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                <title>basic amenities - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>basic amenities RSS Feed</description>
                
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                <title>राहुल गांधी का केंद्र पर बड़ा हमला: बोले-स्मार्ट सिटी योजना आम नागरिकों के साथ धोखा, ज़मीनी स्तर पर बुनियादी सुविधाओं में अपेक्षित सुधार नहीं   </title>
                                    <description><![CDATA[विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्र की स्मार्ट सिटी परियोजना पर तीखा हमला करते हुए इसे विफल करार दिया। उन्होंने कहा कि ₹48,000 करोड़ खर्च होने के बावजूद नागरिकों को स्वच्छ पानी और सुरक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं मिलीं। राहुल ने धंसती सड़कों और दूषित पानी का हवाला देते हुए योजना को जमीनी हकीकत से दूर बताया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/rahul-gandhis-big-attack-on-the-center-said-smart/article-148518"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/rahul-gandhi1.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष एवं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने स्मार्ट सिटी परियोजना को लेकर केंद्र सरकार पर हमला करते हुए मंगलवार को इसे 'धोखा' करार दिया और कहा कि यह योजना अपने उद्देश्य से भटक गई और आम नागरिकों को इससे कोई फायदा नहीं पहुंचा। राहुल गांधी ने एक बयान में आरोप लगाया कि परियोजना के तहत शहरों के समग्र विकास के बजाय सीमित क्षेत्रों में काम कर उसे बड़ी उपलब्धि के रूप में पेश किया गया, जबकि ज़मीनी स्तर पर बुनियादी सुविधाओं में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।</p>
<p>उन्होंने कहा "कोई भी शहर तब तक ‘स्मार्ट’ नहीं हो सकता, जब तक वह अपने नागरिकों को साफ पानी, स्वच्छ हवा और सुरक्षा जैसी बुनियादी गरिमा उपलब्ध नहीं कराता। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत करीब 48 हजार करोड़ रुपये खर्च होने और 97 प्रतिशत परियोजनाओं के पूरे होने का दावा किया गया, लेकिन वास्तविक स्थिति इससे अलग है।" कांग्रेस नेता ने सवाल उठाया कि कितने शहरों में वास्तव में ठोस बदलाव आया और लोगों के जीवन में क्या सुधार हुआ। उन्होंने कहा कि दूषित पानी, खुले सीवर, गिरते पुल और धंसती सड़कें इस योजना की विफलता को उजागर करती हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 31 Mar 2026 14:26:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>चम्बल के तीर बिना नीर- सूखे कण्ठ से यात्रा की मजबूरी </title>
                                    <description><![CDATA[संजय नगर रोडवेज बस स्टैण्ड यात्री सुविधाओं के नाम पर फिसड्डी।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/without-water-on-the-banks-of-the-chambal-river--the-compulsion-to-travel-through-a-dry-gorge/article-143928"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/12200-x-600-px)-(11)2.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। संजय नगर स्थित रोडवेज बस स्टैण्ड जिसे शहर का आधुनिक बस अड्डा कहा जाता है, आज यात्री सुविधाओं के नाम पर बदहाली की मिसाल बन चुका है। 22.76 लाख लीज किराया देने वाला यह परिसर सुविधाओं के नाम पर धेला तक खर्च नहीं करता । वर्ष 2013 से संचालित यह बस स्टैण्ड अब मूलभूत सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा है। यात्रियों का कहना है कि आधुनिक और भव्य भवन होने के बावजूद यदि मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हों, तो ऐसी व्यवस्था का कोई औचित्य नहीं रह जाता। सबसे चिंताजनक स्थिति पेयजल व्यवस्था की है, जो पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। कोटा शहर जिसे देशभर में 24 घन्टे पेयजल की आपूर्ति के लिये जाना जाता है उस शहर में रोडवेज के उपयोगकतार्ओं को यहां के दयनीय हालात पर गुस्सा आना लाजमी है।</p>
<p><strong>नल टूटे, कनेक्शन कटे, प्याऊ अलमारी बन गये</strong><br />बस स्टैण्ड भवन पोर्च एरिया में बनी प्याऊ में एक भी नल नहीं है। इस प्याऊ के तो कनेक्शन तक हटा दिए गए हैं। जिस स्थान पर यात्रियों को पानी पीना चाहिए, वहां सफाई कर्मचारियों ने झाड़ू और अन्य सामान रख दिया है।प्रबंधन का तर्क है कि इस प्याऊ में पानी चालू करने पर सेनेटरी लाइन चौक हो जाती है, जिससे बरामदे में पानी भर जाता है। हालांकि प्रबंधन मरम्मत का आश्वासन दे रहा है, लेकिन फिलहाल यात्रियों को तत्काल राहत का कोई रास्ता नहीं निकाला जा रहा है।</p>
<p><strong>दो अन्य प्याऊ भी लेकिन पानी सिर्फ एक नल से</strong><br />मंदिर के पास स्थित एक अन्य प्याऊ पर 80 लीटर का वाटर कूलर रखा हुआ है, लेकिन उसका बिजली व पानी का कनेक्शन कटा हुआ है। दूसरा,  बस स्टैण्ड के प्रवेश द्वार के पास एक संस्था द्वारा संचालित प्याऊ ही किसी तरह चालू है। यहां भी दो में से एक नल टूटा हुआ है, जबकि दूसरे में भी टंकियां चोक होने से पानी का प्रेशर नहीं है । पूरे बस स्टैण्ड की जलापूर्ति इसी एक नल पर निर्भर है। गर्मी के मौसम में जब यात्रियों की संख्या और पानी की जरूरत बढ़ जाती है, तब यह व्यवस्था नाकाफी साबित होगी ।</p>
