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                <title>capacity - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                            <item>
                <title>पीएम-कुसुम योजना में राजस्थान ने छुआ 4 हजार मेगावाट का आंकड़ा, 2.62 लाख किसानों को दिन में बिजली </title>
                                    <description><![CDATA[पीएम-कुसुम योजना के तहत राजस्थान ने 4,000 मेगावाट सौर क्षमता हासिल कर ली है। अब तक 1,808 संयंत्रों से 2.62 लाख किसानों को दिन में सस्ती बिजली मिल रही है। राज्य सरकार ने 2026-27 तक 10.7 गीगावाट का लक्ष्य रखा है, जिससे खेती और सिंचाई के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव आएगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rajasthan-touched-the-figure-of-4-thousand-mw-under-pm-kusum/article-151490"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/scaled_1000846705.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। पीएम-कुसुम योजना के तहत राजस्थान ने सौर ऊर्जा क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए स्थापित क्षमता को 4 हजार मेगावाट तक पहुंचा दिया है। प्रदेश में पहले जहां मात्र 122 मेगावाट क्षमता के 92 संयंत्र स्थापित थे, वहीं अब गांव-ढाणी तक 4 हजार मेगावाट क्षमता के 1808 सौर संयंत्र लगाए जा चुके हैं। इन संयंत्रों से करीब 2.62 लाख किसानों को कृषि कार्य के लिए दिन में बिजली मिल रही है, जिससे सिंचाई कार्य आसान हुआ है और बिजली वितरण निगमों को सस्ती ऊर्जा उपलब्ध हो रही है। केन्द्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा राजस्थान को 10.7 गीगावाट की परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं, जिन्हें वित्तीय वर्ष 2026-27 तक पूरा करने का लक्ष्य है। राज्य सरकार ने अक्टूबर 2026 तक शेष 6,700 मेगावाट क्षमता जोड़ने का लक्ष्य तय किया है, जिससे सौर ऊर्जा उत्पादन में और तेजी आने की उम्मीद है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Apr 2026 17:29:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>कांडला पोर्ट की बढ़ाई जाएगी क्षमता : सर्बानंद </title>
                                    <description><![CDATA[केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में हमारा देश आत्मनिर्भर भारत के अंतिम लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में प्रतिदिन आगे बढ़ रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/business/capacity-increased-of-kandla-port--says-sarbanand/article-35871"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-01/q-9-copy2.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। केंद्रीय बंदरगाह नौवहन और जलमार्ग और आयुष मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने भारत के प्रमुख बंदरगाहों में से एक दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी कांडला पोर्ट में क्षमता बढ़ाने की विभिन्न योजनाओं का अनावरण किया। 280 करोड़ के इस अनुमानित निवेश से दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी के कांडला पोर्ट की क्षमता बढ़ाई जाएगी। </p>
