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                <title>प्रदेश में गर्मी का सितम : लू चलने से आमजन का हाल बेहाल, राहत के आसार नहीं </title>
                                    <description><![CDATA[ राज्य में आगामी 24 घंटों के दौरान तापमान में विशेष परिवर्तन नहीं होने व तत्पश्चात 2 से 4 डिग्री गिरावट होने की संभावना है। 20 अप्रैल से हीट वेव से राहत मिलने की प्रबल संभावना है। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-condition-of-common-people-is-not-expected-due-to/article-111102"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-03/temprature-heat.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश में गर्मी का सितम लगातार बढ़ रहा है। तापमान बढ़ने और लू चलने से आमजन का गर्मी से हाल बेहाल हो गया है। वहीं फिलहाल गर्मी से राहत मिलने के कोई आसार नहीं है। वहीं मौसम विभाग केंद्र जयपुर से मिली जानकारी के अनुसार आज कोटा, अजमेर, जयपुर संभाग में एक दो स्थानों पर मेघगर्जन के साथ हल्की बारिश, अचानक तेज हवाएं 40-50 किमी दर्ज होने व कल से आगामी में 4-5 दिन मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है।</p>
<p>जोधपुर, बीकानेर संभाग के कुछ भागों में अधिकतम तापमान 44 से 46 डिग्री दर्ज होने और कुछ भागों में हीट वेव कहीं-कहीं तीव्र हीटवेव की प्रबल संभावना है। राज्य में आगामी 24 घंटों के दौरान तापमान में विशेष परिवर्तन नहीं होने व तत्पश्चात 2 से 4 डिग्री गिरावट होने की संभावना है। 20 अप्रैल से हीट वेव से राहत मिलने की प्रबल संभावना है। 18-19 अप्रैल को पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर, बीकानेर संभाग के कुछ भागों में तेज सतही हवाएं/धूल भरी आंधी 30-40 किमी चलने की प्रबल संभावना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 17 Apr 2025 17:02:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur ]]></dc:creator>
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                <title>अमरनाथ यात्रा 30 जून से शुरू, आठ लाख भक्तों के शामिल होने की उम्मीद, आतंकवादियों से ज्यादा खतरा</title>
                                    <description><![CDATA[श्रीनगर। केंद्रशासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में कुछ दिनों बाद अमरनाथ यात्रा शुरु होने वाली है। सेना ने शनिवार को कहा कि पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष वार्षिक तीर्थयात्रा के लिए ज्यादा खतरा बना हुआ है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/amarnath-yatra-begins-on-june-30--eight-lakh-devotees-expected-to-attend--more-danger-than-terrorists/article-13015"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-06/amarnath-yatra.jpg" alt=""></a><br /><p>श्रीनगर। केंद्रशासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में कुछ दिनों बाद अमरनाथ यात्रा शुरु होने वाली है। सेना ने शनिवार को कहा कि पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष वार्षिक तीर्थयात्रा के लिए ज्यादा खतरा बना हुआ है। गौरतलब है कि 43 दिवसीय अमरनाथ यात्रा 30 जून से शुरू होने जा रही है।<br /><br />सेना के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा केन्द्रशासित प्रदेश में सुगम तीर्थयात्रा के लिए इस समय और अधिक सुरक्षा बलों की तैनाती की गईं है।  