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                <title>wrestling - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>कागजों में प्रमोट हो रहे जिले के पंच गौरव, महाराव उम्मेद सिंह स्टेडियम में प्रदर्शनी का आयोजन</title>
                                    <description><![CDATA[कोटा जिले के पंच गौरव में धनिया, रिवर फ्रंट,कोटा डोरिया, खैर व कुश्ती को शामिल किया गया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-panch-gaurav-of-the-district-is-being-promoted-only-on-paper/article-102766"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/78-(1)4.png" alt=""></a><br /><p>कोटा राज्य सरकार द्वारा हर जिले में वहां की 5 वस्तुओं का चयन कर उन्हें पंच गौरव में शामिल करने का निर्णय लिया गया था। जिसके तहत कोटा में भी पंच गौरव का चयन तो कर लिया लेकिन उनका गौरव बढ़ाने के लिए अभी तक कोई विशेष प्रयास नहीं किए गए हैं। राज्य सरकार का एक साल पूरा होने पर 12 दिसम्बर को नयापुरा स्थित महाराव उम्मेद सिंह स्टेडियम में प्रदर्शनी का आयोजन किया गया था। जिसमें विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा उनके यहां अब तक किए गए कामों को प्रदर्शनी के माध्यम से दर्शाया गया था। वहीं इसी दौरान अलग से एक पंच गौरव प्रदर्शनी का आयोजन किया गया था। जिसमें कोटा जिले के पांच गौरवों को शामिल करते हुए उनके बारे में जानकारी दी गई थी। प्रदर्शनी का उद्घाटन ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर व कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा ने किया था। लेकिन उसके बाद करीब डेढ़ महीने से अधिक का समय हो गया है। अभी तक भी प्रशासन की तरफ से उनके प्रमोशन के लिए कोई प्रयास नहीं किए गए। </p>
<p><strong>ये हैं कोटा जिले के पंच गौरव</strong><br />कोटा जिले के पंच गौरव में धनिया, रिवर फ्रंट,कोटा डोरिया, खैर व कुश्ती को शामिल किया गया है। इसमें एक जिला एक उपज के तहत धनिया, एक जिला एक डेस्टीनेशन में चम्बल रिवर फ्रंट, एक जिला एक उत्पाद में कोटा डोरिया, एक जिला एक प्रजाति में खैर को और एक जिला एक खेल में कुश्ती को शामिल किया गया है। </p>
<p><strong>प्रदर्शनी के माध्यम से प्रमोशन</strong><br />एडीएम सीलिंग कृष्णा शुक्ला ने बताया कि कोटा के पंच गौरव को प्रमोट करने के लिए प्रदर्शनियों का आयोजन किया जाता है। चम्बल रिवर फ्रंट व यूआईटी ऑडिटोरियम में प्रदर्शनी के माध्यम से इनकी जानकारी आमजन तक पहुंचाई गई। वैसे सभी विभाग अपने-अपने स्तर पर उत्पादों का प्रमोशन कर रहे है। </p>
<p><strong>कोटा महोत्सव में हुआ रिवर फ्रंट पर आयोजन</strong><br />10 दिसम्बर को पंच गौरव प्रदर्शनी का उद्घाटन होने के बाद कोटा महोत्सव के दौरान चम्बल रिवर फ्रंट को प्रमोट करने के लिए वेस्ट जोन में आमजन का प्रवेश नि:शुल्क किया गया था। वहां कई कार्यक्रम किए गए और हाट का अयोजन किया गया। लेकिन इस दौरान अधिकतर कोटा शहर के ही लोग पहुंचे। कोटा महोत्सव व उसके बाद यहां विदेशी पर्यटकों की संख्या अपेक्षाकृत कम रही है। हालांकि राज्य की पर्यटन मंत्री दीया कुमारी यहां आ चुकी है। चम्बल फिल्म फेस्टिवल का उद्घाटन यहां किया गया। लेकिन जिला प्रशासन की ओर से इसे देश विदेश में प्रमोट करने के लिए अभी तक कोई प्रयास नहीं किया गया।  इसी तरह से पंच गौरव  में शामिल अन्य उत्पादों व खेल और प्रजाति के प्रमोशन के लिए कोई आयोजन तक नहीं हुए। जिससे देश विदेश में  इनकी पहचान बन सके। हालांकि कोटा डोरिया की पहचान पहले से ही देश विदेश में है। लेकिन उतनी नहीं है जितनी होनी चाहिए। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 01 Feb 2025 16:24:14 +0530</pubDate>
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                <title>सूरमा भी पानी भरते हैं पुष्पलता के सामने</title>
                                    <description><![CDATA[80 से अधिक लड़कियों को हथियार संचालन की ट्रेनिंग देती हैं। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/even-warriors-fill-water-in-front-of-pushpalata/article-90245"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/2rtrer-(3)1.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। अखाड़ों में पुरूषों द्वारा करतब दिखाने की बातें अब पुरानी हो चुकी हैं, आज के दौरान में महिलाओं ने आखाड़ों में अपनी प्रतिभा को इस तरह से निखारा है कि जो कार्य अच्छे अच्छे सूरमा नहीं कर पाते उन्हें ये महिलाएं पलक झपकते पूरा कर देती हैं। ऐसी महिलाएं तैयार होती हैं छावनी स्थित मंग्लेश्वर व्यायामशाला में जहां पांच साल की छोटी बच्ची से लेकर 67 साल की महिला तक कोई करतब दिखाने से नहीं घबराती हैं। बल्लम चलाना हो या चलाना हो लठ, तलवार घुमाना हो या घुमाना हो चक्कर ये महिलाएं हर उस करतब को इस तरह से अंजाम देती हैं जैसे अंंगुलियों पर माचिस की तिली घुमा रही हों।</p>
