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                <title>basic amenities - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>विकास के दावों के बीच बदहाल वार्ड, समस्याओं से जूझ रहे क्षेत्रवासी </title>
                                    <description><![CDATA[टूटे झूलों और सुरक्षा व्यवस्था के अभाव से पार्क बदहाल, श्रीनाथपुरम में सामुदायिक भवन की दरकार।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/wards-in-poor-condition-despite-development-claims--residents-grappling-with-issues/article-164479"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-09/111200-x-600-px)-(3)5.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के छह वार्डों में विकास कार्यों और स्थानीय समस्याओं को लेकर की गई जमीनी पड़ताल में लोगों की नाराजगी सामने आई। क्षेत्रवासियों का कहना है कि वे अपने पार्षद और जनप्रतिनिधियों से सबसे अधिक उम्मीद मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की रखते हैं। यदि पानी, सड़क, सफाई, बिजली और सुरक्षा जैसी बुनियादी समस्याओं का समाधान ही नहीं हो सकता तो फिर चुनाव लड़ने और जनता से वोट मांगने का क्या औचित्य है। वार्ड क्षेत्र में आने वाले केशवपुरा में नाले की समस्या कई वर्षों से बनी हुई है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि बारिश के दिनों में स्थिति और अधिक खराब हो जाती है तथा गंदा पानी क्षेत्र में फैलने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। वहीं श्रीनाथपुरम में सामुदायिक भवन की समस्या बनी हुई है। लोगों ने बताया कि इन समस्याओं से कई बार जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं हो सका है।</p>
<p><strong>अपने खर्चे से भरवा रहे सड़क के गड्ढे</strong><br />केशवपुरा क्षेत्र की मुख्य सड़कों की हालत भी बदहाल बनी हुई है। जगह-जगह गड्ढे और सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्से वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बन गए हैं। बारिश के दौरान इन गड्ढों में पानी भर जाने से वाहन चालकों को सड़क की वास्तविक स्थिति दिखाई नहीं देती, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी रहती है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि कई बार सड़क मरम्मत की मांग करने के बावजूद जिम्मेदार विभागों की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। हालात यह हैं कि कुछ स्थानों पर क्षेत्रवासियों ने स्वयं अपने पैसे खर्च कर सड़कों के गड्ढे भरवाए हैं। लोगों का कहना है कि नगर निगम और जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी होने के बावजूद आम नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए खुद आगे आना पड़ रहा है। क्षेत्रवासियों ने क्षतिग्रस्त सड़कों की जल्द मरम्मत करवाने की मांग की है।</p>
<p><strong>पार्क में टूटे झूले, सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल</strong><br />वार्ड क्षेत्र के केशवपुरा सेक्टर-6 में स्थित पार्क भी उपेक्षा का शिकार है। स्थानीय लोगों ने बताया कि पार्क तो बना हुआ है, लेकिन बच्चों के मनोरंजन के लिए पर्याप्त सुविधाएं नहीं हैं। पार्क में नए झूले नहीं लगाए गए हैं, जबकि पहले से लगे कई झूले टूटे और क्षतिग्रस्त हालत में पड़े हैं। इससे बच्चों को खेलने के लिए सुरक्षित स्थान नहीं मिल पा रहा है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि उचित रखरखाव और निगरानी के अभाव में पार्क धीरे-धीरे असामाजिक तत्वों का अड्डा बनता जा रहा है। शाम के समय यहां संदिग्ध गतिविधियां होने से आसपास रहने वाले परिवारों में भी चिंता बनी रहती है। लोगों ने पार्क में टूटे झूलों को हटाकर नए झूले लगाने, पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करने और नियमित निगरानी के साथ सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि जनप्रतिनिधि और जिम्मेदार विभाग समय रहते इन समस्याओं का समाधान करें तो आम लोगों को राहत मिल सकती है।</p>
<p><strong>पूर्व पार्षद अनुराग गौतम</strong><br />कार्यकाल के दौरान वार्ड में कराए गए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए बताया कि पहले जहां अधिकांश सड़कें डामर की थीं, वहां सीसी रोड का निर्माण कराया गया। पार्कों में ओपन जिम स्थापित करवाए गए और आमजन की सुविधा के लिए जनता क्लिनिक खुलवाया गया। सफाई व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग की गई तथा सुलभ कॉम्प्लेक्स का जीर्णोद्धार भी कराया गया। हालांकि वार्ड में आज भी नगर निगम की ओर से सामुदायिक भवन का अभाव बना हुआ है।</p>
<p><strong>पूर्व पार्षद बालचंद शर्मा</strong><br />कार्यकाल के दौरान वार्ड में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार को प्राथमिकता दी गई। क्षेत्र में कई सीसी रोड का निर्माण करवाया गया और पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नई पानी की पाइपलाइन डलवाई गई। धार्मिक स्थलों के संरक्षण के लिए मंदिरों का जीर्णोद्धार भी कराया गया। उन्होंने कहा कि वार्ड में समस्याएं जरूर थीं, लेकिन जनप्रतिनिधि के रूप में हमेशा वार्डवासियों की शिकायतों का समाधान कराने का पूरा प्रयास किया गया।</p>
<p><strong>पूर्व पार्षद कुलदीप गौतम</strong><br />कार्यकाल से पहले करीब 20 वर्षों तक व्यायामशाला के बाहर बना कचरा पॉइंट क्षेत्रवासियों के लिए बड़ी परेशानी बना हुआ था, जिसका समाधान कराया गया। संतोषी नगर सब्जी मंडी में व्यवस्थाओं को सुधारते हुए सीसी रोड का निर्माण करवाया गया तथा वार्ड में पेयजल आपूर्ति बेहतर करने के लिए पानी की पाइपलाइन भी डलवाई गई। हालांकि उन्होंने माना कि वार्ड क्षेत्र में नालों और जल निकासी की समस्या आज भी बनी हुई है।</p>
<p><strong>वार्डवासी राजेंद्र शर्मा</strong><br />क्षेत्र की बदहाल व्यवस्थाओं पर नाराजगी जताते हुए बताया कि वार्ड क्षेत्र में पार्क तो बना हुआ है, लेकिन वहां लगे झूले टूट चुके हैं और पार्क की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। देखरेख के अभाव में यह पार्क असामाजिक तत्वों का अड्डा बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि वार्ड में सामुदायिक भवन का भी अभाव है। साथ ही क्षेत्र में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने से स्थानीय लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।</p>
<p><strong>वार्डवासी ओम बंजारा</strong><br />क्षेत्र की मुख्य सड़क लगातार क्षतिग्रस्त होती जा रही है और जगह-जगह बड़े गड्ढे बन गए हैं। सड़क पर बने कई स्पीड ब्रेकर भी टूट चुके हैं, जिससे वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी के साथ दुर्घटना का खतरा बना रहता है। उन्होंने कहा कि इस गंभीर समस्या से कई बार जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं होने से क्षेत्रवासियों में नाराजगी बनी हुई है।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर 90 से 95 का क्षेत्रवार विवरण</strong><br /><strong>-वार्ड नंबर 90:</strong> इस वार्ड में श्रीनाथपुरम सेक्टर-बी का अधिकांश भाग, अग्निशमन केंद्र, श्रीनाथपुरम, श्रीनाथपुरम सेक्टर-ए, बालाजी मार्केट, एलआईसी भवन सहित आसपास के क्षेत्र शामिल हैं।</p>
<p><strong>-वार्ड नंबर 91:</strong> वार्ड क्षेत्र में टीचर कॉलोनी सेक्टर-1 व सेक्टर-2, रंगविहार, कंपीटीशन कॉलोनी तथा अंबेडकर बस्ती सहित आसपास के इलाके शामिल हैं।</p>
<p><strong>-वार्ड नंबर 92: </strong>इस वार्ड में केशवपुरा सेक्टर-6 और केशवपुरा सेक्टर-7 का क्षेत्र शामिल है।</p>
<p><strong>-वार्ड नंबर 93:</strong> वार्ड क्षेत्र में रामजानकी मंदिर, तेजाजी पार्क, राजपूत सेक्टर, आशिक केशवपुरा, केशवपुरा सेक्टर-4 तथा कुम्हारों का मोहल्ला शामिल है।</p>
<p><strong>-वार्ड नंबर 94:</strong> इस वार्ड में इंदिरा विहार का आधा क्षेत्र जवाहर नगर थाने के पीछे का इलाका तथा तलवंडी सेक्टर-2 और सेक्टर-3 सहित आसपास के क्षेत्र शामिल हैं।</p>
<p><strong>-वार्ड नंबर 95: </strong>वार्ड क्षेत्र में आशिक केशवपुरा सेक्टर-4 व सेक्टर-6, गुजराती बस्ती, हरिजन बस्ती, भील बस्ती तथा सुनारों का मोहल्ला शामिल हैं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 02 Sep 2026 14:58:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शिक्षा संस्थानों में सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं पर मुख्य सचिव की सख्ती</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने राजस्थान में शिक्षण संस्थानों की सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने सभी स्कूलों और कॉलेजों में सुरक्षित भवन, पेयजल व स्वच्छता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सरकार ने ढांचागत सुधार के लिए ₹12,335.90 करोड़ की कार्ययोजना प्रस्तावित की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/chief-secretarys-strictness-on-security-and-basic-facilities-in-educational/article-164427"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-09/1200-x-60-px)-(youtube-thumbnail)-(3).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने मंगलवार को सचिवालय में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में प्रदेश के स्कूल, कॉलेज एवं अन्य शिक्षण संस्थानों में सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी शिक्षण संस्थानों में भवन सुरक्षित एवं उपयुक्त स्थिति में हों। विद्यार्थियों के लिए स्वच्छ एवं पर्याप्त शौचालय, सुरक्षित पेयजल और बेहतर स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।</p>
