<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/relief/tag-5884" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>relief - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/5884/rss</link>
                <description>relief RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>असर खबर का : गेहूं खरीद के नियमों में मिली महत्वपूर्ण छूट, प्रभावित किसानों को बड़ी राहत</title>
                                    <description><![CDATA[लोकसभा अध्यक्ष बिरला व ऊर्जा मंत्री की पहल पर केंद्र का निर्णय।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news--significant-relaxation-granted-in-wheat-procurement-norms/article-149856"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-04/1200-x-600-px)-(6)2.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और प्रतिकूल मौसम से प्रभावित गेहूं की फसल को लेकर कोटा-बूंदी सहित पूरे प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत मिली है। केंद्र सरकार ने राजस्थान में रबी सीजन के लिए गेहूं खरीद के मानकों में शिथिलता के आदेश जारी कर दिए हैं। यह निर्णय लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की पहल और किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाने के परिणामस्वरूप लिया गया है। जारी आदेश के अनुसार गेहूं की गुणवत्ता में आई गिरावट को ध्यान में रखते हुए चमक में कमी की सीमा 50 प्रतिशत तक तथा सिकुड़े और टूटे दानों की सीमा 15 प्रतिशत तक कर दी गई है। वहीं क्षतिग्रस्त और आंशिक क्षतिग्रस्त दानों की कुल सीमा 6 प्रतिशत निर्धारित की गई है। उल्लेखनीय है कि यह राहत ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के विशेष प्रयासों और अधिकारियों के साथ उनकी हालिया उच्च स्तरीय बैठकों के परिणामस्वरूप संभव हो पाई है।</p>
<p><strong>खाद्य मंत्रालय ने जारी किए आदेश</strong><br />ऊर्जा मंत्री नागर ने बताया कि प्रदेश में शुरूआती गर्मी की लहर और असमय बारिश के कारण प्रभावित हुई गेहूं की फसल को देखते हुए केंद्र सरकार ने रबी मार्केटिंग सीजन 2026-27 के लिए खरीद नियमों (यूनिफॉर्म स्पेसिफिकेशन) में महत्वपूर्ण ढील देने का निर्णय लिया है। भारत सरकार के उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय द्वारा इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिए गए हैं। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर और स्पीकर ओम बिरला ने बीते दिनों अधिकारियों के साथ बैठक कर फसल की स्थिति पर चिंता जताई थी। स्पीकर बिरला ने स्वयं खाद्य सचिव से चर्चा कर किसानों के हित में मानदंडों को शिथिल करने के निर्देश दिए थे। उनकी इस पहल से अब प्रदेश के लाखों किसानों का वह गेहूं भी सरकारी समर्थन मूल्य पर खरीदा जा सकेगा, जो मौसम की मार के कारण गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतर पा रहा था।</p>
<p><strong>रियायती मानदंडों के गेहूं का अलग रखेंगे हिसाब</strong><br />केंद्र द्वारा जारी शर्तों के तहत, इस रियायती मानदंडों के आधार पर खरीदे गए गेहूं का अलग से हिसाब रखा जाएगा और इसका उपयोग प्राथमिकता के आधार पर राज्य के भीतर ही किया जाएगा। भंडारण के दौरान गुणवत्ता बनाए रखने और इस छूट से होने वाले किसी भी वित्तीय प्रभाव की जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी। इस आदेश के बाद अब प्रदेश के सभी जिलों में किसानों से सुगम तरीके से गेहूं की खरीद सुनिश्चित हो सकेगी। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने केंद्र सरकार के इस निर्णय का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय खाद्य मंत्रालय के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि "प्राकृतिक आपदा और मौसम की मार झेल रहे राजस्थान के अन्नदाता के लिए यह एक अत्यंत संवेदनशील और राहतकारी निर्णय है। मुख्यमंत्री और हमारी सरकार सदैव किसानों के हितों के लिए प्रतिबद्ध है।"</p>
<p><strong>नवज्योति बनी अन्नदाता की आवाज</strong><br />बेमौसम बारिश के कारण गेहूं की फसल प्रभावित होने के सम्बंध में दैनिक नवज्योति में प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किए गए थे। इसमें अन्नदाता की पीड़ा को उजागर करते हुए बताया था कि जिले में गेहूं खरीद का सीजन इस बार किसानों के लिए राहत के बजाय संकट बनता जा रहा है। हाल ही में हुई बारिश के कारण गेहूं की फसल में नमी का स्तर बढ़ गया है, जिसके चलते सरकारी खरीद केंद्रों पर 14 प्रतिशत से अधिक नमी वाले गेहूं को लेने से साफ इनकार किया जा रहा है। परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में किसान अपनी उपज लेकर केंद्रों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। इसके अलावा एफसीआई के टीम के कोटा दौरे के बाद जल्द ही गेहूं की गुणवत्ता में छूट मिलने को लेकर भी समाचार प्रकाशित किया गया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news--significant-relaxation-granted-in-wheat-procurement-norms/article-149856</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news--significant-relaxation-granted-in-wheat-procurement-norms/article-149856</guid>
