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                <title>starting - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>बीबीए में नहीं दिखा रुझान, 9 ही आए आवेदन, तीन बार अंतिम तिथि बढ़ाई </title>
                                    <description><![CDATA[पहली बार कोर्स शुरू किए जाने पर आयुक्तालय द्वारा कक्षाएं संचालित करने की हरी झंडी दी जा सकती है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/no-interest-in-bba--only-9-applications-received--last-date-extended-thrice/article-91438"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-09/630400-size-(2)13.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। राजकीय वाणिज्य महाविद्यालय में शुरू हुए बीबीए कोर्स दम तोड़ता नजर आ रहा है।  विद्यार्थियों का रुझान उम्मीद के विपरीत रहा। तीन बार अंतिम तिथि बढ़ाए जाने के बावजूद 9 ही आवेदन आए हैं। जबकि, तीसरी अंतिम तिथि भी शनिवार को समाप्त हो गई। ऐसे में इस वर्ष बैचलर ऑफ बीजनेस एडमिनेस्ट्रेशन की कक्षाओं पर सस्पेंड का खतरा मंडरा रहा है। हालांकि, पहली बार कोर्स शुरू किए जाने पर आयुक्तालय द्वारा कक्षाएं संचालित करने की हरी झंडी दी जा सकती है। </p>
<p><strong>बीबीए के प्रति घटते रुझान का यह मुख्य कारण</strong><br />शिक्षाविदें का कहना है, कॉलेज आयुक्तालय की ओर से बैचलर ऑफ बीजनेस एडमिनेस्ट्रेशन की प्रवेश प्रक्रिया देरी से शुरू होना ही मुख्य कारण माना जा रहा है। बीबीए में उस समय एडमिशन प्रोसेज शुरू हुआ, जब  बीकॉम प्रथम वर्ष की प्रवेश प्रक्रिया समाप्त हो चुकी थी। ऐसे में अधिकतर विद्यार्थी बीकॉम में प्रवेश ले चुके थे। वहीं, कई छात्रों ने 12वीं के बाद सीए व प्रोफेशनल कोर्सेज में दाखिले ले लिए। इसके अलावा फैकल्टी की उपलब्धता के प्रति भी छात्र आशंकित थे। इन्हीं कारणों से विद्यार्थियों ने इस कोर्स के प्रति रुझान नहीं दिखाया। जबकि, आयुक्तालय ने यह सुविधा भी दी है कि यदि,  कोइ छात्र बीकॉम में एडमिशन लेने के दौरान फीस जमा करवा देता है और बाद में वह बीबीए में दाखिला लेता है तो उसकी फीस इसमें मर्ज हो जाएगी। इसके बावजूद बीबीए में आवेदन न आने का मुख्य कारण प्रवेश प्रक्रिया में देरी है। </p>
<p><strong>इधर, कम्प्यूटर साइंस में भी नहीं दिखी रुचि</strong><br />सरकार ने व्यवसायिक शिक्षा पर जोर देते हुए हाल ही में गवर्नमेंट आर्ट्स कॉलेज कोटा में कम्प्यूटर साइंस कोर्स शुरू किया। जिसमें भी विद्यार्थियों का रुझान देखने को नहीं मिल रहा। हालात यह हैं, दो बार अंतिम तिथि बढ़ाए जाने के बावजूद सोमवार तक एडमिशन के लिए 18 ही आवेदन आए हैं। आयुक्तालय ने सोमवार को आदेश जारी कर कम्प्यूटर साइंस में प्रवेश की अंतिम तिथि 30 सितम्बर तक बढ़ा दी है। साथ ही प्राचार्यों को कोर्स का प्रचार-प्रसार किए जाने को निर्देशित किया है। </p>
<p>बीबीए में अब तक 9 फॉर्म ही आए हैं। कोर्स के प्रति घटते रुझान का मुख्य कारण प्रवेश प्रक्रिया में देरी हो सकता है। आवेदन की अंतिम तिथि समाप्त हो चुकी है। फिलहाल आयुक्तालय की ओर से अंतिम तिथि बढ़ाए जाने के संबंध में अभी तक कोई निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं। <br /><strong>-डॉ. हितेंद्र कुमार, प्राचार्य राजकीय कॉमर्स कॉलेज</strong></p>
<p>व्यवसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने महाविद्यालय में कम्प्यूटर साइंस सब्जेक्ट शुरू किया है। अभी तक 18 ही आवेदन आए हैं। आयुक्तालय ने आवेदन की अंतिम तिथि 30 सितम्बर तक बढ़ा दी है। ऐसे में आवेदनों की संख्या में बढ़ोतरी हो सकेगी। <br /><strong>-प्रो. रोशन भारती, प्राचार्य राजकीय कला महाविद्यालय कोटा</strong></p>