<p><strong>पीना तो दूर हाथ धोने तक के लिए खरीदना पड़ रहा पानी</strong><br />प्रतिदिन कईं यात्री इस बस स्टैण्ड से आवागमन करते हैं। पानी की सुविधा न होने के कारण उन्हें मजबूरन बोतलबंद पानी खरीदना पड़ता है ।निगम की तरफ से हाथ धोने तक का पानी नहीं मुहैय्या नहीं कराया जा रहा। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के यात्रियों के लिए यह अतिरिक्त बोझ बन गया है। कई यात्रियों ने बताया कि बस का इंतजार करते समय प्यास लगने पर उन्हें इधर-उधर भटकना पड़ता है।</p>
<p><strong>सबसे बड़े अधिकारी का कार्यालय फिर भी यह हाल</strong><br />सबसे हैरानी की बात यह है कि इसी बस स्टैण्ड परिसर में रोडवेज के वरिष्ठ अधिकारी का कार्यालय भी स्थित है। इसके बावजूद यात्री सुविधाओं की यह स्थिति प्रशासनिक उदासीनता को दशार्ती है। यही नहीं कोटा आगार का पूरा मेनेजमेंन्ट स्टाफ इसी परिसर में ड्यूटी बजाता है। ऐसे में भी यहां रोड़वेज की छवि को खराब करने वाली यह दुर्दशा पर किसी का ध्यान ना जाना प्रशासनिक अधिकारियों की असंवेदनशीलता का प्रत्यक्ष प्रमाण है</p>
<p><strong>राजस्व और छवि पर भी असर</strong><br />सुविधाओं की लगातार कमी के कारण बस स्टैण्ड का राजस्व भी प्रभावित हो रहा है। खराब अनुभव के चलते कई यात्री निजी वाहनों या अन्य साधनों को प्राथमिकता देने लगे हैं। इसी कारण यहां से यात्री भार लगातार कम होता जा रहा है। वर्तमान में ड़िपो की कुल आय का मात्र 2 प्रतिशत से भी कम यहां से प्राप्त होती है।</p>
<p>मै स्वयं संजय नगर रहता हूँ लेकिन इस बस स्टैण्ड़ पर सुविधाओं के नाम कोई जिम्मेदार नहीं इसलिये कोई यात्री परिवार के साथ आना  पसन्द नहीं करता, टेक्सी लेकर नयापुरा जाना बेहतर है।<br /><strong>- गोविन्द सिंह गौड़, निवासी संजय नगर</strong></p>
<p>हमारी संस्था द्वारा एक पक्की प्याऊ लगायी गयी है, जिसे जन सुविधा की दृष्टि से हम देख्रेख भी करवा रहे है, इसे 2 दिनों साफ सफाई करवाकर चालू करवा देंगे ।<br /><strong>- महावीर नागर , कोषाघ्यक्ष श्री धरणीधर जनसेवा संस्थान</strong></p>
<p>मेरी जानकारी में आया है इसके लिये एक टीम बनवाकर शीघ्र ही निस्तारण करवा दिया जायेगा।<br /><strong>- अजय कुमार मीणा मुख्य प्रबंधक कोटा आगार</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Feb 2026 15:01:44 +0530</pubDate>
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                <title>यात्रीगण कृपया ध्यान दें, बस स्टैंड पर आने से पूर्व निवृत्त होकर आएं</title>
                                    <description><![CDATA[पेयजल और शौचालयों जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव के कारण कई यात्री बस स्टैंड आने से बच रहे।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/passengers--please-note--please-relieve-yourself-before-coming-to-the-bus-stand/article-143651"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/12200-x-600-px)-(5)1.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। संजय नगर स्थित रोडवेज बस स्टैंड पर यात्रियों को मूलभूत सुविधाएं तक नसीब नहीं हो रहीं। पेयजल का संकट, जर्जर और बंद पड़े शौचालय साफ-सफाई की कमी के कारण यहां आने वाले यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि लोग व्यंग्य में कहते नजर आते हैं— यात्रीगण कृपया ध्यान दें,आने से पूर्व घर से ही निवृत्त होकर आएं राजस्थान रोडवेज के मुख्य बस स्टैंड की बिगड़ती व्यवस्थाओं का असर अब यात्रियों की संख्या पर भी दिखने लगा है। पेयजल और शौचालयों जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव के कारण कई यात्री बस स्टैंड आने से बच रहे हैं। या सीधे नयापुरा बस स्टैण्ड़ जा रहे है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सुविधाएं सुधरें तो इस परिसर में रोडवेज के यात्रियों की वापसी संभव है।</p>
<p><strong>जिम्मेदार बोले 3 लाख का खर्च ,बजट नहीं </strong><br />परिसर में ही बन्द पड़े सुलभ शौचालय पर किसी यात्री द्वारा लिखी गयी टिप्पणी प्रशासनिक बेपरवाही की पोल खोलकर रख रही है। वहीं जिम्मेदारों का कहना है कि दो ढ़ाई वर्ष पूर्व एक बिहारी परिवार यहां पर रहता था जब यह शौचालय बनाये गये तब से ही इसमे पानी जमा होने की समस्या थी ऐसे में इसका एस्टीमेंट बनाकर कॉम्पलैक्स के मैनेजर को बताया गया है यहा करीब 3 लाख का खर्चा है जिसके बाद ही यह चालू किया जा सकता है। ऐसे में सवाल उठता है कि निगम द्वारा इस परिसर के उपयोग लीज के 22 लाख किराया रकम के सामने यात्रियों की सुविधाओं के नाम पर 3 लाख रुपए तक का बजट नहीं ।</p>
<p><strong>महिला कार्मिकों को संक्रामक बिमारियों खतरा</strong><br />निगम कार्मिकों में आॅफिस स्टाफ के रूप में भी महिलाओं की संख्या काफी है यहां पर 24 महिलाएं अपनी सेवायें दे रही है, ऐसे में महिला कार्मिकों की जरूरी मूलभूत सुविधाओं का इतना बड़ा टंटा होना यहाँ के प्रशासनिक अधिकारी संवेदनशीलता पर भी सवाल है। महिला स्वास्थ्य विशेषज्ञ के अनुसार इस तरह के टायलेट के उपयोग से महिलाओं में संक्रामक बिमारियां तक फैलने का खतरा होता है।</p>
<p><strong>सुविधाएं केवल स्टाफ के लिए वो भी बिना पानी</strong><br />रोड़वेज परिसर में कुल तीन सुविधाघर बनें हुये हे जिनमें से एक प्रथम तल पर है जिसे स्टाफ के द्वारा प्रयोग में लिया जा रहा है। दुसरा ग्राउण्ड़ फ्लोर आईटीसी के पास बना हे जिस पर केवल स्टाफ के लिये लिखा है। हांलाकि इसकी हालात देखकर इसका प्रयोग कोई कर ही नहीं सकता । कमोड़ के चारों तरफ भरा कीचड़ पानी का कनेक्शन तक नहीं, र्दुगन्ध से महिलाओं द्वारा तो इसे कदापि यूज नहीं लिया जा सकता। वहीं तीसरा टॉयलेट सुलभ कॉम्पलेक्स का हे जिस पर पे एण्ड़ यूज तो लिखा है पर इस पर भी कई वर्षो से ताला जडा हुआ है जिसकी गवाही जंग लगा ताला दे रहा है।</p>
