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                <title>payment - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>जुर्माना जमा नहीं कराने के कारण जमानत मिलने के बाद भी 3 माह में रिहाई नहीं, हाईकोर्ट ने दी राहत</title>
                                    <description><![CDATA[अदालत ने कहा कि केस के विशेष तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए यह आदेश दिया जा रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/due-to-non-payment-of-fine-he-was-not-released-even/article-140761"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-01/court-hammer04.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा है कि यदि अभियुक्त को जेल से रिहा किया गया है तो फिर गरीबी उसके व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार को बाधित नहीं कर सकती। यदि अभियुक्त जुर्माना राशि की व्यवस्था करने की स्थिति में नहीं है और वह इस कारण रिहाई के आदेश के तीन माह बाद भी जेल में है तो यह उसके जीवन और स्वतंत्रता के अधिकार की अवहेलना है। इसके साथ ही अदालत ने याचिकाकर्ता अभियुक्त को राहत देते हुए जुर्माना राशि जमा कराने की शर्त को वापस लेते हुए उसे तत्काल रिहा करने के आदेश दिए हैं। जस्टिस अनूप कुमार ने यह आदेश राजेश कुशवाह की सजा स्थगन याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। अदालत ने कहा कि केस के विशेष तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए यह आदेश दिया जा रहा है। </span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">ऐसे में इस आदेश को अन्य मामलों में मिसाल के तौर पर नहीं माना जाए। याचिका में कहा गया था कि एनडीपीएस मामले में उसे दोषी मानते हुए अजमेर की नसीराबाद एडीजे कोर्ट ने 10 अक्टूबर, 2024 को उसे दस साल की सजा सुनाई थी। इसके साथ ही उस पर एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया था। वह करीब आठ साल से जेल में बंद हैं। ऐसे में उसकी सजा को स्थगित किया जाए।<span>  </span>हाईकोर्ट ने मामले में गत 7 अक्टूबर को याचिकाकर्ता के सजा स्थगन प्रार्थना पत्र को स्वीकार करते हुए अपील के निस्तारण तक उसे जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए थे। अदालत ने अपने आदेश में कहा था कि अभियुक्त की ओर से निचली अदालत की ओर से लगाए जुर्माने की राशि जमा कराने पर उसे जमानत पर रिहा कर दिया जाए। अपील पर सुनवाई के दौरान अदालत की जानकारी में आया की गरीबी के कारण याचिकाकर्ता जुर्माना राशि एक लाख रुपए जमा नहीं करा पाया है। ऐसे में तीन माह पहले रिहाई का आदेश होने के बावजूद वह अभी तक जेल में ही बंद है। इस पर अदालत ने जुर्माना जमा कराने की शर्त को हटाते हुए अभियुक्त को रिहा करने के आदेश दिए हैं।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 25 Jan 2026 12:36:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भुगतान नहीं होने से चार दिन से थमी सिटी बसें</title>
                                    <description><![CDATA[आमजन को दोगुने किराए पर अन्य साधनों का उपयोग करना पड़ रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/city-buses-stopped-for-four-days-due-to-non-payment/article-82031"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-06/bhugtan-nhi-hone-s-char-din-s-thami-city-buse...kota-news-19-06-2024.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। राज्य सरकार आने वाले कुछ महीनों के भीतर प्रदेश के सात बड़े शहरों में इलेक्ट्रिक सिटी बसें चलाने जा रही हैं। जिनकी खरीद के लिए टेंडर प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। लेकिन कोटा निगम प्रशासन वर्तमान में मौजूद सिटी बसों का संचालन भी ठीक तरीके से नहीं कर पा रहा है। शहर में सिटी बसों को चलाने वाली कंपनी ने निगम प्रशासन की ओर से भुगतान नहीं होने पर बसों को चार दिन से स्टैंड पर खड़ा किया हुआ है। जिससे आमजन को दोगुने किराए पर अन्य साधनों का उपयोग करना पड़ रहा है।</p>