<p>उन्होंने इन व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी करने तथा कमियों का समयबद्ध तरीके से निराकरण करने के निर्देश दिए। बैठक में स्कूलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक 12,335.90 करोड़ रुपए की कार्ययोजना प्रस्तावित किए जाने की जानकारी दी गई। इसमें चालू वित्त वर्ष के दौरान करीब 3,000 करोड़ रुपए खर्च किए जाने का प्रस्ताव है। मुख्य सचिव ने विभागों को राजस्थान उच्च न्यायालय के शिक्षण संस्थानों की सुरक्षा एवं सुविधाओं से जुड़े निर्देशों की नियमित समीक्षा कर समय पर अनुपालना सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 01 Sep 2026 17:51:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कहीं डिस्पेंसरी नहीं, तो कहीं पार्क और सामुदायिक भवन का इंतजार</title>
                                    <description><![CDATA[न्यू क्लॉथ मार्केट में जाम, मोहन टॉकीज रोड बदहाल, साबरमती हरिजन बस्ती में सफाई व्यवस्था पर सवाल  ।   
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/poor-facilities-in-karbala--daily-traffic-jams-on-the-rampura-ladpura-road/article-164275"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/111200-x-600-px)-(3)57.png" alt=""></a><br /><p>कोटा । शहर के वार्ड नंबर 77 से 82 तक की छह वार्डों की ग्राउंड रिपोर्टिंग के दौरान आमजन की समस्याएं एक बार फिर खुलकर सामने आईं। रिपोर्टिंग के दौरान अलग-अलग क्षेत्रों में लोगों से बातचीत की गई तो कहीं जाम, कहीं क्षतिग्रस्त सड़कें, तो कहीं साफ-सफाई की बदहाल व्यवस्था प्रमुख समस्या के रूप में सामने आई। कई इलाकों में लोगों ने डिस्पेंसरी, पार्क और सामुदायिक भवन जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव की भी शिकायत की।</p>
<p><strong>बाजार में जाम, टूटी सड़कें</strong><br />वार्ड क्षेत्रों में सबसे बड़ी समस्या यातायात और सड़कों की स्थिति को लेकर दिखाई दी। न्यू क्लॉथ मार्केट जैसे व्यस्त व्यापारिक क्षेत्र में दिनभर वाहनों का दबाव बना रहता है। यहां बाजार में आने वाले लोगों और व्यापारियों को जाम की समस्या से जूझना पड़ता है। संकरी सड़कों और अव्यवस्थित यातायात के कारण कई बार हालात ऐसे हो जाते हैं कि पैदल निकलना भी मुश्किल हो जाता है। लोगों का कहना है कि बढ़ते यातायात के बावजूद यहां स्थायी समाधान की दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे।</p>
<p>वहीं मोहन टॉकीज रोड की क्षतिग्रस्त सड़क भी लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। सड़क की खराब स्थिति के कारण वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी होती है, जबकि बारिश के दिनों में समस्या और अधिक बढ़ जाती है।साबरमती हरिजन बस्ती में साफ-सफाई की स्थिति को लेकर भी लोगों ने नाराजगी जताई। स्थानीय निवासियों का कहना है कि नियमित सफाई नहीं होने से कई जगह गंदगी जमा रहती है। नालियों और आसपास के क्षेत्रों की उचित सफाई नहीं होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। लोगों ने कहा कि स्वच्छता व्यवस्था में सुधार के लिए नियमित निगरानी और सफाई व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत है।</p>
<p><strong>बुनियादी सुविधाओं का अभाव</strong><br />इन छह वार्डों में कई ऐसे क्षेत्र भी सामने आए, जहां आज भी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। कहीं लोगों को उपचार के लिए आसपास डिस्पेंसरी की सुविधा नहीं मिलती तो कहीं बच्चों और बुजुर्गों के लिए पार्क नहीं है। कई क्षेत्रों में सामुदायिक भवन की कमी भी लोगों को महसूस होती है। सामाजिक और पारिवारिक आयोजनों के लिए लोगों को दूसरे क्षेत्रों का रुख करना पड़ता है। स्थानीय लोगों की नाराजगी जनप्रतिनिधियों को लेकर भी सामने आई। लोगों ने बेबाकी से कहा कि चुनाव के समय जनप्रतिनिधि घर-घर पहुंचकर समस्याएं सुनते हैं और विकास के कई वादे करते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद आमजन की समस्याओं को भूल जाते हैं।</p>
<p><strong>पूर्व पार्षद सुमन पेशवानी</strong><br />वार्ड में कोई बड़ी समस्या सामने नहीं आई। क्षेत्र के विकास और सौंदर्यीकरण को प्राथमिकता देते हुए पार्कों का जीर्णोद्धार कराया गया। उन्होंने कहा कि वार्डवासियों को जब भी कोई समस्या आती है, उसका समय-समय पर समाधान कराने का प्रयास किया जाता है। जनसुविधाओं को बेहतर बनाए रखने के लिए लगातार क्षेत्र की समस्याओं पर नजर रखी गई।</p>
<p><strong>पूर्व पार्षद आरती शाक्यवाल</strong><br />वार्ड में पानी की समस्या प्रमुख थी। इसे गंभीरता से लेते हुए पूरे वार्ड में नई पाइपलाइन डलवाकर लोगों को राहत दिलाई गई। क्षेत्र में सामुदायिक भवन के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध नहीं है, लेकिन अन्य सुविधाओं के विस्तार के प्रयास किए गए। साथ ही पार्कों का जीर्णोद्धार कर उन्हें बेहतर स्वरूप देने का काम भी कराया गया।</p>
<p><strong>पूर्व पार्षद राजीव अग्रवाल</strong><br />वार्ड में सड़क, रोड लाइट, नालियों, सफाई और पेयजल जैसी कई समस्याएं थीं, जिनका प्राथमिकता से समाधान कराया गया। हाउसिंग बोर्ड की करीब 50 वर्ष पुरानी कॉलोनी में पहली बार नालियों का निर्माण मेरे द्वारा कराया गया। इसके अलावा वार्डवासियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पट्टे एवं अन्य आवश्यक विकास कार्य भी करवाए गए।</p>
<p><strong>वार्डवासी प्रिंस नागवानी</strong><br />जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्षद को अपने क्षेत्र के लोगों के साथ व्यवहार कुशल और सहज होना चाहिए। उनका आरोप है कि पार्षद न तो नियमित रूप से वार्ड में दिखाई देते हैं और न ही लोगों के घर जाकर उनकी समस्याएं जानने का प्रयास करते हैं। चुनाव जीतने के बाद जनप्रतिनिधियों का आमजन से दूर हो जाना वार्डवासियों के लिए बड़ी परेशानी बनता है।</p>
<p><strong>वार्डवासी ओम प्रकाश</strong><br />क्षेत्र में सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं है और जनप्रतिनिधि भी लोगों की समस्याएं जानने के लिए वार्ड में नहीं आते। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि चुनाव नजदीक आने पर जनप्रतिनिधि जरूर जनता के बीच पहुंचते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद पांच वर्षों तक क्षेत्र की सुध लेने वाले नजर नहीं आते। इससे वार्डवासियों में जनप्रतिनिधियों के प्रति नाराजगी बनी हुई है।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर व क्षेत्र</strong><br /><strong>वार्ड नंबर 77</strong> में बीबी जोहरा मस्जिद, जैन मंदिर, चंद्रघटा, बड़ का चौक, शीतला माता मंदिर, भूत गली, पुरानी सब्जी मंडी, हजीरा कब्रिस्तान, गीता भवन, न्यू क्लॉथ मार्केट, फायर ऑफिस, सिंधी मार्केट, मछली मार्केट, इंस्पेक्टर स्कूल, इंदिरा मार्केट, घंटाघर तिराहा, मोहन टॉकीज रोड, बागर हाउस, कोलीपाड़ा, पायगा स्कूल, बांस-बल्लियों का मार्केट, खारवाल मंदिर, टिप्पन की चौकी, बंबुलिया चौक और लुहारों का मंदिर सहित आसपास का क्षेत्र शामिल है।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर 78</strong> में महिला थाना, श्रीपुर गर्ल्स स्कूल, कृष्णा दूध डेयरी, बबरा पाड़ा, राम तलाई, कच्ची बस्ती, झूलेलाल मंदिर, तिकोना पार्क, सूरजपोल गेट, साबरमती हरिजन बस्ती, छोटा गाड़ीखाना का आधा भाग, पशु प्रशिक्षण केंद्र और बेसिक मॉडल स्कूल का क्षेत्र शामिल है।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर 79</strong> के अंतर्गत बिरला मेडिकल, राष्ट्रदूत कार्यालय, भीम छात्रावास, साबरमती हरिजन कॉलोनी का आधा भाग, बड़ा गाड़ीखाना, न्यू मेडिकल स्कूल, पानी की टंकी, मोखापाड़ा, हाउसिंग बोर्ड और साबरमती कॉलोनी का क्षेत्र शामिल है।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर 80</strong> में गुमानपुरा न्यू कॉलोनी, गुमानपुरा चौपाटी, शॉपिंग सेंटर, मोटर मार्केट, मल्टीपरपज स्कूल, टीचर कॉलोनी, गुमानपुरा सिंधी स्कूल, संपूर्ण सिंधी कॉलोनी और आरपीएस कॉलोनी का क्षेत्र शामिल है।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर 81</strong> में संपूर्ण बल्लभनगर, बल्लभनगर एक्सटेंशन, संपूर्ण अशोका कॉलोनी, भाटिया स्कूल वाली लाइन, सोफिया स्कूल, सेंट पॉल स्कूल, सरकारी स्कूल, बंजारा कॉलोनी, एयरपोर्ट परिसर और घोड़ा बस्ती सहित आसपास का क्षेत्र शामिल है।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर 82</strong> में अंबेडकर भवन, प्रगति मैदान, पशु मेला परिसर, पुलिस कंट्रोल रूम, बकरा मंडी, फंटा मंडी और संपूर्ण साजिदेहड़ा क्षेत्र शामिल है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 31 Aug 2026 15:03:33 +0530</pubDate>
