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                <title>ढाई साल बाद महिला आरक्षण लागू कर परिसीमन की बात करने लगी सरकार : यह कदम विफलता छिपाने का प्रयास, जयराम बोले- ईंधन संकट से ध्यान भटकाने की एक कोशिश</title>
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                        <![CDATA[कांग्रेस ने महिला आरक्षण को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि ढाई साल बाद अचानक इसे लागू करने की बात ध्यान भटकाने की कोशिश है। जयराम रमेश ने कहा, पहले परिसीमन और जनगणना जरूरी बताई गई थी, अब बिना इसके पहल हो रही है। विपक्ष ने संशोधनों पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक की मांग की है।
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/after-two-and-a-half-years-the-government-started-talking/article-147768"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-05/jairam-ramesh-2-(2).png" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">नई दिल्ली। कांग्रेस ने कहा कि सरकार अचानक करीब ढाई साल बाद महिला आरक्षण लागू कर परिसीमन की बात करने लगी है, जिससे साफ है कि उसका यह कदम अपनी विफलताओं और पश्चिम एशिया की स्थिति के कारण उपजे ईंधन संकट से ध्यान भटकाने का एक प्रयास है। कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने बुधवार को सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में महिला आरक्षण विधेयक को लेकर कहा कि सितंबर 2023 में नए संसद भवन का उद्घाटन नारी वंदन अधिनियम, 2023 यानी महिला आरक्षण<span>  </span>विधेयक पारित करके किया गया था, जिसके तहत लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण तथा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित सीटों में भी महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण का प्रावधान किया गया। इन दोनों आरक्षणों को परिसीमन और जनगणना की प्रक्रिया पूरी होने के बाद लागू किया जाना था।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">उन्होंने सरकार को याद दिलाते हुए कहा कि जब नारी वंदन अधिनियम, 2023 पर संसद में बहस चल रही थी, तब कांग्रेस ने मांग की थी कि इसे 2024 के लोकसभा चुनाव से ही लागू किया जाए, लेकिन केंद्र सरकार ने जवाब देते हुए कहा था कि यह संभव नहीं है, क्योंकि पहले परिसीमन और जनगणना दोनों का काम पूरा होना आवश्यक है। अब 30 महीने बाद अचानक सरकार बिना परिसीमन और जनगणना कराए ही आरक्षण लागू करना चाहती है। रमेश ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, सरकार जन ध्यान भटकाने वाले हथियार चलाने में माहिर हैं। अपनी विदेश नीति की विफलताओं और झटकों से तथा देश के सामने खड़े एलपीजी और ऊर्जा संकट से ध्यान हटाने के लिए सरकार यह नई पहल लेकर आई हैं। इसका पूरा राजनीतिक लाभ लेने के लिए उन्होंने संकेत दिया है कि अगले पखवाड़े में नारी वंदन अधिनियम, 2023 में आवश्यक संशोधन पारित करने के लिए संसद का विशेष दो-दिवसीय सत्र बुलाया जाएगा।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">उन्होंने बताया कि विपक्षी दलों ने सरकार को पत्र लिखकर कहा है कि पहले 29 अप्रैल को मौजूदा विधानसभा चुनावों का दौर पूरा होने के बाद सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए, जिसमें प्रस्तावित संशोधनों पर चर्चा की जा सके। सरकार लोकसभा और विधानसभा की सीटों की संख्या 50 प्रतिशत तक बढ़ाने की भी योजना बना रही है। इस पर भी गंभीर विचार-विमर्श की आवश्यकता है। उनका कहना था कि अप्रैल में दो-दिवसीय विशेष सत्र बुलाना नियमों का उल्लंघन होगा। इससे यह सवाल भी गंभीर रूप से उठता है कि अप्रैल 2025 में घोषित जाति जनगणना को असल में कराने के प्रति सरकार की वास्तविक प्रतिबद्धता क्या है, जबकि इससे पहले भारत जोड़ो न्याय यात्रा और 2024 लोकसभा चुनाव अभियान के दौरान इस मांग को उठाने पर कांग्रेस के नेताओं पर अर्बन नक्सल मानसिकता का आरोप लगाया गया था।</span></p>]]>
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                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 25 Mar 2026 12:44:53 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का - अब वरिष्ठजन सरकारी खर्चे पर करेंगे तीर्थ यात्रा, बजट घोषणा के बाद से कर रहे थे इंतजार </title>
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                        <![CDATA[ देवस्थान विभाग की वरिष्ठ नागरिक तीर्थयात्रा योजना में सरकारी खर्चे पर तीर्थ स्थलों की यात्रा करने का इंतजार अब समाप्त हो गया है]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/asar-of-the-news---now-senior-citizens-will-go-on-pilgrimage-at-government-expense/article-120999"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-07/855842roer-(3).png" alt=""></a><br /><p>कोटा। देवस्थान विभाग की वरिष्ठ नागरिक तीर्थयात्रा योजना में सरकारी खर्चे पर तीर्थ स्थलों की यात्रा करने का इंतजार अब समाप्त हो गया है। राजस्थान सरकार की बजट घोषणा 2025-26 की क्रियान्विती में यात्रा के लिए देवस्थान विभाग ने शुक्रवार से ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने विभाग की वेबसाइट  पर बटन दबाकर पोर्टल का शुभारंभ किया। आवेदन की आखिरी तारीख 10 अगस्त निर्धारित की गई है। इच्छुक वरिष्ठजन देवस्थान विभाग की वेबसाइट पर आवेदन कर सकते हैं। विभाग इस योजना के तहत 60 साल से ज्यादा उम्र के नागरिकों को धार्मिक स्थलों की यात्रा कराएगा। इसके लिए राजस्थान का मूल निवासी होना आवश्यक है। साथ ही वे इनकम टैक्स नहीं भरते हों। बजट घोषणा के तहत इस साल योजना में 50 हजार वरिष्ठ नागरिकों को एसी ट्रेन और 6 हजार को हवाई जहाज से तीर्थ यात्रा कराई जाएगी। </p>
