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                <title>बिजली बिल उपभोक्ता को दे रहे झटका</title>
                                    <description><![CDATA[विभाग द्वारा अप्रेल माह के  जारी सभी उपभोक्ताओं के बिलो में कई गुना सरचार्ज लगाया गया, जिससे उपभोक्ताओं में रोष व्याप्त है। उपभोक्ताओं में बिजली के बिलों व असीमित चार्जेज से भारी नाराजगी दिखाई दे रही है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jhalawar/electricity-bill-giving-shock-to-the-consumer/article-44660"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-05/bijali-bil-upabhokta-ko-de-rahe-hain-jhataka...jhalawar-news-04-05-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>चौमहला। एक तरफ राज्य सरकार बिजली उपभोक्ताओं को 100 यूनिट बिजली फ्री कर उपभोक्ताओं को राहत देने के दावे कर रही है, वहीं बिजली विभाग फ्यूल सरचार्ज के नाम से बड़ी राशि वसूली जा रही है, जिससे उपभोक्ताओं में भारी रोष है। एक तरफ सरकार बिजली यूनिट फ्री करने की बात कर रही, वही बिजली विभाग द्वारा बिजली उपभोक्ताओं को फ्यूल सरचार्ज के नाम पर झटका लगाया जा रहा है। गत माह तक जो फ्यूल सरचार्ज लग रहा था, उससे 20 से 30 गुना अधिक चार्ज वसूला जा रहा है, जिससे आम उपभोक्ताओं में गहरा रोष व्याप्त है तथा सरकार की कथनी करनी में फर्क बता रहे है। बिजली विभाग द्वारा अप्रेल माह के जारी किए गए बिलो को देख उपभोक्ताओं के होश उड़ गए।</p>
<p>गत माह तक जो फ्यूल सरचार्ज लग रहा था इन बिलो में कई गुना अधिक का बिल थमा दिया गया। कस्बे के पारस कटारिया के अप्रेल के बिल में फ्यूल सरचार्ज दो हजार  42रु लगाया गया जबकि इन्ही के मार्च माह के बिल में यह चार्ज 78रु 96 पैसे था, इसी तरह दिलीप जैन के बिल में मार्च माह में फ्यूल सरचार्ज 1 रु 89 पैसे थे तथा अप्रेल में 46 रु 23 पैसे लगाए गए, प्रेम सोनी के बिल में मार्च माह में कम था अप्रेल के बिल में 389रु 65 का सरचार्ज लगाया गया। कालू टेलर के मार्च माह के बिल में सरचार्ज 23 रु 80 पैसे था जो अप्रेल के बिल में 228रु 44 पैसे लगाए गए, नरेंद्र जैन के बिल में 921 रु55 पैसे सरचार्ज लगाया गया। विभाग द्वारा अप्रेल माह के  जारी सभी उपभोक्ताओं के बिलो में कई गुना सरचार्ज लगाया गया, जिससे उपभोक्ताओं में रोष व्याप्त है। उपभोक्ताओं में बिजली के बिलों व असीमित चार्जेज से भारी नाराजगी दिखाई दे रही है। </p>
<p>फ्यूल सरचार्ज सरकार तय करती है अभी कोयले की कीमत बढ़ने से सरचार्ज बढ़ाया गया है लेकिन इतना नही बढ़ा जैसा आप बता रहे है । यदि किसी बिल में बहुत अधिक सरचार्ज है तो वह तकनीकी खराबी भी हो सकती है ऐसे बिलो को आॅफिस में चेक करावे। <br /><strong>- हर्शिद उज्ज्वल, ए ई एन जयपुर वितरण निगम चौमहला</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>झालावाड़</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 04 May 2023 16:15:46 +0530</pubDate>
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                <title>शहर में रोजाना खप रही तीस लाख यूनिट बिजली, डिमांड में बढ़ोतरी</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान में बिजली की रिकॉर्ड डिमांड बढने तथा राज्य के बिजलीघरों की 23 में से चार इकाइयां बंद होने से 1737 मेगावाट बिजली की कमी हो गई है, वर्तमान में 5000 मेगावाट ही बिजली मिल पा रही है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/thirty-lakh-units-of-electricity-is-consumed-daily-in-the-city--increase-in-demand/article-44457"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-05/shahar-mein-rojana-hoti-hai-tees-lakh-unit-bijali-ki-khapat,-badhi-mang...kota-news-02-05-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा।अप्रैल के आखिरी दिनों में मौसम ने पलटा नहीं खाया होता संभवतया अभी तक राज्य के कई शहरों में बिजली कटौती के आदेश हो गए होते उनमें से कोटा भी एक होता। कोटा शहर में मार्च से बिजली की डिमांड बढ़ने शुरू हो गई है जो मई के आखिर तक और बढ़ने की संभावना है लेकिन जब तक राज्य स्तर पर बिजली कटौती के आदेश जारी नहीं होंगे तब तक शहर में बिजली कटौती नहीं होगी। केईडीएल की ओर से शहर में उतनी विद्युत की आपूर्ति की जाएगी जितनी डिमांड आएगी। गौरतलब है कि केईडीएल और जयपुर डिस्काम के बीच हुए अनुबंध के अनुसार कोटा में बिजली की मांग के अनुसार जयपुर डिस्काम को केईडीएल को बिजली देनी ही होती है। अगर उसके पास नहीं है तो उसके बाद राज्य स्तर पर आदेश जारी होते है कि राज्य के कौनसे शहर में कितनी बिजली की कटौती होनी है। वर्तमान समय में कोटा शहर में जिन स्थानों पर बिजली की आपूर्ति में बाधा आ रही है उसका कारण रखरखाव यानि मेटिंनेंस ही है, कटौती नहीं।</p>
<p><strong>जनवरी में ही देश में बिजली की डिमांड ने तोड़ा सालों का रिकॉर्ड</strong><br />बीते कुछ सालों से बिजली की समस्या से शहर से लेकर देहात तक के लोग जूझ रहे हैं। इस साल जनवरी 2023 में बिजली की मांग 211 गीगावाट तक पहुंच गई थी, ये खपत पिछली गर्मियों की तुलना में उच्च स्तर पर है। जनवरी में ही देश में बिजली की डिमांड ने 122 साल पुराने गर्मी के बिजली खपत के रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया था। इसके बाद मार्च में कुछ राहत के बाद फिर से बिजली की डिमांड में जबरदस्त वृद्धि देखने को मिल रही है। राजस्थान में बिजली की रिकॉर्ड डिमांड बढने तथा राज्य के बिजलीघरों की 23 में से चार इकाइयां बंद होने से 1737 मेगावाट बिजली की कमी हो गई है, वर्तमान में 5000 मेगावाट ही बिजली मिल पा रही है। </p>
<p><strong>चुनावी साल को देखते हुए सरकार नहीं ले सकती कोई रिस्क</strong><br />ज्ञातव्य है कि ये साल चुनावी साल है और बिजली की परेशानी सत्तारूढ दल के लिए मुसीबत पैदा कर सकती है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इसको देखते हुए राज्य सरकार रोजाना शाम को पीक आवर्स में पावर एक्सचेंज से 3 करोड़ यूनिट तक बिजली 12 रूपए प्रति यूनिट तक की दर से खरीद रही है। इससे हर रोज 20 से 30 करोड रूपए अतिरिक्त खर्च हो रहे है। दिल्ली-एनसीआर की बात करें तो जनवरी, फरवरी और मार्च महीने के मुकाबले बिजली की खपत अप्रैल में दोगुनी हो गई। शहरों में एयर कंडीशनर के बढ़ते चलन के कारण शहरी क्षेत्र में खपत तेजी से बढ़ रही है। मौसम विभाग के मुताबिक कई राज्यों में बिजली की खपत का एक नया रिकॉर्ड दर्ज किया जा रहा है। केरल में बिजली की दैनिक खपत 17 अप्रैल को 10 करोड़ 35 लाख यूनिट (एमयू) के आंकड़े को छू गई। वहीं, यूपी, बिहार और महाराष्ट्र में भी बिजली की खपत में रिकॉर्ड बढोतरी दर्ज की जा रही है।</p>
