्रपति ने जीआई टैग द्वारा दुनिया भर में भारतीय हस्तशिल्प उत्पादों की पहचान को मज़बूत करने की उपलब्धियों पर खुशी व्यक्त की। </p>
<p>उन्होंने सभी हितधारकों से अपने अनूे उत्पादों के लिए जीआई टैग प्राप्त करने की दिशा में काम करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जीआई टैग उनके उत्पादों को एक विशिष्ट पहचान प्रदान करेगा और राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उनकी विश्वसनीयता को बढ़ाएगा। </p>
<p>उन्होंने इस बात पर बल दिया कि एक ज़लिा एक उत्पाद (ओडीओपी) पहल हमारे क्षेत्रीय हस्तशिल्प उत्पादों की अंतर्राष्ट्रीय पहचान को भी मज़बूत कर रही है। मुर्मू ने कहा कि हमारे कारीगरों के पीढ़ी दर पीढ़ी संचित ज्ञान, समर्पण और कड़ी मेहनत के बल पर, भारतीय हस्तशिल्प उत्पादों की दुनिया भर में अपनी अलग पहचान बनी है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि भारतीय हस्तशिल्प की मांग में वृद्धि की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र युवा उद्यमियों और डिज़ाइनरों को उद्यम स्थापित करने के बेहतरीन अवसर प्रदान करता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Dec 2025 12:16:21 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>पर्यटन के साथ स्थानीय कलाकारों और हस्तशिल्प को भी बढ़ावा मिले - दिया कुमारी</title>
                                    <description><![CDATA[उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी की अध्यक्षता में शासन सचिव पर्यटन. कला एवं संस्कृति व पुरातत्व रवि जैन, पर्यटन आयुक्त विजयपाल सिंह तथा राजस्थान पर्यटन विकास निगम की प्रबंध निदेशक सुषमा अरोड़ा की उपस्थिति में सचिवालय में समीक्षा बैठक आयोजित की गई।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/along-with-tourism-local-artists-and-handicrafts-should-also-be/article-91856"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/630400-size-(5)11.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी की अध्यक्षता में शासन सचिव पर्यटन. कला एवं संस्कृति व पुरातत्व रवि जैन, पर्यटन आयुक्त विजयपाल सिंह तथा राजस्थान पर्यटन विकास निगम की प्रबंध निदेशक सुषमा अरोड़ा की उपस्थिति में शनिवार को सचिवालय में समीक्षा बैठक आयोजित की गई।</p>
<p>उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर अल्बर्ट हॉल पर आयोजित भव्य और सफल सांस्कृतिक संध्या की तर्ज पर अल्बर्ट हॉल पर प्रत्येक पखवाड़े सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन किये जाने चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को इस हेतु रूपरेखा तैयार करने के निर्देश दिए। </p>
<p>दिया कुमारी ने कहा कि राजस्थान के कलाकारों को ऐसे कार्यक्रमों के आयोजनों से प्रोत्साहन और रोजगार मिलेगा। उक्त अनुसार नियमित रूप से सांस्कृतिक कार्यक्रमों का बड़े स्तर पर आयोजन किये जाने से कला एवं संस्कृति का संरक्षण भी होगा। उन्होंने इस हेतु विस्तृत खाका तैयार किये जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे राजस्थान के पारम्परिक कलाकारों एवं यहां की कला एवं संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा।</p>
<p><br />उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि राजस्थान के पर्यटन,कला संस्कृति के साथ ही हमें राजस्थान के फूड को भी आगे बढ़ाने का काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजस्थान के पर्यटन, कला संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए देश के अन्य शहरों और अन्य देशों के शहरों में भी इस प्रकार के आयोजन किए जाने चाहिए।</p>
<p>उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रचार प्रसार के पारम्परिक तरीके को बदलकर नये तरीकों से युवाओं पर लक्षित पर्यटन का प्रचार प्रसार करने पर ध्यान देना चाहिए। पर्यटन की दृष्टि से आज का युवा नये अनुभव करने के लिए उत्सुक रहता है।</p>
<p>उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने पर्यटन विभाग के मुद्दे, भारत सरकार की योजनाओं स्वदेश दर्शन, प्रसाद योजना पर चर्चा कर निर्देश दिए। उन्होंने पर्यटन नीति, पर्यटन इकाई नीति, आरटीडीसी से सम्बंधित बिंदुओं,अल्बर्ट हॉल - नवीनीकरण, सांभर टेंट सिटी प्रोजेक्ट, लंदन - चर्चा बिंदुओं, खासा कोठी/रविन्द्र रंग मंच का नवीनीकरण की कार्ययोजनाओं पर चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने राइजिंग राजस्थान के तहत पर्यटन के क्षेत्र में निवेश की सम्भावनाओं पर चर्चा की। </p>