<p><strong>ट्रेन के हर कोच पर दिखेगी राजस्थान की झलक</strong><br />देवस्थान विभाग ने इस बार योजना को लेकर बदलाव किया है। वरिष्ठजनों को यात्रा पर लेकर जाने वाली ट्रेन की विशेष डिजाइनिंग की गई है। प्रत्येक कोच पर राजस्थान के अलग-अलग मंदिर, दुर्ग, अन्य पर्यटक स्थल व अभयारण्य नजर आएंगे। लोक नृत्य, त्योहार, लोक कलाएं, तीज त्योहार की झलक ट्रेन के कोच पर नजर आएगी। विशेषतौर पर सभी 11 कोच पर राजस्थानी लोक नृत्य, लोक कलाएं, तीज त्यौंहार की झलक नजर आएगी। ट्रेन में डॉक्टर तथा मेडिकल स्टाफ की सुविधा भी मिलेगी। इसके अलावा सभी यात्रियों के ठहरने के लिए होटल, ट्रांसपोर्ट व मंदिर दर्शन की सुविधा के साथ साथ यात्रियों के लिए सुबह-शाम के खाने व नाश्ते की व्यवस्था भी देवस्थान विभाग की ओर से उपलब्ध करवाई जाएगी। इच्छुक वरिष्ठजन देवस्थान विभाग की वेबसाइट पर आवेदन कर सकते हैं। विभाग इस योजना के तहत 60 साल से ज्यादा उम्र के नागरिकों को धार्मिक स्थलों की यात्रा कराएगा। आॅनलाइन आवेदन के बाद जिला स्तर पर गठित कमेटी पात्र लोगों का चयन करेगी। इसमें चुने गए पात्र लोगों को अगस्त से यात्रा पर भेजा जाएगा। एक ट्रेन में 800 वरिष्ठजन यात्रा कर सकेंगे। </p>
<p><strong>40 तीर्थस्थलों के दर्शन करेंगे यात्री</strong><br />विभागीय अधिकारियों के अनुसार इस बार स्वर्ण मंदिर के बाद सिख समुदाय की मांग पर सिख धर्म के कई नए तीर्थ स्थलों को यात्रा में शामिल किया गया है। इनमें महाराष्ट्र के हजूर साहिब (नांदेड़) व पटना साहिब (बिहार) भी हैं। इसके अलावा ट्रेन से कुल 15 रूट तय किए गए हैं, जिन पर वरिष्ठजनों को लगभग 40 तीर्थस्थलों के दर्शन करने का अवसर मिलेगा। इनमें हरिद्धार, ऋषिकेश-अयोध्या-वाराणसी,सारनाथ, सम्मेदशिखर-पावापुरी, मथुरा, वृंदावन, बरसाना, आगरा, द्धारकापुरी, नागेश्वर, सोमनाथ, तिरूपति, पदमावती, कामख्या-गोवाहाटी, गंगासागर-कोलकाता, जगन्नाथपुरी-कोणार्क, रामेश्वरम-मदुरई, वैष्णोदेवी, अमृतसर-वाघा बार्डर, महाकालेश्वर, उज्जैन-ओंकारेश्वर-त्रयम्बकेश्वर-घृष्णेश्वर-एलोरा, बिहार शरीफ, पटना साहिब-बिहार व श्री हजूर साहिब नांदेड़-महाराष्ट्र तथा गोवा के मंदिर व अन्य स्थल चर्च आदि शामिल हैं।</p>
<p><strong>वरिष्ठजन कर रहे इंतजार, नवज्योति ने उठाया था मामला</strong><br />बजट में घोषणा के बाद भी वरिष्ठ नागरिक तीर्थयात्रा के आवेदन की प्रक्रिया की अभी तक शुरू नहीं होने के सम्बंध में 30 जून को दैनिक नवज्योति में प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया गया था। जिसमें बताया था कि यात्रा के लिए लोगों का इंतजार लंबा हो रहा हैं। विभाग की ओर से इस साल अभी तक आवेदन नहीं मांगे गए हैं। पूर्व में राज्य सरकार ने मई माह में आवेदन लिए जाने की बात कही थी, लेकिन ऑनलाइन आवेदन का पोर्टल अभी तक शुरू नहीं हुआ है। यात्रा में इस बार र्त्यंबकेश्वर, दश्मेश्वर, गोवा और आगरा जैसे प्रमुख स्थलों को भी शामिल किया गया है। लोग आवेदन शुरू होने का इंतजार कर रहे है लेकिन अभी तक कोई तैयारी नहीं दिख रही है।  </p>
<p><strong>फैक्ट फाइल</strong><br />-18 जुलाई से आवेदन शुरू<br />- 10 अगस्त आखिरी तारीख<br />- 60 से अधिक उम्र जरूरी<br />- 50 हजार एसी ट्रेन में होंगे सवार<br />- 6000 करेंगे हवाई यात्रा</p>
<p>काफी समय से वरिष्ठ नागरिक तीर्थयात्रा के आवेदन की प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार कर रहा था। पिछले साल उसका नम्बर नहीं आया था। अब आवेदन प्रक्रिया शुरू होने से इस साल यात्रा पर जाने की पूरी उम्मीद है। <br /><strong>-बलबीर सिंह, वरिष्ठजन</strong></p>
<p>वरिष्ठ नागरिक तीर्थयात्रा योजना में शुक्रवार से ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। आवेदन की आखिरी तारीख 10 अगस्त निर्धारित की गई है। इच्छुक वरिष्ठजन देवस्थान विभाग की वेबसाइट पर आवेदन कर सकते हैं। <br /><strong>-राम सिंह, निरीक्षक, देवस्थान विभाग </strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 19 Jul 2025 15:22:59 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का - भीतरिया कुंड बारहद्वारी की होने लगी बुकिंग</title>
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                        <![CDATA[नवज्योति में समाचार प्रकाशित होने के बाद एक तो भीतरिया कुंड की बारहद्वारी व तिवारी की बुकिंग शुरु हुई है।]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-the-news---booking-of-bhitaria-kund-barahdwari-has-started/article-111594"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-04/rtrer17.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। नगर निगम कोटा दक्षिण की ओर से सामुदायिक भवनों और भीतरिया कुंड बारहद्वारी का किराया कई गुना बढ़ाने के बाद लम्बे समय से बंद बुकिंग फिर से शुरु हो गई है।  शिवपुरा स्थित भीतरिया कुंड में बारहद्वारी व तिवारियों की बुकिंग शुरु हुई है। जिसमें बढ़े हुए किराए में लोगों ने जगह को बुक कराया है। नगर निगम के राजस्व अनुभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार किराया बढ़ाने के बाद पहली बार भीतरिया कुंड में 5 बुकिंग हुई हैं। जिनमें से तीन बुकिंग 75 सौ वाली और दो बुकिंग 10 हजार रुपए वाली हुई है। निगम अधिकारियों का कहना है कि भीतरिया कुंड ऐसी जगह है जहां लोगों को सुविधा अधिक मिल रही है। इस कारण से यहां अधिक किराया होने के बाद भी लोग इसका उपयोग कर रहे है।  निगम अधिकारियों का कहना है कि सामुदायिक भवनों का किराया बढ़ाने के बाद अब उनकी मरम्मत भी करवाई जाएगी। इसके लिए नगर निगम कोटा दक्षिण अधिकारियों द्वारा निर्माण अनुभाग के माध्यम से एस्टीमेट तैयार कराया जा रहा है। सभी सामुदायिक भवनों में रंग रोगन, टूटफूट, दरवाजे सही करवाने व बिजली की लाइनों भी  सही करवाने का किया जाएगा। </p>
<p><strong>नवज्योति ने किया था प्रकाशित</strong><br />गौरतलब है कि दैनिक नवज्योति ने यह मामला प्रकाशित किया था। 17 अप्रैल के समाचार पत्र में समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें बताया था कि किराया बढ़ाने के बाद एक भी सामुदायिक भवन की नहीं हुई बुकिंग। पार्षदों व आमजन ने इन सामुदायिक भवनों की मरम्मत करवाने की मांग दोहराई थी।  नवज्योति में समाचार प्रकाशित होने के बाद एक तो भीतरिया कुÞंड की बारहद्वारी व तिवारी की बुकिंग शुरु हुई है। वहीं सामुदायिक भवनों की मरम्मत का एस्टीमेट भी तैयार कराया जा रहा है। जिससे इन सामुदायिक भवनों की दशा को सुधारा जा सकेगा।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 22 Apr 2025 15:07:43 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का -बंद पड़े सीसीटीवी कैमरों को ठीक करने का काम शुरू, आपराधिक गतिविधियों पर लग सकेगी लगाम</title>