<p><strong>महिलाओं की बढ़ी दिक्कत</strong><br />हम बस पकड़ने के लिए समय से पांच मिनट पहले ही आते हैं। यहां सुविधाएं तो दूर, हाथ धोने तक का पानी नहीं मिलता। बच्चों के साथ आने में ज्यादा परेशानी होती है। अगर अचानक कोई जरूरी बात हो जाए तो बस छोड़कर वापस घर भागना पड़ सकता है।<br /><strong>-कमला बाई (55 वर्ष), कोटा-माधोपुर बस यात्री </strong></p>
<p>पे एण्ड़ यूज काफी समय से बन्द पड़ा है, नीचे वाले टायलेट को पिछले साल की ठीक करवाया था। यह गंदगी कबसे है और पानी की कमी की मेरे पास कोई शिकायत नहीं आयी अभी ठीक करवायेंगे।<br /><strong>- अजय मीणा प्रबंधक रोड़वेज कोटा आगार</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 18 Feb 2026 15:42:54 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>रेलवे अंडरपास में टपकता पानी, उधड़ी सड़कों से राहगीर बेहाल, बारिश में आवागमन हो जाता है ठप </title>
                                    <description><![CDATA[करीब पचास हजार से ज्यादा की आबादी होने के बावजूद प्रशासन नहीं दे रहा ध्यान
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/water-leaks-in-the-railway-underpass--damaged-roads-cause-distress-to-commuters--and-traffic-comes-to-a-standstill-during-the-rains/article-131310"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/ews-(12).png" alt=""></a><br /><p>कोटा। रेलवे कॉलोनी क्षेत्र का अंडरपास इन दिनों शहरवासियों के लिए मुसीबत का दूसरा नाम बन गया है। बरसात के मौसम में यहां से गुजरने वाले राहगीरों के सिर पर लगातार पानी टपकता रहता है। वहीं दूसरी ओर, अंडरपास से सटे मार्गों की हालत पिछले एक साल से भी अधिक समय से बदहाल बनी हुई है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि करीब पचास हजार से अधिक आबादी इस इलाके में निवास करती है, लेकिन फिर भी उन्हें मूलभूत सुविधाओं के लिए तरसना पड़ रहा है। रेलवे कॉलोनी अंडरपास की समस्या कोई नई नहीं है। करीब दस सालों से यहां के लोग इस परेशानी के साथ जी रहे हैं। अब सवाल यह है कि कब तक जिम्मेदार विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी टालते रहेंगे। स्थानीय निवासी मिर्जा खलील बेग बताते हैं कि यह अंडरपास दस-ग्यारह साल पहले का बना हुआ है जब से बना है, तभी से पानी टपकने की समस्या बनी हुई है। हर साल बरसात में यही हाल होता है। रेलवे प्रशासन से कई बार शिकायत की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती। उन्होंने बताया कि  बारिश ज्यादा होती है तो यह अंडरपास लबालब भर गया था। आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया था। स्कूली विद्यार्थी और दफ्तर जाने वाले लोगों को लंबा चक्कर लगाकर दूसरे रास्ते से जाना पड़ता है।</p>
<p><strong>क्षतिग्रस्त सड़कें बनीं लोगों की मुसीबत</strong><br />अंडरपास से जुड़े मार्गों की स्थिति भी किसी मुसीबत से कम नहीं है। क्षेत्र की सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे हैं, जिनमें हल्की बारिश के बाद ही पानी भर जाता है। कृष्णा नगर, सुंदर नगर, रंग तालाब, काला तालाब, न्यू रेलवे कॉलोनी और लोको कॉलोनी जैसे इलाकों में रहने वाले लोग रोजाना इस समस्या से जूझ रहे हैं। इन इलाकों से होकर गुजरने वाले लगभग एक हजार से अधिक लोग हर दिन आवाजाही करते हैं। टूटी सड़कों और जलभराव के कारण यहां चलना भी दूभर हो गया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि कई बार दोपहिया वाहन चालक गड्ढों में फंसकर गिर चुके हैं, जिससे चोटें भी लगी हैं।</p>
<p><strong>यहां से गुजरने वाले राहगीरों को लगता है डर</strong><br />अंडरपास के ऊपर से रेलवे प्लेटफार्म नंबर 1 और 4 का कुछ हिस्सा गुजरता है। इन प्लेटफार्मों से लंबी दूरी की गाड़ियां लगातार आती-जाती रहती हैं। ऐसे में अंडरपास से गुजरने वालों के ऊपर पानी टपकने के साथ हादसे का खतरा भी बना रहता है। रात के समय स्थिति और भी भयावह हो जाती है। रेलवे लोको कॉलोनी में सड़क के दोनों तरफ रोड़ लाइटे 5-6 माह से बंद है, वहॉं से गुजरने वाले राहगीरों को हादसे का अंदेशा बना रहता है। गश्त की कमी के कारण असामाजिक तत्वों की गतिविधियां बढ़ जाती हैं। कई वाहन चालक अंधेरे और उबड़-खाबड़ सड़कों के कारण गिर चुके हैं। आसपास के लोग बताते हैं कि पिछले एक वर्ष में यहां कई छोटे-बड़े हादसे हो चुके हैं। रेलवे के खाली मैदानों में हमेशा पानी भरा रहता है।</p>
<p><strong>रेलवे को लेना होगा जिम्मा</strong><br />अगर यह क्षेत्र रेलवे के अधीन है तो रेलवे को ही इसकी देखरेख करनी चाहिए। अंडरपास और सड़कों की मरम्मत तत्काल की जाए ताकि लोगों को राहत मिले।  हमने कई बार शिकायत दर्ज करवाई, लेकिन हर बार यही जवाब मिला कि रेलवे क्षेत्र में कार्य नहीं हो सकता। क्या हम रेलवे क्षेत्र के नागरिक नहीं हैं.. टैक्स हम देते हैं, लेकिन सुविधाएं नहीं मिलतीं।<br /><strong>- सुनीता शर्मा, रहवासी</strong></p>
<p><strong>प्रशासनिक उदासीनता पर उठे सवाल</strong><br />रेलवे कॉलोनी क्षेत्र में सफाई, सड़क और जल निकासी जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव प्रशासनिक उदासीनता को उजागर करता है। एक ओर कोटा स्मार्ट सिटी के रूप में आगे बढ़ने का दावा किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर शहर के बीचोंबीच स्थित यह कॉलोनी बदहाली का प्रतीक बन चुकी है। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर शीघ्र समाधान नहीं निकाला गया, तो वे रेलवे कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन करेंगे। </p>
