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                <title>relief - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <title>त्रिपुरा में भीषण तूफान और बारिश का कहर : 1,534 घर क्षतिग्रस्त ; जनजीवन अस्त व्यस्त, बचाव और राहत कार्य जारी</title>
                                    <description><![CDATA[त्रिपुरा के आठ जिलों में भीषण तूफान और बारिश ने भारी तबाही मचाई है, जिससे 1,534 घर क्षतिग्रस्त हो गए। बिजली के खंभे और पेड़ गिरने से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। ऊनाकोटि जिला सबसे अधिक प्रभावित रहा। प्रशासन राहत कार्यों में जुटा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/severe-storm-and-rain-wreak-havoc-in-tripura-1534-houses/article-152065"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/tripura.png" alt=""></a><br /><p>अगरतला। त्रिपुरा में पिछले 24 घंटों के दौरान भारी बारिश और भीषण तूफान ने राज्य के सभी आठ जिलों में भारी तबाही मचाई है जिससे 1,534 घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इस प्राकृतिक आपदा में बिजली के कई पोल और पेड़ गिर गये हैं जिसके कारण सड़कों पर आवागमन प्रभावित हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, कुल प्रभावित घरों में से 76 पूरी तरह नष्ट हो गए, 195 को गंभीर नुकसान पहुँचा और 1,263 घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके अतिरिक्त, तूफान के कारण 129 बिजली के खंभे गिर गए और दो लोग घायल हुए हैं।</p>
<p>अधिकारियों ने बताया कि पेड़ों के गिरने, तेज हवाओं और भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया और बुनियादी ढांचे को काफी नुकसान पहुँचा है। ऊनाकोटि जिला सबसे अधिक प्रभावित रहा, जहाँ 518 घर क्षतिग्रस्त हुए। इनमें 26 घर पूरी तरह नष्ट हो गए, 33 को गंभीर नुकसान हुआ और 459 घर आंशिक रूप से प्रभावित हुए। उत्तर त्रिपुरा में 136, धलाई में 272, सिपाहीजाला में 250 और दक्षिण त्रिपुरा में 236 घरों के क्षतिग्रस्त होने की खबर है।</p>
<p>खोवाई जिले में 85 और पश्चिम त्रिपुरा में 37 घर प्रभावित हुए। गोमती जिले में हालांकि घरों को कोई नुकसान नहीं पहुँचा, लेकिन वहां पेड़ गिरने से दो लोग घायल हो गए। तेज हवाओं के कारण कई पेड़ उखड़ गए, जिससे कई रास्ते बंद हो गए। अधिकारियों ने कुछ मार्गों को साफ कर दिया है, जबकि अन्य क्षेत्रों में बहाली का कार्य जारी है। भारी बारिश के बावजूद, अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि सभी नदियाँ खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं। धलाई जिले के कमालपुर उपमंडल में सर्वाधिक 159 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। प्रशासन सक्रिय रूप से नुकसान का आकलन कर रहा है और राहत एवं बहाली कार्यों में जुटा है। इस बीच, भारत मौसम विभाग ने त्रिपुरा के लिए और अधिक अनिश्चित मौसम की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग ने एक मई तक गरज के साथ बारिश, तेज हवाएं और मानसून से पहले की भारी बारिश जारी रहने का अनुमान जताया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Apr 2026 17:59:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>दिल्ली सरकार की बड़ी घोषणा: सीएम रेखा ने कहा-किसानों के साथ पूरी प्रतिबद्धता से खड़ी है सरकार, गेहूं खरीद के गुणवत्ता मानकों में विशेष छूट को मंजूरी</title>
                                    <description><![CDATA[मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने खराब मौसम से प्रभावित किसानों के लिए गेहूं खरीद मानकों में बड़ी छूट दी है। अब 70% लस्टर लॉस और 15% तक सिकुड़े दानों वाला गेहूं भी सरकारी केंद्रों पर खरीदा जाएगा। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने और आर्थिक नुकसान से बचाने के लिए यह ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/delhi-governments-big-announcement-cm-rekha-said-that-the-government/article-152079"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/rekha-guptta.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को कहा कि उनकी सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। गुप्ता ने आज कहा कि इस वर्ष प्रतिकूल मौसम के कारण गेहूं की फसल की गुणवत्ता प्रभावित हुई है। ऐसे में किसानों की परेशानी कम करने और उन्हें मजबूरी में कम कीमत पर अपनी उपज बेचने से बचाने के उद्देश्य से दिल्ली सरकार ने ठोस पहल की है। उन्होंने बताया कि 21 अप्रैल से रबी मार्केटिंग सीजन (आरएमएस) 2026-27 के लिए पूरी दिल्ली के सभी जिलों में गेहूं खरीद के गुणवत्ता मानकों में विशेष छूट को मंजूरी दी गई है, जो इस सीजन की शुरुआत से ही लागू होगी।</p>
