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                <title>jhalana leopard safari - Dainik Navajyoti Rising Rajasthan</title>
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                <description>jhalana leopard safari RSS Feed</description>
                
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                <title>विदेश मंत्रालय का प्रतिनिधिमंडल करेगा आमेर और हवामहल का दौरा, झालाना लेपर्ड सफारी भी कार्यक्रम में शामिल </title>
                                    <description><![CDATA[राजधानी जयपुर 16 जुलाई को आयोजित होने वाले राज्यीय विदेशी संपर्क सम्मेलन की मेजबानी। राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में होने वाले इस महत्वपूर्ण सम्मेलन के दौरान विदेश मंत्रालय के प्रतिनिधिमंडल का 15 से 17 जुलाई तक जयपुर प्रवास प्रस्तावित। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल शहर की विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक धरोहरों और पर्यटन स्थलों का भ्रमण। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/foreign-ministry-delegation-will-visit-amer-and-hawamahal-jhalana-leopard/article-159928"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2026-07/1200-x-600-px)54.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। राजधानी जयपुर 16 जुलाई को आयोजित होने वाले राज्यीय विदेशी संपर्क सम्मेलन की मेजबानी करेगा। राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (आरआईसी) में होने वाले इस महत्वपूर्ण सम्मेलन के दौरान विदेश मंत्रालय के प्रतिनिधिमंडल का 15 से 17 जुलाई तक जयपुर प्रवास प्रस्तावित है। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल शहर की विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक धरोहरों और पर्यटन स्थलों का भ्रमण करेगा। कार्यक्रम के तहत प्रतिनिधिमंडल पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग के संरक्षित आमेर महल और हवामहल का दौरा करेगा।</p>
<p>दौरे को देखते हुए विभाग ने दोनों स्मारकों के अधीक्षकों को साफ-सफाई, सुरक्षा, पर्यटक सुविधाओं और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी तरह दुरुस्त रखने के निर्देश दिए हैं, ताकि विदेशी प्रतिनिधियों के सामने राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत का उत्कृष्ट प्रस्तुतीकरण किया जा सके। प्रतिनिधिमंडल के कार्यक्रम में जयपुर की प्रसिद्ध झालाना लेपर्ड रिजर्व की सफारी भी प्रस्तावित है। वन्यजीव पर्यटन के क्षेत्र में देशभर में पहचान बना चुके झालाना लेपर्ड रिजर्व के माध्यम से विदेशी मेहमानों को राजस्थान की जैव विविधता और संरक्षण प्रयासों से भी रूबरू कराया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Jul 2026 16:30:40 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>जयपुर में लेपर्ड मूवमेंट पर निगरानी रखेंगी पांच टीमें : शाम 7 से सुबह 7 बजे तक होगी गश्त, हर टीम में वनपाल, वनरक्षक, टेक्नीशियन और वाहन चालक शामिल</title>
                                    <description><![CDATA[शहर में पिछले कुछ दिनों से लेपर्ड के लगातार मूवमेंट के बाद मानव-वन्यजीव संघर्ष की आशंका बढ़ी है। ऐसे में मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक के.सी.ए.अरुण प्रसाद एवं डीसीएफ विजयपाल सिंह के निर्देशों के बाद क्षेत्रीय वन अधिकारी, जयपुर जितेंद्र सिंह शेखावत ने लेपर्ड मूवमेंट पर नियंत्रण के लिए 5 विशेष टीमें गठित की हैं। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/five-teams-will-monitor-leopard-movement-in-jaipur-patrolling-will/article-134612"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-12/1200-x-600-px)12.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। शहर में पिछले कुछ दिनों से लेपर्ड के लगातार मूवमेंट के बाद मानव-वन्यजीव संघर्ष की आशंका बढ़ी है। ऐसे में मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक के.