<p><strong>बिजली संकट के गहराने से बिगड़ सकते हैं हालात</strong><br />ऊर्जा मंत्रालय की मानें तो आर्थिक गतिविधियों के बढ़ने से देश में सालाना आधार पर वित्त वर्ष 2022-23 में बिजली की खपत 9.5 फीसदी बढ़कर 1,503.65 अरब यूनिट्स पर पहुंच गई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार 2021-22 में 1,374 अरब यूनिट्स की खपत हुई थी। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण का कहना है कि 2022-23 में एक दिन में सबसे ज्यादा बिजली की खपत 207.23 गीगावाट रही जो उसके पहले के साल में 200.53 गीगावाट थी। वहीं, विश्लेषकों का कहना है कि बिजली की खपत चालू वित्त वर्ष में ओर भी ज्यादा रह सकती है, ऊर्जा मंत्रालय का अनुमान है कि इस गर्मी में एक दिन में बिजली की खपत 229 गीगावट के स्तर को छू सकती है। मंत्रालय ने इस संबंध में पहले से ही कोल आधारित संयंत्रों को पूरी क्षमता के साथ परिचालन करने के निर्देश दिए हुए हैं।</p>
<p><strong>शहर में मांग के अनुरूप ही होती है बिजली की आपूर्ति</strong><br />केईडीएल के स्थानीय अधिकारियों की माने तो कम्पनी की ओर से कोटा में मांग के अनुरूप ही बिजली की आपूर्ति की जाती रही है। बीते कुछ सालों से, केवल कोरोनाकाल को छोड़कर कोटा शहर में जनवरी में औसतन लगभग 25 लाख यूनिट बिजली प्रतिदिन, फरवरी में औसतन 25 लाख यूनिट, जबकि मार्च में ये बढ़कर 30 लाख यूनिट प्रतिदिन, अप्रैल में 30 लाख 70 हजार, मई में लगभग 40 लाख 20 हजार जबकि जून में करीब 42 लाख यूनिट रोजाना बिजली की डिमांड होती है और कम्पनी की ओर से इतनी ही बिजली की आपूर्ति की जाती है।विभागीय अधिकारियों की माने तो शहर में कम्पनी की ओर से कभी बिजली की ओर से कोई कटौती नहीं होती है। अगर किसी लाइन में कोई फाल्ट आए या रखरखाव के कारण ही उस क्षेत्र में विद्युत की आपूर्ति बाधित होती है। उल्लेखनीय है कि बीते कुछ सालों में कोयला संकट के कारण राज्य के कई बड़े शहरों में कई घंटो तक की बिजली कटौती का लोगों को सामना करना पड़ा है। ऐसी आशंका जताई जा रही है कि जैसे ही गर्मी अपने तेवर दिखाएगी, शहर में राज्य में बिजली की डिमांड बढ़ेगी। क्योंकि अप्रैल में ही राजस्थान के कोटा समेत कई शहरों, यूपी, बिहार, महाराष्ट्र व राजधानी दिल्ली से सटे गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, फरीदाबाद और गुरुग्राम में भी अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जा चुका है। गर्मी बढ़ने से बिजली की खपत भी बढ़ गई है।</p>
<p><strong>इनका कहना है</strong><br />शहर में मांग के अनुरूप ही बिजली की आपूर्ति की जाती है। कम्पनी की ओर से बिजली कटौती नहीं होती है। राज्य स्तर पर आदेश के बाद ही बिजली की कटौती होती है। शहर में बिजली की डिमांड मार्च से बढ़ना शुरू होती है जो जून तक रहती है। <br /><strong>-अनोमित्रो ढाली, टैक्निकल हैड, केईडीएल। </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 May 2023 14:16:12 +0530</pubDate>
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                <title>प्रदेश में गहराने लगा बिजली संकट, 10 बिजली उत्पादन यूनिट हो चुकी है बंद </title>
                                    <description><![CDATA[ इनसे 4442 मेगावाट बिजली उत्पादन बंद हो गया है। डिमांड और सप्लाई में 2500 मेगावाट से ज्यादा अंतर होने के कारण 10 जिलों में कटौती शुरू हो गई है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/electricity-crisis-in-state-10-unit-closed/article-21466"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-09/46546546519.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश में एक बार फिर से बिजली संकट गहराने लगा है। तकनीकी कारणों से अब 10 बिजली उत्पादन यूनिट बंद हो चुकी है। इनसे 4442 मेगावाट बिजली उत्पादन बंद हो गया है। डिमांड और सप्लाई में 2500 मेगावाट से ज्यादा अंतर होने के कारण 10 जिलों में कटौती शुरू हो गई है। संकट बरकरार रहा, तो ग्रामीण इलाकों के बाद शहरी क्षेत्रों में भी कटौती हो सकती है। सूरतगढ़ की एक सुपर क्रिटिकल 660 मेगावाट क्षमता इकाई एक-दो दिन में शुरू होने की संभावना है। प्रदेश में फिलहाल पीक आवर्स में बिजली डिमांड 14,100 मेगावाट हो गई है और उपलब्धता 11595 मेगावाट के आसपास है। राजस्थान ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड बिजली किल्लत से निपटने के लिए महंगे दामों पर खरीद कर सप्लाई करने में जुटा हुआ है। एक्सचेंज में 12 रुपए रेट पर भी पूरी बिजली नहीं मिल पा रही है। बिजली खरीद के लिए इस महीने 500 मेगावाट बिजली शॉर्ट टर्म टेंडरिंग कराई, लेकिन उसमें भी रेट का ज्यादा अंतर होने से 305 मेगावाट ही मिल पा रही है। निगम हर घंटे के हालात देखते हुए बिजली खरीद रहा है। आगामी कुछ दिनों में बारिश आने की संभावनाओं से तापमान घटने और डिमांड कम होने की उम्मीद है। </p>
<p><strong>स्थितियां शीघ्र सामान्य होने की उम्मीद: शर्मा</strong><br />विद्युत उत्पादन निगम सीएमडी राकेश कुमार शर्मा ने कहा कि छबड़ा और सूरतगढ़ की दो इकाइयों में तकनीकी खांमी ठीक होने से 1320 मेगावाट बिजली बढ़ेगी। अडानी की 600-600 मेगावाट की दो यूनिट बंद होने से 1200 मेगावाट उत्पादन बंद हुआ है। कुछ यूनिट्स तकनीकी कारणों से बंद हैं, जिन्हें सही करने का प्रयास जारी है। एक-दो दिन में हालात सामान्य हो जाएंगे। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 03 Sep 2022 11:20:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>धरती पुत्र की कैसे बढ़ेगी आय: तीन साल में 627 आवेदन मंजूर, लेकिन महज 170 एग्रो यूनिट ही लगी</title>
                                    <description><![CDATA[प्रदेश में कृषि एग्रो प्रोसेसिंग यूनिट लगाने के लिए तीन साल में 627 प्रकरणों को सरकार ने स्वीकृति दी, लेकिन किसानों की महज 170 यूनिट्स ही लग सकी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/how-the-income-of-son-of-earth-will-increase--627-applications-approved-in-three-years--but-only-170-agro-units-were-installed/article-13701"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-07/46546546529.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश में कृषि एग्रो प्रोसेसिंग यूनिट लगाने के लिए तीन साल में 627 प्रकरणों को सरकार ने स्वीकृति दी, लेकिन किसानों की महज 170 यूनिट्स ही लग सकी। ऐसे में सवाल है कि किसानों की आय दोगुनी कैसे होगी। यूनिट्स लगाने में जोधपुर पहले नंबर पर है, जहां सबसे ज्यादा 240 आवेदन मिले है, जिसमें से 165 को मंजूरी भी मिल चुकी है। दूसरे नंबर पर बीकानेर है, जहां 181 आवेदन मिले और उनमें से 90 मंजूरी जारी हो चुकी है। तीसरे नंबर पर गंगानगर है, जहां 113 आवेदन मिले है और 79 को स्वीकृतियां मिल चुकी है। राजसमंद, डूंगरपुर और जैसलमेर में अभी तक एक-एक आवेदन को सरकार की मंजूरी मिली है। 31 मई तक की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। राज्य सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने और किसानों को उद्यमी बनाने के लिए कृषि प्रसंस्करण, कृषि व्यवसाय एवं कृषि निर्यात प्रोत्साहन योजना लागू की थी।</p>