<p><strong>छह महीने का भुगतान बकाया</strong><br />संचालक कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि निगम प्रशासन की ओर से पिछले छ महीनों का भुगतान नहीं किया गया है। जिससे सारा भार कंपनी के वित्तीय संचालन पर पड़ रहा है। वहीं भुगतान नहीं होने के कारण बसों में ईंधन भी नहीं भर पा रहा है, साथ ही कर्मचारियों का वेतन और अन्य कार्यों में भी समस्या आ रही है। जिस कारण बसों के संचालन को बंद किया हुआ है। अधिकारियों ने बताया कि निगम प्रशासन को भुगतान के लिए कई बार पत्र भी लिखा जा चुका है लेकिन कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिल पा रहा है।</p>
<p><strong>सवारियों को हो रही परेशानी</strong><br />चार दिन से बसों का संचालन बंद होने का सारा असर आवाजाही के लिए सिटी बसों का उपयोग करने वालों पर पड़ रहा है। क्योंकि बसों के बंद रहने से सवारियों को रोजाना ऑटो, टैक्सी या अन्य साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है। जो सिटी बस के किराए से दो गुना ज्यादा है। शहर में सवारी की बात करें तो सिटी बस की प्रतिदिन सवारी 8 से 10 हजार के बीच है। जिसमें सबसे ज्यादा कामगार, कोचिंग और कॉलेज के विद्यार्थी हैं।</p>
<p><strong>लोगों का कहना है</strong><br />सिटी बसों के होने से कॉलेज तक आने जाने में कम किराया लगता है। वर्तमान में परीक्षाएं जारी हैं ऐसे में बसों के बंद होने से कॉलेज आने जाने में परेशानी होती है। निगम कंपनी की लड़ाई में हमारा नुकसान हो रहा है।<br /><strong>- शिल्पा कुमारी, डीसीएम</strong></p>
<p>मेरा घर विज्ञान नगर में है और मैं रानपुर एक निजी कॉलेज में काम करता हूं जहां जाने के लिए रोज सिटी बस का इस्तेमाल करता हूं लेकिन तीन चार दिन से बसें नहीं आ रही है और उसकी जगह दूसरी बसों में जाना पड़ रहा है।<br /><strong>- मोहम्मद इदरीस, विज्ञान नगर</strong></p>
<p>इस मामले पर निगम के अधिकारियों से बात करने पर उन्होंने किसी प्रकार का जवाब देने से मना कर दिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 19 Jun 2024 16:08:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अब रोडवेज में भी UPI से हो सकेगा भुगतान</title>
                                    <description><![CDATA[जानकारी के अनुसार राजस्थान रोडवेज में पहले यात्री नकद रुपए देकर टिकट लेते थे। यात्रियों की सुविधा को देखते हुए अब यूपीआई से भुगतान करने की योजना शुरू की गई है। इसके साथ ही इस मशीन में डेबिट, क्रेडिट कार्ड से भी भुगतान किया जा सकता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/now-payment-can-be-made-through-upi-in-roadways-also/article-80519"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-06/rajasthan_roadways_bus.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान रोडवेज की बसों में अब यात्री टिकट का यूपीआई से भुगतान कर सकते हैं। पेटीएम की ओर से रोडवेज के सिंधी कैंप बस स्टैंड पर करीब दो दर्जन मशीन लगाई गई है। </p>
<p>जानकारी के अनुसार राजस्थान रोडवेज में पहले यात्री नकद रुपए देकर टिकट लेते थे। यात्रियों की सुविधा को देखते हुए अब यूपीआई से भुगतान करने की योजना शुरू की गई है। इसके साथ ही इस मशीन में डेबिट, क्रेडिट कार्ड से भी भुगतान किया जा सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 05 Jun 2024 19:24:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Finance Commission की किश्तों पर सरपंचों में नाराजगी, लोकसभा चुनाव बाद हो पाएगा भुगतान</title>
