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                <title>jaipur sms hospital - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>jaipur sms hospital RSS Feed</description>
                
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                <title>एसएमएस को ट्रॉमा से जोड़ने वाला अंडरपास खुद ट्रॉमा में : लिफ्टें बंद, सुरक्षा इंतजाम भी बदहाल</title>
                                    <description><![CDATA[प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी चिकित्सा संस्थान एसएमएस अस्पताल को ट्रॉमा सेंटर से जोड़ने के लिए बनाया अंडरपास मरीजों और उनके परिजनों की सुविधा के बजाय अब दुविधा बन गया। ये अंडरपास खुद बदहाल व्यवस्थाओं का शिकार हो गया है। यह पैदल मार्ग रखरखाव के अभाव में अव्यवस्थाओं का अड्डा बनता जा रहा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/the-underpass-connecting-sms-to-trauma-itself-lifts-in-trauma/article-156138"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-05/sms-hospital.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी चिकित्सा संस्थान एसएमएस अस्पताल को ट्रॉमा सेंटर से जोड़ने के लिए बनाया अंडरपास मरीजों और उनके परिजनों की सुविधा के बजाय अब दुविधा बन गया है। ये अंडरपास खुद बदहाल व्यवस्थाओं का शिकार हो गया है। यह पैदल मार्ग रखरखाव के अभाव में अव्यवस्थाओं का अड्डा बनता जा रहा है। हालत यह है कि यहां मरीजों को बीमारी से ज्यादा रास्ते की परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। हर दिन हजारों मरीज, बुजुर्ग, दिव्यांग और उनके परिजन इस मार्ग का उपयोग करते हैं लेकिन अंडरपास में प्रवेश करते ही सबसे पहले  दोपहिया वाहनों की कतारें दिखाई देती हैं। पैदल यात्रियों के लिए बनाया गया रास्ता धीरे-धीरे अंडरपास में संचालित दवा दुकानदारों की पार्किंग स्थल का रूप ले चुका है। </p>
<p><strong>दोनों लिफ्टें बंद, मरीज परेशान</strong><br />अंडरपास की सबसे बड़ी समस्या यहां लगी दोनों लिफ्टों का बंद होना है। मरीजों की सुविधा के लिए स्थापित की  एक लिफ्ट करीब एक वर्ष से खराब पड़ी है, जबकि दूसरी पिछले चार माह से बंद है। ऐसे में बुजुगोंर्, दिव्यांगों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों को मजबूरी में सीढि़यों का उपयोग करना पड़ रहा है। ट्रॉमा सेंटर में भर्ती मरीजों के परिजनों का कहना है कि कई बार व्हीलचेयर को सीढि़यों से ऊपर-नीचे ले जाना पड़ता है, जिससे मरीज और सहयोगी दोनों परेशान होते हैं। </p>
<p><strong>रोजाना हजारों लोगों पर असर</strong><br />एसएमएस अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर के बीच यह अंडरपास सबसे महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। प्रतिदिन हजारों मरीज और परिजन इसका उपयोग करते हैं। यदि बंद लिफ्टों को चालू किया जाए, बेतरतीब खड़े दुपहिया वाहनों को हटाया जाए और सुरक्षा व स्वच्छता व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जाए तो बड़ी संख्या में लोगों को राहत मिल सकती है।</p>
<p><strong>सुरक्षा व्यवस्था भी सवालों के घेरे में</strong><br />सिर्फ  सुविधाएं ही नहीं सुरक्षा व्यवस्था भी यहां सवालों के घेरे में है। अंडरपास में लगाए अग्निशमन यंत्रों पर धूल की मोटी परत जमी हुई है। कई यंत्रों की स्थिति देखकर प्रतीत होता है कि लंबे समय से उनका निरीक्षण या रखरखाव नहीं किया है। अस्पताल जैसे संवेदनशील परिसर में सुरक्षा उपकरणों की यह हालत गंभीर चिंता का विषय है। यंत्रों पर रिफलिंग की अंतिम तिथि वर्ष 2024 अंकित है जो कि दर्शाता है कि वर्ष 2024 से अब तक इनका रख रखाव ही नहीं हुआ है। वहीं अंडरपास और आसपास के क्षेत्रों में गंदगी और जमा पानी भी नजर आता है। </p>