<p><strong>पड़ोस की महिला को देखा तो मंजू रानी ने भी सीख लिया हथियार चलाना</strong><br />छावनी स्थित मंग्लेश्वर व्यायामशाला की मंजू रानी भी शादी के बाद ही अखाड़े के मैदान में उतर गई थी, और आज तक अखाड़े में दांव पेंच दिखाने के साथ साथ सिखा भी रही हैं। मंजू राठौर बताती हैं कि पड़ोस में रहने वाली पुष्पलता सुमन को अखाड़ों में करतब करते हुए देखा तो उन्हें भी इसकी  प्रेरणा मिली जिसके बाद उनके पति कैलाश चंद राठौर ने उनकी शादी के कुछ दिनों के बाद ही अखाड़े में दाखिल करा दिया था। मंजू बताती हैं कि जब वो पहली बार अखाड़े में गई तो वो उनकी जिंदगी का सबसे सुखद एहसास था क्योंकि अखाड़े में महिलाओं और बालिकाओं को पुरूषों के जैसे शस्त्र चलाते देख उनका पूरा शरीर उर्जा से भर गया। जिसके बाद वो हर दिन अखाड़े का अभ्यास करने लगी। धीरे धीरे मंजू वो सब सीखती गई जो एक पुरूष के लिए भी शारीरिक तौर पर बहुत मुश्किल होता है। आज करीब 20 साल बाद भी मंजू अनंत चर्तुदशी और नवरात्री से पहले रोज अखाड़े में जाती हैं। जहां हर रोज तलवार, बल्लम, चक्कर और लठ से हैरतंगेज करतब करती नजर आ जाती हैं।</p>
<p><strong>डांडिया खेलने लगी तो प्रोत्साहित कर पति ने हाथ में लठ पकड़ाया</strong><br />छावनी स्थित मगलेश्वर व्यायामशाला की महिला उस्ताद पुष्पतला सुमन करीब 40 साल से अखाड़ा खेल रही हैं। पुष्पलता बताती हैं कि उनकी शादी साल 1974 में नाथूलाल पहलवान से हुई थी। शादी के शुरू के दिनों में तो सबकुछ सामान्य रहा लेकिन कुछ साल बाद नवरात्रों के दौरान डांडिया खेलने शुरू किया तो पति नाथूलाल सुमन ने प्रोत्साहित करते हुए कहा कि डांडिया खेलने के स्थान पर अखाड़ा खेलना और शस्त्र चलाना सीखो जिससे तुम आत्मनिर्भर बन सको। पुष्पलता आगे बताती हैं कि अखाड़े की शुरूआत में तो काफी समस्या हुई। कई बार तलवार और बल्लम चलाते चलाते छूट जाते थे, चोट लग जाती थी। लेकिन पति नाथूलाल ने सिखाना जारी रखा और एक साल के अंदर सारे शस्त्र चलाने में माहिर हो गए। तब से हर साल अतंत चर्तुदशी और नवरात्रा के दौरान अखाड़े में जाने लगे जो अभी तक जारी है। पुष्पलता आज भी कई खतरनाक करतबों को पलक झपकते ही अंजाम दे देती हैं। पुष्पलता आज अपनी व्यायामशाला में 80 से ज्यादा लड़कियों और महिलाओं को अखाड़े की ट्रेनिंग देती हैं। पुष्पलता कहती हैं कि अखाड़ा और व्यायामशाला में प्रत्येक बालिका को आने चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Sep 2024 15:16:49 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>WFI Membership Suspended: भारतीय कुश्ती संघ की सदस्यता रद्द, अंतराष्ट्रीय कुश्ती महासंघ ने की कड़ी कार्रवाई</title>
                                    <description><![CDATA[भारतीय कुश्ती संघ के चुनाव के लिए 12 अगस्त को वोट डाले जाने थे लेकिन वोटिंग होने से पहले ही पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने 11 अगस्त को चुनाव पर रोक लगा दी थी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/wfi-membership-suspended-hindi-news-membership-of-wrestling-federation-of-india-canceled--international-wrestling-federation-takes-strict-action/article-55337"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-08/wfi-membership-suspended.png" alt=""></a><br /><p>अंतराष्ट्रीय कुश्ती महासंघ (United World Wrestling) ने भारतीय कुश्ती संघ (WFI) पर कार्रवाई करते हुए इसकी सदस्यता को रद्द कर दिया है। भारतीय कुश्ती संघ के समय पर चुनाव नहीं होने के कारण यह एक्शन लिया गया है। अंतराष्ट्रीय कुश्ती महासंघ ने भारतीय कुश्ती संघ को 15 जुलाई तक चुनाव कराने के लिेए कहा था मगर इलेक्शन नहीं होने के चलते संघ को निलंबित कर दिया गया है। <br /><br /><strong>12 अगस्त को होनी थी वोटिंग</strong><br />भारतीय कुश्ती संघ के चुनाव के लिए 12 अगस्त को वोट डाले जाने थे लेकिन वोटिंग होने से पहले ही पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने 11 अगस्त को चुनाव पर रोक लगा दी थी। डब्ल्यूएफआई में 15 पदों के लिए चुनाव होना था। बृजभूषण शरण सिंह के करीबी संजय सिंह सहित 4 उम्मीदवारों ने अध्यक्ष पद के लिए पर्चा भरा था। महासचिव पद के लिए चंडीगढ़ कुश्ती संस्था के दर्शन लाल ने अपना नामांकन दाखिल किया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 24 Aug 2023 12:44:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सरकारी सुविधाओं के अभाव में भी कुश्ती और जूड़ो में दम दिखा रही हैं बेटियां</title>
                                    <description><![CDATA[शहर के जिन स्थानों पर ये बेटियां  देश का नाम रोशन करने के लिए अपना समय दे रही है,मेहनत कर रही है वहां इनको सरकार की ओर से कोई सुविधाएं उपलब्ध नहीं करवाई जा रही है। हाल ही में शिवरात्रि पर मंगलेश्वरी व्यायामशाला में रखी गई हाड़ौती केसरी दंगल प्रतियोगिता में इशिता राठौड़ ने हाड़ौती केसरी का खिताब अपने नाम किया था। इसी खिलाड़ी ने साल 2020 में दिल्ली में आयोजित राष्टÑीय स्तर की प्रतियोगिता में कांस्य पदक और इसी वर्ष खेलो इंडिया में  भी कांस्य पदक जीता है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/even-in-the-absence-of-government-facilities--daughters-are-showing-strength-in-wrestling-and-judo/article-39564"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-03/sarkari-suvidhao-k-abhav-mei-bhi-kushti-aur-judo-mei-dum-dikha-rahi-betiya...kota-news.11.3.2023.