<p><strong>रेलवे और निगम दोनों संयुक्त कार्य करें</strong><br />इस समस्या का स्थायी समाधान तभी संभव है जब रेलवे और नगर निगम मिलकर संयुक्त कार्य योजना बनाएं। अंडरपास की मरम्मत, जल निकासी और सड़क पुनर्निर्माण जैसे कार्यों के लिए संयुक्त बजट आवंटन जरूरी है। क्षेत्रवासियों की सुविधा के लिए दोनों को मिलजुलकर कार्य करना होगा।<br /><strong>- मिर्जा खलील बेग, रहवासी, कृष्णा नगर</strong></p>
<p><strong>लोगों ने खुद जुटाए पैसे, मिट्टी डाल बनाया मार्ग</strong><br />क्षेत्रवासियों ने अपने स्तर पर समाधान की कोशिश भी की। उन्होंने कॉलोनी के लोगों से पैसे एकत्रित कर मिट्टी डलवाकर एक मार्ग में जमा पानी में मिट्टी डलवाकर तैयार किया है, ताकि आने-जाने वालों को कुछ राहत मिल सके। हालांकि यह रास्ता भी अस्थायी है और बारिश होने पर वह भी दलदल में बदल जाता है। निवासियों का कहना है कि प्रशासन और पार्षद को कई बार लिखित व मौखिक रूप से समस्या से अवगत करवाया गया, लेकिन जवाब हमेशा यही मिला कि रेलवे का क्षेत्र है, हमारी सीमाएं नहीं हैं।<br /><strong>- अनिल माथुर, रहवासी</strong></p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />रेलवे कॉलोनी का क्षेत्र मेरे वार्ड के अधीन है। रेलवे अंडरपास की छत में सीलन व पानी टपकने की समस्या रेलवे को अवगत करवा देंगे। <br /><strong>- बशीर मोहम्मद, वार्ड पार्षद</strong></p>
<p>क्षेत्र में जो भी समस्या हैं हम इंजीनियर से दिखवा लेंगे। क्षेत्रवासी वाट््सएप पर भी समस्या भेजते है तो उनको जरूर प्राथमिकता देंगे।<br /><strong>- अनिल कालरा, डीआरएम, कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 03 Nov 2025 16:35:54 +0530</pubDate>
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                <title>बालिकाओं के विकास में बाधा : हॉस्टल परिसर में बुनियादी सुविधाओं का अभाव, परिसर में उगी कंटीली झाड़ियां, हॉस्टल के सामने फैला कचरा</title>
                                    <description><![CDATA[कोटा की गर्ल्स फुटबॉल एकेडमी का हॉस्टल परिसर साफ-सफाई और सुरक्षा के अभाव में बदहाल है। छात्राओं ने ग्राउंड और बेहतर सुविधाओं की मांग की है। हॉस्टल तक सड़क भी खराब है। सुधार के लिए प्रस्ताव भेजा गया है, जिसमें हॉस्टल की ऊपरी मंजिल और अलग फुटबॉल ग्राउंड बनाने की योजना शामिल है।
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/obstacles-to-girls--development--lack-of-basic-amenities-in-the-hostel-premises--thorny-bushes-growing-in-the-premises--garbage-spread-in-front-of-the-hostel/article-129762"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/y-of-4news.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर में एकमात्र गर्ल्स फुटबॉल एकेडमी के लिए ना तो अलग से ग्राउण्ड है और ना ही हॉस्टल परिसर साफ-सफाई की व्यवस्था है। शहर की गर्ल्स फुटबॉल एकेडमी का हॉस्टल लंबे समय से बदहाली का आलम छाया हुआ है। हॉस्टल परिसर की अनदेखी के चलते खेल और बालिकाओं के सर्वांगीण विकास के लिए बनाई गई इस सुविधा का समुचित उपयोग नहीं हो पा रहा है। जानकारी के अनुसार हॉस्टल के मुख्य प्रवेश गेट के पास बड़ी-बड़ी घास और फैला कचरा पर्यावरण और सुरक्षा के लिहाज से खतरा बना हुआ है। वहीं हॉस्टल के दाएं और बाएं ओर विशाल खाली परिसर में उगी मोटी घास में जहरीले जीवों का भी खतरा बना हुआ है। छात्राओं ने बताया कि बड़े परिसर होने के बावजूद यहां सफाई नहीं की जाती, और इसे एक गार्डन या व्यायाम स्थल के रूप में विकसित नहीं किया गया है। इसी कारण उन्हें योगा या अन्य गतिविधियों के लिए स्टेडियम तक जाना पड़ता है।  छात्राओं का मानना है कि यदि परिसर की सफाई और सजावट पर ध्यान दिया जाए, तो इसे रहने योग्य बनाने के साथ-साथ बहुपयोगी क्षेत्र के रूप में गार्डन, योगा, खेल या अन्य गतिविधियों के लिए भी विकसित किया जा सकता है।</p>
<p><strong>हॉस्टल परिसर की सफाई जरूरी</strong><br />हॉस्टल परिसर को तुरंत साफ-सुथरा और सुरक्षित बनाया जाना चाहिए। घास और कचरे की सफाई के साथ-साथ परिसर में उचित रोशनी और सुरक्षा उपकरणों की व्यवस्था की जानी चाहिए। इसके अलावा, परिसर में खेल और शारीरिक गतिविधियों के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध हो तो प्रैक्टिस करने में आसानी रहेगी।<br /><strong>- अन्नू, छात्रा</strong></p>
<p><strong>सड़क की खराब हालत भी बनी परेशानी</strong><br />हॉस्टल तक जाने वाली सड़क भी काफी समय से क्षतिग्रस्त है। पक्की सड़क न होने के कारण बालिकाओं और स्टाफ के लिए आने-जाने में परेशानी हो रही है। बरसात के मौसम में तो यह और भी खतरनाक साबित हो जाती है।<br /><strong>- अंजली, छात्रा</strong></p>
<p><strong>सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण जरूरी</strong><br />बालिकाओं के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण बहुत महत्वपूर्ण है। खेल एकेडमी का उद्देश्य न केवल खेल प्रतिभाओं को विकसित करना है, बल्कि बच्चों को अनुशासन, टीम वर्क और नेतृत्व की क्षमताओं से भी लैस करना है। जल्द हॉस्टल में विकास कार्य तथा परिसर को स्वच्छ किया जाएगा।<br /><strong>- बीबी सेन, छात्रा</strong></p>
