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                <title> russia - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description> russia RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>रूसी वायु रक्षा ने रात भर में गिराए 145 ड्रोन : यूक्रेनी मानवरहित हवाई वाहनों को कयिा नष्ट, रूसी रक्षा मंत्रालय ने दी जानकारी</title>
                                    <description><![CDATA[रूसी वायु रक्षा प्रणाली ने रविवार रात यूक्रेन के 145 ड्रोन मार गिराकर बड़े हमले को नाकाम कर दिया। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, मॉस्को क्षेत्र को निशाना बना रहे 53 यूएवी (UAV) नष्ट किए गए, जिनमें से 46 सीधे राजधानी की ओर बढ़ रहे थे। रूसी सेना ने विमान-प्रकार के ड्रोन को हवा में ही ढेर कर सुरक्षा सुनिश्चित की।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/russian-air-defense-shot-down-145-drones-overnight-destroyed-ukrainian/article-146682"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-03/russia.png" alt=""></a><br /><p>मॉस्को। रूसी वायु रक्षा प्रणालियों ने रात भर में देश के विभिन्न क्षेत्रों में यूक्रेन के 145 ड्रोन मार गिराये हैं। रूसी रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को यह जानकारी दी।</p>
<p>मंत्रालय ने एक बयान में कहा, पिछली रात के दौरान ड्यूटी पर तैनात वायु रक्षा प्रणालियों ने विमान-प्रकार के 145 यूक्रेनी मानवरहित हवाई वाहनों (यूएवी) को रोका और नष्ट कर दिया।</p>
<p>बयान में कहा गया है कि रूसी वायु रक्षा प्रणालियों ने रात भर में मॉस्को क्षेत्र के ऊपर 53 ड्रोन रोके और नष्ट किये, जिनमें मॉस्को की ओर उड़ रहे 46 ड्रोन भी शामिल थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 Mar 2026 14:55:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिमित्री पोलियांस्की का दावा: यूक्रेन के लिए रूस ओएससीई विशेष निगरानी मिशन प्रारूप को फिर से शुरू करने के पक्ष में नहीं, सैन्य कार्रवाई बंद होने की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[ओएससीई में रूस के प्रतिनिधि दिमित्री पोलियांस्की ने कहा कि यूक्रेन पर एसएमएम प्रारूप दोबारा शुरू करने में मॉस्को की कोई रुचि नहीं है, वियना साक्षात्कार में यह स्पष्ट किया।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/dmitry-polyansky-claims-russia-is-not-in-favor-of-resuming/article-142604"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/11-(700-x-400-px)-(630-x-400-px)-(5)8.png" alt=""></a><br /><p>वियना। रूस की यूक्रेन के लिए यूरोप में सुरक्षा और सहयोग संगठन (ओएससीई) के विशेष निगरानी मिशन (एसएमएम) के प्रारूप को फिर से शुरू करने में दिलचस्पी नहीं है। </p>
<p>यह बात ओएससीई में रूस के नये स्थायी प्रतिनिधि दिमित्री पोलियांस्की ने स्पूतनिक को दिए एक साक्षात्कार में कही। उन्होंने कहा कि वियना पहुंचने पर वह पहले ही दूसरे प्रतिनिधिमंडल के प्रतिनिधियों के साथ कई बैठकें कर चुके हैं। कई साथी बातचीत को मना नहीं कर रहे हैं लेकिन, बिना किसी वजह के वे कहते हैं कि पहले सैन्य कार्रवाई बंद होनी चाहिए और उसके बाद ही ओएससीई अवलोकन, निगरानी, विघटन (संघर्षरत पक्षों को अलग करना) और सत्यापन में अपनी क्षमता का एहसास कर पाएगा।</p>
<p>इसके आगे दिमित्री पोलियांसकी ने कहा, असल में एसएमएम  जो कुछ भी कर रहा था। जैसा मैं समझता हूँ, उस मिशन के कुछ बचे हुए हिस्से कहीं न कहीं वह अवशेष हैं, और लोग शायद यह नहीं भूले हैं कि वह कैसा था। जाहिर है, कई लोग इस संसाधन को संगठन के योगदान के तौर पर देखते हैं। हमें एसएमएम के प्रारूप को दोहराने की जरूरत नहीं है। असली समझौते और बातचीत अभी दूसरे प्रारूप में हो रही हैं।</p>
