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                <title>आज होगी मां कुष्मांडा की पूजा: जानें क्या है शुभ मुहूर्त और पूजा विधि</title>
                                    <description><![CDATA[नवरात्रि के चौथे दिन माँ कूष्मांड की पूजा का विधान है, जो अपनी मंद मुस्कान से ब्रह्मांड की रचना करती हैं। नारंगी (Orange) रंग के वस्त्र धारण कर माँ की आराधना करने से भविष्य की सभी विपत्तियां दूर होती हैं। देवी कूष्मांड सूर्य देव का प्रतिनिधित्व करती हैं, जो भक्तों को तेज और सौभाग्य प्रदान करती हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/maa-kushmanda-will-be-worshiped-today-know-what-is-the/article-147392"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/navratri1.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। नवरात्र के चौथे दिन मां कुष्मांडा की पूजा का विधान है, जो सूर्य देव को प्रदर्शित करती हैं। चतुर्थी तिथि पर संतरे रंग का कपड़ा पहनना शुभ माना जाता है। मां कुष्मांडा की पूजा करने से भविष्य में आने वाली सभी विपत्तियां दूर होती हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 22 Mar 2026 10:30:35 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>परकोटे में गूंजेंगी ढूंढाड़ी भजनों की स्वर लहरियाँ : 11 से 14 मार्च तक आयोजित होगा 86वां श्री प्रेमभाया महोत्सव, चार दिवसीय भक्ति संगीत समारोह</title>
                                    <description><![CDATA[परकोटे की पुरानी बस्ती स्थित युगल कुटीर में 11 से 14 मार्च तक 86वां श्री प्रेमभाया महोत्सव आयोजित। चार दिन तक ढूंढाड़ी भजनों और भक्ति संगीत की प्रस्तुतियां। 11 मार्च को पंचामृत अभिषेक से कार्यक्रम शुरू। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-waves-of-dhundhari-bhajans-will-echo-in-the-park/article-145577"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/200-x-60-px)-(9)1.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। 11 से 14 मार्च तक 86वां श्री प्रेमभाया महोत्सव आयोजित किया जाएगा। परकोटे की पुरानी बस्ती स्थित युगल कुटीर (जयलाल मुंशी का रास्ता, चांदपोल बाजार) में होने वाले इस महोत्सव के दौरान चार दिनों तक ढूंढाड़ी भजनों की स्वर लहरियाँ गूंजेंगी और पूरा वातावरण भक्ति रस से सराबोर रहेगा।</p>
<p>जयपुर की धार्मिक-सांस्कृतिक परंपराओं में इस महोत्सव का विशेष महत्व है। शहर की स्थापत्य कला, तीज-त्योहारों और संत-मनीषियों की परंपरा ने जिस तरह जयपुर को विश्व स्तर पर पहचान दिलाई है, उसी कड़ी में श्री प्रेमभाया महोत्सव भी भक्ति संगीत की विशिष्ट परंपरा को आगे बढ़ा रहा है। महोत्सव में देश-प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से भजन गायक, संगीतज्ञ और वाद्य कलाकार आकर अपनी प्रस्तुतियाँ देते हैं।<br />भक्त कवि पंडित युगल किशोर शास्त्री का जन्म वर्ष 1916 में पुरानी बस्ती के होली टीबा स्थित युगल कुटीर में हुआ था। संस्कृत और आयुर्वेद के विद्वान शास्त्री भगवान श्रीकृष्ण के अनन्य उपासक थे। उन्होंने श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप को ढूंढाड़ी भाषा में “श्री प्रेमभाया सरकार” नाम देकर वर्ष 1940 में भक्ति की परंपरा की शुरुआत की। उनकी इस साधना ने समाज में प्रेम, भक्ति और सांस्कृतिक चेतना का संदेश फैलाया। आज भी यह परंपरा ढूंढाड़ क्षेत्र सहित देश-विदेश में बसे हजारों भक्तों को आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान कर रही है।</p>