<p>मेरा अभी अभी जोन में स्थानांतरण हुआ है। इस संबंध में मुझे ज्यादा जानकारी नहीं है। <br />-दीपक अग्रवाल, एक्सईएन, जोन-1 (ए) जेडीए। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 10:57:52 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>एसएमएस अस्पताल की अव्यवस्थाओं से नाराज पूर्व चिकित्सा मंत्री, बोले- जब मुझे ही कटवाए चक्कर तो आम आदमी का क्या होगा?</title>
                                    <description><![CDATA[एसएमएस अस्पताल की अव्यवस्थाओं का शिकार अब पूर्व चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा को भी होना पड़ा। जयपुर के सवाई मानसिंह हॉस्पिटल में आर जी एच एस योजना की व्यवस्थाओं पर पूर्व स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने सवाल खड़े। रघु शर्मा रूटीन जांच के लिए एसएमएस हॉस्पिटल पहुंचे थे।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/angered-by-the-irregularities-in-sms-hospital-the-former-medical/article-147995"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/sms-hospital1.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। एसएमएस अस्पताल की अव्यवस्थाओं का शिकार अब पूर्व चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा को भी होना पड़ा है। जयपुर के सवाई मानसिंह हॉस्पिटल में आर जी एच एस योजना की व्यवस्थाओं पर पूर्व स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने सवाल खड़े गए। रघु शर्मा रूटीन जांच के लिए एसएमएस हॉस्पिटल पहुंचे थे। वह आर जी एच एस के तहत एम आर आई कराने गए तो उनको वापस धनंवतरी ब्लॉक जाने के लिए कहा। इस अव्यवस्था से नाराज रघु शर्मा ने नकद भुगतान कर निजी जांच सेंटर पर जांच करवाई। कैशलेस सुविधा नहीं मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए व्यवस्था की खामियों को उजागर किया। उन्होंने यहां के आर जी एच एस और अन्य सिस्टम पर सवाल खड़े किए और हॉस्पिटल प्रशासन पर नाराजगी जताई। दरअसल हाल ही 23 मार्च को पूर्व मंत्री डॉ. शर्मा एसएमएस हॉस्पिटल रूटीन जांच के लिए पहुंचे।</p>
<p>डॉक्टर ने उनको देखने के बाद एमआरआई जांच लिखी। जब वह एमआर आई करवाने पहुंचे तो वहां आर जी एच एस के तहत टीआईडी जनरेट करने के लिए वापस धनंवतरी ब्लॉक जाने के लिए कहा गया, जिससे वह नाराज हो गए। पूर्व मंत्री ने SMS की व्यवस्थाओं पर खड़े किए सवाल उन्होंने कहा कि वे तो अभी इलाज कराने में सक्षम हैं लेकिन कोई दूसरा मरीज जो ट्रॉली पर गंभीर स्थिति में हो या बहुत बुजुर्ग हो, जिसे चलने-फिरने में दिक्कत हो तो क्या उसे भी इसी तरह इधर-उधर लंबे चक्कर काटने पड़ेंगे। इस व्यवस्था से नाराज होकर पूर्व मंत्री ने फिर नकद पैसे देकर SMS हॉस्पिटल के बाहर से जांच करवाई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Mar 2026 18:43:03 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>एसएमएस हॉस्पिटल के चिकित्सको ने चोट के कारण खराब हुआ हार्ट वाल्व बदला, हरियाणा के युवक को मिला नया जीवन</title>