<p>उन्होंने कहा कि संशोधित व्यवस्था के तहत अब गेहूं में चमक की कमी (लस्टर लॉस) को 70 प्रतिशत तक स्वीकार किया जाएगा। इसके साथ ही सिकुड़े और टूटे दानों की सीमा को पहले के 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत तक कर दिया गया है ताकि मौसम से प्रभावित फसल भी खरीद के दायरे में आ सके, हालांकि गुणवत्ता का संतुलन बनाए रखने के लिए यह स्पष्ट किया गया है कि टूटे और हल्के टूटे दाने मिलाकर 6 प्रतिशत से अधिक नहीं होने चाहिए।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि छूट के तहत खरीदा गया गेहूं अलग तरीके से संभाला जाएगा। इस गेहूं को सामान्य स्टॉक से अलग रखकर उसका अलग भंडारण किया जाएगा और उसका पूरा हिसाब-किताब अलग से रखा जाएगा ताकि पारदर्शिता बनी रहे। उन्होंने बताया कि इस तरह के गेहूं को प्राथमिकता के आधार पर सबसे पहले इस्तेमाल किया जाएगा, यानी इसे देर तक स्टोर नहीं रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि इस प्रकार खरीदे गए गेहूं का उपयोग केवल दिल्ली के भीतर ही किया जाएगा, जिससे स्थानीय खाद्य आवश्यकताओं की पूर्ति सुनिश्चित हो सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर भंडारण के दौरान इस गेहूं की गुणवत्ता में कोई गिरावट आती है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी दिल्ली सरकार की होगी।</p>
<p>मुख्यमंत्री का कहना है कि दिल्ली सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह निर्णय किसानों को राहत देने, उनकी मेहनत का उचित मूल्य सुनिश्चित करने और खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस निर्णय से उत्पन्न होने वाले किसी भी प्रकार के वित्तीय या संचालन संबंधी प्रभाव की पूरी जिम्मेदारी दिल्ली सरकार स्वयं वहन करेगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, जिम्मेदार और समयबद्ध तरीके से लागू किया जाए ताकि इसका लाभ सीधे किसानों और उपभोक्ताओं तक पहुंचे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Apr 2026 15:07:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>एंबुलेंस कर्मचारियों की जल्द बहाली का आश्वासन, राठौड़ ने अधिकारियों से की वार्ता </title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान एंबुलेंस कर्मचारी यूनियन ने राजेंद्र राठौड़ से मुलाकात कर अपनी बेरोजगारी की समस्या उठाई। राठौड़ की मध्यस्थता के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय में सकारात्मक वार्ता हुई। अधिकारियों ने 104 जननी एक्सप्रेस सेवा को जल्द पुनः शुरू करने का भरोसा दिलाया है, जिससे हजारों कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/rathore-talks-to-officials-assuring-early-reinstatement-of-ambulance-staff/article-151479"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/rajendra-rathore.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान एंबुलेंस कर्मचारी यूनियन के प्रतिनिधियों ने गुरुवार को 104 एंबुलेंस सेवा से जुड़े कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र सिंह राठौड़ से मुलाकात की और ज्ञापन सौंपा। यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह शेखावत ने बताया कि सुबह एंबुलेंस कर्मचारी राठौड़ के निवास पर पहुंचे और अपनी बेरोजगारी की समस्या से अवगत कराया। इस पर राठौड़ ने कर्मचारियों की बात गंभीरता से सुनी और आश्वासन दिया कि वे तुरंत चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख शासन सचिव से बात करेंगे, ताकि जल्द सेवा बहाल की जा सके।</p>
<p>शेखावत के अनुसार, सुबह करीब 9 बजे राठौड़ का फोन आया, जिसमें उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव अखिल अरोड़ा से उनकी बातचीत हो चुकी है और दोपहर 12:30 बजे का समय निर्धारित किया गया है। इसके बाद यूनियन के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री कार्यालय सचिवालय में अखिल अरोड़ा से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। वार्ता के दौरान अधिकारियों ने सकारात्मक रुख दिखाते हुए भरोसा दिलाया कि 104 जननी एक्सप्रेस एंबुलेंस सेवा को जल्द ही पुनः शुरू किया जाएगा। शेखावत ने बताया कि इस पहल के लिए सभी एंबुलेंस कर्मचारियों ने राठौड़ का आभार व्यक्त किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Apr 2026 16:43:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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                <title>मिर्जापुर में बड़ा हादसा : ट्रक की टक्कर से बोलेरो में लगी आग; 11 लोगों की मौत, पीएम मोदी ने की पीड़ितों के लिए अनुग्रह राशि की घोषणा</title>
                                    <description><![CDATA[मिर्जापुर के ड्रमण्डगंज में एक भीषण सड़क हादसे में 11 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। अनियंत्रित ट्रक की टक्कर से बोलेरो और कार में भीषण आग लग गई, जिससे चार बच्चों सहित 9 लोग वाहन में फंस गए। प्रधानमंत्री मोदी ने दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख और घायलों को ₹50 हजार की सहायता राशि देने की घोषणा की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/big-accident-in-mirzapur-bolero-caught-fire-due-to-collision/article-151399"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/111200-x-600-px)-(2)31.png" alt=""></a><br /><p>मिर्जापुर। उत्तर प्रदेश में मिर्जापुर जिले के ड्रमण्डगंज थाना क्षेत्र में बुधवार रात एक भीषण सड़क हादसे में 11 लोगों की मृत्यु हो गयी। पुलिस सूत्रों ने बताया कि यह हादसा थाना क्षेत्र के ड्रमण्डगंज पहाड़ी पर बड़का मोड़ पर उस समय हुआ जब पीछे से आ रहे एक अनियंत्रित ट्रक ने बोलेरो और एक कार को टक्कर मार दी। टक्कर लगने से बोलेरो में आग लग गयी जिससे उसमे सवार कोई भी यात्री बाहर नहीं निकल सका। इस बीच एक अन्य कार में सवार चालक की भी मौत हो गयी।</p>