<p>इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में हमारा देश आत्मनिर्भर भारत के अंतिम लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में प्रतिदिन आगे बढ़ रहा है। इस संबंध में समुद्री व्यापार की भूमिका सर्वोपरि है। हम भारत के विकास को शक्ति देने के लिए अर्थव्यवस्था के अवसरों का लाभ उठाने के लिए अपने बंदरगाहों की क्षमता बढ़ा रहे हैं। जैसा कि मोदी ने परिवहन के पर्यावरण के अनुकूल, किफायती और सुविधाजनक साधनों के विकास पर बल दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिजनेस</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 28 Jan 2023 11:06:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रदेश के सभी स्कूल कल से पूरी क्षमता के साथ खुलेंगे</title>
                                    <description><![CDATA[शिक्षा विभाग ने जारी की एसओपी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/620b4470a4023/article-4477"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/shiksha-sankul.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। प्रदेश में कोरोना वायरस का प्रकोप कम होने के साथ ही सभी गतिविधियां धीरे-धीरे फिर से शुरू हो रही है। प्रदेश के सभी सरकारी और गैर सरकारी विद्यालय पूरी क्षमता के साथ 16 फरवरी से खुलेंगे। इसके लिए सरकार की नई गाइडलाइन की पालना में शिक्षा विभाग के निदेशक कानाराम ने आदेश जारी करते हुए नई एसओपी जारी कर दी है। इसके अनुसार प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में सभी निजी व सरकारी स्कूलों की कक्षा एक से पांच तक की शैक्षणिक गतिविधियां 16 फरवरी से संचालित होगी, लेकिन विद्यार्थियों को माता-पिता की लिखित सहमति पश्चात ही अध्ययन के लिए परिसर में आने की अनुमति होगी।<br /><br /><span style="background-color:#ffff99;"><span style="color:#ff0000;"><span style="font-size:larger;"><strong>विद्यार्थियों को लानी होगी परिजनों की सहमति<br />ऑनलाइन शिक्षा भी जारी रहेगी</strong></span></span></span><br /><br /><strong>ये भी हैं मुख्य बातें</strong><br />    ऑनलाइन अध्ययन व परीक्षा परिणाम उन्नयन कार्यक्रम स्टार और उसके अंर्तगत चलाए जाने वाले अन्य कार्यक्रम स्माइल, आओ घर में सीखें, ई-कक्षा एवं अन्य ऑनलाइन शिक्षण सामग्री विद्यार्थियों तक पहुंचाने वाले डिजिटल कार्यक्रम नियमित रूप से जारी रहेंगे।<br />    विद्यालय में उपस्थित होने वाले विद्यार्थी, स्टाफ एवं अन्य आगंतुक कोविड उपयुक्त व्यवहार सुनिश्चित करेंगे।<br />    संबंधित संस्था प्रधान विद्यालय के सदृश्य स्थान पर यह घोषणा अनिवार्य रूप से चस्पा करेंगे कि कितने शिक्षकों व कार्मिकों और अनुमत विद्यार्थियों द्वारा वैक्सीन की दोनों डोज लगवाई जा चुकी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>शिक्षा जगत</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 15 Feb 2022 12:11:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कोरोना गाइडलाइन जारी : तीन जनवरी के बाद सिनेमाघरों में दर्शक क्षमता 50 फीसदी, शादी-समारोह में 200 लोग ही हो सकेंगे शामिल, थर्टी फर्स्ट की रात कर्फ्यू में ढाई घण्टे की होगी छूट</title>