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। भले ही पढ़ाई के साथ कोई समझौता करने पड़े, सुविधाएं मिले या ना मिले लेकिन कोटा की बेटियां बीते कई सालों से अपने कोच और आत्मविश्वास के सहारे कुश्ती और जूड़ों में कुछ खिलाड़ियों मसलन बबीता फोगाट, गीता फोगाट तथा साक्षी मलिक के समान अन्तरराष्टÑीय स्तर पर कोटा की पहचान बनाने की प्रयास कर रही है और बीते सालों में कुछ ने पहचान बनाने में सफलता हांसिल भी की है। चूकि ये दोनों ही खेल लगभग समान है तो बेटियां दोनों की प्रैक्टिस करने में खूब पसीना बहा रही हैं। मगर अफसोस की कि शहर के जिन स्थानों पर ये बेटियां अपने देश का नाम रोशन करने के लिए अपना समय दे रही है,मेहनत कर रही है वहां पर इनको सरकार की ओर से कोई सुविधाएं उपलब्ध नहीं करवाई जा रही है। बताया जाता है कि इस समय कोटा में महावीर नगर व्यायामशाला, मंगलेश्वरी व्यायामशाला और बजरंग व्यायामशाला सहित अन्य एक दो स्थानों पर नियमित रूप से कुश्ती और जूड़ों की प्रैक्टिस कर रही है। अनुमानत: इन सभी स्थानों पर तकरीबन 45 से 50 लड़कियां रोजाना एक तय समय पर प्रैक्टिस के लिए जाती हैं और वहां जमकर पसीना बहाती है। वहां पर कोच की भूमिका निभाने वाले इनका प्रैक्टिस करने में पूरा सहयोग करते हैं, जो सुविधाएं और संसाधन उपलब्ध होते हैं वो देते हैं और बताते हैं कि ये अन्तरराष्टÑीय स्तर पर किस तरह से अपनी पहचान बनाने में कामयाब हो सकेंगी। ये कोच प्रैक्टिस के दौरान ही नहीं बल्कि मैदान के बाहर भी इन लड़कियों को मानसिक रूप से सुदृढ़ करने का प्रयास करते हैं। </p>
<p>कोटा के लिए राष्ट्रीय स्तर पर पहला मेडल और वो गोल्ड साल 1997 में रजनी शर्मा ने जीता था जब देश में महिला कुश्ती की शुरुआत हुई ही थी। उसके बाद कई शहर की खिलाड़ियों ने जिला, राज्य, राष्टÑीय तथा अन्तरराष्टÑीय स्तर पर कोटा के लिए मेडल जीते और शहर के साथ अपने गुरु, कोच का भी नाम रोशन किया। बताया जाता है कि अगस्त 2005 में मात्र 16 वर्ष की उम्र में रेखा राठौड़ नाम की खिलाड़ी ने पहले राष्टÑीय स्तर पर मेडल जीता और उसके बाद इसी साल जापान में हुए सब जूनियर केडेट में सिल्वर मेडल हांसिल किया था। इस प्रतियोगिता की विशेष बात ये थी कि प्रतियोगिता से राठौड़ और पूर्व ओलम्पियन साक्षी मलिक के बीच ट्रायल करवाई गई थी जिसमें राठौड़ ने मलिक को पटखनी दी थी। इसी प्रतियोगिता में मलिक के साथ कोटा की ही मीनाक्षी गर्ग ने देश का प्रतिनिधित्व किया था लेकिन वो कोई मेडल नहीं जीत पाई थी। इसी प्रकार मोनिका मालव नाम की एक और कोटा की खिलाड़ी ने बेलारूस में देश का प्रतिनिधित्व किया था। हाल ही में गत शिवरात्रि पर मंगलेश्वरी व्यायामशाला में रखी गई हाड़ौती केसरी दंगल प्रतियोगिता में इशिता राठौड़ ने हाड़ौती केसरी का खिताब अपने नाम किया था।</p>
<p><strong>जीते पदक</strong><br />इसी खिलाड़ी ने साल 2020 में दिल्ली में आयोजित राष्टÑीय स्तर की प्रतियोगिता में कांस्य पदक और इसी वर्ष खेलो इंडिया में  भी कांस्य पदक जीता है। ये खिलाड़ी नियमित रूप से मंगलेश्वरी व्यायामशाला में पै्रक्टिस करती थी लेकिन अभी कुछ माह पूर्व राज्य सरकार की ओर से चयन होने बाद ये भोपाल की साई अकादमी में प्रक्टिस कर रही है। जहां का सारा खर्चा सरकार वहन कर रही है। इसी सूची में एक नाम ज्योति गोयल का भी आता है। जिसने वर्ष 2019 में चूरू और 2021 में श्रीगंगानगर में आयोजित राज्य स्तरीय जूड़ो प्रतियोगिता में सिल्वर मेडल हांसिल किए थे। वहीं इन खेलों से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि इन खेलों को लेकर कोटा की बेटियों का भविष्य बहुत अच्छा है। बीते कुछ सालों से इन खेलों के प्रति लड़कियों की रूचि काफी बढ़ी है। ये बताते हैं कि जिस मेहनत और लगन के साथ बीते कुछ सालों से यहां की लड़कियां मेट पर अपना पसीना बहा रही है उसे देखते हुए आने वाले समय में निश्चित रूप से ये कोटा ही नहीं बल्कि देश का नाम रोशन करेंगी। इनको अगर सरकार की ओर से कुछ सुविधाएं उपलब्ध करवा दी जाए तो ये खिलाड़ी ज्यादा बेहतर प्रदर्शन कर सकती है।</p>
<p>मैं बीते पांच सालों से कुश्ती और जूड़ों की प्रक्टिस कर रही हंू। पापा से प्रेरणा लेकर ही मेरा इन खेलों की ओर ध्यान गया है। परिवार वालों की पूरा सपोर्ट मिलता है। घर वाले तो चाहते ही यहीं है कि बस मैं खेलती रहूं। प्रतिदिन करीब 3 घंटे प्रेक्टिस करती हूं। लेकिन इन खेलों के कारण पढ़ाई को पूरा समय नहीं दे पाती हंू। यहां पर तो डाइट नहीं मिलती लेकिन अभी भोपाल में जहां में प्रेक्टिस कर रही हूं वहां सभी सुविधाएं मिल रही हैं। इशिता राठौड़। ं मैं बीते पांच सालों से कुश्ती और जूड़ों की प्रक्टिस कर रही हंू। पापा से प्रेरणा लेकर ही मेरा इन खेलों की ओर ध्यान गया है। परिवार वालों की पूरा सपोर्ट मिलता है। घर वाले तो चाहते ही यहीं है कि बस मैं खेलती रहूं। प्रतिदिन करीब 3 घंटे प्रेक्टिस करती हूं। लेकिन इन खेलों के कारण पढ़ाई को पूरा समय नहीं दे पाती हंू। यहां पर तो डाइट नहीं मिलती लेकिन अभी भोपाल में जहां में प्रेक्टिस कर रही हूं वहां सभी सुविधाएं मिल रही हैं। <br /><strong>-इशिता राठौड़। </strong></p>