<p><strong>अड़चनों को किया दूर</strong><br />सरकार की ओर से जारी कृषि प्रसंस्करण, कृषि व्यवसाय एवं कृषि निर्यात प्रोत्साहन योजना का लाभ आम किसानों को मिलने में हो रही परेशानियों के चलते पॉलिसी रिव्यू करने का फैसला किया है। इसके लिए कमेटी बना दी है। कमेटी की सिफारिशों के आधार पर जल्द योजना में बदलाव किया जाएगा ताकि किसानों को इसका ज्यादा लाभ मिल सके।</p>
<p><strong>एग्रो प्रोसिसिंग यूनिट की वस्तु स्थिति</strong><br />- 627 प्रकरणों में सरकार की मंजूरी मिली<br />- 1130 करोड़ का निवेश किया गया<br />- 170 यूनिट्स किसान वर्ग की लगी<br />- 133 करोड़ का निवेश हुआ<br />- 56 करोड़ का अनुदान दिया गया<br />- 484 प्रकरण अभी प्रक्रियाधीन<br />- 1112 करोड़ का निवेश होगा<br />- 186 प्रकरणों को निरस्त किया गया</p>
<p><strong>एग्रो यूनिट की मंजूरी</strong><br />जोधपुर    165<br />बीकानेर    90<br />जयपुर    138<br />गंगानगर    113<br />हनुमानगढ़    53<br />नागौर    16<br />टोंक    13<br />कोटा    18<br />अजमेर    23<br />अलवर    11<br />सिरोही    10<br />भरतपुर    7<br />चितौड़गढ़    8<br />करौली    2<br />बूंदी    5<br />राजसमंद    1<br />डूंगरपुर    1<br />सवाई माधोपुर    2<br />झालावाड़    14<br />पाली    3<br />सीकर    7<br />जालौर    5<br />जैसलमेर    1<br />बाड़मेर    6<br />बारा    9<br />धौलपुर    4<br />दौसा    7<br />झुंझुनूं    2<br />प्रतापगढ़    11 <br />चूरू    9<br />बांसवाड़ा    3</p>
<p><strong>किस तरह की प्रोसिसिंग यूनिट्स</strong><br /> तिलहन प्रसंस्करण इकाई     52<br /> दाल प्रसंस्करण इकाई     45<br /> मसाला प्रसंस्करण इकाई     43<br /> कपास प्रसंस्करण इकाई     42<br /> मूंगफली प्रसंस्करण इकाई     39<br /> अनाज प्रसंस्करण इकाई     25<br /> ग्रेडिंग सोर्टिंग इकाई     17<br /> फल सब्जी प्रसंस्करण इकाई     15<br /> पशु आहार इकाई    12<br /> दूग्ध प्रसंस्करण इकाई     20<br /> ग्वार प्रसंस्करण इकाई    10<br /> प्याज लहसुन प्रसंस्करण इकाई     5<br /> चावल प्रसंस्करण इकाई     4<br /> अन्य विविध इकाइयां    31</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 06 Jul 2022 12:00:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महिला शौचालय में मिला नवजात का शव </title>
                                    <description><![CDATA[दौसा। यहां के श्री रामकरण जोशी राजकीय जिला चिकित्सालय में बुधवार को मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। चिकित्सालय के इमरजेंसी यूनिट के ऑब्जर्वेशन वार्ड के महिला शौचालय में नवजात का शव मिलने से सनसनी फैल गई। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/dausa/newborn-s-body-found-in-women-s-toilet/article-12832"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/nav.jpg" alt=""></a><br /><p>दौसा। यहां के श्री रामकरण जोशी राजकीय जिला चिकित्सालय में बुधवार को मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। चिकित्सालय के इमरजेंसी यूनिट के ऑब्जर्वेशन वार्ड के महिला शौचालय में नवजात का शव मिलने से सनसनी फैल गई। उल्लेखनीय है कि बुधवार को रामकरण जोशी राजकीय जिला चिकित्सालय के इमरजेंसी यूनिट के ऑब्जर्वेशन वार्ड के महिला शौचालय में एक नवजात का शव मिलते चिकित्साकर्मियों एवं प्रशासन में हड़कम्प मच गया। मामले की जानकारी प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. शिवराम मीणा को दी गई।</p>
<p>पीएमओ मौके पर पहुंचे तथा कोतवाली पुलिस को मौके पर बुलाया। पुलिस ने नवजात का शव बरामद कर मोर्चडी में रखवाया। उधर कोतवाली पुलिस जिला चिकित्सालय के सीसी टीवी फुटेज को खंगालने में लगी हुई है। पुलिस ने बताया कि नवजात महिला शौचालय के नाले में मृत पड़ा मिला था। अस्पताल प्रशासन व कोतवाली थाना पुलिस अस्पताल में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल कर पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आखिर इमरजेंसी के महिला शौचालय में मृत नवजात किसने डाला।</p>
<p><br /> घटना के बाद उठे कई सवाल: श्री रामकरण जोशी राजकीय जिला चिकित्सालय के इमरजेंसी यूनिट के ऑब्जर्वेशन वार्ड के महिला शौचालय में इस तरह की घटना होना चिकित्साकर्मियों की कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह लगा रहा है। इमरजेंसी यूनिट में भारी भरकम स्टाफ तैनात रहता है तथा इस यूनिट में गंभीर रूप से बीमार मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद वार्ड में भेज दिया जाता है। गर्भवती महिला का इंमरजेंसी वार्ड में किसी भी तरह का उपचार नहीं किया जाता है। भारी भरकम स्टाफ व चारों तरह सीसी टीवी होने के बावजूद इस शर्मसान घटना का अंजाम दिया गया। इधर पुलिस चिकित्साल में भर्ती घात्री एवं गर्भवती महिलाओं की जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>दौसा</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Jun 2022 13:12:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिजली संकट के बीच बढ़ा ब्लैकआउट का खतरा</title>
                                    <description><![CDATA[भीषण गर्मी में राजस्थान में बिजली संकट गहराता जा रहा है। कोयला संकट के बीच बिजली उत्पादन डिमांड की तुलना में कम होने लगा है। शहरी क्षेत्रों में कटौती बढ़ने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में तीन से चार घंटे की अघोषित कटौती बढ़ गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-increased-risk-of-blackout-amid-power-crisis/article-9376"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-05/el-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। भीषण गर्मी में राजस्थान में बिजली संकट गहराता जा रहा है। कोयला संकट के बीच बिजली उत्पादन डिमांड की तुलना में कम होने लगा है। शहरी क्षेत्रों में कटौती बढ़ने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में तीन से चार घंटे की अघोषित कटौती बढ़ गई है। डिस्कॉम्स में रोस्टर सिस्टम से फीडर्स से कटौती तेज हो गई है। शटडाउन, मेंटनेंस और फॉल्ट के नाम पर बढ़ी कटौती से उपभोक्ता प्रभावित हो रहे हैं। प्रदेश में पीक ऑवर्स में बिजली डिमांड 15 हजार मेगावाट के पार पहुंच चुकी है, जबकि औसत बिजली उपलब्धता 11.50 से 12 हजार मेगावाट बनी हुई है। पावर प्लांट के अलावा सोलर, विंड, बायोमास, गैस, लिग्नाइट आदि से 20 करोड़ यूनिट बिजली ही बन पा रही है। पावर एक्सचेंज और अन्य राज्यों से भी सात करोड़ यूनिट बिजली मिल रही है, जबकि डिमांड करीब 33 करोड़ यूनिट है। मांग और आपूर्ति में अंतर से निपटने के लिए घोषित के साथ अघोषित कटौती भी जारी है। ग्रामीण क्षेत्रों में तीन से पांच घंटे की घोषित कटौती के साथ तीन से चार घंटे ही अघोषित कटौती हो रही है। वहीं शहरी और कस्बाई क्षेत्रों में एक से तीन घंटे की अघोषित कटौती है।</p>