                                    <description><![CDATA[सरपंचों की भुगतान मांगों में नरेगा सामग्री मद का वित्तीय वर्ष 2022-23 का महज 10 प्रतिशत भुगतान हुआ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/dissatisfaction-among-sarpanches-on-finance-commission-installments-payment-will-be/article-78272"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/secretariat.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। नरेगा सामग्री मद भुगतान के बाद अब केंद्रीय और राज्य वित्त आयोग की ग्रांट राशि को लेकर सरपंचों में नाराजगी बढ़ गई है। अफसरों से कई मुलाकात के बाद भी भुगतान को लेकर कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला।</p>
<p>सरपंचों की भुगतान मांगों में नरेगा सामग्री मद का वित्तीय वर्ष 2022-23 का महज 10 प्रतिशत भुगतान हुआ। सरपंचों ने 50 प्रतिशत भुगतान के लिए दबाव दिया तो अफसरों ने आचार संहिता का अडंगा लगा दिया। अब केंद्रीय और राज्य आयोग की अनुदान राशि की लंबित राशि को लेकर खींचतान बनी हुई है। अफसर आचार संहिता के बहाने अभी भुगतान करने में आनाकानी कर रहे हैं। सरपंच इसलिए नाराज हैं कि अधिकांश का कार्यकाल खत्म होने में कुछ ही महीने बचे हैं, लिहाजा भुगतान में देरी उनको भारी लग रही है। आचार संहिता के बाद भी भुगतान नहीं होने पर सरपंच आंदोलन करने की रणनीति बना रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 May 2024 20:03:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भुगतान के नए प्रावधान एमएसएमई के लिए संकट</title>
                                    <description><![CDATA[ डॉ अभिषेक शर्मा ने उद्योगपति और व्यापारियों को 43 बी (एच) के प्रावधानों और जटिलताओं की जानकारी दी। पंकज घीया ने बताया कि एमएसएमई से माल खरीदने के बाद बिना समझौते के 15 दिन में और  समझौते के साथ 45 दिन में भुगतान अनिवार्य है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/citroen-launches-all-new-c3-aircross-automatic-mid-size-suv/article-68582"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-01/photo-(5)5.png" alt=""></a><br /><p>ब्यूरो/नवज्योति,जयपुर।  फेडरेशन ऑफ राजस्थान ट्रेड एंड इंडस्ट्री (फोर्टी) की ओर से अग्रवाल पीजी कॉलेज कांफ्रेंस हाल में एमएसएमई को भुगतान तय करने के लिए आयकर धारा43 बी (एच) पर वर्कशॉप का आयोजन किया गया। इसमें कर विशेषज्ञ एडवोकेट पंकज घीया और सीए डॉ अभिषेक शर्मा ने उद्योगपति और व्यापारियों को 43 बी (एच) के प्रावधानों और जटिलताओं की जानकारी दी। पंकज घीया ने बताया कि एमएसएमई से माल खरीदने के बाद बिना समझौते के 15 दिन में और  समझौते के साथ 45 दिन में भुगतान अनिवार्य है। यदि भुगतान नहीं होता है तो यह राशि खरीदार फर्म की कर योग्य  आय में जुड़ जाएगी। इससे बचना है तो 50 करोड़ से ज्यादा टर्नओवर वाली फर्म से ही माल खरीदें या जो फर्म एमएसएमई एक्ट में रजिस्टर्ड नहीं उससे माल खरीदें। डॉ अभिषेक शर्मा का कहना है कि 43 बी (एच) ट्रेडिंग एंटरप्राइजेज फर्मों पर लागू नहीं होता है। इसके अलावा बायर. सेलर  दो एमएसएमई रजिस्टर्ड फर्मों के बीच 45 दिन से ज्यादा का समझौता भी मान्य नहीं है। फोर्टी के मुख्य सचिव गिरधारी खंडेलवाल ने कहा कि व्यापारियों को नए  कर प्रावधानों की  जानकारी के अभाव में नुकसान उठाना पड़ता है। इसलिए फोर्टी ने 43बी (एच) के प्रावधानों के साथ इसके कारण उत्पन्न हुई समस्या और उनके समाधान पर सवाल-जवाब के माध्यम से चर्चा की। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Jan 2024 10:14:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मनरेगा मजदूर दो माह से वेतन के लिए लगा रहे चक्कर</title>