                <pubDate>Fri, 10 Apr 2026 14:56:50 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-04/1200-x-600-px%29-%286%292.png"                         length="1774474"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत के लिए राहत की खबर : पेट्रोलियम उत्पादों से लदे 2 जहाजों ने होर्मुज जलडमरूमध्य को किया पार, ईरान ने कहा- बिना रूकावट के गुजरने देंगे भारत के जहाज</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत के लिए राहत की खबर है। पेट्रोलियम उत्पादों से लदे दो भारतीय जहाज सुरक्षित होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुके हैं, जबकि चार एलपीजी टैंकर पहले ही लौट आए थे। भारतीय नौसेना सतर्क है। 20 जहाजों के 540 नाविक सुरक्षित हैं, और भारत लगातार सुरक्षित निकासी के प्रयासों में जुटा है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/relief-news-for-india-2-ships-loaded-with-petroleum-products/article-148252"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/1200-x-60-px)-(1)78.png" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">नई दिल्ली। पश्चिम एशिया संकट के कारण इस क्षेत्र से विभिन्न ऊर्जा उत्पादों की आपूर्ति प्रभावित होने के बीच राहत की खबर है कि पेट्रोलियम उत्पादों से लदे भारत के 2 और व्यापारिक जहाजों ने होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित पार कर लिया है। इससे पहले भी भारत के एलपीजी से लदे 4 टैंकर होर्मुज जलडमरूमध्यम के मार्ग से स्वदेश आ चुके हैं। सूत्रों के अनुसार पेट्रोलियम उत्पादों से लदे भारतीय ध्वज वाले दो व्यापारिक जहाजों ने होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित पार कर लिया है। भारतीय नौसेना के क्षेत्र में तैनात युद्धपोत जरूरत पड़ने इन जहाजों की सुरक्षा के लिए तैयार रखे गये हैं। हालांकि इन जहाजों के नाम और इनमें लदे उत्पादों तथा इनमें सवार लोगों के बारे में पुष्ट जानकारी नहीं दी गयी है। </span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">ईरान कई बार यह बात कह चुका है कि वह भारत सहित कुछ मित्रों के जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से बिना रूकावट के गुजरने देगा। भारत पश्चिम एशिया संकट के बाद से क्षेत्र में फंसे अपने व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित निकासी के लिए अलग अलग स्तर पर संबंधित पक्षों के साथ निरंतर संपर्क बनाये हुए है और इसी का परिणाम है कि भारतीय जहाज धीरे धीरे इस क्षेत्र से निकलने में सफल हो रहे हैं। इस बीच बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने शुक्रवार को एक ब्रीङ्क्षफग के दौरान पुष्टि की थी कि खाड़ी क्षेत्र में सभी भारतीय नाविक दल सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा था, Þपिछले 24 घंटों में खाड़ी क्षेत्र में भारतीय ध्वज वाले जहाजों या नाविकों से संबंधित कोई घटना रिपोर्ट नहीं हुई है। 20 जहाजों पर सवार सभी 540 नाविक सुरक्षित हैं। महानिदेशक नौवहन के संचार केंद्र जो 24 घंटे सक्रिय रहता है। <span> </span>98 कॉल और 335 ईमेल का निपटारा किया तथा 25 भारतीय नाविकों की सुरक्षित स्वदेश वापसी में सहायता की। </span></p>
<p class="MsoNormal"><span style="font-family:'Nirmala UI', 'sans-serif';">भारत के एलपीजी से लदे चार टैंकर शिवालिक, नंदा देवी, पाइन गैस और जग वसंत पहले ही होर्मुज को पार कर देश आ चुके हैं। उल्लेखनीय है कि अमेरिका और इजरायल के ईरान पर संयुक्त हमलों के बाद से ईरान ने पश्चिम एशियाई देशों से पेट्रोलियम उत्पाद लेकर आने वाले जहाजों के होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले सबसे व्यस्त रास्ते को बंद कर रखा है। ईरान ने शुक्रवार को भी तीन जहाजों को होर्मुज पार करने से रोक दिया और उन्हें वापस भेज दिया था। </span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/bharat/relief-news-for-india-2-ships-loaded-with-petroleum-products/article-148252</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/bharat/relief-news-for-india-2-ships-loaded-with-petroleum-products/article-148252</guid>
                <pubDate>Sat, 28 Mar 2026 15:58:33 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/1200-x-60-px%29-%281%2978.png"                         length="315242"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से आसमान में छाए बादल: कुछ स्थानों पर हुई बारिश से तापमान में गिरावट, वातावरण में ठंडक महसूस की गई</title>
                                    <description><![CDATA[पश्चिमी विक्षोभ के असर से जयपुर समेत प्रदेशभर में शनिवार को मौसम सुहावना रहा। बादलों की आवाजाही और रुक-रुक कर हुई हल्की बारिश से तापमान में 4°C तक की गिरावट दर्ज की गई। ठंडी हवाओं ने वातावरण में ठंडक घोल दी है, जिससे लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिली है। आगामी 24 घंटों में और वर्षा की संभावना है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/due-to-the-effect-of-western-disturbance-clouds-appeared-in/article-147381"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/frdq8zbpetwndrv9r3hypp-1920-80.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। शनिवार को सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए रहे, जिससे वातावरण में ठंडक महसूस की गई। कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जिसके चलते तापमान में गिरावट आई है और लोगों को गर्मी से राहत मिली है। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बादलों की आवाजाही बनी हुई है।</p>
<p>कुछ स्थानों पर रुक-रुक कर बारिश होने से मौसम सुहावना हो गया है। जयपुर सहित आसपास के क्षेत्रों में भी बादलों की घिरावट के साथ हल्की बूंदाबांदी देखी गई। बारिश के चलते अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की कमी दर्ज की गई है। वहीं, ठंडी हवाओं के चलने से सुबह और शाम के समय हल्की ठंड का अहसास हो रहा है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में भी कुछ स्थानों पर बारिश की संभावना जताई है।</p>
<p>विशेषज्ञों का कहना है कि इस बदलाव से फसलों को फायदा हो सकता है, लेकिन लगातार बारिश होने पर कुछ नुकसान की आशंका भी बनी रहती है। फिलहाल, मौसम के इस बदले मिजाज से आमजन को गर्मी से राहत मिली है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/due-to-the-effect-of-western-disturbance-clouds-appeared-in/article-147381</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/due-to-the-effect-of-western-disturbance-clouds-appeared-in/article-147381</guid>