अधिकारी ने कहा, ''इस साल खतरे की आशंका बढ़ गई है। हम आम तौर पर हर साल वार्षिक अमरनाथ यात्रा को निशाना बनाने वाले आतंकवादियों के बारे में इनपुट मिलते है, लेकिन इस वर्ष इस प्रकार के ज्यादा इनपुट्स मिल रहे हैं। इस साल खतरे की आशंका बढ़ गई है।'' उल्लेखनीय है कि कोरोना महामारी के कारण दो साल के लंबे अंतराल के बाद इस बार अमरनाथ यात्रा का आयोजन हो रहा है। अधिकारियों को उम्मीद है कि पहले की तुलना में इस वर्ष तीर्थयात्रियों की संख्या में बड़ी ज्यादा बढ़ोतरी होगी और इस वार्षिक यात्रा में करीब छह से आठ लाख लोगों के हिस्सा लेने की उम्मीद है। <br /><br />उन्होंने कहा, ''पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष तीन से चार गुना ज्यादा सुरक्षा बलों के जवानों की तैनाती की गईं है।'' अधिकारी ने हालांकि जोर देकर कहा कि वह यह नहीं कह रहे हैं कि उन्होंने सुरक्षा को सौ फीसदी फुलफ्रूफ इंतजाम किए हैं। जम्मू से बर्फानी बाबा की गुफा तक यात्रियों को सुरक्षित पहुंचाने के लिए सुरक्षा के त्रिस्तरीय सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं। इसमें पुरुषों के अलावा सुरक्षा ड्रोन, सीसीटीवी कैमरे और रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन टैग होंगे। उल्लेखनीय है कि इस महीने पूरे कश्मीर में 29 आतंकवादियों का सफाया किया गया है। पुलिस ने दावा किया है कि इनमें से दो आतंकवादी वार्षिक अमरनाथ यात्रा को निशाना बनाने की योजना बना रहे थे। एक संदिग्ध आतंकवादी संगठन ने कथित तौर पर इस यात्रा में हमले की धमकी दी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 25 Jun 2022 16:09:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अमरनाथ यात्रा पर इस बार आठ लाख श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद</title>
                                    <description><![CDATA[बाबा अमरनाथ की यात्रा 30 जून से शुरू हो रही है जो 11 अगस्त को संपन्न होगी।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/bharat/eight-lakh-pilgrims-expected-this-time-on-amarnath-yatra/article-7791"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-04/amarnath-yatra-.jpg" alt=""></a><br /><p>जम्मू। बाबा अमरनाथ की वार्षिक यात्रा पहले से दोगुना होने की उम्मीद है। इस बार छह से आठ लाख के करीब श्रद्धालु यात्रा पर आ सकते हैं। जम्मू-कश्मीर प्रशासन आठ लाख श्रद्धालुओं का स्वागत करने के लिए तैयारियां कर रहा है। केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्रालय के सचिव अपूर्व चंद्रा ने सोमवार को श्रीनगर में मुख्य सचिव अरुण कुमार मेहता, जम्मू व कश्मीर के डिवीजनल कमिश्नर, डिप्टी कमिश्नर, श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड के अधिकारियों के साथ बैठक कर यात्रा के प्रचार, प्रसार, प्रबंधों पर विचार विमर्श किया। बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में अपूर्व चंद्रा ने कहा कि बैठक में बताया गया कि इस बार यात्रा पर बहुत बढ़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। छह से आठ लाख श्रद्धालु यात्रा पर आ सकते हैं। उसी तरीके से प्रशासन प्रबंध कर रहा है। श्रद्धालुओं को ठहराने, पीने की पानी, बिजली, साफ सफाई, आदि के प्रबंध अधिक संख्या में श्रद्धालुओं के आने को देखते हुए किए जा रहे हैं। श्रद्धालुओं को सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए उठाए जाने वाले कदमों की जानकारी हर राज्य व केंद्र शासित प्रदेश में विभिन्न भाषाओं में दी जाएगी। हमने बैठक में सुझाव दिया है कि एक या दो मिनट की छोटी फिल्म बनाई जाए जो सिर्फ यात्रा पर आधारित न हो बल्कि कश्मीर की चीजों से