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                <title> मौजूदा सरकार ने दी प्रदेश के 10 लाख ग्रामीण परिवारों को 'हर घर जल' कनेक्शन की सौगात</title>
                                    <description><![CDATA[जेजेएम के आरम्भ से अब तक हर दिन औसतन 1200 परिवारों को मिला 'हर घर जल' कनेक्शन]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/%E0%A4%AE%E0%A5%8C%E0%A4%9C%E0%A5%82%E0%A4%A6%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%A8%E0%A5%87-%E0%A4%A6%E0%A5%80-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6-%E0%A4%95%E0%A5%87-10-%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%96-%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%AE%E0%A5%80%E0%A4%A3-%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%95%E0%A5%8B--%E0%A4%B9%E0%A4%B0-%E0%A4%98%E0%A4%B0-%E0%A4%9C%E0%A4%B2--%E0%A4%95%E0%A4%A8%E0%A5%87%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B6%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A5%8C%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%A4/article-3049"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-12/phed-meeting.jpg" alt=""></a><br /><p>जयपुर। मौजूदा सरकार ने जल जीवन मिशन (जेजेएम) के तहत अब तक प्रदेश में 10 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों को 'हर घर जल' कनेक्शन की सौगात दे दी है। प्रदेश के ग्रामीण परिवारों को घर बैठे नल के माध्यम से स्वच्छ पेयजल आपूर्ति की यह महत्वाकांक्षी योजना अगस्त 2019 में आरम्भ हुई थी, उस समय राजस्थान के एक करोड़ एक लाख 44 हजार 997 ग्रामीण परिवारों में से केवल 11 लाख 74 हजार 131 परिवारों तक ही 'हर घर जल' कनेक्शन की पहुंच थी, लेकिन अब राजस्थान में जेजेएम के तहत 10 लाख एक हजार 546 ग्रामीण परिवारों को नए नल कनेक्शन दिए जा चुके है, इस प्रकार प्रदेश के 21 लाख 75 हजार से अधिक परिवारों को अपने घर पर नल से पेयजल आपूर्ति की सेवाएं मिल रही हैं।<br /><br /><strong>निर्धारित लक्ष्य के लिए युद्ध स्तर पर कार्य</strong><br />जलदाय मंत्री डॉ. महेश जोशी ने यह जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में वर्ष 2024 तक सभी ग्रामीण परिवारों को 'हर घर जल' कनेक्शन से जोड़ना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रदेश में जेजेएम के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) द्वारा योजनाबद्ध तरीके से ग्रामीण पेयजल परियोजनाओं को गति देते हुए युद्ध स्तर पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 तक जिन परिवारों को 'हर घर जल' कनेक्शन से जोड़ा जाना है, उनकी सभी स्वीकृतियों का कार्य लगभग पूर्ण हो गया है। इनकी तकनीकी स्वीकृति की प्रक्रियाओं को भी तेजी से पूरा किया जा रहा है।<br /><br /><strong>जेजेएम में अब तक रोजाना 1200 नए परिवारों को कनेक्शन</strong><br />डॉ. जोशी ने बताया कि पेयजल प्रबंधन के लिहाज से राज्य की विषम भौगोलिक परिस्थितियों, मरूस्थल बाहुल्य क्षेत्र और बहुत कम मात्रा में भूजल की उपलब्धता जैसी चुनौतियों के बीच वर्तमान सरकार ने प्रदेश के गांव-ढ़ाणियों को जेजेएम के तहत 'हर घर जल' कनेक्शन की सुविधा देने के लिए दूरगामी सोच के साथ कार्य किया है। जल जीवन मिशन की घोषणा से लेकर अब तक प्रतिदिन औसतन 1200 नए परिवारों को घर बैठे स्वचछ पेयजल आपूर्ति से जोड़ते हुए राजस्थान में 10 लाख एक हजार 546 परिवारों को 'हर घर जल' कनेक्शन की सुविधा मुहैया कराई जा चुकी है। उन्होंने बताया कि आगामी करीब सवा दो साल की अवधि में प्रदेश के शेष ग्रामीण परिवारों को 'हर घर जल' कनेक्शन देने पर पूरी तरह फोकस करते हुए 'मिशन मोड' में कार्य किया जाएगा, इसके लिए अधिकारियों को और कड़ी मेहनत करने के निर्देश दिए गए हैं।