<p>वर्तमान समय में पढ़ाई में बहुत ज्यादा प्रतिस्पर्द्धा हो गई है लेकिन गेम्स में बहुत स्कोप हैं। लगभग 5-6 साल पहले मंगलेश्वर व्यायामशाला में यूंही गई थी तो वहां का माहौल, वहां लड़कियों को प्रक्टिस करते देख बहुत अच्छा लगा और उसके बाद से ही इन खेलों में रूचि बढ़ी और तक से ही लगभग 4 घंटे प्रेक्टिस कर रही हूं। प्रक्टिस और पढ़ाई के बीच सामंजस्य बनाना पड़ता हैं। कोच का बहुत अच्छा सपोर्ट मिलता है। <br /><strong>-ज्योति गोयल। </strong></p>
<p><strong>इनका कहना हैं</strong><br />कुश्ती और जूड़ो में कोटा की लड़कियां बहुत मेहनत कर रही है। लड़कियां लड़कों से बहुत आगे निकल चुकी है। उसका कारण ये है कि लड़कियां एकाग्रचित्त वाली होती है। ये लक्ष्य से कभी नहीं भटकती है और अपना बेहतर प्रदर्शन करने का प्रयास करती हैं। <br /><strong>-आई.के.दत्ता,अध्यक्ष जिला कुश्ती संघ, कोटा </strong></p>
<p>बच्चों के परिजनों का पूरा सहयोग मिले तो ये और बढ़िया प्रदर्शन कर मेडल हांसिल कर सकती है। जो लड़किया अपने यहां की व्यायामशाला या अन्य जगहों से इन खेलों में बेहतर प्रदर्शन करके निकली है वो लगभग सभी आज पीटीआई बन चुकी हैं। व्यायामशालाओं में प्रक्टिस करने वाली लड़कियों को सरकार की ओर से कोई सुविधा नहीं मिलती है। सारी व्यवस्थाएं अपने स्तर पर ही करनी होती हैं। <br /><strong>-भानुप्रताप सिंह, कोच</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Mar 2023 15:41:20 +0530</pubDate>
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                <title>भारतीय कुश्ती संघ विवाद में नया मोड़</title>
                                    <description><![CDATA[उन्होंने कहा कि यह और भी भयावह है कि यह खिलाड़ी कुश्ती संघ के उच्च पदस्थ पदाधिकारियों के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच करने वाली दोनों समितियों का सदस्य है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/new-twist-in-indian-wrestling-federation-controversy/article-38550"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-02/site-photo-size-(23)1.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर कुछ इंटरनेशनल पहलवानों द्वारा लगाए गए शारीरिक शोषण के आरोपों से जुड़े मामले में नया मोड़ आ गया है। आरोप लगाने वाले पहलवानों में शामिल विनेश फोगाट ने इस मामले की जांच के लिए आईओए और खेल मंत्रालय की ओर से गठित अलग-अलग जांच कमेटियों में शामिल एक सदस्य की भूमिका सवाल उठाए हैं। विनेश फोगाट ने ट्वीट कर सीधे किसी का नाम तो नहीं लिया मगर लिखा कि मामले की जांच कर रही दोनों कमेटियों में शामिल एक सदस्य पहलवानों की यौन उत्पीड़न से जुड़ी शिकायत के तथ्य लीक कर रहा है। ऐसा उन्हें मीडिया रिपोर्ट्स से पता चला है। इसीलिए इस सदस्य को तुरंत जांच कमेटी से हटाया जाना चाहिए।उसने ट्वीट में केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर को टैग भी किया। </p>
<p>गौरतलब है कि आईओए और खेल मंत्रालय की ओर से बनाई गई दो अलग-अलग कमेटियों की अध्यक्ष नामी बॉक्सर एमसी मैरीकॉम हैं। इन दोनों ही कमेटियों में हरियाणा के पहलवान योगेश्वर दत्त शामिल हैं। योगेश्वर पर विनेश फोगाट पहले भी निशाना साध चुकी हैं। विनेश फोगाट में ट्वीट में लिखा कि मुझे हाल ही में पता चला है कि ओवर साइट कमेटी का एक खिलाड़ी सदस्य कथित तौर पर कल से यौन उत्पीड़न की शिकायत की सामग्री को लीक कर रहा है। ऐसा उन्हें मीडिया रिपोर्ट्स पढ़ कर पता लगा है। एक खिलाड़ी होने के नाते यह देखना बेहद निराशाजनक है कि कमेटी के एक साथी खिलाड़ी सदस्य ने इतनी लापरवाही से व्यवहार किया है। महिलाओं के प्रति उनका रवैया इस तरह के व्यवहार से स्पष्ट होता है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि यह और भी भयावह है कि यह खिलाड़ी कुश्ती संघ के उच्च पदस्थ पदाधिकारियों के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच करने वाली दोनों समितियों का सदस्य है। इसने समिति की कार्रवाई के प्रति गहरा अविश्वास पैदा किया है। मैं इस समिति के सदस्य से न केवल कमजोर, बल्कि रणनीतिक प्रयासों से निराशा महसूस कर रही हूं। इस मामले की निष्पक्ष और न्यायपूर्ण जांच होनी चाहिए थी। मैं अनुरोध करती हूं कि सदस्य के खिलाफ इस तरह से अपने पद का उपयोग करने के लिए कड़ी कार्रवाई की जाए और उन्हें तुरंत समिति से हटा दिया जाए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Feb 2023 10:51:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मैंने नहीं किया अदालत का रुख:बृजभूषण शरण सिंह</title>
                                    <description><![CDATA[समिति चार सप्ताह के अंदर अपनी रिपोर्ट आईओए के पास जमा करायेगी। इस सिलसिले में खेल मंत्रालय ने डब्ल्यूएफआई की निगरानी के लिये एक निगरानी समिति के गठन की घोषणा की है। इस समिति के गठन तक कुश्ती महासंघ का कामकाज निलंबित कर दिया गया है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/i-did-not-approach-the-court-brijbhushan/article-35585"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-01/brij_0-sixteen_nine.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली ((एजेंसी))। भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के अध्यक्ष और कैसरगंज लोकसभा सीट से सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने दिल्ली सरकार, विरोध प्रदर्शन करने वाले पहलवानों या किसी मीडिया संस्थान के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दर्ज नहीं की है। बृजभूषण ने सोमवार को ट्वीट करके इसकी जानकारी दी। </p>