संबंधित जानकारी भी हो, इसे देश के थियेटर में दिखाया जाए। सुरक्षा प्रबंधों पर चंद्रा ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए कदम उठाए जाएंगे। राष्ट्रीय जांच एजेंसियों अपना काम कर रही हैं। कश्मीर में सुरक्षा बेहतर है जिसका पता कश्मीर में आ रहे पर्यटकों की संख्या से लगता है। सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध होंगे। श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी राहुल सिंह ने कहा कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं का पता लगाने व निगरानी करने के लिए आरएफआइडी सिस्टम अपनाया जाएगा। जब यात्री जम्मू-कश्मीर में प्रवेश करेंगे तो यह सिस्टम शुरू हो जाएगा। यह श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए होगा।  रामबन जिला में नया यात्री निवास बनाया गया है जिसमें तीन हजार से अधिक यात्रियों को ठहराने की व्यवस्था होगी।</p>
<p><br /> इस साल बीमा कवर तीन लाख से बढ़ाकर पांच लाख किया गया है। पर्यावरण संबंधी मुद्दों पर उन्होंने कहा कि सिर्फ यात्रा मार्ग पर ही नहीं साफ-सफाई के पर्याप्त प्रबंध होंगे बल्कि साथ लगते अन्य इलाकों में इस पर पूरा ध्यान दिया जाएगा। बताते चलें कि बाबा अमरनाथ की यात्रा 30 जून से शुरू हो रही है जो 11 अगस्त को संपन्न होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 12 Apr 2022 13:26:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>दो नई टीमों में आज विस्फोटक मुकाबला</title>
                                    <description><![CDATA[लखनऊ के कप्तान लोकेश राहुल और गुजरात के कप्तान हार्दिक पांड्या हैं और दोनों कप्तानों का लक्ष्य विजयी शुरुआत करना होगा। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/khel/-two-new-teams-of-ipl--lucknow-super-giants-and-gujarat-titans--are-expected-to-have-a-fierce-clash-in-the-ipl-match/article-6869"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-03/k-l-rahul.jpg" alt=""></a><br /><p>मुंबई।  आईपीएल की दो नई टीमों लखनऊ सुपर जायंट्स और गुजरात टाइटंस के बीच आईपीएल के सोमवार को होने वाले मुकाबले में जबरदस्त भिड़ंत होने की पूरी उम्मीद है।  दोनों टीमें अपना अभियान विजयी अंदाज में शुरू करने उतरेंगी। लखनऊ के कप्तान लोकेश राहुल और गुजरात के कप्तान हार्दिक पांड्या हैं और दोनों कप्तानों का लक्ष्य विजयी शुरुआत करना होगा। <br /><br /><strong>स्टॉयनिस, होल्डर और मेयर्स बाद में जुडेंगे</strong> <br />इंग्लैंड के तेज गेंदबाज मार्क वुड कोहनी में चोट की वजह से पूरी प्रतियोगिता से बाहर हो गए हैं। मार्कस स्टॉयनिस, जेसन होल्डर और काइल मेयर्स भी टीम के साथ आईपीएल के पहले हफ्ते के बाद ही जुड़ पाएंगे। ये सभी खिलाड़ी अपनी-अपनी राष्ट्रीय टीम की ओर से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में व्यस्त हैं। क्विंटन डिकॉक पावरप्ले में आक्रामक हो सकते हैं और लंबी पारी भी खेल सकते हैं। लेकिन कप्तान  लोकेश  राहुल किस अंदाज में खेलेंगे, ये देखना दिलचस्प होगा। पिछले तीन सीजन में मनीष पांडे का स्ट्राइक रेट 127.52 का ही रहा है, पूरी उम्मीद है कि उन्हें नंबर-3 पर खेलने का मौका मिलेगा। लिहाजा ये माना जा सकता है कि पावरप्ले में राहुल दूसरे बल्लेबाज होंगे जो आक्रामक शैली में खेलें जबकि ऐंकर की भूमिका में मनीष नजर आ सकते हैं।