<p>उन्होने बताया कि रात करीब 20:20 बजे थाना ड्रमण्डगंज क्षेत्रान्तर्गत बड़का घुमान के पास एक ट्रक ने पीछे से स्विफ्ट कार और बोलेरो व ट्रेलर को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बोलेरो व स्विफ्ट कार में आग लग गयी । इस दौरान बोलेरो सवार कुल 09 लोग जिनमें चार बच्चे भी शामिल है की मृत्यु हो गयी। हादसे में ट्रक चालक की भी मृत्यु हो गयी, जिनके शवों को बाहर निकाल लिया गया है जबकि स्विफ्ट चालक के शव को निकालने के प्रयास किये जा रहे हैं।</p>
<p>सूत्रों के अनुसार, घटना मिर्जापुर-जबलपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुई। मध्य प्रदेश की ओर से चना लादकर आ रहा ट्रक संभवत: ब्रेक फेल होने के कारण घाटी उतर रही बोलेरो से पीछे से जा टकराया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बोलेरो में तुरंत आग लग गई और आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। इस बीच ट्रक की टक्कर से कार सवार की भी मौत हो गयी। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि बोलेरो में सवार कोई भी व्यक्ति बाहर नहीं निकल सका और सभी वाहन के अंदर ही फंस गए। सूचना पर पहुंची पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक सभी सवारों की जलकर मौत हो चुकी थी। सभी मृतक जिगना के आस पास तथा, सोनभद्र जिले के बताए जा रहे हैं। जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार और पुलिस अधीक्षक अर्पणा कौशिक भी मौके पर मौजूद है। घटना स्थल पर राहत एवं बचाव कार्य जारी था।</p>
<p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में सड़क दुर्घटना में लोगों की मौत पर दुख व्यक्त किया है और हादसे के पीड़ितों के लिए अनुग्रह राशि की घोषणा की है। पीएम मोदी ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि वह इस हादसे में लोगों की मौत से व्यथित हैं। उन्होंने इस हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को दो-दो लाख रुपए और घायलों को 50-50 हजार रुपए की सहायता राशि देने की घोषणा की है।</p>
<p>उन्होंने कहा,''उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में हुए हादसे में जानमाल की हानि से मैं अत्यंत व्यथित हूं। मेरी हार्दिक संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। पीएमएनआरएफ की ओर से इस दुखद हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को दो-दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी जबकि घायलों को 50-50 हजार रुपये दिए जाएंगे।'' उल्लेखनीय है कि मिर्जापुर के ड्रमंडगंज इलाके में बुधवार रात एक सड़क हादसे में चार बच्चों सहित 11 लोगों की मौत हो गई। यह दुर्घटना एक खड़ी पहाड़ी वाली सड़क पर हुई। इस दुर्घटना में एक अनियंत्रित ट्रक ने दो कारों में टक्कर मार दी जिससे उनमें आग लग गई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Apr 2026 14:04:59 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>असर खबर का : अब फिटनेस के लिए झालावाड़ जाने की जरूरत नहीं, कोटा में ही एटीएस </title>
                                    <description><![CDATA[कोटा एटीएस पर प्रतिदिन 35 से 40 गाड़ियां पहुंच रही है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news---no-need-to-travel-to-jhalawar-for-fitness-testing-anymore--ats-facilities-are-now-available-right-here-in-kota/article-151278"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/111200-x-600-px)-(2)27.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। राजस्थान में वाहनों के फिटनेस सेंटरों और ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशनों (अळर) को लेकर नियमों में बड़े बदलाव किए गए हैं। परिवहन विभाग और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (टङ्मफळऌ) के नए निर्देशों के बाद अब फिटनेस जांच की प्रक्रिया में स्पष्टता आई है। 15 अप्रेल से पुराने जांच केन्द्रों का पूरी तरह बंद करने के हाई कोर्ट के निर्देश के बाद प्रदेश में वाहनों के फिटनेस को लेकर बड़ी परेशानी हो गयी थी। ऐसे में उन जिलो में जहां आटोमैटिक फिटनेस सेन्टर अभी तक चालू नहीं हुआ है वहां पर भी पुराने 'व्हीकल फिटनेस इंसपेक्शन एण्ड़ जजमेन्ट अपेरेटस (फिजा ) से भी फिटनेस जारी करने की तारीख को बढ़ा दिया है।</p>
<p>आरटीओ मनीष शर्मा ने बताया कि कोटा संभाग मुख्यालय पर अळर शुरू होने के साथ ही लोगों को काफी राहत मिली है। पहले वाहन की फिटनेस के लिए झालावाड़ जाना पड़ रहा था। वही कोटा एटीएस पर प्रतिदिन 35 से 40 गाड़ियां पहुचं रही है। पूराने वाहनों से दुर्घटनाओं की संभावनायें ज्यादा होती है। जांच की नई तकनीकों व तरीकों से वाहनों की क्षमता में सुधार आयेगा साथ ही फिटनेस पास न कर सकने वाले वाहनों को स्क्रेप करने में भी आसानी होगी।</p>
<p><strong>पुराने सेंटरों की 15 जून तक बढ़ाई मोहलत</strong><br />राज्य में बिना फिटनेस वाले वाहन मिनिस्ट्री ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाईवे के आदेशानुसार, जिन जिलों में अळर सक्रिय हो गए हैं, वहां पुराने फिजा (ऋकेअ) 2018 सेंटर काम नहीं कर पाएंगे। हालांकि,राज्य में उन जिलों में जहां अभी एटीएस नहीं लगे हैं, वहां पुराने सेंटरों को 15 जून 2026 तक काम करने की विशेष अनुमति दी है।</p>