<p>समिति के संरक्षक विजय किशोर शर्मा और‌ प्रचार प्रमुख डॉ  लोकेश‌ शर्मा ने बताया कि इस वर्ष महोत्सव 11 से 14 मार्च तक आयोजित होगा। 11 मार्च को वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्री प्रेमभाया सरकार का पंचामृत अभिषेक कर नवीन पोशाक धारण कराई जाएगी। इसके बाद 11, 12 और 13 मार्च को रात्रि 8 बजे से पूरी रात भक्ति संगीत समारोह आयोजित होगा, जिसमें ख्यातनाम भजन गायक और संगीतज्ञ अपनी प्रस्तुतियाँ देंगे।</p>
<p>इसके अलावा 12, 13 और 14 मार्च को दिन में महिला मंडलों द्वारा भक्ति संगीत कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। महोत्सव का समापन 14 मार्च को सायं 7 बजे नगर संकीर्तन के साथ होगा, जो परकोटे के विभिन्न मार्गों से होते हुए प्रातः 7 बजे पुनः सत्संग स्थल पर पहुंचकर सम्पन्न होगा।</p>
<p><strong>चार दिवसीय महोत्सव की परंपरा :</strong></p>
<p>इस वर्ष महोत्सव चार दिवसीय होगा। भक्त शिरोमणि युगलजी महाराज ने वर्ष 1940 से युगल कुटीर में प्रत्येक शनिवार को नियमित सत्संग प्रारंभ किया था, जो आज भी जारी है। जब शीतलाष्टमी बुधवार को पड़ती है तो शनिवार के सत्संग को भी महोत्सव में शामिल कर इसे चार दिवसीय भक्ति संगीत समारोह के रूप में मनाया जाता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 07 Mar 2026 13:00:54 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>श्री कनक बिहारी जी का 42वां पाटोत्सव मनाया, फुल बंगला झांकी सजाकर लड्डुओं का लगाया भोग </title>
                                    <description><![CDATA[श्री कनक बिहारी जी मंदिर में 42वां पाटोत्सव महंत सियाराम दास महाराज के सानिध्य में श्रद्धा से मनाया गया। 81 दिव्य कलशों से पंचामृत अभिषेक, फूल बंगला झांकी और लड्डू भोग लगाया गया। संत सम्मान समारोह व फाग महोत्सव आयोजित हुए, संत समाज की उपस्थिति में महाआरती संपन्न हुई।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/celebrated-the-42nd-patotsav-of-shri-kanak-bihari-ji-decorated/article-144270"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/12200-x-600-px)21.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। दिल्ली रोड गलतागेट स्थित श्री कनक बिहारी जी का 42वा पाटोत्सव भक्ति भाव से महंत सियाराम दास महाराज के सानिध्य में मनाया गया। मंदिर प्रवक्ता पंडित राजकुमार चतुर्वेदी ने बताया साकेत वासी नारायण देवाचार्य महाराज त्रिवेणी धाम के आशीर्वाद से खोजीचार्ज रामरिछपाल देवाचार्य महाराज त्रिवेणीधाम की अध्यक्षता में भव्य उत्सव संत सम्मान समारोह आयोजित हुआ। पाटोत्सव मे पधारे संत महंतों का महंत सियारामदास महाराज ने माला दुपट्टा प्रसाद शोल उड़ाकर स्वागत सम्मान किया।</p>
<p>इससे पूर्व प्रातः काल की बेला में मंत्रोच्चारण के साथ ठाकुर जी का  81 दिव्य कलशो से पंचामृत अभिषेक और विभिन्न तीर्थ के जल से ठाकुर जी का अभिषेक हुआ नूतन नवीन पोशाक धारण कराकर  फूल बंगला झांकी लड्डुओ का भोग लगाया। विभिन्न मंडलों द्वारा बधाई गान उछाल का आयोजन हुआ। इस मौके पर फाग महोत्सव भी मनाया गया। आयोजन मे सर्वप्रथम जयपुर के संत समाज ने प्रसादी पाई। संत महंतों के सानिध्य में  ठाकुर जी की महाआरती हुई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Feb 2026 16:34:16 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>लोहड़ी से पूर्व संध्या पर राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने दी राज्यवासियों को शुभकामनाएं</title>
