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                <title>Trade Agreement - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>केंद्र सरकार की विदेश नीति विफल और देशहित के विपरीत: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कमजोर हुई देश की स्थिति, जयराम रमेश बोले - विदेश नीति के कारण भारत के प्रति दुनिया के रुख में दिख रहा बदलाव </title>
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                        <![CDATA[कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने केंद्र की विदेश नीति को विफल बताते हुए पुनर्विचार की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रंप प्रशासन का झुकाव भारत के बजाय पाकिस्तान की ओर बढ़ा है। कांग्रेस ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को एकतरफा करार दिया और रूस-चीन मुद्दों पर सरकार की चुप्पी को राष्ट्रीय हितों के खिलाफ बताया।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/congress-attacked-and-said-that-the-foreign-policy-of-the/article-145039"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/jairam-ramesh.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस ने केंद्र सरकार की विदेश नीति को विफल और देशहित के विपरीत बताते हुए कहा है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की स्थिति कमजोर हुई है इसलिए इसमें पुनर्विचार की जरूरत है। कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने रविवार को कहा कि केंद्र सरकार की विदेश नीति के कारण भारत के प्रति दुनिया के रुख में बदलाव दिख रहा है और अमेरिका का रुख भारत की तुलना में पाकिस्तान की तरफ नरम है जिसे विफल विदेश नीति का परिणाम कहा जा सकता है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का रुख पाकिस्तान के प्रति नरम है और यही कारण है कि ट्रंप पहलगाम आतंकवादी हमलों की पृष्ठभूमि से जुड़े व्यक्ति की सार्वजनिक सराहना कर रहे हैं। उनका कहना था कि अमेरिका ने अफगानिस्तान के खिलाफ पाकिस्तान की कार्रवाई का समर्थन किया है। राष्ट्रपति ट्रंप कई बार दावा कर चुके हैं कि उन्होंने 10 मई 2025 को आयात शुल्क बढ़ाने की धमकी देकर ऑपरेशन सिंदूर रुकवाया, लेकिन प्रधानमंत्री ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। उनके अनुसार, अभियान रोकने की पहली घोषणा अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने की थी।</p>
<p>भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि गत 2 फरवरी को राष्ट्रपति ट्रंप ने इसकी घोषणा की। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मामला उठाया लेकिन मुद्दों से ध्यान हटाने की सरकार ने कोशिश की। बाद में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप की आयात शुल्क नीति को अवैध करार दिया। कांग्रेस ने अमेरिका के साथ समझौते को एकतरफा बताया और कहा कि भारत ने आयात को उदार बनाने की प्रतिबद्धता जताई लेकिन अमेरिका ने इसका कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया। रूस से तेल खरीद के मुद्दे पर भी सरकार ने स्थिति स्पष्ट नहीं की।</p>
<p>इसके आगे कांग्रेस ने कहा कि केंद्र सरकार की हाल की इजरायल यात्रा और 19 जून 2020 को चीन पर दिए गए बयान ने भारत की स्थिति कमजोर की है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की विदेश नीति की दिशा और शैली पर पुनर्विचार की जरूरत है।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Sun, 01 Mar 2026 15:40:57 +0530</pubDate>
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                <title>अमेरिकी आयात शुल्क में कमी से घरेलू शेयर बाजार में तेजी, इन शेयरों में दिखेगा तगड़ा एक्शन</title>
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                        <![CDATA[अमेरिकी आयात शुल्क घटने की खबर से सोमवार को सेंसेक्स 600 अंक से अधिक उछल गया। 15% की नई शुल्क दर ने भारतीय बैंकिंग और ऑटो सेक्टर में निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/due-to-reduction-in-us-import-duty-rise-in-domestic/article-144208"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/share-market.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। अमेरिका में आयात शुल्क घटने से घरेलू शेयर बाजारों में सोमवार को तेजी देखी गई और बीएसई का सेंसेक्स 600 अंक से अधिक उछाल गया। सेंसेक्स 92.12 अंक की बढ़त में 82,824.71 अंक पर खुला। एक समय या करीब 671 अंक चढ़कर 83486.15 अंक पर पहुंच गया था। खबर लिखे जाते समय यह 598.63 अंक (0.72 प्रतिशत) ऊपर 83,413.34 अंक पर था।</p>