<p><strong>राजस्थान में अळर का विस्तार</strong><br />प्रदेश में वर्तमान में 10 एटीएस जारी हो चुके हैं। हाल ही में 15 अप्रैल के आसपास एक साथ 8 नए स्टेशनों को मंजूरी दी गई। जयपूर और किशनगढ़ में पहले से ही सेंटर संचालित थे। भीलवाड़ा में 11वें एटीएस की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। नये जारी सेन्टरों में कोटा,अजमेर,सीकर, नोहर, नागौर, जोधपूर, हनुमानगढ़ शाहपूरा सम्मिलित हो जाने के बाद अब राजस्थान के भरतपुर को छोड़कर हर संभाग मे एटीएस ने काम करना शुरू कर दिया है।</p>
<p><strong>सरकार सुविधायें बढ़ाये तो हर नीति सफल होगीं</strong><br />वही एटीएस सेन्टर पर फिटनेस कनवाने आये रमेश बताते है कि अपने वाहन को सही रखे सुरक्षित रखना ज्यादा जरूरी है सरकार को सुविधायें बढ़ानी चाहिये ताकि लोग सरकार की नीतियों का अच्छे से पालन कर सके। टेक्सी कार की फिटनेस करवाने आये राजेश ने कहा कि हमें गाड़ी को लेकर बाहर भी जानाउ पड़ता है ऐसे में गाड़ी पूरी तरह तकनीकी रूप से सही होंगी तो पेसेन्जर के साथ हमारी भी जान सुरक्षित रहेगी।</p>
<p><strong>कोर्ट का रहा था सख्त रूख</strong><br />उपकरणों के जांच को लेकर हाईकोर्ट पहले ही कड़ा रुख अपना चुका है। ऐसे में इन जिलों के कमर्शियल वाहन मालिकों को फिलहाल कोई बड़ी राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। ऐसे में वाहन मालिकों को अपने वाहनों को नजदीकी टेस्टिंग सेन्टरों पर ले जाकर फिटनेस प्रमाण पत्र के लिये पहुंच रहे है।</p>
<p><strong>पीआरसी में अभी और भी सेन्टर , लोगों को मिलेगी ई पेनल्टी से राहत</strong><br />एशोसिएशन के अध्यक्ष जगदीश शर्मा ने बताया कि राजस्थान में नये नियमों पर आधारित फिटनेस सेंन्टर खोलने वाली फर्मो ने आवेदन किया हुआ था जिनमें से करीब 8 एटीएस को अप्रेल में आर सी जारी कर दी है जिससे प्रदेश में 10 सेन्टर कार्यरत हो चुके है। लोगों को राहत मिलने के साथ टोल पर लगे कैमरों से आ रहे ऑनलाईन पेनल्टी चालानों से भी राहत मिलेंगी।</p>
<p><strong>थ्री व्हीलर भी जाँच के दायरे में ट्रक के1500 से 2000 चार्ज</strong><br />फिटनेस सेन्टर पर फिटनेस करवाने वाले वाहन मालिकों के जिनके वाहन 8 साल के भीतर है उन्हे 6 टायर वाले भारी वाहनों के लिये 15सौ से व 20 वर्ष से उपर के लिये 2 हजार तक का चार्ज देना पड़ सकता है। वहीं 15 साल से उपर के हल्के वाहनों के लिये 1000 व इससे कम के लिये 600 रूपये टेस्टिंग ली जा रही है। वहीं शहरी परिवहन में शामिल थ्री व्हीलर की फिटनेस के लिये भी 6 सौ रूपये चार्ज वसुला जा रहा है। एटीस संचालक का कहना है कि कारों व सभी वाहनों का उनके मैक और अन्य तकनीकी आधार पर चार्ज अलग अलग आता है।</p>
<p><strong>एटीएस से डर कही स्क्रैप तो नहीं होगा वाहन</strong><br />फिटनेस पर आने वाले वाहनों को आटामेटेड फिटनेस मैनेजमेन्ट सिस्टम पर रजिस्ट्रेशन करवाने के बाद यहां आना होगा यदि गाड़ी फिटनेस मे पास नहीं होती है तो उन्हे दुबारा या आगे भी मौके मिलेंगे। हांलाकि हर बार आवेदन नया करना पड़ेगा। जबकि 15 साल पूरानी गाड़ियों को फिटनेस के लिये केवल 3 चांस ही मिलेगें यही पर लोगों में भय है। हांलाकि यदि गाड़ी मालिक चाहे तो आटीओ में अपील करके अपनी गाड़ी को फिर से जाँच करा सकता है।</p>
<p>मैने 2020 में टाटा ऐस गाड़ी ली थी इसकी फिटनेस करवाने की परेशानी हो रही थी अब कोटा मे केन्द्र चालू हो गया है तो मेरे जैसे लोगों के मन का बहुत बड़ा बोझ कम हो गया अब गाड़ी को पूरी कम्पलीट करवा लिया है।<br /><strong>- नवीन चौधरी गाड़ी मालिक</strong></p>
<p> सरकार के द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार ही तकनीकी रूप से गाड़ियों की फिटनेस ऑनलाईन पोर्टल की जाती है। जिससे किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं होती। इन सेन्टरो से लोगों को राहत मिलने लगी है।बाकी चल रहे आवेदनों पर भी सरकार को शीघ्र फैसला लेना चाहिये। हर जिले में इन्हे खुलवाया जाना अच्छा है जिससे पेन्डैंसी खत्म की जा सके। अभी भी राजस्थान इस मामले में पीछे है।<br /><strong>- जगदीश शर्मा ,अध्यक्ष राजस्थान फिटनेस एशोसिएशन</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 12:57:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>PhysicsWallah को आयकर विवाद में आंशिक राहत,  टैक्स डिमांड घटाकर 263.34 करोड़ रुपये से 192.7 करोड़ रुपये हुई</title>
                                    <description><![CDATA[एडटेक दिग्गज PhysicsWallah को आयकर विभाग से आंशिक राहत मिली है। कंपनी की टैक्स डिमांड ₹263.34 करोड़ से घटकर ₹192.7 करोड़ रह गई है। निवेश को आय मानने के विवाद पर कंपनी ने अपील दायर की है। मजबूत वित्तीय प्रदर्शन के बीच कंपनी का दावा है कि इस कानूनी लड़ाई का उसके बिजनेस पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/physicswallah-gets-relief-in-tax-dispute-income-tax-department-reduces/article-150576"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/111200-x-600-px)10.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। एडटेक कंपनी PhysicsWallah को आयकर विवाद में आंशिक राहत मिली है। आयकर विभाग ने कंपनी पर लगाया गया टैक्स डिमांड घटाकर 263.34 करोड़ रुपये से 192.7 करोड़ रुपये कर दिया है। यह संशोधन कंपनी द्वारा दायर रेक्टिफिकेशन आवेदन के बाद किया गया। कंपनी ने संशोधित आदेश के खिलाफ आयुक्त (अपील) के समक्ष अपील भी दायर कर दी है और कहा है कि शेष मांग को चुनौती देने के लिए उसके पास मजबूत कानूनी आधार हैं। यह आदेश 13 अप्रैल को आयकर अधिनियम की धारा 154 और 143(3) के तहत जारी हुआ।</p>