<p>समीक्षा बैठक में पर्यटन विभाग के अतिरिक्त निदेशक राकेश शर्मा, अतिरिक्त निदेशक आनंद त्रिपाठी, संयुक्त निदेशक राजेश शर्मा, संयुक्त निदेशक पुनीता सिंह, संयुक्त निदेशक पवन जैन तथा अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 28 Sep 2024 18:38:33 +0530</pubDate>
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                <title>जयपुर की विरासत और हस्तशिल्प को बढ़ावा देगा फोरहेक्स फेयर</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर की कला और संस्कृति को बढ़ावा देने और हस्तशिल्प कला की धरोहर के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से फेडरेशन ऑफ राजस्थान हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स (फोरहेक्स) ने अपने सबसे प्रसिद्ध कार्यक्रम, फोरहेक्स फेयर के 10वें संस्करण का शुभारंभ किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/fourhex-fair-will-promote-jaipurs-heritage-and-handicrafts/article-87329"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-08/photo-size8.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जयपुर की कला और संस्कृति को बढ़ावा देने और हस्तशिल्प कला की धरोहर के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से फेडरेशन ऑफ राजस्थान हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स (फोरहेक्स) ने अपने सबसे प्रसिद्ध कार्यक्रम, फोरहेक्स फेयर के 10वें संस्करण का शुभारंभ किया। यह चार दिवसीय फेयर 9 से 12 अगस्त तक बीएम बिरला ऑडिटोरियम, जयपुर में आयोजित किया जाएगा।</p>
<p>फेयर का उद्घाटन इंडस्ट्री कमिश्नर रोहित गुप्ता, वस्त्र मंत्रालय के सीनियर डायरेक्टर रजत वर्मा, ईपीसीएच के चेयरमैन दिलीप बैद और पूर्व चेयरमैन लेखराज माहेश्वरी ने किया। इस फेयर में जयपुर के प्रमुख एक्सपोर्टर्स और आर्टिजंस जैसे जयपुर फर्नीचर, रतन टैक्सटाइल, पोद्दार एसोसिएट्स, आर्टिसना, दिलीप ट्रेडिंग आदि हिस्सा ले रहे हैं।</p>
<p><strong>हस्तशिल्प की विविधता और एमएसएमई सब्सिडरी<br /></strong>फेयर में आगुन्तक विभिन्न राज्यों के कुशल कारीगरों द्वारा की गयी हैंडलूम वीविंग, कालीन बुनाई, चमड़ा शिल्प, मधुबनी पेंटिंग, ब्लू पॉटरी, सांगानेरी ब्लॉक प्रिंटिंग आदि का प्रदर्शन कर सकेंगे। सभी आर्टिजंस को एमएसएमई की सब्सिडरी भी उपलब्ध करवाई जा रही है जिससे वे भी जोर-शोर से इसमें भाग लेकर अपनी कला का प्रदर्शन कर सकें।</p>
<p><strong>फोरहेक्स फेयर: उत्तरी भारत की कारीगर विरासत का उत्सव<br /></strong>फोरहेक्स फेयर कमेटी के प्रेसिडेंट जसवंत मील ने बताया कि इस वर्ष फेयर में उत्तर भारत की प्रमुख आर्किटेक्ट और इंटीरियर डिजाइनर, सुश्री रितु खंडेलवाल को चीफ क्यूरेटर के रूप में चुना गया है। उन्होंने कहा कि फोरहेक्स फेयर हमारे कारीगरों की स्थायी भावना और प्रतिभा का प्रतीक बन गया है। इस वर्ष 50,000 से अधिक विशिष्ट आगंतुकों के आने की उम्मीद है, जिससे अनुमानित कारोबार 50-60 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।</p>
<p>फोरहेक्स के प्रेसिडेंट सुनीत जैन ने बताया कि फोरहेक्स फेयर केवल खरीदारी का स्थान नहीं है, बल्कि उत्तरी भारत की अविश्वसनीय कारीगर विरासत का उत्सव है।</p>
<p><strong>फेयर का उद्देश्य: कारीगरों को उद्योग से जोड़ना<br /></strong>फोरहेक्स फेयर कमिटी के वाइस प्रेसिडेंट अतुल पोद्दार ने कहा कि इस फेयर का उद्देश्य कारीगरों को उद्योग से जोड़कर समाज की सेवा करना है। फेयर होटल इंडस्ट्री, बिल्डर्स और इंटीरियर डिजाइनर्स के लिए सोर्सिंग का सबसे कुशल प्लेटफार्म साबित होगा। </p>
<p><strong>फेयर में 150 से अधिक पार्टिसिपेंट्स<br /></strong>फोरहेक्स के सेक्रेटरी रवि उतमानी ने बताया कि इस वर्ष फोरहेक्स फेयर में 150 से अधिक पार्टिसिपेंट्स भाग ले रहे हैं, जो हस्तशिल्प, वस्त्र, होम डेकोर, फर्नीचर, लाइटिंग, कालीन, मिट्टी के बर्तन आदि की एक विस्तृत श्रृंखला प्रदर्शित करेंगे। 2100 वर्ग मीटर के विशाल एग्जिबिशन एरिया में 150 से अधिक बूथों को इंस्टॉल किया गया है। इसमें मुरादाबाद, सहारनपुर, खुर्जा, पानीपत, जयपुर, जोधपुर, उदयपुर जैसे शहरों के आर्टिजंस शामिल हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 09 Aug 2024 15:40:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजस्थान के हस्तशिल्प का विकास व मार्केटिंग हमारी प्राथमिकता -अरोड़ा </title>