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                        <![CDATA[नगर पालिका की ओर से कस्बे में हाने वाली चोरी की वारदातों और असामाजिक गतिविधियों की रोकथाम के लिए कस्बे में सीसीटीवी कैमरे लगाए थे।]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-the-news---work-started-to-repair-the-defunct-cctv-cameras/article-106303"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/257rtrer16.png" alt=""></a><br /><p>सुकेत। नगर पालिका सुकेत ने कस्बे के चौक चौराहों पर काफी समय से बंद पड़े व क्षतिग्रस्त कैमरों को ठीक करवाने का कार्य शुरू कर दिया है। गौरतलब है कि इस मामले को दैनिक नवज्योति ने दो माह पहले प्रमुखता के साथ उठाकर प्रशासन का ध्यान इस तरफ आकर्षित किया था। जानकारी के अनुसार नगर पालिका की ओर से कस्बे में हाने वाली चोरी की वारदातों और असामाजिक गतिविधियों की रोकथाम के लिए कस्बे में सीसीटीवी कैमरे लगाए थे। ये सीसीटीवी कैमरे देखरेख के अभाव में बंद पड़े थे। साथ ही कस्बे में चोरी चकारी करने वाले आपराधिक तत्वों ने भी कई कैमरों को क्षतिग्रस्त कर दिया था। इसके बाद कस्बे में चोरी की वारदातों में इजाफा होने लगा था। दैनिक नवज्योति ने प्रशासनिक अधिकारियों का इस समस्या पर ध्यान आकर्षित करते हुए 26 दिसंबर के अंक में प्रमुखता के साथ समाचार प्रकाशित किया था। इसका संज्ञान लेते हुए प्रशासन ने इन सीसीटीवी कैमरों की सुध लेकर इन्हें ठीक करने का काम शुरू कर दिया है। जिससे कस्बे में आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लग सकेगी। </p>
<p><strong>डेढ़ साल पहले लगे थे कैमरे</strong><br />नगर में संभावित आपराधिक गतिविधियों पर नजर रखने के लिए करीब डेढ़ साल पहले पालिका की ओर से नगर के चौक चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। ये सीसीटीवी कैमरे काफी समय बंद पड़े हुए थे। हालत यह हो गई थी कि अगर चौराहों पर कोई बड़ी घटना हो जाए तो पुलिस को दुकानों में लगे सीसीटीवी कैमरों का सहारा लेना पड़ता था।</p>
<p><strong>पुलिस को अपराध रोकने में मिलती थी मदद</strong><br />नगर के सभी महत्वपूर्ण चौराहों पर पालिका ने सीसीटीवी कैमरे लगवाए थे। इन कैमरों की मदद से पुलिस नगर के सभी चौराहों पर नजर रखती थी। कई आपराधिक मामलों में पुलिस को इसका लाभ भी मिला। यातायात नियमों का पालन नहीं करने वाले वाहनों पर भी पुलिस की नजर रहती थी। लेकिन वक्त के साथ चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरे धीरे-धीरे खराब होते रहे। दैनिक नवज्योति में खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन ने अब इनकी सुध ली है।</p>
<p><strong>पालिका में रहेगा कंट्रोलर</strong><br />जानकारी के अनुसार कस्बे में बारह कैमरे लगे हुए हैं। जिनको ठीक करवाया जा रहा। कैमरों का कंट्रोलर पालिका में रहेगा। </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 04 Mar 2025 14:27:35 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का - 34 माह बाद आखिर मदर मिल्क बैंक का खुला ताला, मदर मिल्क बैंक शुरू करने की कवायद हुई शुरू </title>
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                        <![CDATA[बैंक से प्रतिदिन एक दर्जन से अधिक नवजात शिशुओं को लाभ मिलेगा और उन्हें पोषक मां का दूध उपलब्ध कराया जा सकेगा।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-the-news---mother-milk-bank-finally-opened-after-34-months/article-106300"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/257rtrer-(1)15.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार मदर मिल्क बैंक शुरू करने की प्रक्रिया शुरू हो गई। सोमवार को जेकेलोन अधीक्षक डॉ. निर्मला शर्मा ने बैंक की साफ सफाई से लेकर मशीनों की जांच कराकर व्यवस्थाएं जांची और इसको शुरू करने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश शिशुरोग विभाग डॉक्टरों को दिए। उल्लेखनीय है कि दैनिक नवज्योति  2 मार्च के अंक में ये कैसा इंतजाम ! बनने के 34 माह बाद भी मदर मिल्क बैंक नहीं हो पा रहा शुरू शीर्षक से खबर प्रकाशित की। उसके बाद सोमवार को अस्पताल प्रशासन हरकत में आया और उसने बंद पड़े मदर मिल्क बैंक सूद ली और उसको चालू करने की कवायद शुरू की। डॉ. निर्मला शर्मा ने बताया कि सभी मशीनों की जांच कर उपकरणों की जांच की है। शीघ्र इसको चालू करने के निर्देश जारी कर दिए है। </p>
<p><strong>कुपोषित बच्चों को मिलेगा लाभ</strong><br />जेकेलोन अस्पताल की अधीक्षक डॉ. निर्मला शर्मा ने बताया कि मदर मिल्क शुरू होने से कुपोषित बच्चों को मां का दूध मिल सकेंगा। प्रसूताएं एक दिन में तीन बार दूध दान कर सकेंगी। यह मिल्क बैंक उन नवजात शिशुओं के लिए वरदान साबित होगा, जिनकी मां नहीं हैं या जिन्हें मां का दूध नहीं मिल पा रहा है। इस बैंक से प्रतिदिन एक दर्जन से अधिक नवजात शिशुओं को लाभ मिलेगा और उन्हें पोषक मां का दूध उपलब्ध कराया जा सकेगा। मदर्स मिल्क बैंक बनने के बाद कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़ ही नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश तक के नवजात शिशुओं और उनके परिजनों को फायदा मिलेगा। हालांकि, दूध दान करने वाली महिलाओं के स्वास्थ्य की पूरी जांच की जाएगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उन्हें कोई बीमारी न हो। मदर्स मिल्क बैंक नवजात शिशुओं के लिए मां का दूध स्टोर करने और वितरित करने वाली एक नॉन-प्रॉफिट संस्था है। इन बैंकों में स्वेच्छा से दूध दान किया जाता है, जिससे जरूरतमंद नवजात शिशुओं को मां का दूध उपलब्ध कराया जा सके।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 04 Mar 2025 13:18:53 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का - कोटा यूनिवर्सिटी में शुरू हुई ट्यूरिज्म एंड ट्रैवल मैनेजमेंट की कक्षाएं </title>