<p>मामला वित्त वर्ष 2023-24 में प्राप्त निवेश को टैक्सेबल आय मानने से जुड़ा है। हालांकि, कंपनी ने स्पष्ट किया है कि इस विवाद का उसके कारोबार या वित्तीय स्थिति पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा। इस बीच, कंपनी का प्रदर्शन मजबूत रहा है और हालिया तिमाही में मुनाफा और राजस्व दोनों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Apr 2026 18:51:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>असर खबर का : गेहूं खरीद के नियमों में मिली महत्वपूर्ण छूट, प्रभावित किसानों को बड़ी राहत</title>
                                    <description><![CDATA[लोकसभा अध्यक्ष बिरला व ऊर्जा मंत्री की पहल पर केंद्र का निर्णय।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news--significant-relaxation-granted-in-wheat-procurement-norms/article-149856"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/1200-x-600-px)-(6)2.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और प्रतिकूल मौसम से प्रभावित गेहूं की फसल को लेकर कोटा-बूंदी सहित पूरे प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत मिली है। केंद्र सरकार ने राजस्थान में रबी सीजन के लिए गेहूं खरीद के मानकों में शिथिलता के आदेश जारी कर दिए हैं। यह निर्णय लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की पहल और किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाने के परिणामस्वरूप लिया गया है। जारी आदेश के अनुसार गेहूं की गुणवत्ता में आई गिरावट को ध्यान में रखते हुए चमक में कमी की सीमा 50 प्रतिशत तक तथा सिकुड़े और टूटे दानों की सीमा 15 प्रतिशत तक कर दी गई है। वहीं क्षतिग्रस्त और आंशिक क्षतिग्रस्त दानों की कुल सीमा 6 प्रतिशत निर्धारित की गई है। उल्लेखनीय है कि यह राहत ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के विशेष प्रयासों और अधिकारियों के साथ उनकी हालिया उच्च स्तरीय बैठकों के परिणामस्वरूप संभव हो पाई है।</p>
<p><strong>खाद्य मंत्रालय ने जारी किए आदेश</strong><br />ऊर्जा मंत्री नागर ने बताया कि प्रदेश में शुरूआती गर्मी की लहर और असमय बारिश के कारण प्रभावित हुई गेहूं की फसल को देखते हुए केंद्र सरकार ने रबी मार्केटिंग सीजन 2026-27 के लिए खरीद नियमों (यूनिफॉर्म स्पेसिफिकेशन) में महत्वपूर्ण ढील देने का निर्णय लिया है। भारत सरकार के उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय द्वारा इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिए गए हैं। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर और स्पीकर ओम बिरला ने बीते दिनों अधिकारियों के साथ बैठक कर फसल की स्थिति पर चिंता जताई थी। स्पीकर बिरला ने स्वयं खाद्य सचिव से चर्चा कर किसानों के हित में मानदंडों को शिथिल करने के निर्देश दिए थे। उनकी इस पहल से अब प्रदेश के लाखों किसानों का वह गेहूं भी सरकारी समर्थन मूल्य पर खरीदा जा सकेगा, जो मौसम की मार के कारण गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतर पा रहा था।</p>
<p><strong>रियायती मानदंडों के गेहूं का अलग रखेंगे हिसाब</strong><br />केंद्र द्वारा जारी शर्तों के तहत, इस रियायती मानदंडों के आधार पर खरीदे गए गेहूं का अलग से हिसाब रखा जाएगा और इसका उपयोग प्राथमिकता के आधार पर राज्य के भीतर ही किया जाएगा। भंडारण के दौरान गुणवत्ता बनाए रखने और इस छूट से होने वाले किसी भी वित्तीय प्रभाव की जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी। इस आदेश के बाद अब प्रदेश के सभी जिलों में किसानों से सुगम तरीके से गेहूं की खरीद सुनिश्चित हो सकेगी। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने केंद्र सरकार के इस निर्णय का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय खाद्य मंत्रालय के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि "प्राकृतिक आपदा और मौसम की मार झेल रहे राजस्थान के अन्नदाता के लिए यह एक अत्यंत संवेदनशील और राहतकारी निर्णय है। मुख्यमंत्री और हमारी सरकार सदैव किसानों के हितों के लिए प्रतिबद्ध है।"</p>