<p><strong>कालीसिंध थर्मल इकाई से उत्पादन शुरू</strong><br />झालावाड़ की कालीसिंध थर्मल पावर परियोजना की 450 मेगावाट क्षमता की पहली इकाई से बिजली उत्पादन शुरू हो गया है। तकनीकी खराबी के चलते यह इकाई पिछले चार दिन से बंद थी। इस वजह से प्रदेश को 2.88 लाख यूनिट रोजाना बिजली का नुकसान हो रहा था। वहीं सूरतगढ़ थर्मल की पांच इकाइयों में से तीसरी इकाई रविवार दोपहर को तकनीकी खराबी के चलते बंद हो गई।</p>
<p><strong>ग्रामीण क्षेत्रों मे रोस्टर से चल रहे फीडर्स</strong><br />तीनों डिस्कॉम में कटौती के लिए फीडर्स रोस्टर सिस्टम से चल रहे हैं। रोस्टर सिस्टम में जयपुर डिस्कॉम्स ग्रामीण क्षेत्रों में 89 फीडर्स, अजमेर डिस्कॉम 71 फीडर्स और जोधपुर डिस्कॉम 85 फीडर्स बंद कर कटौती कर रहे। लोड शेडिंग, मेंटनेंस और फॉल्ट के नाम पर जयपुर डिस्कॉम में 24, अजमेर डिस्कॉम में 4 और जोधपुर डिस्कॉम में 19 फीडर्स से कटौती हो रही है। अधिकांश जगहों पर रात आठ से 12 बजे और दिन में 12 से पांच बजे तक कटौती हो रही।</p>
<p><strong>नियम के हिसाब से 26 दिन का कोयला स्टॉक जरूरी</strong><br />अधिकांश पावर प्लांट कोयला संकट से जूझ रहे हैं। छबड़ा सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट में तीन दिन, छबड़ा थर्मल, कालीसिंध और सूरतगढ़ थर्मल प्लांट में चार-चार दिन, सूरतगढ़ सुपर क्रिटिकल थर्मल प्लांट की सात-आठ यूनिट में पांच दिन और कोटा थर्मल प्लांट में आठ दिन का ही कोयला बचा है, जबकि नियमों के हिसाब से 26 दिन का कोयला स्टॉक में होना चाहिए। इससे ब्लैकआउट का खतरा बढ़ गया है। <br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 May 2022 09:53:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एरोड्राम और नयापुरा में स्थापित होगी पॉल्यूशन मापने की यूनिट</title>
                                    <description><![CDATA[इस यूनिट की खास बात यह होगी कि पूरे शहर कोटा का प्रदूषण देख सकेंगे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/pollution-measuring-unit-will-be-set-up-at-aerodrome-and-nayapura/article-6697"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/181.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा । प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा कोटा में दो स्थानों पर पॉल्यूशन मापने के लिए यूनिट स्थापित होगी। इसके लिए विभाग ने सभी संसाधन भेज दिए गए है। एकाध दिन में काम शुरू हो जाएगा। बोर्ड के अनुसार एरोड्राम स्थित विज्ञान केंद्र और नयापुरा के वोकेशनल स्कूल में यूनिट स्थापित की जाएगी। इस तरह से कोटा में तीन यूनिट हो जाएगी। इस यूनिट की खास बात यह होगी कि पूरे शहर कोटा का प्रदूषण देख सकेंगे। इसके लिए डिस्पले बोर्ड भी लगाया जाएगा। ये बोर्ड भी शहर के बीचों-बीच स्थापित किया जा सकता है। हालांकि, इससे पहले से एक बोर्ड संभागीय आयुक्त कार्यालय में भी लगाया गया है। लेकिन, इसकी कम ही लोगों को जानकारी है। ऐसे में अधिकांश लोगों को कोटा के प्रदूषण की जानकारी नहीं मिलती थी। इससे सटिक जानकारी मिल जाएगी। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि यूनिट स्थापित करने के लिए सभी उपकरण आ गए है। ये एक तरह की केबिन होगी। जिसमें मशीनें स्थापित की जाएगी। इसके माध्यम से कोटा में हो रहे प्रदूषण का पता लगाएंगे।<br /><br /><strong>इसलिए लगाई जा रही यूनिट</strong><br />कोटा शहर में अभी एक यूनिट स्थापित है। ये श्रीनाथपुरम में है। कोटा शहर के बाहर स्थापित होने से प्रदूषण की वास्तवित स्थिति की जानकारी नहीं मिलती थी। क्योंकि, श्रीनाथपुरम क्षेत्र में यातायात के संसाधन कम थे। साथ ही पेड़ों की संख्या अधिक थी। ऐसे में प्रदूषण का आंकलन कम रहता था। इसको लेकर कई बार मामले भी उठे है। मांग को देखते हुए ऐसा किया जा रहा है। दोनों यूनिट शहर के बीचों बीच स्थापित होने से प्रदूषण की वास्तविक जानकारी मिलेगी। कोटा में सर्वाधिक वाहनों का संचालन इसी क्षेत्र में रहता है। उद्योगों की संख्या भी अधिक है। ऐसे में यूनिट का होना अनिवार्य था।<br /><br /><strong>20 दिन में हो जाएगी शुरू</strong><br />बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि इसका काम बड़े स्तर पर संचालित हो रहा है। संभावना है कि 20 दिन में इसका काम पूरा हो। उनका कहना है कि इसका निर्माण जयपुर स्तर पर किया जा रहा है। कोटा से केवल मॉनीटरिंग की जा रही है। इसके साथ ही प्रदूषण नियंत्रण में भी काम किया जा रहा है। इसके लिए कोटा नगर निगम को एयर गन दिलाई गई है। इसके माध्यम से  प्रदूषण को कम किया जा रहा है। बोर्ड के द्वारा भी समय समय पर इस पर काम हो रहा है।<br /><br /><strong>इनका कहना है</strong><br />कोटा में पॉल्यूशन मापने के लिए दो यूनिट स्थापित की जाएगी। ये विज्ञान केंद्र और वोकेशनल स्कूल में स्थापित होनी है। इस पर काम हो रहा है।<br />- राकेश गुप्ता, क्षेत्रीय अधिकारी, पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/pollution-measuring-unit-will-be-set-up-at-aerodrome-and-nayapura/article-6697</link>
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                <pubDate>Fri, 25 Mar 2022 13:26:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> जिरियाट्रिक वार्ड शुरू, पीडियाट्रिक यूनिट अभी बंद</title>
                                    <description><![CDATA[न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पीडियाट्रिक यूनिट अभी भी बंद है। ऐसे में अस्पताल में बच्चों के लिए भर्ती की सुविधा नहीं है।  ऐसे में अधिकांश मरीज जेके लोन में जा रहे है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/geriatric-ward-started--pediatric-unit-closed-now/article-5411"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/06new.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मंगलवार से जिरियाट्रिक विभाग भी शुरू हो गया है, लेकिन पीडियाट्रिक यूनिट अभी भी बंद है। ऐसे में अस्पताल में बच्चों के लिए भर्ती की सुविधा नहीं है। हालांकि, ओपीडी का संचालन है। लेकिन, भर्ती की सुविधाएं नहीं होने से मरीज नहीं जा पाते है। ऐसे में अधिकांश मरीज जेके लोन में जा रहे है। पीडियाट्रिक यूनिट भी जिरियाट्रिक के साथ बंद हुई थी। उस समय कोविड संक्रमण की शुरूआत हो गई थी, जिसके चलते विभाग ने आदेश जारी कर दोनों यूनिटों को बंद करने को कहा गया था। करीब दो साल के अंतर में जिरियाट्रिक यूनिट शुरू हो गई है। लेकिन, पीडियाट्रिक अभी भी शुरू नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि इसके लिए चिकित्सा विभाग की अनुमति लेनी होती है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने इस संबंध में लिखा हुआ है, लेकिन विभाग की अनुमति नहीं मिली है। ऐसे में फिलहाल ओपीडी का संचालन हो रहा है। अधिकांश एक्सपर्ट जेके लोन में रहते है,जिसके चलते यहीं पर कम ही मरीज आते है।</p>