                                    <description><![CDATA[शादी में 200 से ज्यादा मिले तो 10 हजार जुर्माना]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/61cd550ea74a4/article-3649"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/croud_bhid.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश में कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर राज्य सरकार ने बुधवार को नई गाइड लाइन जारी कर सख्ती बढ़ा दी। यह सख्ती तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई। इसके तहत शादी समारोह में 200 लोगों के ही शामिल होने की अनुमति होगी। इसके साथ ही रात 11 बजे से सुबह पांच बजे तक लागू रात्रिकालीन कर्फ्यू की सख्ती से पालना कराई जाएगी। हालांकि रात्रिकालीन कर्फ्यू में 31 दिसम्बर की रात 11 बजे से एक बजे तक छूट दी गई है। उस रात रेस्टोरेंट के संचालन में भी रात दस बजे से साढ़े बारह बजे ढाई घण्टे तक की  छूट दी है। सिटी और मिनी बसों का संचालन सुबह पांच से रात 11 बजे तक ही होगा। इनमें कोई यात्री खड़ा होकर यात्रा नहीं कर सकेगा। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में बुधवार  को हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए निर्णय के बाद यह गाइडलाइन जारी की गई है। <br /> <br /> <strong><br /> बाजार भी दस बजे तक ही खुलेंगे</strong><br /> समस्त मॉल्स, दुकानें एवं अन्य व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को रात्रि 10 बजे तक खोलने की अनुमति होगी। इनके सभी कर्मचारियों के लिए कोविड की दोनों डोज अनिवार्य होगी। इसके साथ ही स्क्रीनिंग की सुविधा, मास्क का उपयोग एवं अन्य कोविड उपयुक्त व्यवहार की अनुपालना करना अनिवार्य होगा।<br /> <br /> <strong>स्कूल बसों में दोनों डोज की अनिवार्यता</strong><br /> समस्त विश्वविद्यालय और महाविद्यालय, विद्यालय, कोचिंग संस्थान के शैक्षणिक एवं अशैक्षणिक स्टाफ, 18 वर्ष से अधिक आयु के छात्र-छात्राएं एवं संस्थान आवागमन के लिए संचालित बस, आॅटो एवं कैब के चालक को वैक्सीन की दोनों डोज अनिवार्य रूप से लगानी होगी। इसी प्रकार सरकारी कर्मचारियों को भी कोविड-19 की दोनों डोज लगवाना आवश्यक होगा।<br /> <br /> <strong>सिनेमाघर रात्रि दस बजे तक खुलेंगे</strong><br /> प्रदेश के समस्त सिनेमा हॉल्स, थियेटर, मल्टीप्लेक्स 18 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों, जिन्होंने कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लगवा ली हो के लिए रात्रि 10 बजे तक खोलने की अनुमति होगी। प्रदेश में तीन जनवरी से समस्त सिनेमा हॉल, थियेटर, मल्टीप्लेक्स, आॅडिटोरियम एवं प्रदर्शनी के लिए उपलब्ध स्थान 50 प्रतिशत क्षमता के साथ कोरोना वैक्सीन की  <br /> दोनों डोज लिए हुए व्यक्तियों के लिए अनुमत होगा। इसी तरह सभी आॅडिटोरियम एवं प्रदर्शनी उपलब्ध स्थान रात्रि 10 बजे तक केवल उन व्यक्तियों के लिए अनुमत होगा, जिन्होंने कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लगवा ली हो।<br /> <strong><br /> स्कूलों में स्टाफ को दोनों डोज जरूरी</strong><br /> संबंधित संस्था प्रधान, अन्य संस्थानों के संचालकों, मार्केट एसोसिएशन, समस्त विभागाध्यक्ष, कार्यालय प्रमुख स्वयं, स्टाफ कार्मिकों के वैक्सीन की दोनों डोज 31 जनवरी तक अनिवार्य रूप से लगवाना होगा। इसके साथ ही कार्यालय के सदृश्य स्थान पर यह घोषणा भी लगानी होगी कि स्वयं एवं स्टाफ  के दोनों वैक्सीन डोज लगाई जा चुकी है। इन सभी संस्थानों में 31 जनवरी के बाद डबल डोज वैक्सीनेटेड लोगों को ही अनुमत किया जाएगा तथा कहीं भी उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित संस्था प्रधान, अन्य संस्थानों के संचालकों, मार्केट एसोसिएशन, समस्त  विभागाध्यक्ष, कार्यालय प्रमुख के विरूद्ध प्रशासन की तरफ से नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।