<p><strong>गल्स ऐकेडमी की सुविधाओं के लिए भेजा प्रस्ताव</strong><br />गर्ल्स हॉस्टल की ऊपरी मंजिल बनाने की योजना, बालिकाओं के लिए अलग से फुटबॉल ग्राउंड उपलब्ध करवाने तथा हॉस्टल परिसर का समुचित विकास करवाने को लेकर एक प्रस्ताव भेजा गया है। प्रस्ताव अगर मंजूर हो जाता है तो  हॉस्टल की सुविधाओं में वृद्धि होगी और ज्यादा बालिकाओं के रहने की सुविधा उपलब्ध कराई जा सकेगी। साथ ही, एकेडमी की बालिकाओं के लिए आधुनिक फुटबॉल मैदान बनाने की भी योजना है। इससे बालिकाओं को प्रशिक्षण के दौरान उच्च स्तर का अनुभव मिलेगा और उनकी खेल प्रतिभा को निखारने में मदद मिलेगी।<br /><strong>- वाईबी सिंह, खेल विकास अधिकारी, कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Oct 2025 16:30:41 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>कोटा उत्तर वार्ड 22 - टूटे नालों और नहरों की नहीं हो रही सफाई, पुराना भदाना क्षेत्र में नालियां जाम, नहीं मिल रही मूलभूत सुविधाएं</title>
                                    <description><![CDATA[नगर निगम उत्तर क्षेत्र के वार्ड 22 में मूलभूत सुविधाओं की भारी कमी है। नालों की सफाई नहीं, ढक्कन टूटे, पेयजल आपूर्ति कम दबाव में और विद्युत पैनल खुले पड़े हैं। सामुदायिक भवन और पार्क का अभाव भी चिंता का विषय है। स्थानीय पार्षद ने भेदभाव का आरोप लगाया और जल्द सुधार की मांग की है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-north-ward-22---broken-drains-and-canals-are-not-being-cleaned--drains-are-clogged-in-the-purana-bhadana-area--and-basic-amenities-are-not-available/article-129732"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/y-of-news-(2)5.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम के उत्तर क्षेत्र के वार्ड 22 में मूलभूत सुविधाओं की कमी ने स्थानीय निवासियों की परेशानियों को बढ़ा दिया है।  रंगपुर रोड पर स्थित नहर और नालों की नियमित सफाई नहीं हो रही है। वहीं  भूत बाबा मंदिर के पास बने नाले के ढकान लंबे समय से टूटे हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन टूटे ढकानों के कारण बारिश या पानी भर जाने की स्थिति में सड़क और घरों में पानी का जमाव हो जाता है, जिससे संक्रमण और अन्य समस्याएं बढ़ती हैं। रंगपुर की मुख्य सड़क पर डीपी के स्विच पैनल बॉक्स में भी समस्या है। एक पैनल खुला पड़ा है जबकि दूसरे का ढक्कन टूटा हुआ है। इससे विद्युत सुरक्षा के लिहाज से खतरा उत्पन्न हो रहा है और बिजली दुर्घटना का भी जोखिम बना हुआ है</p>
<p><strong>वार्ड का एरिया</strong><br />पुराना भदाना, भदाना की टापरिया, आर के कॉलोनी, शहीद भगत सिंह कच्ची बस्ती व सरस्वती कॉलोनी का आंशिक भाग शामिल है।<br /> <br /><strong>सामुदायिक भवन और पार्क का अभाव</strong><br />वार्ड में सामाजिक कार्यक्रमों के लिए कोई सामुदायिक भवन नहीं है। इसके अलावा बच्चों के खेलने के लिए पार्क या गार्डन की कोई सुविधा भी उपलब्ध नहीं है। स्थानीय निवासियों ने नगर निगम से अपील की है कि बच्चों और युवाओं के लिए पार्क बनाना और सामाजिक कार्यक्रमों के आयोजन हेतु सामुदायिक भवन की व्यवस्था की जाए।<br /><strong>-मोहनलाल वर्मा, रहवासी</strong></p>
<p><strong>सड़क के दोनों तरफ की नालियां जाम</strong><br />पुराना बदाणा क्षेत्र में सड़क किनारे नालियों में सफाई का अभाव है और कई नालियां टूटी हुई हैं। यहां कोई स्थायी सफाई कर्मचारी नहीं है, जिससे स्थानीय लोग स्वयं ही अपने घरों और सड़क के सामने की सफाई करने को मजबूर हैं। वार्डवासियों का कहना है कि नियमित सफाई और टूटे नालों की मरम्मत की तत्काल आवश्यकता है।<br /><strong>- मथुरालाल मेघवाल, रहवासी</strong></p>
<p><strong>कम दबाव में हो रही पेयजल आपूर्ति</strong><br />पानी की सप्लाई भी वार्डवासियों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। पानी कम दबाव से आता है, जिससे कई बार लोगों को मोटरें चलाकर पानी खींचना पड़ता है। वार्ड में जल आपूर्ति की नियमित व्यवस्था न होने के कारण ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों दोनों के निवासी परेशान हैं।<br /><strong>- चौखतिया मेघवाल, रहवासी</strong></p>
<p><strong>मूलभूत सुविधाएं जरूरी</strong><br />डिपर तो रोजाना आ रहा है लेकिन साफ कर्मचारी नहीं आ रहे है। यहां पुराना बदाणा में रहवासियों को ही साफ-सफाई करनी पड़ रही है। लाइटें भी आती जाती रहती है। बच्चों के खेलने के पार्क नहीं है। सामाजिक कार्यक्रमों के लिए सामुदायिक भवन भी नहीं है। वार्ड क्षेत्र में सरकार द्वारा नई पानी की टंकी का निर्माण तो कर दिया गया, लेकिन लोगों को राहत नहीं मिल सकी है। टंकी से जलापूर्ति होने के बावजूद पानी बेहद धीमी गति से आता है। <br /><strong>- परमानंद चौधरी, रहवासी</strong></p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />वार्ड कि समस्या को लेकर निगम के अधिकारियों को अवगत करवाया गया है। लेकिन सरकार बदलते ही काग्रेंस पार्षदो के साथ अधिकारियों द्वारा भेदभाव किया जा रहा है। जिसका नूकसान वार्डवासीयों को भूगतना पड़ रहा है। <br /><strong>- गुंजन कुमार, पार्षद </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Oct 2025 15:45:39 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>कोटा उत्तर वार्ड 19 - सड़कें और नालियां बदहाल, प्लॉटों में जलभराव, आ रहे मगरमच्छ</title>