<p>गौरतलब है कि, पोलियांस्की को 29 दिसंबर, 2025 को रूसी राष्ट्रपति के आदेश से वियना में ओएससीई में रूस का स्थायी प्रतिनिधि नियुक्त किया गया था। उन्होंने अलेक्जेंडर लुकाशेविच की जगह ली और 2026 की शुरुआत में अपना काम संभाला। इससे पहले पोलियांस्की न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र में में रूस के उप स्थायी प्रतिनिधि के तौर पर काम कर चुके हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 Feb 2026 15:38:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur NM]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>नए यूक्रेन शांति प्रस्ताव से रूस हुआ नाराज, अब जेलेंस्की तैयार तो पुतिन ने किया विरोध</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका के नए 19-प्वाइंट युद्धविराम प्लान को लेकर रूस ने नाराजगी जताई है, जबकि यूक्रेन पहले संशोधित मसौदे से संतुष्ट दिख रहा है। 28 पॉइंट वाले मूल प्रस्ताव में बड़े बदलाव स्विट्जरलैंड में हुई वार्ता के बाद किए गए। रूस ने साफ किया कि वह पुतिन की अगस्त 2025 वाली शर्तों से पीछे नहीं हटेगा। प्रपोजल पर चर्चा अभी जारी है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/russia-got-angry-with-the-new-ukraine-peace-proposal-now/article-133629"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/11-(1200-x-600-px)-(8)2.png" alt=""></a><br /><p>मॉस्को/कीव। अमेरिका के 28 प्वाइंट प्रपोजल पर पहले यूक्रेन नाराज था तो अब 18 प्वाइंट वाले नए प्रपोजल पर रूस नाराज है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका के नए युद्धविराम प्लान को मानने के लिए रूस तैयार होगा, इसकी संभावना न्यूनतम है। पहले इस प्लान में 28 प्वाइंट थे, जिसे घटाकर अब 19 प्वाइंट में समेटा गया है। इस प्लान में अभी भी कई बड़े बदलाव हो रहे हैं, जिसके अमेरिका, यूक्रेन और यूरोपीय देशों के बीच बातचीच जारी है।</p>
<p>28 सूत्रीय इस प्लान का पहली बार खुलासा यूक्रेन की राजधानी कीव में किया गया था और अब इसमें कई बदलाव किए जा रहे हैं। अमेरिका और यूक्रेन, दोनों ने कहा है कि ये ड्राफ्ट अभी फाइनल नहीं है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 22 नवंबर को कहा था कि यह यूक्रेन को उनका फाइनल ऑफर नहीं है। यूक्रेन के प्रेसिडेंट वलोडिमिर जेलेंस्की ने 28-पॉइंट वाले पीस प्लान में सुझाए गए बदलावों का स्वागत किया है और कहा है कि नई लिस्ट अब मानने लायक बन गई है। पहले 28 प्वाइंट वाले प्लान को लेकर जेलेंस्की काफी नाराज थे। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो और जेलेंस्की के चीफ आॅफ स्टाफ, एंड्री यरमक की लीडरशिप में स्विट्जरलैंड में रविवार को हुई बातचीत के दौरान पीस प्लान में बड़े बदलाव किए गए, जिसमें मूल 28 पॉइंट्स को घटाकर 19 कर दिया गया है।</p>
<p><strong>पीस प्लान पर पुतिन ने फुलाया मुंह : </strong></p>
<p>यूक्रेन में अमेरिका के स्पेशल दूत जनरल कीथ केलॉग ने 23 नवंबर को कहा कि इस प्रपोजल पर अभी भी काम चल रहा है। उन्होंने यूक्रेन के लिए सिक्योरिटी गारंटी की डिटेल देने की जरूरत पर जोर दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अमेरिका, बुडापेस्ट मेमोरेंडम और मिन्स्क एग्रीमेंट जैसी व्यवस्था को दोहराने से बचना चाहता है, इन दोनों ने यूक्रेन को लिमिटेड प्रोटेक्शन दी और आखिर में रूस को फायदा पहुंचाया।</p>
<p><strong>ट्रंप का शांति प्रस्ताव फिर होगा नाकाम :</strong></p>