<p>अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा विभिन्न देशों पर लगाये गये ऊंचे आयात शुल्क को अवैध बताते हुए उसे रद्द कर दिया। इसके बाद ट्रंप प्रशासन ने सभी देशों पर एक समान 10 प्रतिशत आयात शुल्क लगाने की घोषणा की थी जिसे एक दिन बाद ही बदलकर 15 प्रतिशत कर दिया गया है। कर की यह दर भारत के साथ अंतरिम व्यापार समझौते में तय 18 प्रतिशत की दर से कम है जिससे भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों का विश्वास बढ़ा है।</p>
<p>नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक 107.15 अंक चढ़कर 25,571.25 अंक पर खुला। खबर लिखे जाते समय यह 184.35 अंक यानी 0.72 प्रतिशत ऊपर 25,755.60 अंक पर था। आईटी और रसायन को छोड़कर सभी सेक्टरों में तेजी देखी गई। बैंकिंग और ऑटो सेक्टर में ज्यादा मजबूती रही।</p>
<p>सेंसेक्स की कंपनियों में एचडीएफसी बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, भारतीय स्टेट बैंक और एयरटेल के शेयर ऊपर चल रहे थे। वहीं, इंफोसिस और एनटीपीसी में गिरावट थी।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Feb 2026 11:47:44 +0530</pubDate>
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                <title>भारत-US ट्रेड डील कब होगी लागू: पीयूष गोयल ने दिए संकेत, UK और ओमान FTA भी शुरू होने की उम्मीद</title>
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                        <![CDATA[वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर मार्च में हस्ताक्षर हो सकते हैं। साथ ही, ब्रिटेन और ओमान के साथ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) अप्रैल 2026 में लागू होने की संभावना है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/when-will-india-us-trade-deal-be-implemented-piyush-goyal-hints/article-143929"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/piyush-goyal.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने संभावना जताई है कि भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते पर मार्च में हस्ताक्षर और अप्रैल में लागू हो सकता है। इसके आगे पीयूष गोयल ने मीडिया को बताया कि भारत के ब्रिटेन और ओमान के साथ मुक्त व्यापार समझौते यानी एफटीए भी अप्रैल में लागू हो सकता है। इसके साथ ही पीयूष गोयल ने बताया कि सितंबर में न्यूजीलैंड के साथ समझौता भी हो सकता है।</p>
<p>भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए 23 फरवरी को तीन दिवसीय बैठक का आयोजन अमेरिका में होगा। इसी महीने की शुरूआत में भारत और अमेरिका ने अंतरिम व्यापा समझौते को रूपरेखा तय कर ली थी ।</p>
<p> </p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Feb 2026 14:44:07 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
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                <title>अखिलेश यादव का केंद्र सरकार पर बड़ा हमला, बोलें-अमेरिका डील पर चुप्पी तोड़े सरकार और सच्चाई बताए</title>
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                        <![CDATA[सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर केंद्र को घेरते हुए इसे 'डील नहीं, ढील' करार दिया। उन्होंने पारदर्शिता की मांग करते हुए पूछा कि क्या शर्तें भारतीय किसानों और उद्योगों के हितों के खिलाफ हैं।]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/akhilesh-yadavs-big-attack-on-the-central-government-government/article-143887"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/akhilesh-yadav1.png" alt=""></a><br /><p>लखनऊ। समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अमेरिका के साथ हुई डील को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इस समझौते को लेकर सरकार की चुप्पी कई संदेह पैदा कर रही है और स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।</p>
<p>अखिलेश यादव ने शुक्रवार को एक्स पर लिखा, क्या डील ने मुंह पर सील लगा दी है। या तो सरकार बताए कि इस डील में क्या शर्तें तय हुई हैं या फिर बाहरी हस्तक्षेप के दावों को स्पष्ट रूप से खारिज करे। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार देश की संप्रभुता और आर्थिक हितों से जुड़े मुद्दों पर पारदर्शिता नहीं बरत रही है।</p>
<p>उन्होंने कहा, इस डील से किसानों, कारोबारियों, मजदूरों और छोटे-बड़े उद्योगों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। यदि खेती और उद्योग प्रभावित होंगे तो रोजगार के अवसर कम होंगे और युवाओं का भविष्य असुरक्षित हो जाएगा।</p>