                                    <description><![CDATA[सद्गुरुधाम कॉलोनी में वर्षों से मूलभूत सुविधाओं का अभाव।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-north-ward-19---roads-and-drains-in-poor-condition--plots-flooded--crocodiles-appearing/article-128382"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/copy-of-news4.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के कोटा उत्तर वार्ड 19 के मानपुरा, अर्जुनपुरा और झालीपुरा क्षेत्रों में मुख्य मार्गों की स्थिति गंभीर बनी हुई है। यहां की सड़कें कहीं सीसी तो कहीं डामर से बनी हैं, लेकिन कई स्थानों पर ये पूरी तरह क्षतिग्रस्त हैं और बड़े-बड़े गड्ढे वाहन चालकों की परेशानी का कारण बन रहे हैं। मुख्य मार्ग पर बने डिवाइडर ऊंचे होने के कारण वाहन चालकों को निकलने में कठिनाई हो रही है। साथ ही, इन क्षेत्रों की नालियां कचरे से भरी पड़ी हैं, जिससे गंदगी और जलभराव की समस्या बनी हुई है। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि सड़क किनारे लगे पेड़-पौधों की देखभाल और सुरक्षा के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। कई स्थानों पर जाली टूटी हुई है, तो कहीं पौधे पूरी तरह गायब हो चुके हैं।</p>
<p><strong>मूलभूत सुविधाओं को तरस रहे लोग</strong><br />सद्गुरुधाम कॉलोनी में, जो अर्जुनपुरा में स्थित है, मूलभूत सुविधाओं के अभाव से जूझ रही है। कॉलोनी में कुल 177 प्लॉट हैं। 2012 में कॉलोनी में सड़क निर्माण हुआ था, लेकिन अब तक इसे ठीक नहीं कराया गया। कॉलोनी के निवासियों कमलेश कुमार, रामस्वरूप और फुलमति ने बताया कि यहां नलों के कनेक्शन नहीं हैं। लोग बोरिंग या पास के अन्य स्रोतों से पीने का पानी लाने को मजबूर हैं।</p>
<p><strong>वार्ड एरिया</strong><br />मानपुरा, अर्जुनपुरा, दसलाना, झालीपुरा, जगन्नाथपुरा, बोरखण्डी छोटी व बडी, मण्डानिया का क्षेत्र शामिल है। </p>
<p>बरसात के दिनों में प्लॉटों में पानी भर जाता है और यह निवासियों ने बताया कि खाली प्लॉटों में जलभराव हो रखा है। यहां मगरमच्छ भी देखे गए हैं, जो रात में बाहर निकलने की संभावना रखते हैं। यह कॉलोनी न केवल पानी और कचरे की समस्या से जूझ रही है, बल्कि यहां मंदिर, पार्क और अन्य सामाजिक सुविधाओं का भी अभाव है। 2012 से कॉलोनी में सीवरेज लाइन तक नहीं डाली जा सकी है। इसके चलते न केवल गंदगी फैल रही है, बल्कि स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा भी बढ़ गया है। कॉलोनी के निवासी प्रशासन से बार-बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अब तक किसी भी तरह की ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।<br /><strong>- कमलेश कुमार, वार्डवासी</strong></p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />यह वार्ड अन्य वार्डों की तुलना में काफी बड़ा है, लेकिन अधिकारियों द्वारा अभी तक आवश्यक संसाधन उसी अनुपात में उपलब्ध नहीं करवाए गए हैं।  इसके बावजूद मेरे द्वारा वार्ड में अनेक विकास कार्य करवाए गए हैं और शेष कार्य भी शीघ्र ही पूरे करवा दिए जाएंगे। वार्डवासियों की समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर प्रयासरत रहता हू।<br /><strong>- देवेन्द्र शर्मा, वार्ड 19 पार्षद</strong></p>
<p>वार्ड 19 के क्षेत्र में कचरा प्रबंधन की स्थिति भी चिंताजनक है। मुख्य सड़क से कचरा गाड़ी निकलती है, लेकिन कॉलोनी के भीतर जाकर कचरा उठाने की सुविधा नहीं है। इसके कारण गंदगी और कचरे का अंबार लगा रहता है।<br /><strong>- फुलमति, वार्डवासी</strong></p>
<p>कचरा गाड़ी का आने का समय निर्धारित नहीं है। अर्जुनपुरा में प्रवेश करते ही कचरे का अंबार लगा हुआ है। मुख्य रोड के घुमाव पर नहर कचरे से अटी पड़ी है तथा टूटी हुई है। रात्रि में अंधेरा रहता है जिसके कारण हादसे की संभावना बनी हुई है।<br /><strong>- नरेन्द्र सोलंकी, वार्डवासी</strong></p>
<p>लाइटों की समस्या है। बार-बार बिजली आती-जाती रहती है। इस क्षेत्र में सीवरेज लाइन भी नहीं है। पानी कम दबाव से आता है। जगह-जगह कचरे के ढ़ेर लग जाते है। यहां मुख्य सड़क पर डिवाइडर भी परेशानी का सबब बने हुए है। <br /><strong>- रिंकू प्रजापति, वार्डवासी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Oct 2025 15:01:45 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>कोटा उत्तर वार्ड 39 : मूलभूत सुविधाओं को तरस रहे निवासी, जगह-जगह फैल रहा कचरा; नालियों की सफाई नहीं  </title>
                                    <description><![CDATA[सुलभ कॉम्पलेक्स में लंबे समय से नहीं है पानी और बिजली की सुविधा।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/residents-of-kota-north-ward-39-are-yearning-for-basic-amenities--with-garbage-scattered-everywhere-and-drains-not-cleaned/article-128238"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/copy-of-news-(4)21.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर का उत्तर नगर निगम क्षेत्र का वार्ड नंबर 39 उपेक्षा और अव्यवस्था की मार झेल रहा है। हालात ऐसे हैं कि यहां विकास कार्य और बुनियादी सुविधाएं केवल कागजों में सीमित नजर आती हैं। वार्ड का प्रमुख आकर्षण माने जाने वाला राजीव गांधी पार्क अब बस नाम भर का रह गया है। यहां पार्क जैसी कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है। स्थानीय लोग बताते हैं कि पार्क की जगह अब केवल बंजर जमीन और गंदगी दिखाई देती है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए मनोरंजन या सुबह-शाम टहलने की कोई व्यवस्था नहीं है। यहां के लोग अब सिर्फ एक ही उम्मीद लगाए बैठे हैं कि जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि जागें और क्षेत्र को राहत दिलाएं। स्थानीय लोगों ने कहा कि वार्ड 39 की बदहाली का जिम्मा नगर निगम प्रशासन की लापरवाही पर है। लोगों ने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से अपील की है कि वे जल्द ही वार्ड की समस्याओं को गंभीरता से लेकर समाधान निकालें। वार्ड में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। जगह-जगह कचरा फैला हुआ है। नालियों की रोजाना सफाई नहीं हो रही है।</p>