सी.ए.अरुण प्रसाद एवं डीसीएफ विजयपाल सिंह के निर्देशों के बाद क्षेत्रीय वन अधिकारी, जयपुर (प्रादेशिक) जितेंद्र सिंह शेखावत ने लेपर्ड मूवमेंट पर नियंत्रण के लिए 5 विशेष टीमें गठित की हैं। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। प्रत्येक टीम में वनपाल, वनरक्षक, तकनीशियन और वाहन चालक नियुक्त किए गए हैं। जबकि हर टीम का नेतृत्व एक टीम प्रभारी करेंगे। टीमें प्रतिदिन शाम 7 से सुबह 7 बजे तक विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय रहकर लेपर्ड मूवमेंट पर नजर रखेंगी और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई करेंगी।</p>
<p>विशेष निर्देश के तहत टीम नंबर 5 हर शनिवार की रात गश्त करेगी। इससे पहले दैनिक नवज्योति ने 27 नवम्बर को 'घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में दर्ज हुआ बघेरे का मूवमेंट' शीर्षक से प्रकाशित खबर में बताया था कि बघेरे की आए दिन शहरी क्षेत्रों की ओर मूवमेंट वन विभाग के लिए चुनौती बनी हुई है। इसके बाद अब वन विभाग ने इस ओर कवायद शुरू कर दी है। वहीं एक दिसम्बर को 'अरण्य भवन में हुई अधिकारियों की बैठक' शीर्षक से प्रकाशित खबर में बताया था कि लेपर्ड के आबादी क्षेत्रों की ओर हो रहे मूवमेंट के समाधान को लेकर वन विभाग के अधिकारियों में चर्चा हुई है। </p>
<p><strong>इनका कहना...</strong><br />लेपर्ड की आबादी क्षेत्रों की ओर बढ़ती मूवमेंट की घटनाओं को देखते हुए इनकी मूवमेंट पर नजर रखने के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं। ये टीमें शाम 7 से सुबह 7 बजे तक विभिन्न क्षेत्रों में गश्त करेंगी। <br />-के.सी.ए.अरुण प्रसाद, <br />मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 04 Dec 2025 10:51:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jaipur PS]]></dc:creator>
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                <title>प्रदेश के वन्य जीव संरक्षित क्षेत्रों में पहली बार अलग से लेपर्ड की गणना शुरू : अनुमानित संख्या का चलेगा पता, संरक्षण की बनेगी कार्ययोजना ; जंगलों में ही प्रे-बेस उपलब्ध कराने के होंगे प्रयास</title>
                                    <description><![CDATA[प्रदेश में लेपर्ड संरक्षण के लिए पहली बार वन्य जीव संरक्षित क्षेत्रों में अलग से इनकी गणना के लिए साइन सर्वे मंगलवार से शुरू हो गया है। इसके लिए वन मुख्यालय ने एसओपी भी जारी की है। सर्वेक्षण के अंत में विभिन्न संरक्षित क्षेत्रों में लेपर्ड की अनुमानित जनसंख्या का पता चलेगा। इसकी एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार होगी। जिसके आधार पर इनके संरक्षण के लिए योजना तैयार हो सकेगी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/for-the-first-time-a-separate-census-of-leopards-will/article-132116"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-11/111-(7)2.png" alt=""></a><br /><p>अजमेर। प्रदेश में लेपर्ड संरक्षण के लिए पहली बार वन्य जीव संरक्षित क्षेत्रों में अलग से इनकी गणना के लिए साइन सर्वे मंगलवार से शुरू हो गया है। इसके लिए वन मुख्यालय ने एसओपी भी जारी की है। सर्वेक्षण के अंत में विभिन्न संरक्षित क्षेत्रों में लेपर्ड की अनुमानित जनसंख्या का पता चलेगा। इसकी एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार होगी। जिसके आधार पर इनके संरक्षण के लिए योजना तैयार हो सकेगी। बताया जा रहा है कि वर्तमान में जंगलों में शिकार की कमी के चलते आबादी इलाकों में लेपर्ड के बढ़ते मूवमेंट और इंसानों से संघर्ष की घटनाओं को रोकने की दिशा में भी यह प्रदेश सरकार का एक कदम है।</p>