                                    <description><![CDATA[राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने लोहड़ी पर प्रदेशवासियों को बधाई दी, इसे सूर्य के आलोक से जीवन को उर्वर करने वाला पर्व बताया और सबके मंगल की कामना की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/on-the-eve-of-lohri-governor-haribhau-bagde-greeted-the/article-139343"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-01/haribhau.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने लोहड़ी पर्व (13 जनवरी) पर सभी को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि लोहड़ी सूर्य के आलोक में जीवन को उर्वर करने का पर्व है। उन्होंने इस पर्व पर सबके मंगल की कामना की है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 12 Jan 2026 17:38:13 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>गलता गेट में 25 से 31 दिसंबर तक दिव्य भागवत कथा, 25 को निकलेगी भव्य कलश यात्रा</title>
                                    <description><![CDATA[गलता गेट स्थित श्री गीता गायत्री मंदिर में 25 से 31 दिसंबर 2025 तक पंडित राजकुमार चतुर्वेदी के सानिध्य में दिव्य श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन होगा। 25 दिसंबर को प्रातः 11 बजे मंदिर से भव्य देवी पोती कलश यात्रा भी निकाली जाएगी।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/divya-bhagwat-katha-grand-kalash-yatra-will-be-held-at/article-137046"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/etws-(3)3.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। गलता गेट स्थित मंदिर श्री गीता गायत्री जी में पंडित राजकुमार चतुर्वेदी के सानिध्य में 25 दिसंबर से 31 दिसंबर 2025 तक दिव्य श्रीमद् भागवत कथा का भव्य आयोजन किया जाएगा। यह कथा जनकल्याण, दैविक एवं भौतिक आपदाओं के निवारण और आध्यात्मिक उन्नयन के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है। अर्थ व्यास पीठ से आचार्य डॉ. राजेश्वर जी महाराज अपने मुखारविंद से श्रद्धालुओं को अमृतमयी भागवत कथा का रसपान कराएंगे।</p>
<p>मंदिर प्रवक्ता नीतीश चैतन्य चतुर्वेदी ने बताया कि कथा के शुभारंभ से पूर्व 25 दिसंबर को प्रातः 11:00 बजे मंदिर श्री रघुनाथ जी से एक विशाल एवं भव्य देवी पोती कलश यात्रा निकाली जाएगी। यह कलश यात्रा जयपुर नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए संतों की अगवाई एवं आशीर्वाद के साथ कथा स्थल तक पहुंचेगी। यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, महिलाएं और युवा भाग लेंगे।</p>
<p>इसी क्रम में कथा आयोजन के निमंत्रण हेतु जयपुर नगर के प्रमुख देवालयों—देवरा राधे, राधा गोविंद देव जी, काले हनुमान जी, सरस्वती कुंज नहर के गणेश जी, कनक बिहारी जी मंदिर सहित अन्य प्रमुख मंदिरों में विधिवत आमंत्रण दिया गया। आयोजकों ने सभी धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से कथा में सहभागी बनकर पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 24 Dec 2025 15:03:40 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>परकोटा गणेश मंदिर में पौष बड़ा महोत्सव का आयोजन, भगवान को नया चोला और चांदी का मुकुट पहनाया जाएगा</title>