<p><strong>वार्ड का एरिया</strong><br />हरिजन बस्ती, राजपूत कॉलोनी सामुदायिक भवन के आस-पास का एरिया, हुकुमचन्द पापा जी वाले की गली का सम्पूर्ण एरिया, मस्जिद गली का क्षेत्र शामिल है।</p>
<p>हरिजन बस्ती का हाल गंभीर है। यहां बने सुलभ कॉम्पलेक्स में लंबे समय से पानी और बिजली की सुविधा नहीं है। रोजमर्रा की मूलभूत आवश्यकताओं के लिए परेशान होना पड़ता है। कॉम्पलेक्स में फैली गंदगी और सीवर की समस्या से लोग लगातार बीमार हो रहे हैं। दयनीय स्थिति को लेकर कई बार शिकायतें दर्ज कराई गईं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला।<br /><strong>- सन्नू कलोसिया, वार्डवासी</strong></p>
<p>शिव मंदिर के पीछे बना कचरा पॉइंट भी वार्डवासियों की परेशानी बढ़ा रहा है। कचरे का ढेर जगह-जगह फैला रहने से न केवल दुर्गंध फैलती है, बल्कि मच्छरों और बीमारियों का खतरा भी बढ़ रहा है। आसपास के लोगों के लिए यह स्वास्थ्य संकट बन चुका है।<br /><strong>- इंदÑा बाई, वार्डवासी</strong></p>
<p>वार्ड क्षेत्र में आने वाली हुकुमचंद पापा जी वाली गली की स्थिति भी साफ-सफाई के मामले में बेहद खराब है। यहां नालियां गंदगी से अटी पड़ी हैं और नियमित सफाई नहीं होने से गंदगी बनी रहती है।  जिससे लोगो का आना-जाना भी मुश्किल हो गया है।<br /><strong>- अर्जुन चौहान, वार्डवासी</strong></p>
<p>नवज्योति टीम ने वार्ड की समस्याओं को लेकर पार्षद दीपक बंशीवाल से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन न तो उन्होंने फोन उठाया और न ही किसी प्रकार का जवाब दिया। कई बार कॉल करने के बावजूद भी पार्षद की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Sep 2025 15:22:55 +0530</pubDate>
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                <title>खानपुर उपखंड की सरखंडिया ग्राम पंचायत का मामला : ओदपुर को सड़क नसीब नहीं, ‘रोड नहीं वोट नहीं’ की तैयारी </title>
                                    <description><![CDATA[पिछले विधानसभा चुनाव का भी ग्रामीणों ने किया था बहिष्कार।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/the-case-of-sarkhandia-gram-panchayat-of-khanpur-subdivision--odpur-does-not-get-a-road--no-road--no-preparation-for-voting/article-127116"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/_4500-px)-(1)4.png" alt=""></a><br /><p>पनवाड़। पनवाड़ क्षेत्र के ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क न होने से लोगों को आवागमन जैसी मूलभूत सुविधाओं से जुझना पड़ रहा है, ऐसा ही मामला खानपुर उपखंड की ग्राम पंचायत सरखंडिया के ओदपुर गांव में देखने को मिला। जहां पर ग्रामीणों को दो किलोमीटर पक्की सड़क तक पहुंचने के लिए पिछले कई वर्षों से प्रयासरत है, जिसके लिए ग्रामीणों ने अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर भी अवगत करा चुके हैं, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों ने पिछले विधानसभा चुनाव में रोड नहीं तो वोट नहीं के नारे के साथ चुनाव का बहिष्कार कर दिया गया था, तब उपखंड के अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाइश कर गांव तक पक्की सड़क निर्माण का करने का आश्वासन दिया था। लेकिन अब आज ग्रामीण अपने बच्चों के उज्जवल भविष्य को देखते हुए पुन: गांव तक सड़क के लिए कमर कस चुके हैं और आगामी पंचायती राज चुनाव में बहिष्कार की ठान चुके हैं। ओदपुर गांव निवासी श्याम बिहारी शर्मा,गोविंद शर्मा,बिट्टू मीणा,विजय जांगिड़,ललित जांगिड़,त्रिलोक मीणा सहित अन्य लोगों ने बताया कि आजादी के 79 वर्ष बीत जाने पर भी झालावाड़ जिले की आखिरी सीमा पर स्थित ओदपुर गांव आज भी जिले की सड़क से वंचित है। गांव से खुमावदा गांव तक जोड़ने वाली मुख्य सड़क नहीं बन पाने के कारण ग्रामीणों को मूलभूत सुविधा जैसे अस्पताल,स्कूल,पंचायत मुख्यालय,उपखंड मुख्यालय जैसी कई सुविधाओं के लिए जूझना पड़ रहा है। ओदपुर गांव से खुमावदा गांव की दूरी मात्र दो किलोमीटर है, जिस पर आज तक सड़क नहीं बन पाने से बारिश के मौसम में सड़क की हालात बहुत ज्यादा खराब हो जाती है जिससे पैदल ही नहीं वाहनों से निकल पाना भी मुश्किल हो जाता है, जिससे स्कूल आने जाने वाले छात्र छात्राओं से लेकर बीमार व्यक्ति व राशन पानी लेने के लिए भी कई तरह की परेशानियों से गुजरना पड़ता है। बारिश के मौसम में ग्रामीणों को पंचायत मुख्यालय,उपखंड मुख्यालय सहित बीमारी व महिलाओं को प्रसवपीड़ा होने पर ग्रामीणों को अस्पताल पहुंचने के लिए कोटा जिले से सटे खजुरी गांव होकर अस्पताल पहुंचना पड़ता है जिसमें भी तेज बारिश में खजुरी गांव की नांगली नदी की पुलिया नीची होने के कारण पानी में डूबी रहती है वहा भी समस्याओं का सामना करना पड़ता है और ट्रैक्टरों की मदद से जान जोखिम में डालकर नदी पार कर अस्पताल जाना पड़ता है। इससे ग्रामीणों को 15 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ता हे जिससे ग्रामीणों का समय के साथ धन की बबार्दी हो रही है ।</p>