<br /><strong><br />32 हजार 709 गांवों में करीब 80 लाख 'हर घर जल' कनेक्शन स्वीकृत</strong><br />जलदाय मंत्री ने बताया कि प्रदेश में वर्ष 2021 में फरवरी माह से अब तक औसतन हर माह राज्य स्तरीय योजना स्वीकृति समिति (एसएलएसएससी) की एक बैठक आयोजित की गई है। इस दौरान आयोजित 11 बैठकों के बाद वर्तमान में प्रदेश के 32 हजार 709 गांवों के लिए 123 वृहद पेयजल और 8361 मल्टी एवं सिंगल विलेज परियोजनाओं सहित कुल 8484 ग्रामीण पेयजल परियोजनाओं में 80 लाख के करीब 'हर घर जल' कनेक्शन की स्वीकृतियां उपलब्ध है, जिन पर 53 हजार 979 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि इसी माह एसएलएसएससी की एक और बैठक प्रस्तावित है, जिसमें राज्य के शेष बचे कार्यों को मंजूरी दी जाएगी।<br /><br /><strong>23 लाख 47 हजार 'हर घर जल' कनेक्शन के कार्यादेश जारी</strong><br />डॉ. जोशी ने बताया कि प्रदेश में इस साल 30 लाख ग्रामीण परिवारों को 'हर घर जल' कनेक्शन देने के लक्ष्य की तुलना में अब तक विभाग द्वारा स्वीकृत ग्रामीण पेयजल परियोजनाओं में 9523 गांवों में 23 लाख 47 हजार 301 'हर घर जल' कनेक्शन के कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Dec 2021 14:09:01 +0530</pubDate>
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                <title>बिजली संकट के बीच कुछ राहत</title>
                                    <description><![CDATA[कालीसिंध तापीय विद्युतगृह में उत्पादन शुरू]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/kota/%E0%A4%AC%E0%A4%BF%E0%A4%9C%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%95%E0%A4%9F-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A5%80%E0%A4%9A-%E0%A4%95%E0%A5%81%E0%A4%9B-%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A4%A4/article-1555"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2021-10/kota-tharmal.jpg-mks.jpg" alt=""></a><br /><p><strong> जयपुर</strong>। राज्य की कालीसिंध तापीय विद्युतगृह की 600 मेगावाट उत्पादन क्षमता की बंद इकाई में शनिवार से उत्पादन शुरु हो गया है। ऐसे में प्रदेश में गहराए बिजली संकट से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही राज्य के कोल ब्लॉक्स से पिछले दिन की तुलना में कोयले की करीब ढाई रेक अधिक डिस्पेच हुई है जो रविवार तक पहुंचने की संभावना है। यह जानकारी देते हुए अतिरिक्त मुख्य सचिव एनर्जी डॉ. सुबोध अग्रवाल ने बताया कि कोल ब्लॉक से इससे पहले सात से साढ़े सात रेक कोयला आ रहा था। कोल इंडिया से भी कोयले की आपूर्ति बढ़वाने के उच्च स्तर पर प्रयास जारी है। डॉ. अग्रवाल ने शनिवार को विद्युत भवन में बिजली निगमों के उच्च अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार के कोयला सचिव अनिल जैन से दूरभाष पर चर्चा कर विद्युत उत्पादन निगम और अडानी के संयुक्त उपक्रम परसा ईस्ट एवं कांता बासन कोल ब्लॉक से कोयले की अधिक आपूर्ति के लिए सहमति हो गई है जिससे आने वाले दिनों में इन ब्लाकों से अधिक कोयला मिलने लगेगा। उन्होंने बताया कि शटडाउन या अन्य कारणों से बंद इकाइयों में भी शीघ्र ही उत्पादन शुरु करवाया जा रहा है।</p>