                <pubDate>Sat, 21 Mar 2026 18:41:03 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-03/frdq8zbpetwndrv9r3hypp-1920-80.jpg"                         length="151328"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>असर खबर का - राहत: अब 7 किसानों का समूह भी होगा लाभांवित,नियम बदलने से आवेदनों की बढ़ेगी संख्या</title>
                                    <description><![CDATA[छोटे किसान भी समूह बनाकर फसल सुरक्षा सुनिश्चित कर सकेंगे। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news---relief--now-even-groups-of-7-farmers-will-benefit--the-number-of-applications-will-increase-due-to-the-change-in-rules/article-143898"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/12200-x-600-px)-(6)5.png" alt=""></a><br /><p>कोटा।  राज्य सरकार ने अब किसानों को बड़ी राहत देते हुए सामुदायिक तारबंदी योजना में अहम बदलाव किया है। अब तक इस योजना का लाभ लेने के लिए 10 किसानों का समूह अनिवार्य था, लेकिन नई व्यवस्था के तहत अब केवल 7 किसानों का समूह बनाकर भी योजना का लाभ उठाया जा सकेगा। इससे विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है। सरकार ने प्रदेश में 20 हजार किलोमीटर तारबंदी कराने का लक्ष्य रखा है। इस पर 228 करोड़ रुपए की सब्सिडी दी जाएगी। योजना का उद्देश्य नीलगाय व अन्य आवारा पशुओं से फसलों की सुरक्षा करना है, ताकि किसानों को बार-बार होने वाले नुकसान से बचाया जा सके।</p>
<p><strong>पहले समूह बनाना था मुश्किल</strong><br />कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार 10 किसानों का समूह बनाना कई गांवों में चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा था। छोटे जोत वाले किसानों की संख्या अधिक होने और खेतों की भौगोलिक स्थिति अलग-अलग होने के कारण समूह तैयार नहीं हो पा रहे थे। अब 7 किसानों की अनिवार्यता से अधिक किसान योजना में शामिल हो सकेंगे। अधिकारियों के अनुसार इस बदलाव से फसलों की सुरक्षा बेहतर होगी और किसानों की आय में वृद्धि की संभावना है। विभाग का मानना है कि अब योजना में बदलाव करने से आवेदन की संख्या में तेजी आ सकती है।</p>
<p><strong>फसलों को मिलेगा संरक्षण</strong><br />क्षेत्र में इन दिनों गेहूं, चना, सरसों, जौ, लहसुन, धनिया सहित कई फसलें खेतों में खड़ी हैं। आवारा पशुओं से होने वाला नुकसान किसानों के लिए बड़ी समस्या बना हुआ है। तारबंदी से फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी और उत्पादन में स्थिरता आएगी। योजना में बदलाव के बाद किसानों में उत्साह का माहौल है। उनका कहना है कि समूह की संख्या कम होने से अब योजना का लाभ लेना आसान होगा। छोटे किसान भी अब अपने स्तर पर समूह बनाकर फसल सुरक्षा सुनिश्चित कर सकेंगे। सरकार की इस पहल को ग्रामीण अंचल में खेती की मजबूती और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा</p>
<p><strong>नवज्योति ने प्रमुखता से उठाया था मामला</strong><br />खेतों में तारबंदी के नियम को लेकर दैनिक नवज्योति में 17 फरवरी के अंक में प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया गया था। इसमें बताया था कि खेतों को आवारा पशुओं और नीलगायों से बचाने के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही तारबंदी अनुदान योजना जिले के किसानों के लिए राहत से ज्यादा परेशानी बनती जा रही है। योजना का उद्देश्य सामूहिक तारबंदी के जरिए फसलों को सुरक्षा देना है, लेकिन अनुदान पाने के लिए कम से कम दस किसानों का समूह बनाना अनिवार्य होने से अधिकांश किसान लाभ से वंचित हैं। तारबंदी योजना में दस किसानों का समूह बनाकर सामूहिक आवेदन करना अनिवार्य है। व्यवहारिक रूप से यह प्रक्रिया आसान नहीं है।</p>
<p>राज्य सरकार ने सामुदायिक तारबंदी योजना में अहम बदलाव किया है। अब तक इस योजना का लाभ लेने के लिए 10 किसानों का समूह अनिवार्य था, लेकिन नई व्यवस्था के तहत अब केवल 7 किसानों का समूह बनाकर भी योजना का लाभ उठाया जा सकेगा।<br /><strong>- आर. के. जैन, संयुक्त निदेशक, उद्यान विभाग</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news---relief--now-even-groups-of-7-farmers-will-benefit--the-number-of-applications-will-increase-due-to-the-change-in-rules/article-143898</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news---relief--now-even-groups-of-7-farmers-will-benefit--the-number-of-applications-will-increase-due-to-the-change-in-rules/article-143898</guid>
                <pubDate>Fri, 20 Feb 2026 14:25:25 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2026-02/12200-x-600-px%29-%286%295.png"                         length="649168"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>केन्द्र सरकार ने दी बड़ी राहत, आधार कार्ड में डॉक्यूमेंट अपलोड की आखिरी तारीख एक साल बढ़ी  </title>
                                    <description><![CDATA[ इस अवधि में एक बार भी आधार अपडेट नहीं हुआ है तो आपको अपडेट कराना होगा, नहीं तो आपका आधार कार्ड रद्द भी हो सकता है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/central-government-big-relief-last-date-for-uploading/article-117427"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-08/public-representatives-kota-did-not-linked-voter-id-with-aadhar-card..kota-news-24.8.2022-copy.jpg" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। केन्द्र सरकार ने एक बार फिर देश के करोड़ों आधार कार्ड धारकों को बड़ी राहत दी है। आधार कार्ड में डॉक्यूमेंट अपलोड की आखिरी तारीख को अब एक साल के लिए बढ़ा दिया गया है। पहले डॉक्यूमेंट के साथ फ्री आधार अपडेट की आखिरी तारीख 14 जून 2025 थी, लेकिन अब इसे 14 जून 2026 कर दिया गया है। इसकी जानकारी यूआईडीएआई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट करके दी है। सरकार की ओर से कहा गया है कि जिनके पास भी 10 साल या इससे पुराना आधार कार्ड है उन्हें पहचान और एड्रेस प्रूफ के साथ अपने आधार को अपडेट करना होगा यानी यदि आपके पास 10 साल पुराना आधार कार्ड है और इस अवधि में एक बार भी आधार अपडेट नहीं हुआ है तो आपको अपडेट कराना होगा, नहीं तो आपका आधार कार्ड रद्द भी हो सकता है।</p>