<p>रूस के सीनियर अधिकारियों और युद्ध के सपोर्ट में कमेंट करने वालों ने ऐसे किसी भी समझौते को खारिज कर दिया है, जो रूस के पुराने मकसद से मेल नहीं खाता। रूस के उप-विदेश मंत्री सर्गेई रयाबकोव ने साफ किया है कि रूस, राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा अगस्त 2025 में अलास्का शिखर सम्मेलन में रखी गई शर्तों से समझौता नहीं करेगा। इन मांगों में विस्तार रोकना, पूर्वी यूरोप में हथियारों की तैनाती पर प्रतिबंध और यूक्रेन में रूसी पहचान और रूसी ऑर्थोडॉक्स चर्च के खिलाफ कथित भेदभाव को खत्म करना शामिल है। रूसी राष्ट्रवादी समूहों और युद्ध समर्थक टिप्पणीकारों ने भी किसी समझौते को खारिज कर दिया है जिसे वे रूस की सुरक्षा पर समझौता मानते हैं। रयाबकोव ने कहा कि रूस अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और प्रतिबंधों से दबाव में आने वाला नहीं है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 26 Nov 2025 11:43:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत को ऑफर ही ऑफर दे रहा रूस : पहले तेल, फिर एलएनजी और अब जहाज निर्माण और पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर में पहल; क्या अमेरिका से बढ़ेगी दिल्ली की दूरी ?</title>
                                    <description><![CDATA[रूस, भारत के साथ समुद्री सहयोग बढ़ाने की कोशिश में जहाज निर्माण व पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर में साझेदारी का नया प्रस्ताव लेकर आया है। पुतिन के सलाहकार निकोलाई पैट्रुशेव ने शिपिंग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल से मछली पकड़ने, यात्री और सहायक जहाजों के डिजाइन व क्रू प्रशिक्षण सहित सहयोग पर चर्चा की। इससे भारत-अमेरिका व्यापारिक समीकरण प्रभावित हो सकते हैं। पहले रूस सस्ता तेल और ज्यादा एलएनजी आपूर्ति की पेशकश भी कर चुका है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/russia-is-giving-only-offers-to-india-first-oil-then/article-133013"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/11-(1200-x-600-px)-(1)4.png" alt=""></a><br /><p>नई दिल्ली। रूस कई व्यापारिक मामलों में भारत के लगातार करीब आने की कोशिश में है। पहले भारत को सस्ता कच्चा तेल बेचा। फिर कहा कि वह भारत को एलएनजी की सप्लाई बढ़ाना चाहता है। अब बात बंदरगाह पर आ गई है। रूस ने भारत के जहाज निर्माण और पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर में पहल की पेशकश की है। रूस ने भारत को जहाज बनाने के क्षेत्र में कई नए प्रस्ताव दिए हैं। रूस भारत के लिए मछली पकड़ने वाले जहाज, यात्री जहाज और सहायक जहाजों के मौजूदा डिजाइन दे सकता है या फिर नए डिजाइन भी बना सकता है। यह सब इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में समुद्री क्षेत्र में साझेदारी को बढ़ाने के प्रयासों का हिस्सा है। इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में हिंद महासागर भी शामिल है। रूस के इस कदम से भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक रिश्तों में कुछ दूरी आ सकती है। क्योंकि अमेरिका नहीं चाहता कि भारत के रूस के साथ व्यापारिक नजदीकियां बढ़ें।</p>
<p><strong>क्या है रूस का नया प्रस्ताव ?</strong></p>