<p><strong>क्या कहते हैं छात्र</strong><br />बीकॉम में एडमिशन लेने के बाद आयुक्तालय ने बीबीए में प्रवेश प्रक्रिया शुरू की है। ऐसे में कब तक एडमिशन चलेंगे और कब कक्षाएं शुरू होंगी, पढ़ाने के लिए अभी तक कोई फैकल्टी भी नहीं लगाई गई। एग्जाम से पहले सिलेबस पूरा न होने की आशंका के चलते हमने एडमिशन नहीं लिया। साथ ही कोर्स के व्यवस्थित संचालन को लेकर भी छात्रों में असमंजस की स्थिति है। <br /><strong>-दिव्यांश नागर, हितेंद्र कुमार, बनवारी, छात्र बीकॉम</strong></p>
<p>कम्प्यूटर साइंस कोर्स शुरु तो कर दिया लेकिन कॉलेज में न तो लैब है और न ही कम्प्यूटर टीचर लगाए गए।  वहीं, विद्यार्थी कला प्रथम वर्ष में एडमिशन लेने के बाद कम्प्यूटर साइंस में प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने का कोई  औचित्य नहीं रहा। यदि, समय पर एडमिशन प्रासेज शुरू करते तो हम भी एडमिशन ले सकते थे। <br /><strong>-बुद्धिप्रकाश यादव, तपेश नागर, छात्र गवर्नमेंट कॉलेज </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 Sep 2024 15:24:46 +0530</pubDate>
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                <title>वर्ल्ड हेल्थ डे पर विशेष: संसाधनों की कमी के साथ युवा डॉक्टर कर रहे हैं अपनी पारी की शुरुआत</title>
                                    <description><![CDATA[रिटायरमेंट के नजदीक पहुंचे डॉक्टर कर रहे अगली पारी की तैयारी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur--health--news--special-on-world-health-day--young-doctors-are-starting-their-innings-with-lack-of-resources-doctors-approaching-retirement-are-preparing-for-the-next-shift/article-7546"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/young-doctors.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान में मेडिकल के क्षेत्र में जाने के लिए युवाओं में रूचि काफी बढ़ी है। सरकारी सेवा में भी युवा डॉक्टर काफी जोश के साथ काम कर रहे हैं। हालांकि युवा डॉक्टरों का कहना है कि इस दौरान उन्हें सरकारी अस्पतालों में संसाधनों की कमी और मरीजों के भार से जूझना पड़ता है, लेकिन इससे उन्हें काफी कुछ सीखने को मिलता है। वहीं रिटायर्ड हो चुके या रिटायरमेंट के नजदीक पहुंच चुके डॉक्टर इन चुनौतियों को पार कर आज भी पूरी शिद्दत से मरीजों की सेवा में लगे हैं।</p>
<p><br />वर्ल्ड हेल्थ डे के मौके पर ऐसे ही शहर के कुछ युवा और सीनियर डॉक्टर से नवज्योति ने यह जाना कि उनके सामने क्या चुनौतियां पेश आ रही हैं और आगे इन चुनौतियों का कैसे सामना करेंगे। <br /><br />सरकारी हेल्थ सिस्टम ने हमें समाज सेवा करने का सुनहरा मौका दिया है, जहां हम गरीब और जरूरतमंद लोगों को निशुल्क व अच्छा इलाज दे पाते हैं। साथ ही चिकित्सक और मरीज के बीच विश्वास कायम रखने की हरसंभव कोशिश करते हैं, लेकिन कई बार अधिक मरीज होने के कारण हमे संसाधनों की कमी का सामना भी करना पड़ता है।<br />-<strong>डॉ. सुचित्रा, गढ़वाल, असिस्टेंट प्रोफेसर, जनरल मेडिसिन एसएमएस अस्पताल</strong> <br /><br />मुझे गवर्नमेंट सर्विस ज्वाइन करके अच्छा लग रहा है। सरकारी क्षेत्र में अपने कौशल को दिखाने का पूरा अवसर मिलता है। हां कुछ दिक्कतें जरूर हैं, जिनमें ओपीडी में बहुत व्यस्त होने के कारण कभी-कभी हमें मरीजों की काउंसलिंग के लिए कम समय मिल पाता है।