<p>झालावाड़ जिले की अंतिम सीमा पर स्थित ओदपुर गांव आज तक जिले की सड़क से नहीं जुड़ पाया है। दो किलोमीटर कच्ची सड़क के अभाव के ग्रामीणों सहित विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र छात्राओं को कच्चे रास्ते से ही स्कूल जाना पड़ रहा है। अधिकारियों को अवगत कराया लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया। <br /><strong>- श्याम शमा, ओदपुर निवासी</strong></p>
<p>ओदपुर गांव से ग्राम पंचायत मुख्यालय तहसील मुख्यालय पर सरकारी कामकाज रोजमर्रा के कामों के लिए आने जाने के लिए खजुरी होकर जाना पड़ता है जिसमें लगभग 10 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाकर जाना पड़ता है जिससे धन और समय की हानि होती है।<br /><strong>- बंटी शमा, ओदपुर निवासी</strong></p>
<p>ओदपुर गांव सड़क जैसी सुविधा के अभाव में जूूझ रहा है, दो किलोमीटर कच्ची होने के कारण ग्रामीणों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। <br /><strong>- गोविंद शमा, ओदपुर निवासी </strong></p>
<p>ओदपुर गांव में सड़क की मांग के लिए कई बार अधिकारियों, स्थानीय प्रशासन को अवगत कराया मगर कोई ध्यान नहीं दिया गया। <br /><strong>- त्रिलोक मीणा, ओदपुर निवासी</strong></p>
<p>खुमावदा से ओदपुर तक सड़क का पहले से स्टीमेट बनाकर भेज रखा हैं। फिर स्टीमेट बनाकर भेज देंगे, स्वीकृति मिलने पर निर्माण कार्य शुरू  कराया जाएगा।<br /><strong>- विश्वेंद्र शर्मा, कनिष्ठ अभियंता सार्वजनिक निर्माण विभाग खानपुर</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Sep 2025 14:57:39 +0530</pubDate>
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                <title>कोटा उत्तर वार्ड 52 : मूलभूत सुविधाओं का अभाव, रात में नहीं जलती लाइटें, फैला रहता है कचरा, वाटर कूलर लंबे समय से खराब</title>
                                    <description><![CDATA[तंग गलियों में आपात स्थिति में एम्बुलेंस और दमकल वाहन नहीं आ पाते।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-north-ward-52-lacks-basic-amenities--lights-don-t-work-at-night--and-garbage-remains-scattered-around/article-127101"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/_4500-px)7.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के वार्ड नंबर 52 की हालात दिनों-दिन बिगड़ती जा रही है। वार्डवासी मूलभूत सुविधाओं के अभाव में लगातार परेशानियों का सामना कर रहे हैं। क्षेत्र में सड़कों पर लगी कई लाइटें लंबे समय से बंद पड़ी हुई हैं। रात को अंधेरा छा जाने से असामाजिक तत्व सक्रिय हो जाते हैं, जिससे लोगों में डर और असुरक्षा का माहौल बना रहता है। क्षेत्रवासियों ने बताया कि वार्ड में लगे वाटर कूलर भी लंबे समय से खराब पड़े हैं। गर्मी में स्वच्छ और ठंडा पानी उपलब्ध न होने से लोग परेशान हैं। महिलाओं और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति और भी तकलीफदेह साबित हो रही है। इसके अलावा तंग गलियां भी यहां बड़ी समस्या बन चुकी हैं। रोजमर्रा के आवागमन में स्थानीय निवासियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। एम्बुलेंस और दमकल वाहनों का प्रवेश लगभग असंभव हो जाता है। आपात स्थिति में यह स्थिति जानलेवा साबित हो सकती है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि उन्होंने कई बार समस्याओं को लेकर अधिकारियों का ध्यान आकर्षित कराया, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। लोगों ने वार्ड की मूलभूत सुविधाओं को जल्द बहाल करने की मांग की है।</p>
<p><strong>वार्ड का एरिया</strong><br />राज की हवेली, मकबरा थाना, उमर कॉलोनी, हबीमुल्ला पेन्टर, एहले हदीस मस्जिद, डॉ. जाकिर हुसैन सामुदायिक भवन, भाण्डो की मस्जिद, जेदी स्टूडियों, मामा करीमन चौक, गौरी हॉटल गली, समद बीड़ी वाला, मदार चिल्ला से मीरा दातार तक, माहेश्वरी मन्दिर के पास, मुबारिक हुसैन पार्षद, नेता जी चक्की वाले तक का क्षेत्र।</p>
<p><strong>इनका कहना है...</strong><br />रोजाना साफ-सफाई से लेकर हर छोटे-बड़े विकास कार्य तक, मैंने अपने वार्ड को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किए हैं। वार्ड की समस्याओं को उच्च अधिकारियों तक पहुँचाकर समाधान करवाना मेरी प्राथमिकता रही है। मैं हमेशा वार्डवासियों के साथ खड़ा हूँ ताकि किसी को कोई परेशानी न हो। लोगों की समस्याओं का हल और सुख-शांति मेरा लक्ष्य है।<br /><strong>- मो.आसिम, पार्षद</strong></p>
<p><strong>इनका कहना</strong><br />वार्ड की नालियां भी गंदगी से अटी पड़ी हैं। समय-समय पर सफाई नहीं होने से बदबू फैलती है और मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है। बरसात के दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, क्योंकि गंदा पानी घरों के बाहर तक भर जाता है। वार्ड में मौजूद स्वास्थ्य केंद्र की स्थिति भी दयनीय है। यहां डॉक्टर और स्टाफ की नियमित उपस्थिति नहीं होने से मरीजों को इलाज के लिए अन्य क्षेत्रों में भटकना पड़ता है। वहीं स्वास्थ्य केंद्र में मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है।<br /><strong>- शौकत अली, वार्डवासी</strong></p>
<p>कई बार निगम प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को समस्याओं से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों ने मांग की है कि जल्द से जल्द लाइटें दुरुस्त की जाएं, नालियों की सफाई हो, वाटर कूलर और स्वास्थ्य केंद्र को सही व्यवस्था में लाया जाए ताकि रहवासियों को राहत मिल सके।<br /><strong>- तस्लीम, वार्डवासी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Sep 2025 14:47:40 +0530</pubDate>
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