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                <title>streetlights - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>अब नहीं होगी रोड लाइटों में भ्रम की स्थिति, केडीए लगा रहा नई लाइटें</title>
                                    <description><![CDATA[लाइट खराब होने पर निगम और केडीए के बीच जिम्मेदारी स्पष्ट नहीं रहती।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/no-more-confusion-regarding-streetlights/article-152613"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/1111200-x-600-px)-(8)2.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर में हजारों की संख्या में रोड लाइटें तो लगी हुई हैं लेकिन उन लाइटों के खराब या बंद होने पर सही करने में नगर निगम व केडीए में भ्रम की स्थिति रहती है। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।शहर में आधा एरिया नगर निगम के अधिकार क्षेत्र में हैं और आधा एरिया कोटा विकास प्राधिकरण के अधिकार क्षेत्र में। पुराना शहर अधिकतर नगर निगम क्षेत्र में आता है और नए कोटा शहर का अधिकतर क्षेत्र केडीए में आता है। शहर में वैसे तो मेन रोड व डिवाइडर साइट पर अधिकतर लाइटें केडीए ने लगाई हैं और गलियों व वार्डों में नगर निगम ने। लेकिन कई इलाके ऐसे हैं जहां कहीं निगम ने तो कहीं केडीए ने सुविधा की दृष्टि से लाइटें तो लगा दी लेकिन उनके खराब होने पर दोनों ही विभागों में भ्रम की स्थिति रहती है कि लाइट किस विभाग की है। उसे कौन सही करेगा। ऐसे में शिकायतकर्ता से वहां की लोकेशन व फोटो समेत कई तरह की जानकारी ली जाती है। उसके आधार पर तय होता है कि लाइट किस एरिया में है और वह किसके अधिकार क्षेत्र में है। जिससे उन बंद व खराब लाइटों को सही करने में काफी समय तक लग जाता है। लेकिन अब इस भ्रम की स्थिति को समाप्त किया जा रहा है।</p>
<p><strong>केडीए लगा रहा नई लाइटें</strong><br />कोटा विकास प्राधिकरण के अधिशाषी अभियंता(विद्युत) ललित मीणा ने बताया कि दोनों विभागों के बीच की इस भ्रम वाली स्थिति को समाप्त किया गया है। इसके लिए अब केडीए की ओर से जो भी नई रोड लाइटें लगाई जा रही हैं वह गोल्डन रंग की है। खम्बे तो एक जैसे हो सकते हैं लेकिन उनके ऊपर की तरफ लाइटें व आसपास का रंग गोल्डन रखा गया है। जिससे दूर से ही देखकर पता चल जाएगा कि ये लाइटें केडीए की है। साथ ही इन पर ऊपर की तरफ केडीए लिखा भी गया है।</p>
<p><strong>चोरी होने पर भी पहचान होगी आसान</strong><br />अधिशाषी अभियंता मीणा ने बताया कि शहर में बड़ी संख्या में रोड लाइटें चाहे वे सजावटी हों या सामान्य चोरी हो गई है। लाइटें चोरी होने के बाद भी पता नहीं चलता कि ये लाइटें किसकी हैं। लेकिन इन लाइटों पर केडीए लिखा गया है। जिससे इनके चोरी होने पर आसानी से पहचान हो सकेगी कि ये लाइटें केडीए की है।</p>
<p>जानकारी के अनुसार एसपी ऑफिस चौराहे से लेकर स्टेशन की तरफ जाने वाले रास्ते, जेडीबी कॉलज रोड, नयापुरा समेत कई जगह से तो रोड लाइटें चोरी हो चुकी हैं। यहां तक कि डेकोरेटिव लाइटें तक चोरी हो गई है। जिससे लाखों रुपए खर्च करने के बाद भी सड़कों पर अंधेरा ही छाया हुआ है।</p>
<p><strong>शहर में ऐसी 500 लाइटें लगाई</strong><br />केडीए अभियंता ने बताया कि शहर में अब नई लाइटें ही लगाई जा रही है। अब तक ऐसी करीब 500 रोड लाइटें लगाई जा चुकी हैं। जिनमें रायपुरा से कैथून रोड, के. पाटन तिराहे से जैन मंदिर तक और बारां रोड समेत कई जगह पर इस तरह की लाइटें लगाई गई हैं।</p>
<p><strong>निगम की करीब 56 हजार लाइटें</strong><br />इधर नगर निगम के अधिशाषी अभियंता(विद्युत) सचिन यादव ने बताया कि कोटा शहर में नगर निगम की करीब 56 हजार रोड लाइटें लगी हुई हैं। समय-समय पर इन लाइटों के बंद व खराब होने पर मेंटेनेंस की जा रही है। फिलहाल शहर में अधिकतर रोड लाइटें एलईडी ही हैं। जिससे कम से कम बिजली में अधिक से अधिक रोशनी लोगों को मिल सके।</p>