<p>सपा प्रमुख ने इसे देश के सम्मान से जुड़ा विषय बताते हुए केंद्र सरकार से तत्काल स्पष्टीकरण देने की मांग की। उन्होंने कहा कि देश की जनता को यह जानने का अधिकार है कि इस डील से भारत के आर्थिक हितों और आत्मनिर्भरता पर क्या असर पड़ेगा।</p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Feb 2026 13:19:30 +0530</pubDate>
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                <title>राहुल गांधी ने साधा केंद्र सरकार पर निशाना, बोलें-अमेरिका के साथ समझौता कपास किसान, कपड़ा निर्यातक दोनों पर गहरी चोट</title>
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                        <![CDATA[राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि भारत-अमेरिका कपास समझौता किसानों और कपड़ा निर्यातकों के लिए घातक है। उन्होंने इसे "नरेंद्र सरेंडर मोदी" की नीति बताते हुए लाखों परिवारों की आजीविका पर संकट जताया।]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/rahul-gandhi-targets-central-government-says-agreement-with-america-is/article-143141"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/rahul-gandhi-(2)4.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा है कि अमेरिका के साथ व्यापार समझौता कर मोदी सरकार कपास उत्पादक किसान और कपड़ा निर्यातक दोनों को गहरा झटका दिया है। राहुल गांधी ने शनिवार को सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, 18 प्रतिशत टैरिफ बनाम जीरो प्रतिशत-आइए समझाता हूं, कैसे झूठ बोलने में माहिर प्रधानमंत्री और उनकी कैबिनेट इस पर भ्रम फैला रहे हैं और किस तरह से वो भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से देश के कपास किसानों और टेक्सटाइल एक्सपोर्टर्स को धोखा दे रहे हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा, बांग्लादेश को अमेरिका में गारमेंट्स निर्यात पर शून्य प्रतिशत टैरिफ का फायदा दिया जा रहा है - शर्त बस इतनी है कि वो अमेरिकी कपास आयात करें। भारत के गारमेंट्स पर 18 प्रतिशत टैरिफ की घोषणा के बाद जब मैंने संसद में बंगलादेश को मिल रही खास रियायत पर सवाल उठाया, तब मोदी सरकार के मंत्री का जवाब आया -'अगर यही फायदा हमें भी चाहिए तो अमेरिका से कपास मंगवानी होगी। आखिर, ये बात तब तक देश से छुपाई क्यों गई। और, ये कैसी नीति है। क्या यह सचमुच में कोई विकल्प है - या फिर'आगे कुआं, पीछे खाई की हालत में फंसाने वाला जाल।</p>
<p>कांग्रेस नेता ने कहा कि अगर हम अमेरिकी कपास मंगवाते हैं तो हमारे अपने किसान बर्बाद हो जाएंगे। अगर नहीं मंगवाते, तो हमारा टेक्सटाइल उद्योग पिछड़कर तबाह हो जाएगा और अब बांग्लादेश यह संकेत दे रहा है कि वह भारत से कपास आयात भी कम या बंद कर सकता है।</p>
<p>भारत में कपड़ा उद्योग और कपास की खेती आजीविका की रीढ़ हैं। करोड़ों लोगों की रोजी रोटी इन्हीं पर टिकी है। इन क्षेत्रों पर चोट का मतलब है लाखों परिवारों को बेरोजगारी और आर्थिक संकट की खाई में धकेल देना। उन्होंने कहा, एक दूरदर्शी और राष्ट्रहित में सोचने वाली सरकार ऐसा सौदा करती जो कपास किसानों और कपड़ा एक्सपोर्टर्स-दोनों के हितों की रक्षा और समृद्धि सुनिश्चित करती, लेकिन इसके ठीक उलट, नरेंद्र सरेंडर मोदी और उनके मंत्रियों ने ऐसा समझौता किया है जो दोनों क्षेत्रों को गहरी चोट पहुंचाने वाला साबित हो सकता है।</p>]]>
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                <pubDate>Sat, 14 Feb 2026 12:23:34 +0530</pubDate>
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                <title>अमेरिका-बांग्लादेश व्यापार समझौता: अमेरिका ने बांग्लादेशी वस्तुओं पर आयात शुल्क घटाकर 19% किया, द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को मजबूती पर दिया जोर</title>
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                        <![CDATA[अमेरिका-बांग्लादेश के बीच नए व्यापार समझौते से आयात शुल्क घटेगा। वस्त्र, कृषि, ऊर्जा क्षेत्रों में सहयोग बढ़ेगा, जिससे द्विपक्षीय आर्थिक संबंध मजबूत होंगे।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/us-bangladesh-trade-agreement-us-reduced-import-duty-on-bangladeshi-goods/article-142561"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)8.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। अमेरिका और बांग्लादेश के बीच एक पारस्परिक व्यापार समझौता हुआ है, जो बांग्लादेश वस्तुओं पर आयात शुल्क घटाकर 19 प्रतिशत कर देगा और कुछ वस्त्र एवं परिधान उत्पादों पर छूट प्रदान करेगा और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय आर्थिक संबंध और मजबूत होंगे।</p>