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                        <![CDATA[फैकल्टी परीक्षा से पहले कोर्स पूरा करवाने की जद्दो जहद में लगी है।  ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/effect-of-the-news---tourism-and-travel-management-classes-started-in-kota-university/article-100382"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/257rtrer-(1)16.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा विश्वविद्यालय में शुरू किए गए मास्टर ऑफ ट्यूरिज्म एंड ट्रैवल मैनेजमेंट कोर्स  की कक्षाएं शुरू हो गई हैं। विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए फैकल्टी व क्लास रूम भी मिल गए हैं। कैम्पस में प्रतिदिन डेढ़ से दो घंटे की क्लासें लगाई जा रही हैं। हालांकि, कक्षाएं शुरू होने में काफी वक्त लगा है। फरवरी में सेमेस्टर एग्जाम होने हैं। ऐसे में फैकल्टी परीक्षा से पहले कोर्स पूरा करवाने की जद्दो जहद में लगी है।  इसके लिए एक्सट्रा क्लासें भी लगाई जा रही हैं। मास्टर ऑफ ट्यूरिज्म एंड ट्रैवल मैनेजमेंट कोर्स की कन्वीनर डॉ. अनुकृति शर्मा ने बताया कि 23 दिसम्बर को ऑफिशियली रूप से कक्षाएं शुरू कर दी गई थीं। अब परीक्षा से पहले सिलेबस पूरा करवाना चुनौति है। हालांकि, एक्सट्रा क्लासें लगवाकर कोर्स पूरा करवाने का प्रयास किया जा रहा है। </p>
<p><strong>प्रतिदिन 2 घंटे लग रही कक्षाएं</strong><br />मास्टर ऑफ ट्यूरिज्म एंड ट्रैवल मैनेजमेंट के प्रथम सेमेस्टर की कक्षाएं प्रतिदिन डेढ़ से दो घंटे लगाई जा रही है। इस दौरान विद्यार्थियों को न केवल किताबी ज्ञान पढ़ा रहे हैं बल्कि प्रेक्टिकली ट्यूरिज्म एंड ट्रैवल के बारे में बताया जा रहा है। इस कोर्स में देश के ऐतिहासिक  स्थल, इमारतों व ट्यूरिज्म स्पोट्स के बारे में पढ़ाया जा रहा है। जल्द ही भर सकेंगे एग्जाम फॉर्म : डॉ. अनुकृति ने बताया कि एग्जाम फॉर्म भरने की तिथि निकल चुकी है। लेकिन, इस कोर्स के विद्यार्थियों के लिए अलग से एग्जाम फॉर्म भरने के लिए पोर्टल खोला जाएगा। जल्द ही विद्यार्थी फॉर्म भर सकेंगे। हालांकि, इनकी परीक्षा अन्य संकायों के सेमेस्टर एग्जाम समाप्त होने के कुछ दिनों बाद करवाए जाने की संभावना है। </p>
<p><strong>यह आ रही थी समस्या</strong><br />कोटा विवि ने वर्तमान सत्र से मास्टर ऑफ ट्यूरिज्म एंड ट्रैवल मैनेजमेंट पीजी कोर्स लॉन्च किया था। लेकिन, कोर्स के लिए अलग से कोई डिपार्टमेंट नहीं बनाया। जबकि, यूजीसी नियमानुसार इस कोर्स के संचालन के लिए अलग से डिपार्टमेंट होना जरूरी है। लेकिन, विभाग नहीं बनने से न तो फैकल्टी मिली और न ही कक्षाएं लग पा रही थी। ऐसे में विद्यार्थियों में कोर्स को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई थी। विद्यार्थियों की शिकायत पर दैनिक नवज्योति ने 17 दिसम्बर को खबर प्रकाशित कर छात्रों की समस्या को प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कोर्स के लिए फैकल्टी व क्लासरूम की परमिशन दी। जिसके बाद 23 दिसम्बर को कक्षाएं शुरू हो गई।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Jan 2025 17:40:54 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का - लोकार्पण के 19 माह बाद शुरू हुआ डीलक्स कॉटेज वार्ड का नया अस्पताल</title>
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                        <![CDATA[ एमबीएस अस्पताल परिसर में डीलक्स कॉटेज वार्ड और नया अस्पताल भवन का लोकार्पण 19 माह बाद आखिर कार शुरू हो गया है। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/asar-khabar-ka---new-hospital-of-deluxe-cottage-ward-started-19-months-after-inauguration/article-99880"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-01/257rtrer-(10)2.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। एमबीएस अस्पताल परिसर में डीलक्स कॉटेज वार्ड और नया अस्पताल भवन का लोकार्पण 19 माह बाद आखिर कार शुरू हो गया है। नए अस्पताल में ग्राउंड फ्लोर पर मेडिकल वार्ड शुरू किया है वहीं सैंकड फ्लोर पर सर्जिकल आईसीयू शुरू किया गया। है। उल्लेखनीय है कि दैनिक नवज्योति में 19 नवंबर को पेज दो पर 68 करोड़ को सवा साल से उपयोग का इंतजार शीर्षक से खबर प्रकाशित होने के बाद से अस्पताल प्रशासन इसको शुरू करने की कवायद में जुट गया। दिसंबर माह में 13 को इसको चालू करने के आदेश जारी किए उसके बाद 23 को इसमें मेडिकल वार्ड के मरीजों को शिफ्ट किया गया।  वहीं 2 जनवरी को इसमें सर्जिकल आईसीयू को शुरू किया गया।  इस भवन का कांग्रेस सरकार ने 27 अप्रेल 2023 को इसका  लोकार्पण तो कर दिया लेकिन उसके बाद भाजपा सरकार आने से इस भवन का शिफ्टिंग कार्य धीमा हो गया था। कारण कि भवन में उपकरण से लेकर अन्य मूलभूत सुविधाएं पूरी नहीं थी। जिसके चलते पिछले 19 माह से तैयार किए भवन पर अभी ताले लगे थे।  सरकार की ओर से 68 करोड़ रुपए लगाकर भवन तो तैयार कर दिया लेकिन इसको चालू करने में देरी हो रही थी। मरीजों की समस्याओं देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने इसको खबर प्रकाशित होने के बाद इसमें जरूरी काम कराकर शुरू किया।  </p>
<p>68 करोड़ रुपए से तैयार शुरू हुआ उपयोग: 68 करोड़ रुपए की लागत से तैयार नए अस्पताल भवन और डीलेक्स कॉटेज वार्ड 2 जनवरी से उपयोग होने से मरीजों को बड़ी राहत मिली है। पिछले 19 माह से यह भवन धूल खा रहा था नवज्योति में खबर प्रकाशित होने बाद अब इसका उपयोग होने लगा है। नया  अस्पताल चालू नहीं होने से यहां लोग ऑपरेशन कराने लगे है।  एमबीएस परिसर में तैयार हुए  नए अस्पताल में 340 बेड  है। अस्पताल का निर्माण कार्य यूआईटी द्वारा कराया गया है। जिसमें करीब 68 करोड़ खर्च किए गए है।  डीलक्स कॉटेज वार्ड व नया अस्पताल भवन सभी अत्याधुनिक सुविधाएं है।  नया अस्पताल शुरू हो जाने से जगह की कमी नहीं रहेगी।</p>
<p><strong>मेडिकल वार्ड के 18 बेड पर मरीज कर रहे भर्ती :</strong></p>
<p> एमबीएस केमेडिकल वार्ड के मरीजों यहां शिफ्ट किया है। 23 दिसंबर से यहां मरीजों को भर्ती करना शुरू कर दिया था। अभी ग्राउंड फ्लोर पर 18 बेड पर मरीज भर्ती किए जा रहे है। यहां पर तीन पारियों में मेडिकल स्टाफ तैनात किया है। जो राउंड क्लॉक ड्यूटी दे रहा है। यह अस्पताल शुरू होने से अब मौसमी बीमारियों के सीजन में बेड की कमी नहीं आएगी।</p>
<p><strong>सर्जिकल आईसीयू वार्ड शुरू :</strong></p>