<p>आधार अपडेट के लिए आपको दो जरूरी डॉक्यूमेंट की जरूरत होगी। पहला पहचान पत्र और दूसरा एड्रेस प्रूफ। आमतौर पर आधार अपडेट के लिए आधार सेंटर पर 50 रुपए का शुल्क लगता है लेकिन सरकार के मुताबिक 14 जून 2026 तक यह सेवा फ्री है। पहचान पत्र के तौर पर आप पैन कार्ड और एड्रेस के लिए वोटर कार्ड दे सकते हैं। मोबाइल या लैपटॉप से यूआईडीएआई की वेबसाइट पर जाएं। इसके बाद अपडेट आधार के विकल्प पर क्लिक करें। अब आधार नंबर डालकर ओटीपी के जरिए लॉगिन करें। इसके बाद डॉक्यूमेंट अपडेट पर क्लिक करें और वेरिफाई करें। अब नीचे ड्रॉप लिस्ट से पहचान पत्र और एड्रेस प्रूफ की स्कैन की हुई कॉपी को अपलोड करें। अब सबमिट पर क्लिक करें। इसके बाद आपको एक रिक्वेस्ट नंबर मिलेगा और फॉर्म सबमिट हो जाएगा। रिक्वेस्ट नंबर से आप अपडेट का स्टेटस भी चेक कर सकेंगे।  इसके कुछ दिनों बाद आपका आधार अपडेट हो जाएगा।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/leads/central-government-big-relief-last-date-for-uploading/article-117427</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/leads/central-government-big-relief-last-date-for-uploading/article-117427</guid>
                <pubDate>Sun, 15 Jun 2025 15:40:16 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2022-08/public-representatives-kota-did-not-linked-voter-id-with-aadhar-card..kota-news-24.8.2022-copy.jpg"                         length="126865"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आग उगलती गर्मी के तीखे तेवर : आधा दर्जन जिलों में हीटवेव का रेड अलर्ट, रातें भी होने लगी गर्म; पढ़ें कब मिलेगी भीषण गर्मी से राहत</title>
                                    <description><![CDATA[राजस्थान में भीषण गर्मी का दौर आज बुधवार को भी जारी है। आग उगलती और भीषण गर्मी के तेवर हर रोज तीखे होते जा रहें हैं]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/relief-can-get-relief-from-yesterday-even-today/article-110195"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/heatwave.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान में भीषण गर्मी का दौर आज बुधवार को भी जारी है। आग उगलती और भीषण गर्मी के तेवर हर रोज तीखे होते जा रहें हैं। अब दिन के साथ रात भी गर्म होने लगी है। बाड़मेर सहित कुछ शहरों का पारा 45 के पार पहुंच गया है। मौसम विभाग ने आज बाड़मेर जिले सहित आधा दर्जन जिलों में हीटवेव का रेड अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा 6 जिलों के लिए ऑरेंज और 12 जिलों के लिए येलो अलर्ट है। उधर, 10- 11 अप्रैल को मौसम बदलेगा। बादल छाएंगे और बारिश होने की भी संभावना है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, राज्य में भीषण गर्मी का दौर आज तक जारी रहने की संभावना है। 11 अप्रैल से प्रदेश में एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसके असर से बादल छाने और कहीं-कहीं हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने की संभावना है। इसके बाद लोगों को इस तेज गर्मी से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।</p>
<p>मौसम विभाग केंद्र जयपुर से मिली जानकारी के अनुसार वर्तमान में जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर, चित्तौड़गढ़, कोटा जिलों में अधिकतम तापमान 44 से 46 डिग्री के बीच दर्ज हो रहे हैं। शेष अधिकांश भागों में 42 से 44 डिग्री के बीच है, जो कि सामान्य से 3-8 डिग्री ऊपर है। राज्य में चल रहे भीषण हीटवेव और ऊष्णरात्री का दौर आगामी 24 घंटे तक जारी रहने की प्रबल संभावना है। आगामी 24 घंटे में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से बीकानेर, जयपुर, भरतपुर व जोधपुर संभाग के कुछ भागों में मेघगर्जन आंधी 40-50 किमी व कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है। वहीं 14-15 अप्रैल से पुनः तापमान में बढ़ोतरी होने तथा दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान में एक और नया हीटवेव का स्पेल शुरू होने की संभावना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/relief-can-get-relief-from-yesterday-even-today/article-110195</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/relief-can-get-relief-from-yesterday-even-today/article-110195</guid>
                <pubDate>Wed, 09 Apr 2025 14:59:03 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-05/heatwave.png"                         length="504383"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पूर्वी राजस्थान में बाढ़ के हालात, आज से राहत के आसार</title>
                                    <description><![CDATA[ प्रदेश के धौलपुर, भरतपुर सहित पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में बाढ़ के हालात बने हुए हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/flood-situation-in-east-rajasthan-likely-to-get-relief-from/article-90419"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-04/rrain.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश के धौलपुर, भरतपुर सहित पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में बाढ़ के हालात बने हुए हैं। बीते 24 घंटों में पश्चिमी राजस्थान में कहीं कहीं पर तथा पूर्वी राजस्थान में कुछ स्थानों पर मेघगर्जन के साथ वर्षा दर्ज की गई है। जयपुर, दौसा, सीकर, सवाईमाधोपुर, भरतपुर, कोटा, झालावाड़ और बारां जिले में कहीं कहीं भारी वर्षा दर्ज की गई है। पूर्वी राजस्थान में सर्वाधिक बारिश मित्रपुरा (सवाईमाधोपुर) में 93 व पश्चिमी राजस्थान के ओसिया(चुरू) में 39 एमएम बारिश दर्ज की गई है।</p>