                                    <description><![CDATA[प्रदेश के सबसे बड़े सवाई मानसिंह अस्पताल के डॉक्टरों ने एक बार फिर अपनी विशेषज्ञता का लोहा मनवाया। अस्पताल के कार्डियक थोरेसिक वैस्कुलर सर्जरी (सीटीवीएस) विभाग के डॉक्टर्स ने हरियाणा निवासी एक 18 वर्षीय युवक का सफल इमरजेंसी ऑपरेशन कर उसकी जान बचाई। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/sms-hospital-doctors-replaced-heart-valve-damaged-due-to-injury/article-144064"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-02/1200-x-600-px)-(2)11.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश के सबसे बड़े सवाई मानसिंह अस्पताल के डॉक्टरों ने एक बार फिर अपनी विशेषज्ञता का लोहा मनवाया है। अस्पताल के कार्डियक थोरेसिक वैस्कुलर सर्जरी (सीटीवीएस) विभाग के डॉक्टर्स ने हरियाणा निवासी एक 18 वर्षीय युवक का सफल इमरजेंसी ऑपरेशन कर उसकी जान बचाई है। युवक के हृदय का वाल्व चोट (ट्रामा) के कारण पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था।</p>
<p><strong>गंभीर स्थिति में किया गया रेफर</strong><br />सीटीवीएस विभाग के सीनियर प्रोफेसर डॉ. रामगोपाल यादव ने बताया कि छाती में लगी गंभीर चोट के बाद युवक की स्थिति बिगड़ती जा रही थी। उसे पहले एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहा से उसकी नाजुक हालत को देखते हुए एसएमएस अस्पताल रेफर कर दिया गया। युवक को बेहद गंभीर और आपातकालीन स्थिति में भर्ती किया गया।</p>
<p><strong>5 घंटे चला जटिल ऑपरेशन</strong><br />डॉ. यादव और उनकी टीम ने बिना समय गंवाए इस जटिल सर्जरी का निर्णय लिया। लगभग 5 घंटे तक चले इस ऑपरेशन में डॉक्टरों ने क्षतिग्रस्त वाल्व को निकालकर नया वाल्व सफलतापूर्वक प्रत्यारोपित किया। ट्रॉमा के मामलों में हार्ट वाल्व की सर्जरी तकनीकी रूप से काफी चुनौतीपूर्ण होती है, क्योंकि इसमें आस-पास के ऊतकों को भी क्षति पहुचने का खतरा रहता है।</p>
<p><strong>इन विशेषज्ञों का रहा विशेष योगदान</strong><br />इस सफल ऑपरेशन में डॉ. रामस्वरूप सैन, डॉ. राजेश शर्मा, डॉ. देवी प्रसाद, डॉ. संदीप, डॉ. अनादि, डॉ. जैनुद्दीन और डॉ. कुनाल, के एनेस्थीसिया के डॉ. रीमा, डॉ. अंजुम, डॉ. अधोकशक और डॉ. अरुण का सहयोग रहा। ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति में निरंतर सुधार हो रहा है और वह डॉक्टरों की निगरानी में है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 21 Feb 2026 16:00:28 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>SMS Fire Incident : ट्रोमा सेंटर आईसीयू में आग की घटना को 20 दिन बीते, आज तक नहीं आई रिपोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल सवाई मान सिंह से जुड़े ट्रोमा सेंटर के न्यूरोसर्जरी आईसीयू में बीते छह अक्टूबर को आग लगने की घटना को अब 20 दिन बीत चुके हैं। इसके बावजूद इस घटना की जांच के लिए बनी उच्च स्तरीय कमेटी की ना तो रिपार्ट आई है और ना ही ये रिपोर्ट सार्वजनिक की गई है। इस कमेटी को सात में जांच रिपोर्ट देनी थी। ऐसे में कमेटी की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/20-days-have-passed-since-the-fire-incident-in-trauma/article-130741"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/y-of-news-(8)2.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल सवाई मान सिंह से जुड़े ट्रोमा सेंटर के न्यूरोसर्जरी आईसीयू में बीते छह अक्टूबर को आग लगने की घटना को अब 20 दिन बीत चुके हैं। इसके बावजूद इस घटना की जांच के लिए बनी उच्च स्तरीय कमेटी की ना तो रिपार्ट आई है और ना ही ये रिपोर्ट सार्वजनिक की गई है। इस कमेटी को सात में जांच रिपोर्ट देनी थी। ऐसे में कमेटी की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं। ऐसा पहली बार नहीं है, जब एसएमएस या इससे जुड़े अन्य अस्पतालों में हुई घटनाओं की जांच कमेटी बनाई गई और उसकी रिपोर्ट ना तो सार्वजनिक की गई हो या कोई कार्रवाई की गई हो। ऐसे में कमेटी गठित करने का चलन जवाबदेही से बचने का रास्ता बन गया है या चहेतों को बचाने की गली। </p>