                                    <description><![CDATA[चांदपोल परकोटा गणेश मंदिर में 24 दिसंबर को पौष बड़ा महोत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाएगा। प्रातः भगवान गणपति का पंचामृत अभिषेक होगा। उन्हें नया चोला, आकर्षक पोशाक और चांदी का मुकुट धारण कराया जाएगा। हलवा-बड़े, पकौड़ी और तिल से भोग अर्पित होगा। महाआरती और भजन संध्या के साथ प्रसादी वितरित की जाएगी।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/paush-bada-mahotsav-will-be-organized-in-parkota-ganesh-temple/article-136790"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/1200-x-600-px-(4)10.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। चांदपोल स्थित परकोटा गणेश मंदिर में 24 दिसंबर को पौष बड़ा महोत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाएगा। ब्रह्मलीन कैलाशचंद शर्मा की प्रेरणा एवं आशीर्वाद से आयोजित महोत्सव में भगवान गणपति का प्रातः गंगाजल व औषधीय जल से पंचामृत अभिषेक किया जाएगा।</p>
<p>मंदिर महंत अमित शर्मा ने बताया कि भगवान को नवीन चोला, आकर्षक पोशाक एवं चांदी का मुकुट धारण कराया जाएगा तथा मनमोहक फूल बंगला झांकी सजाई जाएगी। प्रथम पूज्य को हलवा-बड़े, पकौड़ी व तिल से बने व्यंजनों का भोग अर्पित किया जाएगा। संत-महंतों के सानिध्य में महाआरती होगी तथा भजन संध्या के साथ भक्तों को प्रसादी वितरित की जाएगी।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Dec 2025 14:41:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रजब माह का चांद दिखा : ख्वाजा साहब का 814वां उर्स शुरू, छठी का कुल 27, बड़ा कुल 30 दिसम्बर को</title>
                                    <description><![CDATA[अजमेर में रजब माह का चांद दिखते ही ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती के 814वें उर्स की शुरुआत हो गई। दरगाह परिसर में सादियाना बजाकर और तोप दागकर ऐलान किया गया। छठी का कुल 27 दिसंबर और नवीं का कुल 30 दिसंबर को होगा। रात में पहली शाही महफिल और शाही गुस्ल की रस्म अदा की गई।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/ajmer/the-moon-of-rajab-month-is-seen-the-814th-urs/article-136747"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/1200-x-600-px31.png" alt=""></a><br /><p>अजमेर। रजब माह का चांद दिखते ही ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती के 814वें उर्स की विधिवत शुरूआत हो गई। चांद दिखने की पुष्टि होने पर दरगाह परिसर में सादियाना बजाकर व बड़े पीर की पहाड़ी से तोप दागकर चांद दिखने का ऐलान किया। इस सूचना के बाद सभी ने एक-दूसरे को चांद दिखने की मुबारकबाद दी। अब ख्वाजा साहब के उर्स में छठी का कुल 27 दिसम्बर को और नवीं का कुल 30 दिसम्बर को होगा। उर्स की रस्मों के तहत रात्रि नौ बजे बाद महफिल खाना में दरगाह दीवान सैयद जैनुल आबेदीन के प्रतिनिधि (उत्तराधिकारी) उनके पुत्र सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती की सदारत में पहली शाही महफिल हुई। उन्होंने ही देर रात ख्वाजा साहब की मजार पर शाही गुस्ल की रस्म अदा की। चांदरात होने से रजब माह का चांद दिखने की उम्मीद थी।</p>