<p>बृजभूषण ने ट्वीट किया कि मेरे या मुझसे सम्बद्ध किसी अधिकृत व्यक्ति द्वारा दिल्ली सरकार, धरना देने वाले पहलवानों और न्यूज चैनलों के विरुद्ध कोई याचिका प्रस्तुत नहीं की गई है। मैंने किसी अधिवक्ता, लॉ एजेंसी या प्रतिनिधि को किसी न्यायालय में याचिका प्रस्तुत करने की अनुमति या अधिकार प्रदान नहीं किया है।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि विश्व चैंपियनशिप मेडलिस्ट विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया सहित कई सम्मानित पहलवानों ने बृजभूषण पर यौन शोषण जैसे गंभीर आरोप लगाये थे। कई मीडिया घरानों ने यह समाचार प्रकाशित किया कि बृजभूषण ने पहलवानों पर मानसिक उत्पीडऩ और मानहानि का आरोप लगाते हुए दिल्ली उच्च न्यायलय का रुख किया है।</p>
<p>बृजभूषण ने अदालत जाने की अफवाहों पर पूर्ण विराम लगाते हुए कहा कि मीडिया के सभी माध्यमों से आग्रह है कि कोई भी अपुष्ट और अप्रामाणिक खबर प्रसारित न करें। वर्तमान समय में विषय की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए सभी से अनुरोध है कि किसी अफवाह या भ्रामक तथ्य को बढ़ावा देकर अव्यवस्था न बढ़ायें।</p>
<p>भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) ने इन आरोपों की जांच के लिये सात सदस्यीय समिति का गठन किया है। यह समिति चार सप्ताह के अंदर अपनी रिपोर्ट आईओए के पास जमा करायेगी। इस सिलसिले में खेल मंत्रालय ने डब्ल्यूएफआई की निगरानी के लिये एक निगरानी समिति के गठन की घोषणा की है। इस समिति के गठन तक कुश्ती महासंघ का कामकाज निलंबित कर दिया गया है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>खेल</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Jan 2023 16:14:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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                <title>अनुराग के साथ बैठक के बाद पहलवानों ने धरना खत्म किया</title>
                                    <description><![CDATA[ बैठक के बाद ठाकुर ने कहा कि बृज भूषण शरण सिंह डब्ल्यूएफआई के अध्यक्ष का पद छोड़ेंगे और जांच में सहयोग करेंगे। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/wrestlers-end-strike-after-meeting-with-anurag/article-35412"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-01/tttt.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली ((एजेंसी))। बजरंग पूनिया, विनेश फोगाट और अन्य सम्मानित पहलवानों ने केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर के साथ बैठक के बाद भारतीय कुश्ती संघ (डब्ल्यूएफआई) के खिलाफ जंतर-मंतर पर तीन दिन से चल रहे अपने विरोध प्रदर्शन को शुक्रवार देर रात समाप्त किया।  </p>
<p>पूनिया ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि हम अपना प्रदर्शन खत्म कर रहे हैं क्योंकि सरकार ने हमें आश्वासन दिया है कि न्याय होगा। डब्ल्यूएफआई के दिन-प्रतिदिन के कार्यों को संभालने और हमारी चिंताओं को देखने के लिये एक समिति बनाने का निर्णय लिया गया है। खेल मंत्री ने कहा है कि खिलाड़ियों की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है क्योंकि खिलाड़ियों को महासंघ से पहले भी धमकियां मिल चुकी हैं। मंत्री ने हर कदम पर हमें अपना समर्थन दिया है। हमारा खेल बहुत दूर आ गया है और हम यह विरोध भी नहीं चाहते थे लेकिन चीजें इतनी हाथ से निकल गयीं कि हमें ऐसा कदम उठाना पड़ा।</p>
<p>पूनिया ने पहलवानों का समर्थन करने के लिये सभी को धन्यवाद देते हुए विरोध प्रदर्शन का समापन किया। इसी बीच बैठक के बाद ठाकुर ने कहा कि बृज भूषण शरण सिंह डब्ल्यूएफआई के अध्यक्ष का पद छोड़ेंगे और जांच में सहयोग करेंगे। उन्होंने बताया कि डब्ल्यूएफआई के खिलाफ जांच के लिये निगरानी समिति का गठन किया जायेगा। यह समिति खिलाड़यिों द्वारा लगाए गये यौन दुराचार, वित्तीय अनियमितताओं और प्रशासनिक चूक के आरोपों की जांच करेगी।  समिति चार सप्ताह में जांच पूरी करेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Sat, 21 Jan 2023 15:06:19 +0530</pubDate>
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                <title>कुश्ती में दंगल जारी</title>
                                    <description><![CDATA[पहलवानों ने भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) को पत्र लिखकर महासंघ को भंग करने की मांग की है। साथ ही डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष के खिलाफ लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच के लिए एक जांच समिति गठित करने की भी मांग की।  ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/wrestlers-end-strike/article-35348"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-01/q-133.jpg" alt=""></a><br /><p>एजेंसी/नई दिल्ली। भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्लूएफआई) अध्यक्ष बृज भूषण सिंह के खिलाफ धरना दे रहे पहलवानों ने शुक्रवार को भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) को पत्र लिखकर महासंघ को भंग करने की मांग की है। इस बीच डब्लूएफआई अध्यक्ष बृज भूषण सिंह ने शाम को होने वाली प्रेस कांफ्रेंस रद्द कर दी। सिंह के बेटे विधायक प्रतीक भूषण ने शुक्रवार शाम बताया कि 22 जनवरी को देशभर के कुश्ती संघ के पदाधिकारियों के साथ होने वाली बैठक में विचार-विमर्श के बाद डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष अपना बयान जारी करेंगे। सिंह ने सरकार को अपना जवाब भेज दिया है। इस बीच खबर लिखे जाने तक पहलवानों और खेल मंत्री के बीच उनके निवास पर बैठक जारी थी। साथ ही डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष के खिलाफ लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच के लिए एक जांच समिति गठित करने की भी मांग की। आईओए अध्यक्ष पीटी उषा को लिखे पत्र में पहलवानों ने कहा कि उन्हें उनके कई सहयोगियों ने बृज भूषण के हाथों हुए यौन उत्पीड़न के बारे में बताया है। पत्र पर टोक्यो ओलंपिक पदक विजेता रवि दहिया और बजरंग पुनिया समेत पांच पहलवानों के हस्ताक्षर हैं। शिकायती पत्र में रियो खेलों की कांस्य पदक विजेता साक्षी मलिक और विश्व चैंपियनशिप की पदक विजेता विनेश फोगाट और दीपक पुनिया ने भी हस्ताक्षर किए हैं। पहलवानों ने डब्ल्यूएफआई को भंग करने और उसके अध्यक्ष को बर्खास्त करने की मांग दोहराई है।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Sat, 21 Jan 2023 09:59:18 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>नितेश ने हैमर थ्रो में रजत और छगन ने कुश्ती में जीता कांस्य</title>
                                    <description><![CDATA[छगन ने कांस्य पदक के मुकाबले में छत्तीसगढ़ के विजेन्द्र सिंह को पराजित किया।  इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक हरियाणा के सुनील और रजत पंजाब के हरप्रीत ने जीता। रोजस्थान की रोइंग टीम ने भी शुक्रवार को शानदार प्रदर्शन के साथ सिंगल स्कल स्पर्धा के फाइनल में जगह बना ली।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/nitesh-won-silver-in-hammer-throw-and-chhagan-won-bronze/article-25031"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-10/q-5.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। गुजरात में चल रहे राष्ट्रीय खेलों में शुक्रवार को राजस्थान के खिलाड़ियों ने दो पदक जीते। राजस्थान के नितेश पूनिया ने पुरुषों की हैमर थ्रो स्पर्धा में रजत पदक हासिल किया, वहीं कुश्ती में छगन ने राजस्थान को कांस्य पदक दिलाया। ओलंपियन मंजू बाला ने निराश किया और वह हैमर थ्रो स्पर्धा में चौथे स्थान पर रही। राजस्थान के नितेश ने पुरुषों की हैमर थ्रो स्पर्धा में 67.27 मीटर के साथ रजत पदक हासिल किया। इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक पंजाब के दमनीत सिंह (67.25) और कांस्य पदक सर्विसेज के नीरज कुमार (65.25) ने हासिल किया। राजस्थान पुलिस में कांस्टेबल छगन मीणा ने ग्रीको रोमन कुश्ती के 72 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक हासिल किया। छगन ने कांस्य पदक के मुकाबले में छत्तीसगढ़ के विजेन्द्र सिंह को पराजित किया।  इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक हरियाणा के सुनील और रजत पंजाब के हरप्रीत ने जीता। रोजस्थान की रोइंग टीम ने भी शुक्रवार को शानदार प्रदर्शन के साथ सिंगल स्कल स्पर्धा के फाइनल में जगह बना ली।<br /><br /><strong>ओलंपियन मंजू बाला ने किया निराश<br /></strong>टोक्यो ओलंपिक खेलों में हिस्सा ले चुकी राजस्थान की मंजू बाला ने निराश किया। मंजू बाला हैमर थ्रो स्पर्धा में चौथे स्थान पर रहीं। राजस्थान पुलिस में सब इंस्पेक्टर कचनार चौधरी में 15.11 मीटर के थ्रो के साथ शाटपुट स्पर्धा में चौथे स्थान पर रही। राजस्थान पुलिस में कांस्टेबल प्रवीण कुमार भी पुरुषों की हैमर थ्रो स्पर्धा में छठे स्थान पर रहे। <br /><br /><strong>राजस्थान पुलिस की किरण ने नये रिकॉर्ड के साथ जीता गोल्ड</strong><br />राजस्थान पुलिस में सब इंस्पेक्टर के पद पर तैनात किरण बालियान ने शाटपुट स्पर्धा में नये राष्ट्रीय रिकार्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता। किरण ने 17.14 मीटर दूर गोला फेंक 1999 के राष्ट्रीय खेलों में बनाया पंजाब की हरबंस कौर का राष्ट्रीय रिकार्ड तोड़ा। उत्तर प्रदेश के मेरठ की किरण चार माह पहले राजस्थान पुलिस में सब इंस्पेक्टर बनी हैं। नियमों के तहत राजस्थान की ओर से हिस्सा लेने के लिए कम से कम छह माह की सर्विस आवश्यक है। ऐसे में किरण राष्ट्रीय खेलों में उत्तर प्रदेश की ओर से हिस्सा ले रही हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 01 Oct 2022 10:11:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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                <title>विदेशों में कोटा की बेटियां कुश्ती में लहरा चुकी परचम</title>