<br /> <br /> नई गाइड लाइन के अनुसार सभी प्रकार के भीड़-भाड़ वाले सार्वजनिक, सामाजिक, राजनीतिक, खेल-कूद सम्बन्धी, मनोरंजन, शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक समारोह, त्योहारों, शादी-समारोह में अधिकतम 200 व्यक्तियों के सम्मिलित होने की अनुमति होगी। इन कार्यक्रमों में शामिल होने वाले व्यक्तियों की संख्या 200 से अधिक होने पर इसकी पूर्व अनुमति जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट से लेना अनिवार्य होगा। बिना अनुमति ऐसा कार्यक्रम करने पर जिसमें 200 से अधिक व्यक्ति होंगे, उनमें आयोजकों एवं सभा स्थल संचालक पर 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा।<br /> प्रदेश में नए कोविड वेरिएंट के संक्रमण को रोकने के लिए जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की कोविड टीम की ओर से विदेश से आने वाले यात्रियों की सूचना ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से इन्द्राज करने के साथ ही उक्त सूचना संबंधित जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट को भेजनी होगी। <br /> <br /> <strong>खाने की 24 घण्टे होम डिलीवरी </strong><br /> रेस्टोरेन्ट्स की तरफ से होम डिलीवरी की सुविधा प्रतिदिन 24 घण्टे की जा सकेगी। टेक अवे एवं रेस्टोरेन्ट में बैठाकर खिलाने की सुविधा, बैठक क्षमतानुसार प्रतिदिन रात्रि 10 बजे तक रहेगी। <br /> <strong><br /> प्रदेश की सीमाओं पर रहेगी चौकसी</strong><br /> राज्यों से सटे जिलों द्वारा स्थापित सीमा चौकियों पर सख्त निगरानी स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, केन्द्र सरकार की ओर से जारी परिपत्र  तथा दिशा-निर्देशों के अनुसार जारी रहेगी। <br /> <strong><br /> <br /> रोज बढ़ रहे कोरोना रोगी: फिर 131 नए केस, 23 और ओमिक्रॉन संक्रमित मिले<br /> सात जिलों में पहुंचा ओमिक्रॉन, अब तक 69 संक्रमित मिल चुके</strong></p>
<p>प्रदेश में कोरोना फिर घातक मोड़ की ओर जाता दिख रहा है। प्रदेश में बुधवार को कोरोना के छह माह दो दिन बाद एक दिन में 100 के पार होकर 131 नए केस आए हैं। जयपुर सबसे हाईरिस्की संक्रमण जोन बन रहा है। अकेले यहां ही 80-85 फीसदी केस आ रहे हैं। चिंता की बात यह है कि ओमिक्रॉन भी अब पांव पसारता जा रहा है। बुधवार को फिर से जीनोम सिक्वेंसिंग की जांच में 23 और संक्रमितों के ओमिक्रॉन वेरिएंट के शिकार होने की पुष्टि चिकित्सा विभाग ने की है। इनमें सबसे ज्यादा अजमेर में 10, जयपुर में 9, भीलवाड़ा में 2, अलवर-जोधपुर में 1-1 नए ओमिक्रॉन पॉजिटिव मिले हैं। प्रदेश में 5 दिसम्बर को ओमिक्रॉन की एंट्री हुई थी। उसके बाद से अब तक 69 ओमिक्रॉन पॉजिटिव मिले हैं। इनमें जयपुर में 39, सीकर में 4, अजमेर में 17, उदयपुर में 4, भीलवाड़ा में 2, अलवर में 1 केस मिला है। हालांकि वेरिएंट के विशेषज्ञों के अनुसार सुपर माइल्ड संक्रमण होने के कारण इनमें से 44 केस रिकवर हो चुके हैं। अभी 25 ओमिक्रॉन के एक्टिव केस प्रदेश में हैं।  कोरोना के बुधवार को जयपुर समेत 14 जिलों बीकानेर में 12, अलवर में 6, हनुमानगढ़, भीलवाड़ा, सीकर में 4-4, अजमेर में 3, कोटा, उदयपुर, पाली में 2-2, चूरू, भरतपुर, सिरोही, जोधपुर में 1-1 नए केस आए हैं। हालांकि  कोई नई मौत कोरोना से नहीं हुई है। प्रदेश में अब एक्टिव केसों की संख्या 537 हो गई है। इनमें सर्वाधिक 345 एक्टिव केस अकेले जयपुर में हैं।