<p><strong>एसपी को लिखा है पत्र</strong><br />कोटा आने के बाद अधिकतर यही सुनाई में आता है कि रोड लाइटें अधिक चोरी हो रही है। कई जगह से लाइटें चोरी होने के मामले में तो पुलिस को फोटो व वीडियो तक उपलब्ध करवाए जा चुके हैं। यहा तक कि एसपी को भी पत्र लिखकर लाइटें व अन्य सामान चोरी के मामले में कार्रवाई करने के संबंध में कहा गया है। अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।<br /><strong>- बचनेश कुमार अग्रवाल, आयुक्त, कोटा विकास प्राधिकरण</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 04 May 2026 15:12:25 +0530</pubDate>
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                <title>कोटा उत्तर वार्ड 17- विकास के वादों के बीच जमीनी हकीकत बदहाल, बुनियादी सुविधाएं भी नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[सड़कों पर रोड लाइटें नहीं होने से  रात में रहता है अंधेरा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/kota-north-ward-17---ground-reality-starkly-contrasts-with-development-promises--basic-amenities-lacking/article-131566"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/ews-(1)12.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा उत्तर नगर निगम के वार्ड नंबर 17 की तस्वीर विकास के वादों से एकदम उलट नजर आती है। वार्ड में मूलभूत सुविधाओं के अभाव ने लोगों की जिंदगी मुश्किल बना रखी है। क्षेत्र के कई हिस्सों में सफाई, रोशनी और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं अब तक अधूरी हैं। लोगों का कहना है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार विभागों ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। </p>
<p><strong>रायपुरा चौराहे पर रोजाना जाम से त्रस्त लोग</strong><br />वार्ड की सबसे बड़ी समस्या रायपुरा चौराहे पर रोजाना लगने वाला जाम है। सुबह से शाम तक इस मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहती हैं। खासकर स्कूल टाइम और दफ्तर के समय में स्थिति और भी बिगड़ जाती है। राहगीर और वाहन चालक घंटों तक फंसे रहते हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है। न तो ट्रैफिक सिग्नल ठीक से काम कर रहे हैं और न ही पुलिस की नियमित मौजूदगी रहती है। <br /><strong> </strong><br /><strong>निवासियों की मांग, जल्द मिले राहत </strong><br />वार्ड 17 के निवासियों ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि इन समस्याओं पर कार्रवाई की जाए। स्थानीय लोगों का कहना है कि विकास के नाम पर सिर्फ घोषणाएं होती हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कुछ भी नहीं दिखता। वार्ड की यह तस्वीर साफ बताती है कि विकास का दावा करने वाली व्यवस्थाएं हकीकत में कितनी कमजोर हैं। नगर निगम प्रशासन कब तक इन शिकायतों को अनसुना करता रहेगा और कब इन क्षेत्रों के रहवासी राहत की सांस ले पाएंगे।</p>
<p><strong>वार्ड का एरिया : </strong>रायपुरा, राजनगर, गायत्री विहार, मानसरोवर कॉलोनी, कंवरपुरा, धाकडखेडी व उम्मेदगंज ग्राम का क्षेत्र शामिल है।</p>
<p><strong>मानसरोवर कॉलोनी में अंधेरे का साम्राज्य</strong><br />मानसरोवर कॉलोनी क्षेत्र में सड़कों पर रोड लाइटें नहीं होने से लोग रात में अंधेरे में चलने को मजबूर हैं। महिलाओं और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति बेहद असुरक्षित बनी हुई है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि कई बार निगम अधिकारियों को इस समस्या की जानकारी दी गई, परंतु अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। अंधेरे का फायदा उठाकर असामाजिक तत्वों की गतिविधियां भी बढ़ने लगी हैं।<br /><strong>- महावीर पारेता, वार्डवासी</strong></p>
<p><strong>गायत्री विहार बना उपेक्षा का प्रतीक</strong><br />गायत्री विहार क्षेत्र तो मानो नगर निगम की उपेक्षा का केंद्र बन गया है। यहां न तो सड़कें बनी हैं, न ही पानी की पाइपलाइन डाली गई है। लोगों को मजबूरन अपने घरों में बोरिंग लगवाना मजबूरी हो गई है। सफाई व्यवस्था भी नाममात्र की है, जिससे गंदगी और बदबू से माहौल दूषित रहता है। रहवासी बताते हैं कि क्षेत्र की स्थिति गांव जैसी हो गई है, जबकि यह क्षेत्र निगम सीमा के अंदर आता है। बारिश के दिनों में कीचड़ और जलभराव से हालात और भी खराब हो जाते हैं।<br /><strong>- सुशीला, वार्डवासी</strong></p>