<p>प्रदेश में करीब 36 वन्य जीव संरक्षित क्षेत्रों में साइन सर्वे शुरू हो गया है। इसमें सियार, लोमड़ी, जंगली सूअर आदि वन्य जीव भी शामिल हैं। इसमें इनके पगमार्क, शौच को भी आकलन का आधार बनाया जाएगा। इस सर्वे को 15 नवंबर तक पूरा करना होगा।  इसके बाद 18 से 22 नवंबर तक लाइन ट्रांसेक्ट सर्वे होगा। जिसमें वनकार्मिकों को वन क्षेत्रों में मांसाहारी जानवरों को सीधे देखकर गणना करनी होगी। मांसाहारी जीवों के आकलन से लेपर्ड के भोजन शृंखला (प्रे-बेस) को तैयार करने में मदद मिलेगी।</p>
<p><strong>ट्रेप कैमरों से होगी गणना</strong><br />साइन सर्वे के बाद संरक्षित वन क्षेत्राें में ट्रेप कैमरों से लेपर्ड की गणना की जाएगी। संरक्षित क्षेत्राें में उन स्थानों पर ट्रेप कैमरे लगाए जाएंगे, जहां लेपर्ड का मूवमेंट ज्यादा होता है। खासतौर पर सूखी नदी या जल स्त्रोत की तलहटी, जहां इंसानों का व्यवधान या आनाजाना न हो। वन मुख्यालय की ओर से जारी की गई एसओपी में कहा गया है कि उपयोग किए जाने वाले ट्रेप कैमरे गति सक्रिय होने के साथ कम रोशनी की स्थिति में भी लेपर्ड का स्पष्ट चित्र ले सकें। इसलिए ये रात्रि दृष्टि क्षमताओं से लैस हों।</p>
<p>उनमें पर्याप्त मैमोरी व बैटरी क्षमता भी सुनिश्चित की जाए। कैमरों को जमीन से करीब 45 सेमी ऊपर, थोड़ा नीचे की ओर कोण पर दृश्य क्षेत्र को अधिकतम करने के लिए स्थापित किया जाए। मुख्य वन संरक्षक अजमेर ख्याति माथुर ने बताया कि अजमेर वन मंडल के वन्य जीव संरक्षित क्षेत्र गंगा भैरव घाटी व सरवाड़ तहसील में स्थित संरक्षित वन खंड बीड़ अरवड़ में लेपर्ड की गणना के लिए साइन सर्वे शुरू हो चुका है। विभिन्न चरण पूरे होने के बाद रिपोर्ट मुख्यालय भेजी जाएगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 12 Nov 2025 12:23:49 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>झालाना लेपर्ड सफारी : चार किमी नए सफारी ट्रैक से बढ़ेगा लेपर्ड देखने का मौका, एडवेंचर प्रेमियों के लिए बनेगा यादगार अनुभव </title>
                                    <description><![CDATA[झालाना लेपर्ड सफारी पार्क में एक नया ट्रैक। चार किमी नए सफारी ट्रैक का निर्माण। पर्ड की सर्वाधिक मूवमेंट होने से अब पर्यटकों के लिए इस वन्यजीवों को देखने की संभावना। साल के अंत तक इस रूट का कार्य पूरा। ये मार्ग एडवेंचर प्रेमियों के लिए यादगार अनुभव बनेगा।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://dainiknavajyoti.com/rajasthan/jaipur/jhalana-leopard-safari-four-km-new-safari-track-will-increase/article-129332"><img src="https://dainiknavajyoti.com/media/400/2025-10/copy-of-news-(22)1.png" alt=""></a><br /><p>जयपुर। गुलाबी नगरी के बीच बसे झालाना लेपर्ड सफारी पार्क में एक नया ट्रैक बनाया रहा है। वन विभाग की ओर से यहां लगभग चार किमी नए सफारी ट्रैक का निर्माण कराया जा रहा है। यह ट्रैक जंगल के खान (माइंस) एरिया को सीधे नीम गट्टा एरिया से जोड़ेगा। इस क्षेत्र में लेपर्ड की सर्वाधिक मूवमेंट होने से अब पर्यटकों के लिए इस वन्यजीवों को देखने की संभावना बढ़ जाएगी। साल के अंत तक इस रूट का कार्य पूरा होने की संभावना जताई जा रही है। वर्तमान में झालाना में तीन सफारी ट्रैक संचालित हो रहे हैं। इस बीच चौथे ट्रैक के जुड़ने से जंगल के उन हिस्सों तक पहुंच संभव होगी, जहां पहले पर्यटकों की एंट्री नहीं थी। कहा जाए तो ये मार्ग एडवेंचर प्रेमियों के लिए यादगार अनुभव बनेगा।</p>
<p><strong>आमागढ़-झालाना कनेक्टिविटी की तैयारी</strong><br />वन विभाग भविष्य में आमागढ़ और झालाना जंगल को एक कोरिडोर के माध्यम से जोड़ने की योजना पर भी काम कर रहा है। यह नया सफारी ट्रैक उस कड़ी को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा, जिससे दोनों क्षेत्रों में जैव विविधता और वन्यजीवों की आवाजाही संतुलित रहेगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजस्थान</category>
                                            <category>जयपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Oct 2025 10:51:42 +0530</pubDate>
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