<br /> <strong><br /> कोरोना से डरना जरूरी है क्योंकि खतरनाक डेल्टा वेरिएंट फिर फैल रहा, ओमिक्रॉन भी बढ़ रहा<br /> 25 दिन में 876 संक्रमित हुए, ओमिक्रॉन के 7.8 फीसदी ही, 80 फीसदी डेल्टा के शिकार<br />  अस्पतालों के लिए दोहरी चुनौती होगी डेल्टा के साथ ओमिक्रॉन से कम इम्यूनिटी वाले भी होंगे बीमार </strong><br />  राजस्थान की चिंताएं फिर से कोरोना से बढ़ रही है। कोरोना के ओमिक्रॉन वेरिएंट को वैज्ञानिक भले ही कम खतरनाक बता रहे हैं, लेकिन प्रदेश की चिंताएं कमतर इसलिए नहीं है क्योंकि  दूसरी लहर में जिंदगियों को लील चुका खतरनाक डेल्टा वेरिएंट फिर तेजी से फैल रहा है। प्रदेश में 5 दिसम्बर को ओमिक्रॉन की एंट्री हुई थी। तब से लेकर अब तक प्रदेश में कुल 876 कोरोना संक्रमित मिले हैं। इनमें ओमिक्रॉन के मात्र 7.8 फीसदी ही शिकार मिले हैं, जबकि 80 फीसदी शिकार डेल्टा वेरिएंट से ही है। यह आंकड़े डराने वाले हैं, क्योंकि डेल्टा फिर से अपना दायरा बढ़ा रहा है। पिछली बार के आंकड़े बताते हैं कि इनमें से 10-15 फीसदी संक्रमितों को यह गंभीर बीमार कर अस्पताल पहुंचा रहा था।</p>
<p><br /> वहीं दूसरी ओर ओमिक्रॉन भी बढ़ रहा है। ओमिक्रॉन को डॉक्टर माइल्ड वेरिएंट बता रहे हैं, लेकिन डेल्टा जिस तरह से फिर बढ़ रहा है, उसमें डेल्टा से छह गुना संक्रमण दर वाला ओमिक्रॉन भी जनसंख्या के मुताबिक फैला तो कुछ फीसदी लोगों का बीमार होना तय है। जिनमें बुजुर्ग, अन्य बीमारियों से ग्रसित रोगी, कम इम्यूनिटी वाले लोग हैं। ऐसे में अस्पतालों को पिछली बार से भी ज्यादा मुस्तैदी से तीसरी लहर से निपटने की तैयारी करनी होगी।<br /> <strong><br /> इसलिए तीसरी लहर में और बड़ी चुनौतियां होगी</strong><br />     डेल्टा वेरिएंट सो कर जागा: दूसरी लहर में बड़ी आबादी में एंटीबॉडी बनी थी। इसलिए बेअसर दिख रहा था। अब एंटीबॉडीज घटने की आशंका, क्योंकि फिर बढ़ रहा। अस्पतालों में मरीज बढ़ेंगे। <br />     ओमिक्रॉन साथ आया, तेज फैलेगा, बीमार भी निश्चित ही होंगे:  ओमिक्रॉन भले माइल्ड वेरिएंट हो, लेकिन छह गुना तेज संक्रमण दर। जनसंख्या ज्यादा ऐसे में फैला तो बुजुर्ग-कोर्मोबेडिटी मरीज बीमार होंगे ही, ऐसे में अस्पतालों पर दोगुना भार होगा। सेवाएं पहले से ज्यादा चरमरा सकती है।<br />     ओमिक्रॉन ज्यादातर में लक्षण विहीन, इसलिए सख्ती नहीं तो बिगड़ेंगे हालात:  ओमिक्रॉन के अधिकांश मरीज लक्षण विहीन है। पता ही नहीं चलेगा कौन संक्रमित है। मास्क और कोविड प्रोटोकॉल में सख्ती नहीं हुई, जनता लापरवाह रही तो एकदम विस्फोटक रूप लेगा। <br />     जीनोम सिक्वेंसिंग क्षमता मात्र 150 की रोजाना, पहचान मुश्किल होगी: अभी केवल जयपुर के एसएमएस मेडिकल कॉलेज, महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज में 150 के करीब जीनोम सिक्वेंसिंग की क्षमता। सभी मरीजों में ओमिक्रॉन वेरिएंट का पता लगाना मुश्किल होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Dec 2021 12:29:48 +0530</pubDate>
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                <title>शादियों में मेहमानों पर लगी पाबंदी हटी : शैक्षणिक गतिविधियां सौ फीसदी क्षमता के साथ हो सकेंगी संचालित</title>