<p>अस्र की नमाज के बाद रोशनी के वक्त हिलाल कमेटी के सदस्यों ने चांद देखने का प्रयास किया और कहीं से भी चांद दिखने की सूचना मिलने का इंतजार किया। दरगाह के आहाता नूर में रोशनी की रस्म पूरी होने के कुछ देर बाद ही हिलाल कमेटी ने रजब माह का चांद दिखने की पुष्टि कर दी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>अजमेर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Dec 2025 12:00:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> आलनिया माता मंदिर : माता की कृपा से मिलता है संतान सुख और समृद्धि, श्रद्धालुओं की आस्था और श्रद्धा का केंद्र </title>
                                    <description><![CDATA[यहां यात्रियों को रात में रुकने और विश्राम करने की सुविधा उपलब्ध है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/alaniya-mata-temple--the-blessings-of-the-mother-goddess-bring-happiness-and-prosperity-through-her-children/article-128042"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/copy-of-news43.png" alt=""></a><br /><p>कसार। कोटा झालावाड़ नेशनल हाईवे 52 के समीप स्थित नाहर सिंही माता का विशाल मंदिर, जिसे आलनिया माताजी के नाम से भी जाना जाता है, क्षेत्र में श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र है। मान्यता है कि नि:संतान दंपतियों को संतान सहजता से प्राप्त हो जाती है। मंदिर में कालका माता व नाहर सिंही माता की प्राचीन प्रतिमाएं लगभग 500 साल पुरानी हैं। ग्रामीणों के अनुसार, इन्हें बूंदी जिले के मेनाल से दो साधु लेकर आए थे और जंगल में एक पेड़ के नीचे स्थापित किया। धीरे-धीरे आसपास का क्षेत्र बसा और श्रद्धालु दर्शन के लिए आने लगे।</p>
<p><strong>विशाल सिंह द्वार बनाया जाने की मांग: </strong> हाइवे किनारे स्थित आलनिया माता मंदिर पर माता के दर्शन मात्र से ही मानव के दुख दूर हो जाते हैं। नवरात्रि के दौरान दूर-दराज से श्रद्धालुओं का ताता लगता है। रविवार व सोमवार को भी काफी संख्या में भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मंदिर समिति ने बताया कि यदि सर्विस रोड के समीप विशाल सिंहद्वार बनाया जाए तो हाईवे से गुजरने वाले यात्रियों की नजरें मंदिर पर पड़ेगी और दर्शनार्थियों की संख्या बढ़ेगी।</p>
<p><strong>परिसर में विशाल भोजनशाला, 10 कमरे, दो वाटर कूलर </strong><br />मंदिर अब ट्रस्ट द्वारा संचालित है। परिसर में विशाल भोजनशाला, 10 कमरे, दो वाटर कूलर और राहगीरों के लिए पेयजल टंकी व शौचालय बनाए गए हैं। यात्रियों को रात में रुकने और विश्राम करने की सुविधा उपलब्ध है।</p>
<p><strong>नौ दिनों तक माता का होता है आकर्षक श्रृंगार </strong><br />श्रद्धालुओं का विश्वास है कि दुनिया की कठिनाइयों से थककर माता के दरबार में आने से मनोकामना पूर्ण होती है। नवरात्रि के दौरान नौ दिनों तक माता का आकर्षक श्रृंगार किया जाता है और दुर्गा शतचंडी पाठ व पालकी नगर भ्रमण आयोजित होता है। मंदिर पुजारी रामनिवास सुमन ने बताया कि उनकी चार पीढ़ियां वर्षों से माता की पूजा अर्चना करती आ रही हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 27 Sep 2025 14:50:44 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>परकोटा गणेश मंदिर में हुआ बृहस्पति कथा शुभारम्भ, कथा होगी शहर के 108 मंदिरों में </title>