                                    <description><![CDATA[मजदूरों ने मांग की कि शीघ्रता से शीघ्र मारा नरेगा का भुगतान कराया जाए। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/mnrega-laborers-are-circling-for-salary-since-two-months/article-54596"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-08/mnrega-majdoor-do-maah-vetan-k-liye-lga-rhe-chakkar...hindoli,-bundi-news-14-08-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>हिंडोली। हिंडोली पंचायत समिति क्षेत्र के मेडी ग्राम पंचायत में दो हजार मजदूरों का नरेगा का दो माह से भुगतान बाकी चल रहा है जिससे मजदूर का जीवन यापन करना दुश्वार हो गया है। नरेगा के आधा दर्जन से अधिक काम के काम के भुगतान बकाया चल रहा है। ऐसे में सैंकड़ों संख्या में नरेगा मजदूर ग्राम पंचायत के चक्कर काटने को मजबूर है। मेडी ग्राम पंचायत की सरपंच श्रीमती कैलाश कंवर ने बताया कि मेडी ग्राम पंचायत के लोहारिया, गणेशगंज, स्वयं मंडी ग्राम पंचायत मुख्यालय, सुखपुरा, अमरपुरा में पिछले 4 महीने से नरेगा के कार्य चल रहे थे। जो पूर्ण हो चुके है। हमारी तरफ से जो हो सकता था वह हमने कर दिया है लेकिन पिछले 2 महीने से नरेगा मजदूरों का भुगतान अटका होने से मजदूरों को रोजी-रोटी की समस्या उत्पन्न हो गई है। इसको लेकर कई बार उच्चाधिकारियों को भी अवगत करा दिया गया है लेकिन अभी तक मजदूरों के खाते में भुगतान नहीं आया है। संैकड़ों मजदूर रोज ग्राम पंचायत के चक्कर काट रहे हैं। ऐसी स्थिति में हम जवाब दें तो क्या दें? मजदूर बेचारा यही सोचता है कि हो सकता है सरपंच कार्य नहीं कर रहे है लेकिन हम बराबर उच्चाधिकारियों के संपर्क में रहकर बार-बार सूचना दे रहे है लेकिन प्रशासन है कि हमारी सुन ही नहीं रहा है। </p>
<p><strong>मजदूर बोले- हमारी रोजी रोटी पर संकट</strong><br />मेडी  निवासी मजदूर दुर्गा लाल, शंकरलाल ने बताया कि हमारी रोजी-रोटी मजदूरी से ही चलती है। अब हम प्राइवेट काम कर रहे है जिससे हमारा गुजारा चल रहा है। भुगतान हो जाए तो रक्षाबंधन की खरीदारी हम कर सकते है। मजदूरों की भी सरकार को सोचनी चाहिए। कर्मचारियों की जब एक महीना वेतन नहीं आता है तो हड़ताल पर उतरते है  या  सरकार को चेतावनी देते है। हम तो यह भी नहीं कर सकते फिर सरकार इतनी कठोर  क्यों होती जा रही है। मजदूरों ने मांग की कि शीघ्रता से शीघ्र मारा नरेगा का भुगतान कराया जाए। सोचनीय विषय है कि हिंडोली उपखंड मुख्यालय होते हुए भी यहां विकास अधिकारी का पद एक लंबे समय से खाली चल रहा है। </p>
<p><strong>इनका कहना है </strong><br />यह नरेगा का मामला है। भुगतान केंद्र सरकार द्वारा दिया जाता है। जो पिछले दो माह से भुगतान नहीं आ रहा हैे लेकिन सरकार द्वारा एक परिवर्तन कर दिया गया है। अब काम के नाम का भुगतान नहीं आता है। भुगतान पहले एससी वर्ग, एसटी वर्ग, ओबीसी वर्ग, जनरल वर्ग के हिसाब से जॉब कार्ड अनुसार आता है।<br /><strong>- मोहन लाल मीणा,  कार्यवाहक विकास अधिकारी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 14 Aug 2023 17:52:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आरबीआई का 100 दिन 100 भुगतान अभियान</title>