<p><strong>नवज्योति बनी अन्नदाता की आवाज</strong><br />बेमौसम बारिश के कारण गेहूं की फसल प्रभावित होने के सम्बंध में दैनिक नवज्योति में प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किए गए थे। इसमें अन्नदाता की पीड़ा को उजागर करते हुए बताया था कि जिले में गेहूं खरीद का सीजन इस बार किसानों के लिए राहत के बजाय संकट बनता जा रहा है। हाल ही में हुई बारिश के कारण गेहूं की फसल में नमी का स्तर बढ़ गया है, जिसके चलते सरकारी खरीद केंद्रों पर 14 प्रतिशत से अधिक नमी वाले गेहूं को लेने से साफ इनकार किया जा रहा है। परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में किसान अपनी उपज लेकर केंद्रों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। इसके अलावा एफसीआई के टीम के कोटा दौरे के बाद जल्द ही गेहूं की गुणवत्ता में छूट मिलने को लेकर भी समाचार प्रकाशित किया गया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Apr 2026 14:56:50 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>भारत के लिए राहत की खबर : पेट्रोलियम उत्पादों से लदे 2 जहाजों ने होर्मुज जलडमरूमध्य को किया पार, ईरान ने कहा- बिना रूकावट के गुजरने देंगे भारत के जहाज</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत के लिए राहत की खबर है। पेट्रोलियम उत्पादों से लदे दो भारतीय जहाज सुरक्षित होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुके हैं, जबकि चार एलपीजी टैंकर पहले ही लौट आए थे। भारतीय नौसेना सतर्क है। 20 जहाजों के 540 नाविक सुरक्षित हैं, और भारत लगातार सुरक्षित निकासी के प्रयासों में जुटा है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/relief-news-for-india-2-ships-loaded-with-petroleum-products/article-148252"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/1200-x-60-px)-(1)78.png" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">नई दिल्ली। पश्चिम एशिया संकट के कारण इस क्षेत्र से विभिन्न ऊर्जा उत्पादों की आपूर्ति प्रभावित होने के बीच राहत की खबर है कि पेट्रोलियम उत्पादों से लदे भारत के 2 और व्यापारिक जहाजों ने होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित पार कर लिया है। इससे पहले भी भारत के एलपीजी से लदे 4 टैंकर होर्मुज जलडमरूमध्यम के मार्ग से स्वदेश आ चुके हैं। सूत्रों के अनुसार पेट्रोलियम उत्पादों से लदे भारतीय ध्वज वाले दो व्यापारिक जहाजों ने होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित पार कर लिया है। भारतीय नौसेना के क्षेत्र में तैनात युद्धपोत जरूरत पड़ने इन जहाजों की सुरक्षा के लिए तैयार रखे गये हैं। हालांकि इन जहाजों के नाम और इनमें लदे उत्पादों तथा इनमें सवार लोगों के बारे में पुष्ट जानकारी नहीं दी गयी है। </span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">ईरान कई बार यह बात कह चुका है कि वह भारत सहित कुछ मित्रों के जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से बिना रूकावट के गुजरने देगा। भारत पश्चिम एशिया संकट के बाद से क्षेत्र में फंसे अपने व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित निकासी के लिए अलग अलग स्तर पर संबंधित पक्षों के साथ निरंतर संपर्क बनाये हुए है और इसी का परिणाम है कि भारतीय जहाज धीरे धीरे इस क्षेत्र से निकलने में सफल हो रहे हैं। इस बीच बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने शुक्रवार को एक ब्रीङ्क्षफग के दौरान पुष्टि की थी कि खाड़ी क्षेत्र में सभी भारतीय नाविक दल सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा था, Þपिछले 24 घंटों में खाड़ी क्षेत्र में भारतीय ध्वज वाले जहाजों या नाविकों से संबंधित कोई घटना रिपोर्ट नहीं हुई है। 20 जहाजों पर सवार सभी 540 नाविक सुरक्षित हैं। महानिदेशक नौवहन के संचार केंद्र जो 24 घंटे सक्रिय रहता है। <span> </span>98 कॉल और 335 ईमेल का निपटारा किया तथा 25 भारतीय नाविकों की सुरक्षित स्वदेश वापसी में सहायता की। </span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">भारत के एलपीजी से लदे चार टैंकर शिवालिक, नंदा देवी, पाइन गैस और जग वसंत पहले ही होर्मुज को पार कर देश आ चुके हैं। उल्लेखनीय है कि अमेरिका और इजरायल के ईरान पर संयुक्त हमलों के बाद से ईरान ने पश्चिम एशियाई देशों से पेट्रोलियम उत्पाद लेकर आने वाले जहाजों के होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले सबसे व्यस्त रास्ते को बंद कर रखा है। ईरान ने शुक्रवार को भी तीन जहाजों को होर्मुज पार करने से रोक दिया और उन्हें वापस भेज दिया था। </span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/relief-news-for-india-2-ships-loaded-with-petroleum-products/article-148252</link>
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                <pubDate>Sat, 28 Mar 2026 15:58:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से आसमान में छाए बादल: कुछ स्थानों पर हुई बारिश से तापमान में गिरावट, वातावरण में ठंडक महसूस की गई</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिमी विक्षोभ के असर से जयपुर समेत प्रदेशभर में शनिवार को मौसम सुहावना रहा। बादलों की आवाजाही और रुक-रुक कर हुई हल्की बारिश से तापमान में 4°C तक की गिरावट दर्ज की गई। ठंडी हवाओं ने वातावरण में ठंडक घोल दी है, जिससे लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिली है। आगामी 24 घंटों में और वर्षा की संभावना है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/due-to-the-effect-of-western-disturbance-clouds-appeared-in/article-147381"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/frdq8zbpetwndrv9r3hypp-1920-80.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। शनिवार को सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए रहे, जिससे वातावरण में ठंडक महसूस की गई। कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जिसके चलते तापमान में गिरावट आई है और लोगों को गर्मी से राहत मिली है। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बादलों की आवाजाही बनी हुई है।</p>