                                    <description><![CDATA[गृह विभाग ने की नई गाइडलाइन जारी : प्रदेश में अब हो सकेंगे सभी तरह के आयोजन]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%B9%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A4%B0-%E0%A4%B2%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%AC%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%B9%E0%A4%9F%E0%A5%80---%E0%A4%B6%E0%A5%88%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%A3%E0%A4%BF%E0%A4%95-%E0%A4%97%E0%A4%A4%E0%A4%BF%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A7%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%82-%E0%A4%B8%E0%A5%8C-%E0%A4%AB%E0%A5%80%E0%A4%B8%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%AE%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B8%E0%A4%BE%E0%A4%A5-%E0%A4%B9%E0%A5%8B-%E0%A4%B8%E0%A4%95%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%A4/article-2195"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-11/gehlot_corona_band.jpg" alt=""></a><br /><p> जयपुर। प्रदेश में अब सभी प्रकार के आयोजन हो सकेंगे। इसके साथ ही शैक्षणिक गतिविधियां भी सौ फीसदी क्षमता के साथ संचालित हो सकेंगी। इस संबंध में गृह विभाग ने सोमवार को नई गाइडलाइन जारी कर दी है। विभाग के प्रमुख शासन सचिव अभय कुमार के अनुसार कोरोना संक्रमण में आई कमी के बाद राज्य सरकार ने पाबंदियों पर शिथिलता देने का निर्णय लिया है। इसके तहत शादी समारोहों का आयोजन किया जा सकेगा, लेकिन सभी मेहमानों को मास्क लगाना अनिवार्य होगा। शादियों में मेहमानों पर लगी पाबंदी को हटा दिया है। इसके साथ ही सभी तरह के सार्वजनिक आयोजन भी हो सकेंगे। इनमें राजनीतिक, खेलकूद, मनोरंजन, सांस्कृति और धार्मिक समारोह शामिल है। इन आयोजनों में मास्क का अनिवार्य उपयोग और सेनेटाइजेशन के साथ ही दो गज दूरी की पालना करनी होगी। नई गाइडलाइन के अनुसार सभी तरह की शैक्षणिक संस्थाओं को 15 नवम्बर से सौ फीसदी उपस्थिति के साथ खोला जा सकेगा। इनमें कक्षा एक से 12वीं तक के विद्यालय भी शामिल है। लेकिन शर्त यह है कि सभी कर्मचारियों को वैक्सीन की दोनों डोज लगाना अनिवार्य होगा। प्रदेश के सभी कोचिंग संस्थान भी 15 नवम्बर से सौ प्रतिशत उपस्थिति के साथ खोले जाएंगे। इन संस्थाओं के शैक्षणिक और गैर शैक्षणिक कर्मचारियों को वैक्सीन के दोनों डोज लगाना अनिवार्य होगा। <br /> <strong><br /> प्रदेश में 100 दिन में कोरोना से कोई मौत नहीं</strong><br />  जयपुर। प्रदेश में सोमवार को कोरोना के 4 नए रोगी सामने आए हैं। बड़ी राहत यह है कि प्रदेश में पिछले 100 दिन से कोरोना से कोई मौत नहीं हुई है। अंतिम बार मौत 31 जुलाई को हुई थी। तब तक प्रदेश में 8954 लोगों की जान जा चुकी थी। सोमवार को मिले नए रोगियों में जयपुर में तीन और भीलवाड़ा में एक नया मरीज मिला है। प्रदेश के शेष 31 जिलों में कोई नया रोगी नहीं है। प्रदेश में वर्तमान में 42 एक्टिव केस हैं। जयपुर में 23, बीकानेर में 8, जोधपुर-उदयपुर-गंगानगर-अजमेर में 2-2, बारां, बाड़मेर, भीलवाड़ा 1-1 एक्टिव केस हैं। शेष 24 जिले फिलहाल कोरोना फ्री है।