                                    <description><![CDATA[गंगा दशमी के अवसर पर श्री देवगुरु बृहस्पति व्रत कथा का आयोजन परकोटा गणेश मंदिर में शुभारम्भ हुआ। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jupiter-katha-will-be-inaugurated-in-parkota-ganesh-temple-in/article-116526"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-06/rtroer-(1)19.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। गंगा दशमी के अवसर पर श्री देवगुरु बृहस्पति व्रत कथा का आयोजन परकोटा गणेश मंदिर में शुभारम्भ हुआ। अब कथा हर गुरुवार शहर के 108 मंदिरों में होगी। महंत अमित शर्मा के सान्निध्य में बृहस्पति कथा आयोजित हुई। कथावाचक कैलाश चंद्र गौड़ ने कथा का श्रवण करवाया। कथा शाम 4 बजे से 7 बजे तक हुई।</p>
<p>कथा का उद्देश्य देश-प्रदेश में सुख, समृद्धि और अच्छी बारिश की कामना के लिए किया गया है। श्री देवगुरु बृहस्पति व्रत कथा समिति की ओर से कथा का आयोजन किया जा रहा है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 06 Jun 2025 11:44:30 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>अपरा एकादशी : झांकी दर्शन के लिए दिन भर लगा रहा भक्तों का तांता, ठाकुरजी की जल विहार के दौरान पानी से लोग स्वयं भी भीगे</title>
                                    <description><![CDATA[ज्येष्ठ कृष्ण माह की अपरा एकादशी पर मंदिरों में श्री हरि विष्णु की विशेष पूजा-अर्चना हुई। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/people-who-were-engaged-in-the-day-to-visit-the/article-115180"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/rtroer-(5)5.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। ज्येष्ठ कृष्ण माह की अपरा एकादशी पर मंदिरों में श्री हरि विष्णु की विशेष पूजा-अर्चना हुई। वैष्णव मंदिरों में ठाकुरजी की विशेष झांकी के दर्शन के लिए दिनभर भक्तों का तांता लगा रहा। एकादशी पर दिन में प्रीति योग, आयुष्मान योग, सर्वार्थ सिद्धि योग, अमृत सिद्धि योग होने के कारण लोगों ने भक्तिभाव से व्रत रखा। आराध्य देव गोविंददेवजी मंदिर में सुबह की मंगला झांकी से रात्रि की शयन झांकी तक दर्शनार्थियों का तांता लगा रहा। मंदिर महंत अंजन कुमार गोस्वामी के सान्निध्य में सुबह पंचामृत अभिषेक कर ठाकुरजी को लाल रंग की पोशाक धारण कराई गई। गोचारण लीला के आभूषण धारण कराए। ठाकुरजी सुगंधित जल के फ व्वारों के बीच विराजमान नजर आए। इस मौके पर ठाकुरजी को सागारी लड्डू, फ ल सहित अन्य शीतल व्यंजनों का भोग लगाया। ठाकुरजी के जल विहार के पानी से लोग स्वयं भी भीगे और कई लोग यह जल घर पर भी ले गए। उपवास रखने वाले श्रद्धालुओं ने एक समय सागारी भोजन कर व्रत पूरा किया। घर पर लड्डू गोपाल का विशेष शृंगार कर सागारी प्रसादी का भोग लगाया गया।</p>
<p><strong>लाड़ली जी के मंदिर में केसर-पिस्ता का भोग लगाया :</strong></p>
<p>रामगंज बाजार स्थित मन्दिर श्री लाड़ली जी में महंत संजय गोस्वामी के सान्निध्य में एकादशी के पावन पर्व पर केसर पिस्ता बादाम युक्त मक्खन, रबड़ी, मिश्री मावा, फालसे का शरबत , लीची का शरबत, आमरस, मेवा विशेष व्यंजनों तथा विभिन्न फ लों का भोग लगाया गया। पुरानी बस्ती स्थित गोपीनाथजी मंदिर में महंत सिद्धार्थ गोस्वामी के सान्निध्य में एकादशी उत्सव मनाया गया। चौड़ा रास्ता स्थित राधा दामोदरजी मंदिर में महंत मलय गोस्वामी के सान्निध्य में ठाकुरजी का अभिषेक कर विशेष झांकी सजाई गई। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 24 May 2025 12:00:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शीतला मेले में उमड़ा आस्था का सैलाब, जयकारों से गूंजा शीतला गांव, चाकसू और चंदलाई में गुदरी मेला </title>