<p><strong><br /> एक अधिकारी को भेजा बिलासपुर</strong><br /> डॉ. अग्रवाल ने बताया कि सरकार ने एक अधिकारी एसपी अग्रवाल को बिलासपुर भेजा गया है। इससे पहले कई अधिकारियों को बिलासपुर भेजा गया है ताकि वहां से कोयले की आपूर्ति के लिए समन्वय बनाकर कोयले की रेक रवानगी करा सके। अग्रवाल ने बताया कि विभाग द्वारा रोस्टर के आधार पर ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में विद्युत कटौती की जा रही है और इसकी पूर्व सूचना दी जा रही है।</p>
<p><strong><br /> 12650 मेगावाट बिजली की रही मांग</strong><br /> डॉ. अग्रवाल ने बताया कि शनिवार को प्रदेश में ओसत 10267 मेगावाट व अधिकतम 12650 मेगावाट बिजली की मांग रही। राज्य में 8657 मेगावाट की उपलब्धता रही। <br /> <br /> <strong>लगातार कोयले की रैक मिलने से जारी है बिजली उत्पादन : कोटा थर्मल भी बना प्रदेश का संकट मोचक</strong><br /> राजस्थान में कोयले की कमी के चलते कई बिजली घरों में यूनिटें बंद हो रही हैं। बिजली उत्पादन पर असर पड़ा है लेकिन कोटा थर्मल पावर स्टेशन में 6 यूनिटों में लगातार उत्पादन हो रहा है। कोटा थर्मल में अभी  1000 मेगावाट उत्पादन हो रहा है, जो प्रदेश को ग्रिड से करीब एक तिहाई बिजली उपलब्ध करवा रहा है।  अधिकारियों के अनुसार वर्तमान में आ रही रैक और स्टॉक को मिलाकर बात की जाए तो कोटा थर्मल के पास चार दिन का स्टॉक पड़ा हुआ है। रोज रैक आ रही है। हालांकि यहां पर भी कब कोयले की कमी का असर दिखने लग जाए कहा नहीं जा सकता। खुद थर्मल के अधिकारी मानते हैं कि अभी तो काम चल रहा है आगे का कुछ नहीं कहा जा सकता है। लेकिन वर्तमान में बिजली घरों में संकटमोचक की भूमिका कोटा थर्मल निभा रहा है। कोयले की उपलब्धता, स्टॉक और डिमांड व उत्पादन को देखते हुए कोटा थर्मल भी सुपर क्रिटिकल स्थिति में है।  लेकिन अभी मात्र 4 दिन का कोयला यहां पर बाकी है।  रोज कोयले की चार से पांच रैक यहां पहुंच रही हैं। रोज रैक मिलने के चलते स्टॉक बचा हुआ है। जिससे लगातार बिजली की जितनी खपत हो रही उतनी ही मात्रा में यहां कोयला उपलब्ध हो रहा है।<br /> <br /> <strong>130 गाड़ियों का एलॉटमेंट</strong><br /> कोटा थर्मल में इस महीने कोयले की 130 माल गाड़ियों का एलॉटमेंट है। ऐसे में कोटा थर्मल पावर प्लांट के पास 47 हजार मैट्रिक टन से ज्यादा कोयला उपलब्ध है। कोटा थर्मल सुपरक्रिटिकल स्थिति में होने के बाद भी लगातार उत्पादन कर रहा है और कोयले का संकट फिलहाल यहां नजर नहीं आ रहा है।</p>
<p><br /> <strong>एक यूनिट है बंद</strong><br /> थर्मल की 6 नंबर यूनिट सालाना रखरखाव के लिए बंद है। 195 मेगावाट की यूनिट 15 दिनों से बंद है। अधिकारियों के अनुसार राज्य सरकार ने 3 दिन में इस यूनिट को भी चालू करने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में इसे भी जल्द लाइटप कर उत्पादन शुरू किया जाएगा।<br /> <br /> <strong>स्टॉक हो रहा है सरप्लस</strong><br /> अधिकारियों के अनुसार थर्मल में जैसे ही कोयले की रैक आ रही है अधिकतर को बंकरों में ही खाली करवाया जा रहा है। रोज 17 हजार मैट्रिक टन कोयले की खपत हो रही है लेकिन करीब 28 हजार मैट्रिक टन कोयला रोज मिल रहा है। ऐसे में स्टॉक मेटेंन रहने के साथ साथ बढ़ भी रहा है।</p>
<p><br /> <strong>इनका कहना है</strong><br /> हमे रोज रैक मिल रही है इसलिए दिक्कत नहीं आई। स्टॉक हमारे पास है, पूरी क्षमता से उत्पादन भी कर रहे हैं। एक यूनिट वार्षिक शटडाउन पर है । उसे भी जल्द लाइटअप कर चालू कर दिया जाएगा। आगे के बारे में तो कह नहीं सकते, लेकिन अभी हमारे पास उत्पादन के अनुरूप कोयला आ रहा है।<br /> -वीके गोलानी, चीफ इंजीनियर, थर्मल <br />  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
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                <pubDate>Sun, 10 Oct 2021 11:11:59 +0530</pubDate>
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