<p>डिलक्स कोटेज वार्ड अस्पताल के सैकंड फ्लौर पर तीन आईसीयू वार्ड है। अभी सर्जिकल आईसीयू वार्ड शुरू किया है। जिसमें 13 बेड है। सभी में मरीज भर्ती है। वहीं शीघ्र ही मेडिकल आईसीयू भी शुरू करने की तैयारी की जा रही है। सैकंड फ्लोर पर परिजनों के ठहरने और बैठने की अलग से व्यवस्था यहां लॉकर लगाए जिसमें परिजन अपना सामान रख सकते है। </p>
<p>एमबीएस अस्पताल परिसर में डीलक्स कॉटेज वार्ड व नया अस्पताल को नए साल में शुरू कर दिया है। अभी मेडिकल वार्ड व सर्जिकल आईसीयू वार्ड शुरू किया है। अन्य वार्ड भी शीघ्र शुरू कर दिए जाएंगे। अभी छोटे कार्य को ठीक कराया जा रहा है। जिससे मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो। <br /><strong>-डॉ. संगीता सक्सेना, प्रधानाचार्य मेडिकल कॉलेज कोटा</strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Jan 2025 16:04:26 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का - अब कोटा में शुरू हो सकेगी वाइल्ड लाइफ सफारी </title>
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                        <![CDATA[अभेड़ा स्थित 1100 हैक्टेयर वनभूमि को कोटा वन्यजीव में शामिल करने की योजना ]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/asar-khabar-ka---now-wildlife-safari-can-be-started-in-kota/article-97085"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-12/257rtrer-(1)13.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोटा में वाइल्ड लाइफ सफारी शुरू किए जाने की दिशा में वन्यजीव विभाग ने कदम बढ़ा दिया है। वाइल्ड लाइफ डीएफओ ने प्रस्ताव बनाकर सीसीएफ को प्रस्ताव भेजा है। जहां से मुख्य वन संरक्षक एवं क्षेत्र निदेशक रामकरण खैरवा ने प्रस्ताव को प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक को भेजा है। जहां से स्वीकृति मिलने पर कोटा वन मंडल के अधीन सकतपुरा वनखंड को वन्यजीव विभाग में शामिल कर वाइल्ड लाइफ सफारी शुरू की जा सकेगी।  दरअसल, अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क से सटे सकतपुरा वनखंड की 1100 हैक्टेयर वनभूमि को वन्यजीव विभाग में शामिल करने की कार्य योजना है। वर्तमान में यह क्षेत्र कोटा वन मंडल के अधीन है। जिसे कन्जरर्वेशन रिजर्व में तब्दील किए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं। वन्यजीव विभाग ने गत 20 जुलाई को विधानसभा सत्र-2 में विधायक संदीप शर्मा द्वारा लगाए सवालों के जवाब से इसकी जानकारी दी थी। </p>
<p><strong>लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट 1972 प्रभावी होने से बढ़ेगा प्रोटेक्शन </strong><br />सकतपुरा वनखंड, अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क से सटा वनक्षेत्र है, जो प्रस्तावित कोटा ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट शंभुपुरा तक 1100 हैक्टेयर में फैला हुआ है। इसमें बड़ी संख्या में शाकाहारी व मांसाहारी वन्यजीवों की मौजूदगी है। कंजरर्वेशन रिजर्व घोषित किए जाने से यह वनक्षेत्र न केवल संरक्षित हो होगा बल्कि वाइल्ड लाइफ एक्ट 1972 लागू होने जंगली-जानवरों व जंगल का प्रोटेक्शन बढ़ जाएगा। ऐसे में अभेड़ा से ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट शंभुपुरा तक वाइल्ड लाइफ सफारी शुरू किए जाने से टयूरिज्म बढ़ेगा। </p>
<p><strong>पैंथर, भेड़िये और भालू का बसेरा</strong><br />डीएफओ अनुराग भटनागर ने बताया कि सकतपुरा वनक्षेत्र में बड़ी तादात में वन्यजीवों का बसेरा है। यहां इंडियन वुल्फ से लेकर पैंथर का मूवमेंट रहता है। इस क्षेत्र में चिंकारा की संख्या बहुत अच्छी है। साथ ही इंडियन वुल्फ, जैकाल, फॉक्स, नीलगाय, जंगली खरगोश, जंगली बिल्ली, जंगली सूअर, सिवेट, भालू, पैंथर, मोनिटर लिजार्ड सहित कई वन्यजीव शामिल हैं।</p>
<p><strong>200 प्रजातियों के पक्षियों का बसेरा</strong><br />नेचर प्रमोटर एएच जैदी ने बताया कि अभेड़ा तालाब में 200 से ज्यादा प्रजातियों के पक्षियों का निवास है। जिनमें मुख्य रूप से सारस क्रेन, पेन्टेड स्टार्क, बार हैडेगूज, स्टेपी ईगल, हैरीयर सहित कई तरह के पक्षियों का बसेरा है। उपयुक्त वैटलैंड होने से यहां सर्दी-गर्मी में बड़ी संख्या में देसी-विदेशी पक्षियों का कलरव गूंजता है। इधर, वन्यजीव प्रेमियों ने इस क्षेत्र को संरक्षित करने के लिए कन्जरर्वेशन रिजर्व घोषित किए जाने के वन्यजीव विभाग के प्रयास को सराहा है। </p>
<p><strong>अवैध गतिविधियों पर लगेगी लगाम</strong><br />पर्यावरण एवं मुकुंदरा समिति के अध्यक्ष तपेश्वर सिंह भाटी ने बताया कि वर्तमान में सकतपुरा वनक्षेत्र में अवैध गतिविधियां हो रही है। यहां अवैध खनन  होने से वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास नष्ट हो रहा है। संदिग्ध घुसपैठ होने से जंगली जानवरों का पलायन बढ़ रहा है। अभी तक यह एरिया साधारण वनक्षेत्र है। ऐसे में इसे सेंचुरी एरिया घोषित किया जाना अति आवश्यक है। वनक्षेत्र का स्टेटस चेंज होते ही यहां वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट 1972 लागू हो जाएगा। साथ ही विभिन्न मदों में विभाग को बजट प्राप्त होगा। जिससे सुरक्षा दीवार का निर्माण, वाटर कनजरर्वेशन स्ट्रेक्चर, ट्रैकिंग ट्रेक, ग्रासलैंड विकसित करने सहित अन्य डवलपमेंट कार्य हो सकेंगे।</p>
<p><strong>नवज्योति ने उठाया था मुद्दा</strong><br />दैनिक नवज्योति ने गत 21 अक्टूबर को वन विभाग के कागजों में खो गई वाइल्ड लाइफ सफारी शीर्षक से खबर प्रकाशित कर वन अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया था। साथ ही सकतपुरा वनक्षेत्र के 1100 हैक्टेयर के जंगल को वन्यजीव विभाग में शामिल कर संरक्षित करने की आवश्यकता जताई थी। इस पर वन्यजीव डीएफओ अनुराग भटनागर ने इस संबंध में प्रस्ताव बनाकर सीसीएफ को भेजे थे। इसके बाद सीसीएफ ने मंजूरी के लिए सीडब्ल्यूएलडब्ल्यू को प्रस्ताव भेजे हैं। </p>
<p>अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क स्थित कोटा वनमंडल के सकतपुरा वनखंड के 1100 हैक्टेयर वनक्षेत्र को वन्यजीव विभाग में शामिल कर वाइल्ड लाइफ सफारी शुरू किए जाने का प्रयास है। इसके लिए प्रस्ताव बनाकर सीसीएफ को भेजे हैं। इस इलाके में बड़ी संख्या में शाकाहारी व मांसाहारी वन्यजीव हैं। ऐसे में यहां सफारी शुरू होती है तो ट्यूरिज्म को गति मिल सकेगी। <br /><strong>- अनुराग भटनागर, उप वन संरक्षक, वन्यजीव विभाग </strong></p>