<br />-<strong>डॉ. अंबिका शर्मा, सहायक आचार्य, श्वसन रोग संस्थान, एसएमएस मेडिकल कॉलेज जयपुर</strong> <br /><br />आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का अहसास सुखद लगता है। बड़े अस्पतालों में मरीजों का भार कम करने और गुणवत्तापूर्ण इलाज के लिए पेरिफेरल हेल्थ सर्विसेज को और मजबूत करने की जरूरत है। वहीं स्वास्थ्यकर्मियों की कमी दूर करना, मजबूत चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा भी मुख्य पहलू हैं।<br />-<strong>डॉ. योगेश स्वामी, असिस्टेंट प्रोफेसर, जनरल मेडिसिन, एसएमएस अस्पताल</strong> <br /><br />मेरी 40 साल की सर्विस हो चुकी है। इस दौरान मुझे कभी भी सरकारी सेवा से दिक्कतें नहीं हुई। हमेशा मरीजों को भगवान और अस्पताल को मंदिर समझकर सेवा की है। इस पेशे की खासियत है कि सरकारी सेवा से तो हम रिटायर हो जाते हैं, लेकिन मरीजों की सेवा से नहीं होते। मैं अगस्त में रिटायर होने वाला हूं पर आगे भी मरीजों का इलाज इसी तरह करता रहूंगा।<br />-<strong>डॉ. आरके सोलंकी, सीनियर प्रोफेसर एंड यूनिट हैड, मनोचिकित्सा विभाग, एसएमएस मेडिकल कॉलेज</strong> <br /><br />मैं आज जो कुछ भी हूं वो सब इस सरकारी सेवा और मरीजों के प्यार के कारण ही हूं। मुझे बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ा, लेकिन सभी चुनौतियों को अवसर के तौर पर लिया और आगे बढ़े। वर्तमान समय में मरीजों और डॉक्टरों के बीच बेहतर रिलेशनशिप जरूरी है। रिटायरमेंट में करीब डेढ़ साल का वक्त है। मेरी कोशिश रहेगी कि इस रिलेशनशिप को कायम रखकर मरीजों की सेवा करूं।<br />-<strong>डॉ. डीएस मीणा, सीनियर प्रोफेसर, ऑर्थोपेडिक्स, एसएमएस अस्पताल</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 07 Apr 2022 14:10:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>आधार से नहीं जोडऩे पर बंद पैन को शुरू करने के लिए जुर्माना देगा करंट, पहले तीन महीने के लिए 500 रुपये और उसके बाद 1000 रुपये का देना होगा जुर्माना</title>
                                    <description><![CDATA[केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड के अनुसार आयकर अधिनियम 1961 की धारा 234एच के तहत शुल्क निर्धारित करने के लिए आयकर नियम, 1962 के प्रावधानों में संशोधन किया गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/current-will-pay-a-fine-for-starting-a-closed-pan-for-not-linking-it-with-aadhaar--rs-500-for-the-first-three-months-and-then-a-fine-of-rs-1000/article-7105"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/aa.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। स्थायी खाता संख्या (पैन) को आधार से जोडऩे पर विफल रहने वालों का पैन पर रोक लगा दी जायेगी और इसको शुरू करने के लिए निर्धारित जुर्मान चुकाना होगा जो पहले तीन महीने के लिए 500 रुपये और उसके बाद एक हजार रुपये होगा। <br /><br />केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड के अनुसार आयकर अधिनियम 1961 की धारा 234एच के तहत शुल्क निर्धारित करने के लिए आयकर नियम, 1962 के प्रावधानों में संशोधन किया गया है। पैन को आधार से जोडऩे का आज अंतिम दिन है और अब तक इस तिथि में बढोतरी के बारे में जानकारी नहीं दी गयी है। <br /><br />आयकर अधिनियम, 1961 के प्रावधानों के तहत  प्रत्येक व्यक्ति जिसे 1 जुलाई, 2017 तक 'पैनÓ आवंटित किया गया है और जो 'आधार नंबर' प्राप्त करने का पात्र है उसके लिए 31 मार्च, 2022 को या उससे पहले निर्धारित प्राधिकारी या प्राधिकरण को अपने आधार नंबर के बारे में सूचित करना आवश्यक है। ऐसा करने में विफल रहने पर उस व्यक्ति के पैन को निष्क्रिय कर दिया जाएगा और ऐसी सभी प्रक्रियाएं जिनमें 'पैन' की आवश्यकता होती है, उन पर रोक लगा दी जाएगी। पैन को फिर से तभी चालू किया जा सकता है जब उस व्यक्ति द्वारा निर्धारित शुल्क के भुगतान के बाद निर्धारित प्राधिकरण को आधार नंबर के बारे में सूचित कर दिया जाएगा।