<p>अमेरिकी राष्ट्रपति के कार्यालय ने बताया कि यह समझौता एक ऐसा तंत्र स्थापित करेगा जिसके तहत बांग्लादेश के कुछ कपड़ों और परिधान एवं उत्पादों को शून्य पारस्परिक आयात शुल्क प्रदान किया जाएगा। इसके तहत अमेरिकी मूल की सामग्रियों का उपयोग करके बनाए गए कुछ कपड़ा और परिधान उत्पादों के लिए भी छूट दिया गया है। पात्रा आयात की मात्रा का निर्धारण बांग्लादेश द्वारा उपयोग किये गये कपास और मानव निर्मित फाइबर के साथ-साथ अमेरिकी सामग्री के इस्तेमाल के आधार पर किया जाएगा।</p>
<p>व्हाइट हाउस के बयान में बताया गया है कि बांग्लादेश लगभग 3.5 अरब डॉलर के अमेरिकी कृषि उत्पादों की खरीद करेगा, जिसमें गेहूं, सोया, कपास और मक्का शामिल हैं। इसके अतिरिक्त 15 वर्षों में लगभग 15 अरब डॉलर ऊर्जा उत्पादों की भी खरीददारी बांग्लादेश द्वारा की जाएगी। साथ ही इसमें अमेरिकी विमानों के खरीद का भी उल्लेख किया गया है।</p>
<p>यह समझौता 2013 में हस्ताक्षरित अमेरिका-बांग्लादेश व्यापार और निवेश सहयोग मंच समझौते (टीआईसीएफए) पर आधारित है। अमेरिकी अधिकारियों ने इसे एक-दूसरे के बाजारों तक अभूतपूर्व पहुंच के रूप में वर्णित किया है। अमेरिका और बांग्लादेश ने कहा कि इस समझौते का उद्देश्य द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को गहरा करना और दोनों देशों के निर्यातकों के लिए बाजार पहुंच का विस्तार करना है।</p>
<p>सौदे के तहत, बांग्लादेश, अमेरिकी औद्योगिक और कृषि सामानों के लिए महत्वपूर्ण तरजीही बाजार पहुंच प्रदान करेगा, जिसमें रसायन, चिकित्सा उपकरण, मशीनरी, मोटर वाहन और पुर्जे, सूचना और संचार प्रौद्योगिकी उपकरण, ऊर्जा उत्पाद, सोयाबीन, डेयरी उत्पाद, गोमांस, पोल्ट्री, ट्री नट्स और फल शामिल हैं।</p>
<p>दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को प्रभावित करने वाली गैर-टैरिफ बाधाओं को दूर करने के लिए प्रतिबद्धता जताई है, जिसमें बांग्लादेश, अमेरिकी वाहन सुरक्षा और उत्सर्जन मानकों को स्वीकार करने, चिकित्सा उपकरणों और फार्मास्यूटिकल्स के लिए अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) प्रमाणपत्रों को मान्यता देने और अमेरिकी पुनर्मानिर्मित वस्तुओं और पुर्जों पर प्रतिबंध हटाने के लिए सहमत हुआ है।</p>
<p>बांग्लादेश ने विश्वसनीय सीमाओं के पार डेटा के मुफ्त हस्तांतरण की अनुमति देने और विश्व व्यापार संगठन में इलेक्ट्रॉनिक प्रसारण पर सीमा शुल्क पर स्थायी रोक का समर्थन करने पर भी सहमति जतायी है। साथ ही कृषि आयात के लिए विज्ञान और जोखिम-आधारित मानकों को अपनाने, बीमा क्षेत्र में बाधाओं को कम करने, सीमा शुल्क प्रक्रियाओं को डिजिटल बनाने और अच्छी नियामक प्रथाओं को लागू करने की भी प्रतिबद्धता जताई है।</p>
<p>इसके अतिरिक्त बांग्लादेश ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त श्रम अधिकारों की रक्षा करने का संकल्प लिया है, जिसमें जबरन श्रम से उत्पादित वस्तुओं के आयात को प्रतिबंधित करना और श्रम कानूनों में संशोधन करके संघों की स्वतंत्रता और सामूहिक सौदेबाजी की पूरी तरह से रक्षा करना एवं प्रवर्तन को मजबूत करना शामिल है। समझौते में पर्यावरण संरक्षण, भ्रष्टाचार विरोधी उपाय, बौद्धिक संपदा अधिकारों की रक्षा और सब्सिडी तथा राज्य के स्वामित्व वाले उद्यमों के कारण होने वाली विकृतियों को दूर करने की प्रतिबद्धताएं भी शामिल हैं। बांग्लादेश भौगोलिक संकेतों पर महत्वपूर्ण प्रावधानों पर सहमत हुआ है, विशेष रूप से पनीर और मांस उत्पादों के लिए।</p>
<p>दोनों देशों ने यह भी कहा कि वे आपूर्ति श्रृंखला की लचीलापन बढ़ाने, शुल्क चोरी का मुकाबला करने, निर्यात नियंत्रण पर सहयोग करने और निवेश पर जानकारी साझा करने के लिए आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा को भी मजबूत करने की दिशा में काम करेंगे। राष्ट्रपति कार्यालय ने कहा कि अमेरिका के निर्यात-आयात बैंक और अमेरिकी अंतर्राष्ट्रीय विकास वित्त निगम सहित अमेरिकी संस्थान पात्रता और कानून के अधीन बांग्लादेश में महत्वपूर्ण क्षेत्रों में निवेश का समर्थन करने पर विचार करेंगे।</p>]]>
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                                                            <category>दुनिया</category>
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                <pubDate>Tue, 10 Feb 2026 11:49:57 +0530</pubDate>