<p>वनमंडल के 1100 हैक्टेयर को वाइल्ड लाइफ में शुरू कर सफारी शुरू किए जाने के प्रस्ताव मिले हैं, जिसे प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक को भेज दिया गया है। वन्यजीव विभाग में शामिल करने से यह एरिया संरक्षित होगा। अभेड़ा से प्रस्तावित ग्रीन फिल्ड एयरपोर्ट तक सफारी शुरू होने से ट्यूरिज्म बढ़ेगा। <br /><strong>- रामकरण खैरवा, संभागीय मुख्य वन संरक्षक एवं क्षेत्र निदेशक कोटा</strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Dec 2024 13:16:47 +0530</pubDate>
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                <title>क्या देख रहे हैं, पर्यटकों को पता ही नहीं</title>
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                        <![CDATA[उद्घाटन के बाद से लेकर अभी तक वही पुरानी सुविधाएं ही है। सिर्फ वाटर पार्क को शुरु किया गया है। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/tourists-do-not-know-what-they-are-looking-at/article-93117"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-10/4427rtrer-(1)20.png" alt=""></a><br /><p>कोटा । विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल चम्बल रिवर फ्रंट को शुरु हुए एक साल हो चुका है।  लेकिन अभी तक भी यहां सुविधाओं का विस्तार नहीं किया गया है। न तो पूरी दुकानें शुरू हुई और न ही मॉन्यूमेंट की पूरी जानकारी लिखी गई है। कोटा विकास प्राधिकरण की ओर से कांग्रेस सरकार के समय में चम्बल नदी के दोनों किनारों पर रिवर फ्रंट का निर्माण कराया गया। करीब साढ़े पांच कि.मी. के इस रिवर फ्रंट को शुरु हुए अभी एक साल हो चुका है। इस दौरान केडीए की ओर से यहां कोई सुविधाएं नहीं बढ़ाई गई है। उद्घाटन के बाद से लेकर अभी तक वही पुरानी सुविधाएं ही है। सिर्फ वाटर पार्क को शुरु किया गया है। </p>
<p><strong>गिनती की दुकानें, पर्यटकों को सुविधाएं नहीं</strong><br />रिवर फ्रंट पर नदी के दोनों किनारों पर एक से बेहतर एक घाट तो बनाए गए है। उन घाटों के बीच में  व्यवसायिक दुकानें भी बनाई गई है। लेकिन हालत यह है कि उनमें से गिनती की कुछ ही दुकानें शुरू हो सकी है। ऐसे में यहां घूमने आने वालों को खाने-पीने से लेकर खरीदारी की कोई सुविधा नहीं है। </p>
<p><strong>बरसात में बोटिंग भी हुई बंद</strong><br />रिवर फ्रंट पर आने वालों के लिए केडीए की ओर से बोटिंग की सुविधा शुरू की गई थी। इसे शुरू हुए अधिक समय भी नहीं हुआ था कि बरसात में बैराज से पानी छोड़ने के दौरान  उसे भी बंद कर दिया गया। अब अक्टूबर के बाद ही फिर से बोटिंग शुरू होने की संभावना है।  जानकारों के अनुसार केडीए ने आॅफ लाइनकेसाथ ही आॅनलाइन टिकट बुकिंग की सुविधा की वेबसाइट के माध्यम से की है। लेकिन वेबसाइट पर आॅनलाइन बुकिंग करवाने का रेस्पोंस कम आ रहा है। </p>
<p><strong>नदी में गिर रहा नालों का गंदा पानी </strong><br />रिवर फ्रंट पर नदी में नालों का गंदा पानीजाने से रोकने के लिए एसटीपी बनाया गया था। साथ  ही नदी में गिर रही सीवरेज लाइनों को भी शिफ्ट ुकिया गया था। लेकिन सरकार बदलने के साथ ही यहां के अधिकतम इंजीनियर भी बदल गए हैं। जानकारों के अनुसार वर्तमान में रिवर फ्रंट की तरफ नदी में नालों व सीवरेज का गंदा पानी गिर रहा है। ऐसा अधिकतर लाड़पुरा करबला व शिवदास घाट मुक्तिधाम की तरफ से हो रहा है। </p>
<p><strong>मॉन्यूमेंट के नाम हैं , जानकारी नहीं</strong><br />रिवर फ्रंट का निर्माण करते समय बनाए गए मॉन्यूमेंट के नाम तो सभी 26 स्थानों पर लिखे गए हैं। कई की पहचान तो इमारत देखने से ही हो रही है। लेकिन जिन लोगों को उनके बारे में पता नहीं है वे तो सिर्फ बिल्डिंग को देखकर ही आगे बढ़ रहे है। नदी के दोनों छोर पर जो 26 मॉन्यूमेंट व घाट बनाए गए हैं। वे कहां से लिए गए हैं। उनका क्या इतिहास है। उनके बारे में लोगों को कोई जानकारी अभी तक भी नहीं मिल पा रही है। </p>
<p><strong>बार कोड़ से जानकारी देने की थी योजना</strong><br />कांग्रेस सरकार के समय बनाए गए रिवर फ्रंट पर उस समय इंजीनियरों व आर्किटेक्ट द्वारा बताया गया था कि हर मॉन्यूमेंट की जानकारी वहां लगे बार कोड़ से मिलेगी। जैसे ही मोबाइलसे बार कोड को स्केन किया जाएगा वैसे ही उसकी जानकारी मिलेगी। लेकिन हालत यह है न तो बार कोड़ लगे हैं और न ही लिखित में कहीं जानकारी दी गई है। </p>
<p><strong>अच्छी चीज है सुुविधाएं बढ़नी चाहिए</strong><br />लोगों का कहना है कि रिवर फ्रंट शहर में एक अच्छा पर्यटन स्थल बना है। जिसे कोटा ही नहीं देशभर से लोग देखने आ रहेहै। ऐसे में इसकी सही ढंग से रखरखाव व सुविधाओं का विस्तार किया जाना चाहिए।  </p>
<p><strong>दादाबाड़ी निवासी महेश कुमार शर्मा</strong> ने बताया कि एक साल पहले जिस तरह की स्थिति थी अभी भी वही स्थिति है। न तो अधिक दुकानें शुरू हुई हैं और न ही कोई अन्य सुविधाएं है। </p>
<p><strong>बसंत विहार निवासी नीरज सुमन</strong> ने बताया कि रिवर फ्रंट पर टिकट की रेट बढ़ाकर गोल्फ कोर्ट की सुविधा दी गई है। लेकिन यदि कोई गोल्फ कोर्ट की जगह पैदल  ही घूमना चाहता है तब भी उसे प्रवेश टिकट तो उतना ही देना पड़ेगा। ऐसा करना गलत है। </p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />रिवर फ्रंट पर सुविधाएं बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे है। यहां की दुकानों को किराए पर देने की योजना थी।लेकिन अब सभी दुकानों को एक साथ लीज देने की योजना से चलते दुकानों को शुरू करने में देरी हो रही है। मॉन्यूमेंट की जानकारी भी लिखी जाएगी। प्रवेश टिकट में 200 रुपए के साथ ही 100 रुपए गोल्फ कोर्ट के भी शामिल है।  <br /><strong>- भूपेन्द्र बंशीवाल, एक्सईएन, कोटा विकास प्राधिकरण </strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 15 Oct 2024 16:32:52 +0530</pubDate>
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                <title>झालावाड़ मेडिकल कॉलेज के फिजियोलॉजी विभाग के एचओडी के खिलाफ जांच शुरू</title>