<p><strong>गायनिक के लिए सुविधा</strong></p>
<p>मेडिकल कॉलेज में पीडियाट्रिक यूनिट बंद है। साथ में भर्ती करने की सुविधा नहीं है, लेकिन गायनिक विभाग में पैदा हुए नवजातों को सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाती है। ऐसे बच्चों के लिए चिकित्सक भी लगा रखे है। ये चिकित्सक राउंड भी करते है। हालांकि, ऐसी सुविधा अस्पताल में जन्म लेने  वाले बच्चों को बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि मेडिकल कॉलेज के पास मदर और चाइल्ड यूनिट बनाई जा रही है। इसको बनने में एक साल का समय लगेगा। ऐसे में एक साल में ही पीडियाट्रिक शुरू हो सकती है।</p>
<p><strong>वृद्धजनों को मिली सुविधा</strong></p>
<p>अस्पताल में मंगलवार से वरिष्ठ नागरिक जन विभाग की शुरुआत हो गई है। इसके शुरू होने से वृद्धजनों को सुविधा मिली है। क्योंकि, इनको उपचार के लिए पहले सामान्य मरीजों के साथ कतारों में लगना पड़ता था। पर्ची भी कतारों में लगकर कटवानी पड़ती थी। जांचों के लिए लैबोरट्री में जाना पड़ता था। अभी सभी सुविधाएं जिरियाट्रिक वार्ड में मिलने लगी है। इसकी प्रतिदिन की ओपीडी 150 से अधिक रहती है। हालांकि, मंगलवार को महाशिवरात्रि पर्व होने से कम ही मरीज आए थे। क्योंकि, अस्पताल का संचालन सुबह 9 बजे से 11 बजे तक हुआ था। फिर भी बुधवार को आउटडोर अच्छा रहने की संभावना है।</p>
<p>अभी यूनिट शुरू करने को लेकर स्थिति साफ नहीं है। क्योंकि, इसके लिए विभाग से अनुमति लेनी होती है। संभवत: मदर और चाइल्ड यूनिट तैयार होने पर इसको शुरू किया जा सकता है।</p>
<p><strong>- डॉ. अमृता मयंगर, विभागाध्यक्ष, पीडियाट्रिक, मेडिकल कॉलेज</strong></p>
<p>ये सभी विभागीय स्तर पर हो सकता है। अभी जिरियाट्रिक विभाग शुरू किया है। इसके शुरू होने से वृद्धजनों को सुविधाएं मिलने लगी है। <strong>- डॉ. चंद्रशेखर सुशील, अधीक्षक, मेडिकल कॉलेज</strong></p>
<p>मेडिकल कॉलेज में पीडियाट्रिक की ओपीडी का संचालन हो रहा है। गायनिक विभाग में जन्म लिए नवजातों को भी सुविधाएं दी जा रही है। यूनिट को भी जल्द शुरू करेंगे। <strong>- डॉ विजय सरदाना, प्राचार्य, न्यू मेडिकल कॉलेज, कोटा</strong></p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/geriatric-ward-started--pediatric-unit-closed-now/article-5411</link>
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                <pubDate>Thu, 03 Mar 2022 15:23:52 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title> ऑपरेशन गंगा : चार उड़ानों में अब तक 1,147 भारतीय वतन लौटे</title>
                                    <description><![CDATA[यूक्रेन का दावा : 4300 रूसी सैनिक मारे गए]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/udaipur/operation-ganga--1-147-indians-returned-home-in-four-flights-so-far--putin-tells-atom-armed-unit-to-be-on-high-alert/article-5165"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/03.gif" alt=""></a><br /><p>उदयपुर। यूक्रेन में एमबीबीएस कर रही उदयपुर की दो बेटियां रविवार को सकुशल लौट आईँ। दिल्ली से दोपहर ढाई बजे विस्तारा की फ्लाइट से उदयपुर पहुंची भार्गवी वशिष्ट व मोक्षिता उपाध्याय की एयरपोर्ट पर अगवानी खुद जिला कलक्टर ताराचंद मीणा व एडीएम सिटी अशोक कुमार ने की।</p>
<p><strong>राहत: राजस्थान लौटने लगे यूक्रेन में फंसे विद्यार्थी </strong><br /><strong>अजमेर-नागौर की चार एमबीबीएस छात्राएं और उदयपुर की दो बेटियां लौटी</strong><br /><strong>अपनों से मिली तो झलके खुशी के आंसू </strong><br /><strong> प्रशासन ने किया स्वागत</strong> <br /> मदनगंज-किशनगढ़, उदयपुर। यूक्रेन में फंसी अजमेर, नागौर और उदयपुर की छह बेटियां रविवार को अपने घर पहुंच गईं। अजमेर और नागौर की एमबीबीएस छात्राएं रविवार को दिल्ली से स्पाइस जेट के विमान से किशनगढ़ एयरपोर्ट पर उतरीं तो परिजन को देखते ही खुशी के आंसू झलक पड़े। प्रशासनिक अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। ब्यावर निवासी कृतज्ञ्या आचार्य व अजमेर निवासी हर्षिता सिंह अपने परिजन के साथ घर के लिए रवाना हुई तो नागौर मारवा मूंडवा निवासी स्वर्णिमा सिंह व इंदिरा कॉलोनी निवासी स्नेहा सुसन जार्ज को प्रशासनिक अधिकारियों ने टैक्सी के माध्यम से भेजा। छात्राओं से सकुशल लौटने पर एयरपोर्ट पर वंदे मातरम व भारत माता के जयकारे गूंज उठे। चारों छात्राओं ने भारत सरकार के साथ प्रदेश सरकार के प्रति आभार जताया और विश्वास जताया कि यूक्रेन में फंसे शेष विद्यार्थी भी शीघ्र अपने वतन अपने घर को आएं। अपनी बेटियों से मिलकर परिजन भी अपने आप को भाग्यशाली मान रहे थे और अपनी बेटियों को देखकर फूले नहीं समा रहे थे। इसी प्रकार उदयपुर की दो बेटियां रविवार को सकुशल लौट आईं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के प्रयासों से लौटी इन छात्राओं एवं उनके परिजनों ने सरकार की पहल का आभार जताया।</p>
<p><br />दिल्ली से दोपहर ढाई बजे विस्तारा की फ्लाइट से उदयपुर पहुंची भार्गवी वशिष्ट व मोक्षिता उपाध्याय की एयरपोर्ट पर अगवानी खुद जिला कलक्टर ताराचंद मीणा व एडीएम सिटी अशोक कुमार ने की। यूनिवर्सिटी रोड स्थित आदर्शनगर निवासी भार्गवी वशिष्ट पुत्री चंद्रनारायण वशिष्ट व हिरणमगरी सेक्टर तीन निवासी मोक्षिता उपाध्याय पुत्री नलीन उपाध्याय ने बताया कि उनकी पढ़ाई अच्छी चल रही थी और सब कुछ ठीक था, परंतु अचानक ही माहौल बदल गया। इस बीच, शुक्रवार को भारतीय दूतावास सूचना मिली तो तत्काल निकल गए। लगभग 250-250 बच्चों के दो स्लॉट को रोमानिया होते हुए स्वदेश लाया गया। वहां बहुत भीड़ होने के कारण यूक्रेन-रोमानिया बोर्डर से लगभग 5 किमी पैदल चलना पड़ा। <br /><br />ऑपरेशन गंगा बन रही सहायक <br />यूक्रेन-रूस युद्ध के बीच ऑपरेशन गंगा के तहत तीसरा विमान रोमानिया से शनिवार रात्रि को दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचा। बुडापेस्ट से 240 भारतीय दिल्ली पहुंचे हैं। अब तक ऑपरेशन गंगा के तहत 709 भारतीयों की वतन वापसी हो चुकी है।<br /><br /><strong>गहलोत ने यूक्रेन से लौट रहे व्यक्ति से फोन पर की बात, हालात जाने</strong><br /> यूक्रेन में रूस हमले के बाद रोमानिया के रास्ते वापस आ रहे अजय सिंह से रविवार को मुख्यमंत्री अशोेक गहलोत ने फोन पर बात की। दिल्ली एयरपोर्ट पर गहलोत ने सिंह से मौजूदा हालातों की जानकारी ली। राजस्थानियों को घर तक पहुंचाने और हर संभव मदद का आश्वासन दिया। गहलोत ने ट्वीट कर इस बात की जानकारी भी दी। गहलोत ने सिंह से हालचाल पूछे और कहा कि अपने दोस्तों को कहे की कोई चिंता ना करे। यह भी पूछा कि वहां से भारतीय लोगों को एक साथ निकाल रहे हैं या एक-एक करके।</p>