<p>कुछ स्थानों पर रुक-रुक कर बारिश होने से मौसम सुहावना हो गया है। जयपुर सहित आसपास के क्षेत्रों में भी बादलों की घिरावट के साथ हल्की बूंदाबांदी देखी गई। बारिश के चलते अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की कमी दर्ज की गई है। वहीं, ठंडी हवाओं के चलने से सुबह और शाम के समय हल्की ठंड का अहसास हो रहा है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में भी कुछ स्थानों पर बारिश की संभावना जताई है।</p>
<p>विशेषज्ञों का कहना है कि इस बदलाव से फसलों को फायदा हो सकता है, लेकिन लगातार बारिश होने पर कुछ नुकसान की आशंका भी बनी रहती है। फिलहाल, मौसम के इस बदले मिजाज से आमजन को गर्मी से राहत मिली है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 21 Mar 2026 18:41:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>असर खबर का - राहत: अब 7 किसानों का समूह भी होगा लाभांवित,नियम बदलने से आवेदनों की बढ़ेगी संख्या</title>
                                    <description><![CDATA[छोटे किसान भी समूह बनाकर फसल सुरक्षा सुनिश्चित कर सकेंगे। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news---relief--now-even-groups-of-7-farmers-will-benefit--the-number-of-applications-will-increase-due-to-the-change-in-rules/article-143898"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/12200-x-600-px)-(6)5.png" alt=""></a><br /><p>कोटा।  राज्य सरकार ने अब किसानों को बड़ी राहत देते हुए सामुदायिक तारबंदी योजना में अहम बदलाव किया है। अब तक इस योजना का लाभ लेने के लिए 10 किसानों का समूह अनिवार्य था, लेकिन नई व्यवस्था के तहत अब केवल 7 किसानों का समूह बनाकर भी योजना का लाभ उठाया जा सकेगा। इससे विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है। सरकार ने प्रदेश में 20 हजार किलोमीटर तारबंदी कराने का लक्ष्य रखा है। इस पर 228 करोड़ रुपए की सब्सिडी दी जाएगी। योजना का उद्देश्य नीलगाय व अन्य आवारा पशुओं से फसलों की सुरक्षा करना है, ताकि किसानों को बार-बार होने वाले नुकसान से बचाया जा सके।</p>
<p><strong>पहले समूह बनाना था मुश्किल</strong><br />कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार 10 किसानों का समूह बनाना कई गांवों में चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा था। छोटे जोत वाले किसानों की संख्या अधिक होने और खेतों की भौगोलिक स्थिति अलग-अलग होने के कारण समूह तैयार नहीं हो पा रहे थे। अब 7 किसानों की अनिवार्यता से अधिक किसान योजना में शामिल हो सकेंगे। अधिकारियों के अनुसार इस बदलाव से फसलों की सुरक्षा बेहतर होगी और किसानों की आय में वृद्धि की संभावना है। विभाग का मानना है कि अब योजना में बदलाव करने से आवेदन की संख्या में तेजी आ सकती है।</p>
<p><strong>फसलों को मिलेगा संरक्षण</strong><br />क्षेत्र में इन दिनों गेहूं, चना, सरसों, जौ, लहसुन, धनिया सहित कई फसलें खेतों में खड़ी हैं। आवारा पशुओं से होने वाला नुकसान किसानों के लिए बड़ी समस्या बना हुआ है। तारबंदी से फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी और उत्पादन में स्थिरता आएगी। योजना में बदलाव के बाद किसानों में उत्साह का माहौल है। उनका कहना है कि समूह की संख्या कम होने से अब योजना का लाभ लेना आसान होगा। छोटे किसान भी अब अपने स्तर पर समूह बनाकर फसल सुरक्षा सुनिश्चित कर सकेंगे। सरकार की इस पहल को ग्रामीण अंचल में खेती की मजबूती और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा</p>
<p><strong>नवज्योति ने प्रमुखता से उठाया था मामला</strong><br />खेतों में तारबंदी के नियम को लेकर दैनिक नवज्योति में 17 फरवरी के अंक में प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया गया था। इसमें बताया था कि खेतों को आवारा पशुओं और नीलगायों से बचाने के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही तारबंदी अनुदान योजना जिले के किसानों के लिए राहत से ज्यादा परेशानी बनती जा रही है। योजना का उद्देश्य सामूहिक तारबंदी के जरिए फसलों को सुरक्षा देना है, लेकिन अनुदान पाने के लिए कम से कम दस किसानों का समूह बनाना अनिवार्य होने से अधिकांश किसान लाभ से वंचित हैं। तारबंदी योजना में दस किसानों का समूह बनाकर सामूहिक आवेदन करना अनिवार्य है। व्यवहारिक रूप से यह प्रक्रिया आसान नहीं है।</p>
<p>राज्य सरकार ने सामुदायिक तारबंदी योजना में अहम बदलाव किया है। अब तक इस योजना का लाभ लेने के लिए 10 किसानों का समूह अनिवार्य था, लेकिन नई व्यवस्था के तहत अब केवल 7 किसानों का समूह बनाकर भी योजना का लाभ उठाया जा सकेगा।<br /><strong>- आर. के. जैन, संयुक्त निदेशक, उद्यान विभाग</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Feb 2026 14:25:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>केन्द्र सरकार ने दी बड़ी राहत, आधार कार्ड में डॉक्यूमेंट अपलोड की आखिरी तारीख एक साल बढ़ी  </title>