<br /><br /><strong>क्रुणाल-होल्डर भी समय के साथ खेल में बदलाव ला सकते है</strong><br />मार्कस स्टॉयनिस और दीपक हुड्डा के तौर पर लखनऊ के पास दो ऐसे बल्लेबाज भी मौजूद हैं जो पहली ही गेंद से बड़ी-बड़ी हिट लगाने में सक्षम हैं। साथ ही साथ बाएं हाथ के बल्लेबाज क्रुणाल पांड्या और वेस्टइंडीज के आॅलराउंडर जेसन होल्डर भी ऐसे खिलाड़ी हैं जो वक्त के हिसाब से अपने खेल में बदलाव ला सकते हैं। अगर इस टीम के बेंच पर नजर ंडालें तो बल्लेबाजी में एविन लुईस के अलावा और कोई बड़ा नाम मौजूद नहीं है। लुईस सलामी बल्लेबाजी में भी डिकॉक का बैकअप हो सकते हैं, उस परिस्थिति में राहुल को दस्तानों के साथ विकेट के पीछे जिम्मेदारी निभानी होगी। इनके अलावा काइल मेयर्स और मनन वोहरा हैं, ये भी शीर्ष क्रम के बल्लेबाज ही हैं, जहां पहले से ही लखनऊ के पास कई विकल्प मौजूद हैं।<br /><br />हंगामा ए बेट-बॉल<br />लबे गेप के बाद में<br />फिर आनंद विभोर, <br />दर्शक दीर्घाएं भरी<br />बीता काला दौर.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 28 Mar 2022 12:44:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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                <title>ब्याज दरें यथावत</title>
                                    <description><![CDATA[भारतीय रिजर्व बैंक ने महंगाई और अर्थव्यवस्था में अपेक्षित सुधार न आने पर चिंता जताते हुए लगातार दसवीं बार भी ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/opinion/%E0%A4%AC%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%9C-%E0%A4%A6%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AF%E0%A4%A5%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%A4/article-4451"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-02/shaktikanta-das_rbi_governor.jpeg" alt=""></a><br /><p>भारतीय रिजर्व बैंक ने महंगाई और अर्थव्यवस्था में अपेक्षित सुधार न आने पर चिंता जताते हुए लगातार दसवीं बार भी ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। प्रमुख नीतिगत दर रेपो को 4 प्रतिशत पर बरकरार रखा है। यानी लोन ईएमआई पर राहत के लिए ग्र्राहकों को अभी और इंतजार करना पड़ेगा। रेपो रेट में कटौती के बाद बैंकों पर ब्याज दर में कटौती करते हैं तो ईएमआई भी कम हो जाती है। आरबीआई गर्वनर शक्ति कांत दास ने कहा कि मार्च तक महंगाई के और बढ़ने की संभावना है और सितंबर के बाद धीरे-धीरे राहत की उम्मीद की जा सकती है। बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने नीतिगत दरों में कोई बदलाव न करके साफ कर दिया है कि उसकी प्राथमिकता विकास को रफ्तार देना है। जबकि इस बार बाजार से लेकर उद्योग जगत तक को नीतिगत दरों में बढ़ोतरी की उम्मीद थी। फिर, कुछ समय से आरबीआई भी इस तरह के संकेत देते रहा है कि अब अर्थव्यवस्था उबरने लगी है और हालात सामान्य की ओर हैं, ऐसे में नीतिगत दरों को लंबे समय तक न्यूनतम स्तर पर बनाए रखना  न संभव है, न उचित। इस बार नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं किया जाना इस बात का स्पष्ट संकेत हैं कि अर्थव्यवस्था अभी अनिश्चितता के माहौल से निकल नहीं पाई है। इसलिए 2022-23 के प्रस्तावित बजट में भी सरकार का जोर उन उपायों पर ही रहा है, जिनसे बुनियादी क्षेत्र में तेजी का माहौल बन सकें और रोजगार के मौके बन सकें। जाहिर है ऐसे में रिजर्व बैंक नीतिगत दरें बढ़ाकर जोखिम मोल लेने की स्थिति में था नहीं। नीतिगत दरों में बदलाव न करने का पीछे का कारण यही रहा है कि वाणिज्यिक बैंक दरें न बढ़ा सकें और कर्ज सस्ता बना रहे। सरकार का जो पहले से ही यही रहा है कि बैंक कर्ज देने में उदार बनें रहें ताकि आर्थिक गतिविधियों में तेजी बनी रहे। लेकिन समस्या