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                <title>कर्बला में बदहाल सुविधाएं, रामपुरा-लाडपुरा की सड़क पर रोज जाम</title>
                                    <description><![CDATA[डेढ़ महीने पहले शुरू हुआ नया कॉम्प्लेक्स भी बना परेशानियों का केंद्र, पानी तक की व्यवस्था नहीं।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/poor-facilities-in-karbala--daily-traffic-jams-on-the-rampura-ladpura-road/article-164273"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/111200-x-600-px)-(1)85.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के वार्ड नंबर 72 से 76 तक की ग्राउंड रिपोर्टिंग के दौरान क्षेत्र के कई इलाकों में आज भी बुनियादी सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। कहीं नया कॉम्प्लेक्स शुरू होने के कुछ ही दिनों में बदहाली का शिकार नजर आ रहा है तो कहीं लोगों को सामुदायिक भवन की महंगी दरें परेशान कर रही हैं। वहीं रामपुर और लाडपुरा को जोड़ने वाली मुख्य सड़क के लगातार सिकुड़ने से रोजाना लगने वाला जाम आमजन के लिए सिरदर्द बन चुका है। वार्ड क्षेत्र में आने वाले कर्बला इलाके में स्थित नया कॉम्प्लेक्स डेढ़ महीने पहले ही शुरू हुआ, लेकिन यहां की स्थिति बेहद दयनीय नजर आई। कॉम्प्लेक्स में पानी की समुचित व्यवस्था नहीं है। नल टूटे हुए हैं तो पानी की टंकियां भी फटी हुई बताई जा रही हैं। लोगों का कहना है कि नया कॉम्प्लेक्स शुरू होने के बावजूद जरूरी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। ऐसे में क्षेत्रवासियों को सवाल है कि जब नई व्यवस्था इतनी जल्दी बदहाल हो गई तो इसके रखरखाव और जिम्मेदारी की जवाबदेही आखिर किसकी है।</p>
<p>वार्ड क्षेत्र के लोगों ने बताया कि इलाके में सामुदायिक भवन, डिस्पेंसरी, पार्क और राशन की दुकान जैसी बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव है। वहीं खाई रोड़ क्षेत्र में लोग सफाई नहीं होने से परेशाना है। रोजमर्रा की जरूरतों के लिए लोगों को दूसरे क्षेत्रों का रुख करना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि विकास की योजनाएं तो बनती हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर उनकी सुविधाएं पूरी नहीं हो पातीं। सुविधाओं की कमी के कारण क्षेत्र के लोगों में निराशा और आक्रोश दोनों दिखाई दिया।</p>
<p><strong>महंगा सामुदायिक भवन और बाजार में जाम ने बढ़ाई परेशानी</strong><br />वार्ड क्षेत्र के रामपुर इलाके में गाड़ीखाना स्थित सामुदायिक भवन का किराया आम वार्डवासियों की पहुंच से बाहर बताया जा रहा है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि सामुदायिक भवन स्थानीय लोगों की जरूरतों के लिए बनाया गया है, लेकिन अधिक किराया होने के कारण जरूरतमंद परिवार इसका उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। लोगों ने मांग की है कि किराया कम किया जाए, ताकि गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार भी सामाजिक और पारिवारिक कार्यक्रमों के लिए इसका लाभ उठा सकें।<br />रामपुर बाजार में वाहनों का जाम भी बड़ी समस्या बना हुआ है। बाजार की सड़कों पर वाहन फंसने से राहगीरों और दुकानदारों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई जगह बिजली के खंभों से लटकते तार भी लोगों की चिंता बढ़ा रहे हैं।</p>
<p><strong>रामपुरा-लाडपुरा मुख्य सड़क बनी सबसे बड़ी चुनौती</strong><br />क्षेत्र में सबसे गंभीर समस्या रामपुर और लाडपुरा को जोड़ने वाली मुख्य सड़क की सामने आई। अतिक्रमण और लगातार बढ़ते दबाव के कारण सड़क सिकुड़ती जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शायद ही कोई ऐसा दिन गुजरता हो, जब इस मार्ग पर जाम नहीं लगता हो। सुबह से शाम तक वाहनों की लंबी कतारें आम नजारा बन गई हैं। वार्डवासियों का कहना है कि बीते पांच वर्षों में विकास के कई दावे किए गए, लेकिन आज भी मूलभूत सुविधाओं और यातायात व्यवस्था जैसी समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।</p>
<p><strong>पूर्व पार्षद कौशल्या सैनी </strong><br />अधिकांश व्यवस्थाओं को दुरुस्त कराया गया। उन्होंने कहा कि कार्यकाल समाप्त होने के बाद क्षेत्र में एक बार फिर कई समस्याएं उभरने लगी हैं। वर्तमान में सबसे बड़ी परेशानी साफ-सफाई व्यवस्था को लेकर बनी हुई है, जिससे क्षेत्रवासियों को रोजाना दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।</p>
<p><strong>पूर्व पार्षद सुनील शर्मा </strong><br />लोगों की परेशानी को देखते हुए पुरानी पाइपलाइन को बदलवाकर नई पाइपलाइन डलवाई गई, जिससे जलापूर्ति व्यवस्था में सुधार हुआ। इसके साथ ही क्षेत्रवासियों की सुविधा के लिए सुलभ कॉम्प्लेक्स का भी निर्माण कराया गया। हालांकि उन्होंने माना कि कर्मचारियों की कमी के कारण वार्ड में साफ-सफाई की समस्या आज भी बनी हुई है।</p>
<p><strong>पूर्व पार्षद परवेज अख्तर </strong><br />खुले नालों की समस्या गंभीर थी, जिन्हें सुधारने के लिए काम कराया गया। क्षेत्र में आधुनिक शौचालय का निर्माण करवाने के साथ मंदिरों का जीर्णोद्धार भी कराया गया। उन्होंने बताया कि विकास कार्यों के बावजूद वार्ड आज भी कई मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। क्षेत्र में डिस्पेंसरी, राशन की दुकान और पार्क नहीं होने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।</p>
<p><strong>वार्डवासी शब्बीर </strong><br />वार्ड में न तो डिस्पेंसरी है और न ही सामुदायिक भवन की सुविधा। सुलभ शौचालय तो बनाया गया, लेकिन वहां पानी और बिजली जैसी बुनियादी व्यवस्थाएं तक नहीं हैं। इसके अलावा पार्क और राशन की दुकान का भी अभाव है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पांच साल तक जनप्रतिनिधि वार्ड की जिम्मेदारी संभालते रहे, तो आखिर क्षेत्रवासियों को जरूरी सुविधाएं क्यों नहीं मिल सकीं?</p>
<p><strong>वार्ड नंबर 72 से 76 के क्षेत्र</strong><br /><strong>वार्ड नंबर 72</strong> में बस स्टैंड नयापुरा, मुक्तिधाम, कब्रिस्तान, हनुमान टेकरी, खाई रोड, कालपुरिया बस्ती, गुजराती बस्ती, नयापुरा स्टेडियम, जीके पवेलियन स्टेडियम, राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय नयापुरा, रत्ना नर्सिंग होम, नागाजी का बाग, क्षार बाग, बृज टॉकीज, मयूर सिनेमा, विवेकानंद सर्किल, सब्जी मंडी नयापुरा, नगर निगम कार्यालय सेक्टर-2 सहित आसपास के क्षेत्र शामिल हैं।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर 73</strong> में कर्बला मस्जिद, मदरसा, शीतला माता मंदिर, देश की धरती कार्यालय, लकी बुर्ज, कर्बला बुर्ज का समस्त क्षेत्र, दूधाधारी मंदिर, कोली पाड़ा, इमली चौक, बड़ का चौक, जैन मंदिर, नमकीन गली, प्रताप चौक, कर्बला चौक, लालाजी घाट, महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यमिक विद्यालय तथा लाडपुरा सहित आसपास के क्षेत्र शामिल हैं।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर 74</strong> के अंतर्गत भाटापाड़ा, मेहरापाड़ा, शिवदास घाट की गली, हरिजन बस्ती, छोटी समाज, बड़ी समाज, गांधी का चौक, महात्मा गांधी स्कूल, महारानी बड़ी स्कूल, जगदीश होटल की गली, फतेहगढ़ी, पोस्ट ऑफिस, रामपुर कार्यालय, गाड़ीखाना और भारतेंदु समिति क्षेत्र शामिल हैं।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर 75 </strong>में हिंदू धर्मशाला, गुलाबबाड़ी, रामपुर कोतवाली, अग्रसेन बाजार, महात्मा गांधी चौक, पुरानी धान मंडी, सरोवर पार्किंग, ठठेरा मार्केट, जयपुर गोल्डन, छोगा की बावड़ी और विजयवाड़ा सहित आसपास के क्षेत्र शामिल हैं।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर 76</strong> के अंतर्गत संगम होटल क्षेत्र, सुलभ, घोसी मोहल्ला, किशोर सागर तालाब, सीवी गार्डन, नयापुरा बस स्टैंड, वल्लभबाड़ी, हनुमान मंदिर, जैन दिवाकर स्कूल, हरिजन बस्ती और गुरुद्वारा सहित आसपास का क्षेत्र शामिल है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 31 Aug 2026 15:03:00 +0530</pubDate>
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                <title>कहीं अधूरे कामों पर नाराजगी, कहीं मूलभूत सुविधाओं का इंतजार</title>
                                    <description><![CDATA[जनता का सवाल : वादे फिर होंगे, लेकिन क्या इस बार वे पूरे भी होंगे?