                                    <description><![CDATA[आरबीआई ने यहां जारी एक बयान में कहा कि ‘100 दिनों’ के भीतर देश के हर जिले में प्रत्येक बैंक के शीर्ष ‘100 अदाव  जमा राशियों’ का पता लगाया जा सके और उसका निपटान किया जा सके।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/rbis-100-days-100-payment-campaign/article-45498"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-05/शीर्षक-रहित-(630-×-400-px)-(5).jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने आज बैंकों के लिए ‘100 दिन 100 भुगतान’ अभियान की घोषणा की जो कि एक जून से शुरू होगा।<br />आरबीआई ने यहां जारी एक बयान में कहा कि ‘100 दिनों’ के भीतर देश के हर जिले में प्रत्येक बैंक के शीर्ष ‘100 अदाव  जमा राशियों’ का पता लगाया जा सके और उसका निपटान किया जा सके। केन्द्रीय बैंक ने बैंकों के लिए ‘100 दिन 100 भुगतान’ अभियान की घोषणा की ताकि देश के प्रत्येक जिले में 100 दिनों के भीतर प्रत्येक बैंक की शीर्ष 100 अदावी जमाराशियों का पता लगाया जा सके और उनका निपटारा किया जा सके। इस उपाय से रिज़र्व बैंक द्वारा बैंकिंग प्रणाली में दावा न की गई जमाराशियों की मात्रा को कम करने और ऐसी जमाराशियों को उनके सही मालिकों/दावेदारों को वापस करने के लिए चल रहे प्रयासों और पहलों के पूरक होने की उम्मीद है। बचत या चालू खातों में शेष जो 10 वर्षों के लिए संचालित नहीं हैं, या परिपक्वता की तारीख से 10 वर्षों के भीतर दावा नहीं किया गया है, उन्हें अदावी जमा’ के रूप में वर्गीकृत किया गया है। इन राशियों को बैंकों द्वारा रिजर्व बैंक द्वारा बनाए गए ‘जमाकर्ता शिक्षा और जागरूकता’ (डीईए) कोष में स्थानांतरित किया जाता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 14 May 2023 10:53:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूपीआई ट्रांजेक्शन-डेबिट कार्ड पेमेंट पर चार्ज की तैयारी</title>
                                    <description><![CDATA[डेबिट कार्ड ट्रांजैक्शन पर भी एमडीआर चार्ज की तैयारी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/preparation-of-charge-on-upi-transaction-debit-card-payment/article-19652"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-08/mob.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। यूपीआई ट्रांजैक्शन ऑनलाइन लेनदेन का सबसे आसान और लोकप्रिय बन गया है। एनपीसीआई के आंकड़ों के मुताबिक जुलाई में यूपीआई की मदद से 600 करोड़ ट्रांजैक्शन किए गए। इन ट्रांजैक्शन की मदद से 10.2 लाख करोड़ रुपए का ट्रांजैक्शन पूरा किया गया। एनपीसीआई की रिपोर्ट के मुताबिक यूपीआई ट्रांजैक्शन में महीने दर महीने 7.16 फीसदी की तेजी देखने को मिल रही है। वहीं, ट्रांजैक्शन की वैल्यु साल दर साल 4.76 फीसदी बढ़ रही है। इतने ज्यादा ट्रांजैक्शन के बीच रिजर्व बैंक अब इस पर चार्ज लगाने के बारे में विचार कर रहा है। रिजर्व बैंक ने पेमेंट सिस्टम के चार्जेज की समीक्षा के लिए एक डिस्क्शन पेपर जारी किया है। जिसमें फोकस इस पर है कि किस तरह से पेमेंट सिस्टम में लगने वाले चार्जेज में पारदर्शिता लाई जाए और क्या क्या उपाय और किए जाएं, पेमेंट सिस्टम के चार्जेज की समीक्षा के दायरे में आरटीजीएस, एनईएफटी, यूपीआई और डेबिट, क्रेडिट कार्ड पीपीआई आदि शामिल हैं।</p>
<p><strong>ट्रांजैक्शन वैल्यू आधारित चार्ज लगाए जा सकते हैं</strong><br />इस डिस्कशन पेपर में यूपीआई ट्रांजैक्शन पर चार्ज (मर्चेंट डिस्काउंट रेट)लगाने की चर्चा की गई है। चार्ज कितना होगा, इसके लिए ट्रांजैक्शन अमाउंट आधारित बैंड तैयार किया जा सकता है। हर बैंड के लिए चार्ज अलग होगा। वर्तमान में यूपीआई की मदद से ट्रांजैक्शन करने पर किसी तरह का चार्ज नहीं लगता है। रिजर्व बैंक ने पूछा है कि अगर यूपीआई ट्रांजैक्शन पर चार्ज लागू किया जाता है तो इसे ट्रांजैक्शन वैल्यु के आधार पर लागू किया जाए या फिर एक फिक्स्ड अमाउंट का तरीका अपनाया जाए, 3 अक्टूबर तक इस संबंध में सुझाव दिए जा सकते हैं।</p>
<p><strong>डेबिट कार्ड ट्रांजैक्शन पर भी एमडीआर चार्ज की तैयारी</strong><br />रिजर्व बैंक डेबिट कार्ड ट्रांजैक्शन पर भी चार्ज लगाने पर विचार कर रहा है। इसके अलावा रूपे कार्ड को क्या दूसरे डेबिट कार्ड से अलग मानना चाहिए, इस सवाल के भी जवाब मांगे गए हैं। सरकार ने एक जनवरी 2020 को रूपे डेबिट कार्ड और यूपीआई को चार्ज मुक्त कर दिया था। इसके अलावा क्रेडिट कार्ड चार्ज से संबंधित भी कुछ अहम सवाल पूछे गए हैं।</p>