तो यह है कि जो लोग या उद्योग अब तक कर्ज लेने से बचते रहे, वे अब इसे प्राथमिकता क्यों देंगे? हालांकि जिसको जरूरत होगी, वह तो मजबूरी में कर्ज लेगा ही। रिजर्व बैंक ने हालांकि कर्ज को सस्ता बनाए रखने का प्रयास तो किया है, लेकिन यह मान लेना कि इससे अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी, सही और व्यावहारिक प्रतीत नहीं होता। निजी निवेश गति नहीं पकड़ रहा है, उत्पादन घट रहा है, क्योंकि बाजार में मांग की कमी है। बेरोजगारी की दर का दायरा काफी बड़ा है। लोगों के पास खर्च करने को पैसा नहीं है। बाजार में मांग बढ़ाना आसान नहीं है, फिर महंगाई ने सब कुछ चौपट कर रखा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपिनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 14 Feb 2022 14:25:38 +0530</pubDate>
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                <title>इसी माह पीक संभव, 15 फरवरी तक राहत की उम्मीद, प्रदेश में कोरोना की तीसरी लहर : 26 से 28 दिन में पीक आने और 52 दिन लहर रहने की आशंका</title>
                                    <description><![CDATA[जयपुर में पहले आई तीसरी लहर, सबसे पहले हो सकती है खत्म]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%87%E0%A4%B8%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B9-%E0%A4%AA%E0%A5%80%E0%A4%95-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%AD%E0%A4%B5--15-%E0%A4%AB%E0%A4%B0%E0%A4%B5%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%A4%E0%A4%95-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A4%A4-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%89%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A5%80%E0%A4%A6--%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%A8%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%A4%E0%A5%80%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%B2%E0%A4%B9%E0%A4%B0---26-%E0%A4%B8%E0%A5%87-28-%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%A8-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AA%E0%A5%80%E0%A4%95-%E0%A4%86%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%94%E0%A4%B0-52-%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%A8-%E0%A4%B2%E0%A4%B9%E0%A4%B0-%E0%A4%B0%E0%A4%B9%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%86%E0%A4%B6%E0%A4%82%E0%A4%95%E0%A4%BE/article-3934"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2022-01/13.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजस्थान में सामान्य कोविड से 12 से 13 गुना और जानलेवा डेल्टा वैरिएंट से 6 गुना संक्रमण दर वाले ओमिक्रॉन से प्रदेश तीसरी लहर में सात जनवरी से चपेट में है। इस दिन प्रदेश की संक्रमण दर लहर माने जाने वाले पांच फीसदी संक्रमण दर की लक्ष्मण रेखा से ज्यादा 5.72 फीसदी थी। पहली और दूसरी लहर के दिन और पीक समयावधि, वायरस की संक्रमण दर, लॉकडाउन में ज्यादा रियायतें, आमजन के आपसी मेलजोल पिछली लहरों के मुताबिक ज्यादा होने के कारण इस बार लहर की समयावधि जल्द समाप्त होने और पीक एक माह से कम समयावधि में आने की उम्मीद है। उम्मीद है कि 25 से 27 जनवरी तक तीसरी लहर का पीक आ जाएगा। वहीं 15 फरवरी तक ओमिक्रॉन संक्रमण से आमजन को राहत मिल सकती है। वही जयपुर में गत तीन जनवरी को ही तीसरी लहर की एंट्री हो गई थी। ऐसे में जयपुर में सबसे पहले तीसरी लहर आई है और  पीक व राहत भी यहां सबसे पहले मिलने की उम्मीद है। कोरोना का पहला केस प्रदेश में गत 2 मार्च 2020 को आया था। इसके बाद प्रदेश में जून तक कोरोना के केस धीरे-धीरे बढ़ने लगे। केसों की रफ्तार जुलाई 2020 से 144 दिन बाद 24 नवम्बर तक तेजी से बढ़ती रही। 