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                <title>क्या रद्द हो सकता है भारत अमेरिका व्यापार समझौता? व्हाहट हाउस ने दी चेतावनी, कहा-रूस से तेल नहीं खरीदेगा भारत</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[व्हाइट हाउस ने कहा, भारत ने नए समझौते में रूस से कच्चा तेल न लेने, अमेरिका से अधिक तेल खरीदने और अमेरिकी अर्थव्यवस्था में बड़े निवेश की प्रतिबद्धता जताई बताई।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/can-india-us-trade-agreement-be-cancelled-white-house-warns-says/article-141924"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(8)3.png" alt=""></a><br /><p>वॉशिंगटन। व्हाइट हाउस ने बुधवार को दावा किया कि भारत ने अमेरिका के साथ हुए नये समझौते के तहत रूस से कच्चा तेल न लेने और अमेरिका से ज्यादा तेल खरीदने का निर्णय लिया है। </p>
<p>व्हाइट हाउस की मीडिया सचिव कैरोलाइन लेविट ने संवाददाताओं से कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बीच सीधी बातचीत के बाद भारत ने यह प्रतिबद्धता जाहिर की। उन्होंने कहा, जैसा कि आप सब ने देखा, राष्ट्रपति (ट्रंप) ने भारत के साथ एक और बेहतरीन सौदा किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से सीधे बात की। उन दोनों का रिश्ता बहुत मजबूत है। लेविट ने कहा, भारत ने रूसी तेल नहीं खरीदने का वादा किया है, बल्कि अमेरिका से भी तेल खरीदने का वादा किया है, और शायद वेनेजुएला से भी। इसका सीधा फ़ायदा अमेरिका और अमेरिकी लोगों को होगा।</p>
<p>उन्होंने दावा किया कि पीएम मोदी ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था में बड़े निवेश का वादा किया है। लेविट ने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था में 500 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश का वादा किया है, जिसमें परिवहन, ऊर्जा और कृषि उत्पादों जैसे सेक्टर शामिल हैं। उन्होंने कहा, यह राष्ट्रपति की वजह से एक और शानदार व्यापारिक समझौता है।</p>
<p>उन्होंने अमेरिकी विनिर्माण को मजबूत करने और विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए राष्ट्रपति ट्रंप की टैरिफ नीति और व्यापार रणनीति को श्रेय दिया। प्रशासन की आयात नीति का बचाव करते हुए, लेविट ने कहा कि इससे पहले ही ठोस आर्थिक फ़ायदे मिल रहे हैं। उन्होंने कहा, राष्ट्रपति की आयात शुल्क नीति काम कर रही है और उनका आर्थिक एजेंडा काम कर रहा है। पूरे अमेरिका में नयी फ़ैक्ट्री परियोजनाओं की वजह से निर्माण से जुड़ी नौकरियों में बढ़ोतरी हुई है। वे फ़ैक्ट्रियां यहीं अमेरिका में बन रही हैं, और हम अमेरिकियों को काम दे रहे हैं।</p>]]>
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                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 04 Feb 2026 15:59:52 +0530</pubDate>
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                <title>टीकाराम जूली ने बोला केंद्र सरकार पर हमला, कहा-किन शर्तों पर हुई ट्रेड डील, जनता के सामने आना चाहिए</title>
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                        <![CDATA[जयपुर में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर सवाल उठाते हुए कहा शर्तें जनता के सामने आएं, दबाव में समझौते का आरोप लगाया।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/tikaram-julie-attacked-the-central-government-and-said-on-what/article-141773"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/tikaram-julee-3.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर: भारत -अमेरिका ट्रेड डील पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सवाल उठाते हुए कहा कि किन शर्तों पर डील हुई है वो जनता के सामने आनी चाहिए।विधानसभा परिसर में मीडिया से बात करते हुए जूली ने कहा कि अमेरिका ने जो डील फाइनल करवाई है वो अपनी शर्तों पर करवाई है। अमेरिका और भारत में आयात निर्यात होता है और जो स्थिति अमेरिका के आयात की है अगर उस आधार पर ट्रेड डील हुई है तो उन बातों को पूरा होने में 20 वर्ष लगेंगे और इतने साल अमेरिका रुकने वाला नहीं है।</p>
<p>अमेरिका हमेशा से अपने देश का अनाज भारत में भेजना चाहता है जिसका भारत और भारत के किसान विरोध करते रहे हैं। हमें लगता है कि मोदी ने दबाव में कोई समझौता किया है और जो समझौते की शर्त है वो बाहर नहीं आ रही है। अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि भारत को वेनेजुएला से तेल खरीदना होगा और रूस से तेल लेना बंद करना होगा। अमेरिका ने मोदी को डरा कर हमारे ऊपर टैरिफ लगवाया और अब समझौता करवाया है।</p>