<p>कैसे पहुंचाएं रिजर्व बैंक तक अपनी राय <br />रिजर्व बैंक ने ग्राहकों, बाकी हितधारकों से 3 अक्टूबर तक राय देने के लिए कहा है। मिले सुझावों के आधार पर फिर अंतिम नियम बनाए जाएंगे। रिजर्व बैंक ने डिस्कशन पेपर में साफ किया है कि उसका इरादा किसी चीज की कोई सीमा तय करने या कंट्रोल लगाने का नहीं है बल्कि जो सुझाव आएंगे उन पर विचार कर अंतिम फैसला लिया जाएगा। अपनी राय आरबीआई वेबसाइट पर भेज सकते हैं।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 20 Aug 2022 10:57:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिना इंटरनेट कनेक्शन के होगा डिजिटल भुगतान </title>
                                    <description><![CDATA[भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने फीचर फोन के जरिए बिना इंटरनेट कनेक्शन के डिजिटल भुगतान की सुविधा शुरू की है। आरबीआई गवर्नर डॉ. शक्तिकांत दास ने यूपीआई123पे की इस सुविधा का उद्घाटन किया जिसके अंतर्गत ग्राहक तीन चरण के प्रक्रिया अपनाते हुए सुरक्षित तरीके से डिजिटल भुगतान कर सकते हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/digital-payment-will-be-without-internet/article-5762"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/rib-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने फीचर फोन के जरिए बिना इंटरनेट कनेक्शन के डिजिटल भुगतान की सुविधा शुरू की है। आरबीआई गवर्नर डॉ. शक्तिकांत दास ने यूपीआई123पे की इस सुविधा का उद्घाटन किया, जिसके अंतर्गत ग्राहक तीन चरण के प्रक्रिया अपनाते हुए सुरक्षित तरीके से डिजिटल भुगतान कर सकते हैं। इस सुविधा से देश में स्मार्ट फोन और समान्य फोन का उपयोग करने वाले ग्राहक डिजिटल लेन-देन की सुविधा के अवसर के मामले में बराबरी पर आ गए हैं। 40 करोड़ लोगों को डिजिटल भुगतान की सुविधा मिल सकती है जो अभी फीचर फोन का ही इस्तेमाल करते हैं। इस सफलता में यूपीआई की बड़ी भूमिका रही है, जिसमे फरवरी 2022 में 8.26 लाख करोड़ रुपए के 453 करोड़ सौदे हुए हैं। यह संख्या बीते वर्ष इसी माह की तुलना में दोगुनी है।</p>
<p><strong>100 लाख करोड़ का लक्ष्य</strong><br />सेवा एवं समाधान प्रदाताओं, एनपीसीआई(नेशनल पेमेंट््स कॉरपोरेशन आॅफ इंडिया) और रिजर्व बैंक के अपने साथियों के सहयोग से यूपीआई पर 100 लाख करोड़ रुपए के लेनदेन के लक्ष्य तक पहुंच चुके होंगे। भारत में 118 करोड़ मोबाइल फोनधारक हैं, इनमें से 74 प्रतिशत स्मार्ट फोन वाले हैं। स्मार्ट फोन रखने वाले इंटरनेट के जरिए विभिन्न प्रकार की डिजिटल सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं, जबकि फीचर फोन पर इसके विकल्प सीमित हैं।      ‘यूपीआई123पे’ में चार अलग-अलग तकनीके अपनायी गयी हैं। जिसमें आईवीआर (फोन से मौखिक निर्देश), एप जैसे कार्य, नजदीक से आवाज के आधार पर भुगतान और मिस्ड कॉल का तरीका शामिल है। <br /><br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 09 Mar 2022 12:29:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हाईकोर्ट से निंबाराम को राहत : आरएसएस के क्षेत्रीय प्रचारक निंबाराम के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई करने पर अंतरिम रोक </title>