                                    <description><![CDATA[ कुश्ती के खेल में सुविधाएं बढ़ी तो महिलाओं का रुझान भी बढ़ने लगा। इसी का परिणाम यह हुआ है कि विदेशों में भारत की महिला पहलवानों ने तेज गति से अपनी सफलता का परचम लहरा दिया। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-s-daughters-have-waved-in-wrestling-abroad/article-21859"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-09/vedesho-mei-kota-ki-betiya-kushti-mei...kota-news-6.9.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। प्राचीन काल से चली आ रही कुश्ती में अब महिलाएं भी अपनी क्षमता के दम पर ऊंचा मुकाम हासिल कर रही है। कोटा की कई महिला खिलाड़ी देश व विदेश में हुई प्रतियोगिताओं में अपनी ताकत का लोहा मनवा चुकी है। इसी के चलते अब इस खेल के प्रति महिलाओं का रुझान बढ़ने लगा है।कुश्ती का खेल पुरातन काल से चला आ रहा है। पुराने जमाने में इस खेल ेमें केवल पुरुष ही अपनी भागीदारी निभाते थे। समय का दौर बदलने के साथ ही कुश्ती में भी बदलाव हुआ और महिलाएं भी कुश्ती में जोर आजमाइश के लिए मैदान में उतर गई। । कुश्ती के खेल में सुविधाएं बढ़ी तो महिलाओं का रुझान भी बढ़ने लगा। इसी का परिणाम यह हुआ है कि विदेशों में भारत की महिला पहलवानों ने तेज गति से अपनी सफलता का परचम लहरा दिया। </p>
<p><strong>इन्होंने भी नाम किया रोशन</strong><br />शहर में कई अखाड़े बने हुए हैं, जहां पर नियमित रूप से खिलाड़ियों को कुश्ती का अभ्यास करवाया जाता है। उनमें प्रमुख मंगलेश्वर महादेव व्यायामशाला, देवभूमि अखाड़ा व महावीर व्यायामशाला शामिल है। देवभूमि अखाड़ा में गुरु रवि गुप्ता खिलाड़ियों को दांव पेच सिखा रहे है। कोटा की महिला खिलाड़ी मोनू गोचर, नीलमवती, अंजली मित्तल, लक्ष्मी नागर, जगनप्रीत कौर, अमृतप्रीत कौर, पूजा प्रजापति व मीना सुमन भी नेशनल प्रतियोगिताओं में भागीदारी निभा चुकी हैं।</p>
<p><strong>पहला गोल्ड कोटा की रजनी के नाम</strong><br />सुविधाएं व प्रोत्साहन मिलने के बाद कोटा में भी महिलाओं का रुझान कुश्ती में बढ़ता जा रहा है। अब तक कई खिलाड़ी नेशनल स्तर की प्रतियोगिताओं में पदक हासिल कर कोटा का नाम रोशन कर चुकी हैं। वर्ष 1998 में पहली बार प्रथम राष्टÑीय महिला कुश्ती प्रतियोगिता मथुरा में आयोजित की गई थी। इसमें 40 किग्रा भार वर्ग में कोटा की महिला पहलवान रजनी शर्मा ने राजस्थान के लिए पहला गोल्ड मेडल जीता था। इसके बाद भी अन्य कई राष्टÑीय प्रतियोगिताओं में उन्होंने पदक हासिल कर कोटा का नाम रोशन किया। वहीं कोटा की मोनिका मालव कोरिया और मीनाक्षी गर्ग जापान में भारत व कोटा का परचम लहरा चुकी हैं।</p>
<p><strong>तीन बहनें हम, नहीं किसी से कम</strong><br />कोटा में एक ऐसा परिवार भी है जो कुश्ती के खेल में पूरी तरह से समर्पित है। महिला खिलाड़ी रजनी शर्मा ने वर्ष 1998 में गोल्ड लाकर कुश्ती में कोटा का नाम रोशन किया था। उसके बाद उनकी बहनों ने भी कुश्ती को अपनाकर सफलता का मुकाम पाया। नेशनल प्रतियोगिता में खिलाड़ी सरिता शर्मा ने सिल्वर और बहन हेमंत शर्मा ने ब्रांज मेडल लेकर कोटा की कुश्ती को नई ऊंचाइयां दिलाई। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />कुश्ती में कोटा के महिला खिलाड़ियों ने अपने बेहतरीन खेल से अच्छा मुकाम हासिल कर रखा है। अब तक कई खिलाड़ी अलग-अलग भार वर्गों में कोटा को पदक दिला चुकी हैं। पहली राष्टÑीय महिला कुश्ती में कोटा की महिला खिलाड़ी ने गोल्ड लाकर नाम रोशन किया था। अब महिला खिलाड़ी आगामी दिनों में होने वाली अखिल भारतीय चंबल केसरी प्रतियोगिता की तैयारी कर रही हैं।<br /><strong>-हरीश शर्मा, सचिव, जिला कुश्ती संघ कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 06 Sep 2022 13:21:12 +0530</pubDate>
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                <title>हम नहीं किसी से कम कुश्ती में दिखा रहे दम</title>
                                    <description><![CDATA[कोटा में भी कुश्ती का स्तर बढ़ता जा रहा है। अब तक कई खिलाड़ी नेशनल स्तर की प्रतियोगिताओं में अपना दम दिखा चुके हैंै।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/we-are-showing-no-less-than-anyone-in-wrestling/article-21732"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-09/hum-nahi-kisi-se-kum...kota-news-5.9.2022.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। अन्तरराष्टÑीय स्तर की कुश्ती प्रतियोगिता में भारत के कई खिलाड़ियों ने पदक दिलाकर नाम रोशन किया है। अब तक कोटा के भी कई खिलाड़ी राष्टÑीय स्तर की प्रतियोगिताओं में अपने दम पर धाक कायम कर चुके हैं। इसके चलते इस खेल के प्रति युवाओं का रुझान बढ़ने लगा है। कुश्ती का खेल पुरातन काल से चला आ रहा है। समय बदलने के साथ खेल का स्तर भी बदलता चला गया। किसी जमाने में मिट्टी के मैदान में होने वाला यह खेल अब मेट पर पहुंच गया है। गांवों में इस खेल का अभी भी काफी क्रेज हैं। वहां पर मिट्टी के मैदानों में ही इस खेल का आयोजन होता है। शहरों में इसका स्तर बदल गया है। अब यहां मेट पर कुश्ती का आयोजन करवाया जाता है। राष्टÑीय व अन्तरराष्टÑीय प्रतियोगिताएं भी मेट पर ही होती हैं। इस कारण अब जिला स्तर पर भी कुश्ती की तैयारियां मेट पर ही करवाई जाती है। कोटा में भी कुश्ती का स्तर बढ़ता जा रहा है। अब तक कई खिलाड़ी नेशनल स्तर की प्रतियोगिताओं में अपना दम दिखा चुके हैंै।</p>