<p><br />अजय सिंह ने कुछ परेशानियों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। इस पर गहलोत ने कहा कि आप जो शिकायत कर रहे हैं, उसे कैसे हल कर सकते हैं। इस बारे में भारत सरकार से भी बात करेंगे। गहलोत ने यूक्रेन से लौट रहे सभी भारतीय और राजस्थानियों को शुभकामनाएं भी दीं।<br /><br /><strong>यूक्रेन का दावा : 4300 रूसी सैनिक मारे गए</strong> <br />नई दिल्ली। यूक्रेन हमले के चौथे दिन रोमानिया बुखारेस्ट से 198 भारतीयों को लेकर चौथी फ्लाइट रविवार शाम करीब 6.45 बजे दिल्ली पहुंची। इसके पहले रविवार को ही 490 भारतीय स्टूडेंट्स को रोमानिया और हंगरी के रास्ते भारत लाया गया। हंगरी बुडापेस्ट से भी एक विमान रविवार को आया, जिसमें 240 भारतीय सवार थे। फ्लाइट से उतरते ही भारतीय छात्रों ने ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए। एयरपोर्ट पर उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने छात्रों का स्वागत किया।</p>
<p><strong>यूक्रेन का दावा अब तक लड़ाई में लगभग 4300 रूसी सैनिक मारे</strong> <br />यूक्रेन पर रूस का लगातार चौथे दिन भी हमला जारी रहा। यूक्रेन का दावा है कि अब तक लड़ाई में लगभग 4300 रूसी सैनिक मारे गए। वहीं 146 टैंक, 27 विमान और 26 हेलीकॉप्टर तबाह कर दिए गए हैं। वहीं रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने एटमी हथियारों से लैस यूनिट को हाईअलर्ट पर रहने को कहा है। ब्रिटेन की फोरेन मिनिटर लिज ट्रूस ने एक बड़ा ऐलान किया है ‘हमारी सरकार ब्रिटेन के उन नागरिकों की मदद करेगी, जो रूस के खिलाफ जंग हिस्सा लेना चाहते हैं। अगर रूस ने घुसपैठ बढ़ाई और बंद नहीं की तो उसके नेताओं पर वार क्राइम के तहत केस दायर किए जाएंगे।’<br /><br /><strong>मोदी की उच्च स्तरीय बैठक</strong> <br />प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यूक्रेन-रूस हमले को लेकर रविवार देर रात उच्च स्तरीय बैठक की। मोदी ने बातचीत के जरीए मुद्दे का समाधान निकालने की बात को दोहराया और युद्ध रोकने और शांति बहाली के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया। पीएम के सामने यूक्रेन के लड़ाई वाले इलाकों में फंसे भारतीय छात्रों को सुरक्षित निकालने की कोशिश का प्लान भी पेश किया गया। मोदी ने कहा कि सबकी सुरक्षित वापसी महत्वपूर्ण है। <br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>यूक्रेन-रूस युद्ध</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                            <category>उदयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 28 Feb 2022 11:34:30 +0530</pubDate>
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                <title>परीक्षाओं में नकल रोकने की जिम्मेदारी अब पुलिस को मिलेगी</title>
                                    <description><![CDATA[ जयपुर। प्रदेश में परीक्षाओं में नकल रोकने का जिम्मा अब पुलिस को सौंपा जाएगा। इसके लिए एसओजी में नकल निरोधक इकाई गठित की जाएगी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/police-will-now-get-the-responsibility-of-stopping-cheating-in-examinations--anti-copying-unit-will-be-formed-in-sog/article-4809"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/kalam-kaimuri.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। प्रदेश में परीक्षाओं में नकल रोकने का जिम्मा अब पुलिस को सौंपा जाएगा। इसके लिए एसओजी में नकल निरोधक इकाई गठित की जाएगी। रीट परीक्षा प्रकरण को लेकर मचे बवाल के बाद राज्य सरकार नकल रोकने को लेकर काफी गंभीर है। इसके लिए विधानसभा के चालू सत्र में कठोर कानून भी बनाया जा रहा है। एसओजी में इकाई गठित करने के लिए पुलिस मुख्यालय ने गृह विभाग को प्रस्ताव भेजा है। इस पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के स्तर पर विचार किया जा रहा है। संभवत: विधानसभा के इसी सत्र में इसकी भी घोषणा की जाएगी। यह इकाई प्रदेश में परीक्षाओं के दौरान पेपर लीक रोकने और नकल माफिया के खिलाफ  जांच करेगी। <br /><br /><strong>ऐसे करते हैं नकल माफिया काम</strong><br />गृह विभाग को मिली रिपोर्ट के अनुसार नकल माफिया से जुड़े लोग परीक्षा से पूर्व पेपर आउट कर परीक्षार्थियों को पेपर उपलब्ध करवाते हैं। अभ्यर्थी की जगह पर डमी अभ्यर्थी बिठानाने के साथ ही परीक्षा केन्द्र पर उत्तर कुंजी उपलब्ध करवाते हैं।परीक्षार्थी से ओएमआर शीट खाली रखवा कर परीक्षा केन्द्र के अन्दर ही परीक्षा के बाद वीक्षकों द्वारा ओएमआर शीट भरवाई जाती है। नकल माफियाओं द्वारा परीक्षा केन्द्र पर फर्जी वीक्षक की ड्यूटी लगवाना एवं उससे पेपर में नकल करवाते हैं। ब्लूटूथ द्वारा नकल करवाते हैं। <br /><br /><strong>हर साल तीन करोड़ 36 लाख होंगे खर्च</strong><br />राज्य सरकार को भेजे गए प्रस्ताव के अनुसार नकल निरोधक ईकाई के लिए एक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, एक उप अधीक्षक पुलिस, तीन पुलिस निरीक्षक तथा पांच एसआईए दो एएसआई, एक हैडकांस्टेबल तथा 14 कांस्टेबल और सात दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों सहित 27 पद मांगे गए हैं। इन पदों पर तीन करोड़ 36 लाख रुपए का सालना खर्च होगा।  नकल निरोधक यूनिट के लिए तीन चौपहिया वाहन, तीन मोटरसाइकिल के साथ फर्नीचरए, वायरलेस सेट सहित अन्य संसाधनों की मांग की गई है। इनमें वाहनों करीब 30 लाख रुपए तथा संसाधनों पर 35 लाख रुपए खर्च होने का अनुमान है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 22 Feb 2022 11:58:03 +0530</pubDate>