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                        <![CDATA[झालावाड़ मेडिकल कॉलेज प्रिंसीपल डॉक्टर शिव भगवान शर्मा ने कहा कि  लिखित शिकायत मिलने पर मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल ने महिला उत्पीड़न समिति को जांच सौंप दी है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/investigation-started-against-hod-of-physiology-department-of-jhalawar-medical/article-64504"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-12/si-(2).jpg" alt=""></a><br /><p>झालावाड़। मेडिकल कॉलेज झालावाड़ में  एक फि जियोलॉजी विभाग के एचओडी डॉ. श्रीकांत शेट्टे द्वारा पीजी रेजिडेंट से यौन उत्पीड़न के मामले में जांच समिति ने जांच शुरू कर दी है। जो 3 दिन में पूरी हो जाएगी। इस रिपोर्ट को जयपुर भेजा जाएगा। पीड़िता की मां की मेडिकल कॉलेज में दी लिखित शिकायत में यह जांच की जा रही है। फिलहाल पुलिस में यह मामला दर्ज नहीं कराया गया है।  झालावाड़ मेडिकल कॉलेज प्रिंसीपल डॉक्टर शिव भगवान शर्मा ने कहा कि  लिखित शिकायत मिलने पर मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल ने महिला उत्पीड़न समिति को जांच सौंप दी है। 5 कार्मिकों की कमेटी जांच कर रही है। कमेटी की चेयरमैन डॉक्टर ऋचा शर्मा और उनके अलावा 4 सदस्य है। इनमे एक एनजीओ और तीन मेडिकल सदस्य मिलकर जांच कर रहे है। गुरुवार को यह जांच आ जाएगी। उन्होंने बताया कि इस मामले में जयपुर चिकित्सा विभाग में भी बात की है । जहां उन्होंने जांच रिपोर्ट भेजने के लिए कहा है। इसके बाद ही एचओडी के खिलाफ करवाई की जाएगी। जांच के दौरान डॉक्टर को एचओडी डॉक्टर को वहां से हटाए बगैर जांच कैसे निष्पक्ष होगी। एचओडी डॉ श्रीकांत शेट्टे करीब 11 साल से मेडिकल कालेज में कार्यरत है।<br /><strong>यह है पूरा मामला </strong><br />पीड़िता ने शिकायत में बताया कि उसने झालावाड़ मेडिकल कॉलेज में अक्टूबर में पीजी फर्स्ट ईयर में प्रवेश लिया था। प्रवेश के कुछ दिनों बाद ही फिजियोलॉजी विभाग के एचओडी डॉ श्रीकांत शेट्टे उस पर उनके साथ फ्रें डली होने का दबाव बनाने लगे। वह उसे अपने चेंबर में बुलाते और हमेशा उसके साथ डबल मीनिंग वाली बात करते  हमेशा उसे गंदी निगाहों से घूरते और जब भी मौका मिलता गंदे तरीके से टच करते। आरोप है कि वह हमेशा एप्रिन पहनती है लेकिन डॉ शेट्टे ने कई बार एप्रिन उतारने के लिए उस पर दबाव भी बनाया। रिस्पांस नहीं दिया तो प्रताड़ित करना शुरू किया पीड़िता का आरोप है कि जब डॉ शेट्टे की बातों व गंदी हरकतों पर उसने कोई रिस्पांस नहीं दिया और उनका विरोध किया तो उन्होंने उसे कई तरह से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। वे अन्य पीजी स्टूडेंट्स के सामने उसकी मजाक उड़ाने लग गए। <br /><strong>कोई रेजिडेंट नही कर रहा था मदद</strong><br />स्टूडेंट् ने बताया कि उसने अपनी पीड़ा साथी पीजी स्टूडेंटस को बताई लेकिन उन्होंने यह कहकर मदद करने से मना कर दिया कि डॉ शेट्टे ने उन्हें धमकी दी है कि वह अगर किसी भी प्रकार की बातचीत और मदद करेंगे तो उनकी सैलेरी बंद करवा देंगे। इसके बाद पीड़िता ने अपनी मां को फ ोन पर पूरी बात बताई तो 8 दिसंबर को उसकी मां ने झालावाड़ मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ शर्मा को मेल भेजा। बाद में छात्रा ने भी अपने एचओडी के खिलाफ  लिखित में शिकायत प्रिंसिपल को दी।</p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 Dec 2023 10:12:33 +0530</pubDate>
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                <title>असर खबर का - 283 स्कूलों के 22 हजार से अधिक विद्यार्थियों को जल्द मिलेगी राहत</title>
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                        <![CDATA[दैनिक नवज्योति के प्रयास रंग लाए, जिस पर शिक्षकों ने दैनिक नवज्योति का आभार जताया। ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/impact-of-news---more-than-22-thousand-students-of-283-schools-will-soon-get-relief/article-60614"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-10/asar-khabar-ka---283-schoolo-k-22-hazaar-s-zyada-vidhyarthiyo-ko-jald-milegi-rahat...karwar,-bundi-news-27-10-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>करवर। नैनवां ब्लॉक में 283 स्कूलों के 22 हजार 892 विद्यार्थियों के गुरुवार को राहत की खबर आई। मिड डे मिल योजना के तहत खाद्यान्न का वितरण शुरु हो गया है। स्कूलों में खाद्यान्न पहुंचने से पोषाहार प्रभारी ने राहत की सांस ली। गौरतलब है बुधवार को दैनिक नवज्योति के अंक में 283 स्कूलों के 22 हजार 892 विद्यार्थियों पर पोषाहार का संकट...शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। खबर प्रकाशित होते ही शिक्षा विभाग हरकत में आया और खाद्यान का वितरण शुरू कर दिया गया। दैनिक नवज्योति के प्रयास रंग लाए। जिस पर शिक्षकों ने दैनिक नवज्योति का आभार जताया। अक्टूबर से दिसंबर त्रैमासिक का खाद्यान्न नहीं आने से शिक्षकों द्वारा उच्च अधिकारियों को बार-बार लेटर लिखे रहे थे ,लेकिन विभाग द्वारा कोई सुनवाई नहीं हो रही थी, जिस कारण दबाव में शिक्षक गांवों में जाकर भामाशाहों या राशन की दुकान से गेंहू लेकर योजना का संचालन कर रहे थे। प्रदेश सहित देश के सरकारी विद्यालयों में पहली से आठवीं तक की कक्षाओं में पढ़ने वाले बच्चों को मिड डे मील नि:शुल्क मिलता है। इसकी राशि केंद्र व राज्य सरकार की ओर से तय 60 व 40 प्रतिशत के अनुसार वहन की जाती है और खाद्यान्न केन्द्र सरकार की ओर से स्कूलों में पहुंचाया जाता है। इसके लिए कक्षा 1 से 5 तक मे 5.45 व 1-8 मे 8.17 रू प्रति लाभान्वित विद्यार्थी के हिसाब से कुकिंग कन्वर्जन राशि दी जाती है जो तेल, मिर्च, मसाले,सब्जी,आटा पिसाई आदि में खर्च की जाती है। एमडीएम योजना में पोषाहार पकाने के लिए स्कूलों में गेहूं और चावल केंद्र सरकार उपलब्ध करवाती है, इसके अलावा गर्म भोजन पकाने में लगने वाली सामग्री की व्यवस्था पोषाहार प्रभारी करते हैं। इसके लिए उन्हें विभाग से कुकिंग कंवर्जन राशि मिलती है, जिसमें कक्षा 1 से 5 तक अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए 5 रुपए 45 पैसे प्रतिदिन प्रति विद्यार्थी और कक्षा 6 से आठ 8 तक अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए 8रुपए 17 पैसे प्रतिदिन प्रति विद्यार्थी के हिसाब से कंवर्जन राशि दी जाती है। कुक कम हेल्पर को प्रतिमाह 2003 रुपए मानदेय मिलता है। प्राथमिक शिक्षा के सार्वजनिकरण को बढ़ावा देना के लिए स्कूलों में बच्चों का नामांकन ठहराव और उपस्थिति बढ़ाना,ड्रॉप आउट को रोकना तथा शिक्षा के स्तर को बढ़ावा देना है।</p>