                                    <description><![CDATA[ इस अवधि में एक बार भी आधार अपडेट नहीं हुआ है तो आपको अपडेट कराना होगा, नहीं तो आपका आधार कार्ड रद्द भी हो सकता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/central-government-big-relief-last-date-for-uploading/article-117427"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-08/public-representatives-kota-did-not-linked-voter-id-with-aadhar-card..kota-news-24.8.2022-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। केन्द्र सरकार ने एक बार फिर देश के करोड़ों आधार कार्ड धारकों को बड़ी राहत दी है। आधार कार्ड में डॉक्यूमेंट अपलोड की आखिरी तारीख को अब एक साल के लिए बढ़ा दिया गया है। पहले डॉक्यूमेंट के साथ फ्री आधार अपडेट की आखिरी तारीख 14 जून 2025 थी, लेकिन अब इसे 14 जून 2026 कर दिया गया है। इसकी जानकारी यूआईडीएआई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट करके दी है। सरकार की ओर से कहा गया है कि जिनके पास भी 10 साल या इससे पुराना आधार कार्ड है उन्हें पहचान और एड्रेस प्रूफ के साथ अपने आधार को अपडेट करना होगा यानी यदि आपके पास 10 साल पुराना आधार कार्ड है और इस अवधि में एक बार भी आधार अपडेट नहीं हुआ है तो आपको अपडेट कराना होगा, नहीं तो आपका आधार कार्ड रद्द भी हो सकता है।</p>
<p>आधार अपडेट के लिए आपको दो जरूरी डॉक्यूमेंट की जरूरत होगी। पहला पहचान पत्र और दूसरा एड्रेस प्रूफ। आमतौर पर आधार अपडेट के लिए आधार सेंटर पर 50 रुपए का शुल्क लगता है लेकिन सरकार के मुताबिक 14 जून 2026 तक यह सेवा फ्री है। पहचान पत्र के तौर पर आप पैन कार्ड और एड्रेस के लिए वोटर कार्ड दे सकते हैं। मोबाइल या लैपटॉप से यूआईडीएआई की वेबसाइट पर जाएं। इसके बाद अपडेट आधार के विकल्प पर क्लिक करें। अब आधार नंबर डालकर ओटीपी के जरिए लॉगिन करें। इसके बाद डॉक्यूमेंट अपडेट पर क्लिक करें और वेरिफाई करें। अब नीचे ड्रॉप लिस्ट से पहचान पत्र और एड्रेस प्रूफ की स्कैन की हुई कॉपी को अपलोड करें। अब सबमिट पर क्लिक करें। इसके बाद आपको एक रिक्वेस्ट नंबर मिलेगा और फॉर्म सबमिट हो जाएगा। रिक्वेस्ट नंबर से आप अपडेट का स्टेटस भी चेक कर सकेंगे।  इसके कुछ दिनों बाद आपका आधार अपडेट हो जाएगा।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 15 Jun 2025 15:40:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आग उगलती गर्मी के तीखे तेवर : आधा दर्जन जिलों में हीटवेव का रेड अलर्ट, रातें भी होने लगी गर्म; पढ़ें कब मिलेगी भीषण गर्मी से राहत</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान में भीषण गर्मी का दौर आज बुधवार को भी जारी है। आग उगलती और भीषण गर्मी के तेवर हर रोज तीखे होते जा रहें हैं]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/relief-can-get-relief-from-yesterday-even-today/article-110195"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/heatwave.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान में भीषण गर्मी का दौर आज बुधवार को भी जारी है। आग उगलती और भीषण गर्मी के तेवर हर रोज तीखे होते जा रहें हैं। अब दिन के साथ रात भी गर्म होने लगी है। बाड़मेर सहित कुछ शहरों का पारा 45 के पार पहुंच गया है। मौसम विभाग ने आज बाड़मेर जिले सहित आधा दर्जन जिलों में हीटवेव का रेड अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा 6 जिलों के लिए ऑरेंज और 12 जिलों के लिए येलो अलर्ट है। उधर, 10- 11 अप्रैल को मौसम बदलेगा। बादल छाएंगे और बारिश होने की भी संभावना है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, राज्य में भीषण गर्मी का दौर आज तक जारी रहने की संभावना है। 11 अप्रैल से प्रदेश में एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसके असर से बादल छाने और कहीं-कहीं हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने की संभावना है। इसके बाद लोगों को इस तेज गर्मी से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।</p>
<p>मौसम विभाग केंद्र जयपुर से मिली जानकारी के अनुसार वर्तमान में जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर, चित्तौड़गढ़, कोटा जिलों में अधिकतम तापमान 44 से 46 डिग्री के बीच दर्ज हो रहे हैं। शेष अधिकांश भागों में 42 से 44 डिग्री के बीच है, जो कि सामान्य से 3-8 डिग्री ऊपर है। राज्य में चल रहे भीषण हीटवेव और ऊष्णरात्री का दौर आगामी 24 घंटे तक जारी रहने की प्रबल संभावना है। आगामी 24 घंटे में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से बीकानेर, जयपुर, भरतपुर व जोधपुर संभाग के कुछ भागों में मेघगर्जन आंधी 40-50 किमी व कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है। वहीं 14-15 अप्रैल से पुनः तापमान में बढ़ोतरी होने तथा दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान में एक और नया हीटवेव का स्पेल शुरू होने की संभावना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 09 Apr 2025 14:59:03 +0530</pubDate>
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