24 नवंबर को 3314 केस एक दिन में आए थे। इसके बाद संक्रमण कम होने लगा और राहत कुल 184 दिन बाद यानी 31 दिसंबर के आसपास मिली। दूसरी लहर में केसों के बढ़ने का सिलसिला मार्च 2021 से शुरू हुआ। 64 दिन बाद यानी कुल दूसरी लहर के करीब आधे दिन बाद 2 मई को 18298 केस के साथ संक्रमण पीक पर था। फिर केस कम होते गए और राहत 122 दिन बाद यानी 30 जून को मिली। चूंकि सामान्य कोविड वायरस से डेल्टा की संक्रमण दर छह गुना ज्यादा है। तब दूसरी लहर में संक्रमण से राहत में 62 दिन कम रहे। इस हिसाब से राहत 52 दिन में मिलने की उम्मीद है। तीसरी लहर में केस बढ़ने की रफ्तार 30 दिसंबर से शुरू हुई थी। ऐसे में उम्मीद है कि 15 फरवरी के आसपास ओमिक्रॉन संक्रमण से बड़ी राहत मिल जाए। वहीं पीक दूसरी लहर के मुताबिक करीब आधे यानी 26-28 दिन में यानी 25-27 जनवरी के आसपास आ सकता है। कोरोना के इलाज, स्टडी और वायरस की फितरत के अनुसार विषय विशेषज्ञ भी इसी समयावधि का आंकलन कर रहे हैं। <br /><br /><span style="color:#ff0000;"><strong>(पहली लहर में दहशत ज्यादा रही, 144 दिन में पीक, 184 दिन में 3,08,243 शिकार हुए, 2696 ने दम तोड़ा)</strong></span><br /><br />प्रदेश में कोरोना का पहला मरीज 2 मार्च, 2020 में आया था, लेकिन लहर जैसे हालात जुलाई 2020 से बने। तब जुलाई में पहली बार सर्वाधिक 24062 नए संक्रमित आए। 31 दिसम्बर, 2020  तक संक्रमण लगातार बढ़ा। लहर का पीक 24 नवंबर, 2020 को था।  तब एक दिन में सर्वाधिक 3314 लोग संक्रमित आए थे। नवंबर में तब कुल 71,070 केस आए थे। 2021 में संक्रमण कम होना शुरू हुआ था। अगर जुलाई 2020 से दिसंबर 2020 तक लहर की समयावधि माने तो उस दौरान प्रदेश में 2 लाख 90 हजार 344 लोग संक्रमित हुए थे और 2241 लोगों की जान गई थी। इसके बाद मरीज कम हो गए। फरवरी 2021 में तब रोजाना 10 से 15 केस ही आ रहे थे। मार्च 2020 से दिसंबर 2020 तक प्रदेश में 3 लाख 8 हजार 243 लोग संक्रमित और 2696 लोगों की जान गई थीं। <br /><br /><span style="color:#ff0000;"><strong><br />(दूसरी लहर में मौतों से कांप उठा था प्रदेश, 64 दिन में पीक , 122 दिन में 6,32,639 शिकार हुए, 6152 ने दम तोड़ा)</strong></span><br /><br />प्रदेश में मार्च 2021 से फिर मरीज बढ़ना शुरू हो गए थे। इस माह 13366 नए रोगी आए। हालांकि मौतें केवल 31 ही हुई, लेकिन कोरोना का जानलेवा डेल्टा वेरिएंट फैला। अप्रैल में ही 2 लाख 64 हजार 852 केस पहली बार इस लहर में आए और मौतें भी पहली लहर के छह माह से ज्यादा एक माह में ही 2588 हो गई। मई में कोरोनाकाल का सबसे भयावह काल रहा। हालांकि दूसरी लहर का पीक 64 दिन बाद 2 मई, 2021 को आया। इस दिन 18298 केस आए थे। वहीं प्रदेश में 3 लाख 41 हजार 957 लोग संक्रमित हुए और 4154 जिंदगियों ने दम तोड़ दिया। जून के अंत में लहर का खात्मा हुआ। दूसरी लहर में प्रदेश में कुल 6 लाख 32 हजार 639 लोग संक्रमित हुए और 6152 लोगों की जाने गई।<br /><span style="color:#ff0000;"><strong><br />तीसरी लहर : अब तक 26505 केस आए, मौतों से राहत रहेगी, पीक पर 35,000 केस आने की आशंका</strong></span><br />प्रदेश में 30 दिसम्बर, 2021 से केस बढ़ना शुरू हुए हैं। सात जनवरी से लहर मानी जा रही है, क्योंकि इस दिन संक्रमण दर 5 फीसदी से ज्यादा शुरू हो गई थी। 