<p>हाल में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के खास सलाहकार और पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार निकोलाई पैट्रुशेव भारत आए थे। उन्होंने शिपिंग मंत्री सबार्नंद सोनोवाल से मुलाकात की। इस मुलाकात में दोनों देशों ने जहाज बनाने, बंदरगाहों के इंफ्रास्ट्रक्चर और समुद्री लॉजिस्टिक्स में सहयोग की संभावनाओं पर बात की। इस बैठक में जहाजों के क्रू (चालक दल) को ट्रेनिंग देने और गहरे समुद्र में रिसर्च करने जैसे मुद्दों पर भी खास ध्यान दिया गया। पैट्रुशेव ने सोनोवाल से कहा, हम भारत को जहाज बनाने के क्षेत्र में दिलचस्प प्रस्ताव दे सकते हैं। इसमें मछली पकड़ने वाले जहाजों, यात्री जहाजों और सहायक जहाजों के मौजूदा डिजाइन देना या फिर नए डिजाइन बनाना शामिल है।</p>
<p><strong>पहले भी दिया है प्रस्ताव :</strong></p>
<p>यह पहली बार नहीं है जब रूस ने भारत को इस तरह का प्रस्ताव दिया है। कुछ समय पहले रूस ने भारत को प्रस्ताव दिया था कि वह लिक्विफाइड नेचुरल गैस (एलएनजी) की सप्लाई बढ़ा सकता है। रूस के ऊर्जा मंत्री सर्गेई त्सिविलेव ने कहा था कि भारत अपनी ऊर्जा में गैस का हिस्सा 15% तक बढ़ाना चाहता है। हम रूस की मौजूदा और आने वाली परियोजनाओं से एलएनजी की पेशकश करने के लिए तैयार हैं। वहीं रूस भारत को सस्ता कच्चा तेल दे रहा था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस की दो तेल कंपनियों पर बैन लगाया था। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 20 Nov 2025 11:03:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur KD]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रूस में मिला 340 कैरेट का हीरा : अब तक का सबसे बड़ा हीरा, बाजार के दामों के लिए भी है खास </title>
                                    <description><![CDATA[रूस के आर्कान्जेस्क क्षेत्र में वी. ग्रिब भंडार से 340 कैरेट का दुर्लभ उच्च गुणवत्ता वाला हीरा मिला है, जो आधुनिक रूस में खोजे गए पांच सबसे बड़े हीरों में शामिल है। गवर्नर अलेक्जेंडर त्सिबुल्स्की के अनुसार यह हीरा आकार, गुणवत्ता और मूल्य में खास है। इसका विकास एजीडी डायमंड्स द्वारा किया गया है।
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/leads/340-carat-diamond-found-in-russia-is-the-biggest-diamond/article-129625"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/y-of-news-(1)3.png" alt=""></a><br /><p>मॉस्को। रूस के आर्कान्जेस्क क्षेत्र में एक भंडार से 340 कैरेट का एक उच्च गुणवत्ता वाला हीरा मिला है। स्थानीय गर्वनर अलेक्जेंडर त्सिबुल्स्की ने यह जानकारी दी। त्सिबुल्स्की ने कहा कि यह हीरा आधुनिक रूस में खोजे गए पांच सबसे बड़े हीरों में से एक है और यह स्थानीय वी. ग्रिब भंडार के औद्योगिक विकास के दौरान मिला। यह अब तक का सबसे बड़ा हीरा है।</p>
<p>गवर्नर के अनुसार, यह रत्न न केवल अपने असाधारण आकार के लिए, बल्कि अपनी गुणवत्ता और बाजार के दामों के लिए भी खास है। उन्होंने कहा- ऐसे सभी प्राकृतिक हीरों की तादाद दो प्रतिशत से अधिक नहीं हैं।</p>
<p>वी. ग्रिब भंडार का विकास रूसी हीरा खनन कंपनी एजीडी डायमंड्स द्वारा किया गया है। रूस मात्रा के हिसाब से दुनिया का सबसे बड़ा हीरा उत्पादक देश है, जबकि इसका आर्कान्जेस्क क्षेत्र देश का एक प्रमुख हीरा खनन क्षेत्र है।</p>
<p>कोहिनूर हीरा करीब 190 कैरेट का था पर बाद में तराशे जाने के बाद इसका कैरेट कम होता चला गया। दुनिया का सबसे अधिक कैरेट के हीरों में कलिनन ( 3106 कैरेट)  और सर्जियो (3167 कैरेट) को  माना जाता है। कैरेट का रत्नों में उनके वजन से और सोने में शुद्धता से होता है। वजन में देखें तो एक कैरेट का वजन 200 मिलीग्राम होता है। </p>
<p> </p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Oct 2025 12:33:54 +0530</pubDate>