<p><strong>राज्य में आगामी 5 दिन भारी बारिश की संभावना नहीं<br /></strong>उत्तर प्रदेश के ऊपर बना अवदाब (डिप्रेशन) आज कमजोर होकर कम दबाव का क्षेत्र बन गया है। इसके अगले 12 घंटों में और कमजोर होकर लो प्रेशर बनने की संभावना है।</p>
<p>अधिकांश भागों में भारी बारिश की गतिविधियों में आज से ही राहत मिलने की संभावना है। आज भरतपुर, जयपुर, कोटा संभाग में मेघगर्जन के साथ हल्की मध्यम बारिश होने की संभावना है। 14 से 17 सितंबर के दौरान पूर्वी राजस्थान में केवल छुटपुट स्थानों पर हल्की मध्यम बारिश होने तथा अधिकांश भागों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है। पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर, बीकानेर संभाग के अधिकांश भागों में आगामी 4-5 दिन मौसम मुख्यतः शुष्क रहने तथा केवल छुटपुट स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/flood-situation-in-east-rajasthan-likely-to-get-relief-from/article-90419</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/flood-situation-in-east-rajasthan-likely-to-get-relief-from/article-90419</guid>
                <pubDate>Fri, 13 Sep 2024 18:20:03 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-04/rrain.png"                         length="415997"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Jr NTR ने दिया 1 करोड़ का दान, कहा तेलुगु लोग इस आपदा से जल्द ही उबरेंगे</title>
                                    <description><![CDATA[यह पहली बार नहीं है जब एनटीआर जूनियर ने संकट के समय में कदम बढ़ाया है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/movie-fun/jr-ntr-donated-1-crore-said-telugu-people-will-soon/article-89498"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-04/ntr.png" alt=""></a><br /><p>मुंबई। मैन ऑफ मासेस एनटीआर जूनियर ने आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में बाढ़ राहत के लिए एक करोड़ का दान दिया है। मैन ऑफ मासेस एनटीआर जूनियर ने बाढ़ राहत प्रयासों का समर्थन करने के लिए आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के मुख्यमंत्री राहत कोष में 50-50 लाख रुपये का दान देकर एक बार फिर अपनी करुणा का परिचय दिया है। हाल ही में आई बाढ़ ने व्यापक तबाही मचाई है, जिससे हजारों लोग विस्थापित हुए हैं और दोनों राज्यों में घर नष्ट हो गए हैं।</p>
<p>एनटीआर जूनियर ने बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए अपनी चिंता व्यक्त करते हुए अपनी सोशल मीडिया पोस्ट पर लिखा कि भारी बारिश के कारण दो तेलुगु राज्यों में हाल ही में आई बाढ़ से मैं बहुत दुखी हूँ। मैं भगवान से प्रार्थना करता हूँ कि तेलुगु लोग इस आपदा से जल्द ही उबर जाएँ। अपनी ओर से, मैं बाढ़ आपदा से राहत के लिए दो तेलुगु राज्यों की सरकारों द्वारा किए गए उपायों में मदद करने के लिए आंध्र प्रदेश और तेलंगाना सरकारों के मुख्यमंत्री राहत कोष में 50-50 लाख रुपये का दान देने की घोषणा कर रहा हूँ।</p>
<p>यह पहली बार नहीं है जब एनटीआर जूनियर ने संकट के समय में कदम बढ़ाया है। उन्होंने लगातार योगदान दिया है और जब भी ज़रूरत पड़ी  है सहायता प्रदान की है, जिससे लोगों के कल्याण के प्रति उनकी गहरी प्रतिबद्धता को बल मिला है। उनका नवीनतम योगदान बाढ़ से प्रभावित लोगों को आवश्यक आपूर्ति और सहायता प्रदान करने में मदद करेगा।</p>
<p>एनटीआर जूनियर की ज़रूरतमंद लोगों की मदद करने के लिए निरंतर समर्पण की व्यापक रूप से प्रशंसा की गई है, जो आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के लोगों के साथ उनके मजबूत संबंध को उजागर करता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मूवी-मस्ती</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/movie-fun/jr-ntr-donated-1-crore-said-telugu-people-will-soon/article-89498</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/movie-fun/jr-ntr-donated-1-crore-said-telugu-people-will-soon/article-89498</guid>
                <pubDate>Tue, 03 Sep 2024 16:42:54 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-04/ntr.png"                         length="149973"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>असर खबर का - गौशाला संचालकों को राहत, अनुदान की प्रशासनिक स्वीकृति जारी</title>
                                    <description><![CDATA[नवज्योति में समाचार प्रकाशित होने के बाद जिले के पशुपालन विभाग के अधिकारी हरकत में आए। 
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news---relief-to-cowshed-operators--administrative-approval-of-grant-issued/article-83376"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-07/asar-khabar-ka---goshala-sanchlalko-ko-rahat,-anudan-ki-prshasanik-svikruti-jari...kota-news-02-07-2024.jpg" alt=""></a><br /><p>कोटा। राज्य सरकार की ओर से जिले में संचालित गौशालाओं को अनुदान देने के लिए प्रशासनिक स्वीकृति जारी कर दी गई है। इसके तहत जिले की 23 गौशालाएं अनुदान की पात्र हैं। इन गौशालाओं द्वारा आॅनलाइन बिल सबमिट किए जा रहे हैं। बिल सबमिट करने वाली गोशालाओं का भौतिक सत्यापन भी तुरन्त किया जा रहा है। सत्यापन के बाद कई गौशालाओं को अनुदान राशि जारी भी कर दी गई है। फिलहाल सम्बंधित गौशालाओं को 50 लाख रुपए तक का अनुदान जारी किया गया है। सरकार की ओर से द्वितीय चरण के तहत नवंबर, दिसंबर 2023 व जनवरी, फरवरी, मार्च 2024 का बजट दिया गया है। </p>