                                    <description><![CDATA[अदालत ने सरकारी वकील को 22 फरवरी तक केस डायरी और ऑडियो-वीडियो की क्लिप पेश करने को कहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rajasthan-high-court-has-granted-an-interim-stay-to-take-punitive-action-against-rss-s-regional-pracharak-nimbaram-in-a-case-related-to-bvg-company-demanding-a-bribe-of-20-crores-in-return-for-payment-of-rs-276-crore-dues-to-the-municipal-corporation/article-4606"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/nigam_hc.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने बीवीजी कंपनी के नगर निगम पर बकाया 276 करोड रुपए के भुगतान के बदले बीस करोड की रिश्वत मांगने से जुडे मामले में आरएसएस के क्षेत्रीय प्रचारक निंबाराम के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई करने अंतरिम रोक लगा दी है। इसके साथ ही अदालत ने सरकारी वकील को 22 फरवरी तक केस डायरी और ऑडियो-वीडियो की क्लिप पेश करने को कहा है। जस्टिस फरजंद अली की एकलपीठ ने यह आदेश निम्बाराम की आपराधिक याचिका पर दिए।</p>
<p> </p>
<p>याचिका में कहा गया कि प्रकरण में याचिकाकर्ता का नाम राजनीतिक द्वेषता के चलते शामिल किया गया है। बीवीजी कंपनी के प्रतिनिधि और राजाराम गुर्जर उसके पास राममंदिर के चंदे का प्रस्ताव लेकर आए थे, लेकिन तब तक चंदा लेने की समयावधि पूरी हो चुकी थी। इस पर याचिकाकर्ता ने प्रताप गौरव केन्द्र के लिए चंदा देने का सुझाव दिया था। याचिकाकर्ता के साथ बैठक के दौरान कंपनी के प्रतिनिधियों ने चंदे के साथ ही कंपनी की समस्याओं के बारे में बताया था। इसके अलावा ऑडियो-वीडियो क्लिप में बदले की भावना से कांट-छांट की गई है। याचिकाकर्ता को हाइकोर्ट पूर्व में गिरफ्तार करने पर भी रोक लगा चुके हैं। ऐसे में मामले में याचिकाकर्ता के विरुद्ध दर्ज एफआईआर को रद्द किया जाए।</p>
<p><br />जिसका विरोध करते हुए सरकारी वकील ने कहा कि कंपनी के बकाया भुगतान के बदले रिश्वत की बातचीत में निंबाराम की सक्रिय भागीदारी रही है। एसीबी के पास रिश्वत के पर्याप्त साक्ष्य हैं। इसके अलावा याचिकाकर्ता को गिरफ्तार करने के लिए सिर्फ सात दिन की रोक लगी थी। पुलिस जांच में निम्बाराम के विरुद्ध साक्ष्य प्रमाणित है। ऐसे में याचिका को खारिज किया जाए। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगाते हुए केस डायरी और ऑडियो-वीडियो की क्लिप पेश करने को कहा है। गौरतलब है कि वायरल वीडियो के आधार पर एसीबी ने पूर्व मेयर सौम्या गुर्जर के पति राजाराम, बीवीजी कंपनी के प्रतिनिधि ओमकार सप्रे, संदीप चौधरी और निंबाराम के खिलाफ मामला दर्ज किया था। एसीबी ने पूर्व में राजाराम और सप्रे के खिलाफ आरोप पत्र पेश करते हुए चौधरी व निंबाराम के खिलाफ जांच लंबित रख रखी है। फिलहाल राजाराम और सप्रे जमानत पर चल रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 18 Feb 2022 15:28:21 +0530</pubDate>
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                <title>ऑनलाइन वॉलेट से भुगतान लेते समय रहें सावधान स्पूफ पेटीएम एप से ठग कर सकते हैं धोखाधड़ी</title>
                                    <description><![CDATA[सोशल मीडिया पर पेटीएम स्पूफिंग के जरिए ठगी करने का वीडियो वायरल]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/61c831b699484/article-3545"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/online-dhokadhadi.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। यदि आप ऑनलाइन वॉलेट से भुगतान लेते समय सिर्फ स्क्रीन शॉट देखकर ही संतुष्ट हो रहे हैं तो सतर्क हो जाइए, आप ऑनलाइन स्पूफ एप्लीकेशन के जरिए किए गए भुगतान के फ्रॉड का शिकार हो सकते हैं। अब ठगों ने ऑनलाइन भुगतान करने के लिए नकली एप्लीकेशन डाउनलोड कर ठगी करने का प्रयास करना शुरू कर दिया है। ऑनलाइन एप्लीकेशन स्पूफ पेटीएम के जरिए ठगी करने का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें एक युवती स्पूफ पेटीएम के जरिए ठगी का