<p>अमेरिका बार-बार हम पर टैरिफ लगाने की धमकी देता है तो आखिर अब भारत सरकार को बताना चाहिए कि आखिर किस आधार पर डील हुई है और हम पर किस आधार पर 18 परसेंट टैरिफ किया गया है। भाजपा को बताना चाहिए कि डोनाल्ड ट्रंप जिस तरह से बार-बार नरेंद्र मोदी का कटाक्ष करते रहे हैं प्रधानमंत्री को नीचा दिखाने की कोशिश करते रहे। ऐसे में ट्रंप कह रहे हैं कि नरेंद्र मोदी मेरे दोस्त हैं, अगर नरेंद्र मोदी दोस्त थे तो फिर उन्हें अपने शपथ ग्रहण समारोह में क्यों नहीं बुलाया। यह सब दिखाता है कि बीजेपी घबराई हुई है और डर कर डील की है।</p>
<p>जूली ने शिक्षा और पंचायत राज मंत्री मदन दिलावर पर भी हमला बोलते हुए कहा कि शिक्षा मंत्री शिक्षा की बात नहीं करते हैं और सारी बातें करते हैं। राजस्थान में शिक्षा का स्तर बिगड़ा हुआ है हाई कोर्ट भी सरकार पर फटकार लगा चुका है। राजस्थान में 3768 स्कूलों के बिल्डिंग जर्जर है जिस पर एक रुपया भी खर्च नहीं हुआ है। 41हजार स्कूलों में से केवल 2 हजार  स्कूलों में ही मरम्मत के पैसे मंजूर किए गए हैं और अब शिक्षा मंत्री गोपालन की बात कर रहे हैं। प्रदेश में स्कूलों की स्थिति बहुत दयनीय है।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 03 Feb 2026 16:03:54 +0530</pubDate>
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                <title>अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम का दावा: कहा भारत ने टैरिफ में कटौती पूरी तरह से हासिल की; मजबूत मूल्य निर्धारण शक्ति को समर्थन मिलने की उम्मीद</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[नई दिल्ली में अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने कहा भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में आयात शुल्क कटौती भारत के संतुलित रवैये का परिणाम है, इससे द्विपक्षीय व्यापार को नई गति मिलेगी।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/us-senator-lindsey-graham-claims-india-has-fully-achieved-tariff/article-141769"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(2)2.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने सोमवार को कहा कि भारत ने भारत-अमेरिका के नए व्यापार समझौते के तहत घोषित आयात शुल्क में कटौती पूरी तरह से हासिल की है। उन्होंने इस कटौती को यूक्रेन युद्ध के मद्देनजर रूस से तेल खरीद को लेकर भारत द्वारा किए गए पुनर्संतुलन से जोड़ा। यूक्रेन युद्ध 24 फरवरी, 2026 को अपने पाँचवें वर्ष में प्रवेश करेगा।</p>
<p>लिंडसे ग्राहम ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रणनीति की तारीफ करते हुए कहा कि रूसी ऊर्जा खरीदने वाले देशों पर आर्थिक दबाव काम करता दिख रहा है। उन्होंने भारत के साथ हालिया व्यापार समझौते की ओर इशारा किया, जिसके तहत अमेरिका ने भारतीय सामानों पर आपसी आयात शुलक को घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है। </p>
<p>उन्होंने कहा, राष्ट्रपति ट्रम्प, बहुत बढिय़ा। मुझे लगता है कि इस युद्ध को खत्म करने के बारे में आपका संदेश-पुतिन के उन ग्राहकों से जो उनकी युद्ध मशीन को मदद देने का काम कर रहे थे उन्हें सोचने पर मजबूर होना पड़ेगा।</p>
<p>सीनेटर ग्राहम ने दावा किया कि भारत के आचरण ने आयात शुल्क में कटौती को पूरी तरह जायज ठहराया है और उन्होंने उम्मीद जताई कि अन्य देश भी इसी राह पर चलेंगे। उन्होंने कहा, अपने व्यवहार के जरिए भारत ने इस कटौती का हक़ उससे कहीं ज्यादा साबित किया है। मुझे उम्मीद है कि रूसी तेल खरीदने वाले अन्य बड़े देश भी भारत की दिशा का अनुसरण करेंगे।</p>
<p>उन्होंने व्यापार निर्णय को व्यापक भू-राजनीतिक उद्देश्यों से जोड़ते हुए कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन तभी बातचीत की मेज पर आएंगे जब दबाव बढ़ेगा। लिंडसे ग्राहम की यह टिप्पणी राष्ट्रपति ट्रम्प द्वारा दिन में पहले यह घोषणा करने के बाद आई है कि अमेरिका और भारत एक व्यापार समझौते पर सहमत हुए हैं, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति दोस्ती और सम्मान के कारण आपसी आयात शुल्क को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है।   </p>
<p>इस घोषणा ने लगभग 11 महीने की अनिश्चितता को खत्म कर दिया, जिसने द्विपक्षीय व्यापार संबंधों को दो दशकों से अधिक समय में सबसे निचले स्तर पर पहुंचा दिया था। इस ऐतिहासिक समझौते के तहत, अमेरिका भारतीय सामानों पर आयात शुल्क को 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर देगा। भारत और अमेरिका ने कहा कि यह समझौता भारतीय निर्यातकों को तत्काल राहत प्रदान करेगा। </p>
<p>राष्ट्रपति ट्रम्प ने इस समझौते की पुष्टि करते हुए कहा, हमने अमेरिका और भारत के बीच एक व्यापारिक समझौते पर सहमति जताई है, जिसके तहत अमेरिका कम आयात शुल्क लगाएगा, इसे 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत किया जाएगा। इसी तरह वे भी अमेरिका के खिलाफ अपने आयात शुल्क और नॉन-टैरिफ बाधाओं को कम करके शून्य करेंगे।</p>
