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                <title>indian citizen - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>indian citizen RSS Feed</description>
                
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                <title>अमेरिका में फर्जी डकैती रचकर वीजा लेने का खेल बेनकाब: भारतीय नागरिक दोषी करार, अदालत ने दिया देश छोड़ने का आदेश</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका की अदालत ने फर्जी डकैती का नाटक रचकर आव्रजन लाभ हासिल करने की साजिश में शामिल एक भारतीय नागरिक को दोषी ठहराया। मामले में जुर्माना लगाने के साथ उसे देश छोड़ने का आदेश दिया गया। जांच एजेंसियों के अनुसार, कथित नेटवर्क नकली अपराध दिखाकर वीजा प्रक्रिया का दुरुपयोग करता था।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/the-game-of-getting-a-visa-by-committing-fake-robbery/article-161452"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/fbi.png" alt=""></a><br /><p>बोस्टन। अमेरिका के मैसाचुसेट्स में फर्जी डकैती का नाटक रचकर आव्रजन वीजा (यू-वीजा) पाने की साजिश में शामिल भारतीय नागरिक मितुल पटेल को बोस्टन की अदालत ने दोषी ठहराया है। अदालत ने पटेल (40) पर 1,000 डॉलर का जुर्माना लगाया और जेल में बिताए गये एक दिन को ही उसकी सजा मानते हुए उसे तुरंत अमेरिका से बाहर भेजने का आदेश दिया। मामले के मुताबिक, गैर-कानूनी तरीके से अमेरिका में रह रहे मितुल पटेल और उसके 10 साथियों पर मार्च में मामला दर्ज हुआ था। मितुल ने जून में अपना जुर्म कबूल कर लिया था।</p>
<p>जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी रामभाई पटेल और उसके साथी मार्च 2023 से दुकानों और रेस्तरां में फर्जी सशस्त्र डकैती करवाते थे। इसका मकसद दुकान के कर्मचारियों को पीड़ित दिखाकर उनके लिए अमेरिका का 'यू-वीजा' हासिल करना था। अमेरिका में यह वीजा उन विदेशियों को मिलता है जो किसी गंभीर अपराध का शिकार हुए हों और जांच में पुलिस की मदद करते हैं। इस फर्जीवाड़े में एक नकली डाकू दुकान में घुसकर बंदूक दिखाता था और पैसे लूटकर भाग जाता था। यह सब दुकान के सीसीटीवी में रिकॉर्ड होता था ताकि सबूत रहे। डाकू के भागने के पांच मिनट बाद कर्मचारी पुलिस को फोन करते थे। पीड़ित बनने के लिए मितुल पटेल जैसे लोग रामभाई को पैसे देते थे और रामभाई दुकानों के मालिकों को इसके बदले भुगतान करता था।</p>
<p>मितुल पटेल ने अक्टूबर 2023 में ऐसी ही एक फर्जी डकैती में 'पीड़ित' बनने के लिए रामभाई को पैसे दिए थे। एफबीआई के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क के मुख्य साजिशकर्ताओं को मई 2025 में ही दोषी ठहराया जा चुका था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Jul 2026 16:29:52 +0530</pubDate>
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                <title>ब्रिटेन ने अवैध प्रवासियों के खिलाफ लिया बड़ा एक्शन, नई संधि के तहत फ्रांस भेजे जाने वाला पहला व्यक्ति बना भारतीय नागरिक</title>
                                    <description><![CDATA[इंग्लिश चैनल को एक छोटी नाव से कथित तौर पर पार करके अवैध रूप से ब्रिटेन पहुंचा भारतीय नागरिक ऐसा पहला व्यक्ति बन गया, जिसे एक नई संधि के तहत गुरुवार को फ्रांस वापस भेजा गया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/britain-took-a-big-action-against-illegal-migrants-indian-citizen/article-127393"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-09/images-(2).png" alt=""></a><br /><p>लंदन। इंग्लिश चैनल को एक छोटी नाव से कथित तौर पर पार करके अवैध रूप से ब्रिटेन पहुंचा भारतीय नागरिक ऐसा पहला व्यक्ति बन गया, जिसे एक नई संधि के तहत गुरुवार को फ्रांस वापस भेजा गया। बताया जा रहा है कि व्यक्ति अगस्त की शुरूआत में ब्रिटेन पहुंचा था और उसे हाल में ब्रिटेन-फ्रांस वापसी संधि के तहत हुए तथाकथित वन-इन, वन-आउट समझौते के तहत हीथ्रो हवाई अड्डे से एक वाणिज्यिक उड़ान से पेरिस भेजा गया। ब्रिटेन की गृह मंत्री शबाना महमूद ने इसे चैनल के पार मानव तस्करों द्वारा किए जा रहे अवैध प्रवासन पर अंकुश लगाने के सरकार के प्रयास में एक महत्वपूर्ण पहला कदम बताया।</p>
<p><strong>सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम</strong><br />महमूद ने कहा, यह हमारी सीमाओं की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहला कदम है। यह छोटी नावों से आने वाले लोगों को संदेश देता है: अगर आप अवैध रूप से ब्रिटेन में प्रवेश करते हैं, तो हम आपको वापस भेजने की कोशिश करेंगे। </p>
<p>उन्होंने कहा, मैं निष्कासन को विफल करने के अदालतों में अंतिम समय किए गए किसी भी प्रयास को चुनौती देती रहूंगी। ब्रिटेन हमेशा उन लोगों की मदद करने में अपनी भूमिका निभाएगा जो वास्तव में उत्पीड़न से भाग रहे हैं, लेकिन यह सुरक्षित, कानूनी जरिये किया जाना चाहिए।</p>
<p><strong>ब्रिटेन में सैकड़ों भारतीय हिरासत में</strong><br />गृह मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि निर्वासित व्यक्ति एक भारतीय नागरिक है, जिसे फ्रांस लौटने पर अपने देश में स्वैच्छिक वापसी के लिए भुगतान की पेशकश की जाएगी। सूत्रों ने बताया कि अगर वह स्वैच्छिक योजना को स्वीकार नहीं करता है, तो वह शरण के लिए आवेदन नहीं कर पाएगा और उसे जबरन निर्वासन का सामना करना पड़ सकता है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब अगस्त में गृह मंत्रालय ने एक आधिकारिक आंकड़ा जारी किया था, जिसमें दावा किया गया था कि अवैध आव्रजन पर ब्रिटेन की व्यापक कार्रवाई के तहत हिरासत में लिए गए भारतीय नागरिकों की संख्या पिछले एक साल में लगभग दोगुनी हो गई है। आंकड़े के अनुसार, ब्रिटेन के आव्रजन कानून के उल्लंघन के तहत 2,715 भारतीय हिरासत में रखा जाना दर्ज किया गया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 20 Sep 2025 12:02:12 +0530</pubDate>
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