<p><strong>बजट नहीं मिलने से हो रही थी दिक्कत</strong><br />गौरतलब है कि बजट समय पर नहीं मिलने के कारण गोशाला संचालकों के लिए गौ वंश का पेट भरना मुश्किल हो रहा था। दानदाताओं व भामाशाहों के सहयोग से इंतजाम चारे पानी का इंतजाम किया जा रहा था। जिले में वर्तमान में 23 गौशालाएं विभाग में पंजीकृत है। जिनको साल में दो चरणों में अनुदान दिया जाता है। प्रथम चरण का अनुदान पहले ही दिया जा चुका है। द्वितीय चरण का अनुदान अब दिया है। पूर्व में लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लगने के कारण गोशालाओं का द्वितीय चरण का अनुदान अटक गया था। अब अनुदान मिलने से गौशाला संचालकों को काफी राहत मिलेगी।</p>
<p><strong>नवज्योति ने उठाया मामला तो हरकत में आया विभाग</strong><br />जिले की गौशालाओं को वर्ष 2023-24 के दूसरे चरण के अनुदान अटक गया था। इस सम्बंध में दैनिक नवज्योति में गत 4 जून को प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया गया था। इसमें बताया था कि गौशालाओं को अनुदान दो माह पहले ही मिल जाना चाहिए था, लेकिन अब तक नहीं मिला है। समय पर अनुदान नहीं मिलने से गायों के लिए चारे पानी की व्यवस्था करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। जैसे-तैसे जुगाड़ कर गौशालाओं का संचालन करना पड़ रहा था। समाचार प्रकाशित होने के बाद जिले के पशुपालन विभाग के अधिकारी हरकत में आए और बजट जारी करने के लिए जयपुर मुख्यालय पर रिमांडर भेजा था। इसके बाद अनुदान की प्रशासनिक स्वीकृति और बजट जारी कर दिया गया। </p>
<p><strong>इतना मिलता है अनुदान</strong><br />पशुपालन विभाग के अनुसार बड़े गौवंश के लिए 40 रुपए की राशि प्रति गौवंश प्रतिदिन के हिसाब से देय है। जबकि तीन साल से कम उम्र के गोवंश को 20 रुपए प्रति गौवंश रोजाना के हिसाब से देय रहती है। इसमें किसी पशु के साथ अनहोनी की स्थिति होने पर गौशाला संचालकों को इसकी जानकारी विभाग को देनी पड़ती है। जांच के दौरान दर्शाई गई संख्या में पशु नहीं मिलने पर कार्रवाई भी होती है।</p>
<p>अनुदान समय पर नहीं मिलने से गौवंश के लिए चारा की व्यवस्था करना बेहद मुश्किल हो जाता है। लोगों से कर्ज लेकर गौवंशों के लिए चारा लाना पड़ता है। गौशालाओं को दूसरे चरण का अनुदान मिलने में देरी हो गई है। गौशालाओं के सुचारू संचालन के समय पर अनुदान मिलना चाहिए। <br /><strong>- जानकीलाल, गौशाला संचालक</strong></p>
<p>पहले चरण में अप्रैल, मई, जून एवं जुलाई का अनुदान मिल चुका है। अब पांच माह यानि की नवंबर, दिसंबर, जनवरी, फरवरी एवं मार्च के अनुदान की प्रशासनिक स्वीकृति जारी कर दी गई है। कुछ गौशालाओं को अनुदान जारी भी कर दिया है। <br /><strong>- डॉ. जेपी मीना, पशु चिकित्सक, पशुपालन विभाग कोटा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news---relief-to-cowshed-operators--administrative-approval-of-grant-issued/article-83376</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/impact-of-news---relief-to-cowshed-operators--administrative-approval-of-grant-issued/article-83376</guid>
                <pubDate>Tue, 02 Jul 2024 14:10:06 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-07/asar-khabar-ka---goshala-sanchlalko-ko-rahat%2C-anudan-ki-prshasanik-svikruti-jari...kota-news-02-07-2024.jpg"                         length="456602"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>असर खबर का - ठिमली वासियों को पेयजल संकट से मिली मुक्ति</title>
                                    <description><![CDATA[मौके पर मौजूद ग्रामीणो ने बताया कि मोटर से सप्लाई होने से गांव में पेयजल की समस्या से राहत मिलेगी।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/impact-of-the-news---subjectively--the-city-dwellers-get-relief-from-the-drinking-water-crisis/article-79987"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2024-05/asar-khabar-ka---thimli-vasiyo-ko-peyjal-sankat-s-mili-mukti...kapren,-bundi-news-31-05-2024.jpg" alt=""></a><br /><p>कापरेन। लंबे समय से पेयजल समस्या से परेशान नगरपालिका क्षेत्र के वार्ड 20 ठिमली वासियों को पेयजल संकट से मुक्ति मिल गई है। उपखंड अधिकारी के निर्देश और ठिमली वासियों की मांग पर पालिका प्रशासन ने गुरुवार को गांव के समीप लगे मीठे पानी के हैंडपंप में ही सबमर्सिबल डालकर ग्रामीणो के लिए पेयजल सुविधा उपलब्ध करवाई है। जिससे लोगो को गर्मी में पेयजल के लिए हैंडपंप से मशक्कत नही करनी पड़ेगी और  तेज धूप में घण्टो खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार नही करना पड़ेगा। भीषण गर्मी में ठिमली वासियों को पेयजल समस्या को लेकर भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। उपखंड अधिकारी दीपक महावर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए ग्रामीणो एवं पालिका अधिशासी मनोज मालव से चर्चा की और ग्रामीणों से ही समस्या का सरल उपाय की जानकारी ली। ग्रामीणो द्वारा गांव के समीप ही लगे मीठे पानी के हैंडपंप में मोटर डालकर जलापूर्ति करवाने का सुझाव दिया जाने पर उपखंड अधिकारी के निर्देश पर त्वरित कार्यवाही करते हुए पालिका अधिशासी अधिकारी मनोज मालव ने पालिका के कनिष्ठ अभियंता गजेंद्र नागर को शीघ्र प्रपोजल तैयार करने के निर्देश दिए। वहीं जलदाय विभाग इसके लिए एनओसी मांगी गई। जलदाय विभाग की कनिष्ठ अभियंता नरगिस खान ने एनओसी जारी कर ग्रामीणों को पेयजल आपूर्ति के लिए सबमर्सिबल व अन्य खर्च का प्रस्ताव बनाकर  पालिका को भेजा गया। पालिका अध्यक्ष हेमराज मेघवाल ,पार्षद दीपक धाभाई, विनोद कुमार मीणा ने ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए शीघ्र कार्यवाही को पूरा करवाने में सहयोग किया और गुरुवार को ग्रामीणो के सहयोग से मोटर डालकर पेयजल आपूर्ति शुरू करवाई। पेयजल आपूर्ति होने से ग्रामीणो में खुशी की लहर दौड़ गई। मौके पर मौजूद ग्रामीण रामचरण मीणा, मुकुट बिहारी, राजाराम, मनोज मीणा आदि ने बताया कि मोटर से सप्लाई होने से गांव में पेयजल की समस्या से राहत मिलेगी। अब ग्रामीण सुबह शाम मोटर चलाकर पेयजल भर सकेंगे और आवश्यकता होने पर हैंडपंप का भी उपयोग कर सकते हैं।  