<p>आयात शुल्क में कमी से होने से अमेरिकी बाजार में भारतीय सामानों की प्रतिस्पर्धात्मकता बेहतर होने, मांग बढऩे, मार्जिन का दबाव कम होने और निर्यात-उन्मुख क्षेत्र के लिए मजबूत मूल्य निर्धारण शक्ति को समर्थन मिलने की उम्मीद है।</p>]]>
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                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 03 Feb 2026 13:26:21 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Jaipur NM]]>
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                <title>एच1बी वीजा नियमों से भारतीयों को समस्या पर अमेरिका के साथ हो रही है बातचीत: विदेश मंत्रालय</title>
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                        <![CDATA[विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वह H-1B वीजा नियमों में बदलाव से प्रभावित भारतीयों की समस्याओं पर अमेरिका से गंभीर चर्चा कर रहा है। सरकार वीजा अपॉइंटमेंट और पारिवारिक कठिनाइयों को सुलझाने हेतु प्रयासरत है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/foreign-ministry-is-in-talks-with-america-on-the-problems/article-137376"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-11/india-canada-visa.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारत ने कहा है कि वह अमेरिका में एच 1 बी वीजा के नियमों में बदलाव के कारण प्रभावित भारतीय नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए अमेरिका के साथ गंभीरता से बातचीत कर रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को यहां साप्ताहिक ब्रीङ्क्षफग में सवालों के जवाब में कहा कि सरकार को इस बारे में भारतीय नागरिकों से शिकायतें मिल रही हैं और सरकार को उनकी कठिनाइयों का पता है। उन्होंने कहा कि भारत इन परेशानियों को कम करने के लिए अमेरिका के साथ गंभीरता से बात कर रहा है। </p>
<p>प्रवक्ता ने कहा, भारत सरकार को कई भारतीय नागरिकों से इस बारे में लिखित जानकारी मिली है। ये लोग अपने वीजा अपॉइंटमेंट के पुनर्निर्धारण में समस्याओं का सामना कर रहे हैं। वीजा से जुड़े मुद्दे किसी भी देश के संप्रभु क्षेत्राधिकार में आते हैं। हमने इन मुद्दों और अपनी ङ्क्षचताओं को अमेरिकी पक्ष के समक्ष नई दिल्ली और वाशिंगटन डीसी, दोनों जगह उठाया है। कई लोग लंबे समय से फंसे हुए हैं, जिससे उनके परिवारों और उनके बच्चों की शिक्षा को लेकर काफी कठिनाइयाँ उत्पन्न हुई हैं। भारत सरकार अपने नागरिकों को होने वाली परेशानियों को कम से कम करने के लिए अमेरिकी पक्ष के साथ गंभीरता से बात कर रही है।</p>
<p>अमेरिका के साथ व्यापार समझौते के बारे में पूछे गये सवाल पर उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष उचित, संतुलित और परस्पर फायदेमंद व्यापार समझौते को लेकर निरंतर बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका के व्यापार (एजेंसी) प्रतिनिधि हाल ही में बातचीत के लिए यहां आये थे। यूरोपीय संघ के साथ मुक्त व्यापार समझौते पर उन्होंने कहा कि इस बारे में बात हो रही है। (एजेंसी) का 14 वां दौर अक्टूबर में ब्रुसेल्स में हुआ था। इसके बाद यूरोपीय (एजेंसी)कारों ने भारत का दौरा किया। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष बातचीत को आगे बढाने की दिशा में काम कर रहे हैं।</p>]]>
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                                                            <category>दुनिया</category>
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                <pubDate>Fri, 26 Dec 2025 19:06:10 +0530</pubDate>
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                <title>भारत के साथ व्यापार समझौते के काफी करीब : निष्पक्ष होगा व्यापार समझौता, ट्रम्प ने कहा- पुराने समझौते से होगा बिल्कुल अलग </title>
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                        <![CDATA[अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका और भारत नए व्यापार समझौते के काफी करीब हैं। यह निष्पक्ष और पुराने समझौते से अलग होगा। ट्रम्प ने यह बयान भारत में अमेरिका के नए राजदूत सर्जियो गोर की शपथ ग्रहण समारोह के दौरान दिया। इस साल अगस्त से अमेरिकी-भारतीय व्यापार विवाद में आयात शुल्क लगाए गए हैं।