                                    <description><![CDATA[<p>जयपुर। राजस्थान लघु उद्योग निगम (राजसिको) के अध्यक्ष राजीव अरोड़ा ने राजस्थली एम्पोरियम में हस्तशिल्प के विकास एवं राजस्थली एम्पोरियम के पीपीपी मोड पर संचालन के लिए जयपुर के प्रमुख हस्तशिल्प व्यवसायियों एवं विशेषज्ञों के साथ बैठक की। राजसिको की प्रबन्ध निदेशक डॉ. मनीषा अरोड़ा व वरिष्ठ अधिकारियों के साथ जयपुर के प्रमुख हस्तशिल्प व्यवसायीयों सिल्वर आर्ट के मनोज अग्रवाल, बरड़िया ग्रुप के सुरेन्द्र बरड़िया, हैण्डीक्राफ्ट हवेली के अनिल अग्रवाल, डिजाइनर हिम्मत सिंह, चरण स्पर्श की फाउन्डर श्रीमति माया ठाकुर, कलानिधि के रितेश माहेश्वरी सहित अन्य लोगो ने  बैठक में भाग लिया।</p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/development-and-marketing-of-handicrafts-of-rajasthan-is-our-priority---arora/article-48243"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-06/630-400-size-(1)6.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान लघु उद्योग निगम (राजसिको) के अध्यक्ष राजीव अरोड़ा ने राजस्थली एम्पोरियम में हस्तशिल्प के विकास एवं राजस्थली एम्पोरियम के पीपीपी मोड पर संचालन के लिए जयपुर के प्रमुख हस्तशिल्प व्यवसायियों एवं विशेषज्ञों के साथ बैठक की। राजसिको की प्रबन्ध निदेशक डॉ. मनीषा अरोड़ा व वरिष्ठ अधिकारियों के साथ जयपुर के प्रमुख हस्तशिल्प व्यवसायीयों सिल्वर आर्ट के मनोज अग्रवाल, बरड़िया ग्रुप के सुरेन्द्र बरड़िया, हैण्डीक्राफ्ट हवेली के अनिल अग्रवाल, डिजाइनर हिम्मत सिंह, चरण स्पर्श की फाउन्डर श्रीमति माया ठाकुर, कलानिधि के रितेश माहेश्वरी सहित अन्य लोगो ने  बैठक में भाग लिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 08 Jun 2023 17:33:33 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>महिला को किसी के प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं - राज्यपाल</title>
                                    <description><![CDATA[लघु उद्योग भारती के स्वयंसिद्ध हस्त  शिल्प प्रदर्शनी-2021]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%AE%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%B8%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A3-%E0%A4%AA%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%86%E0%A4%B5%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%95%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%A8%E0%A4%B9%E0%A5%80%E0%A4%82---%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%9C%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%B2/article-1523"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/qq.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जवाहर कला केंद्र में शुक्रवार को लघु उद्योग भारती के स्वयंसिद्ध हस्त  शिल्प प्रदर्शनी-2021का आयोजन हुआ। राज्यपाल कलराज मिश्र ने लघु उद्योग भारती के स्वयंसिद्ध हस्त  शिल्प प्रदर्शनी-2021 का विमोचन किया । इस दौरान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहा है कि महिला को किसी के प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं है, महिला स्वयंसिद्ध होती है। महिलाओं में शक्ति होती है कि उसी का प्रमाण है कि वह स्वयं को लाभ पहुंचाने के साथ ही पूरे समाज को लाभ पहुंचाती है।</p>
<p><br /> मिश्र ने कहा कि महिलाओं ने देश और समाज के लिए अनेक कार्य किए हैं। हाल ही में ओलंपिक में महिलाओं की शक्ति को पूरी दुनिया ने देखा है, ऐसे में महिलाएं ना सिर्फ़  परिवार का संचालन कर पाती है बल्कि आज तो व्यापार उद्योग में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही है। दौसा की सांसद जसकौर मीणा ने भी महिलाओं को शक्ति स्वरूप बताते  हुए कहा कि उन्हें निरंतर आगे बढ़कर मातृशक्ति का प्रभुत्व स्थापित करना है। सीकर के सांसद स्वामी सुमेधानंद सरस्वती ने भी समारोह को संबोधित किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 08 Oct 2021 15:30:42 +0530</pubDate>
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