प्रयास कर रही है। <br /> <br /> <br /> ठग सबसे पहले अपने मोबाइल में स्पूफ पेटीएम नाम से एक नकली एप्लीकेशन डाउनलोड कर लेते हैं। फिर पेटीएम वॉलेट से भुगतान करते हैं तो सबसे पहले मूल पेटीएम एप्लीकेशन में उस व्यक्ति का मोबाइल नम्बर डाल लेते हैं। उसके बाद ऊपर किस नाम के वॉलेट में भुगतान जा रहा है, वह पता चल जाता है। फिर मूल एप्लीकेशन को ठग बंद कर देता है। उसके बाद नकली अपलोड की गई स्पूफ पेटीएम को ओपन कर उसमें मोबाइल नम्बर और नाम डाल देता है। उसके बाद भुगतान का समय भी अपने हिसाब से सेट कर देता है, लेकिन भुगतान पहुंचता नहीं है और व्यक्ति ठगा जाता है। <br /> <br /> <strong>पेमेंट का फेक स्क्रीन शॉट दिखाकर कर रहे ऑनलाइन ठगी ऐसे रहें सतर्क </strong><br /> प्रदेश एसओजी में तैनात पुलिस निरीक्षक पूनम चौधरी के अनुसार: ऑनलाइन फ्रॉड से बचने के लिए सतर्क रहकर भुगतान करें और रिसीव करें। किसी भी ऑनलाइन वॉलेट से भुगतान लेते समय दिखाए गए स्क्रीन शॉट पर भरोसा नहीं करें। जब भुगतान प्राप्त करने का मैसेज आ जाए तभी विश्वास करें। भुगतान लेते समय स्पीकर का भी उपयोग करें। वॉलेट से आए भुगतान की आईडी के आधार पर भी चैक करें। यदि फ्रॉड हो गया है तो तुरंत हेल्पलाइन नम्बर-155260 पर कॉल करें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 26 Dec 2021 15:35:14 +0530</pubDate>
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                <title>रोडवेज के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को मिलेगा बकाया भुगतान</title>
                                    <description><![CDATA[ मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में हुई बैठक में सेवानिवृत्त कर्मचारियों को बकाया ग्रेजुएटी के 476 करोड रुपए का भुगतान करने के निर्देश दिए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%A1%E0%A4%B5%E0%A5%87%E0%A4%9C-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A5%87%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%B5%E0%A5%83%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%A4-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%97%E0%A4%BE-%E0%A4%AC%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%AD%E0%A5%81%E0%A4%97%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%A8/article-1758"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/gehlot-roadways.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान रोडवेज के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को दीपावली से पहले बकाया भुगतान करना शुरू कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया। इसके साथ ही सीएम ने 250 परिचालकों को नियुक्ति देने के भी निर्देश दिए। परिचालकों का मामला 10 साल से पेंडिंग चल रहा था।</p>
<p><br /> जानकारी के अनुसार रोडवेज के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को 2016 से सेवानिवृत्त पर इलाप का भुगतान नहीं किया जा रहा था। इसके चलते कर्मचारियों ने में कई बार आंदोलन भी किए। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में हुई बैठक में सेवानिवृत्त कर्मचारियों को बकाया ग्रेजुएटी के 476 करोड रुपए का भुगतान करने के निर्देश दिए। की ओर से भुगतान करने की प्रक्रिया दीपावली से पहले शुरू कर दी जाएगी। रोडवेज सीएमडी संदीप वर्मा ने कर्मचारी की मृत्यु के बाद 30 दिन में आवेदन की जांच के बाद नियुक्ति देने की प्रक्रिया शुरू करने का प्रस्ताव बनाकर सीएम के समक्ष पेश किया था। जिसकी सीएम ने तारीफ की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 Oct 2021 18:12:00 +0530</pubDate>
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