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                <title>फिर लगेगा फ्यूल सरचार्ज का करंट :  उपभोक्ताओं से होगी 550 करोड़ रुपए की रिकवरी</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर। प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को दीपावली के बाद एक बार फिर बिलों में फ्यूल सरचार्ज का करंट लगेगा। प्रदेश में बिजली संकट के दौरान महंगी बिजली और कोयला खरीदने से पडेÞ आर्थिक भार को अब उपभोक्ताओं से वसूलने की तैयारी की गई है। बिजली कम्पनियों ने जनवरी से मार्च के तीन बिलों में 33 पैसे प्रति यूनिट के हिसाब से फ्यूल सरचार्ज वसूलने के आदेश जारी कर दिए हैं। यह सरचार्ज अगले साल जनवरी से मार्च 2022 के तीन महीने के बिजली बिलों में जुड़कर आएगा। राजस्थान डिस्कॉम ने बिजली उपभोक्ताओं के लिए करीब 550 करोड़ रुपए की रिकवरी निकाली है। यह रिकवरी इस वित्तीय वर्ष में 33 पैसे प्रति यूनिट के हिसाब से वसूली जाएगी। जयपुर, जोधपुर और अजमेर डिस्कॉम ने इस फ्यूल सरचार्ज को वसूल करने के लिए रिकवरी आदेश जारी कर दिए हैं। यह रिकवरी घरेलू, वाणिज्यिक सहित सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं से वसूली की जाएगी। राज्य सरकार ने जिन कृषि उपभोक्ताओं और सब्सिडी वाले श्रेणी उपभोक्ताओं को राहत दे रखी है, उनसे यह वसूली नहीं होगी।  

महंगे कोयला और बिजली खरीद से निकली रिकवरी
प्रदेश में बिजली संकट के दौरान बिजली कम्पनियों ने महंगा कोयला खरीदा। निजी सेक्टर से महंगी दर पर बिजली भी खरीदी गई। इसलिए इस महंगी खरीद में खर्च हुई राशि का भार उपभोक्ताओं पर डालते हुए फ्यूल सरचार्ज के नाम पर वसूलने की तैयारी है।

1.52 करोड़ उपभोक्ताओं से होगी वसूली, अकेले जयपुर में 250 करोड़ की रिकवरी
फ्यूल सरचार्ज लगने से तीन महीने में प्रदेश के 1.52 करोड़ उपभोक्ताओं से 550 करोड़ रुपए की राशि वसूली की जाएगी। अकेले जयपुर डिस्कॉम में ही करीब 250 करोड़ रुपए से ज्यादा की रिकवरी होगी। इससे पहले जयपुर डिस्कॉम ने अपने उपभोक्ताओं से 30 पैसे, 55 पैसे, 29 पैसे और 39 पैसे प्रति यूनिट के हिसाब से फ्यूल सरचार्ज वसूला था।

कई सालों से जारी है वसूली
प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं से फ्यूल सरचार्ज के नाम पर वसूली पिछले दस सालों से जारी है। महंगी बिजली और कोयला खरीद का भार उपभोक्ताओं पर डाल दिया जाता है। अडानी ग्रुप से केस हारने के बाद भी सरकार को चुकाने वाली राशि को उपभोक्ताओं से पांच पैसे प्रति यूनिट के हिसाब से जोड़कर वसूला जा रहा है। यह वसूली सितम्बर 2022 तक जारी रहेगी। अब उपभोक्ताओं को इस बात का इंतजार है कि रिकवरी के नाम पर फ्यूल सरचार्ज का करंट कितने महीने तक  और लगेगा।

यह होता है फ्यूल सरचार्ज
विद्युत विनियामक आयोग हर साल बिजली खरीद सहित दूसरे खर्चों का विश्लेषण करने के बाद बिजली की दरें तय करता है। आयोग इसमें ट्रांसपोर्टेशन चार्ज, कोयला, डीजल आदि का खर्च निकालकर लागत निकालता है, जिसकी वसूली उपभोक्ताओं से होती है। राजस्थान में फ्यूल सरचार्ज की वसूली वर्ष 2009 से शुरू हुई थी। फिलहाल जो फ्यूल सरचार्ज लगाया गया है, वो अप्रैल से जून 2021 तक के लिए है। जनवरी, फरवरी और मार्च 2022 के बिलों में 33 पैसे प्रति यूनिट के हिसाब से सरचार्ज वसूल किया जाएगा।

फ्यूल सरचार्ज की वसूली सब्सिडी वाले कृषि श्रेणी उपभोक्ताओं को छोड़कर सभी उपभोक्ताओं से वसूल की जाएगी। सब्सिडी वाले कृषि व अन्य उपभोक्ताओं को तय यूनिट दर ही बिजली देनी होगी। उनके हिस्से के फ्यूल सरचार्ज का खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। -पीके गुप्ता, एसई, कॉमर्शियल, जयपुर डिस्कॉम

जनता पहले ही पेट्रोल-डीजल पर वैट से आहत है। अब बिजली की कीमतें बढ़ाकर और करंट लगा दिया है। वायदा बिजली दरें नहीं बढ़ाने का किया था, लगातार बढ़ोतरी कर रहे हैं। बिजली की बढ़ी दरें वापस लेनी चाहिए।- सतीश पूनिया, प्रदेशाध्यक्ष, भाजपा

 पेट्रोल-डीजल पर वैट कम नहीं किया। अब बिजली फ्यूल सरचॉर्ज लगाकर जनता को महंगाई का बूस्टर डोज दे दिया। इसे उपभोक्ताओं को 550 करोड़ जेब से ज्यादा चुकाने पड़ेंगे। जनता को लड़खड़ाई अर्थव्यवस्था से निकालने की जगह कमजोर करने का जनविरोधी फैसला है।- राजेन्द्र राठौड़, उपनेता प्रतिपक्ष, विस]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/619255d8edf57/article-2423"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/bulb_light.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जयपुर</strong>। प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को दीपावली के बाद एक बार फिर बिलों में फ्यूल सरचार्ज का करंट लगेगा। प्रदेश में बिजली संकट के दौरान महंगी बिजली और कोयला खरीदने से पडेÞ आर्थिक भार को अब उपभोक्ताओं से वसूलने की तैयारी की गई है। बिजली कम्पनियों ने जनवरी से मार्च के तीन बिलों में 33 पैसे प्रति यूनिट के हिसाब से फ्यूल सरचार्ज वसूलने के आदेश जारी कर दिए हैं। यह सरचार्ज अगले साल जनवरी से मार्च 2022 के तीन महीने के बिजली बिलों में जुड़कर आएगा। राजस्थान डिस्कॉम ने बिजली उपभोक्ताओं के लिए करीब 550 करोड़ रुपए की रिकवरी निकाली है। यह रिकवरी इस वित्तीय वर्ष में 33 पैसे प्रति यूनिट के हिसाब से वसूली जाएगी। जयपुर, जोधपुर और अजमेर डिस्कॉम ने इस फ्यूल सरचार्ज को वसूल करने के लिए रिकवरी आदेश जारी कर दिए हैं। यह रिकवरी घरेलू, वाणिज्यिक सहित सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं से वसूली की जाएगी। राज्य सरकार ने जिन कृषि उपभोक्ताओं और सब्सिडी वाले श्रेणी उपभोक्ताओं को राहत दे रखी है, उनसे यह वसूली नहीं होगी।   <br /> <strong><br /> महंगे कोयला और बिजली खरीद से निकली रिकवरी</strong><br /> प्रदेश में बिजली संकट के दौरान बिजली कम्पनियों ने महंगा कोयला खरीदा। निजी सेक्टर से महंगी दर पर बिजली भी खरीदी गई। इसलिए इस महंगी खरीद में खर्च हुई राशि का भार उपभोक्ताओं पर डालते हुए फ्यूल सरचार्ज के नाम पर वसूलने की तैयारी है। <br /> <br /> <strong>1.52 करोड़ उपभोक्ताओं से होगी वसूली, अकेले जयपुर में 250 करोड़ की रिकवरी </strong><br /> फ्यूल सरचार्ज लगने से तीन महीने में प्रदेश के 1.52 करोड़ उपभोक्ताओं से 550 करोड़ रुपए की राशि वसूली की जाएगी। अकेले जयपुर डिस्कॉम में ही करीब 250 करोड़ रुपए से ज्यादा की रिकवरी होगी। इससे पहले जयपुर डिस्कॉम ने अपने उपभोक्ताओं से 30 पैसे, 55 पैसे, 29 पैसे और 39 पैसे प्रति यूनिट के हिसाब से फ्यूल सरचार्ज वसूला था। <br /> <br /> <strong>कई सालों से जारी है वसूली</strong><br /> प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं से फ्यूल सरचार्ज के नाम पर वसूली पिछले दस सालों से जारी है। महंगी बिजली और कोयला खरीद का भार उपभोक्ताओं पर डाल दिया जाता है। अडानी ग्रुप से केस हारने के बाद भी सरकार को चुकाने वाली राशि को उपभोक्ताओं से पांच पैसे प्रति यूनिट के हिसाब से जोड़कर वसूला जा रहा है। यह वसूली सितम्बर 2022 तक जारी रहेगी। अब उपभोक्ताओं को इस बात का इंतजार है कि रिकवरी के नाम पर फ्यूल सरचार्ज का करंट कितने महीने तक  और लगेगा।