                                    <description><![CDATA[चंदलाई में नाटक, गैर  नृत्य, गालीबाजी व संगीत दंगल का आयोजन किया जाएगा।  ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-flood-of-faith-in-sheetla-fair-echoed-with-shouts%C2%A0/article-108241"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/copy-of-news-(5).png" alt=""></a><br /><p>चाकसू। चाकसू के शीतला में शुक्रवार को आयोजित शीतला माता के मेले में अपार श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा। मेले में चाकसू, जयपुर, दत्तवास, बौंली, निवाई, सांगानेर, बस्सी, फागी, लालसोट, दौसा, बगरू, दूदू के आस-पास के साथ ही राजस्थान के विभिन्न जिलों एवं मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, दिल्ली व हरियाणा से आए श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता था। करीब एक किलोमीटर की दूरी में पंक्तिबद्ध खड़े होकर श्रद्धालु माता के जयकारे लगाते हुए दर्शन के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। मेले में आई विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों की श्रद्धालु महिलाएं माताजी से जुड़े विभिन्न लोक गीत गाते हुए मंजीरे व तालियां बजाकर नृत्य कर रही थीं। पूरा वातावरण लोक संस्कृति के रंग में रंगा नजर आया। प्रशासन की ओर से पुलिस के उच्चाधिकारियों ने भी मेला स्थल का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। दूसरी ओर चाकसू कस्बे के बाजारों एवं चंदलाई गांव में शनिवार को गुदरी मेला लगाया जाएगा। चंदलाई में नाटक, गैर  नृत्य, गालीबाजी व संगीत दंगल का आयोजन किया जाएगा।  </p>
<p><strong>दिखा श्रद्धालुओं का रैला : </strong>चाकसू कस्बे से मेला स्थल एवं मेला स्थल से शिवदासपुरा कस्बे तक हाईवे पर केवल श्रद्धालुओं का रैला लगा नजर आया। कुछ लोग पैदल, कोई ट्रेक्टर से, कोई ट्रक से, कोई टेम्पो से तो कोई जुगाड़ या अन्य निजी वाहन से या फिर बसों से मेला स्थल की ओर जा रहे थे।</p>
<p><strong>विधायक ने लगाई ढोक :</strong> चाकसू विधायक रामवतार बैरवा ने मेले में जाकर माताजी को ढोक लगाई एवं प्रसाद ग्रहण किया और मेला स्थल व नियंत्रण कक्ष में जाकर मेले की व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया। उन्होंने मेले में आए श्रद्धालुओं और मेलार्थियों से रामा-श्यामा की और हालचाल भी जाने। </p>
<p><strong>कुम्हार के घर से लाए मिट्टी, ईसर-गणगौर बनाकर किया पूजन :</strong></p>
<p>गणगौर पूजन कर रही महिलाओं और युवतियों ने शीतला सप्तमी को कुम्हार के चाक से मिट्टी लाकर गणगौर और ईसर बनाए। गणगौर, ईसर के अलावा कानीराम, मालन, रोवां बनाकर भक्तिभाव से पूजन किया गया। शाम को गौर बिंदौरी निकाली गई। बास्योड़ा की शाम को राजधानी में हर गली से गाजेबाजे के साथ बिंदौरी निकाली गई। छोटी बच्चियों को बींद-बीनणी बनाकर घुमाया गया। गोविन्द देवजी मंदिर और जयनिवास उद्यान में बड़ी संख्या में बच्चियां बींद-बीनणी बनकर आने से माहौल खुशनुमां हो गया। आसपास के लोगों ने वार फेर किया। दूब लाने, पानी पिलाने की परम्परा के साथ ही बधावा के गीत भी गाए जा रहे हैं। सांगानेर के महावीर नगर में गणगौर पूजन कर रहीं महिलाओं और युवतियों ने शीतला सप्तमी को कुम्हार के चाक से मिट्टी लाकर गणगौर और ईसर बनाए। शाम को गौर बिंदोरी निकाली गई। </p>
<p><strong>बिखरे लोक संस्कृति के रंग :</strong></p>