<p><strong>मेहनत के बल पर पाया मुकाम</strong><br />पिछले कुछ सालों में वैसे तो कई खिलाड़ियों में अपनी मेहनत के बल पर कुश्ती में ऊंचा मुकाम हासिल किया है और स्टेट व नेशनल स्तर पर पदक भी कोटा की झोली में डाले हैं। कोटा के खिलाड़ी यादवेन्द्र ने 92 किग्रा में नेशनल प्रतियोगिता में ब्रांज मेडल हासिल कर रखा है। उन्होेंने दूसरे राज्यों के खिलाड़ियों को कड़ी स्पर्धा में टक्कर देते हुए यह सफलता हासिल की है। वर्तमान में वह नियमित अभ्यास कर गोल्ड की तैयारी में जुटा हुआ है।  पहलवान रविन्द्र कुमार भी नेशनल प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल लाकर अपनी ताकत का लोहा मनवा चुके हैं।</p>
<p><strong>सुविधाओं की खल रही कमी</strong><br />कुश्ती का खेल अब मिट्टी से निकलकर मेट यानि गद्दे पर पहुंच गया है। कोटा में मैदान तो है, लेकिन बेहतरीन मेट की कमी खल रही है। शहर में कई अखाड़े बने हुए हैं, जहां पर नियमित रूप से खिलाड़ियों को कुश्ती का अभ्यास करवाया जाता है। उनमें प्रमुख मंगलेश्वर महादेव व्यायामशाला, देवभूमि अखाड़ा व महावीर व्यायामशाला शामिल है। इन अखाड़ों में रोजाना करीब सौ से डेढ़ खिलाड़ी अलग-अलग वर्गो में कुश्ती का नियमित अभ्यास कर रहे हैं। यहां पर मेट की सुविधा तो है, लेकिन वह स्टेट व नेशनल स्तर प्रतियोगिताओं के अनुरूप नहीं है। इससे खिलाड़ियों को परेशानी होती है। यदि बेहतर मेट की व्यवस्था हो जाए तो कोटा के खाते में पदकों की संख्या और जुड़ जाएगी।</p>
<p> कुश्ती में कोटा के खिलाड़ियों ने अपने बेहतरीन खेल से अच्छा मुकाम हासिल कर रखा है। अब तक कई खिलाड़ी अलग-अलग भार वर्गों में कोटा को पदक दिला चुके हैं। अब तो स्कूली स्तर पर भी खिलाड़ियों को तैयार किया जा रहा है। यदि भामाशाह और सरकार की ओर से पर्याप्त सुविधाएं मिल जाए तो कोटा कुश्ती में हरियाणा की तरह सिरमौर हो सकता है।<br /><strong>- इन्द्र कुमार दत्ता, अध्यक्ष जिला कुश्ती संघ कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 05 Sep 2022 13:14:17 +0530</pubDate>
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                <title>अंशु मलिक ने विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में रजत पदक जीत कर रचा इतिहास</title>
                                    <description><![CDATA[मेरिका की हेलेन मारौल्ट्स ने 3.59 मिनट तक चले स्वर्ण पदक मैच में अंशु को हराकर स्वर्ण पदक जीता।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/%E0%A4%85%E0%A4%82%E0%A4%B6%E0%A5%81-%E0%A4%AE%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%B5-%E0%A4%95%E0%A5%81%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A5%80-%E0%A4%9A%E0%A5%88%E0%A4%82%E0%A4%AA%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%A8%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%AA-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B0%E0%A4%9C%E0%A4%A4-%E0%A4%AA%E0%A4%A6%E0%A4%95-%E0%A4%9C%E0%A5%80%E0%A4%A4-%E0%A4%95%E0%A4%B0-%E0%A4%B0%E0%A4%9A%E0%A4%BE-%E0%A4%87%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%B8/article-1530"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/anshu-malik.jpg" alt=""></a><br /><p>ओस्लो। युवा भारतीय महिला पहलवान अंशु मलिक ने यहां गुरुवार को विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में 57 किलोग्राम महिला फ्रीस्टाइल कुश्ती में रजत पदक जीता। अमेरिका की हेलेन मारौल्ट्स ने 3.59 मिनट तक चले स्वर्ण पदक मैच में अंशु को हराकर स्वर्ण पदक जीता। अंशु ने रजत पदक जीत कर न केवल पोडियम (शीर्ष तीन) के साथ अभियान समाप्त किया, बल्कि इतिहास रचा। दरअसल वह इस चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं हैं।</p>
<p><br /> विश्व चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बनाने वाली भारत की पहली महिला पहलवान बनीं 20 वर्षीय अंशु ने मुकाबले में आक्रामक और सकारात्मक शुरुआत की, लेकिन अंत में विरोधी पहलवान ने उन्हें चित्त कर दिया। अंशु पहले राउंड के बाद 1-0 से आगे थी, लेकिन दूसरे राउंड में हेलेन पूरी तरह हावी रहीं। अमेरिकी पहलवान ने अंशु का हाथ पकड़ा और फिर टेकडाउन मूव के साथ 2-1 की बढ़त बनाई। इस बीच उन्होंने अंशु के दाएं हाथ को नहीं छोड़ा तथा दो और अंकों के साथ 4-1 से आगे हो गईं। विरोधी पहलवान की मजबूत पकड़ से अंशु काफी दर्द में दिखीं, लेकिन हेलेन ने अपनी पकड़ कमजोर नहीं होने दी और अंत में अंशु को चित्त करके जीत दर्ज की। अंशु को मुकाबले के तुरंत बाद चिकित्सा सहायता लेनी पड़ी। वह पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान हाथ को बेल्ट का सहारा देते हुए दिखाईं दी।</p>
<p><br /> अंशु ने सेमीफाइनल मुकाबले में यूक्रेन की सोलोमिया विन्निक के खिलाफ 11-0 से तकनीकी श्रेष्ठता से जीत (वीएसयू) के साथ फाइनल में पहुंचीं थी। इससे पहले क्वार्टर फाइनल में उन्होंने मंगोलिया की दावाचिमेग एर्खेम्बयार को 5-1, और प्री-क्वार्टर फाइनल में कजाकिस्तान की निलुफर राइमोवा वीएसयू1 से 15-5 से हराया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 08 Oct 2021 17:50:08 +0530</pubDate>
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