<br /> <strong><br /> यह होता है फ्यूल सरचार्ज</strong><br /> विद्युत विनियामक आयोग हर साल बिजली खरीद सहित दूसरे खर्चों का विश्लेषण करने के बाद बिजली की दरें तय करता है। आयोग इसमें ट्रांसपोर्टेशन चार्ज, कोयला, डीजल आदि का खर्च निकालकर लागत निकालता है, जिसकी वसूली उपभोक्ताओं से होती है। राजस्थान में फ्यूल सरचार्ज की वसूली वर्ष 2009 से शुरू हुई थी। फिलहाल जो फ्यूल सरचार्ज लगाया गया है, वो अप्रैल से जून 2021 तक के लिए है। जनवरी, फरवरी और मार्च 2022 के बिलों में 33 पैसे प्रति यूनिट के हिसाब से सरचार्ज वसूल किया जाएगा। <br /> <br /> फ्यूल सरचार्ज की वसूली सब्सिडी वाले कृषि श्रेणी उपभोक्ताओं को छोड़कर सभी उपभोक्ताओं से वसूल की जाएगी। सब्सिडी वाले कृषि व अन्य उपभोक्ताओं को तय यूनिट दर ही बिजली देनी होगी। उनके हिस्से के फ्यूल सरचार्ज का खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। -<strong>पीके गुप्ता, एसई, कॉमर्शियल, जयपुर डिस्कॉम</strong><br /> <br /> जनता पहले ही पेट्रोल-डीजल पर वैट से आहत है। अब बिजली की कीमतें बढ़ाकर और करंट लगा दिया है। वायदा बिजली दरें नहीं बढ़ाने का किया था, लगातार बढ़ोतरी कर रहे हैं। बिजली की बढ़ी दरें वापस लेनी चाहिए।- <strong>सतीश पूनिया, प्रदेशाध्यक्ष, भाजपा</strong><br /> <br />  पेट्रोल-डीजल पर वैट कम नहीं किया। अब बिजली फ्यूल सरचॉर्ज लगाकर जनता को महंगाई का बूस्टर डोज दे दिया। इसे उपभोक्ताओं को 550 करोड़ जेब से ज्यादा चुकाने पड़ेंगे। जनता को लड़खड़ाई अर्थव्यवस्था से निकालने की जगह कमजोर करने का जनविरोधी फैसला है।- <strong>राजेन्द्र राठौड़, उपनेता प्रतिपक्ष, विस</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Nov 2021 12:15:33 +0530</pubDate>
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                <title>अस्पताल में आग, चार बच्चों की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[शेष बच्चों को अन्य स्थान पर किया गया शिफ्ट]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/%E0%A4%85%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%AA%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%B2-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%86%E0%A4%97--%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%AC%E0%A4%9A%E0%A5%8D%E0%A4%9A%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A5%8C%E0%A4%A4/article-2203"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/bhopal_hospital-aag.jpg" alt=""></a><br /><p>भोपाल। भोपाल के सरकारी हमीदिया अस्पताल परिसर में कमला नेहरु अस्पताल की तीसरी मंजिल स्थित शिशु वार्ड (स्पेशल न्यूबार्न केयर यूनिट) में आग लगने के कारण 4 बच्चों की मौत हो गई और शेष लगभग 36 बच्चों को अन्य सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करके उनका इलाज किया जा रहा है। अस्पताल सूत्रों के अनुसार अस्पताल की तीसरी मंजिल स्थित शिशु वार्ड के वेंटीलेटर में सोमवार रात लगभग नौ बजे शार्ट सर्किट के कारण आग लगी और देखते ही देखते यह वार्ड के कुछ हिस्सों में फैल गयी। इस वजह से वार्ड के उपकरण इत्यादि जल गए और उसमें धुंआ फैल गया।</p>
<p>इस बीच चिकित्सकों और नर्स आदि की मदद से बच्चों को वहां से हटाकर अन्य स्थान पर सुरक्षित रखने के प्रयास हुए, लेकिन चार शिशुओं को नहीं बचाया जा सका। इन बच्चों की उम्र एक दिन से लेकर नौ दिन तक है। शेष 36 बच्चों को अस्पताल के प्रभावित वार्ड से शिफ्ट कर दिया गया है और सबका इलाज चल रहा है। आग लगने की सूचना पर दमकल कर्मचारी और पुलिस कर्मचारी मय साजो सामान के साथ पहुंचे और आग पर काबू पाया। घटना के कुछ देर बाद परिसर में मीडिया से चर्चा में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा था कि आग पर काबू पा लिया गया है और सभी बच्चों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया गया है। लेकिन कुछ ही देर बाद खबर आयी कि तीन बच्चों की मृत्यु हुयी है। बाद में मृतकों की संख्या बढ़कर चार हो गयी। <br /> <br /> इस बीच अस्पताल प्रशासन बच्चों की स्थिति पर नजर रखे हुए है। इनमें से लगभग आधा दर्जन बच्चों को बेहतर इलाज के लिए शहर के एक अन्य सरकारी अस्पताल में भेजा गया है। दूसरी ओर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तत्काल इस घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश देते हुए इसका जिम्मा अपर मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी को सौंपा है। उन्होंने इस घटना पर दुख जताते हुए प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की हैं।</p>
<p><strong>एसीएस और अन्य अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे</strong><br /> भोपाल के हमीदिया अस्पताल परिसर में स्थित कमला नेहरु अस्पताल के शिशु वार्ड में आग लगने की घटना के बाद मंगलवार को इस मामले की जांच के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव (एसीएस) मोहम्मद सुलेमान और अन्य अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे।   अधिकारियों ने शिशु वार्ड पहुंचकर संबंधित अधिकारियों से चर्चा भी की। <br /> <br /> दूसरी ओर इस मामले के प्रभावित परिवारों को चार चार लाख रुपए के मुआवजे की घोषणा की गई है। अब तक मिली सूचनाओं के अनुसार चार बच्चों की मौत हो गई है और 36 को प्रभावित वार्ड से अन्य स्थान पर शिफ्ट किया गया है। इनमें से भी कुछ बच्चों के आग के कारण प्रभावित होने की खबरें हैं।</p>
<p><strong>अस्पताल में आग का हादसा दुखद - भूपेंद्र</strong><br /> मध्यप्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री एवं भोपाल जिले के प्रभारी भूपेंद्र सिंह ने यहां कमला नेहरु अस्पताल के शिशु वार्ड में आग लगने की घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि इसमें चार बच्चों को बचाया नहीं जा सका। सिंह ने ट्वीट के जरिए कहा कि यह हादसा दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है। हादसे में चार बच्चों को बचाया नहीं जा सका। अन्य बच्चों का इलाज जारी है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घटना के उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। सिंह ने कहा कि दुख की इस घड़ी में संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं।</p>
<p><br /> इसके अलावा चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने मध्य रात्रि में किए गए ट्वीट में कहा कि आग लगने की सूचना पर वे स्वयं अस्पताल पहुंचे और राहत एवं बचाव देखे। हादसे में चार बच्चों को बचाया नहीं जा सका। उनके परिजनों को चार चार लाख रुपए का मुआवजा दिया जाएगा। अन्य बच्चों का इलाज जारी है और स्थिति पूरी तरह काबू में है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Nov 2021 12:17:46 +0530</pubDate>
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