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                <title>रूस ने फिर शुरू किया मिग-41 प्रोजेक्ट, निशाने पर अमेरिका का एफ-35 फाइटर जेट</title>
                                    <description><![CDATA[अमेरिका के एफ-35 स्टील्थ फाइटर जेट को इंटरसेप्ट करने के लिए रूस ने अपने मिग-41 प्रोजेक्ट के अंतिम डिजाइन को अंतिम रूप दे दिया है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/world/russia-again-started-the-mig-41-project-target-f-35-fighter-jet/article-128849"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/copy-of-news-(3)9.png" alt=""></a><br /><p>मॉस्को। अमेरिका के एफ-35 स्टील्थ फाइटर जेट को इंटरसेप्ट करने के लिए रूस ने अपने मिग-41 प्रोजेक्ट के अंतिम डिजाइन को अंतिम रूप दे दिया है। इस जेट का मकसद हाइपरसोनिक मिसाइलों के जरिए अमेरिकी एफ-35 जैसे स्टील्थ फाइटर जेट का मुकाबला करना है। रूसी वायु सेना रिटायर्ड कमांडर व्लादिमीर पोपोव ने 16 सितंबर 2025 को रशिया टुडे को बताया है, कि मिग-41 लंबी दूरी के इंटरसेप्टर ने अपना बाहरी डिजाइन स्टेज को पूरा कर लिया है और आने वाले वर्षों में प्रोटोटाइप का फ्लाइट जेस्ट होगा। इस विमान को रूसी मिग-31 के उत्तराधिकारी के रूप में बनाया जा रहा है , जिसका मकसद हाइपरसोनिक मिसाइलों, एफ-35 जैसे स्टील्थ विमानों और यहां तक कि उपग्रहों का मुकाबला करना भी है। पोपोव ने दावा किया कि रूस का अगली पीढ़ी का लंबी दूरी का इंटरसेप्टर, जिसे पाक डीपी कार्यक्रम के तहत मिग-41 कहा जाता है, वो उस चरण में पहुंच गया है जहां इसके बाहरी विन्यास को अंतिम रूप दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगले कुछ वर्षों में प्रोटोटाइप अपनी पहली उड़ान भरेगा।</p>
<p><strong>एफ-35 को मारने रूस बना रहा मिग-41</strong><br />आपको बता दें कि मिग-41 की क्षमता पारंपरिक इंटरसेप्टर्स से काफी ज्यादा बताई जा रही है। आर्मी रिकॉग्निशन वेबसाइट के मुताबिक यह विमान मैक 4 से ज्यादा स्पीड यानि करीब 4,800 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड हासिल कर सकता है। इसके अलावा ये नियर-स्पेस अल्टीट्यूड यानि 80,000 फीट तक तक पहुंचने और हाइपरसोनिक और स्टील्थ टारगेट्स को निशाना बनाने में सक्षम होगा। इसके अलावा यह विमान पायलट के साथ और बिना पायलट के (ड्रोन) दोनों वर्जन में उपलब्ध होगा। मिग-41 में ऐसे सेंसर और रडार लगाए जाएंगे, जो एक साथ कई टारगेट्स को लॉक कर सकेंगे और लंबी दूरी तक निगरानी रख सकेंगे। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह रूस की आर्कटिक डिफेंस स्ट्रैटेजी में भी अहम भूमिका निभा सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक मिग-41 को एंटी-सैटेलाइट मिशन के लिए भी रूस डिजाइन कर रहा है। इसका मतलब ये हुआ कि ये लो-अर्थ आॅर्बिट में मौजूद उपग्रहों को भी निशाना बना सकेगा। इसके लिए इसमें स्पेशल एयर-टू-स्पेस मिसाइलें लगाने का भी प्लान किया गया है। वहीं बात अगर हथियारों की करें तो इसमें एमपीकेआर डीपी मिसाइल सिस्टम लगाया जाएगा। यह एक ऐसा मल्टी-पर्पज सिस्टम होगा जो एक बड़े मिसाइल से कई छोटे सब-मिसाइल्स छोड़ सकता है, जिससे हाइपरसोनिक और अत्यधिक तेज टारगेट्स को निशाना बनाने की संभावना काफी बढ़ जाएगी। इन हथियारों के साथ यह फाइटर जेट एडवांस्ड रडार, लेजर डिफेंस सिस्टम और कंबाइंड साइकिल इंजन जैसी तकनीकों से लैस होगा। इसका इंजन एसयू-57 के इंजन का एडवांस्ड वर्जन बताया जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दुनिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Oct 2025 13:17:34 +0530</pubDate>
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