12 दिन की अवधि में  225 से केस 6095 यानी 3691 फीसदी केस बढ़े हैं। लहर के बाद करीब 9-10 फीसदी की रफ्तार से रोजाना केस बढ़ रहे हैं। ऐसे में विषय विशेषज्ञों के अनुसार करीब 35 हजार के करीब मरीज पीक पर एक दिन में आ सकते हैं। वहीं तीसरी लहर की समाप्ति तक करीब 8-9 लाख के करीब लोगों के जांच में संक्रमित होने की आशंका है। हालांकि दूसरी लहर के मुकाबले राहत यह है कि बारह दिन में अभी 11 ही मौतें हुई है। ऐसे में मौतों का कोहराम इस बार काफी कम होने की संभावना के चलते बड़ी राहत की बात रहेगी। <br /><br />सारी चीजों का आंकलन करें तो करीब 3 से 4 हफ्ते यानी 25 जनवरी के आसपास पीक आने की उम्मीद है। फरवरी के मध्य में संक्रमण से बड़ी राहत मिलने की पूरी संभावना है। -<strong>डॉ. वीरेन्द्र सिंह, सीनियर विशेषज्ञ</strong><br /><br />वायरस की फितरत के बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता। लेकिन संक्रमण की रफ्तार से लगता है कि इस माह के अंत में पीक आएगा। राहत 15-20 फरवरी के करीब मिल सकती है। -<strong>डॉ. सीएल नवल, सीनियर प्रोफेसर, एसएमएस मेडिकल कॉलेज</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 11 Jan 2022 11:21:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Administrator]]></dc:creator>
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                <title>बिजली संकट के बीच कुछ राहत</title>
                                    <description><![CDATA[कालीसिंध तापीय विद्युतगृह में उत्पादन शुरू]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/%E0%A4%AC%E0%A4%BF%E0%A4%9C%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%95%E0%A4%9F-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A5%80%E0%A4%9A-%E0%A4%95%E0%A5%81%E0%A4%9B-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A4%A4/article-1555"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/kota-tharmal.jpg-mks.jpg" alt=""></a><br /><p><strong> जयपुर</strong>। राज्य की कालीसिंध तापीय विद्युतगृह की 600 मेगावाट उत्पादन क्षमता की बंद इकाई में शनिवार से उत्पादन शुरु हो गया है। ऐसे में प्रदेश में गहराए बिजली संकट से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही राज्य के कोल ब्लॉक्स से पिछले दिन की तुलना में कोयले की करीब ढाई रेक अधिक डिस्पेच हुई है जो रविवार तक पहुंचने की संभावना है। यह जानकारी देते हुए अतिरिक्त मुख्य सचिव एनर्जी डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि कोल ब्लॉक से इससे पहले सात से साढ़े सात रेक कोयला आ रहा था। कोल इंडिया से भी कोयले की आपूर्ति बढ़वाने के उच्च स्तर पर प्रयास जारी है। डॉ. अग्रवाल ने शनिवार को विद्युत भवन में बिजली निगमों के उच्च अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार के कोयला सचिव अनिल जैन से दूरभाष पर चर्चा कर विद्युत उत्पादन निगम और अडानी के संयुक्त उपक्रम परसा ईस्ट एवं कांता बासन कोल ब्लॉक से कोयले की अधिक आपूर्ति के लिए सहमति हो गई है जिससे आने वाले दिनों में इन ब्लाकों से अधिक कोयला मिलने लगेगा। उन्होंने बताया कि शटडाउन या अन्य कारणों से बंद इकाइयों में भी शीघ्र ही उत्पादन शुरु करवाया जा रहा है।</p>
<p><strong><br /> एक अधिकारी को भेजा बिलासपुर</strong><br /> डॉ. अग्रवाल ने बताया कि सरकार ने एक अधिकारी एसपी अग्रवाल को बिलासपुर भेजा गया है। इससे पहले कई अधिकारियों को बिलासपुर भेजा गया है ताकि वहां से कोयले की आपूर्ति के लिए समन्वय बनाकर कोयले की रेक रवानगी करा सके। अग्रवाल ने बताया कि विभाग द्वारा रोस्टर के आधार पर ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में विद्युत कटौती की जा रही है और इसकी पूर्व सूचना दी जा रही है।</p>