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/resentment-over-incomplete-projects--a-long-wait-for-basic-amenities/article-163732"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/111200-x-600-px)-(5)29.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम चुनाव प्रक्रिया चलने के साथ ही शहर के छह वार्डों की ग्राउंड ऑडिट में विकास कार्यों की जमीनी हकीकत सामने आई है। कई क्षेत्रों में सड़क, सफाई, नालियों के निर्माण और मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं आज भी जस की तस बनी हुई हैं। लोगों का कहना है कि चुनाव के समय जिन उम्मीदों और विकास के वादों के साथ जनप्रतिनिधि उनके बीच पहुंचे थे, उन वादों को पूरी तरह धरातल पर उतारा नहीं जा सका। कहीं विकास कार्य शुरू होकर अधूरे रह गए, कहीं काम तो हुए लेकिन गुणवत्ता और रखरखाव की कमी सामने आई, जबकि कुछ इलाकों में जरूरी काम अब तक शुरू ही नहीं हो सके। ऐसे में लोगों की नाराजगी चुनावी माहौल से पहले साफ दिखाई देने लगी है। अगले महीने होने वाले वार्ड पार्षद चुनाव से पहले यह ग्राउंड रिपोर्ट नए और पुराने, दोनों तरह के दावेदारों के लिए एक संदेश है। जनता अब केवल आश्वासनों से संतुष्ट होने के बजाय काम का हिसाब और भविष्य की स्पष्ट योजना जानना चाहती है। सड़क, सफाई, नाली, स्ट्रीट लाइट, पार्क और सामुदायिक भवन जैसे मुद्दे सीधे लोगों के दैनिक जीवन से जुड़े हैं। ऐसे में इस बार चुनावी मैदान में उतरने वाले जनप्रतिनिधियों के सामने चुनौती केवल वोट मांगने की नहीं, बल्कि भरोसा जीतने और विकास को जमीन पर साबित करने की होगी।</p>
<p><strong>कोटड़ी से बजरंग नगर तक समस्याओं की अलग तस्वीर</strong><br />वार्डों की पड़ताल में अलग-अलग इलाकों में समस्याओं का स्वरूप भले ही अलग नजर आया, लेकिन मूल चिंता सुविधाओं की कमी ही रही। कोटड़ी क्षेत्र में सफाई व्यवस्था और स्पीड ब्रेकर से जुड़ी समस्याओं को लेकर लोग परेशान हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नियमित सफाई नहीं होने से कई स्थानों पर गंदगी बनी रहती है, वहीं जरूरत वाले स्थानों पर उचित ब्रेकर नहीं होने से आवागमन और सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी रहती है।<br />उधर, बजरंग नगर क्षेत्र में कई स्थानों पर कचरा सड़कों और खुले स्थानों पर फैला नजर आया। लोगों का कहना है कि सफाई व्यवस्था को नियमित और प्रभावी बनाने की जरूरत है, क्योंकि गंदगी केवल क्षेत्र की सुंदरता ही खराब नहीं करती, बल्कि बारिश के दिनों में नालियों के जाम होने और बीमारियों की आशंका भी बढ़ा देती है। सरस्वती कॉलोनी में सड़क पर बने चैंबरों के क्षतिग्रस्त ढक्कन लोगों के लिए परेशानी और हादसे का कारण बन सकते हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इन समस्याओं की जानकारी कई बार संबंधित विभागों और जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाई गई, लेकिन स्थायी समाधान की प्रतीक्षा अब भी बनी हुई है।</p>
<p><strong>गार्डन और सामुदायिक भवनों की भी दरकार</strong><br />कई इलाकों में लोगों ने गार्डन और सामुदायिक भवनों की कमी को भी जाहिर किया। जिन क्षेत्रों में ये सुविधाएं नहीं हैं, वहां स्थानीय लोगों को सामाजिक और सामुदायिक आयोजनों के लिए उचित स्थान नहीं मिल पाता। वहीं जहां गार्डन बने हुए हैं, वहां भी पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था नहीं होने से शाम के समय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के लिए सुरक्षित और सुविधायुक्त सार्वजनिक स्थानों की मांग लगातार उठ रही है। लोगों का कहना है कि वे विकास के विरोध में नहीं, बल्कि अधूरे विकास के खिलाफ सवाल उठा रहे हैं। उनकी सबसे बड़ी अपेक्षा यही है कि चुनावी वादे केवल मंचों और प्रचार तक सीमित न रहें, बल्कि उनकी समयबद्ध समीक्षा हो। ह्लजिस उम्मीद के साथ जनप्रतिनिधि वोट मांगने आए थे और जिस भरोसे के साथ हमने उन्हें वोट दिया, वह उम्मीद पूरी नहीं हो सकी,ह्व यह समस्या कई वार्डों के लोगों की बातचीत में साफ सुनाई दी।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर व एरिया</strong><br /><strong>वार्ड नंबर 66</strong> में फकीरों की मस्जिद के पीछे का क्षेत्र, कन्या छात्रावास के पीछे का क्षेत्र, सामुदायिक भवन के आसपास का क्षेत्र, भूतेश्वर मंदिर, हरदौल बेहरमशाला, शमशान के बांये भाग का क्षेत्र शामिल है।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर 67</strong> में रेगर मोहल्ला, कोटड़ी बड़ी मस्जिद, छोटी मस्जिद, चित्तौड़ा की दुकान, जनता डेयरी, खंडेलवाल धर्मशाला का समस्त क्षेत्र, पेट्रोल पंप के पीछे का क्षेत्र और दादी शाल्लो का चौक शामिल हैं।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर 68</strong> में पंचवटी कॉलोनी, अल्फा कॉम्प्लेक्स, न्यू गोपाल विहार, गणपति कॉलोनी, अटवाल नगर, आदित्य आवास कॉलोनी, वैभव नगर, बजरंग नगर, पुलिस लाइन, नयागांव और केसर बाग आदि क्षेत्र शामिल हैं।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर 69 </strong>में ग्रामीण पुलिस लाइन रोड प्रथम, लाजपत नगर, सूर्य नगर, जय अंबे नगर, अटवाल नगर लिंक रोड, आदित्य नगर, फ्रेंड्स कॉलोनी, भारत विहार, सुखधाम कॉलोनी, जय हिंद नगर और गोपाल विहार प्रथम क्षेत्र शामिल हैं।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर 70</strong> में प्रगति स्कूल, प्रगति नगर, रेलवे सोसाइटी, 80 बीघा जमीन, आरके नगर, जय हिंद नगर, पुलिस लाइन, शिव नगर, गायत्री विहार प्रथम एवं द्वितीय, एसपी कार्यालय, मन्ना कॉलोनी, शमशान, सुलभ कॉम्प्लेक्स, गणेश नगर, सरकारी स्कूल, अमृत कॉलोनी, खारा कुआं, बालाजी की बगीची, मस्जिदवास और सैन्य क्षेत्र शामिल हैं।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर 71</strong> में सरस्वती कॉलोनी, जेडीबी कॉलेज, राजेंद्र विहार, आकाशवाणी कॉलोनी, अमृत कलश, गुलाब बाग और गायत्री विहार शामिल हैं।</p>
<p><strong>वार्डवासी उदयभान सिंह ने बताया</strong><br />वार्ड क्षेत्र में साफ-सफाई की समस्या लगातार बनी हुई है। कई बार लोगों को अपनी समस्याओं का समाधान खुद ही निकालना पड़ता है। चुनाव के बाद जनप्रतिनिधि भी क्षेत्र में कम नजर आते हैं, ऐसे में वार्डवासियों को अपनी समस्याएं किसके सामने रखें, यह सबसे बड़ी परेशानी है। उन्होंने नियमित सफाई व्यवस्था और जनप्रतिनिधियों की सक्रियता की मांग की।</p>
<p><strong>वार्डवासी जुबेर पठान ने बताया</strong><br />वार्ड की स्थिति संतोषजनक नहीं है। कई स्थानों पर नालियां टूटी हुई हैं और स्पीड ब्रेकर भी क्षतिग्रस्त पड़े हैं। क्षेत्र में साफ-सफाई का अभाव बना रहता है, जिससे लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। उन्होंने कहा कि समय पर नालियों और टूटे ब्रेकरों की मरम्मत के साथ नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।</p>
<p><strong>पूर्व पार्षद राजेंद्र सुवालका का कहना</strong><br />कार्यकाल में वार्ड क्षेत्र की हर कॉलोनी तक सीसी रोड का निर्माण करवाने का प्रयास किया गया। गायत्री विहार में ठेकेदार अधूरा काम छोड़कर चला गया, जिससे कुछ विकास कार्य पूरे नहीं हो सके। इसके बाद सरकार बदलने के कारण भी शेष कार्य आगे नहीं बढ़ पाए और कई योजनाएं अधूरी रह गईं।</p>