<p>मेला स्थल पर आए लोक गायकों, कलाकारों व गोठियाओं के कई दल अलग-अलग स्थानों पर अलगोजा, ढोलक व मंजीरे के साथ लोकगीत गाकर नृत्य कर रहे थे। जिससे वहां भारी संख्या में जमा ग्रामीण लोक संस्कृति के साथ ही लोक देवताओं से संबंधित गीतों का न केवल आनंद लेकर सुन रहे थे, बल्कि माता के जयकारों के साथ तालियां बजाकर झूम भी रहे थे। मेला स्थल पर लगे चकरी व झूलों पर भी बच्चों व महिलाओं की खासी भीड़ लगी हुई थी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 22 Mar 2025 11:16:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>महाशिवरात्रि पर काशी में भव्य नजारा : मंगला आरती के बाद निकली अखाड़ों की शोभायात्रा, त्रिशूल-तलवार और गदा लेकर निकले नागा साधु</title>
                                    <description><![CDATA[महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर काशी में बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का अपार जनसैलाब उमड़ पड़ा है।  ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/a-grand-sight-of-the-akharas-came-out-after-mangala/article-105641"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-02/pze-(9)6.png" alt=""></a><br /><p>वाराणसी। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर काशी में बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का अपार जनसैलाब उमड़ पड़ा है। इस बार करीब 25 लाख भक्तों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है, जो पिछले सभी रिकॉड्र्स को पार कर रहा है। आधी रात से ही मंदिर के बाहर तीन किलोमीटर लंबी कतारें लगी हैं और बाबा विश्वनाथ लगातार 46 घंटे तक भक्तों को दर्शन देंगे। महाशिवरात्रि का यह उत्सव काशी में उस समय और भी खास हो गया, जब महाकुम्भ का पलट प्रवाह यहां देखने को मिला। कुम्भ और महाशिवरात्रि का यह संयोग वर्षों बाद बना है, जिसने श्रद्धालुओं की संख्या को अभूतपूर्व स्तर पर पहुंचा दिया है। मंदिर न्यास और जिला प्रशासन ने इस अपार जनसमूह को संभालने के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं। काशी विश्वनाथ धाम परिक्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए पुलिस, अर्धसैनिक बल, एटीएस कमांडो और एसटीएफ तैनात हैं। उच्चाधिकारी लगातार क्षेत्र का दौरा कर हालात का जायजा ले रहे हैं।  </p>
<p>काशी में महाशिवरात्रि पर अखाड़ों की शोभायात्रा भी इस बार भव्यता के साथ निकली। जूना अखाड़े के नागा साधु त्रिशूल, तलवार और गदा लेकर हर-हर महादेव के उद्घोष के साथ बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए निकले। पेशवाई का स्वागत फूलों की वर्षा और माल्यार्पण के साथ किया गया। काशी विश्वनाथ धाम के गेट नंबर चार पर मंडलायुक्त कौशलराज शर्मा और पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल, जिलाधिकारी सहित आला अधिकारियों ने नागा साधुओं का अभिनंदन किया।  </p>
<p>श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए वीआईपी और प्रोटोकॉल को निरस्त कर दिया गया है, ताकि हर भक्त को बाबा के दर्शन का समान अवसर मिले। मंगलवार रात 2:15 बजे मंगला आरती के बाद मंदिर के कपाट खोले गए और बाबा को सजाया गया। वहीं काशी के गंगा घाटों पर महाशिवरात्रि के पर्व पर बड़ी संख्या में स्नानार्थियों ने पहुंचकर पुण्य की डुबकी लगाई। वरिष्ठ अफसरों की देखरेख में किए गए इंतजाम न केवल श्रद्धालुओं के लिए सुखद अनुभव बना रहे हैं, बल्कि काशी की वैश्विक पहचान को भी मजबूत कर रहे हैं। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 26 Feb 2025 16:03:36 +0530</pubDate>
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