<br /><br />करदाताओं को 31 मार्च, 2023 तक निर्धारित प्राधिकारी को अपने आधार नंबर के बारे में सूचित करने का अवसर प्रदान किया गया है,  ताकि स्वयं पर बिना कोई व्यापक प्रतिकूल प्रभाव पड़े ही वे आधार नंबर और पैन को आपस में ङ्क्षलक करा सकें। इसके परिणामस्वरूप करदाताओं को अपने आधार नंबर के बारे में निर्धारित प्राधिकारी को सूचित करते समय बतौर शुल्क 1 अप्रैल, 2022 से तीन महीने तक 500 रुपये और उसके बाद 1000 रुपये देने होंगे।<br /><br />हालांकि, 31 मार्च 2023 तक उन करदाताओं, जिन्होंने अपने आधार नंबर के बारे में निर्धारित प्राधिकारी को सूचित नहीं किया है, का पैन इस अधिनियम के तहत आवश्यक समस्त प्रक्रियाओं को पूरा करने के लिए इस्तेमाल में लाया जा सकेगा। अपनी आय से संबंधित टैक्स रिटर्न भरना, रिफंड की प्रोसेङ्क्षसग, इत्यादि इन प्रक्रियाओं में शामिल हैं। 31 मार्च, 2023 के बाद उन करदाताओं का पैन निष्क्रिय हो जाएगा, जो पहले से ही तय आवश्यकता के अनुसार अपने आधार नंबर के बारे में निर्धारित प्राधिकारी को सूचित करने में विफल रहते हैं, और इसके साथ ही अपने आधार नंबर को प्रस्तुत नहीं करने, सूचित नहीं करने या उद्धृत नहीं करने के कारण इस अधिनियम के तहत निर्धारित समस्त सख्ती इस तरह के करदाताओं पर लागू होंगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 31 Mar 2022 18:29:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ऑडियो-गाइड शुरू नहीं करने पर फर्म को किया ब्लैकलिस्ट</title>
                                    <description><![CDATA[पर्यटकों के अवलोकनार्थ इन्हें पुन: खोलने के बाद ऑडियो गाइड की सुविधा शुरू नहीं की गई थी। करीब डेढ़ साल से ये सुविधा बंद थी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/firm-blacklisted-for-not-starting-audio-guide--on-october-16--2021--dainik-navjyoti-had-published-a-news-titled-audio-guide-closed-in-all-the-forts-and-palaces-of-the-city-for-one-and-a-half-years-due-to-the-lack-of-audio-guide-facility-for-tourists/article-4613"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/71.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जयपुर के हवामहल स्मारक, अल्बर्ट हॉल संग्रहालय में पर्यटकों को ऑडियो गाइड की सुविधा देने वाली फर्म को पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग ने ब्लैकलिस्ट कर दिया है। इससे पहले विभाग ने इस सुविधा को शुरू करने के लिए संबंधित फर्म को कई बार पत्र लिखे, लेकिन इसके बावजूद ये व्यवस्था शुरू नहीं होने पर इसका टेंडर खत्म कर दिया। पुरातत्व विभाग के अधिकारियों के अनुसार अब ये निजी फर्म तीन साल तक विभाग की किसी भी टेंडर प्रक्रिया में हिस्सा नहीं ले सकेगी। पर्यटकों को ऑडियो गाइड की सुविधा नहीं मिलने पर दैनिक नवज्योति ने 16 अक्टूबर, 2021 को ‘शहर के सभी किले-महलों में डेढ़ साल से बंद ऑडियो-गाइड’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद अब विभाग ने संबंधित प्राइवेट फर्म को ब्लैक लिस्टेड कर दिया है।  गौरतलब है कि कोविड-19 के कारण मार्च, 2019 में लॉकडाउन के चलते स्मारकों को ऐहतियातन बंद कर दिया गया था। लेकिन इस बाद पर्यटकों के अवलोकनार्थ इन्हें पुन: खोलने के बाद ऑडियो गाइड की सुविधा शुरू नहीं की गई थी। करीब डेढ़ साल से ये सुविधा बंद थी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 18 Feb 2022 16:26:46 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>वल्लभनगर में सरकार ने मांगा जनता से आशिर्वाद</title>