<br /> <br /> <strong>मुख्यमंत्री ने चेताया : कोरोना रोकने के लिए विदेश से आने वाले यात्रियों के लिए विशेष प्रावधान हों : गहलोत<br /> मास्क का प्रयोग पहले की तरह ही करते रहें</strong><br />  जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने यूरोप के देशों में कोरोना की नई लहर के बाद केन्द्र सरकार से विदेश से आने वाले यात्रियों की स्क्रीनिंग, क्वारंटाइन करने सहित विशेष प्रावधान लागू करने का सुझाव दिया है। गहलोत ने ट्वीट के जरिए यूरोप के देशों में कोरोना के बढ़ते मामलों पर केन्द्र को चेताने के साथ लोगों को सावधानी बरतने की नसीहत दी है। गहलोत ने लिखा कि यूरोप में आई कोरोना की नई लहर में संक्रमण काफी तेजी से फैल रहा है। पहले देखा गया है कि यूरोप में संक्रमण बढ़ने के दो-तीन महीने बाद भारत में भी मामले बढ़ने लगे था। ऐसा इस बार नहीं हो, इसके लिए भारत सरकार को विदेशों से आने वाले यात्रियों के लिए विशेष प्रावधान करने चाहिए। साथ ही गहलोत ने कहा है कि यह भी देखा गया है कि आमजन ने अब मास्क का प्रयोग कम कर दिया है। मेरी सभी से प्रार्थना है कि ऐसा ना करें। मास्क का प्रयोग पहले की तरह ही करते रहें। मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग और वैक्सीन ही कोविड से बचाव के तरीके है। इनमें कोई भी चूक आपको संक्रमित कर सकती है, इसलिए सावधानी बरतें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Nov 2021 10:36:28 +0530</pubDate>
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                <title>बिजली संकट के बीच कुछ राहत</title>
                                    <description><![CDATA[कालीसिंध तापीय विद्युतगृह में उत्पादन शुरू]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/%E0%A4%AC%E0%A4%BF%E0%A4%9C%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%95%E0%A4%9F-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A5%80%E0%A4%9A-%E0%A4%95%E0%A5%81%E0%A4%9B-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A4%A4/article-1555"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/kota-tharmal.jpg-mks.jpg" alt=""></a><br /><p><strong> जयपुर</strong>। राज्य की कालीसिंध तापीय विद्युतगृह की 600 मेगावाट उत्पादन क्षमता की बंद इकाई में शनिवार से उत्पादन शुरु हो गया है। ऐसे में प्रदेश में गहराए बिजली संकट से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही राज्य के कोल ब्लॉक्स से पिछले दिन की तुलना में कोयले की करीब ढाई रेक अधिक डिस्पेच हुई है जो रविवार तक पहुंचने की संभावना है। यह जानकारी देते हुए अतिरिक्त मुख्य सचिव एनर्जी डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि कोल ब्लॉक से इससे पहले सात से साढ़े सात रेक कोयला आ रहा था। कोल इंडिया से भी कोयले की आपूर्ति बढ़वाने के उच्च स्तर पर प्रयास जारी है। डॉ. अग्रवाल ने शनिवार को विद्युत भवन में बिजली निगमों के उच्च अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार के कोयला सचिव अनिल जैन से दूरभाष पर चर्चा कर विद्युत उत्पादन निगम और अडानी के संयुक्त उपक्रम परसा ईस्ट एवं कांता बासन कोल ब्लॉक से कोयले की अधिक आपूर्ति के लिए सहमति हो गई है जिससे आने वाले दिनों में इन ब्लाकों से अधिक कोयला मिलने लगेगा। उन्होंने बताया कि शटडाउन या अन्य कारणों से बंद इकाइयों में भी शीघ्र ही उत्पादन शुरु करवाया जा रहा है।</p>
<p><strong><br /> एक अधिकारी को भेजा बिलासपुर</strong><br /> डॉ. अग्रवाल ने बताया कि सरकार ने एक अधिकारी एसपी अग्रवाल को बिलासपुर भेजा गया है। इससे पहले कई अधिकारियों को बिलासपुर भेजा गया है ताकि वहां से कोयले की आपूर्ति के लिए समन्वय बनाकर कोयले की रेक रवानगी करा सके। अग्रवाल ने बताया कि विभाग द्वारा रोस्टर के आधार पर ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में विद्युत कटौती की जा रही है और इसकी पूर्व सूचना दी जा रही है।</p>