पालिकाध्यक्ष हेमराज मेघवाल, पार्षद दीपक धाभाई ,विनोद मीणा ने बताया कि गांव में पेयजल के लिए  वैकल्पिक सुविधा करवाई गई है। आने वाले समय में बडी पेयजल टँकी रखवाई जाने और उसमें पानी भरने की व्यवस्था को लेकर विचार किया जा रहा है। पेयजल के लिए सुबह व शाम को मोटर चलाने का समय निर्धारित कर ग्रामीणो को जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिससे लोग पेयजल का उचित उपयोग करें। मोटर का भी रखरखाव उचित तरीके से हो। गांव में जलदाय विभाग द्वारा पेयजल आपूर्ति के लिए हांडया खेडा से पाइप लाइन डाली गई थी जो अवैध कनेक्शन व पाइप लाइन के क्षतिग्रस्त होने से करीब ढाई साल स्व बन्द पड़ी हुई है। ग्रामीणो का कहना है कि कई बार अवगत कराया जाने के बाद भी पाइप लाइन से पेयजल आपूर्ति सुचारू नही होने पर पालिका द्वारा गांव के समीप हैंडपंप लगाया गया है। हैंडपंप को छोड़कर गांव में कही भी मीठे पानी की व्यवस्था नही होने से ग्रामीणो को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। अब सबमर्सिबल मोटर डालने से गांव में पेयजल सुविधा उपलब्ध होगी।</p>
<p>ग्रामीणों की मांग पर हैंडपंप में मोटर डालकर पेयजल की वैकल्पिक सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। थोड़ी ऊंचाई पर पेयजल टंकी रखने की भी योजना है। जिससे ग्रामीणों को गर्मी में पानी उपलब्ध होगा।  <br /><strong>- मनोज मालव, अधिशासी अधिकारी, नगरपालिका कापरेन। </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बूंदी</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/impact-of-the-news---subjectively--the-city-dwellers-get-relief-from-the-drinking-water-crisis/article-79987</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/bundi/impact-of-the-news---subjectively--the-city-dwellers-get-relief-from-the-drinking-water-crisis/article-79987</guid>
                <pubDate>Fri, 31 May 2024 16:40:38 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2024-05/asar-khabar-ka---thimli-vasiyo-ko-peyjal-sankat-s-mili-mukti...kapren%2C-bundi-news-31-05-2024.jpg"                         length="656239"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बारिश ने कर दी हवा की धुलाई </title>
                                    <description><![CDATA[ बारिश से राजस्थान के अन्य शहरों में भी वायु प्रदूषण के ग्राफ में काफी गिरावट दर्ज की गई है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/rain-washes-the-air/article-51483"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-07/hawa-ki-dhulayi-kr-di-baarish-ne...kota-news-11-07-2023.png" alt=""></a><br /><p>कोटा। मानसून की अच्छी बारिश से शहरवासियों को उमस और गर्मी से काफी राहत मिली है। इससे तापमान में काफी गिरावट आई है। तेज बारिश की फुहारों के बीच ठंडी हवाओं से वायु प्रदूषण का स्तर भी कम हुआ है। हवा में मौजूद विषैले तत्व भी बारिश में बह गए हैं। मौसम में बदलाव होने के कारण शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 40 पर पहुंच गया है। यानी कोटा शहर की हवा पूरी तरह से स्वच्छ हो गई है। बारिश की बूंदों ने वायु प्रदूषण के ग्राफ को काफी तेजी से गिरा दिया है। बारिश से राजस्थान के अन्य शहरों में भी वायु प्रदूषण के ग्राफ में काफी गिरावट दर्ज की गई है। शहर की हवा अस्थमा रोगियों के लिए भी मुफीद हो गई है। अब हम अच्छी हवा में सांस ले सकते हैं। </p>
<p><strong>क्या कहते हैं आंकड़े</strong><br />राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल के आंकड़ों के मुताबिक शहर में कई क्षेत्रों में पहले प्रदूषण बेहद खराब श्रेणी में था। इन जगहों पर वायु गुणवत्ता सूचकांक यानि एक्यूआई का स्तर 100 के आसपास दर्ज हो रहा था। शहर में चल रहे निर्माण कार्यो और वाहनों के धुएं के कारण वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ता ही जा रहा था। गत दिनों से बारिश का दौर शुरू होने के बाद वायु प्रदूषण का ग्राफ भी गिरने लगा।  शहर में सोमवार को एक्यूआई 40 पर पहुंंच गया। यानि यहां की हवा स्वच्छ हो गई। दूसरी ओर पीएम (पर्टिकुलर मैटर) का स्तर 2.5 ठंडी हवाओं के कारण थोड़ा अच्छा माना जा रहा है। आने वाले समय में अच्छी बारिश होती है तो प्रदूषण का स्तर कम होने के साथ ही हवा भी ताजा रहेगी।</p>
<p><strong>यह कहना है अस्थमा विशेषज्ञों का</strong><br />अस्थमा विशेषज्ञ का मानना है कि बारिश होने के बाद हवा शुद्ध हो जाती है। वातावरण में जो भी जहरीले तत्व होते हैं, वह बारिश में धुल जाते हैं। इसके साथ ही वायु गुणवत्ता सूचकांक में भी कमी आती है। बढ़ते प्रदूषण से सांस संबंधी बीमारियों के मरीजों को थोड़ा खतरा है। अस्थमा रोगियों को आद्रर्ता के बढ़ने से थोड़ी दिक्कत होती है। हालांकि अभी हवा का स्तर सही होने के बाद फिलहाल रोगियों को ज्यादा खतरा नहीं है।</p>
<p><strong>प्रदेश में कई स्थानों पर एक्यूआई स्टेशन</strong><br />केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण मण्डल की ओर से प्रदेश कई स्थानों पर एक्यूआई स्टेशन लगे हुए हैं जहां नेशनल एयर क्वालिटी इंडेक्स मॉनिटर किया जाता है। ये स्टेशन जयपुर, जोधपुर, अलवर, अजमेर, भिवाड़ी, पाली, कोटा व उदयपुर में है। इन शहरों में हवा में मौजूद पार्टिकुलेट मैटर यानी धूल कण, सल्फर डाई आॅक्साइड, कार्बन मोनोक्साइड, नाइट्रोजन डाई आॅक्साइड, ओजोन और अमोनिया का आॅटोमेटिक मॉनिटरिंग की जाती है। </p>