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/the-trade-agreement-with-india-will-be-very-close-to/article-132079"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/111-(5)8.png" alt=""></a><br /><p>वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि अमेरिका, भारत के साथ नए व्यापार समझौते के काफी करीब है। ट्रम्प ने भारत में अमेरिका के राजदूत पद पर नियुक्त हुए सर्जियो गोर के शपथ ग्रहण समारोह के मौके पर अपने ओवल कार्यालय में संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि यह एक निष्पक्ष व्यापार समझौता होगा और पुराने समझौते से बिल्कुल अलग होगा।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि अमेरिका ने इस साल अगस्त से भारतीय उत्पादों पर 50 प्रतिशत आयात शुल्क लगाया है। इसमें 25 प्रतिशत रूस से तेल आयात करने और शेष 25 प्रतिशत भारत में अमेरिकी उत्पादों पर आयात शुल्क की ऊंची दरों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई के तौर पर लगाया गया है।</p>
<p> </p>
<p> </p>]]>
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                <pubDate>Tue, 11 Nov 2025 16:00:10 +0530</pubDate>
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                <title>भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के लिए तेज करेंगे प्रयास : दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल ने की बैठक, अमेरिका के 50% टैरिफ के बाद आई थी खटास </title>
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                        <![CDATA[भारत और अमेरिका के मध्य व्यापारिक संबंधों में तनाव कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में दोनों पक्षों के अधिकारियों के बीच हुई बैठक में व्यापार समझौते के लिए प्रयास तेज करने पर सहमति बनी है। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/efforts-will-be-intensified-for-indo-us-trade-agreement-the-delegation/article-127084"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/_4500-px)-(8).png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के मध्य व्यापारिक संबंधों में तनाव कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में दोनों पक्षों के अधिकारियों के बीच हुई बैठक में व्यापार समझौते के लिए प्रयास तेज करने पर सहमति बनी है। वार्ता को पटरी पर लाने के उद्देश्य से अमेरिका के सहायक व्यापार प्रतिनिधि ब्रेंडन लिंच के नेतृत्व में आए अमेरिका व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय के एक दल की यहां वाणिज्य विभाग के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसमें भारतीय दल का नेतृत्व वाणिज्य विभाग में विशेष सचिव राजेश अग्रवाल ने किया। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की विज्ञप्ति के अनुसार चर्चा सकारात्मक और भविष्योन्मुखी रही और इसमें व्यापार समझौते के विभिन्न पहलुओं पर विचार किया गया। वार्ता के दौरान इस बात पर सहमति बनी है कि दोनों पक्षों के लिए लाभप्रद व्यापार समझौते के लिए प्रयास तेज किए जाएं ताकि जल्द उसके सार्थक परिणाम सामने आ सकें।</p>
<p><strong>अमेरिका के 50% टैरिफ के बाद आई थी खटास :</strong></p>
<p>अमेरिका भारत का प्रमुख व्यापारिक भागीदार है, लेकिन अमेरिका के भारतीय वस्तुओं पर 50 प्रतिशत आयात शुल्क लगाने के बाद से दोनों देशों के बीच रिश्तों में खटास आई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की व्यापार नीति, और अमेरिका के कुछ अधिकारियों के कटु बयानों के कारण दोनों पक्षों के व्यापारिक संबंधों में तनाव उत्पन्न हो गया था। हाल ही में राष्ट्रपति ट्रंप के नरमी भरे बयान और सोशल मीडिया पोस्ट तथा उन पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उत्साहजनक प्रतिक्रियाओं से व्यापार वार्ता में गतिरोध टूटने का रास्ता निकालने की संभावना उभरी है।</p>
<p><strong>मोदी कह चुके छोटे तथा मझौले उद्योगों का हित सर्वोपरि : </strong></p>
<p>वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने उम्मीद जाहिर की है कि भारत और अमेरिका के बीच नवंबर तक कोई अच्छा समझौता हो जाएगा। वहीं, प्रधानमंत्री पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि भारत के लिए देश के किसानों, पशुपालकों, मछुआरों और छोटे तथा मझौले उद्योगों का हित सर्वोपरि है और उनके साथ कोई समझौता नहीं किया जा सकता। दूसरी तरफ, अमेरिका जीएम मक्का, डेयरी और पोल्ट्री उत्पादों के बाजार के लिए भारत पर दबाव बना रहा है।</p>]]>
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                <pubDate>Wed, 17 Sep 2025 13:03:58 +0530</pubDate>
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