                                    <description><![CDATA[जनसभा में सीएम गहलोत का बयान : लोग समझने लगे हैं कि मोदी की कथनी और करनी में फर्क]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/udaipur/%E0%A4%B5%E0%A4%B2%E0%A5%8D%E0%A4%B2%E0%A4%AD%E0%A4%A8%E0%A4%97%E0%A4%B0-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A4%BE-%E0%A4%9C%E0%A4%A8%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%86%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%A6/article-1534"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/cong.jpg" alt=""></a><br /><p>उदयपुर। राजस्थान की दो सीटों पर विधानसभा उपचुनाव में शुक्रवार नामाकंन के नाम रहा।  मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी उदयपुर जिले के वल्लभनगर विधानसभा उपचुनाव में पार्टी प्रत्याशी प्रीति शक्तावत के समर्थन में आयोजित जनसभा में शामिल हुए। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ इस जनसभा में कांग्रेस प्रदेश प्रभारी अजय माकन, पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा और विधायक सचिन पायलट सहित मंत्री विधायक मौजूद थे।जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि इस बार हम अच्छा काम करना चाहते हैं ताकि एक बार कांग्रेस एवं एक बार भाजपा की सरकार बनने की प्रवृत्ति बदल जाये और अगली बार भी कांग्रेस की सरकार बने। </p>
<p>उन्होंने कहा कि प्रदेश में उनकी सरकार ने विकास के काम करने में कोई कमी नहीं आने दी। दो साल से वैश्विक महामारी कोरोना के कारण पिछले ढाई साल में केवल 13 महीना ही काम करने का अवसर मिला, अधिकांश समय तो कोरोना में चला गया। उन्होंने कहा कि फिर भी राज्य सरकार ने शिक्षा, सड़क, स्वास्थ्य सहित किसी भी तरह के काम में कमी नहीं रही। एक साथ 123 कालेज खोले गये। गांवों में भी महात्मा गांधी अंग्रेजी स्कूल खोलने शुरु किए गए हैं और इन स्कूलों में प्रवेश के लिए भीड़ पडऩे लगी हैं और लॉटरी के माध्यम से प्रवेश दिये जा रहे है। घर घर पानी पहुंचाने के लिए भी सरकार काम कर रही हैं और काम में कभी कमी नहीं आने दी जायेगी। कोरोना काल में आक्सीजन की कमी से हाहाकार मच गया था और दिल्ली, कनार्टक, उत्तर प्रदेश आदि में ऑक्सीजन की कमी से लोग मर गये लेकिन राजस्थान में लोगों को बचाया गया। इसके अलावा कोरोना में प्रदेश ही नहीं बाहर के राज्यों के लोगों ने भी अपना इलाज कराया। प्रदेश में भीलवाड़ा मॉडल प्रसिद्ध हुआ।</p>
<p> </p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को विश्वास दिलाते हुए कहा कि निश्चित रहो कि काम करके दिखायेंगे और पहले भी अच्छा काम किया है, सरकार बदल गई, कभी मोदी के नाम से, कभी किसी कारण से लेकिन कांग्रेस सरकार की उपलब्धियों पर चिंतन करना चाहिए, इसके बाद मत देने में कंजूसी नहीं करनी चाहिए।</p>