<p><strong>पहले भी हुआ कई बार ऐसा </strong><br />इससे पहले भी एसएमएस में एक युवक और महिला को गलत ब्लड चढ़ाने, न्यूरोसर्जरी के सीनियर प्रोफेसर द्वारा रिश्वत मांगने, अस्पताल में आग लगने, डॉक्टरों की विवादित लेटरल एंट्री जैसे गंभीर मामलों में विभाग ने कमेटियां तो बना दीं गई, लेकिन महीनों बाद भी किसी की रिपोर्ट न सार्वजनिक हुई न ही कोई कार्रवाई हुई। </p>
<p><strong>अधीक्षक-प्रभारी को हटाकर, एक्सईएन को निलंबित कर इतिश्री </strong><br />ट्रोमा सेंटर की घटना के बाद कमेटी की रिपोर्ट से पहले ही प्रारंभिक तौर पर सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता को निलंबित कर दिया और मेंटिनेंस देख रही फर्म के खिलाफ  मामला दर्ज करने की कार्रवाई की गई थी। मामले में ट्रोमा सेंटर प्रभारी और अस्पताल अधीक्षक पर भी कार्रवाई के बजाय पद से ही हटाया गया। मामले की विस्तृत जांच के लिए उच्च स्तरीय कमेटी बनाई गई। जिसका काम ये पता लगाना था कि आग लगने की घटना के लिए अस्पताल और कॉलेज स्तर कहां-कहां खामियां बरती गई और उसके लिए कौन जिम्मेदार थे। </p>
<p><strong>ये हैं कमेटी में शामिल </strong><br />अस्पताल में आग लगने की घटना की जांच के लिए छह सदस्यीय कमेटी में चिकित्सा विभाग के आयुक्त इकबाल खान अध्यक्ष, पांच सदस्यों में अस्पताल प्रशासन राजमेस के अतिरिक्त निदेशक मुकेश कुमार मीणा, राजमेस के मुख्य अभियंता चंदन सिंह मीणा, पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता बिजली अजय माथुर, एसएमएस मेडिकल कॉलेज के अतिरिक्त प्राचार्य डॉ. आरके जैन और नगर निगम के मुख्य अग्निशमन अधिकारी शामिल हैं। इस जांच कमेटी की रिपोर्ट का अभी तक इंतजार है।</p>
<p>इनका कहना है<br />घटना की जांच अभी जारी है। जल्द ही रिपोर्ट पेश की जाएगी। <br />-डॉ. इकबाल खान, <br />आयुक्त, चिकित्सा शिक्षा, राजस्थान। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Oct 2025 13:06:58 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>युवक के पेट से निकली घड़ी और नट-बोल्ट : वीएटीएस पद्धति से सर्जरी कर निकाला, मरीज मानसिक रूप से बीमार</title>
                                    <description><![CDATA[एक युवक की सर्जरी कर उसके पेट से हाथ घड़ी, नट बोल्ट समेत अन्य लोहे की चीजें निकाली गई। युवक 34 वर्ष का है और मानसिक रूप से बीमार।  घड़ी निगली तो उसकी आहार नली में फंस गई। मरीज को इमरजेंसी में एसएमएस हॉस्पिटल लाया गया, जहां उसकी सर्जरी की गई। दो बार प्रयास करने के बाद भी सर्जरी सफल नहीं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/sms-hospital-youth-swallowed-watch-nut-bolt/article-129600"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/y-of-news-(4).png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। जयपुर के एसएमएस हॉस्पिटल में एक युवक की सर्जरी कर उसके पेट से हाथ घड़ी, नट बोल्ट समेत अन्य लोहे की चीजें निकाली गई। नागौर निवासी युवक 34 वर्ष का है और मानसिक रूप से बीमार है। चिकित्सकों के अनुसार पिछले दिनों उसने नट-बोल्ट, रबड़, कंचा, लोहे के टुकड़े समेत अन्य चीजें निगल ली। वहीं जब उसने घड़ी निगली तो उसकी आहार नली में फंस गई। इसके बाद मरीज को इमरजेंसी में एसएमएस हॉस्पिटल लाया गया, जहां उसकी सर्जरी की गई। अस्पताल के जनरल सर्जरी विभाग में दूरबीन पद्धति से उसका ऑपरेशन किया गया। इस ऑपरेशन में मरीज के शरीर में तीन से चार छेद करके ऑपरेशन किए।</p>