<p><strong><br /> 12650 मेगावाट बिजली की रही मांग</strong><br /> डॉ. अग्रवाल ने बताया कि शनिवार को प्रदेश में ओसत 10267 मेगावाट व अधिकतम 12650 मेगावाट बिजली की मांग रही। राज्य में 8657 मेगावाट की उपलब्धता रही। <br /> <br /> <strong>लगातार कोयले की रैक मिलने से जारी है बिजली उत्पादन : कोटा थर्मल भी बना प्रदेश का संकट मोचक</strong><br /> राजस्थान में कोयले की कमी के चलते कई बिजली घरों में यूनिटें बंद हो रही हैं। बिजली उत्पादन पर असर पड़ा है लेकिन कोटा थर्मल पावर स्टेशन में 6 यूनिटों में लगातार उत्पादन हो रहा है। कोटा थर्मल में अभी  1000 मेगावाट उत्पादन हो रहा है, जो प्रदेश को ग्रिड से करीब एक तिहाई बिजली उपलब्ध करवा रहा है।  अधिकारियों के अनुसार वर्तमान में आ रही रैक और स्टॉक को मिलाकर बात की जाए तो कोटा थर्मल के पास चार दिन का स्टॉक पड़ा हुआ है। रोज रैक आ रही है। हालांकि यहां पर भी कब कोयले की कमी का असर दिखने लग जाए कहा नहीं जा सकता। खुद थर्मल के अधिकारी मानते हैं कि अभी तो काम चल रहा है आगे का कुछ नहीं कहा जा सकता है। लेकिन वर्तमान में बिजली घरों में संकटमोचक की भूमिका कोटा थर्मल निभा रहा है। कोयले की उपलब्धता, स्टॉक और डिमांड व उत्पादन को देखते हुए कोटा थर्मल भी सुपर क्रिटिकल स्थिति में है।  लेकिन अभी मात्र 4 दिन का कोयला यहां पर बाकी है।  रोज कोयले की चार से पांच रैक यहां पहुंच रही हैं। रोज रैक मिलने के चलते स्टॉक बचा हुआ है। जिससे लगातार बिजली की जितनी खपत हो रही उतनी ही मात्रा में यहां कोयला उपलब्ध हो रहा है।<br /> <br /> <strong>130 गाड़ियों का एलॉटमेंट</strong><br /> कोटा थर्मल में इस महीने कोयले की 130 माल गाड़ियों का एलॉटमेंट है। ऐसे में कोटा थर्मल पावर प्लांट के पास 47 हजार मैट्रिक टन से ज्यादा कोयला उपलब्ध है। कोटा थर्मल सुपरक्रिटिकल स्थिति में होने के बाद भी लगातार उत्पादन कर रहा है और कोयले का संकट फिलहाल यहां नजर नहीं आ रहा है।</p>
<p><br /> <strong>एक यूनिट है बंद</strong><br /> थर्मल की 6 नंबर यूनिट सालाना रखरखाव के लिए बंद है। 195 मेगावाट की यूनिट 15 दिनों से बंद है। अधिकारियों के अनुसार राज्य सरकार ने 3 दिन में इस यूनिट को भी चालू करने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में इसे भी जल्द लाइटप कर उत्पादन शुरू किया जाएगा।<br /> <br /> <strong>स्टॉक हो रहा है सरप्लस</strong><br /> अधिकारियों के अनुसार थर्मल में जैसे ही कोयले की रैक आ रही है अधिकतर को बंकरों में ही खाली करवाया जा रहा है। रोज 17 हजार मैट्रिक टन कोयले की खपत हो रही है लेकिन करीब 28 हजार मैट्रिक टन कोयला रोज मिल रहा है। ऐसे में स्टॉक मेटेंन रहने के साथ साथ बढ़ भी रहा है।</p>
<p><br /> <strong>इनका कहना है</strong><br /> हमे रोज रैक मिल रही है इसलिए दिक्कत नहीं आई। स्टॉक हमारे पास है, पूरी क्षमता से उत्पादन भी कर रहे हैं। एक यूनिट वार्षिक शटडाउन पर है । उसे भी जल्द लाइटअप कर चालू कर दिया जाएगा। आगे के बारे में तो कह नहीं सकते, लेकिन अभी हमारे पास उत्पादन के अनुरूप कोयला आ रहा है।<br /> -वीके गोलानी, चीफ इंजीनियर, थर्मल <br />  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>कोटा</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 10 Oct 2021 11:11:59 +0530</pubDate>
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