<p>गुरुवार को पोषाहार सप्लाई शुरु हो गया है जिससे अब एमडीएम योजना चलाने में दिक्कत नही होगी। <br /><strong>- नाथूलाल बैरवा, शिक्षक </strong></p>
<p><strong>इनका कहना</strong><br />पोषाहार की सप्लाई शुरू होने पर अब शिक्षको को गांवों में जाकर गेंहू उधार नही लेना पड़ेगा,समस्या का समाधान करवाने पर दैनिक नवज्योति की बदौलत यह राहत मिल पाई है।<br /><strong>- पंकज जैन, मिडिया प्रभारी शिक्षक संघ राष्ट्रीय नैनवां</strong></p>
<p>खाद्यान्न की सप्लाई शुरू हो गई है अब शिक्षको को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा,दैनिक नवज्योति का आभार हौ। <br /><strong>- सुगनचंद मीणा, अध्यक्ष शिक्षक संघ राष्ट्रीय नैनवां</strong></p>
<p>खाद्यान्न सप्लाई करने के लिए हमने दो दिन पहले बड़ा प्रदर्शन की चेतावनी दी थी जिससे जिले के उच्चाधिकारी हरकत में आए और गुरुवार को ही सप्लाई शुरू हो गई।<br /><strong>- बाबूलाल शर्मा, संयुक्त कर्मचारी महासंघ एकीकृत अध्यक्ष नैनवा</strong></p>
<p>पोषाहार की गाड़ियां आने से अब शिक्षकों को अन्य जगह से मांगकर पोषाहार चलाना नही पड़ेगा।<br /><strong>- राधेश्याम मीणा, अध्यापक </strong></p>
<p>पोषाहार आने से अब हमारी समस्या का समाधान हो गया है। इसका श्रेय दैनिक नवज्योति का को जाता है। प्रमुखता से खबर का प्रकाशित की।  <br /><strong>- मोहन प्रजापत, पोषाहार प्रभारी</strong></p>
<p>गुरुवार को पोषाहार सप्लाई हो गया है।<br /><strong>- नाथूलाल बैरवा,संस्था प्रधान</strong></p>
<p><strong>इनका कहना है </strong><br />आज से पोषाहार की सप्लाई शुरू कर दी गई है। एक दो दिन में नैनवां ब्लॉक के सभी स्कूलों में मीड डे मिल योजना का पोषाहार की सप्लाई कर दी जाएगी। <br /><strong>- अनिल गोयल, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, नैनवां</strong></p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Oct 2023 16:17:38 +0530</pubDate>
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                <title>मेले से पहले दशहरा मैदान की सही होने लगी हालत </title>
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                        <![CDATA[कोरोना काल के दो साल बाद राष्ट्रीय दशहरा मेला 2022 की शुरुआत अगले महीने होगी। उससे पहले नगर निगम ने दशहरा मैदान की दशा सुधारना शुरू कर दिया है।]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/the-condition-of-dussehra-ground-started-improving-before-the-fair/article-20684"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-08/pashu-mela-isthal-par-khade-tipar-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। कोरोना काल के दो साल बाद राष्ट्रीय दशहरा मेला 2022 की शुरुआत अगले महीने होगी। उससे पहले नगर निगम ने दशहरा मैदान की हालत सही होने लगी है। दशहरा मैदान में कोई जगह ऐसी नहीं थी जहां लोग काम में नहीं जुटे हुए हैं। खाली मैदान में उगी घास को मशीन से काटने का काम किया जा रहा था तो श्रीराम रंगमंच के पास की दुकानों में पुताई की जा रही थी। इतना ही नहीं मैदान में हो रही टूटफूट को ठीक करने का काम भी तेजी से किया जा रहा था। श्रीराम रंगमंच से लेकर विजयश्री रंगमंच तक पर पूरे मैदान में जहां देखो वहां काम ही काम हो रहा था। एक से दूसरे कोने तक हर जगह मैदान को सही करने का काम किया जा रहा था। </p>
<p>गौरतलब है कि 26 सितम्बर को दुर्गा पूजा के साथ ही दशहरा मेले की शुरुआत होनी है। उसमें एक महीने का भी समय नहीं बचा है। ऐसे में मेला शुरू होने की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। लेकिन कोरोना काल के दो साल बाद मेला आयोजित होने से उसे भव्यता के साथ कराया जाना है। इसके लिए निगम अधिकारियों ने भी कमर कस ली है।  नगर निगम कोटा उत्तर के उपायुक्त व मेला अधिकारी गजेन्द्र सिंह ने बताया कि दो दिन पहले से मैदान में साफ सफाई का काम शुरू कर दिया है। अगले एक सप्ताह में पूरे मैदान को साफ करवा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि अगले महीने के दूसरे सप्ताह में मैदान में सेना का कार्यक्रम भी होना है। मेले के साथ ही उस कार्यक्रम से पहले पूरा मैदान साफ व तैयार हो जाएगा। </p>
<p><strong>वाहन होने लगे शिफ्ट, तीन दिन में देंगे रिपोर्ट</strong><br />नगर निगम द्वारा दशहरा मैदान से वाहनों को पुराने पशु मेला स्थल में शिफ्ट करना शुरू कर दिया है। अम्बेडकर भवन के पीछे वाली जगह को साफ करवाकर वहां बेरीकेडिंग कर वाहन खड़े किए जाने लगे हैं। हालांकि अभी टिपर ही खड़े हुए हैं। नगर निगम कोटा उत्तर के आयुक्त वासुदेव मालावत ने आदेश जारी किया है। जिसमें अधिशाषी अभियंता गैराज प्रकाश चंद शर्मा और गैराज प्रभारी कोटा उत्तर प्रखर गोयल व गैराज प्रभारी कोटा दक्षिण कपिल पालीवाल को जिम्मेदारी दी है। जिन्हें तीन दिन में सभी वाहनों को मैदान से हटाकर रिपोर्ट पेश करने को कहा है। साथ ही अतिक्रमण निरोधक दस्ते के पुलिस निरीक्षक महेन्द्र मीणा को वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। </p>
<p><strong>अतिक्रमण हटाने के दिए आयुक्त ने निर्देश</strong><br />वहीं आयुक्त ने एक अन्य आदेश जारी किया है। जिसमें दशहरा मैदान व आस-पास से अतिक्रमण हटाने के लिए नगर निगम कोटा दक्षिण के अतिक्रमण प्रभारी सहायक अभियंता हरीश सोलंकी, कोटा दक्षिण के सीएफओ दीपक राजौरा, कोटा उत्तर के सीएफओ राकेश व्यास व अतिक्रमण निरोधक दस्ते के पुलिस निरीक्षक महेन्द्र मीणा को इसकी जिम्मेदारी दी है। </p>]]>
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                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 27 Aug 2022 16:01:21 +0530</pubDate>
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