<p><strong>पूर्व पार्षद विजय लक्ष्मी का कहना</strong><br />वार्ड क्षेत्र में नियमित रूप से कचरा संग्रहण के लिए वाहन चार-पांच बार आते हैं, लेकिन स्वच्छता के लिए जनता की भागीदारी भी जरूरी है। उन्होंने लोगों से वार्ड में गंदगी नहीं फैलाने की अपील की। वार्ड क्षेत्र में सुलभ शौचालय का निर्माण भी करवाया गया और पांच साल के कार्यकाल में विकास कार्यों के लिए लगातार प्रयास किए गए।</p>
<p><strong>पूर्व पार्षद जियाउद्दीन का कहना</strong><br />उनके कार्यकाल में वार्ड क्षेत्र में पानी की पाइपलाइन डलवाने के साथ आवश्यक विकास कार्य करवाए गए। गणपति लाइन के अंदर सीसी रोड का निर्माण भी कराया गया, जिससे क्षेत्रवासियों को बेहतर आवागमन की सुविधा मिली। पूरे कार्यकाल के दौरान साफ-सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान रखा गया और वार्ड की मूलभूत समस्याओं के समाधान के प्रयास किए गए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 24 Aug 2026 15:20:42 +0530</pubDate>
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                <title>बुनियादी सुविधाओं का अभाव : टूटी सड़कें, अंधेरा और कचरे के ढेर की कड़वी सच्चाई</title>
                                    <description><![CDATA[कोटा ग्राउंड रिपोर्ट: वार्ड 60 से 65 में विकास के दावों की खुली पोल।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/lack-of-basic-amenities--the-harsh-reality-of-broken-roads--darkness--and-garbage-heaps/article-163730"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/111200-x-600-px)-(3)51.png" alt=""></a><br /><p>कोटा।शहर के प्रमुख इलाकों में शामिल वार्ड 60 से 65 की ग्राउंड रिपोर्ट में विकास के दावों की अलग तस्वीर सामने आई। कहीं टूटी सड़कें परेशानी बढ़ा रही हैं तो कहीं रोड लाइट और सफाई व्यवस्था लोगों के लिए बड़ी समस्या बनी हुई है। कई जगह सड़क और नालियों का निर्माण तक नहीं हुआ है। वार्ड 63 के छावनी क्षेत्र में टूटी सड़कों और जगह-जगह बने कचरा पॉइंट की समस्या सामने आई। सफाई व्यवस्था कमजोर होने से कचरा पॉइंट भी परेशानी का कारण बने हुए हैं। लोगों ने कहा कि सड़क, सफाई और रोड लाइट जैसी सुविधाएं हर वार्ड की पहली जरूरत हैं, लेकिन इन पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा। वार्ड 60, 61 और 62 में भी सड़क, रोड लाइट और सफाई को लेकर लोगों की शिकायतें सामने आईं। कई जगह सड़कें खराब हैं। पर्याप्त रोशनी नहीं होने से शाम के बाद परेशानी बढ़ जाती है। सफाई व्यवस्था को लेकर भी लोगों में नाराजगी है।</p>
<p><strong>वार्ड में सड़क-नाली का इंतजार</strong><br />वार्ड नंबर 64 में स्थानीय लोगों का आरोप है कि पार्षद समस्या दूर करवाना तो दूर, उनकी समस्या पूछने तक नहीं आते। वार्डवासियों ने कहा कि चुनाव से पहले उनसे कई बड़े-बड़े वादे किए गए थे। विकास कार्य करवाने और समस्याओं का समाधान करने की बात कही गई थी, लेकिन चुनाव जीतने के बाद कई वादे अधूरे रह गए। लोगों का कहना है कि अब जब वे अपनी समस्याएं बताते हैं तो सरकार के बीच में चले जाने का तर्क दिया जाता है।</p>
<p><strong>पूर्व पार्षद लेखराज योगी ने बताया</strong><br />वार्ड का एक बड़ा हिस्सा पहले कच्ची बस्ती और डूबत क्षेत्र में आता था। मेरे कार्यकाल में इन क्षेत्रों को व्यवस्थित और विकसित करने की दिशा में काम किया गया। वार्ड की सबसे बड़ी समस्या नाले को लेकर थी, जिसके कारण जलभराव और अन्य परेशानियां बनी रहती थीं।</p>
<p><strong>पूर्व पार्षद शिवांगी सोनी ने बताया</strong><br />वार्ड क्षेत्र में आने वाले विशाल मार्केट में बना नाला लंबे समय से हादसों का कारण बना हुआ था। नाले को व्यवस्थित कराया गया। वार्ड में सीवरेज लाइन डलवाने के साथ बंगाली कॉलोनी के गार्डन का जीर्णोद्धार भी करवाया गया। अधिकारियों ने वार्ड के साथ भेदभाव किया, जिसके चलते कई जरूरी कार्य आज भी अधूरे पड़े हैं।</p>
<p><strong>पूर्व पार्षद इसरार मोहम्मद ने बताया</strong><br />वार्ड में वर्षों पुरानी सीवरेज व्यवस्था लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई थी। कार्यकाल में पुरानी सीवरेज लाइन को हटाकर नई लाइन डलवाई गई। वार्ड में बने नालों का सीसी निर्माण करवाने के साथ पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नई पानी की लाइन भी डलवाई गई।</p>
<p><strong>पूर्व पार्षद ऐश्वर्य श्रृंगी ने बताया</strong><br />वार्ड में लंबे समय से चली आ रही पेयजल समस्या का स्थायी समाधान करवाया गया। पूरे वार्ड क्षेत्र में रोड लाइट लगवाकर अंधेरे की समस्या को भी दूर किया गया। शिकायत मिलते ही संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर उसका समाधान उसी दिन करवाया जाए। जनप्रतिनिधि की सबसे बड़ी जिम्मेदारी जनता के बीच रहकर समस्याओं का समाधान करना है।</p>
<p><strong>वार्डवासी आकाश कश्यप ने कहा</strong><br />वार्ड की मौजूदा स्थिति पर नाराजगी जताते हुए कहा कि क्षेत्र में व्यवस्थाएं लगातार बिगड़ती जा रही हैं। कई जगह सड़कें क्षतिग्रस्त हैं और सफाई व्यवस्था भी पूरी तरह चरमराई हुई है। वर्षों से बने कचरा पॉइंट अब तक नहीं हटाए गए, जिससे गंदगी और बदबू की समस्या बनी रहती है।</p>
<p><strong>वार्डवासी विवेक प्रजापति ने कहा</strong><br />कम से कम दिन में एक बार पूरे वार्ड का भ्रमण करने से क्षेत्र की वास्तविक स्थिति का पता लगाया जा सकता है। कई समस्याएं ऐसी होती हैं, जिनकी जानकारी शिकायत मिलने के बाद नहीं बल्कि मौके पर जाकर ही होती है। इसलिए जनप्रतिनिधि को सक्रिय रहकर जनता से सीधा संवाद करना चाहिए और समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों से लगातार समन्वय रखना चाहिए।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर व क्षेत्र</strong><br /><strong>वार्ड नंबर 60: </strong>न्यू पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सर्वोदय कॉलेज ऑफ पैरामेडिकल, शिवाजी पार्क, गुलमोहर पार्क, गवर्नमेंट संस्कृत स्कूल, नूरी जामा मस्जिद आदि क्षेत्र शामिल हैं।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर 61</strong>: ईएसआई हॉस्पिटल, आईटीआई कॉलेज, आयशा मस्जिद, न्यू मोटर मार्केट, मंशापूर्ण हनुमान मंदिर, मीणा छात्रावास, महिला पॉलिटेक्निक कॉलेज, चमत्कारेश्वर हनुमान मंदिर, अपना घर आश्रम, कलाल सामुदायिक भवन तथा संजय नगर का आंशिक क्षेत्र शामिल है।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर 62:</strong> गोविंद नगर, एसएसएफ चौराहा, सूर्य नगर तथा जेके फैक्ट्री का क्षेत्र शामिल है।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर 63:</strong> अहलूवालिया मॉल, पुलिस चौकी, छावनी पुलिस चौकी के पीछे का क्षेत्र, दुर्गा बस्ती, भेरू बस्ती, छावनी रामचंद्रपुरा की गली नंबर 1, 2, 3, 4 व 5, इंडस्ट्रियल एरिया, घेरवाले बाबा के पीछे का क्षेत्र, शीतला माता मंदिर के आसपास का क्षेत्र, बंगाली कॉलोनी, तिलक नगर, पालीवाल कंपाउंड तथा विशाल मार्केट का क्षेत्र आदि शामिल हैं।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर 64:</strong> शिव आश्रम के पीछे का क्षेत्र, जेपी कॉलोनी, चमड़ा फैक्ट्री के आसपास का क्षेत्र, राजपूत कॉलोनी, राधा-कृष्ण मंदिर के आसपास का क्षेत्र, शीतला माता मंदिर तथा मंगलेश्वर व्यायामशाला के आसपास का क्षेत्र आदि शामिल हैं।</p>