<p>अस्पताल की जनरल सर्जरी यूनिट की हैड डॉ. शालू गुप्ता ने बताया वस्तुएं निगलने के कारण मरीज को उल्टी और पेट दर्द की शिकायत हुई। युवक खाना भी नहीं खा पा रहा था। इस पर परिजन 9 अक्टूबर को उसे इमरजेंसी लेकर आए। यहां जांच करने पर उसके आहार नली, पेट और बड़ी आंत में कुछ फंसा नजर आया। ऐसे में प्लानिंग की गई। पहले मरीज की एंडोस्कोपी के जरिए घड़ी बाहर निकालने का प्रयास किया। दो बार प्रयास करने के बाद भी सर्जरी सफल नहीं हुई। दो बार के प्रयास से भी सफलता नहीं मिलने पर वीडियो असिस्टेड थोरेसिस सर्जरी पद्धति से सर्जरी करने का निर्णय किया। इसमें मरीज के छाती के आसपास पर 3-4 छेद किए गए और वहां से दूरबीन और कैमरा डाला गया। जब वीडियो कैमरे से पूरे शरीर की जांच की तो उसमें फूड नली में घड़ी फंसी हुई थी और उसके अलावा बड़ी आंत में लोहे के टुकड़े, नट बोल्ट आदि फंसे थे।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Oct 2025 11:47:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
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                <title>जयपुर SMS अस्पताल हादसा :  मदन राठौड़ ने जताया दु:ख, कहा- राज्य सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी </title>
                                    <description><![CDATA[ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने एसएमएस अस्पताल में हुई अत्यंत हृदयविदारक दुर्घटना को दुखद बताया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jaipur-sms-hospital-accident-madan-rathore-expressed-grief-state-government/article-128921"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/111-(4)5.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने एसएमएस अस्पताल में हुई अत्यंत हृदयविदारक दुर्घटना को दुखद बताया। राठौड़ ने कहा कि भाजपा सरकार की ओर से इस घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए है। इसके साथ ही अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि जांच पूरी पारदर्शिता और गहनता से की जाए तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को तुरंत दुरुस्त किया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पीड़ित परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता और संजीदगी के साथ खड़ी है। इस दुख की घड़ी में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा स्वयं रात्रि 2 बजे ही घटनास्थल पर पहुंच गए थे और उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने घायलों के समुचित उपचार और परिजनों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।</p>
<p>भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का यह सक्रिय और मानवीय दृष्टिकोण राज्य की जनता के प्रति उनकी गहरी संवेदनशीलता को दर्शाता है। सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाएं न हों और अस्पतालों में सुरक्षा के सभी मानकों का पालन कड़ाई से हो। राठौड़ ने कांग्रेसी नेताओं की बयानबाजी पर कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस प्रकार की संवेदनशील घटनाओं पर कांग्रेस राजनीति करने का प्रयास कर रही हैं। ऐसी घटनाओं पर राजनीति करने के बजाय सभी को एकजुट होकर समाधान और सुधार की दिशा में काम करना चाहिए।</p>
<p>भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा हैं कि इस दुखद घटना को राजनीतिक लाभ-हानि के चश्मे से न देखा जाए, बल्कि मिलकर यह सुनिश्चित किया जाए कि राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्थाएं और अधिक मजबूत एवं सुरक्षित बनें। राज्य सरकार हर पीड़ित तक राहत पहुँचाने और आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए पूरी तरह तत्पर है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Oct 2025 18:41:15 +0530</pubDate>
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