<p>वार्ड की समस्याओं के संबंध में उच्च अधिकारियों को पहले ही अवगत करा दिया गया है। वार्ड में अब तक अनेक महत्वपूर्ण विकास कार्य संपन्न कराए जा चुके हैं, और शेष कार्यों को भी शीघ्र पूर्ण कराया जाएगा। प्रत्येक वार्ड में कुछ न कुछ चुनौतियां अवश्य होती हैं, परंतु हमारे वार्ड की अधिकांश समस्याओं का समाधान सफलतापूर्वक किया जा चुका है। जो कुछ कार्य शेष हैं, उन्हें भी प्राथमिकता के साथ निपटाया जाएगा ताकि क्षेत्र का समग्र विकास सुनिश्चित हो सके।<br /><strong>- ईना मीणा, पार्षद</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 06 Nov 2025 14:30:50 +0530</pubDate>
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                <title>कोटा दक्षिण  वार्ड 78 में पार्किंग बनी चुनौती, खुले बिजली बॉक्स दे रहे हादसों को न्यौता</title>
                                    <description><![CDATA[बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कें बनी परेशानी का सबब।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/parking-has-become-a-challenge-in-kota-south-ward-78--with-exposed-power-boxes-inviting-accidents/article-127191"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/_4500-px)14.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। शहर के दक्षिण नगर निगम के वार्ड 78 में पार्षद द्वारा समय-समय पर किए गए विकास कार्यों से वार्डवासियों को राहत मिली है। सीसी रोड और नालियों का निर्माण, पार्कों का जीर्णोद्धार, रेलिंग लगवाना, फुटपाथ का निर्माण, पेड़-पौधों की रोपाई और ओपन जिम की सुविधाओं की व्यवस्था जैसी सुविधाओं से वार्ड की तस्वीर बदल गई है। वार्डवासी दिनेश कुमार और देशराज ने बताया कि वार्ड में प्रतिदिन सफाई होती है और रोज कचरा गाड़ी आती है। इसके अलावा, बारिश से खराब हुई रोड लाइटों को ठीक करवा दिया गया है, जिससे अब वार्डवासियों को अंधेरे या दुर्घटना जैसी परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता। हालांकि, वार्ड की गलियों में घरों के सामने फोर व्हीलर गाड़ियां खड़ी होने के कारण कभी-कभी आमने-सामने से गाड़ी आने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस समस्या को लेकर वार्डवासियों ने उचित पार्किंग व्यवस्था की आवश्यकता जताई है।</p>
<p><strong>खुले बिजली पैनल बॉक्स से हादसे की आशंका</strong><br />गलियों के मुहाने व पार्कों में लगे बिजली के खुले पैनल बॉक्स से आने-जाने वाले राहगीरों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। साथ ही पार्क में घूमने आने वाले अभिभावकों ने बताया कि बिजली का पैनल बॉक्स खुला होने के कारण हादसा होने का अंदेशा बना रहता है।</p>
<p><strong>सफाई व्यवस्था चकाचक</strong><br />वार्ड की गलियों में रोज सफाई होने व प्रतिदिन कचरा गाड़ी समय पर आने के कारण वार्डवासियों को सफाई व कचरा डालने के लिए परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता है।</p>
<p><strong>पार्क बदहाली के शिकार</strong><br />वार्ड में स्थित श्रीकृष्ण उद्यान पार्क में लगे बच्चों के खेलने के झूले व चकरी टूटी हुई थी। वहीं उद्यान में एक तरफ घास-फूस जमा कर रखी थी। शुभम स्पोर्ट्स क्लब में बारिश के बाद घास बड़ी-बड़ी हो रही थी। पार्क में लगी मशीनों पर बच्चे एक्सरसाइज कर रहे थे। पार्कों में पेड़ों से टूटी पत्तियां जगह-जगह बिखरी हुई थीं।</p>
<p>वार्ड में सफाई प्रतिदिन सुबह व शाम को होती है और कचरा गाड़ी भी प्रतिदिन समय पर आती है।<br /><strong>- बाबूलाल, वार्डवासी</strong></p>
<p>वार्ड में सफाई व्यवस्था व रोड लाइटों की समस्याओं को लेकर समय-समय पर पार्षद को अवगत कर देते हैं व वार्ड पार्षद द्वारा भी निरीक्षण किया जाता है।<br /><strong>- मोहनलाल मालव, वार्डवासी</strong></p>
<p>पार्कों के टूटे झूले व अन्य उपकरणों के लिए टेंडर हो गया व रोड के पेचवर्क के लिए टेंडर हो गया, अभी काम चालू हो जाएगा।<br /><strong>- गोपाल राम मंडा, पार्षद 78</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Thu, 18 Sep 2025 14:41:36 +0530</pubDate>
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