<p><strong>वार्ड नंबर 65:</strong> गोपेश्वर महादेव मंदिर, तेलियों का मंदिर, तिलक स्कूल, सुलभ कॉम्प्लेक्स, नेशनल टेलर्स के पीछे का क्षेत्र, दुर्गा ड्राईक्लीनर्स के पीछे का क्षेत्र, गोपेश्वर महादेव मंदिर के पीछे का क्षेत्र, जमुना पान भंडार के पीछे का क्षेत्र, जगदीश माईल पूर्व पार्षद के पीछे का क्षेत्र, एक मीनार मस्जिद के पीछे का क्षेत्र, एस पी कॉलोनी का आंशिक भाग तथा शमा कॉलोनी का क्षेत्र शामिल है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 24 Aug 2026 15:18:05 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>असर खबर का : नयागांव गुजरान में श्मशान निर्माण कार्य के लिए स्वीकृति जारी</title>
                                    <description><![CDATA[दैनिक नवज्योति में प्रमुखता से खबर छपने के महज 24 घंटे में ग्राम पंचायत ने लिया एक्शन। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/impact-of-news---approval-granted-for-cremation-ground-construction-in-nayagaon-gujran/article-162945"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-08/111200-x-600-px)-(1)59.png" alt=""></a><br /><p>खानपुर। खानपुर उपखंड क्षेत्र के बेसार ग्राम पंचायत के नयागांव गुजरान में मूलभूत सुविधाओं के अभाव और श्मशान घाट की बदहाल स्थिति को लेकर दैनिक नवज्योति टीम ने 12 अगस्त 2026 को प्रमुखता से मुद्दा उठाया था । जिसके बाद महज 24 घंटे में इसका त्वरित असर देखने को मिला है। खबर के माध्यम से ग्रामीणों की समस्याएं सामने आने के बाद ग्राम पंचायत ने श्मशान घाट के विकास की दिशा में पहल की है।</p>
<p>बेसार ग्राम पंचायत के सरपंच मदन लाल वर्मा ने मामले में तत्काल पहल करते हुए श्मशान घाट के लिए प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त करवाई है। इसके तहत राज्य वित्त आयोग षष्ठम् योजना के अंतर्गत कार्य करवाया जाएगा। प्राप्त स्वीकृति के अनुसार कार्य की अनुमानित लागत 1 लाख 20 हजार रुपये निर्धारित की गई है। कार्य को 3 माह की अवधि में पूरा किया जाना प्रस्तावित है।<br />इस संबंध में प्रशासनिक स्वीकृति जारी की गई है। ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर प्रकाशित खबर के बाद हुई इस त्वरित कार्रवाई से क्षेत्रवासियों में उम्मीद जगी है। ग्रामीणों ने श्मशान घाट के विकास की प्रशासनिक स्वीकृति मिलने पर खुशी जताते हुए उम्मीद व्यक्त की कि स्वीकृत कार्य जल्द शुरू होकर निर्धारित समय में पूरा होगा। साथ ही ग्रामीणों ने गांव की सड़क और अन्य मूलभूत समस्याओं के समाधान की भी मांग की है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 14 Aug 2026 15:14:49 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>नाहरगढ़ बस स्टैंड पर बदहाल शौचालय, गंदगी-दुर्गंध से यात्री परेशान</title>
                                    <description><![CDATA[अजमेर, पुष्कर और गुना तक बसों का संचालन, लेकिन मूलभूत सुविधाओं का अभाव
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/dilapidated-toilets-at-nahargarh-bus-stand--passengers-distressed-by-filth-and-foul-odor/article-161099"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/111200-x-600-px)-(3)4.png" alt=""></a><br /><p>नाहरगढ़। नाहरगढ़ स्थानीय बस स्टैंड पर व्याप्त अव्यवस्थाएं और मूलभूत सुविधाओं का अभाव यात्रियों के लिए बड़ी समस्या बन गया है। बस स्टैंड स्थित सार्वजनिक शौचालय लंबे समय से बदहाल स्थिति में है। नियमित सफाई के बावजूद जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से परिसर में पानी भराव रहता है, जिससे गंदगी और दुर्गंध फैल रही है। हालात ऐसे हैं कि यात्रियों का बस स्टैंड पर ठहरना भी मुश्किल हो गया है, लेकिन जिम्मेदार विभाग अब तक प्रभावी कदम नहीं उठा पाया है। नाहरगढ़ बस स्टैंड क्षेत्र का प्रमुख परिवहन केंद्र है। यहां से प्रतिदिन अजमेर, पुष्कर सहित प्रदेश के विभिन्न शहरों तथा पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश के गुना के लिए रोडवेज और निजी बसों का संचालन होता है।<br /> दिनभर यात्रियों की आवाजाही के साथ आरोग्य सेवकों की भी आवाजाही आवाजाही बनी रहती है। इसके बावजूद शौचालय की दुर्दशा लगातार बनी हुई है। रात्रि विश्राम करने वाले बस चालक-परिचालकों कहना है कि रात में रुकने की व्यवस्था तो किसी तरह हो जाती है, लेकिन शौचालय की बदहाल स्थिति के कारण उन्हें काफी परेशानी उठानी पड़ती है।</p>
<p><strong>महिला, बच्चे और बुर्जग सबसे अधिक परेशान</strong><br />सबसे अधिक परेशानी महिला यात्रियों, बच्चों और बुजुर्गों को झेलनी पड़ रही है। लंबी दूरी की यात्रा करने वाली महिलाओं को स्वच्छ प्रसाधन सुविधा नहीं मिलने से मानसिक और शारीरिक असुविधा का सामना करना पड़ता है। स्थानीय ग्रामीणों और नियमित यात्रियों का कहना है कि समस्या को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला।</p>
<p>जल्द ही सफाई एवं मरम्मत कार्य पूर्ण करवाकर यात्रियों को राहत प्रदान की जाएगी। <br /><strong>-गौरव चौधरी, ग्राम विकास अधिकारी, नाहरगढ़</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Jul 2026 14:28:26 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>पिंक टॉयलेट के नाम पर पुरानी सुविधा खत्म : सुविधा के लिए दर-दर भटक रहे ग्रामीण, 15 दिन से काम ठप</title>
                                    <description><![CDATA['पिंक टॉयलेट' का निर्माण तो कागजों में शुरू हो गया, लेकिन धरातल पर प्रशासन ने 15 दिन पूर्व एकमात्र चालू शौचालय को भी ध्वस्त कर दिया। नतीजा यह है कि आज भीषण गर्मी के बीच व्यापारी, राहगीर और विशेषकर ग्रामीण महिलाएं बुनियादी सुविधा के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/existing-facility-scrapped-in-the-name-of--pink-toilets---work-stalled-for-15-days/article-152869"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/pink-toilet-ke-naam-par-purani-suvidha-khatm,-15-din-se-kaam-tap...atru.-dist.-baran.-06may2026.jpg.jpeg" alt=""></a><br /><p>अटरू। अटरू कस्बे के हृदय स्थल और मुख्य व्यापारिक केंद्र हाट चौक में विकास की योजना आमजन के लिए परेशानी का सबब बन गई है। महिलाओं को सुविधा देने के उद्देश्य से 'पिंक टॉयलेट' का निर्माण तो कागजों में शुरू हो गया, लेकिन धरातल पर प्रशासन ने 15 दिन पूर्व एकमात्र चालू शौचालय को भी ध्वस्त कर दिया। नतीजा यह है कि आज भीषण गर्मी के बीच व्यापारी, राहगीर और विशेषकर ग्रामीण महिलाएं बुनियादी सुविधा के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। </p>