<p>उन्होंने कहा कि वल्लभनगर से कांग्रेस प्रत्याशी प्रीति शक्तावत को पार्टी ने एक राय होकर जनता के विश्वास के आधार पर टिकट दिया गया है। अभी ढाई साल पड़े हैं, अगर यह इस दौरान यह अच्छा काम करती हैं तो आगे मौका देना, नहीं तो मत देना। उन्होंने कहा कि सरकार ने अपनी ड्यूटी पूरी निभाई हैं और इस बार अच्छा काम करना चाहते हैं ताकि एक बार कांग्रेस, एक बार भाजपा की सरकार की प्रवृत्ति बदल जाये और अगली बार भी कांग्रेस की ही सरकार बने। <br /> <br /> जनसभा के दौरान राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर देश को गुमराह करने, महंगाई बढऩे एवं माहौल अच्छा नहीं होने का आरोप लगाते हुए कहा है कि अब लोग समझने लगे हैं कि इनकी कथनी और करनी में फर्क हैं।  उन्होंने कहा कि मोदी देश को गुमराह कर रहे हैं। मीडिया भी उनके दबाव में हैं। देश में जुल्म हो रहे हैं, लोकतंत्र खतरे में हैं। <br />  </p>
<p>उन्होंने कहा कि कहा जा रहा है कि कांग्रेस ने सत्तर साल में क्या किया, पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने बलिदान दिया और पाकिस्तान के दो टुकड़े कर बंगलादेश बना दिया, वर्ष 1974 में पोकरण में परमाणु परीक्षण किया गया, सत्तर साल में लोकतंत्र बचा रहा, तभी तो आज श्री मोदी प्रधानमंत्री बने हैं, यही तो लोकतंत्र हैं। लेकिन दो बार चुनाव जीत गए तो घमंड आ गया। लेकिन अब ग्रामीण लोग समझने लगे हैं कि मोदी की कथनी एवं करनी में अंतर हैं। <br />  </p>
<p>उन्होंने कांग्रेस एवं भाजपा में रात और दिन का फर्क बताते हुए कहा कि इनकी विचारधारा, नीतियों आदि में फर्क हैं। कांग्रेस 36 कौंम को साथ लेकर चलती हैं। उन्होंने कहा कि किसान साल भर से काले कानूनों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, सत्तर साल में नहीं हुआ जो इस बार किसानों को दुख झेलना पड़ा हैं। उत्तर प्रदेश में किसान शांतिपूर्वक चल रहे थे कि उन पर गाड़ी चढा दी गई। ऐसा पहले कभी देखने को नहीं मिला। इसके बाद कांग्रेस नेता प्रियंका एवं राहुल गांधी पीड़तिों से मिलने जाये तो उन्हें रोक दो, यह विपक्ष का काम हैं और इससे फायदा ही होता है। <br />  </p>
<p>उन्होंने कहा कि पेट्रोल एवं डीजल एवं रसोई गैस के दाम रोज बढ़ रहे है। केन्द्र सरकार इनके नाम पैसे कमाकर देश चला रही है, हर वस्तु महंगी हो गई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वल्लभनगर से प्रीति  शक्तावत को टिकट दिया गया हैं और अब सभी पार्टी के लोग एकजुट होकर काम करना  हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान में कांग्रेस पार्टी एकजुट हैं, खबरों पर  मत जाना, अभी तो मोदी मीडिया हैं, मीडिया भी  मोदी के दबाव में हैं।</p>
<p><br /> इस अवसर पर कांग्रेस प्रदेश प्रभारी अजय माकन ने भी केन्द्र सरकार पर महंगाई बढऩे का आरोप लगाते हुए कहा कि पूरी दुनियां में तेल की कीमतें कम हो रही हैं लेकिन हमारे देश में इनके दाम बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री सबक सिखाने की बाते करते हैं और बाद में उनके बेटा किसानों को कुचल देता हैं और उसकी कोई गिरफ्तारी नहीं, यह लोकतंत्र हैं, क्या यह अहंकार नहीं है। <br /> <br /> इस मौके प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि उनकी राज्य में गहलोत सरकार रोजगार देने का काम कर रही हैं लेकिन भाजपा के कुछ लोग भ्रम फैला रहे हैं। उन्होंने कहा कि हाल में अध्यापक पात्रता परीक्षा (रीट) के लिए जो व्यवस्थाएं की गई उसे पूरे देश ने सराहा है, लेकिन कुछ लोग रीट परीक्षा दुबारा करने की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना के चलते कई परीक्षाएं नहीं हुई और सरकार की मंशा हैं कि युवाओं अधिक से अधिक रोजगार मिले। <br /> <br />  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>उदयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 08 Oct 2021 18:45:20 +0530</pubDate>
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