<p><strong>यह होता है एक्यूआई</strong><br />एक्यूआई में पार्टिकुलेट मेटर यानि धूल के कणों का मापन होता है। धूल कण 10 माइक्रोन और 2.5 माइक्रोन तक मापे जाते हैं। इसके अलावा हवा में नाइट्रोजन डाई आॅक्साइड, सल्फर डाई आॅक्साइड, कार्बन  मोनोक्साइड व ओजोन मापी जाती है। इसकी इकाई माइकोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर होती है। एक्यूआई के माध्यम से ही यह पता चलता है कि हवा में प्रदूषण का स्तर कहां तक पहुंच चुका है और इसके प्रमुख कारण क्या हैं। </p>
<p><strong>एक्यूआई यह देता है संकेत</strong><br />अच्छा यानि कोई दिक्कत नहीं 0-50<br />संतोषजनक हवा-51-100<br />बाहर जाने से बचें 101-200<br />श्वसन के मरीजों को तकलीफ 201-300<br />लम्बे बीमार रोगियों को दिक्कत 301-400<br />बाहर बिलकुल नहीं निकलें 401-500</p>
<p>बारिश के कारण शहर के वायु प्रदूषण में काफी कमी आई है। बारिश के दौरान हवा में बहने वाले प्रदूषण के कण जमीन में समाहित हो जाते हैं। इससे हवा स्वच्छ हो जाती है। <br /><strong>-एसडी मीना, मौसम विशेषज्ञ </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/rain-washes-the-air/article-51483</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/rain-washes-the-air/article-51483</guid>
                <pubDate>Tue, 11 Jul 2023 19:57:44 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-07/hawa-ki-dhulayi-kr-di-baarish-ne...kota-news-11-07-2023.png"                         length="303383"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बीस लाख की लागत से सड़क मार्ग का होगा कायाकल्प </title>
                                    <description><![CDATA[ग्रामपंचायत द्वारा करवाए जा रहे विकास कार्यों की ग्रामीणों द्वारा सराहना की जा रही हैं।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/the-road-will-be-rejuvenated-at-a-cost-of-twenty-lakhs/article-48562"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2023-06/20-lakh-ki-laagat-sadak-marg-ka-hoga-kayakalp....kishanganj,-baran-news-12-06-2023.jpg" alt=""></a><br /><p>किशनगंज। किशनगंज पंचायत समिति क्षेत्र की ग्रामपंचायत के  रानीबडोद गांव में ग्रामपंचायत द्वारा करवाए जा रहे विकास कार्यों से आमजन को राहत मिल रही हैं। ग्राम पंचायत द्वारा वर्षो से खस्ताहाल पड़ी गांव की रामजानकी मठ मंदिर से शमशान तक की कच्ची ग्रेवल सड़क जो आम जन के लिए परेशानी बनी हुई थी। ग्रामीणों को अंतिम संस्कार,किसानों को अपने खेतो पर जाने के लिए कीचड़ से गुजरना पड़ता था। बारिश के समय तो रास्ता बंद होने की स्थिति बनी हुई रहती थी,सड़क निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों द्वारा कई बार उच्च अधिकारियों को ज्ञापन देकर सड़क निर्माण की मांग की थी,ग्रामीणों की परेशानी व मांग को देखते हुए ग्राम पंचायत सरपंच द्रोपदी देवी मीणा,ग्राम विकास अधिकारी राजिया सुल्तान के प्रयास से रामजान की मठ मंदिर से शमशान भूमि तक इंटरलॉकिंग सड़क एवम नाले का निर्माण कार्य करवाया जा रहा है। सरपंच द्रोपदी देवी मीणा ने बताया कि आगे भी ग्रामपंचायत क्षेत्र में पंचायत वासियों के हित में विकास कार्य करवाए जाते रहेंगे। ग्रामपंचायत द्वारा करवाए जा रहे विकास कार्यों की ग्रामीणों द्वारा सराहना की जा रही हैं।</p>
<p><strong>6 वर्ष पूर्व करवाया था मुक्तिधाम का निर्माण</strong><br />रानीबडोद गाव के शमशान किशनगंज की राजस्व सीमा में होने के चलते वर्षा से ग्रामीण अंतिम संस्कार में होने वाली परेशानी का दंश झेल रहे थे लेकिन ग्रामीणों की मांग पर तत्कालीन किशनगंज सरपंच राकेश नागर ने परेशानी को समझते हुए शमशान भूमि को अतिक्रमण मुक्त करवाकर शमशान भूमि पर चारदीवारी, व टीन सेड का निर्माण करवाया जिसमे ग्रामीणों ने भी आर्थिक सहयोग प्रदान किया।</p>
<p><strong>गांव के युवाओं के प्रयास से मुक्तिधाम में लहराई हरियाली</strong><br />गांव के सुभाष ग्रामोत्थान क्रांति मंच की युवा टोली के द्वारा शमशान भूमि में 2 दर्जन से अधिक पौधों का रोपण कर उनकी सार संभाल कि जिससे आज समसान भूमि में पौधे बड़े होकर लहराने लगे हैं अब पौधों से छांव भी मिलने लगी है ग्रामीण युवाओं के द्वारा किए जाने वाले सामाजिक कार्यों की तारीफ करते नहीं थकते। छबड़ा की महिला पार्षद ने सफाई कर्मियों की भर्ती निकालने पर मुख्यमंत्री एवं स्वायत्त शासन मंत्री का जताया आभार। </p>
<p><strong>इनका कहना है </strong><br />ग्राम पंचायत द्वारा मठ मंदिर से शमशान भूमि तक इंटरलॉकिंग सड़क मय नाला निर्माण होने से आमजन को राहत मिलेगी।<br /><strong>- आकाश, ग्रामीण, रानीबडोद </strong></p>
<p>शमशान भूमि की सड़क के लिए बहुत संघर्ष किया। अब सड़क निर्माण होने से आमजन को राहत मिलेगी। शमशान भूमि को आदर्श शमशान बनाएंगे।<br /><strong>- प्रदीप मालव, सदस्य, सुभाष क्रांति मंच</strong></p>
<p>रामजानकी मठ मंदिर से लेकर शमशान तक इंटरलॉकिंग सड़क एवं नाला निर्माण लगभग 20 लाख रुपए की लागत से किया जा रहा है। जिससे आमजन को होने वाली परेशानी से राहत मिलेगी। <br /><strong>- द्रोपदीदेवी मीणा,  सरपंच, रानीबडौद</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>बारां</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/the-road-will-be-rejuvenated-at-a-cost-of-twenty-lakhs/article-48562</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/baran/the-road-will-be-rejuvenated-at-a-cost-of-twenty-lakhs/article-48562</guid>
                <pubDate>Mon, 12 Jun 2023 15:13:38 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2023-06/20-lakh-ki-laagat-sadak-marg-ka-hoga-kayakalp....kishanganj%2C-baran-news-12-06-2023.jpg"                         length="580493"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[kota]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        