<p><strong>विकास की अधूरी तैयारी, ढहाया पुराना, 'अधर' में नया.....</strong><br />प्रशासन द्वारा 24 अप्रैल को हाट चौक स्थित पुराने शौचालय को इस वादे के साथ तोड़ा गया था कि यहां जल्द ही आधुनिक पिंक टॉयलेट बनेगा लेकिन विडंबना देखिए कि 15 दिन बीत जाने के बाद भी मौके पर निर्माण कार्य गति नहीं पकड़ सका है। बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के पुराने ढांचे को जमींदोज करने के फैसले ने प्रशासनिक दूरदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।</p>
<p><strong>प्रशासनिक पक्ष और आश्वासन</strong><br />प्रशासन का कहना है कि फिलहाल वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में महिला पार्क के पास स्थित सुलभ शौचालय का उपयोग किया जा सकता है। अधिकारियों के अनुसार नए पिंक टॉयलेट के निर्माण कार्य को शीघ्र शुरू करने की तैयारी की जा रही है।</p>
<p><strong>मुख्य चुनौतियां और मांग</strong><br />हाट चौक से सुलभ शौचालय की दूरी अधिक होने के कारण विशेषकर महिलाओं, बुजुर्गों और ग्रामीणों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब तक निर्माण कार्य पूरा नहीं होता, तब तक चौक के आसपास अस्थायी या मोबाइल शौचालय की व्यवस्था की जानी चाहिए। साथ ही लोगों ने यह भी कहा कि पिंक टॉयलेट जैसी योजना महिलाओं की सुविधा और सम्मान से जुड़ी है, लेकिन निर्माण में हो रही देरी उनकी गरिमा पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है। ऐसे में प्रशासन को प्राथमिकता के आधार पर कार्य शुरू कर जल्द पूरा करना चाहिए।</p>
<p><strong>साप्ताहिक हाट में महिलाओं के लिए मुश्किल बढ़ीं</strong><br />हाट चौक कस्बे का वह केंद्र है, जहां साप्ताहिक बाजार के दौरान अटरू सहित दर्जनों गांवों की भीड़ उमड़ती है। खरीदारी के लिए आने वाली महिलाओं को शौचालय नहीं होने के कारण कठिनाई झेलनी पड़ रही है। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि प्रशासन ने मलबा डालने और सुविधा छीनने में तो तत्परता दिखाई, लेकिन निर्माण शुरू करने में सुस्ती बरत रहे हैं।</p>
<p>निशान, रंगत करवाकर नींव की खुदाई का कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।<br /><strong>-मनोज कुमार सिंह, ठेकेदार</strong></p>
<p>एक-दो दिन के भीतर निर्माण कार्य सुचारू रूप से चालू करवा दिया जाएगा।<br /><strong>- योगेन्द्र प्रसाद त्रिवेदी, ईओ, नगरपालिका</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 06 May 2026 15:30:52 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>राहुल गांधी का केंद्र पर बड़ा हमला: बोले-स्मार्ट सिटी योजना आम नागरिकों के साथ धोखा, ज़मीनी स्तर पर बुनियादी सुविधाओं में अपेक्षित सुधार नहीं   </title>
                                    <description><![CDATA[विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्र की स्मार्ट सिटी परियोजना पर तीखा हमला करते हुए इसे विफल करार दिया। उन्होंने कहा कि ₹48,000 करोड़ खर्च होने के बावजूद नागरिकों को स्वच्छ पानी और सुरक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं मिलीं। राहुल ने धंसती सड़कों और दूषित पानी का हवाला देते हुए योजना को जमीनी हकीकत से दूर बताया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/rahul-gandhis-big-attack-on-the-center-said-smart/article-148518"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/rahul-gandhi1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष एवं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने स्मार्ट सिटी परियोजना को लेकर केंद्र सरकार पर हमला करते हुए मंगलवार को इसे 'धोखा' करार दिया और कहा कि यह योजना अपने उद्देश्य से भटक गई और आम नागरिकों को इससे कोई फायदा नहीं पहुंचा। राहुल गांधी ने एक बयान में आरोप लगाया कि परियोजना के तहत शहरों के समग्र विकास के बजाय सीमित क्षेत्रों में काम कर उसे बड़ी उपलब्धि के रूप में पेश किया गया, जबकि ज़मीनी स्तर पर बुनियादी सुविधाओं में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।</p>
<p>उन्होंने कहा "कोई भी शहर तब तक ‘स्मार्ट’ नहीं हो सकता, जब तक वह अपने नागरिकों को साफ पानी, स्वच्छ हवा और सुरक्षा जैसी बुनियादी गरिमा उपलब्ध नहीं कराता। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत करीब 48 हजार करोड़ रुपये खर्च होने और 97 प्रतिशत परियोजनाओं के पूरे होने का दावा किया गया, लेकिन वास्तविक स्थिति इससे अलग है।" कांग्रेस नेता ने सवाल उठाया कि कितने शहरों में वास्तव में ठोस बदलाव आया और लोगों के जीवन में क्या सुधार हुआ। उन्होंने कहा कि दूषित पानी, खुले सीवर, गिरते पुल और धंसती सड़कें इस योजना की विफलता को उजागर करती हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/rahul-gandhis-big-attack-on-the-center-said-smart/article-148518</link>
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                <pubDate>Tue, 31 Mar 2026 14:26:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>चम्बल के तीर बिना नीर- सूखे कण्ठ से यात्रा की मजबूरी </title>
                                    <description><![CDATA[संजय नगर रोडवेज बस स्टैण्ड यात्री सुविधाओं के नाम पर फिसड्डी।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/without-water-on-the-banks-of-the-chambal-river--the-compulsion-to-travel-through-a-dry-gorge/article-143928"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/12200-x-600-px)-(11)2.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। संजय नगर स्थित रोडवेज बस स्टैण्ड जिसे शहर का आधुनिक बस अड्डा कहा जाता है, आज यात्री सुविधाओं के नाम पर बदहाली की मिसाल बन चुका है। 22.76 लाख लीज किराया देने वाला यह परिसर सुविधाओं के नाम पर धेला तक खर्च नहीं करता । वर्ष 2013 से संचालित यह बस स्टैण्ड अब मूलभूत सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा है। यात्रियों का कहना है कि आधुनिक और भव्य भवन होने के बावजूद यदि मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हों, तो ऐसी व्यवस्था का कोई औचित्य नहीं रह जाता। सबसे चिंताजनक स्थिति पेयजल व्यवस्था की है, जो पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। कोटा शहर जिसे देशभर में 24 घन्टे पेयजल की आपूर्ति के लिये जाना जाता है उस शहर में रोडवेज के उपयोगकतार्ओं को यहां के दयनीय हालात पर गुस्सा आना लाजमी है।</p>
<p><strong>नल टूटे, कनेक्शन कटे, प्याऊ अलमारी बन गये</strong><br />बस स्टैण्ड भवन पोर्च एरिया में बनी प्याऊ में एक भी नल नहीं है। इस प्याऊ के तो कनेक्शन तक हटा दिए गए हैं। जिस स्थान पर यात्रियों को पानी पीना चाहिए, वहां सफाई कर्मचारियों ने झाड़ू और अन्य सामान रख दिया है।प्रबंधन का तर्क है कि इस प्याऊ में पानी चालू करने पर सेनेटरी लाइन चौक हो जाती है, जिससे बरामदे में पानी भर जाता है। हालांकि प्रबंधन मरम्मत का आश्वासन दे रहा है, लेकिन फिलहाल यात्रियों को तत्काल राहत का कोई रास्ता नहीं निकाला जा रहा है।</p>
