<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://dainiknavajyoti.com/fire-incident-in-sms/tag-58947" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dainik Navajyoti Rising Rajasthan RSS Feed Generator</generator>
                <title>fire incident in sms - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
                <link>https://dainiknavajyoti.com/tag/58947/rss</link>
                <description>fire incident in sms RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>एसएमएस अस्पताल में आग प्रकरण : अस्पतालों में चौबीस घंटे फायरमैन होंगे, कर्मियों को भी ट्रेनिंग मिलेगी </title>
                                    <description><![CDATA[अब हर अस्पताल में फायर फाइटिंग सिस्टम होगा अनिवार्य। मॉक ड्रिल, अलार्म चेक, स्टाफ ट्रेनिंग और इमरजेंसी एग्जिट होंगे अनिवार्य । फायर ऑडिट के बिना संचालन की नहीं मिलेगी अनुमति । SMS अस्पताल अग्निकांड के बाद सख्त गाइडलाइन होगी लागू ।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/fire-incident-in-sms-hospital-there-will-be-24-hour-firemen/article-129145"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/copy-of-news30.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। सवाई मानसिंह अस्पताल के ट्रोमा सेंटर आईसीयू में आग के बाद अब चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों में इस तरह के हादसों पर रोक लगाने के लिए फायर फाइटिंग सिस्टम हर अस्पताल में अनिवार्य किए जाने के साथ ही जल्द इसकी गाइडलाइन जारी करने का फैसला किया है। साथ ही बिना फायर फाइटिंग सिस्टम के प्राइवेट अस्पतालों को भी अस्पताल संचालन की अनुमति नहीं होगी। स्थानीय निकायों में भी एनओसी के बिना भवन निर्माण को स्वीकृति नहीं देने के लिए निर्देश दिए जाने की तैयारी है। हालांकि यह गाइडलाइन में तय होगा कि कितने बैड्स के अस्पताल के लिए फायर फाइटिंग सिस्टम को अनिवार्य करने का राइडर तय किया जाए। दूसरी ओर चिकित्सा शिक्षा विभाग के सचिव अम्बरीश कुमार ने बुधवार को अस्पतालों में इस तरह के हादसों को रोकने को लेकर बैठक भी की है। जिसमें आला अधिकारियों के साथ उन्होंने गाइडलाइन को लेकर गहन चर्चा की है। संभवत: आगामी एक सप्ताह में यह तैयार हो जाएगी। </p>
<p><strong>नियमित मॉक ड्रिल होगी, इले्ट्रिरक फर्मों का जिम्मा भी तय होगा </strong><br />एसएमएस अस्पताल आईसीयू में आग लगने के बाद फायर अलॉर्म भी नहीं बजा था। ऐसे में आग के बाद प्रशासन को सचेत होने में देरी हुई। ऐसे में अब अस्पतालों में इस तरह के हादसे रोकने के लिए नियमित अंतराल में मॉक ड्रिल होगी। फायर अलॉर्म भी चेक किए जाएंगे। इनका मेंटेनेंस भी इससे समय पर हो सकेगा। गाइडलाइन में मॉक ड्रिल की समयावधि भी तय होगी। इले्ट्रिरक सप्लाई और मेंटेनेस का काम देख रही फर्मों की भी शॉर्ट सर्किट से बचने, सप्लाई चैकिंग इत्यादि के लिए जिम्मेदारी में भागीदारी बनाई जाएगी। हादसा होने पर उनकी जिम्मेदारी भी तय होगी। </p>
<p><strong>सुरक्षा व उपकरणों को दो दिन में बजट मंजूर कर काम होगा</strong><br />बैठक में यह भी फैसला किया है कि अस्पतालों में चौबीस घंटे फायरमैन तैनात हो। फायर फाइटिंग टीम बनें। सेवानिवृत्ति कर्मियों को तुरंत इस कार्य को रखा जा सकता है। अस्पताल कर्मियों को भी फायर फाइटिंग की ट्रेनिंग दी जाए। सुरक्षा और इसके उपकरण फंड से दो दिन में खरीदने को बजट मंजूर हो। आईसीयू में कोई कागज, लकड़ी या फिर ज्वलनशील पदार्थ न रखें जाएं, क्योंकि एसएमएस आईसीयू के स्टोर में ्प्रिरट, कागज इत्यादि रखे होने की प्रारंम्भिक सूचना है। कांच की खिड़कियों के पास हैमर लगाए जाएंगे ताकि इमरजेंसी में इन्हें तोड़ा जा सके। दम घुटने से मौत होने की आशंका कम रहे। जहां फायर फाइटिंग सिस्टम नहीं, वहां बेसिक डिवाइस लगें। स्मॉक अलॉर्म और बैटरी ऑपरेटेड लाइट की व्यवस्थाएं भी होंगी। इमरजेंसी या फिर संवेदनशील जगहों पर एक्जिट की व्यवस्था हो। आईटी तंत्र इससे जोड़ने, सीसीटीवी लगाने, निकासी द्वार बेहतर होने जैसे निर्णय लिए गए हैं। </p>
<p><strong>एसएमएस की फायर ऑडिट हुई, नियम सख्ती से लागू होंगे</strong><br />एसएमएस अस्पताल की बुधवार की सीआईएसएफ ने फायर ऑडिट भी की है। जल्द अन्य अस्पतालों में टीमें पहुंचेगी। इमरजेंसी में आपात एक्जिट, सेंसेटिव एरिया, आग बुझाने के लिए कर्मियों की ट्रेनिंग सहित कई सुझाव दिए हैं। वहीं केन्द्र की 2016 की फायर सिस्टम को लेकर जारी नियम-प्रावधानों को सख्ती से लागू करने का प्रावधान भी गाइडलाइन में होगा। </p>
<p><strong>दम घुटने से मौतों की प्रारम्भिक रिपोर्ट</strong><br />सभी मेडिकल कॉलेज प्रशासन, पीडब्ल्यूडी, बिजली सप्लाई से जुड़े जिम्मेदारों की बैठक ली। प्रारम्भिक रिपोर्ट में आग से जलने की जगह धुएं से दम घुटने से मौत होने की बात सामने आई है। आपात स्थितियों के मुकाबले के अनुसार आगामी कार्ययोजना बनाई जा रही है।<br />- अम्बरीश कुमार, सचिव, चिकित्सा शिक्षा विभाग।  ु </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                            <category>Top-News</category>
                                    

                <link>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/fire-incident-in-sms-hospital-there-will-be-24-hour-firemen/article-129145</link>
                <guid>https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/fire-incident-in-sms-hospital-there-will-be-24-hour-firemen/article-129145</guid>
                <pubDate>Thu, 09 Oct 2025 09:30:21 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://dainiknavajyoti.com/media/2025-10/copy-of-news30.png"                         length="451514"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        