<p><strong><br /> 12650 मेगावाट बिजली की रही मांग</strong><br /> डॉ. अग्रवाल ने बताया कि शनिवार को प्रदेश में ओसत 10267 मेगावाट व अधिकतम 12650 मेगावाट बिजली की मांग रही। राज्य में 8657 मेगावाट की उपलब्धता रही। <br /> <br /> <strong>लगातार कोयले की रैक मिलने से जारी है बिजली उत्पादन : कोटा थर्मल भी बना प्रदेश का संकट मोचक</strong><br /> राजस्थान में कोयले की कमी के चलते कई बिजली घरों में यूनिटें बंद हो रही हैं। बिजली उत्पादन पर असर पड़ा है लेकिन कोटा थर्मल पावर स्टेशन में 6 यूनिटों में लगातार उत्पादन हो रहा है। कोटा थर्मल में अभी  1000 मेगावाट उत्पादन हो रहा है, जो प्रदेश को ग्रिड से करीब एक तिहाई बिजली उपलब्ध करवा रहा है।  अधिकारियों के अनुसार वर्तमान में आ रही रैक और स्टॉक को मिलाकर बात की जाए तो कोटा थर्मल के पास चार दिन का स्टॉक पड़ा हुआ है। रोज रैक आ रही है। हालांकि यहां पर भी कब कोयले की कमी का असर दिखने लग जाए कहा नहीं जा सकता। खुद थर्मल के अधिकारी मानते हैं कि अभी तो काम चल रहा है आगे का कुछ नहीं कहा जा सकता है। लेकिन वर्तमान में बिजली घरों में संकटमोचक की भूमिका कोटा थर्मल निभा रहा है। कोयले की उपलब्धता, स्टॉक और डिमांड व उत्पादन को देखते हुए कोटा थर्मल भी सुपर क्रिटिकल स्थिति में है।  लेकिन अभी मात्र 4 दिन का कोयला यहां पर बाकी है।  रोज कोयले की चार से पांच रैक यहां पहुंच रही हैं। रोज रैक मिलने के चलते स्टॉक बचा हुआ है। जिससे लगातार बिजली की जितनी खपत हो रही उतनी ही मात्रा में यहां कोयला उपलब्ध हो रहा है।<br /> <br /> <strong>130 गाड़ियों का एलॉटमेंट</strong><br /> कोटा थर्मल में इस महीने कोयले की 130 माल गाड़ियों का एलॉटमेंट है। ऐसे में कोटा थर्मल पावर प्लांट के पास 47 हजार मैट्रिक टन से ज्यादा कोयला उपलब्ध है। कोटा थर्मल सुपरक्रिटिकल स्थिति में होने के बाद भी लगातार उत्पादन कर रहा है और कोयले का संकट फिलहाल यहां नजर नहीं आ रहा है।</p>
<p><br /> <strong>एक यूनिट है बंद</strong><br /> थर्मल की 6 नंबर यूनिट सालाना रखरखाव के लिए बंद है। 195 मेगावाट की यूनिट 15 दिनों से बंद है। अधिकारियों के अनुसार राज्य सरकार ने 3 दिन में इस यूनिट को भी चालू करने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में इसे भी जल्द लाइटप कर उत्पादन शुरू किया जाएगा।<br /> <br /> <strong>स्टॉक हो रहा है सरप्लस</strong><br /> अधिकारियों के अनुसार थर्मल में जैसे ही कोयले की रैक आ रही है अधिकतर को बंकरों में ही खाली करवाया जा रहा है। रोज 17 हजार मैट्रिक टन कोयले की खपत हो रही है लेकिन करीब 28 हजार मैट्रिक टन कोयला रोज मिल रहा है। ऐसे में स्टॉक मेटेंन रहने के साथ साथ बढ़ भी रहा है।</p>
<p><br /> <strong>इनका कहना है</strong><br /> हमे रोज रैक मिल रही है इसलिए दिक्कत नहीं आई। स्टॉक हमारे पास है, पूरी क्षमता से उत्पादन भी कर रहे हैं। एक यूनिट वार्षिक शटडाउन पर है । उसे भी जल्द लाइटअप कर चालू कर दिया जाएगा। आगे के बारे में तो कह नहीं सकते, लेकिन अभी हमारे पास उत्पादन के अनुरूप कोयला आ रहा है।<br /> -वीके गोलानी, चीफ इंजीनियर, थर्मल <br />  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 10 Oct 2021 11:11:59 +0530</pubDate>
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