<p><strong>दो अन्य प्याऊ भी लेकिन पानी सिर्फ एक नल से</strong><br />मंदिर के पास स्थित एक अन्य प्याऊ पर 80 लीटर का वाटर कूलर रखा हुआ है, लेकिन उसका बिजली व पानी का कनेक्शन कटा हुआ है। दूसरा,  बस स्टैण्ड के प्रवेश द्वार के पास एक संस्था द्वारा संचालित प्याऊ ही किसी तरह चालू है। यहां भी दो में से एक नल टूटा हुआ है, जबकि दूसरे में भी टंकियां चोक होने से पानी का प्रेशर नहीं है । पूरे बस स्टैण्ड की जलापूर्ति इसी एक नल पर निर्भर है। गर्मी के मौसम में जब यात्रियों की संख्या और पानी की जरूरत बढ़ जाती है, तब यह व्यवस्था नाकाफी साबित होगी ।</p>
<p><strong>पीना तो दूर हाथ धोने तक के लिए खरीदना पड़ रहा पानी</strong><br />प्रतिदिन कईं यात्री इस बस स्टैण्ड से आवागमन करते हैं। पानी की सुविधा न होने के कारण उन्हें मजबूरन बोतलबंद पानी खरीदना पड़ता है ।निगम की तरफ से हाथ धोने तक का पानी नहीं मुहैय्या नहीं कराया जा रहा। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के यात्रियों के लिए यह अतिरिक्त बोझ बन गया है। कई यात्रियों ने बताया कि बस का इंतजार करते समय प्यास लगने पर उन्हें इधर-उधर भटकना पड़ता है।</p>
<p><strong>सबसे बड़े अधिकारी का कार्यालय फिर भी यह हाल</strong><br />सबसे हैरानी की बात यह है कि इसी बस स्टैण्ड परिसर में रोडवेज के वरिष्ठ अधिकारी का कार्यालय भी स्थित है। इसके बावजूद यात्री सुविधाओं की यह स्थिति प्रशासनिक उदासीनता को दशार्ती है। यही नहीं कोटा आगार का पूरा मेनेजमेंन्ट स्टाफ इसी परिसर में ड्यूटी बजाता है। ऐसे में भी यहां रोड़वेज की छवि को खराब करने वाली यह दुर्दशा पर किसी का ध्यान ना जाना प्रशासनिक अधिकारियों की असंवेदनशीलता का प्रत्यक्ष प्रमाण है</p>
<p><strong>राजस्व और छवि पर भी असर</strong><br />सुविधाओं की लगातार कमी के कारण बस स्टैण्ड का राजस्व भी प्रभावित हो रहा है। खराब अनुभव के चलते कई यात्री निजी वाहनों या अन्य साधनों को प्राथमिकता देने लगे हैं। इसी कारण यहां से यात्री भार लगातार कम होता जा रहा है। वर्तमान में ड़िपो की कुल आय का मात्र 2 प्रतिशत से भी कम यहां से प्राप्त होती है।</p>
<p>मै स्वयं संजय नगर रहता हूँ लेकिन इस बस स्टैण्ड़ पर सुविधाओं के नाम कोई जिम्मेदार नहीं इसलिये कोई यात्री परिवार के साथ आना  पसन्द नहीं करता, टेक्सी लेकर नयापुरा जाना बेहतर है।<br /><strong>- गोविन्द सिंह गौड़, निवासी संजय नगर</strong></p>
<p>हमारी संस्था द्वारा एक पक्की प्याऊ लगायी गयी है, जिसे जन सुविधा की दृष्टि से हम देख्रेख भी करवा रहे है, इसे 2 दिनों साफ सफाई करवाकर चालू करवा देंगे ।<br /><strong>- महावीर नागर , कोषाघ्यक्ष श्री धरणीधर जनसेवा संस्थान</strong></p>
<p>मेरी जानकारी में आया है इसके लिये एक टीम बनवाकर शीघ्र ही निस्तारण करवा दिया जायेगा।<br /><strong>- अजय कुमार मीणा मुख्य प्रबंधक कोटा आगार</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Feb 2026 15:01:44 +0530</pubDate>
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                <title>यात्रीगण कृपया ध्यान दें, बस स्टैंड पर आने से पूर्व निवृत्त होकर आएं</title>
                                    <description><![CDATA[पेयजल और शौचालयों जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव के कारण कई यात्री बस स्टैंड आने से बच रहे।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/passengers--please-note--please-relieve-yourself-before-coming-to-the-bus-stand/article-143651"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/12200-x-600-px)-(5)1.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। संजय नगर स्थित रोडवेज बस स्टैंड पर यात्रियों को मूलभूत सुविधाएं तक नसीब नहीं हो रहीं। पेयजल का संकट, जर्जर और बंद पड़े शौचालय साफ-सफाई की कमी के कारण यहां आने वाले यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि लोग व्यंग्य में कहते नजर आते हैं— यात्रीगण कृपया ध्यान दें,आने से पूर्व घर से ही निवृत्त होकर आएं राजस्थान रोडवेज के मुख्य बस स्टैंड की बिगड़ती व्यवस्थाओं का असर अब यात्रियों की संख्या पर भी दिखने लगा है। पेयजल और शौचालयों जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव के कारण कई यात्री बस स्टैंड आने से बच रहे हैं। या सीधे नयापुरा बस स्टैण्ड़ जा रहे है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सुविधाएं सुधरें तो इस परिसर में रोडवेज के यात्रियों की वापसी संभव है।</p>
<p><strong>जिम्मेदार बोले 3 लाख का खर्च ,बजट नहीं </strong><br />परिसर में ही बन्द पड़े सुलभ शौचालय पर किसी यात्री द्वारा लिखी गयी टिप्पणी प्रशासनिक बेपरवाही की पोल खोलकर रख रही है। वहीं जिम्मेदारों का कहना है कि दो ढ़ाई वर्ष पूर्व एक बिहारी परिवार यहां पर रहता था जब यह शौचालय बनाये गये तब से ही इसमे पानी जमा होने की समस्या थी ऐसे में इसका एस्टीमेंट बनाकर कॉम्पलैक्स के मैनेजर को बताया गया है यहा करीब 3 लाख का खर्चा है जिसके बाद ही यह चालू किया जा सकता है। ऐसे में सवाल उठता है कि निगम द्वारा इस परिसर के उपयोग लीज के 22 लाख किराया रकम के सामने यात्रियों की सुविधाओं के नाम पर 3 लाख रुपए तक का बजट नहीं ।</p>
<p><strong>महिला कार्मिकों को संक्रामक बिमारियों खतरा</strong><br />निगम कार्मिकों में आॅफिस स्टाफ के रूप में भी महिलाओं की संख्या काफी है यहां पर 24 महिलाएं अपनी सेवायें दे रही है, ऐसे में महिला कार्मिकों की जरूरी मूलभूत सुविधाओं का इतना बड़ा टंटा होना यहाँ के प्रशासनिक अधिकारी संवेदनशीलता पर भी सवाल है। महिला स्वास्थ्य विशेषज्ञ के अनुसार इस तरह के टायलेट के उपयोग से महिलाओं में संक्रामक बिमारियां तक फैलने का खतरा होता है।</p>
<p><strong>सुविधाएं केवल स्टाफ के लिए वो भी बिना पानी</strong><br />रोड़वेज परिसर में कुल तीन सुविधाघर बनें हुये हे जिनमें से एक प्रथम तल पर है जिसे स्टाफ के द्वारा प्रयोग में लिया जा रहा है। दुसरा ग्राउण्ड़ फ्लोर आईटीसी के पास बना हे जिस पर केवल स्टाफ के लिये लिखा है। हांलाकि इसकी हालात देखकर इसका प्रयोग कोई कर ही नहीं सकता । कमोड़ के चारों तरफ भरा कीचड़ पानी का कनेक्शन तक नहीं, र्दुगन्ध से महिलाओं द्वारा तो इसे कदापि यूज नहीं लिया जा सकता। वहीं तीसरा टॉयलेट सुलभ कॉम्पलेक्स का हे जिस पर पे एण्ड़ यूज तो लिखा है पर इस पर भी कई वर्षो से ताला जडा हुआ है जिसकी गवाही जंग लगा ताला दे रहा है।</p>
<p><strong>महिलाओं की बढ़ी दिक्कत</strong><br />हम बस पकड़ने के लिए समय से पांच मिनट पहले ही आते हैं। यहां सुविधाएं तो दूर, हाथ धोने तक का पानी नहीं मिलता। बच्चों के साथ आने में ज्यादा परेशानी होती है। अगर अचानक कोई जरूरी बात हो जाए तो बस छोड़कर वापस घर भागना पड़ सकता है।<br /><strong>-कमला बाई (55 वर्ष), कोटा-माधोपुर बस यात्री </strong></p>
<p>पे एण्ड़ यूज काफी समय से बन्द पड़ा है, नीचे वाले टायलेट को पिछले साल की ठीक करवाया था। यह गंदगी कबसे है और पानी की कमी की मेरे पास कोई शिकायत नहीं आयी अभी ठीक करवायेंगे।<br /><strong>- अजय मीणा प्रबंधक रोड़वेज कोटा आगार</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 18 Feb 2026 15:42:54 +0530</pubDate>
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